नॉर्थ ईस्ट इंडिया डायरेक्शन इज नॉर्थ ईस्ट बट इट इज सेंट्रल टू द सिक्योरिटी इंटीग्रिटी एंड प्रोस्पेरिटी ऑफ इंडिया इस एरिया का 90 प्र जो बॉर्डर है वह इंटरनेशनल बाउंड्रीज है चाइना यहां पर है दिस रीजन इज नोन फॉर माइटी ब्रह्मपुत्र ऑयल नेचुरल गैस एटस रिजर्व्स एज वेल एज एथनिक राइवल्रीज इस वीडियो को हम कुछ ऐसे हमने डिवाइड किया सबसे पहले जो अभी रिसेंट मणिपुर में आपने सिचुएशन देखी तो उस पर बात करेंगे इसके बाद हम नॉर्थ ईस्ट की हिस्ट्री में जाएंगे मींस यह जो स्टेट्स आज आप देखते हैं बनी कैसे और क्या इनके हिस्ट्री में
कुछ हुए फैसले आज की प्रॉब्लम्स का कारण है फिर हम एकएक करके स्टेट को समझेंगे मींस हम नागालैंड को लेंगे आसाम मणिपुर मिजोरम इस तरीके से हम आगे बढ़ेंगे हर एक स्टेट में जो इशू रहे क्यों रहे क्या हुआ अभी क्या स्टेटस है और लास्ट में इस दौरान हुए जितने भी अकॉर्ड हैं यानी के समझौते हैं उन पर चर्चा करेंगे तो शुरुआत करते हैं मणिपुर से मणिपुर में जो रिसेंट आपने एथनिक कॉन्फ्लेट देखे उसको हम तीन कारणों में बांट सकते हैं सबसे पहले एंक्रोचमेंट को हटाने की ड्राइव यानी कि मणिपुर की जो राज्य सरकार है
उसने जो इल्लीगल एंक्रोचमेंट जगह-जगह हुए हुए थे उनको हटाने के लिए ड्राइव स्टार्ट की आप कहेंगे उसमें क्या दिक्कत है जी राइट दिक्कत एंगल लाते हैं जरा यहां पर जो वहां पर ट्राइबल पॉपुलेशन है जिसकी संख्या लगभग 30 प्र है तो उनका यह कहना था मतलब कुछ ट्राइबल ग्रुप का जैसे वन ऑफ द ग्रुप वास आईटी एलएफ जो उनका कहना था कि दिस ड्राइव वास फोकस्ड ऑन ट्राइब्स जबकि वहां की सरकार का कहना था कि जो ये कितनी सारी जो इल्लीगल एंक्रोचमेंट्स है इसका इनमें से कितने सारे एंक्रोचर्स जो है वो वो है जो ड्रग
ट्रैफिकिंग के ट्रेड से जुड़े हुए आपको पता होगा कि जो गोल्डन ट्रायंगल है मैं अभी जरा दिखा दूं आपको दिस इज गोल्डन ट्रायंगल जिसमें म्यानमार लाउस एंड थाईलैंड लाउस एंड थाईलैंड यह जो रीजन है इस गोल्डन ट्रायंगल हम कहते हैं ड्रग ट्रेड के लिए बदनाम है इंडिया में ड्रग का इफ्लक्स होता है हमारे सामने दो मेजर चैलेंज है एक तो यह वाला रीजन है और दूसरा यहां पर है गोल्डन क्रेसें गोल्डन क्रेसें में कौन से देश आते हैं जरा कमेंट में आप बताइएगा तो इस वाले रीजन से अगर यहां से इंडियन नॉर्थ ईस्ट से यहां
पर अगर इफ्लक्स हो रहा है ड्रग्स का तो आपको य लगता है जो ऑर्गेनाइज क्राइम सिंडिकेट है जो भारत को तोड़ने वाले ग्रुप्स आतंकवादी समूह है जो कितने सारे यहां पर भी वर्क करते हैं तो इनकी कमाई का जरिया है ड्रग ट्रेड कमाई का जरिया है तो अगर इनको हराना है तो इनके कमाई के जरिए को हटाना होगा तो ऐसे में अगर यह एंक्रोचमेंट्स का इस्तेमाल इस काम के लिए हो रहा है तो उस पर एक्शन होना चाहिए वो एक्शन हुआ ये कहा गया कि उस समय तक मणिपुर जो है पहले एक एंट्री पॉइंट होता
था कि भाई यहां से ड्रग सेल होकर इस तरफ जा रही है लेकिन अब यह एरिया प्रोड्यूसर भी बन चुका है ड्रग ट्रेड का राइट अब ये जो मैंने यहां पर ट्राइबल की बात की जरा इसके बैकग्राउंड को जरा कनेक्ट कीजिएगा यह है मणिपुर मणिपुर में जो इंफाल वैली आप देख रहे हैं तो यहां पर 70 पर अगर मैं टोटल पॉपुलेशन की बात करूं मणिपुर की तो वो मेथ है और मेथ जो है कंस इस रीजन बाकी जो 30 पर जो ट्राइबल पॉपुलेशन है जैसे कुकी चिन नागा दे आर कंसंट्रेटेड इन या यू कैन से
डिस्पर्स इन वेरिस हिल एरिया 30 प्र के आसपास जो ट्राइबल पॉपुलेशन है सिंस दे हैव दिस एसटी स्टेटस दे कैन परचेस एंड सेल लें इन दिस एरिया एज वेल एस इन दिस एरिया मेती का पिछले 10 सालों से यह खास मांग जो है उभर कर आई थी मांग बहुत पुरानी है ब 10 सा से न्यूज में थी कि दे व डिमांडिंग एसटी स्टेटस अब इसके लिए केस ऑलरेडी कोर्ट में चल रहा था मणिपुर की हाई कोर्ट ने इसी मांग पर एक सजेशन दिया कि राज्य की सरकार केंद्र के जो मिनिस्ट्री ऑफ ट्राइबल अफेयर्स है उसको
रिकमेंड करे कि जरा वह इस पर देखें कि मेती को अलग सेस स्टेटस मिलना चाहिए अब वह यहां पर मणिपुर हाई कोर्ट का एक तरीके से सजेशन था ट वास नॉट एन ऑर्डर बाय मणिपुर हाई कोर्ट टू डिक्लेयर मेथ अंडर एसटी स्टेटस अब आप कहेंगे ठीक है यह तो बात समझ में आई लेकिन अगर एसटी स्टेटस मिल जाए मैथीज को तो उससे क्या होगा जो मेथी 70 पर पॉपुलेशन लार्जली कंसंट्रेटेड इन 1/4 ऑफ द टेरिटरी ऑफ मणिपुर है देन दे विल बी एबल टू बाय एंड सेल लैंड इन अदर एरियाज एज वेल तो यानी के
फिर वो जो शेड्यूल्ड एरियाज यानी कि जो ट्राइबल कम्युनिटी के एरियाज हैं वहां पर भी वो लैंड को खरीद बेच सकते हैं ट्राइबल कम्युनिटीज का मानना है यह उनके अधिकारों के लिए नुकसानदायक होगा और यह एक बड़ा कारण बन गया फिर फर्द यह जो एस्केलेशन हमने देखा तो यहां पर दो तरीके से हमने इंसीडेंट्स देखे वायलेंस के पहला वाला तो एंक्रोचमेंट ड्राइव के वहां था जब वैथू ये प्रोटेक्टेड रिजर्व फॉरेस्ट एरिया में ये एंक्रोचमेंट ड्राइव हटाई थी एंक्रोचमेंट्स हटाए थे तब यहां पर हमने कुछ देखे थे आपको बता आईएलएफ इंडिजन ट्राइबल लीडर फोरम इन्होंने बंद
जारी किया था खैर अभी तक यह डेवलपमेंट था अब यहां पर होना क्या चाहिए फिर फाइनली देखिए अभी अगर अगर ड्रग वाली प्रॉब्लम की बात करें तो जो किसान इस क्षेत्र में इसमें लगे हुए हैं तो उनको अल्टरनेटिव लाइवलीहुड उ मुहैया हो तो जाहिर सी बात है उस तरफ वो चलेंगे तो यानी कि अल्टरनेटिव अगर जो क्रॉप्स को वहां पर पुश किया जाए प्लस गारंटी मिले या कुछ ऐसा मिले किट गवर्नमेंट कैन परचेस और इंसेंटिव्स आर गिवन फॉर दैट क्रॉपिंग तो यहां पर एक शिफ्ट देखा जा सकता है इसके अलावा हम लार्जर पर्सपेक्टिव ऐसे समझ
सकते हैं कि जो म्यानमार के साथ बॉर्डर है और म्यानमार डोर है ऑफ आसियान तो इंडिया मैं इसको लार्जर पर्सपेक्टिव इसलिए कह रहा हूं क्योंकि वो एक शॉर्ट टर्म गेन नहीं है मतलब वो शॉर्ट टर्म सॉल्यूशन नहीं है क्योंकि इमीडिएट भी हमें कुछ ना कुछ सॉल्यूशन करना पड़ेगा हम लॉन्ग टर्म इस आधार पर नहीं बैठ सकते कि जो हमारी एक्ट इस्ट पॉलिसी है उसमें कनेक्टिविटी डिप्लोमेसी इज वन इंपोर्टेंट एंगल और जिससे कि नॉर्थ ईस्ट इंडि जो हमारा नॉर्थ ईस्ट भाग है वो म्यानमार देन थाईलैंड देन लाओस इन सब से मार्केट को कनेक्ट करते हुए यहां
पर अपॉर्चुनिटी बढ़ेंगी वो अपॉर्चुनिटी आएंगी नॉर्थ ईस्ट बहुत तेज से समृद्ध होगा लेकिन उसमें समय लगेगा तो अभी के इन इंसर्जनल अभी एथनिक वायलेंस के जो कॉन्फ्लेट है उनको तो हैंडल करने के लिए हमें कुछ ऐसे तरीकों का इस्तेमाल करना पड़ेगा जैसे कि पीएलआई स्कीम है जिससे कि इंसेंटिवाइज किया जा सके इंडस्ट्रीज को जिससे कि जॉब अपॉर्चुनिटी उस क्षेत्र में अलग चीजों के लिए मिल सके जब यह हाई कोर्ट का ऑर्डर आया था मणिपुर वाला तो उसके बाद यह सॉलिड टी मार्च निकालने की बात की गई थी ट्राइवल कम्युनिटीज ने 10 डिस्ट्रिक्ट में निकली थी
और उसके बाद फिर हमने वायलेंस को यहां पर बढ़ते हुए देखा था तो यह सारी कहानी तो आपको समझ में आ गई अब मुद्दे पर चलते हैं हिस्ट्री ऑफ नॉर्थ ईस्ट ठीक है फॉर्मेशन ऑफ नॉर्थ ईस्ट स्टेट सबसे पहले जाते हैं ब्रिटिश टाइम में तो यह वाला जो एरिया है यहां पर अगर ब्रिटिशर्स के एडवेंटस पहले देखें तो हमें यहां पर दो रूल्स दिखते हैं तो यानी कि एक तो ओहम किंगडम और एक मनुपुर किंगडम दो अहम और मणिपुर किंगडम लेकिन उसके बाद फिर हम 19 सेंचुरी में ही देखते हैं कि जो बर्मीज किंगडम था
वो इस एरिया को अपने अंदर ले लेता है मतलब कंट्रोल यहां पर फिर बर्मा का हो जाता है बर्मा इस रीजन में जहां पर आज आप म्यानमार देखते हैं जो फर्स्ट एंग्लो बर्मा वॉर होता है जिसमें कि ब्रिटिशर्स की जीत हो जाती है फाइनली ट्रीटी ऑफ यांगो साइन होती है है और ट्रीटी के तहत यह जो एरिया है यह जो एरिया है यानी कि ओम किंगडम और जो मणिपुर वाला एरिया है अब यह किसके अंडर आ जाता है ब्रिटिशर्स के अंडर आ जाता है तो यानी कि जो ब्रिटिश इंडिया है वो इस ट्रीटी के बाद
से इस एरिया पर अपना कंट्रोल रखता था अब जब हम आजाद हुए तो हमने पूरी यह टेरिटरी ब्रिटिश इंडिया से ले ली तो फिर यह पूरी की पूरी टेरिटरी पर एक इंडियन यूनियन स्थापित हुआ राइट अगर पॉलिटिकल एडमिनिस्ट्रेटिव एंड पॉलिटिकल एस्पेक्ट में बात करें तो राइट नाउ आजादी के बाद अब यहां पर अगर हम अ कैटेगरी इजेशन करें कि एडमिनिस्ट्रेशन चल कैसे रहा था तो यह पूरा एरिया आसाम था जिसको ब्रिटिशर्स एज अ सेपरेट यूनिट कंट्रोल ही कर रहे थे और जब अ और ये जो मणिपुर है और जो त्रिपुरा है तो जब आजाद भी
हो गए तो उ उस टाइम पर उस टाइम पर इन्होंने क्या करा कि इसको अलग से प्रिंसली स्टेट की तरह चला रहे थे अब आप सबको पता है कि इंडियन कांस्टिट्यूशन जब लागू हो रहा है तो भाई प्रिंसली स्टेट की तरह तो रहेंगे नहीं तो ऐसे में फिर इनको यूटी का दर्जा दे दिया गया था यूनियन टेरिटरी का दर्जा दे दिया गया था किसको मणिपुर को और त्रिपुरा को अब यहां पर भी एक इंपोर्टेंट एंगल यह है कि भले यह पूरा एरिया आपको ऐसे दिख रहा हो कि भाई यह भूटान हो गए पूरा आसाम हो
गया लेकिन ऐसा नहीं था कि ब्रिटिशर्स इस पूरे को एक्टिवली एडमिनिस्टर कर रहे थे ब्रिटिशर्स के लिए यह एक फ्रंटियर मात्र था बट ब्रिटिशर्स र नॉट एक्सप्लीसिटली इंटरेस्टेड टू गवर्न दिस एरिया फ्रंटियर अब इन्होंने इस फ्रंटियर में भी फ्रंटियर बना दिया कैसे बाय इंट्रोडक्शन ऑफ दिस आईएल पी यानी कि इनर लाइन परमिट पॉलिसी जिसके तहत इन्होंने अ आई हैव अ मैप फॉर दैट अभी मैप आगे आएगा मैं बता दूं आपको कि इस एरिया को इन्होंने इसका अंदर एक फ्रंटियर मानकर चला कहने का मतलब यह है कि एक्टिवली एंगेज नहीं एंगेज नहीं हुए और जो ऊपर
वाले एरियाज हैं जहां पर आप आज अरुणाचल प्रदेश इधर नागालैंड ये देखते हैं तो इस वाले एरिया को उन्होंने ट्राइब्स पर ही छोड़ दिया कि आप इसको कैसे गवर्न करना चाहते हैं अब अगर परमिशन नहीं है वहां पर जाने की विदाउट ब्रिटिश यू कैन से ब्रिट ब्रिटिश जब तक अलाउ नहीं करेंगे तो मुझे बताइए जब यहां पर बेंगाल वाज हॉट बेड ऑफ इंडियाज इंडिपेंडेंस मूवमेंट तो जब वहां से लोग इस तरफ मोबिलाइज हो रहे हैं नेशनल कॉन्शसनेस के लिए तो क्या वो कॉन्शसनेस यहां पर पहुंच पाएगी नहीं पहुंच पाएगी बिकॉज दिस वॉल ऑफ इनर लाइन
परमिट वाज वर्किंग अगेंस्ट दिस वेरी आइडिया प्लस अगर उस पॉपुलेशन को कभी मॉडर्न एडमिनिस्ट्रेशन के साथ आपने एंगेज नहीं किया तो एक तरीके से आपने तो उसको अलग तलग छोड़ दिया ना तो यानी के ज्योग्राफिकली इकोनॉमिकली साइकोलॉजिकली दिस रीजन विल रिमन डिस्टेंट फ्रॉम द मेन लैंड रीजन या मेन लैंड पॉलिसीज मेन लैंड एडमिनिस्ट्रेशन है कि नहीं और इसका लिंक हमें फिर पोस्ट इंडिपेंडेंट पीरियड में भी देखने को मिलता है कैसे मिलता है अभी आपको एग्जांपल देते हैं फिर त्रिपुरा मणिपुरी यूटीसी टिल 1972 ये कहानी आपको बता दी शिलोंग जो है जब यह आसाम क्योंकि पूरा
का पूरा आसाम ही था क्योंकि अलग-अलग स्टेट तो नहीं बने थे तो शिलोंग उसकी कैपिटल थी फिर जब मेघालय अलग से बन गया तो वही फिर आसाम की कैपिटल डेपुर हो गई और मेघालय की शिलोंग हो गई यह तो बेसिक फैक्ट हो गया ठीक है अब टर्मल जानते हैं जरा नॉर्थ ईस्ट में तो जो यहां पर जो इंसर्जनल फाइट फॉर आइडेंटिटी र अंडरलाइन करेंट्स आर ऑफ इकोनॉमिक एंड पॉलिटिकल यू कैन से आइडेंट कहने का मतलब यह हुआ कि यहां पर जो जंग है व आइडेंटिटी की है लेकिन इसका जो अंडर करंट है वह इकोनॉमिक है
और इसके बेसिस पर वह पॉलिटिकल बाउंड्रीज के लिए फाइट करते आए हैं ज्योग्राफिक आइसोलेशन एक रीजन था क्योंकि मैंने बताया कि वह फ्रंटियर बना दिया फ्रंटियर में भी फ्रंटियर बना दिया जो लोग सोच रहे हो यार ये फ्रंटियर क्या होता है तो मैं कोट करना चाहूंगा हमारे देश के पूर्व नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर मिस्टर शिवशंकर मैनन को उन्होंने कहा कि अगर साउथ एशिया को अपने बॉर्डर डिस्प्यूट्स को रिजॉल्व करना है देन साउथ एशियन कंट्रीज नीड्स टू मेक बाउंड्रीज इलेवेंथ हुई क्या बॉर्डर और यह बाउंड्री कुछ डिफरेंट है क्या तो देखिए आज तो यह शब्द एक दूसरे
के अनुरूप मतलब इंटरचेंजेबली यूज किए जाते हैं बट देर वाज अ टाइम वन दिस वास ट बॉर्डर एज अ टर्म रिप्रेजेंट कि हां कौन सा एरिया किस राज्य के अंडर है चाहे पहले किंग डम्स होते थे या फिर मॉडर्न पॉलिटिकल आने लगे सिस्टम जैसे कि आज हम नेशन स्टेट के अंदर रहते हैं तो पॉइंट यह हुआ कि पहले क्या होता था कि अगर फॉर एग्जांपल यहां पर ओहम किंगडम है ओहम और मणिपुर तो ऐसे में वह बीच में कुछ एरिया ऐसा रखेंगे जिस परे दोनों में से कोई भी पार्टी क्लेम नहीं करेगी उसको फ्रंटियर माना
जाता था सीधी बात यह है लेकिन जब न आई यूज द वर्ड बाउंड्री सो बाउंड्री टॉक्स अबाउट अ लाइन तोय लाइन का कांसेप्ट जो है यह हमारा कांसेप्ट था नहीं कुल मिलाकर बात यह है ठीक है तो शिवशंकर मैनन कहते हैं य वेस्टर्न यूरोपियन कांसेप्ट है तो डिवाइड टेरिटरीज और इसकी वजह से कई बार कॉन्फ्लेट होते हैं कारण एक तो टफ टोपोग्राफी है डिफरेंट टोपोग्राफी है तो आप कैसे एग्जैक्ट बाउंड्री लाइन को डिमार्केट करेंगे प्लस पोरस बॉर्डर है कोई ऐसा ऐसा तो नहीं है कि भाई छोटी टेरिटरी जिस पर आपने कोई बर्बिन ऑफ वायर कर
दी इतनी बड़ी-बड़ी टेरिटरीज है राइट और मैंने आपको बताया कि ये जो रीजन है हमारा नॉर्थ ईस्ट रीजन 90 पर जो एरिया है बॉर्डर है हमारा इंटरनेशनल बॉर्डर्स है राइट बांग्लादेश है नेपाल भी है चाइना भी है भूटान भी है है ना तो ऐसे में एक ये वाला एंगल हो गया अब ज्योग्राफिकल आइसोलेशन क्योंकि यह कहा जाता है कि मेनल इंडिया से चिकन नेक कॉरिडोर से कनेक्टेड है तो पहले तो पास्ट की पॉलिसी ऑफ आइसोलेशन और फिर यह इजी कनेक्टिविटी ना होना यह कारण बताया गया इकोनॉमिक डिस्कंटेंट क्योंकि कहीं ना कहीं पीछे रह गए अब
यहां पर एक पॉइंट यह भी है जैसे कि एक ऑयल नेशनल गैस इसके लिए फेमस है जैसे कि इंडिया की ओल्डेस्ट आप ऑयल रिफाइनरी के बारे में बात करते हैं तो यू टॉक अबाउट डिग बई आसाम में आसाम ल आसाम स्टूडेंट यूनियन की जो प्रोटेस्ट थे जिसके बाद फिर आसाम आया तो उसमें एक इंसीडेंट था कि जब एक स्टूडेंट ने अपनी चेस्ट को कट कर लिया था ब्लड निकलने लगा था और उसने बोला था कि हम ब्लड दे देंगे ऑयल नहीं देंगे यानी कि यहां पर एक यह भी सेंटीमेंट था कि जो नेचुरल रिजर्व्स है
इस एरिया के दे आर बीइंग एक्सप्लोइटेड विदाउट गिविंग ड्यू बेनिफिट्स टू द लोकल पॉपुलेशन इंडिजन पॉपुलेशन फिर ये एब्सेंट ऑफ कल्चरल साइकोलॉजिकल इंटीग्रेशन अब इसमें एक एंगल यह है कि नॉर्थ ईस्ट रीजन इंडिया का हाईएस्ट इंडिजन सेटल रीजन है मतलब एक ऐसा क्षेत्र जहां पर जो वहां के वास्तविकता में सदियों से वहां पर रह रहे हैं वह लोग मौजूद है नहीं तो भारत के अन्य भागों में हमने अपने इतिहास के अलग-अलग समय पर माइग्रेशन कमिंग ऑफ वेरियस पीपल गोइंग मतलब कहने का मतलब सेटलमेंट को चेंज होते हुए देखा है माइग्रेशन को आसानी से होते हुए
देखा है लेकिन यहां पर क्योंकि वह मेलैंड से अलग है और वैसा माइग्रेशन नहीं हुआ था और अब हुआ तो फिर कॉन्फ्लेट हुआ तो वह वह जो इंजना जो इंडिजन पॉपुलेशन है वह अपने आप को अभी भी डिस्कनेक्ट फील करती आई है दिस वाज वन रीजन अब मैं जब कह रहा हूं कि करती आई है तो उसका मतलब यह है कि पहले करती थी और अब चीजें फिर बदली है कैसे बदली है व हम स्टेट वाइज जब अभी इशू को उठाएंगे तो उसम बताएंगे अब आइसोलेशन सेपरेट कॉलोनियल इंटरेस्ट था तो यह भी कहा जाता है
कि शायद ब्रिटिशर्स की सोची समझी स्ट्रेटेजी थी कि सम पार्ट ऑफ दिस रीजन नीड्स टू बी आइसोलेटेड सो दैट इट कैन बी यूज्ड एज अ फ्रंटियर अगेंस्ट द किंग रूल क्यू आईजी किंग डायनेस्टी का जो रूल था हम चाइना की बात कर रहे हैं एज वेल एज अगेंस्ट द तिब्बत रूल और कुछ रूट्स को हम एक्सेस के लिए यूज कर लेंगे तो दे वर नॉट डायरेक्टली इंटरेस्टेड इन दिस रीजन तो एडमिनिस्ट्रेटिव कन्वीनियंस के लिए उन्होंने प्लस अपने स्ट्रेटेजिक इंटरेस्ट के लिए इसको ऐसे इस्तेमाल किया लीगल एडमिनिस्ट्रेटिव डिसीजन ये सेपरेट कर दिए यह मैं बता रहा
था देख यहां पर आई एलपी था मणिपुर में नहीं था ठीक है ना तो मणिपुर ट्स वाई डार्क ग्रीन है यहां पर इन्होंने आई एलपी किया हुआ था तो क्लेरिटी नहीं थी और यह भी एक बड़ा कारण है जिसकी वजह से आज तक यह चाइनीज क्लेम एक भूत की तरह पीछे घूम रहे हैं गस्ट की तरह व कह र नहीं यह तिब्बत का पार्ट होता था कभी राइट क्योंकि अगर क्लियर कट एडमिनिस्ट्रेटिव कंट्रोल एस्टेब्लिश होता विदाउट थिंकिंग ऑफ दिस क्रिएटिंग एन एडिशनल फ्रंटियर तो शायद इतना बड़ा इशू ना होता आउटसाइडर्स वर प्रोहिबिटेड मैंने बताया आईएपी
की वजह से तो जो हमारी जो नेशनल कॉन्शसनेस थी वो भी वहां तक पहुंचाने में एक बाधक यहां पर साबित हुआ ये आइसोलेशन रहा हिल्स का और यहां पर एक्सेप्शन थे मींस एक्सेप्शन आर देयर बट द पॉइंट इज मास मोबिलाइजेशन राइट तो ये तो हो गया इसके बारे में पार्शल प्र मोर दन ज्योग्राफी लैक ऑफ कल्चर साइकोलॉजिकल इंटीग्रेशन ये आपको बताया नाउ अब जो मेजर डिमांड्स रही इस इंसर्जनल अप हीवल होता है कुछ एरिया में अगेंस्ट द सिस्टम तो उसको हम इंसर्जनल है जिन्होंने हथियारों को उठा लिया है सरकार के खिलाफ सिस्टम के खिलाफ अब
क्या मांग है उनकी एक मांग थी ऑटोनॉमी की यानी कि भाई हम हमें जैसे पूरा आसाम है तो उसमें से हम अलग एक राज्य बना ले कुछ इकनॉमिक कंसेशंस मिल जाए कुछ पॉलिटिकल रिप्रेजेंटेशन हमें और ज्यादा मिल जाए जैसे कि ऑटोनोमस काउंसिल्स जो आगे ट्राइबल काउंसिल बनी भी और कुछ की मांग थी आजादी भारत से ही जैसे कि नागालिम नागास के लिए अलग से देश बना दो राइट नाउ स्टेट स्पेसिफिक कॉफ कॉन्फ्लेट की बात करते हैं सबसे पहले नागास से ठीक है तो जो नागा ट्राइब्स है तो सबसे पहले समझिए कि नागा कोई एक ट्राइब
नहीं है ठीक है तो हमारे यहां पर ट्राइब की समझ होनी बहुत जरूरी है ठीक है तो नागा इज नॉट वन ट्राइब नागा ट्राइब्स ठीक है तो इट्स एन अंब्रेला टर्म तो जो नागा ट्राइब्स हैं जिसमें सेंस ऑफ कॉमनस होती है अमंग डिफरेंट टाइप डिफरेंट ट्राइब्स एंड एज वेल एज डिफरेंशिएबल तो जो नागा ट्राइब्स हैं वो आपके नागालैंड अरुणाचल प्रदेश मणिपुर और म्यानमार में पाए जाते हैं यानी कि म्यानमार में भी पाए जाते हैं राइट केवल नागालैंड में नहीं तो इसी वजह से एक ग्रुप ऐसा भी था जिसकी मांग थी भाई केवल नागालैंड से सेटिस्फाई
नहीं होंगे वी वांट ग्रेटर नागालैंड लेकिन एक ग्रुप ऐसा जो नागालिम यानी कि नागा देश की बात करता है सबसे पहले तो नागाज क्योंकि मैंने बताया वो आईएल पी वाला कारण अलग थलग रखा गया डायरेक्ट एडमिनिस्ट्रेटिव कंट्रोल लीगल कंट्रोल मोबिलाइजेशन वह था नहीं तो ऐसे में नागाज व नॉट कंसीडरिंग देम सेल्फ एस पार्ट ऑफ ब्रिटिश इंडिया वो मानकर चलते थे भाई हम तो अलग ही हैं क्योंकि उन्हें क्या पता भाई फर्स्ट एंग्लो बर्मा वॉर ट्रीटी ऑफ जांबो उसके बाद फाइनली यह हुआ था कि ब्रिटिश इंडिया के अंदर ही था य सारा क्षेत्र बर्मा के अंदर
नहीं था तो वो क्योंकि अपने आप ही अपने सिस्टम को चला रहे थे तो ठीक है दे वर नॉट पार्ट उनको ऐसा लग रहा था जब आजादी हो गई तो अब इनसिक्योरिटी बढ़ने लगी कि अब क्या हो होगा कहीं ऐसा ना हो कि हमें दमन कर दिया जाए हमें इस एरिया से डिस्प्लेस कर दिया जाए कहीं हमारे रिसोर्सेस को हटा मतलब छीन लिया जाए राइट तो वह अपने कल्चरल ऑटोनॉमी को प्रोटेक्ट करना चाहते थे वो नहीं चाहते थे कि जो जो समतल क्षेत्र यानी कि प्लेन वाले एरिया है और आउटसाइडर्स हैं वो इनकी टेरिटरी में
आए अब ऐसी जहां पर इनसिक्योरिटी है जहां पर पॉपुलर य डिमांड है उसको लेकर कोई ना कोई एक समूह तो उभरे जो अपने आप को लीडर बताएगा तो ऐसे एक समूह उभरा नेशनल वो नागा हिल्स डिस्ट्रिक्ट ट्राइबल काउंसिल नागा हिल डिस्ट्रिक्ट ट्राइबल काउंसिल इसके बाद इन्होंने कहा नागा नेशनल काउंसिल एनएनसी इन्होंने फिर नेम चेंज कर लिया था एनएनसी में वर्ड है नेशनल तो इसे ध्यान रखिएगा दे वर डिमांडिंग अ सेपरेट नेशन नागा नेशनल काउंसिल 1946 में क्या अभी तक देश आजाद हुआ है नहीं हुआ है 1946 की बात चल रही है राइट यू विल बी
सरप्राइज टू नो कि सम ऑफ सम ऑफ यू माइट बी थिंकिंग कि यार जब ये अलग थलग रखा हुआ है नागा वाले एरियाज को डायरेक्ट कोई इंवॉल्वमेंट नहीं है तो यानी कि इनकी कोई ऑर्गेनाइज वॉइस नहीं होगी इस एरिया की और शायद एंगेजमेंट विद ब्रिटिशर्स भी नहीं होगा जबकि ऐसा नहीं था अब जो एनएनसी को देख रहे हैं 1947 में इसके एक्टिव होने का मतलब ही ये था कि अब जो ब्रिटिशर्स छोड़कर जा रहे हैं तो वो ट्रीटी का रमफला में आजाद हो इसकी पावर ब्रिटिशर्स के पास है तो ऐसे में इन्होंने अपना लॉबिंग टॉक्स
उसको शुरुआत उन्होंने कर दी थी लेकिन उससे कुछ सॉल्यूशन निकला नहीं अ अनसर्टेनटीज रही पोस्ट इंडिपेंडेंस फ्यूचर में तो यहां पर एक लीडर निकल कर आए वोह थे एजे एड फीजो तो फीजो इस पूरी मूवमेंट के सबसे प्रमुख लीडर माने गए 14 अगस्त 1947 यानी कि भारत की आजादी 15 अगस्त 1947 उससे एक दिन पहले इन्होने नागाज की आजादी का आवान कर दिया कि नागाज का तो अलग से देश बन चुका है जी ठीक है लेकिन बैक एंड पे क्या चल रहा था बैक एंड पे इनका भी अलग से कोऑर्डिनेशन चल रहा था कि ब्रिटिशर्स
से कि हमें तो अलग से देश दे दो क्योंकि आपके हाथ में तो है जीए राइट नागाज वर लेड बाय मिस्टर फीजो इंडिपेंडेंट स्टेट आउटसाइड और लेकिन व मिला नहीं राइट तो 1952 में 1957 के जो जनरल इलेक्शन हुए इन्होंने बॉयकॉट कर दिए राइट अब ऐसे पोस्टर्स भी काफी जगह फैलाए गए नागा आदिवासी वारियर थे वारियर थे जिन्होंने फॉरेन जो आर्यंस थे उनके अंडर रहने से मना कर दिया था ऐसे ऐसी बातें फैलाई गई खैर अब जो कुछ लीडर्स थे एनएनसी के उनको एक बात समझ में आ गई थी कि भाई अब दो इलेक्शन हो
चुके हैं हालात बदल चुके हैं तो अब अलग से देश बनने से तो गया कारण जो इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन है वो रन करता है इस पूरे एरिया को और इंडियन कांस्टिट्यूशन कहता है इंडिया इज एन इंस्ट्रक्टेबल यूनियन ऑफ डिस्ट्रक्ट बल स्टेट एक तरीके से मतलब सेंस वो निकलती है तो हम इंटीग्रिटी इज अ प्रायोरिटी तो ऐसे में एनएनसी में से ही एक ग्रुप ने मान लिया कि अब हमें टॉक्स प जाना होगा जो टॉक्स पे जाना होगा इसी वजह से एनएनसी से नाम क्या बना एनपीसी बन गया तो यानी कि दे फॉर्म देयर ओन ग्रुप कौन
लीडर्स जिनको समझ में आ गई थी बात कि अब सरकार से बातचीत करनी पड़ेगी तो वो बना लिया इन्होंने एनपीसी नागा पीपल कन्वेंशन याद करने का तरीका नागा नेशनल काउंसिल यानी कि अलग नेशन की मांग की बात कर रहे हैं पीपल कन्वेंशन यानी कि अब वो लोगों के नुमाइंदे बनकर यानी कि नागा लोगों के रिप्रेजेंटेटिव बनकर सरकार से बातचीत करेंगे जी सरकार से बातचीत करेंगे अब सरकार से बातचीत करने से कुछ हुआ जी हां हुआ जैसे कि अलग से नागालैंड स्टेट बन गई 1963 अब इस वीडियो के लास्ट में जो मैंने पोर्शन ऐड किया है
एकॉर्ड्स का तो जो हम नागा अकॉर्ड यूज करते हैं वर्ड तो कई बार लोग को कनेक्ट करता है अच्छा ये नागा अकॉर्ड का मतलब ये उस अकॉर्ड की बात चलर जिसके बाद नागालैंड अलग से स्टेट बना नहीं नागा एकॉर्ड्स में हम तीन अकॉर्ड की बात करते हैं हम 46 की भी बात करते 46 47 वाले टाइम की बात करते हैं एक इसकी बात करते हैं फिर 75 की बात करते हैं हम तीनों अकॉर्ड की बात करते हैं वो मैं लास्ट में करूंगा अभी आपसे ठीक है लेकिन यह ध्यान रखिएगा ठीक है एनपीसी ने बातचीत करी
और फाइनली जो है नागालैंड बन गया जो अब जो रिमेनिंग लीडर्स थे एनएनसी के क्योंकि एनएनसी में से एक समूह ही तो अलग हुआ था जिसने एनपीसी बनाई थी बातचीत करी थी और नागालैंड अलग से स्टेट बना दी थी तो अब नागा ट्राइब्स में एक ये कंसेंसस भी बनने लगा था कि ठीक है भाई हमें अपनी एक यूनिट तो मिल गई स्टेट की अपने लीडर को चुनेंगे और हमारे विकास के लिए हमारे कल्चर के साथ कोऑर्डिनेट करके वो चलेंगे कोई दिक्कत नहीं है लेकिन जो कुछ लीडर्स थे एनएनसी के यानी कि जो अलग देश का
सपना देख रहे थे ये अपना नेगोशिएशन में लगे हुए थे राइट इवेंचर जो शिलोंग अकॉर्ड और ये शिलोंग अकॉर्ड ये तीसरा अकॉर्ड है अंडर दिस नागा अकॉर्ड 1975 में साइ हुआ और इन्होंने सरेंडर कर दिए अपने आर्म्स और एक्सेप्ट कर लिया इंडिया के कांस्टिट्यूशन को तो 1975 का जो शिलोंग अकॉर्ड था जो नागाज अकॉर्ड में थर्ड अकॉर्ड था यह भी अपने आप में बहुत बड़ी जीत थी सभी लोगों की यानी कि नागा लोगों की भी और सभी की राइट जो लोग इस इस अकॉर्ड के लिए लगे हुए थे क्या अब नागा अकॉर्ड यह तीन लीडर्स
ऐसे थे जिनको यह नागा अकॉर्ड भी दे वर नॉट रेडी राइट और इसके बाद इमर्ज होता है यहां से वो ग्रुप जो आज तक एक मेजर समस का कारण बना रहा जब भी हम नागा इश्यूज की बात करते हैं तो इन तीन व्यक्तियों से वह कनेक्ट होती है जो प्रेजेंट में तो जो टॉप एनएनसी लीडर्स थे इसमें थे थलंग मविया तो आईक मविया आपने सुना होगा एनएस सी एन आई एम तो आईक मविया और तीसरे थे खापलांग तो यानी के मोविया आईक एंड खापलांग यह तीन लीडर्स जो थे एनएनसी के इन्होने कहा नई अलग से
देश लेके मानेंगे हम लेकर मानेंगे तो अब क्या करेंगे भाई एनपीसी बन गई साइन हो गया फिर एनएनसी के बचे हुए लीडर्स ने शिलोंग अकॉर्ड साइन कर लिया तो क्या ही होगा व्हाट यू आर गोइंग टू डू तो इन्होंने फिर एनएससीएन बना ली यहां पर लिखा होगा यह रहा एनएससीएन नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड यानी कि नेशनल सोशलिस्ट वर्ड देखिएगा अलग से राष्ट्र बनाएंगे सोशलिस्ट बनाएंगे सोशलिस्ट क्रेडेंशियल पर बनेगा और तीसरा इन्होंने क्रिश्चियनिटी वाला एंगल यहां पर दिया था कि क्रिश्चियनिटी एक रिलीजस एफिन होगा इस देश का ठीक है तो इस पर इस एम पर
इन्होंने एनएससीएन बनाया लेकिन यह भी शॉर्ट टर्म ही चला अब एनएससीएन जो बना था इसमें पाइफर केशन हो गया एनएससीएन आईएम और एनएससीएन खापलांग ऐसा क्यों क्योंकि जो आईएम था अब वो सरकार से वार्ता पर आ गया 1988 आफ्टर इयर्स ऑफ इन फाइटिंग एंड वायलेंट क्रेशस इन फाइटिंग की बात कर रहे हैं यानी कि इन ट्राइब्स में इन फाइटर्स में भी आपस में इन फाइटिंग है मतलब एनएससीएन के जो फाइटर्स थे उनमें भी इन फाइटिंग चल रही थी तो फाइनली स्प्लिट हो गए एनएससीएन आईएम आई एम क्य आई से आईक एम से मविया और के
से खापलांग तो अब यह अलग-अलग हो गए राइट दो फैक्शंस बन गए 1997 में भारत सरकार ने एनएससीएन आईएम के साथ साइन किया सीज फायर सीज फायर का मतलब यह होता है कि भाई अब आपका जो राष्ट्र का मुद्दा है उस पर हम आपसे बातचीत रखेंगे ठीक है क्योंकि राष्ट्र तो एक्सेप्ट नहीं होगा लेकिन अब बातचीत रखेंगे कैसे आप सभी लोग अपने हथियार डाल दो और अल्टीमेटली इंटीग्रेट हो जाओ तो फाइनली जो है सीज इसका एक पहला स्टेप होता है सीज फायर मतलब आप दोनों तरफ से कोई भी गोलीबारी नहीं चलेगी ठीक है होल्डिंग टॉक्स
विद एम कि अब जो है नागा पीस अकॉर्ड साइन होगा राइट लेकिन ये जो हुआ ये आईएम ने किया यानी कि आइस क मोविया खापलांग को ये बात जब नहीं कापला ने कहा ये क्या चल रहा है तो खापलांग ने कहा व वी आर नॉट गोइंग टू पार्ट बी पार्ट ऑफ दिस सीज फायर एग्रीमेंट लेकिन उसके बाद फिर खुद वो भी सीस फायर पर आए लेकिन अभी जो एनएससीएन खापलांग है इसके साथ ही मेजर समस्या चलती रहती है कहने के सीज फायर है लेकिन बीच-बीच में कमश होते रहते हैं एनएससी ये लिखा है ना एनएससीएन
खापलांग ने वायलेट किया है कितनी बार ये सीज फायर एग्रीमेंट ठीक है अब आसाम पर आते हैं तो अभी जो मुद्दा वही है कि इस मुद्दे को अभी रिजॉल्व करना बाकी है एनएससीएन के एनएससीएन आईएम के इज प्रोब्लेमे आसाम पर आते हैं आसाम में जो एथनिक कॉन्फ्लेट है इट इज इट हैज लॉट ऑफ कनेक्शन विद दिस इशू ऑफ माइग्रेशन यानी कि इनफ्लक्स ऑफ फॉरेनर्स फिर सरकार की इनेबिलिटी टू एक्चुअली सेंड देम बैक और टेंशन बिटवीन रिलीजस एंड लिंग्विस्टिक ग्रुप्स यानी कि धर्म के नाम पर और भाषा के नाम पर और जो लोकल ऑटोनॉमी है ट्राइब्स
की वह भी एक इशू है आप कहे कितने सारे इशू है बहुत ही आसानी से अभी एकएक करके कनेक्ट हो जाएगा आपको एथनिक कॉन्फ्लेट इन आसाम तो नॉन असमीस को बाहर निकालने के बेसिक आइडिया से नासा में इंसर्जनल आसाम स्टू ट यूनियन आसू यह यूनियन यहां पर आसाम के जो ओरिजिनल इनहैबिटेंट्स हैं उनके अधिकारियों के लिए लड़ती आई थी इनका कहना था कि लार्ज इफ्लक्स हुआ है पहले ईस्टर्न पाकिस्तान से फिर बांग्लादेश से और जिसकी वजह से डेमोग्राफी चेंज हुई अ जो इफ्लक्स इफ्लक्स करके जो इल्लीगल माइग्रेंट्स आए इमीग्रेंट आए उन्होंने कब्जा लिया कुछ सारे
जो आपके गवर्नमेंट उसके बाद जो है लोकल पॉलिटिक्स भी चेंज हो गई अब यहां पर यह कह रहे हैं कि जो क्योंकि मैंने कहा रिलीजस एंगल भी है ल लैंग्वेज वाला एंगल भी है तो इनका कहना है कि जो पॉपुलेशन ऑफ मुस्लिम्स है इस एरिया में उसका जो प्रतिशत बढ़ा है उसका एक बड़ा कारण है इनफ्लक्स अब इनफ्लक्स को हम ऐसे कैटेगरी कर सकते हैं पहला तो असमीज स्पीकिंग मुस्लिम्स यानी कि वो ओरिजनली असमीज ही मुस्लिम्स हैं जो मुगल काल के दौरान जो मुगल वरियर्स थे तो उन वो यहां पर आकर बसे थे टू हैव
स्टेबिलिटी हैव कंट्रोल अंडर मुगल एंपायर तो वो उन्हीं के इनहैबिटेंट्स मतलब उन्हीं के मतलब वोन के एसेस्टार थे डिसेंडेंट्स हैं वो इसके मुस्लिम फ्रॉम ईस्ट बंगाल कब पार्टीशन से पहले राइट पार्टीशन से पहले ही वो इस एरिया में मोबिलाइज हो रहे थे आसाम वाले एरिया में मुस्लिम्स फ्रॉम ईस्ट पाकिस्तान अब जब पार्टीशन हो गया तो ईस्ट पाकिस्तान से मोबिलाइज हुआ और फिर मुस्लिम फ्रॉम बांग्लादेश जो 1971 के बाद की हम बात कर रहे हैं फाइनली इसको लेकर आसाम अकॉर्ड साइन होता है बिल्कुल शार्पली समझ लीजिएगा कि फाइनली हुआ क्या पहले यह देखिए इमीग्रेंट आफ्टर 1971
यानी कि 1971 के बाद जो भी आएंगे क्या डिक्लेयर हुआ कि भाई उनको तो इलीगल डिक्लेयर किया जाएगा ठीक है इमीग्रेंट बिटवीन 1966 और 71 10 साल के लिए वोट नहीं देंगे और इमीग्रेंट जो 1966 से पहले आए उनको फुल स्टेन शिप दे दी जाएगी यह 1985 में साइन हुआ तीन पार्टीज थी आसू आसाम गवर्नमेंट और भारत की सरकार केंद्र सरकार राजीव गांधी जी की सरकार थी उस टाइम पर अब यहां पर दो प्रॉमिनेंट इशू और हैं एक बोर्डो इशू और कार्बी एंगलोंग इशू दोनों इशू अलग है क्षेत्र भी अलग है जरा समझिए क्या-क्या है
सबसे पहले हम बोडोलैंड इशू की बात करते हैं बोडोज जो मतलब एथनिक लिंग्विस्टिकली एक डिस्टिंक्ट ग्रुप है आसाम का जो मेजर्ली इस बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजनल एरिया में है मतलब बोडोलैंड टेरिटोरियल एरिया अब तो अलग से ऑटोनोमस रीजन है अब बोडोस का जो क्लैश है इसको देखिएगा तीन प्रॉमिनेंट क्लैश हमने देखे 1993 94 जब पडो मुस्लिम क्लैश देखा करीब 4000 के आसपास फैमिलीज जो है इसमें इफेक्ट हुई थी करीब करीब 113 लोग की जान गई थी बोर्डो आदिवासी क्लैश 400 के आसपास लोग यहां पर भी मारे गए थे 3 लाख के आसपास लोग यहां पर डिस्प्लेस
हो गए थे बोर्डो मुस्लिम क्लैश फिर 65 पीपल के 2 लाख पीपल गट डिस्प्लेस तो यानी कि दिस इज आल्सो अ मेजर इशू अब यहां पर डिमांड क्या थी तो बर्डो पीपल एक्शन कमिटी जो है दे वर डिमांडिंग कि भाई हमें वी नीड वी नीड ऑटोनॉमी इन आवर इन आवर रीजन वी नीड प्रोटेक्शन फ्रॉम द इनफ्लक्स ऑफ दीज पीपल व्हिच आर कमिंग इन टू आवर टेरिटरी तो हम अपने कल्चर की प्रोटेक्शन के लिए अपनी ऑटोनॉमी चाहते हैं फर्स्ट बोर्ड अकॉर्ड साइन हुआ कि भई ये क्लैशेस अप ना करिए राइट क्योंकि अलग से ये ऑल बोर्डो
स्टूडेंट यूनियन बन गई थी बोर्डो पीपल एक्शन कमेटी बन गई थी तो अकॉर्ड फाइनली यह हुआ कि अ फाइनली हम वी आर गोइंग टू एग्री ऑन दिस एरिया कि भाई यहां पर सरकार आपको कुछ रिलैक्सेशन देगी बट यहां पर कोई डिमार्केट नहीं हो पाई कि कौन से एरियाज को हम बोर्डो टेरिटरी वाला एरिया कहेंगे अब यहां पर देखिएगा जब सरकार ने सॉल्यूशन निकाला भी तो उसके बाद एक और प्रॉब्लम क्रिएट हो गई प्रॉब्लम थी जो नॉन बोर्डो कम्युनिटीज हैं वो कह रही थी कि जिस एरिया को आपने बोडोलैंड टेरिटोरियल ऑटोनोमस डिस्ट्रिक्ट करार दिया है यानी
कि सेकंड बोर्ड ऑफ अकॉर्ड के तहत जो बडो लिबरेशन टाइगर्स थे यानी कि जो आर्म्ड कॉन्फ्लेट में एंगेज थे केंद्र सरकार आसाम गवर्नमेंट और जो बोडोलैंड बीएलटीएम प्रोमाइज किया तो फाइनली उन्होंने कहा कि चलो भाई बोडोलैंड को अलग देश की जो मांग कर रहे थे फिर अलग कुछ सेक्शंस प्रदेश की मांग करे थे उनको हटा देते हैं बोडोलैंड टेरिटोरियल ऑटोनोमस डिस्ट्रिक्ट बना देते हैं जिसमें करीब 8970 स्क्वायर किलोमीटर का एरिया है डिस्ट्रिक्ट्स हैं कोकराझार चिरांग बक्शा एंड उल उगल गुरी अब बोडोल एंड टेरिटोरियल काउंसिल बना देंगे जो यह काउंसिल इस एरिया को गवर्न करेगी राइट
तो यानी कि ऑटोनोमस पावर्स दे दी लेकिन यहां पर 27 के आसपास नॉन बोडो ग्रुप्स थे उनका कहना था कि यार यह क्या हुआ है हमारे साथ उनका कहना है कि यह जो आपने एरिया डिमार्केट किया है बोडोलैंड टेरिटोरियल ऑटोनम ऑटोनोमस डिस्ट्रिक्ट इसमें जो बोडोज है उनको ज्यादा पावर मिल जाएगी लेकिन इस एरिया में तो हम भी रहते हैं राइट तो ऐसे में इनका कहना है कि जो नॉन बोर्डो लेजेस हैं आप उनको बीटीसी एरिया से मतलब आप यहां पर हमें एक्सक्लूड करिए एक तरीके से जो आपने इंक्लूड कर दिया है जो बडलैंड रिटोल काउंसिल
वाले एरिया में इंक्लूड कर दिया उससे हमें हटाइए कार्बी एंगलोंग इशू अब कार्बी एंगलोंग यहां देखिए यह है कार्ब एंगलोंग ये स्टेट का लार्जेस्ट डिस्ट्रिक्ट है और यह कहा जाता है मेल्टिंग पॉट की तरह है अगर हम एथनी सिटीज की बात करें जो डाइवर्सिटी है इसमें यही एक रीजन है जिसकी वजह से इंसर्जनल हुई डाइवर्सिटी एथनिक डिविजंस इंसर्जनल यहां पे पीपल डेमोक्रेटिक काउंसिल ऑफ कार्बी लंगरी कार्बी लंगरी एनसी हिल लिबरेशन फ्रंट और कोर डिमांड क्या थी कि हमें एक सेपरेट स्टेट बनाना होगा तो यानी कि जब स्टेट बन ही रहे थे तो कहा कि कार्बी
एंगलोंग के लिए अलग से हम स्टेट बनाएंगे खैर फाइनली डिमांड यहां पर आकर रुकी कि कार्बी एंगलोंग ऑटोनोमस काउंसिल दे दीजिए रिजर्वेशन ऑफ सीट दे दीजिए इन पर्टिकुलर ट्राइब्स को इस पर्टिकुलर अ गवर्नेंस मैकेनिज्म में मोर पावर दे दीजिए काउंसिल को कार्बी लैंग्वेज को एट स्केड्यूल में ऐड कर लीजिए और और 1500 करोड़ के आसपास का हमें फाइनेंशियल पैकेज दे दीजिए यह बेसिक डिमांड रही मणिपुर का इशू मोस्ट इंसर्जनल इन फाइटिंग रही है ट्राइबल कम्युनिटीज में बैक बैक एंड पर हम जाए तो जो मेती कम्युनिटी है यह कहा जाता है कि इस पर्टिकुलर रीजन में
एक समय पर मेती किंगडम होता था जो मेती कम्युनिटी है वह 70 प्र के आसपास आबादी में है लेकिन वह जो वैली रीजन है जो कि टोटल मणिपुर जो आज हम मणिपुर देखते हैं इसका एक चौथा भाग में रहती है तो मेती रूलरसोंग्स डिक्लाइन हुआ इनका कहना है कि जब इंडियन यूनियन में इंटीग्रेट नहीं हुआ था ये एरिया सो मेती वर एंजॉयिंग द स्टेटस ऑफ परचेसिंग और सेटलिंग इन एनी पार्ट ऑफ द टेरिटरी बट आफ्टर दिस गिविंग दिस डिवीजन कि एसटी स्टेटस वाले लोग ही हिली एरिया में लैंड को परचेज कर सकते हैं मेती नहीं
कर सकते तो मेती के जो राइट्स हैं वो चले गए हैं 30 पर नागा कोकी चिन मिजो बाकी जो यह ए एरियाज हैं हिल एरियाज है यहां पर यह 30 प्र आबादी में यह रहते हैं कल्चर डिस्टेंस भी इसका एक रीजन रीजन कहा जाता है यह कहा जाता है कि जो बाकी जो 30 पर पॉपुलेशन है उन उनमें मेजर्ली क्रिश्चन धर्म उन्होंने अपनाया हुआ है तो रिलीजन एंगल से भी एक डिवीजन देखने को मिलता है अब क्योंकि मणिपुर रीजन में भी नागास पाए जाते हैं तो यहां पर एनएससीएन एक्टिव पाई गई और एनएससीएन जब मांग
कर रही थी ग्रेटर नागालिम की यानी कि नागाज केलक देश की तो ऐसे मणिपुर के क्षेत्र की भी मांग की गई मेती जो है इस बात को रजिस्ट करते हैं कि भाई कैसे आप हमारे इस क्षेत्र को अलग से ले लेंगे तो यहां पर फिर यह जब मेथी रेजिस्ट करते हैं तो हम देखते हैं कि पॉपुलेशन में भी 70 पर है तो वी हैव सीन दैट पार्टिसिपेशन इन पॉलिटिकल एडमिनिस्ट्रेटिव सेटअप इज आल्सो सिग्निफिकेंट मोर अब यहां पर एक और एंगल है जो ट्राइब्स का सदर्न पार्ट की बात करें तो वहां पर अलग से एक यूटी
बनाने की मांग है जिसको यूटी को जोमी कहने की मांग है तो वहां पर अलग से कॉन्फ्लेट चल रहा है डिस्ट्रिक्ट काउंसिल अब पॉइंट यहां पर यह है कि जो सिक्स्थ शेड्यूल है हमारे कॉन्स्टिट्यूशन का वो कहता है आसाम मिजोरम त्रिपुरा एंड मेघालय तो यानी कि इन फोर नॉर्थ ईस्ट स्टेट्स के ट्राइबल डोमिनेंट एरियाज में हम स्पेशल मैकेनिज्म रखते हैं ये बोर्दोलोई कमेटी के नाम पर बोर्दोलोई कमेटी की सलाह पर बनाया गया था बोर्दोलोई मिस्टर बोर्दोलोई वाज एक्चुअली फर्स्ट सीएम ऑफ आसाम राइट अब बात ये है कि मणिपुर का नाम यहां पर नहीं है तो
मणिपुर में भी सिक्स स्केड्यूल के प्रोविजंस को इंक्लूड किया जाए क्या तो इसके विरोध में जो मेजॉरिटी पॉपुलेशन है वो है कि अगर आपने यह कर दिया तो फिर हमारे राइट अप्रेस हो जाएंगे बिकॉज मेथ आर सेइंग कि वी आर नॉट ट्राइबल यट एसटी स्टेटस नहीं है हमारे पास तो कहने का मतलब है कि दिस दिस इज वन राइट अरुणाचल प्रदेश की बात करते हैं तो अरुणाचल प्रदेश में मुद्दा है चकमा रिफ्यूजीस का जो बांग्लादेश से इफ्लक्स होकर यहां पर सेटल हो गए अरुणाचल प्रदेश में अब यहां पर इनकम इनकम कहने का मतलब है जब
लोग नए वहां पर सेटल हो गए तो जो रोजगार है उसमें भी वह आने लगे तो कहने का कहने का मतलब है कि जो लोकल पॉपुलेशन है दे आर सीइंग कि जो हमारे इकोनॉमिक अपॉर्चुनिटी है इट इज एक्चुअली बीइंग रिप्लेस बाय द पीपल हु आर कमिंग फ्रॉम आउटसाइड अब एनस सन सेपरेटिस्ट ग्रुप नेबरिंग नागालैंड वो भी वोकल थे अगेंस्ट सच रिफ्यूजीस तो यानी कि यहां पर एक कंसर्टेड वॉइस बन गई कि रिफ्यूजीस के अगेंस्ट हमें खना है फिर वहां पर वायलेंट वायलेंस होने लगी तो अब ऐसे में सीज फायर हुआ फिर एनएससीएन के साथ जो
मैंने अभी आपको बैकग्राउंड में बताया था मेघालय में मेघालय इज फॉर्चूनेटली फ्री फ्रॉम वायलेंस अगर कम इंटेंसिटी की बात करें अगर अदर रीजंस में तो उसके मुकाबले कहीं कम है एक्सेप्ट वायलेंस अगेंस्ट आउटसाइडर्स बंगाली स्पीकिंग जो लिंग्विस्टिक माइनॉरिटी है यानी कि बंगाल वाले भाग से जो यहां पर है उन उनको लेकर एक इशू है बट ऐसा इशू नहीं है जैसा अदर हमने देखा क्लैश ऑफ इंटरेस्ट बिटवीन स्टेट गवर्नमेंट सिक्स स्केड्यूल डिस्ट्रिक्ट काउंसिल एक तो यह है इंटर ट्राइबल रेवलरी है और टेंशन की बांग्लादेश से स्पेशली इन गारो हिल एरिया राइट मिजोरम की बात करें तो
इसकी भी वायलेंट इंसर्जनल का मतलब अगर सभी एरियाज की बात करें तो इसमें एक सक्सेसफुल यू कैन से अचीव अट जो रहा यू कैन से अचीवमेंट इस रीजन में रहा जब जब सरकार ने यहां के इंसर्जनल समझौता करके और मिजोरम को अलग से एक स्टेट का दर्जा दे दिया था तो यहां पर शांति आ गई थी यह मिजोरम नेशनल फ्रंट नेशनल फ्रंट अलग से राष्ट्र की मांग कर रहे थे खैर 1986 में अकॉर्ड साइन हुआ और यहां पर मिजोरम एक अलग से स्टेट बन गई अब पोटेंशियल एरिया ऑफ कॉन्फ्लेट क्या था एक तो डिसेटिस्फेक्शन था
कि तीन जो है नॉन मजो डिस्ट्रिक्ट काउंसिल है विद इन द स्टेट गवर्नमेंट और मतलब उनके अंदर डिसेटिस्फेक्शन है ग्रोइंग इनकम एसेट डिस्पर्टी कहने का मतलब है लिटन सोसाइटी मेजर ट्राइबल रीजन और वहां पर हम देख रहे हैं कि कुछ वर्ग जो है बहुत अमीर होते जा रहे हैं कुछ गरीब है या वही ट्रेडिशनल वे ऑफ इकॉनमी चल रहा है अब इसके एंगल को कनेक्ट करने के लिए हम पीस अकॉर्ड में जरा जाते हैं ठीक है सबसे पहले नागा अकॉर्ड को जानते हैं तीन नागा अकॉर्ड हुए पहला है नागा नागा अकबर हैदरी आप कहेंगे अकबर
हैदरी क्यों देखिए हम 1947 की बात कर रहे हैं क्या 47 में नागालैंड या अदर य स्टेट्स थे नहीं थे ना बताया ना आसाम था तो आसाम के गवर्नर के द्वारा साइन हुआ था और जो आसाम के उस टाइम गवर्नर थे वो थे अकबर हैदरी तो नागा अकबर हैदरी अकॉर्ड ठीक है साइन बिटवीन एनएनसी लीडर्स एंड द गवर्नर ऑफ आसाम और एनएनसी लीडर्स कौन जो मांग कर रहे थे नागाज के लिए अलग नेशन की और नागाज प्रेजेंट इन डिफरेंट स्टेट्स बताया था अभी आपको सो नागाज राइट्स अब यहां पर एक और इंपोर्टेंट एंगल है क्योंकि
मैंने बताया कि नागास आर प्रेजेंट इन म्यानमार एज वेल राइट और यहां पर जो इंसर्जनल हैं उनको वहां से हटाने में उनको पुशबैक करने में जो म्यानमार की फोर्सेस है उसका भी बड़ा रोल रहता है क्योंकि उनको भी लगता है कि यह जो जो एनएससीएन है एनएससीएन खापलांग फॉर एग्जांपल तो इनके जो टेररिस्ट है सो व्हेन दे डिमांड ऑफ नागालैंड तो ऐसे में उनका जो नदन पार्ट है म्यानमार का उसमें भी इंस्टेबिलिटी क्रिएट होती है उनके फॉरेस्ट में यह बेस बनाकर इंडिया पर अटैक करते हैं तो ऐसे में हमारी फोर्स और म्यानमार की फोर्स मिलकर
जॉइंट ऑपरेशन करती है और इनको वहां से साफ करती है तो यह भी एक एंगल है यहां पर क्योंकि खुद म्यानमार की सिक्योरिटी के लिए जरूरी है कि वो इंडियन फोर्सेस के साथ कोलैबोरेट करें खैर यहां पर केवल इतनी बात की गई थी कि नागाज को राइट्स मिलेंगे उनके लैंड को और एग्जीक्यूटिव लेजिसलेटिव पावर भी मिलेंगी विद इन दी एमेट ऑफ इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन 1947 में क्या कांस्टीट्यूशन लागू हो गया था नहीं तो कांस्टीट्यूशन बन रहा था 1950 में लागू होगा तो एनएनसी ने इसी वजह से किया था कि भाई हमारे जो अधिकार है नागास के
वो सुनिश्चित होने चाहिए तो यहां पर अकबर हैदरी जी का जो एग्रीमेंट था केवल इतना था कि इंडियन कांस्टिट्यूशन के हिसाब से जो होंगे उसमें आपको ध्यान रखा जाएगा कि आपके पास अपने क्षेत्र के लिए लेजिसलेटिव एग्जीक्यूटिव पावर होंगी यानी कि कानून भी आप बनाएंगे और एग्जीक्यूट भी आप ही करेंगे आपकी सरकार होगी लेकिन एनएनसी के कुछ मेंबर जैसे मिस्टर फीजो उन्होंने रिजेक्ट कर दिया नहीं हम तो नहीं मानते इन्होंने तो 14 अगस्त 1947 को आजादी घोषित कर दी थी फिर हुआ 1960 का 16 पॉइंट प्रोग्राम ये सेकंड ना नागा अकॉर्ड था राइट अब नागा
पीपल कन्वेंशन याद करो एनपीसी एनपीसी वो ग्रुप था एनएनसी से हट के जो कि सरकार के साथ वार्ता करने में इच्छुक था राइट और इसी की वार्ता मतलब नागालैंड एज अ स्टेट वाज एन आउटकम ऑफ दिस सेकंड नागा अकॉर्ड राइट 16 पॉइंट जो एग्रीमेंट था इसके आउटकम पे ही वो बना तो सेंट्रल गवर्नमेंट ने कहा कि हम प्रोवाइड करेंगे इकोनॉमिक अपलिफ्टमेंट मतलब एड मिलेगी ग्रांट्स मिलेंगे आपको फॉर अपटमेंट ऑफ नागाज ग्रेटर लोकल सेल्फ गवर्नमेंट इंश्योर किया जाएगा लोकल बॉडीज में मैटर्स में जो ट्राइब के कल्चर एटिबल हैं उनको सिक्योर रखा जाएगा शिलोंग अकॉर्ड 1975 जो
तीसरा नागा अकॉर्ड था एनएनसी अंडर ज जेड क्यूरे साइन शिलोंग अकॉर्ड इन्होंने तो साइन कर दिया लेकिन जो अदर लीडर्स थे आईक मोविया एंड खापलांग वो विरोध में थे अब इनका अभी आप सोचेंगे 75 में क्यों ऑलरेडी लॉस ऑफ बेसिस हो चुका था ईस्ट पाकिस्तान में यानी कि ईस्ट पाकिस्तान में बैठकर भी यह अपने एक्शंस करते थे तो अब इनके खुद के बेसस वहां से साफ होने लग गए थे आप कहेंगे ऐसा कैसे ऐसा इस वजह से क्योंकि द पॉइंट इज जब ये ईस्ट पाकिस्तान था तो ईस्ट पाकिस्तान को आप यह समझिए कि नॉर्थ ईस्ट
की स्टेबिलिटी में एक बहुत बड़ा खतरा था ईस्ट पाकिस्तान क्योंकि ईस्ट पाकिस्तान वाज बीइंग यूज्ड बाय पाकिस्तान टू हार्बर टेररिस्ट ग्रुप्स अगेंस्ट इंडिया अब जैसे ही 1971 में बांग्लादेश बन गया और बांग्लादेश में जो सरकार बनी वह भाई प्रो प्रो इंडिया सरकार थी तो वो इन्हें टिकने दे रही थी क्या नहीं तो इनके बेसिस का वहां से सफाया होगा कि नहीं होगा बिल्कुल होगा तो ऐसे में फिर इन जब वो वीक फ्रंट पे होंगे तो जाहिर सी बात है फिर वो बातचीत करेंगे ही करेंगे तो ऐसे में फिर यह बातचीत करने लग गए तो इन्होंने
इन्हें तो समझ में आ गया था ये कांस्टेंट प्रेशर बन रहा है इंडियन सिक्योरिटी फोर्सेस का और बांग्लादेशी फोर्सेस इनके साथ हैं तो अब हमारा क्या होगा लेकिन तीन लीडर्स जो हैं वो अलग हो गए नागर रिबेल मूवमेंट के और उन्होंने अपनी एनएससीएन बना ली इन्होंने कहा हम तो नहीं मानेंगे हार हम यहां नहीं तो हम म्यानमार में छुप के एक्शन करेंगे अदर पहाड़ियों में छुपके एक्शन करेंगे अदर हिल एरियाज में तो यहां पर एनएससीएन अलग से काम करती रही है कार्वी अंगलो एग्रीमेंट जिसके बारे में अभी हमने बात की थी जो ऑटोनोमस एरिया की
बात कर रहा था 4 सितंबर 2021 को 1000 के आसपास जो आर्म्ड कार्डर्स थे मिलिटेंट्स थे उन्होंने अपने हथियार डाल दिए और मेन स्ट्रीम सोसाइटी में वो शामिल हो गए तो ये 2021 में भारत सरकार का बहुत बड़ा अचीवमेंट था तो मुझे लग रहा है कि अब आपको इस पे क्लेरिटी मिल गई होगी राइट तो फिर मिलते हैं