हेलो एवरीवन एंड वंस अगेन वेलकम बैक टू उमर तस्कर youtube4 माय सेल्फ उमर तस्कर गाइज ओवर द पीरियड ऑफ टाइम हमने हमारी एजेंसी के अंदर बहुत सारे ऑटोमेशंस को इंप्लीमेंट किया है अब इन ऑटोमेशंस की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि जैसे-जैसे हम स्केल करते गए जैसे-जैसे हम और ज्यादा क्लाइंट्स को ऑन बोर्ड करते गए हमें चाहिए थे कुछ सेट ऑफ सिस्टम्स प्रोसेसेस जिससे कि चीजें ऑटोमेट हो सके और मैनुअल इंटरवेंशन कम हो और क्योंकि मैनुअल इंटरवेंशन कम होगा तो गलतियां होने के चांसेस भी जो है वो कम होंगे तो हमने 810 ऑटोमेशंस को इंप्लीमेंट किया जो
बहुत अच्छी तरीके से हमारे लिए काम कर रहे हैं कहीं ना कहीं इन ऑटोमेशंस में कॉस्ट जरूर आती है बट जब आप स्केल कर रहे होते हैं आपको पता होता है कि ऐसी चीजों में आपको खर्च करना पड़ेगा वरना आप अच्छी सर्विस जो है वो नहीं दे पाएंगे आप इन्हीं सारी चीजों में फंसे रहेंगे मैनुअल जो चीजें हैं वो फिगर आउट करने में फंसे रहेंगे और फिर आपकी जो मेन कोर सर्विसेस हैं उनके ऊपर आप फोकस कर नहीं पाएंगे तो ये सारे ऑटोमेशंस हमने इंप्लीमेंट किए आज भी हमारी बहुत सारी प्रोसेसेस इन्हीं ऑटोमेशंस के ऊपर
बेस्ड है मैं एक-एक करके सारे ऑटोमेशंस के बारे में आपको बताता हूं और इनमें से हो सकता है कुछ ऑटोमेशंस आपके काम आ जाए सबसे पहला ऑटोमेशन जो हमने किया वो हमारी जितनी भी मीटिंग्स थी उनको हम लोगों ने ऑटोमेट कर दिया यूजिंग कैनली हम कैनली को यूज कर रहे हैं अब कैनली का बेनिफिट जो है वो ये होता है क्योंकि हम अपने अकॉर्डिंग जो है वो स्लॉट्स बना लेते हैं और हम जो लिंक है वो सीधे के सीधे जिससे भी हमें मीटिंग करनी होती है उसको हम सेंड कर देते हैं और वो अपनी कन्वीनियंस
के हिसाब से अपना टाइम जो है वो सेलेक्ट कर लेता है साथ ही साथ उसको मेल भी चला जाता है रिमाइंडर मैसेजेस भी जो है वो फायर होने होते हैं तो रिमाइंडर मैसेजेस फायर हो जाते हैं ये चीज हम हमारी रिकरिंग मीटिंग्स में भी यूज़ कर रहे हैं जो हमारी ऑफिस की मीटिंग्स होती हैं या फिर अगर हमें किसी क्लाइंट के साथ कोई मीटिंग करनी है तो उसके लिए भी हम लोग यूज़ कर रहे हैं और साथ ही साथ हम जब न्यू प्रोस्पेक्ट्स के साथ मीटिंग कर रहे होते हैं उनके क्लोजर के पॉइंट ऑफ व्यू
से तब भी हम लोग कैलेंडली को ही यूज़ करते हैं कैलेंडली का मुझे एक बहुत बढ़िया एडवांटेज ये लगता है एक तो जिनसे भी आप मीटिंग्स करेंगे उसकी एक तरीके से एनालिटिक्स आपको मिल जाती कि किससे आपने मीटिंग्स करी तो थोड़ी सी हमारे पास डाटा होती है कि नई मीटिंग्स हमने कितनी करी पुरानी हमने कितनी करी अ पूरे मंथ में हमने कितने आवर्स मीटिंग्स में स्पेंड किए किसके साथ कितनी मीटिंग्स हुई तो इसका मुझे अलग से कोई रिकॉर्ड बनाने की जरूरत नहीं होती मुझे कैलेंडली के अंदर ही मिल जाती है सारी चीजें दूसरी बात कि
अगर देखा जाए एजेंसी के एक्सपेंस के पॉइंट ऑफ व्यू से तो उतना महंगा नहीं है ये 1012 के अंदर आपको सर्विसेस मिल जाती हैं जो कि ठीक-ठाक है अगर ये सारी चीजें हो रही है तीसरी चीज जो पर्सनली मुझे बहुत ज्यादा पसंद है वो ये है कि जब भी कोई मीटिंग ब्लॉक होती है कैलेंडली के अंदर वो स्लॉट मेरा जो है ना वो मेरे और google3 साथ हमारे जितने भी कैलेंडर हैं ना वो सारे कनेक्टेड है जैसे फॉर एग्जांपल एक तो मेरा पर्सनल कैलेंडर हो गया उसके बाद एक बीडीएम का कैलेंडर है तो वो कैलेंडर
भी मेरे कैलेंडर से लिंक्ड है तो मुझे पता रहता है कहीं पर मीटिंग्स ओवरलैप वगैरह तो नहीं हो रही है तो हमारी जो मीटिंग्स की प्रॉब्लम्स है ना उसको बहुत ज्यादा हद तक हम लोगों ने ऑटोमेट करके रखा हुआ है जिससे जो हमारा टाइम है बफर टाइम होना या किसी ने सेम टाइम पे डो मीटिंग्स रख दी वो सारा काम हमारा जो है वो खत्म हो गया है तो यू कैन कंसीडर ट्राइज थिंग आप अपनी एजेंसी में अगर आप सर्विसेस प्रोवाइड कर सकते हैं तो वो कर सकते हैं सेकंड इंपॉर्टेंट थिंग इज कि क्योंकि हमारे
पास बहुत सारी लीड्स आ जाती हैं ठीक है हम कभी-कभी कुछ एड्स भी रन करते हैं वहां से भी लीड्स आ जाती हैं तो ये बहुत जरूरी होता है कि आप एनर्जी कहां पर लगा रहे हैं बिना मतलब की लीड्स के ऊपर अगर आप काम करने लगेंगे तो कोई मतलब तो निकल के आता नहीं है वो कन्वर्ट भी नहीं होंगे और उनको आप सर्विस भी नहीं दे पाएंगे और अगेन हमारे लिए जो सबसे इंपॉर्टेंट एसेट है ना एज अ सर्विस प्रोवाइडर वो है टाइम हमने अगर अपने टाइम को बचा लिया ना तो अब समझ लीजिए
हमने बहुत सारा पैसा जो है वो बचा लिया तो हमने हर स्टेप पे ना कुछ क्वेश्चन आयस रखे हुए हैं अगर हम जो है वो फर्स्ट मीटिंग किसी क्लाइंट से करने जा रहे होते वहां पर भी हमारे पास एक क्वेश्चन आयर है एक काइंड ऑफ एन आइडियल कस्टमर अवतार है अगर कोई पर्सन उसमें फिट नहीं होता है तो हम फिर मीटिंग ही नहीं करते मीटिंग करने के बाद भी हमारे कुछ पॉइंट्स हैं अगर उसमें कोई फिट नहीं होता है तो वहां पर भी जो रिजेक्शंस है वो होने के चांसेस हैं तो इस तरीके से हमने
कुछ फिल्टर्स बना रखे हैं जिससे कि जरूरी नहीं है कि मैं ही हर मीटिंग से बैठूं या मैं ही डिसीजन मेकर हूं हमने तीन-चार पॉइंट्स बना रखे कि अगर ये होता है हमें ऑन बोर्ड नहीं करना है अगर ये होता है तो हमें ऑन बोर्ड नहीं करना है अगर ये होता है तो हमें ऑन बोर्ड नहीं करना है अगर ये तीनों चीजें होती है हमें किसी भी कीमत पे जो है वो क्लाइंट को ऑन बोर्ड नहीं करना है तो इस टाइप से हमने कुछ अपने लिए जो है वो एसओ पीज और क्वेश्चन आयर काइंड ऑफ
चीजें जो है वो बना के रखी है तो आप देखें कहां-कहां पर आपकी एसओ पीज जो है वो फिट हो सकती है देखिए एसओ पीस बनाने में सबसे बड़ी गलती क्या होती है आप समझते हैं कि सारी चीजों की एसओ पीज बन जाए नहीं जो काम आप बार-बार कर रहे हैं रिपीटिटिवली असमेंट हो तो वो शीट को यूज करके या वो स्टेप्स को यूज करके चेकलिस्ट को यूज़ करके वो काम किया जा सके तो पहले आप उन प्रॉब्लम्स को सॉल्व करने की कोशिश करिए जैसे ऑन बोर्डिंग की चेकलिस्ट है ये कॉमन रहेगी ठीक है बट
आप कैंपेन ऑप्टिमाइजेशन की चेकलिस्ट उतनी आसानी से आप नहीं बना पाएंगे उतनी अच्छी एसओ पी आप इतनी जल्दी नहीं बना पाएंगे उसमें टाइम लगेगा तो जहां पर आप पहले आसानी से एसओ पीस बना सकते हैं वहां पर आप उसको पहले बनाने की कोशिश करिए तो ये एक टाइप ऑफ ऑटोमेशन आप ला सकते हैं हमने भी इसको यूज़ किया हुआ है बहुत हद तक अपनी एजेंसी के अंदर थर्ड अगर मैं बात करूं तो सीआर एम्स का यूज़ करना शुरू कर दीजिए अगर आप सर्विसेस प्रोवाइड करते हैं ठीक है और अगर आप अपनी एजेंसी को स्केल कर
रहे हैं बिकॉज़ ये जरूरी है कि आपके पास अभी तक जितने भी आपकी लीड्स आई हैं उनकी आपके पास इंफॉर्मेशन होनी चाहिए अकॉर्डिंग टू द स्टेजेस अगर वो आपके साथ काम नहीं कर रहे फिर भी उनकी डिटेल इंफॉर्मेशन होनी चाहिए देखिए आज के टाइम में मेल सेंड करना ऑलमोस्ट फ्री है आज के टाइम में एसएमएसएस सेंड करना ऑलमोस्ट फ्री है ठीक है तो जब आपके पास उनके कांटेक्ट होते हैं ना उस पर्टिकुलर सिनेरियो में आप फेस्टिवल्स के टाइम में या कोई स्पेशल डे पर या उनके बर्थडे पर क्योंकि अगर आप उनकी पूरी इंफॉर्मेशन को कलेक्ट
कर रहे हो और उसका जो मैनेजमेंट हो अपने सीआरएम के अंदर कर रहे हैं तो उनकी बर्थ डेट होने की भी प्रोबेबिलिटी है किसी ना किसी तरीके से अगर आपने वो ले रखी है वहां पर आप उनको विश कर सकते हैं मैं आपको एक चीज बताता हूं कि इस तरीके से ना कई बार बहुत सारे क्लाइंट जो हमारे साथ काम नहीं कर रहे हैं जब कभी भी हम उनको कोई और मेल फायर करते हैं क्योंकि वो डेटा हमारे सीआरएम के अंदर है हम कभी कोई मेल वगैरह फायर करते हैं तो वहां पर भी हमने कुछ
क्लोजर्स किए हुए हैं कई बार ऐसा होता है कि टीम जो हमारे कॉमन नंबर्स हैं उनके ऊपर बहुत सारे हमारे जो केस स्टडीज वगैरह है उनकी स्क्रीनशॉट्स लगा देता है के स्टडी थोड़ी सी मेंशन कर देता है तो फिर से वो लीड्स जो है वो हमसे बात करने लगते हैं और वहां पर भी हमें कन्वर्जन होने के चांसेस होते हैं तो इससे हमें रियलाइफ हुआ कि हमें ना अपने जो भी टच पॉइंट्स हुए अभी तक जिनसे भी हमने बात करी है जिनसे भी हमने मीटिंग करी है एक-एक पर्सन की इंफॉर्मेशन हमारे पास होनी चाहिए सो
दैट भविष्य में अगर हमें कोई कैंपेन लॉन्च करना हो या हमें कोई ईमेल मार्केटिंग कैंपेन हो एसएमएस कैंपेन है वो करना हो तो हमें कहीं से कोई प्रॉब्लम ना आए और वो इंफॉर्मेशन हमारे पास हमेशा रहे एक डेटाबेस हमारे पास बना रहता है कि भाई कितनी लीड्स आई एप्रोक्सीमेटली न महीनों में हमारी लीड्स किन स्टेजेस पे है किस स्टेज से किस स्टेज पे मूव करने में हमें कितना टाइम लगता है उसके हिसाब से फिर हम हमारी रिसोर्सेस वगैरह डिप्लॉयड के साथ मैनेज कर रहे हैं उस पर्टिकुलर सिनेरियो में आपको बहुत ज्यादा जरूरत नहीं पड़ेगी बट
अगर आप स्केल करने की सोच रहे हैं क्योंकि आप अगर बहुत सारे क्लाइंट्स को ऑन बोर्ड करना चाहते हो उस पले सिनेरियो में आपको कोई एक कांस्टेंट सोर्स ऑफ लीड जनरेशन चाहिए और सबसे पावरफुल सोर्स ऑफ लीड जनरेशन इज बेसिकली एड्स अगर आप एड्स रन कर रहे होंगे तो इन सारी चीजों को आपको करना पड़ेगा फाइन तो आई बिलीव ये चीज क्लियर हो गई होगी आपको और इसको भी हम लोग यूज़ कर रहे ठीक है फोर्थ इज प्रपोजल्स भी एक बड़ा मसला है तो पहले कोशिश आप ये करें कि जो भी आप सर्विसेस दे रहे
हैं उनकी कुछ कॉमन टेंप्लेट ऑफ प्रपोजल बना लें उसमें कुछ 20 10 पर ही जो मेजर चेंजेज है वो करने की की आपको जरूरत पड़े इसके लिए आप बहुत सारे मार्केट के अंदर प्रपोजल्स के टूल्स आज अवेलेबल है जैसे बहुत ही फेमस एक टूल है प्रपोजिफाई अगेन ये सारी कॉस्टली चीजें हैं बट अगर आप कोई चीज स्केल पे कर रहे हैं फिर आपको ये सारी चीजें करनी पड़ेंगी कॉस्ट वहीं से जो है वो निकल के आती है वरना आप स्केल पे चीजें कर नहीं पाएंगे हर एक प्रोसेस ह्यूमन ड्रिवन है इतना ह्यूमन रिसोर्स कहां से
लाएंगे आप राइट तो आपको ऑटोमेट करना पड़ेगा तो प्रपोजिफाई जैसी सर्विसेस को आप यूज़ कर सकते हैं प्रपोजल्स को सेंड करने के लिए आपको ये पता चल जाता है उन टूल्स के थ्रू कि पर्सन ने मेरे प्रपोजल के कौन से पेज को विजिट किया है कौन से पेज को ओपन किया है ठीक है प्रपोजल को कितना उसने देखा है तो एक काइंड ऑफ प्रपोजल की सारी एनालिटिक्स आपको मिल जाती है तो प्रपोजल्स बेस्ड अगर आपको इंसाइट चाहिए मान के चलते हैं आप मंथ में 100 प्रपोजल सेंड कर रहे हैं उस पर्टिकुलर सिनेरियो में आपके लिए
ये सारे टूल्स जो है वो बेनिफिशियल होते हैं फाइन तो आई बिलीव ये चीज भी आपको क्लियर हुई होगी फिफ्थ जो हमें प्रॉब्लम आ रही थी वो ऑन बोर्डिंग में भी आ रही थी फॉर एग्जांपल जब हम क्लाइंट के साथ कांट्रैक्ट साइन कर लेते हैं फिर उनके एक्सेसेस वगैरह लेने होते हैं तो टीम मेंबर्स को भी प्रॉब्लम होती है कौन सा एक्सेस लिया जाए कई बार उनका पेज नहीं मिल रहा होता है बहुत सारी ऐसी चीजें होती है जब हमने इसके सलूशन को ढूंढने की कोशिश करी तो हमें पता चला कि मार्केट में बहुत सारे
ऐसे डिफरेंट डिफरेंट टूल्स हैं जिसमें आप सेलेक्ट कर सकते हैं कि आपको प्रोस्पेक्ट के किस-किस चीजों का एक्सेस चाहिए फॉर एग्जांपल आपको अपने google's अकाउंट को ऐड करना है तो बेसिकली आपको बस सेलेक्ट करने की जरूरत होती है कि मुझे ये ये चीजें चाहिए और वो लिंक आप उनको सेंड कर देते हैं और उसके थ्रू जो है वो आपको एक्सेसेस मिल जाते हैं तो एजेंसी एक्सेस ऐसे करके बहुत सारे जो टूल्स हैं वो मार्केट में अवेलेबल है इनको भी आप ट्राई कर सकते हैं देखें अगर आप बहुत ही फ्रीक्वेंसी बात कह रहा हूं कि अगर
आप थोड़े स्केल पे काम कर रहे हैं तभी ये सारी चीजें जो है वो आपके काम आएंगी बट नॉलेज आप ले सकते हैं ठीक है इसके अलावा आप बेसिक सी ऑन बोर्डिंग चेकलिस्ट भी प्रिपेयर कर सकते हैं कि अगर हम कोई नए क्लाइंट को फॉर एग्जांपल परफॉर्मेंस मार्केटिंग के लिए ऑन बोर्ड करते हैं तो हमें google3 एम का एक्सेस लेना है जीटीएम में हमें कन्वर्जंस को चेक करना है हमें सीआरएम है अगर उनके पास तो सीआरएम का एक्सेस लेना नहीं है तो हमें देखना है कि किस टाइप से उनकी लीड्स को हम कहां पर सेंड
कर सकते हैं google3 म कैसी आईवीआरएस है या नहीं है तो इस टाइप से कुछ बेसिक से चीजें जो आपको चेक करने की जरूरत है उनका अपना कस्टमर अवतार जो है वो डिफाइंड है या नहीं है उनका बजट जो है वो डिफाइंड है या नहीं तो ऐसे जो भी चीजें हैं उनकी आप एक काइंड ऑफ ऑनबोर्डिंग चेकलिस्ट बना सकते हो और उसके बेसिस पर शुरुआत में आप उनको ऑन बोर्ड कर सकते हैं फाइन तो चेकलिस्ट टू कंप्लीट टास्क लाइक टेकिंग एक्सेस एंड अदर रिसोर्सेस बिफोर वर्क एक्चुअली स्टार्टस तो भाई अगर उनके पास कोई क्रिएटिव्स या
वीडियोस पहले से बने हुए हैं तो भाई वो ड्राइव का लिंक आपने ले लिया और उसको कहीं google3 भी मीटिंग्स करती ज्यादातर हम मीटिंग जूम के ऊपर करते हैं तो जूम के अंदर एक एआई बेस्ड ऑप्शंस होता है जिससे कि जो भी आप बात कर रहे हो उसकी एक काइंड ऑफ समरी बन जाती है टेक्चुअल फॉर्मेट में और वो आपके पास मेल में आ जाती है तो फॉर एग्जांपल अगर मैं किसी प्रोस्पेक्ट से बात कर रहा हूं मैं उनको क्या-क्या सर्विसेस देने वाला हूं मैंने उनको क्या कोटेशन दिया है क्या वर्बल मैंने उनसे बोला है
वो सारी चीजें एक टेक्चुअल फॉर्मेट में आ जाती तो हम एक दो लाइन अगर उसमें से हटानी हटा देते हैं और उसके बाद एमओएमटेक देते हैं तो ये बड़ी ही मजेदार चीज है जो आजकल हम बहुत ज्यादा यूज करें काइंड ऑफ रिकॉर्ड जो है बना रहता है कि मीटिंग्स के अंदर क्या बात हुई वैसे पहले क्या होता था कि आपको भाई पूरी मीटिंग्स को रिकॉर्ड करने की जरूरत है अगर वो चाहते हैं तो वो भी ऑप्शन आपके पास आज के टाइम में अवेलेबल होता है बट इससे क्या होता है एक शॉर्ट समरी बन जाती है
ग्रुप्स वगैरह में शेयर करने में आपको कोई दिक्कत नहीं होगी सेवन जो मैंने आपको पहले ही बता दिया एजेंसी एक्सेस जैसे टूल जो आपको एक साथ एक्सेसेस लेने में मदद कर देते हैं एथ इज वेरी इंपॉर्टेंट थिंग देखिए कई बार क्या होता है कि आप बहुत सारी चीजों में बिजी हो जाते हैं बट अपने फाइनेंस को ठीक तरीके से नहीं समझते ऐसे में बुक्स को मैनेज करने का एक टूल जरूर आपके पास होना चाहिए या अगर आप थोड़ा रेगुलरली मैनेज करें अब हमारी इन्वॉइसिंग ऐसी है कि फॉर एग्जांपल अगर हम 30 40 50 क्लाइंट्स को
मैनेज कर रहे हैं और उसमें हमें अगर रिकरिंग इनवॉइस को सेंड करने की जरूरत है तो जोहो बुक्स के अंदर ये ऑप्शन मिल जाता है कि हम इनवॉइस बना लें और उनको रिकरिंग कर लें बुक्स के भी बहुत सारी चीजें हम कर सकते हैं वहीं पर तो दैट इज द रीजन कि हम जोहो बुक्स को यूज़ करते हैं इन्वॉइसिंग के पॉइंट ऑफ व्यू से और बेसिक अपने अकाउंट्स के पॉइंट ऑफ व्यू से आज के टाइम में अगर आप देखेंगे तो मार्केट में बहुत सारे आपको जो हो बेस्ड अकाउंटेंट मिल जाएंगे वैसे अगर आप बुक्स को
मेंटेन कराना चाहते हैं तो भाई जो इंडस्ट्री स्टैंड स्टैंडर्ड है टैली वगैरह का वही रहता है और आज के टाइम में आप किसी भी अकाउंटेंट से उसकी सर्विसेस जो है वो ले सकते हैं तो अगर आप थोड़ा सा भी स्केल करने की सोच रहे हो उस पर्टिकुलर सिनेरियो में इस डिपार्टमेंट को जो आपका फाइनेंस डिपार्टमेंट होता है इस पे भी आपको नजर रखने की जरूरत है सो दैट आप समझ सके आफ्टर एव्री मंथ आप कहां पर हैं ठीक है कितना आप स्पेंड कर रहे हैं कहां पर आप एक्सपेंसेस कर रहे हैं पीएल क्या है आपका
ये बेसिक बेसिक सी जो चीजें हैं एक नजर आपकी उसके ऊपर बनी रहे आप जैसे भी इसको मेंटेन करना चाहते हैं आप कर सकते हैं अगर आपको ये चीज आप ये मोबाइल एप्स के अंदर मैनेज करना चाहते हैं तो वो कर सकते हैं आप अच्छा मैं अगर अपनी पर्सनल एक चीज बताऊं ना तो मैं बहुत ज्यादा मोबाइल के ऊपर प्रोडक्टिविटी के काम नहीं करता हूं कभी-कभी मैं मेल्स वगैरह चेक कर लेता हूं या whatsapp2 पप ही पसंद है अगर मैं वर्क मोड में हूं अपने तो मैं काम करूंगा तो लैपटॉप पे ही करूंगा जनरली मैं
काम मोबाइल पे नहीं करता हूं बट ये अलग-अलग लोगों की अलग-अलग प्रेफरेंसेस हो सकती है तो मैं कभी भी प्रोडक्टिविटी के पॉइंट ऑफ व्यू से मोबाइल एप्स की उतनी ज्यादा बात करता नहीं हूं मैं ज्यादातर लैपटॉप्स पे सिस्टम्स पे ही काम करना पसंद करता हूं तो ये कुछ ऑटोमेशंस है जो पिछले कुछ सालों में धीरे-धीरे हम लोगों ने हमारी एजेंसी के अंदर लेकर आए हैं देखिए इन ऑटोमेशंस को समझिए हो सकता है आपको भी इन ऑटोमेशन से कोई मदद मिल [संगीत] सके i