पकवादारी बन गए हैं। नौ 9000 करोड़ बीघा जमीन हट आप जैसे चैनल को आज के बाद कभी नहीं आएंगे। 10 करोड़ का मानहानि का नोटिस ये थमाया है मुझे पप्पू यादव ने। किस लिए? दोस्तों कल हमने एक वीडियो बनाया था जिसमें इस बात का जिक्र किया था कि N 18 के एंकर अमेश देवगन ने इस्तीफा दे दिया है। भड़ास फॉर मीडिया जैसे न्यूज़ पोर्टल पर खबर भी छपी थी। तो कुछ ने यह भी बताया था कल कि दरअसल उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है। N 18 वालों ने उनसे इस्तीफा ले लिया है। अब सच्चाई क्या है?
है क्या नहीं है तो अलग विषय है लेकिन अब खबरें यह आ रही है कि उनका इस्तीफा नहीं हुआ है और वह आने वाले समय में N 18 पर दिख सकते हैं। चलो, यह तो वक्त बताएगा कि क्या होता है, क्या नहीं होता है, लेकिन क्या ही फर्क पड़ता है। कौन आ रहा है इस देश के मीडिया में, कौन जा रहा है, जो असली पत्रकार है, वह तो अपना-अपना YouTube चैनल खोलकर बैठे ही है। आप सभी को पता है। लेकिन, एक चीज समझ लीजिए आप। यह बात नोट कर लीजिए आज। हो सकता है मेरा चैनल
उड़ जाए, चला जाए कभी इन फ्यूचर। तो आप मेरी यह बात याद रखिएगा कि इस देश के मीडिया की हालत बहुत खस्ता होने वाली है। नौकरियां जाएगी भयंकर तरीके से। कई सारे न्यूज़ चैनल आने वाले 515 सालों में बंद भी होते हुए दिखेंगे आपको। क्योंकि अभी यह सिर्फ सरकारी बजट पर ले यानी कि सरकारी विज्ञापन मिलते हैं ना। बहुत ज्यादा तो इस पर डिपेंड आप मान के चलिए क्योंकि इस देश की जो पब्लिक है ना वो अब टीवी को देखती नहीं है। खासकर टीवी को देखती है तो न्यूज़ चैनल को नहीं देखती क्योंकि जिस तरह
की न्यूज़ चैनल पर खबरें आती है जिस तरह से मुर्गे लड़ाए जाते हैं डिबेट के नाम पर हिंदू मुसलमान यानी कि जो कचरा परोस रहे हैं ना न्यूज़ के नाम पर इससे पब्लिक अब उप चुकी है। जजी तो देखते ही नहीं है इन्हें और अपने घर में टीवी चलते हैं तो वह चैनल बदल देते हैं। मना कर देते हैं कि इनको मत देखो। दूसरे से कोई चीज देख लो। कार्टून देख लो आप। हाल फिलहाल में यह खबरें आई थी। आप सभी को पता होगा कि इंडिया टुडे ने तकरीबन 100 के आसपास लोगों को नौकरी से
आउट ऑफ किया है। तो हालत खस्ता होनी है और इस हालत का जिम्मेदार कोई और नहीं है। यह खुद ही लोग हैं। इन्होंने खुद अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारी है। यह बात मान के चलिए। जिस देश का मीडिया डरता है, उसको हम क्या मीडिया कह सकते हैं? क्या? मीडिया का काम होता है डरना नहीं, चमकना नहीं। लेकिन जो खुद डरे हुए हैं, वह क्या ही पत्रकारिता करेंगे। खैर एक और विषय है, एक और मामला है दीपक चौरसिया साहब का नाम आपने सुना होगा। अच्छे पत्रकार थे। बहुत शानदार रिपोर्टिंग करते थे। एक समय में उनका शो
दीपक चौरसिया टू नाइट विद दीपक चौरसिया करके शो आता था। हम भी देखा करते थे 2012-13 में जब हम पत्रकारिता के छात्र हैं। उस समय हम इनके फैन थे। भैया इनको बहुत फॉलो करते थे। इनकी बातें इनका लिखा लेख इनकी पत्रकारिता के हम कायल थे क्योंकि बहुत शानदार पत्रकारिता करते थे। उसके बाद से पता नहीं क्या हुआ इनको किस तरह से इनका माइंड डायवर्ट हुआ यह मतलब जिस तरह की इनकी पत्रकारिता होने लगी ना लोग इन्हें कुछ समय तक तो ठीक-ठाक पसंद लेकिन उसके बाद इनकी पत्रकारिता पत्रकारिता ही रह गई और हाल फिलिलहाल में पप्पू
यादव ने इनके ऊपर ऐसा कह रहे हैं कि कुछ करोड़ों रुपए का ₹10 करोड़ का आसपास का मान मानहानि का मुकदमा किया है और उन्होंने रिप्लाई भी किया और यह किसी चैनल में है अभी उस चैनल का नाम मुझे ठीक से पता नहीं है किस में है लेकिन खुद का YouTube चैनल चैनल भी इन्होंने खोला था। वो चला रहे नहीं चला रहे इसका भी कोई आईडिया नहीं। यानी कि बहुत अच्छे पत्रकार थे। लेकिन उन्होंने अपनी हालत क्या कर ली आपको पता है। न्यूज़ नेशन में भी थे। उनका एक मामला सामने आया था। वही आप जानते
हो वो चुल्लबारी में मेरा काम सवाल पूछ रहे हैं। मैं सवाल पूछ रहा हूं। मुझे यह बताइए आपके ऊपर आपके ऊपर रंगदारी, अवैध वसूली, लोगों को डराना, धमकाना, हत्या हत्या की साजिश बलवा करना इसके कितने मुकदमे थे? एक ये कभी नहीं रहा ये कभी नहीं कभी एक नहीं पप्पू यादव जी पप्पू यादव जी आपका नाम अब बिहार में संगठित अपराध के लिए लिया जाता था ना राजनीति आज आप भगवाधारी बन गए हैं नौ 9000 करोड़ बीघा जमीन हट आप जैसे चैनल को आज के बाद कभी नहीं आएंगे अरे मैं सवाल पूछ रहा हूं आप नाराज
हो रहे हैं पप्पू यादव जी ये क्या बात हुई आप भगवाधारी बनके के बैठे हुए हैं। आपके ऊपर का नोटिस 10 करोड़ का मानहानि का नोटिस यह थमाया है मुझे पप्पू यादव ने। किस लिए? क्योंकि मैंने उनसे सवाल पूछे। वो तमाम सवाल आधार के साथ थे। पप्पू यादव जी मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि आज तक ना तो मैं कभी झुका था ना आगे झुकूंगा। मेरे चैनल लाइव टाइम्स के एडिटर इंच चीफ दिलीप कुमार सिंह ने भी यह साफ कर दिया है कि आपके 10 करोड़ के मानहानि के नोटिस का कानूनी तौर पर जवाब
दिया जाएगा और जहां तक तथ्यों के आधार पर सवाल पूछने की बात है वो मैं करता रहूंगा क्योंकि हमारा चैनल लाइफ टाइम साफ-साफ कहता है कंप्लीट ट्रुथ व्हाटएवर इट टेक्स क्योंकि मामला अब अदालती है इसीलिए इसलिए मैं ज्यादा टिप्पणी तो नहीं करूंगा लेकिन सोचना भी चाहिए किसका मान और किसकी हानि इसका मैं लंबा विश्लेषण कर सकता हूं। लंबी बातचीत भी कर सकता हूं। ये मेरे पास इतना मोटा आपका हलफनामा है जो आपने 2024 के चुनाव के अंदर इलेक्शन कमीशन को दिया है। और अमन चोपड़ा ने भी जो न्यूज़ 18 के एंकर है इन्होंने भी अपना
एक YouTube चैनल बनाया है दिख रहा है। Facebook पे उनकी पोस्ट आती है और तो धीरे-धीरे है ना ये जो कई सारे पत्रकार जो निकाले जाएंगे आने वाले वक्त में यह सब YouTube पर ही आएंगे। कई सारे आ चुके हैं। NDTV से निकाले गए कई सारे पत्रकार YouTube पर आ चुके हैं। और YouTube पर भी इतना ज्यादा लोग आ जाएंगे तो फिर किन-किन को देखेंगे और जब सरकार चेंज हुई तो सीधी सी बात है कि व्यूअरशिप घटेगी। बहुत सारी चीजें हैं। बहुत सारी चीजें चल रही है। हाल फिलहाल में हम राहुल गांधी की बात करें
तो उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। जिसमें प्रियंका गांधी और वो दोनों भीग रहे हैं और भीगते हुए की बातचीत की जा रही है और तरह-तरह की बातें हो रही है। लेकिन एक चीज और बता दूं इस समय रांची में जो प्रोटेस्ट चल रहा है ना उसमें राहुल गांधी से किसी ने पूछा कि आप झारखंड के विषय पे क्यों नहीं बोलते? राहुल गांधी ने साहब कहा है कि भाई मैं वो झारखंड हो, उत्तर प्रदेश हो, पंजाब जहां भी यानी कि जहां कांग्रेस की सरकार है वहां भी उनका कहना है कि
जो शिक्षा में जो शिक्षा का गड़बड़ झाला हो चुका है ना इसको सुधारना जरूरी है। तो वो सब सब कुछ बोल रहे हैं। ऐसा नहीं कांग्रेस का प्रदेश में उनके बचाव कर रहे हैं। तो ये सब चीजें हो रही है। अब देखते हैं क्या नहीं। वहां भी वो प्रोटेस्ट वालों के बारे में बोल रहे हैं और अपने हक के लिए झारखंड के स्टूडेंट्स अपने हक के लिए प्रोटेस्ट कर रहे हैं। प्लीज उनको सपोर्ट करें। देखिए स्टूडेंट प्रोटेस्ट जो देश में हो रही है एजुकेशन सिस्टम के खिलाफ हो रही है। मैंने साफ कहा है देहरादून में
कहा है, कोटा में कहा है और इलाहाबाद में जाकर कहने वाला हूं हमारा एजुकेशन सिस्टम कोलैप्स है। बहुत महंगा है और अप्रेसिव है। हर सरकार को स्टूडेंट्स की बात सुननी चाहिए और एजुकेशन सिस्टम को बदलने के लिए एक्शन लेना चाहिए। चाहे वो कांग्रेस की सरकार हो, नेशनल सरकार हो या झारखंड की सरकार हो। और जो नेहा बोरा या बोरा करके उनके ऊपर शाही फेंकी गई है जो राजकीय प्रोटेस्ट में गए थे। तो देखते हैं क्या होता है क्या नहीं। आपको क्या लगता है मुझे कमेंट सेक्शन में जरूर बताइएगा। और हां चलो फिर कल बात करेंगे।
नमस्कार।