जो विचार करने से दुख पैदा होता है जो विचार करने से फरियाद पैदा होती है जो विचार करने से भय पैदा होता है जो विचार करने से तनाव पैदा होता है महापुरुषों का कहना है उन विचारों को विष समझकर छोड़ दो आजकल अमेरिका में 20 साल से कम उम्र के लड़के कहीं भी किसी को भी पिस्तौल ठोक देते गोली मार देते अनुसंधान कमेटी ने जांचा 52 बच्चों का विश्लेषण किया उसमें 51 बच्चों ने जो गोलियां मारी थी 51 खून किए थे अ कारण एक बच्चे से पूछा कि तुमने फलानी लड़की को गोली क्यों मार द
बोले इसके जैसी दूसरी लड़की है तो कोई आदमी गलती से उस लड़की को इस लड़की को एक ना समझे इसलिए मैंने कहा इसको हटा दो जयराम जी बोलना पड़ेगा मैं फिर से कहता हूं अमेरिका में 20 साल से से कम उम्र के लड़के नाजायज किसी को भी गोली मार देते सत्संग नहीं दिशा नहीं है 52 लड़कों की सर्वे करने में 51 लड़कों का तो यह हाल था कि बस ऐसे ही लगा दी ऐसे ही एक से पूछा कि तुमने क्यों लगाई फलानी लड़की को गोली बोले इस लड़की की शिकल अमुक लड़की से मिलती थी तो
दोनों लड़की एक जैसी लगे तो कोई आदमी गलती ना कर बैठे इस मैंने उसको उड़ा दिया कितने हीन विचार वह भारत देश पा साल का ध्रुव भगवान को प्रकट करने का विचार करता और वे अमेरिका के 20 साल के अंदर के उम्र के लोग एक लड़की की शिकल दूसरी से मिलती तो उसको गोली मार के उड़ाओ य सब विचारों का ही तो खेल है जय राम जी की सारा मामला विचारों का है विचारों से आप पुण्यात्मा बनेंगे और विचारों से पाप आत्मा होंगे विचारों सेही आप स्वस्थ रह सकते और विचारों से आप बीमार हो जाएंगे
विचारों से आप दुश्मन बना लेंगे और विचारों से मित्र बना लेंगे विचारों से आप सज्जन बन जाएंगे विचारों से आप दुर्जन बन जाते हैं विचारों से ही आप घात की और पापी बन सकते हैं उ विचारों से आप परोपकारी और महात्मा बन सकते हैं इसलिए विचार रूपी मित्र को साथ में रखिए वशिष्ठ जी कहते हैं जिसने विचार रूपी आत्म विचार रूपी मित्र को साथ रखा है और दृढ़ अभ्यास किया है वो तो त्रिभुवन विजय है उसको दुख के समय दुख दबाता नहीं और सुख के समय सुख उसे आकर्षित नहीं करता वह सुख दुख के सिर
पर पैर रखकर अपने ब्रह्म स्वरूप परमात्मा में मस्त रहता है ऐसे ब्रह्म ज्ञानी की दृष्टि अमृत वर्षी वशिष्ठ जी कहते ब्रह्म वेता की महिमा इ यही बात नहीं नानक जी ने कहा ब्रह्म ज्ञानी की दृष्टि अमृत वर्षी नजर बदली तो निजार बदले ब्रह्म ज्ञानी की दृष्टि अमृत वर्षी ब्रह्म ज्ञानी का दर्शन वड भागी पावई ब्रह्म ज्ञानी को बल बल जावई ब्रह्म ज्ञानी की मत कोन बखान नानक ब्रह्म ज्ञानी की गत ब्रह्म ज्ञानी जाने ब्रह्म ज्ञान जज समाज में आता जाएगा त्यों त्य समाज की संकीर्णता मिटती जाएगी शोक दुख पाप ताप तनाव घटते जाएंगे जोज समाज
ब्रह्म ज्ञान से दूर चला जाएगा त्यों त्य अशांति बढ़ती जाएगी बोलेंगे बाबा जी इतनी ब्रह्म ज्ञान की कथाए होती फिर भी समाज में तो इतना गड़बड़ी है जहां ब्रह्मज्ञान की कथाए नहीं होती वहां यहां से भी ज्यादा गड़बड़ियां है अमेरिका में 20 साल से कम उम्र के लड़के चलते फिरते अकारण एक दूसरे को गोलिया मार देते हिंदुस्तान में ऐसा नहीं जय राम जी की अगर है कहीं तो बहुत कम अमेरिका में दो करोड़ लोग स्नायु रोग से पीड़ित होकर पड़े हैं हिंदुस्तान में नहीं है अमेरिका की 20 लाख कन्याएं कुंवारी अवस्था में युवती होने के
पहले ही गर्भवती हो जाती 18 20 साल की होने के पहले ही गर्भवती हो जाती शादी के पहले 10 लाख बच्चे मेंटली डिस्टर्ब है सेक्स फ्री की जवान फ्राइड ने सत्यानाश कर दिया देश का फ्राइड कहता है कि मन को रोको मत अगर रोकोगे तो हो सकता है कि मन पागल हो जाए आप पागल हो जाए इसलिए जो आता है रास्ते चलते किसी को किस करने का विचार आता है तो यू डू इट यह कर लो रोको मत दबाओ मत अपने को किसी से संभोग करने की इच्छा होती तो कर लो नहीं तो पागल हो
जाओगे लेकिन भारतीय संस्कृति कहती है कि अगर ऐसे ही करते रहोगे तो पागल से भी बदतर हो जाओगे इसलिए थोड़ा संयम करो गांधी जी 36 साल की उम्र में ब्रह्मचर्य व्रत लिए और कामी मोहनलाल में से महात्मा मोहनलाल कर्मचंद गांधी हो हो गए आइंस्टीन ने पत्नी के साथ पिछले चार वर्षों तक का शारीरिक संबंध कट कर रखा और वही ऊर्जा रिसर्च में लगाए तो आइंस्टीन चमका रिसर्च की दुनिया में भीष्म पितामह सवा स वर्ष तक ब्रह्मचर्य व्रत रखे थे फ्राइड का मनोविज्ञान व्यभिचार शास्त्र साबित हो गया फ्राइड ने अपने मन की उल्टी सबके मन के
साथ जोड़ दी फराइड जब सात साल का था उसकी अति सुंदर मां ने दूसरा पति किया था व अपने दूसरे पति के साथ नगन होकर काम विकार भोग रही थी फ्राइड उस कमरे में गया और फ्राइड को मां की वो स्थिति देखकर फ्राइड के मन में मां के साथ संभोग करने की इच्छा हुई फ्राइड लिखता है फ्राइड यह भी लिखता है कि हर बच्चे को मां के साथ संभोग करने की इच्छा होती है लेकिन बाप का अधिकार मां पर है इसलिए लड़का सुकता रहता है और यही कारण है कि बाप और बेटे में झगड़ा होता
है फ्राइड यह भी कहता है कि लड़की की इच्छा होती है अपने पिता के साथ संभोग करने की लेकिन मां का अधिकार होता है बाप पर इसलिए लड़कियां मां से भिड़ी रहती है लड़कियां मां से भिड़ जाती यह बात हम मान लेते हैं लड़के बाप से जरा भिड़ हैं यह हम मान लेते हैं लेकिन यह कारण नहीं है कि मां के साथ संभोग करने के बीच में बा आता है इसलिए बाप से लड़का बड़ता है यह फ्राइड की उल्टी हम सबके मन के साथ कभी नहीं जोड़ सकते हैं फ्राइड का मनोविज्ञान रिसर्च किया उसने लेकिन
उसने रिसर्च ऐसे व्यक्तियों के साथ किया और ऐसे ढंग से किया कि आखिर में वह अशांत होकर मर गया हिटलर ने आत्महत्या की ऐसे लोगों का अनुकरण मत करो जो आत्महत्या करके मर गए या अशांत होकर तड़प तड़प के मर रहे हम तो उस मनोविज्ञान का अनुकरण करेंगे जो पतंजलि का मनोविज्ञान है जो कबीर और नानक का मनोविज्ञान है जो बुद्ध और महावीर का मनोविज्ञान है जो लीलाशाह और मीरा का मनोविज्ञान है हम उसका अनुसरण करेंगे फ्राइड और हिटलर का नहीं करेंगे हिटलर को चलाने वाला एक प्रेत आत्मा था व प्रेत आत्मा जब चला गया
तो हिटलर नहीं के बराबर रह गया अशांत होकर अपने आप को सुसाइड कर दिया कोई किसी को चलाए जो प्रेतों के आधीन होकर चले उनके आधीन दुनिया चले तो बड़े शर्म की बात है लेकिन जो परब्रह्म परमात्मा का साक्षात्कार करके प्रकृति को अपने आधीन चला दे ऐसे ब्रह्म ज्ञानियों को बार-बार प्रणाम है इसीलिए जो भी मेरे श्रोता है मैं उनको खास प्रार्थना करता हूं कि यवन सुरक्षा पुस्तक आप भी पढ़े दो पांच बार और आपके बेटी बेटा को पढ़ाए और आपके बेटी बेटा हों को प्यार से समझाएं कि वे अपने क्लास के और मित्रों को
और विद्यार्थियों को पढ़ाकर अपने भारत की अब मेरे पास शब्द नहीं जो पाश्चात्य आंधी भारत का विनाश करने को उतारो है उस भारत की शान बान रखने के लिए युवानो को सतर्क करना भी हमारा कर्तव्य है उनको उन्नत करना भी कर्तव्य है बीमारियां बढ़ गई चोरी डके स्वार्थ बढ़ गया है एक तो 13 साल की उम्र के बाद वैसे ही हृदय देश से नीचे सेक्सुअल केंद्र पर ऊर्जा उतरती 13 से 17 साल की उम्र में यह ऊर्जा विशेष मात्रा में उतरती है और गुप्त अंगों पर दबाव डालती है सेक्सी इंद्रियों को उत्तेजित करती दूसरा साथ
में पढ़ने लिखने के कारण भी उत्तेजना होती है तीसरा चलचित्र सत्यानाश करते हैं सिनेमा आदि किस करना लव करना यह करना वह भी बच्चे बच्चियों की जिंदगी के साथ बड़ा खिलवाड़ करते हैं और चौथा फ्राइड जैसे व्यभिचार शास्त्र मनोविज्ञान के नाम से अगर छूट छाट देंगे तो परिणाम अमेरिका भुगत रहा है दो करोड़ लोग स्नायु रोग से पीड़ित भारत का तीसरा हिस्सा पॉपुलेशन है लेकिन दो करोड़ लोग व स्नायु रो के शिकार हुए एक लाख आदमी के पीछे 400 और 25 आदमी जेल में पड़े जबकि भारत में केवल 23 आदमी क्रिमिनल गुनाहो में 65 शादियां
100 में से 65 शादियां तलाक में बदल जाती है फ्री सेक्स का चमत्कार प्रभाव सत्यानाश कर दिया नहीं हमें तो भारत की शान बान के अनुसार जीना है हमें तो समाजिक जीवन ऋषि परंपरा के अनुसार जीना है पत्नी का स्वभाव जरा इधर उधर है तो पति जरा बड़ा दिल रखकर पत्नी को उन्नत कर दे और पति का स्वभाव ऐसा वैसा है तो पत्नी जरा बड़ा दिल रखकर पति को थोड़ा उन्नत कर दे बाल गंगाधर तिलक विद्वान थे प्रसिद्ध विद्वान थे लेकिन उनकी पत्नी अनपढ़ उन्होंने पत्नी को पढ़ाया लिखाया लोगों ने कहा गजब इतने बड़े भारी
विद्वान और अनपढ़ पत्नी को लाए और उसको पढ़ाया बोले पढ़ाया तो क्या मैंने अपना अपना काम किया मुझे पढ़ाने में आनंद आया वो भी सक्षम हुई तो मेरे में हाथ बटा रही है शादी हो गई कहीं 192 तो क्या करें हम छेड़े फाड़ते रहे फिर नए छेड़े जोड़ते रहे नहीं नहीं हर परिस्थिति में अपना पुरुषार्थ करके अडिग रहना यही मर्दों का काम है जरा जरा बात पर डावर्स देना यह तो हिजड़ों के बाद यह तो कायरता है मानसिक कायरता है जरा जरा बात में मैं तो माके चली जाऊंगी मैं तो ड्राइवर्स दे दूंगी मैं तो
दूसरी लाऊंगा अरे दूसरी लाएगा तो क्या वो तो तेरे को खीर खिलाती रहेगी क्या हो सकता है कि ज्यादा जूते मारे तेरे को हो सकता है दूसरी लाने की मत करो दूसरा करने की मत करो लेकिन दूसरे और दूसरी के गहराई में जो बैठा है उसी में सुखी होने का उपाय खोज लो बाहर की चीजें तुम तक नहीं पहुंचती है बाहर का सुख तुम तक नहीं पहुंचता है आंख को सुख मिला थोड़ा सा नाक को इसको उसको मिला और बाहर ही रह जाता है तुम तक तो तुम्हारा ही सुख पहुंचता पहुंचता है और तुम तक
जो तुम्हारा सुख पहुंचाने की कला दे उसी का नाम है भगवत कथा उसी का नाम है श्रीमद भागवत पुण्यम श्रीमद भागवत पुण्यम आयु आरोग्य पुष्टि दम आयु आरोग्य पु श्रवण पठना तप श्रवण पठना सर्व पाप प्रम सर्व पाप भगवत कथा सुनने से आयु आरोग्य और पुष्टि होती है श्रवण मनन से दुख निवृत होते हैं अगर संसार की वार्ता सुनोगे तो राग द्वेष पैदा होगा उत्तेजना पैदा होगी आपकी ओरा और ऊर्जा ज्यादा क्षीण होगी जब भगवत कथा सुनोगे तो सहन शक्ति क्षमा शक्ति ब्रह्मचर्य शक्ति शौर्य शक्ति उदार शक्ति आपकी खिलेगी और सब शक्तियों का भंडार जो
रब है उसमें ध्यान करने की भी रुचि पैदा होगी [संगीत] r