6 अक्टूबर 2015 को सीआईए के हेड जॉन ब्रेनन को एक अननोन नंबर से कॉल आती है हेलो जॉन ब्रेनन हु इज दिस यू आर अ लसर हु इज दिस हाउ डिड यू गेट दिस नंबर व्हाट डू यू वांट आई डोंट वांट एनीथिंग व्हाई यू डूइंग दिस वी वांट यू टू स्टॉप बमिंग द मिडिल ईस्ट दुनिया के सबसे पावरफुल आदमी को यह प्रैंक कॉल करने वाला लंदन में बैठा हुआ एक 15 साल का लड़का था इस बच्चे का इंटर नेट नेम था ग्रेगर और इसकी यह कॉल पूरी अमेरिकन इस्टैब्लिशमेंट को हिलाक रखने वाली थी लेकिन इस
काम के पीछे सिर्फ यह लड़का नहीं बल्कि इसका एक और दोस्त भी था और इन दो लड़कों ने दुनिया की सबसे पावरफुल सीक्रेट एजेंसी को कहीं मुंह दिखाने के लायक नहीं छोड़ा था 2015 में इन्होंने सीआईए और एफबीआई के हजारों सीक्रेट डॉक्यूमेंट लीक किए जूलियन असांज को अमेरिकन गवर्नमेंट के हाईली कॉन्फिडेंशियल डॉक्यूमेंट भी इन्होंने ही दिए थे ये वो डॉक्यूमेंट थे जिनमें यह सब डिटेल्स थी कि सीआईए ने मिडिल ईस्ट अफगानिस्तान और साउथ अमेरिकन कंट्रीज में कैसे गवर्नमेंट्स उल्टा थी इन डॉक्यूमेंट में यह भी लिखा था कि अमेरिकन गवर्नमेंट के पास एक ऐसी टेक्नोलॉजी है
जिसके जरिए वह दुनिया में मौजूद हर उस आदमी की निगरानी कर सकती हैं जो एक दफा भी इंटरनेट पर लॉग इन हुआ हो यह सब डॉक्यूमेंट लीक करने की इन दोनों बच्चों को बहुत बड़ी कीमत भी देनी पड़ी लेकिन इस सबसे पहले जरा यह समझते हैं कि इन दोनों लड़कों ने इतना कॉन्फिडेंशियल डाटा आखिर हैक कैसे किया यह कहानी है दो बच्चों की जिन्होंने दुनिया की सबसे पावरफुल स्पाई एजेंसी को सबके सामने एक्सपोज कर दिया 2008 में अमेरिकन स्टेट ऑफ वर्जिनिया में एक 14 साल का बच्चा अपने कंप्यूटर पर काउंटर स्ट्राइक खेल रहा था गेम
खेलते खेलते इस बच्चे ने कुछ कमांड्स यूज करना शुरू की और यूं पहली दफा इसे एहसास हुआ कि यह कंप्यूटर्स बहुत ही पावरफुल चीज है और किसी को अगर इनका प्रॉपर यूज आ जाए तो वो इनसे बहुत से ऐसे काम ले सकता है जो गवर्नमेंट्स को भी हिला सकते हैं इस बच्चे का इंटरनेट नेम था डिफॉल्ट ये वो टाइम था जब एनोनिमस नाम का एक हैकर ग्रुप अमेरिका में बहुत फेमस हो रहा था ये ग्रुप सिर्फ अटेंशन लेने के लिए डिफरेंट कंपनीज और गवर्नमेंट्स की वेबसाइट्स हैक करता था डिफॉल्ट इस ग्रुप से बहुत इंप्रेस था
बट इस ग्रुप का मसला यह था कि इसमें किसी पर भी ट्रस्ट करना बहुत मुश्किल था बिकॉज इसके मेंबर्स में से कुछ पुलिस के लोग भी थे जो हैकर्स को पकड़ने के लिए इस ग्रुप में शामिल हुए थे इसी दौरान डिफॉल्ट को एक और हैकर ग्रुप मिला जिसका नाम था एनन सेक एनन सेक भी एनोनिमस की तरह का एक हैकर ग्रुप था बट ये लोग सिर्फ पॉलिटिकल और सोशल मोटिव्स के लिए वेबसाइट्स और अकाउंट्स हैक करते थे इस ग्रुप का पार्ट बनने के बाद डिफॉल्ट के सामने जैसे एक पूरी हैकिंग वर्ल्ड ओपन हो गई डिफॉल्ट
का सबसे पहला और बड़ा हैकिंग स्टेंट कनाडा की विंसर यूनिवर्सिटी का सर्वर हैक करना था वो इस यूनिवर्सिटी के फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स में घुस गया वहां उसे उन सारे स्टूडेंट्स का डाटा मिला जिन्होंने यूनिवर्सिटी से लोन लिया हुआ था ये करीबन 94 मिलियन डॉलर्स बनते थे डिफॉल्ट ने ये सारा डाटा डिलीट कर दिया अब नॉर्मली हैकर्स जब भी ऐसी कोई फाइनेंशियल इंफॉर्मेशन हैक करते हैं तो उसे रिस्टोर करने के लिए वो एक अच्छी खासी प्राइस चार्ज करते हैं लेकिन डिफॉल्ट का ऐसा कोई इरादा ही नहीं था वो हैकिंग को अटेंशन लेने और सोशल चेंज लाने का
एक टूल समझने लगा था इसके बाद डिफॉल्ट एक के बाद एक वेबसाइट्स हैक करता गया और हर हैक होने वाली वेबसाइट के पीछे कोई सोशल या पॉलिटिकल मोटिव होता था 2013 आ चुका था और डिफॉल्ट अब एक प्रो लेवल हैकर बन चुका था वो क्रिप्टो करेंसी में भी बहुत ज्यादा इंटरेस्टेड था और इसीलिए उसने अपने पास एक हार्ड ड्राइव में 1000 बिट कॉइंस जमा किए हुए थे जिनकी आज प्राइस अराउंड 66 मिलियन डॉलर्स बनती है यहीं पर इस स्टोरी में एक और आदमी की एंट्री होती है एक 29 साला सीआईए कांट्रैक्टर की मैं 2013 ये
सीआईए कांट्रैक्टर अपने अपार्टमेंट में बहुत देर से बैठा कुछ सोच रहा है इसके हाथ एक बहुत सीक्रेट फाइल लगी है जिसमें यह लिखा हुआ था कि अमेरिकन गवर्नमेंट के पास यह एबिलिटी है कि वो पूरी दुनिया में हर उस इंसान को मॉनिटर कर सकती है जिसने एक बार भी कंप्यूटर पर लॉग इन किया हो और उसका कंप्यूटर इंटरनेट से कनेक्टेड हो उस आदमी के नजदीक ये एक बहुत बड़ी ह्यूमन राइट्स वायलेशन थी जिसे हर कीमत पर रुकना चाहिए था मगर उसका अंदाजा था कि अगर वो यह बात किसी से भी करता है तो उस पर
कॉन्फिडेंशियल इंफॉर्मेशन लीक करने का केस होगा जिसकी सजा में उसे सारी जिंदगी के लिए जेल जाना पड़ सकता है उसके दिमाग में एक प्लान आया उसने सारा डाटा अपने पास डाउनलोड किया कुछ हफ्तों की लीव अप्लाई की और हांगकांग चला गया क्योंकि उसे लगता था कि हांगकांग की गवर्नमेंट उसे अमेरिकन गवर्नमेंट से बचा लेगी इस सीआईए कांट्रैक्टर का नाम था एडवर्ड स्नोडेन और इसने ने हांगकांग पहुंचने के बाद दो जर्नलिस्ट्स को एक इंटरव्यू दिया जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया इस इंटरव्यू में उसने यह सब राज उगल दिया कि कैसे अमेरिकन गवर्नमेंट पूरी दुनिया
में लोगों की निगरानी करती है और इंडिविजुअल फ्रीडम को वायलेट करती है इस इंटरव्यू ने डिफॉल्ट और क्रैकर जैसे हैकर्स को बहुत ज्यादा इंस्पायर किया एक तरफ डिफॉल्ट को अपनी गवर्नमेंट पर बहुत गुस्सा था उसने फैसला किया कि वह सीआईए ऑफिशल्स को भी मजा चखा जाएगा और उन्हें दिखाएगा कि कैसा लगता है जब आपकी प्राइवेट लाइफ और डाटा की कोई निगरानी कर रहा हो इसलिए उसने इंग्लैंड में बैठे क्रैकर से टीम अप किया क्रैकर अमेरिका की मिडिल ईस्ट में बढ़ती हुई इवॉल्वमेंट और स्पेशली पलेस्टाइन में जो कुछ हो रहा था उसमें अमेरिकन रोल के बहुत
खिलाफ था इन दोनों लड़कों ने मिलकर एक ग्रुप बनाया जिसका नाम रखा क्रैकर्स विद एटीट्यूड इनका सबसे पहला शिकार था जेम्स क्लैपर ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन का इंटेलिजेंस डायरेक्टर इन्होंने नंबर के थ्रू उसका ईमेल हैक किया और उस ईमेल के थ्रू उसके सारे सोशल मीडिया हैंडल्स हैक कर लिए इसके बाद उनका अगला टारगेट था हेड ऑफ सीआईए जॉन ब्रेनन ना सिर्फ इन्होंने ब्रेनन का सारा डाटा हैक किया बल्कि उसे एक प्रैंक कॉल भी की जो वीडियो के स्टार्टिंग में आपको सुनवाई है पूरी सीआईए और जॉन ब्रेनन हिलक रह गए थे क्रैकर्स ने ब्रेनन का सारा डाटा जूलियन
असांज की विकी लीक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया इसमें वो सारे कॉन्फिडेंशियल डॉक्यूमेंट थे जिसमें सीआईए का अफगान इराक वॉर में रोल और ऐसी टेक्नोलॉजीज का जिक्र था जिसके जरिए सीआईए ह्यूमन राइट्स की वायलेशन कर रही थी अक्टूबर 2015 में जूलियन असांज ने ये सारा डाटा पब्लिक कर दिया एंड ऑल हेल ब्रोक लूज सीआईए को इस डटा लीग पर 1.5 मिलियन डॉलर्स के डैमेजेस भरने पड़े उनके बहुत से सीक्रेट एजेंट्स अंडरग्राउंड हो गए बहुत से लोगों को रिजाइन करना पड़ा और शर्मिंदगी अलहदा हुई ये दोनों अभी रुके नहीं थे अगले कुछ महीनों में ये एफबीआई
की डेटाबेस से लेकर डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस की वेबसाइट तक सब कुछ हैक करते गए और डॉक्यूमेंट लीक करते गए पूरी अमेरिकन गवर्नमेंट के लिए शर्म का मकाम था उन्हें समझ नहीं आ रही थी कि ये हैकर्स हैं कौन ये दोनों जानते थे कि इन्होंने जो किया है उसके बाद सीआईए और अमेरिकन गवर्नमेंट इनके पीछे जरूर आएगी और इसीलिए ये दोनों बहुत ही जबरदस्त तरीके से अपनी आइडेंटिटी हाइड कर रहे थे ये हर 5 मिनट के बाद प्रॉक्सी चेंज करते आईपी स्विच करते ताकि इनकी लोकेशन ट्रेस ना हो दुनिया की सबसे पावरफुल स्पाई एजेंसी अभी तक
इन दो बच्चों को ट्रेस नहीं कर पाई थी लेकिन फिर सतंबर 2016 में क्रैकर से एक बहुत बड़ी गलती हुई वो एक दिन नशे में अपने दो दोस्तों के साथ पार्टी कर रहा था कि इतने में टीवी पे न्यूज़ चली कि कैसे क्रैकर्स विद एटीट्यूड नामी ग्रुप ने पूरी सीआईए को चकरा कर रख दिया है क्रैकर ने शोखी में उन दोस्तों के सामने बोला कि यह ग्रुप उसका है जब उसके दोस्तों ने उसका मजाक उड़ाया तो उसने उन्हें वो सारे सर्वर्स और प्रूफ दिखा दिए और यही उसकी सबसे बड़ी गलती थी उसी के एक दोस्त
ने इस सब की खबर गवर्नमेंट को दी और सिर्फ 48 घंटों बाद इंग्लैंड में ब्रिटिश पुलिस ने क्रैकर के अपार्टमेंट पर रेड किया और उधर अमेरिका में एफबीआई ने डिफॉल्ट के अपार्टमेंट पर रेड किया इन दोनों को अरेस्ट कर लिया गया क्रैकर को अंडर एज होने और यूके में होने की वजह से 2 साल की सजा सुनाई गई लेकिन डिफॉल्ट क्योंकि अमेरिका में था तो उसे बहुत सख्त सजा दी गई उसे पाच साल के लिए फेडरल प्रिजन भेजा गया और $5000 का फाइन किया गया और उसकी 1000 बिटकॉइन वाली हार्ड ड्राइव भी गवर्नमेंट ने कंफिट
कर ली इन दोनों बच्चों को एक ऐसी इंफॉर्मेशन लीक करने की सजा सुनाई गई जो सब इंसानों के फायदे के लिए थी और जो कुछ इनके लीक डाटा में बताया गया था बिल्कुल वैसा ही दिसंबर 2023 में हुआ जब बाइड एडमिनिस्ट्रेशन ने एक कंट्रोवर्शियल लॉ पास किया जिसमें गवर्नमेंट को यह राइट दिया गया कि वो पूरी पूरी दुनिया में किसी की भी बगैर वारंट के निगरानी कर सकते हैं एंड हु नोज जब आप यह वीडियो देख रहे हो तो आपकी और मेरी भी सर्वेस हो रही हो मेरा क्वेश्चन सिर्फ यह है कि क्या ऐसी डॉक्यूमेंट
लीक करना जुर्म है जिसमें गवर्नमेंट के गलत कामों को एक्सपोज किया गया हो ऐसे कामों को जो इंसानियत के लिए खतरा है इस सिचुएशन पर मुझे एडवर्ड स्नोड की एक बात याद आ रही है वन एक्सपोजिंग अ क्राइम इज ट्रीटेड एज कमिटिंग अ क्राइम यू आर बीइंग रूड बाय क्रिमिनल्स आप लोगों के क्या ओपिनियन है इस सारे केस को लेकर नीचे कमेंट्स में जरूर बताएं मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में एक और इंटरेस्टिंग टॉपिक के साथ अपना ख्याल रखें अल्लाह हाफिज