हो सकता है कुछ दिनों बाद आपको लोकल पुलिस थाने से कॉल आए कि आप ये कहां गए थे? तो सीधे-सीधे जवाब हैं। तीन याद रखने हैं आपको। ठीक है? पहला शो कहां देखा आपने? एंटीला में। ठीक है? दूसरा कॉमेडियन कौन था? समय रहना था। ठीक है। वो स्केच हो सकता है दिखाएंगे मेरा नहीं। हमने देखा ही नहीं उसको पता नहीं। समय रहना जैसे बोलना घुंघराले बाल थे ऐसे। चेक वाला शर्ट था वो अपने आप। बाकी उनको भी पता बहुत देखे उन्होंने उसके वीडियो। तीसरा सवाल आएगा अच्छा जोक्स किसके बारे में थे? बोलना है राहुल गांधी
के बारे में। उसके बाद आपकी भी छुट्टी, मेरी भी कोई उसके बाद किसी को कोई परेशान नहीं करेगा। ये तीन जवाब आपको याद रखने हैं। समझ गए हैं आप कांटेक्ट सेटिंग। बेसिकली कॉमेडी बड़ा मुश्किल काम है। कॉमेडी इज वेरी वेरीरी डिफिकल्ट राइट नाउ इन इंडिया बिकॉज़ कॉमेडी का डायरेक्ट कंपटीशन है रियलिटी से। हम छ दिन लगा के जोक लिखते हैं। पता चलता है कल शाम हो गया। कर दिया किसी ने। एज इट इज। वो जोक मेरा न्यूज़ में आ गया जो मैं सोच रहा था जोक है जब यह शो मैंने शुरू किया था नथिंग मेक्स
सेंस ये जो सोलो है जो आज इसका आखिरी शो है दो साल से डेढ़ साल से मैं कर रहा हूं मैंने पिछले साल जनवरी में शुरू किया था दिल्ली में और दिल्ली में जब पहला शो मैं करने वाला था मैं छह जोक मुगलों पे लिख के ले गया था कि मैं ये शो शुरू करूंगा मुगल जोक्स पे जस्ट टू बी सेफ यू नो बट उसी दिन आया न्यूज़ में कि मुगल डिलीट हो गए हिस्ट्री टेक्स्ट बुक से स्टैंडर्ड 10थ की हिस्ट्री टेक्स्ट बुक से मुगल हटा दिए इन्होंने है ही नहीं मुगल एक्सिस्ट ही नहीं करते
नेवर एकिस्टेड व्हाट डू यू मीन बाय मुगल डू यू मीन मुगल हैरीपॉटर चल क्या रहा है तो हटा दिए इन्होंने अभी पिछले महीने इन्होंने सेवंथ और एथ स्टैंडर्ड की किताबों से भी हटाए हैं अभी-अभी हटाए हैं। वो रिवर्स में जा रहे हैं। आई हैव नो आईडिया। पहले बाप गायब होता था फिर बेटा उल्टा हो रहा है यहां पे। बेटा पहले गायब हुआ, फिर बाप गायब हुआ। इनको कोई बताता है कि सर सेवंथ में भी हैं। अच्छा। अच्छा ओ अच्छा उसको भी हटाना पड़ेगा। वो एक साल में एक ही किताब पढ़ते हैं। वो उससे ज्यादा टाइम
नहीं है। तो वो बोल रहे हैं अच्छा कोई उनको बताएगा फिफ्थ में भी हैं। वो अच्छा फिफ्थ से भी हटाना पड़ेगा। वो होगा अगले साल होगा। बट मैं छह जोक लिख के लाया था मुगलों पे वो वेस्ट हो गए क्योंकि अब है ही नहीं। मुगल्स एक्सिस्ट ही नहीं करते। उसी टाइम पे इंडिया में G20 चल रहा था। है ना? तो दुनिया भर के लीडर्स आए हुए थे। जो बाइडन आया था जिसको पता नहीं है कि वो आया था। उसको बस इतना याद है कि वो वाइट हाउस से निकला था अपने गार्डन में बाहर एंड द
नेक्स्ट थिंग ही नोस एक दाढ़ी वाले अंकल उसको हग कर रहे थे चिपके हुए थे उससे उसने छूटते ही पूछा आपका पोता भी इसी पार्क में खेलता है उन्होंने कहा वो पोता नहीं है वो संबित पात्रा है ठीक है बेबी फेस है लेकिन पोता नहीं है वो मोर गिन रहा है। तो उसी टाइम पे मैक्रोन बहुत सारे दुनिया भर के लीडर आए थे। मैक्रो ऑन द ओनली प्रीमियर इन द वर्ल्ड जो कि उस देश का प्रीमियर भी है और उस देश का बिस्किट का भी नाम है। तो आई डोंट नो अजीब है। बट ठीक है।
खैर वो आए थे। वो सब आते हैं तो सबको हम लोग ताजमहल दिखाने ले जाते हैं क्योंकि एक वही ढंग की चीज है हमारे पास। तो गए वहां पे और उन्होंने पूछा होगा भाई ये किसने बनाया है? क्या है? तो उनको बताना पड़ा कि यूपीपीडब्ल्यूडी के एक इंजीनियर थे श्रीवास्तव साहब। उन्होंने बिजली विभाग का दफ्तर बनवाया था। इसलिए इसमें चार मीनारें हैं। उससे चार फेज ए बी सी डी निकलते हैं। आगरा के चार हिस्सों में बिजली जाती है यहां से। 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई में इब्राहिम लोदी को हरा के इंडिया में श्रीवास्तव डायनेस्टी
आई। करीबन 300 साल उन्होंने राज किए। 1857 में क्वीन विक्टोरिया आई। श्रीवास्तव साहब को ऐसे पकड़ी मुंह दबाई। बोले ब्याह हो गया तुम्हारा। श्रीवास्तव साहब घबरा गए। एकदम कांप गए। बोले का कांप काहे रहे हो? केकरा के घर के हो। तो इस सब के बीच में हमको कॉमेडी करनी पड़ रही है और इसलिए मुझे ये शो लिखना पड़ा कॉल्ड नथिंग मेक्स सेंस। द शो काइंड ऑफ केम आउट ऑफ माय ओन कन्फ्यूजन अबाउट लिविंग इन दिस वर्ल्ड एज अ सिटीजन ऑफ़ दिस वर्ल्ड एज एन आर्टिस्ट दैट नथिंग रियली इज़ मेकिंग सेंस। सो आई हैव टू प्रोसेस
दिस सम हाउ थोड़ा सा थ्योरेटिकली। सो थ्योरेटिकली आई ट्राइड डूइंग दिस दैट आई डिवाइडेड द शो इंटू थ्री पार्ट्स। द फर्स्ट पार्ट इज़ हाउ नथिंग इज़ मेकिंग सेंस। द सेकंड पार्ट इज़ व्हाई नथिंग इज़ मेकिंग सेंस एंड द थर्ड पार्ट इज़ व्हाट कैन वी डू टू मेक थिंग्स मेक सेंस द होपफुल पार्ट ऑफ़ द शो। पहला पार्ट हाउ नथिंग इज़ मेकिंग सेंस। इसमें एक्चुअल न्यूज़ आइटम्स हैं उनके मैं आपको उदाहरण दूंगा, इलस्ट्रेशन दूंगा टू पेंट अ पिक्चर ऑफ हाउ फक्ड अप द वर्ल्ड इज़ राइट नाउ? हाउ कंफ्यूजिंग द वर्ल्ड इज़ राइट नाउ? कुछ दिन पहले
की खबर है ये कि प्रधानमंत्री अपने जन्मदिन पे 2 साल पहले 19 चीते लेकर आए। यह खबर बनी। 4 दिन न्यूज़ चैनल पे उत्सव रहा। इतनी बड़ी खबर थी। प्रधानमंत्री 19 चीते ले आए। थैंक यू पीएम प्रधानमंत्री ने यह कर दिखाया। 19 ची कर दिखाया। वो मचान पे बैठ के पकड़े उन्होंने 19 चीते। कर दिखाया। इंडिया में चीते री इंट्रोड्यूस हो गए। थैंक यू पीएम। पीएम एक मिनट। प्रधानमंत्री ने ट्रीटी साइन की। उसमें छह चीते नाइजीरिया से आए, पांच केन्या से आए, पांच साउथ अफ्रीका से आए। ऐसे जोड़-तड़ के 19 चीते यहां आ गए। 19
चीते आए। बहुत हल्ला इन्होंने मचाया। बट अमेजिंगली उस 19 में से 11 चीते डाइड विद इन वन ईयर अंडर मिस्टीरियस सरकमस्ट्ससेस। आई डोंट नो हाउ मेनी ऑफ यू नो दैट। बट 19 में से 11 चीते एक साल के अंदर मर गए। अंडर मिस्टीरियस सरकमस्ट्ससेस। क्योंकि वो यहां आए। उसके बाद हम लोगों को याद आया ये तो बीफ खाते हैं। जो बचे हुए आठ हैं। उन्होंने एक चिट्ठी लिख कर दी है। प्रिय महामानव वी नो आप हमसे बहुत प्यार करते हैं और बड़े प्यार से हमें इंडिया लाए हैं। वी आल्सो नो आप सांस्कृतिक कारणों की वजह
से हमें नॉनवेज खाना नहीं दे पा रहे हैं। लेकिन प्लीज रोज-रोज नाश्ते में फाफड़ा जलेबी नकली चिकन फ्लेवर पाउडर छिड़क के देना बंद करो। हम चीते हैं [ __ ] नहीं। और कल लंच में जो थेपले के साथ आम का छुंदा देने वाले हो। उसमें 25-25 ग्राम जहर की पुड़िया डाल देना। हमने देख ली इनफ दुनिया और देखने का मन नहीं। योर बिलवड नाइजीरियन चीते। बट ये सैड एंडिंग न्यूज़ चैनल्स को पसंद नहीं थी। वो वेट करते रहे कि कोई हैप्पी खबर आएगी टू कंप्लीट दिस आर्क और वो मिली उनको हैप्पी खबर। असल में पिछले
साल एक चीते के चार बच्चे हो गए। ओहो पिछली बार चार दिन का उत्सव था। इस बार सात दिन का उत्सव चला न्यूज़ चैनल पे। सुबह से शाम एक चीते के चार बच्चे हो गए। मिशन सक्सेसफुल। एक चीते ने चार बच्चे दे दिए। कांग्रेचुलेशंस पीएम हैं। फैमिली फोटो लगाया उन्होंने सीरियसली मैं यहां पे प्रधानमंत्री चीता चार बच्चे ऐसे वो जो दूध पी रखे हैं वो हस्बैंड चीता वो न्यूज़ देख के सेल्फ डाउट में आ गया वो न्यूज़ चैनल की वजह से इस समय सिर्फ हमारे फैमिली WhatsApp ग्रुप पे झगड़े नहीं हो रहे हैं। चीता चीती
की मैरिटल लाइफ में डिस्कर्ड आ चुका है। बट दूसरा जो है इनका दूसरा एक्सट्रीम डराने वाला वो अभी देखा ही आपने जो अभी मिनी वॉर हुई हमारी पाकिस्तान से उसमें इन्होंने तो अर्नभ ने कराची जीत लिया था। अंजना ओम कश्यप लाहौर जीत चुकी थी। इस्लामाबाद हम लोग जीतने ही वाले थे कि ट्रंप ने रात को 3:00 बजे ट्वीट कर दिया। किस फायर हो गया? और वो ट्वीट भी कैसे किया होगा ट्रंप ने मुझे पक्का मालूम है। उसको किसी ने कहा होगा सर एक बहुत बड़ा राड़ा हो रहा है कहीं पे आपको कुछ करना चाहिए इस
पे। उसने बोला कहां कहां हो रहा है? किसके बारे में हो रहा है? वो इंडिया पाकिस्तान। अच्छा ठीक है। वो गया होगा Netflix उसने अपना कोक और बर्गर रखा होगा सामने। सर्च किया होगा इंडिया पाकिस्तान। उस पे आई होगी बजरंगी भाईजान। उसने वो फिल्म देखी। उसने बोला ये तो अच्छे लोग हैं। ट्वीट कर देता हूं। एक चलता रहता है। लेकिन एक और बड़ी वॉर चल रही है इंडिया और पाकिस्तान के बीच में डिप्लोमेटिक वॉर। ठीक है? जो डिप्लोमेसी के लेवल पे चल रही है जो काफी अंडर द रडार चली गई। बहुत लोगों को नहीं पता
है। बट एवरीथिंग आई एम गोइंग टू टेल यू नाउ इज़ फैक्ट। ओके? यू कैन फैक्ट चेक इट लेटर। दिस इज़ हैपनिंग फॉर द लास्ट फ्यू इयर्स। इट स्टिल हैपनिंग प्रोबेब्ली एज़ वी स्पीक। पाकिस्तान में जो इंडियन एंबेसी है जहां पर हमारा इंडिया इंक्लेव है जहां हमारे एंबेसडर रहते हैं बाकी आईएफएस ऑफिसर रहते हैं हमारा स्टाफ रहता है वहां का एक पूरी कॉलोनी टाइप है वहां पे इंडियन एंबेसडर के घर रात को 3:00 बजे कोई जाता है चुपके से घंटी बजाता है और भाग जाता है हमारे एंबेसडर गुस्से में उठते हैं बाहर आते हैं देखते हैं
साला कौन था कोई था परेशान करके चला गया है वापस अंदर जाते हैं फोन करते यहां पे इंडिया में अपने दोस्त को कि यह फिर साला कोई आया था घंटी बजा के दिमाग खराब करके चला गया। नींद उड़ा दी साले ने। यहां पे इंडिया में कोई ऑफिसर जाता है पाकिस्तान एंबेसी जहां पे पाकिस्तान के एंबेसडर रह रहे हैं। पाकिस्तान के एंबेसडर के घर रात को 3:30 बजे घंटी बजाता है और भाग जाता है। टू [ __ ] न्यूक्लियर पावर्स। घंटियां बजा बजा के लड़ रहे हैं। महात्मा गांधी का वेट ड्रीम पूरा हो रहा है स्वर्ग
से। महात्मा गांधी बोल रहे हैं इतनी हिंसा चलेगी कर लो। आई कैन हैंडल दैट। चलेगा इतना कर लो। बल्कि मैं कहता हूं चिंगम चिपका जाओ दरवाजा के। आधी नींद में खोला है और ये हो रहा है। सिर्फ यहां नहीं ये बात इससे आगे बढ़ी हुई है। इससे आगे बढ़ी है। दे आर डूइंग प्रैंक कॉल्स। दे आर डूइंग डर्टी कॉल्स ऑन ईच अदर्स ऑफिस नंबर्स। पाकिस्तान के जो एंबेसडर हैं दिल्ली में, उनके ऑफिस में रात को दोपहर को 3:00 बजे। वर्किंग आवर्स में 3:00 बजे फोन आता है लैंड लाइन पर उठाते हैं उधर से आवाज आती
है मुंह में लेगा क्या वो बोलते हैं नहीं अगर ये बॉलीवुड फिल्म होती तो वो बोलते नहीं जनाब और सामने से वो दिल्ली का लौंडा बोलता है अच्छा हाथ में ये ये इस सरकार का नरेगा है मेरे ख्याल से। ये जो लड़के दिल्ली में जो सड़क पे थार में लड़के घूम रहे हैं उनको बोलते हैं कि एक कॉल का ₹500 मिलेगा। कुछ नहीं बस इतना बोलना मुंह मिलेगा क्या? बोल रहे तो मैं फ्री में कर देता। आई डोंट नो व्हाट्स द नेक्स्ट स्टेप। क्या करेंगे? आईएसपीटी दिल्ली का जो बस अड्डा है उसके बाथरूम में लिख
के आएंगे। सेक्स के लिए कॉल करें नीचे पाकिस्तान एम्बेसी का। लैंडलाइन नंबर मुनीरा आई डोंट नो इस सबके बीच में हम कॉमेडी कर रहे हैं इसलिए बड़ा मुश्किल है बट व्हाई हैव वी कम टू दिस प्लेस द सेकंड पार्ट ऑफ द शो व्हाट वेंट रोंग आई थिंक अ लॉट ऑफ़ थिंग्स प्रोबेब्ली एवरीथिंग वेंट रोंग इन द लास्ट डेकेड दुनिया भर में द राइज़ ऑफ़ यू नो क्लाइमेट क्राइसिस उसकी वजह से जीनोफोबिया उसकी वजह से कैपिटलिस्टिक इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स जिसकी वजह से कुछ लोग बहुत अमीर हो गए कुछ लोग बहुत गरीब हो गए राइज़ ऑफ ऑफ़ राइट
विंग गवर्नमेंट्स अराउंड द वर्ल्ड। एवरीथिंग इज़ कनेक्टेड बट वन थिंग स्पेसिफिकली अबाउट इंडिया व्हिच आई वांट टू टॉक अबाउट बिकॉज़ इट इज़ काइंड ऑफ़ सेल्फ इंप्लिकेटिंग इज़ द फेलियर ऑफ़ इंडियन लिबरल्स। इंडियन लिबरल्स हैव काइंड ऑफ़ ड्रॉप्ड द बॉल। हम सब जो है ना इंडियन लिबरल जो हैं वो दुनिया के सबसे ज्यादा लेज़ लिबरल हैं। हम लोग परफॉर्मेटिव हैं। लिबरल्स ने ये बड़ा सुंदर सा वर्ड दिया है परफॉर्मेटिव। तो हम लोग ना परफॉर्म करते हैं लिबरल होना। बाकी दुनिया भर के जितने लिबरल हैं वो चाहते हैं कि दुनिया और लिबरल बने। इंडियन लिबरल चाहता है
कि दुनिया देख ले कि हम कितने लिबरल हैं। सो ये जो छोटा सा फर्क है ये राइट विंग बड़े अच्छे से एक्सप्लइट करते हैं। उनको पता है कि इंडियन लिबरल जो है वो पॉइंट्स कमाना चाहता है। वो दिखाना चाहता है। तो सुबह से शाम हम इजी पॉइंट्स कमाना चाहते हैं। इसलिए हमारी ज्यादातर लड़ाईयां हम इंटरनेट पे लड़ते हैं। हम चाहते हैं कि अच्छा हम सुबह कोई बॉयकॉट ट्रेंड को कर दें सपोर्ट। शाम को हम कोई चेंज डॉटor पे पिटीशन साइन कर दें। बहुत हुआ तो बहुत हुआ। इंडियन लिबरल बहुत मेहनत करता है तो एक यूक्लि
खरीदता है और उस पे उस पे हम देखेंगे कि चार गॉड सीख लेता है कहीं भी बजा देता है। एलए वाइल्ड फायर पे एक मेरा दोस्त हम देखेंगे बाजार में देख ही सकते हैं यहां से। तो इंडियन लिबरल जो है वो बहुत बेसिक चीजों में उलझा हुआ है। राइट विंग ये समझ गया है इंडियन लिबरल की लेज़नेस। तो वो हमको चीजें फेंकते रहते हैं कि बेटा आज ये बॉयकॉट कर दो, आज इसको सपोर्ट कर दो। इधर-उधर हम उलझे हैं। अजीब चीजें वो बॉयकॉट भी करते हैं। उन्होंने सर्फ एक्सेल बॉयकॉट किया। एक डिटर्जेंट पाउडर बेसिकली अ
केमिकल विद अ केमिकल फॉर उन्होंने बोला ये गलत है। एंटी हिंदू है ये सर्फ एक्सेल। क्यों किया? क्योंकि एक 50 सेकंड की ऐड आई थी टीवी पे। होली की ऐड थी सर्फ एक्सेल की। आजकल नैरेटिव एड्स आ रही हैं। इन एड्स में कहानी है क्योंकि फिल्म मेकर फिल्में तो बना नहीं पा रहे। तो सोच रहे हैं यहीं अपना फिल्म गिरी निकाल दें थोड़ा कहानी इसमें बनाते हैं फिर सर्फ बेच देंगे साइड में तो वो ऐड थी सर्फ एक्सेल की कहानी नुमा उसमें एक कहानी थी एक होली के दिन एक आठ साल के बच्चे को मस्जिद
जाना है नमाज पढ़ने एक 12 साल की बच्ची उसको अपनी साइकिल पर बिठाती है गलियों के बीच में से बच्चों रंगवंग फेंक रहे हैं उसके बीच में से बचाती हुई उसको मस्जिद के गेट पर ड्रॉप करती है वो सीढ़ियां चढ़ता है बाय-ब बोलता है यहां से बाय-ब बोलती है। दाग अच्छे हैं। सर्फ एक्सेल इतना ऐड था। इस ऐड पे राइट विंग ने इल्जाम लगाया ये लव जिहाद को प्रमोट कर रही है। 12 साल की बच्ची आठ साल का बच्चा सिंपल जर्नी फ्रॉम होम टू द मॉस्क दे कॉल्ड लव जिहाद को प्रमोट कर रही है। बेसिकली
एनी एक्ट ऑफ काइंडनेस ऑफ पीपल बिटवीन टू रिलीजंस दे आर सेइंग लव जिहाद। अगर कल को आपकी गाड़ी पलट गई, आप नाली में गिर गए, कोई आपको बचाने आया मतलब शादी करना चाहता है शायद। कीचड़ में लथड़े हुए आदमी से शादी करना चाहता है इसलिए बचा रहा है। वो पूछेगा निकालने से पहले शादी करेगा। आपने मना किया तो मरना नाली के कीड़े। यू डिर्व टू बी देयर। ये लव जिहाद। देर ओन डेफिनेशन। जब हिंदू लड़कियां हिंदू लड़कों को छोड़कर मुस्लिम लड़कों से शादी करती हैं तो होता है लव जिहाद। अगर हिंदू लड़कियां एक 50 सेकंड
का डिटर्जेंट का ऐड देखकर हिंदू लड़कों को छोड़ रही हैं तो शायद प्रॉब्लम हम में है। वी नीड टू हैव अ हार्ड लुक इन द मिरर एंड आस्क आवरसेल्व्स कि मुझ में ऐसी क्या कमी है कि मेरी शादी दो हफ्ते बाद आरती से होने वाली थी। आज सुबह-सुबह आरती का फोन आ गया। हेलो वरुण ऐसा है ना? अभी मैं ना कुल्ला करते-करते टीवी चैनल फ्लिप कर रही थी। वो बीच में कोई डिटर्जेंट का ऐड आया। अब मैं ना अलताफ से शादी करूंगा। बट दे वर वेरी एंग्री। दे वांटेड टू टीच सर्फ एक्सेल अ लेसन। सो
दे स्टार्टेड अ कैंपेन सेइंग सर्फ एक्सेल के पैकेट जलाते हुए वीडियो डालो। लोगों ने सर्फ एक्सेल के पैकेट जलाते हुए वीडियो डाले। Facebook, Instagram, YouTube, Twitter सब जगह लोग वीडियो डाल रहे थे। सर्फ एक्सेल जला रहे सर्फ एक्सेल एक डिटर्जेंट है। एक केमिकल जिसकी पहली प्रॉपर्टी होती है वो जलता नहीं है। अगर मैं सर्फ एक्सेल का मालिक होता मैं अगले बैच में बारूद भर के बेचता। जलाओ साले देखने। मजा तो आए। ये क्या फुस्सा हो रहा है कुछ। कर रहे हो ना कैंपेन देखने को तो मिले लोगों को बट दे वर वेरी एंग्री दे वांटेड
टू टीच सर्फ एक्सेल अ लेसन दे वांटेड टू ट्रेंड ग्लोबली बॉयकॉट सर्फ एक्सेल हैशटग बॉयकॉट सर्फ एक्सेल उन्होंने अपने आईटी सेल्स को बोला कि सब लोग इसको 10-10 बार ट्वीट करो ये ग्लोबल ट्रेंड में आएगा Twitter पे बाय चांस उनके एक आईटी सेल कॉल में हैटग बॉयकॉट सर्फ एक्सेल में सर्फ वर्ड ड्रॉप हो गया है बॉयकॉट एक्सेल माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल की लग गई ट्रू [ __ ] स्टोरी 24 घंटे के अंदर Google Play स्टोर पे Microsoft एक्सेल की रेटिंग 4.2 से 2.2 आ गई। इमेजिन बिल गेट्स वहां बैठा हुआ अपनी ग्लोबल मार्केटिंग टीम के साथ बोल
रहा भोसड़ी के समझाओ ये हुआ क्या ये? बिल गेट्स ने जिंदगी में एक बार ये गाली दी होगी। उस दिन दी होगी इसी भाषा में मैं बता रहा हूं उसका ग्लोबल मार्केटिंग हेड वहां बैठा हुआ बोल रहा है सर ऐसा है सर नहीं समझा पाएंगे सर सर बहुत लंबी बहुत कॉम्प्लिकेटेड बहुत पुरानी कहानी हजार साल पहले से एक तो शुरू करनी पड़ेगी फिर बीच में वो मूवी वॉच श्रीवास्तव डायनेस्टी आती है हमको सर भूल जाओ छोड़ दो ऐसे भी माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल कोई सॉफ्टवेयर है 907 लिखो 9 जुलाई लेता है [ __ ] छोड़ दो भूल
जाओ सर पावर पॉइंट विजुअल का जमाना पावर पॉइंट पे खर्चा करो पावर पॉइंट आगे बढ़ाते हैं और वो उसको बोल रहा है बिल गेट्स कि देखो ऐसा है जाके पहले चेक कर लो मार्केट में पावर पॉइंट नाम का कोई डिटर्जेंट ना हो फिर वो भी हम हटाते फिरेंगे यही करेंगे जीवन भर बट दे सक्सीडेड दे एक्चुअली हैड सर्फ एक्सेल डिलीट द ऐड पुट एन एपोलॉजी और वो माफी मांगी उन्होंने बोला हां गलती हो गई हमसे भैया हम हमको थोड़ा पता था ऐसा सब वो ऐड मैंने YouTube पे ढूंढा सर्फ एक्सेल ने हटाया हुआ था बट
वो जिसने हटवाया था उसके चैनल पे था तो उसने लिखा है ये हमने हटवाया तो मैंने वहां देखा तो काफी सपोर्टिव लोग हैं। अच्छा है। बट उनका हौसला बढ़ा। वो आगे बढ़े। उन्होंने बोला और किसी को बॉयकॉट करेंगे। फिर उन्होंने पकड़ा लाल सिंह चड्डा। लाल सिंह चड्डा आ रही थी फिल्म। बड़ी फिल्म थी। उन्होंने कहा भाई इसको भी गिरा देंगे तब तो अपना बहुत महिमा हो जाएगी। तो उन्होंने आमिर खान को पकड़ लिया। लाल सिंह चड्डा। क्यों पकड़ा? क्योंकि आमिर खान ने एक बार एक बात कही थी बहुत पहले। ही हैड सेड माय वाइफ डजंट
फील सेफ इन इंडिया। एक लाइन कही थी उसने, बहुत पहले कही। इतनी पहले कि अब वो उसकी वाइफ भी नहीं रही। बट दे डोंट केयर अबाउट दीज़ नो आंसर। देर लाइक नहीं कहा था भाई। मैंने कहा कि हां यार बात तो कहा था लेकिन पॉइंट यह है कि यार एक सेंटेंस किसी ने कहा एक लाइन कही थी। एक्चुअली आई वेंट बैक एंड चेक द इंटरव्यू। इट वाज़ ओनली एक्सैक्टली दैट वन लाइन। माय वाइफ डज़ंट फील सेफ इन इंडिया। एंड आफ्टर दैट यू नो इंटरव्यू वेंट समवेयर एल्स। बट ही डिड से दैट एंड आई वास लाइक
एक लाइन कही है उसके बदले में किसी की 3 घंटे की फिल्म कई सालों की मेहनत तुम बोल रहे हो बॉयकॉट कर दो हाउ अनफेयर इज दैट एंड देन आई सॉ द ट्रेलर ऑफ द फिल्म एंड द फर्स्ट लाइन ही सेज़ इन द ट्रेलर आमिर खान एज लाल सिंह चड्डा वेरी ऑथेंटिक मेकअप प्रॉपर लाइक वेरी ऑथेंटिक लुकिंग सिक ओल्डर मैन लाइक पगड़ी है दाढ़ी है प्रॉपर एंड इन द वर्स्ट फर्स्ट एवर पंजाबी यू विल हियर ऑन हिंदी फिल्म स्क्रीन्स। हम जो हुंदे हैं अपने आप हुंदे हैं कि कोई हमको ऐसे करता है। आई वास लाइक
करो बॉयकॉट। कभी-कभी एक लाइन बहुत होती है पूरी फिल्म बॉयकॉट करने के लिए। हम बॉयकॉट हैं कि कोई हमें करता है। हां जी कर है। बट हौसला और बढ़ा। उन्होंने कहा और कोई बड़ी फिल्म पकड़ो। तो उन्होंने उसके बाद आ रही थी ब्रह्मास्त्र व्हिच वास अ रियली ह्यूज फिल्म एंड यू नो एंड दे हैड अगेन देर ओन इंटरनल लॉजिक कि अच्छा इसमें ऋषि कपूर का बेटा है। ऋषि कपूर बीफ खाता है। ये भी बीफ खाता है। फिल्म का नाम ब्रह्मास्त्र है। इसमें महेश भट्ट की बेटी है। महेश भट्ट हमेशा से हमारे खिलाफ बोलता रहा है।
सो दे हैड लॉट्स ऑफ़ थिंग्स एंड दे एक्चुअली मेड अ ह्यूज ट्रेलर सेइंग व्हाई यू शुड बॉयकॉट ब्रह्मास्त्र। इट वाज़ अ वेरी वेल फंडेड ट्रेलर। इट वाज़ ह्यूज। इट हैड ऑल द रीज़ंस यूजिंग गुड वीएफएक्स बेटर वीएफएक्स देन ब्रह्मास्त्र टू टेल यू व्हाई यू शुड बॉयकॉट ब्रह्मास्त्र और एज अ लेजी लिबरल टू अर्न माय लिबरल पॉइंट्स मैंने कहा नहीं मैं इसको सपोर्ट करूंगा और ये बहुत गंदी बात हो रही है मैं जाऊंगा मैं टिकट खरीदूंगा मैं देखूंगा फिर मैं टिकट खरीद के वो फिल्म देखने गया सपोर्ट करने गया एंड दैट वाज़ द वर्स्ट डे ऑफ़
माय लाइफ एज अ लिबर मुझे लगा कि अपने एजेंडा के लिए ई सब [ __ ] देखना पड़ेगा तो हो गया। मैं वापस आके मैंने अपने धर्म ग्रंथ खोले। मैंने बोला मैं राइट विंगर हो रहा हूं। ये सब नहीं देख पाऊंगा मैं। भाई साहब क्या डायलॉग थे। मतलब इट वास सपोज्ड टू बी अ फैंटसी सुपर हीरो फिल्म विद लाइक ग्रेविटी एंड ऑल। उसके बीच में एक लाइन आती है। सुपर हीरो खुद बोल रहा है। लाइट एक रोशनी का नाम है। जो हम सबके अंधेरों से बड़ी है। क्या बनाना एक केले का नाम है जो हम
सबके एप्पल से बड़ा है। ये तो वही हुआ। कुछ हुआ? कोई लॉजिक है? कुछ भी बक के निकल जाओगे। क्या है? और सबसे ज्यादा मुझे दुख ये हुआ कि आधे घंटे की फिल्म देखने के बाद मुझे समझ आया ये उनके एजेंडा की फिल्म थी। हमको बॉयकॉट करनी थी। उनको देखनी थी। वो बॉयकॉट किए। हम देखा साले [ __ ] बन गए। धोखा हो गया हमारे साथ। बड़ा मुश्किल है भाई। लिबरल होना। [ __ ] बना के चले जा रहे हैं लोग। ब्रह्मास्त्र लिबरल लोगों की आदि पुरुष थी। पता है आपको? बट अनदर प्रॉब्लम विद इंडियन
लिबरल्स। सो बिगर प्रॉब्लम आई वुड से इज़ दे डोंट नो हाउ टू टॉक। दे टॉक इन सो मच यू नो कॉम्प्लिकेटेड लैंग्वेज दिस जार्गन वेरी एकेडमिक लैंग्वेज। आप किसी को कन्विंस नहीं कर सकते अपनी आईडियोलॉजी से जब वो आपकी बात समझे ही नहीं। समझना पड़ेगा ना। देखो होल क्या है? एक इन अ वेरी आइडियल नॉन वायलेंट सिनेरियो। आप या तो सामने वाले को अपनी बात से कन्विंस कर लो या वो आपको अपनी बात से कन्विंस कर ले। राइट विंग की जो भाषा है बड़ी सिंपल है। बहुत सिंपल इंस्ट्रक्शन बेस्ड भाषा है। पकड़ो तोड़ो मारो। सिंपल
सबको समझ आता है। हम लोग जब बोलते हैं तो उसमें सब ऑल्टर्न भी है। उसमें सबकॉन्शियस भी है। उसमें सब टेक्स्ट भी है। उसमें सबवे का सैंडविच भी डाल देते हैं हम लोग बीच में। कुछ भी हो रहा है। तो वो बड़ा मुश्किल है समझाना है ना। लिबरल आपने देखे होंगे चार पांच लिबरल जब बैठे होते हैं वो मंत्रणा कर रहे वो कभी भी लिबरल एक दूसरे से ही सहमत नहीं हो पाते। सामने कैसे समझाओगे? वो छोड़ो। एक लिबरल अपने आप से पूरी जिंदगी सहमत नहीं हो पाता। ठीक है? कैसे मैं समझाऊंगा किसी को? मैं
एक सिंपल एग्जांपल दूं आपको। अगर एक संतरा आप एक लिबरल को दे दो और वही संतरा आप 100 राइट विंगर्स को दे दो और बोलो कि आपका इस पे क्या ओपिनियन है? एक संतरे पे एक लिबरल कितने ओपिनियन निकाल सकता है? खट्टा तो है, मीठा भी है, मीठा तो है, खट्टा भी है। पर संतरा खा के कहीं मैं पेस्टिसाइड लॉबी को सपोर्ट तो नहीं कर रहा। तब तो ऑर्गेनिक खाना चाहिए। पर ऑर्गेनिक तो महंगा आता है। महंगे के लिए तो पैसे चाहिए। पैसे तो प्रिविलेज से आते हैं। प्रिविलेज कास्ट और क्लास लोकेशन से आता है।
प्रिविलेज शब्द मुझे पता है। ये कितना बड़ा प्रिविलेज है। पूरी दुनिया प्रिविलेज की मारी। मैं साला संतरे के सामने क्यों बैठा हूं? मुझे कुछ करना चाहिए। कहां है मेरा युग लेलेज? और वही संतरा आप 100 राइट विंगर्स को दे दो और बोलो कि आपका इस पे क्या ओपिनियन है वो सारे के सारे एक सुर में बोलेंगे देख भाई खाना है तो खा नहीं खाना मत खा लेकिन ये कलर का बिकनी पहन के फिल्म में आए तो थिएटर जला देंगे थिएटर व्हिच ब्रिंग्स मी टू द थर्ड फिल्म इन द ट्रिलजी ऑफ़ बॉयकॉट्स। पठान बहुत बड़ा उन्होंने
बॉयकॉट कैंपेन चलाया पठान के बारे में व्हिच डिड नॉट रियली वर्क क्योंकि पठान में शाहरुख, दीपिका, जॉन अब्राहम तीनों ने कपड़े उतारे हैं। ठरक ओवर आईडियोलॉजी ऑलवेज बट स्टिल दे गॉट वेरी एंग्री विद वन पार्ट पार्ट ऑफ द फिल्म। वन पर्टिकुलर सॉन्ग ऑफ द फिल्म। द सॉन्ग वाज़ बेशर्म रंग। है ना? वो गाना आया। इसमें दीपिका पादुकोण ने जो 16 कॉस्ट्यूम पहने उसमें जो 13वा कॉस्ट्यूम जो 6 सेकंड के लिए आता है उसमें हमने पकड़ लिया साला हमारा रंग हम चू तुमने हमको क्या सोचा कि हम पूरा गाना नहीं देखते दीपिका होती है तो छुपा
के हमको [ __ ] बना रहे थे छुपा के हमको इंसल्ट कर हमने देख लिया दे वर वेरी पिस्ड ऑफ दे एक्चुअली ऑर्डर्ड यू नो सेंसर बोर्ड स्टेपड इन लाइक लाइक दे डू ऑल द टाइम एंड दे वर लाइक कि इसको आपको बदलना पड़ेगा। जो ऑरेंज कलर है ये तो आप एक तो इसको बदलिए। ये जो है ऑरेंज कलर जो है ऑरेंज का जो स्पेक्ट्रम होता है उस पे आप इसको छोटे फैंटा से नॉर्मल फैंटा की तरफ ले जाइए। लोगों को बुरा लग रहा है ये। है ना? ये कलर जो है उधर ले जाइए। पहला
बदलाव ये कीजिए। दूसरा जो है ये बड़ी व्गर रिवलिंग सी ये जो ड्रेस है इसको आप लंबा कर दीजिए। तो वीएफएक्स का इस्तेमाल करके दो बदलाव किए गए क्योंकि फिल्म रिलीज करनी थी। तो वीएफएक्स का इस्तेमाल करके वो ऑरेंज को चेंज किया गया स्पेक्ट्रम पे। तो आप ट्रेलर में जो आपने देखा गाना और जो फाइनल फिल्म में आया उसमें ये चेंज है। द कलर इज चेंज्ड। एंड सेकंड थिंग वो कॉस्ट्यूम जो भी है उसको लंबा किया गया है। वीएफएक्स से स्टिच किया। लंबा बड़ा किया गया। यहां 3 इंच जोड़ा है। यहां 2 इंच जोड़ा है।
यहां 2 इंच जोड़ा है। ये सब किया है। हॉलीवुड में 30 करोड़ का वीएफएक्स का सेटअप आता है। हॉलीवुड में वीएफएक्स मशीन का इस्तेमाल करके सुपर हीरोज़ को उड़ाया जा रहा है। जानवरों से बातें कराई जा रही हैं। हम ऑल्टरिंग करा रहे हैं यहां पे। जो ₹30 में सड़क पर बैठा दर्जी करता है। वो मशीन ने उस रात आत्मदाह कर लिया। उसने कहा मैं बड़े-बड़े सपने लेकर आई थी इस बड़े शहर में कि मैं कुछ करूंगी एक बॉलीवुड को कुछ नए आयाम दूंगी ये साले तुम यहां पे मेरे से कल को तुम बोलोगे कि जॉन
अब्राहम का बटन ढीला था दो टांके लगा दो तो ये इस सबके बीच में दे केप्ट सेइंग नहीं भाई ये जो है ना दिस ऑरेंज बिकनी इट्स एन अटैक ऑन आवर कल्चर हमारी सभ्यता को खतरा है। हमारी सभ्यता खत्म हो सकती है। इसकी वजह से दे केप्ट सेइंग दैट एक्चुअली। तो मैं जानना चाहता हूं ये खिलजी तैमूर लंग ये जो बाहर के थे बड़े-बड़े आक्रमणकारी ये [ __ ] थे क्या ये इतनी बड़ी सेना ले आए थे? बिकनी पहन के दौड़े चले आते। सोचो यहां किले की दीवार पे हमारी सेना खड़ी है। राजा है। सेनापति
है। राजा सेनापति से पूछ रहा है। आ रहा है तैमूर लंग दिख रहा है। तो सेनापति देख रहा है। बोला हां साहब है तो तैमूर लंग। ये है तो तैमूर लंग का क्या मतलब सब है तो तैमूर लंग पर ससुरा बिकनी पहन के हारा और पीछे उसकी सेना हवा में सर फेंक से उड़ा रही है सर हो गया हमारा बट द बिगेस्ट प्रॉब्लम विद इंडियन लिबरल्स आई थिंक अ जेनुइनली रियल प्रॉब्लम इज़ द सेवियर कॉम्प्लेक्स दे वांट टू एक्वायर द रोल ऑफ अ सेवियर। तो सेवियर के लिए क्या चाहिए होता है? आपको दो चीजें चाहिए
होती हैं। एक चाहिए होता है आपको विक्टिम जो उनके हिसाब से उनके अलावा हर इंसान है। और एक चाहिए होता है परपेट्रेटर। परपेट्रेटर हमेशा ईजी परपेट्रेटर कौन होता है जो घर के बाहर हो। घर के अंदर वालों को हम नहीं देख पाते। तो वो बोलते हैं कि ये जो है ना ये जो 2014 में एक महामानव उतरे। इनसे हम तुमको बचाएंगे। एंड इट्स एन ईजी बैटल फॉर देम। वेरी ईजी टू शो कि हां ये एक विलेन है और तुम बेचारे फंस गए हो। उसके मैं तुमको बचाऊंगा। इट्स नॉट ट्रू वी ऑल नो 2014 के पहले
ऐसा नहीं है कि इंडिया बहुत ऐसा मतलब कमाल था कि शेर और हिरण एक ही बाउल से मैगी खा रहे थे। है ना? ऐसा नहीं है। ठीक है। वोकैबलरी बदली है। लिबरल्स ने कुछ नए शब्द दिए हैं। आज इस्लामोफोबिया नाम का शब्द है। ये नहीं था मेरे बचपन में। मेरे बचपन में इसको स्मॉल टॉक कहते थे हमारे घर में। डिनर टेबल कन्वर्सेशन है ना? बैठे हुए हैं। मैं बैठा हूं। मामा जी बैठे हैं। मामी बैठी हैं। मम्मी पापा बैठे हैं। मामा जी खाना खा रहे हैं। बोल रहे हैं कि दाल तो अच्छी बनी है। मुसलमान
अच्छे नहीं होते। मैंने कहा हैं जी। ओ कुछ नहीं कुछ नहीं पुत्र एक गल कर रोटी दे। रोटी दे कुछ नहीं कुछ नहीं। तू रोटी खा अपनी रियली। आई मीन आज ओके। देयर इज़ अ वेल फंडेड हेट इंडस्ट्री। देयर आर पीपल स्पेंडिंग मनी टू इनसाइड हेट्रेट। देयर आर सेलिब्रिटीज, इन्फ्लुएंसर्स, यू नो न्यूज़ चैनल्स, गेटिंग मनी टू स्प्रेड हेट्रेड। मेरे बचपन में मेरे मामा जी ये काम प्रोबो आउट ऑफ पैशन करते हैं। एक पैसा नहीं लिया कभी किसी से उन्होंने। इनफैक्ट, ही वाज़ वर्किंग ऑन द फंडामेंटल्स ऑफ़ हेट स्पीच व्हिच आर नाउ बीइंग यूज्ड द वर्ल्ड
ओवर बाय ऑल द ग्लोबल लीडर्स। आई थिंक ही वाज़ द फर्स्ट वन टू क्रैक सम ऑफ़ दीज़ कॉन्सेप्ट्स। ही वाज़ वर्किंग ऑन देम। ही नेवर, आई मीन ही कुड हैव पेटेंटेड देम। वो चाहते वो पेटेंट करा के मिलियंस बना सकते थे। बट ही वाज़ एन ओपन सोर्स काइंड ऑफ़ अ गाय। ही वास् लाइक ले जाओ जिसको जो ले जाना है हम तो फकीर आदमी हैं। ही वाज़ लाइक रियली अ जीनियस इन दैट सेंस। मतलब मैं जब 13 14 साल का हुआ अर्ली 90ज की बात मिड 90ज की बात है। मुझे बुलाया एक दिन उन्होंने घर
का नाम मेरा था आशु। आशु बात करनी है तेरे से। मैंने कहा हां जी आशु इधर आ कोने में आ एक जरूरी बात करनी तेरी अब उम्र हो गई बताने की बताना है मेरे को मैंने कहा नहीं वो रिंकू भैया ने बता दिया ही सेड क्या बता दिया रिंकू ने रिंकू क्या बताया मैंने कहा सॉरी कुछ नहीं बताया रिंकू ने कुछ नहीं आप आप बताओ क्या बताना है ही सेड देख पुत्तर सिंपल सी बात है बड़े होके मुसलमान लड़की से शादी नहीं करनी है मैंने कहा 1 मिनट इससे ज्यादा जरूरी बात रिंकू भैया ने नहीं
बताई मैं 13 साल का बच्चा हूं। मुझे ये ही सेड पुत्त ऐसा है ना देख ज्यादा तो मैं अभी बता नहीं सकता तेरे को। तू कितने आए तेरे एट्थ क्लास? मैंने कहा 52% बोले तो हां तू ज्यादा नहीं समझेगा। पर बता देता हूं। देख ऐसा कंपैटिबिलिटी नहीं होती। ज्यादा कंपैटिबिलिटी नहीं होती। मैंने कहा कंपैटिबिलिटी नहीं होती। मतलब ही सेड देख पुत्तर हम जो करते हैं वो ठीक उसका उल्टा करते हैं। हमको चिढ़ाने के लिए वो हमसे उल्टा करते हैं। मैंने कहा जैसे कि बोले हम ऐसे लिखते हैं वो ऐसे लिखते हैं। मैंने कहा चाइनीस ऐसे
लिखते हैं पूरी दुनिया को चिढ़ा रहे हैं वो। ही सेड नहीं तू समझ नहीं रहा पुत्तर वो सब कुछ उल्टा करते तू ध्यान से देख ध्यान से देख हर चीज जो हम करते हैं ना ठीक उसकी उल्टी उन्होंने करके रखी हुई है हम जैसे कि हम मूर्ति पूजा करते हैं वो लोग मूर्ति में विश्वास नहीं रखते हैं हम लोग पुनर्जन्म में विश्वास रखते हैं वो लोग फाइनल डे जजमेंट डे में विश्वास रखते हैं हम लोग चिता को अग्नि देते हैं वो उसको बरियल करते हैं। हम लोग परिक्रमा ऐसे करते हैं। वो लोग परिक्रमा ऐसे करते
हैं। हम लोग कंघी ऐसे करते हैं। वो कंघी ऐसे करते हैं। मैंने बोला एक मिनट रिवाइंड डिड यू जस्ट से कंघी? ही सेड हां पुत्तर कंघी हिंदू कंघी ऐसे करते हैं वह ऐसे करते हैं। मैंने बोला सीरियसली ही सेड हां पुत्र हिंदू ऐसे कंघी करते हैं वो ऐसे करते हैं। मैंने कहा फिर घर वापसी धर्म परिवर्तन इतना बड़ा नाटक क्या है? सड़क पे किसी को पकड़ो कंघी उल्टी कर दो। हो गया कन्वर्ट नहीं कितना मतलब फिर क्या आप हेट स्पीचें क्या दे रहे हो? कंघिया बांटो। ही सेड नहीं पुत्र तू समझ नहीं रहा। तू बात
नहीं समझ रहा। देख वो जानबूझ के देख हम सीधे तवे पे रोटी बनाते हैं उल्टे पे बनाते हैं। मैंने कहा वो रुमाली रोटी होती है। बनाओ सीधे पे बना के दिखा दो मेरे को। ही सेड नहीं पुत्त तू ना समझ नहीं रहा। मैं तेरे को ना थोड़ी सी कॉम्प्लिकेटेड कड़वी बात बताता हूं। मैंने कहा हां जी। ही सेड देख पुत्तर ऐसा है। वो आलसी होते हैं। मैंने कहा वो आलसी वो मतलब कौन? ही सेड वो सारे के सारे। मैंने कहा सारे के सारे सारे के सारे ही सेड हां सारे के सारे आलसी होते हैं। मैंने
कहा आप दोपहर को 3:00 बजे चले गए होगे किसी के दुकान में पूना में। ही सेड नहीं पुत्त तू समझ नहीं तू बात नहीं समझ पर वो आलसी होते हैं। मैंने कहा वो आलसी होते हैं। मतलब कौन कितने? बोले ना वो सारे के सारे। मतलब सारे के सारे सारे के सारे कैसे हो सकते? ना वो सारे के सारे आलसी होते हैं। बाय रूल बाय डेफिनेशन वो सारे के सारे आलसी होते हैं। मैंने कहा बाय रूल बाय डेफिनेशन अगर वो सारे के सारे आलसी होते हैं। मैं तो कल ही कन्वर्ट हो जाऊं। एक 13 साल के
बच्चे के लिए इससे बढ़िया क्या लाइफ होगी? पढ़ा हुआ चिल कर रहा। मां आ के बोले कि किताब लगा ले, रूम साफ कर ले। मैं बोलूं मैं तो धर्म का पालन कर रहा। जी। एंड मच लेटर इन लाइफ। आई थॉट कि ये जो बोल रहे थे उस दिन उल्टा काम करते हैं, आलसी होते हैं। यह कहीं वह खुद ही कंफ्यूज तो नहीं तो बंगालियों की बात तो नहीं कर रहे थे? आई नो कुछ बंगाली होंगे इस कमरे में भी। है कोई? आई एम आई एम सॉरी। आई नो। आई नो बट कौन तीन-तीन सीढ़ियां चढ़ के
कौन लड़ने आएगा? बैठे रहो। बहुत बट आई नो आई नो आई मीन आई मीन बहुत गुस्सा आएगा तो रात में एक कविता लिख लीजिएगा आ सुनेची से दिन तुम नोना बाली तीर छोरे आ बांग्ला सीख चाची एक कौन बट या नो ही सॉ आई वास नॉट कन्व् ही सेड देख पुत्तर ऐसा है मैं तेरे को एकदम कड़वी बात बताता हूं किसी को बोलना नहीं मैंने तेरे को यह बोला बट यह सच है। मैंने कहा हां जी ही सेड वो सारे के सारे डिसऑनेस्ट होते हैं। अनट्रस्टवर्दी होते हैं। मैंने कहा अगेन सारे के सारे ही सेड
यस सारे के सारे बाय रूल बाय डेफिनेशन डिसऑनेस्ट होते हैं। मैंने कहा आपकी दुकान पे टेलर मास्टर हैं 15 साल से असलम अंकल वो डिसऑनेस्ट हैं। असलम को छोड़ के बाकियों की बात मैंने कहा ओके। आपके बचपन के दोस्त हैं हुसैन अंकल। ईद पे आप उनके घर जाते हो दिवाली पे। वो आपके घर आते हैं वो अनट्रस्ट वर्दी और नहीं यार हुसैन को बीच में कहां ला रहा है उसको बचपन से जानता हूं मैं हुसैन और असलम को छोड़ के बाकियों की बात कर रहा बाकी सारे के सारे मैंने कहा एक मिनट मोहम्मद रफी के
आप इतने बड़े फैन हो आप कहते हो किशोर कुमार से बेटर है व्हिच आई डोंट एग्री विद बट मोहम्मद रफी डिसऑनेस्ट ओ नहीं पुत्र यार वो तो देशभक्ति के गाने गाता है भक्ति के गाने गाता है मन तरपत हरिदर्शन को आज उन्होंने गाया कमाल का आदमी मोहम्मद रफी हुसैन असलम छोड़ के बाकियों की बात कर रहा हूं मैंने कहा आपने इतने सारे लोग आपने मुझे इंट्रोड्यूस कराया। आपकी वजह से मैं इनका फैन हूं। नुसरत फतेह अली खान, मेहंदी हसन, गुलाम अली, उस्ताद बिस्मिल्लाह खान, अल्लाह रखा खान, जाकिर हुसैन। कितने मैंने नाम गिना दिए। ही सेड
यार तू बीच में कहां इनको ला रहा है? इनको छोड़ के बाकियों की बात कर रहा हूं। मैंने कहा मल्होत्रा अंकल आपके दोस्त जो आपके 4 लाख लेके भागे हुए वो ही सेड मल्होत्री को बीच में मत ला। उसका इस सब से कुछ लेना देना नहीं है। उसका खानदान छोटा है। सो आई फिगर द रूल ऑफ़ हेट स्पीच। ही वाज़ वर्किंग ऑन वेरी नाइसली, वेरी सली। राइट? मतलब वो जो आज वन वन हेट स्पीच है व्हिच इज़ कंफर्मेशन बायस एंड गिल्ट बाय एसोसिएशन। ये सब पे वो काम कर रहे थे। व्हिच इज बेसिकली दूसरे धर्म
का कोई आदमी बुरा है तो ना सिर्फ वो अपने धर्म की वजह से बुरा है बल्कि उसके धर्म के बाकी लोग भी बुरे हो जाते हैं बाय एसोसिएशन अपने धर्म का कोई आदमी बुरा है तो उसका धर्म से कुछ लेना देना नहीं है उसका खानदान छोटा है देन ही सेड एक मिनट इधर आ तू फाइनल बताता हूं तेरे को अभी मैच फिक्सिंग हुई थी किसने की थी मोहम्मद अजरुद्दीन कौन था कैप्टन मोहम्मद अजरुद्दीन मैंने कहा साथ में तीन और थे मनोज प्रभाकर नयन मुंगी अजय जडेजा 3:1 ही सेड तू ना बहुत पढ़ लिख गया। मैंने
याद दिलाया वो 52% बट प्रोबेब्ली इनफ टू डिमोलिश योर आर्गुमेंट्स बट आल्सो फुल डिस्क्लोज़र सैड डिस्क्लोज़र। दिस कॉन्वर्सेशन डिड नॉट एकजेक्टली गो लाइक दिस। मैंने जो अपने हिस्से आपको बताए हैं वो सब मेरे इमेजिनेशन में हैं। उनके जो हिस्से हैं वो पूरे के पूरे सच हैं। वो सब हुआ था। एवरीथिंग ही सेड इंक्लूडिंग कंघी इंक्लूडिंग तवा इंक्लूडिंग उर्दू ऐसे लिखते हैं हिंदी ऐसे एवरीथिंग ही सेड एंड आई वास 13 एट दैट टाइम आई डिड नॉट हैव द वोकैबलरी अवेयरनेस एंड अबव ऑल करेज टू स्टैंड अप टू अ पेट्रियाार्क अ बिलवेड पे अ गुड पेट्रियर्क राइट
मुझे नहीं पता था मैं क्या बोलूं एंड दैट्स वन सैड पार्ट ऑफ माय लाइफ दैट आई नेवर यू नो ब्रॉट हिम टू अ कॉमेडी शो एंड परफॉर्म दिस सेट इन फ्रंट ऑफ हिम दैट वुड हैव बीन अमेजिंग आई आई रियली वांट टू डू दैट बट नाउ आई कांट ही इज़ नो मोर एंड दैट्स वन सैड पार्ट आई विल प्रोबब्ली कैरी ऑल माय लाइफ बट अनफॉर्चूनेटली फॉर हिम ही पास्ड अवे इन 2014 भवरे ने खिलाया फूल फूल को ले गए महामानव। दैट्स लाइफ बट या बट ही हैड अ कपल ऑफ लेगसी फॉर मी एक्सीडेंटल एज़ इन
व्हाट ही वांटेड टू गिव मी। आई डिड नॉट टेक। बट व्हाट ही डिड नॉट इंटेंड टू गिव मी। आई सम हाउ टूक अह वन वाज़ दिस एफर्ट अटेम्प्ट टू फाइंड द वोकैबलरी टू स्टैंड अप टू पेट्रिय्कस। दूसरी जो आई थिंक व्हिच एनीवे इफ यू आर बोर्न इन अ पंजाबी फैमिली। सो बेसिकली सेकंड गिफ्ट फ्रॉम हिम इज़ आई व्हेन आई ग्रो अप आई हैव टू गो इंटू थेरेपी। जो एनीवे इफ यू आर बोर्न इन अ पंजाबी फैमिली दैट्स लाइक द एंड गोल ऑफ़ लाइफ। क्योंकि पंजाबियों का ना ट्रॉमा से एक बड़ा स्पेसिफिक सा रिलेशनशिप है। बहुत
कॉम्प्लिकेटेड है। बाकी किसी भी आई डोंट नो रीजन का मैं नहीं जानता हूं। बट पंजाबियों का बहुत अजीब सा एक रिलेशनशिप है ट्रॉमा के साथ। क्योंकि जब हम लोग वहां से आए मेरे नाना नानी जब आए गुजरावाला से 1947 पार्टीशन के टाइम पे जब उनको पता चला कि यह हो रहा है और आपको यहां से उठ के जाना है। देयर इज़ वन इमेजिनरी लाइन वन इमेजिनरी बॉर्डर बियड दैट देयर इज़ एन इमेजिनरी लैंड एंड यू हैव टू गो देयर। दे डिड नॉट बिलीव इट। दे कुड नॉट प्रोसेस इट। बिलीव तो बाद की बात। दे कुड
नॉट अंडरस्टैंड इट कि ये बोल क्या रहे हैं ये लोग? कैसे हो? मतलब कोई बोले कि वह तीन बुड्ढों की आपस में लड़ाई हो गई। आपको जाना है यहां से। तो अगर कोई हज़ार साल से वहां हो, जहां उनकी जमीन हो, जहां उनके पुरखे हो, जहां उनका कल्चर हो, यादें हो, सब कुछ हो। अचानक से आपको कोई बोले कि भाई उठ के यहां से आपको जाना है और एड्रेस भी नहीं दिया गया। यह नहीं बोला गया है कि आपको ऐसा है जी अंबाला में रेलवे रोड पे प्लॉट नंबर 35 पे जाना है। नो यू जस्ट
हैव टू गेट अप एंड लीव एंड [ __ ] ऑफ बेसिकली लिटरली। दे डिड नॉट अंडरस्टैंड इट। दे वर द लास्ट फैमिली टू लीव दैट विलेज। वानकी नाम का गांव था। ज्यादातर लोग जो थे वो 15 अगस्त के आसपास उसके चारप दिन में चले गए थे। आवर फैमिली दे केप्ट डिलेइंग टिल द लास्ट वीक ऑफ़ सेप्टेंबर टू लीव एंड दैट टू दे लेफ्ट व्हेन समवन टोल्ड देम कि जी ये ऐसा है ये टेंपरेरी है। दो-ती महीने में ठंडे हो जाएंगे दंगे आप वापस आ जाना। दैट वाज़ इज़ियर टू बिलीव। तो मेरी नानी जब उस घर
से निकली तो घर के बाहर एक दिया जला के आई थी कि जब तक हम वापस आएंगे दिया घर की रक्षा करेगा। व्हेन दे रीच्ड द बॉर्डर ऑफ इंडिया द न्यू इंडिया पाकिस्तान वहां पर इंडियन गवर्नमेंट पुट देम इनू अ टेंपरेरी रेफ्यूजी कैंप ऑन द आउटस्कर्ट्स ऑफ अमृतसर व्हिच वाज़ एन अबेंडेंट मुस्लिम मोहल्ला वहां के सारे लोग उस पार जा चुके थे। वहां पे उनको जो कमरा मिला एक छोटा कमरा था उसमें 15 लोग पूरे जॉइंट फैमिली के इकट्ठे रह रहे थे। उस कमरे के बाहर भी एक दिया जल रहा था जो वो फैमिली जला
के गई थी जो उस पार गई थी। मेरी नानी उस दिए में तेल डालती रही इस उम्मीद में कि कोई हमारे दिए में तेल डालता होगा और एक दिन हम लोग वापस अपने अपने घर जाएंगे। दो महीने चार महीने आठ महीने एंड स्लोली द रियलाइजेशन डॉन ऑन देम दैट दे आर नॉट गोइंग बैक एंड देन दे हैड टू मूव डीप इनवर्ड इनू इंडिया एंड देन दे फाइनली सेटल्ड इन अ प्लेस कॉल्ड जगाधरी इन हरियाणा वहां पे वो सेटल हुए। बट द पॉइंट आई एम मेकिंग इज उनको लग रहा था वापस जाना है। वह खाली हाथ
आए थे। वह ना पैसे लेकर आए थे ना जेवर लेकर आए थे। जमीन वैसे भी नहीं ला सकते थे। एक छोटा सा संदूक था। एक संदूक था और एक दिया था जो इधर भी जल रहा था। उधर भी जल रहा था। एक संदूक था जिसमें बच्चों के कुछ कपड़े थे। बूढ़ों की कुछ दवाइयां थी। शायद रास्ते में चाय और बिस्किट का सामान होगा। वो लेकर आए थे। पर एक और चीज बहुत बड़ी लेकर आए थे। एक्सीडेंटली बट इनटेंजिबल ट्रॉमा एंड सम हाउ पंजाबियों को लगता है यह दादा जी की विरासत है। इसको खर्च नहीं करना
है। इसको प्रोसेस नहीं करना है। इसको अपने पुत्र को देना है। उसको बोलना है। अपनी बेटी को देना है। उसको बोलना है। अपने बच्चे को देना है। ये हमारी जमीन से हमारा इकलौता रिश्ता है। एनु खर्च नहीं करना पुत्र एनु सा के रखना है तिजोरी तिजोरी किसी दिन बड़ा हैप्पी हैप्पी लगे थे काट के थोड़ा रगड़ के वापस अंदर खर्च नहीं करना है यू हैव टू प्रिजर्व इट दिस इज द ओनली इनटेंजिबल कनेक्शन कनेक्शन नो वन कैन स्नैच अवे फ्रॉम यू टू योर फादर्स लैंड्स एंड दैट्स व्हाई दिस इमेज ऑफ़ दिस हैप्पी गो लकी पंजाबी
इट्स अ फसाड इट्स नॉट ट्रू जो आपने देखे हैं ना हमेशा खुश पंजाबी दे आर एक्चुअली ट्राइंग टू टू ड्राउन आउट द नॉइज़ इन देयर हेड। इसलिए वो हमेशा इतना लाउड म्यूजिक सुनते हैं। कोई जरा सी नेगेटिव बात कर दो पंजाबी। ओए म्यूजिक ऊंचा करो। पंजाबी घरों में डिप्रेशन के दो ही इलाज है। चपेड़ और लिमका। बहुत हो गया। ज्यादा हो गया। बहुत डिप्रेशन। लिमका में नींबू डाल दो। हो गया। ठीक हो जा कोई नहीं। इन मूड दो डकार आने ठीक हो जाना। कुछ नहीं होया। पंजाबीज वांट टू लिव इन ब्रॉड इमोशंस। दे वांट टू
लिव इन रियली ब्रॉड इमोशंस। दे वांट टू ऑलवेज प्रिटेंड दे आर हैप्पी। बच्चे का नाम हैप्पी रख देते हैं यार। गलत हैप्पी सिंग। नाउ यू आर हैप्पी फॉर एवर [ __ ] हैप्पी सिंग। नाउ कैन एवर हैप्पी सिंग बी सैड। हैप्पी सिंह इज सैड। डजंट मेक एनी [ __ ] ग्रामेटिकल सेंस आल्सो। हैप्पी सिंह सैड कैसे स्पेस टाइम कंटिन्यू फट जाएगा उस दिन। हैप्पी सिंह कैन नेवर बी सैड पंजाबियों पे अगर इनसाइड आउट का सीक्वल बने कोई उसमें वो 36 इमोशन नहीं होने वाले एम्बरेसमेंट शेम सैडनेस कुछ नहीं भाई हैप्पी हॉर्नी हंग्री खत्म ये पंजाबीज
इवन व्हेन दे टॉक अबाउट सैडनेस इवन व्हेन दे टॉक अबा अबाउट ड्रामा दे हाइड इट इन सो मच यूफेमि आपको समझ ही नहीं आना वो इतना घुमा फिरा के बोलते हैं क्योंकि उनको भी डर है आप पकड़ लो वो घुमा के बोलते हैं आप भी नहीं समझते द मोस्ट फेमस पंजाबी सॉन्ग द बेस्ट डांस सॉन्ग तमिल शादियों में बज रहा है मैं अभी अपने तमिल दोस्त की शादी में गया मैंने बोला कि सुबह-सुबह वहां पे सुबह-सुबह ना शादी होती 7:00 बजे 6:00 बजे वहां पे एमएस सुबह लक्ष्मी सुनने को मिलेगा वहां बज रहा है तारे
गिनगिन याद तेरी मैं तांदा रातु रोक ना पावा अं अखियां विचो गमियां बरसातु आपने सुना वो कह क्या रहा है तारे गिनगिन याद में तेरी मैं तो जागूं रातों में रोक ना पाऊं आंखों से गम की बरसातों को एंड वी ऑल गो ओ हो हो हो ओ हो हो हो वो रो रहा है त भंगड़ा पा रहे हो पंजाबी कैसे बताए अपना इमोशन भाई क्या करे बेचारा क्या कहां जाए वो एक और वनरेबिलिटी पे पंजाबियों ने एक गाना बनाया है ना दलेर मेहंदी का बड़ा गाना है एक फेमस मैं डर दी रब रब कर दी
मैं डरता हूं मैं रब रब करता हूं वी ऑल छुए मोए छुए क्या करें अब पंजाबी कहां बताएं अपना ट्रॉमा बाथरूम में जाके रोएगा बस अकेले या स्टैंड अप कॉमेडी करेगा फिर वेरी डिफिकल्ट बीइंग अ पंजाबी। इसलिए ना नेक्स्ट टाइम यू सी अ पंजाबी। जस्ट गिव देम अ साइलेंट हग। डोंट आस्क क्या हुआ है? जैसे ही पूछो क्या हुआ या कुछ नहीं हुआ है। म्यूजिक लाओ। छोले भटूरे लाओ यार। तो जस्ट अ साइलेंट हग एंड डोंट से एनीथिंग। दे विल अंडरस्टैंड दैट यू अंडरस्टैंड बट पंजाबी बिकॉज़ ऑफ़ दिस लिविंग इन ब्रॉड इमोशंस ना वो बड़ा
कंफ्यूज हो जाता है। बचपन मेरा बड़ा कंफ्यूज रहा क्योंकि पंजाबी जो तीन बड़े ब्रॉड इमोशन है बड़े इमोशन हैं। लव शो ऑफ प्रिटेंस। पंजाबी को लगता है एक ही है। इसमें तो फर्क नहीं है। क्योंकि वो घुसते नहीं। नोस में उनको लगता है जरा भी नोस में घुसेंगे ना किसी इमोशन के। पता नहीं उसके पीछे से कौन सी ट्रॉमा वाली मेमोरी आ जाएगी। पता नहीं पार्टीशन का कौन सा हिस्सा आ जाएगा। क्या पता इसलिए पैसे को पैसा नहीं बोलते पैसे को इतने पैसे के झगड़े होते हैं आपने देखा होगा दो अगर दामाद चले जाएं एक
रेस्टोरेंट में पंजाबी है ना दो बहनों के दो पति चले जाएं वहां जो नाटक होता है ना कि कौन पैसे देगा वेटर डर जाते हैं मैंने देखा है एक बार वो वेटर आकर बोला कि जी आप 9:00 बजे से लड़ रहे हो 12:00 बज गए हमको शटर गिराना है आप बता दो कौन दे रहा है नहीं तो मैं खुद दे रहा हूं मेरे को घर जाना है वो लड़े पड़े हैं पंजाबी तो वो पैसे को पैसा नहीं बोलते पैसे को प्यार बोलते हैं जी प्यार दे रहे हैं ना गिफ्ट में प्यार बोलते हैं वो मैं
आठ साल का था एक आंटी आई घर पे पंजाबी घरों में रिचुअल है सब जगहों पे है बट पंजाबियों में थोड़ा ज्यादा है कि आंटी आएगी तो बच्चे को पैसे देकर जाएगी मेरी मम्मी उनके घर जाएगी तो जो छोटा बच्चा होगा उसको पैसे देके जाएगी बाकी घरों में भी होता है लेकिन ये टू स्टेप प्रोसेस होता है पैसे दिए और बच्चे ने ले लिए पंजाबी घरों में ये हंगर गेम्स लेवल ब्लड स्पोर्ट पांच छह इसमें स्टेप होते हैं। खून निकलता है लोगों का क्योंकि सिंपल नहीं है। आंटी आई आंटी ने मेरे को बोला आशु इधर
आ। मैंने बोला हां जी एक बात करनी है। मैंने कहा वो बता दिया मामा जी ने। शी सेड क्या? मैंने कहा सॉरी वो फ्यूचर में। सो दे से प्यार। आशु इधर आ। कोने जा तेनु प्यार देना है। मैंने कहा दैट साउंड्स रॉन्ग। उन्होंने बटुआ खोला उसमें ₹100 निकाले। मैंने कहा इसके लिए कर सकते हैं। कोई भी नहीं आठ साल का बच्चा यार। मैं 80 की बात कर रहा हूं। आठ साल के बच्चे को ₹100 दिखा दो। कुछ करने को तैयार हो। मैंने बोला और यहां तो कंसेंट है मेरा और क्या नहीं। अच्छा लगा कल 200
मांग लूंगा इसमें क्या है बट उन्होंने हां वो बस वो और ठीक है तो स्टेप वन होता है कोने में आ प्यार देना स्टेप टू होता है वो जो ₹100 है उसको ऐसे नहीं दे दिया जाता उसको फोल्ड किया जाता है 2 टू दी पावर फाइव उसको फोल्ड करके इतना सा बनाया स्टेप थ्री है बच्चे की मुट्ठी में देना जेब में नहीं देना हाथ में नहीं देना मुट्ठी में देना मुट्ठी इतनी टाइट बंद करनी है कि प्लास से भी ना खुले बाद में स्टेप फोर है कसम दिलानी है आशु तो तेनु कसम है किसी को
बताना नहीं है। मैंने ये पैसे दिए हैं। ये प्यार है मेरा। है ना? ठीक है। किसी को बताना नहीं है। चुपचाप आइसक्रीम खा लेनी। किसी को नहीं बताना। मम्मी को नहीं बताना है। ठीक है? ठीक है। ओके। स्टेप फोर। स्टेप फाइव एज शी स्टेप्स आउट इन हर हेड दिस लव हैज़ इमीडिएटली शिफ्टेड टू शो ऑफ। नाउ दे दिए और सच में खा लिए तो देने का कोई पॉइंट नहीं है। इमीडिएटली शी अनाउंसेस टू द रूम। आशु छोटे भाई को भी खिला लेना। है ना? अकेले नहीं खा जाने सारे। इतने में मेरी मम्मी प्रिटेंस लेकर आती
हैं। अब यहां से शो ऑफ से प्रिटेंस पर शिफ्ट होता है। पूरा गेम दौड़ते हुए आती है। आशु तूने पैसे लिए क्या? आशु चुप कुछ नहीं। आशु तूने पैसे लिए पैसे वापस कर। मुट्ठी खोल पैसे वापस। आशु तू मुट्ठी नहीं खोलेगा तेरे को मेरी कसम। आशु तू मुट्ठी खोल। मेरी कसम है। मुट्ठी नहीं खोलेगा मेरी कसम। मुट्ठी खोल। मेरी कसम है। दोनों की कसमें महाभारत की तीनों टाइप टकरा रही है। आठ साल का आंशु मैं सोच रहा हूं मुट्ठी खोलूं। आंटी मर जाए ना खोलूं। मम्मी मर जाए। एक आठ साल के बच्चे पे कितना प्रेशर
है कि ₹100 में किसी एक की जान जा सकती है। क्या करूं? मैं क्या करूं क्या? आंटी का सपोर्ट करने। अंकल आ गए। मम्मी का सपोर्ट करने। पापा आ गए। दो लोग मुट्ठी खुलाने की कोशिश कर रहे हैं। दो बंद रखने की कोशिश कर रहे हैं। खरोचे लग रही है। मेरे को किसी को कोई फर्क नहीं पड़ रहा। वहां मेरा छोटा भाई पीछे 5 साल का। उसने रोना शुरू कर दिया। उसको लग रहा है यह वो ₹5 की लड़ाई है जो कल मैंने और उसने मिलके चुराए थे कुल्फी के लिए। वो चिल्ला रहा है भैया
भैया को छोड़ दो भैया को छोड़ दो मैंने कहा था ₹5 चुराने के लिए पापा ने पूरे गेम से स्ट्रेटेजिक टाइम आउट लिया जाके एक थप्पड़ उसको पड़ा एक मेरे को पड़ा शर्म नहीं आती पैसे चुराने पैसे चुराए पैसे चुराने मैंने कहा यार खोलने तो दो पांच काट के 95 दे देना मेरे को है फिर धीरे-धीरे ये कसमें डीएस्केलेट होती है। जाते-जाते आंटी बोलती है अच्छा बहन जी आपको भी कसम है। अगली बार आप आओगे मैंने नहीं लेने पैसे। हां जी बहन जी आप भी अगली बार आओगे पैसे ऐसे नहीं कुछ नहीं आप खरबूजे ले
आना। मेरे से तो खरबूजे पंजाबी घरों में खरबूजे इसीलिए आते हैं। बच्चों को देने के लिए आते हैं। खरबूजे का पूरा एक मार्केट बना हुआ है जिसमें बच्चों को खरबूजे खिलाए जा रहे हैं। क्योंकि आंटी ने ₹100 नहीं देने थे। बहुत खरबूजे खाए मैंने बचपन में इस चक्कर में। बट धीरे-धीरे वो निकलते हैं। वो निकलते हैं। मम्मी बोलती है आशु अच्छा हो गया। चल पैसे दे अभी मैं रखूंगी संभाल के। तू क्या करेगा इस उम्र में? मैं क्या करूंगा? मैं पहले मैं मरहम पट्टी कराऊंगा। फिर वो दूंगा आपके ₹5 वापस जिसके मैं थप्पड़ भी खा
चुका हूं। वैसे नहीं। कोई नहीं। तू जब 18 का होगा ना मैं सारे संभाल के रखूंगी। कैलकुलेशन रखा हुआ है मैंने 18 का होगा तब तेरे को मिलेगा तेरे हिस्सा एक्चुअली टू हर क्रेडिट शी केप्ट इट इन अ तिजोरी जब मैं बड़ा हुआ 18 का हुआ तो ट्रॉमा के साथ वो ₹5800 मेरा हिस्सा मिला जो दो थेरेपी में खत्म हो गए ₹200 और डालने पड़े मेरे को ऊपर दो थेरेपी में मैं पूरा वो कहानी भी नहीं समझा पाया कि हुआ क्या था ये आए कहां से हैं पैसे बट दैट ब्रिंग्स अस टू द फाइनल पार्ट
ऑफ द शो, द हैप्पी पार्ट ऑफ द शो। व्हाट कैन वी डू टू मेक थिंग्स बेटर? दो सिस्टम हैं जो हमारी जिंदगी चला रहे हैं। दो बड़े सिस्टम। एक है परिवार और एक है सरकार। परिवार मतलब हमारी फैमिली नॉट द परिवार। हमारा परिवार। दोनों सिस्टम को समझना जरूरी है। मेरे पास ऐसा कोई जादू का मंत्र नहीं कि आप घर जाते ही ये सिस्टम क्रैक कर लोगे। बट आई एम सेइंग जस्ट टू अंडरस्टैंड हाउ दी सिस्टम्स वर्क। व्हाट इज द सेंट्रल प्रिंसिपल ऑफ़ दी सिस्टम्स? द सेंट्रल प्रिंसिपल ऑफ अ फैमिली और हाउ फैमिली कंट्रोल्स यू इज़
थ्रू पेट्रियर्की। पेट्रियर्की इज़ द ओल्डेस्ट रिलजन ऑन द प्लनेट। नियंडरथल में भी था। नियंडरथल में भी नियंडरथल के पापा उसको बोलते थे कि नियंडरथली के साथ तू दिख गया तो ऑनर किलिंग हो जाएगी तेरी। है ना? हमेशा से है। तो पेट्रियाकी कैसे आपको कंट्रोल करती है? पेट्रियाकी कंट्रोल करती है बाय स्केरिंग यू अवे फ्रॉम सेक्स। पेट्रियर्की को यह पता है कि अगर हमने सेक्स कंट्रोल कर लिया यह बता दिया कि सेक्स बहुत बुरी चीज है। हम बताएंगे। हमको पता है कब करना है, किसके साथ करना है तो आप सबको कंट्रोल कर सकते हो। आप औरतों
को कंट्रोल कर सकते हो। बोलोगे कि भाई नौकरी करने थोड़ा जा रही हो सकता है। तुम सेक्स कर लो। तो तुम घर पे रहो। तुम कास्ट को कंट्रोल करते हो, रिलीजन को कंट्रोल करते हो। हर जेंडर को एक्सेप्ट द सिस जेंडर मेल सबको आप कंट्रोल करते हो। पेट्रिय्की ने हमको सेक्स से इतना डराया हुआ है कि आज की तारीख में इस उम्र में मैं बॉम्बे द मोस्ट कॉस्मोपॉलिटन सिटी ऑफ इंडिया मैं अभी चला जाऊं बाहर खार स्टेशन के बाहर एक केमिस्ट शॉप है मैं अभी चला जाऊं और वहां मैं ऊंची आवाज में कंडोम मांग लूं
तो मैं और केमिस्ट और दूसरा कस्टमर जो बेना ड्रिल लेने आया हुआ है हम तीनों के बीच एक सेक्सुअल टेंशन शुरू हो जाएगा हर हर एक के दिमाग में बाकी दो नंगे दिखने लगेंगे। तीनों के दिमाग में एक आवाज कौन देगी? पापी सेक्स करेगा। गंदा आदमी छी। सेक्स सुनते ही हमारे दिमाग में छी आता है। पता नहीं क्यों इस कंट्री में छी ही आता है। सीधे सेक्स मतलब छी। छी आना कैसे चाहिए? आपके ऑफिस में कोलीग है वो कच्छे में लपेट के रोटियां लाया हुआ है। है ना? तो आप बोलो छी। बोले कच्छा भी मेरा
नहीं है। चुराया हुआ। तो छी सेक्स को लेके छी। वीएचएस का जमाना था 80ज 90ज में वीएचएस टेप आते थे। हम लोग किराए पे कलर टीवी लेकर आते थे। किराए पे टेप लेकर आते थे। चार फिल्में हम लोग रात भर देखेंगे। है ना? उस जमाने में हम लोग उसमें पापा बैठे हुए हैं वीसीआर के बगल में। जैसे ही कोई जरा सा इंटिमेट सीन आए उसको फास्ट फॉरवर्ड कर दें। ऐसा मेरा दिमाग [ __ ] अप हुआ कि जब व्हेन आई हैड सेक्स फॉर द फर्स्ट टाइम माय गर्लफ्रेंड टोल्ड मी यू आर गोइंग टू फास्ट। मैंने
बोला ये यही देखा मैंने तो यही स्पीड होती है। वो करते थे ना वीएचएस जिन लोगों ने भी देखा। आई डोंट नो सम अ लॉट ऑफ़ जेंजिस हियर हु डोंट नो। बट वीएचएस में फास्ट फॉरवर्ड में वो विजुअल ऐसा हुआ चू चुती थी या वो तो फिर व्हेन माय गर्लफ्रेंड टोल्ड मी कि यार टॉक डर्टी मैंने चुट्स कॉम्प्लिकेटेड यू नो ग्रोइंग अप इन इंडिया विद ऑल दीज़ क्रेजी थिंग्स इतना डरावना है सेक्स कि जब मैं 11 स्टैंडर्ड में आया और हमारे बायोलॉजी के टीचर को जब 11 स्टैंडर्ड में ह्यूमन रिप्रोडक्टिव सिस्टम का चैप्टर पढ़ाना है
वो टीचर घबराया हुआ बोल रहा है ये देखिए छोड़ दे ऐसा कोई जरूरी है नहीं हम लोग प्लांट्स पे बात करते हैं आगे साले मैं फोटोसिंथेसिस से बच्चे पैदा करूं पढ़ाओ मेरे को जरूरी है ये नहीं देख लेंगे हम लोग आगे देख लेंगे सेक्स एजुकेशन तो वैसे ही नहीं है लेकिन यहां तो ह्यूमन रिप्रोडक्टिव सिस्टम एक बहुत ही है ना ड्राई सा चैप्टर बट साल के लास्ट पे उनको लगा कि कहीं कोई बच्चा कंप्लेंट नहीं कर सर ने पढ़ाया नहीं था तो वह सरसरी निगाह से पढ़ाने आ गए आ तो गए बड़े कांपते हुए हाथों
से उन्होंने मेल रिप्रोडक्टिव ऑर्गन बनाया फीमेल रिप्रोडक्टिव ऑर्गन बनाया इतना गंदा कि बताना मुश्किल कौन सा किसका एक लड़का बोला मेरा तो दोनों में से कोई नहीं लग रहा बहुत घबराए वो बहुत ज्यादा वो भाई पसीना वसीना छूट रहा है पानी पी रहे हैं जैसे करण थापर को इंटरव्यू देने आया हूं अच्छा उसमें भी उनके मुंह से सेक्स और सेक्सुअल वर्ड नहीं फूट रहा। उनको डर लग रहा है कि यह बोल दूं जुबान गंदी हो जाए मेरी। तो वो ना फंबल कर रहे हैं इन शब्दों के बीच में से। वो बोल रहे हैं मेल सेक्सुअल
ऑर्गन। फीमेल सेक्सुअल ऑर्गन। वो चाह रहे हैं जो एस का कर्व है उसके मैं इधर से निकल जाऊं। मेलुअल ऑर्गन फीमेल ऑर्गन मेलुअल। वो मेरा दोस्त रवि उसने हाथ खड़ा किया। बोला सर [ __ ] हम सीख लिए साले हम बैठे रहे तुम्हारे लिए हमको और काम नहीं है जीवन में हम आगे बढ़ गए होते थे हर मोहल्ले में एक [ __ ] भैया होते थे मोहल्ले के जो बच्चों को इकट्ठा करके ये सब बताते थे हर मोहल्ले के ओशो संभोग से समाधि तक पूछो पूछ लो सही गलत ज्यादातर गलत वो बता देते थे। उनसे
हमने पूछ लिया भैया बच्चे कैसे होते हैं? बोले आशु जी इधर आओ। बहुत चंचल मन है तुम्हारा। काहे पूछ रहे हो? मैंने कहा ऐसे ही भैया वो कुछ तो सर ने कुछ हेकशुला और पता नहीं क्या बताया था। बोले कुछ नहीं है ऐसा है। सेक्स बहुत बड़ा हवा बनाया हुआ है। दुनिया ने कुछ नहीं है। बड़ा सिंपल सी चीज है। ऐसा कोई इसमें बहुत मजा भी नहीं आता। कुछ नहीं है। जब मेल ब्रेस्ट फीमेल ब्रेस्ट से टच होते हैं। बच्चे हो जाते हैं। मैंने आंटियों से गले मिलना छोड़ दिया। मुझे लगा साला बाली उम्र में
कोई कांड ना हो जाए। और बाय चांस एक आंटी का बच्चा हुआ। मैंने बोला हाय राम मैं तो उस दिन वो ₹100 के चक्कर में मैं तो गले मिला था। ये तो सच में प्यार का आदान प्रदान हो गया। अब क्या करेंगे? गया वो चोरी छुपे बच्चे को देखने। मैंने बोला नाक तो मिल रही है। फिर मैं गया अपना वो पापा के बटुए में से वही ₹100 जो उसी आंटी ने दिए थे। जो टू टू दी पावर फाइव मोड़े हुए बच्चे के साइज के ही थे उसकी मुट्ठी में जाके मैंने चोरी छुपे बंद किए। मैंने
कहा देख बेटा इस उम्र में तो तेरा बाप इतना ही कर सकता। बड़े होकर रैंडमली किसी से गले मत मिलना। और अगर उस बच्चे ने वो वो नसीहत मान ली तो वो कभी प्रधानमंत्री नहीं बन पाएगा। बट तो पेट्रियर्की को तोड़ने का बड़ा सिंपल तरीका है। बेसिकली यू हैव टू गेट आउट ऑफ द शेर और टैबू ऑफ़ सेक्स। बेसिकली कीप कॉलिंग योर पेरेंट्स, एल्डर्स, चाचा, ताऊ को कॉल करो रैंडमली बोलो सेक्स। और रख दो। रख दो ऐसे। मैंने मैंने अपने ताऊ जी को फोन किया। मैंने बोला सेक्स वो बोले गंदी बातें करनी है तो पाकिस्तान
एंबेसी फोन कर। बट दूसरा सिस्टम ज्यादा कॉम्प्लिकेटेड है। यह फिर भी हम समझ सकते हैं। दूसरा सिस्टम जो है सरकार गवर्नमेंट वो वेगनेस पे चलता है। वह चाहता है कि वह वेग रहे। वह चाहता है कि वह वैसा शराबी बाप रहे जो घर आकर पीट भी सकता है और प्यार भी कर सकता है। उसमें ना बहुत मजेदार डिक्टेटर बनते हैं जो कुछ भी कर सकते हैं कभी भी। तो वो गवर्नमेंट वो है हमेशा से। सिस्टम उन्होंने ऐसा बनाया कि वेग रखो। कोई चीज जो कभी वर्क नहीं करती अचानक से वर्क कर रही है और कोई
चीज जो वर्क करनी चाहिए वो कभी वर्क नहीं करती। जैसा होता है। जैसे सरकार से हमारा टू वे रिलेशनशिप है। सरकार हमको कुछ देती है। फैसिलिटीज देती है, इंफ्रास्ट्रक्चर देती है, सेफ्टी देती है, सिक्योरिटी देती है। इन हाइपोथेटिकली बहुत चीजें देती है। बदले में हमसे कुछ लेती है। बदले में हमसे टैक्सेस लेती है, रेवेन्यू लेती है, निष्ठा लेती है, प्राण बहुत कुछ लेती है। जहां सरकार हमको कुछ देती है, वो सिस्टम ब्रोकन है। डिलीवरी सिस्टम ब्रोकन है। आई कंप्लीटली अंडरस्टैंड। आई मीन दुनिया में ज्यादातर डिलीवरी सिस्टम ब्रोकन है। बट जहां सरकार को हमसे कुछ लेना
है, जहां सरकार को हमसे पैसे लेने हैं, रेवेन्यू लेने हैं, टैक्सेस लेने हैं। वो सिस्टम भी ब्रोकन है। देन इट हिंट्स एट अ डेलीबेट वेगनेस ऑफ फस्केशन काइंड ऑफ एन ओपेक सिस्टम। जैसे कि सरकार का सबसे बड़ा रेवेन्यू सोर्स है इंडियन रेलवेेज। आईआरसीटीसी की वेबसाइट देख के अगर आपको लगता है कि सरकार चाहती है कि आप टिकट बुक कर पाओ। आईआरसीटीc के होम पेज पे कैप्चा का जो गरबा चल रहा है मैं कैप्चा अरे मैं भी कैप्चा अरे मैं भी मैं भी वो कैप्चा भरो वो बोलता है मैं कैप्चा था ही नहीं मैं तो ऐड
था कैप्चा तो वो जा रहा है वो जा रहा है उसको पकड़ने जाओ तो एक दिशा नाम से आंटी उन्होंने रखी है एक एनिमेटेड कैरेक्टर दिशा वो आ जाती है मे आई हेल्प यू मैंने बोला आप हटो मेरा कैप्चा जो दिशा है आपने अगर देखा हो आईआरसीटीसी दिशा नाम की एक कूदती हुई कैरेक्टर आती है जो बोलती है कि मैं आपकी मदद कर सकती हूं। कुछ लोग जो उस विंटेज के हैं उनको याद होगा माइक्रोसॉफ्ट वर्ल्ड में क्लिपी नाम का एक ऐसा ही किरदार था जिसको लगता था कि हम हिंदुस्तानियों को चिट्ठी लिखनी नहीं आती
तो इनको सिखाना चाहिए। तो जैसे ही तुम कुछ लिखने जाओ वो बोलता था डियर सर से शुरू करो। मैंने कहा मैं मां को लिख रहा हूं। तो वो क्लिपी था। क्लिपी फिर एक टाइम पर बूढ़ा हुआ मर गया और क्रिश्चियन था तो दफना दिया गया। भारत सरकार गई उसकी कब्र पे और उसको खोद के निकाला और उसको बोला कि सरकारी जॉब मिलेगा। वही जो पहले करते वही करना है। सरकारी जॉब है। परमानेंट जॉब है। बस धर्म परिवर्तन करके हिंदू नारी बनना पड़ेगा तुमको। बिंदी साड़ी से तो उसको ढक के वो ले आए उसको तो वो
दिशा बन गई क्लिपी जो है अब दिशा हो गई है और दिशा जो है वो घूमती रहती है आईआरसीटीसी पे कैप्चा भरवाती है लोगों से इतने कैप्चा हैं उनके पास और जब तक आप एक कैप्चा भरो वो बोलता है कि मैं नहीं था वो था वो था वो बोलता है वो मैं नहीं था वो था वो जा रहा आप जब तक कैप्चा पकड़ो तब तक वो बोलता है जी सॉरी टाइम आउट हो आप रिफ्रेश कर दो। रिफ्रेश करो। वो साला फिर से वो बोलता है अजी 15 मिनट का अभी ना मेंटेनेंस चल रहा है हमारा।
डेली ये लोग 15 मिनट क्या मेंटेन करते हैं मुझे नहीं पता। फेविकॉल से कैप्चर चिपका रहे हो क्या तुम वहां पे साले? चल क्या रहा है? अमेजिंगली। इससे सुंदर यूआई मैंने नहीं देखा है। 36 कैप्चा भरने का मैं मुंबई पुणे। पुणे मुंबई मेरे को टिकट बुक करना था। मैं मुंबई पुणे मैंने बुक किया। 36 कैप्चा भरने के बाद फाइनल पेज पे पहुंचा। वहां पे आया कि जी गो बैक टू होम बुक करना था टिकट। मैं गो बैक टू होम। अब मुझे मुंबई पुणे था। पुणे-मंबई चाहिए था। फ्लिप का ऑप्शन नहीं है। वहां पे यह नहीं
कि आप रिटर्न टिकट ऐसे ही फ्लिप करो और तो वो ड्रॉपडाउन में से ही ढूंढना पड़ता है। फ्रॉम मुंबई टू पुणे था। मेरे को चाहिए था फ्रॉम पुणे टू मुंबई। मैंने वो ड्रॉपडाउन से मुंबई को पुणे किया। किया ही था। पॉप अप आया एक स्प्लिट सेकंड में। कैन नॉट बुक दिस टिकट फ्रॉम एंड टू कांट बी सेम। मैंने कहा यस सॉरी माय बैड मैं मैं बता देता हूं मैं वापस घर आना चाहता हूं तो मैं पहले ना वो चेंज कर देता हूं कि वापस मैं मुंबई आना चाहता हूं तो मैंने वो मुंबई टू पुणे था
मैंने बोला पुणे को मैं पहले मुंबई कर देता हूं ताकि उसको समझ आए कि लड़का वापस घर आना चाहता है तो मैंने वो जैसे ही मुंबई किया तुरंत फिर पॉप अप आया कैन नॉट बुक दिस टिकट टू एंड फ्रॉम कांट बी सेम मैंने अपनी वाइफ को बुलाया इधर बैठो मैं जैसे ही मुंबई पुणे करूंगा तुम पुणे को मुंबई कर देना। शादी का यही तो मतलब होता है। साथ मिलके टिकट बुक करें। मैंने मुंबई पुणे किया। उसने पुणे-मुंबई किया। दो पॉपअप आए दिशा बंदूक लेके आई। हरामजादे समझ नहीं आ रहा। मैंने कहा ओके हाइपोथेटिकली मान लीजिए
दिशा जी मान लीजिए हाइपोथेटिकली दुनिया में एक [ __ ] है एक पूरे ब्रह्मांड में एक [ __ ] है हाइपोथेटिकली जो मुंबई टू मुंबई बुक करने के आपको ₹1200 दे रहा लो भोसड़ी के लो दे रहा हूं मैं ₹10 तुम्हारे मैं जाऊंगा प्लेटफार्म पे ट्रेन टच करके वापस आ जाऊंगा। बस देखो तो यह करना क्या चाहता है। देखो ये लड़का कुछ तो सोचा होगा। इसने भी 45 मिनट से कंप्यूटर के सामने बैठा है। कुछ शायद 36 यूज़ केस जो तुमने बनाए उसमें से एक रह गया हो। कि लोग वापस घर आना चाहते हैं। कैसे
मैंने बुक किया? मैंने किया वो फ्रॉम मुंबई टू पुणे था मेरे को चाहिए था फ्रॉम पुणे टू मुंबई मैंने मुंबई को पहले हैदराबाद किया पुणे को फिर मुंबई किया फिर इसको पुणे किया दिशा फिर आई आर यू ओके मैंने बोला नो ऑफ कोर्स नॉट एक और ऐप है इनका ये तो लॉन्ग डिस्टेंस है यूटीएस नाम का ऐप है जहां यहां पे कुछ लोग इस्तेमाल करते होंगे शायद है ना यूटीएस अनरिजर्व टिकटिंग सिस्टम जो लोकल ट्रेन के लिए मुंबई में इस्तेमाल होता है और काफी जगहों पे जो भी आपको शॉर्ट डिस्टेंस ट्रेंड अनरिजर्व टिकट चाहिए हो
तो यूटीएस है एक तो उसका नाम ऐसा है कि रेलवे को यूरिनरी की बीमारी हो जाए क्या नाम हुआ साला मैंने खुद ही डाउनलोड किया था 6 महीने बाद मैंने देखा ये रिपोर्ट कब आई मुझे यूटीएस है अच्छा यूटीएस में ₹10 ₹1 की टिकट ही बुक करते हैं आप। बोरीवली से चर्च गेट जाओगे मेरे ख्याल से ₹15 की टिकट है। अंधेरी से चर्च गेट जाओगे 10 या ₹12 की। ₹10 की है। ₹10 की टिकट के लिए उन्होंने इतने कमाल के इसमें सिक्योरिटी फीचर लगाए हैं कि कोई चुरा ना ले। चुरा ना ले। कोई ₹10 ना
चुरा ले भारत सरकार के खजाने से। फिर हम 5 ट्रिलियन कैसे बनेंगे? ऐसे ऐसे उन्होंने बैड फेथ डिजाइन एलिमेंट हैं। उसमें दो कमाल के बैड फेथ डिजाइन एलिमेंट। अंधेरी से चर्च गेट मेरे को जाना है। अंधेरी स्टेशन पे मेरे को टिकट बुक करनी है। स्टेशन से 200 मीटर रेंज के बाहर होना पड़ेगा। क्यों? क्योंकि उनको लगता है कि अगर प्लेटफार्म पे ही टिकट अलाउ कर दिया तो जब टीटी मेरे को दिखेगा तब मैं बुक करूंगा। वरना मैं नहीं करूंगा। वरना मैं ₹10 बचाने के लिए मैं जॉन अब्राहम हो जाऊंगा धूम का टीटी मेरी तरफ आ
रहा है स्लो मोशन में मैं खटखट खट टिकट बुक करूंगा धूम धूम आई एम ऑन फायर ये लो क्या लगा था तुमको 200 मीटर रेंज के बाहर होना है लेकिन बहुत दूर नहीं हो सकते 400 मीटर के अंदर होना है क्यों सेकंड सेफ्टी मैकेनिज्म बैड फेथ उनको लगता है बहुत दूर टिकट अलव कर दिया। तो मैं जब टीटी को देखूंगा मेरे पास टिकट नहीं है। मैं अपने दोस्त को फोन करूंगा जो दिल्ली में बैठा है कि जल्दी से टिकट बुक करके भेज। टीटी मेरी तरफ आ रहा है। स्लो मोशन में धूम का गाना शुरू हो
चुका है। जल्दी भेज वो WhatsApp पे भेजेगा। मैं फिर दिखाऊंगा धूम धूम 200 मीटर के बाहर होना है। 400 मीटर के अंदर होना है। मैं टिकट नहीं बुक कर रहा हूं। मैं चक्रव्यूह तोड़ रहा हूं यहां पे। हो ही नहीं सकता है। बताओ साले मैं क्या सड़क पे इंची टेप लेके चलूं मैं? मैं पैदल आ रहा हूं अंधेरी स्टेशन की तरफ। भैया पान वाले प्लीज पकड़ लो मेरे 25 मीटर रह गया समझ नहीं आ रहा। पता नहीं क्यों यह भारत सरकार के सारे ऐप कोई भी ऐप आपको घर वापस नहीं जाने दे रहा। चाह क्या
रहे हैं ये लोग। यूटीएस और मुश्किल हो जाता है इस्तेमाल करना। जब मैं मेट्रो से आ रहा हूं। मैं वसोवा में मेट्रो से चढ़ता हूं। मैं चाहता हूं कि मेट्रो से मैं अंधेरी स्टेशन उतरूं और सीधे लोकल ट्रेन ले लूं और मेरे को टिकट विंडो पे ना जाना पड़े जहां बहुत लंबी लाइन होती है या वो जो ऑटोमेटिक टिकट का उन्होंने जो बूथ बनाया है देखा होगा आपने वो बूथ जिसमें अंधेरी टच करो तो अंबरनाथ आता है इतना आराम से वो टिकट प्रिंट करता है। मुझे लगता है अंदर अंकल बैठे हैं। जो चाय पी रहे
हैं। बोला हां कोई नहीं करो करो घूमो घूमो घूमो हम दे रहे हैं सच में एक बार मुझे सच में ऐसा लगा कि उधर से हाथ दिया क्योंकि मैं टिकट वेट कर रहा हूं इधर से आएगा किसी ने इधर से मेरे जेब में डाला तो मैं नहीं चाहता उस मशीन का सामना करना मैं चाहता हूं कि मैं मेट्रो में बैठूं इसीलिए बनाया गया है वो ऐप कि आपको विंडो पर ना जाना पड़े आप मेट्रो में बैठे-बैठे मैं टिकट बुक करके इधर दौड़ते हुए उतर जाऊं और प्लेटफार्म से भाग जाऊं। अब गेम यह है कि वसोवा
जो पहला स्टेशन है जहां से मैं चढ़ता हूं वह 400 मीटर के बाहर है। दूसरा स्टेशन डीएन नगर 400 मीटर के बाहर है। तीसरा स्टेशन आजाद नगर 400 मीटर के बाहर है। जब मेट्रो मेरी आजाद नगर से अंधेरी की तरफ जा रही है और वो सोनी मोनी इलेक्ट्रॉनिक के ऊपर से गुजरती है। तो 400 मीटर का रेंज शुरू होता है। 200 मीटर बाद जब यही मेट्रो जय हिंद वड़ा पाव के ऊपर से गुजरती है तो यह रेंज खत्म हो जाता है। 200 मीटर का यह सफर मेट्रो 5 से 7 सेकंड में पूरा करती है। इसमें
मुझे टिकट बुक करना है और इसमें इस ऐप में एक [ __ ] ओटीपी भी आता है। 6 सेकंड में भारत सरकार का कौन सा ओटीपी आया है? मैंने कोविड की सेकंड वैक्सीन फर्स्ट वैक्सीन के ओटीपी से लगवाई थी। पता है? मैं दरवाजे से चिपक के खड़ा रहता हूं कि सोनी मोनी आए अब मैं शुरू करूं अपनी प्रक्रिया एक दिन मेरे मुंह से ऐसे ही निकला सोनी मोनी वो डर गया बगल में जो खड़ा हुआ था बोला कूदेगा मैंने बोला नहीं टिकट बुक कर टाइम मत वेस्ट करो मेरा हर सेकंड कीमती है बहुत बार मैंने
ट्राई किया नहीं होता वो 6 सेकंड में होता ही नहीं है मैं या तो रेंज के बाहर होता हूं या बोलता है आप तो स्टेशन पे आ गए जी अब आप बाहर भागो फिर मैं बाहर जाता हूं फिर मैं अंधेरी स्टेशन से निकल के जहां पे फोटोकपी की बड़ी-बड़ी दुकान है उसके भी पार जाके वहां पे मैं बुक करता हूं फिर आता हूं इधर ये ये करना पड़ता है मैं अक्सर हर बार मैंने ट्राई किया सैकड़ों बार एक दिन ऐसा हुआ कि मैंने बोला आज मैं सारे ऐप बंद करूंगा मैंने वॉलेट में ₹2000 भरे ₹10
के टिकट के लिए और मैंने किया और खट से वो बाय चांस ओटीपी आया और हो गया बुक उस रात अपुन 2:00 बजे तक दारू पिया तो ये एक खेल है। दूसरा खेल जो है भारत सरकार खेलती है इनकम टैक्स वेबसाइट पे। इनकम टैक्स की वेबसाइट पे इतने इजी कैप्चर नहीं है। वहां मैथ्स के सवाल आते हैं। उनको लगता है यहां तो साले हम पूरी तुम्हारी है ना मैथ्स का सवाल बताओ तुम। मैथ्स का सवाल आता है वहां पे। सिंपल 7 एक्स यू डब्ल्यू वाले कैप्चा नहीं आते। पिछले साल की बात है। मैं इनकम टैक्स
भरना था मुझे। मैं वेबसाइट पर गया। मेरे पास लॉग इन है, पासवर्ड है। उसके बावजूद वहां पर भारत सरकार की प्रीएच कैप्चा। कैप्चा है। कैप्चा में एक मैथ्स का सवाल है। पूरा स्टेटमेंट है और लास्ट में एक बॉक्स बना है जहां जवाब लिखना है। ट्रू स्टोरी सवाल आया। व्हाट इज द लेंथ ऑफ अ 7 मीटर स्टील रोड? मैं बाथरूम में गया। मैंने बाल्टी भरी। मुझे लगा आज गोमूत्र ज्यादा हो गया। मुझे ठीक से दिख नहीं रहा है। मैंने फिर से पढ़ा। व्हाट इज द लेंथ ऑफ़ अ 7 मीटर स्टील रोड?" मैंने कांपते हुए हाथों से
लिखा 7 मीटर। बोलता है गलत है। मुझे याद आया स्कूल में मेरे एक मैथ्स के टीचर थे होरा सर। तो बोलते थे अगर क्वेश्चन में यूनिट लिखा हो तो आंसर में यूनिट लिख के टीचर का टाइम नहीं वेस्ट करना चाहिए। तो मुझे लगा हो सकता है होरा सर की इनकम टैक्स में कैप्चा की जॉब लगी हो। तो मैंने सेवन लिखा। मैंने बोला होरा सर आई रिमेंबर। बोलता है गलत है। मैंने फिर सेंटीमीटर में कन्वर्ट किया। मतलब हो सकता है एपटीट्यूड का सवाल हो। मैंने लिखा 700 सेंटीमीटर। बोलता है गलत है। मैंने इंच में कन्वर्ट किया।
बोलता है गलत है। मैंने अपने पापा को फोन किया। पापा फरलांग नाम का यूनिट चलता था आपके टाइम पे। 7 मीटर कितने फरलांग होते हैं? पापा बोले फिर गंदी बातें कर रहा है तू रख। मैंने फिर पढ़ा व्हाट इज द लेंथ ऑफ़ अ 7 मीटर स्टील लॉर्ड। मुझे हो सकता है बड़ा पर्सनलाइज सा सवाल हो। वरुण फीट में। क्या पता मेरे पैर भी इन्होंने आधार से जोड़ दिए हो। 7 मीटर की स्टील लॉर्ड कितनी होती है? गलत है। रिफ्रेश करने का ऑप्शन था। वो क्वेश्चन बदल सकते हैं आप। अगला कैप्चा आ जाता है। अगला सवाल
आ जाता है। लेकिन मैं आईआईटी गया हूं। मेरा ईगो नहीं अलव कर रहा था। ये [ __ ] सवाल थे। से मैंने बताऊंगा। रुक मैं बताऊंगा। मैंने फिर पढ़ा। व्हाट इज द लेंथ ऑफ अ 7 मीटर स्टील रोड? स्टील क्यों कह रहा है ये? कहीं ये थर्मोडायनेमिक्स का सवाल तो नहीं। कहीं ये तो नहीं जानना चाहता कि इस टेंपरेचर और इस एटमॉस्फेरिक प्रेशर पे 7 मीटर की स्टील रोड कितनी एक्सपेंड या कॉन्ट्रैक्ट हो जाती है। मैंने चार्ल्स लॉ बॉयल्स लॉ लगा के निकाला। 7.016 मीटर। ये गलत है। हार के फाइनली मैंने क्वेश्चन रिफ्रेश किया। अगला
सवाल आता है व्हाट इज 3.2 इंच - 1.2 सें.मी. यूनिट कौन था प्रभु? यूनिट नाम की एक छोटी सी चीज होती थी मैथ्स में। उस दिन मेरे को यह समझ आया कि ऐसा नहीं है कि विजय माल्या टैक्स भरना नहीं चाहता। वो भर नहीं पाया। वो 7 मीटर की स्टील रोड अपनी गांड में डाल के चला गया लंदन और मैं भी नहीं भर मैं नहीं भर पाया मेरे को मेल आने लगे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के फोन आने लगे फाइनली एक फोन आया कि जी आप टैक्स नहीं भर रहे मैंने बोला मैं एक सवाल पूछूं आपसे
व्हाट इज द लेंथ ऑफ अ 7 मीटर स्टील लॉर्ड उसने काट दिया बहुत मैं परेशान हो गया। मेरे दोस्त मुझे डराने लगे कि ऐसा है कि तू वैसे ही बहुत पॉलिटिकल कॉमेडी करता है। दे आर लुकिंग फॉर वन स्मॉल मिस्टेक फ्रॉम योर एंड एंड दे विल पुट इनकम टैक्स रेड और समथिंग ऑन यू एंड यू नो यू विल बी जेल्ड एंड ऑल। सो आई वास सो डिप्रेस्ड एंड देन दैट डे हैपेंड वेयर आई यू नो गॉट दैट टिकट यूटीएस का मेट्रो में और 2:00 बजे तक शराब पिया मैंने तो शराब के नशे में मैं वापस
गया और मैंने खोला वो इनकम टैक्स का व्हाट इज द लेंथ ऑफ अ 7 मीटर स्टील रोड? मैंने लिखा वाह मोदी जी वाह। एंड इट्स [ __ ] अलाउड मी इन बिकॉज़ नथिंग मेक्स सेंस। थैंक यू। थैंक यू थैंक यू थैंक यू थैंक यू थैंक यू