क्या आपने कभी अपने आप से यह सवाल पूछा है कि अगर मेरे पास पैसा ही नहीं है [संगीत] तो मैं पैसा बनाऊंगा कैसे? शायद आपने भी कई बार अपने आसपास ऐसे लोगों को देखा होगा जिनके पास अच्छी नौकरी है। फिर भी महीने के आखिर में पैसा खत्म हो जाता है। कुछ लोग कम कमाते हैं लेकिन धीरे-धीरे अपनी फाइनेंशियल स्थिति मजबूत कर लेते हैं और कुछ लोग सालों तक मेहनत करने के बावजूद वहीं के वहीं खड़े रहते हैं। फर्क हमेशा कमाई का नहीं होता। फर्क इस बात का होता है कि [संगीत] इंसान पैसे को लेकर क्या
सीखता है, क्या करता है और अपनी कमाई को बढ़ाने के लिए कौन से रास्ते बनाता है। सच यह है कि पैसा बनाने के लिए शुरुआत में बहुत ज्यादा पैसा होना जरूरी नहीं है। लेकिन एक चीज जरूरी है ऐसी सोच, ऐसी स्किल और ऐसी आदतें जो आपकी वर्तमान स्थिति को आपकी आखिरी स्थिति ना बनने दें। क्योंकि अगर आज आपकी जेब खाली है तो [संगीत] इसका मतलब यह नहीं कि आपका भविष्य भी खाली रहेगा। आज आपके पास कम रिसोर्सेज हो सकते हैं। लेकिन आपके पास सीखने की क्षमता है, समय है, मेहनत है, आइडियाज हैं और सबसे बड़ी
बात अपनी डायरेक्शन बदलने का मौका है। लेकिन यहीं पर ज्यादातर लोग एक बहुत बड़ी गलती करते हैं। वे कहते हैं, पहले मेरे पास पैसा आएगा, फिर मैं इन्वेस्टमेंट करूंगा, फिर मैं बिजनेस [संगीत] करूंगा, फिर मैं कुछ बड़ा सीखूंगा और इसी पहले पैसा आएगा वाली सोच में कई साल निकल जाते हैं। क्योंकि पैसा आने का इंतजार करने वाला इंसान अक्सर वही काम करता रहता है जो वह पहले से कर रहा है। जबकि पैसा बनाने वाला इंसान पहले अपनी वैल्यू बढ़ाता है। फिर उस वैल्यू को इनकम में बदलता है और फिर उस इनकम को धीरे-धीरे वेल्थ में
बदलना सीखता है। मान लीजिए आपके पास आज सिर्फ कुछ ₹100 हैं। क्या इसका मतलब है कि आप कुछ नहीं कर सकते? बिल्कुल नहीं। शायद आप करोड़ों का इन्वेस्टमेंट नहीं कर सकते। कोई बड़ा ऑफिस नहीं खोल सकते या किसी बड़ी कंपनी में पैसा नहीं लगा सकते। लेकिन आप एक स्किल सीख सकते हैं। आप कम्युनिकेशन [संगीत] बेहतर कर सकते हैं। आप सेल्स सीख सकते हैं। आप एडिटिंग, राइटिंग, डिजाइनिंग, [संगीत] कोडिंग, मार्केटिंग या किसी दूसरी वैल्यूुएबल स्किल पर काम कर सकते हैं। आप लोगों की प्रॉब्लम्स समझना सीख सकते हैं। और यही छोटी शुरुआत आगे चलकर आपकी सबसे बड़ी
फाइनशियल एसेट बन सकती है। क्योंकि दुनिया आपको सिर्फ इस आधार पर पैसा नहीं देती कि आपको पैसों की जरूरत है। दुनिया आपको पैसा तब देती है जब आप किसी के लिए वैल्यू क्रिएट करते हैं। किसी की प्रॉब्लम सॉल्व करते हैं। किसी का समय बचाते हैं। किसी का काम आसान करते हैं। किसी बिजनेस को ग्रो करने में मदद करते हैं। किसी को ऐसी जानकारी देते हैं [संगीत] जिससे उसे फायदा होता है। और यही वह बात है जिसे समझने के बाद मेरे पास पैसा नहीं है। एक एक्सक्यूज नहीं बल्कि एक स्टार्टिंग पॉइंट बन जाता है। इस वीडियो
में हम सिर्फ मोटिवेशनल बातें नहीं करेंगे। हम उस माइंडसेट को समझेंगे जो कम रिसोर्सेज वाले इंसान को भी आगे बढ़ने में मदद करता है। हम बात करेंगे कि अगर आपके पास अभी पैसा नहीं है तो आपको सबसे पहले किस चीज में इन्वेस्टमेंट करना चाहिए? अपनी पहली इनकम के लिए कौन सी दिशा चुननी चाहिए? स्किल और इनकम के बीच क्या कनेक्शन है? लोग पैसा कमाने के बावजूद गरीब क्यों बने रहते हैं? और सबसे जरूरी जब पहली बार पैसा आने लगे [संगीत] तो उसे सिर्फ खर्च करने के बजाय उसे अपने फ्यूचर के लिए कैसे इस्तेमाल [संगीत] करना
चाहिए। और इस पूरी जर्नी में एक बात हमेशा याद रखिए आपको शुरुआत में अमीर बनने की जरूरत नहीं है। आपको सिर्फ इतना सीखना है कि आज की तुलना में कल थोड़ा ज्यादा वैलुएबल कैसे बनना है। अगर आज आप कोई स्किल नहीं जानते तो उसे सीखिए। अगर आज आपकी अर्निंग जीरो है तो पहला छोटा इनकम सोर्स बनाने पर ध्यान दीजिए। अगर आज इनकम कम है तो उसे बढ़ाने की क्षमता विकसित कीजिए और जब इनकम बढ़ने लगे तो अपने पैसे को ऐसे एसेट्स में लगाना सीखिए जो भविष्य में आपके लिए काम कर सके। लेकिन सावधान रहिए क्योंकि
पैसा बनाने [संगीत] की जर्नी में सबसे बड़ा खतरा गरीबी नहीं है। सबसे बड़ा खतरा है जल्दी अमीर बनने की चाहत। जब इंसान जल्दी पैसा चाहता है तब वह अक्सर गलत शॉर्टकट्स के पीछे भागता है। बिना समझे इन्वेस्टमेंट करता है। बिना स्किल के बिजनेस शुरू करता है। दूसरों की लाइफ स्टाइल देखकर अननेसेसरी खर्च करता है। और कभी-कभी ऐसे फाइनशियल डिसीजंस ले लेता है जिनका नुकसान वर्षों [संगीत] तक भुगतना पड़ सकता है। इसलिए इस ऑडियो बुक का उद्देश्य आपको कोई ओवरनाइट रिच बनने का सपना दिखाना नहीं है। उद्देश्य है आपको वह फाउंडेशन समझाना जिस पर वास्तविक फाइनेंशियल
ग्रोथ खड़ी होती है। आपको शायद लगता हो कि पैसा बनाने के लिए पैसा चाहिए। लेकिन कई बार असली इक्वेशन कुछ और होती है। पैसा बनाने के लिए पहले वैल्यू चाहिए। वैल्यू बनाने के लिए स्किल चाहिए। स्किल बनाने के लिए लर्निंग चाहिए। लर्निंग [संगीत] के लिए डिसिप्लिन चाहिए और डिसिप्लिन के लिए एक ऐसी सोच चाहिए जो एक्सक्यूसेस से ज्यादा ओपोरर्चुनिटीज देख सके। आज अगर आपकी जेब में पैसा कम है तो खुद को कम मत समझिए। आपकी वर्तमान फाइनेंशियल स्थिति आपकी पहचान नहीं है। वह सिर्फ आपकी करंट पोजीशन है और करंट पोजीशन बदली जा सकती है। जिस
तरह एक छोटा बीज समय मेहनत [संगीत] और सही एनवायरमेंट मिलने पर पेड़ बन सकता है। उसी तरह एक छोटी स्किल, एक छोटा आईडिया, एक छोटा इनकम सोर्स और सही फाइनेंशियल हैबिट्स समय के साथ आपकी पूरी जिंदगी की दिशा बदल सकते हैं। अब सवाल यह नहीं है कि मेरे पास पैसा क्यों नहीं है? सवाल यह है मेरे पास जो कुछ है उससे मैं पैसा बनाना कैसे [संगीत] सीख सकता हूं? चैप्टर एक जेब खाली है तो भी शुरुआत यहीं से होगी। अगर आपके पास आज पैसा नहीं है तो सबसे पहले आपको एक बात समझनी होगी। आपकी सबसे
[संगीत] बड़ी कमी पैसा नहीं है। आपकी सबसे बड़ी जरूरत है यह समझना कि पैसा आखिर आता कहां से है। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि पैसा कमाने के लिए पहले पैसा चाहिए। उन्हें लगता है कि अगर उनके पास लाखों रुपए हो तो वे बिजनेस शुरू कर सकते हैं, इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं और अपनी इनकम बढ़ा सकते हैं। लेकिन यही सोच उन्हें शुरुआत करने से रोक देती है। सच्चाई यह है कि पैसा अक्सर उस इंसान के पास जाता है जो किसी के लिए वैल्यू क्रिएट करता है। एक दुकानदार किसी जरूरत की चीज उपलब्ध कराता है। एक टीचर
अपना नॉलेज देता है। एक डिजाइनर किसी बिजनेस को बेहतर दिखने में मदद करता है। एक एडिटर किसी क्रिएटर का समय बचाता है। एक सेल्स पर्सन किसी प्रोडक्ट को सही कस्टमर तक पहुंचाता है। इन सभी लोगों में एक चीज कॉमन है। वे सिर्फ अपना समय नहीं बेच रहे। वे किसी प्रॉब्लम का सॉल्यूशन दे रहे हैं और यही आपकी पहली सीढ़ी है। अगर आज आपके पास पैसा कम है तो खुद से यह मत पूछिए कि मैं कहां से [संगीत] पैसे लाऊं? पहले पूछिए। मैं ऐसा क्या सीख सकता हूं जिसके बदले कोई मुझे पैसा देने के लिए तैयार
हो। यही सवाल आपकी सोच बदलना शुरू कर देगा। मान लीजिए [संगीत] आपके पास इन्वेस्टमेंट करने के लिए सिर्फ आर पांच है। आप उस 8500 से कोई बड़ा बिजनेस नहीं बना सकते। लेकिन अगर आप उसी समय को किसी वैलएबल स्किल को सीखने में लगाते हैं तो उस स्किल की अर्निंग पोटेंशियल उस आसान रो से कहीं ज्यादा हो सकती है। इसका मतलब यह नहीं [संगीत] कि पैसे की जरूरत कभी नहीं होती। पैसे की अपनी जगह बहुत महत्वपूर्ण है। लेकिन शुरुआत में आपका सबसे बड़ा इन्वेस्टमेंट, आपका नॉलेज, स्किल और एक्सपीरियंस हो सकता है। अब सोचिए अगर कोई व्यक्ति
अगले 6 महीने सिर्फ शिकायत करता रहे कि मेरे पास पैसा नहीं है और दूसरा व्यक्ति उन्हीं 6 महीनों में एक वैल्यूएबल स्किल सीखता रहे, [संगीत] रोज प्रैक्टिस करता रहे, छोटे प्रोजेक्ट्स करता रहे और लोगों को अपना काम दिखाता रहे। तो 6 महीने बाद दोनों की स्थिति एक जैसी होगी। बिल्कुल नहीं। पहले व्यक्ति के पास शायद वही समस्या होगी। दूसरे व्यक्ति के पास एक नया एसेट होगा उसकी स्किल। और स्किल ऐसी चीज है जिसे कोई आपसे छीन नहीं सकता। अगर आपने उसे वास्तव में सीख लिया है। लेकिन यहां एक और गलती होती है। लोग स्किल सीखना
तो शुरू कर देते हैं लेकिन सिर्फ सीखते रहते हैं। वीडियो देखते हैं, कोर्सेज देखते हैं, नोट्स बनाते हैं, लेकिन मार्केट में अपनी स्किल को इस्तेमाल नहीं करते। याद रखिए सिर्फ नॉलेज पैसा नहीं बनाता। अप्लाइड नॉलेज पैसा बनाता है। अगर आपको एडिटिंग आती है तो किसी के लिए एक छोटा वीडियो एडिट कीजिए। अगर राइटिंग आती है तो किसी बिजनेस के लिए कंटेंट लिखिए। अगर कम्युनिकेशन अच्छी है तो सेल्स या कस्टमर सर्विस में अपनी एबिलिटी इस्तेमाल कीजिए। अगर आपको कोई टेक्निकल स्किल आती है तो छोटी प्रॉब्लम सॉल्व कीजिए। शुरुआत में इनकम छोटी हो सकती है। शायद पहली
अर्निंग आर इज 10 हो। शायद आर एस पाठो [संगीत] शायद आर एस 1000 लेकिन उस पहली अर्निंग की वैल्यू सिर्फ [संगीत] उसके अमाउंट में नहीं होती। उसकी असली वैल्यू इस बात में होती है कि पहली बार आपको प्रूफ मिलता है कि आप अपनी स्किल के बदले पैसा पैदा कर सकते हैं। और यही कॉन्फिडेंस आगे की जर्नी में बहुत काम आता है। इसलिए अपनी पहली अर्निंग को छोटा समझकर इग्नोर मत कीजिए। RS 100 की पहली अर्निंग और RS1 लाख की अर्निंग के बीच [संगीत] एक कनेक्शन होता है। RS1 लाख कमाने वाला व्यक्ति भी कभी ना कभी
पहली बार आर एस हंस कमाने वाला व्यक्ति था। फर्क सिर्फ इतना था कि उसने पहली छोटी अर्निंग के बाद रुकना नहीं चुना। उसने पूछा मैं इसे RS 500 कैसे बनाऊं? फिर RS 60 कैसे? फिर RS 50000 कैसे? और धीरे-धीरे उसने अपनी अर्निंग कैपेसिटी को बढ़ाना सीखा। यही माइंडसेट आपको भी डेवलप करना है। आपको अभी करोड़पति बनने की जरूरत नहीं है। आपको अभी सिर्फ पहली इनकम बनाने की क्षमता विकसित करनी है। फिर उसे बढ़ाना है। फिर उसे मैनेज करना है और अंत में उसे इन्वेस्ट करके वेल्थ में बदलना है। लेकिन शुरुआत हमेशा एक जगह से होगी
आपकी वैल्यू से। इसलिए अगर आज आपके पास पैसा नहीं है तो अपने खाली बैंक बैलेंस को देखकर निराश मत होइए। अपने अंदर देखिए और पूछिए मेरे पास कौन सी ऐसी क्षमता है जिसे मैं बेहतर बना सकता हूं। कौन सी प्रॉब्लम है जिसे मैं सॉल्व करना सीख सकता हूं। कौन सी स्किल है जिसके लिए मार्केट में डिमांड है? क्योंकि हो सकता है आपकी अगली इनकम किसी लॉटरी से नहीं बल्कि उस स्किल से आए जिसे आपने आज से सीखना शुरू किया है। और याद रखिए [संगीत] गरीबी से निकलने का पहला कदम हमेशा ज्यादा पैसा ढूंढना नहीं होता।
कई बार पहला कदम खुद को इतना वैल्यूुएबल बनाना होता है कि पैसा आपको ढूंढने लगे। अब अगला सवाल है जब पैसा कमाने के लिए स्किल और वैल्यू जरूरी है तो आखिर कौन सी स्किल सीखें और शुरुआत कहां से करें? यहीं से हमारी अगली जर्नी शुरू होगी। चैप्टर दो ऐसी स्किल सीखो जो आपकी इनकम की लिमिट तोड़ दे। अब जब आपने समझ लिया है कि पैसा कमाने की शुरुआत हमेशा पैसे से नहीं बल्कि वैल्यू से होती है तो अगला सवाल स्वाभाविक है। आखिर ऐसी कौन सी वैल्यू बनाएं जिसके [संगीत] बदले लोग हमें पैसा देने के लिए
तैयार हो। यहीं पर स्किल आपकी सबसे बड़ी ताकत बन जाती है। आज की दुनिया में सिर्फ मेहनत करना काफी नहीं है। आपको ऐसी मेहनत करनी होगी जिसकी मार्केट में कीमत हो। क्योंकि दो लोग दिन के 8 घंटे काम कर सकते हैं। लेकिन उनकी इनकम बिल्कुल अलग हो सकती है। क्यों? क्योंकि उनके काम की वैल्यू अलग होती है। एक व्यक्ति ऐसा काम कर सकता है जिसे कोई भी थोड़ी ट्रेनिंग के बाद कर सकता है। [संगीत] दूसरा व्यक्ति ऐसी स्किल सीख सकता है जिसकी जरूरत बिजनेसेस, क्रिएटर्स और कस्टमर्स को लगातार रहती है। दोनों मेहनत कर रहे हैं।
लेकिन दूसरा [संगीत] व्यक्ति अपनी स्किल के कारण ज्यादा वैल्यू क्रिएट कर रहा है। इसलिए अगर आपके पास पैसा नहीं है, तो आपको सबसे पहले अपने अर्निंग पोटेंशियल पर काम करना चाहिए। सोचिए अगर आपके पास आज RS 10,000 हैं और आप उन्हें खर्च कर देते हैं तो पैसा खत्म हो सकता है। लेकिन अगर आपने ऐसी स्किल सीख ली जिससे आप हर महीने आर एस 10,000 [संगीत] कमाने की क्षमता पैदा कर सकें तो आपने सिर्फ आर एस 10,000 नहीं बनाए। आपने [संगीत] इनकम बनाने की मशीन बनाना शुरू कर दिया और यही फर्क है पैसा रखने और पैसा
बनाना सीखने में। लेकिन यहां एक बहुत बड़ी गलती से बचना जरूरी है। बहुत से लोग स्किल सीखने के नाम पर हर कुछ दिनों में अपना रास्ता बदलते रहते हैं। आज एडिटिंग, कल कोडिंग, परसों ट्रेडिंग, फिर कोई नया ऑनलाइन बिजनेस। नतीजा कुछ भी प्रॉपर्ली नहीं सीखते। इसलिए शुरुआत में आपको 10 स्किल्स सीखने की जरूरत नहीं है। आपको एक ऐसी स्किल चुननी है जिसे आप लगातार सीख सकें और प्रैक्टिकल तरीके से इस्तेमाल कर सकें। आप वीडियो एडिटिंग सीख सकते हैं, ग्राफिक डिजाइन सीख सकते हैं, राइटिंग या कॉपीराइटिंग सीख सकते हैं, डिजिटल मार्केटिंग सीख सकते हैं, सेल्स सीख
सकते हैं। वेब डेवलपमेंट या कोई दूसरी टेक्निकल स्किल सीख सकते हैं। लेकिन सिर्फ यह देखना काफी नहीं है कि कौन सी स्किल पॉपुलर है। आपको यह देखना होगा कि किस स्किल में आपकी रुचि है। आप उसे लगातार सीख सकते हैं [संगीत][गला साफ़ करने की आवाज़] या नहीं और मार्केट में उसकी वास्तविक जरूरत है या नहीं क्योंकि जिस [संगीत] स्किल को सीखने में आपका मन ही नहीं लगता उसे लंबे समय तक मास्टर करना मुश्किल होगा। अब मान लीजिए आपने एक स्किल [संगीत] चुन ली। यहीं से असली काम शुरू होता है। पहले महीने में शायद आपको कुछ
खास नहीं आएगा। दूसरे महीने में थोड़ी इंप्रूवमेंट होगी। तीसरे महीने में आप छोटे प्रोजेक्ट्स करने लगेंगे और धीरे-धीरे आपको समझ आने लगेगा कि लोग आपकी स्किल के लिए वास्तव में पैसे क्यों देते हैं। [संगीत] लेकिन इस दौरान आपको एक बात याद रखनी होगी। लर्निंग और अर्निंग के बीच प्रैक्टिस का ब्रिज होता है। सिर्फ वीडियोस देखने से एडिटर नहीं बनते। सिर्फ बुक्स पढ़ने से सेल्स पर्सन नहीं बनते। सिर्फ ट्यूटोरियल्स देखने [संगीत] से प्रोग्रामर नहीं बनते। आपको काम करना पड़ेगा। गलतियां करनी पड़गी। अपने काम को दोबारा करना पड़ेगा। दूसरों के बेहतर काम को देखकर सीखना पड़ेगा और
शुरुआत में आपका काम परफेक्ट नहीं होगा। हो सकता है लोग आपको रिजेक्ट करें। हो सकता है कोई आपके काम के लिए पैसे देने से मना कर दे। लेकिन रिजेक्शन को अपनी क्षमता का फाइनल वर्डिक्ट मत समझिए। अगर 10 लोग मना करते हैं और 11वां [संगीत] व्यक्ति आपके काम के लिए तैयार हो जाता है तो आपने सिर्फ पैसा नहीं कमाया। आपने मार्केट को समझना शुरू किया है और यही एक्सपीरियंस आगे चलकर आपकी स्किल को और वैल्यूुएबल बनाता है। अब एक और इंपॉर्टेंट बात समझिए। स्किल [संगीत] अकेले पैसा नहीं बनाती। स्किल प्लस कम्युनिकेशन प्लस प्रॉब्लम सॉल्विंग ख
ज्यादा वैल्यू। मान लीजिए दो लोगों को वीडियो एडिटिंग आती है। पहला व्यक्ति सिर्फ इतना कहता है मैं वीडियो एडिट कर सकता हूं। दूसरा व्यक्ति कहता है मैं आपके वीडियोस को इस तरह एडिट कर सकता हूं कि शुरुआत ज्यादा इंगेजिंग हो। अननेसेसरी पार्ट्स हटे और व्यूअर का अटेंशन बेहतर बना रहे। दूसरा व्यक्ति सिर्फ एडिटिंग नहीं बेच रहा। वह रिजल्ट बेच रहा है और मार्केट में अक्सर रिजल्ट की कीमत ज्यादा होती है। यही कारण है कि जैसे-जैसे आपकी स्किल बढ़े वैसे-वैसे यह समझना भी सीखिए कि कस्टमर की प्रॉब्लम क्या है? किसी को सिर्फ थंबनेल नहीं चाहिए होता।
उसे ज्यादा लोगों का अटेंशन चाहिए। किसी को सिर्फ [संगीत] वेबसाइट नहीं चाहिए होती। उसे अपने कस्टमर्स तक पहुंचने का बेहतर तरीका [संगीत] चाहिए। किसी को सिर्फ राइटिंग नहीं चाहिए। उसे ऐसा कंटेंट चाहिए जो उसके ऑडियंस को समझ आए। जब आप इस तरह सोचने लगते हैं तब आपकी स्किल सिर्फ एक टैलेंट नहीं रहती। वह [संगीत] एक इनकम जनरेटिंग एसेट बन जाती है। लेकिन शुरुआत में एक और चीज चाहिए धैर्य। [संगीत] आज इंटरनेट पर आपको हर तरफ ऐसे वीडियोस दिखाई देंगे जिनमें कहा जाता है कि कुछ दिनों में हजारों रुपए कमाएं। कुछ हफ्तों में फाइनेंशियल फ्रीडम पाएं
और बिना मेहनत के ऑनलाइन इनकम शुरू करें। इन बातों के [संगीत] पीछे भागना आसान है। लेकिन वास्तविक दुनिया में वैलुएबल स्किल बनाने में समय लगता है। आपको शुरुआत में कम कमाई मिल सकती है। कभी काम मिलेगा, कभी नहीं मिलेगा। कभी क्लाइंट खुश होगा, कभी आपको फीडबैक मिलेगा। लेकिन यही प्रोसेस आपको मजबूत बनाएगा। [संगीत] क्योंकि आपका लक्ष्य सिर्फ पहली इनकम नहीं होना चाहिए। आपका लक्ष्य होना चाहिए हर कुछ महीनों में अपनी अर्निंग कैपेसिटी को पहले से बेहतर बनाना। आज अगर आप RS 500 कमा सकते हैं तो कल RS 8000 की कैपेसिटी बनाइए। फिर RS 5000 फिर
RS 10000। यह कोई गारंटी नहीं है कि इनकम इतनी ही होगी या इतनी जल्दी बढ़ेगी। लेकिन प्रिंसिपल सिंपल है। पहले स्किल की कीमत बढ़ाओ फिर इनकम की। और एक दिन आपको एहसास होगा कि आपने पैसा बचाने से पहले पैसा बनाना सीख लिया है। [संगीत] यही वह पॉइंट है जहां आपकी फाइनेंशियल जर्नी बदलनी शुरू होती है। क्योंकि जब आपके पास स्किल होती है तो आपके पास सिर्फ आज की इनकम नहीं होती। आपके पास भविष्य में इनकम पैदा करने की क्षमता होती है। क्योंकि नॉलेज को इनकम में बदलने के लिए आपको मार्केट में उतरना होगा। और अगला
चैप्टर इसी सवाल का जवाब देगा। अपनी पहली कमाई की शुरुआत कैसे करें? जब आपके पास ना एक्सपीरियंस हो, ना बड़ा नेटवर्क और ना ही बड़ा इन्वेस्टमेंट। चैप्टर तीन, पहली कमाई, छोटा पैसा, बड़ी शुरुआत। अब तक आपने समझ लिया है कि अगर आपके पास पैसा नहीं है [संगीत] तो आपको सबसे पहले अपनी वैल्यू और अपनी स्किल पर काम करना चाहिए। लेकिन यहां एक सवाल सामने आता है, स्किल सीखने के बाद पहला पैसा आएगा कहां से? यही वह जगह है जहां बहुत सारे लोग रुक जाते हैं। वे महीनों तक सीखते रहते हैं, [संगीत] वीडियोस देखते हैं, ट्यूटोरियल्स
देखते हैं। लेकिन मार्केट में अपना काम लेकर जाने से डरते हैं। उन्हें लगता है कि अभी वे परफेक्ट नहीं है। उन्हें लगता है कि पहले एक्सपीरियंस चाहिए, फिर क्लाइंट मिलेगा। पहले क्लाइंट मिलेगा, फिर एक्सपीरियंस आएगा। लेकिन असल में यह साइकिल ऐसे नहीं चलती। कई बार पहला एक्सपीरियंस खुद बनाना पड़ता है। अगर आपको एडिटिंग [संगीत] आती है तो किसी छोटे क्रिएटर के लिए एक सैंपल वीडियो बनाइए। अगर आपको थंबनेल डिजाइन आता है तो कुछ अच्छे सैंपल थंबनेल्स तैयार कीजिए। अगर राइटिंग आती है तो सैंपल आर्टिकल्स या स्क्रिप्ट्स बनाइए। अगर डिजिटल मार्केटिंग सीख रहे हैं तो किसी
छोटे बिजनेस की ऑनलाइन प्रेजेंस को एनालाइज करके बताइए कि क्या इंप्रूव किया जा सकता है। शुरुआत में आपका लक्ष्य सिर्फ पैसा कमाना नहीं होना चाहिए। आपका पहला लक्ष्य होना चाहिए प्रूफ बनाना। प्रूफ कि आप काम कर सकते हैं। प्रूफ कि आप किसी [संगीत] की प्रॉब्लम सॉल्व कर सकते हैं। प्रूफ कि आपकी स्किल का इस्तेमाल रियल वर्ल्ड में हो सकता है। क्योंकि जब आपके पास प्रूफ होता है तो कॉन्फिडेंस बढ़ता है और कॉन्फिडेंस के साथ अपोरर्चुनिटीज को अप्रोच करना आसान हो जाता है। लेकिन एक गलती मत करना। शुरुआत में सिर्फ इसलिए बहुत कम कीमत पर लगातार
काम मत करते रहना। क्योंकि आपको [संगीत] लगता है कि मुझे तो अभी कुछ नहीं आता। अगर आप शुरुआत में किसी छोटे प्रोजेक्ट को प्रैक्टिस या पोर्टफोलियो बनाने के लिए करते हैं तो उसकी वजह स्पष्ट होनी चाहिए। आपका उद्देश्य होना चाहिए कि आप सीखें, फीडबैक लें और अपने काम के एग्जांपल्स तैयार करें। फिर धीरे-धीरे अपनी सर्विस की वैल्यू के हिसाब से उचित पेमेंट मांगना सीखिए। क्योंकि अगर आप खुद अपनी स्किल की वैल्यू नहीं समझेंगे तो दूसरे भी उसे समझने में समय लगाएंगे। अब मान लीजिए आपने अपना पहला छोटा क्लाइंट ढूंढ लिया। हो सकता है उसे बहुत
बड़ा काम ना चाहिए हो। शायद सिर्फ एक छोटा वीडियो एडिट करना हो। शायद एक पोस्टर बनाना हो। शायद किसी सोशल मीडिया पेज के लिए कुछ कंटेंट तैयार करना हो। शायद किसी दुकान या छोटे बिजनेस के लिए ऑनलाइन इंफॉर्मेशन व्यवस्थित करनी हो। काम छोटा है। पेमेंट भी शायद छोटी है। लेकिन उस मोमेंट को हल्के में मत लेना। क्योंकि जब पहली बार किसी इंसान को आपकी स्किल के बदले पैसा मिलता है तब एक बहुत महत्वपूर्ण साइकोलॉजिकल बैरियर टूटता है। आपको एहसास होता है मैं सिर्फ पैसा खर्च करने वाला व्यक्ति नहीं हूं। मैं वैल्यू क्रिएट करके पैसा कमा
भी सकता हूं और यह एहसास बहुत पावरफुल होता है। मान लीजिए आपकी पहली अर्निंग आरs है। कोई दूसरा व्यक्ति देखकर कह [संगीत] सकता है सिर्फ आर 200 लेकिन आप जानते हैं कि उन आरs 200 के पीछे क्या है? वहां आपकी लर्निंग है, आपकी प्रैक्टिस है, आपकी मेहनत है, आपका पहला क्लाइंट है। और सबसे महत्वपूर्ण आपकी अर्निंग कैपेसिटी की पहली प्रूफ है। अब आपका अगला सवाल होना चाहिए। मैं अगली बार इसे बेहतर कैसे करूं? यहीं से ग्रोथ शुरू होती है। पहली अर्निंग के बाद आपको तीन चीजों पर ध्यान देना चाहिए। क्वालिटी, स्पीड और ट्रस्ट। [संगीत] आपका
काम बेहतर होना चाहिए। आपका काम समय पर पूरा होना चाहिए। और सामने वाले को आप पर भरोसा होना चाहिए क्योंकि मार्केट में सिर्फ टैलेंटेड लोगों को ही पैसा नहीं मिलता। बहुत बार पैसा उस इंसान को मिलता है जो रिलायबल होता है, जो समय पर जवाब देता है, जो कमिटमेंट पूरा करता है, जो समस्या आने पर गायब नहीं होता, जो फीडबैक को इंसल्ट नहीं इंप्रूवमेंट का टूल समझता है। यही छोटी-छोटी बातें आपकी रेपुटेशन बनाती हैं और रेपुटेशन आगे चलकर इनकम को प्रभावित कर सकती है। अब सोचिए अगर आपने एक क्लाइंट के लिए अच्छा काम किया और
उसने आपको किसी दूसरे व्यक्ति को रिकमेंड कर दिया तो आपने बिना ज्यादा पैसे खर्च किए एक नई ओपोरर्चुनिटी बना ली। इसे कहते हैं वर्ड ऑफ माउथ यानी आपका अच्छा काम आपके लिए अगला काम लेकर आता है। लेकिन इसके लिए आपको हर प्रोजेक्ट को सिर्फ एक बार का पैसा समझना बंद करना होगा। हर प्रोजेक्ट आपके लिए एक लर्निंग ओपोरर्चुनिटी भी है। हर क्लाइंट आपको कुछ सिखा सकता है। हर रिजेक्शन आपको [संगीत] कुछ बता सकता है। हर मिस्टेक आपकी स्किल में सुधार कर सकती है। और धीरे-धीरे [संगीत] आप बिगिनर से इंटरमीडिएट और फिर एक्सपर्ट बनने की दिशा
में बढ़ सकते हैं। पहली अर्निंग आपकी मंजिल नहीं है। वह सिर्फ यह प्रूफ है कि रास्ता मौजूद है। अब आपको उस रास्ते पर लगातार आगे बढ़ना है। और अगले चैप्टर में हम इसी सबसे महत्वपूर्ण सवाल पर बात करेंगे। जब पैसा आने लगे तो उसे संभालें कैसे ताकि हर महीने फिर से शून्य पर वापस ना लौटना पड़े। कुछ ओपोरर्चुनिटीज को छोड़ देना भी फाइनेंशियल इंटेलिजेंस है। अब एक और पावरफुल कांसेप्ट समझिए। इनकम और वेल्थ एक चीज नहीं है। इनकम वह पैसा है जो आप कमाते हैं। वेल्थ वह फाइनेंशियल स्ट्रेंथ है जो [संगीत] समय के साथ जमा
होती है और आपको फ्यूचर में चॉइससेस देती है। एक व्यक्ति महीने में आर एस 1 लाख कमा सकता है। लेकिन अगर उसका पूरा पैसा लाइफस्ट में चला जाता है तो उसके पास वेल्थ बहुत कम हो सकती है। दूसरी तरफ कोई व्यक्ति कम इनकम के बावजूद डिसिप्लिन सेविंग, स्किल डेवलपमेंट और सेंसिबल फाइनेंसियल डिसीजंस के कारण धीरे-धीरे मजबूत फाइनेंसियल फाउंडेशन बना सकता है। [संगीत] इसलिए जब आपकी इनकम बढ़ने लगे, तो खुद से सिर्फ यह मत पूछिए। अब मैं क्या खरीद सकता हूं? कभी-कभी यह भी पूछिए। अब मैं अपने फ्यूचर को कितना मजबूत बना सकता हूं? यही सवाल
आपकी फाइनेंशियल मैच्योरिटी की शुरुआत है। मान लीजिए आपकी इनकम आज आर एस 15,000 है। आपकी पहली प्रायोरिटी [संगीत] यह हो सकती है कि बेसिक एक्सपेंसेस संभालें। फिर धीरे-धीरे स्किल पर इन्वेस्ट करें ताकि अर्निंग कैपेसिटी बढ़े। साथ में इमरजेंसी सेविंग्स बनाना शुरू करें। और जब आपकी फाइनेंशियल स्थिति स्टेबल हो तब अपनी रिस्क, कैपेसिटी और गोल्स को समझकर लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के बारे में सीखें। लेकिन अगर आप चाहते हैं कि आने वाले वर्षों में आपकी इनकम सिर्फ आपके काम करने पर डिपेंड ना रहे तो आपको अगला लेवल सीखना होगा। पैसे से पैसा कैसे बनाया जाता है? यहीं
से हमारी जर्नी उस स्टेज में पहुंचती है जहां आपको सिर्फ कमाने वाला नहीं बल्कि लॉन्ग टर्म वेल्थ बिल्डर बनना सीखना होगा। और यही हमारी अगली चैप्टर की शुरुआत होगी। चैप्टर पांच। अब पैसा आपके लिए काम करेगा। अब तक आपने सीखा कि पैसा नहीं है तो शुरुआत कैसे करनी है? स्किल से अपनी वैल्यू कैसे बढ़ानी है? पहली इनकम कैसे बनानी है? और इनकम आने के बाद उसे संभालना कैसे है? लेकिन अब एक आखिरी [संगीत] और बेहद महत्वपूर्ण सवाल है। क्या जिंदगी भर सिर्फ अपने समय के बदले पैसा कमाते रहना है? क्योंकि अगर आपकी पूरी इनकम सिर्फ
आपके काम करने पर निर्भर है तो आपकी अर्निंग की एक लिमिट हमेशा रहेगी। आपके पास दिन में सीमित घंटे हैं। आप कितनी भी मेहनत कर लें, आपका समय सीमित है। यहीं से वेल्थ बिल्डिंग की शुरुआत होती है। जब आपकी फाइनेंशियल स्थिति कुछ स्टेबल हो जाए, तब आपको यह सीखना होगा कि अपने पैसे को ऐसे प्रोडक्टिव एसेट्स में कैसे लगाया जाए जो समय के साथ वैल्यू पैदा कर सकते हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप बिना समझे कहीं भी पैसा लगाना शुरू कर दें। सबसे पहले फाइनेंशियल नॉलेज बढ़ाइए। सेविंग, इन्वेस्टिंग, रिस्क, डायवर्सिफिकेशन, इनफ्लेशन और कंपाउंडिंग
जैसे कांसेप्ट्स को समझिए। किसी भी इन्वेस्टमेंट को सिर्फ इसलिए मत चुनिए क्योंकि किसी ने कहा है कि इसमें जल्दी पैसा बनेगा। जल्दी पैसा बनाने से ज्यादा जरूरी है लंबे समय तक पैसा बनाए रखना। कंपाउंडिंग का कांसेप्ट इसी वजह से पावरफुल है। जब आपके पैसे से रिटर्न मिलता है और समय के साथ उस रिटर्न पर भी ग्रोथ होने लगती है तो छोटे अमाउंट्स भी लंबे समय में मीनिंगफुल बन सकते हैं। लेकिन कंपाउंडिंग को काम करने के लिए सबसे जरूरी चीज है समय। इसीलिए फाइनेंशियल जर्नी जितनी जल्दी समझ आ जाए उतना अच्छा है। अगर आज आपके पास
निवेश करने के लिए बहुत कम पैसा है तो [संगीत] निराश मत होइए। पहले अपनी इनकम बढ़ाइए। अपनी स्किल मजबूत कीजिए। सेविंग की हैबिट बनाइए। फाइनेंशियल एजुकेशन हासिल कीजिए। क्योंकि वेल्थ [संगीत] बिल्डिंग का सबसे मजबूत फाउंडेशन सिर्फ पैसा नहीं है। आपकी अर्निंग कैपेसिटी है। आज शायद आपके पास इन्वेस्ट करने के लिए आय एकड़ है। कल आपकी स्किल आपको आर एस 10,000 कमाने में मदद कर सकती है। फिर वही इंप्रूव्ड इनकम आपको ज्यादा बचत करने की क्षमता दे सकती है। और समय के साथ वही बचत सेंसिबल इन्वेस्टमेंट्स के जरिए वेल्थ बिल्डिंग का हिस्सा बन सकती है। यानी
पूरी जर्नी एक दूसरे से [संगीत] जुड़ी हुई है। स्किल, इनकम, सेविंग, इन्वेस्टिंग, वेल्थ। [संगीत] लेकिन इस पूरी चैन में सबसे पहली चीज है आपकी सोच। अगर आप हर बार इनकम बढ़ते ही लाइफस्टाइल बढ़ा देंगे तो वेल्थ बनाने के लिए पैसा बचेगा ही नहीं। इसीलिए जब आपकी इनकम बढ़े तो अपनी लाइफस्टाइल को थोड़ा धीरे बढ़ाइए और अपनी फाइनेंशियल स्ट्रेंथ को थोड़ा तेज। और सबसे महत्वपूर्ण अपनी पूरी फाइनेंशियल जर्नी को दूसरों की जर्नी से कंपेयर मत कीजिए। किसी के पास फैमिली वेल्थ हो सकती है। किसी के पास बिजनेस हो सकता है। किसी के पास अलग ओपोरर्चुनिटीज हो
सकती हैं। आपका स्टार्टिंग पॉइंट अलग है। लेकिन आपकी डायरेक्शन आपके हाथ में है। अगर आज आपके पास पैसा नहीं है तो आज से पैसा बनाने की क्षमता विकसित कीजिए। अगर इनकम कम है तो स्किल बढ़ाइए। अगर इनकम बढ़ गई है तो खर्चों को कंट्रोल कीजिए। अगर सेविंग हो रही है तो फाइनेंशियल एजुकेशन बढ़ाइए। और जब आप इन्वेस्टमेंट के लिए तैयार हो तो रिस्क समझकर लॉन्ग टर्म अप्रोच अपनाइए। यही असली फाइनेंशियल ग्रोथ है। आपको ओवरनाइट करोड़पति बनने की जरूरत नहीं है। आपको बस इतना करना है कि हर साल वाला आप पिछले साल [संगीत] वाले आप से
ज्यादा फाइनेंशियली कैपेबल हो। और एक दिन आप पीछे मुड़कर देखेंगे तो समझ आएगा कि आपकी जर्नी किसी बड़ी रकम से शुरू नहीं हुई थी। वह शुरू हुई थी एक छोटे डिसीजन से। मैं पैसा नहीं होने का इंतजार नहीं करूंगा। मैं पैसा बनाना सीखूंगा। यही डिसीजन आपकी कहानी बदल सकता है। क्योंकि पैसा आपकी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य नहीं होना चाहिए। [संगीत] लेकिन पैसा समझना जरूरी है। पैसा कमाना जरूरी है। पैसा संभालना जरूरी है। और पैसा सही तरीके से इस्तेमाल करना भी जरूरी है। अगर आप इन चार चीजों को सीख लेते हैं तो पैसा धीरे-धीरे [संगीत]
आपके लिए सिर्फ खर्च करने की चीज नहीं रहेगा। वह आपके गोल्स को सपोर्ट करने वाला टूल बन जाएगा और शायद यही इस पूरी ऑडियो [संगीत] बुक का सबसे बड़ा संदेश है। आपकी शुरुआत आपकी जेब से नहीं होती। आपकी शुरुआत आपके निर्णय से होती है। आज पैसा कम हो सकता है। लेकिन अगर सीखने की इच्छा है, स्किल बनाने की तैयारी है, डिसिप्लिन [संगीत] है और लॉन्ग टर्म सोच है तो आपकी करंट फाइनेंशियल सिचुएशन आपकी फाइनल डेस्टिनेशन नहीं है। आज आपके पास पैसा नहीं है। कोई बात नहीं। लेकिन आज से पैसा बनाना सीखना शुरू कर दीजिए। क्योंकि
जब इंसान पैसा कमाने की क्षमता सीख लेता है तो उसकी सबसे बड़ी दौलत उसके बैंक अकाउंट में नहीं उसके अंदर होती है। अगर इस पूरी ऑडियो बुक को सुनने के बाद आपके दिमाग में सिर्फ एक बात रह जाए तो वह यह होनी चाहिए पैसा कम होने की वजह से अपनी जिंदगी को रोक मत देना। हो सकता है आज आपके पास ज्यादा पैसा ना हो। हो सकता है आपकी शुरुआत बहुत छोटी हो। लेकिन याद रखिए हर बड़ी फाइनेंशियल जर्नी कभी ना कभी एक छोटी शुरुआत से ही शुरू हुई थी। आपको आज करोड़ों कमाने की जरूरत नहीं
है। आपको आज सिर्फ एक फैसला लेना है। मैं अपनी वैल्यू बढ़ाऊंगा। एक वैल्यूुएबल स्किल सीखूंगा। अपनी पहली इनकम बनाऊंगा और फिर उस इनकम को समझदारी से मैनेज करना सीखूंगा। क्योंकि पैसा सिर्फ कमाया नहीं जाता। पैसा सीखा जाता है और जिस दिन आपने पैसा बनाने का तरीका सीखना शुरू कर दिया उस दिन आपकी करंट सिचुएशन आपकी [संगीत] पूरी जिंदगी का फैसला करना बंद कर देती है। तो आज अपने आप से एक सवाल जरूर पूछिए। मैं अगले छ महीनों में ऐसी कौन सी स्किल [संगीत] सीख सकता हूं जो मेरी अर्निंग कैपेसिटी को आज से बेहतर बना दे
उस सवाल का जवाब खोजिए। फिर उस पर काम कीजिए। छोटी शुरुआत कीजिए। पहली अर्निंग छोटी हो तो भी उसे रिस्पेक्ट कीजिए। क्योंकि पहली अर्निंग का मतलब सिर्फ पैसा नहीं होता। वह इस बात का प्रूफ होती है कि आप वैल्यू क्रिएट कर सकते हैं और जब वैल्यू क्रिएट करना सीख जाते हैं तो इनकम बढ़ाने के रास्ते भी धीरे-धीरे खुलने लगते हैं। याद रखिए पैसा नहीं है तो शर्म की बात नहीं है। लेकिन पैसा बनाने की क्षमता सीखने का मौका मिलने के बाद भी कुछ ना सीखना। यह जरूर एक गलती हो सकती है। इसलिए इंतजार मत कीजिए
कि एक दिन आपके [संगीत] पास बहुत पैसा होगा और तब आप शुरुआत करेंगे। आज जो है उसी से शुरुआत कीजिए। आपका समय, आपकी मेहनत, आपका नॉलेज, आपकी क्रिएटिविटी और आपकी स्किल्स यही आपकी पहली कैपिटल हो सकती है। और अगर आपको लगता है कि इस ऑडियो बुक ने आपकी सोच में एक छोटा [संगीत] सा भी बदलाव किया है तो इसे सिर्फ सुनकर छोड़ मत दीजिए। आज एक चीज चुनिए और उस पर काम शुरू कर दीजिए। क्योंकि नॉलेज की असली वैल्यू तब शुरू होती है जब वह एक्शन में बदलती है। और अगर आपको ऐसी ही ऑडियो बुक्स
पसंद है जो सिर्फ मोटिवेशन नहीं देती बल्कि पैसे, माइंडसेट, सक्सेस और सेल्फ ग्रोथ को प्रैक्टिकल तरीके से समझाती हैं तो बुक माइल्स को सब्सक्राइब जरूर करिए। क्योंकि यहां हमारा लक्ष्य सिर्फ आपको किताबों की बातें सुनाना नहीं है बल्कि उन आइडियाज को आपकी जिंदगी का हिस्सा बनाना है। फिर मिलेंगे एक नई ऑडियो बुक, एक नई सोच और एक नई सीख [संगीत] के साथ। तब तक याद रखिए जेब में पैसा कम हो सकता है। लेकिन अगर सीखने और आगे बढ़ने की भूख बड़ी है तो आपकी कहानी [संगीत] अभी खत्म नहीं हुई है। आपकी असली शुरुआत आज से
हो सकती