तुम जिस समय पैदा हुए हो दुनिया का सबसे सुंदर समय तुम जिस जगह पैदा हुए हो दुनिया की सबसे अच्छी जगह तुम जो काम कर रहे हो यह दुनिया का सबसे अच्छा काम है पहले लोगों ने क्या किया था यह भूल जाओ मेरे से भी लोग कहते थे मैं जब आया कवि सम्मेलनों में आज से 30 साल पहले तो मेरी एक दोस्त थी क कवित्री थी कविता पढ़ती थी ग्वालियर की तो मैं गीत भी सुनाता था और हंसाता भी था लोगों को तो एक जगह है मयर जहां सरस्वती देवी का मंदिर है मध्य प्रदेश में
वहां के कवि सम्मेलन में हम लोग थे और मैयर की मां के सीढ़िया चढ़ रहे थे दर्शन करने के लिए तो लड़की मुझसे बोली कि कुमार तू कन्फ्यूज आदमी है मैंने कहा कैसे बोले तू तय नहीं कर पा रहा कि तुझे क्या बनना है उस समय कवि सम्मेलनों के दो सुपर स्टार पोट थे जो सबसे बड़े स्टार थे मैंने कहा मैं तेरी बात नहीं समझा बोली तू तो कर कि तुझे सुरेंद्र शर्मा बनना है कि गोपालदास नीरज बनना है मैंने क तो दोनों बन गए सुरेंद्र शर्मा सुरेंद्र शर्मा बन गया गोपाल द गोपाल बन गए
तो बन गए बोले तुझे क्या बनना है मैंने कहा मुझे कुमार विश्वास बनना है जोरदार तालियों से स्वागत हो जाए डॉक्टर कुमार विश्वास आज इस हॉल में आप देश के सबसे महत्त्वपूर्ण शहरों में से एक है गुड़गांव और उसके सबसे खूबसूरत क्षेत्रों में से यह है जहां आप बैठे हो मुझसे अक्सर इंटरव्यू लेने वाले लोग पूछते हैं हिंदी की कविता जो 00 रप में थी आपने जो पुराने लोग होंगे 1970 और 60 की हिंदी फिल्में देखी हो 1960 की और की हिंदी फिल्मों में जो हीरो होता था राजेंद्र कुमार हो धर्मेंद्र हो एक शायर उनका
दोस्त होता था महमूद जॉनी वाकर व गरीब आदमी होता था और उसका एक ही काम होता था कि व सबको शायरी सुनाना चाहता था कोई उसकी शायरी सुनना नहीं चाहता जब मैंने सन 2000 में यह काम शुरू किया कि मुझे सार्वजनिक रूप से कविताएं सुनानी है तो मैंने उस दिन तय किया कि अब शायर चप्पल में नहीं घूमेगा अब शायर तांगे में नहीं चलेगा रिक्शे में नहीं चले अब शायद मर्सडीज एस क्लास में चलेगा चार्टर में चलेगा और अगर लोगों का दूसरे का गाया हुआ दर्द बिक सकता है तो मेरी जी हुई आत्मा का दर्द
महंगा बेचा जाएगा यह मैंने तय किया हो तात्पर्य य है कि अगर आप तय कर ले कि आपको अपने आप को कैसे प्लेस करना है मकान तो सब बना रहे हैं फ्लैट तो सब बना रहे हैं अलग-अलग समूह के कई बिल्डर तो सामने बैठे लेकिन आप अपने प्रोडक्ट के बारे में तय कर ले बनाने वाले आप और बेचने वाले जो पीछे बैठे हैं कि हमारे बीच का सामंजस्य क्या है और एक बात और ध्यान रखना यह जो आगे बैठे हैं सोफे वाले इनको यह बात पता चलेगी आप लोग भगवान करे जल्दी जान जाओ इस देश
में एक करोड़ रुपए महीने कमाना बहुत मुश्किल काम है घुटने लग जा मैं गुजरा हूं इससे इसलिए मुझे पता है आप सब तो गुजरे हैं ही बहुत मुश्किल काम है एक लाख रुप कमाना दो लाख रुप कमाना पा लाख रुप कमाना ज्यादा मुश्किल काम नहीं है एक करोड़ रुपए कमाना और नियमित रूप से कमाना मुश्किल काम है लेकिन जब 15 20 करोड़ रुप साल कमाने लगो उससे 300 करोड़ के बिजनेस करना कोई कठिन काम नहीं है दो अच्छे चार्टर्ड अकाउंटेंट रखो एक अच्छा एमबीए मैनेजर रखो दो साल के अंदर आप 300 करोड़ के टर्नओवर के
आदमी हो जाते हैं क्या काम चल रहा है साहब इस साल कंपनी का टर्न ओवर कितना रहा 300 करोड़ 400 करोड़ उसमें अपने 10 करोड़ ही है बाकी सब ऐसे ही चल नाहा है अब उस 300 करोड़ के बाद आदमी की जद्दोजहद शुरू होती है कभी पैर कभी चादर कभी चादर कभी पैर प्रोजेक्ट जब आता है जमीने ली जाती है इन्वेस्टमेंट होता है तो चादर छोटी लगती है प्रोजेक्ट जब बिकना शुरू हो जाता है तो चादर बड़ी लगती है ऐसा लगता है कि अब तो मैं अमेरिका में काट दू प्लॉट यहां तो क्या रख रहा
है भाई इसी कशमकश में 40 45 होने के बाद एक दिन शाम के खाने पे यहां थोड़ा दर्द होता है शुरू शुरू में लगता है कि गैस हो गई फिर दोस्त कहता है कि दिखा लो डॉक्टर को तो डॉक्टर बताते हैं कि दो तीन नाली में कचरा जमा हो गया है अब तेल छोड़ना पड़ेगा चिंता छोड़नी पड़ेगी स्ट्रेस छोड़ना पड़ेगा यहां 50 आते आते जीवन में धर्म उतरना प्रारंभ होता है फिर आप बच्चों से कहना शुरू करते हैं बेटा हमने तो कर लिया अब तो तुम लोग देखो आगे क्या हो सकता है यह जो थकान
है सोच की थकान है यह एक ही काम से दूर हो सकती है उसे आज जीवन में उतार लोगे तो मैं दावा करता हूं कि आप थकान में नहीं आओगे क्योंकि मैं में खड़ा हो इसलिए कह रहा हूं कि मैं पिछले 35 साल से काम कर रहा हूं 17 वर्ष की आयु में मैंने पहला कवि सम्मेलन पढ़ा था आज मैं 54 वर्ष में काम कर रहा हूं खड़े होते समय उतनी ही एनर्जी रहती है जितनी आज से 34 साल पहले पहले कवि सम्मेलन में थी आज और कोई नुकसान होने पर उदासी नहीं होती मेरे छ
सात आ साल का कितना नुकसान हुआ है तुमसे बेहतर तो कोई जानता नहीं लेकिन मेरा चेहरा देख लो और जो उस मलाई का फायदा चाट गए उनका चेहरा देख मेरी प्रसन्नता देख लो और उनके दुख देख लो मेरे सोशल मीडिया के नीचे तारीफ और आशीर्वाद देख लो और उनके सोशल मीडिया के नीचे गाली देख लो सूत्र देकर जा रहा हूं जिसकी मस्ती जिंदा है उसकी हस्ती जिंदा [प्रशंसा] है काम को करना तो आनंद की तरह करना मकान बनाना मकान बेचना फ्लैट बेचना तो ऐसे करना जैसे बैडमिंटन का मैच खेल रहे हो जैसे घर पर बैठकर
शतरंज खेल रहे हो पत्नी ने पकोड़े बना दिए चार दोस्त आ गए अगर तुमने काम को यह समझ के करा कि बड़ा मुश्किल काम चाहे य आपके चेयरमैन हो चाहे पीछे बैठा हुआ सबसे पीछे बैठा हुआ वह 100 फ्लैट बेचने वाला मेरा भाई हो जो भी घर से काम करने निकले यह समझना मंदिर जा रहा हूं पूजा करने के लिए सदा अपने काम की तारीफ करना अपनी कंपनी की तारीफ करना अगर यह कहते रहे कि बड़ा मुश्किल है बहुत खराब माहौल है रिसेशन आ गया है अब तो बिक ही नहीं रहा प्रॉब्लम हो गई है
यह हो गया है तो यह दुख तुम्हारे जीवन में परिणाम दुख ही लाएगा और अगर किसी ने भी रात को उठा के भी पूछा कि काम कैसा चल रहा है अरे बड़ी लक्ष्मी की कृपा है माता की बड़ी कृपा है रस बरस रहा है पांच प्लॉट बेच दिए छह और बेचूंगा बहुत शानदार हो जाएगा आगे चलने वाला हूं यही सुख तुम्हारे जीवन में सुख बनकर उतर जाए मुझे लोग मिलते हैं दुखी मैं उनसे कहता हूं कि क्यों दुखी हो मेरे काम को लेकर मुझसे ज्यादा दुनिया दुखी है एयरपोर्ट पर जाता हूं तो सीआईएसएफ वाला मुझसे
कहता है भाई साहब बड़ा बुरा हुआ पार्लियामेंट में दिखने चाहिए थे आप मैंने कहा जो दिख रहे उन्होंने क्या कर लिया हरियाणा का एक लड़का स्कूल में पढ़ता था चौथी क्लास में एक दिन छ मार दी अगले दिन गया तो अध्यापक ने कहारे तू कल क्यों नहीं आया था बोले गुरुजी कल मन नहीं था अरे बोले कल भी आना चाहिए था बोले हा गुरुजी नहीं आ पाया था अरे बोले तुझे कल आना चाहिए था लड़के को आया गुस्सा बोले जो कल आए थे उन्हे कौन कलेक्टर बना लिया था ने अरे आज पढ़ लूंगा इतने दुखी
लोग हैं अब मैं कहता हूं जो चला गया जो नहीं मिला जिसकी संभावनाएं थी जो हो सकता था उसे गिनने की बजाय मैं गिनू कि मुझे मिला क्या पता नहीं लोग दुखी क्यों है तुम जिस समय पैदा हुआ दुनिया का सबसे सुंदर समय तुम जिस जगह पैदा हुए दुनिया की सबसे अच्छी जगह तुम जो काम कर रहे हो यह दुनिया का सबसे अच्छा काम है पहले लोगों ने क्या किया था यह भूल जाओ मेरे से भी लोग कहते थे मैं जब आया कवि सम्मेलनों में आज से 30 साल पहले तो मेरी एक दोस्त थी कवित्री
थी कविता पढ़ती थी ग्वालियर की तो मैं गीत भी सुनाता था और हंसाता भी था लोगों को तो एक जगह है मयर जहां सरस्वती देवी का मंदिर है मध्य प्रदेश में वहां के कवि सम्मेलन में हम लोग थे और मैयर की मां के सीढ़िया चढ़ रहे थे दर्शन करने के लिए तो लड़की मुझसे बोली कि कुमार तू कंफ्यूज आदमी है मैंने कहा कैसे बोले तू तय नहीं कर पा रहा कि तुझे क्या बनना है उस समय कवि सम्मेलनों के दो सुपरस्टार पोट थे जो सबसे बड़े स्टार थे मैंने कहा मैं तेरी बात नहीं समझा बोली
तू तय तो कर कि तुझे सुरेंद्र शर्मा बनना है कि गोपाल दास नीरज बनना है मैंने कहा ये तो दोनों बन गए सुरेंद्र शर्मा सुरेंद्र शर्मा बन गया गोपाल दास गोपाल बन गए तो बन गए बोले तुझे क्या बनना है मैंने कहा मुझे कुमार विश्वास बनना है आज तो आपने ताली बजाई लेकिन उसने मुझसे यह पूछा था यह क्या होता है कुमार विश्वास एक ब्रांड तो तय करना पड़ेगा आज वो मिलती है तो मुझसे कहती है कि हिंदुस्तान का हर कभ लगभग कुमार विश्वास बनने की कोशिश करता है और जो भी कवि मुझसे पूछता है
कि मैं आप जैसा बनना चाहता हूं मैं उसे कहता हूं मेरे जैसा मत बन मैं बन चुका तू अपने जैसा बन जो तू है तो जितने लोग इस हॉल में बैठे हैं वह सब मॉडल है आने वाले कल के लिए अगर खुद पर काम करना शुरू कर दे जिन्होने दुनिया में बड़ा काम करा है उनमें क्या सुरखाब के पर लगे हैं उन्होने क्या महत्त्वपूर्ण काम करा है इस देश में जितने सबसे बड़े लोग हुए हैं पिछले कुछ समय में उनकी जीवन जाकर देखिए मेरा सौभाग्य है कि मैं उनमें से कुछ लोगों के साथ मैंने जीवन
का कुछ पल बिताया है तुमसे और हमसे अतिरिक्त सामान्य पृष्ठभूमि में पैदा हुए पर हरियाणा में बैठे हुए सारे लोगों इस ग्रुप में बैठे हुए लोगों मैं तुमसे यह कहने आया हूं तुम सबके अंदर एक बजरंग बली है एक हनुमान है मैं जामवंत हूं जो उसे पहचान दिलाने आया हूं तो मैं याद दिलाने आया हूं मैं जब भी कोई नया काम शुरू करता हूं मेरे पिताजी मेरी पत्नी से पूछते हैं कि अब क्या परेशानी है इस मेरे पिताजी को मुझ पर सदा शंका रहती है कि र य पता नहीं क्या करेगा मैंने अभी पिछले दिनों
कोरोना के दिनों में जो जो काम किया आपने देखा होगा ाज जगहों पर कोविड सेंटर खुलवाए उसी बीच मैंने अपने फार्म हाउस पर र एक फिल्म लिख दी तो मेरे पिताजी ने मेरी पत्नी से पूछा इतनी पॉपुलर मिल गई है इतनी लो सब दुनिया में और क्या चाहता है मेरे दोस्त भी पूछते हैं कि क्या चाहता है हिंदी के कवि को और क्या चाहिए मैं कहता हूं कि ब्राजील के बीच पर समुद्र तट पर जिस दिन ब्राजीलियन लड़कियां सन बात करती हुई कोई दीवाना कहता है गा रही होंगी उस दिन मैं मानूंगा कि मैंने आधा
काम कर दिया और आपने देखा कि तंजानिया में कुछ लोग गा रहे थे वीडियो बड़ा वायरल फिलिपींस में कुछ बच्चे गा रहे थे बड़ा वायरल हुआ यानी कि आपकी महत्वाकांक्षा की कोई सीमा नहीं होनी चाहिए पर हां इस बीच एक बात और ध्यान रखना एक शब्द है महत्वाकांक्षा एंबिशन और एक है ग्रीड लालच महत्वाकांक्षा अनंत रखना और लालच जीरो रखना हमने उल्टा कर दिया है हमारा लाल बढ़ गया महत्वाकांक्षा जीरो हो गई हमको लगता है इसी में कम जाए इसी में हो जाए यहीं से निकाल यह मत कर आप अपनी महत्वाकांक्षा को तो आकाश पर
रखना अपने लालच को जीरो रखना क्योंकि जो आप नहीं देखते वह ईश्वर देखता है वह भाग्य देखता है मैं अपने जीवन में जनता की नजरों में तीन बार तीन जगहो से पराजित हुआ हूं और दो बार जब पराजित हुआ तीन बार जब पराजित हुआ तीनों बार उन पराजय ने मुझे ज्यादा बड़ी चीजें दिलाई इसलिए अगर कोई नुकसान हो जाए आप लोग कोई प्रोजेक्ट फेल हो जाए किसी में आपकी रिकवरी कम आए तो यह समझना कि भगवान आपको किसी बड़ी चुनौती के लिए तैयार कर रहा है दोस्तों चाहे आगे आपके चेयरमैन बैठे हो चाहे पीछे आपके
सामान्य कर्मचारी बैठा हो चाहे मेरी व्यवस्था में लगे हुए साथी जो मुझे लेकर आए वह बैठे एक बात ध्यान रखना कितने भी बड़े पद के हो और कितने भी बड़े ज्ञान के हो जिस संस्थान में काम कर रहे हो उससे बड़े नहीं हो अगर उससे बड़े बनने की कोशिश की तो संस्थान छोटा रह जाएगा और तुम समाप्त हो जाओगे प्र मंत्री कल परसों बाहर से बोलक लौटे हैं तो प्रधानमंत्री के कुछ निंदक उनकी मजाक उड़ा रहे हैं मेरा कहना है कि देश में आप उनके खिलाफ चुनाव लड़ देश में आप उनके खिलाफ प्रचार करिए खूब
एक दूसरे से तूतू में में करिए व करते ही हो मेरे कहने से क्या रोकोगे लेकिन जब प्रधानमंत्री बाहर जाता है तो वह किसी पार्टी का नेता नहीं होता वो 140 करोड़ लोगों का प्रतिनिधि होता [प्रशंसा] है उसके साथ जो व्यवहार होता है वह भारत के कारण होता है और प्रधानमंत्री को भी इस अहंकार में नहीं रहना चाहिए कि वह सोचे कि मेरे कारण ऐसा हो रहा है ऐसा नहीं है 140 करोड़ लोगों ने अपना विश्व भर में जाकर अपना पराक्रम सिद्ध किया उस पराक्रम के प्रतिनिधि होने के कारण आपका सम्मान होहा क्योंकि हमारे बेटे
बेटियों ने दुनिया में जाकर इतना अच्छा काम किया है कि आप भी विदेश जाते होंगे मैं जाता हूं कुर्ता पजामा पहनकर मैं जाता हूं धोती पहनकर लंदन की ट्यूबलर में तो ट्यूबलर में बैठा हुआ पड़ोसी मुझसे मेरा कपड़ा देखकर पूछता है कुछ हिंदुस्तानी फोटो खिंचवाने आ जाते हैं कुछ पाकिस्तानी आ जाते हैं तो आश्चर्य में पूछता है फ्रॉम च कंट्री यू आर मैं कहता हूं आई एम फ्रॉम इंडिया तो बड़े मुस्कुरा कर कहता इंडियस वेरी गुड इंजीनियर्स वेरी गुड डॉक्टर्स वेरी गुड चार्टर्ड अकाउंटेंट इस देश के प्रतिनिधि होने के कारण आपको आदर मिलना है देखो
आज से 75 साल पहले हम दो भाई एक साथ आजाद हुए थे मुझे गर्व होता है यह कहने में कि दुनिया में हम जिस देश में भी गए चाहे वीजा लेकर गए चाहे नागरिकता लेकर गए कितने गौरव की बात है कि उस देश के खिलाफ होने वाले किसी काम में किसी भारतीय का नाम नहीं आता और अगली बात दुखद है लेकिन आप हंसोगे भी और रोगे भी एक हमारा भाई आजाद हुआ था दुनिया में कहीं कोई फजीता हो कहीं कोई बम फटे कुछ हो बिना ढूंढे पता चल जाता कि इनके चार आदमी थे यह क्या
है यह अंतर है क्रिएटिव होने में और डिस्ट्रक्टिव होने अगर टीम में आप कमिया ढूंढने लगो यह खराब करता है इसने ऐसे कर दिया इस पर ऐसा नहीं हुआ कोई काम नहीं होगा हम में से बहुत सारे लोग इस अहंकार में रहते हैं कि हम संगठन से बड़े हैं हमें जो काम सपा गया है इससे भी बड़े हैं दो लोगों का मैं उदाहरण देता हूं जिनकी संगठन क्षमता ने यह बताया कि पृथ्वी पर आकर मनुष्य रूप में रहकर भी आप भगवान बन सकते हैं पहले तो राम उन्होंने अपने एंप्लॉई में अपने साथ काम करने वाले
लोगों में इतना भरोसा बोया है कि उनका हर व्यक्ति अपनी निजी महत्ता भूलकर उनके काम के लिए समर्पित हो चुका है यह जो मैं बात बोल रहा हूं यह सोफे पर बैठे हुए सीनियर्स के लिए बोल रहा हूं आपकी साइट पर अभी केवल एक दरवाजा लगा है उस दरवाजे पर गेट पर बैठने वाले 15000 16000 का जो गार्ड है उसके अंदर भी आपकी कंपनी को लेकर वैसी मोहब्बत होनी चाहिए जैसी आपके अंदर है और यह कहने से नहीं होगी बॉस यह जिस दिन आप उसके कंधे पर हाथ रखकर उसका हालचाल पूछ लोगे उस दिन वह
मानेगा कि सेठ की कंपनी नहीं है मेरी भी कंपनी है मेरा भी [प्रशंसा] काम अबे टीम भरोसा करना जिसको जो काम सौंप दिया सौंपने वाला उस पर भरोसा करे और करने वाला उसे ऐसा करे कि मुझे करके ही देना सब सबसे बड़े टीम बिल्डिंग का काम मैं देखता हूं एक 15 साल का लड़का है ब्रज में इंद्र ने बारिश कर दी इतनी ज्यादा बारिश हो गई कि पूरा ब्रजमंडल डूबने लगा उस 15 साल के युवक ने अपने साथ के सारे युवकों को इकट्ठा किया और ब्रजमंडल की अकेली पहाड़ी के ऊपर डिजास्टर मैनेजमेंट का एक ऐसा
उदाहरण प्रस्तुत किया कि पूरा ब्रज वहां चौमासे में पांच महीने जाकर बैठ गया पानी को उतरना पड़ा और को हारना पड़ा इस कहानी का मतलब क्या है इस कहानी का मतलब है इंद्र माने राजा अगर राजा भी अहंकार में हो और आप सामान्य लड़के भी हो अगर एक दूसरे के साथ हाथ से हाथ बांध लिया तो दुनिया के हर एक राजा को पराजित होना पड़ेगा और आपकी विजय सुनिश्चित हो जाए यह जो टीम स्पिरिट है भगवान कृष्ण की तो अगर टीम स्पिरिट आप में रही तो आप विश्व बन जाओगे क्रिकेट देखते हो देखते हो भाई
क्रिकेट देखते ही हो सौरभ गांगुली से पहले हिंदुस्तान की टीम में वर्ल्ड का नंबर वन बैट्समैन होता था वर्ल्ड का नंबर वन बॉलर होता था वर्ल्ड का नंबर वन विकेट कीपर होता था और हम वर्ल्ड कप में लीग में हार जाते थे क्योंकि लोग बाग अपने पर्सनल कामों के लिए खेलते थे लोगबा खेलते थे स्कोर कितना हो रहा है सौरभ गांगुली पहले कप्तान आए जिन्होंने कहा कि कोई कोई भी हो टीम के साथ खेलना पड़ेगा थोड़ी सी मेहनत कपिल देव जी ने भी की थी उस समय भी कुछ लोग अपना ही खेलते थे टीम ने
साथ खेलना शुरू किया तो हम विश्व कप भी जीतने लगे एशिया कप भी जीतने लगे चैंपियंस भी जीतने लगे आज चाहे राजनीति हो चाहे समाज का क्षेत्र हो बिना टीम के होगा नहीं और यह शास्त्र कह गया है संगे शक्ति कल युगे कलयुग में आपकी रिलेशनशिप की आपकी एसोसिएशन की शक्ति हो तुमको 50 साल बाद तुम्हारा पोता कैसे देखे लोग मुझसे कहते हैं कि आप इतना सच क्यों बोलते हो प्रधानमंत्री आपके प्रशंसक है फिर भी आप सरकार की आलोचना कर देते हो इतना सच क्यों बोलते हो मैं इसलिए बोलता हूं कि आने वाले कल में
आज जो मैं बोल रहा हूं यह डिकोड हो जाएगा साइंस पढ़ी होगी कुछ लोगों ने साइंस में एक नियम है e इ एमसी स्क्वायर हालांकि यह पहले हमारे शास्त्र में था ऊर्जा ना पैदा की जा सकती है ना नष्ट की जा सकती है वह केवल रूपांतरित की जा सकती है यानी कि जो भी पृथ्वी पर बोला गया है वो एनर्जी है वो कहीं ना कहीं तो पड़ी होगी आसमान में कॉस्मिक रेज के साथ और अमेरिका इस पर काम कर रहा है 20 साल से आवाज सुनी गई है उन आवाजों को साथ मिलाने का क्रम जारी
है मैं रहूं या ना रहूं मेरे रहते या मेरे बाद आपके रहते आपके बाद यह सारी आवाजें डिकोड हो जाएंगी जो छोटे बच्चे यहां सुन रहे हैं 20 के आसपास के वो अपने जीवन में भगवान श्री कृष्ण का गीता ज्ञान उनकी आवाज में सुन पाएंगे यह त बात है साइंस पहुंच चुकी यहां तक आने ही वाली है शुरू में अलग-अलग अक्षर मिलेंगे बाद में जोड़े जाएंगे फिर एक सिचुएशन आ जाएगी फिर कोई आपका छोटा सा मोबाइल नुमा कोई चीज आ जाएगी कि डाला सॉफ्टवेयर और पकड़ लिया उस समय पूछा जाएगा कि कौन सच बोल रहा
था क्या सचमुच ऐसा कहा था कृष्ण ने क्या सचमुच ऐसा कहा था गांधी ने और फिर इतिहास नए सिरे से लिखा जाए जो आज इतिहास के हीरो हैं हो सकता है व विलन बन जाए और जो विलन है वह हीरो बन जाए मैं रोज सच इसलिए बोलता हूं कि 200 साल बाद जब मेरी बात डिकोड करके सुनी जाए तो मेरे वंश में पैदा होने वाला पांच पीढ़ी बाद का बच्चा कह कि हमारे खानदान में यह आदमी था य सच बोलता था सच्चाई के साथ था इसने यह बात तो आज आप जो कुछ भी काम कर
रहे हो यह 100 साल बाद आपकी पीढ़ियां आपसे बात करेंगी आपके बारे में चर्चा करेंगी तो आप यह लोग तो सुधारो परलोक भी सुधारो ई किसी को पता नहीं है मरने के बाद कहां जाना है एक ही बात पता है कि आप यहां रहने हो जितने लोग चिंतित है मुझको लंदन में एक सज्जन मिले हमारे एक मित्र हैं वो मिले मुझसे मुझसे बोले कि कहते में भी शर्म आ रही है आपसे एक बात पूछनी है मौत से बचने की क्या तरकीब है आप बताइए पैसा कमा लिया है चार्टर प्लेन ले लिए हैं दुनिया भर में
महल बना लिए हैं लेकिन मन कर रहा है कि 85 साल 185 साल हो जाए मैंने उनसे कहा आपकी छोड़िए यह तो रावण की नहीं हुई किसी की नहीं हुई अकबर की नहीं हुई एक तरकीब है बोले क्या मैंने वो तरकीब उन्हें बताई आपको बता रहा हूं आपको ठीक लगे तो बताना मौत से बचने की एक तरकीब है है मौत से बचने की एक तरकीब है दूसरों की सोच में जिंदा [प्रशंसा] रहो अगर आपका पड़ पोता कोई अच्छा काम करते हुए यह कहता है कि बाबा ऐसा कहते थे जब जब व अच्छा काम कर रहा
है तब तब बाबा जिंदा है अगर आपकी बेटी की बेटी की बेटी यह कहती है कि हमारी पनानी ऐसा कहती थी आप जा चुकी है आपका हीरा जा चुका है आपका सोना जा चुका है आपकी बनारस से आई तीनती लाख की साड़ियां खत्म हो चुकी हैं लेकिन आपका संस्कार जिंदा है सिग्नेचर के फ्लैट में रहते हुए सेठ जी अगर 50 साल बाद रहने वाला आपके दरवाजे को हिलाते हुए कह दे कि यार पता नहीं कौन आदमी था ऐसा दरवाजा लगा के गया है कि आज तक नहीं बदलना पड़ा तो आपका काम हो सकता है बदल
जाए लेकिन आप जिंदा रहेंगे उसकी प्रशंसा में उसकी तारीफ तो टीम बिल्डिंग सच्चाई ईमानदारी और एक यह मानना कि मैं जिस काम के लिए भगवान ने चुना हूं वह दुनिया का सबसे अच्छा काम है दुनिया का सर्वश्रेष्ठ काम है आपके पास तो शिकायत का कोई मौका भी नहीं है मैंने आपको शुरू में बोला फिर बोल रहा हूं दुनिया के सबसे संभावना शल देश में आप इस समय हो दुनिया के दूसरे देशों में मैं जाता हूं वहां के एंबेसडर से भी मिलता हूं इतनी ज्यादा उम्मीद किसी देश से नहीं लगा रखी जितनी आपसे लगा रखी आपसे
सबसे ज्यादा उम्मीद है और आप कितनी बड़ी ताकत बन गए हो इस बात का अंदाजा आप इससे लगाओ कि चलते हुए रॉकेट के बीच में जलती हुई मिसाइलों के बीच में चलती हुई तोपों के बीच में दो देशों की सेनाएं आमने सामने जूझ रही हैं लेकिन एक हिंदुस्तान का लड़का तिरंगा निकाल के दिखा देता है तो दोनों देशों के सैनिक यूक्रेन और रूस वाले रास्ता दे देते यह छोटी मोटी बात है क्या आप पड़ोस का देश देख लो आटे की समस्या हो रही है जो पहले प्रधान मंत्री था उसकी क्या हालत की जा रही है
उसका त भी नहीं है तो आप सबसे अच्छे समय में पैदा हुए जिस युग में हम हुए वही तो अपने लिए बड़ा है देखो तुम्हारे आगे कितना कर्म क्षेत्र पड़ा है हमको ऐसा लगता है कि भारत में क्या कर लेंगे लेकिन आप जनरेशन देखिए मेरे पिताजी न मील पैदल चलकर स्कूल जाते थे मैं शायद एक किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाता था मेरी बेटी ने कॉलोनी के उस मोड़ से गाड़ी पकड़ी तो उसे भी वो कहती है लाइफ में बड़ा स्ट्रगल था तो स्ट्रगल के माने बदल रहे हैं तो आप दुनिया के सर्वश्रेष्ठ जगह पर सर्वश्रेष्ठ
लोगों के साथ बैठे हुए हैं यह आपका सौभाग्य है य आपकी अच्छी बात है और इसको जानने के लिए आपको किसी एमबीए की जरूरत नहीं है आपके घर में जो आपके मां आपकी दादी आपके पिताजी आपके बाबा जो रामचरित मानस पढ़ रहे हैं जो गीता पढ़ रहे हैं उसे ही आप पढ़ना शुरू कर दो तो आपको पता लगेगा सब कुछ यही अगर आप श्रम करेंगे सच्चाई के साथ काम करेंगे मेहनत के साथ काम करेंगे अगर सत्य के साथ काम करेंगे तो हो सकता है कि समय लग जाए लेकिन न्याय आपके साथ बस आपको धैर्य नहीं
छोड़ना है हम बहुत जल्दी अधीर हो जाते हैं कि अब क्या करें अब क्या करें अब क्या करें तो निकल ही नहीं रहा है आपको धैर्य नहीं छोड़ना वो निकलेगा अगर सफलता पानी है तो तीन बातें रखना पहली धैर्य रखना कि समय आएगा तुम्हारा भी दूसरी प्रेजेंस अपने आप को दिखाते रहना काम में घर मत बैठना उदास मत होना ऑफिस में बंद मत हो जाना डिप्रेशन में मत आ जाना और तीसरा परसंस मैं कैसी नौकरी चाहता हूं कैसी कंपनी चाहता हूं यह खुद से और दुनिया से कहते रहना यह तीन बातें तीन प मिल गई
तो सिग्नेचर की प्रोसेस कोई रोक नहीं सकता इसीलिए मैं बारबार कहता हूं कि रामचरित मानस पढ़ो एक अपॉर्चुनिटी छिन जाने पर रोने लगते हो आप लोग आईआईटी में पहले 100 में रैंकिंग नहीं आई तो कोटा में बच्ची आत्महत्या कर लेती है बताइए पार्षद का टिकट नहीं मिला तो जहर पी लेता है आदमी कितना मूर्खतापूर्ण काम है य हमने तो करवा के देखा है एक जरासी असफलता में आत्महत्या और सोचिए कि जिस युवक को 16 वर्ष की उम्र में पूरी दुनिया का शासन मिलना था शहनाई बज रही थी पूरी अयोध्या में प्रकाश कर दिया गया था
लाइटिंग कर दी गई थी पूरी दुनिया से अतिथि बुला दिए गए थे राष्ट्रध्यक्ष आ गए और अचानक शहनाई बंद हो गई और पिताजी ने अंधेरे कक्ष में बुलाकर कहा कि बेटा तेरा राज्य अभिषेक नहीं तुझे जंगल जाना पड़ेगा अब यह महल और यह शासन भरत को मिलेगा उस एक व्यक्ति ने अगर उस दिन अपने पिता का विरोध किया होता और कहा होता ऐसे कैसे चल जाएगी यह क्या गुंडा ग दिए हक मेरा बनता है मैं तो कोर्ट जाऊंगा वह कुछ भी होते राम ना हो पाते और यह पंक्ति सुनकर बताइएगा यहां बैठे हुए लोगों मैं
अक्सर लोगों से बोलता हूं आपको क ऐसी साइट पर काम मिलेगा ऐसी जगह काम मिलेगा जहा चुनौतिया जहा जंगल है आप कहोगे गुड़गांव भी देता सेठ कहां भेज दिया मुझे कहां का सामान बनाने भेज दिया कहां का बेचने भेज दिया राम जब तक अयोध्या में [संगीत] थे तब तक केवल युवराज राम कहलाए और जब जंगल जंगल भटक कर 14 साल बाद लौटे तो भगवान राम कहलाए इसका मतलब यह है कि जब तक चुनौतियों के जंगल को पार कर कर वापस नहीं लौटो ग तब तक अपने काम के भगवान बनने की संभावनाएं जीरो हैं मैंने आपसे
जब बातचीत शुरू की तो पहला वाक्य मैंने यह बोला कि मैं 35 साल से मंच पर हूं तो भाई साहब 35 साल बोलने में तो आधा सेकंड लगा एक सेकंड में वाक्य खत्म हो गया कितने साल से मंच पर हो जी 35 खत्म पर 35 साल 35 ही थे सब में 365 दिन थे सब में 365 रात थी और सब में 365 तरीके की चुनौतियां थी उतना ही समय लगा उतना ही संघर्ष लगा उतने ही आंसू लगे जो कविताएं मैंने आंसू बरसाते हुए लिखी थी वो मैंने मुस्कुराते हुए सुनाई और खिलखिलाते हुए उनसे पैसा और
शोहरत कमाई एक समय आता है जब आपके ऐब आपकी गलतियां भी लोगों में आपके हीरोइक स्टेटमेंट बन जाते हैं अमिताभ बच्चन पर बात करते हु क्या कहते पहली 11 फिल्में फ्लॉप हो गई थी अमिताभ जी कहते मेरी पहली 11 फिल्में फ्लॉप हो गई थी क्यों क्योंकि 11 फिल्में फ्लॉप होने के बाद उन्होंने 12वी फिल्म जंजीर पाने के लिए मेहनत बंद नहीं करी अगर 11वी फिल्म में उनके मन में आ जाता अब बेकार है मुझसे नहीं होगा चलो इलाहाबाद वापस तो वह केमिस्ट थे कंपनी में कलकत्ता की कंपनी में आज की डेट में भी पैरासिटामोल बेच
रहे होते हैं अमिताभ बच्चन ना होते मराठी के एक प्रोफेसर साहब का लड़का जो मराठी में एक कॉलेज में पढ़ाते थे बंबई में वोह दसवीं क्लास में फेल हो गया क्यों क्योंकि क्रिकेट खेलता था और पिता ने कहा फेल कैसे हो गए बेटे बोले जी पढ़ाई से ज्यादा क्रिकेट में ध्यान है पिताजी ने उसको अकेडमी जवाइन करा दी उस समय के सबसे अच्छे टीचर आचरेकर साहब का स्टूडेंट बना दिया आज आप जाइएगा महाराष्ट्र मराठी में दसवीं क्लास में किताब है हमारे आदर्श मराठी भाषा में उसमें आठवें नंबर पर उसी दसवीं फेल लड़के का फोटो छप
के उसके बारे में लिखा हुआ है नाम है सचिन रमेश तेंदुलकर यह मैं इतनी सारी बातें उपदेशा क्मक नहीं कह रहा यह मैंने खुद जी करर देखी है मैंने इस उपहास को देखा है तीन बार मेरा जीवन में मजाक बना कि यह फेल हो गया और तीन बार मेरे मन में भी सवाल आया कि क्या मैं फेल हो गया और मैंने हर बार यह सोचा कि इस असफलता में भगवान ने कोई बड़ी चुनौती और कोई बड़ी सफलता स्वीकार कर रखी है और वह मेरा प्रतीक्षा कर रही है और जो लोग मुझे जानते हैं जो सोशल
मीडिया से जानते हैं टीवी से जानते हैं वह जानेंगे पहली इंजीनियर ना बन पाना मैं इंजीनियर नहीं बन पाया 17 का फार्म भरा था मैंने आईआईटी में और आईआईटी में मैं 23 नंबर से सिलेक्ट नहीं हुआ मेरे पिताजी ने कम से कम तीन बार मेरी मां के सामने कहा 1 लगा दिए मैं फेल हुआ नहीं हो पाया पहली असफलता उसने मुझे साहित्य की तरफ प्रेरित किया दूसरी असफलता प्रेम किया और लगा कि यह प्रेम जो है सफल हो जाएगा सफल मतलब उस समय में यही समझता था कि सफलता माने विवाह पता नहीं था तब भी
मुझे लगा कि दुनिया लुट गई सब खत्म हो गया लेकिन मेरी कविताओं में जो सेंसिबिलिटी आई जो उनमें रोमांटिक फ्लेवर आया वो सिर्फ उस असफलता के कारण आया 2010 से लेकर 2018 तक देश में एक आंदोलन खड़ा करने के लिए दिन रात की मेहनत करी नौकरी छोड़ दी विश्वविद्यालय की कहा कि देश बदल देंगे हम तो आगे नारा लगाते चले गए देश बदल देंगे जो पीछे दो चल रहे थे खुद ही बदल गए मुझे बहुत सारे नेता मिलते हैं जो चुपचाप कहते हैं एक दूसरे के कान में कि असफल हो गया और आज इस हॉल
में मैं आपके भविष्य की तो कह रहा हूं अपने भविष्य की भी कह रहा हूं अभी कहने लगे हैं 10 साल बाद फिर कहेंगे कि भगवान की बड़ी कृपा रही कि कुमार विश्वास बाहर हो गया देश के लिए इतना बड़ा काम कर दिया समाज के लिए इतना बड़ा काम कर दिया करना ही है अगर कोई चीज असफल हो जाए कोई प्रोजेक्ट असफल हो जाए तुमसे कोई काम ना हो पाए तो समझना कि पूरे मन से कोशिश नहीं हुई और भगवान ने इससे बड़े काम के लिए तुम्हें सुरक्षित रखा है अब उसकी तैयारी करनी है इस
हॉल में बैठे हुए सारे लोगों मुझसे वादा करो कि आज आप अपने इस स्थापना दिवस पर इकट्ठे हुए हो आज के सही 5 साल बाद जो स्थापना दिवस होगा जहां टर्नओवर आज खड़ा है इसके कम से कम कम से कम 50 गुना से कम हुआ तो आप अपराधी हो और ज्यादा हुआ तो मैं विजेता हूं हमारी विजे त है क्योंकि एक स्थिति के बाद इस पैसे का इन्ह तो कुछ करना नहीं तुम्हें भी नहीं करना 10 12 सब जानते हैं पहले लगता कि साब वो घड़ी विदेश से ले आओ चप्पल विदेश से ले आओ अब
कुछ नहीं है अब तो 10 12 करोड़ कमाओ वही जीवन जियोगे तो 100 हज करोड़ जीने वाला जी रहा है सोने का बिस्कुट थोड़ी खाओगे और बल्कि जिस परे नहीं है वो ज्यादा अच्छा खा रहा है जिस पर है उससे पूछो आलू मत खा चीनी मत खा यह मत पी कोलेस्ट्रॉल ऊपर है कि नीचे है शुगर हो गई कि यह हो गई रोटी में भी सीधी रोटी नहीं खाई जा रही इसमें चना मिला ले सोयाबीन मिला ले ओट मिला ले बाजरा मिला ले आठ तरह के अनाज पीस के खाए जा रहे हैं इसका मतलब अपने
लिए तो नहीं जी रहे हो किसके लिए जी रहे हो जो इस कंपनी में काम करने वाले 5000 100 हज लोग हैं उनके लिए जी रहे अपना तो हो चुका सोफे पर बैठे हुए लोगों तुम्हें जो कमाना था तुमने कमा लिया अब यहां से आगे भगवान का काम कर रहे इसलिए जिस आत्मा के साथ केदारनाथ में जाकर माथा झुकाते हो ना उसी आत्मा के साथ अपने केबिन में बैठकर इस कंपनी के लिए काम करना यही सोच के काम करना कि भगवान के काम के लिए आया हूं यह देश सरकारों से नहीं बना यह देश नेताओं
और पार्टियों से नहीं बना यह देश मेरे और आपके जैसे लोगों ने बनाया इसे मैं कहता हूं एकात्म क्रम हमने अकेले ने पराक्रम किया कोई मराठी के प्रोफेसर का लड़का बल्लेबाज बन गया कोई ओमान के पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरने वाला एक गुजराती आया वह धीरू भाई अंबानी बन गया कोई बड़नगर स्टेशन पर अपने बाप की चाय के कप पकड़ने वाला लड़का देश का प्रधानमंत्री बन गया कोई मठ में सुबह दोपहर शाम गोरख मंदिर में पूजा करने वाला एक योगी प्रदेश का मुख्यमंत्री बन गया गया संघ की शाखा लगाने वाला एक प्रचारक आपके हरियाणा का
मुख्यमंत्री बन गया एक सामान्य अध्यापक का पांचवा बच्चा कवि कुमार विश्वास बन [प्रशंसा] गया यह सब सरकारों की योजनाओं के काम नहीं थे अकेले एक आदमी ने मेहनत की उन्होंने नोएडा में खड़ा कर दिया उन्होंने गुड़गांव में खड़ा कर दिया पूरा भारत पड़ा हुआ है देश के सारे सी कैटेगरी के शहर ए होना चाह रहे हैं पूरा कंट्री प्रतीक्षा कर रहा है कोई जगह छोटी बची ही नहीं है हर शहर में टफ है हर शहर में बड़ी गाड़ियां है हर शहर में 5जी पहुंच गया है हर शहर में इनके साथ जो व्यसन होते हैं वह
भी पहुंच गए हैं और लोगों की घर में रहने की जो शौक है वो बढ़ गया जितना एक अच्छा मकान नोएडा में बैठे हैं बनाने में जोक मैंने बनाया इसलिए बताया नोएडा में अच्छा मकान बनाने में जितने पैसे एक रायचंद लेता है रायचंद जानते हो रायचंद आर्किटेक्ट वो रायचंद है वो बताता है कि इधर से ऐसा होना चाहिए इधर से ऐसा होना चाहिए उसका अपना एक्सीलेंस है उसकी अपनी कारीगरी है वो एकदम सही बताता है खुद में कभी नहीं बनाना चाहिए उसी के काम से बनाना चाहिए क्योंकि पहले तो आदमी ऐसे ही बना लेता र
बाथरूम निकाल दे खराब बनता था घर जितने पैसे एक बनाने की राय देने वाला आर्किटेक्ट लेता है उतने में आज से 10 साल पहले पूरा मकान बनता था अगर आपको अच्छा घर बनाना है 10 20 हज स्क्वायर फीट का तो उसमें जितने पैसे आर्किटेक्ट आपसे लीगल ले लेता है वेंडर से ना भी ले तो भी तो भी उतने पैसे में घर बन जाता था यानी कि लोगों की अफोर्डेबल बढ़ गई लोग तेजी से लोअर मिडिल क्लास से मिडिल क्लास में आ रहे और मिडिल क्लास से अपर क्लास में आ रहे अपर से हायर अपर क्लास
में जा रहे हैं और हायर अपर क्लास में फिर लोन लेकर विदेश भाग रहे यह पूरा सिस्टम है किस संस्कार और परिवेश से हिंदुस्तान के लोग निकले थे और इन बड़ी राजनीति में बैठे हुए लोगों ने इन बड़े जिसे कहते हैं व्यसनी लोगों ने लालची लोगों ने देश का मानक बदल दिया साहब गांव में बूढ़ा होता था गरीब बूढ़ा 80 साल की उम्र में बड़े बेटे को कान के पास बुलाकर फुस फुसा हुए कहता था र महेंद्र के भैया उसके दे दियो बोलता था रगत बागपत वाले फूपा जी के उनके दे देना फ वो यह
चाहता था कि किसी का एक पैसा लेकर मैं मर ना जाऊ मुझे कहते हुए इस बात पर रोमांच हो रहा है मैं भावुक हो रहा हूं हम इस संस्कृति से चले थे जहां मरने वाला बूढ़ा भी बुढ़िया भी कह के जाती थी बुढ़िया कह के जाती थी बहुओं से कि लाली तेरी मौसी की जो बह है उससे मैंने एक बार साड़ी ले ली थी वो मेरे साथ चली आई थी उसकी साड़ी वापस कर दी हो यह हमने संस्कार बनाया था और आज जो जितना ज्यादा पैसा मार ले सरकार का वो उतना ज्यादा महान वो उतना
ज्यादा अच्छा तोय जो वायरस है चरित्र का वायरस यह जो नुकसान करेगा यह कोरोना भी नहीं कर सकता क्यों क्योंकि कोरोना तो शरीर को ही मारता था य तो आत्मा को मार देता है यह जो लालच आया है कि जो तिरंगा लेकर चले थे वह दारू की बोतल लेकर मिले यह क्यों आया है सोचो आप इसमें ऐसा क्यों आया होगा मैं तो बचपन से साथ हूं क्योंकि बचपन में इनको ईमानदार बनाने में इनकी परवरिश में कोई कमी रह गई होगी माता जी मंच पर आई मैं आपको बताता हूं मैं जब छोटा था जी तो मैं
एक अंग्रेजी स्कूल में पढ़ता था हमारे कस्बे में पहली बार अंग्रेजी स्कूल खुला अंग्रेजी स्कूल मतलब गुड मॉर्निंग मैडम गुड इवनिंग मैडम है ना घर पर आक बच्चा शटअप बोलने लगे तो अंग्रेजी स्कूल में पढ़ रहा है हा पहले सब टाट पट्टी वाले में पढ़ते थे हम पहले अंग्रेजी स्कूल में भेजे गए तो उन दिनों रबड़ जो आती थी वह नटराज की आती थी लेकिन एक नई रबड़ आई थी जो प्लास्टिक के छोटे छोटे छोटे पशु पक्षियों के बीच में रख के आती थी देखी होगी शायद कुछ लोगों ने गेंडे के बीच में हाथी के
बीच में जिराफ के बीच में मेरे को वो रबड़ बड़ी पसंद थी तो मैंने अपनी मां से कहा कि दूसरी क्लास में था मैं कि मुझे रबड़ दिला दो पांच भाई बहन दो बुआ रहती थी घर पर एक चाचा पढ़ता था एक तनख्वा कम में काम चलाना होता था तो मेरी मां ने कहा नहीं यह बहुत महंगी है रप की थी वो रबड़ और नटराज की रबड़ 15 पैसे की आती थी उन्होने कहा इसी से काम चलाओ मिटाना ही तो है नहीं मिली दो तीन दिन बाद मैंने मेरी ही डेस्क पर बैठने वाले एक लड़के
की रबड़ चुरा ली और मैं उसे घर ले आया शाम को होमवर्क के लिए बैठा तो रबड़ दिखाई दी हाथी के बीच में रबड़ तो मेरी मां ने मुझसे पूछा यह क्या है तो जब आप चोरी करते हैं तो बहाना ढूंढते हैं एक अपराध करिए तो दूसरा फिर करिए मैंने कहा वो लन में पड़ी हुई थी मैंने कई बच्चों से पूछी किसी की थी नहीं तो मैं ले आया वो चुप हो गई रात को जब मैं उनके पास सोने गया मैं उन्हीं के पास सोता था सबसे छोटा था लाड़ला था तो उन्होंने मुझसे कहा उठाओ
अपना सामान बड़े वाले भाई के कमरे में जाकर सो मैं रुहासा हो गया छोटा बच्चा सात आ साल का छ साल कर आऊंगा मैंने कहा क्यों उन्होंने कहा वो रबड़ जिसकी लेके आया है ना कल उसकी रबड़ वापस देयाना फिर मेरे पास आके सोना अगले दिन मैं गया वो बच्चा जहां बैठा हुआ था मैंने वहा रबड़ गिरा दी और मैंने उससे कहा कि अरे अंकुर तेरी रबड़ गिर गई उसने कहा अरे मैं तो कल से ही ढूंढ रहा था इसे तब मैं वहां वापस सो पाया अगर उस दिन उस रबड़ को मेरी मां ने कहा
होता कि बहुत अच्छा अब इसे स्कूल मत ले जाना पता ना चले किसकी है तो मैं भी वही विश्राम कर रहा होता जहां मेरे साथ बचपन में पढ़ा हुआ एक आदमी विश्राम कर रहा है कृष्ण जन्म स्थान में मैं भी वही आ रहा पर मुझे डेढ़ साल उस सरकार को चलाते समय भी पता था कि मैं इसका मालिक नहीं हूं मैं इसका कस्टोडियन हूं इस कंपनी में काम करते समय इसके चेयरमैन और इसके कार्यकर्ताओं के बीच एक भाव रहना चाहिए कि हम इसके मालिक नहीं है हम इसके कस्टोडियन हैं हम मुनीम है सेठ नहीं है
दुनिया का सबसे शक्तिशाली राजवंश मेवाड़ वहां के महाराणा भी राजा नहीं लिखते दीवान लिखते हैं दीवान वो कहते हैं राजा तो मालिक तो एकलिंग भगवान है हम उसके मुनिम है कि इतनी जमीन दी है इतना लगान आया इतने खर्चे में हो गया इतने यहां चला गया इतने वहां चला गया तो यहां बैठे हुए लोगों पिछले डेढ़ पने दो घंटे में मैंने जो बात बताई उनका हल केवल तभी निकल सकता है जब आने वाले कल में इस देश का जो नया सपना इस देश की सरकार प्रधानमंत्री पूरे देश के सारी पार्टियों के लोग सिद्ध हस्त लोग
धार्मिक लोग सामाजिक लोग देख रहे हैं उस सपने में अगर थोड़े से ख्वाब आपने भी जोड़ दिए तभी आप हिंदुस्तानी कहना के लायक हो जाओगे भारतवासी कहलाने के लायक