[संगीत] इस दुनिया में ना इंसान का दिल सबसे ताकतवर चीज होती है वह कहते हैं ना की किसी चीज को पूरे दिल से चाहो और अगर आपकी चाहत में सच्चाई है तो आप उसे हासिल करके ही रहोगे और लॉ ऑफ अट्रैक्शन भी तो यही है लेकिन अगर यह बात सच है तो फिर हम अपने दिल से जो चाहते हैं वह हमें हासिल क्यों नहीं होता अब हर किसी के दिल में कामयाबी की एक अच्छी और खुशहाल जिंदगी की चाहत होती है इस दुनिया में कोई एक इंसान भी ऐसा नहीं होगा जो अपने दिल से दुखी
होना चाहेगा जिसका दिल चाहेगा की उसकी जिंदगी में दुखी दुख हूं मुसीबतें परेशानियों हो कोई एक इंसान भी आपको ऐसा नहीं मिलेगा लेकिन फिर भी वो रहता तो दुखी ही है इस दुनिया में हर इंसान अपने दिल से कामयाब होना चाहता है ज्यादा से ज्यादा पैसा कामना चाहता है नाम इज्जत शोहरत माला इस दुनिया में कौन ऐसा इंसान होगा जो दिल से नाकाम चाहेगा गरीब रहना चाहेगा तो क्या फिर ये बात ही गलत है की सच्चे दिल से आप जिस चीज की चाहत करोगे वो आपको जरूर मिलेगी या फिर कोई और बात है हमारे अंदर
ही कोई कमी कोई गलती रह जाती है की हम अपनी चाहत को हासिल नहीं कर पाते तो क्या आपको इसका जवाब चाहिए इस बात का जवाब जानने के लिए मैं आपको एक कहानी सुनाता हूं आज की कहानी सुनकर आपको अपने सवाल का जवाब मिल जाएगा आपको वह तरीका वह वजीफा मिल जाएगा जिससे आप यह समझ पाएंगे की अपने दिल से कोई भी चीज कैसे करवाई जाती है आपको यह भी पता चलेगा की लॉ ऑफ अट्रैक्शन कैसे कम करता है एक आदमी था जो अपनी जिंदगी से खुश नहीं था उसे लगता था की दुखों और तकलीफों
ने उसके घर का रुख कर लिया है जिस कम में भी वो हाथ डालता उसे नुकसान ही उठाना पड़ता घर की परेशानियों कम की परेशानियों उसका तो जीना मुश्किल हो गया था उसे समझ नहीं आता था क्योंकि उन दुखों परेशानियों से कैसे छुटकारा पाएं सो जतन करके देख लिए कोई फायदा नहीं हुआ एक दिन उसके एक दोस्त ने उसे मशवरा दिया की तुम किसी बाबा जी के पास किसी अल्लाह के नेक बंदे के पास क्यों नहीं जाते उनकी खिदमत करो उनसे अपनी मुश्किल का हाल पूछो वह तुम्हारे लिए दुआ करेंगे और तुम्हें कोई तरीका कोई
वजीफा जरूर बताएंगे उसे आदमी ने सोचा की जहां इतनी कोशिश की है वह यह भी करके देख लेता हूं उसके दोस्त ने उसे जिस बाबा जी के बारे में बताया था वह उनके पास पहुंच गया कितने ही लोग वहां पहले से मौजूद द वह एक-एक करके बाबाजी के पास जाते हैं और अपनी मुश्किल उनसे बयान करते बाबा जी उनके लिए दुआ करते और उन्हें कोई वजीफा भी बताते वो आदमी भी अपनी बारी का इंतजार करने लगा अपनी बारी आने पर उसने बाबाजी को बताया की मैं अपनी जिंदगी से बहुत दुखी हूं परेशान हूं मैंने इन
मुश्किलों पर काबू पाने की बहुत कोशिश की हर तरीका azamaya लेकिन एक के बाद एक मुश्किल आती ही जा रही है परेशानियों है की बढ़ती ही जा रही है आपके पास बड़ी उम्मीद लेकर आया हूं की आप मुझे कोई रह दिखाएंगे मुझे कोई रास्ता बताएंगे की मुझे अपने दुखों से छुटकारा मिल जाए मैं कुछ भी करने को तैयार हूं बड़ी से बड़ी कीमत देने को तैयार बाबा जी ने महसूस किया की ये बांदा तो बहुत ही परेशान और दुखी है उन्होंने कहा की तुम्हारे सारे दुख दूर हो जाएंगे सारी परेशानियों खत्म हो जाएगी लेकिन जिस
तरह मैं कहूंगा तुम्हें वैसे ही करना पड़ेगा उसे आदमी के चेहरे पर उम्मीद नजर आई अब जो भी कहेंगे मैं करने को तैयार हूं बस किसी तरीके से मेरे दुख खत्म हो जाए [संगीत] बाबा जी ने कहा फिर सुनो मैं तुम्हें एक वजीफा बताने लगा हूं अब जब तुम ने यहां से निकल कर अपने घर जाना है तो रास्ते में तुमने दिल ही दिल में ये कहते हुए जाना है की मैं सुखी हूं मुझे कोई गम नहीं मैं सुखी हूं बार-बार तुमने अपने दिल में यही दोहराना है और यह वजीफा तुमने तीन दिन तक करना
है लेकिन याद रहे की जुबान पर यह नहीं आना चाहिए यह सिर्फ दिल ही दिल में दोहराना है मुंह से नहीं बोलना और किसी को बताना भी नहीं अब वो आदमी थोड़ा हैरान हुआ बाबा जी बस इतनी सी बात यह तो कोई मुश्किल कम ही नहीं है मैं ही आसानी से कर लूंगा लेकिन इससे होगा क्या क्या इसे मेरे दुख दूर हो जाएंगे सिर्फ ये बोलने से बाबा जी मुस्कुराए और कहा जहां तुमने इतनी कोशिश की है वहां ये भी करके देख लो उसे आदमी ने कहा की ठीक है बाबा जी मैं ये जरूर करूंगा
ये कहकर वो उठकर वहां से चलने लगा जब वह चल पड़ा तो बाबाजी ने आवाज़ देकर बुलाया और कहा देखो एक बात याद रखना की जब भी तुम यह वजीफा करो तो उसे दौरान तुम्हारे दिल में बंदर का ख्याल नहीं आना चाहिए बंदर का ख्याल ए गया तो ये वजीफा बेकार चला जाएगा इसका कोई असर नहीं होगा उसे आदमी ने कहा की बाबा जी मुझे तो जिंदगी में आज तक कभी बंदर का ख्याल नहीं आया तो अब कैसे आएगा आप फिक्री ना करें ये कहकर वो आदमी वहां से चल पड़ा वो दिल ही दिल में
व्यर्थ कर रहा था मैं सुखी हूं मैं सुखी हूं अभी वह थोड़ी दूर ही गया था की उसके जहां में अचानक बंदर का ख्याल ए गया ख्याल आया और चला गया लेकिन वह आदमी सोच में पद गया की आज तक तो मुझे कभी बंदर का ख्याल नहीं आया तो अब अचानक कैसे ए गया यह मेरे साथ क्या हुआ है अब वह ध्यानी में चलते चलते बंदर के बारे में ही सोचता रहा है थोड़ी देर बाद उसे होश आया की वो ये क्या सोच रहा है तो उसने अपना वजीफा दोबारा करना शुरू कर दिया मैं सुखी
हूं मैं सुखी हूं थोड़ा आगे जाकर उसकी नजर ऊपर को उठी तो उसे आहत की टहनियों पर जूल हुआ बंदर नजर ए गया और फिर से उसके दिल में बंदर का ख्याल आने लगा अब वो पुरी कोशिश करके उसे ख्याल को रोकने लगा उसे ख्याल को अपने जहां से निकल फेंकना चाहता था बंधन के बारे में नहीं सोचना चाहता था यही jiddhojahad करते हुए अपने घर तक पहुंच गया तो घर के बाहर उसकी गली में एक आदमी बंदर का तमाशा दिखा रहा था अब तो वो आदमी सच में परेशान हो गया की यह किस तरह
का वजीफा है आज तक तो मुझे कभी बंदर का ख्याल नहीं आया लेकिन आज मुझे क्या हो गया है अब मुझे हर तरफ बंदर ही बंदर नजर ए रहे हैं सारी रात वह जगत रहा करवटें बदलता रहा और शुभ सवेरे उठकर बाबा जी के पास पहुंच गया उन्होंने सारी बात बताई की जब से आपने बंदर के बारे में ना सोचने का कहा है उसे वक्त से मुझे हर तरफ बंदर ही नजर ए रहे हैं मेरे दिल में बंदर का ख्याल आता ही जा रहा है समझ नहीं ए रही क्या मुझे क्या हो गया है अब
देख लें की आपके पास बैठे बैठे मुझे पीछे दहाड़ के साथ लटकता हुआ बंधन नजर ए रहा है जबकि कल जब मैं आया था तो मुझे कोई बंदर नजर नहीं आया था की मेरे साथ क्या हो रहा है [संगीत] बाबा जी उसकी बात सुनकर मुस्कुराए दिल की दुनिया एक ऐसी दुनिया है जिसको समझना इतना आसान नहीं है बंदर तो तुम्हारे रास्ते में पहले भी आते द जब तुम कल मुझे मिलने आए द तो उन्हें darakton पर ये बंदर घूम रहे द उछाल कूद कर रहे द लेकिन कल तुम्हें यह नजर नहीं आए तुम्हारा ध्यान इनकी
तरफ नहीं गया क्योंकि तब तुम्हारे ध्यान में सिर्फ तुम्हारे दुख द परेशानियों थी हम जिस चीज से बचने की कोशिश करते हैं जिस चीज से दूर भागने की कोशिश करते हैं वही चीज हमारे दिल के अंदर जड़ पकड़ने लग जाती है उसका ख्याल हमारे दिल में पुख्ता होता जाता है असल में हम जिस चीज से छुटकारा पाना चाहते हैं वह हमारे अंदर बहुत गहरे से कहीं जुड़ी होती है और हम जितना भी उससे छुटकारा पाने की कोशिश करते हैं वह हमारे दिल में उतनी ही गहरी होती जाती वो हमारे पूरे वजूद पर छा जाती है
हमारी जाट को अपने हिसार में ले लेती हैं हम उसके अलावा कुछ और सोच ही नहीं पाते ऊपर से तो हम चाहते हैं की हम सुखी हो हमारी जबान भी यही बोलती रहती है की मैं सुखी हूं सुखी हूं लेकिन कहीं अंदर हमारे दिल में दुख समय होते हैं हमने यकीन कर लिया होता है की इनसे हमारी जान नहीं छूटने वाली मेरे हालत नहीं बदलने वाले इसलिए अपनी जुबान से बार-बार बोलने से की मैं सुखी हूं मैं सुखी हूं हम सुखी नहीं होंगे उसे वक्त तक जब तक यह बात हमारे अंदर हमारे दिल में नहीं
samaegi उसे आदमी ने पूछा की यह बात हमारे अंदर हमारे दिल में कैसे samayegi तो बाबाजी ने कहा की इसका तरीका यह है की अपने दुखों से लड़ना बंद कर दो उनके बारे में सोचना छोड़ दो जब तक अपने दुखों को दूर करने का सोचते रहोगे तब तक वो दुख तुमसे चिपके रहेंगे और जिस दिन तुमने उन दुखों के बारे सोचना ही छोड़ दिया उन पर फोकस करना छोड़ दिया वो दुख तुम्हारी जिंदगी से गायब होने लगेंगे अगर तुम उनको अहमियत ही नहीं दोगे तो वह अपनी मौत आप मार जाएंगे बदल लोग अपनी किसी बुरी
आदत को छोड़ना चाहते हैं सिगरेट नोशी शराब पीना या कोई और बुरी आदत तो वह हर रोज सुबह उठकर अपने आप से वादा करते हैं की मैं आज सिगरेट नहीं पियूंगा लेकिन शाम होने तक वो कई सिगरेट पी चुके होते हैं वो उन्हें छोड़ नहीं पाते ऐसा क्यों होता है की हम जो सोच रहे होते हैं उसे पूरा ही नहीं कर पाते उसकी वजह ये है की हम उसे चीज को बहुत ज्यादा अहमियत दे रहे होते उसे चीज के बारे में बहुत ज्यादा सोच रहे होते हैं और जिस चीज के बारे में हम सोचते हैं
हम उसकी अहमियत उसकी ताकत को सबसे ज्यादा बढ़ा देते हैं हम अगर सिगरेट छोड़ने के बारे में ज्यादा सोचेंगे सोचते रहेंगे की छोड़ दूंगा अपने ही पियूंगा तालाब हो रही है नहीं पियूंगा हम जितना किसी इसके बारे में ज्यादा सोचेंगे हमारा दिल उसे चीज के पीछे ज्यादा जाएगा हमें उसे चीज से लड़ना नहीं है बल्कि बिना लड़े बिना उसे चीज के बारे में सोचे गुजर जाना है अगर हमने ये बात समझ ली तो जिस चीज को भी हम हासिल करना चाहे उसे अपने दिल में बिठा सकते हैं और अगर एक बार वो चीज हमारे दिल
में बैठ गई तो फिर हमें उसे हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता और जिंदगी में हर रोज कुछ नया सीखो नया सोचो नया करो लर्न करो [संगीत]