ये बड़ी फिल्म है मेरे लिए इससे बड़ी क्या फिल्म होनी है जो मैंने खोली ये कोई फिल्म है ये तो फिल्म तो वो है जो कि मस्जिदों में चल रही है कुरान बताएगा कहां पे पहुंचना है कुरान है हमारी मंजिल कुरान बताएगा क्या आसान करनी है रे कफ बताई जा रही है कि किस तरीके से मामला होता है ये क्या कर रहा है तुमने कैसे बचना है और नबी अ सलाम बताई जा रहे हैं ह ईसा ने करके दिखा दिया कोहितूर प जाके बच के याजूज माजूज से बच के दिखा दिया हमसे ब जाल नहीं
ब दीस ये है कि हजरत आदम अल सलाम को एक वेट ड्रीम आया और उनका सीमन उस मट्टी में गिरा जहा जिस जगह पर वो मौजूद थे उस मट्टी में से याजूज माजूज की पैदाइश होना शुरू हो गई हदीस इतनी क्लियर है के मतलब ये किस इंसान के जहन में अभी तक तस्वीर बनी थी कि हवा में तीर चल रहे हैं और ऊपर से खून लगा हुआ वापस आ रहे हैं क्या आपने क्या सोच रहा था खून कहां से लग के आ रहा था बताऊ क्या सोचता है पाकिस्तानी उसको मौलवी साहब कहते हैं अल्लाह ताला
का मोजा था ऊपर फरिश्ते नामजद थे जब वो तीर हवा में था उसको पकड़ते थे उसपे खून लगाते थे और वापस भेज देते थे यह सुनते हैं हम पाकिस्तान की गलियों में जुम्मे के खुतबा में यह बड़ी फिल्म है मेरे लिए इससे बड़ी क्या फिल्म होनी है जो मैंने खोली य कोई फिल्म है ये तो फिल्म तो वो है जो कि मस्जिदों में चल रही है करोड़ों की तादाद में कौम उतरी है उसने तीर चलाए और ऊपर करोड़ों फरिश्ते सिर्फ इसलिए नॉमिनेट हुए उनको नाज बिल्लाह ये गेम खेल रहे हैं ये धोखा देने के लिए
क्यों ऐसा क्या धोखा देना है यजूज मजूज को उनको अगर लैक ऑफ कॉन्फिडेंस का शिकार हो भी जाए वो तो उसे क्या फर्क पड़ता है क्यों इतना उनको फाल्स कॉन्फिडेंस देने के लिए फरिश्ते मामूर हुए हैं कि उनका तीर जो है ना खून में रंग दो सो इट्स सच अ सिंपल एंड इ सच अ ब्यूटीफुल कांसेप्ट आहिस्ता आहिस्ता साइंस उस तरफ पहुंच रही है क्या पता ना भी पहुंची और मेरी क्या लगे पहुंचे ना पहुंचे कुरान बताएगा कहां पर पहुंचना है कुरान है हमारी मंजिल कुरान बताएगा क्या आसान करनी है अ ताला बताई जा रहे
हैं कि मैंने इसको पढ़ने वालों के लिए आसान कर दिया पढ़ने वालों के लिए आसान मगर नहीं हमने उर्दू वालों ने मुश्किल कर दिया तमाम तर उर्दू नों ने मुश्किल कर दिया ऐसे बड़े-बड़े अल्फाज हैं और अंग्रेजी वालों ने तो और भी ज्यादा इतना बड़ा लफ्ज निकालते हैं एक अरबी के सिंपल से लफ्ज का कि डर जाता है मुसलमान कि ये इससे तो बेद था मैं अरबी सीख लेता उसके लिए 5050 लुगा और डिक्शनरी खोलनी पड़ती है कि लफ्ज क्या लिखा आपने और वो वाली उर्दू लिखी होती है कि जो पाकिस्तान में बोली नहीं जाती
मेरा ख्याल है तर्जुमा करने के लिए खास स्कूल में जाना पड़ता है कि पहले वोली उर्दू सीखो जिसके थ्रू तर्जुमा किया जाता है और फिर जैसे वो कहते हैं ना कुरान एक अरबी अलग है और दूसरी अरबी अलग है ये भी दो नंबरी छोड़ दें ऐसा कुछ नहीं है तो क्या होता है के कुरानी कुरान के तर्जुमे की उर्दू भी अलग है और लोकल पाकिस्तान की उर्दू भी अलग है ये तो साफ जाहिर हो गया क्योंकि ये तर्जुमे तो ऐसे ठीक नहीं है और यह भी सिर्फ इसलिए हुआ हुआ है मैं आपको इसकी साइकोलॉजिकल नस
भी बता दूं कि जो भी तर्जुमा करता है आजकल के दौर में वो खुद सोच नहीं रहा होता उसने पुराने उलमा के तर्जुमे को ही रीप्रोड्यूस करना होता है इस तरीके से ये पूरा का पूरा सला नीचे से नीचे आ रहा है एक तफसीर नहीं मुझे मिल सकी उर्दू में जिसने यह बता दिया हो कि ऊपर वाली आयत में तो अल्ला ने सबाबा यह मतलब लिया है हमने नीचे वाली आयत में सबाबा का मतलब इसलिए ले रहे हैं क्योंकि वजह जो भी है नहीं इतना तरदूत भी नहीं किया कि बता ही दे एक पढ़ने वालो
को कि ऊपर नीचे एक ही लफ्ज है मैंने अलग-अलग मतलब क्यों लिए मैंने नहीं कभी भी नहीं आपको पता चलेगा इसलिए दज्जाल आसानी से मुसलमान रमाल बना लेगा अपने सरे काफ बताई जा रही है कि किस तरीके से मामला होता है यह क्या कर रहा है तुमने कैसे बचना है नबी सलाम बताई जा रहे हैं ईसा ने करके दिखा दिया कोहितूर पर जाके बच के याजूज माजूज से बच के दिखा दिया हमसे ब जाल नहीं ब इसलिए बहुत थोड़े से लोग होने जिनको अल्ला ताला उस वक्त शद उस वक्त यह इंस्टेंट इंस्टेंस इवेंट होगा के
दे कन डिकोड डिसाइफर ववर गोइंग न अदर वाइ सर काफ इ गोइंग टू गाइड एवरी सिंगल पर्सन इंशाल्लाह और ये याजूज मजूज जो है ये हजरत आदम की औलाद लेकिन किसी और से ये हत आदम के बारे में तफसील किसी और प्रोग्राम में करेंगे मगर वो एक कंफ्यूजन यह है कि हत आदम की औलाद जितनी भी है व सिर्फ इस प्लेनेट तक महदूद है तो जो इंसान है हम सब वो तो जाहिर है हजरत ह्वा की औलाद में से हैं ये आसान करके बता देता हूं जो याजूज माजूज हजरत हव्वा की औलाद में से नहीं
है क्योंकि हदीस बहुत क्लियर है इसके ऊपर ये मैंने कोई साइंस से नहीं लिया या इंजील से या जबूर से नहीं आ रहा हूं मैं हदीस से आ रहा हूं हदीस जो है ना वो इसके खिलाफ है कि मुसलमान सॉरी इंसान जो है वो अ और याजूज माजूज वो एक ही तरीके से पैदा हुए हैं हदीस इसके बिल्कुल अगेंस्ट जाती है हदीस ये है कि हजरत आदम अल सलाम को अ एक वेट ड्रीम आया और उनका सीमन उस मट्टी में गिरा जिस जगह पर मौजूद थे उस मट्टी में से याजूज माजूज की पैदाइश होना शुरू
हो गई ठीक अब याद रखिएगा जब अल्ला ताला ने कुराने पाक में आदम की खलीक का बताया तो वहां पर उस मट्टी का नाम बताया नाम उसको हम के नाम से बताया हम सूर वाकया में जुलकरनैन किधर गया हैया उस मट्टी के पास काली मट्टी के पास गया है ठीक है हम उसको भी उर्दू में ना फुकार वाली काला गारा यह लिखा हुआ है तर्जुमा सूर हिज्र के अंदर सर हिजर के अंदर हत आदम जिस मट्टी से बना बनाए जा रहे हैं अल्ला ताला ने बताया उसको उर्दू में बताया ख नखना हुई काली काले रंग
का गारा ठीक है तो वहां पर भी काली मिट्टी आती है हम हम का मतलब य तो उधर के आसपास कोई ऐसा वाकया हुआ है कोई ऐसा टेनर है आदम अ सलाम का सो दिस इज एन एक्सप्लेनेशन जिससे यह समझ आ रती है कि आदम की औलाद तो व बनती है मगर या नूह की औलाद यह तो इंजील से साबित करने की जबरदस्ती है तो रायत खुद इस बारे में क्लियर है कि गॉग ऑफ मै गग उन्होंने लिखा है कि ये जो याजूज है यह माजूज के इलाके के माजूज के इलाके के हैं उन्होंने भी
एक गड़बड़ सी बात ही की है कि याजूज असल में माजूज के इलाके के लोगों को कहते हैं उन्होंने यह नहीं कहा कि याजूज और माजूज अलग-अलग कौम वह गॉग ऑफ में गॉग याजूज अल माजूज बोलते हैं व याजूज वा माजूज नहीं बोलते वो तो कुरान के खिलाफ हो गया ना बात क्योंकि अल्लाह ने याजूज वा माजूज बोल दिया तो हमें प चल गया दो कौम इंजील इसको दो कौम ही बताती है और व इंग्लैंड में किसी एक इलाके का नाम बताते हैं तो बताते रहे मैं इंजील के ऊपर तो नहीं इफा कर रहा क्योंकि
बाकी सारी चीजें हमारी यहां से कंप्लीट हो जाती है और मैं जब तक कुरान के टेंसिल के ऊपर कोई चीज नहीं पूरी उतर की चाहे वो साइंस हो इंजील हो रात हो जबूर हो तब तक मैं किसी और चीज के ऊपर इस तरीके से कैलकुलेशन करने की का टाइम नहीं जाया करने वाला अच्छा ये दो कौम है जो आएंगी याजूज और माजूज जी हां ये अल्ला ताला ने कुराने पाक में तीनों जगह पे याजूज व माजूज का है ना ये जुल कनान को कह रहे हैं ना कि ये हमें तंग करने आते हैं याजूज व
माजूज ठीक है और जब अल्ला ताला कह रहे इ फ याजूज वा माजूज ठीक है तो वो ऊपर की जगहो से आएंगे ठीक है तो इससे साफ समझ आ रती है कि ऊपर से जो ऊपर की जग से आते हैं ना तो वही ऊपर की जगहो पर तीर चलाते हैं ना सो इट्स इट्स प्रिटी सिंपल मैथ ठीक है अब आगे चलते हैं दज्जाल के बारे में जितने भी अदीस है उसका एक हाता खींच लेते हैं और उससे जरा एटमॉस्फियर क्लियर हो जाए क्योंकि यह तो हमें उस टेक्नोलॉजी का उन तमाम मामलात का हमने अहाता किया
उस वक्त क्या हो क्या होगा जमीन के ऊपर अल्लाह ताला ने जब नबी सलाम ने जब बताया कि दज्जाल आएगा तो उस वक्त जमीन की कैफियत क्या होगी उस वक्त कैसे लोग फजर के लिए निकलेंगे मगर सूरज निकल ही नहीं रहा होगा फजर पढ़ के वेट कर रहे होंगे मगर सूरज नहीं निकल होगा क्योंकि सूरज मगरिब से निकलना है ठीक है तो यह आखिरत के टाइम की के वाकत है ठीक है ये ये हिसा काट दीजिएगा मैंने दज्जाल के टाइम पर लगा दिया ये दज्जाल के टाइम नहीं ये कयामत के टाइम है ठीक है सॉरी
य तो उस वक्त जो भी मामलात हो रहे होंगे उसके ऊपर जो भी दज्जाल का जो टाइम है उस पे दज्जाल का जब जुहूर होना है उस वक्त इमाम महदी का क्या मामला है हजरत ईसा ने जब जमीन प नाजिल होना है बाकायदा अ किस मस्जिद में आना है उस मस्जिद की क्या लोकेशन है उस वक्त दुनिया में क्या चल रहा होगा दज्जाल ने आते ही एक साल का दिन कर देना तो दुनिया का मेहबर रोकेगा ना वो तभी एक साल का दिन होगा तो उस वक्त क्या अ उस उस वक्त किस तरीके से नबी
सलाम ने ये नक्शा खींच के हमें दिया है ताकि हम सबको पता चल सके कि अ एंड ऑफ टाइम्स को को विजुलाइज कैसे करना है ठीक है