जज्बाती जिंदगी स्टोरीज रा स्वागत है हाजिर हां नवी कहानी दे नाल अपने विचार जरूर लिख के दसो आज पूरे न साला बाद हरिंदर अपने वतन वापस इंडिया आ रहा सी ते आपने न मिलन द खुशी नाल अंदर ही अंदर खुश हो रहा सी उसने अपने न द खबर भी अपने घर वाले न नहीं सी दती क्योंकि व उन्न सरप्राइज देना चांदा सी नौकरी दे सिलसिले विच व अमरका गया होया सी पर इना तिन साला विच व अपने कम विच अजहा उलझ गया कि अपने देश वापस ना आ सक एयरपोर्ट ते उतर दि ही हरिंदर सोचन
लगा कि पिछली वार जद उसकी पत्नी मंसी नाल उसकी गल हुई सी तो उसने दस्या सी कि मम्मी द सेहत आजकल ठीक नहीं रहदी शायद उन्न शहर द हवा रास नहीं आई इसलिए कुछ दिना दे ल व पिंड रहन चले गए हन कुछ समय दे ल उन्ना ने गवाया द एक कमरा किराए ते ले लिया है हरिंदर छेती छेती अपने मम्मी पापा न मिलना चांदा सी इसल व एयरपोर्ट तो उतर के अपनी पत्नी न मिले बिना टैक्सी करके सिद्धा पेंड चला गया पेंड पहुंच के जिव ही टैक्सी तो बाहर निकल त पेंड द मिट्टी दी
मिन्नी मिनी खुशबू उसन अपने वल खिचन लगी उसदा बचपन उस दिया अखा दे सामने किसे फिल्म द तरह चलन लगा व उधर उधर गलिया विच जा रहा सी जिथे उस दे मम्मी पापा कमरा किराई ते लेक रह रहे सन व उन्ना द गुंडन अंटी द ही घर सी व पिंड द हर गली हर नुक्कर न बड़ी ध्यान नाल देखदा जा रहा सी ते अपने माता पिता दे नाल उथे बिताए अनमोल पला न याद कर र सी जद हरिंदर उस जगह ते पहुंच तो उसन देखते ही उस गवांड आंटी के चेहरे ते एक मुस्कुराहट आ गई
पना आंटी किव हो तुसी मैं ता बहुत चंगी पुतर तेरा की हालचाल है मैं भी ठीक आंटी इस तरह कहंदे हुए हरिंदर इधर उधर नजर दान लगा उस दिया नजरा अपने मम्मी पापा न लभ रहिया सी तो उस आंटी ने उसन पूछा की होया बेटा किसन लभ र है फिर हरिंदर कहने लगा कि आंटी मेरे मम्मी पापा किे ने बहुत समा हो गया उन्न मिले हुए की तुसी उन्ना न बुला देगे हरिंद्र द गल सुन के गवांड आंटी भी हैरान रह गई य की गल कर रहे हो बेटा मैनू ता खुद उन्न मिले हुए कितने
साल हो गए मैं ता आप उन्न मिलना चांदी हा बहुत दिल करदा परमात्मा करे मरन तो पहला असी दो सहेलिया इ कठिया बैठिए ते खुल के गला करिए य सुन के हरिंदर दे चेहरे द रंग गुड गया वो एक नकली ज मुस्कुराहट दे नाल बोलि पर आंटी मम्मी पापा तो इथे पिंड विच तोहा घर विच ही रहदे सी ना नहीं बेटा तेनू कोई गलतफहमी होईया तेरे मम्मी पापा न ता किन्ना चर हो गया इथे आए ही नहीं य सुन के हरिंदर सोच विच पै गया फिर बाहर निकल के हरिंदर ने पिंड दे लोका तो पुछ
दस कीती पर उथ भी उसन कुछ पता नहीं लग्या आखिर मम्मी पापा है किथे य सोचते हुए उसने अपने पत्नी न फोन लाया ते उसन पुछना चाया त अग्गो उसकी पत्नी द फोन भी स्विच ऑफ आ रहा सी उसने बहुत कोशिश कीती पर उसकी पत्नी नाल गल नहीं हो सकी थक हार के हरिंदर वापस टैक्सी विच बैठ गया ते अपने शहर अपने घर वल जल पया हरिंदर न इन्ना परेशान देख के टैक्सी ड्राइवर ने उस तो उसकी परेशानी द कारण जानना चा त हरिंदर ने उसन सारी गल दस दती जिव ही व शहर पहुंचे त
टैक्सी ड्राइवर ने गड्डी एक गुरुद्वारा साहब दे अगे रोक दती ते कहन लगा कि भाई साहब इस गुरुद्वारे न लोक बहुत मान हन कहंदे हन इथे मथा टेकन नाल जो भी मुराद मंगो पूरी हो जांदी है टैक्सी ड्राइवर द एक गल सुन के हरिंदर उस गुरुद्वारा साहब अंदर मथा टेकन ल च गया उथे मथा टेकन तो बाद उसने ख्या कि गुरुद्वारा साहब दे अंदर भीड़ बहुत सी शायद आज कोई धार्मिक दिन सी लोक लंगर हाल वल जान ल कतारा बना के खड़े सन उन्ना विचों ज्यादातर बहुत ही गरीब लोग सन त उस द नजर एक
बुजुर्ग आदमी ते पई वो आदमी मैले कुचले कपड़े विच सी उसकी दाढ़ी ते नौ बधे होए सन ते बहुत मुश्किल नाल ही चल सकदा सी व भी लाइना विच लग के लंगर खान ल अंदर जाना चाह रहा सी परंतु भीड़ ज्यादा होन करके ते बुजुर्ग होन करके व असफल हो रहा सी व वारवार कोशिश कर रहा सी पर अपनी कमजोरी कारण ते भीड़ दे सामने टक नहीं सी रहा पर जिव किव कोशिश करन तो बाद व लंगर हाल विच पहुंच तो लंगर हाल द गेट बंद हो चुक सी व बुजुर्ग निराश होके टाल होके उथे
ही बैठ गया शायद उस दे विच इंतजार करन द होर समरथा नहीं सी रही हरिंदर न उस बुजुर्ग व्यक्ति ते बहुत तरस आया व भज के उस दे कोल गया ते उस दे मोे ते हाथ रख के कहन लगा बाबा जी तुसी परेशान ना हो मैं तोहा ली खाना लेके आा हा इना कहंदे हुई जिव ही हरिंदर खाना लेन ली जान लगा ता उस दे कदम एकदम रुक गए उस न उस बुजुर्ग व्यक्ति विच अपने पिता दी लक दिखाई दती वो जांदे जांदे अचानक रुक गया ते उस बुजुर्ग व्यक्ति वल गौर नाल देखन लगा ता
उसन इस तरह लगा जिव उस दिया अंखा दे सामने हनेरा आ गया सी वो देख के हैरान रह गया कि मैले कुचा कपड़े विच वो बुजुर्ग व्यक्ति कोई होर नहीं बल्कि उसका पिता ही सी जिस दिया अखा चेहरे दे अंदर धस चु कियां सी ते शरीर बस एक पिंजर वांग ही रह गया सी हरिंदर न अपनी अखा ते यकीन ना होया उसदा गला परा आया ते व बोल्या कि पापा तुसी इथे इस हालत विच तोहा य हालत किव हो गई ते तुसी किथे चले गए सी मैं न किथे किथे नहीं लभ इन्ना कहंदे हुए हरिंदर
अपने पिता दे गल लग गया ते उस दे पापा ने उसन झटक दे हुए किहा न की लेना आया तू मेरे कोल जा फिर य देखना आया कि तेरे मम्मी पापा जिंदे हन के मर गए त हरिंदर कहदा नहीं पापा इस तर ना कहो मेन तोहा इस हालत दे बारे विच पता ही नहीं सी ते पापा ने गुस्से पररिया निगाह नाल देखते हुए उसन किहा चंगा चल मान लिया कि तन साडी इस हालत दे बारे विच पता नहीं सी पर सान इथे आए लगभग न महीने हो चुके हन अपनी पत्नी न तो तू रोज घरे
फोन करदा हीहा कि तन साडे बारे अपनी पत्नी तो भी कुछ नहीं पता लगा की तू उस तो पुछना जरूरी नहीं समझ नहीं पापा अजही गल नहीं है मैं मन सरत तो तोहा बारे पूछा सी ते उसने मैन दस्या कि मम्मी द सेहत ठीक नहीं सी इसली पेंड दे महल विच रहन द मम्मी दा बहुत जी करदा सी ता उन्ना दोना न मैं कुछ दिना दे ल पिंड भेज दिता है मैं उस तो पूछा भी सी कि मम्मी पापा पिंड विच किव रहन गे क्योंकि न ता आप अपना पेंड वाला मकान भी वेच दिता है
त मन सरत ने मैं दस्या कि तुसी गुंडन आंटी दे घर विच कराई ते रहदे हो उसने ये सब गल्ला मैनू इस तरह दस्सिया कि मैनू उते यकीन हो गया मैनू माफ कर दो पापा हरिंदर ने अपने पिता दे पैर फड़ते हुए किहा ते पूछन लगा मम्मी किथे ने पापा ता उसके पापा हरिंदर न लेकर उसकी मम्मी दे कोल चले गए जो गुरद्वारा साहब दे बाहर गली विच ही सड़क ते एक पुरानी जही चादर विशा के कंग ते कड़े विचल ली बैठी हुई सी उस दे पापा द इंतजार कर रही सी मम्मी न देखते ही
हरिंदर दिया अखा विच निरंतर हंजू चल पई ते व तकरीबन रोता हुया बोल मम्मी मम्मी शब्द सुन के उसकी मम्मी दिया अक्खा अचानक हरिंदर वल खन लगिया ते उसन देखते ही गुस्से नाल उसने किहा की करना आया न तू साडे कोल चला जा इथों त हरिंदर ने रोंदे हुए अपनी मां न किहा अपने इस नालायक पुत्तर न बस एक वार माफ कर देयो मम्मी गलती मेरी ही है जो मैं मसीर ते अखा बंद करके भरोसा किता ते उसने यकीन करके तोहा दोना द जिम्मेदारी उसन देके मैं अम चला गया पर मैनू पता नहीं सी कि
जद मैं न मिलूंगा तो नू इस हालत विच देखूंगा पर मम्मी आज मैं सो खांदा हा कि ड़ एक एक परेशानी द हिसाब लंगा उस कोलो मम्मी तुसी खुद ही सोचो की डा हरिंदर तोहा नाल कद इस तरह कर सकदा तोहा य हालत देख के मेरे ते की पीत रही है मैं ही जानता हा ना कहंदे हुए हरिंदर अपनी मां नाल लिपट के फुट फुट के रोन लग गया हरिंदर ने अपने मम्मी ते पापा न टैक्सी विच बिठाया ते उन्न एक चंगे ज होटल विच ले गया उथे उन्न रज के खाना खवाया ते उथे ही
उन्ना दे रहन द इंतजाम भी करवा दिता इने आलीशान होटल न देख के उसके मम्मी ते पापा द हैरान ही रह गए हरिंदर कह कि मम्मी पापा तुसी इथे आराम नाल रहो सब कुछ ठीक हो जानते मैं न घर लेके जावागा पर सब तो पहला मैनू पूरी गल दसो ताकि मैनू भी पता लगे कि मसीर ने मेरे कोलो की की लगया है बेटा की तेरे जान तो बाद चार पंज महीने तक ता उसदा तीरा बहुत चंगा सी असी ता खुद अपने आप न बड़े खुशनसीब समझ रहे सी ते परमात्मा दा हर पल धन्यवाद करद सी
कि सान एन्ने जंगे न पुतर मिले पर सानू की पता सी कि नूह द विहार केवल सान परमान ल ही सी जद उसन य पता लग कि तू अजे होर दो साल अमरका विच ही रहन वाला है ता उसदा रवैया एकदम बदल गया सारा दिन व अपनी मां नाल फोन ते गल्ला करदी रहदी सी ते सारे कम करन द जिम्मा केवल तेरी मम्मी दा सी फिर उसके पापा अगे बोले बेटा मन सरत साडे ना रोजाना बतमीजी करदी सी ते जेकर तेरी मां कुछ बोलदी सी ता घर विच हल्ला मचा दी सी एक दिन सवेरे जद
असी सुते ही उठे सी त असी देख्या कि मसीर घर तो गायब सी असी पूरा घर छान मारया पर व सान किते नहीं दिखी असी उसन फोन भी लाया पर उसने फोन नहीं चक किसे अनहोनी दे डर नाल साडा ता दिल कंबन ही लग गया सी फिर दुपहरे जद व घरे वापस आई तो साडी जान विच जान आई पर असी ख्या कि उसके हाथ विच एक वडा सारा बैग सी असी बड़े हैरान ई इस तो पहला कि असी एक वारी पछ दे उसने आप ही किहा मम्मी पापा तुसी आज ही हुने ही अपना सारा सामान
अपने कमरे विच बाहर कडो ते स्टोर रूम विच रख दे ते आज तो तुसी हाल विच सोया करोगे क्योंकि आज तो मेरी मां इस घर विच रहन आ रही है य की कह रही है बेटा असी हाल विच किस तरह सौ सकते हा तेरी मम्मी ता कुछ दिना दे लिए आन वाली होवेगी त एक कम कर तेरी मम्मी तेरे सासे दे नाल कमरे विच सौ जावेगी ते मैं इथे हाल विच सौ जा करूंगा जद पापा ने इना किहा त मनरथ कंदी कि मैं कद क्या कि मेरी मम्मी इथे कुछ दिना दे लिए आन वाली है
य उन्ना द रा व न इथे हमेशा ही रहगी ते मैं तोन जिन्ना कि है तुसी उन्ना ही करो मनरथ ने गुस्से विच किहा तो उसके पापा बोले मनरथ बेटा तनू पता कि तेरे मम्मी द सेहत ठीक नहीं रहदी उस दे लक विच बहुत दर्द रहदा है उस तो जमीन ते नहीं सुता जाना पर मन सरत सी कि कुछ सुनन ली तैयार ही नहीं सी उसने कहा कि मैं व सब नहीं जान दी जल्दी तो जल्दी मेरा कमरा खाली कर दो नहीं ता इस घर दे दरवाजे खुले हन तुसी अपना इंतजाम खुद ही कर लो
मनरथ द ये गल सुन के तेरे मम्मी न बहुत बुरा लगा उसने गुस्से नाल किहा कि तुसी हरिंदर न फोन लगाओ मैं उस नाल गल कर दी हा ते हरिंदर बेटा य गल होन तो बाद असी तन किन्ने वार फोन मिलाया सी पर तू एक वार भी साडा फोन चकना जरूरी नहीं समझ य गल सुन के हरिंदर हैरान रह गया ते कहदा कि मम्मी पापा मेरे कोल तो डा कोई फोन नहीं आया हां सच मैनू याद आया कि मेरा फोन नंबर बदल गया सी ते इस बारे विच मैं मसीर न भी दस्या सी उसने किहा
सी कि तुहान इसकी खबर दे देवेगी फिर उसके पापा कहंदे पर बेटा सानू मन सरत ने अहा कुछ नहीं दस्या असी ता न तक ही सोच रहे सी कि तू भी बदल गया है तू भी मन सरत दे नाल रलिया होया है ते इसे करके तू साडे तो मुख मोड़ लिया है फिर उस मम्मी ने किहा बेटा मैं मसीर न एक बर क्या भी सी कि मेरी एक वार हरिंदर ना गल करवा दे त मनरथ ने क्या सी कि मेरे घर वाले ने तो हाडा ठेका लिया होया की तुसी गल गल ते हरिंदर न फोन
करन द गल करन लग जांदे हो व उथे कम करन गए होए हन आराम करन ली नहीं वैसे भी उन्हा न सब कुछ पता है उन्ना द रजामंदी दे नाल ही मैं अपनी मम्मी न इथे लेके आई हां हां पापा याद आया मैनू मंसी ने यह किहा सी कि व अपनी मम्मी न अपने घर लेके आ रही है क्योंकि उस दे भरा भाभी ने उस द मम्मी द ढंग नाल ख्याल नहीं रख्या ते उस ना लड़ झगड़ दे रहदे हन पर पापा जेकर मेन पता ंदा कि मसीर न कमरे विच बाहर क रही है तो
मैं तोहा नाल इस तरह कद नहीं सी होन देना फिर उस पापा दिया अखा नम हो गईया ते अखा पूंछ दे हुए कहन लगे बेटा मसीर ने साडी अजही हालत कर दती सी कि साडे कोल कोई चारा नहीं सी बच ते असी सोच लिया सी कि जेकर दो रोटी ही खानी न दिया गल्ला चुपचाप सुनया पनया बेटा एक दिन तेरी मम्मी न बुखार चढ़ सी ते मैं उसकी देखभाल कर रहा सी वैसे ता पूरे घर दा कम तेरी मम्मी ही कर दी सी ता उस दिन मन सरत ने आके किया कि मेरे मामा जी घर
आ रहे हन इसली मम्मी आज चंगा जा खाना बना देयो त मैं मन सरत न किया कि तू किहो जीही निर्दई कुड़िया की तेन दिखाई नहीं दि कि तेरी सास बीमार है तन तो उसकी सेवा करनी चाहि दीया उल्टा तू उसन कम द आर्डर लाई जानी है इनी गल सुन दि ही तेरी सास मैन आके कहन लगी कि तुसी जाके इन्ना दे ल दवाई ले आओ य दवाई खा लेगे ता आराम मिलेगा ते काम विच भी मन लग्गा रहेगा वैसे भी सेहत ठीक होवे जा ना होवे घर दा कम ता करना ही पैदा ते पुतर
मैन तेरे सास द यह गल सुन के बड़ी हैरानी हुई ते मैं भी गुस्से विच कह दिता कि तुसी भी एक औरत हो ते न मेरी पत्नी दा दर्द समझना चाहिदा आज मेरी पत्नी घर दा कोई कम नहीं करेगी ते फिर उसकी मम्मी ने किहा कि तू पता नहीं क्यों इन चली जानी बेटा उस दिन तो बाद मनर ते उसकी मम्मी दोने मिल के सान सारा दिन गला सुनाया रहया मसीर ने ता सान खाना देना भी बंद कर दिता सी जिव कि करके मैं जा तेरे पापा रसोई विच जाके अपने ली खाना बना लेे ते
खा लेे पर व भी मनरथ न गवारा नहीं सी व चीक द रहदी सी एक दिन मनरथ ने घरे किट्टी पार्टी रखी ते उसने बहुत सारिया सहेलिया न बुलाया उसे दिन मनरथ ने सानू किया कि रसोई विच 15 जने द खाना बनाना है ते तेरे पापा न कुछ पैसे देके बाजारों सामान लली भेज दिता तेन खाना बना ला दिता इथों तक कि जद खाना तयार हो गया त सबन प्रोसन ल भी सानू दोना न ही किया तेरी सस ते मन सरत मेहमान दे नाल ताश खेड विच बिजी हो गईया सारिया सहेलियां ठाके लगा लगा के
हस रहिया सन बिमार होन दे कारण मेथ इना सारा कम नहीं सी कीता जा रहा य सब देख के तेरे पापा द गुस्सा उबल पया ते उन्हा ने सारा खाना चक के चला के फर्श मार य देख के मंसी त द पारा सतवे आसमान ते पहुंच गया व चीक हुई कंदी कि तोहा इनी हिम्मत कि मेरिया सहेलिया दे सामने मेरी बेजती कराती ते उपर उसकी मां मन सरत न पड़का हुए कहन लगी कि बेटा तू नाते तरस खाके न रे बिठाया होया है बाहर क्यों नहीं कट दी न कड पर बार हां मम्मी तुसी ठीक
कह रहे हो इन घर विच रख के मैं इन्ना ते एहसान कर रही ते ये मेरे एहसान दा बदला इस तरह दे रहे हन छेती छेती इथों अपना सामान चको ते चलदे बनो य सारिया गला दसद हुए उस द मम्मी दा रोना बंद नहीं सी हो रहा ते व कहन लगे कि बेटा तू नहीं जानता नूह ने सिखर दुपहरे सान घरों बाहर कढ दिता असी किथे जांदे पिंड वाला मकान भी न अपना नहीं सी रहा असी ता सड़का ते धक्के खान जोगे रह गए सी मेरी हालत ता पहला ही खराब सी ते बेइज्जती दे तूफान
लन तो बाद ता तेरे पापा भी बीमार रहन लगे सी थोड़ी-थोड़ी देर बाद इन सा चढ़ लगदा सी असी किथे जांदे किथ खांदे इस ल असी इस गुरद्वारे दे बाहर आके बैठ गए पर एक गल दस पुतर तन साडा पता किसने दिता तू साडे तक किव पहुंच उस द मम्मी दे पूछन ते हरिंदर ने किहा कि मम्मी न घर कन तो बाद मसीर ने मैनू किहा सी कि तुसी दो जाने गवांड आंटी दे घरे पेंड चले गए हो ते जद मैं कुछ दिना बाद उसन पूछा कि मम्मी पापा द फोन क्यों नहीं लग रहा तो
उसने कहा कि डा फोन ता घरे ही रह गया है ते तुसी दोव जने पेंड वालेया दे नाल तीर्थ यात्रा ते गए हो इस कारण तोहा ना गल नहीं हो सकदी मैन थोड़ा शक भी होया क्योंकि तुसी तीर्थ यात्रा ते जांदे त मेरे नाल एक बर गलता जरूर कर दे इस तरह बिना दसे ना जांदे इसली मैं जल्दी जल्दी कम निपटा के इंडिया वापस आ गया मैन तोहा बहुत चिंता हो रही सी इसलिए ड्राइवर दे कहन ते मैं अंदर गुरुद्वारे मथा टेकन पहुंचा त इथे परमात्मा ने मैन तोहा नाल मिलाया पर इस हालत विच कि
मैं कद सोच भी नहीं सी पर न तुसी बिल्कुल चिंता ना करो न मेन सब सच पता लग चुक है न तो मैं उस जालम औरत न सब कु सखा के रहागा न मैं उसन उसकी औकात ना दिखाई त मैं भी डा पुतर नहीं इना कह के हरिंदर अपने घर वापस आ गया जिव ही घर पहुंच ता देख्या कि दोने मावा तिया बैठ हुईया चाते स्नेक्स द आनंद ले रहिया सन उसे समय मन सरत की मम्मी बोली बेटा तू अपने सास सरे न तो इथो का दिता पर एक वार ना चाहिदा कि व किथे गए
हन की कर रहे हन की उन्हा ने हरिंदर न सारी खबर ता नहीं कर दती ते साडा की होवेगा ओहो मम्मी तुसी भी की गल कर दे हो जद उन्न अपने पुतर द फोन नंबर ही याद नहीं तो उसन फोन किव करने तुसी चिंता ना करो बेफिकर रहो ते वैसे भी उन्ना दे आच हजे बहुत समा बाकी है उद तक ता व दो स्वर्ग सुधार चुके होगे अजही हालत विच पला किन्ने को देर होर जाे रहन मनरथ ने हसते हुए किहा ता उस मम्मी कहंदी पर बेटा जेकर हरिंदर ने पुछा त तू उसन की कहेगी
ते मसीर ने जवाब दिता मम्मी जद तक तोहा जवाई ने इंडिया वापस आना उद तक कुछ ना कुछ सोच लवांगे न ता बस टाइम न इंजॉय करो ते य गल्ला करद हुए दोनों उची उची हसन लगिया उदों ही हरिंदर अंदर आ गया उसन देखते ही मनरथ दे चेहरे द रंग उड गया ते व ठठर के खड़ी हुई की होया बेटा तन कि सा पस गया य कहे हुए मसीर द मम्मी ने दरवाजे वल देख्या तो उसके पैरा थलो भी जमीन निकल गई व दोनों मन ही मन सोच रहिया सी कि किते हरिंदर ने उन्हा दिया
गला ता नहीं सुन लिया उसे समय हरिंदर हसते हुए कहदा हैरान हो गई ना मैन देख के मैं तेनू सरप्राइज देना चाह सी इसले बिना दसे ही आ गया हरिंदर द गल सुन के मन सरत ते उस दे मम्मी द जान विच जान आई न उसन यकीन हो गया सी कि हरिंदर ने उन्ना दिया गल्ला नहीं सुनिया थोड़ी देर आराम करन तो बाद हरिंदर मंसी त दे कोल आया ते कहदा कि मन सरत एक खुशखबरी है न मैं तन भी अपने नाल अमरिका लेके जावागा मैं तेरा भी बनवा लिया है आप इसे हफ्ते दे विच
विच अमरिका ली रवाना हो जावांगी मम्मी पापा ता तीर्थ यात्रा ते गए हन ता उन्ना द वापस आना ता हजे नहीं हो सकेगा जद आे तो मैं उद उन्ना नाल गल करके उन्ना द इथे रहन द इंतजाम करवा दवागा तू छेती अपनी पैकिंग शुरू कर दे य गला सुन के मसीर खुशी नाल उछल पई उसता पैर ही धरती ते नहीं सन लग रहे मनरथ द मम्मी जो सारिया गल्ला सुन रही सी परेशान हुंदे हुए कहन लगी कि मंसी बेटा तू ता अपने अमरिका जान बारे सोच रही है पर य भी ता सोच कि फिर मेरा
की होवेगा देखो मम्मी मैं इने दिन तोन अपने कोल रख के तोहा सेवा कीती है न तुसी वापस भरा पाबी कोल चले जाओ की कोई थी दे घर इने ने दिन थोड़ी रहदा तुसी जाओ ते उन्ना तो माफी मांग लो न तोहा करके मैं अपना अमरिका जाना ता नहीं छड सकती पता है मैं किन्ना तरस द सी अमरिका जान ल ते न जद मौका मिलया त मैं इसन हथ जान दे देवा अपनी थी दे मुह य सारिया गला सुन के उसकी मां हैरान रह गई अगले ही दिन उसने अपनी मम्मी न अपने घर विदा कर
दिता ते खुशी खुशी अमरिका जान द तैयारी करन विच लग गई जिस दिन उसकी फ्लाइट सी हरिंदर ने उस फ्लाइट विच बिठा के किहा कि तू इथे ही बैठ मैं बस दो मिनट विच आया पर जद फ्लाइट उडन द समा होया उद तक भी हरिंदर वापस नहीं आया मसीर ने घबरा उे हुए बैग विचों अपना फोन कया तो उसने देख्या कि फोन दे कोल एक कागज रख्या होया सी जिवें ही उसने उस कागज न खोल के देख्या था उस विच लिख्या होया सी जा ते खूब मजे करी अमरिका विच न तनू पता लूगा कि किसे
इंसान न इकला ते बेसहारा छड देन द मतलब की हुंदा तू मेरे मम्मी पापा न घर धक्के मार के बाहर कढ दिता सी उन्ना न दरदर दिया ठोकरा खान ली मजबूर कर दिता सी तेरे करके उन्ना न रोलना पया हां तू भी अमरिका विच जाके भीख मंगी ते जद भीख मंग के पैसे इकट्ठे हो जान ता वापस आ जाई ते अपनी मम्मी दे नाल रह ल क्योंकि न मेरा तेरे नाल कोई रिश्ता नहीं जद तक मंसी त ने व कागज पढ़िया उद तक जहाज उड चुक सी जहाज दे उडन दे नाल नाल उसन इस तरह
महसूस होया जिव उसकी जान ही बाहर निकलती जा रही होवे विदेश विच रहन द अपनी इच्छा दे कारण व अपने सास ससरे तो छुटकारा पाना चांदी सी ते अपनी इसी इच्छा दे कारण ही उसने अपनी मां न भी बेसहारा छड दिता सी आज मनरथ अमरका विच दर दर दिया ठोकरा खा रही सी ते अपने कीते ते पछता रही सी क्योंकि आज व अपने ही बुने जाल विच पूरी तरह फस चुकी सी इधर हरिंदर ने मम्मी पापा द व्याह द पंजामी वरे गंड ते हरिंदर ने उन्न एक वधिया कलोनी विच कार खरीद के दिता ते होटल
तो उन्न सिधा घर विच ले आया ते कहदा कि मम्मी पापा तुहान तोहा व्याह द पंजावी वरे गंड बहुत बहुत मुबारक होवे न न इस घर विच कोई भी बाहर नहीं कड सकदा क्योंकि यह घर तोहा नाम है पुतर द इन्ना प्यार देख के उस दे पापा दिया अखा विचों लगातार हंजू चल रहे सन तो कहन लगे कि बेटा सान माफ कर दे असी तन बहुत गलत समझ आज उना तिना दि अखा विच हंजू सन पर खुशी दे कुछ समय बाद हरिंदर न मंसी का फोन आया पर हरिंदर ने फोन कट दिता मसीर ने कई
वार फोन लगाया पर हरिंदर ने हर वार उसदा फोन कट दिता उस पापा दे पूछन ते हरिंदर ने उन्न सब कुछ दस दिता कि किस तरह उसने मन सरत न उसने कीते द सजा दे दती है थोड़ी देर बाद फिर मसीर द फोन आया था उसके पापा ने चक उधर मसीर दे रोन द आवाज आई ते फिर रोंदे वलक हुए कहन लगी कि पापा मैनू माफ कर देयो मैं तोहा नाल बहुत बुरा कीता जिस कारण हरिंदर ने मैन इकला छड दिता है उन्हा ने मेरे नाल सारे रिश्ते खत्म कर देते ह ते तुसी ही उन्न
कुछ समझाओ ना मैं कसम खांद हा कि आज तो बाद न दोन न कोई तकलीफ नहीं आन देवांगी मन सरत दे इना कहंदे ही उस पापा ते मम्मी द दिल पिघल गया उने हरिंदर न कह के मनरथ दे आन द इंतजाम करवाया एक हफ्ते बाद मसीर आ गई उसने अपने सास सरे दे पैरा विच डिग के उन्ना तो माफी मंगी ते उन्ना द खूब सेवा करन लगी आज एक पुतर ने दुनिया दे सामने एक मिसाल कायम कर दती सी ते दूजे पासे जद मन सरत द मां अपने घर पहुंची ता देखया कि उसदा सारा सामान
स्टोर विच शिफ्ट कर दिता गया सी उस अपने कमरे विच उसके ल कोई जगह नहीं सी क्योंकि उस कमरे विच उसन दे पिता आराम फरमा रहे सन ते टीवी ते गाना चल र सी जो बीजा वो वेंगा फिर दोष भी किस च केंगा तेरा कीता तेरे अगे आना है दस किथे तक तू भेंगा सो तुहान हरिंदर द फैसला किव द लग्या अपने विचार जरूर लेख के दसो चंगा लग तो एक लाइक भी जरूर करियो शेयर भी करयो दोस्ता दे नाल ते चैनल न भी जल्दी ना सब्सक्राइब कर ल ते बाकी दिया कहानिया भी सुनते रहो
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