दोस्तों 7 अक्टूबर तक कारोबारियों के लिए ₹ लाख तक बचाने का मौका है क्योंकि सरकार की तरफ से यह बड़ा फैसला लिया गया है चलिए देखते हैं बिजनेस करने वाले व्यापारियों के लिए सरकार कारोबारियों के लिए क्या दो बड़े फैसले लिए हैं टोटल ठीक है पहला फैसला तो ये दोस्तों कि पुराने जीएसटी बकाया पर भी अब कोई ब्याज या जुर्माना नहीं देना पड़ेगा इन करदाताओं को यानी कि टैक्स पेयर्स को बड़ा फायदा मिलेगा दरअसल सरकार की ओर से जीएसटी यानी कि गुड्स एंड सर्विस टैक्स में करदाताओं को ये बड़ी राहत दी गई है जिन व्यापारियों
कारोबारियों का पिछले तीन वित्त वर्ष 20171 1819 और 1920 इन वित्त वर्ष का लिए जो जीएसटी डिमांड नोटिस मिला था जिन भी कारोबारियों को तो वे अब अपने बकाए टैक्स का भुगतान बिना किसी ब्याज या जुर्माने या पेनल्टी के कर सकते हैं उन्हें सिर्फ नेट टैक्स ही जमा कराना है है ना तो टैक्स पेयर्स के लिए एक तो सरकार की तरफ से यह बड़ा फैसला लिया गया और सरकार ने इसका नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया यह स्कीम 1 नवंबर से ही जीएसटी करदाताओं के लिए लागू हो जाएगी हालांकि इसमें एक शर्त यह है कि टैक्स
डिमांड नोटिस गैर धोखाधड़ी श्रेणी का होना चाहिए तब आप बिना ब्याज के बिना किसी जुर्माने के अपना नेट टैक्स पे कर सकते हैं जो भी आपका बकाया है ठीक है इसके लिए कुछ और शर्तें भी है देख सकते हैं आप डिटेल और सरकार ने इसकी घोषणा बजट में भी की थी तो आखिरकार यह स्कीम अब हमारे देश में कारोबारियों व्यापारियों के लिए सरकार लागू कर चुकी है अब दूसरा फैसला देखिए 7 अक्टूबर तक कैसे ₹ लाख तक बचा सकते हैं व्यापारी कारोबारी यह भी फैसला सीबीडीटी की तरफ से लिया गया है क्योंकि सीबीडीटी ने ऑडिट
रिपोर्ट दाखिल करने के लिए समय सीमा को बढ़ा दिया पहले इसकी लास्ट डेट 30 सितंबर थी उसको सीधा बढ़ाकर 7 अक्टूबर कर दिया है सीबीडीटी यानी कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस हिंदी में बोले तो केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की तरफ से 2023 24 वित्त वर्ष के लिए विभिन्न ऑडिट रिपोर्ट को दाखिल करने की की समय समा को बढ़ा दिया है ये इस संबंध में आज नोटिस भी जारी किया 30 सितंबर से बढ़ाकर 7 अक्टूबर कर दिया ठीक है अब जैसा कि आपको पता होगा 30 सितंबर इसकी लास्ट डेट थी आज के लिए मतलब तब
तक अगर आप अपनी टैक्स ऑडिट रिपोर्ट फाइल जमा नहीं करते हो तो आपको ₹ लाख तक का भी जुर्माना भरना पड़ सकता था क्योंकि इनकम टैक्स की ऑडिट रिपोर्ट पेश करने की आखिरी तारीख आज थी और एक ही दिन का समय बचा हुआ था राइट तो ऐसे में देश के ऐसे सभी कारोबारियों टैक्स पेयर्स व्यापारियों को सरकार ने तोहफा दिया 30 सितंबर तक अगर आपने अपनी टैक्स रिपोर्ट दाखिल नहीं भी की है तो भी अब ₹ लाख तक का फाइन जुर्माना नहीं लगेगा 7 अक्टूबर तक आपके पास एक बार फिर से मौका होगा क्योंकि वैसे
तो आप लास्ट डेट 31 अक्टूबर तक भी विलंब शुल्क के साथ आईटीआर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं बाकी उसके बाद आपको ₹ लाख तक का या 0.5 प्र जो कि ₹1 लाख के बराबर होता है आपके टर्नओवर का उतना ऑडिट रिपोर्ट के देरी के जुर्माने के तौर पर आपको देना पड़ता था लेकिन 7 अक्टूबर तक ये फिलहाल राहत मिलने वाली है सीबीडीटी की तरफ से इस संबंध में सर्कुलर भी जारी कर दिया है ये देख सकते हैं आप डिटेल है ना तो उम्मीद है दोस्तों कारोबारियों व्यापार टेक्स फेयर्स के लिए ये छोटे से दो-तीन न्यूज़
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