स्टडी आईक्यू आईएस अब तैयारी हुई अफोर्डेबल नमस्कार दोस्तों दोस्तों अगर आप थोड़ा भी इकोनॉमी से रिलेटेड न्यूज़ को ट्रैक करते हैं तो आपने सुना होगा कि यहां पर जो डॉलर है उसमें कमजोरी हुई है डॉलर कमजोर हुआ है तो ओबवियस सी बात है जब भी इस तरह की सिचुएशन होती है तो बाकी की जो करेंसीज हैं जैसे इंडियन रुपी हो गया उसको मजबूत होना चाहिए लेकिन यहां पर हो क्या रहा है कि डॉलर में कमजोरी के बावजूद भी जो इंडियन रुपी है वो और गिर रहा है यह खबर आप देख सकते हो व्हाई इज इंडियन रुपी फॉलिंग डिस्पाइना में हम डिटेल से चर्चा करेंगे इकोनॉमी के पर्सपेक्टिव से मैं आपको बताऊंगा और बहुत अच्छे से आपको जो पूरा कांसेप्ट है वो समझ में आ जाएगा कि एगजैक्टली इस समय चल क्या आ रहा है काफी कुछ जानने को है चलिए आगे बढ़ते हैं लेकिन उससे पहले मैं आप सबको बता दूं कि आप में से जो भी लोग 2025 की तैयारी कर रहे हैं यूपीएससी की हमारा जो नया प्रतिज्ञा प्लस बैच है इसको अवेल कर सकते हैं बाय यूजिंग द कोड अंकित लाइव अब देखिए मैं सबसे खास बात इसकी बताता हूं अगर आप आप इस बैच को लेते हो और 2025 का सिर्फ प्रीलिम्स भी अगर आप क्रैक कर लेते हैं पूरा का पूरा फीस जो आप पे करोगे वोह रिफंड कर दिया जाएगा सिर्फ यही नहीं हर संडे को यहां पर एक टेस्ट होता है एमसीक्यू वाला प्रीलिम्स वाला और इसमें टॉप रैंक लाने वाले को ₹1 का कैश रिवॉर्ड दिया जाता है जोक ऑलरेडी यहां पर ह हर हफ्ते जो टेस्ट दे रहे हैं उनको दो दिन के बाद यह कैश रिवर्ड मिल जाता है तो जवाइन करिए एंड इसके अलावा अगर आप एमसीक्यू अटेंप्ट करना चाहते हैं तो मेरे टा पेज पर जा सकते हैं वहां पर स्टोरीज में जितने भी एमसीक्यू हैं उसको भी आप अटम कर पाएंगे चलिए शुरुआत करते हैं और सबसे पहले यह देखते हैं कि एगजैक्टली हो क्या रहा है जैसा कि मैं आपको बता रहा था डॉलर में कमजोरी हुई है अब देखो यहां पर डॉलर में कमजोरी है या फिर मजबूती है वो बेसिकली एक इंडेक्स के माध्यम से पता किया जा सकता है वो मैं आपसे आगे चर्चा करूंगा लेकिन हुआ क्या है यहां पर जो इंडियन रुपी है वो बेसिकली रेंज बाउंड मैनर में काम कर रहा है डिस्पाइना तो वो इंडिया के फेवर में है मतलब इंडियन रुपी को एप्रिशिया से जो इंडियन रुपी है वो = टू 80 के अबब ही चल रहा है और इस समय 84 के करीब पहुंच चुका है ये लेकिन जैसा मैंने आपको बताया कि ग्लोबल फैक्टर्स इस समय फेवर करते हैं कि इंडियन रुपी मजबूत हो अब कौन से ग्लोबल फैक्टर जैसे क्रूड ऑयल के प्राइसेस अगर आप देखोगे तो यहां पर डिक्लाइन हुए है रिसेंटली 70 पर बैरल के आसपास आ गया है तो यह तो इंडिया के लिए अच्छी खबर है ना क्योंकि भारत बहुत सारा क्रूड ऑयल मंगाता है और अगर क्रूड ऑयल सस्ता होता है तो कहीं ना कहीं हमें कम पेमेंट करनी होती है और जिसकी वजह से इंडियन रुपी मजबूत हो सकता है तो इसके बावजूद भी फिर इसके अलावा रिसेंट टाइम्स में अगर आप देखिए तो फॉरेन इन्वेस्टर्स ने बहुत सारा पैसा इंडियन स्टॉक मार्केट में डाला अभी इसको लेकर मैंने वीडियो भी बनाया था करीब 28000 करोड़ सिर्फ 13 सितंबर तक ही इन्होंने इवे इन्वेस्ट कर दिया है कि वो चा चाह रहे हैं और देख रहे हैं कि इंडियन स्टॉक मार्केट काफी अच्छा काम कर रहा है जिसकी वजह से लगातार फॉरेन इन्वेस्टर्स का पैसा स्टॉक मार्केट में आ रहा है तो डॉलर इतना भारत में आने के बावजूद भी इंडियन रुपी कमजोर हो रहा है अब यहां पर अगर हम डॉलर इंडेक्स की बात करें मैंने आपको बोला ना कि डॉलर इंडेक्स यहां पर कमजोर हुआ है वो होता क्या है अगर आप ये इंडेक्स देखोगे तो यहां पर आपको देखने को मिलेगा पिछले 3 महीने का 3 महीने पहले ये जो इंडेक्स था उसकी वैल्यू 107 के आसपास थी ये ऊपर आप देख रहे हो उसके बाद से लगातार यहां पर गिरावट आई है और ये 101 के भी नीचे चला गया आप देख सकते हो एग्जैक्ट वैल्यू समय 1. 87 है तो क्या होता है कि अगर इंडेक्स में गिरावट होती है इसका मतलब डॉलर जो है वह कमजोर हो रहा है और अगर इस इंडेक्स में बढ़ोतरी होती है मतलब डॉलर मजबूत हो रहा है ये सिंपल सी चीज है तो यहां पर लगभग 5 पर की गिरावट हुई है यूएस डॉलर इंडेक्स में और यह गिरावट भी क्यों हुई है मैं आपको बताता हूं आपको पता है कि अभी यूएस फेडरल रिजर्व ऐसा माना जा रहा है कि एक बड़ी कटौती करने वाला है रेट्स में जो रेट होता है रेट कट इंटरेस्ट रेट की हम बात कर रहे हैं तो अभी क्या है कि यूएस में काफी हाई चल रहा है 5. 5 पर के आसपास चल रहा है एंड आजकल में आप देखिए यहां पर जो रेट है उसमें कटौती होगी हो सकता है 0.
25 हो या फिर 0. 5 हो वो देखने वाली बात होगी कि फेडरल रिजर्व कितना करता है कट अब क्या होता है कि जब भी रेट कट होता है इसका मतलब बहुत सारा पैसा यूएस से भारत जैसे मार्केट में आने वाला है क्योंकि लोन लेना सस्ता हो जाता है तो वहां से लोग लोन लेते हैं और भारत जैसे डेवलपिंग कंट्रीज में पैसा लगा देते हैं तो इसी की वजह से यहां पर पिछले कुछ समय से डॉलर इंडेक्स में गिरावट आई है तो आई होप कि यहां पर आप समझ पा रहे होगे कि मैं क्या कह रहा हूं मैं बेसिकली आपसे यह कह रहा हूं कि डॉलर इंडेक्स गिरा है उसके बावजूद भी इनफैक्ट अगर आप देखोगे एशिया के बाकी के करेंसीज ठीक है वो एक तरह से मजबूत हुए हैं लेकिन दूसरी तरफ जो इंडियन रुपी है वो यहां पर कमजोर हो रहा है और कितना कमजोर हो रहा है मैं आपको बताता हूं लेकिन क्वेश्चन यह भी है कि आखिरकार यह कमजोरी हो क्यों रही है देखो यह थोड़ा सा आपको समझना पड़ेगा कि इसमें कमजोरी हुई इसलिए है क्योंकि आरबीआई लगातार इंटरवेंशन कर रहा है आरबीआई पेंशन क्यों करता है देखो अब क्या होता है ना कि जैसे फॉरेक्स मार्केट में आप सुने होंगे रिसेंटली हमारा जो फॉरेक्स रिजर्व है वो ऑल टाइम हाई पर चला गया लगभग 00 बिलियन डॉलर के आसपास हम पहुंचने वाले हैं तो रिसेंट टाइम्स में जो फॉरेक्स रिजर्व है हमारा बहुत बड़ा है फॉरेक्स रिजर्व में सबसे ज्यादा पैसा कौन सा होता है वो डॉलर ही होता है मतलब आरबीआई क्या कर रही है डॉलर को कलेक्ट कर रही है अब आरबीआई डॉलर कैसे कलेक्ट करती है मैं आपको बताता हूं जैसे अभी मैंने आपको बताया कि भारत में लगातार पैसे आ रहे हैं डॉलर्स आ रहे हैं स्टॉक मार्केट में लोग डाल रहे हैं क्रूड ऑयल में गिरावट जो हुई है प्राइसेस में जिसकी वजह से यहां पर हमें उतना डॉलर पे नहीं करना पड़ा तो उसकी वजह से भी सेविंग्स हो रही है तो क्या है कि भारत में जो डॉलर आ रहा है वो काफी बढ़ता जा रहा है अब आरबीआई क्या करती है कई बार वो डॉलर को खरीद लेती है और रूपी उसके बदले रिलीज कर देती है मार्केट में आई होप आप समझ पा रहे होंगे ठीक है तो इसकी वजह से जब आरबीआई डॉलर खरीदती है ना तो इसी की वजह से हमारा फॉरेक्स रिजर्व भी बढ़ता जाता है तो यहां पर हुआ क्या है अब जा इकोनॉमी में अक्सर आपने सुना होगा कि जब भी किसी की सप्लाई बढ़ेगी तो यहां पर उसकी वैल्यू गिरती है और सप्लाई अगर मान लो अ गिर जाए तो यहां पर उसकी वैल्यू बढ़ जाती है जैसे एल है मतलब डॉलर की कमी हो गई जिसकी वजह से इंडियन रुपी मजबूत नहीं हो पाया और इंडियन रुपी कमजोर हो गया और इसीलिए आई होप आप समझ पा रहे होगे कि हो क्या रहा है कि इंडियन रुपी अप्रिशिएट हो जाता लेकिन आरबीआई ने जानबूझकर डॉलर को खरीदा अपना फॉरेक्स रिजर्व बढ़ाया और इंडियन रुपी मजबूत नहीं हो पाया अच्छा ऐसा करने से क्या होता है मान लो अगर इंडियन रुपी कमजोर हो रहा है डेप्रिसिएशन हो रहा है तो इससे फायदा किसको होता है इससे बेसिकली फायदा होता है एक्सपोर्टर्स को ताकि हम ज्यादा एक्सपोर्ट कर पाते हैं क्योंकि कोई भी व्यक्ति बैठा हुआ है मान लो अमेरिका में अगर उसको भारत का ऑरेंज लेना है मैंगो लेना है कुछ भी खरीदता है अगर सामान तो उसको कम पे करना पड़ेगा क्योंकि इंडियन रुपी डेप्रिसिएशन हुआ है जिसकी वजह से भारत के एक्सपोर्टर्स जो हैं वो ज्यादा एक्सपोर्ट कर पाते हैं उनको ज्यादा पैसा मिलता है फिर इसके अलावा यहां पर क्या एक और रीजन बताया जा रहा है कि भारत सरकार का बहुत सारा पैसा डिफेंस परचेस में जाता है ऑयल वगैरह जो हम खरीदते हैं या फिर बहुत सारी जो चीजें हैं उसमें हमारा डॉलर जाता है तो कहीं ना कहीं आरबीआई का ये सोचना है कि अगर यहां हां पर हम रुपी को थोड़ा डेप्रिसिएशन कर दें उसको एप्रिशिया क्योंकि इंपोर्ट महंगा हो जाता है आई एम श्यर ये इकोनॉमी में आपने पढ़ा होगा कि रुपी कमजोर होगा तो हमारे एक्सपोर्टर्स को फायदा होगा और इंपोर्ट महंगा हो जाता है जिससे इंपोर्ट कम हो जाता है डिक्लाइन होता है और कहीं ना कहीं इन्हीं कारणों की वजह से यहां पर जो इंडियन रुपी है वो डेप्रिसिएशन हुई है आई होप यहां तक आपको समझ में आ गया होगा अब कितना डिप्रेशिएट हुआ है आप देख सकते हो यहां पर पिछले दो-तीन साल से अगर आप देखोगे इनफैक्ट दो ढाई साल पहले इंडियन रुपी $1 = 75 के आसपास चल रहा था 73 75 यहां पर चल रहा था लेकिन रिसेंट टाइम्स में ये बढ़ता गया बढ़ता गया और ऑल टाइम हाई पर चला गया है इस समय आप देख सकते हैं ऑलमोस्ट 84 के आसपास चला गया $1 ठीक है इक्वल्स टू ऑलमोस्ट 84 यहां पर होता जा रहा है अच्छा एक और चीज है कि आरबीआई ने इसको 84 के अंदर-अंदर रखा हुआ है इसको 84 से भी ज्यादा बढ़ने नहीं दिया डेप्रिसिएशन नहीं होने दिया तो ये भी एक स्ट्रेटेजी होती है कि आपको कितना करना है अब अल्टीमेटली ये आरबीआई और सरकार डिसाइड करती है कि कितना हम उसको डेप्रिसिएशन करने दें ऐसा नहीं है कि एकदम 84 को यहां पर 90 पे कर देंगे अगर मान लो अचानक से कोई ग्लोबल हलचल होती है एक और पेंडम आ गया मान लो एम पॉक्स का पेंडम आ गया उसकी वजह से वापस से डॉलर मजबूत होने लग जाएगा तो उस केस में क्या करेगी आरबीआई जो है वो डॉलर की सप्लाई बढ़ा देगी अपने फॉरेक्स रिजर्व में से यहां से डॉलर को सप्लाई करेगी और रुपी को खरीद लेगी अपने पास ठीक है तो इसकी वजह से ताकि यहां पर इसको हम मेंटेन कर सकें जो इंडियन रुपी है ठीक है तो ये लगातार इंटर विन करती रहती है खैर इसके अलावा यहां पर एक और क्वेश्चन है कि अगर हम इंडियन रुपी को कंपेयर करें डॉलर के अलावा बाकी के अ जो है करेंसी से जैसे कि अगर हम बात करें ग्रेट ब्रिटेन पाउंड यूरो जैपनीज न चाइना का युआन तो यहां पर भी इंडियन रुपी काफी गिरा है यहां पर आप देख सकते हो ये अगर आप ग्रेट ब्रिटेन पाउंड देखोगे तो एक समय था कि जब यह 100 के आसपास हुआ करता था अ वन ग्रेट ब्रिटेन पाउंड इक्वल ट ₹1 लेकिन आज के डेट में ये 111 पहुंच गया है वहीं यूरो अगर आप देखोगे तो ये करीब 80 के आसपास हुआ करता था आज के डेट में 93 पहुंच गया है और ओवरऑल अगर आप देखिए तो रुपी ने वर्स्ट परफॉर्म परफॉर्मेंस किया है अमंग ऑल दीज करेंसीज और यहां पर जो सबसे अच्छा परफॉर्मेंस रहा है करेंसीज का वो रहा है जपनीज एन ठीक है आगे का क्या फ्यूचर है देखो यहां पर बहुत सारे एक्सपर्ट्स का यही मानना है कि ये रेंज में होने वाला है 83.