मेरा भतीजा सफेद घोड़ी की सवारी करने का बड़ा ही शौक रखता था वह अक्सर मुझे रोज कहा करता कि चाची मुझे आपके सफेद घोड़े की सवारी करनी है मैं कभी-कभी इस बात को हंसकर ताल दिया करती थी लेकिन अक्सर वह रोज ही मेरे साथ जिद्द करने लगा मेरा भतीजा मेरे पास पढ़ने के लिए आया था उन दिनों मेरा पति विदेश में रहा करते थे मेरा भतीजा कम उम्र का था लेकिन धीरे-धीरे उसमें बहुत सारे बदलाव आने लगे वह सर बहाने बहाने से मेरे करीब आया करता था और फिर बहुत जिद्द किया करता कि चाची मुझे
आपका सफेद घोड़े की सवारी करनी है वह लेकिन मैं उसे बच्चा समझकर टाल दिया करती थी एक दिन बहुत तेज बारिश हो रही थी उसी दिन मैं अपने पति को बहुत याद कर रही थी लेकिन इस वक्त भतीजा मेरे कमरे में आया जीत करने लगा कि उसे आज घोड़े की सवारी करनी है मैंने भतीजे की बात को मान लिया मैंने कहा बताओ तो फिर मुझे आज क्या करना पड़ेगा लेकिन भतीजे ने जो तरीका मुझे बताया व सुनकर आप लोग हैरान हो जाओगे उसने लाइट बंद करते ही पूरे जोश के साथ कभी-कभी गलतफहमी ही इंसान के
अच्छे खासे रिश्ते को खत्म करके रख देती है इस तरह यह सिलसिला मेरे साथ हुआ था यह कहानी उन दिनों की है जब मेरी नई-नई शादी हुई थी मैं शादी करके अपने ससुराल आई थी मैं गरीब परिवार से ताल्लुक रखती थी इसी वजह से मां-बाप ने अच्छा रिश्ता देखकर कम उम्र में ही मेरी शादी कर दी थी शादी को लेकर हर लड़की की तरह मेरी भी कई अरमान थे लेकिन वह शायद मेरी जिंदगी में पूरे नहीं हुए थे क्योंकि शादी की रात ही मेरा पति मुझे छोड़कर विदेश चला गया था यह शादी बहुत ही जल्दबाजी
में हुई थी क्योंकि मैंने सुना था जो मेरा पति है उसके माता-पिता इस दुनिया में नहीं है और उसकी एक छोटी बहन थी जिसकी शादी उसने एक साल पहले ही कर दी थी मां-बाप को भी यह रिश्ता अच्छा लगा था क्योंकि लड़का अच्छा खासा कमा लेता था लड़की वालों ने हमारे से कोई डिमांड भी नहीं की थी इसी वजह से माता-पिता ने खुशी-खुशी मेरी शादी मेरे पति राजा से कर दी थी मैं विदा होकर जब अपने ससुराल आई तो बड़ी सादगी के साथ मेरा स्वागत किया गया था मेरे ससुराल में ज्यादा लोग नहीं थे जब
मैं अपने पति के कमरे में गई तो मेरे पति ने कमरे को पूरे फूलों से सजाया हुआ था आज की रात मेरे लिए बड़ी ही प्यार भरी थी आज की रात के लिए हर लड़की अपने पति का बेसब्री से इंतजार करती है मैं भी एक लंबा सा घूंघट ओढ़कर बैठी चुकी थी और फिर आने वाली घड़ी के बारे में सोच रही थी फिर फिर आधे घंटे के बाद मेरा पति कमरे में दाखिल हुआ मेरे पति ने आते ही कमरे को अंदर से बंद कर दिया था और फिर बैठकर बड़े ही प्यार से मुझसे बातें की
थी शुरू शुरू में तो मुझे बहुत ही ज्यादा हिचकी चाहत हो रही थी लेकिन धीरे-धीरे मैं भी उनके साथ बात करते हुए फ्रेंडली हो चुकी थी अब मुझे भी कोई शर्म नहीं रही थी मेरे पति ने मेरा हाथ पकड़कर मुझे अपने प्यार का इजहार किया था मेरे पति के छूटे ही मेरे दिलों की धड़कने बढ़ने लगी थी फिर पति ने लाइट बंद करते ही मुझ पर प्यार लुटाना शुरू कर दिया था फिर काफी घंटे की देरी के बाद मेरे पति मुझे बताने लगे कि वह कल सुबह ही काम के सिलसिले से विदेश चले जाएंगे जिसे
सुनकर मैं पूरा हक्का बक्का रह चुकी थी मेरे पति कहने लगे कि उन्हें ऑफिस के काम से छुट्टी नहीं मिल रही इसीलिए उनको जॉब बहुत जरूरी है वह जल्द ही वापस आएंगे तुम निराश मत होना लेकिन पति की बात को सुनते ही मैं पूरा उदास हो चुकी थी भला कोई भी लड़की अपनी शादी के दूसरे दिन ही अपने पति को विदेश जाने की इजाजत देती है मुझमें तो बिल्कुल भी हिम्मत नहीं थी मैं मन उदास करके बैठी हुई थी मेरे पति मुझे मनाने की पूरी कोशिश कर रहे थे लेकिन दिन भर की थकावट की वजह
से मैं जल्द ही नींद की वादियों में गुम हो चुकी थी सुबह जब मैं उठी तो मैंने देखा कि मेरे पति विदेश जाने के लिए तैयार हो रहे हैं मैंने उन्हें रोकने की भी कोशिश की थी मैंने कहा कुछ दिन बाद चले जाना लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें अर्जेंट काम है और वह काम से छुट्टी नहीं ले सकते वह कहने लगे कि तुम चिंता मत करो मैं जल्द ही वापस आ जाऊंगा मैं नई-नई घर में आई थी इसी वजह से मैं ज्यादा बात पर बहस नहीं कि मैं भी मन उदास करके उन्हें खुशी-खुशी जाने की
अनुमति दे दी पति की जाने के बाद मैं बहुत ज्यादा परेशान हो चुकी थी क्योंकि पूरे घर मैं बिल्कुल अकेली थी मेरे पास कोई चारा नहीं था इसी वजह से मैं घर का कामकाज करना शुरू कर दिया मेरे पति का घर बहुत ही बड़ा था और साथ ही साथ घर के पीछे हिस्से में घोड़े का एक छोटा सा अस्तबल बनाया हुआ था जहां पर दो-तीन घोड़े रखे हुए थे मुझे बचपन से ही जानवर से बहुत ही ज्यादा लगाव था इसी वजह से मैं घर का कामकाज खत्म करने के बाद घोड़े को खाना देने के लिए
चली गई उनमें से एक घोड़ा सफेद रंग का था जो दिखने में बहुत ही ज्यादा सुंदर था उसे देखकर मुझे उसके साथ बहुत ही ज्यादा लगाव हो चुका था वह घोड़े भी मेरे तरह इस घर में पूरी तरह अकेली थी घोड़े को खाना देने के बाद मैं वापस अपने कमरे में आ गई और अपने पति को को फोन लगाने लगी मेरे पति ने मुझसे बात की लेकिन मैं तब भी बार-बार उन्हें अपने पास बुलाने की जिद करने लगी थी लेकिन वह बार-बार मुझे यही कह रहे थे कि तुम थोड़े दिन इंतजार करो कुछ दिन के
बाद मेरा भतीजा हमारे घर में आकर रहेगा क्योंकि यहां से वह अपने आगे की पढ़ाई कंप्लीट करेगा हमारे घर कुछ की दूरी में बहुत सारे अच्छे कॉलेज हैं इसी वजह से वह यहां पर रहकर आगे की पढ़ाई को कंप्लीट करेगा और तुम्हारा भी मन लग जाएगा पति के कहने के बाद मैं कुछ देर शांत हो चुकी थी मुझे भी यह सही लगा था कि कोई शायद इस घर में आकर रहेगा तो मेरा भी मन लग जाएगा मैं अपने पति के साथ कुछ देर प्यार भरी बातें की और उसके बाद हम दोनों ने फोन रख दिया
उसके बाद मैं अपने घर के कामकाज में फिर से बिजी हो चुकी थी मैं शाम का खाना बनाया और खाना खाकर मैं घोड़े के अस्तबल में चली गई थी वहां जाकर मैंने कुछ वक्त घोड़े के साथ वक्त बिताया था अपने हाथों से खाना खिलाए जो सफेद रंग की घोड़ी थी मुझसे बहुत ही ज्यादा मोहब्बत हो चुकी थी उसकी आंखें पूरी नीली थी मैं जब भी उसके करीब आती तो वह मेरे आगे गर्दन झुका लेती ऐसा मानो कि वह मेरे एहसासों को समझ रही हो मैं वही अस्तबल में बैठकर उस सफेद घोड़ी के साथ बहुत सारी
बातें करने लगी थी मुझे भी उसके साथ वक्त बिताना अब अच्छा लगने लगा था उसके बाद वह सारे घोड़े सो चुके थे तो मैं दोबारा अपने कमरे में आ चुकी थी और फिर बहुत ज्यादा थकी होने की वजह से मैं गहरी नींद में चली गई सुबह में जल्दी उठकर घर के कामकाज करने शुरू कर दिए उसके बाद घोड़े के अस्तबल में जाकर उन्हें भी चारा दिया चारा देकर मैं कमरे में आ गई और कमरे में आकर फ्रेश होने लगी जब मैं फ्रेश होकर निकली तभी घर के दरवाजे की जोर से बेल बजने लगी थी मैं
तुरंत भागती हुई दरवाजे तक गई जब मैं दरवाजा खोला तो सामने खड़े शख्स को देखकर मैं हैरान रह चुकी थी क्योंकि सामने जो शख्स था वह मेरा भतीजा था उसे शादी में मैंने एक ही बार देखा था इसी वजह से पहले ही नजर में उसे पहचान चुकी थी वह मुझे देखकर कहने लगा कि चाची आप तो आज बहुत ही ज्यादा खूबसूरत लग रही हो मैं भी शर्मा चुकी थी मैंने कहा तुम अंदर तो आओ मेरी तारीफें बाद में कर लेना चलो जल्दी से अंदर आ जाओ फिर उसने अपना एक बड़ा सा बैग सोफे की साइड
पर रखा और कहने लगा आपको तो पता ही होगा मैं यहां पर पढ़ने के लिए आया हूं मेरे आगे की पढ़ाई यहीं से होगी उस लड़के का नाम अरमान था उसकी उम्र 20 साल थी वह दिखने में बहुत ही हैंडसम था लेकिन उसे देखकर उसकी उम्र का अंदाजा बिल्कुल भी नहीं लगाया जा सकता उसकी बातों को सुनकर मैं उसे कहा कि हां तुम्हारे चाचा जान मुझे बताया था कि तुम आने वाले हो लेकिन तुम इतना जल्दी आ जाओगे यह मुझे नहीं पता था चलो मैं तुम्हें तुम्हारा कमरा दिखा देती हूं तुम थोड़ा देर फ्रेश हो
जाओ उसके बाद मैं तुम्हारे लिए नाश्ता लेकर आती हूं मैं अपने कमरे से कुछ दूर एक कमरा था मैंने उसे वह कमरा दे दिया मैंने कहा कि तुम आज से यहां रहोगे उसे भी वह कमरा बहुत अच्छा लगा था उसके बाद वह फ्रेश होने के लिए चला गया मैं किचन में जाकर उसके लिए नाश्ता बनाने लगी थी जब मैं नाश्ता बनाकर वापस कमरे में आई तो मैंने देखा कि वह बैठकर फोन में बड़ी गहरी निगाहों से कुछ देख रहा था जब उसने मुझे देखा तो हथ बढ़ाते हुए उसके हाथों से फोन नीचे गिर चुका था
उसके बाद मैंने उसे नाश्ता पकड़ाया नाश्ता करते हुए वह मेरी तारीफें करने लगा था वह कहने लगा चाची आप नाश्ता भी बहुत ही अच्छा बना लेती हैं वाकई आपके हाथों में तो जादू है उसकी बातों को मैं सुनकर हंस के डाल दिया करती थी क्योंकि वह बहुत ही मजाकिया किस्म का लड़का था फिर मैंने कुछ देर उसके पास बैठकर उसके आगे की पढ़ाई के बारे में मैंने पूछा था पर हम दोनों ने कई देर तक एक दूसरे के साथ बात की थी उससे बात करने के बाद अपने कमरे में चली आई थी कमरे में आकर
देखा कि मेरे फोन पर मेरे पति की कॉल आ रही थी मैंने तुरंत रिसीव किया शायद मेरे पति को अरमान के आने की खबर मिल चुकी थी मेरे पति मुझे कहने लगे अब तुम्हारा मन अच्छे से लग जाएगा अपने पति की बातों को सुनकर मैं चुपचाप हां में जवाब दिया था क्योंकि मेरे पति मुझे बिल्कुल समझ में नहीं आ रहे थे क्योंकि मुझे उनकी जरूरत ही ना कि उनके भतीजे की लेकिन मैं नई नवेली दुल्हन थी इसी वजह से मैं ज्यादा जिद नहीं कि मैं चुपचाप अपने पति की बातों को अच्छे से सुना था और
उसके बाद हम दोनों ने फोन रख दिया कुछ देर बाद में आराम किया और उसके बाद घोड़े के अस्तबल में जाकर उन्हें चारा देना शुरू कर दिया था आज जो मेरे सफेद रंग की घोड़ी थी बहुत ही ज्यादा उछल रही थी शायद वह थोड़ा आजाद होना चाहती थी क्योंकि उसे भी कितने दिनों से रस्सियों से बांधा गया था जब मैं उन घोड़े को चारा दे रही थी तभी पीछे से अरमान भी मेरे बगल में आकर खड़ा हो गया और फिर मुझे कहने लगा कि चाची मुझे यह सफेद रंग की घोड़ी बहुत ही ज्यादा पसंद है
और कहने लगा यह हूबहू आपकी तरह है सुंदर है आपकी भी कोई खूबसूरती देखकर मनमोहित हो जाएगा इस घोड़ी की जो नीली आंखें हैं उसे देखकर कोई भी फिदा हो सकता है फिर बात तो ही बातों में अरमान ने मुझे एक ऐसी बात कही जिसे सुनकर मेरे होश उड़ चुके थे वह मुझे कहने लगा कि चाची मुझे भी अपनी सफेद घोड़ी की सवारी करवाओ कुछ देर तो मैं उसके सवालों को सुनकर च चुप हो चुकी थी फिर उसके बाद में हंसकर उसकी बातों को टाल दिया था कुछ देर हम वहां वहीं अस्तबल में बातें किया
उसके बाद हम दोनों घर में आ चुके थे घर में आने के बाद अरमान मुझे कहने लगा कि चाची आज मैं अपने दोस्तों के घर जा रहा हूं इसी वजह से थोड़ी देरी हो जाएगी क्योंकि मेरे दोस्त यही हॉस्टल में रह रहे हैं मैंने उसे जाने की आज्ञा दे दी थी उसके बाद वह रात को वापस आया था रात को मैं खाने पर इसका इंतजार कर रही थी जब आया तो हम दोनों ने बैठकर रात का डिनर किया था डिनर करते हुए ही अरमान फिर से कहने लगा कि चाची मुझे अपनी घोड़ी की सवारी कब
करवाओ गी इस बात को सुनकर मैं फिर से हंसकर डाल दिया था मैंने सोचा कि यह तो बच्चा है इसे क्या समझ होगी यह जो बोल रहा है लेकिन शायद यह मेरी गलत फहमी थी डिनर करने के बाद अरमान अपने कमरे में सोने के लिए चला गया था मैं सोने के लिए चली गई थी मैं बहुत ज्यादा घर के काम काजों की वजह से बहुत थक चुकी थी इसी वजह से मैं भी अपने में जाकर जल्द ही सो चुकी थी लेकिन रात को मुझे कुछ अजीब सी आवाज सुनाई देने लगी लेकिन मैं वह आवाजों पर
ज्यादा ध्यान नहीं दिया जब मैं सुबह उठी तो मेरे दिमाग में रात वाली बात के बारे में सोचने लगी थी किचन में जब काम कर रही थी तो मैं आवाजों को गहरी तरीके से सोच रही थी लेकिन तभी पीछे से अरमान कब आकर खड़ा हो गया मुझे मालूम नहीं उसने मुझे एक बार आवाज भी लगाई लेकिन मैंने उसकी आवाज को नहीं सुना तभी उसने आकर मुझे पीछे से पकड़ लिया उसके पकड़ने से मुझे अजीब सी हलचल होने लगी थी वह कहने लगा चाची जान मैं कब से आपको आवाज लगा रहा हूं लेकिन आप मेरी बात
को सुन ही नहीं रही कहने लगा कि मैं आज दोपहर को नहीं आऊंगा क्योंकि आज मैं अपना कॉलेज में एडमिशन करवाने जाने वाला हूं जिसे सुनकर मैंने कहा कि ठीक है तुम रात को तो आओगी ना तो कहने लगा हां तभी चाची ने और मैं नाश्ता किया नाश्ता करते वक्त अरमान मुझे कहने लगा कि चाची अपनी घोड़ी की सवारी कब करवाओ गी मैं तभी उसकी बातों को सुनकर चुप हो चुकी थी मैंने कहा तुम्हें घोड़ी कब से पसंद आने लगी वह कहने लगा मुझे घोड़ियों का शौक बचपन से ही है मुझे अक्सर सफेद रंग की
घोड़ी पर सवारी करना बहुत पसंद है बार-बार मुझसे जिद्द करने लगा था लेकिन मैं अब उसकी बातों को हंस कर डाल दिया करती थी अब यही सिलसिला रोज शुरू हो चुका था जब रात को अरमान घर वापस आता और डिनर करने के बाद वह अपने कमरे में चला गया उसके कमरे के जाने के कुछ देर बाद ही मुझे फिर से अजीबोगरीब आवाज आने लगी थी जब मैं आवाजों को सुनने के लिए कमरे से बाहर निकलते तो धीरे-धीरे कदम बढ़ाते हुए मैंने यह देखा कि आवाज तो मुझे अरमान के कमरे से आ रही है यह आवाज
बड़ी ही अलग किस्म की थी सुनकर मुझे अजीब सी हलचल महसूस होने लगी थी मुझे डर लगने लगा था इसी वजह से मैं तुरंत भागकर अपने कमरे में आ चुकी थी मैं अपने पति को बहुत ही ज्यादा याद कर रही थी डर के मारे में चादर ओढ़कर सो चुकी थी सुबह जब उठी फिर से घर के काम काजों मैं मगर हो चुकी थी कामकाज करते हुए मुझे फिर से वह रात वाली आवाज के बारे में मैं सोचने लगी थी अरमान आज फिर से मेरे करीब आकर खड़ा हो चुका था और फिर उसने फिर से मुझे
ऐसी-ऐसी बातें कहीं जैसे सुनकर मेरे होश उड़ चुके थे वह कहने लगा मुझे जल्द ही आपकी घोड़ी की सवारी करनी है मैं सोचती थी यह तो बच्चा है बातों को घुमा दिया कर थी अब धीरे-धीरे अरमान में बहुत बदलाव आने लगे थे वह अक्सर फोन में बैठकर पता नहीं क्या वीडियो देखा करता था जब मैं उसके बगल में आकर खड़ी होती तो वह हड़बड़ा जाता था और रात को वह अजीब आवाजों ने मुझे तंग करके रख दिया था अरमान को मैं बच्चा समझती थी इसी वजह से मैं उसकी हरकत को नजरअंदाज कर दिया करती थी
अरमान मेरे साथ बहुत ज्यादा फ्रेंडली हो चुका था वह पूरा मेरे बगल में आकर बैठ जाता मेरे साथ नाश्ता करता और मेरे कमरे में भी आ कर घंटा बातें किया करता और फिर उन बातों के दौरान मेरे साथ फिर से वही जीत किया करता कि चाची मुझे तो आपकी घोड़े की सवारी करनी है मुझे आप बहुत ही ज्यादा पसंद हो क्या आप मुझे अपनी घोड़ी की सवारी करवाओ गी लेकिन मैं बार-बार उसे बच्चा समझकर नजरअंदाज करती जा रही थी लेकिन यह मेरे आने वाले जिंदगी के लिए बहुत ही ज्यादा खतरनाक होने वाला था एक रात
में सो रही थी कि तभी मुझे अचानक फिर से वह अजीबोगरीब आवाज आने लगी मैं तुरंत उठकर उन आवाजों को सुनने लगी थी वह आवाज मुझे फिर से अरमान के कमरे से आ रही थी मैं जल्दी-जल्दी अरमान के कमरे में चली गई जब अरमान की कमरे के बाहर खड़ी हुई तो वह आवाज बहुत तेज आ रही थी मैं इधर-उधर खिड़की से झांकने की कोशिश कर रही थी जब खिड़की से झांक कर देखा तो मैंने देखा कि अरमान मोबाइल में एक वीडियो देखकर ऐसी हरकतें कर रहा था जिसे देखकर मेरे होश उड़ चुके थे मैं तुरंत
भागती हुई वापस आई और अपने पति को फोन लगाने लगी थी मैं अपने पति को फोन लगाकर खूब रोने लगी थी लेकिन मैं उन्हें न के बारे में बिल्कुल भी नहीं बताया था मैं उनसे बार-बार यहां आने की जिद कर रही थी लेकिन वह बार-बार यही कहते कि उनके कुछ वक्त और लगेगा इसी वजह से मैंने गुस्से से फोन को रख दिया था अगले ही दिन बहुत तेज बारिश हो रही थी मैं आज मैं जल्दी सुबह उठ चुकी थी आज मुझे अपने पति की बहुत ही ज्यादा याद सता रही थी रात भर में बहुत ही
ज्यादा परेशान हुई थी मैंने सोचा था कि मैं अरमान के बारे में अभी किसी को कुछ नहीं बताऊंगी जब मेरे पति आ जाएंगे तब उन्हें अपनी आंखों से यह सारी हकीकत दिखाऊंगी क्योंकि अगर मेरी बात पर विश्वास ना किया तो शायद वह मुझे ही इस घर से उसके साथ में बहुत ही ज्यादा खुश थी घोड़ी को भी उसके साथ बहुत ज्यादा लगाव हो चुका था यह सब मैं दूर से देख रही थी तभी मैं सोचने लगी जो रोज-रोज मुझे यही अरमान मुझे जिद किया करता था कि उसे सफेद घोड़े की सवारी करनी है कहीं वह
इसकी बात तो नहीं कर रहा कहीं मन ही मन में उसे गलत तो नहीं समझ बैठी लेकिन अगर यह बात बात थी तो रात को वह फोन में एक वीडियो देखकर अजीब अजीब हरकतें क्यों कर रहा था अभी भी मेरे मन में बहुत सारे सवाल चल रहे थे जिसका जवाब सिर्फ और सिर्फ अरमान ही दे सकता था इसी वजह से अब मैं अरमान का इंतजार करने लगी अरमान उसे घोड़ी के साथ कुछ देर वक्त बिताकर वापस जब घर आया तब अपने कमरे में चला गया मैं भी उसके पीछे-पीछे कमरे में चली गई थी मैंने तुरंत
कमरे को अंदर से बंद कर दिया था अरमान मुझे देखकर हैरान हो चुका था था वह कहने लगा चाची आप इतनी जल्दी उठ चुकी थी मैंने कहा क्यों तुम हैरान हो गए हो क्या तुम नहीं चाहते थे मैं अजीबोगरीब बातें करने लगी लेकिन वह मेरी बातों को अच्छे से समझ चुका था वह तुरंत कहने लगा मेरा ऐसा कोई मतलब नहीं था मैंने कहा फिर कैसा मतलब था तुम तो रोज मुझे कहते थे कि तुम्हें सफेद रंग की घोड़ी का सवारी करनी है तो वह मुझे कहने लगा जी चाची मैं कहां तो था मैंने कहा तो
क्या तुम असत बल में जो सफेद रंग की घोड़ी थी उसकी बात कर रहे थे तो कहने लगा हां चाची क्योंकि मुझे वह सफेद रंग की घोड़ी बहुत ही पसंद थी और मुझे बचपन से ही घोड़े का बहुत ही ज्यादा शौक है मैं जब छोटा था तो अपनी दादी के घर जाया करता था दादी के वहां बहुत सारे घोड़े भी हुआ करते थे मैं उनकी सवारी भी किया करता था लेकिन एक बार एक घोड़े के ऊपर से मैं गिर चुका था जिसकी वजह से मेरी टांग में फैक्चर आ चुका था मुझे घर वालों ने घोड़े
से दूर रहने के लिए कह दिया लेकिन मुझे उनसे बहुत मोहब्बत थी इसीलिए जब मैं यहां आया तो उन घोड़े को देखकर मुझे पुरानी बातें फिर से याद आने लगी लेकिन मैं घोड़े पर सवारी करने का तरीका भूल चुका था मैंने कहा कि फिर तुम कैसे उस घोड़े की सवारी कर रहे थे वह घोड़ी भी तुम्हारी बात को अच्छे से समझ रही थी वह कहने लगा वह इस वजह से क्योंकि मैं रात भर फोन पर घोड़े को समझाने की वीडियो देखा करता था उनको कैसे सवारी कराते हैं उसका तरीका भी समझ रहा था जब मैं
अरमान के मुंह से इन सारी बातों को सुना तो मुझे अपनी गलती का एहसास होने लगा था मुझे अपने आप पर बहुत ही शर्मिंदगी होने लगी थी मैं उसे गलत समझ बैठी थी लेकिन वह तो बहुत ही अच्छा लड़का था उसे भी मेरी तरह जानवरों से बहुत ही मोहब्बत थी लेकिन मैं उसे गलत समझ बैठी थी शायद एक बार मैं उससे बात कर लेती तो शायद सच का सामना पहले खुल जाता फिर हम दोनों ने बैठकर कई देर तक एक दूसरे से बातचीत की थी उस बातचीत के दौरान तभी मुझे घर की बेल सुनाई देने
लगी मैं तुरंत भागती हुई घर का दरवाजा खोलने के लिए भागी तो सामने अपने पति को देखकर मैं पूरी की पूरी चौकसी गई थी सामने मेरे पति खड़े थे वह मुझे देखकर बहुत खुश हो रहे थे उन्होंने मुझे आज सरप्राइज दिया था वह कहने लगे थे कि तुम बार-बार जिद्द करती थी और मैं भी समझता हूं कि तुम्हारी नई-नई शादी हुई है और अपने पति को दूसरे दिन अपने से दूर करना यह एक औरत के लिए बहुत ही कठिन काम है क्योंकि तुमने कहा था देखो मैं अपना काम जल्द से जल्द खत्म करके वापस आ
चुका हूं और मैं अब यहीं से अपना काम शुरू करूंगा मैं बहुत ही ज्यादा खुश थी मेरे पति ने आज रात मुझ पर जमकर प्यार लुटाया था आज मुझे अपनी गलती का भी एहसास हो चुका था अगर मैं अरमान की बात अपने पति को बता देती तो शायद वह भी मेरी तरह उसे गलत समझ बैठते और उसकी इज्जत पर भी दाग लगता वह तो भगवान का शुक्र है कि वक्त रहते ही उसने हमारी आंखें खोल दी दोस्तों कहानी अच्छी लगे तो लाइक एंड सब्सक्राइब कर देना और शेयर कर देना धन्यवाद