2025 अगर देखा जाए तो बीजेपी के लिए परसेप्शन के अंदर वन ऑफ द वर्स्ट ईयर रहा है। क्योंकि 2025 और उससे पहले भी लोग निर्मला सीतारमण और पीएम मोदी को तो ट्रोल करते ही थे। बट बीजेपी गवर्नमेंट के पास कुछ ऐसे नेता थे जिनकी एक्चुअल में इमेज बहुत अच्छी थी। चाहे वो अमित शाह हो ले, डॉ. एस जयशंकर हो ले या फिर हमारे रोड मिनिस्टर नितिन गडकरी हो ले और दूसरी तरफ कांग्रेस के लिए यह साल सोशल मीडिया के ऊपर काफी ज्यादा प्रॉफिटेबल रहा। बट रियलिटी के अंदर इलेक्शंस तो ऑन ग्राउंड लड़े जाते हैं। तो
मैंने सोचा भैया साल तो निकल गए और काफी सारे कांड भी निकल गए और अभी उनके कांडों की रिस्पांसिबिलिटी कौन लेगा उसका एक बेसिक सा रिपोर्ट कार्ड बनाते हैं जिसके अंदर बीजेपी और कांग्रेस दोनों के टॉप फाइव ब्लंडर्स देखेंगे और दोनों पार्टीज के टॉप फाइव ब्लंडर्स याद करवाने से पहले ही बता देता हूं। हो सकता है जो भी मैंने टॉप फाइव पे रखा है तुम्हें ना लगे। तुम्हें लग सकता है कि भैया ये पर्टिकुलर इंसिडेंट हाईलाइट होना चाहिए था। वो वाला होना चाहिए था। तो तुम्हारे ओपिनियंस तुम लोग कमेंट सेक्शन में दे सकते हो। और
मैं पहले ही बता देता हूं कि मेरी टॉप फाइव की लिस्ट के अंदर ना ही कुंभमेला आएगा, ना ही आईआईटी बाबा आएगा, ना ही स्टैंपीड आएगी, ना ही मणिपुर का केस आएगा। ऑलदो वो बहुत इंपॉर्टेंट केस था। स्टिल हम इसको नहीं कंसीडर कर पाए। टी20 पेट्रोल की कंट्रोवर्सी भी नहीं आएगी। सोनम वाकचुक की जेल भी नहीं आएगी। एयर इंडिया का क्रैश नहीं आएगा। समय रहना नहीं आएगा। उन्नाव जैसे रेप केसेस भी नहीं आएंगे और सबसेेंट अरावली पहाड़ की कंट्रोवर्सी भी नहीं आएगी। और ये सारी चीजें सुनने के बाद तुम लोग सोच सकते हो कि भैया
अगर ये चीजें एक्सक्लूड करी जा रही है तो जो चीजें इंक्लूडेड होंगी वो कितनी बड़ी होंगी? और आई नो तुम में से काफी लोगों का क्वेश्चन होगा कि भैया पिछली वीडियो में आपने काफी सारे पैसे इकट्ठे किए थे उन पैसों का क्या बना? जैसे मैंने बोला था कि मैं 10 मिलियन से ज्यादा व्यूज जनरेट करूंगा। ऑलरेडी 10 से बहुत ज्यादा हो चुके हैं। अभी कौन से पेज के ऊपर कौन सी वीडियो डली है और उसने कितने व्यूज जनरेट करे उसका डाटा मैं थोड़े टाइम के अंदर पब्लिक कर दूंगा। अभी एक्चुअल में हुआ क्या कि मैंने
काफी जगह पे वीडियोस डाली और उनके ऊपर अभी भी नंबर ऑफ व्यूज बढ़े जा रहे हैं। सो आई जस्ट वांट कि वो एक बार स्टेबल हो जाए। उनके ऊपर व्यूज बढ़ने रुक जाए। फिर जो भी मेरी वीडियो से इंपैक्ट हुआ होगा मैं विद स्क्रीनशॉट डिस्क्रिप्शन बॉक्स और पिन कमेंट के अंदर लगा दूंगा। बट अभी के लिए बेसिक क्लेरिटी के लिए ₹19,000 के आसपास पैसे इकट्ठे हुए थे। जिसके अंदर हम लोगों ने ₹10,000 के आसपास की ऐड ऑलरेडी चलवा दी है। और वो अमाउंट जीएसटी के साथ ऑलमोस्ट ₹1,28,000 के आसपास जा रहे हैं। मैं यहां पे
इनवॉइस अटैच कर दूंगा। तुम लोग देख सकते हो डिस्क्रिप्शन के अंदर इसकी कॉपी भी लगा दूंगा। और इस इनवॉइस की पेमेंट हमने दो पार्ट में करी थी। एक 500 की पेमेंट हमने एडवांस करी थी और उसके बाद जैसे ही काम हो गया था उसके बाद यह इनवॉइस की पेमेंट करी तो ये जो ट्रांजैक्शन आईडीज है शायद मैं उसको हाईलाइट कर दूं। मैं अपने सीए से एक बार पूछ लूंगा। पर बाकी जो भी ट्रांजैक्शन स्क्रीनशॉट्स है वो मैं स्क्रीन के ऊपर लगा रहा हूं। डिस्क्रिप्शन के अंदर मिल जाएंगे। पिन कमेंट में मिल जाएंगे। तुम लोग जाके
चेक आउट कर सकते हो। और अभी इसको हटा के हम लोग बीजेपी के ब्लंडर से शुरू करते हैं। और वन ऑफ द बिगेस्ट ब्लंडर जो आज की डेट में भी बहुत ज्यादा पॉपुलर है वो है रेखा गुप्ता। ये क्यों है? ये कैसा आपका टेंपरेचर है। हाथ जोड़ के मेरा दिल्ली की जनता से निवेदन है। बीजेपी दिल्ली के अंदर लिटरली 27 सालों के बाद जीती है। और उसके बाद सीएम किसको बना दिया गया? रेखा गुप्ता को। और तुम्हारी आईडियोलॉजी से मुझे कोई लेना देना नहीं है। मानो या फिर ना मानो। पर केजरीवाल ऑलरेडी एक बहुत स्ट्रांग
अपोनेंट था। और उसको काउंटर करने के लिए आपको एक बहुत स्ट्रांग और सॉलिड अपोनेंट चाहिए ही चाहिए था। बट बदले में दिल्ली को क्या मिला? एक ऐसी सीएम जो अलग-अलग तरीके से टैक्स पेयर्स की मनी को बर्बाद कर रही है और हर दूसरी चीज के ऊपर आगे सिर्फ और सिर्फ झूठ बोला जा रहा है और एज अ नेता आप लोगों का काम है कि भैया आप लोगों को जनता को झूठ बोल के गुमराह करना एक बार को समझ भी आता है। पर ऐसे झूठ कौन बोलता है कि भैया जितने झूठ बोले सारे ही पकड़े जा
रहे हैं। 2025 में छठ पूजा का टाइम आया था और बीजेपी ने अपने मेनिफेस्टो के अंदर प्रॉमिस किया था कि भैया हम लोग यमुना को साफ कर देंगे। आप लोग जाके छठ पूजा बना सकते हो। अभी जमुना जी तो इतनी जल्दी साफ होने से रही थी। तो इन्होंने क्या किया? एक नकली घाट बना दिया जिसके अंदर लाके गंगा का पानी डाल दिया और बोल दिया कि भैया देखो जमुना साफ कर दी। एंड जो लोग उस घाट में जा रहे हैं वो खुद से देख पा रहे हैं कि भैया यह तो नकली बना हुआ है। इतने
बेसिक-बेसिक झूठ बोले जा रहे हैं कि भैया अनपढ़ आदमी भी पहचान ले। फिर जब लोगों ने इसके ऊपर आउटरेज किया उन्होंने बोला कि भैया ये तो नकली जमुना जी है। हम तो असली वाली जमुना जी देख रहे हैं। वो तो बहुत गंदी पड़ी है। उसके ऊपर तो सारा दिन झाग तैरती रहती है। आपने तो उसके अंदर सफाई करी नहीं है। तो इन्होंने क्या किया? झाग को दबाने के लिए ना हार्मफुल केमिकल स्प्रेड करने शुरू कर दिए। इनके कुछ लड़के सुबह-सुबह जमुना जी के अंदर चले जाते हैं और सारा दिन गंदे केमिकल उसके अंदर स्प्रे करते
रहते हैं। इससे पानी एक्चुअल में साफ नहीं होता। बस झाग बननी बंद हो जाती है जिससे हम लोगों को ऐसा लगे कि भैया थोड़ी सी तो साफ हुई है। पर एक्चुअल में पानी और ज्यादा गंदा हो गया और ये चीज भी सोशल मीडिया के ऊपर एक्सपोज हो गई। फिर दिवाली के आसपास का टाइम आया। दिल्ली के अंदर मोस्टली पटाखे बैन होते हैं। इन्होंने आगे बोला कि भैया हिंदू फेस्टिवल है। हम लोग तो थोड़े टाइम के लिए पटाखे अलाउड कर देंगे। ऐसीऐसी कुछ-कुछ कंडीशंस है। आप लोग थोड़े बहुत पटाखे बजा सकते हो। और उसके बाद हुआ
क्या? दिल्ली के अंदर जैसे हर साल पोलशन आता था। इस साल भी पोलशन आ गया और आधे से ज्यादा नाम चला गया दिवाली के ऊपर जिसकी वजह से दिवाली सिर्फ बेफजूल में बदनाम ही हुई थी क्योंकि आज की डेट में भी दिल्ली के अंदर कोई बम नहीं फोड़ रही है पर धुआं तो उतना ही है और इस पूरे नंबर को टपर करने के लिए दिल्ली गवर्नमेंट ने कोई स्कीम बनाई हो कोई प्लान बनाया हो ऐसा कुछ भी नहीं है दिल्ली गवर्नमेंट ने पानी के ट्रक ले जाके जहां पे एक्यूआई मॉनिटर होती है ना उसके आसपास
स्प्रे करना शुरू कर दिया जिससे जो एक्यूआई मॉनिटर के जो भी सेंसर्स होते हैं ना उसके अंदर मिट्टी कैप्चर ही ना हो जिससे एक्यूआई मॉनिटर बोलेगा कि भैया आपकी हवा तो साफ है और यह चीज भी सोशल मीडिया के ऊपर निकल के आ उसके बाद फिर दोबारा सरकार की खिलाफत शुरू और जब सरकार से पूछा कि भैया आप लोग पानी क्यों स्प्रे कर रहे थे तो रेखा गुप्ता मैडम बोलते हैं कि भैया एयआई एक टेंपरेचर है कि जहांजहां आपके मॉनिटर लगे हुए हैं वहां पर ही जाकर के सारा छिड़काव हो जाता है और एक्यूआई एक
ऐसा आपका टेंपरेचर है वाटरिंग इज द ओनली सॉल्यूशन एयर पोल्यूशन एक टेंपरेचर है जिसको पानी मार के ठंडा कर रहे हैं। फिर लोगों ने क्वेश्चन पूछा कि भैया एयर पोलशन एक्चुअल में होता क्या है? आपको तो यही नहीं पता। आप सही कैसे कर दोगे? जब आपको प्रॉब्लम ही नहीं पता तो केजरीवाल अगर सही नहीं करता था, रोता रहता था कि भैया सामने वाला करने नहीं दे रहा, LG नहीं करने दे रहा, कम से कम उसको पता तो था कि प्रॉब्लम क्या है। आपको तो अभी तक प्रॉब्लम ही नहीं पता। आपको तो हमको पिछले चैप्टर से
शुरू करवाना पड़ेगा। फिर जब इतना ज्यादा प्रेशर आ रहा था तो टैक्स पेयर्स के मनी को बर्बाद किया गया। सारा दिन दिल्ली के अंदर पानी स्प्रे कर रहे हैं जिससे कोई खास फर्क पड़ता नहीं है। क्लाउड सिंग करवाने की कोशिश करी वो भी फेल हो गई क्योंकि बादलों के अंदर नमी नहीं थी और उसके अंदर करोड़ों रुपए स्पेंड हो गए वो अलग से। और इन सबके अलावा ना दिल्ली गवर्नमेंट के काफी सारे डिसीजंस वायरल होने लग गए। काफी सारे स्लोगंस वायरल होने लग गए। जैसे अभी पीछे एक न्यूज़ वायरल हो रही है कि दिल्ली के
जो सरकारी हॉस्पिटल के टीचर है ना उनको बोला कि भैया पढ़ा आप बाद में लेना। एक काम करो जाके सड़कों के ऊपर नंबर ऑफ डॉग्स गिनो कितने हैं। तो मैथ्स के टीचर अभी सड़कों के ऊपर कुत्ते गिन रहे हैं। हमारा एजुकेशन सिस्टम पहले पिछड़ा हुआ है। उसके बाद आप टीचर्स को ट्रेन नहीं कर रहे हो। कुत्ते गिनवा रहे हो सड़क के ऊपर ले जाके। आप जाके बयान देके आते हो कि भैया हमारा मंत्री हर रोज कूड़े के पहाड़ के पास जाता है और उसको बोलते हो कि भैया तेरे को जाना पड़ेगा। अब हर 15 दिन
में हमारा मंत्री जाके कूड़े के पहाड़ पर जाता है और उसको बोलता है खड़ा होके तेरे को जाना पड़ेगा भाई। हर बार हर 15 दिन में जाके कह जाना पड़ेगा भाई। और कुछ ऐसी फोटोज वीडियोस वायरल हो जाती है जिसके अंदर रेखा गुप्ता के हस्बैंड उनके बगल के अंदर बैठे हैं और वो फोटो घर की नहीं है। इनके ऑफिस की एक मीटिंग की है जिसके अंदर टेक्निकली इनके हस्बैंड अलाउड भी नहीं होने चाहिए थे। लोगों को एक बहुत अजीब सा क्वेश्चन आने लग गया कि भैया 27 साल बाद हमने बीजेपी जिताई। उसके बाद काम कैसा
कर रहे हैं ये तो बाद में पता चलेगा ना। हमको पता है रातोंरात एयर पोलशन सही नहीं होता। पर जो भी सरकार आई है ये हमको चीट कर रही है। हर चीज के अंदर झूठ बोल रही है। और जो कैंडिडेट है ना वो ओवरऑल पर्सनालिटी के अंदर ना स्ट्रांग ओपोनेंट नहीं दिख रहा है अभी तक जिससे बीजेपी दिल्ली के अंदर जीत तो जरूर गई है पर जीतने के बाद भी और ज्यादा कमजोर होती जा रही है। हम इससे पहले वीडियो को आगे लेके जाए ना तुम लोग एक बार सब्सक्राइब कर दो। हमारा चैनल एक्चुअल में
अभी छोटा बहुत है और मैं चाहता हूं ये जो न्यूट्रल कंटेंट है ना लोगों का पॉइंट ऑफ व्यू बनाने वाला ज्यादा लोगों तक पहुंचे। एंड उसके लिए तुम लोगों को सब्सक्राइब करना पड़ेगा जिससे एल्गोरिथम को लगे कि अच्छा ये एक वैल्यूएबल कंटेंट है। इसको ज्यादा पुश किया जा सकता है। नहीं तो वही 2-3 लाख के अंदर हम लोग फंस के रह जाएंगे। कोई सेंस बना नहीं पाएंगे और सब्सक्राइबर हमारे हर वीडियो से दो-ती हजार बढ़ते हैं। और जितने भी लोग हमारी वीडियो देखते हैं उसमें से 70 से 80% लोगों ने सब्सक्राइब भी नहीं कर रखा।
तो सब्सक्राइब करो जिससे मुझे भी ये वीडियोस बनाने में थोड़ी सी मोटिवेशन मिले। क्योंकि पॉलिटिकल कंटेंट के ऊपर चिल्लर मिलते हैं एडसेंस। बट जो सेकंड ब्लंडर है ना वो नेशनल नहीं है। वो इंटरनेशनल है और वो है हमारा यूएसए के साथ टेरिफिक वो। सबसे पहले जिनको नहीं पता कि भैया यूएस इंडिया के बीच का क्या टेरीफ चल रहा था बेसिक सा दो लाइनों के अंदर समझा देता हूं। एक देश तू चला रहा है एक देश मैं चला रहा हूं। मैं कपड़े ज्यादा बनाता हूं तू राशन ज्यादा उगाता है। पर जब भी तू मेरे देश के
अंदर आके राशन बेचता है ना तो जितने का भी वो राशन होता है मैं उसका 50% का हिस्सा लेता हूं। और इस चीज को मैं एज अ टैक्स मानता हूं और उसको टेरिफ बोला जाता है। बहुत सिंपल गेम है। अभी अलग-अलग देश अलग-अलग देशों के ऊपर अलग-अलग रीज़ंस की वजह से टेरिफ लगाते रहते हैं। अभी 2025 के अंदर डोनल्ड ट्रंप चुन के आए और डोन्ड ट्रंप को चुनने के लिए मोदी जी ने कैंपेन किया था। इंडिया के अंदर ट्रंप जी की पूजा हुई है। हमारे मोदी जी यूएस के अंदर जाके कैंपेन करके आए हैं। अबकी
बार ट्रंप सरकार और ट्रंप के जीतने के बाद ट्रंप चाचा ने क्या किया? हमारे ऊपर 50% का टेरिफ लगा दिया। और ये टेरिफ क्यों लगाया जा रहा है? इसको भी मैं बहुत शॉर्ट के अंदर एक्सप्लेन कर देता हूं। जो डॉन्ड ट्रंप है ना उसका यूएस के अंदर जीतने का एक बहुत बड़ा रीज़न है फार्मर्स। जो उनके टोटल वोट परसेंटेज का 35% से भी ज्यादा वोट शेयर कंट्रीब्यूट करते हैं। तो ट्रंप का एक बहुत सिंपल सा गेम है कि भैया मैं अपने फार्मर्स को ज्यादा प्रॉफिट दूंगा जिससे मुझे दोबारा वोट मिल सके। अभी ज्यादा प्रॉफिट आप
लोग कैसे दोगे? उनके बिजनेस को प्रमोट करके उनके माल को ज्यादा जगह बिकवा के ज्यादा महंगा बिकवा के यही प्रोसेस होगा। और अभी यूएस क्या करता है? अपने फार्मर्स को ना बहुत ज्यादा इंसेंटिव देते हैं। काफी सारी फ्री बीस दी जाती है। काफी सारी स्कीम्स होती है। जिसकी वजह से वहां पे जो क्रॉप्स उगती है ना वो काफी ज्यादा सस्ती होती है। और क्योंकि उनके पास टेक्नोलॉजी बहुत एडवांस है तो बहुत हाई क्वांटिटी के अंदर प्रोड्यूस होती है। अभी वो सारी फसल बेचने के लिए कोई बड़ा देश चाहिए जो सारी फसल को कंज्यूम कर पाए।
तो सबसे पहले ट्रंप ने ट्राई किया चाइना के साथ। 2017 के अंदर यूएस में डोनल्ड ट्रंप की सरकार थी और उस टाइम पे चाइना के ऊपर टेरिफ लगा दिया गया और उनको बोला गया कि भैया हमसे फार्मिंग का ज्यादा सामान खरीदा करो, थोड़े सीड्स खरीद लो, थोड़ा राशन खरीद लो, थोड़ा दूध खरीद लो। और चाइना ने उल्टा क्या किया? जो ऑलरेडी खरीद रहे थे उसको भी खरीदना बंद कर दिया। जिसकी वजह से वहां के फार्मर्स को और ज्यादा खांटा होना शुरू हो गया। फिर उसके बाद दोबारा इलेक्शन हुए डोनल्ड ट्रंप हार गए। जो बाइडन की
सरकार आई 5 साल रूल की और 5 साल के बाद दोबारा बारी आती है डोनल्ड ट्रंप की। और इस बार दोबारा आते ही एकदम सेम स्ट्रेटजी। चाइना के ऊपर टेरिफ लगाया कि भैया हमसे ज्यादा सामान खरीदो। चाइना ने उल्टा टेरिफ लगा दिया दोबारा से। और अभी अगर प्रैक्टिकली देखा जाए ना तो यूएसए काफी हद तक ना डिपेंडेड है चाइना के ऊपर। क्योंकि उनकी काफी सारी कंपनी जो अपनी प्योर मैन्युफैक्चरिंग करती है ना वह चाइना के अंदर ही करती है। तो थोड़े टाइम तक उनकी ट्रेड वॉर चली। उसके बाद उनको सेटलमेंट करना पड़ा और यूएस ढूंढ
रहा था एक और ऐसा देश जो भैया ज्यादा से ज्यादा राशन कंज्यूम कर पाए। फिर उन्होंने ट्राई किया इंडिया के ऊपर। अलग-अलग बहाने दिए गए कि भैया आप लोग रशिया से तेल खरीद रहे हो। आप लोग हमारे ऊपर बहुत ज्यादा टेरिफ लगा रहे हो। हम आपके ऊपर टेरिफ लगाएंगे। और अगर आप लोग चाहते हो कि भैया हम लोग आपके ऊपर टेरिफ ना लगाए तो हमारे साथ एक ट्रीटी साइन कर लो। और उस ट्रीटी के अंदर बहुत क्लियरली मेंशन है कि भैया जो भी यूएस के फार्मिंग के गुड्स होंगे ना वो इंडिया के अंदर आकर सस्ते
में बिकेंगे और आप लोग उसके ऊपर कोई भी टेरिफ नहीं लोगे और अभी की डेट में इंडिया यूएस गुड्स के ऊपर काफी क्रेजी टेरिफ लगाता है जिसका बहुत क्लियर एजेंडा है कि भैया इंडियन फार्मर्स को प्रोटेक्ट किया जाए। जैसे मैंने बताया कि यूएस के अंदर काफी सारी सब्सिडी मिलती है। काफी ज्यादा एडवांस टेक्नोलॉजी है। तो जो उनकी प्रोडक्शन है वो काफी सस्ती हो जाती है। और जैसे ही यूएस की क्रॉप इंडिया के अंदर एंटर करनी शुरू हो गई और सस्ते के अंदर बिकनी शुरू होगी ना तो इंडियन फार्मर और ज्यादा ट्रबल के अंदर आ जाएंगे।
और ये एग्रीकल्चर इंडस्ट्री आज की डेट में भी इंडिया का 18% से ज्यादा जीडीपी कंट्रीब्यूट करती है। और डायरेक्टली और इनडायरेक्टली 35 से 40% का पूरा लाइवलीहुड सिर्फ और सिर्फ एग्रीकल्चर के ऊपर ही डिपेंडेड है। तो अगर कल को यूएस इन्वेशन हो जाते हैं अपने सस्ते प्रोडक्ट के बाद तो भैया ये 35 से 40% लोग बेरोजगार थोड़ी हो जाएंगे। तो यूएसए बहुत ज्यादा कोशिश कर रहा है कि भैया इंडिया एग्रीकल्चर गुड्स के अंदर टेरिफ को कम करे और इंडिया उसको बिल्कुल भी नहीं कर रहा क्योंकि भाई वो कर ही नहीं सकता। वो अपने 35 से
40% पॉपुलेशन के अगेंस्ट के अंदर बीड नहीं करेगा। और अभी तुम में से काफी लोग ना इसको एक सक्सेस स्टोरी की तरह देख सकते हैं कि भैया यूएस ने कितना मर्जी प्रेशर बनाया पर इंडिया वाले मान नहीं रहे हैं। बट इसको एक फेलियर स्टोरी भी देखा जा सकता है और मैं तो उसी नजर से देख रहा हूं क्योंकि जिस बंदे को जिताने के लिए आपने कैंपेन की है जो बंदा आपको हर दूसरी लाइन में बोल देता है कि मोदी इज माय वेरी गुड फ्रेंड। वही बंदा आपके ऊपर 50% से ज्यादा का टेरिफ लगा के बैठा
है और उसकी वजह से इंडियन बिजनेस सफर कर रहे हैं। मतलब इंडिया का जो भी सामान यूएस के अंदर जाता है उसकी कॉस्ट 50% से बढ़ चुकी है। जिसकी वजह से लोगों का सामान बिकना बंद हो गया और वो फाइनेंशियल क्राइसिस फेस कर रहे हैं। पर 2025 के अंदर इंडिया ने सिर्फ और सिर्फ ट्रेड वॉर नहीं लड़ी है। इंडिया ने एक्चुअल में एक रियल वॉर भी लड़ी है। जिसको आप लोग ऑलमोस्ट एक वॉर बोल सकते हो जो शुरू होती है पहलगाम से। एंड यस आई एम टॉकिंग अबाउट दी पहलगाम अटैक। 2025 के अंदर पहलगाम के
अंदर एक टेरर अटैक होता है जिसके अंदर 26 लोगों को उनका धर्म पूछ के मार दिया जाता है और इंडिया के अंदर टेररिस्ट कैसे घुसे उनके पास बंदूके कैसे आई एक बहुत बड़ा फेलियर था अमित शाह का क्योंकि वो हमारे होम मिनिस्टर हैं। बट आफ्टर ऑल दिस इंडिया ने रिटेलिएट किया और इंडस बॉर्डर ट्रीटी को कैंसिल कर दिया। जिन लोगों को नहीं पता कि ये ट्रीटी क्या थी? इंडिया से कुछ पानी पाकिस्तान के अंदर जाता था और हम लोग जान के छोड़ते थे और वह पानी को छोड़ना एक ट्रीटी का पार्ट था और हम लोग
उस पानी को ना ही यूज़ कर सकते थे ना ही स्टोर कर सकते थे और इस ट्रीटी को सस्पेंड करने के बाद हम लोग उस पानी को यूज़ भी कर सकते हैं या स्टोर भी कर सकते हैं और इसके अलावा एक ऑपरेशन शुरू किया गया ऑपरेशन सिंदूर जिसके अंदर पाकिस्तान और पीओके के अंदर नौ टेरर कैंप्स को टारगेट किया गया जिसके अंदर हसबुल्ला मुजाहदीन लश्कर ताइबा और जैसल मोहम्मद जैसे टेररिस्ट ग्रुप थे और इस ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने भी रिटेलिएट किया और इंडिया के ऊपर ड्रोन छोड़ने शुरू कर दिए। हम लोग ऑलमोस्ट एक
फुल फ्लैश वॉर के अंदर उतर ही चुके थे। पाकिस्तान टर्की से ड्रोंस ले रहा था जिससे वो इंडिया के ऊपर हमला कर रहा था। बट सक्सेसफुली इंडिया ने ऑलमोस्ट सारे के सारे ड्रोंस को हवा के अंदर ही तबाह कर दिया। और इस वॉर के चलते-चलते एक और वॉर शुरू हो गई और वो थी नैरेटिव वॉर। पाकिस्तान ने खुद को विक्टिम दिखाना शुरू कर दी कि भैया हमारे ऊपर तो अटैक हो रहा है। हम लोग तो खुद टेररिस्ट से परेशान हैं। ये लोग हर बार आते हैं और हम पे ब्लेम लगा देते हैं। और यही नैरेटिव
वॉर के अंदर आग लगाने के लिए इंडियन मीडिया एकदम फ्रंट गेट के ऊपर खड़ी थी। पूरी की पूरी इंडियन मीडिया ने भर-भर के प्रोपेगेंडा और फेक न्यूज़ फैलाई और इसी बीच आईएमएफ ने पाकिस्तान का लोन तक पास कर दिया और यह दोनों तरफ से जो भी रिटेलिएशन हो रहा था यह रुका पता कैसे? डोन्ड ट्रंप के ट्वीट करने के बाद कि भैया मैंने दोनों देशों का राजीनामा करवा दिया। अभी इस चीज के अंदर ना प्रॉब्लम समझो। जब हमारे देश ने किसी और देश के ऊपर अटैक किया था तो हमें रीज़न पता था। हमें बताया गया
था कि भैया देखो पहलगाम के अंदर अटैक हुआ। हम लोगों को रिटेलिएट करना है। बाकी जो भी उस टाइम पे बॉर्डर स्टेट्स के अंदर बैठे थे सबको डर लग रहा था कि भैया कल को एक फुल फ्लैज बोर हो गई तो भैया पता नहीं क्या होगा। हमारी जान को खतरा हो सकता है। थोड़ी सेफ्टी कंसर्न्स हो सकते हैं। ऑलमोस्ट बॉर्डर स्टेट वाले सारे डरे हुए थे। पर स्टिल लोगों को पता था कि भैया वॉर क्यों हो रही है। बट जब वॉर को रोक दिया गया तो उसका एक ऑफिशियल स्टेटमेंट नहीं दिया गया कि भैया क्यों
रोक दी गई है। बस इतना ही बोला गया कि भैया ऑपरेशन सिंदूर को रोका नहीं गया है। सिर्फ और सिर्फ होल्ड पे डाला गया। पर क्यों होल्ड पे डाला गया? इसका रीज़न भी नहीं दिया गया। और दूसरी तरफ डोनल्ड ट्रंप ने आज तक 50ों बार चिल्ला-चिल्ला के बोल दिया कि भैया मैंने इंडिया को धमकी दी थी। मैंने इंडिया को बोला था कि भैया अपनी वॉरगनी रोक दो और मैं तुम्हारे साथ बहुत ज्यादा बिजनेस करूंगा। और यह चीज सुनकर इंडिया ने वॉर करना रोक दिया और हम लोग इस स्टेटमेंट के ऊपर बिल्कुल भी विश्वास नहीं करते।
बट ट्रंप के इस स्टेटमेंट को बार-बार बोलने से क्या हुआ? इंडिया की ग्लोबल लेवल पर थोड़ी बहुत बेइज्जती हुई। और जिस लेवल पर डॉन्ड ट्रंप ने झूठी खबरें फैलानी शुरू करी ना इंडिया ने कभी उसको ढंग से रिटेलिएट भी नहीं किया। पार्लियामेंट के अंदर जबरदस्ती एक दो लाइनें बुलवा दी तो बुलवा दी। अदरवाइज इंडिया ने इस पूरी कंट्रोवर्सी को इग्नोर करना शुरू कर दिया। जिसकी वजह से राहुल गांधी ने तो कुछ ऐसे स्लोगंस भी शुरू कर दिए कि भैया नरेंद्र सरेंडर कैसे सरेंडर कर दिया? क्यों कर दिया? और यह सीरियसली एक बड़ा क्वेश्चन था। और
अभी हम लोग ये सारी चीजों से उभरे थे। उसके बाद एक और चीज होती है और वो है दिल्ली लाल किला बम ब्लास्ट जिसको अगर तुम लोग एक लाइन से देखोगे तो एक बहुत बड़ा बम ब्लास्ट प्लान किया जा रहा था। पूरी की पूरी टेरर एक्टिविटीज चल रही थी और ये बम ब्लास्ट होने से पहले पुलिस ने 3 टन से भी ज्यादा एक्सक्लूसिव को पकड़ लिया था। काफी सारे वेपंस पकड़ लिए थे। काफी सारे लोगों को गुजरात और कश्मीर के अंदर पकड़ लिया था। बट उस सबके बाद भी यह बम ब्लास्ट हुआ और 15 से
ज्यादा लोगों ने अपनी जान गवा दी। अभी पुलिस, सरकार और प्रशासन ने मिलके इतने बड़े बम ब्लास्ट को होने से रोक दिया। इसके लिए इनको पूरा-पूरा क्रेडिट जाना चाहिए। पर अगर आप लोगों ने इतने बड़े बम ब्लास्ट को रोका है और उसका क्रेडिट ले रहे हो तो जो छोटा बम ब्लास्ट हुआ उसके अंदर जो 15 लोगों की जान गई है उसका क्रेडिट भी आप ही को जाएगा और क्रेडिट नहीं हम इसको एक्चुअल में ब्लेम बोलेंगे उसका ब्लेम भी आप ही को जाएगा क्योंकि होम मिनिस्ट्री आज की डेट में भी अमित शाह के हाथ में ही
थी और यह 15 लोगों के ऊपर भी अटैक नहीं होना चाहिए था यह अमित शाह का काम है और अगर फिफ्थ और मोस्ट रीसेंट ब्लंडर देखें तो वो है वोट चोरी। अभी मैंने वोट चोरी को सरकार के ब्लंड के अंदर क्यों रखा है? तुम्हें मेरी वीडियो देख के समझ आएगा। 7 अगस्त 2025 को राहुल गांधी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं जिसके अंदर वो दुनिया को बताते हैं कि भैया कैसे इंडिया के अंदर वोट चोरी हो रही है और इस सारी कन्वर्सेशन को बैक करने के लिए वो कुछ डाटा प्रेजेंट करते हैं और जो डाटा प्रेजेंट
किया जाता है वो महादेवपुरा का किया जाता है जिसके अंदर बोला जाता है कि भैया 116500 से ज्यादा घस्ट और फेक वोटर्स हैं। 42,000 लोगों के वोट डिलीट कर दिए गए जिसके अंदर से 85% जो भी लोग हैं ना वो एससी और एसटी कास्ट के अंदर आते हैं। इलेक्शन कमीशन हमें सीसीटीवी फुटेज नहीं दिखा रहा। इलेक्शन कमीशन हमें कंप्यूटर रीडेबल डाटा भी नहीं दे रहा। 38,000 से ज्यादा डुप्लीकेट वोट्स हैं और 8,000 से ज्यादा ऐसे वोट है जिनके पास हाउस नंबर ही नहीं लिखा हुआ। जिसके अंदर राहुल गांधी ने बहुत सीरियस ब्लेम लगाया कि भैया
बीजेपी वोट चोरी कर रही है और उसकी वोट चोरी करने में इलेक्शन कमीशन उसकी मदद कर रही है। जिसका एक बहुत सिंपल सा रिप्लाई होना चाहिए था कि भैया वोट चोरी इंडिया के अंदर करना पॉसिबल ही नहीं है। बट राहुल गांधी की 7 अगस्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद 13 अगस्त को बीजेपी की साइड से रिप्लाई आता है। क्वेश्चन पूछे गए थे इलेक्शन कमीशन से और रिप्लाई आता है बीजेपी की साइड से। रिप्लाई के अंदर अनुराग ठाकुर बोलते हैं कि भैया हम लोग थोड़ी वोट चोरी करते हैं। यह तो कांग्रेस वाले कर रहे हैं। केरल
के अंदर काफी सारे ऐसे लोग हैं जिनकी एज 99 इयर्स की है और उनसे वोट डलवाया जा रहा है। कोलकाता के अंदर एक घर के अंदर 92 वोट रजिस्टर है और ऐसे कुछ और एग्जांपल देके नैरेटिव चेंज करने की कोशिश करी कि भैया हम लोग वोट चोरी नहीं कर रहे हैं। ये लोग वोट चोरी कर रहे हैं। जिसको सुनकर जनता को एक चीज की क्लेरिटी मिल गई कि अच्छा वोट चोरी पॉसिबल है। आप वोट चोरी कर रहे हो। हम वोट चोरी कर रहे हैं। वो तो अलग बात है। पहले लोग राहुल गांधी के ऊपर विश्वास
नहीं कर रहे उनको लगा कि भैया बिहार का इलेक्शन है जीतने के लिए कर रहे हैं। फिर बीजेपी के बंदे आके बोल रहे हैं कि भैया वोट चोरी तो ये लोग कर रहे हैं। मतलब वोट चोरी पॉसिबल है इंडिया में। तो बीजेपी ने आगे चीजें साफ करने की बजाय उल्टा रायता फैला दिया। फिर एंट्री होती है इलेक्शन कमीशन की 17 अगस्त को। इलेक्शन कमीशन की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाती है जिसको ज्ञानेश्वर कुमार लीड करते हैं। जिसके अंदर जो भी राहुल गांधी ने सवाल पूछे थे उसके जवाब देने का नाटक किया जाता है। अभी
मैं नाटक क्यों बोल रहा हूं? तुम लोग इस चीज को समझ पाओगे। एक ऐसी ऑर्गेनाइजेशन जिसके अंडर हर पॉलिटिकल पार्टी रजिस्टर्ड है। अगर उसको इंडिया की वन ऑफ द बिगेस्ट अपोजिशन के वन ऑफ द बिगेस्ट नेता आगे बोल रहे हैं कि भैया वोट चोरी चल रही है तो वो आके क्या बोलेंगे कि भैया वोट चोरी नहीं हो रही है और उसके ये ये प्रूफ है या फिर वो आगे बोलेंगे कि भैया हम लोग एक इन हाउस सर्वे करवा लेते हैं उसके बाद आपको जवाब देंगे। ज्ञानेश्वर सर ने दोनों ही नहीं बोला। ज्ञानेश्वर सर ने तीसरी
बात आकर बोली। उन्होंने आगे बोला कि भैया अगर आप लोगों को लगता है कि वोट चोरी हो रही है तो एक काम करो रिटर्न में ओथ दे दो और अगर नहीं दे पा रहे हो तो आपके पास सिर्फ और सिर्फ सात दिन है आके माफी मांगो और पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी की बुराइयां करी जा रही है। फिर इन्होंने जवाब दिया कि भैया ऐसे कुछ वोटर होते हैं जिनका हम लोग हाउस नंबर या फिर एड्रेस मेंशन नहीं करते क्योंकि उन लोगों के पास कोई घर ही नहीं है। कोई पुल के नीचे रहता है, कोई
सड़क पे रहता है। अब उनको क्या वोट डालने का अधिकार नहीं है। जब ये चीज सोशल मीडिया के ऊपर आई, लोगों ने बोला यार अधिकार तो बिल्कुल है पर कोई तो रेफरेंस होगा। कौन से पुल के नीचे रहता है? कोई तो एड्रेस लिख के रखो यार। आपने एड्रेस ही नहीं डाल रखा। तो लोगों को ना इलेक्शन कमीशन सर की बातों पे थोड़ा बहुत शक होने लगा। पर शक तक भी चीजें रुक जाती तो वहीं ठीक था। पर उसके बाद बनी है मी। क्योंकि राहुल गांधी ने ब्लेम लगाया था कि भैया इन्होंने सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर
दी और हमको दिखा नहीं रहे। और इसी की तरफ से जवाब आता है कि भैया आप बताओ। क्या मां बहन की वोट डालते की फोटो को साझा करना चाहिए क्या? क्या अपनी माताओं, बहुओं, बेटियों सहित किसी भी मतदाता की सीसीटीवी वीडियो चुनाव आयोग को साझा करनी चाहिए क्या? एंड उसके बाद तो इस पूरी चीज का मीम ही बन गया कि भैया नंगी वीडियो थोड़ी है। दिखा दो वोट ही तो डाल रहे हैं। ये मां बहन की वीडियो फोटो मेंशन करके आप लोग वूमेन कार्ड क्यों खेल रहे हो? जिसके बाद राहुल गांधी 18 सितंबर को एक
और प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं और उसके अंदर ये हरियाणा का डाटा रिवील करते हैं। जिसके अंदर बोला जाता है कि भैया 25 लाख से भी ज्यादा फेक वोटर्स हैं जिसके अंदर 521619 वोटर्स जो है वो डुप्लीकेट हैं। 93000 के आसपास कुछ वोटर्स हैं उनके इनवैलिड एड्रेस हैं और काफी सारे बल्क वोट हैं जिसका नंबर 1926351 है। अब ये सारे एलगेशन कितने सही हैं, कितने गलत है वो सारी की सारी बाद की बातें हैं। बट जिस तरीके से इलेक्शन कमीशन ने इसको टैकल किया, जिस तरीके से बीजेपी ने इसको टैकल किया इनकी इमेज को बहुत ज्यादा
डैमेज हुआ है। जो लोग पहले राहुल गांधी के ऊपर विश्वास भी नहीं करते थे ना कि भैया ये बंदा तो ऐसे ही बोल के चला जाता है। उन लोगों को भी लगा कि भैया इस बार तो ये फंस गए और हर किसी ने मीम बनानी शुरू कर दी कि भैया वोट किसी को डालो जाता इनके पास ही है। जिससे एज अ पॉलिटिकल पार्टी ना लोगों का आपके ऊपर ट्रस्ट बहुत कम हो गया। और ऑनेस्टली बताऊं तो भैया मैं ये वीडियो यहीं तक रखने वाला था क्योंकि जो लोग पावर के अंदर आप उन्हीं से सवाल कर
सकते हो। पर अगर मैं वन साइडेड वीडियो बना दूंगा तो लोग आके मेरे सिर पे चढ़ जाएंगे कि भैया मोदी के खिलाफ बोला राहुल गांधी का सगा है। तो मैं एक काम करता हूं शॉर्ट के अंदर कांग्रेस पार्टी के भी कुछ-कुछ चीजों को कंक्लूड कर देता हूं। जिससे वो बायस वाला जो फालतू ब्लेम होता है वो भी हट जाए। और कांग्रेस के अगर वन ऑफ द बिगेस्ट ब्लंडर से शुरू करें तो वो है इनकी वोट चोरी। भाई कुछ भी बोल लो वोट चोरी का खुलासा किया गया। बहुत बढ़िया प्रेजेंटेशन दी गई पर भैया उसके अंदर
काफी डाटा को लोगों ने गलत प्रूफ कर दिया। काफी सारे इंडिपेंडेंट न्यूज़ रिपोर्टर्स ने काफी सारी ऐसी वीडियोस बनाई जिसके अंदर कुछ-कुछ क्लेम्स को गलत प्रूफ कर दिया गया। जिससे एक्चुअल में होता क्या है ना कि भैया अगर राहुल गांधी कोई भी प्रेस कॉन्फ्रेंस देने आ रहे हैं और कल को कोई भी इंडिपेंडेंट न्यूज़ चैनल उनकी बातों को गलत प्रूफ कर दे ना तो आदमी की क्रेडिबिलिटी खत्म होती है और कांग्रेस और कांग्रेस के नेताओं की आज की डेट में कोई बहुत क्रेजी क्रेडिबिलिटी है भी नहीं। तो जिस लेवल पे आज की डेट में पार्टी
एक्सिस्ट करती है इस टाइम पे इनको अपनी क्रेडिबिलिटी को बिल्ड करने के ऊपर ध्यान देना चाहिए ना कि क्लेम्स को ग्लोरिफाइड दिखाने के लिए फेक नंबर्स या फेक चीजें यूज़ करनी चाहिए। मैं यह नहीं कह रहा कि भैया वोट चोरी एकदम गलत थी। मैं यह बोल रहा हूं कि भैया हां कुछ-कुछ ब्लेम्स जो है वो थोड़े बहुत बढ़ा चढ़ा के कर दिए गए होंगे। जिसको जब लोगों ने एक्सपोज करना शुरू किया तो लोगों ने पूरी की पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस के ऊपर क्वेश्चन करना शुरू किया। लोगों ने ये नहीं बोला कि अच्छा ये वाला क्लेम गलत
होगा बाकी तो सही है। लोगों ने बोला कि भैया ये वाला पकड़ा गया तो बाकी भी पकड़े जाएंगे। जिससे आपने खुद ने लोगों को एक लूपोल दे दिया आपको क्वेश्चन करने का। बल्कि क्वेश्चन इस टाइम पे बीजेपी और ईसी से होना चाहिए था। और अगर ओवरऑल देखा जाए तो इस चीज को और बेटर वे से टैकल किया जा सकता था। और अभी क्योंकि कांग्रेस गवर्नमेंट पावर के अंदर ही नहीं थी तो इनके पास ज्यादा अथॉरिटीज ही नहीं थी। अब ज्यादा अथॉरिटी नहीं है तो भैया ज्यादा ब्लंडर्स कर भी नहीं सकते ये लोग। तो छोटे-मोटे अगर
ब्लंडर गिनवा दो तो भैया बिहार इलेक्शन बहुत बुरी तरह हारे। दिल्ली के अंदर जीरो सीट आई थी इनकी। तो आप लोग इसको ब्लेंडर में गिनना चाहो तो गिन सकते हो। कर्नाटक के अंदर ये अभी भी रूल कर रहे हैं और उसके अंदर फाइनेंसियल क्राइसिस आ चुका है। आपके पास ऑलरेडी लिमिटेड स्टेट्स हैं। आप लोग उनका मॉडल बनाओ ना। आप लोग बनाओ कि भैया जैसा कर्नाटक को डेवलप किया ना हमारे लोगों ने वैसा ही कर देंगे पूरे देश को। एक मॉडल ला के जनता को पेश करो ना। आपकी जो चारप जगह प्रेजेंस है उसके अंदर भी
ब्लंडर्स हो रखे हैं। कर्नाटक गवर्नमेंट ने ओपनली आके बोला कि भैया हम लोग सरकारी नौकरी नहीं निकाल रही क्योंकि हम पे पैसे ही खत्म हो गए। हमारे पास सरकार चलाने को ही पैसे नहीं है। हमको और ज्यादा लोन लेना पड़ रहा है। और ये क्यों किया जा रहा है? क्योंकि ओवर कमिटमेंट्स कर रखी थी वोट जीतने के लिए। काफी सारी फ्री बीस और स्कीम बांटी जा रही है वहां पे और बल्कि सरकार का बजट नहीं है इतना। जिसकी वजह से 2023 के अंदर कर्नाटक गवर्नमेंट का जो लोन था वो ₹4 लाख करोड़ का था और
वो 2025 के अंदर बढ़ के 7.5 लाख करोड़ से भी ज्यादा का हो चुका है। अभी इनका अगला ब्लंडर भी कर्नाटक से आ रखा है। जुलाई 2025 के अंदर आरसीबी अपनी विक्ट्री परेड निकाल रही थी। जिसके अंदर 11 लोगों की स्टैंप पीट से डेथ हो गई। जिस स्टेडियम की कैपेसिटी 35 से 400 लोगों की थी उसके अंदर 1 लाख बंदा घुस गया और 1 लाख लोग तो अंदर घुस गए 2 से 3 लाख लोग स्टेडियम के बाहर खड़े थे और पुलिस मैनेजमेंट ये सारी चीजें बहुत ज्यादा बुरी थी जिसकी वजह से स्टैंपड काफी लोगों की
अपनी करवानी पड़ी और इस चीज के अंदर अकाउंटेबल अगर किसी को ठहराया जाएगा तो वहां की मैनेजमेंट और गवर्नमेंट को ठहराया जाएगा और वहां पे कांग्रेस गवर्नमेंट रूल कर रही है और पांचवा मुझे राहुल गांधी से एक पर्सनल प्रॉब्लम है कि भैया ये एंटी बीजेपी कॉन्वर्सेशन करते-करते ना एंटी इंडिया चले जाते हैं। अभी पीछे इंडिया और यूएस की ट्रेड वॉर चल रही थी। तो ट्रंप को गुस्सा आया और ट्रंप ने ना एक बार बोल दिया कि इंडिया तो डेड इकॉनमी है। मैं तो इनसे बात भी नहीं करता। ऐसी कोई स्टेटमेंट दे दी। अब देखो देश
तो उतना ही आपका है जितना मेरा है। आओ आके प्रोटेक्ट करो आओ आके डिफेंड करो कि भैया नहीं नहीं इंडिया डेड इकॉनमी थोड़ी है। और एक्चुअल में बताऊं तो इंडिया भी डेड इकॉनमी नहीं है। कोई बहुत ज्यादा फाइनेंसियल क्राइसिस नहीं चल रही है और ना ही जीडीपी ग्रोथ हमारी कम है। जीडीपी ग्रोथ भी हमारी अच्छी ही चल रही है। हां हमारे रुपए की वैल्यू टूट रही है। वो एक डिफरेंट फैक्टर है पर हमारी जीडीपी ग्रोथ अच्छी है। और ये सारी चीजें जानते हुए राहुल गांधी ने बोला कि भैया मुझे तो सही लगा ट्रंप चाचा ने
बोल दिया ये। एटलीस्ट उन्होंने सच तो बोला कि भैया इंडियन इकॉनमी इज अ डेड इकॉनमी। इंडियन इकॉनॉमी इस नॉट अ डेड इकॉनमी। अगर इतनी ही डेड इकॉनमी है तो भैया टेरिफ लगा के पैसे क्यों वसूल कर रहे हो? इतनी ही डेड इकॉनमी है तो भैया अपने एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स को इंडिया के अंदर बेचना ही क्यों चाहते हो? डेड इकॉनमी तो खरीद ही नहीं पाएगी आपका सामान। और ऐसी कन्वर्सेशन नॉर्मली पॉलिटिक्स के अंदर होती रहती है। बस मेरी छोटी सी शिकायत है कि भैया कल को एंटी बीजेपी बातें करते-करते ना एंटी इंडिया मत चले जाओ। जहां पे
इंडिया का स्टैंड लेना है उसको ले लिया करो। जहां पे बीजेपी को क्रिटिसाइज करना है उसको भी कर दिया करो। यह बोल देते हैं कि हां भाई बेटर हो सकती थी। मैं होता तो और ज्यादा बेटर कर देता। मैं होता तो रुपए को ना टूटने देता। कोई हमारी बुराई कर रहा है। हम लोग एग्री करके बोलते हैं हां भैया हम तो बुरे ही बहुत हैं। बाकी अगर मैंने कुछ मिस किया तो मुझे कमेंट सेक्शन में बताओ कि मुझे क्या चीज एक्चुअल में टॉप फाइव लिस्ट के अंदर कवर करनी चाहिए थी। और जाते-जाते जब मैं इस
वीडियो को बनाने के लिए 2025 को एनालाइज कर रहा था। मैंने कुछ बहुत बड़ी प्रॉब्लम्स इंडिया के अंदर नोटिस करी है। और आई थिंक इंडिया की 2025 की सबसे बड़ी प्रॉब्लम्स के अंदर आता है पोल्यूशन, सिविक सेंस, अधमरे मीडिया चैनल्स, करप्शन, पुलिस एंड जुडिशरी सिस्टम। और एक और बहुत बड़ी प्रॉब्लम जो अभी पनप रही है और 2026 के अंदर बहुत ज्यादा फैल सकती है और वो है लैंग्वेज डिबेट्स। मुंबई से शुरू हुए थे, कर्नाटक में गए, तमिलनाडु में गए, केरल में गए और पंजाब तक आ गए। देश में कोई भी आदमी किसी भी गरीब आदमी
को देख के पीट देता है और उसको फोर्स करता है कि भैया इसी देश की भाषा बोल। और ये सारी चीजें करते हुए वो लोग एक चीज भूल जाते हैं कि भैया इस देश के अंदर एक भाषा नहीं चलती है। तो ऐसे वायरस लोगों से दूर रहो। फालतू चीजों के अंदर अपना टाइम वेस्ट मत करो। जब भी सरकार चुनो उनसे सवाल करो। अकाउंटेबिलिटी ढूंढो। एस्केप मत ढूंढो उनके लिए। उनको तुम्हारे वोट छीनने के लिए एक और मुद्दा मत दो। लैंग्वेज इतना मैटर नहीं करती है। वो एक पार्ट है कॉन्वर्सेशन का। का अब तो टेक्नोलॉजी इतनी
एडवांस हो गई है। तुम तमिल में बात करो। मैं हिंदी में करूंगा। एक दूसरे को सुन पाएंगे हम। बस हम लोग उस टेक्नोलॉजी को इजीली अफोर्ड कर पाए। हमारे पास उतने पैसे हो। हमारे पास रोजगार हो। इसके ऊपर फोकस करो। बाकी मैं ज्यादा नहीं बोलना चाहूंगा क्योंकि मैंने बिहार इलेक्शन में देख लिया। तुम लोग समझदार तो हो