अ बिग हेलो टू एवरीवन एंड वेलकम टू पीडब्ल्यू ओनली आईस सो नाउ वी आर गोइंग टू स्टार्ट विद दी मोस्ट वैल्यूड सीरीज एस फर एस प्रिलिम्स 2025 इज कंसर्न यस आई एम टॉकिंग अबाउट द उड़ान सीरीज इस सीरीज के माध्यम से हम फिजिकल ज्योग्राफी के कंपोनेंट को बहुत ही क्विकली और कंप्रिहेंसिवली रिवाइज करने वाले हैं स्टेटिक पार्ट जो होगा वह पूरा इस सीरीज में कवर हो जाएगा एंड इस पूरी बुकलेट को हम कवर करेंगे इस बुकलेट के अंदर बहुत सारे चैप्टर्स हैं उन चैप्टर्स को हम सीक्वेंशियल मैनर में नहीं बट हां सारे के सारे चैप्टर
जरूर कवर करेंगे इट वुड बी माय विजडम कि कैसे हम कनेक्शन बिठाते हुए आगे बढ़ते हैं और हर चैप्टर को डील करेंगे राइट और अगर आपको कुछ और अपडेट्स चाहिए जियोग्राफी से रिलेटेड सो यू कैन जॉइन माय t ग्रा चैनल एज वेल एंड द क्यूआर कोड इज इन फ्रंट ऑफ यू विदाउट वेस्टिंग टाइम लेट्स बिगिन लेट्स एंबार्क टू द जर्नी ऑफ फिजिकल जियोग्राफी आगे बढ़ने से पहले सबसे इंपोर्टेंट इंफॉर्मेशन आप पीडब्ल्यू ओनली आईएएस पर यूपीएससी के फाउंडेशन कोर्सेस को एक्सप्लोर कर सकते हैं अगर आप हिंदी मीडियम या इंग्लिश मीडियम से है देन यू कैन एनरोल
योरसेल्फ इन संकल्प 2026 बैच एंड इफ यू बिलोंग टू इंग्लिश मीडियम देन वी हैव अ स्पेशल एंड स्पेसिफिक बैच केटरिंग टू द स्टूडेंट्स ऑफ इंग्लिश मीडियम नेड एज टाइटन 2026 जो कि 2026 के एग्जाम के लिए टारगेट होगा देन इफ यू आर अपीयरिंग इन दिस ईयर्स प्रीलिम्स आपने एक बार तैयारी कर ली है बट आप उसका क्विक एंड कंप्रिहेंसिव रिवीजन चाहते हैं देन यू कैन एनरोल इन तेजस 2025 इंग्लिश बैच जो कि प्रीलिम्स का एक क्रैश कोर्स है इन सब बैचेज की खास बात यह है कि यहां पे आपको लाइव क्लासेस दी जाएंगी एंड इन
एनी केस वो क्लास आप मिस कर देते हैं देन रिकॉर्डेड सेशंस विल आल्सो बी अवेलेबल मोर ओवर आपने अपनी प्रिपरेशन को जज करना है कि आपकी परफॉर्मेंस कैसे जा रही है तो उसके लिए आपको डेली एमसीक्यू और मेंस का क्वेश्चन भी प्रोवाइड किया जाएगा एंड इसके साथ-साथ आपके लिए बहुत सारी ई बुक्स कंप्रिहेंसिव ई बुक्स अवेलेबल होंगी आपकी प्रिपरेशन के अंदर आपकी मदद करने के लिए एंड सबसे बड़ा डाले मा स्टूडेंट्स के मन में होता है सीसेट को लेकर जी हां सीसेट क्लासेस विल आल्सो बी इंक्लूडेड इन ऑल दीज ऑल दीज कोर्सेस सो यू कैन
एनरोल योरसेल्फ विद अस एडमिशंस आर ओपन एंड द बैचेज आर स्टार्टिंग फ्रॉम 5499 सो लेट्स बिगिन देखिए पहला चैप्टर जो हम डिस्कस करने वाले हैं दैट इज इंटीरियर ऑफ अर्थ जब हमें इंटीरियर ऑफ अर्थ के बारे में मालूम होगा तो इससे जियो मॉर्फो जीी के बहुत सारे कांसेप्ट हमारे क्लियर होते जाएंगे बिफोर आई मूव ऑन टू द इंटीरियर ऑफ अर्थ लेट्स बिगिन फर्स्ट एगजैक्टली व्हाट इज जियोमर फोल जब भी हम यह वर्ड देखते हैं ना जियोमर फोल जीी इसके अंदर हमें एक चीज को समझना जरूरी है कि अगर मान लीजिए दिस इज आवर प्लेनेट अर्थ
इस अर्थ के ऊपर बहुत सारे लैंड फॉर्म्स एजिस्ट करते हैं भले ही वो माउंटेंस हो या प्लेटोज हो राइट ये माउंटेंस प्लेटोज इन सबका फॉर्मेशन वैलीज है ना गोर्जेस कैनियंस वर्ड्स आपने सुने होंगे ये जितने भी लैंड फॉर्म इस प्लेनेट अर्थ के ऊपर एजिस्ट करते हैं इन लैंड फॉर्म्स की जब स्टडी की जाती है इन लैंड फॉर्म्स की स्टडी को ही हम क्या बोलते हैं जियोमर फोल जीी कहते हैं सो इसीलिए हम इस पूरे जियोमर फोल जिकल सेगमेंट के अंदर वी विल डिस्कस द इंटीरियर ऑफ अर्थ वी विल डिस्कस व्हाई एगजैक्टली द इंटीरियर ऑफ़ अर्थ
इज रिस्पांसिबल फॉर द वेरियस जियोफिजिकल फिनोम दैट आर एक्जिस्टिंग ओवर दिस प्लेनेट अर्थ जैसे कि वोल्केनो हुआ या अर्थक्वेक हुआ या सुनामी हुए ये जितने भी फिनोमिस हैं ये क्यों एजिस्ट कर रहे हैं वी विल ट्राई टू नो अबाउट दैट एंड मोर ओवर इन सभी फिनोमिस के कारण बहुत सारे लैंड फॉर्म्स का फॉर्मेशन होता है बी इट इज हिमालयाज और वेरियस अदर माउंटेंस अक्रॉस द ग्लोब जैसे कि आल्प्स माउंटेंस हैं एंडीज हैं रकीज हैं इन सब का फॉर्मेशन कैसे हुआ है उन सबको स्टडी किया जाएगा विद दी जियोमर फोल जीी सो जियोमर फोल जीी में
हमें यह तो समझ में आ गया दैट वी आर गोइंग टू स्टडी अबाउट द लैंड फॉर्म्स व्हिच आर एसिस्टिंग ओवर दिस प्लेनेट अर्थ एंड इन लैंड फॉर्म्स को स्टडी करने के लिए सबसे पहली चीज की जो जरूरत है हमें वो ये है कि इंटीरियर ऑफ अर्थ कैसा है हाउ एगजैक्टली दिस इंटीरियर ऑफ अर्थ इज कंसिस्टिंग ऑफ मेड अप ऑफ नाउ देखें सबसे पहली चीज हम बहुत बहुत बार यह तो जान लेते हैं कि यस इंटीरियर ऑफ अर्थ के अर्थ को जानने के बहुत सारे सोर्सेस है बट पहला सवाल जो मेरे मन में आता है दैट
इज व्हाई टू नो अबाउट इंटीरियर ऑफ अर्थ एज आई हैव मेंशन इन द प्रीवियस स्लाइड इफ वी वांट टू नो अबाउट द वेरियस जियोफिजिकल फिनोमिना चाहे वो वोल्केनो है चाहे वो अर्थक्वेक है हो तो भले ही ये डिस्टर्ब तो भले ही ये अर्थ के सरफेस को कर रहे हैं बट इन सबके पीछे का जो फोर्स है ना वो अर्थ के इंटीरियर में लाई करता है इस इस कारण से हमें इंटीरियर ऑफ अर्थ को जानना जरूरी है सेकंड मोस्ट इंपॉर्टेंट थिंग इज अगर हम सरवाइव कर रहे हैं हमारा एजिस्ट मेंस है तो इसमें बहुत सारे मिनरल्स
ने अपना योगदान किया है चाहे वो आयरन है या बहुत सारे अदर मिनरल्स ये जितने भी मिनरल्स हैं इन मिनरल्स का प्रेजेंस इसीलिए है क्योंकि अर्थ के इंटीरियर में कुछ ऐसी अवस्थाएं मिनरल्स की मौजूद है जिन्होंने आगे चलकर लेटर ऑन स्टेजेस में वोल्केनो के माध्यम से हमें हमें बहुत सारे रिसोर्सेस को प्रोवाइड किया तो अगर हम उन मिनरल्स के एक्सप्लोरेशन की बात करना चाहते हैं तो भी हमें इंटीरियर ऑफ अर्थ को जानना जरूरी है थर्ड आगे चलकर हम जब सी फ्लोर स्प्रेडिंग थ्योरी पढ़ेंगे तब मैं आपको एक बात बताऊंगा कि जो हमारी यह धरती है
इस धरती के अंदर जियो मैग्नेटिज्म यानी कि एक मैग्नेट बार की उपस्थिति है अब वो अगर मैग्नेट बार की उपस्थिति है तो उसके बारे में हमें जानकारी कैसे मिल रही है क्योंकि हमारा जो आउटर कोर होगा वो उसमें एक बहुत बड़ा रोल रो प्ले करेगा दैट आल्सो इज बीइंग टोल्ड टू अस बाय दी इंफॉर्मेशन रिलेटेड टू दी इंटीरियर ऑफ अर्थ फोर्थ अगर मैं बात करूं अगर मान लीजिए हम आज इस समय पे अर्थक्वेक वोल्केनो लैंड स्लाइड सुनामी इन सब की बात कर रहे हैं तो यह सब के सब किसकी वजह से हैं इंटीरियर ऑफ अर्थ
की वजह से हैं राइट तो इंटीरियर ऑफ अर्थ को जानना बहुत जरूरी है क्यों जानना है उसके कारण मैंने बताए पहला कारण यह जो वोल्केनो लैंड लैंडस्लाइड्स अर्थक्वेक ये जितने जियोफिजिकल फिनोम है इन सबका फर्स कहां एजिस्ट करता है अर्थ के इंटीरियर में सेकंड अगर हमें मिनरल्स का एक्सप्लोरेशन करना है अगर हमें मिनरल्स का एक्सप्लोरेशन करना है तो भी हमें अर्थ के इंटीरियर की जानकारी होनी जरूरी है थर्ड अगर हम धरती की मैग्नेटिक प्रॉपर्टी को यानी जियोम मैग्नेटिज्म को समझना चाहते हैं कि यह क्यों डेवलप हुआ उसके पीछे भी अर्थ का इंटीरियर रिस्पांसिबल है और
जब हम एटमॉस्फेयर पढ़ेंगे तब मैं आपको पोल्यूशन ऑफ एटमॉस्फेयर के बारे में बताऊंगा तब भी आप इसका लिंक किससे देखेंगे इंटीरियर ऑफ अर्थ से देखेंगे तो अब हमें रैशनल समझ में आया हम पढ़ते तो रहते हैं इंटीरियर ऑफ अर्थ अब हमें समझ में आया कि पढ़ना क्यों है क्यों पढ़ना है क्योंकि इन इतनी इंफॉर्मेशन हमें अर्थ के इंटीरियर से मालूम चलती है ये वर्ड आप याद रखेंगे जियोफिजिकल फिनोमिना जियोफिजिकल फिनोमिना ठीक है जी अब ये तो समझ में आ गया क्यों पढ़ना है बट कैसे कैसे जानकारी हासिल होगी हाउ टू नो अबाउट द इंटीरियर ऑफ
अर्थ व्हाट आर दी वेरियस सोर्सेस दैट आर गोइंग टू प्रोवाइड अस द इंफॉर्मेशन रिलेटेड टू द इंटीरियर ऑफ़ अर्थ दोज आर टर्म्ड एज द सोर्सेस टू नो अबाउट द इंटीरियर ऑफ़ अर्थ अगर हम इंटीरियर ऑफ अर्थ को जानने के सोर्सेस की बात करते हैं तो इन सोर्सेस को दो भागों में डिवाइड किया जाता है वन इज दी डायरेक्ट सोर्स सेकंड वी कॉल एज दी इनडायरेक्ट सोर्स डायरेक्ट सोर्सेस के अंदर दो तरीके के सोर्सेस आते हैं डायरेक्ट सोर्स का मतलब है लेट्स से मुझे इंटीरियर ऑफ अर्थ के बारे में जानना है तो मुझे मैं क्या करूंगा
मैं डायरेक्टली क्या कर रहा हूं माइनिंग करना स्टार्ट कर रहा हूं ड्रिलिंग करना स्टार्ट कर रहा हूं उस ड्रिलिंग से उस माइनिंग से व्हाट विल हैपन विद द ड्रिलिंग एंड माइनिंग उस ड्रिलिंग और माइनिंग से मुझे अर्थ के इंटीरियर में किस तरीके का कंपोजीशन मौजूद है वो पता लग जाएगा राइट सो यहां पे एक चीज जानक एक चीज जाननी बहुत जरूरी है वो क्या है कि जब मैं अर्थ के इंटीरियर को जान रहा हूं तो मुझे किन चीजों की आवश्यकता है क्या चीजों के बारे में मैं जानना चाहता हूं मैं जानना चाहता हूं अर्थ के
इंटीरियर का स्ट्रक्चर क्या है मैं यह जानना चाहता हूं कि उसके अंदर जो मैटर मौजूद है वह सॉलिड अवस्था में है या लिक्विड अवस्था में है थर्ड मैं जानना चाहता हूं कि अर्थ के इंटीरियर के अंदर कौन-कौन से मिनरल्स की उपस्थिति है अगर मुझे मिनरल्स की उपस्थिति के बारे में जानना है तो मैं डायरेक्टली ड्रिलिंग करना चाहूंगा माइनिंग करना चाहूंगा और मुझे पता लग जाएगा है ना तो अब ड्रिलिंग और माइनिंग के कारण ऐसे प्रोजेक्ट्स आए तो इस प्रोजेक्ट में देखा गया कि सबसे पहले साउथ अफ्रीका के अंदर माइनिंग की गई माइनिंग की गई तो
गोल्ड माइंस वहां प जो मौजूद थी वहां प हमने देखा कि 4 किलोमीटर से ज्यादा 4 किलोमीटर से ज्यादा गहरी हम माइन कर ही नहीं सकते हैं क्यों क्योंकि जैसे-जैसे हम माइनिंग करना शुरू करते हैं नीचे चलते-चलते जो टेंपरेचर है वो बहुत इंक्रीज होने लगता है उसका कारण भी मैं अभी आपको बताऊंगा टेंपरेचर बहुत इंक्रीज करने लगता है और हमारे पास इतने टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट नहीं है कि हम डायरेक्ट माइनिंग 4 किलोमीटर से ज्यादा लेवल पर भी चले जाएं इस कारण से यह एक लिमिटेड सोर्स ऑफ नॉलेज हमें लिमिटेड सोर्स ऑफ इंफॉर्मेशन हमें प्रोवाइड करता है
जिसको हम माइनिंग के थ्रू जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं सेकंड इज ड्रिलिंग ड्रिलिंग करने के लिए एक प्रोजेक्ट आया उस प्रोजेक्ट का नाम है डीप ओसन ड्रिलिंग प्रोजेक्ट ये डीप ओशियन ड्रिलिंग प्रोजेक्ट जो है इसके अंदर जब आर्टिक आर्कटिक पेनिंस सुला यानी कि आर्कटिक ओशियन के अंदर कोला पेनिंस सुला है वहां पे जब यह ड्रिलिंग का प्रोजेक्ट किया गया तब देखा गया कि हम मैक्सिमम 12 किमी की डेप्थ तक ही पहुंच पाए उसके बाद डेप्थ जैसे-जैसे इंक्रीज होती है हम जानते हैं टेंपरेचर और प्रेशर इंक्रीज हो जाते हैं तो हमारे पास इतने टेक्नोलॉजिकल
एडवांसमेंट नहीं है कि हम 12 किमी के बियोंड भी चले जाएं इसका मतलब यह है अगर आज हम इस समय पे बात करें हमें आज पता है भले ही कि अर्थ का जो ओवरऑल डेप्थ है दैट इज 6371 किमी जो डेप्थ है वो 6371 किमी है ये हम समझते हैं बट अगर मैं 6371 किलोमीटर की जानकारी हासिल करना चाहता हूं और मुझे पता है कि मेरे पास कितनी है 4 किमी और 12 किमी तक की रीच है तो क्या माइनिंग और ड्रिलिंग एक सिग्निफिकेंट सोर्स ऑफ इंफॉर्मेशन हमें प्रोवाइड करेगा कभी भी नहीं मेरे को जानकारी
हासिल करनी है 6371 किमी तक की बट मैं माइन और ड्रिल कर पाया हूं 4 किमी और 12 किमी तक ही तो ये एक सिग्निफिकेंट सोर्स ऑफ इंफॉर्मेशन मेरे लिए कभी भी नहीं होगा राइट बट स्टिल इट इज अ सोर्स ऑफ इंफॉर्मेशन समथिंग टू नो अबाउट इंटीरियर ऑफ अर्थ सेकंड अगर हम बात करते हैं द सेकंड सोर्स ऑफ सेकंड सोर्स ऑफ इंफॉर्मेशन इज वॉल्के निज्म अगर हम वल्केन ज्म की बात करते हैं तो वॉल्के निज्म यानी कि ये क्या होता है वल्केन ज्म जब भी अर्थ के इंटीरियर से मैग्मा बाहर आता है अर्थ के इंटीरियर
से मैग्मा बाहर आता है तो अपने साथ बहुत सारे मिनरल्स लेके आता है तो यानी कि यह हुआ कि अगर मुझे अगर मुझे मिनरल्स के बारे में जानकारी हासिल करनी है तो मैं क्या करूंगा जब मैग्मा बाहर आया वो सॉलिडिफाईज ठंडा हो जाएगा बाहर आके तो उस मैग्मा से मैं क्या कर लूंगा बहुत सारी इंफॉर्मेशन उस जो सॉलिडिफिकेशन होने के बाद जो पत्थर बने जो रॉक बने उनसे मुझे मिनरल्स के बारे में जानकारी हासिल हो जाएगी तो किसी ने मुझे बोला कि सर यह तो बढ़िया सिग्निफिकेंट सोर्स ऑफ इंफॉर्मेशन है कि आपको अर्थ के इंटीरियर
से जो भी मटेरियल बाहर आ रहा है उसके बारे में जानकारी पता लग गई आपको ये यह भी पता लग गया कि वो लिक्विड स्टेट में था आपको यह भी पता लग गया कि उस मैग्मा के अंदर कौन-कौन से कौन-कौन से सोर्सेस यानी कौन-कौन से मिनरल्स अवेलेबल है तो मैंने बोला हां बात तो सही है बट प्रॉब्लम ये है ना कि तुम्हें ये नहीं पता कि ये मैग्मा किस डेप्थ से आया है है ना अभी तक ये तो नहीं पता कि ये 10 किलोमीटर से आया 20 किलोमीटर से आया 50 किलोमीटर से आया 200 किलोमीटर
से आया या 500 किलोमीटर से आया तो वी आर अनवेयर वी आर अनसर्टेन अबाउट अ फैक्ट दैट फ्रॉम वेयर दिस मैग्मा इज रप्टली यस दिस मैग्मा कैन बी अ सब्सटेंशियल सोर्स ऑफ इंफॉर्मेशन टू अस बट फ्रॉम व्हिच डेप्थ दिस मैग्मा इज इरुप्टिंग आउट वी आर अनअवेयर वी आर अनसर्टेन अबाउट दैट दैट इज व्हाई दिस इज आल्सो नॉट दैट सिग्निफिकेंट पार्ट ऑफ इंफॉर्मेशन दैट इज गोइंग टू गिव अस रिलेटेड टू द इंफॉर्मेशन अबाउट द इंटीरियर ऑफ अर्थ जो हमें इंटीरियर ऑफ अर्थ के बारे में एक सिग्निफिकेंट इंफॉर्मेशन दे दे यह भी एक ऐसा पार्ट नहीं होगा
तो हमें अब पता क्या लगा सबसे पहली चीज हमने जाना व्हाई टू नो अबाउट इंटीरियर ऑफ अर्थ मैंने कारण जान लिए फिर हमने देखा कि हाउ टू नो अबाउट इंटीरियर ऑफ अर्थ मैंने बोला सर सम सम सोर्सेस सोर्सेस में कौन से सोर्सेस सर डायरेक्ट सोर्सेस सर हम इंटीरियर ऑफ अर्थ के बारे में जानकारी क्या हासिल करना चाहते हैं व्हाट टू नो अबाउट इंटीरियर ऑफ अर्थ व्हाट में मुझे जवाब मिला स्ट्रक्चर जाननी है मुझे इंटीरियर ऑफ अर्थ की मुझे जानना है उसके अंदर मैटर सॉलिड में है या लिक्विड में है मुझे यह जानना है वहां पे
मिनरल्स कौन-कौन से मौजूद हैं देन सोर्सेस में फिर मैं इनको जानने के लिए डायरेक्ट सोर्सेस पे आया डायरेक्ट सोर्सेस में मुझे दो सोर्स नजर आए पहला है ड्रिलिंग एंड माइनिंग ड्रिलिंग में मैंने देखा कि मैं आर्कटिक ओशियन के अंदर कोला पेनिंस सुला में 12 किमी तक ही ड्रिल कर सकता हूं माइनिंग के अंदर मिपंग जो गोल्ड माइंस है साउथ अफ्रीका की वो भी कितना किलोमीटर तक है वो भी सिर्फ 4 किमी तक ही मौजूद है चलो ठीक है ये भी एक इन सिग्निफिकेंट सोर्स ऑफ इंफॉर्मेशन हो गया लिमिटेड नॉलेज हमें प्रोवाइड कर रहा है इससे
हमें क्या पता लग जाएगा कि सर हमें इससे कुछ-कुछ मिनरल्स के बारे में तो पता लग जाएगा कि कौन-कौन से मिनरल्स अर्थ के इंटीरियर में मौजूद हैं फिर आता है फिर आता है दूसरा सोर्स दैट इज वॉल्के निज्म वल्केन ज्म से मुझे पता लग गया यहां जब भी मैग्मा बाहर आएगा जब भी वल्केन इरप्शन होगा जब मैग्मा बाहर आएगा उसके सॉलिडिफिकेशन से जो पत्थर बन गए उनसे हमें मिनरल्स और इन सब का कंपोजिशन पता लग जाएगा बट ये मैग्मा किस डेप्थ से बाहर आ रहा है यह मुझे नहीं पता किस डेप्थ से बाहर आ रहा
है मुझे यह नहीं पता अभी लोग सवाल पूछेंगे कि सर आपको कैसे पता कि अर्थ की डेप्थ 63 171 किमी आज तो पता है बट अभी मैं बताऊंगा कैसे हमें यह पता चलती है डेप्थ इतनी है राइट वो इनडायरेक्ट सोर्सेस से हमें लेटर ऑन स्टेज पे जाके मालूम हुई तो ये डायरेक्ट सोर्सेस हमने देख लिए अब आते हैं हम कहानी अब शुरू होती है इनडायरेक्ट सोर्सेस की जब हम इनडायरेक्ट सोर्सेस की बात करते हैं तो इनडायरेक्ट सोर्सेस में तीन मेजर सोर्स जो हमें समझने हैं दैट इज टेंपरेचर एंड प्रेशर वन सेकंड इज ग्रेविटेशनल इरेगुलेरिटी थर्ड
इज सिस्म वेव देखो ये तीनों चीजें क्या है इन को डिटेल में समझने की कोशिश करें सबसे पहले आता है टेंपरेचर एंड प्रेशर एज आई हैव मेंशन इन द प्रीवियस स्लाइड दैट एज सून एज डेप्थ इंक्रीजस जब जैसे-जैसे जो डेप्थ है वो इंक्रीज होती है वैसे-वैसे टेंपरेचर भी क्या होता है इंक्रीज होता है टेंपरेचर इंक्रीज होने का कारण क्या है इसका कारण यह है कि अगर मैं आज बात करता हूं अराउंड 2.5 बिलियन इयर्स अगो अगर मैं ढाई बिलियन साल पहले की बात करता हूं तो क्या होता था यह जो हमारी धरती आज हमें एक
क्रस्ट के रूप में सॉलिड के रूप में दिखाई देती है जिस पर मैं खड़ा हूं और आप बैठ के पढ़ रहे हैं इस धरती का जो पहले स्टेट था व था एक एक फायर बॉल की तरह यानी कि इसका टेंपरेचर अराउंड 2000 डिग्री सेल्सियस था ये एक आग के गोले की तरह थी सब कुछ मोल्टन अवस्था में था एकदम मोल्टन अवस्था में बट धीरे-धीरे धीरे-धीरे जैसे-जैसे टेंपरेचर कम होता जा रहा था वैसे-वैसे जो ये मोल्टन स्टेट है इसका सॉलिडिफिकेशन होना स्टार्ट हुआ इसको ऐसे माने कि पहले हमारी जो ये धरती थी वो एक मोल्टन फायर
बॉल थी र यानी कि ये पूरा मोल्टन मैग्मा का एक बॉल था ठीक है मोल्टन मैग्मा का बॉल था और इस धरती का तापमान हुआ करता था 2000 डिग्री सेल्सियस और मैं बात कर रहा हूं अराउंड 2.5 बिलियन इयर्स अगो की ना आप गए हैं ना मैं गया हूं बट जो बोला गया है वो यही है और यही शाश्वत सत्य है 2.5 बिलियन इयर्स एगो द टेंपरेचर वाज अराउंड 2000 डिग्री सेल्सियस बट धीरे-धीरे धीरे-धीरे जैसे-जैसे कूलिंग हो रही थी उसके आउटर लेयर का क्या होना स्टार्ट हुआ सॉलिडिफिकेशन होना स्टार्ट हुआ अब मुझसे कोई पूछेगा सर
आउटर लेयर ही क्यों सॉलिडिफाईज से एग्जांपल के थ्रू आपको समझाना चाहता हूं मान लीजिए आप अपने घर में जब गर्मियों का समय आएगा तो बर्फ जमाए तो बर्फ जमाते हुए आप क्या करते हैं आपने एक किसी भी एक बर्तन में पानी डाला उसको पानी डालने के बाद आपने उसको रेफ्रिजरेशन के अंदर आइस बॉक्स में रख दिया ठीक है आइस बॉक्स में जब रखा अगर आपने पूरी रात रखा तो सुबह आपको बर्फ मिल जाएगी कोई कोई इसमें दिक्कत ही नहीं है बट मान लीजिए मैंने 2 घंटे बाद उस पानी को वापस निकाला तो आप देखेंगे उसके
ऊपर की लेयर तो जम गई है बट नीचे जैसे ही आपने उसको पिन किया नीचे अभी भी पानी पड़ा था यानी कि जब ये जब ये कूलिंग स्टार्ट होती है ना तो ये आउटर लेयर से इनर लेयर तक ट्रांसफर होती है तो सबसे पहले कूलिंग किसकी होती है बाहर वाले भाग की होती है तो बाहर वाला भाग तो क्या कर गया जम गया पूरा और जैसे ही बाहर वाला भाग सॉलिडिफाईज फिकेशन से हमें किसका डेवलपमेंट होते हुए दिखाई देता है क्रस्ट का डेवलपमेंट होते हुए दिखाई देता है जिसके बारे में मैं अभी थोड़े समय में
आपको बताऊंगा अभी तो आप ये जानो कि ये धरती जो कि पहले मोल्टन फायर बॉल थी इस मोल्टन बॉल का तापमान जब 2000 डिग्री सेल्सियस था और धीरे-धीरे कूलिंग होती गई और उस कूलिंग के कारण उस कूलिंग के कारण जब आउटर लेयर का सॉलिडिफिकेशन हुआ तो सॉलिडिफिकेशन के कारण उस सॉलिडिफिकेशन के कारण क्या हो गया बच्चा डिफरेंट डिफरेंट वेरियस वेरियस लैंड फॉर्म्स का फॉर्मेशन हुआ वेरियस लैंड फॉर्म्स का फॉर्मेशन हुआ और यही लैंड फॉर्म्स के पास लैंड फॉर्म्स में सबसे पहले आपको क्या दिखाई देते हैं फॉर्मेशन ऑफ अ क्रस्ट चलिए ये पता लग गया बट
एक बात यहां पे जानने के लिए जरूरी है वो ये है मेरे दोस्तों कि बाहर की लेयर तो क्या हो गई बाहर की लेयर तो बच्चा सॉलिड हो गई बाहर की लेयर का सॉलिडिफिकेशन तो हो गया बट जो इसके अंदर की लेयर थी उसके अंदर क्या बचा रह गया उसके अंदर बची रह गई कुछ रेसिड हीट यानी कि अंदर अभी भी कुछ हीट ऐसी है जो कि क्या हो गई ट्रैप हो गई इसी कारण से जब मैं इस क्रश से अंदर की ओर घुसूक मान क्या होता हुआ दिखाई देगा इंक्रीज होता हुआ दिखाई देगा यह
है सबसे बड़ा बड़ा कारण मेरे दोस्तों कि जैसे-जैसे आप अंदर आते जाएंगे आपको तापमान में वृद्धि होती हुई दिखाई देगी नो डाउट अबाउट दैट राइट सो इसे हम बोलते हैं प्राइमर्जी दिस हीट इज टर्म्ड एज प्राइमर्स हीट प्राइमर्जी का मतलब एक ऐसी हीट जो कि बच गई जो कि रेसिड हीट है रेसिड हीट का मतलब एक ऐसी हीट मेरे दोस्तों जो कि जब धरती का आउटर लेयर का सॉलिडिफिकेशन हो गया तो अंदर ट्रैप हो गई और कितने साल पुरानी है ढाई बिलियन साल पुरानी है तो अब हमें पहली चीज के बारे में मालूम चला वो
ये है कि अभी तक तो बोल रहे थे सब लोग कि सर जब डेप्थ इंक्रीज होती है तो टेंपरेचर क्या होता है इंक्रीज होता है उसका कारण क्या है सर पहला कारण तो ये है कि यहां पे एक हीट होती है जिसको हम रेसीडुअरी हीट या प्राइमर्जी के नाम से जानते हैं सर कुछ और कारण भी है जी हां दूसरा कारण यह है कि ये जो हमारा अर्थ का इंटीरियर है इसके अंदर कुछ रेडियो एक्टिव एलिमेंट्स हैं रेडियो एक्टिव एलिमेंट्स का मतलब कुछ ऐसे एलिमेंट्स जो कि जो कि जब डिसइंटीग्रेट होते हैं जब डिसइंटीग्रेट होते
हैं तो एनर्जी रिलीज करते हैं आप सब लोगों ने यूरेनियम के बारे में सुना होगा जब आप देखते हैं कि यूरेनियम का डिसइंटीग्रेशन हुआ यूरेनियम का डिसइंटीग्रेशन हुआ तो उसके बाद वह बहुत सारी एनर्जी रिलीज करता है आपने बहुत ही प्यार से इस वर्ड के बारे में सुना होगा न्यूक्लियर फिशन और न्यूक्लियर फिशन कौन करते हैं मेरे दोस्तों न्यूक्लियर फिशन करते हैं न्यूक्लियर फिशन करते हैं ऐसे एलिमेंट्स जो कि हैवी एलिमेंट्स हैं जो कि रेडियो एक्टिविटी शो करते हैं और रेडियो एक्टिविटी ही ऐसा एक मेजर एस्पेक्ट है जिसकी वजह से बहुत ला लार्ज अमाउंट में
क्या रिलीज होती है मेरे दोस्तों एनर्जी रिलीज होती है एनर्जी रिलीज होती है इसका मतलब यह हुआ कि दो कारण है टेंपरेचर के इंक्रीज होने का वन इज रेडियो एक्टिव डिस इंटीग्रेशन रेडियो एक्टिव डिसइंटीग्रेशन एंड द प्रेजेंस ऑफ प्राइमलूना लिया कि अर्थ के इंटीरियर में जैसे-जैसे सर डेप्थ इंक्रीज हो रही है वैसे-वैसे टेंपरेचर भी क्या हो रहा है इंक्रीज हो रहा है सर अगर टेंपरेचर इंक्रीज हो रहा है तो इसका मतलब तो ये है कि टेंपरेचर के इंक्रीज होने के कारण टेंपरेचर के इंक्रीज होने के कारण आप ये भी देखेंगे कि सब कुछ जो होगा
वो लिक्विड अवस्था में हमें मिलना चाहिए या ऐसा हो जाएगा कि अर्थ के इंटीरियर में जब हम 6371 किलोमीटर की डेप्थ पर जाएंगे तब सब कुछ क्या हो जाएगा तब सब कुछ मोल्टन अवस्था में या सब कुछ गैसियस अवस्था में होगा बट मेरे दोस्तों यहां पे एक चीज समझने वाली है वो यह है कि डेप्थ के इंक्रीज होने के कारण डेप्थ के इंक्रीज होने के साथ-साथ टेंपरेचर ही नहीं प्रेशर भी क्या होता है इंक्रीज होता है प्रेशर भी क्या होता है मेरे दोस्तों इंक्रीज होता है और प्रेशर क्यों इंक्रीज होता है क्योंकि आप मानो कि
यह एक लेयर है जैसे-जैसे आप नीचे जाते जाएंगे तो ऊपर इस नीचे वाली लेयर के ऊपर ऊपर की ओवरलाइंग लेयर्स का जो दबाव है वो बढ़ता जाएगा जैसे-जैसे आप नीचे जाते जाएंगे ऊपर की जो रॉक्स हैं ओवरलाइंग रॉक्स जो हैं ओवरलाइंग रॉक्स जो हैं उनके कारण जो प्रेशर है वो भी क्या हो जाता है इंक्रीज हो जाता है ओवरलाइंग रॉक्स के कारण भी प्रेशर क्या हो जाता है इंक्रीज हो जाता है और अगर ओवरलाइंग रॉक के कारण प्रेशर इंक्रीज होता है तो एक बात समझो बहुत गौर से वह क्या है वो यह है कि मान
लीजिए मैं आपको एक बहुत सिंपल सी कहानी बताता हूं अगर आप सॉलिड से लिक्विड में जा रहे हैं सॉलिड स्टेट से लिक्विड स्टेट में जा रहे हैं तो यह क्या सिग्नीफा करता है उसको देखें सॉलिड में जो कंपोनेंट है किसी भी एटम के जो किसी भी मैटर के जो पार्टिकल्स है वो बहुत ही क्लोजल स्पेसड होते हैं वो आपस में बहुत पासपास होते हैं और लिक्विड में क्या होता है ये जो मॉलिक्यूल है ये आपस में इतने पास नहीं होते कंपेरटिवली इनके बीच में क्या होता है थोड़ा गैप ज्यादा होता है यह आप सब लोगों
को पता होगा है ना दो एटम्स के बीच में जो गैप है वो कंपैरेटिव ज्यादा है लिक्विड में सॉलिड में सब टाइटली पैक्ड है मान लो मैं सॉलिड से लिक्विड में लेक जाना चाहता हूं तो मैं क्या करता हूं टेंपरेचर को इंक्रीज करता हूं जैसे ही टेंपरेचर इंक्रीज होता है ये मॉलिक्यूल ये जो अनु है ये आपस में एक दूसरे से दूर होने लगते हैं और ये सॉलिड से लिक्विड में बदलने लगते हैं बिल्कुल सही है अब मान लो मैंने साइड में एक प्रेशर लगा दिया मैंने प्रेशर लगा दिया जम के प्रेशर लगा दिया तो
क्या टेंपरेचर इंक्रीज होने पे यह जो पार्टिकल्स हैं वो एक दूसरे से दूर जा पाएंगे नहीं जा पाएंगे क्यों नहीं जा पाएंगे सर बाहर से दबाव लगा हुआ है ना इसका मतलब यह है कि टेंपरेचर इंक्रीज होने से सब कुछ लिक्विड में बदल जाएगा ऐसा जरूरी नहीं है क्यों क्योंकि इसको रोकने के लिए माशा अल्लाह जो प्रेशर है यह भी तो मौजूद है यह प्रेशर इस सॉलिड से लिक्विड में लिक्विड अवस्था में जाने के लिए इसको इसको क्या नहीं कर रहा है इसको अलाउ ही नहीं कर रहा है दैट इज व्हाई वी से एस फार
एज डेप्थ इंक्रीजस टेंपरेचर इंक्रीजस बट आल्सो प्रेशर इंक्रीजस इसी कारण से हम देखेंगे अगर मान लीजिए कहीं किसी जगह पे प्रेशर की थोड़ी बहुत बहुत कमी आती है तो क्या मैं कह सकता हूं कि यह लिक्विड स्टेट में होगा नहीं तो यह किस स्टेट में हमें मिलेगा अर्थ का इंटीरियर सॉलिड स्टेट में तो इससे हमें पता लगा अर्थ का इंटीरियर या तो सॉलिड स्टेट में है या लिक्विड स्टेट में कौन सा भाग सॉलिड है कौन सा भाग लिक्विड इसको मैं थोड़ी देर में आपको समझाने की कोशिश करता हूं चलिए दूसरी इंफॉर्मेशन हमें मिलती है दूसरी
इंफॉर्मेशन हमें मिलती है किससे दूसरी इंफॉर्मेशन हमें मिलती है ग्रेविटेशनल वेरिएशन से ग्रेविटेशनल वेरिएशन का मतलब यह है बच्चा ग्रेविटेशनल वेरिएशन का मतलब यह है कि जैसे-जैसे अर्थ के इंटीरियर में आप ग्रेविटी की वैल्यू की वैल्यू का मेजरमेंट करेंगे तो हर जगह पे आपको डिफरेंट डिफरेंट वैल्यू ऑफ ग्रेविटी मिलेगी ग्रेविटेशनल वेरिएशन और ग्रेविटेशनल एनमल यह बताता है डिफरेंट वैल्यू डिफरेंट वैल्यूज ऑफ ग्रेविटी एट डिफरेंट लोकेशन डिफरेंट वैल्यू ऑफ ग्रेविटी एट डिफरेंट लोकेशन एट डिफरेंट लोकेशन एट डिफरेंट लोकेशन दिस इंडिकेट्स दैट मास इज अब आपको पता है ग्रेविटी जो है gm1 r स् यानी कि gmm25
टेड हेयर मास इज नॉन यूनिफॉर्म डिस्ट्रीब्यूटर पूरे अर्थ के अंदर मास जो है वो यूनिफॉर्म डिस्ट्रीब्यूटर नहीं है अगर उसका यूनिफॉर्म डिस्ट्रीब्यूशन होता तो ग्रेविटी की वैल्यू में वेरिएशन नहीं आते यह भी एक अच्छी इंफॉर्मेशन हमें ग्रेविटेशनल वेरिएशन से मिली थर्ड इज मेटराइड मेटराइड का मतलब यह है कि अगर आप एस्टेरॉइड बेल्ट के बारे में कुछ जानते हैं तो आप यह जानते होंगे कि एक्स्ट्रा टेरेस्ट्रे ऑब्जेक्ट्स होते हैं मान मान लीजिए यह धरती है इस धरती के ऊपर एस्टेरॉइड बेल्ट से अब मैं इतना समझ के चल रहा हूं इतना मान के चल रहा हूं कि
यह रिवीजन क्लास है और आपने एक बार इन सबको पढ़ा हुआ है वी आर जस्ट क्विकली रिवाइजिंग इट राइट सो एक बहुत बड़ा बहुत बड़ा पार्टिकल अर्थ की ओर आने लगता है और ऐसा देखा गया था आपको मैं इस पूरे के पूरे सीरीज के जियो मॉर्फो जीी के एंड के अंदर बिग बैंग थ्योरी और ये सब चीजें बताऊंगा तब उसमें मैं आपको एस्टेरॉइड बेल्ट के बारे में भी बताऊंगा और यह भी बताऊंगा कि इस एस्टेरॉइड बेल्ट के अंदर जो यह पत्थर हैं यह जो जो यह बड़े-बड़े ऑब्जेक्ट्स हैं इन ऑब्जेक्ट्स को इन ऑब्जेक्ट्स का फॉर्मेशन
भी वैसे ही हुआ उसी डस्ट क्लाउड से हुआ जिस डस्ट क्लाउड से किसका फॉर्मेशन हुआ है अर्थ का क्योंकि जब हम प्लेनेट का फॉर्मेशन देखेंगे तब हमें पता लगेगा प्लेनेट का फॉर्मेशन कुछ ऐसे डस्ट क्लाउड कुछ ऐसे नेबुला क्लाउड्स के थ्रू होता है और यह सारे के सारे सेम डस्ट क्लाउड से बनते हैं यानी कि ऐसा है कि अर्थ का फॉर्मेशन जिस क्लाउड से हुआ उसी क्लाउड से किसका फॉर्मेशन हुआ इस एस्टेरॉइड बेल्ट के ऑब्जेक्ट का और जब ये धरती की ओर अग्रसर होगा धरती की ओर अग्रसर होगा तो इस डस्ट क्लाउड का जो बाहर
वाला भाग है बाहर वाला भाग है ये क्या हो जाएगा रिमूव हो जाएगा क्यों क्योंकि आप सब लोगों को पता है मेजो स्फेयर के अंदर आके इसकी क्या हो जाती है बर्निंग हो जाती है और अगर इसका बाहर वाला भाग बर्न हो गया बाहर वाला भाग बर्न हो गया तो रह क्या जाएगा इसका बिल्कुल इंटीरियर भाग अब वो वो मेटराइड आया मैंने उसको उठाया और देखा अच्छा यह तो इंटीरियर है उस मेटराइड का और उसका इंटीरियर भी सेम ही होना चाहिए जैसे हमारे अर्थ का इंटीरियर होगा कहते क्यों क्योंकि क्या बना तो सेम ही क्लाउड
से है ना इस वजह से मेटराइड कैन बी वन इनडायरेक्ट सोर्स ऑफ इंफॉर्मेशन एज फार एज इंटीरियर ऑफ अर्थ इज कंसर्न नेक्स्ट इज सिस्म वेव द मोस्ट इंपॉर्टेंट एंड सिग्निफिकेंट सोर्स ऑफ इंफॉर्मेशन इज गिवन टू अस बाय द सिस्म वेव सिस्म वेव का मतलब अर्थक्वेक वेव अब ये अर्थक्वेक वेव का मतलब क्या है इसको समझने की कोशिश करते हैं देखिए होता ऐसा है कि सबसे पहले जब भी मान लीजिए जब भी मान लीजिए ये कोई एक प्लेस है इस प्लेस में अब आप सब लोगों को पता है अर्थक्वेक आने के बहुत सारे कारण होते हैं
कुछ कारण नेचुरल है कुछ कारण एंथ्रोपोजेनिक भी हैं नेचुरल कारणों में आप जानते हैं कि हमारी धरती के नीचे बहुत सारी प्लेट्स हैं उन प्लेट्स के अंदर जब मूवमेंट होता है तो एनर्जी रिलीज होती है ये आप सबको पता है यह मानते हुए मैं आगे बढ़ रहा हूं और आगे प्लेट्स के बारे में हम डिटेल में डिस्कस करेंगे भी कि ये प्लेट्स होती क्या है यह आखिर माजरा है क्या बस इतना जान के रखें कि कुछ होता है उस कुछ होता है के अंदर कुछ-कुछ नहीं कुछ होता है जिसको हम इन प्लेट्स के नाम से
जानते हैं ये डिफरेंट डिफरेंट प्लेट्स हमारे इंटीरियर ऑफ अर्थ के अंदर एजिस्ट करती हैं मान लीजिए किसी एक समय पे यहां पे इस पोजीशन से एनर्जी रिलीज होती है और जब भी ये एनर्जी रिलीज होती है बच्चा तो यह एनर्जी रिलीज होती है किस फॉर्म के अंदर वेव की फॉर्म के अंदर और यह जब एनर्जी रिलीज जिस पॉइंट से हुई है इस पॉइंट को बोला जाता है हाइपो सेंटर और इसी पॉइंट को हम हाइपो सेंटर के अलावा फोकस का नाम भी देते हैं सो द पॉइंट थ्रू व्हिच द पॉइंट एट व्हिच एनर्जी इज बीइंग रिलीज्ड
द अर्थक्वेक एनर्जी इज बीइंग रिलीज्ड उसको हमने क्या बोला हाइपो सेंटर बोला अब ये अर्थ का इंटीरियर है यानी कि अर्थ के इंटीरियर के अंदर इसको ऐसे देख लें यहां पे भी है अच्छा चलो ठीक है मैं बता देता हूं मान लीजिए यह हमारा इसको ऐसे देख लेते हैं चलिए देखिए यह वोह पॉइंट है अर्थ के इंटीरियर में जहां से एनर्जी रिलीज हुई है तो इस पॉइंट को हम किस नाम से जानेंगे दिस पॉइंट विल बी गिवन द नेम एज फोकस इसको फोकस बोलेंगे जहां से क्या रिलीज हुई है एनर्जी रिलीज हुई है राइट और
अगर यह एनर्जी रिलीज हुई है तो यह एनर्जी रिलीज जो हुई है यह किस फॉर्म में हुई है इस फॉर्म में हुई है जिसको हम बोलते हैं वेव तो इसको अगर हमें समझना है तो कैसे समझ सकते हैं लेट्स ट्राई एंड अंडरस्टैंड सबसे पहले मुझसे किसी ने पूछा कि सर सिस्म वेव या अर्थक्वेक क्या होता है मैंने उसको जवाब दिया अर्थक्वेक इज समथिंग व्हिच इज व्हाट वी कॉल एज शेकिंग ऑफ अर्थ सरफेस हम उसको क्या बोलते हैं शेकिंग ऑफ अर्थ सरफेस अब ये अर्थ के सरफेस इस की शेकिंग शेकिंग ऑफ अर्थस सरफेस ठीक है जी
अर्थ के सरफेस की शेकिंग शेकिंग ऑफ अर्थ सरफेस अब ये जो शेकिंग ऑफ अर्थ सरफेस है ये क्यों हुई कॉज्ड ड्यू टू कॉज्ड ड्यू टू व्हाट कॉज ड्यू टू रिलीज ऑफ एनर्जी कॉज ड्यू टू रिलीज ऑफ एनर्जी और जब ये एनर्जी रिलीज हुई है तो यह एनर्जी किस फॉर्म में हुई है इन दी फॉर्म ऑफ इन दी फॉर्म ऑफ वेव्स इसीलिए इस को हम किस नाम से जानते हैं अर्थक्वेक वेव्स या हम इसे किस नाम से जानते हैं सीजम वेव्स के नाम से जानते हैं सिस्म वेव्स के नाम से जानते हैं अब ये जो सिस्म
वेव्स हैं ये जो वेव्स हैं जो ये वेव्स यहां पे आपको दिखाई दे रही हैं जो रिलीज हुई हैं यह जो वेव्स हैं अगर यह अर्थ के इंटीरियर में ट्रेवल करती हैं अगर यह अर्थ के इंटीरियर में ट्रेवल करती हैं तो दे आर टर्म्ड एज बॉडी वेव्स दे आर टर्म्ड एज बॉडी वेव्स इफ दे इंटरेक्ट अगर ये सरफेस की रॉक्स के साथ इंटरेक्ट करती हैं अगर यह सरफेस की रॉक्स के साथ इंटरेक्ट करती हैं अगर ये रॉक्स के साथ इंटरेक्ट करती हैं सरफेस की रॉक्स के साथ सरफेस रॉक्स के साथ इंटरेक्ट करती हैं देन दे
आर टर्म्ड एज सरफेस वेव्स अब दिमाग लगा के चैट बॉक्स में भी लिखिए फटाफट मुझे बताइएगा कि अगर मुझे इंटीरियर ऑफ अर्थ के बारे में जानना है इंटीरियर के बारे में जानना है तो कौन सी वेव हेल्पफुल होगी बॉडी वेव या सरफेस वेव ऑफकोर्स इट वुड बी बॉडी वेव्स तो बॉडी वेव्स का फर्द क्लासिफिकेशन किया जाता है प्राइमरी वेव यानी कि p वेव और s वेव के अंदर और इन दोनों की डिफरेंट डिफरेंट कैरेक्टरिस्टिक होती हैं उसको हम समझने की कोशिश करते हैं पी वेव और ए वेव पी वेव होती है वो होती है लोंगिट्यूड
इन नेचर जबकि ए वेव्स जो है वो वो होती है ट्रांसवर्स अब लोंगिट्यूड और ट्रांसवर्स क्या है लोंगिट्यूड का मतलब है आप एक साइकिल स्टैंड को इमेजिन करें और उसके अंदर बहुत सारी साइकिल्स लगी हुई हैं आपने एक साइकिल को धक्का दिया सारी की सारी साइकिल धड़ाधड़ धड़ाधड़ धड़ाधड़ धड़ाधड़ गिरने लगेंगी जब ये सारी साइकिल्स गिरने लगेंगी तब इसको हम बोलते हैं लोंगिट्यूड वेव कैसे क्योंकि एक पार्टिकल ने दूसरे पार्टिकल को एक पार्टिकल ने दूसरे पार्टिकल को धक्का दिया एक पार्टिकल ने दूसरे पार्टिकल को धक्का दिया और वो आगे की ओर बढ़ते गए और वह
आगे की ओर बढ़ते गए दिस इज व्हाट वी कॉल एज लोंगिट्यूड वेव जहां पे आप देखोगे कि एक पार्टिकल दूसरे पार्टिकल को धक्का दे रहा है और वेव भी इसी तरीके से आगे बढ़ रही है यानी कि जो पार्टिकल का मूवमेंट है जो पार्टिकल का मूवमेंट है वो मूवमेंट पैरेलल है किसके पार्टिकल का मूवमेंट इज पैरेलल टू दी वेव प्रोपेगेशन जिस-जिस तरीके से वेव आगे बढ़ रही है वैसे वैसे वैसे पार्टिकल का मूवमेंट आगे जाता जा रहा है सो पार्टिकल मूवमेंट इज पैरेलल टू दी वेव प्रोपेगेशन जैसे जैसे वेव आगे बढ़ रही है पार्टिकल का
मूवमेंट भी आगे चल रहा है दिस इज व्हाट वी कॉल एज दिस इज व्हाट वी कॉल एज लोंगिट्यूड वेव और जबकि ट्रांसवर्स वेव का मतलब है जो कि हमने बचपन से इस तरीके से चलाई हैं वो सारी की सारी वेव कौन सी होती है ट्रांसवर्स इन नेचर होती हैं पी वेव को पी वेव इसलिए कहते हैं या प्राइमरी वेव इसलिए कहते हैं क्योंकि बेटा ये सबसे पहले रीच करती है सरफेस पे सबसे पहले सरफेस पे रीच करती हैं अब यहां पे क्वेश्चन क्या आता है यहां पे प्रीलिम्स में सवाल ये आ सकता है कि अगर
भारत का अर्ली वार्निंग सिस्टम का अर्ली वार्निंग सिस्टम हमने डेवलप किया अर्थक्वेक से रिलेटेड तो वो किस वेव के ऊपर निर्भर करेगा सबसे पहली वेव जो पहुंचेगी उसी के ऊपर तो सारा का सारा ये पूरा का पूरा क्या होगा अर्ली वॉर्निंग सिस्टम डिपेंड करेगा इसीलिए पी वेव हमारे लिए जो अर्ली वार्निंग सिस्टम है इसको मैं फटाफट ईडब्ल्यूएस लिख देता हूं ये इकोनॉमिक वीकर सेक्शन नहीं है अर्ली वार्निंग सिस्टम जो अर्ली वार्निंग सिस्टम है उसके लिए कौन काम करता है पी वेव काम करती है सबसे पहले पहुंचती हैं बस पी वेव की खासियत यह है कि
यह तीनों मीडियम के अंदर यानी कि सॉलिड लिक्विड गैस जैसा भी मीडियम हो ये ट्रेवल कर सकती हैं ये ट्रैवल कर सकती हैं दूसरा इसके साथ-साथ जब देखो आपने बचपन में एक एक्सपेरिमेंट किया होगा कि मान लीजिए यह कोई कप है इस कप के अंदर आप पेंसिल रखते हैं कांच के ग्लास के अंदर तो यह पेंसिल आपको मुड़ी हुई दिखाई देती है यानी कि आपने एक प्रोसेस पढ़ा होगा एक फिनोमिना पढ़ा होगा अगर बचपन सामान्य गुजरा होगा तो जिसे हम रिफ्रैक्ट के नाम से जानते हैं रिफ्रैक्ट रिफ्रैक्ट रिफ्रैक्ट एक ऐसा फिनोमिना है जिसमें मान लीजिए
एक माध्यम से दूसरे माध्यम में कोई वेव या कोई रे ट्रेवल करती है तो वह अपनी दिशा से दिशा से बदल जाती है अपनी दिशा को हल्का सा मूव कर लेती है टेंड बेंड कर लेती है ब डि हो जाती है तो क्या मान लो अगर सॉलिड से लिक्विड कोई वेव ट्रेवल करेगी तो क्या उसकी डायरेक्शन में चेंज होगा जी हां उसकी डायरेक्शन में चेंज होगा क्या उसकी वेलोसिटी में चेंज होगा बिल्कुल बिल्कुल वेलोसिटी में चेंज होगा क्यों क्योंकि पी वेव की वेलोसिटी सॉलिड में सबसे ज्यादा लिक्विड में उससे कम और गैस में सबसे कम
होती है यानी कि पी वेव की कैरेक्टरिस्टिक ये कहती हैं कि ये तीनों मीडियम में ट्रेवल करता है लोंगिट्यूड नेचर का है तीसरा ये सॉलिड लिक्विड गैस अ सॉलिड लिक्विड गैस तीनों में ट्रेवल करता है पहला दूसरा लोंगिट्यूड नेचर का है तीसरा सॉलिड में वेलोसिटी सबसे ज्यादा लिक्विड में उससे कम चौथा जब ये सॉलिड से लिक्विड में जाएगा या लिक्विड से गैस में जाएगा इसकी डायरेक्शन में चेंज होगा चार और पांचवा अर्ली वार्निंग सिस्टम इस पे डिपेंड करता है और छवा सबसे फास्टेस्ट और पहले बार पहुंचने वाली वेव है दैट इज पी वेव सेकेंडरी वेव
पे आते हैं ट्रांसवर्स इन नेचर ट्रांसवर्स इन नेचर का मतलब इसके पार्टिकल का मूवमेंट क्या है इस तरीके से है बट वेव आगे बढ़ रही है है वेव आगे इस तरीके से बढ़ रही है मतलब पार्टिकल इस तरीके से चल रहे हैं और वेव आगे इस तरीके से चल रही है तो वेव का मूवमेंट इधर पार्टिकल का मूवमेंट इधर यानी कि वेव और पार्टिकल के बीच में कैसा कैसा रिलेशन है परपेंडिकुलर रिलेशन है पार्टिकल मूवमेंट इज परपेंडिकुलर टू दी वेव प्रोपेगेशन फेयर एनफ देन आगे बढ़े क्या ये सेकेंडरी है बिल्कुल सही बात है दूसरे नंबर
पे पहुंचने वाली वेव है और ये किसके बाद पहुंचती है प्राइमरी वेव के बाद पहुंचती हैं क्या ये लिक्विड और गैस में ट्रेवल करती है नहीं ट्रेवल करती तो किसमें ट्रेवल करती हैं सिर्फ सॉलिड में ट्रेवल करती हैं तो क्या वह माजरा आएगा कि वेलोसिटी किसमें ज्यादा है सर कोई मतलब ही नहीं है क्योंकि लिक्विड और गैस में ट्रेवल ही नहीं कर रही है ठीक है तो इस तरीके से हमें इ हमने इनका कंपैरिजन देखा अब ये कैसे सोर्स ऑफ इंफॉर्मेशन है लेट्स ट्राई एंड अंडरस्टैंड कैसे सोर्स ऑफ इंफॉर्मेशन बनती है उसको हम जानते हैं
एक बढ़िया कांसेप्ट के थ्रू जिसको हम शैडो जोन के कांसेप्ट से जानते हैं शैडो जोन का कांसेप्ट यहां पे मेंशन नहीं है चलो कोई बात नहीं हम बता देते हैं शैडो जोन का मतलब यह होता है बच्चा जब मान लीजिए मान लीजिए सिस्मोग्राफ सिस्मोग्राफ एक ऐसा सिस्मोग्राफ एक ऐसा एक ऐसा इंस्ट्रूमेंट है जिसकी सहायता से हम रिकॉर्ड करते हैं सिजमेक करते हैं किसको सिस्म वेव्स को सिस्म वेव्स आर रिकॉर्डेड विद दी हेल्प ऑफ सिस्मोग्राफ ठीक है अब मान लो ऐसा हुआ कि यहां पे एस वेव्स का मैं पहले क्या कर रहा हूं कुछ चीजें आपको
बता देता हूं चलो शुरू से अच्छे से बता देता हूं थोड़ा सा धीरे चल लेते हैं अपने यहां पे पहली चीज कुछ यहां पे टर्म्स हैं सबसे पहले आप सब लोगों को पता लग गया कि हाइपो सेंटर क्या होता है हां जी सर हाइपो सेंटर एक ऐसी जगह है जहां से जहां से ओरिजनली जो एनर्जी है वह क्या हुई है रिलीज हुई है दिस इज हाइपो सेंटर सर सेकंड टर्म यहां पे आता है व्हाट इज एपीसेंटर एपीसेंटर का मतलब बेटा यह होता है एपीसेंटर का मतलब यह होता है कि वो प्ले जो कि अर्थ के
सरफेस पे है ऐसा पॉइंट जो अर्थ के सरफेस पे है और नियरेस्ट है इस हाइपो सेंटर से जो इस हाइपो सेंटर से नियरेस्ट है उसे हम किस नाम से जानते हैं एपीसेंटर के नाम से जानते हैं एपीसेंटर अर्थ के अर्थ के अंदर जिस फोकस से एनर्जी रिलीज हुई है उसके ऊपर सरफेस पे जो नियरेस्ट पॉइंट होगा नियरेस्ट पॉइंट हमेशा परपेंडिकुलर होगा तो ये वाला पॉइंट जो होगा दिस वुड बी एपीसेंटर एपीसेंटर हमेशा कहां पे होगा सरफेस पे हाइपो सेंटर कहां होगा हमेशा इंटीरियर में सर यहां पे कुछ और टर्म्स आती हैं जैसे कि रिक्टर स्केल
कुछ स्केल आते हैं जैसे कि आपने रिक्टर स्केल के नाम के रिक्टर स्केल के बारे में सुना होगा रिक्टर स्केल हमेशा क्या बताता है मैग्निटिया लोगरिथमिक स्केल पे यह उसको बताता है लीनियर स्केल नहीं है लोगरिथमिक स्केल पे मैग्निटिया है मर्के मरके जो है मकली स्केल जो है वो इंटेंसिटी के बारे में बताता है अर्थक्वेक की किसके बारे में अर्थक्वेक की इंटेंसिटी के बारे में अर्थक्वेक की इंटेंसिटी के बारे में मैग्निटिया उसके अकॉर्डिंग आपको मकली स्केल के बारे में मरकल स्केल से इंफॉर्मेशन मिल जाएगी ये तो कुछ बेसिक टर्म्स हैं अब आते हैं हम अगले
कांसेप्ट पे दैट इज शैडो जोन शैडो जोन का मतलब क्या है अब जब मैंने इस टर्म्स को बताया तब क्यों बताया क्योंकि मैं एक बात बताना चाह रहा था कि जो यह मैग्निटिया होगा देयर इज एन इंस्ट्रूमेंट वी कॉल एज सिस्मोग्राफ सिस्मोग्राफ एक ऐसा इंस्ट्रूमेंट है सिस्मोग्राफ एक ऐसा इंस्ट्रूमेंट है जो रिकॉर्ड ड करता है अर्थक्वेक की वेव्स को जो किसको रिकॉर्ड करता है वेव्स को रिकॉर्ड करता है जहां पे अर्थक्वेक आएगा वहां पे सिस्मोग्राफ अपनी रिकॉर्डिंग दे देगा और जहां पे सिस्मोग्राफ ने रिकॉर्डिंग नहीं दी मतलब वहां पे अर्थक्वेक की वेव्स नहीं पहुंची सिंपल
एज दैट हमने क्या किया एक एक्सपेरिमेंट किया उस एक्सपेरिमेंट से हमें यह पता लगा कि मान लीजिए मैं अभी सिर्फ क्या कर रहा हूं ए वेव को कंसीडर कर रहा हूं s वेव का मतलब क्या है ए वेव का मतलब एक ऐसी वेव जो कि ट्रांसफर्स इन नेचर है और सिर्फ और सिर्फ सॉलिड में ट्रेवल करती है तो इससे मुझे क्या पता लगा अगर इस हाइपो सेंटर से एनर्जी रिलीज हुई इन टर्म्स ऑफ वेव्स तो मैं बॉडी वेव्स के बारे में कंसर्न हूं तो ऐसा पता लगा कि ये वेव्स ट्रेवल करते-करते जब भी धरती के
चारों ओर पहुंची तो 105° के बियोंड 105° के बियोंड इस वेव के अंदर कोई भी यहां पे इस रीजन के अंदर मुझे सिजमेक नहीं दी मतलब यह हुआ कि ये जो एस वेव्स है इस हाइपो सेंटर से एस वेव्स जब चली तो इस रीजन के अंदर पहुंच ही नहीं पाई ऐसा क्यों होगा तो दिमाग किसी ने लगाया सर यहां तो ट्रेवल कर रही थी मतलब सॉलिड था यानी कि अर्थ के इंटीरियर के अंदर बच्चा एक छोटा गोला भी है और यह जो छोटा गोला है इस छोटे गोले से यह एस वेव पास नहीं कर पा
रही है इस छोटे गोले से यह ए वेव पास नहीं कर पाई इसका मतलब यह हुआ इसका मतलब यह हुआ दोस्तों कि यह छोटा गोला जो है वह यह बताता है कि अर्थ के इंटीरियर के अंदर एक लेयर ऐसी है जो किस अवस्था में है लिक्विड अवस्था में ही है और ये वाला एरिया जहां पे जहां पे अर्थक्वेक वेव्स यानी कि जहां पे सिस्मोग्राफ ने कोई रिकॉर्डिंग नहीं दी जहां पे सिस्मोग्राफ ने कोई रिकॉर्डिंग नहीं दी जहां पे कोई एस वेव नहीं पहुंच पाई दिस इज टर्म्ड एज दिस विल बी टर्म्ड एज द शैडो जोन
ऑफ एस वेव ये किसका शैडो जोन है एस वेव का शैडो जोन है ऐसे ही करके हम शैडो जोन पी वेव का भी बनाने की कोशिश करते हैं जिससे आपको थोड़ा और क्लेरिटी ऑफ थॉट होगा वो क्या है पी वेव के अंदर यह बोला गया किसी ने मुझे किसी महानुभाव ने बोला कि सर कैसी बावली बात कर रहे हो यहां तो लिक्विड के बारे में पता लग गया बट पी वेव तो पी वेव का तो शैडो जोन होना ही नहीं चाहिए क्यों क्योंकि पी वेव तो सॉलिड लिक्विड दोनों में ट्रेवल करती है मैंने बोला रुक
बेटा देख कमाल इस दुनिया में क्या होता है यहां से चलो ठीक है यह सॉलिड है जहां एस वेव ट्रेवल कर रही थी वहां पी वेव तो ट्रेवल कर ही सकती है 105 डिग्री सम वेयर इट इज रिटन एट 103 डिग्री कोई दिक्कत नहीं है ठीक है 105 डिग्री अब क्या हुआ ये लिक्विड अवस्था है सबने सोचा कि पी वेव है ये कौन सा वेव का शैडो जोन है पी वेव है तो ये सीधा यहां पे पहुंच जाएगी बट मेरे दोस्तों पी वेव जब सॉलिड से लिक्विड में जाए तो क्या डायरेक्शन चेंज करेगी जी हां
मैं बावला थोड़ी था जो रिफ्रैक्ट की बात कर रहा था आई वाज टॉकिंग अबाउट रिफ्रैक्ट विल हैपन यहां पे ये रिफ्रैक्ट्स हैं वो इस तरीके से वेव्स जो हैं ये इस तरीके से वेव्स जो हैं वो इस तरीके से अपनी डायरेक्शन चेंज करेंगी बट दीज वेव्स विल नेवर बी एबल टू रीच टू दिस लोकेशन ये इस लोकेशन पे कभी भी नहीं पहुंच पाएंगी क्यों क्योंकि उन्होंने अपनी डायरेक्शन को क्या कर लिया था चेंज कर लिया था क्यों चेंज कर लिया था क्योंकि मीडियम चेंज हो गया था और इसी मीडियम के चेंज होने के कारण क्या
उसकी वेलोसिटी भी बदलेगी जी हां तो क्या यह 105 से 145 डिग्री का ऐसा रीजन होगा जहां पे आपको शैडो जोन दिखाई देगा शैडो जोन का मतलब यह होता है जहां पे आपका जो सिस्मोग्राफ है वो सिस्मोग्राफ किसी प्रकार की कोई रीडिंग नहीं देता मतलब यहां पे वेव्स जो है वो रिकॉर्ड नहीं की जाती है वो वेव्स रिकॉर्ड क्यों नहीं की गई यहां पे इसलिए नहीं की गई क्योंकि लिक्विड था यहां पे इसलिए नहीं की गई क्योंकि आती तो वो सीधा चली जाती मतलब आईडियली तो वो सीधा चले जाना चाहिए था बट दुनिया में भगवान
को ये मंजूर नहीं था क्योंकि वो पी वेव थी और अंदर लिक्विड था इस लिक्विड के कारण यहां पे क्या हो गया रिफ्रैक्ट हो गया तो इससे हमें पता लगा कि शैडो जोन जो एस वेव का है वो क्या है बियोंड 105° इतना बड़ा है बट पी वेव का शैडो जोन कितना है 105 से 145 ° प्रीलिम्स में क्वेश्चन ये आ सकता है शैडो जन ऑफ पी वेव इज स्मॉलर देन द शैडो जन ऑफ ए वेव यस इट वुड बी करेक्ट स्टेटमेंट मेरे से क्लास में किसी ने ऑफलाइन में पूछा कि सर फिर तो इस
एरिया में रहने वाले जो लोग होंगे वहां पे उनको कभी भी कोई अर्थक्वेक अ का एहसास ही नहीं होगा क्योंकि यह तो हमेशा शैडो जोन में है मैंने बोला बात तो तेरी सही है बच्चा बट एक बात समझ वो किस पे डिपेंड करे ये 105 और 145 डिग्री जो है ये किसके रिलेटिव है ये इस हाइपो सेंटर के रिलेटिव हैं अगर यह हाइपो सेंटर बदलेगा तो ये 105° भी बदल जाएगा और कभी यह ऐसा जोन कभी यह जोन उस 105° के अंदर नहीं आया तो भाई साहब इसका कार्यक्रम तय हो जाएगा दैट इज व्हाई वी
नीड टू अंडरस्टैंड द कांसेप्ट हेयर कि क्या ये हाइपो सेंटर से है बिल्कुल हाइपो सेंटर से 105 डिग्र हम इसको लेके चल रहे हैं सो दीज आर दी इंफॉर्मेशन दैट इज बीइंग गिवन टू अस प्रोवाइडेड टू अस विद दी सिस्म वेव नाउ इससे हमें एक पूरा एहसास हुआ कि अर्थ का इंटीरियर कैसा बना हुआ है तो अर्थ के इंटीरियर को देखते हैं अर्थ के इंटीरियर का स्ट्रक्चर इस तरीके से आपको दिखाई देता है सबसे पहले मैं इसको आउटलाइन भी कर दूंगा अर्थ के इंटीरियर में अगर हम पूरे अर्थ का स्ट्रक्चर देखते हैं तो कैसा हमें
दिखाई देता है सबसे पहला भाग जो कि ऊपर वाला भाग है जिसको हम किस नाम से जानते हैं मेरे दोस्तों जिसको हम क्रस्ट के नाम से जानते हैं और अगर आप कॉन्टिनेंट के ऊपर है तो इस क्रस्ट को बोला जाता है कॉन्टिनेंटल क्रस्ट और अगर आप यहां पर ओशनिक क्रस्ट की बात करते हैं ओसियंस को देखते हैं तो इसे बोला जाता है ओशनिक क्रस्ट कॉन्टिनेंटल क्रस्ट और ओशनिक क्रस्ट में सबसे पहला चीज जो आपको ध्यान में रखनी है वह यह है कॉन्टिनेंटल क्रस्ट जो है यह थिकनेस इसकी क्या होती है कंपेरटिवली ज्यादा होती है देन
ओशनिक क्रस्ट थिकनेस इज ग्रेटर देन ओशनिक क्रस्ट वन कॉन्टिनेंटल क्रस्ट जो है ये लार्जली बनी हुई है किन रॉक से ग्रेनाइटिक रॉक से किन रॉक से ग्रेनाइटिक रॉक से ओशनिक क्रस्ट लार्जली बनी हुई है किन रॉक से लार्जली बोल रहा हूं लार्जली किन रॉक से बनी हुई है बेसाल्टिक रॉक से लार्जली वर्ड यूज कर रहा हूं पूरा का पूरा यही नहीं है लार्जली किन रॉक से बनी हुई है क्रनाइमट रॉक से ओशनिक क्रश जो है बसालत होने के कारण कंपेरटिवली इसकी डेंसिटी क्या होती है ज्यादा होती है और कॉन्टिनेंटल क्रस्ट कंपैरेटिव क्या है लाइट है
हल्की है कंपैरेटिव लाइटर है राइट तो ये बात हमें समझ में आई अगर मैं देखूं थोड़ा सा और डिटेल में तो यह पता लगता है कॉन्टिनेंटल क्रस्ट की जो अपर भाग है जो अपर लेयर है दैट इज कंसिस्टिंग ऑफ एंसाइट रॉक्स और बेसाल्टिक रॉक्स कहां पे हमें मिलेंगी ओशनिक क्रस्ट में अब यही कॉन्टिनेंटल क्रस्ट के जो डीप पार्ट है ये जो क्रस्ट का डीप पार्ट है इसके अंदर कुछ रॉक होती हैं जिनको आप गब्रू रॉक्स के नाम से जानते हैं तो गैब्रो रॉक्स बेस में मिल रही हैं बीच में कौन सी रॉक्स हैं ग्रेनाइटिक ऊपर
कौन सी है एंडसाय यहां पे ओशियन में कौन सी है बेसाल्टिक और नीचे कौन सी है गैब्रो रॉक्स है खत्म कहानी फिर इस कॉन्टिनेंटल क्रस्ट के बाद क्रस्ट के बाद क्रस्ट के बाद वी रीच टू दी रीजन जिसको मेंटल बोलते हैं अब यह जो पूरा का पूरा भाग है यह मेंटल का भाग है उस मेंटल के ऊपर अपर मोस्ट पार्ट ऑफ मेंटल जो कि सॉलिड है सॉलिड पार्ट है मेंटल का मेंटल का सॉलिड पार्ट है वैसे अगर यहां पर आप अच्छे से नहीं देख पा रहे हैं समझ पा रहे हैं तो मैं इसको बना देता
हूं वोह कैसे है उसको समझ लेते हैं देखिए सबसे पहले क्या है यह है हमारा क्रस्ट ठीक है इस क्रस्ट के अंदर दो तरीके की चीजें आपको दिखाई दे रही हैं वो क्या है वन इज दी ओसन दिस इज दी ओसन तो इस क्रस्ट को मैंने क्या बोला इस क्रस्ट को बोला ओशनिक क्रस्ट यहां पे जो यह क्रस्ट है दिस इज व्हाट वी कॉल एज कॉन्टिनेंटल क्रस्ट कॉन्टिनेंटल क्रस्ट लार्जली किससे बनी हुई है ग्रेनाइट से ठीक है कॉन्टिनेंटल क्रस्ट के ऊपर का जो भाग है इस भाग के अंदर कौन सी रॉक्स लार्जली कौन सी रॉक्स
हैं ये रॉक्स है एंडे साइट रॉक्स कौन सी रॉक्स है एंडे साइट रॉक्स बहुत डिटेल में बता रहा हूं इसके नीचे की रॉक्स कौन सी है पूरी क्रस्ट के नीचे की रॉक्स लार्जली इन रॉक्स को हम बोलते हैं गैब्रो रॉक्स कौन सी गैब्रो रॉक्स ठीक है सर जो ओशनिक क्रस्ट है इसके अंदर कौन सी रॉक्स का प्रेजेंस है ओशनिक क्रस्ट के अंदर सर बेसाल्टिक रॉक्स का प्रेजेंस है कौन सी रॉक्स का प्रेजेंस है बेसाल्टिक रॉक्स का तो ये हमें समझ में आया यहां पे आप देखेंगे ये है कॉन्टिनेंटल क्रस्ट की थिकनेस और ये है ओशनिक
क्रस्ट की थिकनेस तो कॉन्टिनेंटल क्रस्ट जो है थिकनेस के टर्म्स में ओशनिक क्रस्ट से ज्यादा है कॉन्टिनेंटल क्रस्ट ग्रेनाइट से बनी है थोड़ी हल्की है ओशनिक क्रस्ट बसालत से बनी है थोड़ी ज्यादा डेंसर है यह बात हमें समझ में आ गई इसके बाद हम आगे बढ़ते हैं इसके बाद क्रस्ट के बाद क्या स्टार्ट होता है सबको इतना तो सामान्य बचपन में पता ही है क्रस्ट के बाद स्टार्ट होता है मेंटल क्रस्ट के बाद स्टार्ट होता है मेंटल मेंटल के अंदर है अपर मेंटल अपर मेंटल एंड मिडल मेंटल भी बोलते हैं कभी-कभी बट हम उसको नहीं
लेके चल रहे हम लोअर मेंटल ले चले अपर मेंटल और लोअर मेंटल अपर मेंटल के अंदर का सबसे ऊपर वाला भाग अपर मस्ट भाग अपर मस्ट पार्ट वो है ये ये है अपर मोस्ट पार्ट ऑफ अपर मेंटल ठीक है ये बना हुआ है किससे सॉलिड से ये किससे बना हुआ है सॉलिड है बिल्कुल सॉलिड है कैसी स्टेट है सॉलिड स्टेट है इसको अगर मैं इसको अगर मैं अपर मोस्ट पार्ट और क्रस्ट को मिला देता हूं इतना भाग लेता हूं तो इसको किस नाम से जाना जाता है बच्चा इसको हम लिथोस्फीयर के नाम से जानते हैं
जनरली लोग क्रस्ट को ही लिथोस्फीयर मान लेते हैं नहीं क्रस्ट प्लस अपर मोस्ट पार्ट ऑफ दी अपर मेंटल इज समथिंग वी कॉल एज लिथोस्फीयर उसी को हम किस नाम से जानते हैं लिथोस्फीयर नाम से जानते हैं ठीक है सर हो गया डन डस्टेड कोई दिक्कत नहीं है फिर यह मेंटल है अपर मोस्ट भाग फिर इसके नीचे का जो भाग है दैट इज वेरी इंपॉर्टेंट वी कॉल इट एज एस्थनस फेयर वी कॉल इट एज स् स्फेयर एक ऐसा रीजन है जहां पे मोल्टन स्टेट में सेमी मोल्टन स्टेट में मैग्मा है यानी कि स्टेनोस्फीयर एथन का मतलब
ही होता है वीक एन का मतलब होता है वीक और उस वीक का मतलब यह है कि यहां पे रॉक्स इतनी वीक थी कि यह ना तो कंप्लीट मेल्ट हो पाई और ना ही कंप्लीट क्या हो पाई सॉलिड स्टेट में रह पाई सेमी मोल्टन स्टेट में है सेमी मोल्टन स्टेट में है इसी को हम मैग्मा चेंबर के नाम से भी जानते हैं मैग्मा चेंबर है और अगर अगर आप इसकी डेप्थ देखेंगे तो अराउंड 200 किमी तक 200 से 250 500 किमी तक की डेप्थ आपको एनोस्का दे जाएगी अब इस एथेनोइक के अंदर लोअर मेंटल के
बाद आता है आउटर कोर मोस्ट इंपॉर्टेंट सेगमेंट यहां पे कौन सा है आउटर कोर है और आउटर कोर के बारे में आप लोग हमेशा एक चीज याद रखेंगे वो ये है कि आउटर कोर किस स्टेट में है लिक्विड स्टेट के अंदर है आउटर कोर लिक्विड स्टेट के अंदर है और उस लिक्विड स्टेट में होने का कारण क्या है आउटर कोर के अंदर कौन से मटेरियल मिलते हैं आयरन और निकल आयरन और निकल बट ये जो आयरन और निकल है इनके साथ-साथ कुछ इंप्योरिटीज भी पाई जाती हैं कुछ इंप्योरिटीज भी होती हैं आउटर कोर के अंदर
और ये इंप्योरिटीज सल्फर की इंप्योरिटीज हैं और इस इंप्योरिटी के कारण आउटर कोर थोड़ा सा कंपेरटिवली क्या हो जाता है वीक हो जाता है इसीलिए जैसे-जैसे जैसे-जैसे डेप्थ बढ़ रही है प्रेशर बढ़ रहा है तो इसको लिक्विड स्टेट में जाना नहीं चाहिए था बट ये चला क्यों गया क्योंकि यहां पे कुछ इंप्योरिटीज है सल्फर की जिस वजह से मटेरियल की प्योरिटी में जब कमी आई तब उसके अंदर टेंपरेचर डोमिनेट कर गया वो कहता भाई मैं भी हूं मेरा भी तो जैसे-जैसे डेप्थ इंक्रीज हो रही है टेंपरेचर भी तो इंक्रीज हो रहा है अकेला प्रेशर थोड़े
ही काम करेगा मटेरियल इंपोर मिला चल फटाफट उसको क्या कर दिया मेल्ट कर दिया इस वजह से इस इंप्योरिटी के कारण यहां पे ये मोल्टन स्टेट के अंदर आ जाता है और आउटर कोर इज इन लिक्विड स्टेट आउटर कोर इज इन लिक्विड स्टेट एंड फाइनली इनर कोर जो कि जो कि आयरन और निकल से बना हुआ है उसको हम प्योर आयरन और निकल से बने हुए इस मिनरल को इसको हम इनर कोर के नाम से जानते हैं अब एक बात देखें कुछ वर्ड्स आते हैं वो जाने जाते हैं डिस्कंटेंट इनटीयूसी लेयर के अर्थ के इंटीरियर
में जाएंगे तब आपको दिखाई देगा जो पी वेव है और ए वेव है इनकी पी वेव जो है इसकी वेलोसिटी में क्या होगा चेंज होगा क्यों वेलोसिटी में चेंज होगा क्योंकि एक मटेरियल से दूसरे मटेरियल में डेफिनेटली इसका चेंज तो होना ही है अगर आप सॉलिड से लिक्विड जाएंगे तो चेंज होगा लिक्विड से दूसरे वापस सॉलिड आएंगे फिर चेंज हो होगा सॉलिड में भी डिफरेंट डिफरेंट डेंसिटी है डिफरेंट डिफरेंट डेंसिटी के कारण ये वेलोसिटी के अंदर वेरिएशन होता है इसी वजह से कुछ डिस्कंटेंटेड हो गया तो जहां पे अचानक से तेज हुआ वो डिस्कंटेंट निटी
को जो कि क्रस्ट और मेंटल के बीच में है उसे जाना जाता है मरविच डिस्कंटेंट डिस्कंटेंटमेंट क्रस्ट के बीच में भी देखते हैं वो आप पढ़ सकते हैं बट सबसे पहले हम जो डिस्कंटेंट इज मोहर विक डिस्कंटेंट इनटीवी डिस्कंटेंट एंड मेंटल देन मेंटल अ जो अ हमारा जो अगली डिस्कंटेंट इन दी फॉर्म ऑफ दैट यू कैन सी इन द फॉर्म ऑफ रेपी रेपी इज अपर मेंटल एंड लोअर मेंटल जो अपर मेंटल और लोअर मेंटल के बीच की डिस्कंटेंट और आउटर कोर के बीच की डिस्कंटेंट और आउटर कोर और इनर कोर के बीच की डिस्कंटेंट निटी
इसको बोलते हैं लेमन डिस्कंटेंट में जाते रहेंगे वैसे-वैसे डेंसिटी क्या होती रहेगी इंक्रीज होती रहेगी सबसे पहले जो डेप्थ में है और ये हमें पता भी है कि जो सबसे डेंस मटेरियल होता है वो सबसे लोअर मोस्ट भाग पे जाके ही सेटल होता है उसके ऊपर आए हमने थोड़ी कम डेंस डेंसिटी फिर उसके ऊपर थोड़ी कम फिर उसके ऊपर थोड़ी कम इस तरीके से डेंसिटी क्या होती जा रही है डेप्थ में जाने पे इंक्रीज होती है वापस ऊपर आने पे डिक्रीज होती है उसके साथ एक और चीज है जो हमें याद रखनी है मैंने बोला
लिथोस्फीयर क्या होता है लिथोस्फीयर आप सब लोगों ने जाना कि सर लिथोस्फीयर क्रस्ट प्लस क्रस्ट प्लस अपर मोस्ट पार्ट ऑफ अपर मेंटल है उसे लिथोस्फीयर कहते हैं लिथोस्फीयर के नीचे क्या है सर एथेनोवा चेंबर के नाम से जानते हैं मैग्मा चेंबर का मतलब यह है कि एथनो स्फेयर अगर ये लिथोस्फीयर है और नीचे में नीचे अगर आप देखें इसको ऐसे समझ लें वेट अगर मान लीजिए ये एथनो स्फीयर है ऊपर लिथोस्फीयर है तो क्या मैं कह सकता हूं लिथोस्फीयर एथनो स्फेयर के ऊपर फ्लोट कर रहा है बिल्कुल सही बात है सर क्यों क्योंकि एथनो स्फेयर
तो सेमी मोल्टन है और ये क्या है लिथोस्फीयर है ये वही लिथोस्फीयर है जिसको आप प्लेटें प्लेटें प्लेटें कहोगे लेटर ऑन स्टेज में जाके ये पूरा जो लिथोस्फीयर है ना ये पूरा लिथोस्फीयर जो है डिफरेंट डिफरेंट स्लैब्स में बटा हुआ है जिसको आप डिफरेंट डिफरेंट प्लेट्स के नाम से जानते हैं जो लिथोस्फेरिक स्लैब्स होती है ना उन्हीं को प्लेट कहते हैं क्योंकि आप ऐसे मानो कि एक अंडा है अंडे को ऊपर से आपने टैप किया तो उसके अंदर जो क्रैक्स डेवलप हो गए वो छोटे-छोटे टुकड़े जो हैं वो क्या है उस आउटर लेयर के वही
लिथोस्फेरिक प्लेट के रूप में धरती के अंदर हमें दिखाई देते हैं एस्थनस फीयर के बाद लोअर मेंटल को जाना जाता है मेजो स्फीयर के नाम से और आउटर कोर और इनर कोर को जाना जाता है बेरी स्फेयर के नाम से राइट स दिस इज वन इंफॉर्मेशन दैट यू आर गोइंग टू रिमेंबर एक चीज और है अर्थ के अंदर जो आप एनसीआरटी में भी देखेंगे जो उड़ान बुकलेट के अंदर भी आपको प्रोवाइडेड होगी वो ये कि अर्थ के क्रस्ट का कंपोजिशन क्या है अर्थ के क्रस्ट में सबसे ज्यादा क्या मौजूद है ऑक्सीजन ऑक्सीजन के बाद क्या
मौजूद है सिलिकन उसके बाद क्या मौजूद है एलुमिनियम ये है क्रस्ट का ठीक है जबकि हम अगर ओवरऑल की बात करेंगे तो ओवरऑल ओवरऑल अर्थ के अंदर सबसे ज्यादा क्या है मोस्ट एंडेंदु एट क्या है आयरन है अ अदर वाइज अगर आप अर्थ की क्रस्ट के अंदर मोस्ट एंडेंजर सिलिकॉन और एलुमिनियम के रूप में दिखाई देता है दिस इज हाउ वी आर डन विद दी इंटीरियर ऑफ अर्थ नाउ लेट्स मूव ऑन टू दी नेक्स्ट पार्ट दैट इज व्हाट वी कॉल एज रॉक्स रॉक्स आर दी एग्रीगेट ऑफ डिफरेंट मिनरल्स इन सॉलिड फॉर्म सबसे पहले तो हम
जानने की कोशिश करते हैं रॉक्स है क्या देखिए हमारी धरती के ऊपर बहुत सारे मिनरल्स हैं जैसा कि अभी हमने इंटीरियर ऑफ अर्थ में मालूम किया कि इन मिनरल्स का सोर्स क्या है इन मिनरल्स का सोर्स है हमारा इंटीरियर और अगर ये मिनरल्स एग्रीगेट हो जाते हैं एक दूसरे के साथ जुड़ जाते हैं और सॉलिड फॉर्म में पाए जाते हैं सॉलिड फॉर्म में पाए जाते हैं तो इन्हें हम किस नाम से जानते हैं रॉक्स के नाम नाम से जानते हैं तो बेसिकली शुरुआत कहां से होती है रॉक्स की रॉक्स की शुरुआत होती है मिनरल्स से
अगर आप यहां पे देखें सबसे इंपॉर्टेंट बात वो यह है कि जैसे-जैसे मैं इन पूरे के पूरे एस्पेक्ट को समझने की कोशिश करूंगा मुझे बहुत अच्छे से पता होना चाहिए कि व्हाट एगजैक्टली दीज मिनरल्स आर तो इन मिनरल्स को क्लासिफाई किया जाता है डिफरेंट डिफरेंट प्रोस्पेक्ट के आधार पर जैसे कि मिनरल्स जो हैं वो दो मेजर कैटेगरी में क्लासिफाई किए जाते हैं वन वी कॉल एज सि ट मिनरल्स एंड सेकंड वी कॉल एज नॉन सिलिकेट मिनरल्स सिलिकेट मिनरल्स ऐसे मिनरल्स हैं जिनके अंदर सिलिकन और ऑक्सीजन का प्रेजेंस होता है जिनके अंदर किसका प्रेजेंस है सिलिकन
और ऑक्सीजन का प्रेजेंस है सिलिकन और ऑक्सीजन का प्रेजेंस है इसलिए इनको किस नाम से जानते हैं सिलिकेट मिनरल्स के नाम से जानते हैं और जो दूसरे मिनरल्स हैं जिनको हम नॉन सिलिकेट मिनरल्स के नाम से जानते हैं उनको हम थोड़ी देर में डिस्कस करते हैं बट यहां पे हम देखें जो ये सिलिकेट मिनरल्स हैं इनको भी बहुत दे आर दे आर फॉर्म दे फॉर्म दी मेजॉरिटी ऑफ दी अर्थस क्रस्ट जैसा कि मैंने आपको बोला था कि अर्थ की क्रस्ट में जो कंपोजीशन है वो क्या है ऑक्सीजन सबसे ज्यादा है फिर सिलिकन है फिर एलुमिनियम
है ये क्रस्ट का कंपोजीशन है और अगर हम ओवरऑल अर्थ के कंपोजीशन की बात करें तो उसमें सबसे ज्यादा क्या है आयरन है फिर ऑक्सीजन है फिर सिलिकॉन है फिर मैग्नीशियम है इस तरीके से ये चलता है ठीक है तो यहां पे हम देखें मेजॉरिटी ऑफ दी अर्थस क्रस्ट इज मेड अप ऑफ सिलिकॉन एंड ऑक्सीजन इसीलिए इनको सिलिकेट मिनरल्स के नाम से जाना जाता है इन सिलिकेट मिनरल्स में कुछ एग्जांपल मैं आपको देने की कोशिश करता हूं जैसे कि फेल्ट स्पार जैसे कि क्वाड क्वाट्स ये क्वाट्स और फेल्ट स्पार जो हैं ये सारे क्या हैं
कुछ ऐसे मिनरल्स हैं जो कि जो कि कौन से मिनरल्स है सिलिकेट मिनरल्स हैं जिसमें सबसे पहले मैं अगर फेल्ट्स बार की बात करता हूं तो यह 50 पर अर्थ की क्रस्ट का फॉर्मेशन करता है जिसके अंदर सिलिका एलुमिनियम सोडियम सिलिका एलुमिनियम सोडियम पोटेशियम और कैल्शियम जैसी कैल्शियम जैसे एलिमेंट्स का प्रेजेंस है और इसका यूज़ का किया जाता है जो फेल्ट स्पार है जो ग्लास इंडस्ट्री है ग्लास यानी कि कांच और यह जो ग्लास प्रोडक्शन है जो सिरामिक इंडस्ट्री है उसके अंदर इस मिनरल का इस्तेमाल किया जाता है अब सेकंड मिनरल जो कि सबसे इंपॉर्टेंट
है यहां पे दैट इज क्वाट्स ये कौन से हैं सिलिकेट मिनरल्स हैं इसके अंदर भी आपको किसका प्रेजेंस दिखाई देगा सिलिकन डाइऑक्साइड का सिलिकन डाइऑक्साइड का यह भी जो हमारी सैंड ग्रेनाइट है उसका मेजर भाग है और बहुत ही बहुत ही हार्ड होता है क्वाट्स एंड इसका यूज होता है बहुत सारी इंडस्ट्रियल एप्लीकेशन में और ग्लास मेकिंग में थर्ड जो मिनरल है दैट इज पायरोक्लोर ए जैसे इसका नाम कहता है कि इसके अंदर कैल्शियम मैग्नीशियम आयरन सिलिका होना ही है बट उसके साथ साथ-साथ एलुमिनियम का भी प्रेजेंस हमें दिखाई देगा ये कॉमनली आपको इग्नियस रॉक
में दिखाई देता है वो मैं अभी थोड़े समय में आपको बताता हूं ये इसका यूज क्या है ये इंपॉर्टेंट है रॉक फॉर्मेशन के अंदर उसकी अंडरस्टैंडिंग के अंदर और इसी वजह से एक जियोलॉजिकल इंडिकेटर का काम करता है दैट इज व्हाट वी कॉल एज पायरोक्लोर और कैल्शियम का एक मिनरल है जिसका इस्तेमाल किया जाता है एस्बेस्टस इंडस्ट्री जो है हिस्टोरिकल यूज्ड इन दी एस्बेस्टस इंडस्ट्री और आज यह हेल्थ रिस्क के कारण इसका यूज़ कंपेरटिवली कम कर दिया गया है माइका माइका के अंदर आपको पोटेशियम और एलुमिनियम का प्रेजेंस दिखाई देगा और इलेक्ट्रिक इंस्ट्रूमेंट्स के अंदर
माका का प्रेजेंस दिखाई देता है राजस्थान जैसे जो राज्य हैं वहां पे इन सब मिनरल्स का प्रेजेंस लार्ज स्केल पे आपको दिखाई देगा फिर आता है ओलिवाइन ओलिवाइन के अंदर लार्जली ओलिवाइन के अंदर लार्जली आपको मैग्नीशियम और मैग्नीशियम और आयरन का प्रेजेंस दिखाई देता है यह जो ओलिवाइन है मेंटल का जो भाग है वह ओलिवाइन भाग है उसके अंदर इसका प्रेजेंस आपको लार्जली दिखाई देगा जो हमारी ज्वेलरी मेकिंग इंडस्ट्री है उसके अंदर ऑलिव वाइन का लार्ज स्केल पे यूज किया जाता है बेसाल्टिक रॉक्स के अंदर यह मिलता है नॉन सिलिकेट मिनरल्स जिनके अंदर जिनके अंदर
सिलिकन और ऑक्सीजन का प्रेजेंस नहीं है दे डू नॉट कंटेन सिलिकन एंड ऑक्सीजन एस फार एज नॉन सिलिकेट मैटेरियल्स आर मिनरल्स आर कंस इन नॉन सिलिकेट मिनरल्स के अंदर आपको कुछ मेटलिक मिनरल्स मिलेंगे कुछ फेरस मिनरल्स मिलेंगे कुछ नॉन फेरस मिनरल्स मिलेंगे जैसे कि आप गोल्ड की बात करें सिल्वर की बात करें जैसे कि आप आयरन की बात करें उसके साथ-साथ कॉपर की बात करें ये सारे के सारे मिनरल्स ऐसे हैं जिनको हम नॉन सिलिकेट मिनरल्स कहते हैं और इन नॉन सिलिकेट मिनरल्स में सिलिका और ऑक्सीजन नहीं है सिलिकेट मिनरल्स में कौन-कौन आया सिलिकेट मिनरल
में याद करते हैं सबसे पहले हमने देखा था फेल्ट स्पार सेकंड वाज क्वाट्स थर्ड वाज पायरोक्लोर करेंगे सबसे पहले क्या था फटाफट ध्यान से रिवाइज करते हैं सबसे पहले था हमारे पास अ फेल्ट स्पार सेकंड वाज क्वाट्स थर्ड वाज पायरोक्लोर माइका के बारे में तो हमें पता ही है कि ये सिलिकेट मिनरल है और माइका जो सिलिकेट मिनरल है जिसके अंदर पोटेशियम एलुमिनियम मैग्नीशियम आयरन और सिलिका का प्रेजेंस है राइट और इसके इसका जो माइका का यूज होता है वह कॉस्मेटिक और उसके साथ-साथ इलेक्ट्रिक इंस्ट्रूमेंट्स के अंदर भी यूज होता है ठीक है जी अब
हमें मिनरल्स के बारे में तो पता लग गया बट व्हाट एगजैक्टली दीज रॉक्स आर रॉक्स के बारे में मैंने आपको एक बढ़िया डेफिनेशन दी कि ये नेचुरली अरिंग एग्रीगेशन ऑफ मिनरल्स इन सॉलिड फॉर्म है जो मिनरल्स हैं अब देखो ये जितने भी मिनरल्स हैं ये मिनरल्स हमें कहां मिल रहे हैं कि अच्छा ठीक है अगर लोहा मिल रहा है आयरन मिल रहा है तो वो कहां पे मिल रहा है किसी पत्थर र में मिल रहा है ना तो वो मिनरल कंटेंड है एक सॉलिड फॉर्म में उसी को हमने क्या बोला है रॉक बोला है तो
हुआ यह कि दुनिया के अंदर बहुत सारे मिनरल्स की जानकारी हमें मिली तो वह कहां से मिली क्योंकि ये सारे मिनरल्स किसी ना किसी रूप में जुड़े हुए थे एक पत्थर के रूप में सॉलिड के रूप में उसी को ही रॉक्स बोला गया अब ये जो रॉक्स हैं इन रॉक्स को क्लासिफाई किया जाता है ऑन दी बेसिस ऑफ देयर फॉर्मेशन कैसे क्लासिफाई किया जाता है सबसे पहले आती है इग्नियस रॉक सबसे पहली जो रॉक है उनको हम क्या बोलते हैं इग्नियस रॉक के नाम से जानते हैं अब इग्नियस रॉक का मतलब क्या है उसको समझते
हैं यह जो इग्नियस है इसमें जो यह वर्ड है इग्नियस दिस इज डिराइवर यानी कि जब भी हमने पहली चीज आज अभी अब देखो कैसे कनेक्शन बैठेंगे इंटीरियर ऑफ अर्थ में मैंने बोला था 2.5 बिलियन इयर्स एगो 2.5 बिलियन इयर्स एगो 2.5 बिलियन इयर्स एगो अगर अगर 2.5 बिलियन इयर्स एगो अगर हम बात करते हैं तो वहां पे क्या था पूरा अर्थ था अर्थ कौन सी स्टेट में था मोल्टन स्टेट में था उस मोल्टन मैग्मा के मैग्मा के सॉलिडिफिकेशन से कुछ अगर रॉक्स बनी कुछ पत्थर बने तो वो रॉक कौन सी रॉक होगी बच्चा लोग
वो रॉक होगी इग्नियस रॉक तो इग्नियस रॉक का मतलब है द रॉक व्हिच इज बीइंग फॉर्म्ड आउट ऑफ द सॉलिडिफिकेशन ऑफ मैग्मा वी कॉल इट एज इग्नियस रॉक वी कॉल इट एज इग्नियस रॉक एंड एंड एंड एंड वन मोर थिंग आई मस्ट टेल यू हियर इसी इग्नियस रॉक को इसी इग्नियस रॉक को अगर आप देखें यहां पे तो मैं यह प्राइमरी रॉक के रूप में भी जानू वो प्राइमरी रॉक क्यों बोलूंगा इसको क्योंकि ये प्राइमरी रॉक इसलिए है प्राइमरी रॉक इसलिए है क्योंकि जब धरती सबसे पहली बार बनी ढाई बिलियन साल पहले तो उस धरती
के बनने के समय पे जो पहली रॉक बनी थी वो कौन सी रॉक थी इग्नियस रॉक थी इसी कारण से इग्नियस रॉक को प्राइमरी रॉक के नाम से भी जाना जाता है मेंस में सवाल भी पूछा गया कि प्राइमरी रॉक्स की कैरेक्टरिस्टिक बता दो तो लोगों को समझ में भी आना चाहिए कि उन्होंने इग्नियस रॉक के बारे में पूछा है इग्नियस इग्निस इग्नियस का मतलब फायर फायर का मतलब मैग्मा मैग्मा का सॉलिडिफिकेशन सॉलिडिफिकेशन से जो रॉक बनी वो इग्नियस रॉक बनी उसी इग्नियस रॉक को हमने प्राइमरी रॉक बोला क्योंकि सबसे पहले धरती के ऊपर जो
रॉक बनी होगी वो यही बनी होगी क्यों क्योंकि मैग्मा का सॉलिडिफिकेशन तभी हुआ था क्यों क्योंकि ढाई बिलियन साल पहले टेंपरेचर कितना था 2000 डिग्री सेल्सियस था और अगर हम हम इसका क्लासिफिकेशन देखते हैं वो क्या है कभी-कभी मैग्मा बाहर आ जाता है कभी मैग्मा अंदर ही रह जाता है कभी मैग्मा बाहर आ गया कभी मैग्मा अंदर ही जम गया अगर मैग्मा का अर्थ के सरफेस के इंटीरियर के अंदर सॉलिडिफिकेशन हो गया तो उसको इंट्रूसिव इग्नियस रॉक अर्थ के सरफेस के बाहर हुआ तो एक्सट्रूसिव इग्नियस रॉक बोलेंगे सो ऑन द सरफेस ऑफ़ अर्थ इट इज़
एक्सट्रूसिव बिलो द सरफेस ऑफ़ अर्थ इट इज़ इंट्रूसिव दे आर फॉर्म ड्यू टू दी कॉलिंग एंड सॉलिडिफिकेशन ऑफ़ मैग्मा दैट्ची अब हमें तीन-चार चीजें पता लगी पहली चीज तो पता लगी कि इग्नियस रोक का मतलब क्या होता है जब मैग्मा का सॉलिडिफिकेशन होता है और उसके बाद सरफेस के बाहर होता है तो एक्सट्रूसिव सरफेस के अंदर होता है तो इंट्रूसिव अब उसके अलावा इसको हमने ये भी समझना है इग्नियस रॉक कौन सी रॉक्स होती है क्रिस्टलाइन रॉक्स होती हैं क्रिस्टलाइन रॉक्स का मतलब आपने ग्रेनाइट देखा होगा ग्रेनाइट के अंदर छोटे-छोटे छोटे-छोटे ऐसे बॉक्सेस दाने दिखते
हैं हमें क्रिस्टल्स दिखाई देते हैं ये क्रिस्टल्स क्यों बनते हैं जब भी मैग्मा सॉलिड मैग्मा का सॉलिडिफिकेशन होता है ना तब उसमें से एयर रिमूव होती है बाहर जो थोड़ा सा जो भी उसके अंदर गैसेस हैं गैसेस बाहर निकलती हैं मैग्मा सॉलिडिफाईज उनके अंदर के मिनरल्स हैं जो उनके अंदर के जो ग्रेंस हैं वो ग्रेंस क्या होते हैं आपस के अंदर एक पर्टिकुलर अरेंजमेंट के अंदर क्या होने लगते हैं सॉलिडिफाईज का जब अरेंजमेंट होने लगता है तब उसी को हम किसका फॉर्मेशन कहते हैं क्रिस्टल्स का फॉर्मेशन कहते हैं अब अगर ध्यान से समझो मान लो
ये मिनरल्स थे इन मिनरल्स को अरेंज होना है और ये अरेंज कब हो रहे हैं जैसे धीरे-धीरे धीरे-धीरे मैग्मा क्या होता जा रहा है सॉलिडिफाईज रहा है मिनरल्स अरेंज होते जा रहे हैं जैसे-जैसे मैग्मा सॉलिडिफाईज अरेंज होते जाएंगे किसका फॉर्मेशन होता जाएगा क्रिस्टल्स का फॉर्मेशन होगा इसीलिए इनको किस नाम से जानते हैं क्रिस्टलाइन रॉक्स के नाम से जानते हैं अब इग्नियस रॉक के अंदर जो क्रिस्टल्स का साइज होता है क्रिस्टल का साइज होता है ये डिपेंड करता है रेट ऑफ कूलिंग पे डिपेंड करता है किस पे रेट ऑफ कूलिंग पे रेट ऑफ कूलिंग का मतलब
ये है कि अगर कूलिंग बहुत ही फास्ट हो गई तो क्या मिनरल्स को अरेंज होने में टाइम मिलेगा नहीं मिलेगा सर फटाफट क्या हो गया फटाफट क्या हो गया सर ये बिल्कुल जल्दी से जल्दी सॉलिड हो गया इसका मतलब उन मिनरल्स को अरेंज होने का टाइम नहीं मिला यानी कि क्रिस्टल का साइज क्या होगा अगर कूलिंग बहुत ही फास्ट है कूलिंग बहुत ही फास्ट है तो मिनरल्स और जो ग्रेन साइज है जो क्रिस्टल साइज है वो क्या होगा कंपैरेटिव कम होगा और अगर कूलिंग स्लो है कूलिंग स्लो है तो मेरे दोस्तों आप खुद समझो मिनरल्स
बड़े प्यार से अरेंज होंगे क्रिस्टल्स का फॉर्मेशन करेंगे तो क्रिस्टल का जो ग्रेन साइज होगा वो क्या होगा बड़ा होगा सिंपल एज दैट अब मुझे दिमाग लगा के कमेंट सेक्शन में बताइएगा फटाफट एक चीज वो ये कि अगर हम एक मैग्मा जो अर्थ के सरफेस के बाहर ठंडा होगा हो रहा है और एक अर्थ के इंटीरियर के अंदर ठंडा हो रहा है कौन सा जल्दी ठंडा होगा दिमाग मेरा तो ये कहता है बेटा लोग कि जैसे ही बाहर आएंगे वैसे अचानक से टेंपरेचर कम हो जाएगा तो बाहर जल्दी ठंडा होगा अर्थ के इंटीरियर में तो
अगर मैग्मा ठंडा हो रहा है तो उसको वक्त लगेगा क्योंकि इंटीरियर में तापमान ज्यादा है इसका मतलब ये है अर्थ के इंटीरियर में जो ग्रेंस का साइज है वो क्या होगा कंपैरेटिव बड़ा होगा और अर्थ के इंटीरियर के बाहर जो ग्रेन का साइज है वो कंपैरेटिव छोटा होगा यानी कि जो एक्सक्लूसिव इग्नियस रॉक्स हैं इसमें क्रिस्टल्स जो हैं वो कंपैरेटिव छोटे होंगे एक इंट्रूसिव इग्नियस रॉक्स के अंदर क्रिस्टल्स बड़े होंगे दिमाग लगाया जाता है रट्टा नहीं मारा जाता किस पे डिपेंड करता है कूलिंग पे कूलिंग पे क्यों डिपेंड करता है क्योंकि जैसे कूलिंग होगी उसी
पे तो निर्भर करेगा मेरे दोस्तों कि कूलिंग फास्ट है तो ग्रेंस को टाइम मिल गया कूलिंग स्लो है तो ग्रींस के पास टाइम नहीं है चले अब अंडरस्टैंड करते हैं कि इसके अंदर फॉसिल्स क्यों नहीं है फॉसिल्स क्यों नहीं है क्योंकि देखो बर्न हो जाएंगे ना मैग्मा है मैग्मा बर्न हो जाएगा तो ये फॉसिल्स का प्रेजेंस आपको यहां पे दिखाई नहीं देगा इसका मतलब इग्नियस रॉक के अंदर मेरे दोस्तों आपको कभी भी फॉसिल फ्यूल या हमें कोई ऐसे क्रूड ऑयल कोल जैसे कोई भी कोई भी पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स नहीं मिलने वाले हैं राइट तो यह बात
हमें इग्नियस रॉक के बारे में पता लगी इग्नियस रोक का क्लासिफिकेशन हम अगर देखें एक तो इनकी डेप्थ के अकॉर्डिंग है जिसे हम एक्सट्रूसिव और इंट्रूसिव कहते हैं कुछ इग्नियस रॉक का जो फॉर्मेशन है वो किससे हुआ है मैग्मा से हुआ है तो अब ये डिपेंड करता है कि मैग्मा कैसा है मैग्मा का केमिकल कंपोजीशन कैसा है उसके अकॉर्डिंग भी डिफरेंट डिफरेंट टाइप्स ऑफ गयस रॉक्स हो सकती हैं कुछ मैग्मा ऐसे होंगे जिसके अंदर सिलिका का कंटेंट ज्यादा होगा कुछ मैग्मा ऐसे होंगे जिसके अंदर आयरन का कंटेंट ज्यादा होगा यह अब मुझे कैसे पता लगा
यह मुझे इसलिए पता लगा क्योंकि मैंने बचपन में एक बात पढ़ाई थी आपको वो यह थी बचपन मतलब इसी क्लास के शुरुआत में वो यह थी कि इंटीरियर ऑफ अर्थ में ग्रेविटेशनल एनमल के कारण मैंने बोला था मास इज नॉन यूनिफॉर्म डिस्ट्रीब्यूटर मास अगर यूनिफॉर्म डिस्ट्रीब्यूटर नहीं है तो कहीं पे सिलिका ज्यादा है कहीं पे आयरन ज्यादा है तो इसका मतलब ये है कभी सिलिका का सिलिका वाला मैग्मा बाहर आ रहा है कभी आयरन वाला मैग्मा बाहर आ रहा है तो उसके अकॉर्डिंग रॉक्स का क्लासिफिकेशन देखा जाएगा और अभी तक ये हमें ये नहीं पता
कि कब बाहर आएगा बाहर आने के बाद पता लगेगा कि भाई कौन सा बाहर आया है अंदर जाक नहीं देखूंगा अच्छा सिलिका बाहर आ रहा है या आयरन बाहर आ रहा है नहीं तो अब यहां पे हम देखें तो सबसे पहली चीज सिलिका का मतलब ये है सिलिका का कंटेंट अगर ज्यादा होता है तो उसे हम एसिडिक रॉक कहते हैं सिलिका का कंटेंट कम होता है तो उसे हम बेसिक रॉक कहते हैं या हम ऐसे बोले सिलिका का कंटेंट ज्यादा होता है तो उसको हम एसिडिक कहते हैं और आयरन का कंटेंट ज्यादा होता है तो
उसे बेसिक रॉक कहते हैं सिलिका का कंटेंट ज्यादा होता है तो इसका मतलब वो लाइट कलर का होगा जो मैग्मा होगा वो लाइट कलर का होगा उसकी डेंसिटी बहुत ही कम होगी राइट उसकी विस्कोसिटी बहुत ज्यादा होगी विस्कोसिटी बहुत गाढ़ा होगा राइट अगर बहुत गाढ़ा है तो ज्यादा दूर तक ट्रेवल नहीं करेगा अगर हम बात करते हैं एक वर्ड की जिस को अभी आपने समझा था जिसे हम फेल्ड स्पार के नाम से जानते हैं जिसके अंदर जिसको हम सिलिकेट मिनरल्स के रूप में भी देखें और ये सिलिकेट मिनरल्स के रूप में जो फेल्ट स्पार है
सिलिका और ऑक्सीजन से मिलकर जो बना हुआ है यहीं से आपको दो तरीके की रॉक नजर आती हैं सबसे पहले मैं इनका कंपोजीशन यहां पे अगर आपको दिखाऊं तो केमिकल कंपोजीशन के रूप में इनको फेल्सिक इंटरमीडिएट माफिक और अल्ट्रामाफिक के नाम से जाना जाता है फेल्सिक का मतलब क्या है फेल्सिक का मतलब है फेल्ट स्पार फेल्ट्स पार जिसके अंदर है और जिसके अंदर सिलिका है इसीलिए इसको फेल्सिक बोला गया यानी कि इसके अंदर सिलिका का कंटेंट ज्यादा है इंटरमीडिएट के अंदर सिलिका का कंटेंट इंटरमीडिएट है माफिक के अंदर सिलिका का कंटेंट कम है राद माफिक
जो वर्ड आया एफ आई यानी कि ये किससे आया है आयरन फेरस से आया यानी कि यहां पे आयरन का कंटेंट ज्यादा है और अल्ट्रा माफिक में आयरन का कंटेंट बहुत ही ज्यादा है तो क्या मैं कह सकता हूं सबसे ज्यादा एसिडिक फ स सबसे ज्यादा बेसिक अल्ट्रामाफिक क्या मैं कह सकता हूं जो इंट्रूसिव रॉक्स हैं अगर आप खुद समझे इंट्रूसिव रॉक्स कौन सी है जो अर्थ के इंटीरियर में बनी है अर्थ के इंटीरियर में कौन सी बनेगी जो कि जल्दी सॉलिडिफाईज जल्दी कौन सी सॉलिडिफाईज ज्यादा लंबा ट्रेवल नहीं कर पाएंगी उनमें ज्यादातर कौन सी
दिखाई देंगी सर ग्रेनाइटिक रॉक्स जिसको हम इंट्रूसिव रॉक्स कहते हैं और ग्रेनाइट में कौन सा है सर सिलिका है ठीक है सर एक्सट्रूसिव में सर कौन सी है रायोला इट है इंटरमीडिएट डारा इट और एंडे साइट अब खुद समझो क्या लिखा हुआ है एंडे साइट एंडे साइट कौन सा है एक्सक्लूसिव याद करो इंटीरियर ऑफ अर्थ इंटीरियर ऑफ अर्थ में मैंने तुम्हें बताया था क्रस्ट के नीचे का भाग क्या है क्रस्ट के नीचे का भाग ग्रेनाइट ऊपर का भाग एंडे साइट नीचे का भाग ग्रेनाइट यानी कि इंट्रूसिव ऊपर का भाग एंडे साइट यानी कि अपर पार्ट
और उससे नीचे क्या मिला था गैब्रो तो गैब्रो भी क्या है इंट्रूसिव गैब्रो भी आपको इंट्रूसिव दिखाई दे जाएगा और गैब्रो आपको कहां इंट्रूसिव दिखाई दिया था बिल्कुल सही बात है इंट्रूसिव दिखाई दिया था उसके बाद सर उसके बाद क्या होगा उसके बाद क्या मिला सर आपको बसा बसा कहां पे एक्सट्रूसिव है बिल्कुल सही बात है ओशिन की क्रस्ट के ऊपर का भाग जो है वो क्या है बेसाल्ट से बना है तो बेसाल्टिक इज एक्सक्लूसिव फिर कोमला इट एंड पीडा इट ये जो है बेसिकली दीज आर दी डिफरेंट डिफरेंट टाइप्स ऑफ इग्नियस रॉक्स दैट यू
कैन सी हियर दैट यू कैन सी हियर इग्नियस रॉक केमिकल कंपोजीशन के रूप में एसिडिक बेसिक फेल्सिक माफिक अल्ट्रामाफिक इन सबके एग्जांपल आपके सामने है हाई इन आयरन रिच इन फेल्ट स्पार एंड क्वाट्स माफिक रॉक मैग्नीशियम एंड आयरन रिच है अल्ट्रा माफिक हाई इन मैग्नीशियम एंड आयरन जो मैंने एग्जांपल भी आपको दिखाए हैं चाहे वो पीडा इट है चाहे वो कोमा लाइट है चाहे वो उसके बाद हम रायोला इट की बात करते हैं ग्रेनाइट की बात करते हैं बसा की बात करते हैं एंडे साइट की बात करते हैं गैब्रो की बात करते हैं राइट ये
तो हो गई हमारी एक भाग अब अगर हम केमिकल कंपोजीशन के अलावा इग्नियस रॉक के फीचर्स देखें तो इग्नियस रॉक बहुत ही ज्यादा बहुत ही ज्यादा हार्ड रॉक्स होती हैं क्योंकि मैग्मा के सॉलिडिफिकेशन से बनती हैं एक बात दूसरा इग्नियस रॉक के अंदर फॉसिल्स का प्रेजेंस हमें दिखाई नहीं देता तीसरा परम एबिलिटी यानी कि जो हार्ड रॉक है उसके अंदर क्रैक्स नहीं है अगर क्रैक्स नहीं है तो पानी परकलेट नहीं कर सकता परम एबल रॉक्स नहीं है तो ये नॉन परमेबल है मतलब ये है कि इनके थ्रू पानी पास नहीं कर सकता तो क्या मुझे
एक बात पता लग सकती है कि जहां पे हमें इग्नियस रॉक का प्रेजेंस दिखाई देगा वहां पे अंडरग्राउंड वाटर की अवेलेबिलिटी कंपेरटिवली कम होगी इसी कारण से डेकन लावा प्लेटो जो है हमारा जो कि बसा का बना हुआ है वहां पे हमें अंडरग्राउंड वाटर दिखाई नहीं देता फोर्थ इज द वेदर रेजिस्टेंस वेदरिंग रेजिस्टेंस यानी कि जल्दी-जल्दी ये इतनी हार्ड है इतनी हार्ड है कि इनको डिसइंटीग्रेट करना आसान नहीं है दीज आर दी कॉमन फीचर्स रिलेटेड टू दी इग्नियस रॉक एंडे साइट बसालत रायोला इट ये मैंने आपको ओवरऑल पहले ही बता दिए हैं नाउ लेट्स कम
टू दी अदर अदर पार्ट दैट इज व्हाट वी कॉल सेडिमेंट्री रॉक सेडिमेंट्री रॉक पे जब हम आते हैं तब हमें पता लगता है सेडिमेंट्री रॉक का मतलब क्या है सेडिमेंट्री रॉक का मतलब है एक ऐसी रॉक जिसको हमने डिराइवर किया एक वर्ड सेडिमेंट म से सेडिमेंट का मतलब क्या होता है बच्चा सेडिमेंट का मतलब होता है सेटल डाउन करना सेटल डाउन करना यानी कि जो भी मान लीजिए मान लीजिए कोई भी एक रॉक पड़ी थी कोई भी एक रॉक थी इस रॉक को कोई भी एक रॉक पड़ी है चाहे वो इग्नियस रॉक है चाहे वो
मेटामिनडी ने यहां पे बारिश के पानी ने यहां पे सनलाइट ने इस रॉक के छोटे-छोटे टुकड़े कर दिए छोटे-छोटे टुकड़े कर दिए और ये टुकड़े बहा के आगे लेके जाए गए और जब नदी की स्पीड स्लो हुई तब ये छोटे-छोटे टुकड़े क्या हो गए सेटल हो गए तो इसीलिए इसको हम जब ये सेटल होते रहे तब क्या हुआ मान लीजिए यहां पे ये सेटल होते गए जैसे-जैसे लेयर बाय लेयर मैनर में एक लेयर आई सेटल हो गए दूसरी लेयर आई सेटल हो गए तीसरी लेयर आई सेटल हो गए गए चौथी लेयर आई सेटल हो गए
सेटल होते होते होते होते इनके ऊपर दबाव बनने लगा तो प्रेशर और टेंपरेचर के इंक्रीज होने के कारण प्रेशर और टेंपरेचर के इंक्रीज होने के कारण इनका कंपैक्स हुआ इनका सीमेंटेशन हुआ उस कंपैक्स और सीमेंटेशन के कारण यह जो सेडिमेंट्स थे ये आपस में जुड़ गए जिसे हम सेडिमेंट्री रॉक के नाम से जानते हैं तो बेसिकली हुआ क्या है यह जो एजेंट है चाहे वह रिवर है चाहे वह रेनफॉल है चाहे वह सनलाइट है इन सबने सबसे पह पहले फॉर्मेशन किया किसका इन सब ने सबसे पहले फॉर्मेशन किया किसका सेडिमेंट्स का सेडिमेंट्स के कारण सेडिमेंट्स
का फॉर्मेशन के कारण क्या हुई लेयरिंग हुई जब लेयरिंग हुई तब एक लेयर के ऊपर दूसरी लेयर लेयर के ऊपर दूसरी लेयर प्रेशर इंक्रीज हुआ टेंपरेचर इंक्रीज हुआ जब प्रेशर और टेंपरेचर इंक्रीज होते गए तो उसकी वजह से ये जो लेयर्स थी वो आपस में क्या होने लगी कंपैक्ट होने लगी जब ये कंपैक्ट होने लगी तो धीरे-धीरे धीरे-धीरे जुड़ने लगी जुड़ने लगी तो इसका मतलब इनका क्या हो गया सीमेंटेशन और सीमेंटेशन से एक रॉक बनी जिसको हमने बोला सेडिमेंट्री रॉक इस पूरे प्रोसेस को किस नाम से जाना जाता है लिथिफिकेशन के नाम से जाना जाता
है सेडिमेंट का फॉर्मेशन टेंपरेचर एंड प्रेशर कॉम्पेक्शन एंड सीमेंटेशन दिस इज दी एंटायस ऑफ लिथिफिकेशन क्या ये रॉक्स हार्ड रॉक्स हैं या सॉफ्ट रॉक्स हैं सर ये सॉफ्ट रॉक्स होती हैं क्या स्ट्रेटिफाइड है यानी कि लेयर बाय लेयर है लेयर बाय लेयर है बिल्कुल सही बात है सर स्ट्रेटिफाइड है मान लो एक सेडिमेंट के बाद यहां पे कुछ पेड़ पौधे यहां पे कुछ मछलियां यह दब गई तो क्या इनके दबने से इसके अंदर फॉसिल्स का प्रेजेंस हो सकता है बिल्कुल सही बात है सर इसके अंदर फॉसिल्स का प्रेजेंस हो सकता है इसीलिए यहां पे ये
फॉसिल फेरस रॉक्स हैं जो भी क्रूड ऑयल कोयला जितने भी ये रॉक्स हैं वो किस रॉक्स के अंदर मिलते हैं हमें सेडिमेंट्री रॉक्स के अंदर मिलते हैं अब सेडिमेंट्री रॉक्स का क्लासिफिकेशन देखें तो सेडिमेंट्री रॉक्स आर क्लासिफाइड अकॉर्डिंग टू देयर देयर बेसिस ऑन द बेसिस ऑफ देयर फॉर्मेशन कि मेकेनिकल फॉर्म्ड है ऑर्गेनिकली फॉर्म्ड है या केमिक फॉर्म्ड है मैकेनिकल फॉर्म्ड का मतलब है कि ऐसी रॉक्स जो कि मैकेनिकल एक्शन के थ्रू बनती हैं मैकेनिकल एजेंट ने जिसमें बहुत बड़ा रोल प्ले किया चाहे वो रिवर है चाहे वो रेनफॉल है चाहे वो सनलाइट है अगर इन्होंने
सेडिमेंट बनाने में रोल प्ले किया था तो उसको हम बोलते हैं मैकेनिकल फॉर्म्ड सेडिमेंट्री रॉक इसके एग्जांपल क्या है कंग्लोमरेशन सैंड स्टोन लॉयस लॉयस लॉयस जो है वो एक ऐसा जिसको आपने मुल्तानी मिट्टी कहते हैं वही लॉयस है जिसके अंदर लाइम का कंटेंट होता है गोभी डेजर्ट जो है वहां पे इसका प्रेजेंस दिखाई देता है येलो कलर का होता है इसीलिए जब ये हुआंग होर रिवर चाइना की उसके अंदर मिक्स होता है तो उस रिवर को येलो कलर प्रोवाइड करता है येलो रिवर के अंदर और वहां पे उस रिवर के लिए जो बाढ़ आती है
चेंजिंग कोर्स है उसके लिए भी एक इंपॉर्टेंट रीजन बनता है सैंड स्टोन जो कि आपको सैंड मिलती है थार में वहां उसका कारण है शेल शेल एक आजकल आपने सुना होगा शेल ऑयल शेल गैस ये कुछ नहीं है हमने हमने अभी देखा कि सेडिमेंट्री रॉक के अंदर पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स मिल सकते हैं बिल्कुल सही बात है क्यों क्योंकि ये कैसे बनी है फॉसिल फेरस है लेयर बाय लेयर से बनी है एक ऐसी रॉक एक ऐसी रॉक जिसको मैंने शेल बोला और उसके अंदर अगर ऑयल या गैस का प्रेजेंस है तो उसे हम किस नाम से जानेंगे
शेल ऑयल या शेल गैस के नाम से जानेंगे तो शेल बेसिकली क्या है एक मैकेनिक फॉर्म्ड सेडिमेंट्री रॉक है मैकेनिक फॉर्म्ड सेडिमेंट ट्री रॉक है बट एक बात ध्यान में रखनी है कि शेल के अंदर जो परम एबिलिटी है जो जो पार्टिकल साइज है वो बहुत ही छोटा है बहुत ही छोटा पार्टिकल साइज है बहुत ही छोटा पार्टिकल साइज है शेल का और कंग्लोमेरेट का पार्टिकल साइज कंपैरेटिव थोड़ा बड़ा होता है आई होप आई हैव सम इमेजेस रिलेटेड टू इट अगर है तो मैं दिखाता हूं तुम्हें देखिए ये देखिए दिस इज कंग्लोमेरेट देन वी हैव
दी सैंड स्टोन देन वी हैव द शेल देन वी हैव दी लॉयस ये इस तरीके से आप आपको पार्टिकल साइज के रूप में दिखाई देंगे कि पार्टिकल साइज छोटा है किन में शेल और लोयस में बड़ा है किसमें कंग्लोमरेशन और कंग्लोमरेशन और सैंड स्टोन में तो ऐसी रॉक्स जो कि कंपैक्स कंपैक्स और वो भी किसके द्वारा सेडिमेंट्स बने मैकेनिकल एजेंट के द्वारा तो उसको हमने क्या बोला मैकेनिकल फॉर्म्ड सेडिमेंट्री रॉक फॉर्म ड्यू टू ब्रेकिंग ऑफ डिसइंटीग्रेशन ऑफ दी ओरिजिनल रॉक फिर उसके बाद आता है केमिकल फॉर्म्ड सेडिमेंट्री रॉक जो केमिकल एक्शन से जैसे कि मान
लीजिए चूना है उसके ऊपर आपने पानी डाला वह क्या हो जाएगा उसको घोल देगा केमिकल एक्शन क्रिएट कर लेगा ऐसी रॉक्स को किस नाम से जानते हैं केमिकल फॉर्म्ड सेडिमेंट्री रॉक्स के नाम से जानते हैं जिनका फॉर्मेशन डिसोल्यूशन डीकंपोजिशन सॉल्यूशन इन सब प्रोसेस के थ्रू केमिकल्स प्रोसेस के थ्रू होता है उनको हम केमिकल फॉर्म्ड सेडिमेंट्री रॉक कहते हैं जिसके अंदर सबसे इंपॉर्टेंट रॉक है दैट इज लाइमस्टोन लाइमस्टोन एक बात याद रखिएगा एक ऐसी रॉक है जो कि लाइम एक ऐसी रॉक है जो कि मैकेनिक फॉर्म्ड भी है बिल्कुल सही है जो केमिकल फॉर्म्ड भी है
और ऑर्गेनिकली फॉर्म्ड भी है केमिकल फॉर्म्ड आपको मैंने बता दिया कि मान लीजिए किसी भी जगह पे एक कैल्शियम का कैल्शियम कार्बोनेट का पत्थर पड़ा है वहां पे बारिश होती है बारिश के बाद यह धीरे-धीरे इसको डिजॉल्ड्रिंग करने लग जाती है तो धीरे-धीरे धीरे-धीरे उस डिपोजिशन के कारण किसका फॉर्मेशन होगा लाइमस्टोन का फॉर्मेशन होगा नो वरीज इन दैट मैकेनिकल फॉर्म्ड में भी हो सकता क्यों क्योंकि कोई भी एक पत्थर का जो टूटना है वो वो टूटना सनलाइट के कारण भी हो सकता है सनलाइट एक मैकेनिकल वेदरिंग के अंदर आपको समझ में आ जाएगा एक अ
मैकेनिकल एजेंट के रूप में काम कर सकता है ठीक है थर्ड इज ऑर्गेनिकली फॉर्म्ड ऑर्गेनिकली फॉर्म में आप खुद कभी समझो जो हड्डियां हैं उसके अंदर कैल्शियम होता है कोरल्स के अंदर कैल्शियम होता है अगर उन कोरल्स का दबना हो गया जो एनिमल्स हैं वो दब गए तो उनके जो बोनस हैं उनसे भी तो एक रॉक बन सकती है जिसके अंदर कैल्शियम हो दैट इज लाइमस्टोन इसीलिए वो ऑर्गेनिकली फॉर्म्ड रॉक भी है बट यहां पे हम अगर केमिकल फॉर्म सेडिमेंट्री रॉक की बात करें तो चर्ड लाइमस्टोन हेलाइट पोटाश जिप्सम ये कुछ ऐसी रॉक्स हैं व्हिच
वी कॉल एज केमिकल फॉर्म्ड सेडिमेंट्री व्हिच वी कॉल केमिकल फॉर्म्ड सेडिमेंट्री रॉक्स जिसमें आप चौक लाइमस्टोन और कोल को आप और गली अ चौक लाइमस्टोन और कोल ये जो ऐसी हैं जिनमें आप जिनको आप ऑर्गेनिकली फॉर्म में भी डाल सकते हो बट अगर आप केमिकल फॉर्म में देखोगे रॉक सॉल्ट जो है हैलाइट है हेलाइट है सोडियम क्लोराइड है नमक है नमक भी क्या है एक केमिकल फॉर्म सेडिमेंट्री रॉक है चट फॉर्म्ड फ्रॉम दी सिलेसियन ऑर्गेनिस्ट मस और केमिकल प्रोसेसेस जिसके अंदर सिलिका होता है तो ये कौन सी है ये है केमिकल फॉर्म्ड रॉक्स फिर आपको
ऑर्गेनिकली फॉर्म्ड सेडिमेंट्री रॉक के बारे में भी बताता हूं जिप्सम का इस्तेमाल किया जाता है जब हमें जिप्सम का इस्तेमाल किया जाता है जब हमें सोइल के अंदर से सैलिनिटी को रिमूव करना है ऑर्गेनिकली फॉर्म सेडिमेंट्री रॉक्स क्या होती हैं जो कि ऑर्गेनिक डे ब्री के कारण चाहे वो लीव्स है चाहे वो रूट्स है चाहे वो प्लांट्स हैं चाहे कुछ और मटेरियल है चाहे वो एनिमल की डेड बॉडीज हैं उनके थ्रू जिनका फॉर्मेशन हो रहा है उसे हम किस नाम से जानते हैं बोनस से जैसे बोनस और शेल से क्या बन गया लाइमस्टोन बन गया
ये एक केमिकल फॉर्म्ड सेडिमेंट्री रॉक है प्लांट का अगर कोई प्लांट था उस प्लांट का उस प्लांट का क्या हो गया बरियल हो गया बरियल हो गया तो उससे क्या बनेगा बच्चा कोल का फॉर्मेशन होगा राइट रॉक्स फॉर्म ड्यू टू टेंपरे रेचर एंड प्रेशर चेंज उनको हम क्या बोलते हैं मेटामिनडी आ जाएगा केमिकल में भी आ जाएगा है ना तो ये बात आप याद रखेंगे ठीक है मैकेनिकल में भी है लाइमस्टोन फिर कुछ और एग्जांपल केमिकल फॉर्म में चट हैलाइट पोटाश ये सारे क्या हैं ये सारे के सारे ऐसे एग्जांपल हैं जो कि आपको केमिकल
फॉर्म्ड सेडिमेंट्री रॉक्स के अंदर दिखा देंगे लेट्स कम बैक टू द थर्ड टाइप ऑफ रॉक वी कॉल एज मेटामिनडी ट्री रॉक के अंदर भी मैंने यही बोला था कि सर क्या था एक प्लांट था उस प्लांट का बरियल हो गया प्रेशर टेंपरेचर हुआ तो यह एक सेडिमेंट्री रॉक बन गई तो फिर मुझसे सवाल पूछा गया सर प्रेशर टेंपरेचर चेंज तो सेडिमेंट्री रॉक में भी था प्रेशर टेंपरेचर चेंज यहां पे भी है तो ये डिफरेंस क्या हुआ एक बात समझना जब सेडिमेंट्री रॉक बनी है ना उसमें सेडिमेंट्स थे यहां पे क्या होता है एक ऑलरेडी फॉर्म्ड
रॉक है ऑलरेडी फॉर्म्ड कंसोलिडेटेड रॉक एक ऑलरेडी फॉर्म्ड कंसोलिडेटेड रॉक के ऊपर अगर टेंपरेचर और प्रेशर का चेंज होता है उसकी वजह से इसके जो मिनरल्स है इसके जो ग्रेंस हैं इसके जो एलिमेंट्स हैं वो खुद को री क्रिस्टलाइज करने लगते हैं जब उनका रिअरेंजमेंट हो जाता है रिअरेंजमेंट होने से उनकी फिजिकल प्रॉपर्टीज भी क्या हो जाती हैं चेंज हो जाती हैं एग्जांपल के रूप में देखो आप ग्रेफाइट और डायमंड है ग्रेफाइट और डायमंड है तो दोनों कार्बन ही ना ग्रेफाइट और डायमंड दोनों कार्बन ही है ग्रेफाइट बहुत ब्रिटल है डायमंड बहुत हार्ड है ऐसा
क्यों क्योंकि उनके अंदर अरेंजमेंट जो है जिस तरीके से वो आपस में जुड़े हुए हैं एलिमेंट वो डिफरेंट है जिसकी वजह से उनकी फिजिकल प्रॉपर्टीज भी चेंज हो गई इसी कारण से मेटामिनडी रॉक्स को फोर्स डाउन कर दिया जाता है उसपे बहुत लार्ज स्केल पे प्रेशर चेंज हो जाता है मान लो कोई माउंटेन बिल्डिंग प्रोसेस हो गया ऐसा प्रेशर चेंज चाहिए अब ऐसा नहीं आप बोलोगे कि सर मैंने क्या किया पेंसिल की एक जो ग्रेफाइट है उस को लेके रात को मैं अ अपने बेड के नीचे रख के सो गया उसमें मेरा जो प्रेशर लगा
उस प्रेशर से सुबह बीवी को मैंने डायमंड गिफ्ट कर दिया नहीं ऐसा नहीं होगा माउंटेन बिल्डिंग प्रोसेसेस या बहुत लार्ज स्केल पे वल्केन एक एक्टिविटी हो टेंपरेचर चेंजेज हो तब जाके इनका फॉर्म चेंज होता है तब जाके इनके मिनरल्स रिअरेंज होते हैं री क्रिस्टलाइज होते हैं राइट इनके अंदर क्या होता है स्पेसिफिकली कभी-कभी ऐसा देखा जाता है कि कुछ बैंड लाइक अरेंजमेंट बन जाता है इस तरीके से बैंड लाइक अरेंजमेंट जो मिनरल्स हैं वो स्पेसिफिक सिकली बैंड्स में आ जाते हैं जब ये बैंड्स में आ जाते हैं तब इनको फोलिएट रॉक्स कहा जाता है तब
इनको हम किस नाम से जानते हैं फोलीडोटा मॉर्फिक रॉक्स में पैरेलल अरेंजमेंट ऑफ क्रिस्टल्स देखने को मिलता है इन दी फॉर्म ऑफ बैंड्स बट ऐसा नहीं है कि हर मेटामैटेरियल कैसे बना लाइमस्टोन का मेटामिनडी कि कल घर बनाना है मैंने लाइमस्टोन लाया चूने का पत्थर इकट्ठा किया और दबा दिया 3 दिन बाद मार्बल बन जाएगा और पूरा घर बना दूंगा ऐसा तो ना हो सकता मेरे दोस्त तो ध्यान रखिएगा मेटामिनडी प्रोसेस होंगे टेंपरेचर की बारी आएगी तो वल्केन लाइक एक्टिविटी होगी इसी वजह से जो मेटामिनडी दो बेसिस पे ही किया जाता है या तो वो
प्रेशर के कारण हुई है या वो टेंपरेचर के कारण हुई है प्रेशर के कारण जो होती हैं उनको डायनेमिक मेटामिनडी रिस्पांसिबल है अगर मान लो थर्मल मेटामिनडी चेंजेज आते हैं इसी वजह से उसे डायनेमिक मेटामिनडी अगर ग्रेनाइट ग्रेनाइट के ऊपर प्रेशर का चेंज होगा तो इट विल कन्वर्ट इट सेल्फ इनटू दी नीस क्ले और शेल के ऊपर प्रेशर चेंजेज होंगे तो शिस्ट बनेगा सैंड स्टोन के ऊपर हीट लगेगी तो क्वाड साइट बनेगा अब देखो यहां पे डाउट क्या आता है क्वाट्स और क्वाड जइट क्वाट्स मिनरल है क्वाड साइट एक मेटामिनडी मेंट्री रॉक अगर उसपे इन्फ्लुएंस
होता है किसका प्रेशर और टेंपरेचर का तो उसे हम किस नाम से जानते हैं उसे हम जानते हैं अ मेटामैनेजर एट केमिकल चेंजेज कर देगा तो डायनामिक है थर्मल मेटामिनडी बाय नियर बाय मैग्मा ठीक है और रीजनल मेटामिनडी टू दी टेक्टोनिक फोर्सेस नाम दिए गए हैं और कुछ नहीं है ग्रेनाइट इग्नियस रॉक है नीस उसका मेटामिनडी साल्ट एक इग्नियस रॉक है इसका जो मेटामिनडी लाइमस्टोन एक सेडिमेंट्री रॉक है इसका अ जो रूप है वो है मार्बल कोल का ग्रेफाइट सैंड स्टोन का क्वाड साइट और शेल का स्लेट जिस पे हम लिखा करते थे बचपन में
अब आती है सेडिम अब आती है रॉक साइकिल जो कि मेरे को लगता नहीं कि बताने वाली बात है क्योंकि रॉक साइकिल का मतलब है बिल्कुल एकदम आसानी से सारी चीजों को समझ लेना रॉक साइकिल का मतलब है सबसे पहले क्या था जो भी रॉक्स हैं वो एक दूसरे के अंदर साइकिल के रूप में चेंज होती रहती हैं सबसे पहले था मैग्मा मैग्मा का क्रिस्टलाइजेशन हुआ कौन सी रॉक बनी इग्नियस रॉक इग्नियस रॉक की मेल्टिंग हुई वापस क्या बन गया मैग्मा इग्नियस रॉक के अंदर हीट एंड प्रेशर लगा तो वो बन गया मेटामिनडी पोजिशन हुआ
सेडिमेंट बने उन सेडिमेंट के बनने के कारण कंपैक्स और सीमेंटेशन हुआ तो बन गया सेडिमेंट्री रॉक और इस सेडिमेंट्री रॉक के ऊपर हीट एंड प्रेशर लगा तो मेटामिनडी मेंट्री रॉक की मेल्ट हुई तो वापस बन गया मैग्मा मेटामिनडी मेंट बने उनके ऊपर कॉम्पेक्शन सीमेंटेशन हुआ तो बन गया सेडिमेंट्री रॉक सो दैट इज हाउ ईच एंड एवरी रॉक इज गेटिंग कन्वर्टेड इट सेल्फ इनटू दी डिफरेंट डिफरेंट टाइप्स ऑफ रॉक्स दिस इज टर्म्ड एज रॉक साइकिल नाउ वी विल स्टार्ट विद दी वेरियस थेरी ऑफ जियोमर फो लॉजी फर्स्ट थरी दैट वी आर गोइंग टू डिस्कस हियर इज
कॉन्टिनेंटल ड्रिफ्ट थरी जी हां जैसे हम देखते हैं ह्यूमंस का एवोल्यूशन हुआ है वैसे ही आज जो हम इस वर्ल्ड के मैप को देखते हैं उसका भी एक एवोल्यूशन हुआ है द प्रेजेंट डे वर्ल्ड मैप दैट वी डू सी टुडे वाज नॉट द सेम इन द पास्ट एंड दिस वाज प्राइमर फर्स्ट ऑफ ऑल डिस्क्राइब्ड बाय अल्फ्रेड वेगनर इन 1912 एंड दिस थेरी वाज गिवन द नेम एज कॉन्टिनेंटल ड्रिफ्ट थेरी जैसा कि इसका नाम कहता है कि कॉन्टिनेंट्स जो हैं वो ड्रिफ्ट हुए हैं अगर ड्रिफ्ट हुए हैं इसका मतलब यह है कि कॉन्टिनेंट जहां पे आज
है वहां पे वो पहले नहीं थे तो इस थेरी को 1912 में अल्फ्रेड वेगनर ने जब प्रोपाउंड किया तब उन्होंने यह बताया कि आज से अराउंड 225 मिलियन साल पहले अराउंड 225 मिलियन इयर्स एगो जितने भी ये कॉन्टिनेंट्स हैं जो लैंड मासेज हैं ये सब के सब आपस में एक दूसरे के साथ जुड़े हुए थे उसको उन्होंने नाम दिया पंजिया ही गेव दी नेम टू दी एंटायस एज पजिया उसको नाम दिया गया पजिया और पंजिया का मतलब है पेन का मतलब है एंटायस और जिया का मतलब है लैंड मास इसका मतलब ये है कि सारा
का सारा लैंड मास एक दूसरे के साथ जुड़ा हुआ था जिसे पंजिया बोला गया एंड इट वाज सराउंडेड बाय अ वाटर बॉडी जिसे नाम दिया गया पथला सा पथला सा में भी पन का मतलब जैसे हम पन इंडिया बोलते हैं मतलब एंटायस इंडिया वैसे ही पेन का मतलब है एंटायस का मतलब है ओशियन जो कि इस पंजिया को क्या कर रहा था सराउंड कर रहा था अब इस थेरी की शुरुआत में वो ये बोलते हैं कि 225 मिलियन साल पहले तक तो ये सब के सब आपस में जुड़े हुए थे जिसको सराउंड कर रहा था
एक ओश बट कुछ फोर्सेस के कारण जिनको हम लेटर ऑन स्टेज में डिस्कस भी करेंगे कि वो फोर्सेस कौन से थे चाहे वो टाइडल फोर्स है चाहे वो पोल फ्लिंग फोर्स है या बोएसी फोर्स है उन फोर्सेस को भी हम देखेंगे वो ये कहता है कि इन पूरे के पूरे जो ये फोर्सेस हैं इन फोर्सेस के कारण इस पूरे पजिया के अंदर एक रिफ्ट क्रिएट हुआ एक ब्रेक क्रिएट हुआ एक दरार आई जिसकी वजह से यह पेंजा दो भागों में टूट गया और जो नॉर्दर्न पार्ट में भाग रहा उसको नाम दिया गया लोरेश और जो
सदर्न भाग में पार्ट रहा उसको नाम दिया गया गोंडवाना लैंड जो लोरेश है वो नॉर्दर्न पार्ट में है गोंडवाना लैंड इज इन दी सदर्न पार्ट और इन दोनों के बीच का जो स्पेस क्रिएट हुआ उसको पानी के द्वारा जब फिल किया गया तो एक नए सी का जन्म होता है जिसे नाम दिया गया टेथिस सी सो हम स्टेजेस बाय स्टेजेस देखें तो पहली स्टेज के अंदर हमने देखा कि ये सारा का सारा दोस्तों 25 मिलियन साल पहले तक क्या था एक दूसरे के साथ जुड़ा हुआ मेगा कॉन्टिनेंट था जिसे पजिया बोला गया जिस इसको सराउंड
कर रहा था पैथल सा अब पंथल सा के बाद जब कुछ फोर्सेस के कारण इसके अंदर रिफ्ट क्रिएट होती है पहले क्या क्रिएट हुई है रिफ्ट क्रिएट हुई है फर्स्ट ऑफ ऑल इट इज बीइंग क्रिएटेडटेड का मतलब दरार क्रिएट हुई जिसके बीच में पानी आ गया जिसे किस नाम से जाना गया टेथिस सी के नाम से जाना गया और इन्हीं फोर्सेस के कंटीन्यूअस एक्शन के कारण ये जो रिफ्ट थी ये कंटीन्यूअस रही ये रिफ्ट यहीं नहीं रुकी ये दरारें यहीं नहीं रुकी लोरेश के अंदर भी फर्द रिफ्टिंग होगी गोंडवाना लैंड के अंदर भी फर्द रिफ्टिंग
होगी जो लोरेश के अंदर फर्द लिफ्टिंग रिफ्टिंग हुई है उसने बहुत सारे डिफरेंट डिफरेंट कॉन्टिनेंट्स को जन्म दिया जो कि नॉर्दर्न पार्ट में है और गोंडवाना लैंड के अंदर जो रिफ्टिंग क्रिएट हुई उसके कारण भी बहुत सारे छोटे-छोटे कॉन्टिनेंट्स जो आज हमें दिखाई देते हैं उनका फॉर्मेशन हुआ जो कि सदर्न पार्ट में है यानी कि सदर्न हेमिस्फीयर के अंदर है तो हम अगर यहां पे इस थेरी को देखें तो सबसे पहले ये पेंजा था पेंजा गॉट ब्रॉक इनटू टू पार्ट्स लोरेश या एंड गोंडवाना लैंड लोरे एशिया के बाद जब लोरेश का फर्द रिफ्टिंग हुआ तब
उसके अंदर डेवलपमेंट होता है नॉर्दर्न पार्ट में नॉर्थ अमेरिका एशिया और यूरोप का और गोंडवाना लैंड के अंदर जन्म होता है साउथ अमेरिका अफ्रीका इंडिया अंटार्कटिका ऑस्ट्रेलिया जी हां एक बात जरूर ध्यान रखिएगा इंडिया जो आज नॉर्दर्न हेमिस्फीयर में है पहले नॉर्दर्न हेमिस्फीयर में नहीं रहा है हिंदुस्तान की जर्नी बड़ी ही डिफरेंट है वो पहले सदर्न हेमिस्फीयर में था आज वो नॉर्दर्न हेमिस्फीयर में है और उसी सदन हेमिस्फीयर से नदन हेम फेयर की जर्नी को हम इंडियन ज्योग्राफी में भी देखेंगे जिससे बहुत सारे लैंड फॉर्म्स का फॉर्मेशन होता है चाहे हम डेकन लावा प्लेटो की
बात करें या हम बात करें हिमालया के फॉर्मेशन की बट यस बिकॉज़ ऑफ दिस रिफ्टिंग एज वेल एज जब यहां तक रिफ्ट क्रिएट हो गए रिफ्ट में एशिया नॉर्थ अमेरिका यूरोप क्रिएट हो गए बट अब स्टार्ट होगी फाइनली नाउ द ड्रिफ्टिंग विल स्टार्ट अब कॉन्टिनेंट क्या करना स्टार्ट करेंगे ड्रिफ्ट करना स्टार्ट करेंगे ड्रिफ्ट का मतलब होता है एक जगह से दूसरी जगह पे खिसकना रिफ्ट का मतलब है टूटना तो यहां से तो पहले टूटे हैं टूट गए पहले तो टूटे हैं अब ये ड्रिफ्ट होंगे ड्रिफ्टिंग का मतलब ये है नाउ दिस नॉर्थ अमेरिका विल स्टार्ट
ड्रिफ्टिंग टुवर्ड्स वेस्ट साउथ अमेरिका विल स्टार्ट ड्रिफ्टिंग टुवर्ड्स वेस्ट अगर आप गौर से ध्यान से देखेंगे तो आपको एहसास होगा जब नॉर्थ अमेरिका और साउथ अमेरिका का ड्रिफ्टिंग वेस्ट वर्ड होगा तो इनके बीच का जो स्पेस ओपन होगा इनके बीच का जो स्पेस ओपन होगा वहां पे एक नए ओशियन का जन्म होगा जिसे आज हम अटलांटिक ओशिन के नाम से जानते हैं राइट फिर उसके बाद क्या हुआ इंडिया अपनी जर्नी नॉर्थ वर्ड स्टार्ट करता है इंडिया अपनी जर्नी नॉर्थ वर्ड स्टार्ट करता है और जब यहां पे इंडिया पहुंचेगा तो सराउंडिंग के अंदर एक नए ओशियन
का जन्म होगा जिसको हम इंडियन ओशियन के नाम से जानते हैं फिर उसके साथ-साथ आप एक चीज और भी देखें जब आप यहां पे देख रहे हैं ऊपर वाला भाग जो बचेगा इसे आर्कटिक ओशियन और जो नीचे वाला भाग है इसे सदर्न ओशियन के नाम से जाना जाता है तो जो पथला सा था इस पैथ आसा का जो रेमंट पार्ट है जो बचा हुआ पैथल सा का भाग है उसे आज पैसिफिक ओशियन के नाम से जाना जाता है सो पैसिफिक ओसन इज द रेमंट ऑफ पथला सा एंड फिर मुझसे सवाल पूछा गया सर टेथिस ससी
कहां गया जो ये हमारा मेडिटरेनियन सी है दिस मेडिटरेनियन सी इज नथिंग बट द रेमंट ऑफ टेथिस सी जो टेथिस का रेमंट है जो बचा हुआ भाग है वो आज किसकी फॉर्म में दिखाई देता है हमें आज वो हमें दिखाई देता है बच्चा लोग मेडिटरेनियन सी की फॉर्म में तो इस तरीके से उन्होंने डिफरेंट डिफरेंट स्टेजेज के थ्रू अपनी पूरी की पूरी थेरी को समझाने की कोशिश की उन्होंने बोला टाइडल फोर्स उसके साथ-साथ कुछ बंसी फोर्स कुछ पोल फ्लिंग फोर्स इन फोर्सेस के कारण जो कॉन्टिनेंट्स हैं वह अब पहले तो टूटते हैं और फिर ड्रिफ्ट
होते हैं पहले रिफ्ट होते हैं फिर ड्रिफ्ट होते हैं इसीलिए इस थोरी को द कॉन्टिनेंटल ड्रिफ्ट थोरी इज़ समथिंग वी कॉल एज़ द थ्योरी फॉर रिफ्टिंग एंड ड्रिफ्टिंग वयर फर्स्ट ब्रेकिंग विल अकर एंड देन शिफ्टिंग विल टेक प्लेस एंड दिस ब्रेकिंग एंड शिफ्टिंग इज बिकॉज़ ऑफ दी फोर्सेस जिसको हम बोल रहे हैं टाइडल फोर्स जिसको हम बोल रहे हैं टाइडल फोर्स इसको हम आगे चलके भी देखेंगे कुछ और फोर्सेस भी यहां पे रिस्पांसिबल होंगे जिसमें हम जानेंगे कौन सा फोर्स पोल फ्लिंग फोर्स बंसी फोर्स राइट वी विल कम टू दैट बट नाउ यू कैन सी
यहां पे सबसे पहले नॉर्थ अमेरिका और एशिया और यूरोप ऊपर वाले भाग में है देन साउथ अमेरिका अफ्रीका इंडिया ऑस्ट्रेलिया अंटार्कटिका सदर्न भाग में है जो कि गोंडवाना लैंड के पार्ट स द प्राइमरी क्वेश्चन दैट अराइजेज टू माय माइंड इज इंडिया वाज द पार्ट ऑफ गोंडवाना लैंड यस इंडिया वाज द पार्ट ऑफ गोंडवाना लैंड जैसे ही नॉर्थ अमेरिका और साउथ अमेरिका शिफ्ट होंगे टुवर्ड्स वेस्ट इनके बीच की जो ओपनिंग होगी यहां पे एक ओशन क्रिएट होगा इसको आज हम अटलांटिक ओशन के नाम से जानते हैं और इसका शेप जो है वो एस शेप है वो
एस शेप इसलिए है क्योंकि जब दोनों मूव कर रहे हैं नॉर्थ अमेरिका और साउथ अमेरिका मूव कर रहे हैं इन दोनों का मूवमेंट सेम नहीं है दोनों का मूवमेंट सेम नहीं है इसलिए यहां पे आपको देखने को मिलेगा कि यह दोनों अगर डिफरेंशियल अगर दोनों एक साइड एक एक ही रेट से मूव करते तो ये अटलांटिक ओशन एस शेप नहीं होता नॉर्थ अमेरिका ज्यादा तेजी से मूव कर रहा था तो पानी ज्यादा इधर तक आया साउथ अमेरिका कंपैरेटिव पीछे रह गया इसीलिए यहां पे ये ए शेप का आपको ओशियन दिखाई देता है इंडिया की जब
जर्नी स्टार्ट होगी तब यहां पे इंडियन ओशियन का जन्म होगा ऊपर वाला ओशियन जो है दैट विल बी टर्म्ड एज आर्कटिक ओशियन एंड नीचे वाले 60° साउथ लटटू के ऊपर के भागों में नीचे के भागों को हम किस नाम से जानेंगे सदर्न ओशियन के नाम से जानेंगे एंड मोर ओवर जो बचा हुआ भाग है पैथल सा का दैट विल बी टर्म्ड एज पेसिफिक ओशियन एंड थ सी का रेमंट विल बी टर्म्ड एज मेडिटरेनियन सी राइट सो ये तो थेरी इन्होंने अपनी प्रो प्रोवाइड कर दी अल्फ्रेड वेगनर ने 1912 में अगर आपको कोई ऐसे बोल के
चला गया तो आप उस परे विश्वास नहीं करेंगे यू विल हैव टू हैव सम एविडेंसेस बैकिंग दिस वो एविडेंसेस क्या थे उनको समझने की कोशिश करते हैं एविडेंसेस जो अल्फ्रेड वेगनर ने दिए पहला एविडेंस था जिक्सो फिट जी हां जिक्सो फिट का यह पहला एविडेंस कहता है कि अगर आज हम साउथ अमेरिका के इस बलज को देखें जो कि अफ्रीका के साथ कंप्लीट फिट हो जाता है और उसके साथ-साथ अगर आप अगर आप ग्रीनलैंड को देखेंगे तो ग्रीनलैंड बेफिन आइलैंड्स के साथ एकदम फिट हो जाता है वेस्ट कोस्ट इंडिया का मडगास्कर और इंडिया का इंडिया
का वेस्ट कोस्ट यह है मडगास्कर और अफ्रीका ये तीनों आपस में एक दूसरे के साथ बहुत अच्छे से फिट हो जाते हैं नॉर्थ अमेरिका और साउथ अमेरिका एक दूसरे को लेकर जब अफ्रीका और यूरोप की ओर बढ़ते हैं तो भी फिट हो जाते हैं इसका मतलब यह है कि देयर इज एन एफिनिटी टुवर्ड्स द फिजिकल फीचर्स दैट वी डू सी टुडे अगर आज हम वर्ल्ड के मैप को देखते हैं और उसको मैच करने की कोशिश करें तो एक दूसरे के साथ फिट हो जाते हैं इसी को मैचिंग ऑफ कॉन्टिनेंट के नाम से जाना गया तो
पहली बार अल्फ्रेड वेगनर के के दिमाग में ये आया वो ये प्रूफ करना चाहता है कि जो आज कॉन्टिनेंट हमें अलग-अलग दिखाई दे रहे हैं ना वो पास्ट में सब के सब एक दूसरे के साथ जुड़े हुए थे वो अलग-अलग नहीं थे वो सारे के सारे जुड़े हुए थे एक दूसरे के साथ इस वजह से आप अब जानिए इस बात को और समझिए कि अब वो प्रूफ करने की कोशिश करेगा किसी भी तरीके से कि कैसे जुड़े हुए थे पहला प्रूफ करने का तरीका वो कहता है कि आप मैप लाओ मैप को जोड़ के देखो
आपको पता लगेगा कि जो यह बलज ऑफ ब्राजील है यह वाला बलज है यह एग्जैक्ट गल्फ ऑफ गिनिया और अफ्रीका के साथ फिट हो जाता है इंडिया मेडक मडग करर अफ्रीका के साथ फिट हो जाते हैं नॉर्थ अमेरिका साउथ अमेरिका को लो यूरोप के और अफ्रीका के साथ फिट हो जाता है उसके साथ-साथ ग्रीनलैंड को उठाओगे वो बेफिन आइलैंड के साथ फिक्स हो जाएगा तो इस तरीके से उन्होंने पहला एविडेंस अपना दिया जिसको हम जिक्सो फिट के नाम से जानते हैं एविडेंस सबको पता होगा बट आपको एग्जांपल याद रखने हैं जैसा कि मैं यहां पर
बता रहा हूं आपको ग्रीनलैंड बेफिन आइलैंड राइट गल्फ ऑफ गिनिया और ब्राजील गल्फ ऑफ गिनिया और ब्राजील इंडिया मडग करर विद अफ्रीका नॉर्थ अमेरिका साउथ अमेरिका विद यूरोप एंड अफ्रीका दिस इज हाउ यू विल बैक योर एंटायस सेक सेकंड इज सिमिलरिटी ऑफ रॉक्स अक्रॉस द ओसन वो यह कहना चाहते हैं कि जब हम ओशियन के अक्रॉस बहुत सारी रॉक्स देखेंगे जैसे कि आपको मैं कुछ एग्जांपल के थ्रू समझाने की कोशिश करता हूं यहां हां पे ग्रीनलैंड और जो यह स्कैंडिनेविया यानी कि नॉर्वे स्वीडन फिनलैंड का एरिया है वहां पे कुछ माउंटेंस हैं जिनको हम जिनको
हम स्कैंडिनेवियन माउंटेंस के नाम से जानते हैं स्कैंडिनेवियन माउंटेंस की रॉक्स को अगर आप देखेंगे और अपला शियन माउंटेंस जो कि नॉर्थ अमेरिका में है इनकी रॉक्स को अगर आप देखेंगे तो इनके अंदर हूबहू सिमिलरिटी पाई जाती है इसका मतलब ये है कि अप्लाय माउंटेंस जो है नॉर्थ अमेरिका के जो कि जो कि जो हमारे नॉर्थ अ नॉर्दर्न यूरोप के अंदर नॉर्दर्न यूरोप के अंदर माउंटेंस हैं हर्सी नियन माउंटेंस साउथ वेस्ट आयरलैंड के जो माउंटेंस हैं उनके साथ एगजैक्टली रॉक्स की सिमिलरिटी एज की सिमिलरिटी कंपोजीशन की सिमिलरिटी दिखाई देती है तो अल्फ्रेड वेगनर कहता है
कि यह दोनों नॉर्थ अमेरिका और यूरोप आपस में जुड़े हुए थे माउंटेन बना हुआ था और जब टूट के गए तब यह माउंटेन अलग हो गए तो इस वजह से इन दोनों माउंटेन तो माउंटेन दोनों सेम ही हैं इसी वज जैसे इनकी रॉक्स इनकी कंपोजीशन इनकी जो सिमिलरिटी है वह हमें दिखाई देती है सो कहने का मतलब यह है कि जो हमारे ब्राजील और जो हमारे नॉर्थ अमेरिका के अप्लाय माउंटेंस हैं दे शो सिमिलरिटी विद दी माउंटेंस ऑफ नॉर्दर्न यूरोप सच एज इन आयरलैंड हेल जिसको आप हर्सी नियन माउंटेंस के नाम से जानते हैं तो
ये एक भाग आपको समझ में आया जो कि दूसरा एविडेंस बनके सामने आता है थर्ड इज प्लेसर डिपॉजिट बड़ा इंटरेस्टिंग सा एस्पेक्ट है प्लेसर डिपॉजिट का सबसे पहले इस वर्ड को समझना है व्हाट इज प्लेसर डिपॉजिट डिपॉजिट मतलब डिपॉजिट प्लेसर का मतलब क्या है यह जो वर्ड प्लेसर है यह उन मिनरल्स के लिए यूज किया जाता है जो कि बहुत ही वैल्युएबल मिनरल्स होते हैं जैसे कि गोल्ड जैसे कि सिल्वर इन मिनरल्स के साथ एसोसिएटेड इन मिनरल्स का डिपोजिशन जहां पे पाया जाता है उनको आप प्लेसर डिपॉजिट कहते हैं और दूसरी बात इन मिनरल्स का
डिपोजिशन करने के लिए रिस्पांसिबल कौन होता है एक रिवर का रिस्पांसिबिलिटी देखा जाता है आई विल शो यू ब्रीफ हाउ एगजैक्टली दिस प्लेसर डिपॉजिट वर्क देखें होता क्या है पहले तो प्लेसर डिपॉजिट का मतलब है रिलेटेड टू द सेडिमेंट व्हिच कंटेंस प्रेशियस मेटल्स ऐसे मिनरल्स ऐसे डिपॉजिट जिनके अंदर प्रेशियस मेटल्स पाई जाती हैं उनको आप प्लेसर डिपॉजिट कहते हैं मान लीजिए यहां पे कोई एक रॉक है हमने अभी देखा पत्थर के अंदर ही डिफरेंट डिफरेंट मेटल्स और मिनरल्स मिलते हैं और यहां से एक रिवर पास कर रही है और आपने अगर केजीएफ मूवी देखी है
रोकी भाई तो उसमें आपने देखा होगा जो सोना है वह पूरी प रॉक सोने की नहीं निकलती है सोने के अंदर डिफरेंट डिफरेंट वेंस होती हैं उन वेंस के अंदर गोल्ड होता है मान लो अब उसके ऊपर से नदी बह रही है उस पत्थर में से ये पत्थर है जिसके अंदर डिफरेंट डिफरेंट वेंस में क्या है गोल्ड है यहां से अगर रिवर फ्लो करेगी तो वो क्या करेगी इस सोने को इस गोल्ड को अपने साथ बहा के ले जाएगी धीरे-धीरे धीरे-धीरे रिवर का रिवर का जो प्रो रिवर का जो फ्लो है वो स्लो हुआ और
यहां पे जो डिपॉजिट होना स्टार्ट हो गया वो किसका डिपॉजिट होना स्टार्ट हो गया इस गोल्ड का डिपॉजिट होना स्टार्ट हो गया तो यहां पे जो गोल्ड हमें डिपॉजिट के रूप में मिलेगा प्रेशियस मेटल है रिवर का प्रेजेंस था तो इसे हम किस डिपॉजिट के नाम से जानेंगे प्लेस डिपॉजिट के नाम से जानेंगे तो हमने ये तो समझ लिया प्लेस अ डिपॉजिट क्या होता है बट व्हाट एगजैक्टली दिस इज रि हाउ एगजैक्टली दिस इज रिलेटेड टू द कॉन्टिनेंटल ड्रिफ्ट थिरी लेट अस ब्रीफ अंडरस्टैंड देखो अल्फ्रेड वेगनर ने कहा कि ब्राजील के अंदर गोल्ड बेयरिंग रॉक्स
हैं ब्राजील के अंदर गोल्ड बेयरिंग रॉक्स हैं बट जो सोना है जो डिपॉजिट है वो मिलते हैं घाना के कोस्ट पे ऐसा कैसे पॉसिबल है कि ब्राजील और घाना दोनों बहुत दूर-दूर हैं और उनके बीच में तो समुद्र है ऐसा कैसे हो सकता है कि रॉक जो जिसके अंदर सोना है वोह तो उसी जगह पे है उस मतलब गोल्ड बेयरिंग रॉक्स तो ब्राजील में है बट डिपॉजिट मिल रहे हैं जाके घाना में तो फिर उसने दिमाग लगाया ऐसा होगा कि यह जो साउथ अमेरिका है जो यह साउथ अमेरिका है यह पास्ट में एसोसिएटेड था किसके
साथ अफ्रीका के साथ जुड़ा हुआ था यहां पे गोल्ड बेयरिंग रॉक्स थी यहां से एक अमेजन नदी निकली जिसने यहां पे लाके सारे घाना के कोस्ट प डिपॉजिट कर दिए किसको गोल्ड के डिपॉजिट्स इसी कारण से घाना को गोल्ड कोस्ट भी कहा जाता है और यही प्लेसर डिपॉजिट एक कारण बना एक एविडेंस बना कॉन्टिनेंटल ड्रिफ्ट थेरी का जिसमें उन्होंने समझाने की कोशिश की कि कैसे यह एक दूसरे के साथ जुड़े हुए थे राइट फोर्थ यहां पे अगर आप एविडेंस देखेंगे तब आपको नजर आएगा द फोर्थ एविडेंस हेयर वुड बी द बायोलॉजिकल एविडेंस बायोलॉजिकल एविडेंस में
एक एविडेंस आता है जिसको आप लेमिंग्स के नाम से जानते हैं लेमिंग्स जो है वो रोडेंट्स होते हैं और ऐसा बोला गया कि इनके बिहेवियर अभी भी ऐसे हैं कि यह जो रोडेंट्स हैं जो कि आपको नॉर्वे स्वीडन फिनलैंड के अंदर दिखाई देते हैं दे आर फेमस फॉर देयर मास सुसाइड ये मास सुसाइड के लिए फेमस है अब नॉर्वे स्वीड स् फिनलैंड वाला जो एरिया है दिस इज दी एरिया ऑफ नॉर्वे स्वीडन फिनलैंड लेट मी शो यू वेरी ब्रीफ विद द हेल्प ऑफ अ मैप ये नॉर्वे स्वीडन फिनलैंड का एरिया है और यहां पे आपको
अटलांटिक ओशियन दिखाई दे रहा है और इसके बाजू में है आपके पास नॉर्थ अमेरिका यहां पे आपको नॉर्थ अमेरिका है जब नॉर्वे स्वीडन फिनलैंड के अंदर इन लेमिंग्स की पॉपुलेशन इंक्रीज हो जाती है तब वो क्या करते हैं वेस्ट वर्ड मूव करना स्टार्ट करते हैं और वो इसलिए वेस्ट वर्ड मूव करते हैं क्योंकि उनको अभी भी ऐसा लगता है कि उन्हें यहां पे नॉर्थ अमेरिका के अंदर एक बहुत ही बढ़िया नॉर्थ अमेरिका के अंदर बहुत ही बढ़िया एक लैंड मिलेगा जहां पे वो सर्वाइव कर पाएंगे बट उनके साथ हो जाता है धोखा क्यों धोखा हो
जाता है क्योंकि उनको लैंड नहीं मिलती राद वो क्या करते हैं सब के सब पानी में गिर जाते हैं और ये मास सुसाइड कर लेते हैं ये मास सुसाइड का कारण जो कॉन्टिनेंटल ड्रिफ्ट थेरी से एसोसिएट हुआ वो इस तरीके से हुआ कि ये दोनों ये जो लेमिंग्स हैं ये अभी भी सोचते हैं कि यूरोप और नॉर्थ अमेरिका जुड़े हुए हैं इस इस वजह से जब पॉपुलेशन इंक्रीज होगी तो वो वेस्ट वर्ड मूव कर जाएंगे और उनको रहने को जगह मिल जाएगी बट ऐसा होता नहीं है फिफ्थ एविडेंस इज द टलाइट डिपॉजिट्स टलाइट डिपॉजिट का
मतलब है ऐसे डिपॉजिट जो कि ग्लेशियर के एविडेंस के रूप में दिखाई देते हैं अगर आप अगर आप छोटा नागपुर प्लेटो के पास देखेंगे जो कि बहुत ही ट्रॉपिक ऑफ कैंसर के पास का रीजन है वहां पे कुछ टलाइट डिपॉजिट्स मिले ग्लेशियर्स के डिपॉजिट मिले ऐसा कैसे हो सकता है कि एक ऐसा रीजन जो कि इक्वेटर और ट्रॉपिक ऑफ कैंसर के पास है वहां पे ग्लेशियर के डिपॉजिट आ जाएं तब अल्फ्रेड वैगनर ये समझाने की कोशिश करता है कि ये इसी वजह से पॉसिबल है क्योंकि पहले इंडिया यहां पे नहीं था यह वाला भाग पहले
अंटार्कटिका और गोंडवाना लैंड का भाग था इसीलिए क्योंकि अंटार्कटिका ऑस्ट्रेलिया सारे गोंडवाना लैंड के पार्ट थे तो वहां पे उस समय पे ग्लेशियर्स का डेवलपमेंट हुआ होगा और आगे चलते-चलते हिंदुस्तान आ गया ऐसी ऐसी कंडीशन में जहां पे ट्रॉपिक ऑफ कैंसर बहुत पास है तो ग्लेशियर्स तो मेल्ट कर गए बट उनके डिपॉजिट अभी वहीं रह गए उन्हीं को टलाइट डिपॉजिट्स के नाम से जाना जाता है एंड इनफैक्ट यहां पे एक और चीज है जो मैं आपको बताना चाहता हूं वो यह है कि जब भी बर्फ चलती है ना किसी सरफेस से तो उस सरफेस को
स्क्रैच करती हुई चलती है तो बर्फ जब पिघल जाएगी ना तो सरफेस पे बहुत सारे निशान रह जाएंगे बहुत सारे मार्क्सस रह जाएंगे बहुत सारे स्ट्रा शंस रह जाएंगे ऐसे ही कुछ ग्लेशियल ट्राएंस उनको वहां पे छोटा नागपुर प्लेटो के पास दिखाई देते हैं जिस वजह से वोह यह कहते हैं कि ऐसा पॉसिबल है कि जहां पे आज इंडिया है पहले वहां पे नहीं था इट वाज द पार्ट ऑफ गोंडवाना लैंड नेक्स्ट एविडेंस के रूप में वो बताते हैं फॉसिल्स एंड बोटेनिकल एविडेंस फॉसिल्स एंड बोटेनिकल एविडेंस के रूप में ही शोज वन ब्यूटीफुल थिंग हेयर
वो ये कहते हैं कि यहां पे कुछ ऐसे फॉसिल्स मिले जिसको हम मेसोजोए हैं मेसो सोरस जो है वो एक फ्रेश वाटर रेप्टाइल है मेसो सोरस जो है वो एक फ्रेश वाटर रेप्टाइल है और उसके जो फॉसिल मिले वो एक तो मिले यहां पे और एक मिले यहां पे यानी कि साउथ अमेरिका और अफ्रीका बट दोनों के बीच में समुद्र है ऐसा कैसे हो सकता है कि मेसो सोरस समुद्र पार कर जाए क्योंकि वोह तो फ्रेश वाटर में रहने वाला है और शैलो वाटर में रहता है जबकि ओशियन तो ओशियन तो सेलाइन है और बहुत
ही डीप है तो इसका मतलब यह है कि पहले ये दोनों जुड़े हुए थे इस कारण से मसोसोरस यहां भी मिलता था और यहां भी और अब जब ये अलग हो गए तब हमें इनके फॉसिल्स दो डिफरेंट डिफरेंट लोकेशंस पर दिखाई देते हैं तब लोगों ने कहा कि कैसी बावली बात कर रहे हो ऐसा पॉसिबल हो सकता है कि दो जंतु एक जंतु दो डिफरेंट डिफरेंट कॉन्टिनेंट में मिल जाए बट वो कहता कि चलो ठीक है तुम्हारी बात मान ली ये तो तुमने जूलॉजिकल एविडेंस के रूप में मेसोजोए बट कोई प्लांट जो होता है वो
तो किसी एक पर्टिकुलर क्लाइमेटिक कंडीशन में ही डेवलप होता है ना वो तो उस वो मूव भी नहीं कर कर सकता वो तो एक कंडीशन में ही डेवलप होता है तो एक ग्लोस पटेरी करके प्लांट है ग्लोस पटेरी इस करके प्लांट है ये जो प्लांट ग्लोस पिटेसरेक्ट इंडिया अफ्रीका और साउथ अमेरिका और सबकी क्लाइमेटिक कंडीशन अलग है तो ऐसा कैसे पॉसिबल है कि ये एक प्लांट डिफरेंट डिफरेंट कॉन्टिनेंट्स में इन्हीं जगहों पे मिला तो उन्होंने बताया कि ये सारे के सारे पहले भाई साहब किसका भाग थे गोंडवा लैंड का पार्ट थे दीज आर दी एविडेंसेस
एज फार एज कॉन्टिनेंटल ड्रिफ्ट थेरी इज कंसर्न तो जिक्सो फिट रॉक्स की प्लेसर डिपॉजिट बायोलॉजिकल एविडेंस स्टिलाइट डिपॉजिट्स और बोटेनिकल एज वेल एज जूलॉजिकल एविडेंस हम अपनी बुक में भी देख लेते हैं यहां पे इन्होंने रॉक्स ऑफ द सेम एज मैंने बता दिया आपको टलाइट बता दिया फॉसिल प्लेसर डिपॉजिट एज वेल एज मैचिंग ऑफ दी कॉन्टिनेंट्स सो दीज आर द मेजर मेजर मेजर मेजर एविडेंसेस इन सपोर्ट टू कॉन्टिनेंटल ड्रिफ्ट थोरी ने नेक्स्ट अगर हम बात करते हैं तो कौन-कौन से फोर्सेस इस कॉन्टिनेंटल ड्रिफ्ट थिरी के लिए रिस्पांसिबल थे उन्होंने बोला एक फोर्स होता है जिसे
हम पोल फ्लिइंग फोर्स कहते हैं पोल फ्लिइंग फोर्स का मतलब है एक ऐसा फर्स जो कि अर्थ के रोटेशन के कारण डेवलप होता है एक ऐसा फोर्स जो कि अर्थ के रोटेशन के कारण डेवलप होता है जब अर्थ रोटेट करती है तब कोई भी रोटेटिंग बॉडी जो होती है कोई भी जो रोटेटिंग बॉडी है उसके ऊपर एक फोर्स लगता है जिसे आप सेंट्रीफ्यूगल फोर्स फर्स के नाम से जानते हैं जिसे आप सेंट्रीफ्यूगल फोर्स के नाम से जानते हैं और यही सेंट्रीफ्यूगल फोर्स क्या करता है पोल्स के मास को कहां की ओर पुश करता है इक्वेटर
की ओर पुश करता है इसीलिए अगर आप इंडिया की जर्नी देखेंगे तो इंडिया इक्वेटर वर्ड मूव करने लगता है उसका कारण यही है कि जो हमारी धरती घूम रही है उसके घूमने के दौरान जो पोल का मटेरियल है दैट इज ड्रिफ्टिंग टुवर्ड्स दैट इज ड्रिफ्टिंग टुवर्ड्स इक्वेटर एंड व्हाई इट इज ड्रिफ्टिंग जस्ट बिकॉज ऑफ अ फैक्ट ये ड्रिफ्ट इसलिए कर रहा है क्योंकि ये ड्रिफ्ट इसलिए कर रहा है क्योंकि मेरे दोस्तों ध्यान से सुनिए इसकी ड्रिफ्टिंग के पीछे कारण है एक सेंट्रीफ्यूगल फोर्स जो कि पोल्स के पोल्स के मास को कहां की ओर लेके जा
रहा है इक्वेटर की ओर लेके जा रहा है बट हां ये जरूर है कि ये फोर्स इतना हैवी इतना इतना ताकतवर फोर्स नहीं है कि इतने बड़े इतने बड़े लैंड मास को ये क्या कर दे मूव कर दे और इसी फर्स को इन्होंने क्या नाम दिया पोल फ्लिइंग फर्स नाम दिया सेकंड फर्स जो इन्होंने अपनी थेरी के अंदर बताया दैट वाज द टाइडल फोर्स टाइडल फर्स के अंदर इन्होंने बोला कि जो हमारा इंटीरियर ऑफ अर्थ है उसमें एथेनोइक सेमी मोल्टन स्टेट में उसके ऊपर लिथोस्फीयर है तो जो लिथोस्फीयर है वो फ्रीली फ्लोट कर रहा है
और फ्लोटिंग के लिए फ्रीली फ्लोट कर रहा है और फ्लोटिंग के लिए कौन सा फोर्स रिस्पांसिबल है बंसी फोर्स रिस्पांसिबल है तो यह जो बोएसी है यह बोएसी क्रस्ट को मेंटल के ऊपर फ्लोट कराने के लिए रिस्पांसिबल है क्रस्ट को इस पूरे एथेनोवा के लिए रिस्पांसिबल है और धीरे-धीरे धीरे-धीरे ये सारे के सारे जो कॉन्टिनेंट है वो ड्रिफ्ट होते गए यह भी कुछ हद तक कुछ हद तक बिल्कुल गलत फोर्स हुआ क्योंकि बंसी फोर्स की वजह से यह नहीं मूव करते हैं यह हमें लेटर ऑन स्टेज में अभी अगली थेरी में पता लग जाएगा टाइडल
फोर्स जो है टाइडल फोर्स एक ऐसा फोर्स है अकॉर्डिंग टू अल्फ्रेड वैगनर यह जितने भी कॉन्टिनेंट हैं उनके वेस्ट वर्ड मूवमेंट के लिए रिस्पांसिबल होता है वेस्ट वर्ड मूव जो करते हैं उनके लिए रिस्पांसिबल फर्स जो है वो टाइडल फोर्स है सो पोल फ्लिंग फोर्स टाइडल फर्स और टाइडल फोर्स का जन्म क्यों होता है टाइडल फर्स का जन्म होता है जब भी सन और मून और अर्थ का ग्रेविटेशनल इंटरेक्शन होता है तब उस वजह से टाइड्स जनरेट होती हैं बट आप खुद समझो उन टाइड्स में पानी तो ऊपर नीचे मूव हो जाता है क्या कोई
लैंड मासेज का मूवमेंट हो पाता है नहीं तो यह फर्स भी एक बहुत बड़ा गलत फोर्स साबित हुआ एज फार एज द कॉन्टिनेंटल ड्रिफ्ट थोरी इज कंसर्न लेट मी ब्रीफ टेल यू वन थिंग हेयर अल्फ्रेड वेगनर ने जो बातें कहीं वो बिल्कुल सही थी कि हां ड्रिफ्टिंग हुई है बट ही वाज फेल्ड टू एक्सप्लेन द मेजर फोर्स बिहाइंड दी ड्रिफ्टिंग ऑफ दीज कॉन्टिनेंट वो यह जो फर्स बता रहे हैं चाहे वह पोल फ्लिइंग फर्स है जो कि सेंट्रीफ्यूगल फोर्स के कारण जन्म लेता है चाहे वो बोएसी फोर्स है जिसके अंदर आप फ्लोटेशन बता रहे हैं
बोएसी आपने सुना होगा जिसकी वजह से नाव तैर पाती है है ना ये जो पूरा फ्लोटेशन के लिए रिस्पांसिबल फोर्स है बोएसी फोर्स ये फर्स रिस्पांसिबल नहीं है ना ही ग्रेविटेशनल इन्फ्लुएंस रिस्पांसिबल है ना ही टाइडल फोर्स रिस्पांसिबल है कुछ और ही फोर्स है जो इन कॉन्टिनेंट्स को मूव करवा रहा है और अब क्या शुरू होगा अब कवायद शुरू होगी यस कॉन्टिनेंटल ड्रिफ्ट थोरी पेव दी वे फॉर फर्द जियोग्राफी जियोग्राफी डायनेमिक बिहेवियर ऑफ़ आवर प्लेनेट अर्थ यस इन द लेटर ऑन पार्ट व्हेन वी विल ट्राई टू अंडरस्टैंड व्हाई एगजैक्टली दीज कॉन्टिनेंट्स वर मूविंग यस फॉर
द वेरी फर्स्ट टाइम अल्फ्रेड वेगनर टोल्ड अस दैट समथिंग इज़ मूविंग समथिंग इज़ मूविंग एंड देयर इज़ अ सम फोर्स देयर इज़ प्रेजेंस ऑफ़ फन फोर्स व्हिच इज़ रिस्पांसिबल फॉर द मूवमेंट ऑफ दीज लार्ज कॉन्टिनेंट्स बट ही वाज फेल्ड टू एक्सप्लेन द एगजैक्टली व्हाट एगजैक्टली द फोर्स व्हिच इज रिस्पांसिबल फॉर इट एंड इन फैक्ट फॉर दैट मैटर ऑफ़ द फैक्ट फ्यूचर ज्योग्राफर्स दे केम दे ट्राइड टू अंडरस्टैंड द डायनेमिक बिहेवियर ऑफ द इंटीरियर ऑफ अर्थ एंड ट्राइड टू नो व्हाट एगजैक्टली द फोर्स व्हिच इज रिस्पांसिबल फॉर द मूवमेंट ऑफ दीज लार्ज कॉन्टिनेंट्स लार्ज लैंडमासेस अब
बारी आई सेकंड थेरी की यानी कि हमने कॉन्टिनेंटल ड्रिफ्ट थ्योरी समझ लिया 1912 में दी अल्फ्रेड वेगनर ने दी उसके बाद थ्योरी में पजिया पेंजा सराउंडेड बाय पथला सा पंजिया का ब्रेकिंग हुआ टेथिस सी टेथिस सी के बाद लोरेश गोंडवाना लैंड एंड उसके बाद नॉर्थ अमेरिका यूरोप एंड एशिया नीचे क्या है साउथ अमेरिका अफ्रीका इंडिया मडग करर ऑस्ट्रेलिया अंटार्कटिका अब उसके बाद ड्रिफ्टिंग स्टार्ट होगी वेस्ट वर्ड ड्रिफ्टिंग नॉर्थ अमेरिका साउथ अमेरिका की हुई तो अटलांटिक ओशन इक्वेटर वर्ड ड्रिफ्टिंग इंडिया की हुई तो इंडियन ओशियन ऊपर बचा आर्कटिक ओशियन नीचे बचा सदर्न ओशियन और पंथाला अस
का रेमंट बचा पैसिफिक ओ जो थस सी धीरे-धीरे मर्ज होता गया वो आज आज किसकी फॉर्म में है मेडिटरेनियन सी की फॉर्म में एविडेंसेस के रूप में जिगस फीट एविडेंस दिख गया जिसमें जिसमें आप देखेंगे ब्राजील गल्फ ऑफ गिनिया फिर आप देखेंगे ग्रीनलैंड बेफिन आइलैंड के साथ नॉर्थ अमेरिका साउथ अमेरिका यूरोप एशिया के साथ खत्म कहानी सेकंड आपने प्लेसर डिपॉजिट देखा गोल्ड बेयरिंग रॉक्स कहां पे है ब्राजील में और और जो गोल्ड डिपॉजिट है वो कहां है घाना में टलाइट डिपॉजिट छोटा नागपुर प्लेटो के पास ऐसा कैसे हो सकता है कि टलाइट वर्ड जब भी
आएगा ग्लेशियर दिमाग में आ जाना चाहिए कि ग्लेशियर से रिलेटेड जो डिपॉजिट होंगे वो टलाइट डिपॉजिट होंगे क्योंकि ग्लेशियल सेडिमेंट्स को टिल कहा जाता है अभी हम जब लैंड फॉर्म्स पढ़ेंगे ग्लेशियर्स के तब हम बता देंगे उसको तब ये पता लगा टलाइट डिपॉजिट्स छोटा नागपुर प्लेटो में कैसे मिल सकते हैं फिर बोटेनिकल एविडेंस देखे जहां पे ग्लोस पेटरिस दिखा फिर फॉसिल एविडेंस में मेसोजोम्स के बारे में बायोलॉजिकल एविडेंस के रूप में उन्होंने बात की फिर वो कहते हैं कि जो रॉक्स हैं चाहे वो एप्लान माउंटेंस हैं चाहे वो हर्सी नियन माउंटेंस हैं सिल्डन माउंटेंस हैं
उनकी रॉक्स क्या है सेम है एज उनकी सेम है कंपोजीशन सेम है ऐसा पॉसिबल तभी है जब ये सारे आपस में जुड़े हुए थे बट फिर इनसे पूछा गया कि हां भाई साहब बताओ कि फोर्स कौन सा रिस्पांसिबल था इनके मूवमेंट के लिए तो भाई साहब आके कहते हैं फोर्स रिस्पांसिबल था पोल फ्लिंग फोर्स फिर पूछा पोल फ्लिंग फोर्स कैसे रिस्पांसिबल था तो भाई कहता है कि सुनो मेरी बात ध्यान से ये जो पोल फ्लिंग फोर्स है ना इस पोल फ्लिंग फोर्स की वजह से इस पोल फ्लिंग फर्स की वजह से सेंट्रीफ्यूगल फोर्स जो लगता
है अर्थ के रोटेशन के कारण जो पोल से जो अ जो भी मास है वो कहां की ओर चलने लगता है इक्वेटर की ओर चलने लगता है बट ये भी सही नहीं है उसके बाद टाइडल फर्स ग्रेविटेशनल इन्फ्लुएंस वो तो पानी को तो ऊपर नीचे कर सकता है बट लैंडमासेस को नहीं फ्लोटेशन के लिए बोएसी ना ना ना ना बोएसी रिस्पांसिबल नहीं है कुछ और ही है जो कि फ्लोट करवा रहा है इस लिथोस्फीयर को एस्नो स्फेयर के ऊपर दैट इज व्हाट दी मेजर आइडिया क्रिटिसिज्म के रूप में देखोगे तो मेजर क्रिटिसिज्म तो यही है
कि जो फोर्स प्रोपाउंड किए अल्फ्रेड वैगनर ने वो सही फोर्सेस नहीं थे अब फोर्सेस की कवायत शुरू हुई और उस फोर्सेस के अंदर सबसे पहला फोर्स जो आएगा दैट विल बी इन द फॉर्म ऑफ कन्वे शल करंट थरी वो आएगा कन्वे शल करंट थ्योरी के फॉर्म में कन्वे क्शन करंट थोरी में ये बोला गया फर्स्ट ऑफ ऑल लेट्स ट्राई एंड अंडरस्टैंड दिस थरी वाज प्र प्रोपाउंडेड दिस थिरी वाज गिवन बाय आर्थर होम्स इन 1930 नाउ दिस इज नॉट अ थरी दिस इज ट्राइम टू टेल अस अबाउट द फोर्स व्हिच इज रिस्पांसिबल फॉर द मूवमेंट ऑफ
दी एंटायस तो अब अब जब हम प्लेट टेक्टोनिक थरी पढ़ेंगे तब हमें ये समझ में आ जाएगा कि जो मूवमेंट है ना वो हुआ किस फर्स के कारण है कन्वे क्शन करंट फोर्स के कारण कन्वे क्शन करंट क्या होते हैं इसको समझने की कोशिश करते हैं थोड़ा सा डिटेल के अंदर देखिए होता ये है मान लीजिए जब अगर आप कभी बचपन में पानी बकेट के अंदर रॉड लगा के पानी को गर्म कर रहे थे सर्दियों का समय चल रहा है अभी भी आपने किया होगा तो उससे क्या होता है मान लीजिए जब ये इलेक्ट्रिक रोड
मैंने कनेक्ट की तो जो भी इसके संपर्क में पानी होगा दिस वाटर विल बिकम वर्म यह पानी गर्म हो जाएगा जब यह पानी गर्म हो जाएगा तो उससे क्या होगा गर्म पानी की जो डेंसिटी है वो क्या होती है बहुत ही कम होती है डेंसिटी कम होने का मतलब है यह क्या हो जाएगा हल्का हो जाएगा लाइट हो जाएगा और हल्की चीजें नीचे की ओर आती हैं या ऊपर की ओर ऊपर की ओर आती है इसका मतलब ये है यह गर्म पानी अब कहां चलने लगेगा ऊपर की ओर चलने लगेगा बिल्कुल ठीक है जब ये
गर्म पानी ऊपर की ओर चलने लगा तो ऊपर का जो ठ ठंडा पानी है वह कहां आएगा वह नीचे की ओर आने लगेगा तो इस वजह से क्योंकि यहां से जो स्पेस क्रिएट हुआ है इसको फिल करने के लिए ऊपर का ठंडा पानी आ गया जब यह गर्म होगा तो यह ऊपर की ओर जाएगा जब ये ऊपर की ओर जाएगा तो ऊपर का कंपैरेटिव ठंडा पानी कहां आएगा नीचे की ओर आएगा इस तरीके से आपको एक मूवमेंट दिखाई देगा जो मूवमेंट क्या है दिस मूवमेंट इज व्हाट वी कॉल एज कन्वे क्शन मूवमेंट ये मूवमेंट कौन
सा है कन्वे कशन मूवमेंट है और इसी कन्वे क्शन मूवमेंट के कारण ही सब कुछ चेंज हो रहा है वह मैं आपको लेकर जाऊंगा अर्थ के ऊपर भी बट पहले समझे ये कन्वे क्शन मूवमेंट होता क्यों है मैं तो कह सकता हूं कन्वे क्शन मूवमेंट होता है टेंपरेचर के डिफरेंस के कारण टेंपरेचर का जब डिफरेंस आया क्योंकि यहां पे जब रोड के सराउंडिंग का पानी गर्म हुआ तो इसका टेंपरेचर ज्यादा ऊपर का टेंपरेचर कंपैरेटिव कम तब जब टेंपरेचर का डिफरेंस आया तो उसकी वजह जैसे दोनों पानी के अंदर डेंसिटी का भी डिफरेंस आया जब डेंसिटी
का डिफरेंस आया टेंपरेचर के डिफरेंस के कारण डेंसिटी का डिफरेंस आया तो डेंसिटी डिफरेंस के कारण ये मूवमेंट स्टार्ट हुआ सो क्या मैं कह सकता हूं द कन्वे क्शन मूवमेंट इज कॉज्ड ड्यू टू टेंपरेचर डिफरेंस कॉज्ड बाय दी डेंसिटी डिफरेंस या हम ऐसे कह सकते हैं कन्वे क्शन मूवमेंट इज कॉज्ड ड्यू टू डेंसिटी डिफरेंस एंड व्हिच इन टर्न इज कॉज ड्यू टू दी टेंपरेचर डिफरेंस बिल्कुल सही बात है अब हम इसको अर्थ के ऊपर भी अप्लाई करके देखें तो आपको समझ में आएगा कि ये है एथेनोवा होगा बहुत ध्यान से कि यहां पे कुछ ऐसे
करंट हैं जो कि ऊपर की ओर जा रहे हैं ये ऊपर की ओर जा रहा है अब मुझसे किसी ने सवाल पूछा कि सर यहां पे टेंपरेचर डिफरेंस कैसे आया मैं कहता हूं अगर पॉइंट a और पॉइंट बी देखें इन पॉइंट ए और पॉइंट बी में मैग्मा कहां पे ज्यादा गर्म है मैं कहता हूं मैग्मा गर्म ज्यादा यहां का होगा क्योंकि जब डेप्थ इंक्रीज होती है तो टेंपरेचर इंक्रीज होता है इस तरीके से कांसेप्ट क्लियर होने चाहिए सब अंडरस्टैंडिंग पहले से है इसीलिए इंटीरियर ऑफ अर्थ पहले पढ़ाया है अब यहां पे जब ये ज्यादा गर्म
है तो ये ऊपर की ओर उठेगा ये ऊपर की ओर गया ये ऊपर की ओर गया ऊपर का जो मैग्मा है वो कहां पे आने लगेगा नीचे की ओर आने लगेगा ऐसे करोड़ों अरबों मिलियन बिलियंस ऑफ करंट जो कन्वे क्शन करेंट्स हैं वो हमारी धरती के नीचे क्या कर रहे हैं एजिस्ट कर रहे हैं अब थोड़ा गौर से देखिए यहां पे भी इस तरीके से कन्वे क्शन करंट चल रहा है नीचे का मैग्मा ऊपर और ऊपर का मैग्मा नीचे की ओर आ रहा है जब इस तरीके से होगा तो क्या मैं कह सकता हूं कि
ये वाला कन्वे क्शन करंट इस पूरी प्लेट को लिथोस्फीयर को कहां की ओर मूव करना चाहता है सर लेफ्ट की ओर मूव करना चाहता है ये वाला ये वाला कन्वे क्शन करंट है जो इधर की ओर जा रहा है ये इसको किस ओर मूव करना चाहता है सर राइट की ओर मूव करना चाहता है तो जब इनका मूवमेंट अलग-अलग हो रहा है जब इनका मूवमेंट अलग-अलग हो रहा है तो क्या ऐसे नहीं होगा कि प्लेट खींचे गी प्लेट खींचे गी बिल्कुल सही बात है जब ये प्लेट खींचे गी तो इसके बीच में से किसका इरप्शन
होगा जब ये प्लेट टूटेगी तो बीच में कौन इरप्पू मैग्मा तो मैग्मा बाहर आएगा और वो जमेगा तो एक लैंड फॉर्म का फॉर्मेशन हो जाएगा इस तरीके से ये समझाने की कोशिश करते हैं कि जो भी जो भी ये थर्मल डिफरेंसेस हैं मेंटल के अंदर अंदर इस थर्मल डिफरेंस के कारण क्या क्रिएट हो रहा है इस थर्मल डिफरेंस के कारण प्लेट्स के अंदर मूवमेंट हो रहा है थर्मल डिफरेंसेस के कारण क्या हो रहा है प्लेट्स के अंदर मूवमेंट और ये जो प्लेट का मूवमेंट है ये कौन कर रहा है बच्चा लोग ये प्लेट का मूवमेंट
कर रहा है कन्वे क्शन करंट अब यहां से पहला डाउट ये आता है बच्चों को कि सर आपने कन्वे क्शन करंट इस तरीके से दिखाए हैं कन्वे क्शन करंट इस तरीके से दिखाए हैं बट दीज कन्वे क्शन करंट कैन बी इन दिस मैनर एज वेल बिल्कुल सही बात है जब कन्वे क्शन करंट एक दूसरे से दूर जा रहे होंगे तो प्लेट्स दूर जाएंगी कन्वे क्शन करंट एक दूसरे के पास आएंगे तो ये प्लेट्स एक दूसरे के पास आएंगी इसी तरीके से डिफरेंट डिफरेंट प्रोसेसेस हमें दिखाई देते हैं जिसी से जिस कारण हमें अब आगे चलके
डिफरेंट थेरी का जन्म होता हुआ दिखाई देगा सो दिस इज वन आइडिया व्हिच इज टर्म्ड एज कन्वे क्शन करंट थेरी व्हिच इज रिटन हियर कन्वे क्शन करंट थोरी हीट जनरेट क्यों होती है क्योंकि रेडियोएक्टिव एलिमेंट्स हैं मेंटल के अंदर कन्वे क्शन स्टार्ट होंगे बिल्कुल सही बात है इस तरीके से कन्वे क्शन स्टार्ट होते हैं ये रिज क्या है ट्रेंच क्या है अभी थोड़ी देर में समझाने की कोशिश करता हूं अब जब लोगों को इस फर्स के बारे में पता लग गया जब लोगों को इस फर्स के बारे में पता लग गया तब लोगों ने सोचा
कि चलो अब इसको अप्लाई करने की कोशिश करते हैं आप देखो इस तरीके से यह इतना भारी भरकम मैग्मा इतनी हीट लेके ऊपर और और ऊपर की ओर अग्रसर हो रहा है और जब ये इस तरीके से चलेंगे तो क्या हमारी लिथोस्फीयर को प्रभावित करेंगे जी हां प्रभावित करेंगे और अगर मैं कहता हूं मेरे दोस्तों इसका मूवमेंट इस तरीके से है इस तरीके से है तो क्या प्लेट्स दोनों एक दूसरे के दूर जाएंगी जी हां ये प्लेट्स एक दूसरे से दूर जाने की कोशिश करेंगी दिस इज व्हाट वी कॉल एज कन्वे क्शन करंट फोर्स और
कन्वे क्शन करंट थेरी इसी थरी का अगला भाग जो आता है दैट इज इन दी फॉर्म ऑफ सी फ्लोर स्प्रेडिंग थोरी सी फ्लोर स्प्रेडिंग थरी जो है दिस थरी वाज प्रोपाउंडेड बाय हैरी हेस हेरी हेस ने इस थरी को प्रोपाउंड किया और हैरी हेस ने बोला ध्यान से समझना क्या हेरी हेस ने इसके बारे में बात की है वेट फॉर अ मिनट मेरे पास चलो कोई बात नहीं इसका वैसे मेरे पास था एक हैंड रिटन नोट्स एनीवेज मैं खुद ही लिख देता हूं क्या है यह थरी देखो पहले ध्यान से समझना क्या है ये कहते
हैं मान लीजिए दिस इज इसको ऐसे लेकर चलते हैं ज्यादा बड़ा नहीं करते दिस इज अ सी का फ्लोर सी का फ्लोर मतलब ओशियन का फ्लोर है यहां पे ऊपर आपको क्या दिखाई दे रहा है यहां पे ऊपर पानी है ठीक है सो दिस इज व्हाट वी कॉल एज ओशनिक क्रस्ट ये कौन सी क्रस्ट है ओशनिक क्रस्ट है अब एक बात दिमाग लगा के जवाब देना मुझे मान लीजिए अगर यहां पे कुछ ऐसे कन्वे क्शन कर करंट का प्रेजेंस है जो कि इस तरीके से मूव कर रहे हैं यानी कि नीचे से मैग्मा ऊपर गया
ऊपर का मैग्मा नीचे आया नीचे से मैग्मा ऊपर गया ऊपर का मैग्मा नीचे आया इस तरीके से ये चल रहे हैं चलिए अगर ये इस तरीके से चलेंगे तो क्या यह वाला जो मैग्मा है इस प्लेट को लेफ्ट की ओर लेके जाएगा यस और यह वाला मैग्मा का जो कन्वे क्शन करंट है वो कहां लेकर जाएगा राइट की ओर लेकर जाएगा जब कन्वे करंट थ्योरी दी गई तो उ उने क्या बोला यह जो दोनों लिम्स हैं जो जहां से मैग्मा ऊपर आ रहा है दिस इज द लिम जहां से मैग्मा ऊपर आ रहा है दिस
इज द लिम जहां से मैग्मा ऊपर आ रहा है इन दोनों लिम्स को बोला गया राइजिंग लिम्स ये कौन से लिम्स है बेटा राइजिंग लिम्स है राइजिंग लिम्स है ये भी कौन सी लिम है राइजिंग लिम है बिल्कुल ठीक है बट जब ये ऊपर पहुंच रही है तो आपस में क्या कर रही हैं बेटा डायवर्ज कर रही हैं तो ये डायवर्जिंग लिम्स हैं तो ये डायवर्जिंग भी है तो जब ये डायवर्जिंग लिम्स होंगी तो क्या ये ओशनिक क्रस्ट को खींचें बिल्कुल सही बात है जब ओशनिक क्रस्ट को तोड़ने की कोशिश करेंगी तो ये एक साइड
लेफ्ट साइड में भी जाएगा और राइट साइड में भी जाएगा इस वजह से क्या होता है यहां पे आपको एक बहुत बढ़िया बहुत ही इंपॉर्टेंट प्रोसेस दिखाई देगा मान लीजिए ये हमारी ओशनिक क्रस्ट थी एंड ये ओशनिक क्रस्ट थी और इस ओशनिक क्रस्ट के इस ओशनिक क्रस्ट के इस ओशनिक क्रस्ट के नीचे से जो मैग्मा था उस मैग्मा ने यहां पे क्या क्रिएट कर दिया इस मैग्मा ने यहां पे दरारें क्रिएट कर दी जैसे ही मैग्मा ने दरारें क्रिएट की वैसे ही आप देखेंगे यहां से नाउ द मैग्मा विल ट्राई टू कम आउट यह मैग्मा
क्या करेगा बाहर आने की कोशिश करेगा जैसे ही यह मैग्मा बाहर आने की कोशिश करेगा जैसे ही यह मैग्मा बाहर आने की कोशिश करेगा पानी के संपर्क में आते ही क्या हो जाएगा सॉलिडिफाईज में आते ही सॉलिडिफाईज से आपको इस क्रस्ट ओशन की क्रस्ट के बीच में यहां पे कुछ छोटे-छोटे पैरेलल माउंटेनियर रेंजेस दिखाई देंगे क्या दिखाई देंगे पैरेलल माउंटेनियर रेंजेस ये जो पैरेलल माउंटेनियर रेंजेस हैं जो कि डायवर्जेंस के कारण डेवलप हुए हैं ध्यान रखना किसके कारण डायवर्जेंस के कारण डेवलप हुए हैं जो डायवर्जेंस के कारण डेवलप हुए हैं इन्हें ही हम किस नाम
से जानते हैं इन्हें ही हम रिस के नाम से जानते हैं अगर यह ओशियन के बीच में पाए जाते हैं तो इन्हें हम मिड ओशनिक रिस का नाम देते हैं बट एक बात समझो यह ओशनिक क्रस्ट जब यह ओशनिक क्रस्ट जब इस साइड मूव करेगी यह वाली इस साइड मूव करेगी तो क्या मैं कह सकता हूं बीच का भाग तो अब सॉलिडिफाईज मैग्मा जम गया तो पहले जिसकी थिक पहले जिसका स्प्रेड इतना था अब थोड़ा सा ये मूव होके इधर की ओर आ गई और थोड़ा सा ये मूव होके आगे की ओर चली गई तो
क्या मैं कह सकता हूं कि अब इसका जो फ्लोर है वो स्प्रेड हो गया है बिल्कुल सही बात है सर अब फ्लोर जो है वो कंपैरेटिव स्प्रेड हो गया है इसी कारण से इस थ्योरी को सी फ्लोर स्प्रेडिंग थ्योरी का नाम दिया गया और इसे किसने प्रोपाउंड किया इसने प्रोपाउंड इसे प्रोपाउंड किया हेरी है ने राइट बट क्या असली में ऐसा होता है नहीं क्यों क्योंकि ओशियन के बाजू में तो क्या है कॉन्टिनेंट है ओशियन के इस साइड में भी क्या है कॉन्टिनेंट है और पहले इंटीरियर ऑफ अर्थ में बताया था ओशियन और कॉन्टिनेंट में
से थिकनेस ज्यादा किसकी डेंसिटी ज्यादा किसकी ओशियन की और जिसकी ज्यादा डेंसिटी होती है क्या वो नीचे की ओर सेटल होगा या ऊपर की ओर आएगा बेटा लोग जैसे ही यहां पे ये ओशनिक क्रस्ट आगे की ओर बढ़ने की कोशिश करेगी ये शनि क्रस्ट सब डक्ट होने लग जाएगी इस कॉन्टिनेंट के नीचे जो बाजू में कॉन्टिनेंट है ना इस कॉन्टिनेंट के नीचे यह सबडक्शन होना स्टार्ट होगा और जहां पे सबडक्शन होगा वहां पे किसका फॉर्मेशन होगा दोस्तों वहां पे फॉर्मेशन होगा ट्रेंचेज का तो जब हम सी फ्लोर स्प्रेडिंग थेरी पढ़ते हैं तब इसमें हमें क्या
पता चलता है किसका फॉर्मेशन हुआ सर रिज का फॉर्मेशन हुआ बिल्कुल सही बात है किसका फॉर्मेशन हुआ सर ट्रेंच का फॉर्मेशन हुआ हुआ रिज क्या होता है सर पैरेलल माउंटेनियर रेंजेस को रिजे कहते हैं ट्रेंच क्या होता है सर गहरी खाई है ये गहरी खाई क्यों बनी क्योंकि ये कॉन्टिनेंट ये ओशियन ओशियन की ओशियन की डेंसिटी ज्यादा तो ओशियन क्या कर रहा है सबडक्शन सबडक्टेड आगे बढ़ती रहेगी जैसे-जैसे यह ओशियन की क्रस्ट आगे बढ़ती रहेगी पूरी की पूरी क्रस्ट कहां चली जाएगी नीचे मैग्मा में विलीन हो जाएगी और यहां पे जैसे-जैसे बार-बार बार-बार मिड ओशनिक
रिजे का फॉर्मेशन होता रहेगा क्या नई क्रस्ट का फॉर्मेशन होगा यस न्यू क्रस्ट का फॉर्मेशन विल बी विल बी विल बी देयर सो फर्स्ट ऑफ ऑल यू कैन सी हेरी हेस ने बोला कि नई क्रस्ट का फॉर्मेशन होता है और ओशन के फ्लोर का एक्सपेंशन होता है ओशनिक क्रस्ट जब नीचे जाकर सबडक्शन और हीट सोर्स क्या है हीट सोर्स इसका कौन है कन्वे करंट इसका हीट सोर्स बनते हैं और यहीं से आपको कुछ और ऑब्जर्वेशन दिखाई देंगे वो क्या कि ये वो रीजन होंगे जहां पे आपको टेक्टोनिक एक्टिविटीज या वल्केन एक्टिविटीज का वल्केन एक्टिविटीज का
फॉर्मेशन दिखाई देगा अब एक बात और बोली गई कि आपको किसी ने बोल तो दिया ऐसा कि अगर मैं इसका डायग्राम बनाऊं तो हाउ इट विल लुक लाइक सी हेयर इसको ऐसे नहीं बनाते इसको थोड़ा सा अलग तरीके से बनाने की कोशिश करते हैं देखिए यहां पर दिस इज मैग्मा चेंबर दिस इज मैग्मा चेंबर इस मैग्मा चेंबर से मैग्मा चेंबर से बाहर कौन आने की कोशिश कर रहा है मैग्मा यहां पर मैग्मा बाहर आएगा ऊपर क्या है ऊपर मेरे दोस्तों पानी का प्रेजेंस है ऊपर है पानी बिल्कुल बिल्कुल पानी है जब पानी बाहर पानी से
यह बाहर आएगा तब यहां पे एक मिड ओशनिक रिज का पैरेलल माउंटेनियर चेन का फॉर्मेशन होगा जैसे ही पैरेलल माउंटेनियर चेन का फॉर्मेशन होगा यहां पे आपके पास कॉन्टिनेंट है बिल्कुल सही बात है कॉन्टिनेंट है यहां पे बीच में ओशियन और यहां पे भी आपके पास किसका प्रेजेंस है कॉन्टिनेंट का प्रेजेंस है तो जैसे-जैसे ये आगे बढ़ेगी ये किसके अंदर सब डक्ट होती जाएगी पूरे मैग्मा चेंबर के अंदर तो यहां पे क्या हो रहा है एट दिस पार्ट ओशियन की प्लेट का डिस्ट्रक्शन ओशियन प्लेट का डिस्ट्रक्शन हो रहा है बिल्कुल सही बात है और क्या
यहां पे रिजे का फॉर्मेशन होगा बिल्कुल सही बात है सर यहां पे ये रिजे बनी दीज आर द मिड ओशनिक रिजे यहां पे किसका फॉर्मेशन है सर यहां पे ट्रेंच का फॉर्मेशन है और जब ये गया तो यहां पे भी क्या बना ट्रेंच बना बिल्कुल सही बात है अब एक बार और वल्केन एक्टिविटी हुई तो एक नई मिडो शनिक रिज बनी तो इस तरीके से मल्टीपल रिजे बनती रहेंगी और ये प्लेट धीरे-धीरे धीरे-धीरे सब डक्ट होती रहेगी और जो ये पहले जो ये रिजे बन रही हैं क्या मैं कह सकता हूं जैसे-जैसे ये पूरा का
पूरा प्लेट नीचे की ओर जाता रहे वैसे-वैसे नया मैग्मा ऊपर आता रहेगा तो यहां पर आपको क्या दिख रहा है नई ओशनिक प्लेट का नई ओशनिक क्रस्ट का क्या होगा न्यू ओशनिक क्रस्ट विल बी फॉर्म्ड न्यू ओशनिक क्रस्ट विल बी फॉर्म्ड हेयर राइट स इस पूरे डायग्राम से आपको सारी क्लेरिटी ऑफ थॉट आ जाएगा कि अगर मैं मान लो आज यहां पे खड़ा हूं यहां से इक्वि डिस्टेंट दोनों साइड जाता हूं तो क्या मुझे दोनों साइड की जो रॉक्स है वो सेम सेम मिलेंगी जी हां क्यों क्योंकि एक वक्त पे ही ये रप्टली होती जा
रही है बिल्कुल सही है क्योंकि नई रॉक तो सर यहीं बनेगी क्योंकि मैग्मा यहीं से निकल रहा है बार-बार तो यहां पे हम देख सकते हैं एविडेंस के रूप में थिन ओशियन सेडिमेंट्स होंगे एज ऑफ ओशनिक रॉक विल बी कंपैरेटिव यंगर सिस्म एक्टिविटी जब भी वल्केन एक्टिविटी होगी तो अर्थक्वेक तो आएंगे ही राइट और किसका किसका फॉर्मेशन होता है ट्रेंचेज का रिस का और एक मैग्नेटिक स्ट्रिपिंग बोला जाता है उसको हम सोचने की समझने की कोशिश करते हैं जो कि यहां पे एक सबसे इंपॉर्टेंट एस्पेक्ट है अब समझे इस बात को वो यह है कि
अर्थ का जो आउटर कोर है अर्थ का जो आउटर कोर है दैट इज इन लिक्विड स्टेट लिक्विड स्टेट में है और इस आउटर कोर के अंदर किसका प्रेजेंस है आयरन का इस आउटर कोर के अंदर आयरन का प्रेजेंस है ऊपर से जो यह आउटर कोर है यह रोटेट भी कर रहा है बचपन में एक अ एक एक्सपेरिमेंट होता है जिसमें यह बताया जाता है कि अगर अगर करंट की करंट को किसी भी एक इलेक्ट्रिक एक लोहे की रोड से पास किया जाए और उसे घुमाया जाए तो वो एक मैग्नेटिक फील्ड को जनरेट करता है तो
इन तीनों प्रॉपर्टीज के कारण इन तीनों प्रॉपर्टीज के कारण जो अर्थ है अर्थ के अंदर मैग्नेटिज्म का जनरेशन होता है यानी कि जो आज हम अर्थ देखते हैं इस अर्थ के अंदर इस अर्थ के ऊपर इस अर्थ को हम जिस हिसाब से देखते हैं इस अर्थ के अंदर भी एक मैग्नेट का प्रेजेंस है ये मैग्नेट का प्रेजेंस है और ये जो मैग्नेट है ये जो मैग्नेट है यह कांस्टेंट नहीं रहती है यह मैग्नेट रोटेट करती रहती है ये मैगनेट जो है वो रोटेट करती रहती है मान लीजिए मान लीजिए आज यह वल्केन एक एक्टिविटी हुई
और मैग्नेट की डायरेक्शन इस तरीके से थी नॉर्थ और साउथ तो क्या लोहा जो है वह उसी तरीके से खुद को अलाइन कर लेगा इसके अंदर जो भी मैग्मा से मैग्मा के अंदर से लोहा निकला है आयरन का इरप्शन हुआ है उस इरप्शन को उस इरप्शन के कारण जो भी मिनरल्स बाहर आए जब वो मिनरल्स सॉलिडिफाईज तो उनका सॉलिडिफिकेशन किस तरीके से होगा अकॉर्डिंग टू अकॉर्डिंग टू द नॉर्थ एंड साउथ बट अब देखो 10000 साल बाद एक और इरप्शन हुआ 10000 साल बाद जो मैग्नेट है वो इस तरीके से हो गई ये रोटेट करती रहती
है आपको इसको याद रखना है उसके कारण है क्योंकि नॉन यूनिफॉर्म है मास में इन सब कारणों से ये हम डिटेल में फाउंडेशन में पढ़ते हैं बस हम इतना समझते हैं कि जो ये मैग्नेटिक प्रॉपर्टी है अर्थ की ये जो मैग्नेटिक पोल्स है अर्थ के जो मैग्नेटिक नॉर्थ और मैग्नेटिक साउथ है ये कांस्टेंट नहीं रहते हैं ये रोटेट करते रहते हैं इनके अंदर जब चेंजेज आएंगे तो क्या यहां पे भी हमें अगले बार जो अगली बार जो हमें स्ट्रिप मिलेगी उसके अंदर जो आयरन है वो नीचे की ओर दिखाई देगा जी हां अब हम एक
वर्ड को अनाउंस कर रहे हैं यहां पे जिसको बोला जाता है पलियो मैग्नेटिज्म पलियो मैग्नेटिज्म का मतलब यह है अर्थ के मैग्नेटिक प्रॉपर्टी की स्टडी करना विद रॉक्स यह जब रॉक्स उठाते हैं ना हम इन रॉक्स के अंदर अर्थ के पास्ट का जो मैग्नेटिक प्रॉपर्टी है वो रिकॉर्ड हो जाता है क्योंकि आप खुद सोचो यहां पे और यहां पे दोनों पत्थरों को उठाऊंगा दोनों पत्थरों को देखूंगा एक में लोहा ऊपर है एक में लोहा नीचे इसका मतलब इन पत्थरों से मुझे अर्थ के पास्ट का पता लगा कि एक बार नॉर्थ ऊपर हो सकता है और
दूसरी बार नॉर्थ नीचे होगा उसी को पलियो मैग्नेटिज्म कहा जाता है और एक बात और बताओ कि अगर मान लो मैं डिस्टेंट जाता हूं क्योंकि जब भी मैग्मा बाहर आता है तो यह बना दोनों में तो सेम है इक्वि डिस्टेंट पोलैरिटी जो है वह सेम दिखाई देगी और इस तरीके से इस तरीके से यह पता लगा कि जो इक्विडिस्टेंट है जैसे कि हम यहां से देखें यहां से देखेंगे तब हमें पता लगेगा यह पॉइंट है जिससे अगर दोनों साइड देखोगे तब आपको पोलैरिटी क्या दिखाई देगी सिमिलर दिखाई देगी इसी को मैग्नेटिक स्ट्रिपिंग के नाम से
जाना जाता है जो आप यहां पे भी देख सकते हैं नॉर्थ नॉर्थ साउथ साउथ यह सिमिलर पोलैरिटी है इसी को आप पलियो मैग्नेटिज्म कह सकते हैं और पलियो मैग्नेटिज्म के बारे में अगर आपको जानना है तो आप इस स्टेटमेंट को पढ़ सकते हैं इट इज नथिंग बट द रिकॉर्ड ऑफ दी अर्थस मैग्नेटिक फील्ड विद दी हेल्प ऑफ मैग्नेटिक फील्ड रिकॉर्डेड इन दी रॉक सेडिमेंट और आर्कियोलॉजिकल मैटेरियल्स इनके अंदर जो भी आर्कियोलॉजिकल मटेरियल के अंदर जो रॉक्स के अंदर अ मैग्नेटिक प्रॉपर्टीज और जो मैग्नेटिज्म का रिकॉर्ड है वह क्या हो गया है वह क्या हो गया
है शामिल हो गया है स्टोर हो गया है इसी को हम पलियो मैग्नेटिज्म के नाम से जानते हैं सो दिस वाज ऑल अबाउट दी सी फ्लोर स्प्रेडिंग थोरी नाउ वी विल मूव टू दी नेक्स्ट पार्ट ऑफ आवर थोरी दैट इज़ प्लेट टेक्टोनिक्स प्लेट टेक्टोनिक्स के अंदर हमें सबसे पहली चीजें जाननी है व्हाट एगजैक्टली दीज प्लेट्स आर प्लेट्स का मतलब है लिथोस्फेरिक प्लेट लिथोस्फेरिक प्लेट्स का मतलब है लिथोस्फेरिक स्लैब्स जैसा कि मैंने आपको बोला था कि ये हमारी जो लिथोस्फीयर है इस लिथोस्फीयर के नीचे बहुत सारी बहुत सारी प्लेट्स हैं बहुत सारी स्लैब्स हैं उन्हीं को
हम प्लेट्स के नाम से जानते हैं और जब ये प्लेट्स एस् थेनो स्फीयर के ऊपर फ्लोट करती हैं तो ये इंटरेक्ट करती हैं आपस में उन्हीं इंटरेक्शन से बहुत सारे लैंड फॉर्म का फॉर्मेशन होता है और उसी को 1967 में मैकेंजी एंड पार्कर ने बताया और लेटर 68 के अंदर मॉर्गन ने इसे कंप्लीट थेरी के अंदर आउटलाइन कर दिया मेरा कहने का मतलब यह है कि लिथोस्फेरिक जो स्लैब्स हैं ये जो स्लैब्स होती हैं इन स्लैब्स का इन स्लैब्स का मूवमेंट होता है किसके ऊपर एस्थनस फेयर के ऊपर और जब ये मूव करती हैं तो
आपस में इंटरेक्ट करती हैं अब इंटरेक्शन कौन करवा रहा है इंटरेक्शन करवाने वाला एक ही फोर्स है दैट इज कन्वे क्शन करंट फोर्स वो कौन है कन्वे क्शन करंट फर्स है अब यह कन्वे क्शन करंट किस तरीके से इंटरेक्ट कराता है वो हमो वो हम देखने की कोशिश करते हैं बट उससे पहले हम डिफरेंट डिफरेंट प्लेट्स को जाने देखिए जो ये प्लेट्स हैं इनको मेजर और माइनर प्लेट्स के अंदर डिस्ट्रीब्यूटर डिवाइड किया जाता है ऐसा नहीं है कि हम एग्जैक्ट नंबर ऑफ प्लेट्स के बारे में जानते हैं नहीं कोई नीचे नहीं गया किसी ने नहीं
गिना कि अच्छा तेरी प्लेट यहां तक मेरी प्लेट यहां तक नहीं ऐसा नहीं है बट हां फिर भी हमारी कन्वीनियंस के लिए हमने इसको सात मेजर प्लेट्स और न्यूमरस माइनर प्लेट्स के अंदर डिवाइड किया हुआ है जब हम सात मेजर प्लेट्स की बात करते हैं तो वो मेजर प्लेट्स कौन-कौन सी हैं सात मेजर प्लेट्स में अंटार्कटिका देन वी विल हैव द नॉर्थ अमेरिकन प्लेट साउथ अमेरिकन प्लेट पैसिफिक प्लेट इंडो ऑस्ट्रेलियन प्लेट अफ्रीकन एंड यूरेशियन प्लेट दीज आर दी मेजर प्लेट बट आप ये बात ध्यान रखना जो ये प्लेट्स हैं इनमें सिर्फ पेसिफिक प्लेट ऐसी है
जो कि कंप्लीट ओशनिक प्लेट है रदर बाकी की सारी प्लेट जो है वो ओशनिक और कॉन्टिनेंटल दोनों हैं राइट ओशनिक और कॉन्टिनेंटल दोनों है मतलब उस प्लेट का जो कुछ भाग ओशनिक पार्ट है कुछ भाग कॉन्टिनेंटल भाग है इनसे फर्क पड़ेगा क्योंकि हमें पता है ओशनिक प्लेट और कॉन्टिनेंटल प्लेट की थिकनेस और उनकी डेंसिटी में वेरिएशन होता है माइनर प्लेट्स की बात करें तो हमें कुछ प्लेट्स के नाम याद रखने हैं जैसे कि कैरेबियन प्लेट कैरेबियन प्लेट जो है कैरेबियन प्लेट जो है यह ऐसी प्लेट है जिसकी वजह से कैरेबियन आइलैंड का फॉर्मेशन होगा देन
युआन फ्यू का प्लेट इस प्लेट प्लेट की वजह से रॉकी माउंटेंस का फॉर्मेशन होगा देन वी विल हैव नासका प्लेट इसकी वजह से एंडीज माउंटेन का फॉर्मेशन होगा देन वी विल हैव हेयर इज दी अफ्रीकन प्लेट एंड यूरेशियन प्लेट यहां पे आपको आल्प्स का फॉर्मेशन होता हुआ दिखाई देगा देन वी हैव दी इंडियन प्लेट इसकी वजह से यहां पे आपको हिमालयाज का फॉर्मेशन दिखाई देगा देन वी हैव फिलीपाइन प्लेट पेसिफिक प्लेट एंड इंडो ऑस्ट्रेलियन प्लेट इनकी वजह से आपको यहां पे कुछ फ फिलीपाइन आइलैंड्स यहां पे कुछ जैपनीज आइलैंड और इंडोनेशियन आइलैंड का फॉर्मेशन होता
हुआ दिखाई देता है सो दीज आर सम माइनर प्लेट्स दैट वी नीड टू वी नीड टू टेक केयर ऑफ़ नाउ लेट्स टॉक अबाउट व्हाट काइंड ऑफ़ इंटरेक्शन दीज प्लेट्स माइट हैव देखो इनका इंटरेक्शन किस तरीके से हो सकता है सबसे पहले डाइवर्जंस वी हैव कन्वर्जेंट देन वी हैव ट्रांसफॉर्म डाइवर्जंस का मतलब है जब प्लेट एक दूसरे से दूर जाएं कन्वर्जेंट का मतलब है प्लेट एक दूसरे के पास आएं और ट्रांसफॉर्म का मतलब है ना दूर जा रही हैं ना पास आ रही हैं रदर एक दूसरे के साथ स्लाइड कर रही हैं इस तरीके से येय
या जब ये स्लाइडिंग होती है तब उसे ट्रांसफॉर्म प्लेट कहते हैं और जब डाइवर्जंस है तो एक दूसरे से दूर जाती हैं अब जब ये दूर जाएंगी तो बीच में से मैग्मा निकल के बाहर आएगा जब मैग्मा निकल के बाहर आएगा तो कुछ कुछ क्या होगा सॉलिडिफिकेशन होगा सॉलिडिफिकेशन से कुछ प्लेट का जो कुछ क्रस्ट का फॉर्मेशन होगा जब क्रस्ट का फॉर्मेशन होगा इसीलिए इसको डायवर्जेंट मार्जिन को कंस्ट्रक्टिव मार्जिन भी कहते हैं अगर मान लो प्लेट टकराई तो प्लेटें टूटें टूटें तो डिस्ट्रक्शन होगा इसीलिए डिस्ट्रक्टिव मार्जिन का नाम इन्हें दिया जाता है ट्रांसफॉर्म प्लेट में
ना टूट रही है ना जुड़ रही है ना नई बन रही है इसलिए कंजरवेटिव मार्जिन इसे नाम दिया जाता है बाकी जो यहां पे फॉर्मेशन होता है वो हम अभी थोड़ी देर में समझने वाले हैं राइट सो प्लेट टेक्टोनिक में हमने टेक्टोनिक प्लेट्स के बारे में जान लिया मेजर एंड माइनर प्लेट्स कौन-कौन सी हैं इस के अंदर हमने यह भी देख लिया है कि कन्वे क्शन करंट के कारण जब डायवर्जेंस हो सकता है कन्वर्जेंस हो सकता है ट्रांसफॉर्म मूवमेंट हो सकता है उनके कारण डिफरेंट डिफरेंट जैसे कि डायवर्जेंट बाउंड्रीज अगर आप देखेंगे तो हमने ओशियन
के अंदर जब डायवर्जेंट बाउंड्री देखी तो मिड ओशनिक रिजे का फॉर्मेशन हुआ अगर वो अटलांटिक ओश के अंदर है तो उसे हम मिड अटलांटिक रिज के नाम से जानते हैं कन्वर्जेंट बाउंड्रीज के अंदर जब हम देखेंगे तब हमें समझ में आएगा ओशियन ओशियन कन्वर्जेंस अब देखो यहां पे अ हम चलिए यहां पे हम आगे बढ़ते हैं इस तरीके से कि जब भी हम कन्वर्जेंट प्लेट बाउंड्री की बात करेंगे तब हमें एक चीज के बारे में पता होना चाहिए शायद मेरे पास इसका एक ड्राफ्ट था बट एनीवेज हम इसको पढ़ लेते हैं कन्वर्जेंट प्लेट में प्लेट्स
कन्वर्ज कर रही हैं दो प्लेट्स जो हैं यह दोनों प्लेट्स आपस में कन्वर्ज कर रही हैं एक दूसरे की ओर आ रही हैं जब एक दूसरे की ओर आए तब इनमें यह हो सकता है कि या तो दोनों प्लेट कॉन्टिनेंटल प्लेट हो या दोनों प्लेट ओशनिक प्लेट हो या दोनों प्लेट ओशनिक प्लेट हो या दोनों में से एक कॉन्टिनेंटल हो और एक ओशनिक प्लेट हो तो इस तरीके से डिफरेंट डिफरेंट लैंड फॉर्म्स का फॉर्मेशन होता है जब भी ओशनिक ओशनिक प्लेट कन्वर्ज होती है तब इस सिनेरियो के अंदर आइलैंड्स का फॉर्मेशन होता है आइलैंड आक्स
का फॉर्मेशन होता है और जब कॉन्टिनेंट ओन प्लेट आपस में कन्वर्ज होती हैं तब इसकी वजह से इसकी वजह से फोल्ड माउंटेंस बनते हैं फोल्ड माउंटेंस बनते हैं मैं आपको एक प्रोसेस यहां पे समझा देता हूं एंड देन यू विल बी एबल टू अंडरस्टैंड कॉन्टिनेंट कॉन्टिनेंट कन्वर्जन से भी फोल्ड माउंटेंस बनते हैं बट यहां पे वल्केन एक्टिविटी नहीं होती है नो वल्केन एक्टिविटी नो वल्केन एक्टिविटी इज सीन डन यहां पे अब आगे बढ़े मान लीजिए दिस इज वन अब आप यह मत सोचिए कि इतनी फास्ट क्यों चल रहा है बिकॉज दिस इज अ रिवीजन क्लास
मैं उसी तरीके से इसको पढ़ाने की कोशिश कर रहा हूं मान लीजिए दिस इज अ कॉन्टिनेंटल प्लेट एंड हेयर वी हैव इज दी ओशनिक प्लेट ठीक है जब भी ओशनिक प्लेट है तो ओशनिक प्लेट के ऊपर क्या है समुद्र है यहां पे कॉन्टिनेंट है और यहां पे इसको थोड़ा सा मैं इसको ऐसे कर देते हैं कि यह वाला भाग हटा देते हैं क्योंकि पानी ये वाले भाग को हम ओशनिक प्लेट कर देते हैं दिस पार्ट मस्ट बी दी कॉन्टिनेंटल प्लेट अब आप समझ गए होंगे मेटाफोरिकली कि ये थिकनेस ज्यादा है तो कॉन्टिनेंट है यहां पे
ये ओशियन है जब दोनों प्लेट्स एक दूसरे से कोलाइड करें तो सबसे पहले इन दोनों के मार्जिन पे क्या बहुत सारा मलबा इकट्ठा होगा बिल्कुल सही बात है सर यहां पे सेडिमेंट्स का डेवलपमेंट होगा यहां पे क्या बन गए जब दोनों प्लेट्स आपस में टकराई तो यहां पे सेडिमेंट्स का डेवलपमेंट हुआ अभी भी इन दोनों के बाउंड्री पे क्या पड़े हैं सेडिमेंट्स पड़े हैं प्रेशर ल रहा है दोनों प्लेट एक दूसरे के पास आती जा रही हैं तो धीरे-धीरे धीरे-धीरे धीरे-धीरे ये जो सेडिमेंट्स हैं ये जो सेडिमेंट्स हैं जैसे-जैसे ये सेडिमेंट्स के ऊपर कंप्रेशनल फोर्स
लगेगा क्या ये सेडिमेंट्स फोल्ड होना शुरू होंगे जी हां सर इसकी वजह से क्या होने लगेगा धीरे-धीरे धीरे-धीरे ये सेडिमेंट्स क्या होना शुरू होंगे फोल्ड होना शुरू होंगे इसकी वजह से आप इस तरीके से देखेंगे कि कुछ माउंटेन का फॉर्मेशन हो जाएगा और ओशनिक प्लेट की थिकनेस क्या होती है ओशनिक प्लेट की डेंसिटी क्या होती है दोस्तों ओशनिक प्लेट की डेंसिटी होती है बहुत ही बहुत ही ज्यादा इस वजह से ओशनिक प्लेट क्या करने लग जाएगी सबडक्शन निक प्लेट सबडक्टेड से क्या निकलेगा मैग्मा निकलेगा इस वजह से यहां पे वल्केन एक्टिविटी भी दिखाई देती हैं
इस इसका मतलब ये हुआ कि जब कॉन्टिनेंट और ओशियन प्लेट टकराती हैं कॉन्टिनेंट और ओशियन प्लेट टकराती हैं तो फोल्ड माउंटेन बनते हैं बिल्कुल सही बात है सर वल्केन एक एक्टिविटी होती है बिल्कुल सही बात है जहां ओशनिक प्लेट नीचे गई वहां ट्रेंच बनेगा बिल्कुल सही बात है और यहां पे जहां वल्केन एक्टिविटी हुई वहां पे अर्थ क्वेक तो आते ही आते हैं दिस इज ऑल अबाउट दी कॉन्टिनेंट ओशियन कन्वर्जेंस तो आप कॉन्टिनेंट ओशियन कन्वर्जेंस में ऐसा देख सकते हैं यहां पे एक सेकंड का वक्त दीजिए मुझे एंड यू विल सी दिस कांटिनेंट ओशियन कन्वर्जेंस
जहां पे ओशनिक क्रस्ट नीचे सब डक्ट हो रही है कॉन्टिनेंटल क्रस्ट के ऊपर धीरे-धीरे धीरे-धीरे माउंट न बन रहे हैं और यहां से आपको लावा बाहर आता हुआ दिखाई दे रहा है यहां पे इसके एग्जांपल कौन-कौन से हैं बेटा इसका एग्जांपल है एंडीज माउंटेन इसका एग्जांपल है रॉकी माउंटेंस ठीक है सर फिर कॉन्टिनेंट कॉन्टिनेंट कन्वर्जेंस में क्या होता है कॉन्टिनेंट कॉन्टिनेंट कन्वर्जेंस में कॉन्टिनेंट प्लेट इतनी हल्की होती है कि वो बट सर प्लेटें आपस में टकरा के प्रेशर तो लगा ही रही हैं तो क्या सेडिमेंट्स फोल्ड होंगे जी हां सेडिमेंट्स का फोल्डिंग हो होगा बट
मैग्मा बाहर नहीं आएगा जिसका मतलब है माउंटेन तो बनेंगे बट विदाउट वल्केन एक एक्टिविटी एग्जांपल इज हिमालयाज तो हिमालया किसका एग्जांपल है कॉन्टिनेंट कॉन्टिनेंट कन्वर्जेंस का रॉकीज और एंडीज किसका एग्जांपल है ओशियन कॉन्टिनेंटल कन्वर्जेंस का बट अगर आप ये खुद समझो यहां पे अगर आपको मैं एक चीज दिखाऊं कि मान लो यह वाली प्लेट ओशनिक प्लेट प्लेट जो है यह वाली प्लेट भी ओशनिक प्लेट होती तो इसके ऊपर क्या होता पानी होता इसके ऊपर क्या होता पानी होता पानी होता क्योंकि यह भी ओशनिक प्लेट थी और मैंने ये माना मेरे को कोई बोला आके कि
सर दोनों प्लेट ओशनिक है तो एक की डेंसिटी ज्यादा कैसे इसका डिसीजन ऐसे लिया जाता है कि दो प्लेटें कभी भी सेम साइज की नहीं होती सेम लेंथ की नहीं होती सेम कंपोजीशन की भी नहीं होती और सेम एज की भी नहीं होती जो बहुत पुरानी होगी वो ठंडी होगी जो ठंडी होगी वो ज्यादा भारी होगी जो नई होगी वो गर्म होगी गर्म होगी तो हल्की होगी तो दोनों का डेंसिटी डिफरेंस है मैंने माना कि ये वाली प्लेट ज्यादा डेंस है और ये वाली कंपैरेटिव कम डेंस है तो यहां पे जो ज्यादा डेंसर प्लेट थी
वो तो नीचे सब डक्ट कर गई सबडक्टेड हुआ यस अर्थक्वेक आया यस वल्केन ज्म हुआ यस यहां पे जो सेडिमेंट्स थे वो फोल्ड हो गए बिल्कुल सही बात है बट सर ये तो माउंटेन नहीं है ये तो पानी के नीचे हैं बट जिस दिन ये पानी के ऊपर आ जाएंगे तो हम इन्हें किस नाम से जानेंगे इन्हें हम आइलैंड्स के नाम से जानेंगे तो यहां पे आप देख सकते सते हैं कॉन्टिनेंट ओशियन ओशियन कन्वर्जेंस से किसका फॉर्मेशन होता है आइलैंड्स का फॉर्मेशन होता है जैपनीज आइलैंड फिलीपाइन आइलैंड्स इंडोनेशियन आइलैंड कैरेबियन आइलैंड लशियम आइलैंड आक्स ये
सब किससे बने हैं इसी प्रोसेस के थ्रू बने हैं नाउ लेट्स टॉक अबाउट द डायवर्जेंट बाउंड्री डायवर्जेंट बाउंड्री के बारे में मैं आपको ऑलरेडी बता चुका हूं देन ट्रांसफॉर्म प्लेट बाउंड्री में क्या कोई कंस्ट्रक्शन डिस्ट्रक्शन है नो देयर इज नो कंस्ट्रक्शन नो डिस्ट्रक्शन सिर्फ और सिर्फ मूवमेंट है अगर सिर्फ मूवमेंट है तो क्या अर्थक्वेक आएगा यस वल्केन एक एक्टिविटी नो एग्जांपल वी कॉल इट एज सैन एंड्रियास फॉल्ट इन कैलिफोर्निया अगर हम इंडियन प्लेट के मूवमेंट की बात करें तो जैसे हम बात किए थे 225 मिलियन साल पहले ये तो किसका भाग था गोंडवाना लैंड के
भाग थे उसके बाद इसका नॉर्थ वर्ड मूवमेंट होता है और नॉर्थ वर्ड मूवमेंट होते होते होते होते होते-होते ये इक्वेटर को क्रॉस करते हुए 10 मिलियन साल पहले जब ये टकराती है तो किसका फॉर्मेशन कर यह फॉर्मेशन करती है हिमालयाज का इंडिया की प्लेट जब यूरेशियन प्लेट इंडिया की कॉन्टिनेंटल प्लेट यूरेशिया की कॉन्टिनेंटल प्लेट से टकराती है तो हिमालयाज का फॉर्मेशन होता है दिस इज दी सिग्निफिकेंट एस्पेक्ट रिलेटेड टू दी प्लेट टेक्टोनिक थरी नाउ वी विल स्टार्ट विद दी वोल्कानिज्म द थर्ड मोस्ट इंपॉर्टेंट एस्पेक्ट एज फार एज जियोमर फोल जीी इज कंसर्न्ड लेट्स फर्स्ट अंडरस्टैंड
व्हाट एगजैक्टली वॉल्के निज्म इज वल्केन ज्म जो यह वर्ड है यह रोमन माइथोलॉजी से डिराइवर किया हुआ वर्ड है जिसको डिराइवर किया गया है वल्कन से और वल्कन का नाम है गॉड ऑफ फायर अगर आप मेडिटरेनियन सी को देखेंगे जैसा कि हमने पिछली क्लासेस में भी देखा कि मेडिटरेनियन सी इज द रेमंट ऑफ टेथिस सी तो वहां पे बहुत सारी ओशनिक प्लेट्स हैं और जब वो शनिक प्लेट्स आपस में कोलाइड करती हैं तो बहुत सारे वल्केन एक्टिविटीज को देखा जाता है जिस वजह से रोमन माइथोलॉजी से गॉड ऑफ फायर से एक वर्ड डिराइवर किया गया
जिसका नाम है वल्कन और वल्कन से आया वोल्कानिज्म अगर हम एक चीज को समझे यहां पे वो यह है कि हम जनरली इंटरचेंजेबली यूज करते हैं दो वर्ड्स को वन इज वल्केन एक्टिविटी या हम बोलते हैं वोल्केनो और सेकंड इज वल्केन ज्म आप इस बात को बहुत ध्यान से समझ लीजिए वो यह है कि जो वोल्केनो और वल्केन ज्म है वोल्केनो और वल्केन ज्म है इन दोनों में डिफरेंस होता है वोल्केनो जो है दिस इज जस्ट एन ओपनिंग और अ वेंट वोल्केनो का मतलब होता है एक ओपनिंग और वेंट जिसके थ्रू मैग्मा जो है वह
बाहर आता है जिसके थ्रू मैग्मा पायरोक्लास्टिक मटेरियल जो अभी हम बात करने वाले हैं वो सब बाहर आएगा जबकि वोल्कानिज्म जो है यह एक बहुत ही ब्रॉड वर्ड है एक अंब्रेला टर्म है अब यह अंब्रेला टर्म का मतलब क्या है इस अंब्रेला टर्म के अंदर क्या-क्या आता है बट एक बात यहां पे जरूर समझ लें वोल्केनो जो मैंने बोला ओपनिंग और वेंट जिसके थ्रू मैग्मा बाहर आ रहा है लेट्स से अगर यह कोई भी एक प्लेट है और यहां से मैग्मा बाहर आता है तो यह जो वेंट है ओपनिंग है इसको हम बोल रहे हैं
इस वेंट और ओपनिंग से मैग्मा का बाहर आना इसको बोलते हैं हम वोल्केनो बेसिकली वॉल्के निज्म का जो एक्सप्रेशन है वो किसके रूप में दिखाई देता है वो वोल्केनो के रूप में दिखाई देता है बट नाउ लेट्स अंडरस्टैंड व्हाट एगजैक्टली वल्केन ज्म इज वल्केन ज्म एक अंब्रेला टर्म है जिसमें हमने सबसे पहले इंटीरियर ऑफ अर्थ में जाना कि जैसे-जैसे डेप्थ इंक्रीज होगी वैसे-वैसे टेंपरेचर इंक्रीज होगा सो इंक्रीज इन टेंपरेचर विद डेप्थ फटाफट रिवाइज करो क्यों होता है प्राइमर्जी हीट की वजह से और रेडियोएक्टिव डिसइंटीग्रेशन की वजह से और जैसे-जैसे डेप्थ इंक्रीज होगी टेंपरेचर इंक्रीज होगा
किसका डेवलपमेंट होगा डेवलपमेंट होगा मैग्मा का फॉर्मेशन होगा किसका मैग्मा का एस्नो स्फेयर आपको याद होगा जिसे हम मैग्मा चेंबर कहते हैं क्योंकि जो वीक रॉक्स होती हैं वो क्या करने लग जाती हैं मेल्ट होने लग जाती हैं फिर यहां पे आपने देखा था कन्वे क्शन करंट फिर वो कन्वे क्शन साइकिल चलने लगता है उस कन्वे क्शन साइकिल के चलके क्या होगा एक मैग्मा बाहर आएगा जिसको आप वल्केन एक इरप्शन के रूप में देखेंगे और फाइनली जब वो मैग्मा बाहर आ गया तो वो सॉलिडिफाईज मेे और कुछ लैंड फॉर्म्स का फॉर्मेशन करेगा इस पूरे प्रोसेस
को वॉल्के निज्म बोला जाता है तो आज के बाद ये चीज जरूर ध्यान में रखनी है वोल्केनो और वल्केन ज्म में कुछ डिफरेंस है वल्केन ज्म क्या होता है वल्केन ज्म जो है उसमें आपको मैग्मा का फॉर्मेशन होगा कन्वे क्शन करंट होंगे फिर उसके बाद एक्सप्रेशन होगा मैग्मा का बाहर आना होगा और फिर फ फाइनली लैंड फॉर्म बनना होगा उसे आप वल्केन ज्म कहते हैं इसका मतलब यह है कि जो वल्केन इरप्शन है यह वल्केन ज्म का क्या है एक सबसेट है ये एक सबसेट है जो ब्रॉडर टर्म है वो कौन सी है ब्रॉडर टर्म
है बेटा वोल्कानिज्म और नैरो टर्म है वो क्या है वोल्केनो वोल्केनो क्या है सिर्फ मैग्मा का बाहर आना उसमें लैंड फॉर्म का फॉर्मेशन नहीं है लैंड फॉर्म का फॉर्मेशन कहां आएगा वल्केन ज्म का पार्ट बनेगा यह बात आपको समझ में आई अब जब मैग्मा बाहर आ रहा है या जब भी जब भी वल्केन की इरप्शन हो रहा है जब भी कोई वल्केन की इरप्शन हो रहा है तो क्या-क्या घटनाएं घटित होती हैं उसको समझने की अगर हम कोशिश करें तो आपको मैं एकदम प्यार से एक चीज समझाने की कोशिश करता हूं लेट्स सी इफ वी
हैव इफ वी हैव अ प्लेट हेयर एक प्लेट है यहां पे और यहां से ये कोई भी प्लेट हो सकती है लेट्स से हम इसको ओशनिक प्लेट का नाम दें ये एक ओशनिक प्लेट है या ओशनिक क्रस्ट है ठीक है यहां से नीचे से क्या बाहर आ रहा है मैग्मा से बाहर आने की कोशिश करेगा कन्वे क्शन साइकिल के रूप में जब यह मैग्मा बाहर आने की कोशिश कर रहा है तो यह कंप्लीट क्या करेगा इस प्लेट के ऊपर प्रेशर बिल्ड अप करेगा इस प्लेट के ऊपर प्रेशर बिल्ड अप करेगा और जैसे-जैसे ये प्रेशर बिल्ड
अप होगा नीचे से नीचे से कंटीन्यूअस प्रेशर अगर ऊपर की ओर अप्लाई किया जाएगा तो ये जो ओशनिक प्लेट है धीरे-धीरे धीरे-धीरे इस ओशनिक प्लेट को इस ओशनिक प्लेट का टूटना स्टार्ट होगा इसका मतलब ये है जब ये मैग्मा ऊपर आ रहा है इस प्रेशर के कारण सबसे पहले यहां पे दरारें क्रिएट होंगी दरारें क्रिएट होंगी यहां से बहुत सारा जो भी क्रस्ट है जो भी सॉलिड पार्ट है वो टूटेगा बिल्कुल सही बात है सर सॉलिड टूटेगा तभी तो मैग्मा को जगह मिलेगी बाहर आने के लिए तो जो सॉलिड टूटेगा वो उसके बहुत सारे बड़े-बड़े
पत्थर बहुत सारे स्टोंस पेबल्स डस्ट एशेज ये सारे के सारे पहले हवा में आएंगे फिर उसके साथ जब स्पेस क्रिएट हो जाएगा तो जो भी यहां पे गैसेस अवेलेबल होंगी गैसेस बाहर आएंगी एंड देन मैग्मा विल कम आउट यह बात आपको ध्यान रखनी है कि जब भी कोई वल्केन एक इरप्शन होता है मेरे दोस्तों तो उस वल्केन इरप्शन के दौरान तीन चीजें बाहर आती हैं सबसे पहले बाहर आता है यहां का टूटा हुआ भाग जो भी क्रस्ट होगी उस क्रस्ट का जो पार्ट टूटेगा वो बाहर आएगा जिसको हम किस नाम से जानते हैं जिसको हम
पायरोक्लास्टिक मटेरियल और पायरोक्लास्टिक डेब्रा हैं यानी कि पायरोक्लास्टिक डेब्रा ऐसे समझ लो ना ये प्लेट है नीचे से मैग्मा बाहर आने की कोशिश कर रहा है तो पहले इस प्लेट का भाग टूटेगा जो कि सॉलिड भाग है क्रस्ट सॉलिड होता है ये सॉलिड भाग टूटेगा तभी तो मैग्मा बाहर आ सकेगा ना तो ये सॉलिड भाग जब टूटेगा तो इसके स्टोंस पेबल्स एशेज डस्ट ये सारे के टेफ्रा ये सब के सब डेबी के रूप में बाहर आएंगे फिर जो स्पेस क्रिएट होगा वहां से गैस भी बाहर आएगी जो भी गैसेस अंदर कंटेंड है एंड देन फाइनली
उस स्पेस से कौन बाहर निकलेगा मैग्मा बाहर निकलेगा तो वॉल्के निक इरप्शन के अगर आप कंसीट एंट्स की बात करते हैं तो इन कंसीट एंट्स के रूप में आपको तीन चीजें दिखाई देती हैं सबसे पहली चीज दिखाई देती है पायरोक्लास्टिक डेबी सेकंड चीज आपको दिखाई देगी यहां पे गैसेस एंड थर्ड यहां पे क्या बाहर आ रहा है मैग्मा बाहर आ रहा है इन तीनों को अगर हम डिटेल में देखें तो सबसे पहली शुरुआत मैं करना चाहता हूं पायरोक्लास्टिक डेबी से पायरोक्लास्टिक डेबी में क्या-क्या बाहर आएगा बच्च लोग यहां पे कुछ स्टोंस होंगे यहां पे कुछ
पेबल्स होंगे कुछ उस कुछ डस्ट पार्टिकल्स होंगे कुछ वल्केन एशेज होंगी है ना जिस कुछ टेफ्रा होगा टेफ्रा भी क्या है पायरोक्लास्टिक डेब्रा ही डेब्रा ही पार्ट है ये सब बाहर आएगा उस वल्केन एक एक्टिविटी के कारण जब गैसेस की बात आती है तो यहां पे कार्बन डाइऑक्साइड यहां पे नाइट्रोजन ऑक्साइड सल्फर ऑक्साइड कार्बन मोनोऑक्साइड हीलियम एक्सेट्रा वाटर वेपर ये सब के सब बाहर आने की कोशिश करेंगे एंड देन फाइनली वी विल मैग्मा जब मैग्मा बाहर आएगा यहां पे हमारी पहले भी बात हुई है और इसको अब मैं थोड़ा और डिटेल में बताना चाहता हूं
कि जब मैग्मा बाहर आएगा तब मैग्मा के भी दो डिफरेंट टाइप्स होते हैं वन टाइप ऑफ मैग्मा वी कॉल एज एसिडिक मैग्मा एंड सेकंड टाइप ऑफ मैग्मा वी कॉल इट एज बेसिक मैग्मा अब आज के बाद आप सब लोग एक चीज याद रखेंगे वो ये है बहुत ही क्लियर कट तरीके से बता रहा हूं एसिडिक मैग्मा कब बाहर आता है बेसिक मैग्मा कब बाहर आता है हमेशा याद याद रखें छप जाएगा दिमाग में बेसिक मैग्मा कब बाहर आएगा जब भी डायवर्जेंट प्लेट बाउंड्री होगी जब भी डायवर्जेंट प्लेट बाउंड्री होगी तब कौन सा मैग्मा बाहर आएगा
बेसिक मैग्मा जब भी कोई हॉटस्पॉट होगा अभी ये हॉटस्पॉट क्या होता है इसके बारे में आज हम बात करेंगे अभी इसी इसी वीडियो के अंदर थोड़ा सा वोल्कानिज्म के अंदर हम इसके बारे में कंप्लीट जानेंगे तब इन दोनों सिचुएशन में कौन सा मैग्मा बाहर आता है बेसिक मैग्मा एसिडिक मैग्मा की जब बात करते हैं जब भी कन्वर्जेंट प्लेट बाउंड्री होगी तब हमेशा कौन सा मैग्मा बाहर आएगा तब हमेशा कौन सा एसिडिक मैग्मा बाहर आएगा अब मुझसे कोई बोले कि सर कॉन्टिनेंट कॉन्टिनेंट कन्वर्जेंस में कौन सा मैग्मा बाहर आता है मैं कहूंगा बेटा तू बावला हो
गया क्योंकि कॉन्टिनेंट कॉन्टिनेंट कन्वर्जेंस में हमने देखा था मैग्मा नहीं आता है क्योंकि वहां पे प्लेट्स सब डक्ट करके मेल्ट नहीं होती है तो कन्वर्जेंस के दौरान या तो कॉन्टिनेंट ओशियन कन्वर्जेंस या ओशियन ओशियन कन्वर्जेंस इन दोनों की कंडीशंस के अंदर जो मैग्मा बाहर आएगा वो कौन सा होगा वो होगा एसिडिक मैग्मा और जब भी एसिडिक मैग्मा बाहर आ रहा है तो ये दो सिचुएशन आपको याद आ जानी चाहिए और एक बात और याद रखें वल्कनीकरण तो उसमें मैग्मा होगा एसिडिक मैग्मा वन थिंग सेकंड जो चीज आपको यहां पे याद रखनी है वो यह है
ये मैं इसको ऐसे बोल देता हूं दीज आर समथिंग वी कॉल एज थिंग्स टू रिमेंबर ये थिंग्स टू रिमेंबर है जिसको आप याद रखेंगे ठीक है और ये आपको बहुत मदद करेगी आगे आने वाले समय में थिंग्स टू रिमेंबर में पहली चीज हमने जानी कि जब भी एसिडिक मैग्मा बाहर आ रहा है तो वहां पे कन्वर्जेंट प्लेट बाउंड्रीज हैं उसमें एक ओशनिक प्लेट का मौजूद हो मौजूदगी मौजूदगी है दूसरा डायवर्जेंट प्लेट जब बाउंड्री होगी तब बेसिक मैग्मा होगा दोनों मैग्मा क्या होते हैं क्या डिफरेंस है अगली स्लाइड में देखने वाले हैं ध्यान से सुनिए सेकंड
चीज जो आप यहां पे याद रखते हैं वो ये है कि जब भी आप ओशनिक प्लेट की बात करेंगे तो ओशनिक क्रस्ट जो है उसकी जो थिकनेस होती है जो थिकनेस है ओशनिक क्रस्ट की वो कंपेरटिवली क्या है वो ज्यादा है थिकनेस ऑफ ओशनिक क्रस्ट क्या है ग्रेटर है थिकनेस ऑफ कॉन्टिनेंटल क्रस्ट से इसका मतलब ये है कि अगर मान लीजिए ये ओशनिक प्लेट थी तो मैग्मा बहुत आसानी से बाहर आ सकता है बट अगर यही कॉन्टिनेंटल प्लेट होती तो क्या मैग्मा आसानी से बाहर आ सकता है नहीं मैग्मा आसानी से बाहर नहीं आ पाएगा
यह बात आप ध्यान रखेंगे ऐसा क्यों है मेरे दोस्तों क्योंकि हमने जाना था कि कॉन्टिनेंटल क्रस्ट की थिकनेस क्या होती है ज्यादा होती है ओशनिक क्रस्ट से जो कि मैंने यहां पे उल्टा लिख दिया है थिकनेस ऑफ कॉन्टिनेंटल क्रस्ट इज ग्रेटर देन थिकनेस ऑफ थिकनेस ऑफ ओशनिक क्रस्ट प्लीज प् पार्डन मी फॉर दिस थिकनेस ऑफ कॉन्टिनेंटल क्रस्ट इज ग्रेटर दन थिकनेस ऑफ ओशनिक क्रस्ट डेंसिटी ज्यादा होती है ओशनिक क्रस्ट की और और थिकनेस ज्यादा होती है कॉन्टिनेंटल क्रस्ट की ठीक है डन डस्टेड हो गया बात इसके बाद आगे बढ़ते हैं और अब समझने की कोशिश
करते हैं कि एसिडिक मैग्मा और बेसिक मैग्मा के बीच में डिफरेंस क्या होता है जब भी हम एसिडिक मैग्मा की बात करेंगे तो इसके अंदर सिलिका का कंटेंट ज्यादा होता है जब भी सिलिका का कंटेंट ज्यादा होगा तो उसके अंदर आपको कलर जो उस मैग्मा का दिखाई देगा वो बहुत ही लाइट ट कलर होगा जब आयरन का कंटेंट ज्यादा दिखाई देगा तब जो मैग्मा होगा वो कंपैरेटिव डार्क कलर का होगा जब सिलिका का कंटेंट ज्यादा है तो उसका मेल्टिंग पॉइंट ज्यादा है आयरन का कंटेंट ज्यादा है तो मेल्टिंग पॉइंट कम है बहुत कम वीडियोस आपको
ऐसे मिलेंगे बाजूद भी इसका मेल्टिंग पॉइंट ज्यादा कैसे है इसका कारण यह है कि जो सिलिका है उसके अंदर पॉलीमर्स बनाने की क्षमता बहुत ज्यादा होती है सिलिका बहुत सारे बॉन्ड्स बनाता है लंबी केमिकल चेंस बनाता है जब उनकी चेंस लंबी बन जाती हैं मतलब जो बंड्स हैं वो मल्टीपल बॉन्ड्स चेन पे चेन चेन पे चेन पॉलीमराइजेशन पॉलीमर्स बनाता है अगर एक सिलिका पड़ा है दूसरे वाले के साथ जुड़ के और बड़ा हो जाएगा जब उसमें न्यूमरस बंड्स होंगे और उन बॉन्ड की जो केमिकल बॉन्ड्स हैं उनकी स्ट्रेंथ ज्यादा होगी तो डेफिनेटली उनको तोड़ने में
वक्त लगेगा इस कारण से सिलिका का जो मेल्टिंग पॉइंट है सिलिका कंटेंट ज्यादा होने के कारण मेल्टिंग पॉइंट ज्यादा होता है और अगर मेल्टिंग पॉइंट ज्यादा है तो वो क्या जल्दी से पिघल जाएगा नहीं बिल्कुल भी नहीं वो जल्दी से पिघले नहीं और अगर जल्दी से नहीं पिघले तो वो क्या गाढ़ा होगा या बहुत ही फ्लूइड होगा बहुत ही ज्यादा गाढ़ा होगा यानी कि इसकी विस्कोसिटी क्या होती है कंपेरटिवली ज्यादा होती है और वहीं आयरन की विस्कोस यहां पे बेसिक मैग्मा की विस्कोसिटी कंपेरटिवली क्या होती है कम होती है ऑन द अदर हैंड जब आप
एसिडिक मैग्मा को कंपेयर करेंगे तब आपको एक चीज का एहसास होगा जब वो गाढ़ा है तो क्या लंबी दूरी तक फैले नहीं सर वो फ्लूइड नहीं है बेसिक मैग्मा जिसकी फ्लूइटंस क्या होती है ज्यादा होती है क्यों क्योंकि बहुत ही ज्यादा बहुत ही ज्यादा कम मेल्टिंग पॉइंट है इस वजह से बहुत जल्दी क्या हो जाता है मेल्ट हो जाता है और वो फ्लो करने लगता है और अगर मान लीजिए यहां पे कोई एक एसिडिक मैग्मा है जब एसिडिक मैग्मा ऊपर आएगा जैसे-जैसे ऊपर आएगा टेंपरेचर क्या क्या होगा फटाफट चैट सेक्शन में जवाब दीजिएगा जैसे-जैसे मैग्मा
ऊपर आएगा टेंपरेचर क्या होगा कम होगा जब टेंपरेचर कम होगा तो जम जाएगा क्योंकि अगर एसिडिक मैग्मा है तो मेल्टिंग पॉइंट ज्यादा है अगर इसका मतलब ये है कि एसिडिक मैग्मा जैसे ही ऊपर आता है जम जाता है जैसे ही ऊपर आता है जम जाता है जैसे ही ऊपर आता है जम जाता है तो एक दिन ऐसा आएगा वो ऊपर आ रहा है बट यहां पे कंटीन्यूअस प्रेशर लगाए हुए हैं कंटीन्यूअस प्रेशर लगाए हुए हैं बट बावला ये ऐसा है कि बाहर नहीं आ पा रहा अगर ये बाहर नहीं आ पा रहा तो एक दिन
एक दिन ऐसा डिटरमिनेशन लेगा कि नहीं आज तो मुझे बाहर जाना ही है तो जब बाहर जाने की कोशिश करेगा तो एक्सप्लोसिव एक्सप्लोसिव इरप्शन करेगा बहुत ही वायलेंट इरप्शन होता है ऑन द अदर हैंड बेसिक मैग्मा बेचारा ऐसा है कि फ्लूइड है बह जाता है भावनाओं में बह जाता है इसका मतलब यह जैसे ही ऊपर आएगा फैल रहा है जैसे ही ऊपर आ रहा है जम नहीं रहा बट यहां पे छोटा-छोटा सा प्रेशर क्रिएट करेगा और इस पूरी की पूरी प्लेट के अंदर दरारें क्रिएट कर देगा फिशर क्रिएट कर देगा और आसानी से बाहर आ
जाएगा इसका मतलब ये हुआ कि जो बेसिक मैग्मा का इरप्शन है वो साइलेंट है एसिडिक मैग्मा का इरप्शन वायलेंट है क्यों वायलेंट है क्योंकि वो बहुत जल्दी जम जाता है और इस कारण से वो जल्दी से बाहर नहीं आ पाता जब बाहर आएगा तो पूरे प्रेशर के साथ बाहर आएगा और अगर ये बाहर आ गया तो क्या ये बाहर आने के बाद बाहर आने के बाद तो टेंपरेचर बहुत ही कम है तो फ्लो करेगा या वहीं जम जाएगा सर वहीं जम जाएगा इसका मतलब ये है कि जब भी एसिडिक मैग्मा बाहर आता है तो उसकी
वजह से वल्केन कोनस बनते हैं पीक बनते हैं और जबकि बेसिक मैग्मा जब बाहर आता है तो जनरली क्या बनता है प्लेटो बनता है क्यों प्लेटो बनता है क्योंकि ये लंबी दूरी तक फैलेंग और जब लंबी दूरी तक फैलेंग तो लेयर बाय लेयर लेयर बाय लेयर लेयर बाय लेयर उनके ऊपर क्या जमा होता रहेगा मैग्मा का जमाव होता रहेगा अब यहां पे सवाल ये आता है कि सर आपने एक बात बताई कि जब भी एसिडिक मैग्मा बाहर आता है तब ये क्या बनाते हैं तब ये बनाते हैं वल्केन कोन्स बट आपने एक बात ये भी
बोली थी कि एसिडिक मैग्मा कब बाहर आता है जब होती है कन्वर्जेंट बाउंड्री बट एक चीज और भी है कि जब मैंने ओशनिक क्रस्ट देखी उस ओशनिक क्रस्ट के ऊपर क्या था पानी था बिल्कुल ठीक है और इस ओशनिक क्रस्ट में जब सी फ्लोर स्प्रेडिंग आप बता रहे थे तब तो डायवर्जेंस हो रहा था तब तो डायवर्जेंस हो रहा था तब कौन सा मैग्मा बाहर आया होगा बेसाल्टिक मैग्मा मैंने बोला बिल्कुल सही बात है सर बेसाल्टिक मैग्मा बाहर आया होगा बिल्कुल बेसाल्टिक या बेसिक मैग्मा बाहर आया होगा वेरी गुड जब बेसिक मैग्मा बाहर आया तो
इसको फैलना चाहिए था बट इसने तो मिड ओशनिक रिजे बना ली थी पैरेलल माउंटेनियर चेन बना ली थी तब ये ऐसा क्यों नहीं किया कि भाई मैं प्लेटो बना लूं मैं कहता हूं बेटा बिल्कुल सही डायरेक्शन में जा रहे हो कोई दिक्कत नहीं है उसको फैलना चाहिए था बट प्रॉब्लम ये हुई ना कि ये ओशनिक क्रस्ट थी और इस ओशनिक क्रस्ट के ऊपर किसका प्रेजेंस है पानी का जैसे ही वो मैग्मा बाहर आके फैलने की कोशिश करेगा वैसे ही वो जम जाएगा क्यों जम जाएगा क्योंकि ऊपर क्या है पानी है अचानक से टेंपरेचर कम हो
जाएगा इस वजह से अदर वाइज अगर ये कॉन्टिनेंटल क्रस्ट होती और ये मैग्मा किसी भी तरीके से जनरली बाहर आना मुश्किल होता है बट अगर ये बाहर आ जाता तो क्या ये प्लेटो बनाता यस डेफिनेटली ये प्लेटो बनाता यहां से सारी की सारी कहानी और सारे लैंड फॉर्म क्लियर हो जाएंगे कि कब माउंटेनियर कोन बनेगा यानी कि पीक बनेगा और कब प्लेटो बनेंगे तो आपको यह बात समझ में आई कि कोन तब बनेंगे बेटा लोग जब भी कॉन्टिनेंटल क्रस्ट के ऊपर मैग्मा बाहर आया और मैग्मा के बाहर आने से और व एसिडिक मैग्मा हुआ तो
पीक बना लेगा बेसिक मैग्मा अगर कॉन्टिनेंटल क्रस्ट के ऊपर आएगा तो प्लेटो बनाएगा ओशनिक क्रस्ट के ऊपर आएगा तो साथ के साथ जम जाएगा और क्या बनाएगा एक माउंटेनियर रिज बनाएगा चलिए ये भी समझ में आ गया इसके बाद यहां पे मैंने लिखा हुआ है कि सिलिका का जो ऑक्साइड के साथ जो बॉन्ड होता है वो बहुत ही स्ट्रांग होता है उसकी पॉलीमराइजेशन की कैपेबिलिटी कंपैरेटिव ज्यादा होती है इसीलिए सिलिका के कारण यहां पे मेल्टिंग पॉइंट क्या होगा ज्यादा होगा ये स्पेशल इंफॉर्मेशन है जो आपको याद रखनी है सेकंड एसिडिक मैग्मा कब बाहर आता है
जब कन्वर्जेंट प्लेट बाउंड्रीज होती हैं और बेसिक मैग्मा कब बाहर आता है जब डायवर्जेंट प्लेट और हॉटस्पॉट का फॉर्मेशन हमें दिखाई देता है अब ये मैग्मा बाहर आ गया देखो क्या है स्टेप बाय स्टेप इंफॉर्मेशन अगर हम देखें यहां पे तो उन स्टेप्स में क्या-क्या इंफॉर्मेशन हमें नजर आती है उसको देखने की कोशिश करें पहला स्टेप क्या था पहला स्टेप ये था सर टेंपरेचर इंक्रीज होना विद इंक्रीज इन डेप्थ ये सर हमने समझ लिया क्यों होता है दो कारण है रेडियोएक्टिव डिसइंटीग्रेशन और प्राइमर्जी हीट सेकंड एक आपने चीज देखी कि सर मैग्मा का फॉर्मेशन होना
क्यों क्योंकि सर मेल्टिंग हो गई तो मैग्मा बन गया ये हमने देख लिया सर कहां पे होता है एथेनोइक सेल बनना मैंने बोला हां ये भी मैंने देख लिया कि कन्वे क्शन सेल बन जाते हैं और कन्वे क्शन करंट थ्योरी आर्थर होम्स ने हमें प्रोवाइड की फोर्थ हमने देखा सर वल्केन इरप्शन होता है जी हां सर वल्केन इरप्शन होता है और वल्केन इरप्शन से तीन चीजें बाहर आती हैं पायरोक्लास्टिक डेबी बाहर आता है गैसेस बाहर आती हैं और उसके साथ-साथ मैग्मा बाहर आता है सर गैसेस कौन-कौन सी है कार्बन डाइऑक्साइड नाइट्रोजन ऑक्साइड सल्फर ऑक्साइड कार्बन
मोनोऑक्साइड हीलियम वाटर वेपर एट्स बहुत सारी गैसेस यहां पे बाहर आती हैं बिल्कुल सही है फिफ्थ क्या है सर जब बाहर आके जमेगा तो क्या बनाएगा ये लैंड फॉर्म बनाएगा तो ये चार स्टेज तो हमने पढ़ ली है पांचवी क्या है लैंड फॉर्म्स का फॉर्मेशन और लैंड फॉर्म्स के फॉर्मेशन को इस तरीके से समझा जाता है कि कभी-कभी मैग्मा अर्थ के इंटी में ही जम जाता है वो बाहर आ ही नहीं पाता तो ऐसे लैंड फॉर्म्स को हम क्या कहेंगे इंट्रूसिव लैंड फॉर्म्स और अगर मैग्मा बाहर आ जाता है तो उसमें कौन से लैंड फॉर्म
बनते हैं उनको बोलते हैं हम एक्सट्रूसिव लैंड फॉर्म्स जो कि एक्सटीरियर टू दी सरफेस बनते हैं एक्सट्रूसिव लैंड फॉर्म्स में सबसे पहले हम देखेंगे कि कोन्स बनेंगे कोन्स का मतलब यानी कि जब भी मैग्मा बाहर आया तब उसने क्या किया माउंटेनियर पीक्स जैसे कोन्स बनाए जिसमें पहला कोण है एश एंड सिंडर कोन सेकंड इज कंपोजिट कोण थर्ड इज पैरा ट कोन एंड फोर्थ इज शील्ड कोन फिर उसके बाद एक और लैंड फॉर्म बनेगा जिसे हम क्रेटर एंड काल्डेरा के नाम से जानते हैं एंड लास्ट इज द हॉट स्प्रिंग्स एंड गीजर्स इन सारे लैंड फॉर्म्स को
हमने पढ़ना है तो सबसे पहली अगर मैं बात करूं यहां पे तो पहला कन है सिंडर एंड एश कोन जो ये वर्ड है ना सिंडर सिंडर का मतलब होता है पायरोक्लास्टिक मटेरियल सिंडर का मतलब है पायरोक्लास्टिक डेबी यानी कि ऐसा कोन का डेवलपमेंट होना जहां पे कभी-कभी मैग्मा क्या है अब मानो यह एक प्लेट थी इस प्लेट से मैग्मा बाहर आने की कोशिश कर रहा है कंटीन्यूअस प्रेशर लगाता तो जा रहा है कंटीन्यूअस प्रेशर लगाने के कारण यह मैग्मा कोशिश कर रहा है कि मैं बाहर आ जाऊं बट हुआ यह कि इसने इस प्लेट को
तो तोड़ दिया पहले क्या तोड़ेगा इस प्लेट को तोड़ेगा प्लेट को तोड़ा तो यह मटेरियल क्या हुआ बाहर आने लगा बट मैग्मा अब बाहर नहीं आ पाया क्यों क्योंकि वह अंदर ही सॉलिड इफाई हो गया इसका मतलब यह है कि ऐसे कोन्स जो सिंडर कोन्स हैं वो ऐसे कोन्स हैं जहां पे मैग्मा का प्रेजेंस बहुत ही कम है मैग्मा बाहर नहीं आ पाया रदर जो पायरोक्लास्टिक मटेरियल बाहर इकट्ठा हुआ जो हवा में उड़ा वो जब धीरे-धीरे धीरे-धीरे सेटल होगा तो उस वजह से जो कोण बनेंगे ऐसे करके ये पत्थर पत्थर पत्थर पत्थर सेटल हो गए
ऐसे करके जो ये पत्थर सेटल हुए हैं इन सबसे बनने वाला जो कोण है मेरे दोस्तों उसे हम किस नाम से जानते हैं उसे हम सिंडर कोन के नाम से जानते हैं जहां पे पेरी क्यूटन एक सिंडर कोन है मेक्सिको के अंदर ये आप एग्जांप याद रखेंगे इसमें कौन बाहर आ रहा है पायरोक्लास्टिक मटेरियल जिसमें या तो वल्केन एशेज होंगी या डस्ट होंगे या पेबल्स होंगे मैग्मा कभी-कभी बाहर आता है वेरी सेल्डम मैग्मा सेल्डम कम्स आउट ये भी बात हमें समझ में आ गई क्या ये एक्सप्लोसिव होगा माइल्डली एक्सप्लोसिव होगा क्यों क्योंकि मैग्मा बाहर नहीं
आया है बट पत्थर बाहर आए हैं बट जब पत्थर बाहर आए हैं प्रेशर के साथ आए हैं तो एक्सप्लोसिव तरीके से आए होंगे राइट अब आता है सेकंड कोन जिसको हम कंपोजिट कोन के नाम से जानते हैं कंपोजिट यानी कि कुछ दो तीन तीन चीजों से मिलके बना होगा अब हुआ ये कि आपने एक चीज को देख लिया कि पहले कौन बाहर आ रहा है सर पहले पत्थर बाहर आ रहे हैं ऐश बाहर आ रही है सिंडर कोन में क्या मैग्मा बाहर आ सकता था नहीं मैं कहता हूं अब एक स्टेप आगे बढ़ते हैं पहले
पत्थर बाहर आ गए पत्थर टूटे बाहर पत्थर बाहर आने का मतलब पत्थर टूट गए टूटे क्रस्ट टूटी क्रस्ट टूट के पत्थर बाहर आए वो जो पत्थर आके यहां पे सारे के सारे क्या हो गए डिपॉजिट हो गए अब क्या है अब मैग्मा बाहर आएगा जब मैग्मा बाहर आएगा तब क्या इस मैग्मा के कारण क्या इस मैग्मा के कारण जो भी पत्थर पड़े थे वह सब के सब अब जुड़ जाएंगे क्या यह मैग्मा जो बाहर आया ये एक गोंद की तरह एक ग्लू की तरह एक गम की तरह काम करेगा जिंदगी के गम नहीं है यह
चिपकाने वाले गम है जिसमें ये ग्लू की तरह काम करेगा और सारे के सारे पत्थर इस मैग्मा के साथ जुड़ के एकदम पक्के सॉलिडिफाईज और ये कौन सा कौन सा कोण है कंपोजिट कोण इस कंपोजिट कोण के अंदर कैसा मैग्मा बाहर आता है मेरे दोस्तों एसिडिक मैग्मा बाहर आता है और एसिडिक मैग्मा जब बाहर आ रहा है तभी तो हम कहते हैं कि क्या बनना चाहिए सर कोन्स बनने चाहिए और हमने पहले ही देख लिया था कि कोनस के समय में जनरली कौन सा मैग्मा बाहर आता है जनरली कौन सा मैग्मा बाहर आता है एसिडिक
मैग्मा बाहर आता है इसका एक एक्सेप्शन है दैट इज शील्ड कोन वो मैं बताऊंगा क्यों है ठीक है बट अभी हमने समझा एसिडिक मैग्मा है तभी क्या बन रहे हैं कोण उनमें पहला कोण कौन सा बना एश एंड सिंडर कोण दूसरा कोण कौन सा बना कंपोजिट कोन कंपोजिट कोन के अंदर आपने क्या देख लिया बच्चा लोग सबसे पहले पत्थर बाहर आए उसके बाद मैग्मा बाहर आया फिर अचानक से एक और वॉल्के निक एक्टिविटी हुई तो पहले क्या टूटेगा क्रस्ट टूटेगी क्या बाहर आएंगे पत्थर बाहर आए फिर उसके बाद क्या बाहर आया मैग्मा बाहर आया इसका
मतलब ये है कि ये दो चीजों से मिलके बना है कंपोजीशन क्या है इसका ये कंपोजिट है दो चीजों का पहला है मैग्मा और दूसरा है पत्थर मैग्मा पत्थर मैग्मा पत्थर ऐसे करके लेयर्ड अरेंजमेंट आपको दिखाई देती है इसी वजह से यह जो लेयर्ड अरेंजमेंट है इसी लेयर्ड अरेंजमेंट की वजह से इसे स्ट्रेटो वोल्केनो कहते हैं क्योंकि स्ट्रेटा का मतलब क्या होता है लेयर इसीलिए इसको स्ट्रेटो वोल्केनो के नाम से भी जाना जाता है क्या इसे एसिडिक कोन के नाम से जानेंगे यस सर एसिडिक कोन के नाम से भी जान सकते हैं कोई दिक्कत नहीं
है अब याद करना वापस जब मैंने आपको डिफरेंट टाइप्स ऑफ़ मैग्मा बताए थे इ रॉक्स के अंदर तब मैंने एंडे साइट बताया था और एंडे साइट यह बोला था कि स्लाइटली हाईली एसिडिक होता है है ना स्लाइट ली एसिडिक है तो या इसको हम एंडे साइट कोन्स भी कह सकते हैं बिल्कुल सही बात है इसे हम एंडे साइट कोनस भी कह सकते हैं जनरली कब बनेगा जब कन्वर्जेंट प्लेट बाउंड्रीज होंगी तभी तो एसिडिक मैग्मा बाहर आएगा एग्जांपल क्या है सर माउंट स्ट्रोम वसुवियस एटना कारका तोवा मेरापी ये सारे माउंट्स क्या है ये एग्जांपल है किसके
कंपोजिट कोन्स के फिर उसके बाद सर बाहर अगली बात करें जो नेक्स्ट कोण है जिसकी हम बात कर रहे थे वो कौन सा था बच्चा लोग नेक्स्ट कोण जो है वो है पैरासाइटिक कोण जैसा कि नाम से स्पष्ट है पैरासाइट पैरासाइट को क्या चाहिए एक होस्ट एक बॉडी जिसके ऊपर वह ग्रो कर सके कभी-कभी क्या होता है ये एसिडिक मैग्मा जब बाहर आने की कोशिश करता है ये उसका जो है ये सेंट्रल वेंट है जिससे यह बाहर आने की कोशिश कर रहा है बट ये वेंट इतना ज्यादा जम गया है कि अब मैग्मा को बाहर
आने के लिए स्पेस नहीं मिल रहा तो वो मैग्मा क्या करता है कुछ सेकेंडरी वेंट्स का डेवलपमेंट करता है वो सेकेंडरी इ वेंट्स कहां पे दिखाई दे रहे हैं सर ये एक सेकेंडरी इवेंट है ये एक सेकें वेंट है जहां से मैग्मा को अब क्या पूरा पहाड़ बना हुआ है पहाड़ के अंदर से जहां-जहां उसको वीक स्पेस मिल रहा है मैग्मा बाहर आने की कोशिश करता है और एक कंपोजिट कोन के ऊपर एक कंपोजिट कोन के ऊपर जब इसका खुद का इरप्शन होता है एक कंपोजिट कोन के ऊपर इरप्शन हो गया तो इसको पैरासाइट कहेंगे
होस्ट कोन है कंपोजिट कोन और पैरासाइट कोन है जो पैरासाइट कोन है यहां पे पैरासाइटिक कोन जो कि यहां पे डेवलप हो रहा है ऐसा एग्जांपल आपको माउंट हुड के के रूप में दिखाई देगा जो कि सेकेंडरी इवेंट से पाइप से बाहर आ रहा है इससे बनने वाले जो लैंड फॉर्म्स हैं इनको हमने जाना कौन-कौन से लैंड फॉर्म्स कंपोजिट कोन हमने जाना एश एंड सिंडर कोन हमने जाना पैरासाइटिक कोन अब आ जाएं हम यहां पे अगली स्लाइड पे अगली स्लाइड पे जब हम आते हैं तो यहां से थोड़ी कहानी डिफरेंट हो जाती है क्योंकि अब
मैं बात कर रहा हूं सबसे इंपॉर्टेंट एस्पेक्ट की जिसको हम हॉटस्पॉट के नाम से जानते हैं हॉटस्पॉट का सीधा रिलेशन क्या है डायवर्जेंट प्लेट बाउंड्री के साथ है मैं थोड़ा स्लो यहां पे बताऊंगा क्योंकि ये इंपॉर्टेंट टॉपिक है और जनता को पता नहीं होता एगजैक्टली व्ट व्हाट एगजैक्टली द हॉटस्पॉट इज मेंटल प्लूम क्या होता है यूपीएससी ने मेंस में इसके बारे में 2018 में 2018 में सवाल पूछा भी है देखें क्या है मेंटल प्लूम का मतलब क्या होता है ध्यान से समझना होता ये है कि जब भी हम इस पूरी ओशनिक क्रस्ट को या किसी
भी क्रस्ट को देखते हैं मान लीजिए ये कोई एक प्लेट है ठीक है इस प्लेट के नीचे अगर हम देखें तो यहां पे बहुत डीप इंटीरियर में यह है एक क्रस्ट क्रस्ट के बाद वी हैव एथेनोवा वीी हैव मेंटल यह वाला जो भाग है मैं कहता हूं यह लोअर मेंटल है यह क्या है लोअर मेंटल है लोअर मेंटल ठीक है सर यह क्या है सर अपर मेंटल है अब आपको सबको पता है कि जो अपर मेंटल है उसी के अंदर एक भाग होता है जिसको हम किस नाम से जानते हैं जिसको हम मैग्मा चेंबर के
नाम से जानते हैं यह मैग्मा चेंबर का भाग है यह क्रस्ट के बाद क्या है मैग्मा चेंबर का भाग है इसको हम किस नाम से जानते हैं सर इसे हम जानते हैं एथेनोवा जनरली बाहर आता है कभी-कभी क्या होता है लोअर मेंटल यानी कि जब आप जानकारी हासिल कर ही रहे हैं तो आपको पता है कि जब टेंपरेचर जो डेप्थ है वो इंक्रीज होती है तब टेंपरेचर क्या होता है बच्चा लोग इंक्रीज होता है धरती के अ अंदर सारे प्रोसेसेस एक कंटीन्यूअस प्रोसेस के थ्रू चले ऐसा जरूरी नहीं है वहां पे कभी-कभी कुछ वेरिएशन भी
दिखाई दे सकते हैं ऐसा भी क्यों है क्योंकि हमने पहले यह जाना था जाना था कि जो मास है वो नॉन यूनिफॉर्म डिस्ट्रीब्यूटर है ग्रेविटेशन एनमल के अंदर हमने इसके बारे में बात की इसीलिए मैं बोल रहा हूं अगर आप इस वीडियो को देख रहे हैं तो कंटीन्यूअस पूरा वीडियो देखिएगा क्योंकि मैं सारे कनेक्शन को एस्टेब्लिश करता हुआ आगे बढ़ रहा हूं और जब आप मेंटल प्लूम की बात करते हैं तो वो क्या होता है जैसे-जैसे डेप्थ इंक्रीज होती है धरती के अंदर कुछ ऐसी जगह हैं जहां पे मेंटल के अंदर कुछ वीक स्पॉट्स हैं
मेंटल के अंदर कुछ वीक स्पोर्ट्स हैं और इन वीक स्पोर्ट्स में जो ओवरऑल इन वीक स्पोर्ट्स में क्या होता है इन वीक स्पोर्ट्स के अंदर इन वीक स्पोर्ट्स के अंदर मेल्टिंग होना स्टार्ट हो जाती है जब ये मेल्ट हो जाते हैं ना जब ये मेल्ट हो जाता है अब ये खुद सोचो ये वाली जगह है जहां पे मेल्टिंग होना स्टार्ट हो गई अब ये पूरा का पूरा भाग सॉलिड था ये कुछ भाग मेल्ट हो गया जो भाग मेल्ट हो गया उसकी डेंसिटी क्या होगी जो भाग मेल्ट हो गया उसकी डेंसिटी क्या होगी कम होगी जो
भाग सॉलिड है उससे जिसकी डेंसिटी कम होगी वो कहां जाने की कोशिश करेगा बच्चा ये धीरे-धीरे धीरे-धीरे ऊपर उठने की कोशिश करेगा अब ये क्या करता है लोअर मेंटल से धीरे-धीरे धीरे धीरे धीरे धीरे ऊपर उठने की कोशिश करता है और ऐसी जगह जहां से यह मेल्टिंग स्टार्ट हुई है जहां से ये सोर्स है जहां से यह नया मैग्मा जनरेट हुआ है इसे ही बोला जाता है हॉटस्पॉट इसे ही हम क्या कहते हैं हॉटस्पॉट जनरली एक ऐसा स्पोट धरती के नीचे जहां पे डेप्थ इंक्रीज होने के साथ इतना ज्यादा टेंपरेचर हो गया कि मेल्टिंग इंक्रीज
होने के कारण वहां पे मेल्टिंग इंक्रीज होने के कारण कुछ भाग पिघल गया और वो जो भाग है वो ऊपर आ रहा है मैग्मा के रूप में अब एक बात का जवाब देना मेरे दोस्तों वो ये है कि अगर मैं बोलूं कि ये जो मैग्मा का ज जनरेशन हुआ है यह जो मैग्मा हॉटस्पॉट में बाहर आ रहा है क्या ये एथनो स्फेयर वाला मैग्मा है या डीप मेंटल से आया हुआ मैग्मा है ये डीप मैग्मा है यानी कि हॉटस्पॉट एक ऐसी जगह है एक ऐसा लोकेशन है एक ऐसा मैग्मा है जहां से मैग्मा जो है
वो कहां से बाहर आ रहा है कोर मेंटल बाउंड्री से बाहर आ रहा है ये बात याद रखें क्योंकि ये मेंटल के बाद क्या आएगा आउटर कोर और देन वी हैव इनर कोर कोर मेंटल बाउंड्री का जो मैग्मा है वो बाहर आ आता है अब अगर यह कोर मेंटल बाउंड्री का मैग्मा बाहर आने की कोशिश कर रहा है तो जो ये जैसे-जैसे ये ऊपर उठेगा साइड की जितनी भी रॉक्स हैं उनको पिघला हुआ जाएगा ये पूरा सॉलिड भाग है ये पूरा सॉलिड भाग है ये पूरा सॉलिड भाग था अब यहां से जब ये ऊपर की
ओर आएगा तो क्या इसे पिघला हुआ ऊपर आएगा बिल्कुल सही बात है सर यह पिघला हुआ एक पाइप के रूप में ऊपर आ रहा है और ये साइड में क्या बना लेगा साइड में जहां पे थोड़ा सा ये फैला वहां पे इसने ने क्या कर लिया एक मशरूम शेप स्ट्रक्चर क्रिएट कर लिया इसी को हम मेंटल प्लूम का नाम देते हैं यही क्या होता है बच्चा लोग मेंटल प्लूम होता है सोर्स ऑफ मैग्मा को हमने क्या बोला हॉटस्पॉट और ये कोर मेंटल बाउंड्री से ऊपर आता हुआ मैग्मा जो कि एक मशरूम शेप में ऊपर आ
रहा है और उसके साथ-साथ और उसके साथ-साथ एक कंडू में एक पाइप के फॉर्म में बाहर आता है उसे हम मेंटल प्लूम का नाम देते हैं ये जो रॉक्स हैं वो मेल्ट हो जाती हैं जैसे ही रॉक्स मेल्ट हो जाती है उनकी डेंसिटी कम हो जाती है जैसे ही उनकी डेंसिटी कम हो जाती है यह राइज करता है और जैसे ही राइज करता है यह यहां से बाहर आने की कोशिश करता है अब एक बात समझो अब यह मैग्मा बाहर आने की कोशिश कर रहा है यह मैग्मा बाहर आने की कोशिश कर रहा है अगर
यह कॉन्टिनेंट के नीचे आपको मौजूद दिखाई देता है हॉटस्पॉट तो उसे हम कॉन्टिनेंटल हॉटस्पॉट कहते हैं अगर यही क्रस्ट ओशनिक क्रस्ट होती तो उसे हम ओशनिक हॉटस्पॉट का नाम देते कहने का तात्पर्य यह है मेरे दोस्तों कि जब हम कॉन्टिनेंट और ओशियन की बात करते हैं तब उसमें सबसे बड़ा डिफरेंस ये आता है कि कॉन्टिनेंट की जो क्रस्ट की थिकनेस है वो कंपैरेटिव ज्यादा है और ओशियन के क्रस्ट की थिकनेस कंपैरेटिव कम है इस कारण से इस कारण से आपको ये डिफरेंस दिखाई देगा सेकंड मोस्ट इंपॉर्टेंट फैक्ट हियर इज टू नो अबाउट दिस एंटायस मैग्मा
वाला सिनेरियो वो ये है कि हॉट स्पोर्ट जो हैं वो पूरे विश्व के अंदर पूरी दुनिया के अंदर कुछ फिक्स्ड लोकेशंस हैं कुछ फिक्स्ड लोकेशन ऐसा नहीं है कि आज यहां पे हॉटस्पॉट का डेवलपमेंट हो रहा है तो यह हॉटस्पॉट होगा यह कुछ फिक्स जगह हैं और इन्हीं फिक्स जगहों को हम हॉटस्पॉट का नाम देते हैं और यही एक सबसे इंपॉर्टेंट भाग है हमारे लिए समझना मैं भी आगे चलके आपको कुछ एग्जांपल के रूप में बताऊंगा जैसे कॉन्टिनेंट के क्रस्ट के नीचे अगर कोई हॉटस्पॉट आज हमें विद्यमान दिखाई विद्यमान दिखता है वो है हमारा येलो
स्टोन नेशनल पार्क ऑफ यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका यूएसए का जो येलो स्टोन नेशनल पार्क है उसके नीचे एक हॉट स्पॉट का प्रेजेंस है ठीक है उस हॉटस्पॉट को हम किस नाम से जानेंगे कॉन्टिनेंटल हॉटस्पॉट के नाम से जानेंगे अब ओशनिक हॉटस्पॉट कौन-कौन से हैं जैसे कि रियूनियन आइलैंड जैसे कि मॉरीशियन आइलैंड जैसे कि सेशेल्स आइलैंड्स हवाई आइलैंड्स ये जो आइलैंड्स का डेवलपमेंट हुआ है यह किस वजह से हुआ क्योंकि वहां पे जो हॉटस्पॉट था उससे जो मैग्मा बाहर आ रहा था उस मैग्मा के बाहर आने के कारण वहां पे डेवलपमेंट आपको दिखाई दिया वल्केन एक्टिविटी
के कारण कि किसी ना किसी रूप में आइलैंड का फॉर्मेशन होता है तो ये एक बात है और हॉटस्पॉट में जो ये मैग्मा बाहर आ रहा है वो कौन सा मैग्मा है दोस्तों वो बेसाल्टिक मैग्मा है वो कौन सा मैग्मा है बेसाल्टिक मैग्मा है अब हमारे दिमाग में एक चीज आनी चाहिए वो ये है कि जब भी ये हॉटस्पॉट से मैग्मा बेसाल्टिक बाहर आ रहा है अगर वो कॉन्टिनेंट से बाहर आ गया तो यहां पे क्या बनेगा सर प्लेटो का फॉर्मेशन होगा और अगर ये ओशियन से बाहर आ गया तो सर क्या बनना चाहिए सर
बनना तो प्लेटो ही चाहिए क्योंकि मैग्मा फैले बट ओशनिक क्रस्ट है ऊपर पानी है तो यह क्या बना लेगा सर यह पीक बना लेगा माउंटेनियर पीक बना लेगा ये एक कांसेप्चुअल बिल्डिंग प्रोसेस है जो आपको समझना चाहिए आपको दिमाग में होना चाहिए किसी भी हाल में डन तो ये क्या बना लेगा पीक बना लेगा चले आगे बढ़ते हैं अब यहां पे जब आगे बढ़े तो हमें पता लगा कि ये जो मेंटल कोर मेंटल बाउंड्री है वहां से एक पर्टिकुलर रूप में बाहर आने वाला जो मैग्मा है जो कि ऊपर की ओर बढ़ता जा रहा है
और जब यह बढ़ गया तो अगर यह क्रस्ट ओशनिक क्रस्ट है अगर यह क्रस्ट ओशनिक क्रस्ट है तो इसके ऊपर बाहर आया तो यह क्या बनाया वल्केन पीक बनाया अब अगर इसने वल्केन पीक बना लिया और ये ओशनिक क्रस्ट है ये ओशनिक क्रस्ट है ऊपर किसका प्रेजेंस है बच्चा लोग उसके ऊपर प्रेजेंस है पानी का ऊपर प्रेजेंस है पानी का ये है पानी अब जैसे ये पानी के संपर्क में आएगा इसने क्या बना लिया पीक बना लिया और जिस दिन ये पीक बाहर आ गए इस पानी से तो किसका फॉर्मेशन होगा आइलैंड का फॉर्मेशन होगा
तो क्या मैं कह सकता हूं जो यह चेन ऑफ वल्केन एक आइलैंड है उसका फॉर्मेशन हॉटस्पॉट के थ्रू भी हो सकता है जी हां अभी तक हमने कैरेबियन आइलैंड्स इंडोनेशियन आइलैंड्स फिलीपाइन आइलैंड्स जैपनीज आइलैंड्स इन सबका जब फॉर्मेशन देखा था तब हमने देखा था ओशियन ओशियन कन्वर्जेंस होना वो किसकी वजह से था कन्वर्जेंस की वजह से तो अब अगर प्री में यह सवाल आता है कि आइलैंड्स आर फॉर्म्ड ओनली थ्रू द प्रोसेस ऑफ कन्वर्जेंट प्लेट बाउंड्री नो नॉट एटल ऑल यहां पे क्या है जब हॉटस्पॉट है ना तब इस हॉटस्पॉट के कारण जैसे ही ये
प्लेट ये प्लेट डायवर्ज होगी ये प्लेट डायवर्ज होगी तो यहां पे आपको किसका प्रेजेंस दिखाई देगा आइलैंड का प्रेजेंस दिखाई देगा यह बात आप अपने जहन में रखेंगे कि हॉटस्पॉट की वजह से भी किसका फॉर्मेशन हो सकता है हॉट स्पॉट्स की वजह से भी किसका फॉर्मेशन हो सकता है आइलैंड्स का फॉर्मेशन हो सकता है डन यह बात हमें समझ में आनी चाहिए एक बात तो यह हुआ तो अगर मान लीजिए यह प्लेट मूव कर रही है तो हॉटस्पॉट की पोजीशन तो फिक्स्ड है बस इस प्लेट के ऊपर मल्टीपल जगहों पे क्या बनते रहेंगे आइलैंड बनते
रहेंगे इसका मतलब एक चेन ऑफ वल्केन आइलैंड्स यहां पे बनती है जो आपको समझ में आनी चाहिए तो ओशनिक क्रस्ट पे क्यों हो रहा है ऐसा क्योंकि ओशनिक क्रस्ट थिन है वहां पे हॉटस्पॉट है आइलैंड का फॉर्मेशन होगा और आइलैंड दो तरीके से बने ओसेन ओशन कन्वर्जेंस और हॉटस्पॉट के रूप में और इन आइलैंड के अंदर आपको एग्जांपल देना हो तो आइसलैंड एक आइलैंड है देन हवाई आइलैंड देन मॉरीशियन आइलैंड देन उसके साथ-साथ आपको दिखाई देगा गैला पेगो आइलैंड्स एंड रियूनियन आइलैंड्स ये सारे हॉटस्पॉट के आइलैंड्स हैं और आपको याद होगा एक दौर में अगर
आपने रिवाइज किया है पहले जियोग्राफी पढ़ा है तो आपको पता होगा कि जब इंडिया की प्लेट ट्रेवल करती है तो वह एक हॉटस्पॉट के ऊपर से गुजरती है वह कौन सा हॉटस्पॉट है रियूनियन हॉटस्पॉट और इंडिया की प्लेट कौन सी है कॉन्टिनेंटल प्लेट है और इस रियूनियन हॉटस्पॉट से जब मैग्मा बाहर आएगा तो कौन सा होगा सर बेसाल्टिक होगा और वो बेसाल्टिक मैग्मा जब कॉन्टिनेंट की क्रस्ट के ऊपर फैले तो क्या बनाएगा एक प्लेटो बनाएगा और उस प्लेटो का नाम आप मेरे को बताने वाले हैं कमेंट सेक्शन में सो दैट इट विल बी वेरी इनकरेजिंग
फॉर मी दैट आप सब लोगों ने इसको बहुत शिद्दत से देखा है तो मेंटल प्लूम को रिवाइज किया जाए तो कोर मेंटल बाउंड्री से जो मैग्मा राइज हो रहा है इन द फॉर्म ऑफ अ पाइप इन द फॉर्म ऑफ अ कंडोटल का सोर्स कहलाता है एक हॉटस्पॉट और वो अगर कॉन्टिनेंटल प्लेट के नीचे है तो उसे कंट मेंटल हॉटस्पॉट और ओशनिक प्लेट के नीचे है तो ओशनिक हॉटस्पॉट के नाम से जानते हैं अब हम इसको थोड़ा सा और डिटेल में समझने की कोशिश करते हैं कि कैसे डायवर्जेंट प्लेट बाउंड्री का जन्म हॉटस्पॉट के थ्रू ही
होता है आप देखें यहां पे मैंने कुछ स्टेजेस लिखी हैं इन स्टेजेस को समझ लेंगे तो आपको मजा आ जाएगा कि व्हाट एगजैक्टली दिस एंटायस प्लेट टेक्टोनिक थिरी इज क्योंकि वल्केन ज्म का अंत जो है वो इसी हॉटस्पॉट पे है और इसकी जो बिगिनिंग है वो प्लेट टेक्टोनिक थरी से है दोनों को अंत और जो आरंभ है उन दोनों को मैं एकदम कनेक्ट कर रहा हूं उसको देखें यह थ्रिलर मूवी की तरह है जैसे मान लीजिए एक आपके पास यहां पे कॉन्टिनेंटल प्लेट है इस कॉन्टिनेंटल प्लेट के नीचे एक हॉटस्पॉट का प्रेजेंस है मैग्मा कौन
सा होगा बेसाल्टिक होगा राइज़ कहां से करेगा मेंटल कोर बाउंड्री से राइज़ करेगा ऊपर की ओर आएगा किस फॉर्म में आएगा सर राइजिंग लिंब की फॉर्म में आएगा जब आके वह इससे टकराएगा तो सर क्या डायवर्ज करेगा बिल्कुल सही बात है डायवर्ज करेगा तो क्या सर यह कॉन्टिनेंटल क्रस्ट को तोड़ पाएगा मैं कहता हूं सर तोड़ नहीं पाएगा क्या इस कॉन्टिनेंटल क्रस्ट से बाहर आ जाएगा मैं कहता हूं बहुत चांसेस कम है क्योंकि कॉन्टिनेंटल क्रस्ट की थिकनेस क्या होती है बच्चा ज्यादा होती है जब उसकी थिकनेस ज्यादा होती है तो ये क्या करता है मेरे
बच्चे ये यहां पे आके प्रेशर क्रिएट करता है जो प्लेट पहले सीधी थी अब इस प्लेट की क्या हो जाएगी बेंडिंग हो जाएगी क्योंकि नीचे से इस भाग पे अगर ये सीधी प्लेट है तो इस भाग पे जब प्रेशर लगता रहेगा तो ये क्या होने लगेगी बेंड होने लगेगी जब इसकी बेंडिंग हो जाती है तो इसको बोलते हैं है थर्मल बलजिवन डोम बनाया इस इफेक्ट को डोमिंग इफेक्ट के नाम से जाना जाता है तो यहां पे सबसे पहले इसने आके इस जगह पे प्रेशर क्रिएट किया और जब प्रेशर क्रिएट किया तो यहां से प्लेट क्या
हो गई बेंड हो गई जैसे ही ये प्लेट बेंड हुई ये सेकंड स्टेप था अब धीरे-धीरे जो ये प्रेशर है वो कंटीन्यूअस है जब ये प्रेशर कंटीन्यूअस लगता रहेगा तब आप खुद सोच समझ के जवाब देना मेरे दोस्त यहां पे कि क्या मैं कह सकता हूं जो यहां पे जाने वाली ये डायवर्ज करने वाली लिम्स हैं वो इस प्लेट के एक भाग को किस और इस प्लेट को प्लेट के एक भाग को इस ओर खींचें और एक प्ले एक भाग को दूसरी ओर जब ये दोनों खींचने लगेंगी तो क्या इस प्लेट के बीच में दरारें
डेवलप होंगी यस सर यहां पे एक यहां पे एक दरार डेवलप हो गई यहां पे एक एक दरार डेवलप हो गई एक दरार बन गई एक फिशर क्रिएट हो गया क्रैक डेवलप हो गया जब उससे क्रैक डेवलप हुआ दरार आई फिशर डेवलप हुआ कुछ समय के बाद जब यह प्रोसेस कंटीन्यूअसली चलता रहेगा चलता रहेगा चलता रहेगा खींचे जा रहे हैं खींचे जा रहे हैं खींचे जा रहे हैं बीच का जो भाग है क्या वो टूट के नीचे गिर जाएगा जी हां तो जो बीच का भाग है वो का उसका क्या होगा बीच का भाग जो
है वो नीचे टूट के गिर जाएगा इसी प्रोसेस को जब आपने देखा तो इसी प्रोसेस को आप किस नाम से जानते हैं मेरे दोस्तों इसको बोलते हैं फॉल्टिंग इसको हम क्या बोलते हैं फॉल्टिंग यहां पे क्या फोल्ड हुआ है फोल्ड तो सर आपने बताया था कि जब जुड़ती है चीजें कन्वर्ज होती हैं तो क्या बनते हैं फोल्ड बनते हैं जब ये टेंशनल फोर्स है टेंसा इल फोर्स है जब खींचाव आ रहा है तो बीच का एक हिस्सा टूट के नीचे गिर गया मैं कहता हूं बीच का हिस्सा नीचे टूट के गिरा और एक व्यक्ति यहां
पे खड़ा है वो खुद नीचे चला गया और उसकी साइड वाली जो दीवारें हैं वो ऊपर रहने लगी तो मैं देखूंगा जो साइड के जो चीजें हैं वो बीच वाला जो व्यक्ति है उससे थोड़ा सा ऊपर उठी हुई है यानी कि जो नंबर वन और नंबर टू है ये इस व्यक्ति के लिए माउंटेंस होंगे और खुद यह किसके अंदर होगा एक वैली के अंदर एक वैली के अंदर आपको इसका प्रेजेंस दिखाई देगा तो इसका मतलब यह हुआ कि जब ये पूरा का पूरा प्रोसेस चल रहा है इससे कुछ माउंटेंस का डेवलप हुआ उन्हें हम कौन
से माउंटेंस कहते हैं ब्लॉक माउंटेंस कहते हैं ब्लॉक माउंटेंस को कौन किस नाम से जाना जाता है हॉर्स नाम से जाना जाता है और जो रिफ्ट वैली बनेगी यहां पे रिफ्टिंग हुई रिफ्टिंग का मतलब क्या है दरारें दरार आने के के बाद जो नीचे भाग गिरा उसकी वजह से एक वैली बनी जिसे आप रिफ्ट वैली के नाम से जानते हैं और जिसे बोला जाता है ग्रैबोनरेंट जर्मन वर्ड्स जो हैं ये सबसे पहले उसी एरिया से आते हैं इसका कारण क्या है कि यहां पे मैं आपको एक एग्जांपल देता हूं फ्रांस के अंदर कुछ माउंटेंस है
जिन्हें हम वोसजेस माउंटेंस कहते हैं जो कि ब्लॉक माउंटेंस हैं जर्मनी के अंदर कुछ माउंटेंस हैं जिन्हें ब्लैक फॉरेस्ट माउंटेंस कहते हैं और उनके बीच में एक रिफ्ट वैली है जिसके अंदर से एक नदी बहती है जिसको आप राइन रिवर के नाम से जानते हैं सो ये राइन रिफ्ट वैली है जहां से रिफ्ट वैली के अंदर एक नदी बहती है और साइड में दो माउंटेंस हैं दोनों माउंटेंस कौन से हैं ब्लॉक माउंटेंस है क्या ये फोल्ड माउंटेंस है नहीं क्या ये ब्लॉक माउंटेंस हैं यस क्या इन माउंटेंस का फॉर्मेशन रिफ्टिंग के कारण हुआ इन माउंटेंस
का फॉर्मेशन जो अ डिस्प्लेसमेंट है प्लेट का उस उसके कारण हुआ जी हां ये उसके कारण डेवलप हो गए अब क्या ये प्रोसेस सर यहीं रुक जाए नहीं सर यह प्रोसेस कंटीन्यूअस चलता रहता है क्या अभी स्टेज नंबर फोर पे कोई वर्ल्ड के अंदर लैंड फॉर्म्स मौजूद हैं मैं कहता हूं हां मौजूद है मैं अभी दिखाता हूं आपको वो कैसे हैं देखो ध्यान से जब यह रिफ्टिंग होती है जब यह प्लेट डिस्प्लेस हो जाती हैं तो यहां पे जो रिफ्ट वैली है इसके अंदर बारिश का पानी एक्यूमेक होने लगता है तो वह क्या बना देते
हैं धीरे-धीरे धीरे-धीरे लेक्स बनाने लगती हैं उन्हें हम बोलते हैं रिफ्ट वैली लेक्स ऐसी रिफ्ट वैली लेक्स आपको ए अफ्रीका के अंदर बहुत आसानी से दिखाई दे जाएंगी क्योंकि अगर आप अफ्रीका को देखेंगे तो यहां पे दोनों प्लेट्स के बीच में एक डायवर्जेंस हो रहा है वो डायवर्जेंस कौन क्रिएट कर रहा है मेरे दोस्त वो डायवर्जेंस क्रिएट कर रहा है हॉटस्पॉट वो डायवर्जेंस क्रिएट कर रहा है एक मेंटल प्लूम वो डायवर्जेंस अगर आप देखेंगे तो यहां पे एक प्लेट है नूबियन प्लेट यहां पे एक प्लेट है सोमालियन प्लेट और जब ये सोमालियन प्लेट और नूबियन
प्लेट को देखेंगे तो ये पूरी की पूरी एक रिफ्ट वैली का फॉर्मेशन होगा जिसे आप ग्रेट अफ्रीकन रिफ्ट वैली के नाम से जानते हैं ग्रेट अफ्रीकन रिफ्ट वैली तो क्या यहां पे सर लेक्स हैं आज जाके आप अफ्रीका के मैप को देखेंगे तब आपको पता लगेगा लेक एल्बर्ट लेक एडवर्ड लेक कीवू लेक तंग निका एंड लेक माला व यह पांच लेक्स ऐसी हैं जो कि रिफ्ट वैली का भाग है और इन लेक्स का एक आइडेंटिफिकेशन का क्राइटेरिया है आइडेंटिफिकेशन का एक बहुत अच्छा ट्रिक है वो यह है जब भी ये लेक्स बनेंगी तो यह से
बन रही है रिफ्ट वैली से बन रही हैं तो क्या ये गोल होंगी या इलोंग्गो होंगी और इसी के पास एक और लेक है केन्या तंजानिया के बॉर्डर पे आपको दिखाई देगी दैट इज लेक विक्टोरिया और लेक विक्टोरिया जो है वो एक राउंड शेप में लेक है और यह रिफ्ट वैली का पार्ट नहीं है रिफ्ट वैली का पार्ट नहीं है यह बात आप याद रखेंगे लेक विक्टोरिया रिफ्ट वैली का भाग नहीं है रदर उसके भा बाजू में जितनी भी लेक्स दिखाई देंगी वो रिफ्ट वैली का पार्ट होंगी तो स्टेज फोर में यह अभी मौजूद है
बट इसके बाद क्या इसके बाद क्या होगा मान लो ये कंटीन्यूअस रहता है प्रोसेस अगर ये प्रोसेस कंटीन्यूअस रहता है धीरे-धीरे धीरे-धीरे जो ये नीचे की प्लेट है वो मेल्ट हो जाएगी बिल्कुल सही बात है सर ये पूरी की पूरी प्लेट क्या होने लगी मेल्ट होने लगी जब ये प्लेट मेल्ट हो जाएगी तो क्या इस प्लेट की थिकनेस कम हो जाएगी बिल्कुल सही बात है सर इस प्लेट की थिकनेस क्या हो गई कम हो गई सर मैग्मा कौन सा था बेसाल्टिक मैग्मा क्यों बेसाल्टिक मैग्मा है क्योंकि एक बात तो मुझे यह भी समझ में आ
गई कि इस बेसाल्टिक मैग्मा के होने का कारण यह है मेरे दोस्त जस्ट बिकॉज़ ऑफ अ फैक्ट कि ये कहां से आया है ये एक हॉटस्पॉट से आया है अब ये बेसाल्टिक मैग्मा आ रहा है और ये जो प्लेट है वो क्या हो चुकी है बहुत ही थिन प्लेट हो चुकी है जब ये प्लेट थिन हो चुकी है और यहां पे ऊपर अगर पानी का प्रेजेंस है तो धीरे-धीरे धीरे-धीरे धीरे-धीरे क्या ये प्लेट यहां पे डायवर्जेंट करते करते डायवर्जेंस करते करते जब ये थिन हो गई तो क्या इसके बीच में मैग्मा का इरप्शन होने लगेगा
बिल्कुल सही बात है सर मैग्मा आके यहां पे क्या होने लगेगा जमने लगेगा अब एक बात का जवाब देना पहले इसका जो थिकनेस था जो पहले इसकी विड्थ थी वो कम थी अब ये विड्थ धीरे-धीरे धीरे-धीरे बढ़ने लग गई क्यों बढ़ने लगी क्योंकि ये क्रस्ट कौन सी थी सर कॉन्टिनेंट की क्योंकि किसका भाग था सर ये जो बाजू वाली प्लेट्स है उसी का तो भाग था अब अब ये कॉन्टिनेंट की क्रश थी इसके ऊपर धीरे-धीरे कौन आ रहा है बेसाल्टिक मैग्मा आ रहा है जैसे-जैसे ये मैग्मा आता जाएगा ये बीच वाली जगह है यहां पे
जमाव हो गया तो क्या इसकी थिकनेस बढ़ी जी हां बढ़ी बट क्या जब इसकी थिकनेस बढ़ी है तो ये सबडक्टेड कॉन्टिनेंटल प्लेट है तब तक तो फैले गी जब तक ये कॉन्टिनेंटल प्लेट है तब तक तो फैल रही है क्योंकि कॉन्टिनेंट प्लेट का इंटर एक्शन किसके साथ हो रहा है जब बीच वाली प्लेट फैल रही है तो उसका इंटरेक्शन किसके साथ है कॉन्टिनेंट के साथ है तो यह फैले गी इसको कोई रोक नहीं सकता तो धीरे-धीरे धीरे-धीरे ये फैलने लगी जैसे-जैसे ये फैलने लगी तो और इसके अंदर कुछ पानी का प्रेजेंस आने लगा और धीरे-धीरे
जब मैग्मा आ रहा है वल्केन एक्टिविटी हो रही है जो बारिश का पानी है वो खारा होने लगेगा जी हां सर वो खारा होने लगेगा मिनरल्स डिजॉल्ड्रिंग जो लेक्स हैं वह किसका रूप धारण कर लेंगी एक समुद्र का रूप धारण कर लेंगी और उस स्टेज का एग्जांपल कौन है बेटा रेड सी उसका एक बेहतरीन एग्जांपल है रेड सी भी पहले ये जो भाग है पहले आपस में जुड़ा हुआ था जब ये भाग आपस में जुड़ा हुआ था धीरे-धीरे धीरे-धीरे ये फैलता गया फैलता गया फैलता गया और यहां पे आज हमें किसका प्रेजेंस दिखाई देता है
एक ओशियन का एक नेसें सी का प्रेजेंस दिखाई देता है जिसे आप रेड सी के नाम से जानते हैं अब एक बात बताओ जब ये धीरे-धीरे सारी की सारी प्लेट फैल गई जब ये धीरे-धीरे सारी की सारी प्लेट फैल गई है फैलते फैलते ऐसा हुआ कि अब इस प्लेट के ऊपर कंप्लीट किसका राज हो गया अब इस प्लेट के ऊपर कंप्लीट किसका राज हो गया सर बेसाल्टिक मैग्मा आ चुका है क्योंकि धीरे-धीरे धीरे-धीरे जितना भी बेसाल्टिक मैग्मा था वो डेवलप हो गया अब ये जो कॉन्टिनेंट की क्रस्ट थी इसके अंदर किसका प्रेजेंस हो गया बेसाल्ट
का अगर ये बसालत का प्रेजेंस हो गया तो क्या इसकी थिकनेस क्या इसकी डेंसिटी बढ़ जाएगी मैं कहता हूं हां सर बढ़ जाएगी और जैसे ही डेंसिटी बढ़ जाएगी अब अगर यहां से कोई एक्टिविटी होती है और यह प्लेट अगर इसके साथ इंटरेक्ट करेगी तो क्या ये बाजू वाले कॉन्टिनेंट के साथ बाजू वाले कॉन्टिनेंट के नीचे सब डक्ट करेगी यस क्या ये प्लेट अब कॉन्टिनेंटल प्लेट रही या ओशनिक प्लेट हो गई मैं कहता हूं सर ये ओशनिक प्लेट हो जाएगी और ये जो पानी जो इसका फैलाव था अब वो किस रूप में दिखाई देगा जो
सी है उसका उसका जो नेसें सी है वो अब किसमें क हो जाएगा ओशियन में कन्वर्ट हो जाएगा और ओशियन के अंदर जब यह मैग्मा बाहर आएगा तो किसका डेवलपमेंट होगा सर मिड ओशनिक रिजे का डेवलपमेंट होगा ये है खूबसूरत कहानी जो कि डायवर्जेंट प्लेट बाउंड्री के साथ जाकर एसोसिएट होती है अब यहां पे आपको कुछ चीजें और समझनी है वो क्या है देखिए सबसे पहली चीज वो यह है कि जब भी आप इस मिड ओशनिक रिज को तो आपने पढ़ लिया यहां पे जो चीज रह गई है उसके बारे में मैं जरा जिक्र कर
लूं वो यह है मेरे दोस्त कि जब आपने यहां पे नेसें सी से ओशियन तो बना लिया बट इस ओशियन में जो ये मैग्मा बाहर आ रहा है जब इस ओशियन से मैग्मा बाहर आ रहा है हॉटस्पॉट के अंदर तब आपने बोला था कि सर हवाई आइलैंड का फॉर्मेशन होता है आपने खुद ने बोला कि सर हवाई आइलैंड्स रियूनियन आइलैंड्स इन सब का फॉर्मेशन किससे हुआ है इसी हॉटस्पॉट से हुआ है मान लीजिए मैं आपको एक एग्जांपल के रूप में चीज समझाने की कोशिश करता हूं मान लीजिए ये है एक ओशनिक क्रस्ट दिस इज एन
ओशनिक क्रस्ट और इस ओशनिक क्रस्ट के ऊपर किसका प्रेजेंस है सर इसके ऊपर प्रेजेंस है पानी का इसके ऊपर प्रेजेंस है पानी का कोई शक नहीं है सर कोई शक नहीं है पानी है अब जब यहां से मैग्मा बाहर आ रहा है ये मैग्मा बाहर आ रहा है और इस मैग्मा के बाहर आते-आते यहां पे किसका फॉर्मेशन हो गया सर ये मैग्मा कौन सा है हॉटस्पॉट से आने वाला मैग्मा कौन सा होता है सर बेसाल्टिक और बेसिक मैग्मा होता है बेसिक मैग्मा की क्या फ्लूइड ज्यादा होती है बिल्कुल सही बात है सर इसकी फ्लूइड जो
है फ्लूइड जो है वो बहुत ही ज्यादा होती है यह बहुत ज्यादा फ्लूइड होता है इसकी फ्लूइड ज्यादा है ये आके फैला बट ये पानी के संपर्क में आते ही सर वैसे तो फैलना चाहिए था बट पानी के संपर्क में आते ही क्या हो जाएगा जम जाएगा जैसे ही ये पानी के संपर्क में आते ही जमा तो इसने क्या बना लिए सर पीक बना लिए और एक दिन ये पीक कहां पे बाहर आ गए पानी से बाहर आ गए और जब ये पीक पानी से बाहर आए तो इन्होंने क्या बना लिया सर यह एक आइलैंड
का फॉर्मेशन हो गया और यह आइलैंड कौन सा आइलैंड है सर यह एक हवाई आइलैंड है हवाई आइलैंड का फॉर्मेशन क्या किसी एक हॉटस्पॉट से हुआ है जी हां उसका फॉर्मेशन एक हॉटस्पॉट से हुआ है जब हवाई आइलैंड से अब अगर बात बताओ ध्यान से दिमाग लगा के जवाब देना अब यह मैग्मा बाहर आ रहा है अब जब यह मैग्मा बाहर आएगा हवाई आइलैंड से बाहर आएगा आइलैंड क्या हो गया अब तो एक आइलैंड क्या है आइलैंड के ऊपर पानी है नहीं आइलैंड के ऊपर पानी नहीं है तो इसका मतलब अब जो मैग्मा आएगा क्या
वो फैले इस तरीके से बिल्कुल सही बात है क्या वो फैले हां क्या वो फैले हां क्या वो उसी तरीके से जमाव हो जाएगा जिस तरीके से पहले हो रहा था नहीं तो क्या इस आइलैंड पे अब देखो ये वेंट तो फिक्स हो गया अब हुआ ये कि प नीचे का जो भाग है जो ये वाला भाग है ये तो आइलैंड है बट इस आइलैंड के ऊपर बहुत दूरी तक चलने वाले कुछ मैग्मा का मैग्मा का इरप्शन आपको इस तरीके से दिखाई देगा तो इसके ऊपर जो कोण बनेंगे उन कोन्स को किस नाम से जानते
हैं शील्ड कोन्स के नाम से जानते हैं क्या ये शील्ड कोन्स लंबी दूरी तक फैलेंग यस ये बहुत ज्यादा क्या करेंगे स्प्रेड करेंगे जब ये बहुत ज्यादा स्प्रेड करेंगे लंबी दूरी तक फैलेंग मेरे दोस्तों तो क्या मैं ये कह सकता हूं जैसे वॉरियर की शील्ड होती है ना जिस तरीके से वॉरियर की शील्ड होती है जो अपना बचाव करता है इस तरीके से वैसा एक कोन डेवलप होता हुआ दिखाई देगा क्या इनकी हाइट ज्यादा होगी या एरिया ये लार्जेस्ट हो होंगे इन टर्म्स ऑफ एरिया ये लार्जेस्ट होंगे इन टर्म्स ऑफ एरिया हाइट के रूप में
अगर हाईएस्ट वोल्केनो अगर आपको देखने हैं तो वो कौन से होंगे मेरे बच्चा लोग वो होंगे कंपोजिट वोल्केनो और अगर लॉन्ग लार्जेस्ट रूप में देखने हैं एरिया की टर्म्स में देन यू विल सी द वोल्केनो एज वोल्केनो एज द शील्ड कोनस ठीक है ये बात हमारे समझ में आ चुकी है अब हम देखते हैं कुछ और लैंड फॉर्म्स को जिसको हम उड़ान की सहायता से देखेंगे जो हमारी बुकलेट के अंदर मेंशन हैं जो हमारी बुकलेट के अंदर मेंशंस हैं उनको हम देख लेते हैं ताकि हमारे लिए बहुत आसानी हो जाए इस पूरी चीज को समझना
वो क्या है लेट्स अंडरस्टैंड दैट पार्ट देखें जब उड़ान बुकलेट को हम देखते हैं तब हमें पता लगता है कि जो यह मैग्मा है इनके बिल्कुल डिफरेंट डिफरेंट टाइप्स ऑफ़ मैग्मा है चाहे वो फेल्सिक है इंटरमीडिएट है इसकी बात हम कर चुके हैं माफिक अल्ट्रामाफिक विस्कोसिटी और मैग्मा का जनरेशन होना मेल्टिंग होना हीट ट्रांसफर होना फिर हमने यहां पे कंपोजिट वोल्केनो को पढ़ लि या बिल्कुल सही बात है फिर हमने शील्ड वोल्केनो को भी पढ़ लिया फिर शील्ड वोल्केनो के कुछ एग्जांपल दे दो शील्ड वोल्केनो का एक सबसे बेहतरीन एग्जांपल है मोना लोआ एंड मोना
किया मोना लोआ एंड मोना किया इसके बेहतरीन एग्जांपल है जो कि आपको कहां दिखाई देंगे हवाई के अंदर दिखाई देंगे राइट मोना किया के अलावा क्लुआ जो है वो भी हवाई का मोस्ट एक्टिव वन ऑफ दी मोस्ट एक्टिव वोल्केनो है राइट देन आइसलैंड के अंदर भी आपको कुछ शील्ड वोल्केनो दिखाई देंगे तो आप एक चीज को यहां पे समझे क्या हवाई और आइसलैंड दोनों दोनों हॉटस्पॉट हैं बिल्कुल सही यह दोनों हॉटस्पॉट है इसीलिए आपको वहां पे शील्ड कॉन्स का डेवलपमेंट दिखाई देता है कंपोजिट वोल्केनो की बात हम कर चुके हैं देन सिंडर कोन वी हैव
डिस्कस अबाउट इट देन सिंडर कोन के बाद आपको लावा डोम्स लावा डोम्स का मतलब क्या है कि बहुत ही हाईली विस्क रिच लावा जब बाहर आता है तो एक डोम बना देगा जैसे शील्ड कोन बना वैसे यहां पे डोमिंग हो जाएगी उससे आप लावा डोम्स के नाम से जानते हैं यहां पे यहां पे पायरोक्लास्टिक फ्लोज कंपैरेटिव ज्यादा होता है देन आते हैं हम किस पे देन वी विल कम टू दी एस्पेक्ट ऑफ एग्जांपल मैंने आपको बता दिया है कंपोजिट काल्डेरा कलडेरा क्या होता है जब बहुत ही बड़ा बहुत ही लार्ज स्केल पे वल्केन बाह वल्केन
एक्टिविटी होती है लार्ज वल्केन इरप्शन होते हैं जिसकी वजह से पूरा का पूरा जो मैग्मा चेंबर है वही कोलैक्स हो जाता है तो बचा हुआ भारी भरकम जो बहुत बड़ा ये भाग है जैसे कि आप यहां पर देख पा रहे हैं जो गैप क्रिएट हो गया जो वेंट है जो ओपनिंग है वो इतनी बड़ी हो गई क्यों क्योंकि इतना लार्ज इरप्शन हुआ कि बीच के पार्ट का सारा का सारा जो पायरोक्लास्टिक सारा का सारा क्रस्ट उड़के किसमें चला गया पायरोक्लास्टिक मटेरियल में तो एक गड्ढा क्रिएट हो गया उस गड्ढे को हम किस नाम से जानते
हैं कलडेरा के नाम से जानते हैं और उस गड्ढे में अगर पानी जमा हो जाएगा तो एक लेक बन जाएगी उसे किस नाम से जाना जाएगा मेरे दोस्तों उसे जाना जाए जाएगा काल्डेरा लेक के नाम से चले आगे बढ़ते हैं और अब बात करते हैं फ्लड बसा प्रोविंस की अभी तक आपने एक चीज जानी वो यह थी कि जैसे ही जैसे ही आप यह देखें कि अगर कोई भी मैग्मा बाहर हॉटस्पॉट से मैग्मा ओशनिक क्रस्ट के ऊपर बाहर आ रहा है तो वो कौन सा मैग्मा है सर बेसाल्टिक मैग्मा है ओशनिक क्रस्ट के ऊपर आया
तो वो कौन सा एक कौन सा कोण बनाया सर उसने एक वल्केन पीक यानी कि वल्केन पीक बनाया क्यों यानी कि आइलैंड बनाए क्यों बनाए क्योंकि पानी के संपर्क में आ गया था बट अगर यही बेसाल्टिक मैग्मा अगर यही बेसाल्टिक मैग्मा किसी कॉन्टिनेंटल क्रस्ट के ऊपर आ जाएगा जिसका मैंने पहले भी जिक्र किया था जो भारत की प्लेट है अगर ये रियूनियन हॉटस्पॉट के ऊपर से गुजरेगी तो यहां पे जो मैग्मा बाहर आएगा तो वो फ्लड का बस जो बसालत है बेसाल्टिक मैग्मा उसका फ्लड ला देगा उसे फ्लड बेसाल्ट प्रोविंस कहेंगे हाईली फ्लूइड बेसाल्टिक लावा
विद लो विस्कोसिटी और बहुत ही साइलेंटली ये बाह आता है बहुत लंबे एरियाज को कवर करता है जिसमें आप एग्जांपल देखते हैं तो आज भारत का डेकन लावा प्लेटो और साइबेरियन प्लेटो और कोलंबिया रिवर के पास कोलंबिया प्लेटो जो है वो ऐसे बहुत ही खूबसूरत एग्जांपल्स हैं जो कि फ्लड बसा प्रोविंस के साथ एसोसिएटेड है मिड ओशनिक रिज वोल्केनो मैं आपको पहले ही बता चुका हूं एक्टिव वोल्केनो की बात करेंगे तो आपको आज माउंट स्ट्रोम बली और माउंट सेंट हेलेंस एंड माउंट वसुवियस इटली और यूएसए यानी कि कैरिबिया के आसपास के जो रीजंस हैं वहां
पे एक्टिव वोल्केनो दिखाई देते हैं एक्सटिंक्ट वोल्केनो में बात करेंगे तो ऐसे वोल्केनो जो रिसेंट पास्ट में अब नहीं उजागर हुए हैं और बहुत लंबे समय तक उनकी वल्केन एक्टिविटी बिल्कुल डेड है उन्हें हम एक्सटिंक्ट वोल्केनो का नाम देते हैं अब आते हैं डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ वोल्केनो पे अब आपको पता है कि जहां पे भी कॉन्टिनेंट ओशियन कन्वर्जेंस है वहां पे वोल्केनो होगा बिल्कुल सही बात है जहां पे ओशियन ओशियन कन्वर्जेंस है वहां पे वोल्केनो होगा बिल्कुल सही बात है जहां पे मिड ओशनिक रेजेस है वोल्केनो होगा जी हां होगा जहां पे हॉटस्पॉट है वोल्केनो होंगे
यस तो चार जगह हैं और चारों जगहों को देखते हैं कॉन्टिनेंट ओशियन कन्वर्जेंस यानी कि ये वाला रीजन कॉन्टिनेंट ओशियन कन्वर्जेंस यानी कि ये वाला रीजन ओशियन ओशियन कन्वर्जेंस ये वाला रीजन ओशियन ओशियन कन्वर्जेंस जापान फिलीपाइन उसके साथ-साथ इंडोनेशिया यह वाला रीजन आ गया मिड ओशनिक रिज पूरी की पूरी यहां पे आपके सामने दिखाई दे रही है उसके अलावा मेडिटरेनियन सी बिल्कुल सही बात है सर यहां पे भी तो है उसके अलावा सर हॉटस्पॉट्स जैसे कि अफ्रीका के पास रियूनियन हॉटस्पॉट हवाई हवाई के पास हॉटस्पॉट देन यू विल सी सर्टेन मोर हॉटस्पॉट जैसे कि आइसलैंड
हो गया ये सारे रीजंस आपको वल्केन लैंड फॉर्म्स के वल्केन डिस्ट्रीब्यूशन के रूप में दिखाई देंगे अब कुछ वल्केन एक लैंड फॉर्म्स जिनको हम इंट्रूसिव लैंड फॉर्म्स के रूप में जानते हैं वो क्या है इंट्रूसिव लैंड फॉर्म्स ऐसे लैंड फॉर्म्स हैं जो कि कहां कहां जाके डेवलप होते हैं अर्थ के इंटीरियर में ही जाके जम जाते हैं हैं अब इन लैंड फॉर्म्स को आप इस तरीके से देखें थोड़ा सा मैं आपको यहां पे दिखाता हूं कि यह मैग्मा बाहर आने की कोशिश कर रहा था बट कहां जम गया अंदर ही जम गया और इन्हीं को
आप इंट्रूसिव लैंड फॉर्म्स कहते हैं जब ये बाहर आने की कोशिश कर रहा है मैग्मा तो जहां-जहां रॉक्स के बीच में इसे स्पेस मिलता है वहां वहां ये खुद को डिपॉजिट कर लेगा अब जहां पे डिपॉजिट होगा रॉक्स की अलाइन मेंट के अकॉर्डिंग ये डिफरेंट डिफरेंट शेप ले लेगा इसलिए डिफरेंट शेप के अकॉर्डिंग इनके डिफरेंट डिफरेंट नाम होंगे जैसे कि अगर डोम शेप कोई भी डोम शेप इस तरीके से मैं आपको दिखाता हूं यहां पे अगर ये डोम शेप कोई भी मैग्मा का सॉलिडिफिकेशन होता है और जमाव होता है इसे आप लैकोलिथ कहते हैं लैकोलिथ
डोम शेप राइट फिर अगर ये मैग्मा हॉरिजॉन्टल जाके सॉलिडिफाईज मा का सॉलिडिफिकेशन हो गया इसे डाइक कहते हैं अगर ये एक सोसर शेप इस तरीके से इस तरीके से मैग्मा का सॉलिडिफिकेशन हो गया तो इसे लेपो इथ कहते हैं अगर इसका इसका जमाव वेवी फॉर्म में इस तरीके से जमाव हो जाता है तो इसे हम इसे हम कहते हैं फैकोलिथ इसे हम किस नाम से जानते हैं फैकोलिथ के नाम से और अगर मैग्मा बिल्कुल बॉटम में बहुत ही बड़ा बहुत ही बड़ा लार्ज स्केल में बॉटम पे ही डिपॉजिट हो जाता है बॉटम बेथ बॉटम बेथ
तो इसे हम बेथो थ के नाम से जानते हैं तो आप देखें यहां पे सबसे पहले क्या है बेथलिविंग शेप्ड है सिंपल सीधा वर्ड है लेकलिन सी है तो डोम लेपोत पी है यानी कि सोसर एस पी के पास है एस फैकोलिथ आएगा वेवी एंड देन यू हैव बेथो इथ एट दी बॉटम सिल यानी कि हॉरिजॉन्टल डाइक यानी कि वर्टिकल दीज आर दी इंट्रूसिव लैंड फॉर्म्स सी फ्लोर स्प्रेडिंग थ्योरी मेंटल प्लूम हम इन सब की बातें कर चुके हैं पी वेव एस वेव की बातें हो चुकी हैं नाउ वी आर गोइंग टू टॉक अबाउट द
फर्द एस्पेक्ट जिसको हम जिसको हम जानेंगे अगले चैप्टर के रूप में जो है हमारा रिक्टर स्केल मरकेले स्केल इन सबको हम देख चुके हैं जियोमर फिक प्रोसेसेस जियोमर फिक प्रोसेसेस में एंडोजेनिक एक्सोजेनिक प्रोसेसेस क्या होते हैं इन सबको एक बार डिटेल में पढ़ लेते हैं एंड देन वी विल बी हेडिंग टुवर्ड्स दी हेडिंग टुवर्ड्स दी क्लाइमेटोलॉजी सो लेट्स बिगिन विद दी जियोमर फिक प्रोसेसेस सी व्हेन एवर वी टॉक अबाउट जिमर्स प्रोसेसेस इनका रिलेशन डायरेक्टली इस धरती पर एजिस्ट कर रहे लैंड फॉर्म से है जब हम इंटीरियर ऑफ अर्थ की बात कर रहे थे तब मैंने
बोला था देयर आर वेरियस फोर्सेस वेरियस प्रोसेसेस व्हिच आर इन व्हिच आर एक्टिंग फ्रॉम इंटीरियर टू दी अर्थ एंड आर रिस्पांसिबल फॉर द फॉर्मेशन ऑफ लैंड फॉर्म्स ऑन दिस प्लेनेट अर्थ ऐसे ही कुछ बहुत सारे फोर्सेस हैं जो कि अर्थ के एक्सटीरियर में हैं और हमारे जो प्रेजेंट लैंड फॉर्म्स हैं अर्थ के ऊपर उन्हें प्रभावित करते हैं अब हम जियोमर फिक प्रोसेसेस को इन्हीं दोनों तरीकों से समझने की कोशिश करेंगे कोई भी लैंड फॉर्म जो है वो रिजल्टेंट है इन्हीं जियोमर फिक प्रोसेसेस का अगर हम आज किसी माउंटेन को देखते हैं दैट इज द रिजल्टेंट
ऑफ दिस दिस दस जियोमर फिक प्रोसेसेस अगर हम किसी प्लेटो को देखते हैं या कोई वैलीज का फॉर्मेशन है वो सारे इन जियोमर फिक प्रोसेसेस से लिंक होकर ही बनता है सबसे पहले इन प्रोसेस को दो भागों में क्लासिफाई किया जाता है फर्स्ट इज एंडोजेनिक प्रोसेसेस एज द नेम सजेस्ट एंडोजेनिक का मतलब क्या है एंडोजेनिक का मतलब ये है कि जिनका जेनेसिस जेनिक मींस जेनेसिस यानी कि जिनका जन्म जो है वो अर्थ के इंटीरियर यानी कि एंडो यानी कि इंटीरियर से होता है उन्हें हम एंडोजेनिक प्रोसेसेस कहते हैं एक्सोजेनिक मतलब एक्सटीरियर जिनका जन्म जो है
वो अर्थ के एक्सटीरियर पार्ट से होता है उन्हें हम एक्सोजेनिक प्रोसेसेस कहते हैं एंडोजेनिक प्रोसेसेस ऐसे प्रोसेसेस हैं जिनको अगर आप देखें जो हमारे अर्थ के इंटीरियर में होने वाले कन्वे क्शन करंट हैं उनसे रिलेटेड होंगे एक्सोजेनिक प्रोसेसेस होंगे ऐसे प्रोसेसेस जिनमें हवाएं जब चलेंगी तो इरोजन करेंगी जब सनलाइट आएगी तो वो वेदरिंग करेगा जब बारिशें होंगी रनिंग वाटर आएगा तो वो इरोजन करेगा सो जो ये वेदरिंग एंड इरोजन के प्रोसेसेस हैं इन्हें हम एक्सोजेनिक प्रोसेसेस कहते हैं अभी मैं आपको एक एग्जांपल के थ्रू इस पूरी की पूरी कहानी को समझाने की कोशिश करता हूं
वो यह है पहले हम इसका क्लासिफिकेशन समझ लेते हैं जब हम एंडोजेनिक प्रोसेसेस की बात करते हैं ऐसे प्रोसेसेस जिनका जन्म अर्थ के इंटीरियर में होता है उनमें उनमें होने वाले प्रोसेसेस को फर्द क्लासिफाई किया जाता है इस पार्ट में कि क्या वह बहुत तेजी से परिवर्तन कर रहे हैं या बहुत ही स्लो प्रोसेसेस हैं अगर वह बहुत स्लो प्रोसेसेस होते हैं तो उन्हें हम ड एस्ट्रोफिजिकल में जानते हैं अगर वोह बहुत ही सडन है बहुत ही तेजी से चलने वाले प्रोसेसेस हैं तो उन्हें हम सडन मूवमेंट यानी कि कैटास्ट्रोफिक मूवमेंट के अंदर भी डाल
सकते हैं सडन मूवमेंट के अंदर भी डाल सकते हैं जब मैं बात करता हूं यहां पे सडन मूवमेंट की अब आप खुद सोचो अर्थक्वेक जो है वो अर्थ के इंटीरियर में होने वाले जो जो भी परिवर्तन है उन्हीं की वजह से जन्म लेता है बिल्कुल सही बात है वोल्केनो कैसे जन्म लेता है सर अर्थ के इंटीरियर में होने वाले प्रोसेसेस से सर क्या अचानक हो जाते हैं बिल्कुल सही बात है सर यह सडन मूवमेंट है इनके अंदर इनको क्लासिफाई किया जा सकता है बट अगर मैं आपको बोलूं कि एंडोजेनिक जो डायस्ट्रोफिस्म प्रोसेसेस हैं जो स्लो
प्रोसेसेस हैं उनका फर्द क्लासिफिकेशन इस तरीके से है कि या तो वो कॉन्टिनेंट को बिल्ड करते हैं या वह माउंटेन को बिल्ड करते हैं यानी कि अगर आपको आज कोई पूछे कि आपने हिमालया का फॉर्मेशन होते हुए देखा तो आप बोलोगे कि सर देखा तो नहीं है इसका मतलब वह कौन सा प्रोसेस है सर स्लो प्रोसेस है क्या मैं आप आपको बोलूं कि आपने किसी कॉन्टिनेंट के बहुत बड़े हिस्से को टूटकर गिरते हुए देखा आप बोलोगे कि सर नहीं देखा किसी कॉन्टिनेंट के बहुत बड़े टुकड़े को ऊपर आते हुए देखा सर हमने तो नहीं देखा
तो इसका मतलब यह है कि जो कॉन्टिनेंट बिल्डिंग और माउंटेन बिल्डिंग प्रोसेसेस हैं वो अपने लाइफ टाइम के अंदर हम ऑब्जर्व नहीं कर सकते हैं वो इतने स्लो प्रोसेसेस होते हैं इसलिए उनको डायस्ट्रोफिस्म और स्लो मूवमेंट के रूप में जाना जाता है यानी कि अगर हम इनका फर्द क्लासिफिकेशन करते हैं तो यहां पे इनको एरो जनिक यानी कि कॉन्टिनेंट बिल्डिंग ओरोजेनिक ओरो वर्ड जो है यह आता है माउंटेन से लेकर ओरोग्राफिक रेनफॉल के अंदर हम देखेंगे तो यानी कि माउंटेन बिल्डिंग प्रोसेसेस अब जो ये माउंटेन बिल्डिंग प्रोसेसेस हैं क्या ये कंप्रेशन जब फोल्डिंग हुई थी
आपने जब फोल्डिंग देखी थी तब उसमें कंप्रेशन था बिल्कुल सही बात है सर ये फोल्डिंग से भी हो सकते हैं क्या जब मैंने टेंशन लगाया मेंटल प्लूम के साथ और एक भाग नीचे गिर गया और और दो ब्लॉक माउंटेन का फॉर्मेशन हुआ उसमें फोल्डिंग थी या फॉल्टिंग सर उसमें फॉल्टिंग थी तो क्या जो फॉल्टिंग प्रोसेसेस हैं वो माउंटेन बिल्डिंग प्रोसेसेस हैं बिल्कुल सही बात है सर जो कंप्रेशन और टेंसा इल कंप्रेशन मतलब एक दूसरे की ओर आ रहे हैं टेंसा इल में हमने देखा था ना जब फॉल्टिंग थी तो वो दोनों एक दूसरे से दूर
जा रहे थे तो उससे डेवलप हुए कॉन्टिनेंट बिल्डिंग में क्या होगा या तो कॉन्टिनेंट का कुछ भाग टूट के नीचे गिर जाएगा जिसको हम सबमर्जेंस बोलेंगे या कॉन्टिनेंट का कुछ भाग ऊपर की ओर उठ जाएगा जिसे हम अपलिफ्ट मेंट की अपलिफ्टमेंट के नाम से जानेंगे तो उसे हम एरो जनिक प्रोसेसेस के रूप में समझते हैं तो अब खुद समझो मान लीजिए किसी एक माउंटेन का फॉर्मेशन हो गया अब मैंने एक बात बोली थी कि जो लैंड फॉर्म है वो रिजल्टेंट है किसका वो रिजल्टेंट है जियोमर फिक प्रोसेसेस का जियोमर फिक प्रोसेसेस में कौन आते हैं
सर एंडोजेनिक प्रोसेसेस और एक्सोजेनिक प्रोसेसेस एक हिमालयाज यानी कि एक माउंटेन का फॉर्मेशन हो गया इसके फॉर्मेशन में किसने काम किया सर एंडोजेनिक प्रोसेसेस ने एंडोजेनिक प्रोसेसेस में किसने काम किया सर डायस्ट्रोफिक ओरोजेनिक और कंप्रेशनल फोर्सेस ने तो ये माउंटेन बन गया बट क्या ये माउंटेन क्या ये माउंटेन इसी अवस्था में रहेगा या हवाएं चलेंगी ग्लेशियर आएंगे रेनफॉल होगी नदियां बहंगी तो इस माउंटेन के अंदर इसकी हाइट में कुछ चेंज होगा बिल्कुल हां सर चेंज होगा तो क्या इस लैंड फॉर्म की फाइनल अवस्था जो होगी वो इन दोनों प्रोसेसेस के इंटरेक्शन के बाद ही डिसाइड
करेगी बिल्कुल सही बात है सो लैंड फॉर्म इज द रिजल्टेंट ऑफ एंडो जेनिक एज वेल एज दी एक्सोजेनिक प्रोसेसेस कोई एंडोजेनिक प्रोसेसेस है वो लैंड फॉर्म का फॉर्मेशन कर रहा है और एक्सोजेनिक प्रोसेसेस उस लैंड फॉर्म पे उस माउंटेन पे इरोजन वेदरिंग इन सब कार्यक्रम को क्या करता है इन सब इन सब कार्यों को जन्म देता है तो ये है जियोमर फिक प्रोसेसेस हमने आप खुद समझो टेंशनल कंप्रेशनल ये सारी बातें तो पढ़ ली है वोल्केनो पढ़ लिया अर्थक्वेक पढ़ लिया नाउ आवर एंटायस वुड बी ऑन वेदरिंग एंड इरोजन सबसे पहले हम वेदरिंग की बात
करते हैं मैं आपको एक एग्जांपल देता हूं और वेदरिंग को समझाने की कोशिश करता हूं मान लीजिए मेरे पास एक ड्रिलिंग मशीन है और ये एक सरफेस है मैंने इस सरफेस के ऊपर ड्रिलिंग मशीन को चला दिया तो क्या यहां पे इस सरफेस पे पड़ी हुई जो रॉक्स थी वो सारी की सारी टूटने लगेंगी बिल्कुल सही बात है यानी कि वेदरिंग का मतलब क्या होगा रॉक्स का डिस इंटीग्रेट होना इसको क्या बोलेंगे डिस इंटीग्रेशन जो रॉक्स पड़ी थी वो क्या हो जाएंगी डिस इंटीग्रेट हो जाएंगी इसको मैंने क्या बोला डिस इंटीग्रेशन डिस इंटीग्रेशन जब हुआ
तब इसको मैं ने बोला वेदरिंग बट अब क्या हुआ जैसे ही वो सारी रॉक्स छोटे-छोटे टुकड़ों के रूप में टूट के वहां पे इकट्ठी हो गई तो अब मेरी मम्मी आई और उन्होंने मुझे डांटा और बोला इसको झाड़ू लगा के आगे निकालो बाहर निकालो तो फिर मैंने झाड़ू लिया और उससे पूरा का पूरा जो मलबा था उसको क्या कर दिया ट्रांसपोर्ट कर दिया जब उसका ट्रांसपोर्टेशन भी होगा तब उसको क्या बोलेंगे हम इरोजन बोलेंगे जो भी मटीरियल है उसका जब ट्रांसपोर्टेशन होता है तब उसको हम किस नाम से जानते हैं इरो के नाम से जानते
हैं अब ये ट्रांसपोर्टेशन मैंने झाड़ू से भी किया मैंने मान लो बाल्टी ली पानी डाल दिया पानी से भी हो गया मान लो बारिश आ गई बारिश से भी हो गया है ना हवा चली हवा से भी वो उड़ गया तो ये डिफरेंट डिफरेंट इरोजन एजेंट हो सकते हैं चाहे वो रिवर वाटर हो चाहे वो समुद्र का पानी हो चाहे विंड हो चाहे वाटर हो इसको हम किस नाम से जानते हैं इरोजन के नाम से जानते हैं सो क्या मैं कह सकता हूं जो वेदरिंग है ये एक इन स2 प्रोसेस है बिल्कुल सही बात है
वहीं पे उसी जगह पे डिस इंटीग्रेट होना रॉक का उसे हम वेदरिंग कहते हैं और और अगर मान लो मैं आपको एक और एग्जांपल से समझाने की कोशिश करता हूं यही ड्रिलिंग मैंने क्या किया इस वॉल के अंदर करनी स्टार्ट की पहले तो मैंने फ्लोर पे की थी अब मैंने वॉल पे करने की कोशिश की तो क्या यह पार्टिकल्स टूटेंगे जी हां सर टूटेंगे टूट के नीचे गिरेंगे जी हां सर टूट नीचे गिरेंगे तो अब ये इरोजन होगा नहीं अब ध्यान से समझना यहां पे जो पार्टिकल नीचे गिरे हैं उनको नीचे गिराने में सबसे बड़ा
योगदान किसका सबसे बड़ा योगदान बेटा लोग यहां पे किसका था ग्रेविटी का जब ग्रेविटी की वजह से जब मेजर इंपॉर्टेंट फोर्स ग्रेविटी होगा तो एक बात अपने जहन में डाल लें कि इस ग्रेविटी की वजह से दोस्तों इस ग्रेविटी की वजह से जब पार्टिकल का मास जब मूवमेंट होगा जब डेबी का मूवमेंट होगा तो उसे हम मास मूवमेंट कहेंगे तो अब एक बात बताओ लैंड स्लाइड एक इरोजन होगा मास मूवमेंट होगा या वेदरिंग होगी लैंड स्लाइड मास मूवमेंट होगा जहां पे पत्थर डेबी नीचे गिर रहा है किसकी वजह से ग्रेविटी की वजह से नीचे गिर
रहा है तो उसे हम क्या बोलते हैं मास मूवमेंट बोलते हैं एक और चीज यहां पे ऐड करना चाहता हूं क्या अगर आप मानो इरोजन इरोजन के लिए दो लोग ये बोलते हैं कि सर पत्थर के टुकड़े टूटे फिर वो बह के आगे बढ़ गए तो इसको मैं इरोजन कहूंगा बट क्या इन पत्थरों का टूटना जरूरी था मैं कहता हूं विदाउट वेदरिंग भी इरोजन हो सकता है एक भारी पत्थर था और बहुत तेज एक सैलाब आया और उस भारी पत्थर को भी आगे ले गया पत्थर टूटा था नहीं टूटा क्या वेदरिंग एक नेसेसरी कंडीशन है
नहीं बट अगर वो पत्थर टूटा हुआ होता तो क्या इरोजन आसान हो जाता बिल्कुल सही बात है तो वेदरिंग इरोजन के लिए नेसेसरी नहीं है बट वेदरिंग इरोजन वेदरिंग अगर हो जाए तो इरोजन को आसान बना देती है वेदरिंग एड्स इन इरोजन वेदरिंग फैसिलिटेट्स इरोजन बट इसका मतलब ये नहीं है कि इरोजन हो रहा है तो उसमें वेदरिंग हुई ही होगी नो इट्स नॉट लाइक दैट ऐसे ही अगर मैं बोलूं कि एक पूरा का पूरा यहां पे पहाड़ पे पत्थर पड़ा था पत्थर टूट रहा है तो नीचे गिर जाएगा मास मूवमेंट हो जाएगा कोई दिक्कत
नहीं है बट क्या ये पत्थर नहीं भी टूटा फिर भी नीचे गिर सकता है गिर सकता है सर तो क्या वेदरिंग होना नेसेसरी कंडीशन है मास मूवमेंट के लिए नहीं नेसेसरी नहीं है बट क्या अगर ये पत्थर टूट जाता तो बहुत जल्दी-जल्दी नीचे गिरता जी हां उसको फैसिलिटेट करता है बिल्कुल सही उसको फैसिलिटेट करता है सो वेदरिंग इज नॉट द नेसेसरी कंडीशन फॉर द इरोजन एंड मास मूवमेंट रदर इट फैसिलिटेट्स इरोजन एंड मास मूवमेंट दिस इज समथिंग स्टारमार्क करके अपने जहन में बसा लो कभी भी स्टेटमेंट पूछा जा सकता है यह यूपीएससी के अंदर अब
आते हैं अगली बारी पे कि वेदरिंग आखिर क्या है वेदरिंग को जब मैं देखता हूं तब मुझे एहसास होता है कि वेदरिंग का मतलब है टूटना जब मैं टूटने की बात करता हूं डिसइंटीग्रेशन की बात करता हूं तो उस डिसइंटीग्रेशन को किस तरीके से किस-किस तरीके से किया जा सकता है उसका डिसइंटीग्रेशन मैकेनिकल भी हो सकता है मान लीजिए मैं आपको एक बात बोलता हूं कि मान लीजिए मैं आपको एक बात बोलता हूं कि यहां पे एक बहुत बड़ा पत्थर पड़ा था बहुत बड़ा एक पत्थर है ठीक है अब इस पत्थर का यहां पे प्रेजेंस
तो है ये एक बहुत बड़ा पत्थर यहां पे पड़ा है ठीक है इस पत्थर के ऊपर क्या हो रहा है सनलाइट गिर रही है इस पत्थर के ऊपर क्या है सनलाइट पड़ रही है जैसे-जैसे इस पे सनलाइट पड़ेगी वैसे-वैसे क्या सनलाइट के कारण इसके जो एलिमेंट्स हैं जो इसके पार्टिकल्स हैं उनके अंदर एक्सपेंशन होगा बिल्कुल सही बात है जब सनलाइट खत्म हो गई यानी कि रात का समय ये तो डे था जब नाइट का टाइम आया तो क्या ठंड बढ़ गई बिल्कुल सही बात है पार्टिकल्स एक दूसरे के पास आएंगे बिल्कुल सही बात है तो
क्या टेंपरेचर के कारण कंट्रक्शन एक्सपेंशन कंट्रक्शन एक्सपेंशन देखने को मिलेगा जी हां तो जब ये एक्सपेंशन और कंट्रक्शन एक्सपेंशन एंड कंट्रक्शन होगा तो क्या इस पत्थर के अंदर क्या इस पत्थर के अंदर दबाव क्रिएट होगा स्ट्रेस डेवलप होगा स्ट्रेन डेवलप होगा जी हां सर इसके अंदर स्ट्रेस और स्ट्रेन डेवलप होगा जैसे ही स्ट्रेस और स्ट्रेन डेवलप होगा क्या इस पत्थर के अंदर दरारें डेवलप होने लग जाएंगे बिल्कुल सही बात है सर इस पत्थर के अंदर दरारें डेवलप हो जाएंगी और इस पत्थर का कुछ हिस्सा टूट के यहां पे गिरने लगेगा तो जो ये टूट के
गिरने लगा है ये डिसइंटीग्रेशन हो गया हां जी डिसइंटीग्रेशन हो गया उसी साइड पे है जी हां उसी साइड पे है तो इसको क्या बोला गया वेदरिंग बोला गया इसको किया किसने सर किसी एक मैकेनिकल एजेंट ने किया वो मैकेनिकल एजेंट कौन था सर वो मैकेनिकल एजेंट सन था और वो कैसे कर गया सर उसने एक्सपेंशन एंड कंट्रक्शन किया एक्सपेंशन एंड कंट्रक्शन कैसे किया सर डिफरेंशियल टेंपरेचर के कारण किया डिफरेंशियल टेंपरेचर का मतलब क्या है सर दिन में टेंपरेचर ज्यादा रात में कम सो जब तापमान के अंदर वेरिएशन आपको दिखाई देगा डिफरेंशियल टेंपरेचर होगा तो
क्या वो वेदरिंग कर सकता है जी हां वो वेदरिंग कर सकता है उसके बाद सेकंड कंडीशन यहां पे क्या आती है आपको अगर आपको अगर यहां पे देखना है तो बहुत ही खूबसूरत सी बात यह है कि मान लीजिए इस पत्थर के अंदर मान लीजिए मैं आपको एक अलग सिनेरियो देता हूं और उससे आपको थोड़ा और क्लेरिटी ऑफ थॉट आ जाएगा कि यह क्या है यहां पे आई एम सॉरी फॉर दैट यहां पे अगर आप देखें इसको अरे दादा रुको इसको आप इस तरीके से देखो कि अभी तक आपने देखा कि यहां पे जो पत्थर
था वो सूरज के कारण हुआ मैंने बोला यहां पे एक पत्थर है इस पत्थर के अंदर क्या थी कुछ दरारें थी इस पत्थर के अंदर कुछ दरारें थी इस पत्थर के अंदर ल कुछ हल्की हल्के से गैप्स थे इसके अंदर कुछ हल्के हल्के से गैप्स थे ठीक है अब ये जो गैप थे अब बारिश हुई बारिश का पानी इसके अंदर चला गया बारिश का पानी इसके अंदर चला गया इस पत्थर को मैंने रखा हुआ है ऐसे तापमान में जो कि बहुत ही ठंडा प्रदेश है जिसको हम टेंपरेट रीजन कहते हैं ठंडा प्रदेश है ठंडा प्रदेश
है जहां पे इसके अंदर बारिश के कारण क्या चला गया पानी चला गया अब क्या होगा रात का समय जब होगा तब क्या यह पानी जम जाएगा बिल्कुल सही बात बात है सर फ्रीजिंग होगी रात के समय में फ्रीजिंग होगी दिन के समय में जब सूरज आएगा तब पानी जो बर्फ है वापस जम वापस क्या ल पिघलने लगेगी बिल्कुल सही बात है सर थोइंग होगी फ्रीजिंग और थोइंग यानी कि थोइंग का मतलब मेल्ट होना पिघलना फ्रीजिंग का मतलब जमना जमेगा जब तो बर्फ बनेगा बर्फ बनेगा तो उसका वॉल्यूम इंक्रीज होता है यह बात याद रखना
पानी एक ऐसी चीज है जिसका वॉल्यूम इंक्रीज हो जाता है बर्फ बनने पे यानी कि सॉलिड होने पे है ना तो ये सॉलिड हुआ तो बढ़ गया वापस मेल्ट हुआ कम हुआ तो क्या इसके अंदर फ्रीजिंग एंड थोइंग के कारण फ्रीजिंग एंड थोइंग के कारण एक्सपेंशन एंड कंट्रक्शन हुआ जी हां एक्सपेंशन एंड कंट्रक्शन के कारण क्या इसके अंदर स्ट्रेन डेवलप हुआ जी हां स्ट्रेन डेवलप होने के कारण किस क्या इसके अंदर क्रैक डेवलप हुए जी हां क्रैक डेवलप होने के कारण क्या ये डिसइंटीग्रेट हो गया बिल्कुल सही बात है ये डिसइंटीग्रेट हो गया जब ये
डिसइंटीग्रेट हो गया तो उसकी वजह से पत्थर टूट गया बिल्कुल सही बात है टूट गया तो क्या इसको मैं वेदरिंग बोलूंगा जी हां मैं इसको वेदरिंग बोलूंगा इस तरीके की वेदरिंग को फिजिकल वेदरिंग के नाम से जाना जाता है इस तरीके की वेदरिंग को किस नाम से जानते हैं फिजिकल वेदरिंग के नाम से जानते हैं जहां पे आप देखेंगे ऐसा प्रोसेस जो कि रिलाई करता है अप्लाइड फोर्सेस पे जहां पे थर्मल एक्सपेंशन और प्रेशर रिलीज होता है ग्रेविटेशनल फोर्स भी हो सकते हैं वो एक्सपेंशन फोर्सेस भी हो सकते हैं और पानी का प्रेशर भी हो
सकता है अब इसके अंदर कुछ कुछ एग्जांपल है जो हमें समझने हैं जैसे यहां पे देखिए फ्रीजिंग थोइंग फ्रॉस्ट वेजिंग फ्रीजिंग एंड थोइंग वाटर जब क्रैक्स में डेवलप हो गया तो फ्रीज हो गई फिर वापस थोड़ी समय बाद यह क्या हो गया पूरा का पूरा पूरा का पूरा ब्रेक हो गया फ्रीजिंग हुई थोइंग हुई फिर क्या हुआ इसका मैकेनिकल ब्रेकअप हो गया जिसको फ्रॉस्ट वेजिंग के नाम से हम जानते हैं तो ये फिजिकल वेदरिंग हो गया एक और पार्ट है जिसको आप अनलोडिंग एंड एक्सपेंशन के रूप में जानते हैं अनलोडिंग एंड एक्सपेंशन का मतलब यह
है कि मान लीजिए यहां पे यहां पे एक पूरी की पूरी अ यह जो एक बिल्डिंग है ठीक है ये पूरी बिल्डिंग है नीचे इसके ऊपर यह रॉक्स है ठीक है यह रॉक्स है और यह पूरी एक बिल्डिंग बनी हुई है अब क्या इस बिल्डिंग का दबाव इस पूरी रॉक के ऊपर है बिल्कुल सही बात है सर इस पूरी रॉक के ऊपर इस पूरी बिल्डिंग का दबाव है कोई दिक्कत नहीं है बट मान लो किसी वजह से ये बिल्डिंग मैंने ढहा दी इस बिल्डिंग को रिमूव कर दिया जैसे ये बिल्डिंग रिमूव हुई इस रॉक के
ऊपर से जो प्रेशर था वो रिलीज हो गया बिल्कुल सही बात है सर ये प्रेशर रिलीज हो गया तो क्या ये इसकी बाहर की लेयर्स अब एक्सपेंड करने की कोशिश करेंगी बिल्कुल सही बात है सर अब ये एक्सपेंड करने की कोशिश करेंगी पहले जो लोड इसके ऊपर था अगर मैंने उसकी अनलोडिंग कर दी तो उसकी वजह से क्या एक्सपेंशन होगा बिल्कुल सही बात है एक्सपेंशन होगा क्यों एक्सपेंशन होगा सर उसके ऊपर का जो दबाव डाला हुआ प्रेशर था वो रिलीज हो गया जैसे ही वो रॉक रिलीज हुई तो एक्सपेंड करेगी जैसे ही वो अचानक से
एक्सपेंड करेगी तो क्या उसके अंदर क्रैक्स डेवलप होंगे बिल्कुल सही बात है सर इसके अंदर क्रैक्स डेवलप होंगे इसे बोला जाता है अनलोडिंग एंड अनलोडिंग एंड एक्सपेंशन जहां पे मैसिव शीट जो होती है वह क्या करती हैं शीट बाय शीट मैनर में बाहर की जो लेयर है वो एक्सपेंड हो गई वो शीट जो थी बाहर की जो शीट थी वो टूट गई इसको हम अनलोडिंग एंड एक्सपेंशन के नाम से जानते हैं अब आ जाएं अगला एस्पेक्ट जो जिसको हम बोलते हैं केमिकल वेदरिंग केमिकल वेदरिंग का मतलब एक ऐसा प्रोसेस जिसमें केमिकल एक्शन का इवॉल्वमेंट है
केम ल एक्शन का इवॉल्वमेंट मतलब या तो किसी भी जगह पे मान लो अब क्या करना है आपने क्या किया एक अ आपने सीआईडी अगर देखा होगा तो उसमें बोलते हैं ना कि अगर कोई लाश है तो उस लाश को कैसे कैसे छुपाएं उसको छुपाने के लिए वो क्या करते थे उसके ऊपर एसिड डाल देते थे और वो भस्म हो जाती है तो क्या वो वेदरिंग हो गई उसकी जी हां ऐसे ही मान लो कोई एक रॉक है उस रॉक के ऊपर आपने एसिड डाल दिया वो एसिड क्या करेगा उस रॉक का डिसइंटीग्रेट करना स्टार्ट
डिसइंटीग्रेशन करेगा बिल्कुल सही बात है बट जब वो उसका डिसइंटीग्रेशन करेगा तो क्या वो केमिकल एक्शन के थ्रू करेगा जी हां केमिकल एक्शन के थ्रू करेगा उस केमिकल एक्शन को हम किस नाम से जानेंगे उस केमिकल एक्शन को हम सॉल्यूशन के नाम से जानेंगे मान लो क्या हुआ एक रॉक पड़ी थी ये कैल्शियम कार्बोनेट की रॉक है कैल्शियम कार्बोनेट की रॉक है अब यहां पे क्या हुआ बारिश हुई जब बारिश हुई तब इस बारिश के कारण क्या हुआ इस बारिश के कारण जो बारिश के अंदर co2 था वो क्या किया वो वाटर के साथ रिएक्ट
किया जब इसने वाटर के साथ रिएक्ट किया तो एक एसिड बनाया इस एसिड को क्या बोलते हैं कार्बोनिल्स कार्बोनिल्स एसिड ने इस लाइमस्टोन यानी कि जो ये लाइमस्टोन की रॉक थी इस लाइमस्टोन की रॉक को धीरे-धीरे क्या करना स्टार्ट कर दिया डिजॉल्वेशन को क्या बोलेंगे हम कार्बोनेशन तो कार्बोनेशन हो गया सॉल्यूशन हो गया हाइड्रेशन का मतलब क्या है मान लीजिए मेरे पास एक रॉक है इस रॉक के अंदर आप कभी-कभी बोलते हैं ना कोई मेटल ऐसी होती है जो पानी पीती है रॉक्स ऐसी होती है जो पानी पीती है पानी पीने का मतलब यह है
कि जब आप उसके अंदर पानी डालेंगे तो वो उसको क्या कर लेगी एब्जॉर्ब कर लेगी जब वो पानी को एब्जॉर्ब कर लिया उसने ये एब्जॉर्ब का प्रोसेस हुआ इसके बाद रात को ठंड हुई वो पानी क्या हुआ जम गया फैल गया फिर गर्मी हुई वो कॉन्ट्रैक्ट हो गया फिर एक्सपेंशन कंट्रक्शन टूट गया तो पहला प्रोसेस क्या था भले ही ये बोला जाता है यहां पे कंफ्यूजन आता है कि हाइड्रेशन एक हाइड्रेशन एक ऐसा प्रोसेस है जिसमें फाइनली रॉक टूटती तो मैकेनिकल कारण से है बट पहला जो स्टेप है वो केमिकल एक्शन है यानी कि ऑप्शन
ऑफ दी वाटर मॉलिक वाटर बाय दी मॉलिक्यूल हाइड्रेशन हो गया ऑक्सीडेशन एंड रिडक्शन आपने बहुत प्यार से पढ़ा होगा अगर लोहा है लोहे के ऊपर जो जंग लग जाती है तो उसके छोटे-छोटे छोटे-छोटे टुकड़े आ जाते हैं ना उसके ऊपर तो उसे हम रस्टिंग का नाम देते हैं तो ये जो प्रोसेस है इसको हम ऑक्सीडेशन एंड रिडक्शन के नाम से जानते हैं इसको आप केमिकल वेदरिंग के रूप में समझेंगे तो आप देखें यहां पे केमिकल वेदरिंग जिसमें सॉल्ट वेदरिंग है सॉल्ट इन रॉक्स कभी-कभी क्या होता है जो रॉक्स के अंदर सॉल्ट है ना वो थर्मल
थर्मल कारणों से थर्मल एक्शन से हाइड्रेशन से यानी कि थर्मल एक्शन का मतलब सनलाइट से पानी की वजह से या उनके क्रिस्टल का फॉर्मेशन हो जाता है उनकी वजह से फैलने लगते हैं इसकी वजह से वो टूट जाते हैं इसको हम बोलते हैं सॉल्ट वेदरिंग अब यहां पे आता है एक और वर्ड जिसको एक्सफोलिएशन कहते हैं ये मैं अभी बताता हूं बायोलॉजिकल वेदरिंग को समझें बायोलॉजिकल वेदरिंग का मतलब ये है मेरे दोस्तों अगर मान लो आपने देखा होगा चूहा चूहा क्या करता है बिल बनाता है वो धीरे-धीरे धीरे-धीरे रॉक्स को रॉक्स को डिस इंटी ट
करता रहता है राइट रैबिट क्या कर रहा है वो भी यही काम कर रहा है कभी-कभी बरगद का पेड़ देखोगे तो आपको पता लगेगा उसकी जड़ें जो है वो इतनी गहरी हो जाती है कि वो दीवारों को तोड़ते हुए आगे बढ़ जाती हैं वो भी एक बायोलॉजिकल वेदरिंग है जब भी टूटना है वो बायोलॉजिकल एजेंट के द्वारा है तब उसको बायोलॉजिकल वेदरिंग बोला जब टूटना केमिकल एक्शन के द्वारा है तो केमिकल वेदरिंग बोला टूटना किसी मैकेनिकल प्रोसेस के द्वारा है तो उसको मैकेनिकल वेदरिंग बोला मैकेनिकल प्रोसेस का मतलब एक्सपेंशन कंट्रक्शन क्रिएटेडटेड थोइंग राइट जिसमें आपको
एक और वर्ड जाना अनलोडिंग एंड एक्सपेंशन अब कभी-कभी क्या होता है मान लो एक ऐसी रॉक है जो कि बहुत ही ज्यादा बहुत ही ज्यादा कंपैक्टेड रॉक है कंपैक्टेड रॉक का मतलब इस एक ऐसी रॉक जिसके अंदर कोई भी गैप नहीं है पानी जा ही नहीं सकता अब इस रॉक को मैंने क्या किया इस रॉक को मैंने रख दिया एक ऐसी जगह पे जहां पे सनलाइट आती है अब एक बात बताओ क्या इस रॉक का जो बाहरी हिस्सा है जो इस रॉक का जो ये बाहरी पार्ट है जो ये बाहरी पार्ट है ये सनलाइट को
रिसीव कर रहा है बिल्कुल सही बात है तो इसके अंदर एक्सपेंशन होगा दिन के समय होगा रात के समय कंट्रक्शन होगा तो एक्सपेंशन कंट्रक्शन की वजह से क्या थोड़े समय में ये बाहरी लेयर क्रैक होके नीचे की ओर गिरने लगेगी बिल्कुल सही बात है सर क्रैक होके नीचे की ओर गिरने लगेगी इसका मतलब ये है जैसे आप प्याज को छील हैं प्याज को छील हैं तो उसकी लेयर बाय लेयर लेयर बाय लेयर ओनियन अनियन को जब पील करते हैं तो लेयर बाय लेयर रिमूव होती है ना यहां पे भी लेयर बाय लेयर इस पूरी रॉक
का क्या होने लगेगा डिसइंटीग्रेशन होने लगेगा जो लेयर सनलाइट को एक्सपोज हो जाएगी वो एक्सपेंड करेगी कांट्रैक्ट करेगी एक्सपेंड करेगी कांट्रैक्ट करेगी और उसका क्या हो जाएगा डिसइंटीग्रेशन हो जाएगा इसका मतलब यह हुआ इसको बोलते हैं एक्सफोलिएशन इसको क्या बोलते हैं एक्सफोलिएशन यहां पे मैं एक चीज बताना चाहता हूं जो बहुत ध्यान से आप लोग सुनेंगे एक्सफोलिएशन जो वर्ड है इस एक्सफोलिएशन को हम अनियन पीलिंग के नाम से भी जानते हैं यानी कि जैसे आप प्याज को छील के हैं वैसे ही एक्सफोलिएशन भी होता है अनियन पीलिंग भी होती है अब इस अनियन पीलिंग के
दो कारण हो सकते हैं पहला कारण तो आपने देखा डिफरेंशियल एक्सपेंशन एंड कंट्रक्शन ये डिफरेंशियल एक्सपेंशन एंड कंट्रक्शन क्यों हुआ क्योंकि आउटर लेयर में डिफरेंशियल टेंपरेचर का डेवलपमेंट हुआ था दूसरा कारण क्या है दूसरा कारण हो सकता है अनलोडिंग एंड एक्सपेंशन अनलोडिंग एंड एक्सपेंशन में भी मैंने आपको बताया कि अगर मान लो कोई इंट्रूसिव इंट्रूसिव लैंड फॉर्म है ये एक इंट्रूसिव लैंड फॉर्म है अब इस इंट्रूसिव लैंड फॉर्म के ऊपर तो बहुत सारी बिल्डिंग्स बहुत सारे बहुत सारे रॉक्स का प्रेशर है अब क्या है जब यह ऊपर वाला भाग रिमूव कर दिया जाएगा तो क्या
इसकी जो लेयर मैं अभी जो लेयर मैं अभी हाईलाइट कर रहा हूं ये जो बाहर वाली वाइट कलर की लेयर है इस लेयर के अंदर आपको इस लेयर के अंदर आप एक्सपेंशन और कंट्रक्शन दिखेगा एक्सपेंशन सडन एक्सपेंशन दिखेगा कंट्रक्शन नहीं सडन एक्सपेंशन दिखेगा बिल्कुल सही बात है सर सडन एक्सपेंशन जब हो जाएगा तो क्या ये लेयर अंदर वाली रॉक से अंदर वाली जो रॉक है जिसको मैं अभी पिंक कलर में मार्क कर रहा हूं जो अंदर वाली लेयर है उससे अलग हो जाएगी बिल्कुल सही बात है सर ये बाहर वाली लेयर अलग हो गई तो
लेयर बाय लेयर अनलोडिंग एंड एक्सपेंशन से भी हो सकता है डिफरेंशियल एक्सपेंशन एंड कंट्रक्शन से भी हो सकता है इसे आप एक्सफोलिएशन के नाम से जानते हैं और एक्स एक्सफोलिएशन डोम्स जो बनते हैं छोटा नागपुर प्लेटो इसका एक खूबसूरत एग्जांपल है जहां पर यह सब चीजें आपको दिखाई देंगी यह तो हो गया वेदरिंग अब आते हैं मास मूवमेंट पे मास मूवमेंट का मतलब मैंने आपको पहले ही समझा दिया है कि मास मूवमेंट का मतलब यह है जब ग्रेविटी का इवॉल्वमेंट होना चाहिए यानी कि जब इन्फ्लुएंस हो किसका ग्रेविटी का तब उसको मास मूवमेंट कहेंगे इस
मास मूवमेंट के अंदर डिफरेंट डिफरेंट प्रोसेसेस आते हैं जिसमें आप सोइल क्रीप जिसमें आप मड फ्लो जिसमें आप अर्थ फ्लो रैपिड फ्लो लैंड स्लाइट्स इन सबको देखते हैं होता थोड़ा डिफिकल्ट है ये अंडरस्टैंड करना बट यहां पे क्लासिफिकेशन बहुत अच्छे से दिया गया है जिसको हम समझने की कोशिश करते हैं सबसे पहले मैं मास मूवमेंट की बात करूं तो इसको क्या किया जाता है क्लासिफाई किया जाता है ऑन द बेसिस वेदर दैट मूवमेंट इज स्लो और फास्ट स्लो मूवमेंट को हम स्लो मूवमेंट जो होता है उसको हम क्रीप के नाम से जानते हैं और जो
फास्ट मूवमेंट होता है उसको हम रैपिड के नाम से जानते हैं रैपिड यानी कि फास्ट स्लो यानी कि क्रीप रैपिड मूवमेंट के अंदर आपको कुछ वर्ड्स दिखाई देंगे जैसे कि फ्लो अर्थ फ्लो मड फ्लो ये सब या स्लाइड जैसे कि लैंड स्लाइड है ना ये सारे वर्ड आपको दिखाई देंगे ऑन दी बेसिस ऑफ देयर स्पीड दे हैव बीन क्लासिफाइड अब स्लो मूवमेंट के अंदर हम बात करें तो दो मेजर एस्पेक्ट आपको दिखाई देते हैं वन इज क्रीप एंड सेकंड इज सोली फ्लक्शनल लो मैं आपको ये कहता हूं कि आप पहाड़ों पे गए और पहाड़ों पे
आपने एक ऐसी जगह पे गए जहां पे पहाड़ पे स्लोप नहीं है पहाड़ पे स्लोप बहुत ही जेंटल है बहुत ही जेंटल स्लोप है और वहां की जो जो सोइल है वो बहुत ही ग्रेजुएशन आंखों से प्रतीत भी नहीं होता कि वहां पे सोइल मूव कर रही है इतना जो सो इतना जो स्लो प्रोसेस होता है उसे आप सोइल क्रीप के नाम से जानते हैं क्रीप वर्ड मैंने वैसे ही बोल दिया कि कौन सा मूवमेंट है स्लो मूवमेंट है यहां पे पानी कंप्लीट पूरा का पूरा फ्लो नहीं करा रहा है पानी का रोल इतना बड़ा
रोल नहीं है यहां पे कि भाई पानी है जो इसको आगे लेके जा रहा है अगर पानी आगे लेके जा रहा होता तो डेफिनेटली ये फास्ट हो जाता बट यस इतना जरूर कह सकते हैं अगर इसके अंदर पानी होगा तो ये जो आपस में फ्रिक्शन है इन पार्टिकल्स का वो कम हो जाएगा फिसलने लगेंगे तो थोड़ा सा मूवमेंट तेज हो जाता है तो हम इसको सोइल क्रीप के नाम से जानते हैं और इसका पता हमें वैसे नहीं लगता बट कभी-कभी आप देखना पहाड़ों पे जो यह खंबे हैं जो यह अ जो पोल्स हैं वह क्या
हो जाते हैं बेंड हो जाते हैं वो बेंड इसलिए हो जाते हैं क्योंकि उनके नीचे से मिट्टी खिसक जाती है वह मिट्टी क्यों खिसक जाती है क्योंकि धीरे-धीरे धीरे-धीरे ग्रैजुअली मूवमेंट है ग्रैजुअली मूवमेंट इसलिए है क्योंकि बच्चा लोग इसके अंदर जो स्लोप है वह भी क्या है बेरा ग्रैजुअली है स्लोप भी क्या है ग्रैजुअली है इसे हम क्या कहते हैं सोइल अ इसे हम कहते हैं सोइल क्रीप सोली फ्लक्शनल पानी का रोल बढ़ जाता है जिसके अंदर क्या होता है जो सोइल होती है वो पानी के साथ सैचुरेटेड होती है जब वो पानी के साथ
सैचुरेटेड हो जाती है ना तब वो नीचे की ओर आए तो उसे हम सॉली फ्लक्शनल कहां होगा जहां पे टेंपरेट एरियाज हैं टेंपरेट एरियाज का मतलब ऐसा है जहां पे क्या हुआ बर्फ थी बट जब बर्फ पिघल गई उसके ऊपर की सोइल के अंदर क्या आ गया पानी आ गया और वो पानी की पानी उस पूरी की पूरी सोइल को नीचे की ओर ले आता है ठीक है फिर आते है रैपिड मूवमेंट रैपिड मूवमेंट में तीन जो चीजें हैं जो आपको याद रखनी है पहले हम इसको फ्लो देखेंगे फिर हम स्लाइड देखेंगे फ्लो के अंदर
पहला है अर्थ फ्लो अर्थ फ्लो क्या है अर्थ फ्लो है मूवमेंट ऑफ वाटर सैचुरेटेड क्ले डाउन डाउन लो एंगल टेरेसेज और हिल साइड्स जब बहुत ही एंगल बहुत ही डाउन एंगल है और क्वाइट फास्ट मूवमेंट है फास्ट मूवमेंट है तो उसे आप अर्थ फ्लो के नाम से जानते हैं जैसा कि आप यहां पे देख सकते हैं कि ऊपर से पूरा का पूरा मटेरियल नीचे की ओर आ रहा है क्वाइट रैपिड रैपिड नीचे आ रहा है जहां पे पानी ने बहुत बड़ा रोल प्ले किया क्योंकि ये जो क्ले थी ये वाटर सैचुरेटेड थी फिर आता है
मड फ्लो मड फ्लो का मतलब ये है कि जब भी आप बहुत ही हैवी रेनफॉल हो जाती है तो जो थिक लेयर्स हैं जो वेदर जो वहां पे मटेरियल टूटा हुआ मटेरियल उसकी थिक लेयर जो है वो पूरी की पूरी पानी के साथ नीचे आ जाए जैसे कि केदारनाथ में हुआ हुआ क्या कि बारिश इतनी हुई कि वहां पे जो भी डेबी था जो भी टूटा हुआ कचरा था जो भी टूटी हुई रॉक्स थी वो सारी की सारी पानी के अंदर मिक्स हो गई अब ऐसा लग रहा था कि वो नदी नहीं बह रही है
वो पानी नहीं बह रहा रदर वहां पे बह रही है मड एकदम जो हम कहते हैं ना कि गारा बोलते हैं जिसे वैसे वो मड फ्लो करने लगा उसे आप मड फ्लो के नाम से जानते हैं डेबी एवलांचेस ये भी एक फास्ट मूवमेंट है बट डेबी एवलांचे में एक बात याद रखना वो तब होता है जब जो स्लोप है वो बहुत ही स्टीप हो देन इट इज टर्म्ड एज डेबी एवलांचे यह आपने यहां पे देख लिया फ्लो के बाद फास्ट मूवमेंट में आता है स्लाइड स्लाइड में सबसे इंपॉर्टेंट है लैंड स्लाइड लैंड स्लाइड का मतलब
यह है कि जब भी जब भी बहुत ही लार्ज स्केल पे मटेरियल डेबी रॉक डब्री वेदर्ड पार्टिकल्स डाउन अ स्लोप इंस्टंटे नियस बहुत ही इंस्टेंट और बहुत ही सडन स्लोप के रूप में स्लोप से नीचे की ओर गिरते हैं बिकॉज ऑफ द एक्शन ऑफ ग्रेविटी देन इट इज टर्म्ड एज लैंड स्लाइड यहां पे लैंड स्लाइड में डेबी स्लाइड है रॉक स्लाइड है रॉक फॉल है देखो स्लाइड के अंदर क्या होता है स्लाइड के अंदर अगर आप ये ये पहाड़ है इस पहाड़ में अगर यह पत्थर हैं यह पत्थर हैं ये एक दूसरे को धक्का देते
हुए आगे बढ़ रहे हैं नीचे की ओर देन इट इज टर्म्ड एज अ स्लाइड राइट और अगर मान लो एक ऐसा पहाड़ है जिसका स्लोप बहुत ही स्टीप है और यहां पे जो पत्थर पड़े हैं यहां पे जो पत्थर पड़े हैं अगर यह नीचे की ओर गिरे तो इसे बोलेंगे हम रॉक फॉल इसे हम क्या बोलते हैं रॉक फॉल बोलते हैं और यहां पे जो पत्थर नीचे की ओर आ रहे हैं जो स्लाइड करते हुए नीचे की ओर गिर रहे हैं इसे हम लैंड स्लाइड का नाम देते हैं रॉक फॉल इज द फ्री फ्लो एंड
रॉक स्लाइड रॉक स्लाइड के अंदर क्या है जो रॉक मासेज हैं जो फ्लैट सर्विसेस से फ्लैट सरफेस से जब रॉक पार्टिकल आगे बढ़ते हैं तब इसे रॉक स्लाइड का नाम दिया जाता है तो दीज आर दी मेजर एस्पेक्ट्स रिलेटेड टू दी वेदरिंग एंड वेदरिंग एंड इरोजन जहां पे आपने अर्थ फ्लो देखा बट अब इन सबसे इरोजन से बहुत सारे लैंड फॉर्म्स बनते हैं तो इन लैंड फॉर्म्स को समझना बहुत ही जरूरी है हमारे लिए उन लैंड फॉर्म्स को अब हम डिटेल में समझने की कोशिश करते हैं लेट्स बिगिन विद दैट व्हेन वी टॉक अबाउट लैंड
फॉर्म्स देयर आर वेरियस प्रोसेसेस वेरियस एजेंट्स जिनकी वजह से इन लैंड फॉर्म्स का फॉर्मेशन होता है चाहे वह एरोजनल एजेंट्स हो या डिपोजिशनल वर्क हो इन सबकी वजह से इस अर्थ के ऊपर बहुत सारे लैंड फॉर्म्स का फॉर्मेशन हुआ है और इन्हीं लैंड फॉर्म्स की स्टडी को हम जयो मॉर्फो जीी भी कहते हैं सो जियोमर फोल इज नथिंग बट द साइंस ऑफ दीज लैंड फॉर्म्स राइट नाउ वी आर गोइंग टू स्टडी व्हाट आर द वेरियस एजेंट्स थ्रू व्हिच दीज लैंड फॉर्म्स आर गोइंग टू बी फॉर्म्ड मोस्ट इंपोर्टेंट जो सबसे इंपोर्ट ट एजेंट है दैट इज
रिवर जो रनिंग वाटर है जो रिवर है यह सबसे ज्यादा लैंड फॉर्म्स का क्रिएशन करते हैं जिन्हें हम फ्लूवियल लैंड फॉर्म्स के नाम से जानते हैं बट अगर हमें इन लैंड फॉर्म्स को समझना है तो हमें सबसे पहले नदी की अवस्था को समझना पड़ेगा कि हाउ अ रिवर बिहेव्स तो इसके लिए यह जो पीडीएफ है यह बहुत काम की है जहां पे हम पहले शुरुआत करने वाले हैं कि अगर कोई भी रिवर फ्लो कर रही है तो व अपने इरोजन के कारण किन लैंड फॉर्म्स को जन्म देती है सबसे पहला लैंड फॉर्म है वी शेप
वैलीज आप सब लोगों ने देखा होगा अगर मान लीजिए यह दो पहाड़ हैं न माउंटेंस के बीच का जो स्पेस है जो यह वैली का क्रिएशन किया हुआ है इसे ही हम वी शेप वैलीज कहते हैं इनको वी शेप इसलिए कहा गया है अगर आप इनकी शेप देखें तो इट विल लुक अलाइक दी वी शेप राइट अब इनका फॉर्मेशन हुआ कैसे होगा देखिए कुछ नदियां ऐसी हैं जिन्हें हम एंटीसेंस रिवर्स के नाम से जानते हैं एंटीसीमेंट रिवर्स का मतलब होता है कि किसी पहाड़ के बनने से पहले उनकी मौजूदगी थी वहां पर यानी कि वो
नदियां उस पहाड़ के बनने से पहले भी मौजूद थी बट जैसे-जैसे पहाड़ बनता गया इन नदियों ने अपना रास्ता चेंज नहीं किया रदर उन पहाड़ों को काटते काटते काटते काटते अपनी जगह बनाई इन्हीं से वी शेप वैलीज का फॉर्मेशन होता है अगर आप पहाड़ों में जाएंगे तो आपको नजर आएगा कि जो भी पहाड़ हैं उन पहाड़ों के बीच में जो यह वैली बनी हुई है उस वैली के अंदर एक नदी फ्लो कर रही है ऐसा कैसे हुआ होगा हमने हमने देखा था कि अगर कोई भी कोई भी लैंड फॉर्म का फॉर्मेशन हो रहा है चाहे
वो माउंटेंस हैं उसके लिए कुछ एंडोजेनिक प्रोसेसेस रिस्पांसिबल है उन एंडोजेनिक प्रोसेसेस का मतलब ये है कि धरती के अंदर धरती के अंदर इंटीरियर में मैग्मा की उपस्थिति है और मैग्मा कंटीन्यूअसली क्या कर रहा है कन्वे क्शन करंट की सहायता से इन प्लेट्स को मूव करवा रहा है मान लीजिए ये कोई एक प्लेट है इस प्लेट के ऊपर ये जो ओशनिक प्लेट है ये कॉन्टिनेंटल प्लेट है इस कॉन्टिनेंटल प्लेट के ऊपर एक रिवर फ्लो कर रही है नीचे से कन्वे क्शन करंट की सहायता से इसके ऊपर एक ऐसा फोर्स लग रहा है जिसकी वजह से
इस प्लेट के अंदर अपलिफ्टमेंट हो रहा है मान लीजिए यह प्लेट अपलिफ्ट होने लगी जैसे-जैसे ये प्लेट अपलिफ्ट होने लगेगी दिमाग लगा के जवाब दीजिएगा कि अगर मान लो कोई प्लेट का अपलिफ्टमेंट हुआ तो क्या नदी की स्पीड बढ़ेगी जी हां नदी की स्पीड बढ़ेगी क्यों नदी की स्पीड बढ़ेगी क्योंकि अब उसके पास स्लोप जनरेट होने लग जाएगा पहले तो ऐसे था अब अगर यह ऐसे होने लग जाएगा तो इसके पास स्लोप का जनरेशन होगा जैसे ही स्लोप का जनरेशन होगा तो रिवर की स्पीड बढ़ने लगेगी और जब रिवर की स्पीड बढ़ेगी तो रिवर क्या
करने लगेगी कटिंग करने लगेगी इसका मतलब यह है कि आप पहली स्टेज में तो देखें प्लेन पे ये नदी बह रही थी बट जैसे ही यह पूरी की पूरी प्लेट का अपलिफ्टमेंट होने लगा माउंटेन बिल्डिंग प्रोसेसेस होने लगे उसकी वजह से नदी की जो स्पीड बढ़ी उसने अपने रो रिजनल कारणों से इरोजन करके वर्टिकल कटिंग किया और उस वर्टिकल कटिंग से आज यह नदी इस दो पहाड़ों के बीच में वैली के अंदर बह रही है यह है वी शेप वैली बट इन वी शेप वैली का फॉर्मेशन हुआ कैसे होगा सबसे पहली चीज यहां पे आपको
याद रखनी है कि जिस रेट से अपलिफ्टमेंट हो रहा है उसी रेट से नदी अगर काटती जा रही है तो नदी अपनी जगह बनाते हुए आगे की ओर बढ़ जाएगी यानी कि रेट ऑफ अपलिफ्टमेंट मस्ट बी इक्वल टू द रेट ऑफ इरोजन तभी तो यह वैली बन पाएगी अदर वाइज अगर इरोजन का रेट कम हुआ इरोजन का रेट कम हुआ तो इवेंचर मेे हो ही नहीं पाएगा यह बात आपको याद रखना है सेकंड अगर इस पूरे प्रोसेस की बात करें तो हमें रिवर के कुछ स्टेजेस को समझना है जैसे हम अपनी लाइफ साइकिल को देखते
हैं वैसे ही रिवर का भी एक लाइफ साइकिल है रिवर की भी कुछ अवस्थाएं हैं उन अवस्थाओं में जब हम बात करते हैं हम खुद की बात करते हैं तब हम देखते हैं कि स्टेज के अंदर जब हम जवान है तब हमारे अंदर बहुत एनर्जी है धीरे-धीरे धीरे-धीरे हम मैच्योर होते रहते हैं और फाइनली हमारी वृद्धावस्था यानी कि ओल्ड एज आती है ऐसे ही हम बात करते हैं रिवर की रिवर जब पहाड़ से स्टार्ट हो रही है तब एक बहुत ही स्लोपी रीजन से चलने की कोशिश करती है जब वोह एक बहुत ही स्लोप से
चल रही है तब उसके पास बहुत ज्यादा वेलोसिटी है उसके पास बहुत ज्यादा एनर्जी है जब उसके पास बहुत ज्यादा एनर्जी है जब स्लोप बहुत ही जदा जदा है तब रिवर क्या करेगी वर्टिकल कटिंग करते हुए यानी कि इरोजन की एनर्जी लेकर चलेगी यानी कि बात यह हुई कि सबसे पहले सबसे पहले जब रिवर चल रही है पहाड़ों से स्टार्ट हो रही है तो उसका सबसे पहला काम क्या है इरोजन करना इरोजन क्यों करना क्योंकि उसके पास एनर्जी बहुत ज्यादा है जैसा कि यहां पे लिखा हुआ है द रोजल एनर्जी वुड बी वेरी हाई बेट
आप खुद समझे जब ये रिवर जब ये रिवर इस यूथ स्टेज से मैच्योर स्टेज की ओर आने लगती है यानी कि जब स्लोप कंपैरेटिव कम होने लगता है उस अवस्था के अंदर रिवर की एरोजनल एनर्जी भी क्या होने लगती है कम होने लगती है तो यूथ स्टेज के अंदर जब स्लोप बहुत ही जेंटल है एरोजनल की जो कैपेसिटी है वो कम हो जाती है बल्कि होता ऐसा है कि जो भी रोडेड सेडिमेंट्स हैं वो सारे के सारे एरोडेड सेडिमेंट्स क्या होने लगते हैं डिपॉजिट होने लगते हैं यानी कि रिवर का डिपोजिशनल वर्क स्टार्ट हो जाता
है और यहां पे आपको कुछ लैंड फॉर्म्स जैसे कि ऑक्सबॉ लेगस और मिएंडरिंग होना नदी का यह सब दिखाई देता है इसके बाद आती है ओल्ड स्टेज ओल्ड स्टेज का तात्पर्य यह है कि रिवर के पास अब बिल्कुल भी स्लोप नहीं है रिवर एकदम फ्लैट रीजन में बह रही है जब रिवर बहुत ही फ्लैट रीजन में बह रही होगी तो उसकी वेलोसिटी बिल्कुल खत्म हो चुकी होगी जब उसके पास वेलोसिटी नहीं होगी तो इसका तात्पर्य यह है कि उस समय पे रिवर ने जितने भी सेडिमेंट्स डिपोज जितने भी सेडिमेंट्स इकट्ठे किए होंगे एक्युमटिका को वो
डिपॉजिट करने लगेगी यहां पे रिवर इरोजन नहीं करेगी रदर रिवर विल स्टार्ट डिपॉजिटिंग द सेडिमेंट्स एट दैट प्लेस और इसी वजह से रिवर जब उन सेडिमेंट्स को आगे नहीं लेके जा पाएगी तो बहुत सारे न्यूमरस चैनल्स के अंदर खुद को डिस्ट्रीब्यूटर का फॉर्मेशन करेगी इसका कारण इसका मतलब यह है कि रिवर के अंदर जब वह अपनी ओल्ड स्टेज को अचीव करती है तो वहां पे बहुत सारे कुछ डिपोजिशनल लैंड फॉर्म्स का फॉर्मेशन होगा तो लेट्स बिगिन विद दी वेरियस स्टेजेस एंड थ्रू व्हिच वी आर गोइंग टू अंडरस्टैंड द वेरियस लैंड फॉर्म्स दैट आर बीइंग फॉर्म्ड
बाय दी रिवर सो प्राइमर वी आर गोइंग टू स्टार्ट विद दी एरोजनल वर्क वयर रिवर इज़ गोइंग टू फॉर्म द वी शेप वैलीज वी कॉल इट एज़ फॉर्मेशन ऑफ वी शेप वैली देखिए अब यहां पे मैं बार-बार एक वर्ड का नाम ले रहा हूं इरोजन और इरोजन भी कैसे मैं बोल रहा हूं वर्टिकली कट करने लगेगी रिवर उस एरिया में व कैसे करती है उसको समझने की कोशिश करते हैं लेट्स से आई एम गिविंग यू एन एग्जांपल ये एक क्रॉस सेक्शनल प्रोफाइल है रिवर का इस क्रॉस सेक्शनल प्रोफाइल से मुझे क्या नजर आ रहा है
वह मैं समझाने की कोशिश करता हूं देखिए नदी इस तरीके से बह रही है राइट और यहां पे नदी के जो सरफेस है उस सरफेस के अंदर कुछ बड़े-बड़े पत्थर पड़े हैं आप खुद दिमाग लगा के जवाब दीजिए जब भी आप किसी नदी को देखते हैं तो नदी के किनारों पे स्पीड ज्यादा होती है क्या नदी के बीच में सब कहेंगे सर नदी के मध्य में नदी के बीच में जो स्पीड है नदी की वो कंपैरेटिव ज्यादा होती है फिर मैं पूछूंगा ऐसा कारण क्या है आप सब लोग बहुत ही आसानी से जवाब देंगे सर
इसका कारण यह है कि जो नदी के किनारे हैं वहां पे किनारों से फ्रिक्शन होता है वहां पे किनारों से फ्रिक्शन होता है इसीलिए जब आप किनारे पे हैं तो रिवर की स्पीड कम है हरकी पेढ़ी पे जाएंगे गंगा की स्पीड दो चार पांच पेढ़ हों तक सीढ़ियों तक तो कम है बट जैसे ही आप बीच में जाते हैं नदी बहुत तेजी से आगे की ओर बह रही होती है यानी कि नदी की जो स्पीड है यहां पे वो कंपैरेटिव कम होती है कंपैरेटिव ज्यादा होती है बीच में क्यों क्योंकि फ्रिक्शन कम होता है और
ऐसे ही मैं बात करूं नदी के तल पे स्पीड ज्यादा होगी या नदी के तल से थोड़ा सा ऊपर तो सब लोग कहेंगे सर तल से थोड़ा सा ऊपर क्यों क्योंकि तल पे भी फ्रिक्शन लग रहा है और थोड़ा सा ऊपर अगर आप देखते हैं तो आप सतह की ओर जब आएंगे तो वहां पे फ्रिक्शन कंपैरेटिव कम होगा तो आप ये बात मान करर चलें कि नदी का पूरा पानी जो है जो बह रहा है वो एक कांस्टेंट वेलोसिटी से नहीं बह रहा उसके अंदर आपको जो ये साइड्स हैं इन साइड्स पे पानी की स्पीड
कम दिखती है नीचे पानी की स्पीड कम है और मध्य में पानी की स्पीड कंपैरेटिव ज्यादा है इसका मतलब यह हुआ कि जब आप इस नदी को ध्यान से देखते हैं तो पता लगता है यहां पे डिफरेंशियल वेलोसिटीज का प्रेजेंस है अब खुद समझे नदी का एक जो लेयर है एक लेयर तेजी से आगे बढ़ रहा है और नीचे का लेयर पीछे रह गया आगे ऊपर वाला जो लेयर है जो सतह के पास है वो थोड़ा सा कम वेलोसिटी से चल रहा है जो ऊपर है वो तेजी से चल रहा है इसका मतलब ये है
एक लेयर आगे चला गया एक पीछे रह गया एक आगे चला गया एक पीछे रह गया तो जो आगे गया हुआ लेयर है वो नीचे वाले को आगे अपने साथ लेके जाने की कोशिश करेगा तो क्या करती है नदी जो पानी आगे बढ़ गया वो नीचे वाले को जिसका जो पानी पीछे रहेगा उसको आगे लेके जाने की कोशिश करेगी फिर उसको आगे लेके जाने की कोशिश करेगी इस वजह से नदी के अंदर कुछ छोटे-छोटे करंट वोर्टेक्स डेवलप होते हैं इन्हीं वोर्टेक्स को हम किस नाम से जानते हैं बच्चा लोग इन्हीं वोर्टेक्स को हम एडी करेंट्स
के नाम से जानते हैं अब आप खुद समझें अगर यह पत्थर है यहां पे तो इस पत्थर के ऊपर क्या प्रभाव पड़ेगा जब इस पत्थर के देखेंगे हम तो हमें पता लगेगा कि नदी के कारण डिफरेंशियल वेलोसिटी के कारण यह पत्थर यहां पे क्या करने लगा रोटेट करने लगा घूमने लगा जब ये घूमने लगेगा तो ये इस सरफेस को क्या करेगा इरोड करने की कोशिश करेगा जब ये इस सरफेस को इरोड करेगा जब ये इस सरफेस को इरोड करेगा तो यहां पे आपको ध्यान से समझना होगा कि जब ये सरफेस को लोड करेगा धीरे-धीरे धीरे-धीरे
यहां पे एक छोटा सा गड्ढा बनाने लगेगा इसका आपको मैं एक डायग्राम दिखा देता हूं कि अगला स्टेप क्या होगा इस स्टेज के बाद ये इस तरीके से एक छोटा सा गड्ढा बना दिया और इस तरीके से आगे बढ़ने लगा क्योंकि पत्थर जो है पत्थर के इस भाग ने यहां पे क्या करने लगा ये फ्रिक्शन की वजह से क्या करेगा इरोजन करेगा फ्रिक्शन की वजह से क्या करेगा इरोजन करेगा और इसी वजह से इसको आप ऐसे समझे कि पत्थर घूम रहा है जैसे हम ड्रिलिंग मशीन देखते हैं ना वैसे ही यह पत्थर घूम रहा है
और इसका यह नुकीला भाग जो है ये ड्रिल करेगा ड्रिल करते-करते एक छोटा सा यहां पे होल बना लेगा और इसी को हम क्या कहते हैं पोट होल कहते हैं और इसी पोर्ट होल के अंदर जब ये ड्रिलिंग चलती रहेगी जब ये ड्रिलिंग चलती रहेगी तब आप जाने पोर्ट होल ड्रिलिंग के कारण धीरे-धीरे धीरे-धीरे ये जो सतह है ये धीरे-धीरे इस तरीके की शेप लेने लगेगी और नदी का पानी जो पहले ऊपर था अब वो पानी कंपैरेटिव इस वैली के अंदर इस वैली के अंदर बहने लगेगा सो एडी करेंट्स डिफरेंशियल स्पीड की वजह से जनरेट
होते हैं जिससे क्या बनता है v शेप वैली क्यों क्योंकि पोर्ट होल ड्रिलिंग का एक प्रोसेस होता है इसको हम किस तरीके का इरोजन कहते हैं वर्टिकल इरोजन कहते हैं और वर्टिकल इरोजन के बाद अब आप खुद समझें जब यह पत्थर छोटे-छोटे पत्थर इस पूरी की पूरी वैली की साइड्स को भी इरोड करेंगे लिटरल मतलब इस साइड को भी इरोड करेंगे तो क्या पहले यह व शेप वैली होगी उसके बाद इसकी जो विड्थ है वो इंक्रीज होती जाएगी ये चौड़ी होती जाएगी कंपैरेटिव बिल्कुल सही बात है सर ये चौड़ी होती जाएगी तो अब इसको बोला
जाएगा लेटरल इरोजन और इसको लेटरल इरोजन बोलते हैं या एक और नाम दिया जाता है जिसे हम हॉरिजॉन्टल एब्रेजन के नाम से भी जानते हैं विड्थ इसकी क्या हो जाएगी इंक्रीज हो जाएगी अब देखें जो साइड वॉल्स ऑफ अ वैली ड्यू टू एरोजनल प्रोसेस जो सेडिमेंट्स हैं वो क्या करते हैं इरोड करते हैं इन वॉल्स को अब बोथ अब यहां पे हमने वी शेप वैली तो समझ लिया कुछ और भी यहां पे टर्म्स आती हैं जिनको हम गोर्जेस और कैनयन के नाम से जानते हैं जब आप गोर्जेस की बात करेंगे दोनों भले ही विड्थ दोनों
गोर्जेस और कैनंस भले ही दोनों वर्टिकल इरोजन का रिजल्टेंट हो बस फर्क ये है जो कैनयन का फॉर्मेशन होता है वो कंपैरेटिव एरिड रीजन एरिड और सेमी एरिड रीजंस में होता है और यह जो गोर्जेस होते हैं उनके एलोंगटेड फॉर्म होते हैं कैनन कंपैरेटिव एक विशाल विशाल रूप में वैली है जबकि गोर्ज कंपेरटिवली स्मॉलर लेवल पे वी शेप वैली कहलाती है है ना पोर्ट होल ड्रिलिंग और बैकवर्ड मूवमेंट ऑफ वाटरफॉल इन सब से किसका फॉर्मेशन होता है गॉर्ज का और कैनयन का फॉर्मेशन होता है किसकी वजह से जो यही प्रोसेस है बस उसमें एरिड सेमी
एरिड रीजन होना चाहिए और उसके साथ-साथ आप यहां पे देखेंगे लोंगे केड फॉर्म दिखे दिखाई देगी बेसिकली जो एक्सटेंडेड रूप है गोर्जेस का उसे ही हम कैनयन कहते हैं वी शेप वैली उससे बड़ा गॉर्ज उससे भी बड़ा कैनन बस है प्रोसेस सेम है इनके फॉर्मेशन का अब सेकंड जो यहां पे अ जो लैंड फॉर्म है दैट इज वाटरफॉल एंड रैपिड देखिए वाटर जब बहुत ही हाई अ लेवल से नीचे की ओर गिरता है तब हम इसे वाटरफॉल की संज्ञा कहते हैं राइट और जबकि रैपिड को अगर हम देखें तो मान लीजिए यहां पे यह नदी
बह रही है बट इस नदी के साथ प्रॉब्लम यह है कि जो सरफेस है उनकी रॉक्स में कुछ प्रॉब्लमैटिक एस्पेक्ट ये है कि कुछ रॉक्स तो सॉफ्ट है कुछ रॉक हार्ड है फिर सॉफ्ट रॉक है फिर हार्ड रॉक है फिर सॉफ्ट रॉक है फिर हार्ड रॉक है आप खुद दिमाग लगा के जवाब देंगे जो रॉक हार्ड होगी क्या उसका इरोजन हो पाएगा नहीं हो पाएगा बट सर जो सॉफ्ट रॉक थी वो तो क्या हो गई इरोड हो गई फिर सर जो हार्ड रॉक थी वो इरोड नहीं हो पाई फिर सर जो सॉफ्ट रॉक थी वो
इरोड हो गई तो क्या नदी इस तरीके से यहां पे जहां पे हार्ड रॉक थी सीधा चल रही है फिर सॉफ्ट रॉक आई थोड़ा सा नीचे की ओर चली गई फिर हार्ड रॉक आई फिर सीधा हो गई फिर सॉफ्ट रोक आई नीचे चली गई फिर हार्ड रोक आई ऊपर आ गई तो क्या ये इस तरीके से रैपिड के रूप में चलेगी बिल्कुल सही बात है जैसे आप अगर गंगा रिवर के अंदर ऋषिकेश में राफ्टिंग करते हैं तो वहां पे बहुत बत सारे रेपिड्स आते हैं उन रेपिड्स का मतलब क्या है नदी चलते चलते अचानक से
नीचे की ओर गिर गई वह अचानक नीचे क्यों गई है क्यों स्पीड उसकी तेज हो गई क्योंकि उस समय पे नीचे की जो रॉक्स थी वो कंपैरेटिव सॉफ्टर रॉक्स थी ठीक है प्रेजेंस ऑफ अल्टरनेटिव हार्ड रॉक एंड सॉफ्ट रॉक विल लीड टू दी रैपिड ये मिनी वाटरफॉल के नाम से जाने जाते हैं जब हम बात करते हैं वॉटरफॉल्स की तो आप यहां पे देखें अगर यह हार्ड रॉक है ठीक है यह हार्ड रॉक है यह सॉफ्ट रॉक है ऊपर से पानी ब रहा है और पानी बहते बहते जब नीचे गिरेगा तो नीचे की सॉफ्ट रॉक्स
को भी क्या करेगा नीचे की सॉफ्ट रॉक्स को भी इरोड करेगा क्योंकि पानी बहुत ही एक्टिवली यहां पे बह रहा है इसलिए जब ये धीरे-धीरे धीरे-धीरे नीचे का भाग इरोड होता रहेगा तो आप अगर कमटी फॉल्स जाएंगे तो आपको लगेगा कि ऊपर से झरना गिरहा है और आप नीचे एक पूल के अंदर स्विमिंग पूल के अंदर तैर रहे हैं वो जो पूल का फॉर्मेशन होता है जिसे हम किस नाम से जानते हैं प्लंस पूल के नाम से जानते हैं अब धीरे-धीरे ये पानी गिरता रहेगा और यह वाला जो हिस्सा है यह पूल बनता जाएगा बट
एक चीज और ध्यान में रखें यह वाली रॉक कौन सी है सॉफ्ट रॉक ऊपर की रॉक कौन सी है हार्ड रॉक सॉफ्ट रॉक हार्ड रॉक सॉफ्ट रॉक धीरे-धीरे धीरे-धीरे इस तरीके से क्या होने लगेगी इरोड होने लगेगी सॉफ्ट रॉक धीरे-धीरे इरोड होने लगेगी तो आपको सेकंड स्टेज में वॉटरफॉल्स इस तरीके से दिखाई देंगे बट आप एक बात और देखें वो यह है कि जैसे-जैसे जैसे-जैसे यह हार्ड रॉक सॉफ्ट रॉक के कॉमिनेशन के कारण इस सॉफ्ट रॉक का इरोजन होता जा रहा है एक वक्त ऐसा आएगा जब ये सॉफ्ट रॉक बहुत ज्यादा इरोड हो गई जब
ये सॉफ्ट रॉक बहुत ज्यादा इरोड हो गई तो अब पहले क्या था इस हार्ड रॉक को सपोर्ट दे रखा था इस सॉफ्ट रॉक ने बट अब एक बात बताओ यह हार्ड रॉक जो है जिसके नीचे का बहुत सारा हिस्सा अब उड़ गया सॉफ्ट रॉक जो थी वो इरोड हो गई तो क्या यह पूरा भाग नीचे की ओर गिर जाएगा बिल्कुल बकुल सही बात है सर ये पूरा का पूरा हार्ड रॉक नीचे की ओर गिर जाएगा और यहीं पे इसका अंत होगा तो देखें आप हार्ड रॉक थी फिर ये सॉफ्ट रॉक थी ये पीछे वाला जो
भाग था ये आगे वाला जो भाग है ये पूरा का पूरा नीचे की ओर गिर गया तो जो प्लज पूल था वो इधर रह गया और जो वाटरफॉल था वो कहां शिफ्ट हो गया पीछे की ओर शिफ्ट हो गया वाटरफॉल का शिफ्टिंग हो गया और जब वाटरफॉल शिफ्ट होते रहेंगे तब आपको ऐसा ध्यान में लगेगा कि ये जो बीच का भाग है वहां पे एक वैली का क्रिएशन हो गया क्योंकि दो साइड पहाड़ थे इन पहाड़ों के बीच में वाटरफॉल था अब वाटरफॉल पीछे हो गया तो दोनों पहाड़ के बीच में नीचे क्या रह गई
एक वैली रह गई है इसे हम किस नाम से जानते हैं इसे भी हम वैली के नाम से जानते हैं तो क्या बैकवर्ड मूवमेंट होता है वाटरफॉल का तो उसके कारण बीच में एक वैली का क्रिएशन होता है जी हां सर बीच में एक वैली का क्रिएशन होने लगता है सो दिस इज दी वन एस्पेक्ट अब हम आगे बढ़ते है यहां पे वैलीज मैंने आपको बता दिया कैनन मैंने आपको बताया कैनन को अगर आप देखेंगे गोर्जेस एंड कैनंस मे फॉर्म डिपेंडिंग ऑन रॉक टाइप एंड स्ट्रक्चर गोर्जेस की साइड्स बड़ी स्टीप है इक्वल इन विड्थ एट
टॉप एंड बॉटम एंड दे आर फॉर्म्ड इन हार्ड रॉक्स कैनंस जो है वहां पे बहुत स्टीप स्लोप है वाइडर है टॉप पे और इसका एक ब बेहतरीन एग्जांपल है ग्रैंड कैनन और इस बेहतरीन एग्जांपल के साथ-साथ भारत के अंदर भी कुछ ऐसे कैनयन दिखाई देते हैं जैसे जैसे कि गैंडी कोटा कैनयन जो कि पेनार रिवर के ऊपर जो हमारा आंध्र प्रदेश का स्टेट है वहां पर मौजूद है जिसे ग्रैंड कैनयन ऑफ इंडिया के नाम से जाना जाता है राइट ऐसे ही चंबल के रिवाइंड्स हैं बहुत सारे इडुकी गोर्जेस स्टॉक गोर्जेस लोहित गोर्जेस ब्रह्मपुत्र रिवर गंगा
रिवर और सतलज रिवर ये बड़े सारे गोर्जेस और कैनन का फॉर्मेशन करती हैं सो दिस इंफॉर्मेशन यू कैन फॉलो फ्रॉम दी बुकलेट राइट नाउ कमिंग बैक टू द पोट होल्स एंड प्लज पूल्स वी हैव डि दिस पार्ट पोट होल्स वी आर डन विद दिस प्लज पूल्स वी आर डन विद दिस इंसाइज मंडर में आपको थोड़ी देर में समझाता हूं बट इससे पहले हमें समझना है रिवर टेरेसेज रिवर टेरेसेज क्या है रिवर टेरेसेज को अगर आप देखेंगे तो आपको थोड़ा सा ध्यान से समझ में आएगा कि यहां पे आप देखें कि कोई नदी बह रही थी
इस समय पे देखें यहां पे कोई नदी बह रही थी जिस जगह पे नदी बह रही थी उस जगह पे नदी ने क्या करना शुरू कर दिया इरोजन करना शुरू किया जब नदी का इरोजन हुआ तो इसका जो जो लेवल था वो क्या हो गया नीचे की ओर आ गया जैसे ही नीचे के लेवल पे पहुंची तो यहां पे इसने इरोजन करना स्टार्ट कर दिया फिर नीचे आई अब यहां पे भी इरोजन कर देगी तो एक स्टेप और बन जाएगा जो टेरेसेज हैं वो स्टेप लाइक फीचर्स होते हैं रिवर वैली के अलोंग बट इज फॉर्म
ड्यू टू एरोजनल एक्टिविटी ऑफ फ्लड्स थ्रू जियोलॉजिकल टाइम्स होता क्या था मान लीजिए पहले कोई नदी इस लेवल पे बह रही है इस लेवल पे बह रही है इस तरीके से अब इसके अंदर जियोलॉजिकल टाइम्स में बहुत सारी फ्लड्स आई जब फ्लड आएगी तो इसका लेवल बढ़ जाएगा जब इसका लेवल बढ़ जाएगा तो ऊपर के लेवल पे ये इरोजन करेगी जब यहां पे इरोजन करेगी तो यहां पे एक स्टेप बन जाएगा फिर नदी वापस अपने उसी स्टेज पे आ गई यहां पे नीचे बह रही है फिर इसके अंदर एक बाढ़ आई तो इसने एक और
स्टेप क्रिएट किया तो जब कॉन्ज क्यूटिप फ्लड्स आती जा रही हैं तब उन फ्लड्स के कारण धीरे धीरे धीरे-धीरे स्टेप्स बनते जा रहे हैं जियोलॉजिकल टाइम्स में उसे ही हम रिवर टेरेसेज के नाम से रिवर टेरेसेज के नाम से जानते हैं तो यहां पे हम देखते हैं इस तरीके से कि पहले जो ऊपर था नदी का लेवल तो यहां पे कट कर दिया फिर नीचे आया यहां पे कट कर दिया फिर नीचे आया नीचे की ओर कट कर दिया सो रिवर टेरेसेज आर सरफेस मेक मार्किंग ओल्ड वैली फ्लोर और फ्लड प्लेन लेवल्स दे रिजल्ट फ्रॉम
वर्टिकल इरोजन बाय द स्ट्रीम इनटू इट्स ओन डिपोजिशनल प्लेन अपने ही प्लेन के अंदर इरोजन के कारण डेवलप होती हैं और यह क्या है क्योंकि जब पानी रेसीडेंसी एस्पेक्ट्स दिखाई देंगे राइट सो दिस इज अबाउट दी रिवर टेरेसेज अब हम एक बात और करना चाहते हैं यहां पे रिवर टेरेसेज के साथ-साथ वी नीड टू अंडरस्टैंड दी मिएंडर इं साइज्ड मिएंडर इंसाइज मिएंडर से पहले हमें मिएंडरिंग को समझना होगा कि मिएंडरिंग आखिर क्या है अगर आप मिएंडरिंग समझना चाहते हैं तो देख देखें क्या हुआ कि जब रिवर अपनी यूथ स्टेट से मैच्योर स्टेज की ओर अग्रेसर
होती है तब पहले तो यह रिवर सीधा चल रही थी ठीक है जब रिवर सीधा चल रही थी और बहुत सारे बहुत सारे वेलोसिटी हाई वेलोसिटी के कारण सेडिमेंट्स को को अपने साथ लेके आ रही थी तो यहां पे उन सेडिमेंट्स का क्या होना शुरू हुआ डिपोजिशन होना स्टार्ट हुआ जब उनका डिपोजिशन हो गया इस प्लेन एरिया के अंदर तो अब एक बात बताओ क्या नदी सीधा बह पाएगी नहीं सर नदी सीधा तो नहीं बह पाएगी नदी क्या करेगी इस तरीके से थोड़ा सा मुड़े गी फिर आगे आएगी फिर मुड़े गी फिर आगे आएगी फिर
मुड़े गी तो धीरे-धीरे धीरे-धीरे जब ये सेडिमेंट्स बहुत ज्यादा होने लगे तो नदी धीरे-धीरे क्या होने लगी मुड़ने लगी तो इसी सर्पिल का जो फ्लो है रिवर का जो स्नेक लाइक फ्लो है रिवर का उसे ही हम मिएंडर कहते हैं मिएंडर कोई एक ऐसा लैंड फॉर्म नहीं है मिएंडर एक उसकी शेप है जिसमें रिवर क्या करती है इस तरीके से स्नेक लाइक तरीके से क्या करना शुरू करती है ट्रैवल करना शुरू करती है जब रिवर का स्नेक लाइक मैनर में ट्रैवलिंग होना स्टार्ट होगा तब उस समय पे उससे क्या होना शुरू होता है उसे समझने
की कोशिश करते हैं आप इस बात को समझे कि मान लीजिए रिवर सीधा जा रही है बट जब रिवर मुड़ी जब रिवर ने रिवर ने बेंड लिया तो जो इसका यह बेंड है आउटवर्ल्ड है इस बाहर के बेंड पे ये क्या करेगी इरोजन करते हुए आएगी यानी कि आप इसको इस तरीके से समझे जैसे जिस रूम में मैं अभी यह वीडियो लेक्चर रिकॉर्ड कर रहा हूं उसके अंदर अगर नदी बह रही है तो साइड की वॉल्स को जहां से ये मुड़े गी ये क्या करेगी साइड की वॉल्स को तो पूरा इरोड कर देगी और साइड
की वॉल्स को इरोड करते हुए सारा का सारा डिपॉजिट कहां कर देगी इनवर्ट फिर वापस जब मुड़े गी तो बाहर की वॉल्स को क्या कर देगी इरोड कर देगी तो इस तरीके से आप देखें यहां पे जब भी नदी आउटवर्ल्ड लेगी तो यहां पे क्या करेगी इरोजन फिर इनवर्ट बैंड पे क्या करेगी डिपोजिशन फिर आउटवर्क करेगी इरोजन फिर इनवर्ट बेंड पे क्या करेगी डिपोजिशन तो इस तरीके से मुझे समझ में आया कि जब ये नदी यहां पे आउटर साइड में आ रही है तो इसकी वेलोसिटी तेज है और इस वजह से यहां पे इरोजन हो
रहा है बट जब ये वापस मुड़ रही है तब क्या इसकी वेलोसिटी कम होगी हां जब इसकी वेलोसिटी कम होगी तो वापस क्या हो गई इसकी वेलोसिटी कम होने के कारण यहां पे क्या होना शुरू हुआ डिपोजिशन तो इस तरीके से ये नदी जब मिएंडर करती है तो आउटवर्ल्ड पे इरोजन और इनवर्ट बेंड पे डिपोजिशन की कारण डिपोजिशन करती है जब आउटवर्क्स होगा तब उस इरोजन के कारण आप अगर यहां पे खड़े हैं तो आपको एक चीज का एहसास होगा कि आप एक क्लिफ के ऊपर खड़े हैं जबकि जो इनवर्ट बैंड है वहां पे एक
बीच जैसा बन जाएगा अगर आप इसको बहुत अच्छे से समझना चाहते हैं सम टाइम्स गो टू राम झूला एंड लक्ष्मण झूला जब वहां पे आप उस झूले पे खड़े होंगे तो आपको एहसास होगा कि गंगा जी जब ट्रेवल जब गंगा जी मुड़ रही है वहां पे उस समय पे तब आप उसमें देखेंगे कि वहां से जैसे ही रिवर ने बेंड लिया उस रिवर के बेंड के साइड में तो आपको क्लिफ दिख रहा है और दूसरी साइड में बाबाज बैठ के बढ़िया ध्यान मुद्रा में है क्यों क्योंकि वहां पे एक बीच का प्रेस बीच का फॉर्मेशन
हुआ क्यों क्योंकि वहां पे डिपोजिशन हुआ सेडिमेंट्स का और यहीं पे आपको डिपोजिशन दिखता है जहां पे डिपोजिशन होगा वहां पे स्लीप ऑफ़ स्लोप बनेगा और जहां पे इरोजन होगा वहां पे रिवर क्लिफ का फॉर्मेशन आपको देखने को मिलेगा और अगर यह नदी बहुत ज्यादा मुड़ने लगती है मिएंडर करने लगती है तो उसके कारण किसका फॉर्मेशन होता है ऑक्सबो लेक्स का आई होप यह सबको मालूम होगा ही मैं यह कंसीडर करके चल रहा हूं तो आप मिएंडरिंग की बात देखें तो मिएंडर इज द कर्वी पाथ और इसके अंदर कौन-कौन से लैंड फॉर्म्स बनेंगे एरोजनल और
डिपोजिशनल दोनों ठीक है ये बात मुझे समझ में आई एरोजनल और डिपोजिशनल बट मिएंडरिंग जो होती है वो कौन सी स्टेज का लैंड फॉर्म है मैच्योर स्टेज का लैंड फॉर्म है जब रिवर की जो वेलोसिटी है वो कंपैरेटिव क्या हो गई है रिवर की वेलोसिटी क्या हो गई है कम हो गई है रिवर की वेलोसिटी कम हो गई ठीक है ये चीज हमें समझ में आ गई अब हम बात यहां पे करना चाहते हैं इंसाइज मिएंडर की इंसाइज मिएंडर मतलब मिएंडर इनसाइड मिएंडर मान लीजिए कोई भी एक मिएंडरिंग ऐसी जगह से हो रही है जहां
पे मिएंडरिंग हो गई थी मिएंडरिंग हो गई थी बट उसके बाद उस एरिया का अपलिफ्टमेंट हो गया जब अपलिफ्टमेंट हो गया तो वो वापस मिएंडर करते-करते नीचे की ओर आ गई स्टेप स्टेप मैनर में मिएंडर कर रही है पहले तो मिएंडर कर ही रही थी अब कटिंग भी उसकी क्या है मिएंडर की फॉर्म में दिखाई देती है जैसा कि आप यहां यहां पे देखें कि पहले अगर यह रिवर इसको इस पूरे रीजन में अगर आप इसको देखेंगे यहां पे तब आपको एहसास होगा कि यहां पे पहले तो क्या है मंडर कर रही थी सरफेस पे
बट अब इसकी वेलोसिटी इंक्रीज हुई तो अब इसने क्या किया वर्टिकल कटिंग भी किया और मिएंडर करना स्टार्ट किया नीचे की ओर तो इसे हम इंसाइज मिएंडर के नाम से जानते हैं जो आप यहां पे पढ़ सकते हैं वेट फॉर अ वाइल गाइज देखें इंसाइज ड मिएंडर टिपिकल फॉर्म जहां पे रॉक्स आर वेरी हार्डर मोर रेजिस्टेंट रॉक्स लाइक सैंड स्टोन लाइमस्टोन और ग्रेनाइट दीज रॉक्स रेजिस्ट इरोजन कॉजिंग रिवर्स टू कट डीप क्रिएटिंग एंट्रेंचड मिएंडर कैनन एंड गोर्जेस दे डेवलप इन एरियाज वेर रिवर इनिशियली मिएंडर्स देखो जहां पे रिवर इनिशियली क्या कर रही थी मिएंडर कर
रही थी जेंटली स्लोपिंग एरिया के अंदर फिर क्या हुआ एक टेक्टोनिक अपलिफ्टमेंट हुआ जिससे बेस लेवल चेंज हुआ जिसने क्या किया रिवर को अब इरोड करना वर्ट ली सिखाया अब रिवर ने इरोड करना स्टार्ट किया वर्टिकली तो पहले क्या था यहां पे इस सरफेस पे मिएंडर हो रहा था अब क्या हुआ वर्टिकल कटिंग कर दिया तो अब ये जो मिएंडरिंग है ये नीचे की ओर हो रही है तो मिएंडर मिएंडर इनसाइड मिएंडर उसको हम बोलते हैं इंसाइज मिएंडर सो टेक्टोनिक अपलिफ्टमेंट बेस लेवल का ड्रॉप होना या रॉक का रेजिस्टेंट ये सारी चीजें क्या करती हैं
मिंड ड्रंक इंसाइज मिएंडरिंग को जन्म देती हैं ठीक है तो चले हम अब आगे बढ़ते हैं इसके बाद के जो लैंड फॉर्म्स है जिन्हें हम डिपोजिशनल लैंड फॉर्म्स के नाम से जानते हैं जैसे कि एलविल फैंस एलविल फैंस देखें क्या होता है एलविल फैंस का मतलब यह है मान लीजिए यह पहाड़ है पहाड़ से नदी जब अपने साथ बहुत सारे सेडिमेंट्स लेके आती है तो सबसे पहले जैसे ही प्लेन एरिया में पहुंचेगी उन सेडिमेंट्स का डिपोजिशन होना स्टार्ट होगा जब उनका डिपोजिशन होना स्टार्ट होता है तो यह सारे के सारे पत्थर बड़े-बड़े पत्थर यहां पे
क्या हो जाते हैं डिपॉजिट होने लगते हैं और जब इनका डिपोजिशन फुट हिल पे होता है उस फुट हिल पे अगर आप देखेंगे तो आपको सारे स्प्रेड किए हुए सेडिमेंट्स दिखाई देंगे तो इस स्ट्रक्चर को इस पूरे के पूरे लैंड फॉर्म को हम एलविल फैन का नाम देते हैं अब सबके मन में ये सवाल आएगा सर एलविल तो हम समझते हैं कि रिवर के साथ एसोसिएटेड है बट व्हाई इज इट फैन फैन इसलिए बेटा क्योंकि जब आप हवा-हवाई वाला पंखा देखते हैं तो वो बिल्कुल इसी तरीके से नजर आता है जो आपको आपकी स्क्रीन पे
दिख रहा है तो इसे ही हम एल्वियम फैंस का नाम देते हैं और अगर पार्टिकल बहुत बड़े हैं बहुत बड़े पार्टिकल्स हैं तो वो थोड़ा पीछे की ओर ही पहाड़ से जमा बिल्कुल नीचे नहीं आ पाएंगे पहले ही डिपॉजिट होने लगेंगे और कोर्सर पार्टिकल के कारण वहां पे क्या बनता है एलविल कोन्स फाइनर पार्टिकल्स के कारण क्या बनता है एलविल फैंस ठीक है फिर आता है नेचुरल लेवीज नेचुरल लेवीज नेचुरल लेवीज का मतलब है कि आप एंबेंकमेंट क्रिएट कर रहे हैं रिवर के किनारे पे एंबेंकमेंट का मतलब मान लीजिए यह नदी इस पूरे के पूरे
रीजन में बह रही थी ठीक है जब फ्लड नहीं आया था बट फ्लड आया तो फ्लड आने के बाद नदी के सेडिमेंट्स यहां पे डिपॉजिट होने लग गए एक सेडिमेंट्स यहां पे डिपॉजिट हुए फिर वापस नॉर्मल अवस्था आ गई फिर अगले साल एक बार फ्लड आया फिर यहां पे सेडिमेंट्स डिपॉजिट होने लग गए फिर यहां पे सेडिमेंट्स डिपॉजिट होने लग गए फिर एक बार फ्लड आया फिर सेडिमेंट्स डिपॉजिट होने लगे तो धीरे-धीरे आप देखेंगे जो नदी का किनारा है उस नदी के किनारे से जो भाग है वह ऊपर की ओर उठने लगा है इसका मतलब
अब यह है कि अब यह है कि जो किनारे हैं उन परे एक नेचुरल एंबेंकमेंट बन गया है उसे ही हम नेचुरल लेवीज के नाम से जानते हैं येलो रिवर जो है हुआंग हो रिवर ऑफ चाइना इज इनफेमस फॉर ब्रेकिंग दीज नेचुरल लेवीज वो इतनी ज्यादा पानी का कोर्स चेंज करती है कि वो इन नेचुरल लेवीज को भी क्या कर देती है तोड़ देती है फिर फाइनली आता है डेल्टा हेरोडोटस जिसे हम फादर ऑफ हिस्ट्री भी कहते हैं हेरोडोटस वंस सेड जो कि ग्रीक स्कॉलर है इन फिफ्थ सेंचुरी बीसी दैट अ हिस्ट्री शुड बी ट्रीटेड
ज्योग्राफिकली एंड जियोग्राफी शुड बी ट्रीटेड हिस्टोरिकल एंड ही इज कंसीडर्ड एज फादर ऑफ हिस्ट्री एंड व्हेन ही वाज विजिटिंग टू अ इजिप्ट ग्रीक से ग्रीस से इजिप्ट जा रहे थे तब उन्होंने नाइल रिवर का नाइल रिवर का संगम देखा मेडिट इनियन सी में जब वो उन संगम को देखते हैं तब उन्हें ऐसा लगता है कि वह एक मैथमेटिकल सिंबल मैथमेटिकल सिंबल इस तरीके से जो यह संगम हो रहा था उस नदी का वो इस तरीके से इस तरीके से हो रहा था इस तरीके से संगम हो रहा था जहां पे ऐसे लैंड फॉर्म्स उनको दिखते
हैं और यह मैथमेटिकल सिंबल जो है यह डेल्टा का सिंबल है इसीलिए इन्होंने जब भी नदी के संगम की बात आएगी तो इसको नाम दिया डेल्टा राइट अब जब इस का नाम डेल्टा हुआ तब आप देखेंगे कि नदी अगर आगे बह रही है तो उसने पहले अपने सेडिमेंट्स यहां पे डिपॉजिट किए फिर सेडिमेंट्स यहां पे डिपॉजिट किए फिर यहां पे डिपॉजिट किए फिर आगे डिपॉजिट किए और इस तरीके से एक डेल्टा जैसा सिंबल नजर आता है इसी को हम डिपोजिशनल लैंड फॉर्म के रूप में जानते हैं अब ये डेल्टा फॉर्म क्यों होते हैं और कहां
फॉर्म होते हैं ओशिनो ग्राफी के अंदर मैं आपको बताऊंगा कॉन्टिनेंटल शेल्फ के बारे में जो कॉन्टिनेंटल शेल्फ होती है वहां पे ही डेल्टा का फॉर्मेशन होता है एक चीज तो यह याद रखनी है और डेल्टा फॉर्म इसलिए होता है जब भी कोई नदी आगे बह रही है जब भी कोई नदी आगे बह रही है बट इस नदी के पास सेडिमेंट्स इतने सारे हैं और वेलोसिटी बहुत कम तो नदी इन सेडिमेंट्स को आगे कैरी नहीं कर पाती जब इनको कैरी नहीं कर पाती तो वो इन सेडिमेंट्स के साथ न्यूमरस चैनल्स के अंदर छोटे-छोटे चैनल्स के अंदर
डिस्ट्रीब्यूटर के अंदर क्या हो जाती है बंट जाती है और इसी वजह से यहां पे जो सेडिमेंट्स इकट्ठे हुए यहां पे पे जो सेडिमेंट्स इकट्ठे हुए इन सब सेडिमेंट्स के इकट्ठे होने के कारण इन सब सेडिमेंट्स के इकट्ठे होने के कारण यहां पे किसका फॉर्मेशन होता है बेटा यहां पे फॉर्मेशन होता है डेल्टा का तो आप यहां पे देख सकते हैं मिएंडरिंग मैंने आपको बता दिया ठीक है फ्लड प्लेंस आपको पता है ऑक्स बॉल एक्स हो गया फिर आते हैं ब्रेडेड चैनल्स ब्रेडेड चैनल्स का मतलब है जब नदी इस तरीके से बहने की कोशिश करती
है जब आप इस नदी को इस तरीके से देखें कि कोई नदी बह रही है बट सेडिमेंट इतने सारे हैं सेडिमेंट्स इतने सारे हैं कि यह नदी उन सेडिमेंट्स को कैरी नहीं कर पाती और उन सेडिमेंट्स को कैरी नहीं कर पाती और इस तरीके से इस तरीके से बीच-बीच में सेडिमेंट्स डिपॉजिट करते हुए जैसे गुथ हुई रस्सी होती है यहां पे सेडिमेंट्स हैं यहां पे सेडिमेंट्स हैं यहां पे सेडिमेंट्स हैं इन सेडिमेंट्स के कारण जो चैनल्स बनाती है इन्हें ब्रेडेड चैनल्स कहते हैं और यह ब्रेडेड चैनल सबसे ज्यादा फेमस है किस नदी के दीज आर
फेमस फॉर रिवर ब्रह्मपुत्र ब्रेडेड चैनल्स फेमस हैं ब्रह्मपुत्र के और यह लेटरल इरोजन की वजह से है डिपोजिशन की वजह से है यह डिपोजिशन की वजह से है बीच में आइलैंड्स बनने लगते हैं ठीक है मल्टीपल डिपोजिशन एंड लेटरल इरोजन ऑफ बैंक्स आर एसेंशियल फॉर दिस फॉर्मेशन इरोजन होगा जिससे सेडिमेंट आएंगे और उन सेडिमेंट्स का क्या होगा डिपोजिशन होगा सो दीज आर दी लैंड फॉर्म्स एसोसिएटेड विद दी रिवर नाउ लेट्स टॉक अबाउट दी ग्राउंड वाटर देखिए जो ग्राउंड वाटर लैंड फॉर्म्स हैं इन लैंड फॉर्म्स को हम कास्ट टोपोग्राफी के नाम से भी जानते हैं कास्ट
टोपोग्राफी का मतलब है यह एक ऐसा रीजन जो कि यूगोस्लाविया का रीजन है यूगोस्लाविया के अंदर हां पे कास्ट रीजन के अंदर बहुत सारे लाइम स्टोनिक लाइम स्टोनिक सरफेस का प्रेजेंस था एंड वी आर वेरी वेल अवेयर ऑफ अ फैक्ट दैट जब लाइमस्टोन लाइमस्टोन के ऊपर से पानी बहेगा तब वोह लाइमस्टोन को डिसोल्व करने लगेगा जब वो उस लाइमस्टोन को डिसोल्व करेगा तो धीरे-धीरे धीरे-धीरे आप एक चीज़ को जानेंगे वह यह कि मान लीजिए यहां से एक नदी बह रही है यहां से एक नदी बह रही है और बहते बहते बहते बहते इस एरिया के
अंदर लाइमस्टोन का प्रेजेंस था और वह डिजॉल्ड्रिंग तो आप यह समझेंगे एक व्यक्ति जो यहां पे खड़ा होगा उसे लगेगा कि नदी अचानक से क्या हो गई गायब हो गई एक वैली बना के तो इसे ब्लाइंड वैली का नाम दिया जाएगा इसे किस नाम से जाना जाएगा ब्लाइंड वैली के नाम से जाना जाएगा तो यह बात आपको ध्यान में रखनी है तो अब यहां से शुरू होती है कहानी कि कास्ट टोपोग्राफी और ग्राउंड वाटर लैंड फॉर्म्स जो हैं यह लैंड फॉर्म्स लाइम स्टोनिक सरफेस के साथ एसोसिएटेड है व्हेन एवर वाटर विल फ्लो थ्रू द लाइमस्टोन
इट विल डेफिनेटली डिजॉल्ड्रिंग प्रोस्पेक्ट एंड मोर ओवर लेटर ऑन स्टेजेस में हम देखेंगे द प्रोस्पेक्ट व वुड बी द डिपोजिशनल वर्क एज वेल सो डिपोजिशन एंड इरोजन इन दोनों के कारणों से आपको यहां पे लैंड फॉर्म्स का फॉर्मेशन होता हुआ दिखाई देगा द प्रोसेस इवॉलवस रेन वाटर मिक्स्ड विद एटमॉस्फेरिक कार्बन डाइऑक्साइड जो हमने कार्बोनेशन का प्रोसेस देखा था अभी जिसमें हम केमिकल वेदरिंग की बात करते हैं वह यहां पे मेजर कारण बनेगा तो मान लीजिए सबसे पहले अगर मैं बात करता हूं जब भी किसी रीजन के अंदर किसी भी रीजन के अंदर अगर मान लो
पानी बह रहा है और उस पानी के कारण जो लाइमस्टोन डिजॉल्ड्रिंग होल नाम दिया जाएगा उसे क्या नाम दिया जाएगा सिंक होल नाम दिया जाएगा तो ऐसे बहुत सारे मल्टीपल सिंक होल्स का डेवलपमेंट हो गया जब दो से ज्यादा सिंक होल्स आपस में जुड़ जाएंगे अब ये दो सिंक होल्स आपस में जुड़ जाएंगे तो इन्हें हम किस नाम से जानेंगे इन्हें स्वेल होल्स के नाम से जाना जाएगा इन्हें किस नाम से जाना जाएगा बच्चा स्वेल होल्स के नाम से जाना जाएगा जो कि मीडियम साइज राउंड शेप्ड राउंड शेप्ड शैलो डिप्रेशंस है जो कि सरफेस के
ऊपर लाइमस्टोन के डिसोल्यूशन के कारण डेवलप हुए हैं तो इन्हें हम उस नाम से जानेंगे इसको हम इस तरीके से भी समझ सकते हैं एक छोटे से डायग्राम में बताने की कोशिश कर सकता हूं बस इसी को थोड़ा हम रिवीजन मोड में है इसलिए डिटेल में नहीं जा रहा हूं बस हमें समझना है कि यह होता क्या है मान लीजिए यह सरफेस है है ना इस सरफेस पे इस सरफेस पर अगर मैं देखूं यहां पे वेट फॉर अ वाइल राइट देखिए यहां पे एक नदी बह रही है अगर यह नदी बह रही है तो धीरे-धीरे
धीरे-धीरे इसके साथ यहां पे इस रीजन के अंदर यहां पे इस रीजन के अंदर वह क्या करने लगेगी जब लाइमस्टोन का प्रेजेंस उसे दिखाई देगा तो यहां पे गड्ढे बनाने लगेगी कुछ गड्ढे बनाने लगेगी और आगे बह जाएगी यह जो गड्ढे बने हैं यह जो गड्ढे बने हैं छोटे-छोटे गड्ढे यहां पे बनने लगेंगे यह जो छोटे-छोटे गड्ढे बनने लगे इन्हें क्या बोला जाएगा बच्चा इन्हें बोला जाएगा सिंक होल्स इन्हें बोला जाएगा सिंक होल्स जब यह मल्टीपल सिंक होल्स आपस में कनेक्ट होने लगेंगे तो इन्हें बोला जाएगा स्वेल होल्स इन्हें क्या बोलेंगे स्वेल होल्स जब यह
स्वेल होल्स आपस में जब यह स्वैलो होल्स आपस में एक दूसरे के साथ जुड़ने लगेंगे तब उनकी वजह से बनेंगे उनकी वजह से बनेंगे डोलाइंस राइट उनकी वजह से बनेंगे डोलाइंस डोलाइंस का फॉर्मेशन कभी-कभी जब सिंक्स जो है वो कोलप्पन सकर वन द रूफ ऑफ एन अंडरग्राउंड वॉइड और केव कोलैक्स जब उसकी रूफ कोलैक्स हो जाती है तब उसे हम किस नाम से जानते हैं डलाइन के नाम से जानते हैं ठीक है फिर उसके बाद आते हैं यूवालास डोलाइंस के बाद आपको दिखाई देंगे यूवालास जब सिंक होल्स और डोलाइंस आपस में मर्ज कर जाते हैं
जब सिंक होल डलाइन सब मर्ज कर जाते हैं और नीचे की ओर धस जाते हैं तब उनको हम किस नाम से जानते हैं डोलाइंस के नाम से जानते हैं जब पूरा डलाइन सबसे बड़ा डिप्रेशन है इसकी वजह से आपको क्या दिखाई देगा बहुत सारी केव्स का फॉर्मेशन होता हुआ दिखाई देगा क्योंकि जब ये नदी पानी की जब ये नदी का पानी इस तरीके से बहेगा तो धीरे-धीरे जहां-जहां इसको लाइमस्टोन की प्रेजेंस दिखाई देगी वहां वहां यह उसको जहां-जहां इसे पानी का प्रेजेंस जहां-जहां इसे लाइमस्टोन का प्रेजेंस दिखाई देगा वहां वहां यह किस तरीके से किस
रूप में आगे बह जाएगी यहां पर आपने देखा कि इस जगह पर किसका फॉर्मेशन हुआ यहां पर एक फॉर्मेशन होता है दिस विल बिकम अ वैली यह एक क्या बन जाएगी वैली बन जाएगी एक केव बन जाएगी यह क्या बन गई है एक केव बन गई है इसमें किसका फॉर्मेशन हो गया एक केव का फॉर्मेशन हो गया इसके बाद जब ये केव बन गई है तो इनमें दो-तीन चीजों का डेवलपमेंट होता है जिसे हम स्टेल टाइट और स्टेलिंग माइट के नाम से जानते हैं क्योंकि देखो स्टेले टाइट का मतलब ये है जब आपका यहां से
पानी नीचे की ओर टिप टिप टिप टिप करके गिर रहा है इस सरफेस से पानी नीचे की ओर गिर रहा है जब ये पानी धीरे-धीरे धीरे-धीरे नीचे की ओर गिरेगा तो इस पानी का तो इवेपरेशन हो जाएगा बट इट विल लीव बिहाइंड लाइमस्टोन तो इस ग्राउंड से यह लाइमस्टोन की स्ट्रक्चर डिपॉजिट होना स्टार्ट होगी और थोड़ा-थोड़ा ऊपर की ओर बढ़ जाएगी जो ग्राउंड से रेज्ड पोर्शन होगा उसे हम स्टेलिंग माइट कहेंगे याद रखने का तरीका जी है तो जी फॉर क्या होगा ग्राउंड होगा जो ग्राउंड से रेज्ड पोर्शन होगा उसे हम स्टेल टाइट स्टेलिंग माइट
कहेंगे बट कभी-कभी ऐसा होता है कि वॉल से जब आप देखते हो ना टप टप करके पानी बरसता है तब उस वॉल के ऊपर कुछ भाग चिपा चिपकने लगेगा जब वहां पे इस वॉल के ऊपर कुछ भाग चिपकने लगेगा तो यह जो लाइमस्टोन यहां पर डिपॉजिट हुआ है उसके यानी कि सीलिंग से जो लाइमस्टोन का डिपोजिशन स्टार्ट हुआ है तो इसे हम किस नाम से जानेंगे स्टेल टाइट के नाम से जानेंगे अब धीरे-धीरे धीरे-धीरे ये स्टेल टाइट और स्टेल माइट स्टेल टाइट और स्टेलिंग माइट एक दूसरे से मिल जाएंगे तो इसे हम किस नाम से
जानते हैं पिलर के नाम से जानते हैं इसे किस नाम से जाना जाता है बच्चा इसे पिलर के नाम से जाना जाता है तो स्टेले टाइट स्टेले माइट पिलर्स यह सारे क्या है कुछ डिपोजिशनल लैंड फॉर्म्स हैं राइट यहां पर कुछ दो वर्ड्स और आते हैं ग्रेक्स एंड क्लाइंट्स ग्राइप्स एंड क्लिंट्स का मतलब यह होता है कि जो भी सरफेस था इस सरफेस के ऊपर जिस भाग में जिस भाग में कैल्शियम का जिस भाग में लाइमस्टोन का प्रेजेंस था वो तो डिजॉल्ड्रिंग उसे क्या बोलते हैं क्लिंट्स बोलते हैं सो दीज आर दी लैंड फॉर्म्स ऑफ
दी ग्राउंड वाटर नाउ लेट्स टॉक अबाउट द लैंड फॉर्म्स रिलेटेड टू दी ग्लेशियर्स जब हम ग्लेशियल लैंड फॉर्म्स की बात करते हैं तो सबसे पहले हमें समझ में आना चाहिए कि व्हाट एगजैक्टली द ग्लेशियर्स आर ग्लेशियर्स जो होते हैं दे आर दी आइस मासेज ऑफ आइस जो कि किसी लैंड के ऊपर डिफरेंट डिफरेंट फॉर्म्स में डिफरेंट डिफरेंट फॉर्म्स में चलते हैं अगर आप ग्लेशियर्स की बात करेंगे तो प्लिस्टोीन आइस एज जो कि आज से अराउंड थ 30000 साल पहले की एज थी उस समय पे जो टेंपरेट रीजन था टेंपरेट रीजन जो था वो कंपेरटिवली कंप्लीट
आइस से भर आइस से बिल्कुल कवर्ड था जैसे कि अगर आप जर्मनी की बात करें फ्रांस की बात करें नॉर्वे की ब्रिटेन की ये सब उस समय आइस से ढके हुए थे बट अगर आप प्रेजेंटली आज की बात करते हैं तो पूरी धरती का वन थर्ड पार्ट इस ऑलमोस्ट वन 11थ पार्ट इज ऑलमोस्ट कवर्ड विद दी आइस इस थ पार्ट में आइस किस-किस फॉर्म में कहां-कहां पे मौजूद है सबसे पहले अगर हम देखें तो अंटार्कटिका और ग्रीनलैंड यह परमा फ्रॉस्ट रीजन के अंदर आते हैं देन वी विल सी आइस के कुछ ग्लेशियर्स जो आपको सिया
चिन्ह यानी कि जो ग्लेशियर्स है आपको माउंटेंस के ऊपर दिखाई देंगे जैसे कि हिमालयाज हो गया माउंट किलिम जैरो हो गया एंडीज हो गया रॉकीज हो गया एल्प्स हो गया यहां पे जो ग्लेशियर्स हैं यहां पे जो ग्लेशियर्स हैं उनका प्रेजेंस आपको दिखाई देता है अब यह ग्लेशियर्स क्या मूव करते हैं जी हां आप देखो अगर ये कोई भी एक पहाड़ है और इस पहाड़ से अगर आप स्लोप की बात करेंगे तो स्लोप की अवेलेबिलिटी है और ग्लेशियर के अंदर क्या मास है जी हां तो ग्रेविटी के कारण क्या ये ग्लेशियर्स नीचे की ओर मूव
करेंगे बिल्कुल सही बात है सर ये ग्लेशियर्स नीचे की ओर मूव करेंगे जब फ्लो ऑफ आइस होगा जब रिवर आइस की एक रिवर जैसे आप रिवर में पानी देखते हैं ना वैसे ही बर्फ की अगर कोई एक नदी नीचे की ओर आ रही है उसी को हम ग्लेशियर के नाम से जानते हैं अब इसकी स्पीड जो है वो डिफरेंट हो सकती है अब ये जब मेल्ट होगा तब उसके बाद धीरे-धीरे धीरे-धीरे उस सरफेस को क्या करने लगेगा इरोड भी करेगा क्यों आप खुद समझे इस इरोजन के अंदर प्रोसेस क्या होता है मान लीजिए सबसे पहले
अगर मैं आपको एक चीज का जवाब दूं वो क्या है उसको ऐसे समझें मान लीजिए ये कोई एक पहाड़ है इस पहाड़ के ऊपर ग्लेशियर का प्रेजेंस था ग्लेशियर के सरफेस से कुछ ना कुछ पानी मेल्ट होके इस पहाड़ की जो दरारें हैं जो क्रैक्स है उसके अंदर गया फिर क्या हुआ कंट्रक्शन एक्सपेंशन क्यों क्योंकि डिफरेंशियल टेंपरेचर होगा रात के समय में ठंड बहुत होगी एक्सपेंशन हो जाएगा बर्फ जम गई दिन के समय में जब सूरज आया तो बर्फ पिघल गई तो उसके अंदर क्या हुआ अ उसके अंदर कंट्रक्शन हुआ तो इस कंट्रक्शन एक्सपेंशन के
कारण जो ये नीचे का सरफेस है इस सरफेस से कुछ ना कुछ पार्टिकल्स उखड़ने लगेंगे जिसको हम कहते हैं प्लकिंग यानी कि जब ये ग्लेशियर अब नीचे की ओर मूव करेगा तो ये जो ग्लेशियर है जो मूव कर रहा है ये अपने साथ बहुत सारे छोटे-छोटे छोटे-छोटे टुकड़े फ्रेगमेंट्स को क्या होगा नीचे की ओर लेके आने लगेगा इसका कारण इसका मतलब ये हुआ कि जो ग्लेशियर यहां पे इस समय पे पहले जो पहाड़ इस तरीके से हमें एकदम इस तरीके से दिखाई दे रहा था अब इस पहाड़ के अंदर कुछ-कुछ भाग कटने लगेंगे और ये
कटे हुए भाग क्यों बनेंगे क्योंकि इनके बीच के पत्थर को कौन उठा के ले गया प्लक करके ले गया जो इनके ऊपर का ग्लेशियर मौजूद था वो इसको प्लक करके नीचे की ओर ले गया तो ग्लेशियर के अंदर जब हम लैंड फॉर्म्स की बात करते हैं तब हमें समझना जरूरी है कि यहां पे प्लकिंग का जो प्रोसेस है दैट इज वेरी वेरी इंपॉर्टेंट और उसी प्लकिंग के प्रोसेस के कारण कुछ-कुछ एरोजनल एरोजनल वर्क होने लगते हैं अब जब ये ग्लेशियर इरोजन करेगा तो क्या कुछ लैंड फॉर्म्स का फॉर्मेशन करेगा जी हां सर लैंड फॉर्म का
फॉर्मेशन करेगा सर पहला लैंड फॉर्म जिसको हम डिस्कस करने वाले हैं वो क्या है पहले लैंड फॉर्म को अगर आप ध्यान से देखें तो इसे हम सिरक के नाम से जानते हैं मान लीजिए इस जगह पे इस तरीके से कोई एक ग्लेशियर का प्रेजेंस था अब जब ये ग्लेशियर्स नीचे की ओर आने लगेंगे तो डेफिनेटली इस ग्लेशियर के नीचे की ओर आने से इस पूरे पहाड़ के अंदर इस पूरे पहाड़ के सरफेस के अंदर क्या होगा इरोजन होगा तो ये जो पहाड़ था वो अब पहले जो इस तरीके से पहाड़ था अब इस पहाड़ के
अंदर यहां पे इस तरीके से क्या बनने लगेंगी कुछ इरोजन के कारण इरोजन के कारण यहां पे इस तरीके से आपको एक स्ट्रक्चर का डेवलपमेंट होता हुआ दिखाई देगा और यह जो स्ट्रक्चर बना है यह जो स्ट्रक्चर बना है जिसे मैं अब डाक कर रहा हूं येलो कलर से इस स्ट्रक्चर को हमने किस नाम से जाना है सिर्ग के नाम से जाना है ये स्टीप वोल्ड स्ट्रक्चर्स है जो यहां पे भी आपको मैं दिखा सकता हूं किस तरीके से बनेंगे देखिए प्लकिंग के कारण एब्रेजन के कारण जो ये वॉल्स हैं ये वॉल्स जो है इन
वॉल्स के साथ क्या होगा इरोजन होगा और जब इस वॉल के कारण वॉल के साथ इरोजन होता जाएगा तो क्या इस वॉल की एक कर्वी पाथ बनने लगेगा बिल्कुल सही बात है सर एक कर्वेचर सा डेवलप होने लगेगा उसी कर्वेचर को फ्रेंच लैंग्वेज में सिरक कहते हैं स्कॉटिश लैंग्वेज के अंदर कौरी कहते हैं और वेल्स में इसे सीडब्ल्यूएम के नाम से जाना जाता है सीडब्ल्यूएम के नाम से जाना जाता है तो ये जो प्रोसेस बना इस पूरे के पूरे स्ट्रक्चर को कर्वेचर को हमने किस नाम से जाना सिर्ग नाम से जाना अब अगर यहां पे
जो जो ग्लेशियर था वो मेल्ट हो गया मेल्ट होके इस पूरे कर्व के अंदर पानी भर गया जब ये पानी भर जाएगा तो उसे किस नाम से जाना जाएगा टान लेख के नाम से जाना जाएगा हेमकुंट साहिब जो है वो एक टान लेख है वो कौन सी लेख है एक टान लेख है यानी कि शिर्क से डेवलप हुई एक लेख है अब शिर्क अगर डेवलप होते रहे तब अब आप थोड़ा सा ध्यान से देखेंगे तो आपको समझ में आएगा इन्हीं सिरक के कारण कुछ और लैंड फॉर्म्स का डेवलपमेंट होता है जिसे हम जिसे हम किस
नाम से जानते हैं जिसके हम अरीट के नाम से जानते हैं अरीट का मतलब यह है आप समझो कि ये एक पहाड़ था इस पहाड़ के दोनों साइड में इस तरीके से ग्लेशियर का डेवलपमेंट हो इस तरीके से किसका डेवलपमेंट हो गया इस तरीके से सर्क का डेवलपमेंट हो गया तो जो बीच का पोर्शन है जो ये बीच का पोर्शन जो यहां पे आपको दिखाई दे रहा है ये एक तीखा एजी दिखाई देगा इस एजी ती तीखे इस तीखे एज लाइक स्ट्रक्चर को हम किस नाम से जानेंगे अरीट के नाम से जानेंगे तो अरीट के
दोनों साइड क्या है एरिटर है और ये बीच का जो पोर्शन है इसे हम किस नाम से जान रहे हैं अरीट के नाम से जान रहे हैं बहुत बढ़िया ये भी समझ में आ गया एरिटर पता लग गया क्या होता है अब अगर आप मल्टीपल एरीटॉप एरिटर था अब इस पहाड़ के अंदर ये वाला भाग भी कट गया ये वाला भाग भी कट गया तो ये जो ऊपर वाला पोर्शन रह गया इसे हम किस नाम से जानते हैं पिरामिडल पीक के नाम से जानते हैं और इस पिरामिडल पीक को होन भी कहा जाता है इसे
किस नाम से जाना जाता है हन के नाम से जाना जाता है अब एक और चीज मैं बताने की कोशिश कर रहा हूं उसको ध्यान से समझें अगर यहां पे इस पहाड़ के एक साइड में सर्क दूसरे साइड में सिरक बीच की जो रीट है ये भी गायब हो गई ये भी इरोड हो गई तो क्या ये दोनों शिर्क आपस में मिल जाएंगे बिल्कुल सही बात है सर दोनों शिर्क आपस में मिल जाएंगे उसे हम कोल के नाम से जानते हैं जिसे आप इंदरा कोल इंदरा कोल कहते हैं वो कोल यहां पे डेवलप होने लगेगा
कोल यहां पे डेवलप होने लगेगा तो देखो यहां पे हॉर्न दिखाई दे रहा है ये जो बीच का स्ट्रक्चर है जो एजी स्ट्रक्चर है उसे हम क्या कहते हैं इसे हम कहते हैं अरीट दिस इज अरीट दिस इज कॉल जब दो सर्क मिल गई बीच का अरीट गायब हो गया हॉर्न आपने देख लिया सिरक मैंने आपको बता दिया क्या होता है अब हम आगे बढ़ते हैं और फिर य यहां से आगे बढ़ के देखने की कोशिश करते हैं अरीट हमें पता लग गया अब है बर्क शुं बर्क शुं क्या होता है इसको भी मैं आपको
एक फोटोग्राफ के सहायता से समझाने की कोशिश करता हूं जब भी आप जब भी आप किसी भी अ ग्लेशियर को देखते हैं तो उस ग्लेशियर के अंदर कुछ भाग अगर बीच के टूट जाते हैं जहां पे गैप्स दिखाई देते हैं उन्हें आप बर्क शंड के नाम से जानते हैं जनरली क्या होता है जब ये सर्दी गर्मियों का मौसम आता है ना तो ग्लेशियर्स पिघलते हैं बट कई जगहों पे ऐसा ऐसा होता है कि ग्लेशियर के बीच का भाग पिघल तो गया बट स्नोफॉल होने के बाद वो फिल अप नहीं हो पाया तो जो माउंटेनियर्स होंगे
उनके लिए बहुत बड़ी दिक्कत हो जाती है क्योंकि जब वो माउंटेन पे चढ़ेगा ना तब उसको समस्या होगी समस्या क्यों होगी क्योंकि उसने देखा आगे बढ़ा बीच में एक खड्डा है बीच में एक बहुत बड़ा गैप है उसे ही हम बर्ग शंड के नाम से जानते हैं जो आप यहां पे देख पा रहे हैं है ना ये है बर्क शंड हेड ऑफ अ ग्लेशियर वयर इट बिगिंस टू लीव द स्नो फील्ड ऑफ अ कोरी अ डीप वर्टिकल क्रैक ओपनस अप एक बहुत ही वर्टिकल क्रैक ओपन हो जाता है इसे ही आप क्या कहते हैं बर्ग
शुं के नाम से जानते हैं इसके बाद आ जाए हम ग्लेशियर वैली की बात करें जैसे जब रिवर रिवर जब फ्लो कर रही थी तब वी शेप वैलीज बनाती हैं बट ग्लेशियर जो है उनका मास है और जब वो फ्लो करेंगे तब वह भी वैलीज बनाएंगे नो डाउट अबाउट दैट बट ग्लेशियर्स के द्वारा बनाई गई जो वैलीज होती हैं उन्हें हम v शेप वैली नहीं य शेप वैली कहेंगे क्योंकि ग्लेशियर्स जब मूव करेगा जब ग्लेशियर्स मूव करेंगे तो वो इस तरीके से मूव करते हुए आगे बढ़ेंगे और कौन सी वैलीज बनाएंगे यू शेप वैलीज बनाएंगे
कौन सी वैलीज बनाएंगे यू शेप वैलीज बनाएंगे और इन्हीं यू शेप वैलीज के अंदर अगर पानी भर जाता है इन्हीं यू शेप वैली के अंदर अगर पानी भर जाता है तो इन्हें हम किस नाम से जानते हैं बच्चा इन्हें हम जानते हैं फिड्स तो फिड्स अगर हम देखें डीप नैरो एंड लोंगे केडन ट्स ऑफ द सी फ्लैक्ड बाय स्टीप क्लिफ जहां पे आपको स्टीप क्लिफ दिखाई दे रही हैं और इन स्टीप क्लिफ के बीच में जो पानी का प्रेजेंस है वही हमें फिड्स के नाम से जाना जाता है उसे हम किस नाम से जानते हैं
फिड्स के नाम से जानते हैं अरीट और होनस मैंने आपको बता दिया है फिड्स हमने डिस्कस कर लिया इसके साथ-साथ एक और चीज मैं आपको दिखाना चाहता हूं यहां पे फोर्ड्स के साथ-साथ लेट मी शो यू वन मोर थिंग हियर एंड दैट इज दिस दिस इज व्हाट वी कॉल एज यू शेप वलीज इसे हम किस नाम से जान रहे हैं ये जो बीच की वैली बनी ये एक यू शेप वैली बनी और अगर मान लो इस यू शेप वैली के बाजू में जो यह पूरा का पूरा माउंटेन है यहां पे भी कुछ वैलीज का फॉर्मेशन
हो रहा है तो इस यू शेप वैली के रेस्पेक्ट में ऐसा लगेगा कि यह एक हैंगिंग वैली है ये एक हैंगिंग वैली है और इसे ही हम हैंगिंग वैली के नाम से जानते हैं सो हैंगिंग वैली क्या होगी यू शेप वैली के ऊपर की जो वैलीज हैं आफ्टर द आइस जज मेल्टेड जो ट्रिब्यूटरी वैलीज है जो हैंग कर रही है मेन वैली है और ऊपर से एक मेन वैली के बाद ऊपर से ट्रिब्यूटरी वैली है उसे आप हैंगिंग वैली के नाम से जानते हैं फिर आता है रचे माउंटेंस रचे माउंटेंस के अंदर क्या होता है
मान लीजिए मैं आपको इसमें दिखाने की कोशिश करता हूं वेट फॉर अ वाइल आई होप आई हैव मेड दिस वेट पोट्स पोट्स मैंने आपको बता दिया देखें क्रेग एंड टेल बट रोचे माउंटेंस भी था यहां पे चलो एनीवेज इसको मैं यहां से दिखाता हूं कि रोचे माउंटेंस क्या होते हैं रोचे माउंटेंस में क्या है देखें अगर मान लो ग्लेशियर आगे बढ़ रहा है ग्लेशियर आगे बढ़ रहा है बढ़ते बढ़ते बीच में ऐसी रॉक आ गई जिसको वो इरोड नहीं कर पा रहा बट वो उसके ऊपर से चढ़ेगा और फिर नीचे की ओर आ जाएगा तब
यहां पे आप देखें एक रेजिडें एक रेजिस्टेंट रेसिड रॉक है जिसके अंदर एक साइड तो क्या होती है बहुत ही स्मूथ होती है और दूसरी साइड क्या होती है प्लकिंग के कारण बहुत ही ज्यादा रफ होती है उसे हम रोचे माउंटेंस कहते हैं उसी का एक जो बड़ा फॉर्म है उसे हम क्रेग एंड टेल के नाम से जानते हैं क्रेग एंड टेल के नाम से जानते हैं फिर आता है नुनातक नुनातक का मतलब क्या है नुनातक का मतलब यह है कि मान लीजिए यह कोई एक ग्लेशियर था इस ग्लेशियर के अंदर इस ग्लेशियर यह पूरा
का पूरा ग्लेशियर ये एक माउंटेन पूरा का पूरा ग्लेशियर से ढका हुआ था बट इसकी साइड्स जो है इसका जो पीक है वहां से तो ग्लेशियर मेल्ट हो गया बट इसकी साइड्स जो है वहां पे अभी भी ग्लेशियर का प्रेजेंस आपको दिखाई दे रहा है यानी कि आप देखें पीक जो है वहां से तो ग्लेशियर हट गया बट जो साइड्स है वहां पे अभी भी बर्फ जमी हुई है तो इस पीक को नुनातक कहा जाता है अगर आप थोड़ा सा इमेजिन करेंगे तो आपको लगेगा यह पीक है और इसके चारों ओर क्या है एक ग्लेशियर
की परत है इसका मतलब आपको ऐसा लगेगा कि ये ग्लेशियर का एक आइलैंड है ग्लेशियर का एक आइलैंड के रूप में दिखाई देता है ग्लेशियर के एक आइलैंड के रूप में आपको दिखाई देता है इसके बाद आता है ग्लेशियल डिपॉजिट लैंड डिपोजिशनल लैंड फॉर्म्स डिपोजिशनल लैंड फॉर्म्स में जब हम कॉन्टिनेंटल ड्रिफ्ट थेरी पढ़ रहे थे तब मैंने आपको एक बात बोली थी कि जो ग्लेशियर के सेडिमेंट्स होते हैं उन्हें टिल कहा जाता है उन्हें किस नाम से जानते हैं टिल कहा जाता है जहां पे बहुत सारे अनसोर्टेड अनसोर्टेड मतलब उसके अंदर बड़े पत्थर भी हैं
छोटे भी हैं उससे बीच वाले पत्थर भी हैं डिफरेंट डिफरेंट तरीके के जो पत्थर होते हैं उन्हें हम जो डेबी होता है उसे हम ग्लेशियल टिल कहते हैं और आउटवॉश डिपॉजिट का मतलब जब ये ग्लेशियर जब ये ग्लेशियर जो अ जो ग्लेशियर मेल्ट हो जाता है तो मेल्ट वाटर क्या होता है कुछ भाग को कुछ रॉक डब्री को क्या कर लेता है अपने साथ आगे लेके चला जाता है और डिपॉजिट कर देता है उसको हम क्या कहते हैं आउट वॉश डिपॉजिट मतलब टिल में से कुछ हिस्सा जो पानी के साथ बह के आगे आके डिपॉजिट
हो गया उसे आउटवॉश डिपॉजिट कहेंगे मोरेंस मोरेंस क्या है अगर देखो टिल तो है सेडिमेंट्स अगर इन सेडिमेंट्स का डिपोजिशन होने लगा और एक पर्टिकुलर स्ट्रक्चर बन गई तो उसे मोरेन कहते हैं जैसे मैं आपको यहां पर दिखाने की कोशिश करता हूं कि मोरेन क्या है यहां पे आप देखेंगे कि यह जो बीच का भाग है जो साइड का भाग है यहां पे टिल का डिपोजिशन हुआ तो इसको हम लेटरल मोरेन कहते हैं अगर यह बिल्कुल एंड में जाके एंड में जाके सारे के सारे टिल डिपॉजिट हुए तो इसको हम एंड मोरेन कहते हैं अगर
यह दो ग्लेशियर्स के बीच में डिपॉजिट हो रहे हैं यह देखो यह वाला भाग यह वाला भाग जो कि वाइट नहीं है जो वाइट नहीं है वाइट नहीं है इसका मतलब यह है कि मोरे जो है वो रिज लाइक डिपोजिशनल फीचर्स हैं जो किससे बने हुए हैं टिल से बने हुए हैं जनरली जनता को समझ ही नहीं आता सर टिल और मोरेन में फर्क है मैं कहता हूं टिल तो सिर्फ सेडिमेंट है वो सेडिमेंट कौन लेके आया ग्लेशियर मुरेन क्या है जब उन टिल्स ने एक रिज लाइक स्ट्रक्चर बना दी ना तब उसे मोरेन कहते
हैं वैसे तो वो अगर आपसे पूछे मोरेन किससे बना हुआ है सर टिल से बना हुआ है तो मोरेन का स्ट्रक्चर कैसा सर रिज लाइक स्ट्रक्चर है किसने बनाया सर इन ग्लेशियल टेल्स ने बनाया उसे ही हम किस नाम से जानेंगे मोरेंस के नाम से जानेंगे अब मोरेंस अगर एंड में है तो टर्मिनल मोरेंस बीच में है तो मीडियन मोरेंस और अगर साइड में है तो लेटरल मोरेंस के नाम से जाना जाता है लेटरल मोरेंस के नाम से जाना जाता है अब देखें एस्कर्स देखो जब क्या होता है कोई भी ग्लेशियर जब कोई ग्लेशियर यहां
पे मान लीजिए ये ग्लेशियर था इस ग्लेशियर से कोई एक स्ट्रीम निकली पिघल के जब ये ग्लेशियर से कोई एक छोटी सी स्ट्रीम निकली बिल्कुल छोटी सी स्ट्रीम निकली जैसे कि आपको यहां पे दिखाई दे रही है इस छोटी स्ट्रीम के कारण जो छोटे-छोटे ग्लेशियर जब मेल्ट हुआ वाटर जब कैरी करते-करते एक जगह पे गैदर हो गया और जो बड़े कोर्सर मैटेरियल्स हैं उनको क्या कर दिया डिपॉजिट कर दिया तो उसे किस नाम से जानेंगे एस्कर यानी कि एस्कर का फॉर्मेशन पूरे ग्लेशियर के मेल्ट होने से होता है या ग्लेशियर के कुछ हिस्से से एक
छोटी सी स्ट्रीम निकलने के कारण होता है एक छोटी सी स्ट्रीम जब मेल्ट होके ग्लेशियर से आगे निकलेगी तो वो अपने साथ जो सेडिमेंट्स लेके जाएगी कोर्सर सेडिमेंट्स को डिपॉजिट करेगी और कुछ रिस बना देगी साइनोसिस रिजे इन्हें हम एस्कर के नाम से जानेंगे आउटवॉश प्लेंस जब भी पूरा ग्लेशियर मेल्ट हो जाता है तब ग्लेशियर के मेल्ट होने से जब नदी बही तो या कोई एक स्ट्रीम बही तो उसने क्या किया सारे के सारे जितने भी सेडिमेंट्स थे उनको क्या कर दिया सॉर्ट कर दिया आपने एक चीज देखी थी यहां पे मेरे साथ वो थी
अनसोर्टेड मिक्सचर है टल अनसोर्टेड मिक्सचर का मतलब क्या है अनसोर्टेड मिक्सचर का मतलब है उसके अंदर स्टोन भी है पेबल भी है डस्ट पार्टिकल भी है सैंड भी है सिल्ट भी है क्ले भी है ठीक है वो अनसोर्टेड है सब मिक्स है बट अब जब पानी बहेगा तो सबसे पहले जब पानी की वेलोसिटी तेज होगी तब वो सबसे पहले क्या होगा सबको ले जाएगा जैसे ही वेलोसिटी कम हुई सबसे पहले कौन डिपॉजिट हो जाएंगे बड़े पत्थर फिर और कम हुई उससे छोटे पत्थर पथर फिर उससे छोटे पत्थर फिर उससे छोटे पत्थर उससे छोटे पत्थर क्या
ये सारे अब सॉर्ट हो जाएंगे बिल्कुल सही बात है सर ये सॉर्टेड हो जाएगा जब ये शॉर्ट हो जाएगा तब हम इसे किस नाम से जानेंगे आउट वॉश प्लेन के नाम से जानेंगे नेक्स्ट इज ड्रमलिन ड्रमलिन क्या होता है जब आप इस ड्रमलिन को देखेंगे तब आपको लगेगा कि जैसे-जैसे ग्लेशियर आगे बढ़ रहा था वैसे ही सेडिमेंट के डिपॉजिट होने के कारण अब ग्लेशियर क्या कर रहा है उनको आगे नहीं लेके जा रहा डिपॉजिट किया और उनके ऊपर से निकल गया डिपॉजिट किया और उनके ऊपर से निकल गया डिपॉजिट किया और उनके ऊपर से निकल
गया तो आपको इस तरीके की टोपोग्राफी यहां पे दिखाई देगी जैसा कि मैं आपको एक सेकंड के अंदर दिखाने वाला हूं देखिए मेरे दोस्तों यहां पे ये प्लकिंग रेग एंड टेल ये देखो यहां पे क्या हुआ इस जगह पे सेडिमेंट डिपॉजिट हुए उनके ऊपर से ग्लेशियर इस तरीके से निकल गया फिर सेडिमेंट डिपॉजिट हुए ग्लेशियर ऊपर से निकल गया इसका मतलब है यहां पे छोटे-छोटे जो ो की ट्रे है बास्केट ऑफ एग टोपोग्राफी है वैसी आपको दिखाई देगी जिसका इसको देखते हुए क्या बता सकते हैं कि ग्लेशियर का ग्लेशियर का मूवमेंट कैसे हो रहा होगा
मैं कहता हूं हां सर बता सकता हूं ग्लेशियर इस डायरेक्शन में आगे बह रहा होगा ग्लेशियर का मूवमेंट इस डायरेक्शन में होगा उसे ही हम ड्रमलिन कहते हैं तो क्या ड्रमलिन एक डिपोजिशनल फीचर है जी हां राइट एंड लास्टली वीी हैव केटलिक फिड्स मैं आपको बता चुका हूं कैट लेक क्या होती है जब भी आप देखें बर्फ मेल्ट हो हो जाती है ना तो पीछे गड्ढा बना देती है उस गड्ढे के अंदर अगर धीरे-धीरे पानी डिपॉजिट होने लग जाए तो उसके कारण जो लेक डेवलप होगी उसे कैटल लेक कहा जाएगा डिप्रेशन यानी कि गड्ढा आउटवॉश
प्लेन के अंदर क्यों क्योंकि ग जो आइस का मास है वो क्या हुआ मेल्ट हुआ जब आइस का मास मेल्ट हुआ तो उसके अंदर क्या होगा बहुत छोटे-छोटे पानी की लेक्स बनने लगेंगी जिन्हें कैटल लेक्स कहेंगे राइट और अगर ये लार्ज कैटल्स मे कंटेन न्यूमरस छोटे-छोटे माउंड्स ये यहां पे होते हैं हैं उन्हें हम हॉक्स के नाम से जानते हैं सो दीज वर दी दीज वर दी लैंड फॉर्म्स रिलेटेड टू दी ग्लेशियर्स नाउ लेट्स टॉक अबाउट द कोस्टल लैंड फॉर्म्स कोस्टल लैंड फॉर्म्स के अंदर बहुत ही आसान है कुछ लैंड फॉर्म्स को समझना क्योंकि इनसे
कोई ज्यादा बड़ी हम उम्मीद रख भी नहीं सकते कि सवाल आए बट स्टिल वी विल ट्राई एंड अंडरस्टैंड व्हाट एगजैक्टली कोस्टल लैंड फॉर्म्स आर और इनके साथ क्या-क्या चीजें एसोसिएटेड हैं मान लीजिए यह कोई एक कोस्ट है और इस कोस्ट के ऊ पर यहां पर आपको यह समुद्र का पानी नजर आ रहा है समुद्र का पानी नजर आ रहा है समुद्र के पानी में जो भी वेव्स होंगी उन वेव्स के कारण यहां पर जो छोटे-छोटे छोटे-छोटे पार्टिकल्स होंगे जो छोटे-छोटे पार्टिकल्स होंगे यह छोटे-छोटे पार्टिकल्स आके स्ट्राइक करेंगे इस पूरे के पूरे प्लेटफॉर्म के साथ यह
जो रॉक है इस रॉक के साथ ये क्या करेंगे स्ट्राइक करेंगे जब ये इस रॉक के साथ स्ट्राइक करेंगे तो क्या इरोजन करेंगे जी हां तो जो ये पार्टिकल हैं जो यह पार्टिकल्स हैं यह पार्टिकल जाके इसको इरोड कर रहे हैं इस प्रोसेस को हम क्या कहते हैं इस प्रोसेस को हम कहते हैं अबरेज यहां पे ये एक प्रोसेस है जो कि काम आ रहा होगा दूसरा जब ये पानी खुद आके स्ट्राइक करेगा वाटर खुद आके इससे स्ट्राइक करेगा तो अगर आप ऐसा समझे कि मैंने एक पानी की पाइप ली और उसको एक दीवार पर
कंटीन्यूअसली डालता जा रहा हूं तो एक समय के बाद उस दीवार का मटेरियल कुछ ना कुछ बाहर आने लगेगा जब उसका मटेरियल बाहर आ जाएगा तो क्या यहां पे इरोजन होगा बिल्कुल हां वो किसके कारण हुआ वो हाइड्रोलिक एक्शन के कारण हुआ वो किसके कारण हुआ हाइड्रोलिक एक्शन के कारण हुआ और जब पार्टिकल्स छोटे-छोटे पार्टिकल्स इसके टूटेंगे तो वो आपस में भी तो कोलाइड करेंगे बिल्कुल सही बात है वो आपस में भी कोलाइड करेंगे इसको एट्रिशन के नाम से जानते हैं एट्रिशन हमेशा दो पार्टिकल आपस में कोलाइड करके छोटे हो जाते हैं उसे कहते हाइड्रोलिक
एक्शन पानी की वजह से जो रॉक टूटती है पानी की वजह से जो रॉक टूटती है उसे हाइड्रोलिक एक्शन कहते हैं और जो पार्टिकल एक बड़ी रॉक पे टकरा के उसको तोड़ तोड़ते हैं तो उसे हम एब्रेजन कहते हैं इन तीनों की वजह से आप धीरे-धीरे एक बात समझे अगर कोई यह रॉक थी तो यहां पे जैसे-जैसे यह पानी इसको स्ट्राइक करता जाएगा तो कुछ समय के बाद क्या आपको ऐसा सिनेरियो नहीं दिखाई देगा कि ये जो रॉक है ये जो रॉक है जो इस तरीके से पड़ी थी अब इस रॉक का कुछ हिस्सा कुछ
हिस्सा टूट गया है कुछ हिस्सा टूट गया और ये जो टूटने वाला हिस्सा है ये टूटने वाला हिस्सा जो है यहां पे इसमें तोड़ने वाला कौन है तोड़ने वाला कौन है तोड़ने वाला है ये पानी तोड़ने वाला कौन है ये पानी और जैसे ही इसने तोड़ दिया अब एक बात का जवाब देना क्या ये वाटरफॉल जैसा सिनेरियो नहीं है कि कुछ समय बाद ये और टेढ़ा हो जाएगा और एक वक्त के बाद यह भाग नीचे की ओर गिरने लगेगा एक वक्त के बाद यह नीचे की ओर गिरने लगेगा और क्या इनको क्या इनको हम वेव
कट प्लेटफॉर्म कहेंगे बिल्कुल सही बात है सर इनको काटा किसने सर वेव ने काटा क्यों काटा वेव ने मेरे दोस्तों क्योंकि वेव के पास एनर्जी थी और इस एनर्जी के कारण धीरे-धीरे ये जो हार्ड रॉक है वो पहले जो यहां तक थी अब वो पीछे हो गई अब फिर और पीछे हो गई और यहां से जो बनने वाले प्लेटफॉर्म्स होंगे उन्हें हम किस नाम से जानेंगे वेव कट प्लेटफॉर्म के नाम से जानेंगे फिर इसके बाद अगर हम वेव कट टेरेसेज के बाद हम देखते हैं केव्स केव्स का मतलब यह है कि अगर आप सी वेव
लैंड फॉर्म्स को देखें तो यहां पे आपको मैं कुछ ड इमेजेस दिखाना चाहता हूं उस इमेजेस से शायद बेहतर तरीके से आप जान पाएंगे एगजैक्टली व्हाट दीज लैंड फॉर्म्स आर ऑल अबाउट वेट फॉर अ वाइल गाइ वेट आज टोपोग्राफी कास्ट टोपोग्राफी वी हैव डिस्कस विंड वी आर गोइंग टू डिस्कस आफ्टर दिस देन एरोजनल देन ग्लेशियर देखें यह हो गए क्लिफ राइट कोस्टल इरोजन के अंदर अब एक बात समझे जैसे जैसे यह एग्जांपल वेव कट प्लेटफॉर्म मैंने आपको बता दिया केव्स केव्स को अगर आप देखते हैं तो यहां पर आपको यह चीज जो दिखाई देती है
कि यह जो पानी आया पानी ने आके इस पूरी रॉक को पूरी रॉक को क्या किया इरोड करना स्टार्ट किया जैसे-जैसे यह इरोड करेगा तो क्या यहां पे अंदर की तरफ एक केव बनने लगेगी बिल्कुल सही बात है सर अंदर की तरफ केव बनने लगेगी केव बनने लगेगी धीरे-धीरे पानी उस केव के अंदर जाता रहा पानी उस केव के अंदर जाता रहा अब क्या वह केव आर पार हो गई बिल्कुल सही बात है सर वोह केव आर पार हो गई पहले तो यह पूरा का पूरा केव था अब धीरे-धीरे धीरे-धीरे पानी इसको आर पार कर
देगा तो इससे किसका डेवलपमेंट होगा सर इसके बाद डेवलपमेंट होगा आर्च का अब एक बात बताओ ये ऊपर वाला हिस्सा क्या ऊपर वाला हिस्सा क्या स्टेबल रह पाएगा क्योंकि अब ये तो नीचे से खाली होता जा रहा है जब ये नीचे से खाली होता जा रहा है तो ये पूरा का पूरा आर्च भी नीचे ढह जाएगा तो ये छोटे-छोटे ऐसे स्टैक्स डेवलप होते हुए आपको दिखाई देंगे तो इस तरीके से हम समझ सकते हैं यहां पे कि सबसे पहले क्या बनेगा केव केव के बाद आपको आर्चे आर्चे के बाद सी स्टैक्स ठीक है वेव कट
प्लेटफॉर्म हम यहां पे देख चुके हैं देखिए स्टैक्स स्टैक्स और छोटे होते गए तो उसे हमने क्या बोला स्टंप तो पहले क्रैक डेवलप होगा फिर केव बनेगी फिर आर्च बनेंगे ऊपर से ये नीचे आएगा वेव कट प्लेटफॉर्म बन जाएगा फिर यहां से स्टैक बनी स्टैक के बाद स्टंप बना ये सारे के सारे कौन से लैंड फॉर्म्स हैं ये एरोजनल लैंड फॉर्म्स हैं अब हम बात करते हैं डिपोजिशनल लैंड फॉर्म्स की डिपोजिशनल लैंड फॉर्म्स में होता ऐसा है कि जब भी आप मान लीजिए दिस इज अ कोस्टल रीजन यह क्या है एक कोस्टल रीजन है इस
कोस्टल रीजन के अंदर कोस्टल रीजन के अंदर यहां पर समुद्र का पानी है और समुद्र का जो पानी है हवाएं जब चलती हैं जब विंड्स चलती हैं तोत विंड्स सीधा नहीं चलती अभी हम क्लाइमेटोलॉजी में देखेंगे भी कि इनके ऊपर एक फोर्स होता है जिसे आप कोरिओलिस फोर्स के नाम से जानते हैं कोरिओलिस फोर्स के कारण यह जो विंड्स है ये विंड्स टेढ़ चलती हैं और जब यह विंड स्टेडी चलेंगी तो क्या यह पानी को इस तरीके से ले जा के इस कोस्ट प लेकर जाएंगी बिल्कुल सही बात है इस पानी को इस तरीके से
यहां पे लेके जाती हैं जब पानी इस तरीके से कोस्ट की ओर जाता है तो क्या अपने साथ बहुत सारी सैंड पार्टिकल्स लेके जाएगा बिल्कुल सही बात है और इनको आगे ले जाने वाला कौन है इनको आगे लेक जाने वाला विंड है और इस विंड की वजह से ही क्या डेवलप हो रही है वेव्स डेवलप हो रही हैं जो यहां पे बहुत सारे सेडिमेंट ट् को लेकर जा रही हैं सेडिमेंट्स को लेकर जाती हैं बट क्या यह पानी यहीं रुकेगा या वापस भी आएगा सर वापस भी आएगा बट वापस जब आएगा तब यह सीधा आएगा
क्योंकि तब विंड का रोल नहीं है गया टेढ़ा है गया गया टेढ़ा है आ सीधा रहा है गया टेढ़ा आया सीधा गया टेढ़ा आया सीधा इस तरीके से इस पानी का ये मूवमेंट होता जा रहा है तो क्या मैं कहता हूं कि जब यह पानी आएगा कंपैरेटिव कम स्पीड से वापस जब कंपैरेटिव कम स्पीड से वापस आएगा तो यहां पे डिपोजिशन होने लगेगा सैंड का बिल्कुल सही बात है सर यहां पे इस तरीके से आगे की ओर आगे की ओर सैंड का डिपोजिशन होने लगेगा यहां पे जो सैंड का डिपोजिशन हुआ है इस सैंड के
डिपोजिशन को इस प्रोसेस को बोलते हैं लॉन्ग शोर ड्रिफ्ट जो शोर के ऊपर लंबे तरीके से ड्रिफ्ट के रूप में डिपोजिशन हुआ है उसे ही हम लॉन्ग शोर ड्रिफ्ट के नाम से जानते हैं अब यह जो ल ल शोर ड्रिफ्ट है इसकी वजह से सेडिमेंट्स का डिपोजिशन होना स्टार्ट होता है कोस्टल रीजन के अंदर मान लीजिए मैं भारत का एग्जांपल लेता हूं जब मान लीजिए यह है इंडिया का कोस्ट इस तरीके से अगर मान लीजिए लॉन्ग शोर ड्रिफ्ट के कारण जो डिपोजिशन है वो इस तरीके से होने लगा इस तरीके से यह डिपोजिशन होने लगा
तो सबसे पहले इसे बोला जाएगा इसे बोला जाएगा सैंड बार सैंड स्पिटबॉल एंड बार बस इनके अंदर डिफरेंस ये होगा कि जो सैंड स्पिटर वो कंपैरेटिव छोटा है बड़ा हो जाएगा तो सैंड बार और अब यहां पे सबसे पहले देखें स्पिट्स आर लोंगेडएक्सएक्सएक्स इसको हम इस तरीके से देख रहे हैं एक सैंड स्पिड का डेवलपमेंट हुआ एक सैंड स्पिड का डेवलपमेंट हुआ जिसकी वजह से यहां का जो ओशियन का पानी है वो पीछे की ओर जाएगा बिल्कुल सही बात है पीछे की ओर जाएगा तो सर इसे किस नाम से जानेंगे इसे बैक वाटर्स के नाम
से जानेंगे इसे जाना जाता है किस नाम से बैक वाटर्स के नाम से जाना जाता है ठीक है सर बैक वाटर्स हो गया फिर उसके बाद लॉन्ग शोर ड्रिफ्ट मैंने आपको बता दिया बार्स आपको बता दिया अब क्या हुआ लगूनस लगूनस में क्या है जब मान लीजिए कोई भी एक ऐसा लैंड फॉर्म था इस लैंड फॉर्म में यहां पे समुद्र का पानी है धीरे-धीरे धीरे-धीरे किसका डेवलपमेंट होने लगा मैं आपको जो दिखा रहा हूं दिस इज सैंड स्पिटिंग गया दिस इज सैंड बार आधा सैंड स्पिड पूरा सैंड बार अब ये पानी जो कंटेन हुआ इसने
एक लेख बना ली इसे हम क्या कहेंगे लगून लेख कहेंगे इसे हम क्या कहेंगे लगु लेख कहेंगे लगु लेख ठीक है अब आता है टॉमबोलो टोलो क्या है जो भी कनेक्ट करता है आइलैंड को मेन लैंड से आइलैंड को मेलैंड से कनेक्ट करने का मतलब यह है मान लीजिए यहां पे कोई एक मेन लैंड है और यह एक आइलैंड है कुछ ऐसे एक सैंड स्पिटर डेवलपमेंट हुआ और उसने इस आइलैंड को इस मेन लैंड के साथ कनेक्ट कर दिया तो इसे हम क्या कहेंगे टोलो और धीरे-धीरे ये जो स्ट्रक्चर है जो सैंड की स्ट्रक्चर है
ये क्या होने लगती है बहुत ही ज्यादा बहुत ही ज्यादा अ मैच्योर होने लगती है जहां पे कुछ हाई बायोडायवर्सिटी भी देखी जाती है ठीक है सॉल्ट मार्शेज जो है वो कोस्टल वेटलैंड्स है जहां पर सॉल्ट टोलरेंट वेजिटेशन होती है जैसे कि आप मैंग्रोव को जानेंगे मेरे साथ एनवायरमेंट के अंदर स्ट्रेट एंड थमसर क्या होते हैं फिर आता है गल्फ और बे के अंदर क्या डिफरेंस होता है जब गल्फ की बात करेंगे तो गल्फ जनरली लार्जर होता है और मोर एक्सटेंसिव इशन इंडेन होता है कोस्टलाइन का जबकि बे की बात करें तो बे कंपैरेटिव स्मॉलर
और शॉर्ट होता है कंपेयर टू दी गल्फ और अगर बात करें जो गल्फ है वो ओपन कनेक्शन होता है किसके साथ सी के साथ और जो बे का एंट्रेंस है वो कंपैरेटिव नैरोर होता है सो इट जैसे कि आपने जाना होगा बे ऑफ बंगाल गल्फ ऑफ मेक्सिको लास्ट टाइप ऑफ लैंड फॉर्म हेयर इज द लैंड फॉर्म्स कॉज्ड बाय दी विंड्स सो जब हम विंड्स के लैंड फॉर्म को देखने की कोशिश करते हैं तब इसे हम एलिन लैंड फॉर्म कहते हैं एलिन लैंड फॉर्म के अंदर जो मैकेनिज्म काम करता है उन मैकेनिज्म को हम डिफ्लेशन और
एब्रेजन के रूप में जानते हैं डिफ्लेशन का मतलब है जब जब भी एरिड रीजन यानी कि डेजर्ट अस रीजन में हवाएं चलेंगी जब डेजर्ट अस रीजन में हवाएं चलेंगी तो वह हवाएं वहां से मिट्टी को उठा देंगी उठा के आगे ले जाएंगी तो क्या एक गड्ढा बन जाएगा एक जगह पे जी हां इसे हम डिफ्लेशन कहते हैं तो डिफ्लेशन यानी कि घटना फैक्टर कौन है विंड एब्रे न का मतलब क्या है कि अगर जो हवा में बहुत सारे सैंड था सैंड पार्टिकल्स थे वो जाके किसी रॉक के ऊपर टकरा रहे हैं जैसे पहले कोस्टल इरोजन
के अंदर पानी उन पार्टिकल्स को किसी रॉक से टकवा रहा था अब कौन टकरा रहा है अब यही पार्टिकल टकरा रहे हैं बट किसकी वजह से टकरा रहे हैं विंड की वजह से तो उसे हम एब्रेजन के नाम से जानेंगे जिसे आप सैंड ब्लास्टिंग भी कहते हैं जैसे कि ये हवा चली इस हवा के अंदर क्या थे सैंड था वो सैंड जब इस रॉक के ऊपर आके टकराए गी तो इसे हम एब्रेजन के नाम से जानेंगे एक्सफोलिएशन मैं आपको बता चुका हूं वेदरिंग के अंदर और एट्रिशन का मतलब क्या होता है जब पार्टिकल्स आपस में
टकरा के छोटे होंगे अब इससे बनने वाले कुछ लैंड फॉर्म्स सबसे पहला लैंड फॉर्म जिसे आप मशरूम रॉक और रॉक पेडेस्टल कहते हैं एक बहुत बड़ा रॉक पड़ा था उस रॉक पार्टिकल के ऊपर जो नीचे की साइड है वहां पे विंड जो है विंड जोब सैंड को लेके जा रही है तो आप खुद समझो सरफेस के पास ज्यादा ज्यादा सैंड होगी या सरफेस के ऊपर सर सैंड का भार है वो नीचे रहेगा ऊपर की ओर ज्यादा नहीं रहेगा तो जो भी रॉक थी उस रॉक के उस रॉक के जो लोअर पार्ट है वहां पे कौन
बार-बार बार-बार बार-बार स्ट्राइक कर रहा है सैंड ब्लास्टिंग कर रहा है वो कर रहा है विंड की वजह से सैंड अब उसके साथ-साथ अगर इसका नीचे का हिस्सा जो है वो कंपेरटिवली सॉफ्टर रॉक से बना है तो क्या मैं कह सकता हूं कि यहां पे इस जगह पे इस जगह पर आपको इस जगह पर आपको जो रॉक का एरिया होगा वह कम होता हुआ दिखाई देगा इरोड होता हुआ दिखाई देगा इसे ही जो स्ट्रक्चर बनती है इसे हम रॉक पेडेस्टल और मशरूम रॉक के नाम से जानते हैं इसके बाद आता है जगनस जगनस में क्या
होता है हॉरिजॉन्टल लेवल पे हार्ड एंड सॉफ्ट रॉक का प्रेजेंस है मान लीजिए यहां पर कोई एक हार्ड रॉक है फिर एक सॉफ्ट रॉक है और फिर एक हार्ड रॉक है हार्ड रॉक सॉफ्ट रॉक हार्ड रॉक अभी क्या हुआ किसी कारण वश किसी कारण वश वेदरिंग हो गई वेदरिंग होते होते यह हार्ड रॉक बहुत लंबे समय के बाद क्या हो गई इरोड हो गई जैसे ही यह हार्ड रॉक इरोड हुई जैसे ही यह हार्ड रॉक इरोड हुई यह बीच वाला भाग जब इरोड हुआ तो क्या नीचे का सॉफ्ट रॉक पूरा एक्सपोज हो गया बिल्कुल सही
बात है सर यह पूरा का पूरा रॉक क्या हो गया एक्सपोज हो गया तो क्या आपको इस तरीके से हार्ड और सॉफ्ट रॉक के बीच में एक गैप दिखाई देगा बिल्कुल सही बात है यहां पे अब इसके बीच में से हवा जा सकेगी जी हां सर हवा जा सकेगी इसी को हम क्या कहते हैं इसी को हम जगनस के नाम से जानते हैं बट इसके अंदर याद रखना है आपको हॉरिजॉन्टल हार्ड एंड सॉफ्ट रॉक्स हैं बट अगर मान लो ये हॉरिजॉन्टल ना होके वर्टिकल इस तरीके से होती हार्ड रॉक सॉफ्ट रॉक हार्ड रॉक हार्ड रॉक
हार्ड रॉक बीच वाली रॉक्स जो है सॉफ्ट ट्रॉक हैं तो क्या मैं कह सकता हूं जो बीच की सॉफ्ट ट्रॉक्स है उनका इरोजन हो जाता बिल्कुल सही बात है सर इनका इरोजन हो जाता और यह इस तरीके से दिखाई देता यह इस तरीके से दिखाई देता राइट तो प्रोसेस तो अलग सेम है बस रॉक्स का रॉक्स का जो अरेंजमेंट है वह अलग है जुगन में हॉरिजॉन्टल है कैसे याद रखता हूं मैं क्योंकि इसके अंदर z आता है और जगन जड हॉरिजॉन्टल जबकि जो मैंने अभी अल्टरनेट हार्ड एंड सॉफ्ट ट्रॉक्स का अभी प्रेजेंस आपको दिखाई दिया
ये वर्टिकल है उन्हें बोला जाता है यार्ड्स उन्हें क्या बोलते हैं यार्ड्स बोलते हैं तो जगन हॉरिजॉन्टल है डांग वर्टिकल है जुगन हॉरिजॉन्टल है एंड डांगस आर वर्टिकल आप देख लो टेबुलर मासेज है लेयर ऑफ सॉफ्ट रॉक्स लाइंग बनीथारो रॉक फिर हार्ड रॉक फिर सॉफ्ट रॉक फिर ये डीप फरो क्रिएट कर देंगे इस तरीके से फरोज का डेवलपमेंट होगा यह हमने देख लिया डांस में भी सेम है इंस्टेड ऑफ लाइंग इन हॉरिजॉन्टल स्ट्रेटा इफ दे आर इन द वर्टिकल अरेंजमेंट देन दे आर डांस प्लाया क्या होती हैं जब भी मान लो कोई भी डेजर्ट में
से एक जगह से हवा मिट्टी को उठा के ले गई और वहां पे वहां पे क्या हो गया बहुत एक डिफ्लेशन क्रिएट हुआ उसके अंदर शैलो लेक्स का फॉर्मेशन हो गया जो कि माउंटेंस के द्वारा घिरी हुई है जिसका वाटर रिटेंशन कंपर ली कम है क्यों क्योंकि वहां पे इवेपरेशन का रेट ज्यादा है इस कारण से वहां पर सॉल्ट डिपॉजिट हो जाते हैं उन्हें प्लाया के नाम से जानते हैं मैसास एंड बटिस ये क्या होता है अगर मान लो कोई भी एक रीजन है जहां पे एक रॉक पड़ी थी पूरा का पूरा रीजन में जो
विंड है उसने क्या कर दिया विंड ने क्या कर दिया पूरा का पूरा विंड ने वहां पे इरोजन कर दिया बट उसका जो टॉप है वो बच गया उसे हम क्या कहते हैं मैसाज एंड बट्स कहते हैं इसीलिए वहां पे जो ऊपर का जो टॉप है वो टेबल लाइक लैंड मास होता है जो कि बहुत ही हार्ड रॉक से बना हुआ था और कंटिन्यू डेनिन थ्रू दी एजेस मे रिड्यूस मैसाज इन एरिया सो दैट दे बिकम आइसोलेटेड टॉप हिल्स जो बहुत मैसास कंपैरेटिव बड़े हैं अब कंटीन्यूअस इरोजन होता रहा तो छोटे हो जाएंगे तो उन्हें
बटिस के नाम से जाना जाएगा तो मैसास एंड बटिस ये आपने देख लिया मैसास है ना और ये छोटा हो गया बाकी सारे टूट गए तो ये जो छोटा फॉम है इसका दैट इज पटे इंसलबर्ग क्या होता है इंसलबर्ग एक ऐसा स्टीप स्लोप जैसे पहाड़ है ना वैसा पहाड़ दिखाई देगा क्योंकि इसके साइड की सारी चीजें क्या हो गई इरोड हो गई किसने की विंड ने की ये क्यों नहीं हुआ क्योंकि हार्ड रॉक था रेजिस्टेंट रॉक था ग्रेनाइट से बना हुआ था इसीलिए यह नहीं इरोड हो पाया जबकि बाकी का सारा का सारा प्लेटो क्या
हो गया इरोड हो गया तो बचा हुआ भाग क्या है इंसलबर्ग है डिफ्लेशन होलो मैं आपको बता ही चुका हूं कि गड्ढे बन गए वहां के अंदर मश रूम रॉक्स हम डिस्कस कर चुके हैं नाउ डिपोजिशनल लैंड फॉर्म डिपोजिशनल लैंड फॉर्म्स में सबसे इंपॉर्टेंट लैंड फॉर्म्स यहां पे आते हैं जो कि सैंड ड्यूस हैं सैड्यूस का मतलब क्या है जब भी हवा आगे बढ़ती है तो बहुत सारे बहुत सारे अ सैंड के सैंड के पार्टिकल्स अपने साथ उठाते हुए लेके चलती है और जब वो सैंड डिपॉजिट होती है तो डिफरेंट डिफरेंट तरीके से डिफरेंट डिफरेंट
तरीके से वहां पे सैंड ड्यूस का डेवलपमेंट करती है वैसे इसको समझाने के लिए एक सवा घंटा मुझे चाहिए व्हाई बिकॉज़ मतलब आई एम फ्रॉम राजस्थान जैसलमेर के इन एरियाज में मैंने इन सबको होते हुए बहुत बार बहुत अच्छे से देखा है तो डेफिनेटली आई कैन मेक यू एक्सप्लेन दिस थिंग इन अ वेरी अ वेरी लुसिडो बट इट विल टेक टाइम दिस इज अ रिवीजन वीडियो आई होप यू विल अंडरस्टैंड माय पोजीशन एंड यू विल अंडरस्टैंड दैट व्हाई आई एम रनिंग सो फास्ट इन दीज थिंग्स बाय कंसीडरिंग अ फैक्ट दैट यू हैव ऑलरेडी अंडरस्टूड व्हाट
एगजैक्टली जियोग्राफी इज बट यू आर जस्ट ट्राइड टू ग्रस्प द कांसेप्ट अगेन व्हाई बिकॉज दिस इज अ वेरी क्रुशल टाइम वी आर वेरी नियर टू प्रिलिम्स राइट सो नाउ यहां पे जो सैड्यूस डिफरेंट डिफरेंट तरीके से बनते हैं जिनमें आप सबसे पहले प जिसमें आप सबसे पहले बरखान को जानते हैं बर्चन और बरखान बोला जाता है जहां पे जब हवाएं चल रही हैं और हवाओं के चलने के कारण हवाओं के चलने के कारण मिट्टी इस तरीके से डिपॉजिट हुई कि उसने एक उसने एक पैराबोला का शेप लिया बट अब मुझसे सवाल पूछा जाएगा सर अगर
आप यह बरखान को क्रिसेंट शेप और पैराबोलिक शेप बोल रहे हैं तो फिर यह पैराबोलिक सैड्यूस क्या है बेटा बस इनमें डिफरेंस यह होता है कि पैराबोलिक स्यून में जो विंड की वेलोसिटी है वो इस साइड से है और बरखान में विंड की वेलोसिटी इस साइड से राइट पैराबोलिक में इस साइड से है तो यह थोड़ा सा आपको ध्यान में रखना है इनका अगर आधा हिस्सा कर दूंगा तो यह हो जाएंगे सीफ और अगर जो हवा है वो हवा जो है वो परपेंडिकुलर चल रही है सैड्यूस के फॉर्मेशन के तब उसे ट्रांसवर्स सेंड कहा जाएगा
ऐसा कब होता है जब आगे कोई बैरियर आ गया आगे कोई बैरियर है तो वहां पे हवा तो हवा चल रही थी हवा चल रही थी बट आगे बैरियर आ गया तो सारी मिट्टी क्या हो गई हवा के उस पूरे के पूरे परपेंडिकुलर हवा की वेलोसिटी के परपेंडिकुलर डेवलप हो गई उसे ट्रांसफर स्यून कहेंगे अगर वो जैसे-जैसे हवा बहती जा रही है एक लंबे रूप में सैड्यूस का डेवलपमेंट होता जा रहा है तो उसे हम लोंगिट्यूड सैड्यूस के नाम से जानेंगे तो दीज आर दी वेरियस सैड्यूस दैट यू कैन सी हियर बखन जहां पे क्रिसेंट
शेप है विंग्स डायरेक्टेड अवे फ्रॉम विंड डायरेक्शन एंड पैराबोलिक में उनकी तरफ होती हैं सीफ उसका आधा भाग है एक विंग है लोंगिट्यूड जब लॉन्ग रिजे बनती है इन द डायरेक्शन ऑफ विंड ट्रांसवर्स जब परपेंडिकुलर होती हैं विंड डायरेक्शन के राइट फिर आता है लास्ट भाग जिसे हम बजदा कहते हैं बजदा क्या है कुछ नहीं है डिपोजिशनल प्लेंस है जहां पे बहुत ही मॉडरेट सा स्लोप आपको दिखाई देता है जहां पे एलविल फैंस कंबाइन टू क्रिएट अ बजदा जब बहुत सारे एलविल फैंस एक दूसरे के साथ जुड़ जाते हैं तब उसे हम बाजा के नाम
से जानते हैं सो दिस इज हाउ वी आर डन विद दी एंटायस नाउ व बिफोर मूव ऑन टू दी कांसेप्ट रिलेटेड टू क्लाइमेटोलॉजी हमें यहां पे पहला चैप्टर का कुछ भाग समझना बहुत जरूरी है दैट इज बिग बैंग थ्योरी सो लेट्स फर्स्ट अंडर ंड व्हाट एगजैक्टली दिस थरी इज ऑल अबाउट व्हाट आई हैव डन इज आई हैव मेड दिस नोट्स व्हाई इज इट सो जस्ट बिकॉज़ क्विकली हम इसको रिवाइज कर सके बिग बैंग थरी क्या कहती है सबसे पहला सवाल यह पूछा जाता है कि यूनिवर्स आखिर क्या है व्हाट एगजैक्टली दिस यूनिवर्स इज यूनिवर्स इज
ऑल ऑफ दी मैटर एंड स्पेस दैट इज एजिस्टिफाई एजिस्ट कर रहा है वह सब यूनिवर्स का ही पार्ट है अगर हम प्लेनेट की बात करते हैं वो भी यूनिवर्स का पार्ट है उन प्लेनेट के बीच की जो स्पेस है वह भी उस यूनिवर्स का ही भाग बनते हैं अब इस यूनिवर्स का एवोल्यूशन कैसे हुआ इसको समझाने के लिए बहुत सारी थेरी आई ओल्डर व्यूज के अंदर कांट ने अपना हाइपोथेसिस प्रोवाइड किया उसके साथ-साथ लेप्लेस ने भी कुछ अपने आइडियाज दिए बट मोस्ट एक्सेप्टेड कॉस्मोलॉजिकल मॉडल एज फार एज एवोल्यूशन ऑफ यूनिवर्स अंडरस्टैंडिंग इज कंसर्न इज कंसीडर्ड
एज बिग बैंग थिरी एंड इट सेज आज से अराउंड 13.8 बिलियन साल पहले 13.8 बिलियन इयर्स एगो द एंटायस वाज कंसिस्टिंग इनटू वन सिंगल वन सिंगल पॉइंट एक सिंगल पॉइंट के अंदर यह पूरा का पूरा यूनिवर्स एजिस्ट कर रहा था उसके अंदर मैटर भी था सारा स्पेस एकदम बिल्कुल सब कुछ एक पॉइंट के अंदर था और उसका इतना कम वॉल्यूम था कि उस पूरे के पूरे पूरे के पूरे पॉइंट के अंदर इतना ह्यूज एनर्जी का चंक एक्यूमर था इतना हाई टेंपरेचर था कि वह सारा का सारा एक पॉइंट के अंदर एक पॉइंट के अंदर ही
समाहित है उसे बोला गया पॉइंट ऑफ सिंगुलेरिटी और पॉइंट ऑफ सिंगुलेरिटी जो 13.8 बिलियन इयर्स अगो तक एजिस्ट कर रही थी अचानक से इसके अंदर एक ब्लास्ट होता है एक बैंग होता है एंड दैट इज व्हाई दिस थरी इज टर्म्ड एज बिग बैंग थरी बहुत आसानी से हम समझने की कोशिश करेंगे जब पहला बैंग होता है तो जो एनर्जी है वो रिलीज होती है जो एनर्जी इस छोटे से पॉइंट के अंदर समाहित थी इस छोटे से पॉइंट के अंदर एक्यूम लेटेड थी वो सारी की सारी एनर्जी रिलीज होना स्टार्ट होगी इसी कारण से यहां पे
हम देखेंगे कि जो यूनिवर्स है उसके अंदर इंफ्लेशन दिखाई देगा सबसे पहले क्या होना स्टार्ट होगा इंफ्लेशन होना स्टार्ट होगा और ये इंफ्लेशन क्यों होगा क्योंकि लार्ज स्केल पे जो एनर्जी है ये एनर्जी क्या होगी रिलीज होगी ये एनर्जी रिलीज होगी और जैसे ही एनर्जी रिलीज हुई इंफ्लेशन स्टार्ट हुआ कुछ अमाउंट ऑफ एनर्जी जो एनर्जी है वह अब कन्वर्ट होना स्टार्ट होगी किसके अंदर मास के अंदर और यह हम सब जानते हैं कि एनर्जी मास के अंदर कन्वर्ट हो सकती है और जैसे एनर्जी मास के अंदर कन्वर्ट होती है e = mc1 आपने पढ़ा होगा
एनर्जी तो मास के अंदर जा रही है बट मास के अंदर यानी कि मैटर का जनरेशन होना स्टार्ट होगा अब बेसिकली सबसे पहला सवाल हमारे मन में यही तो आता है कि यह एटम कहां से बना होगा यह एटम कहां से बना होगा यह प्रोटॉन न्यूट्रॉनस कहां से आए हैं तो सबसे पहले जिसका फॉर्मेशन होता है जो मास जो एनर्जी जो है वो मास में कन्वर्ट हो रही है इसकी वजह से कुछ सब एटॉमिक पार्टिकल्स का जन्म होता है और ये जो सब एटॉमिक पार्टिकल्स हैं इन सब एटॉमिक पार्टिकल्स में कुछ नहीं सबसे पहले फॉर्मेशन
होता है क्वार्क्स का और क्वार्क्स के साथ-साथ फॉर्मेशन होता है इलेक्ट्रॉन का क्वार्क्स और इलेक्ट्रॉन ये सब एटॉमिक पार्टिकल्स जन्म लेते हैं जब सबसे पहले इस पॉइंट ऑफ सिंगुलेरिटी से एक बैंग स्टार्ट होता है आई एम नॉट गोइंग टू टेल यू द एंटायस आउट ऑफ इट हम ब्रीफ इसको रिवाइज कर रहे हैं जिसके अंदर हम देखते हैं कि अब जैसे-जैसे यह बैंक हुआ आगे बढ़ते जा रहे हैं टेंपरेचर धीरे-धीरे क्या होता जाएगा टेंपरेचर धीरे-धीरे कम होता जाएगा कूलिंग होना स्टार्ट होती रहेगी कूलिंग हो रही है टेंपरेचर कम हो रहा है क्यों क्योंकि जो एनर्जी यहां
पे इन इंफाइटिंग टेंपरेचर के अंदर ब्लास्ट हुआ जब एक्सपेंशन हुआ जब इंफ्लेशन हुआ तो कूलिंग होना स्टार्ट होगी कूलिंग हुई टेंपरेचर कम हुआ टेंपरेचर कम होने से जो एनर्जी रिलीज हुई है उससे मास में कन्वर्जन जो हुआ उस मास से सब एटॉमिक पार्टिकल्स बने उन सब एटॉमिक पार्टिकल्स में क्वार्क्स और इलेक्ट्रॉन एक हैं अब जब क्वार्क्स का फॉर्मेशन हो गया धीरे-धीरे आप खुद समझो जब टेंपरेचर डिक्रीज होता है ना टेंपरेचर जब डिक्रीज होता है तो चीजें जो मैटर है वो आप आपस में क्या होने लगेगा क्लंप होने लगेगा इन क्वार्क्स की क्लंपिंग से दो चीजों
का फॉर्मेशन होता है जिनको आपने बहुत बेहतर बेहतर तरीके से अपने बचपन में पढ़ा होगा दैट इज प्रोटॉन एंड न्यूट्रॉन इसका मतलब है ये क्वार्क्स जो हैं ये अब मिलके क्या बना रहे हैं प्रोटॉन और न्यूट्रॉन बना रहे हैं इसका मतलब यह हुआ कि अब धीरे-धीरे जैसे-जैसे वक्त आगे बीतता जा रहा है अब हमारे पास प्रोटॉन न्यूट्रॉनस और इलेक्ट्रॉन का फॉर्मेशन इस पूरे के पूरे स्पेस में हो चुका है बट आप खुद समझो जब बैंग हुआ एनर्जी रिलीज हुई कुछ एनर्जी जब रिलीज हुई है तो एनर्जी के रिलीज होने के कारण क्या यह यूनिवर्स पूरा
ट्रांसपेरेंट हो गया होगा नहीं यह पूरा यूनिवर्स ट्रांसपेरेंट नहीं हुआ था क्यों यूनिवर्स ट्रांसपेरेंट नहीं हुआ था क्योंकि जो भी एनर्जी की वेव्स निकली हैं वो वेव्स अभी तक हमारी धरती पर अभी तक वो वेव्स पहुंच नहीं पा रही हैं वोह क्यों नहीं पहुंच पा रही हैं वो क्यों नहीं पहुंच पा रही क्योंकि वह सारी स्कैटर हो जाती हैं क्यों स्कैटर हो जाती हैं क्योंकि इतना सारा पूरा का पूरा जो ये जैसे आप ऐसे समझ लो कि आप जब सर्दी के दिनों में बहुत ही धुंध में खड़े हो तो क्या आपको आपके सामने का कुछ
भी कुछ भी एरिया दिखाई देता है नहीं दिखाई देता वैसा ही ये यूनिवर्स था जहां पे बिल्कुल एक क्लाउड बना हुआ है प्रोटॉन न्यूट्रॉन और इलेक्ट्रॉन का कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा है कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा है प्रोटॉन न्यूट्रॉन इलेक्ट्रॉन का बस क्लाउड ही क्लाउड है अब जब ये जब ये धीरे-धीरे धीरे-धीरे क्लंप होने लगे तब इनकी क्लंपिंग से ऐसा पता लगेगा कि अब कुछ लाइट जो है वह एस्केप कर पाएगी बट ये लाइट कब एस्केप करेगी जब ये प्रोटॉन और न्यूट्रॉन प्रोटॉन और न्यूट्रॉन आपस में जुड़ेंगे और ये एक न्यूक्लियस में
बाउंड होंगे और इलेक्ट्रॉन इसके सराउंडिंग में इलेक्ट्रॉन इसके सराउंडिंग में जब घूमने लगेगा इसकी वजह से किसका फॉर्मेशन होगा एटम का फॉर्मेशन होगा जैसे ही एटम्स का फॉर्मेशन होगा नाउ विद द फॉर्मेशन ऑफ एटम यूनिवर्स विल बिकम ट्रांसपेरेंट यूनिवर्स जो हो जाएगा वह क्या हो जाएगा ट्रांसपेरेंट हो जाएगा और इस समय पे पहली लाइट हमें दिखाई देगी पहली लाइट जो थी वो अब दिखाई देती है जब एटम का फॉर्मेशन होता है मतलब यह है कि जब जब यह बैंग हुआ तब जो एनर्जी निकली जब जो ये एनर्जी निकली क्या उस एनर्जी के कुछ अंश आज
भी मौजूद हैं अगर हमने उनको पकड़ लिया तो हम इस बिग बैंग थ्योरी को सही साबित कर पाएंगे और हां वो सबसे पहले पकड़ में आए यह जो पहली लाइट जो एस्केप करके गई है इसी को बोला जाता है कॉस्मिक माइक्रोवेव बैकग्राउंड सीएमबी कॉस्मिक माइक्रोवेव बैकग्राउंड इसके अंदर माइक्रोवेव वर्ड क्यों आया क्योंकि आप खुद समझें पुरानी इतनी पुराने 13.8 बिलियन साल पहले एनर्जी निकली थी तो क्या धीरे-धीरे एनर्जी कम होती जाएगी जी हां एनर्जी कम होती गई तो वो किस इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन के बैंड विड्थ में आती है दैट इज इन दी माइक्रोवेव इसीलिए इसको कॉस्मिक
माइक्रोवेव बैकग्राउंड के नाम से जानते हैं कॉस्मिक माइक्रोवेव बैकग्राउंड कॉस्मिक माइक्रोवेव बैकग्राउंड का मतलब कॉस्मिक माइक्रोवेव बैकग्राउंड का अंदर मतलब यह है पहली लाइट जो एस्केप कर पाई आफ्टर दी फॉर्मेशन ऑफ एटम आफ्टर दी फॉर्मेशन ऑफ एटम चलिए वापस आते हैं यहां पे अब सारी चीजें मैंने बता दी इलेक्ट्रॉन कंबाइन हो गए प्रोटॉन न्यूट्रॉन एटम बना पहला एटम कौन सा बनेगा हाइड्रोजन उसके बाद हीलियम टेंपरेचर और कम हुआ ग्रेविटी मेक्स हाइड्रोजन एंड हीलियम क् एलेस ग्रेविटी ने हाइड्रोजन और हीलियम का एक बहुत बड़ा क्लाउड वहां पे फॉर्म कर दिया अब एविडेंसेस के अंदर सबसे पहला
एविडेंस यहां पे देखने को मिलता है दैट इज कॉस्मिक माइक्रोवेव बैकग्राउंड कॉस्मिक माइक्रोवेव बैकग्राउंड मतलब पहली ऐसी लाइट है जो कि पहली ऐसी लाइट है जो कि अब हमें प्राप्त हुई है जो कि यूनिवर्स के ट्रांसपेरेंट होने से जनरेट हुई थी उसे कॉस्मिक माइक्रोवेव बैकग्राउंड बोला जाता है कौन सी माइक्रोवेव कौन सी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन है माइक्रोवेव रेडिएशन है दूसरा है रेड शिफ्ट आप खुद समझें अगर मान लीजिए इस पूरे इंफ्लेशन के प्रोसेस के दौरान यूनिवर्स इज एक्सपेंडिंग अगर यूनिवर्स एक्सपेंड कर रहा है तो उसका कैसे हमें पता लगा होगा कैसे पता लगा होगा एडविन हबल
ने सबसे पहले एक फिनोमिना दिया जिसको रेड शिफ्ट फिनोमिना कहा जाता है उससे यह पता लगाया कि जी हां इस तरीके से हम जान सकते हैं कि यह जो एक्सपेंडिंग यूनिवर्स थेरी है ये सबसे सही थेरी है क्यों मान लीजिए जब आप विबग्योर के इस सेगमेंट को देखते हैं तो ब्लू से रेड की ओर जाने पे जो वेवलेंथ है वो इंक्रीज होती है ऐसे ही होता है अगर मान लीजिए यूनिवर्स एक्सपेंड हो रहा है यूनिवर्स अगर एक्सपेंड हो रहा है तो लाइट भी ब्लू से रेड की ओर शिफ्ट होती जाएगी क्यों क्योंकि एक्सपेंशन के कारण
वेवलेंथ क्या हो गई है इंक्रीज हो गई है दिस शोज दी एक्सपेंशन ऑफ यूनिवर्स ब्लू से लाइट विल शिफ्ट फ्रॉम ब्लू टू रेड ये जो ब्लू से रेड होना है क्योंकि आप खुद समझो ना अगर यूनिवर्स एकस एक्सपेंड हो गया तो वेवलेंथ क्या हो गई इंक्रीज हो गई और इंक्रीज वेवलेंथ रेड की होती है या ब्लू की रेड की होती है इसका मतलब ये रेड शिफ्ट है जो लाइट है वो किसकी ओर शिफ्ट होती जा रही है रेड की ओर शिफ्ट होती जा रही है इसका मतलब दो दो वस्तुओं के बीच का जो दूरी है
वो क्या होता जा रहा है बढ़ता जा रहा है सो रेड रेड शिफ्ट कॉस्मिक माइक्रोवेव बैकग्राउंड ये क्या बताता है प्रोवाइड्स इंफॉर्मेशन अबाउट अर्ली यूनिवर्स यस सबसे पहला जो अर्ली यूनिवर्स था उसकी इंफॉर्मेशन ये हमें देता है इनिशियली व्हेन लाइट जनरेट जब पहले लाइट जनरेट हुई थी यह लंबे डिस्टेंस तक नहीं जा पाई क्योंकि स्कैटरिंग कर दिया किसने इलेक्ट्रॉन प्रोटॉन और न्यूट्रॉन ने इसी वजह से उस समय पे यूनिवर्स क्या था ए ओपेक था एक कहरा था बट जब एक्सपेंशन हुआ टेंपरेचर कम हुआ एटम का फॉर्मेशन हुआ नाउ जो यह लाइट के फोटॉन्स हैं यह
अब लंबा डिस्टेंस ट्रैवल कर सकते हैं और यूनिवर्स क्या हो गया ट्रांसपेरेंट हो गया अब यह जो यूनि जो यह फोटॉन्स ट्रैवल कर रहे हैं यूनिवर्स के अंदर यही सोर्स ऑफ़ इंफॉर्मेशन है अबाउट द अर्ली यूनिवर्स क्यों क्योंकि उस समय के उस समय से चलते हुए आ रहे हैं तो उस समय की इंफॉर्मेशन को लेके आ रहे हैं और ड्यू टू एक्सपेंशन ऑफ यूनिवर्स एनर्जी ऑफ फोटोन ड्रॉप्ड अब जैसे-जैसे एक्सपेंड कर रहा है यूनिवर्स तो इन फोटॉन्स की एनर्जी क्या होती जा रही है ड्रॉप होती जा रही है तो अब ये सबसे पहले गामा रेज
गामा से गामा से कहां पे आए यू एक्स रेज पे आए फिर यवी पे आए फिर विजिबल पे आए फिर किस पे आए फिर ये इंफ्रारेड पे आए फिर ये माइक्रोवेव पे आ चुके हैं इसीलिए अब ये बहुत ही लेफ्ट ओवर लेफ्ट ओवर एनर्जी है बिग बैंग की जिसको माइक्रोवेव रेडिएशन के अंदर माइक्रोवेव बैकग्राउंड के अंदर देखा जाता है इसी को हम इसी को हम कॉस्मिक माइक्रोवेव बैकग्राउंड के नाम से जानते हैं राइट सो टेलिस्कोप के द्वारा ये डिटेक्ट जब की गई तब इसको हमने जाना और ग्रेविटेशनल वेव का एस्पेक्ट आपको साइंस एंड टेक्नोलॉजी में
बताया जाएगा अब हम समझने की कोशिश करते हैं कि अगर कोई स्टार है तो उसका लाइफ साइकिल क्या होता है ब्रीफ हम इसको जानने की कोशिश करेंगे ब्रीफ अगर हम देखें हमने देखा था सबसे पहले यहां पे जब ये एटम एटम बन गया है तो सबसे पहले एटम कौन सा बना हाइड्रोजन एंड हीलियम का एक क्लाउड बना हाइड्रोजन एंड हीलियम का ये क्लाउड बना है बट ये क्लाउड धीरे-धीरे धीरे-धीरे क्या होता रहेगा क्वेल स होता रहेगा क्वेल अस होने का मतलब जुड़ता रहेगा जुड़ता रहेगा जुड़ता रहेगा जुड़ता रहेगा जुड़ता क्यों रहेगा क्योंकि टेंपरेचर कम हो
रहा है टेंपरेचर कम होने से चीजें क्या होती है इकट्ठा होनी शुरू होती हैं आप ये मत समझना यूनिवर्स एक्सपेंड कर रहा है बट उसके अंदर का जो मैटर है वो वो क्या हो रहा है क्लस हो रहा है बाकी स्पेस जो है वो इंक्रीज होता जा रहा है बट ये जो मैटर है वो ठंडा होने के कारण बाहर ठंड है एटमॉस्फेयर ठंडा है तो मैटर आपस में जुड़ेगा जब ये जुड़ेगा तो सबसे पहले हाइड्रोजन और हीलियम का एक छोटा सा एक छोटा सा क्या बनेगा स्फेरिकल स्फेरिकल शेप का एक ऑब्जेक्ट क्रिएट होगा जिसे हम
किस नाम से जानेंगे प्रोटोस्टार के नाम से जानेंगे अब ये प्रोटोस्टार क्या है प्रोटोस्टार मतलब स्टार से पहले की अवस्था स्टार से पहले की अवस्था का मतलब यह है कि हम यह जरूर जानकारी हासिल करें कि जब ये स्टार का फॉर्मेशन हुआ जब ये स्टार का फॉर्मेशन हुआ उससे पहले ये स्टार एक अपनी ऐसी अवस्था में था जहां पे इसके पास लाइट नहीं थी स्टार को हम स्टार इसीलिए तो कहते हैं क्योंकि उसके पास अपनी खुद की लाइट होती है बट यहां पे लाइट नहीं है ये अब स्टार बनने की प्रिलिमनरी स्टेज में है इसको
हम टो स्टार के नाम से जानते हैं जहां पर हाइड्रोजन और हीलियम का क्लाउड था व क्लस होके एकदम जुड़ गया आपस में और जैसे ही जुड़ा तो उसने क्या बनाया प्रोटोस्टार का फॉर्मेशन किया अब इनके जुड़ने का कारण क्या था इनके जुड़ने का कारण तो एक तो मैंने आपको टेंपरेचर का कम होना बताया ही है दूसरा कारण यह भी है कि जब भी आप देखेंगे हाइड्रोजन और हीलियम ये मैटर है मास है मास है तो इनके पास ग्रेविटेशनल पुल भी होगा ये ग्रेविटी के कारण एक दूसरे की ओर क्लस होंगे क्लंपिंग करेंगे ग्रेविटी के
कारण यह सारे जुड़ते जा रहे हैं राइट अब आपको यहां पे अगर इस पूरे प्रोसेस को समझना है तो दो चीजों की जानकारी हासिल करनी होगी पहली जानकारी यह है कि ग्रेविटी के कारण चीजें जुड़ती हैं अंदर की ओर इकट्ठा होंगी और अगर मान लो फ्यूजन की रिएक्शन हो गई अब मैं मान के चल रहा हूं कि आपने पढ़ा है पहले कि न्यूक्लियर फ्यूजन में क्या होता है दो छोटे एटम जब फ्यूज करते हैं तो एनर्जी रिलीज करते हैं और जब फ्यूजन की रिएक्शन होगी तो एनर्जी रिलीज होगी उससे एक्सपेंशन होगा और ग्रेविटी के कारण
कंट्रक्शन और थर्मल एनर्जी के कारण एक्सपेंशन ग्रेविटी के कारण कंट्रक्शन थर्मल एनर्जी के कारण एक्सपेंशन तो आप देखें अब सबसे पहले ग्रेविटी मास इंक्रीज हुआ ग्रेविटी इंक्रीज हुई क्लंप होना स्टार्ट हुए एक दूसरे की ओर आए सेंटर की ओर जुड़े एक लंप क्रिएट किया बट ये इनिशियल स्टेज है जहां पे हीट नहीं है जहां पे लाइट नहीं है बट इतना एक साथ पास में आ जाएंगे प्रोटोस्टार के अंदर ये इतना पास में आ जाएंगे ग्रेविटी के कारण आते रहे पास में आते रहे इनके आपस में कॉलीज के कारण टेंपरेचर अचानक से क्या होगा बहुत ही
इंक्रीज होगा आप सब लोगों को बेसिक इंफॉर्मेशन पता होगी कि फ्यूजन रिएक्शन करवाने के लिए इनिशियल टेंपरेचर बहुत ही हाई चाहिए होता है अब मुझसे पहले किसी ने क्लासरूम में पूछा कि सर ये हाइड्रोजन हाइड्रोजन हाइड्रोजन हाइड्रोजन इसके अंदर मौजूद है तो ये फ्यूजन क्यों नहीं कर रहे थे बेटा तब इसका टेंपरेचर बहुत ही कम था बट अब अगर यह कोलाइड करते रहे मोल क्यूल आपस एटम आपस में तो इनके कॉलीज के कारण टेंपरेचर पहुंच जाता है 10 टू द पावर 7 डिग्री सेल्सियस इतना हाई टेंपरेचर होने के कारण अब ये हाइड्रोजन और हाइड्रोजन आपस
में क्या होने लगेंगे फ्यूज होने लगेंगे जब ये फ्यूज होने लगेंगे तो एनर्जी रिलीज होगी एनर्जी रिलीज होगी तो क्या इनका साइज बढ़ेगा यस बहुत बड़ा साइज हो जाएगा क्या एनर्जी रिलीज होने के कारण हीट जनरेट होगी जी हां हीट से लाइट निकलेगी जी हां तो क्या ये स्टार बन जाएगा जी हां ये प्रोटोस्टार से से अब क्या बनेगा स्टार बनेगा सो फर्द कंट्रक्शन कंट्रक्शन के कारण कॉलीज कॉलीज के कारण टेंपरेचर का इंक्रीज होना टेंपरेचर 10 टू द पावर 7 ° फ्यूजन शुरू हो गया हाइड्रोजन हाइड्रोजन फ्यूज होना शुरू हुए जैसे-जैसे हाइड्रोजन हाइड्रोजन शुरू होते
हैं फ्यूज होना वैसे-वैसे ये स्टार की अवस्था में चला जाता है यहां पे एक चीज समझनी जरूरी है वो ये है ड्यू टू फ्यूजन हीट इज रिलीज्ड एक्सपेंशन ऑफ गैस हैपेंस बिल्कुल सही है गैस का एक्सपेंशन होगा इसको हम आउटवर्क प्रेशर कहते हैं ये उसको बड़ा करेगा बट इनवर्ट ग्रेविटेशनल कंट्रक्शन कौन क्रिएट कर रहा है हाइड्रोजन हाइड्रोजन के जो मॉलिक्यूल है ग्रेविटी भी तो लग रही है उसको ग्रेविटी बैलेंस कर रही है जब अंदर की ग्रेविटी और बाहर का थर्मल एक्सपेंशन प्रेशर जो है वो बैलेंस आउट हो गया वहां पे स्टार रुक जाएगा जैसे कि
आज हमारा सन रुका हुआ है सन में जो अंदर की ओर खींचने वाला जो मॉलिक्यूल हैं उनका जो ग्रेविटेशनल पुल है वो उसको अंदर की ओर प्रेशर लगा रहा है थर्मल एनर्जी बाहर की ओर दोनों बैलेंस आउट हो गए वहां पे रुके हुए हैं उसी को हमने बोला कि यह स यह स्टार होगा अगर आज हमारे सन की बात करें तो सन 5 बिलियन साल पुराना है उसकी उम्र है 10 बिलियन साल तो 5 बिलियन साल हम बड़े प्यार से आगे रहेंगे टेंशन की जरूरत नहीं तो एक स्टेज आ जाएगी जहां पे सारे हाइड्रोजन डिप्लीट
हो जाएंगे कोर से अब क्या हुआ हाइड्रोजन हाइड्रोजन हाइड्रोजन हाइड्रोजन जो थे वो फ्यूज होते रहे फ्यूज होते-होते वह हीलियम बनाने लगे अब हाइड्रोजन हाइड्रोजन तो सारे क्या हो गए डिप्लीट हो गए कोर से फ्यूजन क्या हो गया रुक गया गया अब फ्यूजन जब रुक गया तो क्या कोई थर्मल प्रेशर बचेगा उनको थर्मल प्रेशर बचेगा जो उनको एक्सपेंड होने दे रहा है जो एक्सपेंड होने दे रहा है नहीं अब अगर थर्मल प्रेशर नहीं बचा हीलियम अंदर बन गया हाइड्रोजन हाइड्रोजन के कारण समझो इस बात को क्योंकि हाइड्रोजन और हाइड्रोजन जब फ्यूज हो गए हैं तो
क्या बन गया है हीलियम बन गया है अब हीलियम हीलियम क्या होने लगेंगे कांट्रैक्ट होने लगेंगे क्योंकि थर्मल प्रेशर तो है नहीं अब जब ये कांट्रैक्ट होने लगेंगे तो आपस में क्या करेंगे टकराना शुरू करेंगे स्टिल बट अभी भी क्या है जो कोर होता है कोर के अंदर तो सारा हाइड्रोजन खत्म हो गया जो उसकी पेरिफेरी है पेरिफेरी के अंदर हाइड्रोजन जो बचा था वो अभी क्या कर रहा है वो अभी फ्यूज हो रहा है और एक्सपेंड करने लगेगा तो इस स्टेज में आप देखेंगे तो कोर तो श्रिंक होता जाएगा आउटर पार्ट जो है वो
बढ़ता जाएगा जब आउटर पार्ट बढ़ता जाएगा तो उसको हम किस नाम से जानेंगे रेड जाइंट के नाम से जानेंगे चलिए फॉर स्टार्स हैविंग अब क्या है अ अलग-अलग स्टार्स के वेट के अकॉर्डिंग उनका भविष्य तय किया जाता है अगर एक स्टार जिसका मास इक्वल टू सन है वो रेड जाइंट फेज में जाता है और अगर कोई स्टार जिसका मास सन से बहुत ज्यादा है तो वो रेड सुपर जॉइंट स्टेज में जाता है रेड जॉइंट स्टेज के अंदर द कोर स्टिल कांट्रैक्ट्स ड्यू टू ग्रेविटेशनल पुल मॉलिक्यूल कीप स्पीडिंग अप अब कोर जो है वो क्या होता
जा रहा है कॉन्ट्रैक्ट हो रहा है क्यों क्योंकि ग्रेविटेशन का पुल है मॉलिक्यूल जो है वो स्पीड अप होते जा रहे हैं काइनेटिक एनर्जी बहुत हाई होती जा रही है टेंपरेचर बढ़ता जाएगा टेंपरेचर इतना बढ़ेगा अब हीलियम हीलियम क्या होना स्टार्ट होंगे कार्बन में कन्वर्ट होना स्टार्ट होंगे अब वो भी क्या हो जाएंगे फ्यूज हो जाएंगे अब जब तक ये सारा हीलियम डिप्लीट नहीं हो जाता यह फ्यूजन चलता रहेगा और जिस स्टेज में थर्मल प्रेशर ग्रेविटी के साथ एकदम बैलेंस आउट हो जाएगा वहां पे स्टेबिलिटी की कंडीशन आ जाएगी चलिए नाउ न्यूक्लियर फ्यूल क्या है
कार्बन है कैन नॉट फ्यूज कार्बन अब नहीं फ्यूज हो सकता है क्योंकि उचित रिक्वायरमेंट उचित जो टेंपरेचर है वो अवेलेबल नहीं है अब इसके साथ क्या आएगा डेथ ऑफ अ स्टार डेथ ऑफ अ स्टार में अगर आप देखें तो जो भी कोर के अंदर कार्बन बचा था अब वो क्या करेगा ग्रेविटी का पुल लगाएगा क्योंकि कार्बन का मास ज्यादा है तो ग्रेविटी के कारण ये पुल ये क्या होता रहेगा कॉन्ट्रैक्ट होने लगेगा बट बाहर थर्मल प्रेशर नहीं है अब इतना मा इसका जो बाहर का हिस्सा है वहां पे जो बचा हुआ हीलियम है वो क्या
कर रहा है फ्यूज हो रहा है तो ये इतना बड़ा हो जाएगा कि ये अर्थ को भी क्या कर लेगा एंगल्स कर लेगा इस समय पे बट अगर कोई ऐसा स्टार जिसका मास बहुत ज्यादा है सन से तो वो रेड जॉइंट फेज से फाइनली किस में जाएगा रेड सुपर जॉइंट फेज में जाएगा और जब रेड सुपर जॉइंट फेज में जाएगा तो उसका अंत होगा किससे सुपरनोवा से अंत होगा किससे सुपरनोवा से और सुपरनोवा से अंत होने का कारण क्या है देखिए जब भी आप देखेंगे ना जो बहुत ही बड़े स्टार्स हैं जो बहुत ही ज्यादा
न्यूक्लियर फ्यूल रखते हैं उनके अंदर हाइड्रोजन खत्म हो गया फिर हीलियम स्टार्ट होगा हीलियम खत्म हो गया तो कार्बन स्टार्ट होगा कार्बन कार्बन फ्यूज होंगे तो नाइट्रोजन बनेगा नाइट्रोजन नाइट्रोजन फ्यूज होंगे तो ऑक्सीजन बनेगा ऑक्सीजन ऑक्सीजन फ्यूज होंगे तो आगे ऐसी स्टोरी चलती रहेगी तो इस साइकल को सीएनओ साइकिल के नाम से जाना जाता है जबकि जो छोटे स्टार्स थे ना उन छोटे स्टार्स में ये सारा काम नहीं होता है क्योंकि उनके पास न्यूक्लियर फ्यूल कम होता है और वो छोटे स्तार उनका मास कम इसीलिए तो है क्योंकि उनके पास न्यूक्लियर फ्यूल ज्यादा नहीं था
उनके अंदर हाइड्रोजन और हीलियम का जो क्लाउड था वो छोटा था अब अगर आप ये सोचो कि सन से भी बड़ा कुछ हो दो 12 पौ गुना सन से भी बड़ा कुछ हो तो वह तो रेड जॉइंट बनेगा या सुपर जॉइंट बनेगा वह सुपर जॉइंट बनेगा और उसी सीएन साइकिल के बाद आप देखेंगे कि जब आयरन का फ्यूजन बंद हो जाता है तो कंट्रक्शन अब आयरन का जो मास है वह बहुत ज्यादा है आयरन का मास इतना ज्यादा है कि उसका ग्रेविटेशनल पुल बहुत ज्यादा होगा तो कंट्रक्शन बहुत ज्यादा हो गया और एक ऐसी फेज
में पहुंचेगा जहां पे अब स्टार अपने वेट को विद होल्ड विद होल्ड नहीं कर पाएगा और एक्सपेंड करेगा और एक एक्सपेंशन होगा एक एक्सप्लोजन करेगा उस एक्सप्लोजन को किस बात से जाना जाता है सुपरनोवा के नाम से जाना जाता है राइट इसको इनवर्ट एक्सप्लोजन के नाम से जानते हैं अब देखें अगर हम सुपरनोवा का जो एक्सप्लोजन हुआ तो उसके बाद जो बचा हुआ भाग है उसको क्या बोला जाएगा न्यूट्रॉन स्टार बोला जाएगा उसको क्या बोला जाएगा न्यूट्रॉन स्टार और अगर कोर का मास यह आपने देख देखा होगा कि पांच गुना से कम है सोलर मास
से तो न्यूट्रॉन स्टार बन रहा है अगर उससे भी पांच गुना से भी ज्यादा है तो यह किसमें कन्वर्ट होगा दिस इज गोइंग टू लीड यू टू दी फॉर्मेशन ऑफ ब्लैक होल तो यह है पूरी कहानी एक सीक्वेंस के रूप में किसी एक स्टार के फॉर्मेशन से उस स्टार की डेथ तक की तो दिस वाज द प्राइमरी पार्ट वयर वी हैव डिस्कस द बिग बैंग थ्योरी नाउ मूविंग ऑन नाउ वी आर गोइंग टू स्टार्ट विद दी वेरी फर्स्ट चैप्टर ऑफ़ क्लाइमेटोलॉजी दैट इज़ एटमॉस्फेयर जिसमें हम स्टार्ट करेंगे कंपोजीशन एंड स्ट्रक्चर ऑफ एटमॉस्फेयर से फर्स्ट ऑफ
ऑल लेट्स टॉक अबाउट द कंपोजिशन ऑफ दी एटमॉस्फेयर जब हम एटमॉस्फेयर की कंपोजिशन को देखते हैं तो हमें पता लगता है कि ये एटमॉस्फेयर तीन मेजर चंक से मिलकर बना हुआ है लेट्स सी फर्स्ट व्हाट इज दी एटमॉस्फेयर व्हेन वी टॉक अबाउट द एटमॉस्फियर वी नो अ फैक्ट कि जो हमारी धरती है इस धरती के चारों ओर गैसेस का एक ब्लैंकेट है इसी ब्लैंकेट को इसी ब्लैंकेट को हम एटमॉस्फेयर के नाम से जानते हैं बट सवाल यह आता है कि ये गैसेस धरती के साथ जुड़ी कैसे हुई हैं और इसका जवाब बिल्कुल ही सिंपल है
वो यह कि ये जो गैसेस हैं ये ग्रेविटेशनल पुल के कारण ये ब्लैंकेट पूरा का पूरा अर्थ को चारों ओर से घेरे हुआ है इसी को हम एटमॉस्फेयर के नाम से जानते हैं इसी एटमॉस्फेयर के अंदर तीन मेजर चंक हैं सबसे पहले जैसे कि हमने बात की कुछ है गैसेस देन सेकंड इज दी वाटर वेपर एंड थर्ड इज पार्टिकुलेट मैटर हम जैसे ही इन सब चीजों को देखते हैं तो हमें एहसास होता है कि जब हम जब हम वॉल्के निज्म पढ़ रहे थे तब भी हमने उसके कुछ कॉन्सिटर थे वैसे ही एटमॉस्फेयर की कंपोजीशन के
भी कुछ कॉन्सिटर में पहला कॉन्सिटर है गैसेस और गैसेस का कंपोजीशन आप सब लोगों को मालूम होगा कि इस धरती के चारों ओर सबसे ज्यादा जो गैस की अवेलेबिलिटी है दैट इज नाइट्रोजन नाइट्रोजन का जो प्रेजेंस है इट इज अराउंड 78 पर और इसका बहुत बड़ा योगदान है इस पूरे धरती के ऊपर उसके रूप में क्या देखा जाता है कि नाइट्रोजन जो कंबशन होता है एक्सेसिव कंब हो रहा होता है उसको कंट्रोल करने की कोशिश करती है बर्निंग को कंट्रोल करने का काम नाइट्रोजन का है सेकंड मोस्ट इंपॉर्टेंट रोल ऑफ नाइट्रोजन इन दी एटमॉस्फेयर इज
ये जो नाइट्रोजन है ये बहुत सारी प्लांट्स के लिए बहुत सारे प्लांट्स के लिए उनकी ग्रोथ के लिए रिस्पांसिबल है एंड थर्ड मोस्ट इंपोर्टेंट भाग ऑफ नाइट्रोजन इज दी प्रोटीन जो हमारा डीएनए है जो हमारे प्रोटींस हैं वो किससे बने हुए हैं नाइट्रोजन से बने हुए हैं इसका मतलब यह है कि नाइट्रोजन हमारी लाइफ के परपेट एशन और सर्वाइवल के लिए रिस्पांसिबल गैस के रूप में सामने आती है नाइट्रोजन के बाद जो दूसरी सबसे इंपॉर्टेंट गैस जो हमारी इस अर्थ के चारों ओर है दैट इज ऑक्सीजन ऑक्सीजन की जब हम बात करते हैं तो ऑक्सीजन
का प्रेजेंस इज अराउंड 20.8 पर ऑक्सीजन के बिना कंबशन और बर्निंग पॉसिबल नहीं है बिल्कुल भी नहीं है अगर ऑक्सीजन नहीं होगा तो आग नहीं लगेगी बर्निंग पॉसिबल नहीं होगी एंड सेकंड इंपॉर्टेंट एस्पेक्ट रिलेटेड टू ऑक्सीजन इज जब भी हम जब भी हम ब्रीद इन करते हैं इन्हेल करते हैं तो हमारी लाइफ के सर्वाइवल के लिए परपे चुए के लिए ऑक्सीजन का एक बहुत बड़ा कंट्रीब्यूशन है थर्ड इंपॉर्टेंट गैस इज आर्गन जब हम आर्गन की बात करेंगे तब हमें समझ में आएगा कि आर्गन एक नोबल गैस है एक इनर्ट गैस है जो कि इंडस्ट्रियल एप्लीकेशन
के रूप में देखी जाती है आप देखें कुछ ऐसी गैसेस जैसे कि नाइट्रोजन ऑक्सीजन और आर्गन इन तीनों गैसेस को हम परमानेंट गैसेस के नाम से जानते हैं बट व्हेन इट कम्स टू द वेरिएबल गैस वेरिएबल गैस में सबसे इंपॉर्टेंट गैस जो है दैट इज कार्बन डाइऑक्साइड कार्बन डाइऑक्साइड का कंपोजीशन हमारे एटमॉस्फेयर में मौजूद है 03 पर के रूप में और कार्बन डाइऑक्साइड कार्बन साइकिल का एक भाग है जब हम एनवायरमेंट एंड इकोलॉजी पढ़ेंगे तब मैं आपको कार्बन साइकिल पढ़ाऊंगा और उसमें मैं यह बताऊंगा कि जो यह कार्बन डाइऑक्साइड है नेचुरल कारणों से भी हमारे
एटमॉस्फेयर में ऐड होती है और एंथ्रोप जनिक कारणों से भी बट एक चीज यह भी है कि कार्बन का बहुत बड़ा चंक बहुत बड़ा जो भाग है वो फॉसिल फ्यूल के रूप में सेडिमेंट्री रॉक्स के अंदर सेडिमेंट्री रॉक्स के अंदर मौजूद है चाहे आप कोयले की बात करें चाहे आप पेट्रोलियम रिजर्व्स की बात करें दे ऑल कंटेंस द प्रेजेंस ऑफ कार्बन बट मोर ओवर जब भी जब भी किसी भी फस जब भी किसी भी वुड की बर्निंग होगी बायोमास बर्निंग होगी तब भी कार्बन डाइऑक्साइड हमारे एटमॉस्फेयर में रिलीज होता है बट जब एटमॉस्फेयर में रिलीज
तो हो गया बट यही जो प्लांट्स हैं ये सारे के सारे प्लांट्स उनको वापस क्या कर लेते हैं एब्जॉर्ब कर लेते हैं अब यहां पे सवाल उत्पन्न यह होता है कि यह वेरिएबल गैस क्यों है वेरिएबल इसलिए है क्योंकि वैसे अगर आप एटमॉस्फेयर का कंपोजीशन देखेंगे तो आपको मालूम है कि एटमॉस्फेयर के कंपोजीशन के रूप में आपने नाइट्रोजन को देखा तो नाइट्रोजन का कंपोजीशन आपको 78 पर के रूप में दिखाई देता है और अगर आप ऑक्सीजन देखेंगे तो ऑक्सीजन इज 20 8 पर देन वी हैव आर्गन आर्गन इज अराउंड 93 पर बट व्हेन इट कम्स
टू कार्बन डाइऑक्साइड जिसका प्रेजेंस है अराउंड नेचुरली 03 पर बट जैसा कि मैंने अभी इंडिकेट किया आप सब लोगों को वो यह कि जो कार्बन डाइऑक्साइड है इसका एडिशन इसका एडिशन हमारे एटमॉस्फेयर में हमारे एटमॉस्फेयर में होता है ड्यू टू सर्टेन रीजंस सच एज जैसे कि बर्निंग हुई फॉसिल फ्यूल का बर्निंग हुआ कार्बन डाइऑक्साइड विल बी एडेड राइट वन थिंग सेकंड इज जब भी आप कोयले को बर्न करेंगे थर्मल पावर प्लांट से कार्बन डाइऑक्साइड विल बी डेड तो इस तरीके से कार्बन डाइऑक्साइड का अमाउंट धीरे-धीरे ऐड होता रहता है जब कार्बन डाइऑक्साइड ऐड होती रहेगी
तो क्या इसकी कंपोजीशन में वेरिएशन आएगा जी हां इसको सबसे पहले समझने के लिए कीलिंग एंड किलिंग फादर सन डुओ दे हैव एस्टेब्लिश एन ऑब्जर्वेटरी उन्होंने एक ऑब्जर्वेटरी एस्टेब्लिश की कहां पे ह हवाई के अंदर और मैंने आपको हवाई के अंदर एक जगह का नाम बताया था दैट इज मोना लोआ मोना लोआ एंड मोना किया यहां पे एक ऑब्जर्वेटरी एस्टेब्लिश की गई और उस ऑब्जर्वेटरी से किलिंग एंड किलिंग ने एक कर्व प्रोवाइड किया और इस कर्व ने बताया कि अगर आज हम कार्बन डाइऑक्साइड की कंसंट्रेशन को हमारे एटमॉस्फेयर के अंदर देखें तो प्रेजेंट कंसंट्रेशन के
रूप में आपको कितना कार्बन डाइऑक्साइड दिखाई देगा 419 पीपीएम अगर आप 03 पर देखते हैं तो इस को हम 300 पीपीएम कहते हैं और 300 पीपीएम से इसका कंसंट्रेशन इंक्रीज होके कितना हो गया 419 पीपीएम और इसका कारण क्या है इसका कारण है हमने बहुत सारे व्हीकुलर एमिशन इंडस्ट्रियल प्रोसेसेस और थर्मल पावर प्लांट के अंदर कोयला जो बर्न किया जो पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किया उससे कार्बन डाइऑक्साइड को ऐड किया गया हमारे एटमॉस्फेयर के अंदर दैट इज व्हाई इट इज कंसीडर्ड एज अ वेरिएबल गैस कार्बन डाइऑक्साइड के बाद कुछ और गैसेस हैं जिन्हें हम हम
समझना चाहते हैं जिन्हें हम इनर्ट गैस के रूप में जानते हैं अगर एटमॉस्फेरिक कंपोजीशन के रूप में देखें तो उसमें आपको नियन हीलियम देन मिथेन क्रिप्टॉनोमिकों कैसे आता है वो देखें क्या ओजोन का प्रेजेंस हमारे एटमॉस्फेयर में मीथेन से ज्यादा है रॉन्ग स्टेटमेंट है क्योंकि मिथेन का ज्यादा है क्या नियन का प्रेजेंस हीलियम से ज्यादा है यस दिस इज दी करेक्ट स्टेटमेंट क्या हीलियम का प्रेजेंस हमारे एटमॉस्फेयर में मिथेन से ज्यादा है या कम है ज्यादा है ये चीजें हैं जो हमें समझनी है सो हीलियम नियन हीलियम मिथेन क्रिप्टो हाइड्रोजन एंड ओजोन दीज आर द
सीक्वेंशियल मैनर इन व्हिच दीज गैसेस आर प्रेजेंट इन आवर एटमॉस्फेयर बट यहां पे जो गैसेस सबसे इंपॉर्टेंट है हमारे लिए जाननी वो क्या है सबसे पहले हम बात करेंगे ओजोन की देन वी विल सी मीथेन राइट कार्बन डाइऑक्साइड के रूप में हम कुछ बातें कर चुके हैं जब बात आती है ओजोन की ओजोन जो है नेचुरली हम जानते हैं कि स्ट्रेटोस्फीयर का भाग होती है अभी हम इसको और डिटेल में देखेंगे भी बट उससे पहले ही मैं आपको सारी जानकारी दे देता हूं कि स्ट्रेटोस्फीयर के अंदर ओजोन की एक लेयर है जो ओजोन लेयर स्ट्रेटोस्फीयर
के अंदर है जो ओजोन लेयर स्ट्रेटोस्फीयर के अंदर है इस ओजोन लेयर के अंदर इस ओजोन लेयर के अंदर जो मेजर काम है वोह है हमें हार्मफुल यूवी रेडिएशन से बचाना हमें हार्मफुल यूवी रेडिएशन से बचाना ऑन दी अदर हैंड क्या ओजोन हमारे ट्रोपो स्फेयर में भी मौजूद है बिल्कुल सही बात है सर ओजोन हमारे ट्रोपो स्फीयर में भी मौजूद है इसको आप याद रखेंगे जो ओजोन स्ट्रेटोस्फीयर में मौजूद होती है उसे गुड ओजोन के नाम से जाना जाता है और जो ओजोन हमारे स् ट्रोपो स्फेयर में मौजूद है उसे बैड ओजोन की संज्ञा दी
जाती है क्योंकि ट्रोपो स्फेयर में प्रेजेंट जो ओजोन है वो एक पोल्यूटेंट का काम करती है आप सब लोगों ने फोटोकेमिकल स्मोक का नाम सुना होगा वो फोटोकेमिकल स्मोक कुछ नहीं एक ओजोन का ही ओजोन का ही प्रेजेंस है हमारे ट्रोपो स्फेयर के अंदर यह हो गया ओजोन फिर बात आती है मिथेन की देखें मिथेन जो है ना यह रिलीज होती है है हमारे एटमॉस्फेयर के अंदर बहुत सारे प्रोसेसेस के थ्रू जैसे कि जब भी आप एग्रीकल्चरल एक्टिविटीज करते हैं स्पेसिफिकली पेडी फील्ड्स यानी कि जो चावल की खेती होती है उससे बहुत लार्ज स्केल पे
मिथेन रिलीज होती है हमारे एटमॉस्फेयर में वन थिंग सेकंड इसके सोर्स के रूप में अगर हम देखें तो हमें नजर आएगा कि जो हमारे वेटलैंड्स हैं उन वेटलैंड से भी बहुत हद तक जो मीथेन है एटमॉस्फेयर के अंदर आती है देन जो हमारी कैटल पॉपुलेशन है कैटल्स के कारण जो कैटल्स का डंग होता है वहां से भी डीकंपोजिशन होकर मीथेन रिलीज होती है कहां पे हमारे एटमॉस्फेयर में तो दीज आर दी मेजर सोर्सेस जहां से मीथेन हमारे एटमॉस्फेयर में आती है मोर ओवर जो हमारे परमा फ्रॉस्ट रीजन है परमा फ्रॉस्ट रीजन है वहां पे भी
परमा फ्रॉस्ट रीजन जो है वहां पे भी मिथेन का एक बहुत बड़ा सोर्स उभर के सामने आता है मीथेन के लिए आप एक चीज याद रखेंगे जब भी एनरोब्ड एरोबिक डीकंपोजिशन होगा तब उससे किसका रिलीज होना शुरू होता है हमारे एटमॉस्फेयर में वो रिलीज होती है मीथेन राइट अगर कोई भी ऑर्गेनिक प्रोडक्ट है उस ऑर्गेनिक प्रोडक्ट का एनरोब्ड फिनेट मीथेन हमारे एटमॉस्फेयर में आ जाएगी तो ये कुछ इंफॉर्मेशन है जो आपको याद रखनी है ठीक है जी आगे बढ़ते हैं अब हमने देख लिया गैसेस के रूप में हमने जाना नियन नियन के बाद हीलियम फिर
मिथेन फिर क्रिप्टो फिर उसके बाद है हमारा ओजोन एंड हाइड्रोजन एंड देन वी हैव ओजोन ये एक सीक्वेंस है जिसको आपने याद रखना है जिसको हमने जाना इन टर्म्स ऑफ द गैसेस व्हिच आर प्रेजेंट इन आवर एटमॉस्फेयर बट रेस्ट ऑफ दी गैसेस दैट वी हैव सीन एक्सेप्ट नाइट्रोजन ऑक्सीजन एंड आर्गन ऑल आर कंसीडर्ड एज द वेरिएबल गैसेस नाउ लेट मी टेल यू वन थिंग दैट दी मोस्ट इंपॉर्टेंट पार्टिकल मोस्ट इंपोर्टेंट गैस दैट इज प्रेजेंट इन आवर एटमॉस्फेयर इज वाटर वेपर जब हम वाटर वेपर की बात करते हैं तो वाटर वेपर क्या है इसको समझें सबसे
पहले मैं पानी की तीन अवस्थाओं के बारे में बात करना चाहता हूं पानी को सॉलिड फॉर्म में आइस कहते हैं वाटर ड्रॉपलेट इज इन द फॉर्म ऑफ लिक्विड और जब ये गैसियस फॉर्म में है तो इसे वाटर वेपर कहा जाता है जब टेंपरेचर इंक्रीज होगा तो आइस मेल्ट होने लगेगी मेल्टिंग के प्रोसेस को हम जानेंगे टेंपरेचर इंक्रीज होगा पानी भाप में बदलने लगेगा इसे इवेपरेशन कहा जाता है जब गैसियस स्टेज से लिक्विड स्टेज में वाटर ड्रॉपलेट बनेंगे तब इसे कंडेंसेशन कहा जाता है और लिक्विड से आइस में जाना फ्रीजिंग कहलाता है बट वटर वेपर का
मतलब यह है कि यह गैसियस स्टेट के अंदर मौजूद है वटर वेपर के साथ एक सबसे खूबसूरत बात यह है कि वटर वेपर एक ग्रीन हाउस गैस है वटर वेपर एक ग्रीन हाउस गैस है मतलब यह हीट को ट्रैप करना जानती है अगर यह हीट को ट्रैप कर सकती है तो क्या यह ग्लोबल वार्मिंग के लिए रिस्पांसिबल होगी नहीं ये ग्लोबल वार्मिंग के लिए रि रिस्पांसिबल नहीं होगी ग्रीन हाउस गैस होने के बावजूद भी यह ग्लोबल वार्मिंग के लिए रिस्पांसिबल इसलिए नहीं है क्योंकि जब वाटर वेपर का अमाउंट इंक्रीज हो जाता है हमारे एटमॉस्फेयर में
तो डेफिनेटली रेनफॉल के माध्यम से ये वापस सेटल हो जाते हैं तो इनका जो रेजिडेंस टाइम है हमारे एटमॉस्फेयर में दैट इज कंपैरेटिव लेस दैट इज व्हाई इट इज नॉट दी नॉट दी नॉट दी कॉज ऑफ ग्लोबल वार्मिंग बट हां अगर ग्लोबल वार्मिंग हो गई तो क्या ज्यादा वाटर वेपर हमारे एटमॉस्फेयर में आने लगेगा जी हां इसका म मतलब यह है कि यह कॉज तो नहीं है दिस इज नॉट दी कॉज ऑफ ग्लोबल वार्मिंग राद इज दी इफेक्ट ऑफ ग्लोबल वार्मिंग ये इफेक्ट है ग्लोबल वार्मिंग का राइट अब इसके अंदर आप देखें कि वाटर वेपर
के साथ एक वर्ड जरूर यूज़ होता है दैट इज हीट इंडेक्स हीट इंडेक्स का मतलब यह है कि आप अपने मोबाइल में देखते हैं टेंपरेचर इज 35° सेल्सियस बट इट फील्स लाइक 37 व्हाट इज दिस फील्स लाइक फील्स लाइक के अंदर जो कंपोनेंट ऐड होता है वह ह्यूमिडिटी का है ह्यूमिडिटी के अंदर वट वाटर वेपर है और वाटर वेपर क्या है हीट को ट्रैप करके रखते हैं तो टेंपरेचर थोड़ा सा ज्यादा महसूस होता है ठीक है अब वाटर वेपर का वेरिएशन अगर हम जाने तो वटर वेपर के वेरिएशन के अंदर हमने पहली बात तो जानी
कि ये एक वेरिएबल गैस है ये ग्रीन हाउस गैस है बट नॉट द कॉज ऑफ ग्लोबल वार्मिंग राद द इफेक्ट ऑफ ग्लोबल वार्मिंग ठीक है करंट अफेयर्स के अंदर जो बात थी वो हीट इंडेक्स की थी जिसे मैंने आपको बता दिया वेरिएशन के रूप में देखें लटटू इनल वेरिएशन अभी आपको कुछ चीजें याद रखनी है और थोड़ी देर बाद मैं इनको एक्सप्लेन करूंगा डिटेल में बट आप अगर याद नहीं रखेंगे तो पछताएंगे यह बात जरूर याद रखिएगा लेटन वेरिएशन में अगर मैं आपसे पूछूं कि इक्वेटर पे वटर वेपर का अमाउंट ज्यादा है या पोल पे
तो आप कहेंगे सर जहां तापमान ज्यादा होगा वहां वाष्प की यानी कि वाष्प जो जल वाष्प है उसकी जो मात्रा है वो कंपैरेटिव ज्यादा होगी इसका मतलब यह है कि इक्वेटर से पोल पर जाज आपको वटर वेपर का अमाउंट डिक्रीज होते हुए दिखाई देगा इसमें कोई शक नहीं है कोई बड़ी साइंस नहीं है बट व्हेन इट कम्स टू दी एंटायस मिनिमम प्रोस्पेक्ट ऑफ वटर वेपर कि मिनिमम वाटर वेपर कहां पे है तो आपको समझ में आएगा कि सर एक बात बताओ पोल्स के अलावा जो हमारे रेगिस्तान हैं इन रेगिस्तान में भी डेजर्ट में भी तो
वटर वेपर बिल्कुल नहीं होता मैंने बोला हां बिल्कुल सही है इसका मतलब यह है द पहली इंफॉर्मेशन द फर्स्ट इंफॉर्मेशन दैट आई एम गोइंग टू गिव यू राइट नाउ दिस इज समथिंग आई विल एक्सप्लेन इन अ वाइल ये यहां पे आपको कुछ चीजें याद रखनी है जिसको मैं थिंग्स टू रिमेंबर में डाल रहा हूं पहली इंफॉर्मेशन जो आपको याद रखनी है यहां पे जिसे एक्सप्लेन 100% करूंगा मैं पहली इंफॉर्मेशन ये है कि वाटर वेपर जो है वो मिनिमम आपको कौन से रीजंस में दिखाई देती है डेजर्ट रीजन में दिखाई देती है डेजर्ट के अंदर जो
हमारी वाटर वेपर है उसका अमाउंट मिनिमम होता है सेकंड ये डेजर्ट कहां पे होते हैं जनरली जो ये डेजर्ट हैं जो जनरली हॉट डेजर्ट देखे जाते हैं जनरली ये जो हॉट डेजर्ट हैं इन हॉट डेजर्ट का प्रेजेंस विश्व के अंदर 10 टू 30 डिग्री लटटू के आसपास दिखाई देता है इस बेल्ट को सबट्रॉपिकल बेल्ट के नाम से जाना जाता है 30 डिग्री लटटू का जो रीजन है इसे सब ट्रॉपिकल लटटू के बारे में सब ट्रॉपिकल लटटू कहते हैं जिसके बारे में थोड़े समय में मैं बात करूंगा लटटू जब पढ़ाऊंगा तब ठीक है सबट्रॉपिकल लटटू कहते
हैं 30° के आसपास का जो रीजन है इसका मतलब ये हुआ कि जब हम इक्वेटर से पोल की ओर जाएंगे तो वटर वेपर का अमाउंट क्या होगा कम होगा बट मिनिमम वटर वेपर कहां मिलेगा 30 डिग्री लटटू के आसपास सेकंड एस्पेक्ट यहां पे इसका एल्टीट्यूडिनल वेरिएशन है एल्टीट्यूडिनल वेरिएशन के अंदर देखा जाता है कि जैसे-जैसे हाइट इंक्रीज होती है वाटर वेपर का अमाउंट क्या होने लगता है डिक्रीज होने लगता है और 90 प्र तक जो वाटर वेपर है वो हमारे 5 किमी से 8 किमी तक की हाइट तक ही खत्म हो जाता है यानी कि
अगर आप पहाड़ों पे जाएंगे और और अगर आप प्लेन एरिया में है तो पहाड़ों पे वाटर वेपर की जो अमाउंट है वह कंपैरेटिव कम होगी और प्लेन एरिया में वह ज्यादा होगी तो एल्टीट्यूडिनल वेरिएशन हमें पता लगा थर्ड इज द सीजनल वेरिएशन समर्स में और विंटर्स में कब आपको लगता है कि वाटर वेपर ज्यादा होगा विंटर्स में हमें ड्राइनेस हो जाती है जैसा कि आजकल आप फील भी कर रहे होंगे इसलिए हमें मॉइश्चराइजर्स ये सब क्रीम्स की जरूरत पड़ती है तो समर्स के अंदर वाटर वेपर कंपैरेटिव ज्यादा होता है और विंटर्स के अंदर कंपैरेटिव कम
सो हमने इसका सीजनल लटटू इनल एल्टीट्यूडिनल वेरिएशन देख लिया यहां से सवाल बनता है क्यों क्योंकि आप समझें इस बात को कि वाटर वेपर क्या है कहां पे है ये तो मालूम है बट उसका वेरिएशन क्या है दैट इज समथिंग व्हिच इज रियली इंपोर्टेंट फॉर अस टू नो तो ये हमने जान लिया इक्वेटर से पोल पे मिनिमम वाटर वेपर डेजर्ट में है डेजर्ट जिनको हम हॉट डेजर्ट कहते हैं वो कौन सी बेल्ट में होते हैं सबट्रॉपिकल हाई प्रेशर बेल्ट में होते हैं सबट्रॉपिकल हाई प्रेशर बेल्ट कौन से लटटू में है 30° लटटू के आसपास है
दिस इज समथिंग यू विल रिमेंबर यह स्टार मार्क कर रहा हूं यह आप याद रखेंगे इसके बाद अगर हम वाटर वेपर के अलावा कंपोजीशन की बात करें तो हमारे एटमॉस्फेयर के अंदर छोटे-छोटे छोटे-छोटे कुछ पार्टिकल्स हैं जो कि हवा में तैर रहे हैं इसीलिए इन्हें सस्पेंडेड पार्टिकल्स कहा जाता है अगर यह हवा में तैर रहे हैं तो यह सस्पेंडेड पार्टिकल्स हैं अगर यह सस्पेंडेड मैटर है तो इन्हें नाम दिया जाता है पार्टिकुलेट मैटर इन्हें नाम दिया जाता है पार्टिकुलेट मैटर आप सब लोगों ने पीएम 2.5 पीएम 10 के बारे में सुना होगा ये क्या होते
हैं यह छोटे-छोटे धूल के कन हैं एशेज हैं डस्ट है स्मोक पार्टिकल्स हैं जिनका डायमीटर ढाई माइक्रोन से कम है तो उसे पीएम 2.5 कहते हैं अगर 10 माइक्रोन तक है तो उसे हम पीएम 10 कहते हैं तो अगर हम यहां पे बात करें इन सस्पेंडेड मैटर्स की तो क्या ये नेचुरली और एंथ्रोपोजेनिक दोनों तरीके से हमारे एटमॉस्फेयर में आते हैं जी हां नेचुरली अगर आप बात करेंगे तो आप देखेंगे डस्ट पार्टिकल हुआ या पोलन ग्रेंस हुए या कुछ अ सॉल्ट पार्टिकल्स हुए जब आप कोस्टल एरिया में जाएंगे तो नमक के जो छोटे-छोटे पार्टिकल्स हैं
वो भी हवा के अंदर तैरते हुए दिखाई देते हैं यह तो नेचुरल रीजन है एंथ्रोपोजेनिक मैंने अगर मैंने अगर किसी जगह पे वुड बर्निंग कर दिया वुड बर्निंग कर दिया तो उससे जो धुआं उठेगा उसके अंदर छोटे-छोटे पार्टिकुलेट मैटर्स होंगे वन थिंग सेकंड अगर मैंने ये तो क्या है दिस इज समथिंग एंथ्रोपोजेनिक अगर मैं व्हीकुलर एमिशन करता हूं तो वहां से भी ये छोटे-छोटे पार्टिकल्स हमारे एटमॉस्फेयर के अंदर आते हैं बायोमास बर्निंग से और अगर थर्मल पावर प्लांट है तो उनमें जो फ्लाई ऐश होती है उसके अंदर भी यह छोटे पार्टिकल्स देखे जाते हैं अब
इन छोटे पार्टिकल्स का रोल क्या है अगर यहां पे आपने कहानी को समझ लिया तो पूरी क्लाइमेटोलॉजी वुड बी अ केक वॉक देखिए पार्टिकुलेट मैटर का रोल बहुत इंपॉर्टेंट है जी हां अगर इनकी अमाउंट बहुत हद तक ज्यादा हो गई तो ये हमारे लिए खतरनाक है बट अगर यह कम हो जाएं बहुत ही कम हो जाएं या खत्म हो जाएं तो भी हमारे लिए बहुत ही बहुत ही गड़बड़ी की बात सामने आएगी ऐसा क्यों है क्योंकि अगर हम इस पूरे प्रोसेस को समझे जिसे हम फॉर्मेशन ऑफ क्लाउड के नाम से जानते हैं तो आप एक
चीज मेरे साथ यहां पे समझने वाले हैं वो क्या है मान लीजिए यह कोई एक सरफेस है इस सरफेस के चारों और यहां पे हवा की मौजूदगी है हवा की प्रेजेंस है एयर पार्सल यहां पे पड़ा है और अगर मैंने इस सरफेस को धीरे-धीरे धीरे-धीरे करके वर्म कर दिया गर्म कर दिया तो जो इस सरफेस के साथ संपर्क में हवा होगी क्या व भी गर्म हो जाएगी जी हां वो भी गर्म हो जाएगी और गर्म हवा क्या हल्की होती है या भारी होती है तो सबसे पहले आप देखें क्या टेंपरेचर इंक्रीज होगा बिल्कुल सही बात
है सर टेंपरेचर इंक्रीज हुआ टेंपरेचर इंक्रीज होने से जो हवा की डेंसिटी है वो कम होगी या ज्यादा होगी सर उसकी डेंसिटी कम हो जाएगी अगर उसकी डेंसिटी कम हो जाएगी मेरे दोस्तों तो क्या वो राइज करेगी बिल्कुल सही बात है सर जो चीज हल्की होती है वो राइज करती है इसका मतलब ये हुआ कि यहां से हवा ऊपर की ओर उठने लगेगी हवा यहां से ऊपर की ओर उठने लगी बट आप एक चीज ध्यान रखें इस हवा के अंदर क्या यह एयर जो है जो राइज की है इस एयर के अंदर इस एयर के
अंदर वाटर वेपर की मौजूदगी थी बिल्कुल सही बात है सर कंपोजीशन में आपने बताया वाटर वेपर भी होता है अगर इसके अंदर वाटर वेपर होगा वाटर वेपर होगा तो आप यह बात जानकारी रखें कि जैसे-जैसे हम हाइट इंक्रीज करते जाते हैं जैसे-जैसे हाइट इंक्रीज करते जाते हैं आप फटाफट एक चीज का जवाब मुझे कमेंट सेक्शन में देंगे कि जब एल्टीट्यूड इंक्रीज होगा तो टेंपरेचर के साथ क्या प्रभाव पड़ेगा मैं तो बहुत ही श्यर हूं कि मुझे इतना पता है दिल्ली और शिमला का कंपैरिजन करूं तो शिमला बहुत ठंडा है इसका मतलब टेंपरेचर क्या होता है
डिक्रीज होता है अगली स्लाइड में इसके कारण भी मौजूद है बस अभी मेरे साथ-साथ चलते रहे जो याद करवा रहा हूं वो याद करें एक-एक चीज का एक्सप्लेनेशन देके जाऊंगा एल्टीट्यूड इंक्रीज होगा तो टेंपरेचर डिक्रीज होगा और जैसे ही वाटर वेपर से आप टेंपरेचर को कम करते हैं तो इसके साथ एक प्रोसेस स्टार्ट होता है जिसे आप किस नाम से जानते हैं कंडेंसेशन के नाम से जानते हैं क्यों क्योंकि आपको मैंने अभी इसीलिए पहले ही वाटर वेपर की वाटर की जो तीन मेजर अवस्थाएं हैं उनको बता दिया कि टेंपरेचर डिक्रीज होगा तो इस प्रोसेस को
आप क्या कहते हैं कंडेंसेशन जिससे वाटर वेपर किसमें जाएगी लिक्विड स्टेट में जाएगी बट जब ये कंडेंसेशन होने लगता है ना मेरे दोस्तों तो इस कंडेंसेशन के लिए जो ये छोटे-छोटे वाटर वेपर हैं जो ये छोटे-छोटे वाटर वेपर हैं जब ये कंडेंसेशन प्रोसेस शुरू होगा तो इस कंडेंसेशन के लिए किसी एक सरफेस की रिक्वायरमेंट होती है जिस सरफेस पे ये प्रोसेस हो सके वो सरफेस कौन प्रोवाइड करता है वो सरफेस इस पूरे के पूरे एटमॉस्फेयर में मौजूद इस सरफेस एटमॉस्फेयर में मौजूद जो पार्टिकुलेट मैटर है जो डस्ट पार्टिकल्स हैं इन डस्ट पार्टिकल्स के चारों ओर
इन डस्ट पार्टिकल के चारों ओर कंडेंसेशन का प्रोसेस स्टार्ट होता है ये जितने भी डस्ट पार्टिकल्स हैं ये जितने भी डस्ट पार्टिकल्स हैं इन सब डस्ट पार्टिकल्स के चारों ओर इन सब डस्ट पार्टिकल के चारों ओर कंडेंसेशन का प्रोसेस शुरू होता है और जब ये कंडेंस होते हैं आपस में जुड़ते हैं तो किसका फॉर्मेशन होगा बेटा लोग यहां पे यहां पे बनेंगे हमारे बादल यानी कि क्लाउड फॉर्मेशन में क्या पार्टिकुलेट मैटर रोल प्ले करते हैं जी हां क्लाउड फॉर्मेशन में यह बहुत बड़ा रोल प्ले करते हैं तो कोई पूछे कि इनका रोल क्या है कि
सर ये सरफेस प्रोवाइड करते हैं किसके लिए सरफेस प्रोवाइड करते हैं कंडेंसेशन के लिए और जो ये सरफेस प्रोवाइड करते हैं इसीलिए इनको एक स्पेसिफिक नाम से जाना जाता है जिसे हम बोलते हैं हाइक्रोम पिक न्यूक्लिया हाइक्रोम पिक न्यूक्लिया यानी कि ये पानी को अपने साथ चिपका के उसको क्या करते हैं अपने साथ चिपका के क्लाउड फॉर्मेशन में मदद करते हैं तो इन्हें हम किस नाम से जानते हैं हाइक्रोम पिक न्यूक्लिया के नाम से जानते हैं तो दिस वाज अबाउट दी कंपोजीशन ऑफ दी एटमॉस्फेयर नाउ लेट्स मूव ऑन टू दी नेक्स्ट पार्ट दैट इज द
स्ट्रक्चर ऑफ एटमॉस्फेयर जैसा कि हम स्ट्रक्चर से वाकिफ हैं स्ट्रक्चर ऑफ एटमॉस्फेयर कहता है कि जो हमारा एटमॉस्फेयर है वहां पे डिफरेंट डिफरेंट लेयर्स पाई जाती हैं इस लेयर्स को जानना जरूरी है और इनका क्लासिफिकेशन जो किया जाता है द क्लासिफिकेशन इज ऑन दी बेसिस ऑफ टेंपरेचर एंड क्लासिफिकेशन इज ऑन द बेसिस ऑफ केमिकल कंपोजीशन केमिकल कंपोजीशन के आधार पर हमारे एटमॉस्फेयर को दो भागों में हम बांटते हैं वन इज व्हाट वी कॉल एज होमोस्फीयर एंड सेकंड वी कॉल इट एज हेटेरोस्फीयर सेकंड वी कॉल इट एज हेटेरोस्फीयर होमोस्फीयर और हेटेरोस्फीयर का तात्पर्य क्या है होमोस्फीयर
का मतलब है होमोजीनस होमोजीनस का मतलब जहां पे जो गैसेस हैं व क्या है गैसेस आर वेल मिक्स्ड गैसेस एक दूस दूसरे के साथ वेल मिक्स्ड है इनको अलग हम नहीं कर सकते हैं इनको हम अलग नहीं कर सकते हैं यह सब एक दूसरे के साथ मिली हुई है जैसे मेरे इस कमरे के अंदर कुछ गैसेस हैं तो मैं देख सकता हूं कि इसके अंदर अच्छा ये नाइट्रोजन अलग करो ये ऑक्सीजन है ये अलग करो नहीं ऐसा तो नहीं हो सकता ना दे ऑल आर वेल मिक्स्ड होमोजीनस मिक्स्ड होमोजीनस मिक्स्ड है इसलिए इन्हें हम होमोजीनस
मिक्स्ड है इसीलिए हम इन्हें किस नाम से जानते हैं होमोस्फीयर हेटेरोस्फीयर के रूप में अगर हम जाने तो यहां पे होता यह है बच्चा लोग कि हेटेरोस्फीयर को अगर आप देखेंगे तो यह गैसेस क्या है लेयर्ड मैनर में आपको दिखाई देंगी लेयर्ड मैनर में दिखाई देंगी वेल मिक्स्ड नहीं है मान लीजिए एक लेयर आपको दिखाई दी हीलियम की दूसरी लेयर आपको दिखाई दी हाइड्रोजन की तो ये लेयर्ड बाय लेयर मैनर में क्या होते हैं अरेंज होते हैं उन्हें हम हेटेरोस्फीयर के नाम से जानते हैं ऑन द बेसिस ऑफ टेंपरेचर इट इज टर्म्ड एज ट्रोपो स्फेयर
स्ट्रेटो मेजो थर्मो एंड एक्सोस्पेस अब हम शुरुआत कर रहे हैं सबसे पहली लेयर से दैट इज व्हाट वी कॉल एज ट्रोपो स्फेयर ट्रोपो स्फेयर जो सबसे पहली लेयर है हमारी ये सबसे इंपॉर्टेंट सबसे वैल्युएबल लेयर है सबसे इंपॉर्टेंट लेयर किस लिए है क्योंकि ये ऐसी लेयर है जहां पे लाइफ की पॉसिबिलिटी है ये ऐसी लेयर है जिसके बारे में हमें जानना बहुत ही जरूरी है अब मैं सारी चीजें बताने की कोशिश कर रहा हूं ध्यान से समझिए ट्रोपो स्फेयर जो है ये लोअर मोस्ट एंड द मोस्ट सिग्निफिकेंट लेयर ऑफ एटमॉस्फेयर बिकॉज़ इट कंटेंस वेरियस गैसेस
इट कंटेंस द वाटर वेपर इट कंटेंस द हाइक्रोम पिक न्यूक्लि आई और उसके साथ-साथ जितने भी वेदर फिनोमिस हैं चाहे वो क्लाउड का फॉर्मेशन हो चाहे वो ड्यू है फॉग है फ्रॉस्ट है या बारिशें हैं साइक्लोन है ये सारे के सारे फिनोमिना हमें कहां पे दिखाई देते हैं ये सब के सब फिनोमिना ट्रोपो स्फेयर में ही होते हैं सो ऑल वेदर एंड क्लाइमेटोलॉजिकल फिनोम अकर्स इन दिस लेयर बिल्कुल सही बात है दो बातें आपने समझा दी बट यह सबसे सिग्निफिकेंट क्यों है लाइफ है गैसेस हैं थर्ड मोस्ट इंपॉर्टेंट एस्पेक्ट क्या है ट्रोपो स्फेयर के अंदर
जैसे-जैसे एल्टीट्यूड इंक्रीज होता है टेंपरेचर डिक्रीज होता है ऐसा क्यों है इसको समझने की कोशिश करते हैं आज के बाद आप सब लोग एक चीज से वाकिफ होंगे मान लीजिए यह हमारा सरफेस है इस सरफेस के ऊपर वी हैव दी इस सरफेस के ऊपर इस सरफेस के ऊपर वी हैव आवर वेट फॉर अ वाइल इस सरफेस के ऊपर वी हैव आवर एटमॉस्फेयर यह हमारा एटमॉस्फियर है और इस एटमॉस्फेयर के अंदर बहुत सारी गैसेस हैं बहुत सारी गैसेस हैं यहां पे वी हैव द प्रेजेंस ऑफ वी हैव द प्रेजेंस ऑफ सन अब क्या होता है सन
से बहुत ही हाई एनर्जी रेज आती हैं वेरी हाई एनर्जी रेज राइट ये एनर्जी रेज जो है ये बहुत ही बहुत ही हाईली एनर्जेटिक रेज है आपने बचपन अगर सामान्य गुजरा होगा तो एक चीज देखी होगी एनर्जी को e इ h बा लडा से जानते हैं यहां पे जो लडा है लडा होता है वेवलेंथ मतलब यह है कि अगर हम एनर्जी को देखें तो एनर्जी इज इन्वर्सली प्रोपोर्शनल टू लडा एनर्जी इज इन्वर्सली प्रोपोर्शनल टू लडा इसका मतलब यह है कि अगर कभी एनर्जी ज्यादा होगी तो इसका आज तात्पर्य यह होगा कि जो वेवलेंथ है वो
क्या होगी कम होगी तो जो हाई एनर्जी वेव्स हैं क्या मैं कह सकता हूं ये शॉर्ट वेव्स हैं बिल्कुल सही बात है सर ये शॉर्ट वेव्स हैं ये कौन सी वेव्स हैं शॉर्ट वेव्स है हाईली एनर्जेटिक वेव्स हैं अब ये जो रेज आई हाई एनर्जी वेव्स आगे बढ़ी ये क्या करती हैं हमारे एटमॉस्फेयर को हमारे एटमॉस्फेयर को एकदम क्या कर देती है पेनिट्रेट कर जाती हैं यहां से ये रेज इतनी एनर्जेटिक थी कि इन्होंने हमारे एटमॉस्फेयर को पेनिट्रेट कर दी दि या बहुत सारी गैसेस जो हैं बहुत सारी गैसेस ऐसी हैं जो इनको एब्जॉर्ब नहीं
कर पाती बस कुछ गैसेस हैं जैसे कि ओजोन जो हमारे स्ट्रेटोस्फीयर में है वो हाईली एनर्जेटिक यूवी रेडिएशन को रोक पाती है रदर बाकी की बहुत सारी गैसेस ऐसी हैं जो इन रेज को रोकने में असमर्थ होती हैं जब ये हाईली एनर्जेटिक रेज इस सरफेस से आके टकराएंगे तो क्या अपनी गर्मी जो अपनी वर्म है जो अपनी एनर्जी है वो इसको ट्रांसफर कर देंगी बिल्कुल सही बात है सर अब यह जो सरफेस है यह क्या हो गया वर्म हो गया तो यहां से एक चीज तो मालूम चल गई मुझे वो यह है इसको मैं डिलीट
कर रहा हूं यहां से पहला कंक्लूजन तो मुझे मालूम चला कि जो सोर्स ऑफ हीटिंग टू सरफेस है जो सरफेस हीटिंग है जो सरफेस की हीटिंग है वो कौन कर रहा है बेटा सरफेस की हीटिंग तो कर रहा है सन सरफेस की हीटिंग कर रहा है सन कोई दिक्कत नहीं है बट क्या एटमॉस्फेयर की हीटिंग सन से डायरेक्टली हुई है नहीं एटमॉस्फेयर अभी हीट अप नहीं हुआ बट जब ये सरफेस गर्म हो जाएगा तो धीरे-धीरे धीरे-धीरे इस सरफेस से कुछ रेडिएशन निकलेंगे इस सरफेस से कुछ रेडिएशन निकलेंगे अब जो ये सरफेस गर्म हुआ इससे कुछ
रेडिएशन निकले तो क्या ये हाईली एनर्जेटिक होंगे या कंपैरेटिव कम एनर्जी होगी ऑफकोर्स सर सन से ज्यादा एनर्जी थोड़ी हो सकती है सर सन से ज्यादा एनर्जी नहीं हो सकती यानी कि इनकी एनर्जी कंपैरेटिव क्या होगी कम होगी अगर इनकी एनर्जी कम हो होगी अगर इनकी एनर्जी कम होगी तो क्या इनका वेवलेंथ ज्यादा होगा बिल्कुल सही बात है सर यह लॉन्ग वेव रेडिएशन होंगी लॉन्ग वेव होंगी कहां से गई है सर सरफेस से गई है तो क्या मैं इन्हें लॉन्ग वेव टेरेस्ट्रे रेडिएशन बोल सकता हूं बिल्कुल सही बात है इनको मैंने किस नाम से जाना
लॉन्ग वेव टेरेस्ट्रे रेडिएशन के नाम से जाना यहां से जब लॉन्ग वेव टेरेस्ट्रे रेडिएशन गई है अब इनके पास क्या एनर्जी इतनी ज्यादा है कि ये गैस को पेनिट्रेट करके स्पेस में चले जाएं ये है स्पेस राइट अब ये क्या करती हैं जो ये गैसेस यहां पे हैं जाने वाली जितनी भी जाने वाली जितनी भी रेज होती हैं उनको क्या करना शुरू करती हैं ट्रैप करना शुरू करती हैं और जब ये ट्रैप करती हैं तब हमारा एटमॉस्फेयर क्या होने लगता है हीट अप होने लगता है सो जो एटमॉस्फेयर हीटिंग है जो एटमॉस्फेयर हीटिंग है वो
डायरेक्ट है या इनडायरेक्ट है एटमॉस्फेयर हीटिंग इज इनडायरेक्ट इनडायरेक्ट है और इसमें जो सोर्स है जिसकी वजह से यह एटमॉस्फेयर हीट हुआ है इस एटमॉस्फेयर के हीट होने का सोर्स कौन हुआ मेरे बच्चा दिमाग लगाओगे तो पता लग जाएगा यह सरफेस जो है यह सरफेस ही है जो कि इस पूरे के पूरे एटमॉस्फेयर की हीटिंग का क्या है सोर्स है इस पूरे के पूरे एटमॉस्फेयर की हीटिंग का सोर्स कौन बनके सामने आया यह सरफेस बनके सामने आया यह भी हमें समझ में आ गया सोर्स इज दी सरफेस नाउ लेट मी टेल यू वेरी क्लीयरली हियर
अगर आप इस सरफेस को माने कि यह एक हीटर है ये एक हीटर है और अगर आप हीटर से दूर जाते जाएंगे हीटर से दूर जाते जाएंगे तो तापमान कम होगा या ज्यादा होगा सर अगर आप सोर्स ऑफ हीटिंग से दूर जाते रहेंगे तो तापमान क्या होगा कम होने लगेगा तो एल्टीट्यूड यानी कि आप सरफेस से दूर जा रहे हैं तो तापमान क्या हो रहा है डिक्रीज हो रहा है तो एल्टीट्यूड इंक्रीजस टेंपरेचर डिक्रीजस दो पहली बात तो ये है अब मैं आपको चार कारण बताने वाला हूं जिसकी वजह से जब एल्टीट्यूड इंक्रीज होता है
तो तापमान डिक्रीज होता है पहला कारण तो हमें समझ में आ गया सर एल्टीट्यूड इंक्रीज होके जब एल्टीट्यूड इंक्रीज होगा तो हम इस सरफेस हीटिंग का जो सोर्स है उससे दूर जाते जा रहे हैं दूसरी बात सर एक बात ये भी बताओ कि इस सरफेस इस पूरे के पूरे एटमॉस्फेयर में किन-किन का मौजूदगी है सर गैसेस हैं और कुछ वाटर वेपर है तो आप एक बात बताओ सर आपने ये बात बोली थी कि एल्टीट्यूड इंक्रीज होने से जो वाटर वेपर का अमाउंट है वो क्या होता है डिक्रीज होता है और जो ये वाटर वेपर है
ये वाटर वेपर तो सर एक ग्रीन हाउस गैस है ना हां जी और अगर इसका अमाउंट ग्रीन हाउस गैस का मतलब ये क्या हीट ट्रैप करती है बिल्कुल सही बात है सर ये हीट ट्रैप करती है तो अगर इसका अमाउंट कम होगा तो टेंपरेचर क्या हो जाना चाहिए डिक्रीज हो जाना चाहिए तो सरफेस के पास जो है सरफेस के पास वाटर वेपर कंपैरेटिव कम है इसलिए उसका हीट का ट्रैप भी सरफेस के पास कंपैरेटिव वाटर वेपर ज्यादा है इसीलिए हीट की जो ट्रैपिंग है वह भी क्या है ज्यादा है सरफेस से दूर जो वाटर वेपर
है वो कंपैरेटिव कम है इसलिए हीट की ट्रैपिंग कम है और तापमान भी कम है थर्ड रीजन जो मैं यहां पे आपको बताना चाहता हूं वो ये है आप खुद समझे आप खुद समझे इस जगह पे वो क्या है कि गैसेस जो ग्रीन हाउस गैसेस होती हैं अब मैं यह कंसीडर करके चल रहा हूं आपको ग्रीन हाउस गैसेस के बारे में मालूम है ग्रीन हाउस गैसेस जो हैं इनका कंसंट्रेशन जैसे कि कार्बन डाइऑक्साइड एक ग्रीन हाउस गैस है जैसे कि मिथेन एक ग्रीन हाउस गैस है इन ग्रीन हाउस गैसेस का कंसंट्रेशन सरफेस के पास ज्यादा
है या सरफेस से दूर सर यह गैसेस थोड़ी क्या है हैवी गैसेस हैं हैवी गैसेस होने के कारण इनका कंसंट्रेशन इनका जो कंसंट्रेशन है दे आर क्वाइट हाई नियर एल्टीट्यूड ये हाई हाई इन लोअर एल्टीट्यूड जो लोअर एल्टीट्यूड है वहां पे इनकी डेंसिटी क्या है कंपैरेटिव ज्यादा है अगर इनकी डेंसिटी कंपैरेटिव लोअर एल्टीट्यूड में ज्यादा दिखाई देती है इस एल्टीट्यूड में इनकी डेंसिटी ज्यादा है तो ज्यादा ट्रैपिंग कहां होगी पोजीशन a पे या पोजीशन b पे फटाफट जवाब देंगे सब लोगों को मालूम चल जाएगा कि सर अगर a के पास ऐसी गैसेस ज्यादा हैं तो
a का तापमान ज्यादा होगा और B में अगर डेंसिटी कम है तो तापमान कंपेरटिवली कम होगा तो तो दिस इज ड्यू टू द डेंसिटी ऑफ गैसेस जो गैसेस हैं उनकी डेंसिटी जो है वो कंपैरेटिव क्या है ज्यादा है अब यही समझ लो ना पहाड़ों पे आप जाओगे तो एटमॉस्फियर क्या डेंस होता है या कंपैरेटिव रेयर होता है एटमॉस्फियर वहां पे रेयर होता है डेंसिटी ज्यादा नहीं होती गैसेस की इसलिए तो हमारे सांस फूलने लगते हैं ऑक्सीजन की कमी क्यों होती है क्योंकि ऑक्सीजन ज्यादातर लोअर एल्टीट्यूड में दिखाई देती है अपर एल्टीट्यूड में कम हो जाती
है इसी वजह से आप ये चीज जाने कि तापमान क्या हो जाता है कम हो जाता है एंड फोर्थ मोस्ट इंपॉर्टेंट रीजन इज दी इंडस्ट्रियल प्रोसेसेस जो कि एंथ्रोपोजेनिक रीजन है अब आप खुद समझो कि स्पेस में कंपैरेटिव इंडस्ट्रियल प्रोसेसेस हो रहे हैं क्या नहीं हो रहे सर धरती के अंदर धरती के सरफेस के पास हो रहे हैं वहां पे हम ऐसी गैसेस रिलीज कर देते हैं जिनकी वजह से तापमान बढ़ जाता है और सरफेस से दूर जाते रहेंगे तो तापमान कम हो जाएगा दीज आर दी फोर मेजर रीजंस जिसे हम जानते हैं एल्टीट्यूड इंक्रीज
होने से टेंपरेचर क्या होता है डिक्रीज होता है और जब ये एल्टीट्यूड डिक्रीज होने से टेंपरेचर डिक्रीज होता है तो इससे हम एक जानकारी हासिल करते हैं वो यह कि इसे हम बोलते हैं लैप्स रेट इसे किस नाम से जाना जाता है लैप्स रेट के नाम से जाना जाता है जिसकी डिफरेंट डिफरेंट समय पे डिफरेंट डिफरेंट वैल्यूज आपको दिखाई देंगी कई जगह पे 6.5 डिग्री सेल्सियस पर किलोमीटर लिखा जाता है कई जगह पे 5 डिग्री सेल्सियस पर किलोमीटर लिखा जाता है बट वो वेरिएबल है हमें इतना जानना है कि एल्टीट्यूड इंक्रीज होने से टेंपरेचर क्या
होता है डिक्रीज होता है थर्ड चीज जो यहां पे आती है ट्रोपो स्फेयर के अंदर ट्रोपो स्फेयर की जो हाइट है वो वेरी करती है इक्वेटर के पास ट्रोपोपॉज 18 किमी तक है और पोल्स के पास ट्रोपोपॉज कंपैरेटिव 8 किमी तक इसलिए बोला जाता है कि जो एवरेज हाइट है ट्रोपोपॉज की वो है 13 किमी ऐसा क्यों है उसको भी समझ लेते हैं आप ये बात समझो कि जहां पे गर्मी ज्यादा थी वहां पे हवाएं ज्यादा ऊपर की ओर उठी होंगी क्योंकि गर्मी ज्यादा होने से टेंपरेचर ज्यादा हो ने से जब टेंपरेचर ज्यादा हो जाता
है तब आप समझते हैं कि डेंसिटी कम हो जाती है और एयर राइज करती है अगर इसी प्रोसेस में आपको मैं एक चीज बता दूं यहीं पे वो यह कि अगर मान लीजिए मैं धरती को देखता हूं तो यह है हमारा इक्वेटर इक्वेटर के पास सनलाइट कंपेरटिवली क्या है ज्यादा है इतना तो आप सब लोगों को मालूम है और पोल्स के पास जो सनलाइट है वह कंपैरेटिव कम है तो जो यहां की एयर होगी वो कंपेरटिवली ज्यादा राइज करेगी बिल्कुल सही बात है जब वो ज्यादा राइज करेगी तो क्या इसकी बाउंड्री जो ट्रोपो स्फीयर की
बाउंड्री है वो कंपैरेटिव हमें बड़ी दिखाई देगी जी हां क्योंकि जब एयर राइज कर रही है तो एयर यहां पे एक्सपेंडेड भी है एक्सपेंडेड क्यों है क्योंकि एयर क्या है कंपैरेटिव वार्म है और जो ठंडी चीज होगी वो कॉन्ट्रैक्ट होगी सिकड़ी हुई होगी इस वजह से यहां पे ट्रोपोपॉज की जो हाइट है हमें वो कंपैरेटिव 8 किमी तक ही दिखाई देती है तो एयर के इस पर्टिकुलर टेंपरेचर वेरिएशन के कारण टेंपरेचर वेरिएशन के कारण जो हवा का राइज होना है हवा का एक्सपेंड होना है हवा का कन्वे क्शन करना है वो कंपैरेटिव इक्वेटर पे ज्यादा
होता है और पोल पे कम इसलिए इक्वेटर और पोल पे ऐसी घटनाएं घटित होती हैं अब एक बात और बताओ मैंने बोला 5 डिग्री सेल्सियस पर किलोमीटर अगर लैप्स रेट है टेंपरेचर डिक्रीज होता है तो 8 किलोमीटर पे ज्यादा टेंपरेचर डिक्रीज होगा या 18 किमी पे सर ऑफकोर्स 18 किमी ऊपर जाओगे तो टेंपरेचर डिक्रीज ज्यादा होगा इसका मतलब यह है कि अगर मैं पॉइंट ए और पॉइंट बी यानी कि ये जो बाउंड्री है ट्रोपो स्फेयर की जिसे ट्रोपो पोज के नाम से जाना जाता है ये जो बाउंड्री है ट्रोपो स्फेयर की जिसे ट्रोपो पोज के
नाम से जाना जाता है यहां पे टेंपरेचर कंपैरेटिव क्या होगा कम होगा क्यों क्योंकि भले ही सरफेस पे टेंपरेचर ज्यादा हो बट हाइट इतनी ज्यादा थी कि टेंपरेचर बहुत ज्यादा कम हो गया जबकि पोल पे हा कम होने के कारण टेंपरेचर का भी जो लैप्स है टेंपरेचर का जो कम होना है वह भी कंपैरेटिव कम है इसलिए ब पे टेंपरेचर कंपैरेटिव हाई होगा अब ये मत सोचना कि आदमी बावला हो गया और पोल पे टेंपरेचर ज्यादा बता रहा है और इक्वेटर पे कम नहीं मैं पोल के ऊपर जो ट्रोपो स्फीयर की बाउंड्री है वहां के
टेंपरेचर की बात कर रहा हूं और इक्वेटर के ऊपर जो ट्रोपो स्फीयर की बाउंड्री है वहां पे बात कर रहा हूं तो दिस इज समथिंग वी हैव अंडरस्टूड अबाउट दी ट्रोपो स्फेयर सो ट्रोपो स्फीयर की सारी इंफॉर्मेशन मैंने आपको प्रोवाइड कर दी अगर यहां पे सारे फिनोमिना क्लाउड थंडर स्टॉर्म्स होते हैं तो क्या एयरप्लेंस यहां पे फ्लाई कर पाएंगे नहीं सर एयरप्लेंस यहां पे फ्लाई नहीं कर पाएंगे इसके बाद आ जाए सेकंड जो लेयर है दैट इज ये मैंने आपको बता दिया यहां पे सेकंड इज द स्ट्रेटोस्फीयर स्ट्रेटोस्फीयर का जो एस्पेक्ट है वहां पे हम
जानते हैं कि एक ओजोन लेयर का प्रेजेंस है जिसे ओज़ोनोस्फीयर के नाम से जानते हैं और ये ओजोन हमें हार्मफुल यूवी रेडिएशन से बचाती है अगर हम हार्मफुल यूवी रेडिएशन से बच जाते हैं तो इस ओजोन को किस नाम से जाना जाता है गुड ओजोन के नाम से जाना जाता है बट ऑन दी अदर हैंड जब ट्रोपो स्फेयर की बात आती है तो आप जानेंगे ये एक पोल्यूटेंट के रूप में जानी जाती है इसीलिए एयर क्वालिटी इंडेक्स के अंदर ओजोन को मेजर किया जाता है अगर आप एयर क्वालिटी इंडेक्स की आठ गैसेस देखेंगे तो उसमें
ओजोन आपको दिखाई देगा बट सेकेंडरी पोल्यूटेंट के रूप में अगर आप पार्ट ऑफ फोटोकेमिकल स्मॉग यानी कि जो वोलेटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड्स होते हैं वोलेटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड्स मतलब बेंजीन बेंजो पाइरीनका अंदर जो आपको स्मेल आती है ना जो यह स्मेल आती है जो कि वोलेटाइल सी होती है इन्हें वोलेटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड के नाम से जाना जाता है अगर इनकी रिएक्शन नाइट्रोजन ऑक्साइड के साथ हो जाती है और सनलाइट की प्रेजेंस में हो जाती है तो यह एक कंपाउंड बनाते हैं जिसे परोसी एसिटा इल नाइट्रेट के नाम से जाना जाता है पॉक्सी एसिटा नाइट्रेट और उसके साथ
डेवलपमेंट होता है किसका ओजोन का और यह कुछ नहीं फोटोकेमिकल स्मॉग है जो कि रेस्पिरेटरी डिजीज के लिए बहुत लार्ज स्केल पे और कार्डियोवैस्कुलर डिजीज के लिए रिस्पांसिबल है इसीलिए इसे बैड ओजोन की संज्ञा दी जाती है इसी बैड ओजोन को कम करने के लिए एक प्रोटोकॉल आया जिसे हम गोथन बर्ग प्रोटोकॉल के नाम से जानते हैं सब लोग एक चीज तो जानते हैं कि सर जो गुड ओजोन है ओजोन लेयर जो है ओजोन लेयर जो है जो यह गुड ओजोन है इसकी जो थिकनेस है वह कम होती जा रही है ओजोन लेयर की जो
थिकनेस है वह कम होती जा रही है उसे हम क्या करना चाहते हैं वापस रीगेन करना चाहते हैं उसके लिए एक प्रोटोकॉल आया था सर उस प्रोटोकॉल का नाम मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल है नो डाउट अबाउट दैट बट वी फॉरगेट टू नो अबाउट वन थिंग कि ट्रोपो स्फेयर में हम ओजोन नहीं चाहते ट्रोपो स्फेयर में ओजोन बैड ओजोन है और उसको कवर करने के लिए एक प्रोटोकॉल है दैट इज गोथन बर्ग प्रोटोकॉल तो हमें यह मालूम पता लग गया यह चीज के बारे में जब जानकारी हासिल हुई तब हमने देखा कि जो स्ट्रेटोस्फीयर है स्ट्रेटोस्फीयर की जो
हाइट है दैट इज 13 किमी टू 50 किमी 50 किमी तक ये जाता है बट सबसे इंपॉर्टेंट भाग यह है स्ट्रेटोस्फीयर में जानने का वो यह कि जब हमने ट्रोपो स्फीयर देखा था तो ट्रोपो स्फीयर के अंदर एल्टीट्यूड इंक्रीज होने पे टेंपरेचर क्या हो रहा था डिक्रीज हो रहा था बट स्ट्रेटोस्फीयर के अंदर एल्टीट्यूड इंक्रीज होने के साथ-साथ तापमान में वृद्धि दिखाई देती है वो वृद्धि इसीलिए दिखाई देती है क्योंकि जो हाई एनर्जेटिक ये मैंने जो प्रोसेस बताया ना आपको यह वाला प्रोसेस 1 मिनट ध्यान से देखो ये वाला प्रोसेस इसमें जो ट्रोपो स्फेयर था
उनकी गैसेस तो नहीं एब्जॉर्ब कर पा रही थी बट स्ट्रेटोस्फीयर की कुछ गैसेस जैसे कि ओजोन जो है वो यूवी रेडिएशन को क्या कर लेती है एब्जॉर्ब कर लेती है जिसकी जो अ जो अ एनर्जी है वो कंपैरेटिव ज्यादा है इसीलिए स्ट्रेटोस्फीयर के अंदर तापमान हमें बढ़ता हुआ दिखाई देता है अब यह चीज जानने के बाद आगे बढ़ते हैं और जानने की कोशिश करते हैं कि इंक्रीजस विद एल्टीट्यूड ड्यू टू ओजोन एब्जॉर्ब या ट्र स्ट्रेटोस्फीयर में कुछ अ अ हमें स्ट्रेटोस्फीयर में कुछ अ क्लाउड्स दिखाई देते हैं जी हां कुछ क्लाउड्स ऐसे हैं जो कि
स्ट्रेटोस्फीयर के अंदर भी बन जाते हैं राइट जिन्हें पोलर स्ट्रेटोस्फेरिक क्लाउड के नाम से जानते हैं और पोलर स्ट्रेटोस्फेरिक क्लाउड के अलावा यहां पे क्लाउड्स का एब्सेंट हमें दिखाई देता है इसीलिए यहीं पे ही जो एयरक्राफ्ट्स है वो फ्लाई करते हैं हैं जेट स्ट्रीम्स जो हैं वो भी जनरली लोअर स्ट्रेटोस्फीयर के अंदर अपर ट्रोपो स्फीयर के अंदर हमें दिखाई देती हैं दीज आर दी मेजर एस्पेक्ट अगली जो लेयर है जिसे हम मेजो स्फेयर के नाम से जानते हैं ये कोल्डेस्ट लेयर कहलाती है हमारे एटमॉस्फेयर की क्योंकि आप जानो पहले एल्टीट्यूड इंक्रीज होने के साथ टेंपरेचर
क्या हो रहा था डिक्रीज ये कौन सी लेयर थी सर ट्रोपो स्फेयर थी ट्रोपो स्फेयर में ये ऐसा हो रहा था स्ट्रेटोस्फीयर में सर यूवी रेडिएशन के कारण क्या हो गया एल्टीट्यूड इंक्रीज होने के कारण टेंपरेचर इंक्रीज हो गया बट अब क्या सर मेजो स्फेयर में कोई ओजोन की लेयर है नहीं है तो क्या मेजो स्फेयर में तापमान इंक्रीज होना चाहिए या डिक्रीज होना चाहिए मैं कहता हूं सर वापस यहां पे तापमान क्या होना चाहिए डिक्रीज होना चाहिए इसीलिए ये सबसे कोल्डेस्ट लेयर बन जाती है 80 किमी तक का एल्टीट्यूड आपको दिखाई देगा और -90
डिग्री सेल्सियस तक आपको यहां पे इसका तापमान भी दिखाई देता है ये होमोजीनस लेयर है इसके ऊपर की जो बाउंड्री है जो जहां पे मेजो स्फेयर खत्म हो जाता है उसे मेजो पोज के नाम से जानते हैं यह बात अब तय है कि ट्रोपो स्फेयर की बाउंड्री जब खत्म होगी तो ट्रोपोपॉज स्ट्रेटो की खत्म होगी तो स्ट्रेटो पॉज मेजो की खत्म होगी तो मेजो पॉज राइट उसके बाद अगर हम बात करें यहां पे सबसे इंपॉर्टेंट बात वो ये है कि मेजो स्फेयर के अंदर जितने भी ये हमारे एस्टेरॉइड पार्टिकल्स होते हैं जिन्हें हम मेटराइड कहते
हैं वो बर्न हो जाते हैं क्यों क्योंकि उस रीजन में तापमान इतना कम है कि फ्रिक्शन जनरेट होने लगता है टेंपरेचर कम होने से कंट्रक्शन होता है ना अब लोगों को ऐसा समझ में नहीं आता कि सर एक पल को तो आप यह कहते हैं कि एक पल को तो आप यह कहते हैं कि यह कोल्डेस्ट लेयर है और दूसरी तरफ आप यह भी कह देते हैं कि यहां पे बर्निंग हो जाती है कोल्डेस्ट होने का मतलब यह है कि वहां पे पार्टिकल्स आपस में नजदीक हैं इसका मतलब कोई भी नया बाहर से ऑब्जेक्ट उस
रीजन से निकलेगा तो वह फ्रिक्शन जनरेट करेगा और उसकी वजह से वह बर्न हो जाएगा एंड मोर ओवर अगर आप यहां पे मेजो स्फेयर की बात करें तो द मेजो स्फेयर इज लार्जली फ्री ऑफ ग्रीन हाउस गैसेस और अगर यहां पे ग्रीन हाउस गैसेस का प्रेजेंस नहीं है अगर यहां पे ग्रीन हाउस गैसेस का प्रेजेंस नहीं है तो डेफिनेटली आपको एक चीज का तो मालूम चल जाएगा वो यह होगा कि यहां पे जो टेंपरेचर है वो बहुत ही कम होगा नेक्स्ट जो लेयर है जिसे हम आइनोस्फीयर या थर्मोस्फीयर के नाम से जानते हैं देखिए जब
थर्मोस्फीयर की बारी आएगी ना तब इस स्टेज में 80 किमी से 400 किमी की ये लेयर है इस स्टेज में आते-आते जो हमारे पार्ट गैसेस हैं गैसेस के पार्टिकल्स जो हैं वो एक दूसरे से अलग होने लगेंगे आयनाइज होने लगेंगे आयस बना लेंगे जब वो आयस बनाएंगे तो वो आयस आपस में क्या करते हैं कोलाइड करने लगते हैं उनके कोलिजन से तापमान वापस क्या हो जाता है इंक्रीज हो जाता है इसीलिए थर्मोस्फीयर को आइनोस्फीयर भी कहा जाता है क्योंकि यहां पे इस लेयर के अंदर इलेक्ट्रिकली चार्जड पार्टिकल्स और आयस मौजूद होते हैं और इसी लेयर
के अंदर इसी लेयर के अंदर जो ये चार्जड पार्टिकल्स चार्ज आयस हैं ये वापस रिफ्लेक्ट बैक कर देते हैं किसको रेडियो वेव्स को इसीलिए रेडियो सिग्नल ट्रांसमिशन के लिए आइनोस्फीयर का या थर्मोस्फीयर का रोल बहुत ही इंपॉर्टेंट है और इस लेयर को फर्द डिवाइड किया जाता है डी e एंड एफ लेयर्स में जहां पे एफ लेयर जो है उस पर्टिकुलर लेयर में रेडियो ट्रांसमिशन सबसे महत्त्वपूर्ण होता है सबसे क्रिटिकल होता है और यह 1200 डिग्री सेल्सियस तक यहां पे टेंपरेचर पहुंच जाता है और उसके साथ-साथ यह ऐसी लेयर है जहां पे रोरा जैसी घटनाएं देखी
जाती हैं रोरा जैसी घटनाओं का मतलब यह है कि जब भी आप यहां पे एक चीज देखेंगे कि जब भी आप अ थर्मोस्फीयर को देखते हैं तो आयनाइजेशन होता है आयस हैं कोलिजन होता है हीट जनरेट होती है और इस समय पे जब हीट जनरेट हुई तो आपने एक चीज जानी कि मान लीजिए यह हमारा अर्थ है दिस इ आर प्लेनेट अर्थ और यहीं पे यहीं पे आपने सन देखा सन से निकलते हुए बहुत सारे चार्जड पार्टिकल्स चार्जड पार्टिकल्स की एक सोलर स्टॉर्म और सोलर विंड निकलती है ये जो चार्जड पार्टिकल और सोलर विंड्स यहां
से निकलती हैं ये धरती के धरती के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड जो मैग्नेटिक फील्ड है उसके साथ इंटरेक्ट करती हैं और इंटरेक्ट करके यहां पे जो पोलर रीजंस हैं वहां पे बहुत डिफरेंट डिफरेंट कलर की लाइट्स को जन्म देती हैं अब इसकी जो डिटेल एस्पेक्ट है वो हम अपनी ऑफलाइन क्लासेस के अंदर ऑनलाइन क्लासेस के अंदर बताते हैं बट अभी हमारे पास इतना वक्त नहीं है कि हम इसे जान अ इसे थोड़ा सा अ डिटेल में समझे तो प्लीज मेक श्योर दैट दिस इज अ रिवीजन क्लास होता ही है फिर भी बता देता हूं रोक नहीं पा
रहा हूं कि जब चार्जड पार्टिकल्स निकलते हैं और आइनोस्फीयर के चार्जड पार्टिकल्स के साथ इंटरेक्ट करते हैं और उस लेयर के अंदर जो गैसेस होती हैं उनके साथ जब इंटरेक्ट करते हैं तब उनके आउटर शेल में से इलेक्ट्रॉन को क्या करते हैं चार्ज देते हैं इलेक्ट्रॉन को एनर्जी प्रोवाइड करते हैं और जब इलेक्ट्रॉन अपनी नॉर्मल अवस्था से एक्साइटेड स्टेट में पहुंचता है वहां से जब वापस नीचे की ओर गिरेगा तब इस समय पे बहुत सारी एनर्जी लाइट के रूप में रिलीज होती है इसे नॉर्दर्न लाइटनिंग और सदर्न लाइटनिंग के नाम से जाना जाता है नॉर्दर्न
भाग में इसे रोरा बोरियलिस और सदर्न भाग में इसे रोरा ऑस्ट्रेलिस के नाम से जानते हैं और यहीं पे रोरा बोरियलिस और रोरा ऑस्ट्रेलिस तो ये कहां पे आपको दिखाई दे रही हैं ये भी आपको थर्मोस्फीयर के अंदर होती हुई दिखाई देती हैं एंड लास्टली वीी हैव लास्टली वीी हैव द अच्छा चलो थर्मोस्फीयर के अंदर अर्थ की मैग्नेटिक फील्ड के साथ ये इन्फ्लुएंस होने के बाद अरोरा आ गया फिर आता है एग्जोटिवली होमोस्फीयर का मतलब 80 से 100 किमी तक 80 से 100 किमी तक अगर आप देखेंगे तो आपको कौन सी लेयर दिखाई दे रही
है बस मेजो स्फीयर तक यानी कि मेजो स्फीयर तक जो गैसेस हैं वो कंपैरेटिव क्या है होमोजेनियसली मिक्स्ड है उसके बाद आपको लेयर्ड रूप में दिखाई देंगी राइट तो इसे हमने जाना होमोस्फीयर के रूप में बट थर्मोस्फीयर और एजोस्पिरिलम ये गैसेस की लेयर्स दिखाई देती हैं स्ट्रेटिफाइड दिखाई देती हैं जैसे कि हाइड्रोजन और हीलियम जिसका एग्जांपल मैंने आपको दिया भी था उन्हें हम हेटेरोस्फीयर का नाम देते हैं दिस इज दी स्ट्रक्चर एज वेल एज कंपोजीशन ऑफ एटमॉस्फेयर नाउ लेट्स टॉक अबाउट द सोलर रेडिएशन इनसोलेशन एंड इनसोलेशन के बाद हम देखेंगे टेंपरेचर फिर हम देखेंगे प्रेशर
बेल्ट्स फिर देखेंगे विंड्स देन ह्यूमिडिटी देन दिस सो अर्थ को मैं एक अगर सिस्टम मानूं तो इस सिस्टम के अंदर इफ वी आर गोइंग टू प्रोवाइड सम इनपुट वी आर डेफिनेटली गोइंग टू गेट सम आउटपुट्स इनपुट के रूप में सबसे पहला और प्राइमरी इनपुट है इंसुलेशन इंसुलेशन आप समझ रहे होंगे कि क्या है इंसुलेशन का मतलब होता है इनकमिंग इनकमिंग सोलर रेडिएशन इसी का नाम है इंसोल इसे हम किस नाम से जानते हैं इनकमिंग सोलर रेडिएशन के नाम से जानते हैं इनकमिंग सोलर रेडिएशन के नाम से जानते हैं इनसोलेशन राइट इंसुलेशन ये सन जो सबसे
पहले अर्थ अर्थ के ऊपर जो प्राइमरी सोर्स ऑफ एनर्जी है वह इंसुलेशन पहला इनपुट है उसके आउटपुट के रूप में आपको तापमान दिखाई देगा फिर इनपुट में आपको प्रेशर बेल्ट्स और आउटपुट के रूप में आपको विंड्स दिखती हैं देन इनपुट के रूप में आपको ह्यूमिडिटी एंड आउटपुट के रूप में कंडेंसेशन दिखाई देगा सो दैट इज हाउ वी आर गोइंग टू प्लान आवर नेक्स्ट सेगमेंट जहां पे वी विल स्टार्ट फर्स्ट विद दी इंसुलेशन इंसुलेशन की जब बात आती है तो सन एज आई हैव मेंशन इज द प्राइमरी सोर्स ऑफ एनर्जी एंड इन दिस सन से बहुत
सारी बहुत सारी एनर्जी धरती की ओर निकलती है जिसे इंसुलेशन का नाम हम देते हैं बट बहुत सारी एनर्जी ऐसी है जो कि कुछ रिफ्लेक्ट हो जाती है कुछ स्कैटर हो जाती है स्पेस में है ना बट हम यह जानते हैं कि एजोस्पिरिलम करके एक क्लाइमेटोलॉजिस्ट हुए उन्होंने क्या बोला लेंज ने बोला कि यह जो बाउंड्री है एगोस्क्यू लेशन रिसीव होता है वहां तक पहुंचते-पहुंचते और उसे नाम दिया गया सोलर कांस्टेंट यह सोलर कांस्टेंट की वैल्यू आती है दो लेंज पर मिनट टू लेंज पर मिनट ये इसकी वैल्यू है जिसमें आप जो लेंज है उसको
यूनिट के रूप में देखेंगे तो वो एनर्जी के यूनिट के रूप में आपको दिखाई देगा अब जब ये इंसुलेशन यहां से चली तो इस इंसुलेशन को हम एक इस इंसुलेशन को हम एक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम के रूप में देख सकते हैं क्योंकि ये हाईली एनर्जी हाई एनर्जेटिक स्पेक्ट्रम के रूप में वेव्स चली हैं जिसके अंदर डिफरेंट डिफरेंट टाइप्स ऑफ वेव्स डिफरेंट डिफरेंट टाइप्स ऑफ एनर्जी वेव्स होती हैं जैसे कि अगर हम यहां पे इस पूरे इंसुलेशन को डिवाइड करें तो उनको वेवलेंथ और फ्रीक्वेंसी के आधार पर इस तरीके से डिवाइड किया जाता है कि कुछ वेवलेंथ
ऐसी है जिनको हम शॉर्ट वेव रेडिएशन के नाम से जानते हैं कुछ ऐसी हैं जिन्हें हम लॉन्ग वेव रेडिएशन के नाम से जानते हैं और कुछ ऐसी हैं जिन्हें हम मीडियम मीडियम रेंज रेडिएशन के नाम से से जानते हैं शॉर्ट वेव रेडिएशन वो रेडिएशन है जिनकी एनर्जी कंपैरेटिव क्या होगी ज्यादा होगी और ये मैं अभी आपको बता भी चुका हूं एनर्जी जिसकी ज्यादा उसकी जो वेवलेंथ है वो क्या होती है कम होती है गामा रेज एक्स रेज और यूवी रेज ये इन तीनों की कैटेगरी में डिवाइड किए जाते हैं ऑन दी अदर हैंड जब हम
मीडियम रेंज की बात करते हैं तो यहां पे विजिबल रेज आती हैं विजिबल रेंज जो है जिसमें आप विब ग्यर देखते हैं वॉयलेट इंडिगो ब्लू ग्रीन येलो ऑरेंज एंड रेड ये जो विब ग्यर है यह विजिबल रेंज स्पेक्ट्रम को बताता है और इस विजिबल रेंज के स्पेक्ट्रम को हम मीडियम रेंज के अंदर क्लासिफाई करते हैं देन इससे भी कम जो एनर्जी है वो होती है इंफ्रारेड में देन उससे भी कम एनर्जी इज इन दी माइक्रोवेव एंड देन फाइनली विद दी रेडियो वेव्स तो ये इस तरीके से इंसुलेशन का एक स्पेक्ट्रम है इंसुलेशन के स्पेक्ट्रम में
मल्टीपल मल्टीपल रेज मल्टीपल एनर्जी रेज हमें मिल रही हैं यह किस तरीके से मिलती हैं कहां पे मिलती हैं और उनका भाव क्या है और उनको कैसे कौन-कौन से फैक्टर्स हैं जो इन्फ्लुएंस करते हैं वहीं से सवाल बनता है तो हमें यह तो समझ में आ गया कि इंसुलेशन का मतलब है इनकमिंग सोलर रेडिएशन और इनकमिंग रेडिएशन का मतलब यह है कि शॉर्ट वेव रेडिएशन जो कि कहां से आ रही है सन से आ रही हैं यह जो सोलर कांस्टेंट का कांसेप्ट है याद रख सके तो रख ले वरना इतना कोई जरूरी नहीं है बट
स्टिल हमें यह जरूर पता होना चाहिए कि इंसुलेशन के अंदर एक स्पेक्ट्रम होता है उस स्पेक्ट्रम में गामा एक्स यवी विबग्योर देन इंफ्रा माइक्रो एंड रेडियो वेव्स आपको दिखाई देती हैं अब इस इंसुलेशन के अंदर इस इंसुलेशन के अंदर बहुत सारे फैक्टर्स हैं जो इसे प्रभावित करते हैं जैसा कि आप यहां पे देख सकते हैं जो पहला सबसे इंपॉर्टेंट फैक्टर है दैट इज एंगल ऑफ इंसिडेंट एंगल ऑफ इंसिडेंट सेकंड इज द ड्यूरेशन ऑफ डे एंड नाइट जो सेकेंडरी फैक्टर्स में हम ट्रांसपेरेंसी टोपोग्राफी और सन स्पॉट्स को देखेंगे अब इन सब चीजों को अगर हम सम
समझेंगे तो यहीं से हम जो हमारे इस बुकलेट के अंदर पहले चैप्टर में मोशंस ऑफ अर्थ दिया हुआ है उसको भी हम समझने की कोशिश कर लेंगे साथ-साथ तो एप्लीकेशन पार्ट के साथ हम उस चीज को जानेंगे एंगल ऑफ इंसीडेंस एंगल ऑफ इंसीडेंस का मतलब यह है कि अगर मान लीजिए आज मैं यहां पे अर्थ को देखता हूं तो मुझे यह बात का एहसास है कि अर्थ अपने एक्सिस पे 23 1/2 डिग्री टिंटेड है अर्थ अपने एक्सिस पे टिल्ट है वह भी 23 ए 1/2 डिग्री टिल्ट है कोई दिक्कत नहीं है अब मान लीजिए यहां
से यहां से इस इस रीजन से अगर रेस चल रही है तो इक्वेटर तक इक्वेटर पे अगर आप देखेंगे तो यह रेज जो है वो डायरेक्ट होंगी यानी कि इसको आप देख सकते हैं कि इक्वेटर पे पहुंचने वाली जो रे है वह एकदम डायरेक्ट है जबकि जबक जब हम पोलर रीजन में जाते हैं तो इस रीजन में इसका जो एंगल है वह कंपैरेटिव क्या हो जाता है स्लैट हो जाता है और दूसरी बात यह है कि इक्वेट पे डिस्टेंस ट्रेवल कंपैरेटिव कम है और पोल पे डिस्टेंस ट्रेवल भी क्या है कंपैरेटिव ज्यादा है इसका मतलब
यह हुआ जैसे ही हम एंगल देखते हैं इसको ऐसे देखा जाता है कि मान लीजिए जस्ट गिव मी अ सेकंड मान लीजिए वेट फॉर अ वाइल जब मैं यहां पर बात करता हूं यह मान लीजिए एक कार्डबोर्ड है और इस कार्डबोर्ड पे आपने क्या किया बिल्कुल सीधा एंगल ऑफ इंसीडेंस डाला ठीक है यानी कि यहां पे बहुत ही ज्यादा एनर्जी होगी अब मैंने इसको स्लैट कर दिया तो क्या एनर्जी ज्यादा होगी या कम होगी सर एनर्जी क्या हो जाएगी कम हो जाएगी एनर्जी क्या हो जाएगी कम हो जाएगी यही सबसे इंपॉर्टेंट फैक्टर है हमारे लिए
जानना कि जब एंगल चेंज हो जाता है तो एंगल चेंज होने से एंगल चेंज होने से जो ओवरऑल एनर्जी है वो भी क्या हो जाती है कम हो जाती है तो इंसुलेशन ज्यादा आपको कहां पे दिखाई देगी इक्वेटर पे या पोल पे सर सिंपल सीधी बात है यहां से हमें समझ में आ गया कि जहां पे एंगल स्लैट हो जाएगा कम हो जाएगा वहां पे इंसुलेशन भी क्या होगी कंपैरेटिव कम हो जाएगी सो नाउ अब सवाल ये आता है कि क्या इक्वेटर ही ऐसा रीजन है जहां पे हमेशा इंसुलेशन ओवरहेड होगी यहां से एक बात
निकल के सामने आई कि यहां से एक बात निकल के सामने आई कि लोग कह देंगे कि सर इंसुलेशन तो फिर इक्वेटर पे मैक्सिमम होनी चाहिए इक्वेटर पे मैक्सिमम और पोल पे मिनि मिनिमम होनी चाहिए यहां पे सब लोग गलती कर देते हैं क्यों क्योंकि आप खुद देखें एक फैक्टर अकेला एंगल ऑफ इंसीडेंस नहीं है जो कि इस पूरे के पूरे इंसुलेशन को इफेक्ट कर रहा है रदर बहुत सारे दूसरे फैक्टर्स भी हैं सबको जब मिला लेंगे तब हमें एक एहसास होगा कि अच्छा ये इंसुलेशन का मेजर मकसद है मेजर वेरिएशन है तो पहले फैक्टर
से हमें यह जान लिया कि हां ठीक है इक्वेटर के ऊपर तो जो इंसुलेशन है वो कंपैरेटिव ज्यादा है पोल पे वो एंगल कम है इसलिए इंसुलेशन कम है नो डाउट अबाउट दैट फेयर इनफ बट दूसरा सवाल मेरे उसी समय मन में आया कि क्या यह सन हमेशा इक्वेटर के ऊपर ओवरहेड रहेगा थ्रू आउट द ईयर फिर आप कहेंगे नहीं सर सन पूरे समय पे इक्वेटर पे ओवरहेड नहीं होता ऐसा क्यों है इसका जो मेजर कारण है वो लाय करता है हमारे रेवोल्यूशन ऑफ अर्थ पे जो हमारा रेवोल्यूशन ऑफ अर्थ है उससे चीजें चेंज हो
जाती हैं रेवोल्यूशन ऑफ अर्थ से चीजें कैसे चेंज हो जाती हैं उसको समझने की कोशिश मैं करना चाहता हूं तो ध्यान से समझिए रेवोल्यूशन ऑफ अर्थ से ऐसे पता लगा कि जब मैं देखता हूं हमारे सन को सन के चारों ओर हमारी धरती रिवॉल्व कर रही है और यह जो रेवोल्यूशन है दिस रेवोल्यूशन इज ऑफ इज अ टेकिंग प्लेस इन एंड अराउंड ये कितने समय में हो रहा है 365 बटा 365 सेही 1/4 चा दिन में राइट अब इसमें क्या ये जो धरती है टिल्ट है जी हां टिल्टेबल समझे मान लीजिए धरती इस तरीके से
थी और सन की डायरेक्ट रेज इस समय किस पे थी सन की डायरेक्ट रेज थी इक्वेटर पे अब अगर धरती को मैं थोड़ा सा टिल्ट कर दूंगा तो सन की डायरेक्ट रेज नीचे की ओर आएंगी या ऊपर की ओर आएंगी सर अगर आपने इस तरफ टिल्ट किया तो ऊपर जाएंगी और अगर आपने इस तरफ टिल्ट किया तो नीचे आएंगे समझे क्या खूबसूरत सा कहानी है अगर मैंने इसको इस तरफ टिल्ट कर दिया तो जो रेज हैं जो पहले यहां पे थी जो पहले यहां पे थी रेज अब वो कहां हो जाएंगी सर ऊपर हो जाएंगी
अगर सर आपने इस तरफ टिल्ट कर दिया तो रेज कहां हो जाएंगी नीचे की ओर हो जाएंगी इसका मतलब ये हुआ कि सन के चारों ओर जब नॉर्थ पोल इज फेसिंग द सन जब नॉर्थ पोल सन को फेस कर रहा है उस समय पे सन की डायरेक्टरीज ट्रॉपिक ऑफ कैंसर के ऊपर दिखाई देती हैं बट बिफोर आई मूव ऑन टू दिस एस्पेक्ट आई फॉरगॉट टू मेंशन वन थिंग आप सब लोगों को कुछ लटटू के बारे में इंफॉर्मेशन होगी अगर नहीं है तो मैं बता देता हूं बेसिकली यह जो सबसे इंपॉर्टेंट लटटू है जिसे 0 डिग्री
लटटू कहते हैं इसे हम इक्वेटर के नाम से जानते हैं इक्वेटर के नाम से जानते हैं देन वी हैव ट्रॉपिक ऑफ कैंसर ट्रॉपिक ऑफ कैंसर जिसे हम 23 ए 1/2 डिग्री 23 ए 1/2 डिग्री नॉर्थ देन वी हैव हियर 66 1/2 डिग्री नॉर्थ आर्कटिक सर्कल इसे हम आर्कटिक सर्क सकल के नाम से जानते हैं अब मैं यह नहीं बता रहा हूं कि लटटू क्या होते हैं लोंगिट्यूड क्या होते हैं प्लीज इतना मेरे साथ आप कोऑर्डिनेट करेंगे क्यों क्योंकि देखो भैया 12 घंटे की वीडियो होने वाली है इससे ज्यादा youtube0 है 23/2 डिग्री साउथ जिसे आप
ट्रॉपिक ऑफ कैप्रीकॉर्न के नाम से जानते हैं फिर वी हैव द अंटार्कटिक सर्कल एट 66 1/2 डिग्री साउथ अंटार्कटिक सर्कल अंटार्कटिक सर्कल ठीक है अब एक बात समझो मान लीजिए ये धरती इस तरीके से टिल्ट है धरती इस तरीके से टिल्टेबल पे है 23 1/2 ° अब आपको समझ में आ गया होगा कि वो 23 1/2 डिग्री को ही हमने ट्रॉपिक ऑफ कैंसर क्यों लिया क्योंकि ट्रॉपिक ऑफ कैंसर ही वो जगह है जहां तक मैक्सिमम 23 1/2 डिग्री टिल्ट है तो जितना टिल्ट होगा उतना ही तो सनरेज का ऊपर या सनरेज का नीचे आना होगा
इसीलिए 23.5 ° को ही सबसे ज्यादा हमने मेंशन किया क्यों मेरे को ट्रॉपिक ऑफ कैंसर 25 नहीं ले लिया मैंने क्योंकि मैं तो कह सकता था सर ट्रॉपिक ऑफ कैंसर क्यों 23.2 लिया ऐसा गंदा सा नंबर ले लिया कोई 25 24 30 ले लेते है ना तो मैंने बोला वो 23.2 इसीलिए लिया क्योंकि हमारी धरती जितना टिल्टर है जितनी हमारी धरती का टिल्ट है उतने ही सन की रेज मैक्सिमम वहां तक पहुंच सकती हैं तो हमने बोला यह जेनिथ है उसका यह जेनिथ है इसीलिए जेनिथ यानी कि टॉप मोस्ट पॉइंट यानी कि पीक है इसीलिए
उसको हमने एक नाम दिया दैट इज सोल्स्टिस किस नाम से जाना हमने सोल्स्टिस जब सन अपने हाईएस्ट पॉइंट पे पहुंच जाता है साल के अंदर तब उसे हम नॉर्दर्न हेमिस्फीयर में समर सॉलिसिस के नाम से जानते हैं और जब सन अपने हाईएस्ट पॉइंट पे सदर्न हेमिस्फीयर में पहुंच जाता है तो उसे विंटर सॉल्टिस के नाम से जाना जाता है ट्रॉपिक ऑफ कैंसर ट्रॉपिक ऑफ कैप्रीकॉर्न ये जो दो चीजें हैं जिसके बारे में आप ध्यान रखेंगे तो अब आपको एहसास हो गया कि जब अर्थ रिवॉल्व कर रही है इस पूरे सन के चारों ओर तब इस
रेवोल्यूशन के अंदर कुछ खास बातें हो रही हैं कभी अर्थ सन की जो डायरेक्ट रेज है दे आर ओवर द ट्रॉपिक ऑफ कैंसर कभी सन की डायरेक्ट रेज आर ओवर द ट्रॉपिक ऑफ कैप्रीकॉर्न एंड इन दोनों सिचुएशन में जिसे हम इक्विनोक्स कहते हैं सन की डायरेक्ट रेज इज ओवर ओवर इक्वेटर तो 21 मार्च कोसन की डायरेक्ट रेस कहां पे है इक्विनोक्स पे 21 जून को ट्रॉपिक ऑफ कैंसर पे 23 सितंबर को इक्विनोक्स है यानी कि इक्वेटर पे और 22 दिसंबर को कहां पे है ट्रॉपिक ऑफ कैप्रीकॉर्न पे इस चीज से मुझे समझ में आ गया
कि बेटा बात ऐसी है कि जो ये इंसुलेशन आप ओवरहेड बोल रहे थे ना हमेशा इक्वेटर पे होता है हमेशा इक्वेटर पे नहीं है कभी ट्रॉपिक ऑफ कैंसर पे है कभी ट्रॉपिक ऑफ कैप्रीकॉर्न पे है बट इसके बियोंड कभी जाएगा नहीं सर इसके बियोंड तो कभी नहीं जाएगा या यानी कि इतना तो हमें समझ में आ गया कि सर मिनिमम तो इंसुलेशन पोल पे होगी अब सवाल यह रहता है मैक्सिमम कहां होगी फिर मैक्सिमम कहां होगी उसको जानकारी उसकी जानकारी हमें दे दो ये तो पता लग गया ना कि ट्रॉपिक ऑफ कैंसर से ट्रॉपिक ऑफ
कैप्रीकॉर्न तक ही है तो पोल तक तो जा ही नहीं रहा पोल तक नहीं जा रहा मतलब पोल पे तो मिनिमम है अब नीचे आते हैं अब मैक्सिमम को ढूंढने की कोशिश करेंगे बट उससे पहले एक चीज और है जो हमें यहां पे ध्यान में रखनी है दैट इज ड्यूरेशन ऑफ डे एंड नाइट आपको यह सब चीजें मालूम होंगी कि जब धरती घूमती है तो उसके घूमने के कारण उसके रोटेशन के कारण डे और नाइट होते हैं ऐसा हिस्सा जो सन के सामने आ जाता है वो एक्सपीरियंस करता है डे और ऐसा हिस्सा जो सन
से अवे होता है वहां पे होती है रात और एक चीज मैं आपको बता देता हूं कि यहां पे जब आप देखते हैं तो इस चीज से हमें समझ में आ जाता है कि ये वाला जो पोर्शन है जो पोल्स का जो पोर्शन है जो आर्कटिक सर्कल के ऊपर का जो पोर्शन है यहां पे जनरली आप देखेंगे कि पोलर रीजन में 6 महीने का दिन और 6 महीने की रात होती है सिक्स मंथ्स का डे एंड सिक्स मंथ्स की नाइट ठीक है चलो ये भी बात समझ में आ गई अब ड्यूरेशन ऑफ डे एंड नाइट
पे भी तो डिपेंड करेगा ड्यूरेशन ऑफ डे एंड नाइट पे भी तो डिपेंड करेगा कि ये मैंने बता दिया आपको कि 24 आर का डे रो आर का नाइट 20 वो डिपेंड करेगा कि कौन सा पोल किसकी साइड है 21 जून जब सनरेज ओवरहेड है ट्रॉपिक ऑफ कैंसर पे नॉर्दर्न हेमिस्फीयर में समर्स है तो इसे समर सल स्टेस बोला जाएगा और नॉर्थ पोल पे उस समय पे 24 घंटे का दिन होगा और सन उस समय पे ढले नहीं होराइजन से नीचे नहीं जाएगा इसीलिए यहां पे हमेशा दिन दिखाई देगा और इस समय पे डेज लंगर
है और नाइट्स आर शॉर्ट अगर दिन लंबे हैं तो इंसुलेशन ज्यादा है रातें छोटी है तो इंसुलेशन ज्यादा है रातें अगर रातें अगर लंबी होंगी दिन छोटे होंगे तो इंसुलेशन कम हो जाएगा तो क्या मैं कह सकता हूं ड्यूरेशन पे भी निर्भर करता है बिल्कुल सही बात है सर ड्यूरेशन ऑफ डे एंड नाइट पे भी यह निर्भर करता है ऑन दी अदर हैंड नेक्स्ट फैक्टर हम अगर बात करें तो यहां से एक चीज मुझे समझ में आई वो यह है रोटेशन और रेवोल्यूशन रेवोल्यूशन से सीजंस होते हैं रोटेशन से डे और नाइट होता है और
उससे 6 महीने का दिन 6 महीने की रात के कांसेप्ट को मैं समझ जाता हूं बट जो मैंने मोशंस अभी पढ़ा उसको मैं एक और बढ़िया कांसेप्ट के रूप में ढाल सकता हूं वो कांसेप्ट है जिसे हम बोलते हैं अपेरेंट मूवमेंट ऑफ सन अपेरेंट मूवमेंट ऑफ सन अपेरेंट मूवमेंट ऑफ सन आप कहोगे ये आदमी कैसी बातें कर रहा है अभी तक तो बोल रहा था धरती मूव करती है सन के चारों ओर और अब बोलने लगा कि नहीं मूवमेंट हो रहा है सन का मैं कहता हूं चलो मैं एक अपेरेंट है यानी कि एक हाइपोथेटिकल
एस्पेक्ट है ऐसा अपीयर हो रहा है ऐसा हमें अपीयर हो रहा है बट होता नहीं है अपीयर क्या हो रहा है वो हम समझने की कोशिश करते हैं यह हमारी अंडरस्टैंडिंग है और ये क्या खूबसूरत अंडरस्टैंडिंग है देखिएगा मान लीजिए दिस इज इक्वेटर दिस इज ट्रॉपिक ऑफ कैंसर एंड दिस इज ट्रॉपिक ऑफ कैप्रीकॉर्न ये है इक्वेटर दिस इज कैंसर ट्रॉपिक ऑफ कैंसर एंड दिस इज ट्रॉपिक ऑफ कैप्रीकॉर्न आप सब लोगों ने एक चीज का जवाब मुझे दिया कि सर 21 मार्च को तो सन कहां पे था 21 ऑफ मार्च को सन था इक्विनोक्स पे इसमें
कोई शक नहीं है बट 21 ऑफ जून तक आते-आते सन की ओवरहेड रेज कहां पे थी सर 21 ऑफ जून को सन की ओवरहेड रेज थी ट्रॉपिक ऑफ कैंसर पे सर 23 ऑफ सितंबर को वापस सन कहां पे था वापस सन की डायरेक्ट रेज थी इक्विनोक्स पे और 22 ऑफ दिसंबर को आते-आते यह बावला वापस पहुंच गया कहां पे ये पहुंच गया वापस कैप्रीकॉर्न पे तो आप समझे इस बात को कि क्या सन का मूवमेंट क्या हम अगर सन हम अगर जो हमारी अर्थ है उसको रोक दें तो ऐसा प्रतीत नहीं हो रहा कि सन
इक्वेटर से ट्रॉपिक ऑफ कैंसर ट्रॉपिक ऑफ कैंसर से इक्वेटर एंड देन इक्वेटर से ट्रॉपिक ऑफ कैप्रीकॉर्न फिर कैप्रीकॉर्न से वापस कहां पहुंच जाता है इक्वेटर पे यानी 21 मार्च को ये सन जो आज आपको दिखाई देता है इक्वेटर के ऊपर अप्रैल में जून जून पे कहां हुआ जून पे हुआ ट्रॉपिक ऑफ कैंसर पे तो क्या मैं कह रहा हूं यहां पे अपेरेंट मूवमेंट हुआ किसका सन का और कहां पे सन का अपेरेंट मूवमेंट हुआ टुवर्ड्स नॉर्थ और जब नॉर्थ में अपेरेंट मूवमेंट सन का होगा तो यहां पे क्या होंगी समर्स होंगी अरे समझे कि नहीं
इस तरीके से भी आप इसे जान सकते हैं तो मैं बार-बार इसका नाम लूंगा अपेरेंट मूवमेंट ऑफ सन टुवर्ड्स नॉर्थ इसका मतलब क्या आ रही है 21 मार्च से बाद का समय है अपेरेंट मूवमेंट ऑफ सन टुवर्ड्स साउथ इसका मतलब 21 मार्च के ये 23 सितंबर के बाद का समय है उस तरीके से हम इसको देखेंगे अब हम आते हैं अगले एस्पेक्ट पे जिसको हम बोलते हैं ट्रांसपेरेंसी ट्रांसपेरेंसी का मतलब ये है अगर मान लीजिए आपने सेकेंडरी फैक्टर के रूप में देखा एरोसोल एरोसोल मतलब अगर जिस दिन धूल आंधी आ जाती है तो आपको क्या
सनलाइट दिखाई देती है कहते हैं सर नहीं दिखाई देती तो क्या आप भले ही इक्वेटर पे हैं भले ही आप इक्वेटर पे हैं बट अगर आपका एटमॉस्फेयर डस्ट पार्टिकल से घिरा हुआ है एरोसोल से घिरा हुआ है तो क्या इंसुलेशन कम हो जाएगा बिल्कुल सही बात है सर इंसुलेशन कम हो जाएगा इंसुलेशन क्या हो जाएगा कम हो जाएगा अगर मान लीजिए आप एक ऐसे रीजन में है जहां पे बहुत लार्ज बड़े थिक क्लाउड्स का प्रेजेंस हो गया क्लाउड्स का प्रेजेंस हो गया तो क्या आपको सनलाइट इंसुलेशन प्राप्त होगी सर नहीं प्राप्त होगी यानी कि जो
ट्रांसपेरेंसी है एटमॉस्फेयर की जो एटमॉस्फेयर की ट्रांसपेरेंसी है वो वो भी बहुत बड़ा रोल प्ले करती है उसके अंदर दो मेजर फैक्टर है वन इज एरोसोल जो हमें डायरेक्टली समझ में आ गया कि जब वल्केन एक्टिविटी हुई वल्केन डस्ट और ऐश और पेबल ऐश और पेबल हमारे इस एटमॉस्फेयर में हमें दिखाई दिए तो इंसुलेशन के इंसुलेशन कम हो गया देन क्लाउड्स अगर सेकंड फैक्टर के रूप में हम देखते हैं तो वो क्या है कुछ क्लाउड्स ऐसे हैं जिन्हें हम हाई क्लाउड्स कहते हैं कुछ क्लाउड्स ऐसे हैं जिन्हें हम लो क्लाउड्स कहते हैं हाई क्लाउड्स ऐसे
हैं ये आप इंफॉर्मेशन याद रखेंगे मोस्ट इंपॉर्टेंट इंफॉर्मेशन है हाई क्लाउड्स ऐसे हैं जो कि थिन होते हैं बहुत ही थिन क्लाउड होते हैं आप खुद समझो अगर कोई क्लाउड बहुत ही थिन है तो क्या इंसुलेशन डायरेक्ट आ जाएगी अंदर बिल्कुल सही बात है सर आ जाएगी कोई दिक्कत यहां पे हमें देखने को नहीं मिलेगी इस वजह से बोलते हैं कि जो हाई थिन क्लाउड होते हैं उसकी वजह से जो तापमान है वह क्या हो जाता है बढ़ जाता है जो लो क्लाउड्स होते हैं वो थिक क्लाउड्स होते हैं वो क्या है वर्टिकली डेवलप्ड बहुत
ही थिक क्लाउड होते हैं और इन्हीं कारणों से क्या होती है बारिशें भी होती हैं हाई क्लाउड्स बारिश नहीं करते हैं थिन क्लाउड्स थिक क्लाउड्स बारिश करते हैं और इनकी वजह से जब बहुत सारी बारिशें होती हैं तो आप खुद समझें इंसुलेशन जो है वो क्या हो जाती है पहले ही रिफ्लेक्ट कर जाती है स्पेस के अंदर जब वो पहले ही रिफ्लेक्ट कर जाती है तो क्या ये हिंडरलैंड आता है तो आपने पहला सवाल जो हमारा था कि इंसुलेशन मैक्सिमम कहां पे होगी क्योंकि मिनिमम का जवाब तो हमें मिल गया था मिनिमम का जवाब तो
हमें मिल गया था कि सर मिनिमम तो पोल पे होगी मैक्सिमम पे सब लोग यह कह रहे थे कि सर इक्वेटर पे मैक्सिमम होनी चाहिए बट इक्वेटर पे मैक्सिमम नहीं होती हैं क्योंकि यहां पे फिर आपको मैं जो यह ब्लॉक लिखा हुआ है इस ब्लॉक के अंदर ऐड कर देता हूं थिंग्स टू रिमेंबर के अंदर कि इसको मैं यहीं पे ऐड कर देता हूं चलें ये जो रीजन है इसके अंदर मैं कुछ चीजें ऐड कर देता हूं वो ये है जो हमारी सबट्रॉपिकल बेल्ट है जो सब ट्रॉपिकल बेल्ट है इस सबट्रॉपिकल बेल्ट के अंदर इस
सबट्रॉपिकल बेल्ट के अंदर जो 30° है यहां पे क्लाउड्स का फॉर्मेशन कभी भी नहीं होता है इसी वजह से तो यहां पे क्या है डेजर्ट है और अगर क्लाउड का फॉर्मेशन नहीं होता तो क्या यहां पे पूरा का पूरा जो एटमॉस्फेयर है वह ट्रांसपेरेंट है जी हां इस वजह से सबट्रॉपिकल बेल्ट के अंदर आपको इंसुलेशन भी क्या दिखाई देगी दोस्तों इंसुलेशन भी मैक्सिमम दिखाई देगी और इसी वजह से सबट्रॉपिकल बेल्ट के अंदर आपको टेंपरेचर भी क्या दिखाई देगा मैक्सिमम दिखाई देगा ना कि इक्वेटर पे क्यों क्योंकि इक्वेटर एक ऐसा रीजन है जहां पे हाई अमाउंट
ऑफ रेनफॉल होती है हाई हाई अमाउंट ऑफ रेनफॉल होती है यह क्यों होता है थोड़े समय में समझ में आ जाएगा बस इतना आपको पता भी होगा क्योंकि आप रिवाइज कर रहे हैं मेरे साथ कि हाई अमाउंट ऑफ रेनफॉल अगर इक्वेटर पे है तो डेफिनेटली इक्वेटर एक ऐसा रीजन होगा जहां पे प्रेजेंस होगा किसका क्लाउड्स का और कौन से क्लाउड्स होंगे सर थिक क्लाउड्स होंगे अगर थिक क्लाउड्स होंगे तो सर इनसोलेशन को क्या करेंगे कम करेंगे यहां से मुझे पता लगा कि एज सून एज यहां से मुझे एक चीज पता लगी कि जब मैं इक्वेटर
से पोल की ओर जाता हूं तो इंसुलेशन क्या होता है सर कम होता है इंसुलेशन क्या होता है कम होता है बट बट मैक्सिमम इंसुलेशन मुझे कहां दिखाई देता है 30 डिग्री लटटू पे मैक्सिमम इले इंसुलेशन मुझे कहां मिलेगा 30° पे क्यों क्योंकि उस बेल्ट में बादल बिल्कुल भी नहीं है यह जो कारण है इन सब कारणों से हमें पता लग गया कि इंसुलेशन कैसे वेरी करता है इंसुलेशन इक्वेटर पर बारिश ज्यादा है हाई है पहले तो ज्यादा होती है सुबह जैसे 7:00 बजे 7:00 बजे सुबह खूब इंसुलेशन 7:00 बजे सुबह खूब इंसुलेशन आपने इक्वेटर
ने रिसीव की फिर धीरे-धीरे वो सरफेस गर्म हो गया गर्म होते हवा ऊपर उठी हवा ऊपर उठी तो बादल बन गए ऐसा 30 डिग्री पे नहीं हो पाता है वो क्यों है वो आपको प्रेशर बेल्ट में समझ में आ जाएगा ठीक है जब बादल बन गए रेनफॉल हो गई तो डेफिनेटली 3:00 बजे के बाद तो आपको सूरज दिखाई नहीं दिया तो जो ड्यूरेशन है वो कम हो गई जबकि सब ट्रॉपिकल बेल्ट में भले ही 8 बजे सूरज आए बट वह शाम को 6:00 बजे तक चमकता रहेगा क्योंकि शाम को 3:00 बजे के बाद वहां पे
कोई बारिश तो है नहीं इसलिए वहां पे आपको मैक्सिमम टेंपरेचर दिखाई देता है ये हो गई एक कहानी फिर आता है डिस्टेंस फ्रॉम दी सन आपने पेरियन और एपि इलियन के बारे में सुना होगा पेरियन का मतलब होता है जब सन अर्थ सन के पास है तब तापमान ज्यादा एप इलियन जब सन से दूर है तब एपि इलियन तो वहां पे सनलाइट यानी इंसुलेशन कम होगा इसमें कौन सी रॉकेट साइंस हैं फिर आता है टोपोग्राफी एक लास्ट फैक्टर टोपोग्राफी यहां से आपके सारे क्लाउ सारे जो डाउट्स हैं वह दूर हो जाएंगे अब खुद देखें एक
व्यक्ति ए जो कि पहाड़ पे है और एक व्यक्ति बी जो कि प्लेन एरिया में है इन दोनों में इंसुलेशन यानी कि सन की जो लाइट है उसको डिस्टेंस कम कहां ट्रैवल करना पड़ रहा है इस a तक b तक डिस्टेंस ट्रेवल कंपैरेटिव ज्यादा है b तक डिस्टेंस ट्रेवल कंपैरेटिव ज्यादा है इसका मतलब यह हो गया मेरे दोस्तों जब आप पहाड़ों पे जाएंगे तो आपको बहुत बढ़िया इंसुलेशन वहां पे दिखाई देगी अब मेरे जो दोस्त हैं वो बड़े कंफ्यूज हो जाते हैं कि सर पहाड़ों पे धूप तो बहुत अच्छी है बट गर्मी नहीं है तो
मैं उनको एक बात समझाता हूं कि धूप और गर्मी सेम नहीं होते हैं धूप का मतलब है इंसुलेशन और गर्मी का मतलब है टेंपरेचर अब एक बात का जवाब दें कि क्या हमारा एटमॉस्फेयर जो हमारा एटमॉस्फेयर है वो डायरेक्टली हीटेड अप है या इनडायरेक्टली सर ये तो इनडायरेक्टली हीटेड अप है इसका जो सोर्स है वो कौन है सरफेस है मान लीजिए इंसुलेशन यहां पे गिरा इंसुलेशन यहां पे गिरा कोई दिक्कत नहीं है ए पॉइंट पे इंसुलेशन गिरा तो यह वाला सरफेस गर्म हो गया बट जाने वाली जो रेज हैं उनको ट्रैप करने के लिए क्या
यहां पे गैसेस हैं मैं कहता हूं उनको ट्रैप करने के लिए यहां गैसेस की डेंसिटी नहीं है यहां वाटर वेपर नहीं है इसीलिए आई टकरा के चली गई आई तो सही इंसुलेशन तो रिसीव हुआ बट तापमान नहीं बढ़ा धूप तो आई बट बड़ी सुहानी लगने लगी गर्मी नहीं बढ़ी कारण क्या था क्योंकि गैसेस ने उस धूप को ट्रैप नहीं किया अगर ट्रैप कर लिया होता मेरे दोस्तों तो वहां पे भी गर्मी बढ़ जाती इसी कारण से अगर मान लो मैं बहुत सारे व्हीकल्स लेके शिमला पहुंच जाता हूं तो क्या वहां पे धीरे-धीरे गर्मी बढ़ने लगेगी
जी हां वहां पे गर्मी बढ़ने लगेगी यही मेजर कारण है कि इंसुलेशन तो ज्यादा है बट यहां पे आपको एक चीज देखने को मिली इंसुलेशन तो ज्यादा है मेरे दोस्तों बट गर्मी कम है क्यों क्योंकि एल्टीट्यूड ज्यादा होने पे वाटर वेपर क्या है कम है गैसेस की डेंसिटी क्या है कंपैरेटिव कम है इसलिए तो अब ये डाउट सारे दूर हो जाने चाहिए फाइनली एक चीज और है वो ये कि अगर मान लीजिए आप यह पहाड़ देखते हैं और आप नॉर्दर्न हेमिस्फीयर में है तो आपको एक साइड पे तो इंसुलेशन दिखाई देगा पहाड़ के और पहाड़
की दूसरी साइड आपको छाया दिखाई देती है तो ये भी तो एक बहुत बड़ा फैक्टर हो जाता है ना कि किस तरीके से पहाड़ का अलाइन मेंट है माउंटेंस का जो अलाइन मेंट है वो भी तो वो भी तो डिसाइड करेगा कि इंसुलेशन होगी कि नहीं एक साइड में तो है बट दूसरी साइड में आपको इंसुलेशन दिखाई नहीं देता है और जहां पे इंसुलेशन नहीं है जहां पे इंसुलेशन नहीं है वहां पे मॉइश्चर का लॉस नहीं होता इसलिए वहां पे जंगल आपको दिखाई देंगे बट ह्यूमन सेटलमेंट नहीं होता क्योंकि वहां पे आपको ना अ एग्रीकल्चर
डेवलप होता हुआ दिखाई नहीं देगा जबकि जहां पे इंसुलेशन होगा टज की टुवर्ड्स सन वाली साइड होगी वहां पे फॉरेस्ट नहीं होंगे एग्रीकल्चर डेवलप होता हुआ दिखाई देगा दिस इज दी एस्पेक्ट रिलेटेड टू टोपोग्राफी एंड फाइनल सेकेंडरी फैक्टर इज द सन स्पॉट्स जिसे आप आपको साइंस एंड टेक में समझाया जाएगा कि सूरज के अंदर कुछ मैग्नेटिक एनमल के कारण ऐसे रीजंस डेवलप होते हैं जहां से मैग्मा बहुत ही लार्ज स्केल पे मैग्मा बोल रहा हूं बहुत ही लार्ज स्केल पे प्लाज्मा बाहर की ओर अर्थ की ओर ट्रेवल करने लगता है वो जो पॉइंट है सन
के अंदर तो वो पॉइंट ऐसे हैं जहां से प्लाज्मा बाहर निकल गया जहां प्लाज्मा बाहर निकल गया वहां पे टेंपरेचर कम हो गया यानी कि सन के सरफेस पे तो तापमान कम हो गया वो डार्क स्पॉट बन गया बट वह प्लाज्मा जो बाहर निकला वह कहां पे आएगा मेरे दोस्त वो उस धरती की ओर आएगा इसलिए वहां पे जो ओवरऑल इंसुलेशन है वो क्या हो जाएगी इंक्रीज हो जाएगी बहुत माइन्यूट सा फैक्टर है बट आप याद रख सकते हैं सो वी आर डन विद दी इंसुलेशन नाउ वी विल स्टार्ट विद दी टेंपरेचर व्हिच इज कंसीडर्ड
एज दी आउटपुट टू दी इंसुलेशन हमने धूप पढ़ लिया अब हम गर्मी की बात करेंगे और गर्मी के भी हमें पता है बहुत सारे एस्पेक्ट कि टेंपरेचर जो है वो इंसुलेशन पे निर्भर करता है नो डाउट अबाउट दैट बट ये भी डिपेंड करेगा कि वहां पे गैसेस की डेंसिटी है या नहीं है अगर गैसेस की डेंसिटी है मान लो मैं आपको एक एग्जांपल देता हूं इक्वेटर से पोल पे जाने पे आप मुझे टेंपरेचर बताएं क्या होगा क्या इक्वेटर पे मैक्सिमम टेंपरेचर होगा नहीं सर मैक्सिमम यहां पे नहीं होगा क्यों क्योंकि सर यहां पे इंसुलेशन मैक्सिमम
नहीं है फिर इक्वेटर से पोल पे जाते-जाते सर 30° पे जो टेंपरेचर है वो मैक्सिमम हमें दिखाई देगा फिर किसी ने मुझे बोला सर पहाड़ और प्लेन का भी बता दो मैंने बोला कि यहां पे गैसेस की डेंसिटी नहीं है यहां पे ज्यादा है भले ही इंसुलेशन कम हो बट फिर भी यहां पे टेंपरेचर आपको कंपैरेटिव पहाड़ों से ज्यादा दिखाई देता है तो हम अगर इसका लटटू इनल वेरिएशन देखते हैं तो पता लगा इक्वेटर से पोल पे जाते हुए जो टेंपरेचर है वो कम होता है मिनिमम पोल पे है मैक्सिमम 30° पे है और इक्वेटर
पे कंपैरेटिव मॉडरेट है अगर हम एल्टीट्यूड वेरिएशन देखते हैं वो तो हम पहले ही देख लिया कि सर सरफेस से ऊपर जाते रहोगे एल्टीट्यूड इंक्रीज होगा तो तापमान क्या होगा डिक्रीज होगा और सीजनल वेरिएशन तो आपको पता ही है बेटा कि समर्स में टेंपरेचर ज्यादा और विंटर्स में कम और इसके अलावा टेंपरेचर के क्या प्रोस्पेक्ट हैं उनको समझने की हम कोशिश करते हैं देखिए बेटा जब भी हम बात करते हैं एटमॉस्फेयर की हीटिंग की तो उसमें तीन मेजर प्रोसेसेस बहुत इंपॉर्टेंट है जो हमें समझने हैं फर्स्ट इज कंडक्शन सेकंड इज कन्वे क्शन एंड थर्ड इज
रेडिएशन अगर ये तीनों प्रोसेसेस हमें समझ में आ गए द मोस्ट इंपॉर्टेंट सेगमेंट ऑफ क्लाइमेटोलॉजी विल बी ओवर देखिए सबसे पहले जब हम शुरुआत करते हैं कंडक्शन की तो जो बात आपको ध्यान में रखनी है वो ये है मान लीजिए इफ दिस इज अ सरफेस एंड ये सरफेस बहुत ज्यादा गर्म सरफेस हो गया है बहुत ज्यादा वार्म सरफेस है इस सरफेस के संपर्क में जब एयर आती है देन व्हाट विल हैपन सबसे पहला पार्ट यह है कि एयर का जो भाग जो भाग इस सरफेस के संपर्क में होगा दिस पोर्शन विल गेट हीटेड अप अब
ये जो पोर्शन जो संपर्क में है वो हीट अप होने का प्रोसेस क्या है उसे ही हम बोलते हैं कंडक्शन कंडक्शन का मतलब होता है जब भी मान लीजिए आपने कोई मेटल की रोड ली मेटल की रोड है आपके पास और आप उस रोड को एक साइड से गर्म करते हैं तो वो दूसरी साइड तक भी गर्म होने लग जाती है ऐसा क्यों होता है क्योंकि जो पार्टिकल्स होते हैं वह आपस में एक दूसरे के साथ टकराव करते करते करते करते उस हीट का ट्रांसपोर्ट करते हैं इसी प्रोसेस को हम क्या कहते हैं कंडक्शन कहते
हैं बट हर पर्टिकुलर ऑब्जेक्ट की जो कंडक्टिंग कैपेबिलिटी है वह अलग-अलग होती है जब हम बात करें एयर की तो एयर एक बैड कंडक्टर ऑफ हीट है एयर इज बैड कंडक्टर ऑफ हीट सो फिर आपने सर ये क्यों बोला कि एटमॉस्फेयर इज हीटेड बाय दिस कंडक्शन मैं ये नहीं कह रहा हूं कि पूरा एटमॉस्फेयर कंडक्शन के थ्रू हीट अप होता है रदर एक पहली लेयर जो संपर्क में आई है वो तो पूरी की पूरी किस प्रोसेस के थ्रू हीट अप होगी दैट विल बी थ्रू दी प्रोसेस ऑफ कंडक्शन बट व्हाट अबाउट द अदर पार्ट ऑफ
दिस एयर पार्सल जो बाकी का भाग है वहां तक इस हीट का जो ट्रांसपोर्टेशन है यहां तक इस हीट का ट्रांसपोर्टेशन नहीं हो पाता है बस हमें ये समझ में आया कि पहला भाग जो कि सिर्फ और सिर्फ इस सरफेस के संपर्क में है वहीं छोटा सा भाग एयर का कंडक्शन के प्रोसेस के थ्रू क्या होगा गर्म होगा तो पहली चीज हमने देखी कौन सा प्रोसेस कंडक्शन अब हम जानने की कोशिश करते हैं दूसरे पार्ट को मान लीजिए आपने ये बोला कि सर यह वाला जो नीचे से भाग है वह गर्म हो गया जो गर्म
होने लगा तो क्या इस भाग की जो डेंसिटी है वह कंपैरेटिव कम हो जाएगी बिल्कुल सही बात है सर जब टेंपरेचर इंक्रीज होता है तो डेंसिटी क्या होती है डिक्रीज हो जाती है जब डेंसिटी डिक्रीज हो जाती है ना तो इसका मतलब है यह एयर पार्सल क्या हो जाएगा बहुत ही हल्का हो जाएगा लाइट हो जाएगा जब ये एयर पार्सल बहुत ही लाइट हो जाएगा तो क्या ये राइज करेगा बिल्कुल सही बात है सर ये क्या करने लगेगा राइज करने लगेगा तो जब ये राइज करने लगता है तब देखें क्या होगा जब ये राइज करेगा
तो आपको ये भी मालूम है कि जैसे-जैसे एल्टीट्यूड इंक्रीज होगा वैसे-वैसे टेंपरेचर क्या होता है डिक्रीज होता है तो यह राइज होते-होते ऊपर तक बढ़ेगा और कंपैरेटिव क्या होने लगेगा ठंडा होने लगेगा आप एक बात का मुझे एहसास करवाएं वो ये है कि क्या आपने जब कन्वे क्शन साइकिल पढ़े इस वीडियो में तब आपने देखा कि जो भी जो भी राइजिंग और फॉलिंग है वो राइजिंग और फॉलिंग किस वजह से होती है सर राइजिंग एंड फॉलिंग टेंपरेचर चेंज के कारण जो डेंसिटी का चेंज होता है उसकी वजह से होती है अगर मा मान लीजिए टेंपरेचर
बढ़ गया तो एयर पार्सल हल्का हो गया तो वो राइज किया और जब राइज किया राइज करते करते करते टेंपरेचर जब इसका कम होने लगेगा तो क्या एयर पार्सल अब ठंडा हो जाएगा बिल्कुल सही बात है सर इसका टेंपरेचर क्या हो गया कम हो गया जब टेंपरेचर कम हो गया तो इसकी डेंसिटी क्या हो गई सर डेंसिटी इसकी इंक्रीज हो गई जब इसकी डेंसिटी इंक्रीज हो गई तो ये भारी हो गया भारी हो गया तो थोड़े समय बाद किसी और जगह पे जाके यह क्या करने लगेगा नीचे की ओर आने लगेगा नीचे की ओर आने
लगेगा क्या मैं यह कह सकता हूं यह जो पूरा प्रोसेस चल रहा है इस पूरे प्रोसेस के अंदर पहले राइजिंग है फिर फॉलिंग है तो ये किस तरीके का सेल आपको दिखाई दे रहा है सर ये कन्वे क्शन सेल ही तो है इसकी वजह से क्या हुआ जो सरफेस की गर्मी थी उस सरफेस की गर्मी का क्या हो गया डिस्ट्रीब्यूशन हो गया सरफेस की गर्मी का डिस्ट्रीब्यूशन हो गया जो ऊपर गया पार्सल वहां ऊपर की ठंड को वापस कहां ले आया नीचे ले आया तो क्या इस प्रोसेस से हीट का ट्रांसफर हुआ बिल्कुल सही बात
है सर इस प्रोसेस से हीट का ट्रांसफर हुआ इसे हम किस नाम से जानते हैं सर इसे हम कन्वे क्शन के नाम से जानते हैं तो दो प्रोसेस हमें समझ में आए कि सर पहला है कंडक्शन सेकंड इज कन्वे क्शन सेकंड इज कन्वे क्शन थर्ड प्रोसेस क्या है थर्ड होता है रेडिएशन जिसको हमने पहले इंसुलेशन में समझ लिया है फिर भी मैं रिवाइज करवा देता हूं दोबारा इन रेडिएशन का मतलब यह है कि मान लीजिए इफ यू हैव अ सरफेस हेयर अगर यह सरफेस बहुत ही ज्यादा गर्म हो जाता है वर्म हो जाता है इसका
टेंपरेचर बहुत इंक्रीज हो जाता है तो क्या इस सरफेस से इस सरफेस से कुछ रेडिएशन बाहर की ओर निकलेंगे बिल्कुल सही बात है सर यह रेडिएशन बाहर की ओर जाएंगे सर इनको हमने किस नाम से जाना था सर इनको हमने टेरेस्ट्रे रेडिएशन के नाम से जाना था याद करें वो लम्हा जब मैंने आपको बताया था कि जो हमारा एटमॉस्फेयर है वह एटमॉस्फेयर किससे गर्म होता है वह इन्हीं रेडिएशन से गर्म होता है वह इंसुलेशन से गर्म नहीं होता तो दिस इज़ ऑल अबाउट दी एटमॉस्फेरिक हीटिंग तो हीटिंग में तीन प्रोसेस हैं कंडक्शन कन्वे क्शन रेडिएशन
तीनों याद रखने हैं इससे काम हमारा बहुत आसान हो जाएगा ठीक है अब हम थोड़ा आगे बढ़ते हैं और जानने की कोशिश करते हैं एडवेक्शन क्या होता है देखिए इस पूरे के पूरे पूरे के पूरे डायग्राम से बहुत ही क्लेरिटी ऑफ़ थॉट आपको मिलेगा वह क्या है मान लीजिए यह एक सरफेस था इस सरफेस के अंदर बहुत ज्यादा गर्मी हो गई क्यों क्योंकि इंसुलेशन इंक्रीज हुआ जब इस सरफेस को बहुत ज्यादा वंथ प्राप्त हुई तो यहां पे सबसे पहली जो एयर पार्सल था जो इस सरफेस के संपर्क में आया होगा क्या वह हल्का हो गया
होगा बिल्कुल सही बात है सर किस प्रोसेस से हल्का हुआ होगा सर एयर पार्सल किस प्रोसेस से हल्का होता है कंडक्शन कंडक्शन के कारण यह हल्का हो गया जैसे ये हल्का हुआ वैसे ही क्या यह राइज करेगा बिल्कुल सही बात है सर इसने क्या करना स्टार्ट किया राइज करना स्टार्ट किया जब ये राइज हो गया तो क्या सर ऊपर तक पहुंचते-पहुंचते ये ठंडा हो गया बिल्कुल सही बात है सर क्यों क्योंकि एल्टीट्यूड इंक्रीज होता है तो टेंपरेचर क्या होता है डिक्रीज होता है इसको मैं एडिया बेटिक प्रोसेस के थ्रू भी आपको समझाने की कोशिश करूंगा
आने वाले समय में बस प्लीज एक बार इसको लॉजिकली समझने की कोशिश करें जैसे ही ये टेंपरेचर कम हुआ वैसे ही क्या ये हैवी हुआ हुआ हैवी होने के बाद जैसे आप इसको ऐसे इमेजिन करें एक एयर पार्सल यहां पड़ा था ये छत है यहां से एयर पार्सल राइज हुआ छत से टकराया टकराने के बाद क्या होगा डायवर्ज होगा बिल्कुल सही बात है सर टकराने के बाद डायवर्ज हुआ डायवर्ज होने का मतलब है एक भाग इसका इधर चला गया और एक भाग इधर चला गया मैं एक इधर राइट साइड वाले पार्ट को कंसीडर करता हूं
जब ये भाग नीचे गया तो यहां पे आते-आते डेंसिटी ज्यादा होने के कारण क्यों क्योंकि टेंपरेचर कम है क्या यह एयर पार्सल हैवी है जी हां सर यह एयर पार्सल हैवी है और यह नीचे की ओर आके गिरेगा बिल्कुल सही बात है अब यहां से कुछ चीजों को समझने की कोशिश करते हैं जब भी कोई एयर का पार्सल यहां से राइज़ होता है आप खुद समझो यह एक सरफेस था इस सरफेस के ऊपर किसी भी हवा का दबाव था उसने दबाव लगा रखा था तो यहां पे पहले कुछ ना कुछ अमाउंट ऑफ प्रेशर बना हुआ
था बट अगर यह एयर पार्सल राइज हो गया तो क्या यहां पे दबाव कम हुआ होगा बिल्कुल सही बात है सर जब ये ऊपर उठ गया तो यहां पे प्रेशर कौन सा क्रिएट हो गया यहां पे लो प्रेशर क्रिएट हो गया और अगर मान लो कोई सरफेस खाली पड़ा था उसके ऊपर आके हवा गिरने लगी हवा नीचे गिरने लगी तो कौन सा प्रेशर डेवलप होगा सर हाई प्रेशर डेवलप होगा सो विद दिस व्हाट वी हैव एनालाइज्ड हियर इज यहां पे हाई प्रेशर बना और यहां पे लो प्रेशर और हाई प्रेशर से लो प्रेशर क्या हवा
चलनी चाहिए बिल्कुल सही बात है सर कोई भी चीज का जो मूवमेंट है वो हाई टू लो होता होता है है ना सो हाई प्रेशर से यह लो प्रेशर की ओर चलने लगेगा जैसे ही यह हाई प्रेशर से लो प्रेशर की ओर चलने लगा वैसे ही हम इस प्रोसेस को क्या कहते हैं एडवेक्शन कहते हैं अगर हम हाई प्रेशर टू लो प्रेशर मूवमेंट ऑफ एयर देखते हैं दैट इज डन बिकॉज़ ऑफ अ प्रोसेस वी कॉल इट एज एडवेक्शन सो बिकॉज़ द पार्ट ऑफ एटमॉस्फेरिक सर्कुलेशन ये जो विंड्स हैं ये एटमॉस्फेरिक सर्कुलेशन का क्या बनती हैं
पार्ट बनती हैं दिस इज समथिंग वांटेड टू पोट्रे हेयर विद द हेल्प ऑफ़ दिस डायग्राम सो व्हाट वी हैव एनालाइज्ड इज़ कंडक्शन कन्वे क्शन रेडिएशन एडवेक्शन एडवेक्शन इज़ एसोसिएटेड विद व्हाट एडवेक्शन इज एसोसिएटेड विद दी हॉरिजॉन्टल मूवमेंट ये किसके साथ एसोसिएटेड है हॉरिजॉन्टल मूवमेंट के साथ एसोसिएटेड है और यह हॉरिजॉन्टल मूवमेंट क्या कहना चाहता है ये हॉरिजॉन्टल मूवमेंट का जो प्रोसेस है उसे हम एडवेक्शन कहते हैं और यह कब होता है जब हाई प्रेशर से लो प्रेशर हवाएं चलने लगती हैं इस से हमने एडवेक्शन का नाम दिया अब हम बात करते हैं कौन-कौन से ऐसे
फैक्टर्स हैं जिनकी वजह से तापमान निर्भर करता है या प्रभावित होता है जैसे हमने इंसुलेशन के फैक्टर्स देखे थे वैसे ही हमें यहां पे टेंपरेचर के फैक्टर्स देखने हैं सबसे पहला फैक्टर तो इंसुलेशन खुद ही है क्योंकि मैंने आपको थोड़े समय पहले बताया था धूप व गर्मी भले ही ये दोनों सेम ना हो बट प्रभावित तो करते ही हैं बिल्कुल सही बात है मान लीजिए मैं आपको यह बात बोलता हूं कि इंस लेशन किसी जगह पे मैक्सिमम है तो वहां पे क्या चांसेस हैं कि गर्मी ज्यादा होगी जी हां सर वहां पे गर्मी ज्यादा होगी
अगर मैं इसी इसी बात को लटटू इनल वेरिएशन में बताने की कोशिश करूं तो यू विल रियलाइफ वन थिंग कि इक्वेटर से जब-जब आप पोल की ओर जाएंगे तब तब आपको टेंपरेचर कम होता हुआ दिखाई देगा बट जैसे ही आप देखेंगे मैक्सिमम टेंपरेचर कहां पे होगा तो आप बोलोगे सर इक्वेटर पे मैक्सिमम टेंपरेचर नहीं होता है वो क्यों नहीं होता क्योंकि इक्वेटर पे बादल आ जाते हैं इक्वेटर पे बारिशें हो जाती हैं और सरफेस जो हमारे क्लाउड्स हैं क्लाउड से रिफ्लेक्शन इंक्रीज हो जाता है जिस वजह से आपको यहां पे यहां पे टेंपरेचर कम दिखाई
देता है इस कारण से जो 30° यानी कि जो सबट्रॉपिकल बेल्ट है 30 टू 35° वहां पे बादलों का ना होना एक सबसे बड़ा वरदान बनता है कि उस जगह पे इनसोलेशन सबसे ज्यादा होता है और इंसुलेशन के ज्यादा होने के कारण वहां पे टेंपरेचर भी आपको क्या दिखाई देता है मैक्सिमम दिखाई देता है सेकंड पार्ट जो मैं आपको यहां बताना चाहता हूं वह है एल्टीट्यूड जो एल्टीट्यूडिनल वेरिएशन है जो एल्टीट्यूडिनल वेरिएशन है वो क्या कहता है एल्टीट्यूड जब इंक्रीज होता है तब टेंपरेचर क्या होता है डिक्रीज होता है इसके मैंने चार कारण आपको पहले
भी बताए थे और अब दोबारा इनको रिवाइज करवा देता हूं पहला कारण सोचने समझने की क्षमता रखिए कि पहला कारण यह था कि जो ग्रीन हाउस गैसेस हैं उनका कंसंट्रेशन सरफेस के पास बहुत ज्यादा होता है इस वजह से वो ज्यादा से ज्यादा अमाउंट ऑफ हीट ट्रैप करती हैं और जैसे-जैसे आप एल्टीट्यूड इंक्रीज करोगे उनका कंसंट्रेशन कम होने लगता है इसका मतलब हीट का ट्रैपिंग भी क्या होने लगता है कम होने लगता है और तापमान में गिरावट देखी जाती है सेकंड इज वेट वाटर वेपर वाटर वेपर भी तो एक ग्रीन हाउस गैस ही है और
आपको मैंने बताया भी है कि 90 प्र तक वाटर वेपर 5 से 8 किलोमीटर के अंदर ही खत्म हो जाती है और उसके ऊपर आपको कोई भी वाटर वेपर का प्रेजेंस दिखाई देगा ही नहीं तो वाटर वेपर भी तो क्या करती है ट्रैप हीट ट्रैप करती है इस वजह से ज्यादा वाटर वेपर जहां पे होगा वहां पे हीटिंग ज्यादा होगी ज्यादा वाटर वेपर सरफेस के पास होता है या सरफेस से दूर होता है सर सरफेस के पास होता है इस कारण से आप देखेंगे कि एल्टीट्यूड इंक्रीज होने से टेंपरेचर डिक्रीज होगा थर्ड इज सरफेस हमने
ये भी देखा जो टेरेस्ट्रे रेडिएशंस हैं वही एटमॉस्फेयर को हीट करने का सोर्स है और सरफेस को मैं मानता हूं एक अंगीठी और एक अंगीठी से अगर आप दूर जाते रहेंगे तो आपको तापमान में कमी दिखाई देने लगेगी बस यही एटमॉस्फेयर के रिलेशन में है और इंडस्ट्रियल प्रोसेसेस कहां हो रहे हैं ट्रोपो स्फेयर में और इसी ट्रोपो स्फेयर के अंदर इंडस्ट्रियल एक्टिविटीज के कारण लोअर लेवल पे आपको ज्यादा ग्रीन हाउस गैसेस दिखाई देंगी एज अ एज कंपेयर्ड टू दी हायर एल्टीट्यूड तो वहां पे भी आपको टेंपरेचर का वेरिएशन दिखाई देगा सो दीज आर दी टू
फैक्टर्स थर्ड है इफेक्ट ऑफ ओसियंस एंड सीज ओशियन और सीज का जब आप इफेक्ट देखते हैं तब आपको क्या नजर आता है जो पानी है पानी की जो स्पेसिफिक हीट होती है वोह बहुत ही ज्यादा होती है यह बात आप याद रखें जो मैं लैंग्वेज अभी बोल रहा हूं पानी ना जल्दी से गर्म होता है ना पानी जल्दी से ठंडा होता है पानी को गर्म करने में भी वक्त लगता है और पानी को ठंडा होने में भी वक्त लगता है एज कंपेयर टू दी लैंड जो धरती है जो लैंड है वह बहुत जल्दी गर्म हो
जाती है वह बहुत जल्दी ठंडी भी हो जाती है जबकि पानी ना इतना जल्दी गर्म होता है ना इतना जल्दी ठंडा होता है अब इसका कारण यह है कि अगर आप मान लीजिए पानी की जो स्पेसिफिक हीट है जो पानी की कैरेक्टरिस्टिक है वो इसे अलाउ ही नहीं करती कि कम हीट में टेंपरेचर में वेरिएशन देखा जाए कहने का तात्पर्य यह है कि पानी की कैरेक्टरिस्टिक ये है कि पानी को ज्यादा हीट की रिक्वायरमेंट होती है अगर उसके तापमान में थोड़ी सी भी वृद्धि करनी हो तो अब दूसरा कारण क्या है यहां पे देखें पहला
कारण तो हमें समझ में आ गया कि पानी जो है उसको ज्यादा एनर्जी चाहिए ताकि उसका टेंपरेचर 1 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ाया जा सके इसको हम अगर आप साइंस बैकग्राउंड से हैं तो आप इसको इस तरीके से भी समझ सकते हैं q = है वही क्या है स्पेसिफिक हीट है तो मान लो अगर मुझे इसका तापमान 2 डिग्री सेल्सियस इंक्रीज करना होगा तो इसके लिए हीट क्या चाहिए ज्यादा चाहिए तो अगर मान लो सप की वैल्यू ज्यादा है तो कहने का तात्पर्य यह होगा कि हीट की रिक्वायरमेंट भी क्या होगी ज्यादा होगी ताकि आप इस
तापमान को 1 डिग्री सेल्सियस तक इंक्रीज कर सकें सो दिस इज समथिंग व्हिच अ पीपल फ्रॉम साइंस बैकग्राउंड कैन रिलेट टू वेरी इजली एंड मोर ओवर व्हेन इट कम्स टू द सेकंड पार्ट व्हाई वाटर डज नॉट गेट अ इजली वार्म अप एज वेल एज कूल्ड अप उसका कारण क्या है उसका कारण ये है पानी डायनामिक होता है मान लीजिए यहां पे आपको पानी दिखाई दे रहा है तो पानी के अंदर बहुत सारे मूवमेंट होते हैं पानी स्टेटिक नहीं है मूव करता रहता है पानी के अंदर बहुत सारे सेल्स बनते रहते हैं इस वजह से जो
भी हीट रिसीव हो रही है वो उस हीट का क्या कर देता है डिस्ट्रीब्यूशन कर देता है मान लो आप समुद्रों की बात करते हैं तो समुद्रों में क्या वेव्स नहीं है क्या टाइड्स नहीं है क्या करंट नहीं है बिल्कुल सही बात है सर इन सबके कारण पानी जो है वो एक जगह पे स्टेटिक नहीं है रदर वो मूव करता रहता है ऑन दी अदर हैंड जब लैंड देखेंगे तो लैंड पे तो जितने भाग में हीट पड़ी वो तो स्टेटिक है उसी जगह पे है वो सारी की सारी हीट को एक्युमटिका है नहीं सर तो
अब एक बात बताओ यहां पे तो इतना बड़ा एरिया गर्म करना है और यहां पे छोटा सा एरिया गर्म करना है तो कौन सा एरिया जल्दी गर्म हो जाएगा सर लैंड जल्दी गर्म हो जाएगा विद रिस्पेक्ट टू दिस एंटायस कहने का मतलब यह हुआ कि जब ये हम लैंड और पानी को कंपेयर करेंगे तब हमें एक चीज नजर आएगी कि वाटर को टाइम लगता है हीट अप होने के लिए उसका कारण है इंसुलेशन का पेनिट कर जाना पानी के अंदर उसका कारण है वाटर का डायनेमिक होना और रीडिप ब्यूट कर देना हीट को और थर्ड
मोस्ट इंपॉर्टेंट फैक्टर जो आपको प्रीलिम्स में दिखाई देगा उस एग्जाम के अंदर यह बात जरूर लिखी होगी दिस इज अ स्टार मार्क स्पेसिफिक हीट ऑफ वाटर इज हाई व्हिच मींस मोर एनर्जी इज नीडेड टू इंक्रीज द टेंपरेचर ऑफ वाटर इसी को हमने इस तरीके से भी समझा तो अब हम यहां पे देखते हैं कि पानी का जो तापमान है वो तो ठीक है इस वजह से आपको क्या कोस्टल एरिया में तापमान कंपेरटिवली जो हिंटरलैंड है उनसे ज्यादा दिखाई देता है या कम सर कम होता है कोस्टल एरियाज के अंदर तापमान देन दिल्ली दिल्ली और कलका
दिल्ली और चेन्नई और दिल्ली और मुंबई के तापमान को देखेंगे ना अब तो आपको वेरिएशन पता लग जाएगा चलिए ये भी समझ में आ गया अब इसका इंपैक्ट क्या है ये तापमान को कैसे प्रभावित करता है इसे एक कांसेप्ट के थ्रू समझा जाता है जिसे हम कॉन्टिनेंट लिटी कहते हैं कॉन्टिनेंटालिटी का मतलब यह है कि मान लीजिए कोई बहुत ही बड़ा एरिया है जैसे कि मान लीजिए मैं आपको अभी रशिया और साइबेरिया के एरिया की बात करता हूं वहां पर अगर आप देखेंगे तो लीजिए दिस इज इंडिया हेयर यहां पे दिस इज व्ट नॉर्वे स्वीडन
एंड फिनलैंड एंड यहां पर आप देखते हैं दिस इज दिस इज दी एंटायस ओर से किससे घिरा हुआ है चारों ओर से लैंड से घिरा हुआ है अगर यह चारों ओर से लैंड से घिरा हुआ है तो क्या यहां पे तापमान में वृद्धि और तापमान में कमी सबसे जल्दी देखी जाएगी बिल्कुल सही बात है इसका कारण यह है कि लैंड बहुत जल्दी गर्म हो जाता है और बहुत जल्दी ठंडा हो जाता है इसी कारण से जो आर्कटिक ओशियन है आर्कटिक ओशियन में भी आपको इतना इतना ठंडा इतना ठंडा तापमान नहीं दिखाई देगा जितना आपको साइबेरिया
के इस रीजन में दिखाई देगा क्यों क्योंकि ये चारों ओर से किससे घिरा हुआ है कॉन्टिनेंट से लैंड से घिरा हुआ है इसे ही हम किस नाम से जानते हैं इफेक्ट ऑफ कॉन्टिनेंटालिटी के नाम से जानते हैं कोई भी एक रीजन जो कि सराउंडेड है किससे लैंड मास से वहां पे टेंपरेचर की एक्स एक्सट्रीमिटीज देखी जाती हैं एग्जांपल उसका क्या है साइबेरिया जहां पे एक्सट्रीम कोल्ड दिखाई हमें देती हैं और जो ओसियंस हैं वो हमेशा मॉडरेटिंग इफेक्ट दिखाई देते हैं ओसियंस जो है वो हमेशा मॉडरेटिंग इफेक्ट प्रोवाइड करते हैं क्यों क्योंकि पानी को गर्म होने
में और ठंडा होने में थोड़ा सा समय लगता है इसी की एप्लीकेशन यह है कि जहां पे एक्सट्रीमिटीज नहीं होती हैं वहां पे पोल्यूशन कंपेरटिवली कम है उसका कारण क्या है क्योंकि अगर चेन्नई में बारिशें हो जा आती हैं तो जो भी डस्ट पार्टिकल हमारे एटमॉस्फेयर में है वह सेटल हो जाते हैं उनके सेटलमेंट के कारण ही आपको दिखाई देगा कि चेन्नई के अंदर एयर इज कंपैरेटिव ब्रीडेबल देयर इज अ केस स्टडी बिटवीन दिल्ली एंड चेन्नई व्हिच सेज दिल्ली हैज मोर पोल्यूटेड मोर नॉन ब्रीद बल एयर देन चेन्नई डिस्पाइना इज द ऑटोमोबिल कैपिटल ऑफ इंडिया
चेनई इज हैविंग मोर इंडस्ट्रीज चेन्नई इज हैविंग मोर थर्मल पावर प्लांट्स चिन्नई इज चेनई इज हैविंग मोर कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी टीज एंड दैट फिर भी फिर भी डिस्पाइना में ब्रीद बल एयर है क्यों क्योंकि वहां पे जब बारिशें हो जाती हैं तो उसकी वजह से तापमा उसकी वजह से जो डस्ट पार्टिकल्स हैं जो पोल्यूटेंट्स हैं वो सेटल हो जाते हैं और उसके साथ-साथ यहां पे आपको सोशल और इकोनॉमिक इंपैक्ट के रूप में दिखाई देगा हेल्थ एंड एजुकेशन हेल्थ का इंपैक्ट तो आपको पता लग ही गया कि जहां पोल्यूशन ज्यादा होगा वहां पे हेल्थ डिटेरेड जल्दी होगी
इसी कारण से बेंगलुरु जो है वो तो एक ऐसा सेंटर बना जहां पे बहुत जल्दी रैपिड डेवलपमेंट्स होने स्टार्ट हुए आईटी सेक्टर का डेवलपमेंट स्टार्ट हुआ दो वो इतना अनसस्टेनेबल हुआ कि अब वहां पे भी बहुत सारी समस्याएं उजागर हो गई हैं बट स्टिल वहां पे शुरुआत कैसे हुई आईटी इंडस्ट्री की वो यहीं के एप्लीकेशन से देखी जाती है जिसको आप इफेक्ट ऑफ कॉन्टिनेंटालिटी कहते हैं तो जब भी आप फैक्टर्स की बात करेंगे टेंपरेचर के तब आपको एक चीज तो ध्यान में रखनी है यहां पे मैं फिर वापस से एक बहुत ही खूबसूरती से आपको
एक चार्ट में बना देता हूं क्योंकि यहां से सवाल बहुत ज्यादा आते हैं यहां पे मैं कुछ दो दो मेजर चीजें हैं जिनके बारे में बात करना चाहता हूं सबसे पहले अगर हम बात करते हैं इंसुलेशन की तो इंसुलेशन को प्रभावित करने वाले भी कुछ फैक्टर्स हैं उन इंसुलेशन को प्रभावित करने वाले फैक्टर्स को आप देखें अगर तो हमने देखा था सर एंगल ऑफ इंसीडेंस ठीक है सर एंगल ऑफ इंसीडेंस भी एक फैक्टर था हमने देखा था सर ड्यूरेशन ऑफ ड्यूरेशन ऑफ सनलाइट यह भी एक फैक्टर था और यह जो ड्यूरेशन ऑफ सनलाइट है और
यह एंगल ऑफ इंसीडेंस है क्या यह सर हमारे मोशंस पे डिपेंड करते हैं बिल्कुल सही बात है सर यह रोटेशन और रिवोल्यूशन दोनों पे प्रभावित दोनों पे निर्भर करते हैं क्योंकि रेवोल्यूशन होने से आपने एक बात जानी थी कि 365 दिन ही इक्वेटर पे डायरेक्ट सनलाइट नहीं होती है और रिवोल्यूशन होने से ही सीजन आते हैं और समर्स के दरमियान आपको पता ता है जो भी हमारा तापमान है वह कंपैरेटिव ज्यादा होता है इंसुलेशन ज्यादा होता है ठीक है सेकंड फैक्टर्स के रूप में हमने यहां पे ट्रांसपेरेंसी ऑफ एटमॉस्फेयर देखा था ट्रांसपेरेंसी के अंदर मैंने
आपको बोला था कि जहां पे क्लाउड्स होंगे जहां पे डस्ट पार्टिकल्स होंगे वहां पे इंसुलेशन क्या हो जाएगी कम हो जाएगी फिर हमने उसके बाद सेकंड फैक्टर के रूप में यहां पे मोस्ट इंपॉर्टेंट देखा था टोपोग्राफी को और टोपोग्राफी से भी मैंने आपको समझाने की कोशिश की थी कि जी हां ऐसा पॉसिबल है कि पहाड़ों पे इंसुलेशन तो ज्यादा हो बट वहां पे तापमान कम होता है क्योंकि ग्रीन हाउस गैसेस का कंसंट्रेशन वहां पे कंपैरेटिव कम है टोपोग्राफी के साथ-साथ क्या ये सन स्पॉट्स पे निर्भर करता है जी हां सर जब ज्यादा सन स्पॉट्स हो
जाते हैं तब सूरज से बहुत सारा प्लाज्मा धरती की ओर निकलता है तो वो भी इंसुलेशन को इंक्रीज करता है तो ये तीन फैक्टर हमने वहां देखे और दो फैक्टर यहां देखे और दो यहां पे कांसेप्ट पड़े ये इंसुलेशन था बट व्हेन इट कम्स टू टेंपरेचर टेंपरेचर को प्रभावित करने वाले कौन-कौन से फैक्टर्स हैं इसको प्रभावित करने वाले फैक्टर्स के रूप में टेंपरेचर के को प्रभावित करने वाले फैक्टर्स के रूप में अगर मैं बात करूं तो सबसे पहला फैक्टर सबसे पहला फैक्टर जो है दैट इज़ दैट इज़ मोस्ट इंपॉर्टेंट इंसुलेशन और हमने यह देखा जहां
पे इंसुलेशन ज्यादा है वहां पे आपको टेंपरेचर ज्यादा होने के चांसेस दिखाई देंगे सो यहां से हमने लटटू वेरिएशन की बात कर ली फिर उसके बाद हम हमने देखा एल्टीट्यूड भी तो टेंपरेचर को प्रभावित करता है बिल्कुल सही बात है सर एल्टीट्यूड भी प्रभावित करता है तीसरा हमने देखा सर इफेक्ट जो है वो कॉन्टिनेंटालिटी का है यस इफेक्ट ऑफ लैंड एंड सी यस लैंड एंड सी का कोई इंपैक्ट है बिल्कुल सही बात है सर कॉन्टिनेंटालिटी का कोई इंपैक्ट होता है बिल्कुल सही सर कॉन्टिनेंटालिटी के कारण भले ही इंसुलेशन कम हो जादा हो वहां पे निर्भर
करता है कि अगर वह लैंड से घिरा हुआ है तो वेरिएशन जल्दी होंगे अगर वो पानी से घिरा हुआ है तो मॉडरेटिंग इफेक्ट होगा यहां पे एक और एस्पेक्ट आपको मैं अभी दिखाऊंगा दैट इज द कांसेप्ट ऑफ ओशियन करेंट्स जब आप ओशियन करंट की बात करेंगे तो क्या मैं कह सकता हूं जहां पे भी वॉर्म ओशियन करंट होंगे और ये मैं मान के चल रहा हूं कि आपको ओश करंट के बारे में कुछ आईडिया है कि जो ओशियन का पानी है वो सम जैसे नदियां हमारी लैंड के ऊपर बहती हैं वैसे ही जो ओशियन का
पानी है वो समुद्र के अंदर एक रिवर लाइक फ्लो के अंदर बहता है उसे ही हम ओशियन करेंट्स का नाम देते हैं अब ये जो ओशियन करेंट्स हैं ये ओशियन करंट वर्म ओशियन करंट होंगे तो डेफिनेटली ये गर्म पानी को कैरी करेंगे तो क्या वहां के तापमान को इंक्रीज करेंगे जी हां ये टेंपरेचर को इंक्रीज करते हैं जबकि कोल्ड ओशियन करंट के कारण तापमान में कमी देखी जाती है बिल्कुल सच्चाई है सर इसमें क्या कोई फन्ने खा चीज है कि कोल्ड ओशियन करंट से टेंपरेचर क्या होगा डिक्रीज होगा बिल्कुल सही माशाल्लाह एकदम बढ़िया तरीके से
हमने इंसुलेशन और टेंपरेचर को खत्म कर लिया है है जहां पे अगला जो आप देख रहे हैं ओशियन करेंट्स इन ओशियन करेंट्स के अंदर मैंने आपको दिखाया हुआ है डायग्रामेटिकली जो वर्म ओशियन करेंट्स हैं वो अपना गर्म पानी अगर पोल की ओर लेके जा रहे हैं तो इन एरियाज के तापमान को इंक्रीज कर देंगे और पोल का ठंडा पानी अगर इक्वेटर की ओर आएगा तो क्या वह यहां के इक्वेटर के पास के एरिया में कुछ तापमान में कमी करेगा बिल्कुल सही बात है सर कमी करेगा तो हमने यहां पे क्या देखा है इस ओशियन करंट
की वजह से क्या हो रहा है सर री डिस्ट्रीब्यूशन हो रहा है हीट का री डिस्ट्रीब्यूशन हीट का कैसे हो रहा है सर री डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ हीट इस तरीके से है री डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ हीट इस तरीके से है कि यहां पे री डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ हीट इस तरीके से है कि यहां पे जो इक्वेटर की गर्मी थी वो पोल तक चली गई और पोल की ठंड इक्वेटर तक आ गई ताकि दोनों जगहों पे हम ऐसे तापमान में ऐसे तापमान को मेंटेन करें जहां लाइफ की पॉसिबिलिटी हो सके तो ये है टेंपरेचर के मेजर एस्पेक्ट अब हम
देखेंगे टेंपरेचर इंवर्जन को बट उससे पहले एक छोटा सा कांसेप्ट है जो मैं आपके सामने रखना चाहता हूं दैट इज द कांसेप्ट ऑफ आइसोथर्म आइसोथर्म का जो कांसेप्ट है वो भी मैं आपको बता देता हूं यहां पे ताकि आपको समझ में आ जाए आगे आने वाले समय में कैसे क्वेश्चंस को हैंडल करना है और इससे रिलेटेड क्वेश्चन 2024 में यूपीएससी ने पूछा भी है आइसोथर्म्स का मतलब क्या होता है अगर मान लीजिए मैं कोई कोई एक ऐसे पॉइंट्स आपको देता हूं जिन पॉइंट्स का जो तापमान है वह क्या है सेम है मतलब यह जो पॉइंट्स
आपके सामने हैं ये सारे पॉइंट्स सेम टेंपरेचर पर एजिस्ट करते हैं तो एक ऐसी लाइन जो कि सेम टेंपरेचर के ऐसी लाइन जो सेम टेंपरेचर के पॉइंट्स को कनेक्ट करती है उसे ही हम क्या कहते हैं आइसोथर्म इसका तात्पर्य यह हुआ कि यहां पे इस लाइन पे कोई भी पॉइंट होगा तो उसका टेंपरेचर मान लीजिए अगर 30 डिग्री सेल्सियस है तो पॉइंट ए बी सीडी e f इन सब पॉइंट का तापमान क्या होगा सेम होगा तो आइसोथर्म का मतलब हुआ लाइन जॉइनिंग दी सेम टेंपरेचर लाइन जॉइनिंग दी सेम टेंपरेचर कंडीशन सेम टेंपरेचर कंडीशन ठीक है
सर ये भी हमें समझ में आ गया ऐसी लाइन जो कि सेम टेंपरेचर कंडीशन को अ सेम टेंपरेचर कंडीशन को जॉइन कर दे उसे हम आइसोथर्म कहते हैं बट इसका एप्लीकेशन क्या है एप्लीकेशन इसका इतना खूबसूरत हो जाता है जब भी हम इन आइसोथर्म्स की बात करते हैं जो कि एक इमेजिनरी लाइंस होती हैं ये सारी की सारी क्या है इमेजिनरी लाइंस हैं इमेजिनरी लाइंस हैं राइट ऐसे ही अगर ऐसे ही अगर लाइन कोई हम ऐसी लाइंस खींचे जहां पे सेम प्रेशर होगा उसे आइसो बार बोलेंगे धर्म मतलब टेंपरेचर राइट सो टेंपरेचर जहां पे सेम
हो रहा है सेम टेंपरेचर की जो लाइन है उसे हमने आइसोथर्म कहा है और सेम प्रेशर की लाइन को हम आइसो बार कहेंगे एप्लीकेशन यह है कि आपने अभी देखा था कि वाटर लैंड और सी के अंदर एक डिफरेंशियल देखा जाता है लैंड सी के अंदर एक डिफरेंशियल देखा जाता है कि जो लैंड है वह बहुत जल्दी गर्म हो जाता है और ओशियन बहुत जल्दी गर्म नहीं होता है मान लीजिए मैं आपको एक हाइपोथेटिकल सिनेरियो देता हूं इस हाइपोथेटिकल सिनेरियो में मैं बोल रहा हूं जनवरी का महीना है जनवरी का मंथ है जनवरी का मंथ
है और मैंने बोला कि यह एक टेंपरेचर यह एक पॉइंट है ये एक पॉइंट है ये एक लाइन मान लीजिए भले ही ये एक लाइन चल रही है जिसका तापमान है जिसका तापमान है मान लीजिए 10 डिग्री सेल्सियस 10 डिग्री सेल्सियस लैंड के ऊपर ये आपको दिखाई दे रहा है जिसका तापमान क्या है 10 डिग्री सेल्सियस है मतलब क्या हुआ ये जो ब्लू पॉइंट है ये जो ब्लू लाइन है इसके ऊपर जो भी होगा इसके ऊपर जो भी होगा उसका तापमान क्या होगा इसका तापमान होगा बेटा 10 डिग्री सेल्सियस इसका तापमान होगा 10 डिग्री सेल्सियस
अब मान लो ये है लैंड ओहो ये है लैंड और यह है ओश ये है सी अब एक बात का जवाब दीजिएगा मुझे बहुत खूबसूरती से जब मैं लैंड से सी पे पहुंच तो क्या यह लाइन सीधी दिखाई देगी या इसमें वेरिएशन आएगा मुझे बच्चा कहेगा सर इसमें वेरिएशन आएगा क्योंकि जितना ठंडा लैंड है उस लटटू पे उस सेम लटटू पे ओशियन उतना ठंडा नहीं होगा क्योंकि उसको ठंडा होने में वक्त लगता है इसका मतलब ये हुआ कि अगर मुझे 10 डिग्री ढूंढना है तो मुझे कंपैरेटिव समुद्र के अंदर इस तरीके से मूव करना होगा
जहां पर तापमान कम हो क्या मैं इक्वेटर की ओर आऊंगा तो मुझे तापमान में बढ़ोतरी दिखाई देगी या गिरावट सर बो सब बोलेंगे सर इक्वेटर की ओर तो तापमान बढ़ता है और पोल्स की ओर जाऊंगा तो तापमान कम होगा और मुझे तापमान को कम करना है क्योंकि लैंड ज्यादा ठंडी है समुद्र के मुकाबले कौन ज्यादा ठंडा है लैंड ठंडा है तो मुझे समुद्र के अंदर भी ज्यादा ठंड देखनी है तो कंपैरेटिव कहां जाना पड़ेगा पोल्स के ऊपर जाना पड़ेगा तो ये जो पूरा का पूरा आपको यहां पे आइसोथर्म दिखेगा वो आइसोथर्म इस तरीके से मूव
होता हुआ दिखाई देगा कि जब आप लैंड से ओशियन की ओर जाते हैं तो ओशियन में जो आइसोथर्म है वो कहां की ओर मूव कर रहा है पोल वर्ड मूव कर रहा है और जब आप ओशियन से लैंड की ओर आते हैं वापस यह कहां पे आ जाएगा वापस यह कहां पे आ जाएगा वापस ये उसी जगह पे आ जाएगा जहां पे यह चल रहा था राइट तो क्या ये मूवमेंट आपको समझ में आया बिल्कुल सही है तो लैंड से सी लैंड से अगर आप सी में जा रहे हैं मंथ है किसका जनवरी का तो
क्या मैं कह सकता हूं आइसोथर्म जो है आइसोथर्म जो है वो कहां मूव कर रहा है सर पोल वर्ड मूव करता है कहां पे मूव करता है पोल वर्ड मूव कर करता है और अब आप मुझे सेकंड सिनेरियो का आंसर देंगे इन कमेंट सेक्शन जुलाई में क्या कोई चेंज आएगा बिल्कुल सही बात है सर जुलाई में चेंज तो आना चाहिए जुलाई के महीने में जून जुलाई के महीने में सर यह जो लैंड है इस लैंड का तापमान हो गया है बहुत ज्यादा लैंड बहुत ज्यादा गर्म हो गई है इसका तापमान है 30 डिग्री सेल्सियस अब
मैं लैंड से जब लैंड से जब ओश की ओर आने लग रहा हूं तो क्या मुझे ज्यादा तापमान पोल की ओर दिखाई देगा या इक्वेटर की ओर सब कहेंगे सर इक्वेटर की ओर तापमान ज्यादा दिखाई देगा तभी आपको नीचे की ओर आना पड़ेगा एंड देन यू विल मूव लाइक दिस सो दैट इज हाउ यू कैन सी लैंड टू सी इन जुलाई दी आइसोथर्म इज मूविंग टुवर्ड्स आइसोथर्म इज मूविंग टुवर्ड्स व्हाट टुवर्ड्स दी इक्वेटर सो ये है आइसोथर्म्स का एक एप्लीकेशन एंड इसी तरीके से आप आगे चलके भी देखेंगे जब हम भारत के अंदर इंडियन ज्योग्राफी
पढ़ेंगे तब आप देखना भारत के अंदर आइसोथर्म्स को इस तरीके से दिखाया जाता है ड्यूरिंग द मंथ ऑफ जून मंथ ऑफ जून अगर आप देखते हैं जून जुलाई का महीना है तो आपको पता है कि ये अगर इक्वेटर है ये अगर इक्वेटर है तो आप जानते हैं कि ये जो लैंड है वो कंपैरेटिव ज्यादा गर्म है और अगर समुद्र में पहुंचेंगे तो आपको किसकी ओर आना पड़ेगा आपको इक्वेटर की ओर आना पड़ेगा ना कि पोल की ओर ताकि आप सेम टेंपरेचर को अचीव कर कर पाएं दिस इज अबाउट दी टेंपरेचर एज वेल एज आइसोथर्म्स नाउ
दी सेकंड पोर्शन ऑफ दिस एज कंसीडर्ड एज दी टेंपरेचर इंवर्जन जैसा कि कांसेप्ट कहता है टेंपरेचर इंवर्जन का मतलब क्या है स्पेसिफिक कंडीशंस कुछ ऐसी डेवलप होती हैं जिसमें एल्टीट्यूड इंक्रीज होने पे टेंपरेचर डिक्रीज होने की बजाय इंक्रीज करने लग जाए जनरली अगर हम देखते हैं तो एल्टीट्यूड जब इंक्रीज होता है तो टेंपरेचर डिक्रीज होता है उनके चार कारण फिर मैंने आपके सामने लिखे हुए हैं बट कभी-कभी ऐसा होता है इन टेंपरेचर इंक्रीज टेंपरेचर डिक्रीज होने की बजाय इंक्रीज होने लगे ऐसा क्यों होगा लेट्स ट्राई एंड अंडरस्टैंड विद दी हेल्प ऑफ द कांसेप्ट दैट वी
हैव बिल्ट टिल नाउ मान लीजिए ये सरफेस है और बहुत ही विंटर नाइट्स है विंटर नाइट्स में इस सरफेस का जो टेंपरेचर है वो बहुत ही कम हो गया ये सरफेस बहुत ही ठंडा हो गया ये सरफेस क्या हो गया बहुत ही ठंडा हो गया अगर यह सरफेस बहुत ठंडा हुआ तो क्या मैं कह सकता हूं कि इस पूरे सरफेस के पास अगर कोई एक एयर पार्सल पड़ा था यहां पे मान लीजिए कोई एक एयर पार्सल था ये एयर का पार्सल है ये जो एयर का पार्सल है यह एयर पार्सल बहुत ही बहुत ही ज्यादा
संपर्क में है इस सरफेस के जब वो इसके संपर्क में है तो क्या यह पॉसिबिलिटी है कि इस एयर पार्सल का जो सबसे नीचे वाला भाग है यह क्या हो जाएगा ठंडा हो जाएगा सर यह वाला भाग तो क्या हो जाएगा बिल्कुल शत प्रतिशत क्या हो जाएगा ठंडा हो जाएगा बट ऊपर वाला भाग अभी भी ऊपर वाला भाग अभी भी ठंडा नहीं होगा क्यों क्योंकि सर एयर जो होती है वह क्या है बैड कंडक्टर है हीट का अगर यह बैड कंडक्टर है तो क्या यह ठंड ऊपर तक पहुंच पाएगी कंडक्ट हो पाएगी सर नहीं हो
पाएगी इसका मतलब यह हुआ क्या मैं अगर इस ऊर वाले एयर पार्सल की बात करूं इस भाग की बात करूं यहां पे यह वाले भाग की बात करूं तो यह वाला भाग कंपेरटिवली मुझे क्या नजर आएगा नीचे वाले भाग से गर्म नजर आएगा कि नहीं आएगा बिल्कुल सही बात है सर ये वाला भाग कंपैरेटिव इस भाग का टेंपरेचर जो होगा वो कंपैरेटिव क्या होगा गर्म होगा इसका मतलब ये हुआ यहां पे मैंने ये चीज देखी कि पहले मैं नॉर्मल सिचुएशन में अगर बात कर रहा था तो नॉर्मल कंडीशन में क्या हो रहा था सर जब
भी आप एल्टीट्यूड इंक्रीज करते थे तो टेंपरेचर क्या कर रहे थे डिक्रीज कर रहे थे बट यहां पे क्या हो रहा है यहां पे क्या हो रहा है यहां पे एल्टीट्यूड इंक्रीज होने के साथ-साथ टेंपरेचर क्या हो रहा है डिक्रीज हो रहा है तो ये कौन सी कंडीशन है ये कंडीशन एल्टीट्यूड इंक्रीज होने के कारण टेंपरेचर इंक्रीज हो रहा है इस कंडीशन को हम टेंपरेचर इंवर्जन की कंडीशन कहते हैं अब अगर टेंपरेचर इंवर्जन की कंडीशन है है तो इसमें एक बात अगर इसकी लैंग्वेज को देखा जाए तो क्या मैं कह सकता हूं पहले क्या हो
रहा था एल्टीट्यूड इंक्रीज होने में टेंपरेचर जो डिक्रीज होता है उसको आप लैप्स रेट कहते हैं मान लो 5 डिग्री सेल्सियस का लैप्स आया अब मैं कहता हूं वो लैप्स रेट नेगेटिव हो गई यानी कि जो गिरावट है वो नेगेटिव हो गई यानी कि नेगेटिव नेगेटिव पॉजिटिव हो गया यानी कि तापमान में वृद्धि दिखाई देने लगी उसी को हम किस कंडीशन के नाम से जानते हैं टेंपरेचर इंवर्जन के नाम से जानते हैं बट ये हमेशा आपको इस तरीके से दिखाई नहीं देगा इसके लिए कुछ स्पेसिफिक सेट ऑफ कंडीशंस की आवश्यकता है वो स्पेसिफिक सेट ऑफ
कंडीशन क्या होगा सबसे पहले तो यह समझो कि अगर जब तक ये सरफेस ठंडा नहीं होगा जब तक ये सरफेस ठंडा नहीं होगा क्या ये कंडीशन डेवलप हो पाएगी सर नहीं हो पाएगी क्यों क्योंकि सर सरफेस ठंडा था तभी तो एयर का एक हिस्सा ठंडा हो गया और ऊपर वाला गर्म ही रह गया ऊपर वाला गर्म ही रह गया बिल्कुल सही है सर दूसरा सर ये सरफेस ठंडा कब होगा सर सरफेस ठंडा तब होगा जब इसके पास रेडिएशन कंपेरटिवली कम समय के लिए इसके पास जो इंसुलेशन है वो कंपैरेटिव कम समय के लिए प्राप्त हो
अगर इंसुलेशन कम समय के लिए प्राप्त हो तो मतलब क्या है सर विंटर्स होने चाहिए बिल्कुल सही बात है विंटर्स होने चाहिए सरफेस बहुत ठंडा होना चाहिए तीसरा सर क्लाउड नहीं होने चाहिए क्लाउडलेस स्काई होना चाहिए ये समझ में नहीं आता बच्चों को को कि सर क्लाउडलेस स्काई क्यों होना चाहिए मैं कहता हूं इंसुलेशन जब रिसीव हुई और अगर यहां पे बादल है तो ये इंसुलेशन क्या वापस स्पेस में जा पाएगी सर नहीं जा पाएगी तो इनको वापस रिफ्लेक्ट कर देंगे ना ये बादल तो अगर ये क्लाउड नहीं है तो क्या सारा का सारा इंसुलेशन
वापस चला जाएगा कहां स्पेस में बिल्कुल सही बात है इसीलिए यह सरफेस ठंडा हो पाएगा तो क्लाउडलेस स्काई चाहिए क्या यहां पे हमें काम कंडीशंस चाहिए बिल्कुल सही बात है सर हमें काम कंडीशंस चाहिए काम कंडीशंस का मतलब यह है कि यहां पे अगर टर्बुलेटर मैंने यहां पे कोई एक पंखा लगा दिया पंखा अगर मैंने यहां पे लगा दिया तो क्या मैं कह सकता हूं कि ये हवा ऊपर चली जाएगी ऊपर वाली हवा मिक्स होने लग जाएगी मिक्सिंग हो जाएगी और जब मिक्सिंग हो जाएगी तो क्या ये कंडीशन डेवलप हो पाएगी सर ये कंडीशन डेवलप
नहीं हो पाएगी तो फॉर दी डेवलपमेंट ऑफ टेंपरेचर इंवर्जन कंडीशन वी नीड टू मेक श्यर देयर इज अ लॉन्ग विंटर स् विंटर नाइट विद सरफेस बीइंग कोल्ड देन विद दी क्लाउडलेस स्काई एंड काम एयर मूवमेंट देन वी विल बी एबल टू ऑब्जर्व दी कंडीशन ऑफ टेंपरेचर इंवर्जन यह होता है टेंपरेचर इंवर्जन और यह होती है उसकी सारी की सारी कंडीशन बट इस टेंपरेचर इंवर्जन का एप्लीकेशन क्या है सर वो बताओ ध्यान से समझना दोबारा हम इसी डायग्राम पे आते हैं और समझने की कोशिश करते हैं देखिए मैंने बोला था ये सरफेस है बहुत ही ज्यादा
बहुत ही ज्यादा कोल्ड अगर ये बहुत ठंडा सरफेस है तो इसके ऊपर बहुत बड़ा एयर पार्सल था बहुत ही बड़ा एयर पार्सल है ये जो इसके ऊपर आके रुका तो इसका कुछ भाग तो क्या हो गया सर बहुत ही ठंडा हो गया क्यों क्योंकि ये किस प्रोसेस से ठंडा हुआ क्योंकि सर ये संपर्क में आ गया बट जैसे ही आप ऊपर बढ़ेंगे ऊपर बढ़ते ही आपको क्या दिखाई देगा सर तापमान क्या होने लगा अचानक से वापस क्या होने लगा इंक्रीज होने लगा पहले तो टेंपरेचर क्या था डिक्रीज हुआ था फिर आपने देखा यहां पे टेंपरेचर
डिक्रीज हुआ अब इसके बाद जो तापमान है वो क्या होने लगा है सर इंक्रीज होने लग गया इसके बाद तापमान क्या होने लग गया इंक्रीज होने लग गया अब एक चीज और है मुझे जवाब दीजिएगा बहुत गौर से पॉइंट ए और पॉइंट बी इस कोल्ड लेयर के अंदर पॉइंट ए और पॉइंट बी ज्यादा ठंडा कौन होगा सर जो बिल्कुल सतह के साथ चिपका हुआ है वो ज्यादा ठंडा होगा उससे ऊपर की लेयर्स कंपैरेटिव कम ठंडी होंगी यानी कि जैसे-जैसे मैं ऊपर मूव करता जा रहा हूं इस सरफेस से दूर जाता जा रहा हूं तो तापमान
में क्या दिखाई दे रही है सर अगली लेयर्स को देखते रहेंगे देखते रहेंगे देखते रहेंगे जो कि सरफेस से दूर जाती जा रही हैं जो कि सरफेस से दूर जाती जा रही हैं वहां पे तापमान क्या होने लगेगा इंक्रीज होने लगेगा बट एक बात बताओ क्या ये सरफेस का अ क्या ये एयर एक बैड कंडक्टर है बिल्कुल सही बात है क्या इस सरफेस का जो इंपैक्ट है वो पूरी एयर तक रहेगा नहीं नहीं सर पूरी एयर तक तो नहीं रहेगा जहां तक रहेगा व तो हमने देख लिया बट उसके बाद वापस सेम ही कंडीशन आ
जाएगी बिल्कुल सही बात है कौन सी सेम कंडीशन सेम कंडीशन का मतलब सर आपने बोला था एल्टीट्यूड इंक्रीज होने से टेंपरेचर क्या होता है डिक्रीज होता है एल्टीट्यूड इंक्रीज होने से टेंपरेचर डिक्रीज होता है बट यहां पे तो इंक्रीज दिखाई दे दिया क्यों क्योंकि हम इसको कंपेयर कर रहे थे किससे सरफेस से बट अब जब हाइट बहुत बढ़ जाएगी तो क्या वापस टप रेचर डिक्रीज होने लगेगा बिल्कुल सही बात है सर वापस टेंपरेचर डिक्रीज होने लगेगा कहने का मतलब यह हुआ कि सबसे नीचे वाली लेयर कोल्ड बीच वाली लेयर वर्म और वापस कौन सी लेयर
का जन्म होगा वापस सर ठंडी हो जाएगी हवा तो क्या यहां पे वार्म एयर इज ट्रैप्ड बिटवीन टू कोल्ड एयर यस जो ये गर्म हवा है दो कोल्ड एयर के बीच में क्या हो जाएगी ट्रैप होकर हमें सामने दिखाई देने लगेगी जो कि आप यहां पे देख सकते हैं वार्म एयर इज बीइंग ट्रैप्ड विद दी बिटवीन कोल्ड लेयर्स ऊपर वाली लेयर कोल्ड क्यों है यह जनरली जनता को समझ में नहीं आता नीचे वाली तो सर दिखने लग जाती है ऊपर वाली इसलिए ठंडी हो जाती है बेटा क्योंकि यहां पे आप कंपेरिजन कर रहे हैं इस
वार्म एयर और इस कोल्ड एयर का तो अगर आपने एल्टीट्यूड इंक्रीज कर दिया है तो क्या सरफेस का इंपैक्ट ज्यादा होगा या एटमॉस्फेयर का सर एटमॉस्फेयर का इंपैक्ट होगा और एटमॉस्फेयर में क्या होता है एल्टीट्यूड इंक्रीज होने से ट टेंपरेचर डिक्रीज होता है इसलिए यहां पर टेंपरेचर वापस डिक्रीज होने लगेगा और यह जो एयर पार्सल है वोह ठंडा आपको दिखाई देगा अब मान लो यहां पे इस समय पे बहुत सारे छोटे-छोटे छोटे-छोटे वाटर वेपर का प्रेजेंस था अगर ये छोटे-छोटे वाटर वेपर वर्म एयर के अंदर जो थे वो कोल्ड एयर के साथ संपर्क में आएंगे
तो क्या उनका कंडेंसेशन होगा जी हां सर उनका कंडेंसेशन होगा क्योंकि तापमान में गिरावट दिखी गई है जब उनका कंडेंसेशन होगा तो उस कंडेंसेशन के रिजल्ट के रूप में किसका फॉर्मेशन होने लगता है उसके रिजल्ट के रूप में सर उसके रिजल्ट के रूप में बादल बनने लगते हैं तो यहां पे आपको किसका फॉर्मेशन दिखाई देगा फॉक का क्योंकि ये लेयर बहुत ही नजदीक है सरफेस के तो यहां पे जो हमें सरफेस के पास अभी थोड़े समय पहले जब सर्दियों में आपने धुंध देखी होगी कोहरा देखा होगा फॉग देखा होगा उसका जन्म क्यों होता है उसका
जन्म होता है सिर्फ और सिर्फ टेंपरेचर इंवर्जन की वजह से तो क्या इस टेंपरेचर इव वर्जन को हम इस तरीके से देख सकते हैं कि इनिशियली टेंपरेचर इंक्रीजस एंड देन अगेन टेंपरेचर डिक्रीजस दिस इज द कंडीशन ऑफ टेंपरेचर इंवर्जन ऐसी कंडीशन आपको दिखाई दे सकती है ट्रोपो स्फेयर से स्ट्रेटोस्फीयर से मेजो स्फेयर जब आप जाते हो क्योंकि अब देखो ट्रोपो स्फेयर से आप स्ट्रेटोस्फीयर गए तो टेंपरेचर इंक्रीज हो गया बट जब आप स्ट्रेटोस्फीयर से वापस मेजो स्फेयर में जाते हैं तो टेंपरेचर क्या हो जाता है डिक्रीज हो जाता है वैसा ही कुछ यहां पे आपको
दिखाई दे रहा है सो अब दूसरा भाग यहां पे एक यह है कि जो टेंपरेचर इंवर्जन है इस टेंपरेचर इंवर्जन को दो भागों में हम देखते हैं टेंपरेचर इंवर्जन का क्लासिफिकेशन कैसे है उसको समझने की कोशिश करें टेंपरेचर इंवर्जन को दो पार्ट्स में देखा जाता है फर्स्ट अगर हम बात करें कुछ ऐसा इंवर्जन जहां पे हवा का मूवमेंट जहां पे हवा का मूवमेंट नहीं है जो अभी मैंने आपको समझाया वहां पे क्या हवा का मूवमेंट हवाएं चल रही थी तब इंवर्जन हुआ नहीं तो उसको हमने बोला नॉन एडवेक्शन इंवर्जन क्या वो सरफेस के क्या वो
सरफेस के ऊपर ठंड आने के कारण इंवर्जन हुआ बिल्कुल सही बात है इसीलिए इसे हम सरफेस इंवर्जन का नाम भी देते हैं और एक बात बताओ जब मैंने बोला क्लाउडलेस स्काई होना चाहिए इसका मतलब यह है कि ये जो रेडिएशन है ये कहां चली जाए वापस स्पेस में चली जाएं तभी तो यह सरफेस ठंडा हो पाएगा तो क्या मैं इसे क्या मैं इसे मेरे दोस्तों रेडिएशन इंवर्जन कह सकता हूं बिल्कुल सही बात है सर यह रेडिएशन के कारण हुआ है इसीलिए इसे रेडिएशन इंवर्जन भी कहा जाता है इसीलिए इसे रेडिएशन इंवर्जन भी कहा जाता है
ऑन दी अदर हैंड एक बात मैं ये देखूं जहां पे हवा का मूवमेंट हो और फिर इंवर्जन हो जाए तो उसे हम एडवेक्शन इंवर्जन कहते हैं उसे हम किस नाम से जानते हैं एडवेक्शन इंवर्जन के नाम से जानते हैं इस एडवेक्शन इंवर्जन के अंदर जो पहला इंवर्जन है दैट इज़ वली इंवर्जन जो मैं आपको अभी समझाने की कोशिश करता हूं ध्यान से देखिएगा वैली इंवर्जन का मतलब यह है कि आप देखें ठंड के समय में अगर मान लीजिए रात का समय है या विंटर्स हैं उस समय पे जो पीक होते हैं माउंटेन के वह बहुत
ही ज्यादा ठंडे हो जाते हैं बहुत ज्यादा ठंडे हो जाते हैं पीक है ना अगर आप क्योंकि एल्टीट्यूड भी इंक्रीज हो रहा है तो टेंपरेचर तो डिक्रीज होगा ही वहां पे पीक बहुत ठंडे हो जाते हैं जब पीक ठंडा हो गया तो यहां पे इसके संपर्क में आने वाली हवा क्या है ठंडी हो जाएगी ऑन दी अदर हैंड जो वैलीज हैं वैलीज के अंदर क्या अभी भी तापमान कंपैरेटिव ज्यादा है बिल्कुल सही बात है सर वैली के अंदर तापमान अभी भी ज्यादा है डन कोई दिक्कत नहीं है जब यहां पे तापमान ज्यादा है तो यहां
पे जो एयर होगी वो क्या होगी कंपैरेटिव वर्म होगी और वर्म एयर क्या होती है हल्की होती है और कोल्ड एयर क्या होती है भारी होती है तो जो ये कोल्ड एयर है इस सरफेस से नीचे की ओर गिरने लगेंगी जब यह कोल्ड एयर नीचे की ओर आने लगेगी तो क्या ये वर्म एयर को रिप्लेस कर देगी बिल्कुल सही बात है सर वॉर्म एयर को रिप्लेस कर देगी क्यों रिप्लेस कर देगी क्योंकि सर भारी है तो नीचे कौन सी लेयर आ गई सर नीचे तो कोल्ड लेयर आ गई ऊपर कौन सी लेयर आई सर वार्म
लेयर आई उससे ऊपर क्या है सर उससे ऊपर तो टेंपरेचर कम है ही तो उससे ऊपर कौन सी लेयर है कोल्ड लेयर है तो क्या यह कंडीशन टेंपरेचर इवर्स न की कंडीशन नहीं है बिल्कुल सही बात है सर यह टेंपरेचर इंवर्जन की कंडीशन है और इस समय पे क्या मैं यह कह सकता हूं भाई साहब यहां पे हवा का क्या हुआ मूवमेंट हुआ और अगर मूवमेंट हुआ है तो क्या यहां पे एडवेक्शन का प्रोसेस हुआ होगा बिल्कुल सही बात है कैसे सर जहां पे वार्म एयर है वहां पे लो प्रेशर होगा जहां पे कोल्ड एयर
है वहां पे हाई प्रेशर होगा और उस हाई प्रेशर से लो प्रेशर की ओर जो मूवमेंट होता है उसे हम एडवेक्शन मूवमेंट कहते हैं और अगर इसकी वजह से टेंपरेचर इंवर्जन हो रहा है तो इसे एडवेक्शन इंवर्जन के नाम से जाना जाएगा सो आइसोथर्म्स के कांसेप्ट को मैं आपको पहले ही समझा चुका हूं जो यहां पे मेंशन है आईडियली आइसोथर्म्स जो होने चाहिए वो पैरेलल होने चाहिए बट लैंड सी डिफरेंशियल के कारण यह पैरेलल लटटू के नहीं होते हैं राद इनके अंदर क्या आते हैं वेरिएशन आते हैं आइसोथर्म्स के बाद अब हम आते हैं हीट
बजट के ऊपर हीट बजट एक ऐसा कांसेप्ट है जिसमें हम बजट का अगर तात्पर्य बजट का अगर अर्थ समझे तो वह क्या कहता है बजट का अर्थ यह है कि जितना यूनिट बजट का जो अ अंत होता है जो रिजल्ट होता है कंक्लूजन होता है वो होता है सर जीरो मतलब जितना हमने रिसीव किया इस हीट के रूप में रेडिएशन के रूप में उतना का उतना रेडिएशन वापस कहां चला जाए स स्पेस में चला जाए तो यह बजट मेंटेन रहेगा हीट का ऐसा देखा जाता है मान लीजिए 100 यूनिट 100 यूनिट हमें रिसीव रि हो
रहा है कहां से इंसुलेशन से इंसुलेशन से जगर 100 यूनिट रिसीव होता है तो कुछ अमाउंट जो है वह बादलों की वजह से कुछ अमाउंट आइस जो कि ग्लेशियर्स हैं उनकी वजह से और कुछ अमाउंट जो ये डस्ट पार्टिकल्स हैं इनकी वजह से क्या हो जाता है रिफ्लेक्ट हो जाता है वापस स्पेस के अंदर यानी कि कुछ ऐसा अमाउंट जो कि डायरेक्टली रिफ्लेक्ट हो गया विदाउट हीटिंग टू द सरफेस उसे हम बोलते हैं एल्बिडो अल्बो का मतलब होता है किसी भी किसी भी मैटर की रिफ्लेक्टिंग कैपेबिलिटी जैसे अगर अभी आप इस वीडियो को देख रहे
हैं तो आपको एहसास होगा कि मैंने अगर ब्लैक कलर का कुछ चीज पहना है तो ब्लैक इज फेमस फॉर दी एब्जॉर्ब वो जो भी चीज इस पे टकराए गी ये एब्जॉर्ब कर लेगा एब्जॉर्ब कर लेगा और इसका रिफ्लेक्शन बहुत ही कम होता है बट अगर मान लो मैं ये वाइट कलर की जैकेट पहना होता तो डेफिनेटली उसका जो रिफ्लेक्शन है वो कंपैरेटिव क्या है ज्यादा है इसीलिए अगर आप गर्मियों में बहुत ही डार्क कलर के कपड़े पहनते हैं तो आपको गर्मी ज्यादा लगती है क्यों क्योंकि वह एब्जॉर्ब करते हैं अगर आप लाइट कलर के कपड़े
पहनते हैं तो वो रिफ्लेक्ट हो जाता है राइट इसी का मतलब है कि एल्बिडो का मतलब है रिफ्लेक्शन और जितनी वाइट जितनी ब्राइट चीजें होती हैं उनका रिफ्लेक्शन हमेशा आपको ज्यादा दिखाई देगा और जिनका रिफ्लेक्शन ज्यादा होगा उनका एल्बिडो भी ज्यादा होगा तो एल्बिडो के उस पूरे चार्ट को अगर आप समझना चाह चाते हैं जहां पे किस ऑब्जेक्ट का किस मैटर का एल्बिडो ज्यादा है वहां से आपको समझ में आ जाएगा एक बहुत ही खूबसूरत सी चीज वो यह कि आइस ग्लेशियर्स क्लाउड्स जो हैं इनका रिफ्लेक्टिंग कैपेबिलिटी बहुत ज्यादा है क्योंकि दे आर व वाइट
इन कलर दे आर वाइट इन कलर दे आर ब्राइट इन कलर सो जो फ्रेश स्नो होगी उसका एल्बिडो सबसे ज्यादा देखा जाएगा तो 100 यूनिट में से 35 यूनिट तो डायरेक्टली वापस चला गया कहां पे स्पेस के अंदर तो 100 यूनिट आया था 35 वापस पहुंच गया है रह गया 65 65 यूनिट जो आया उसमें से 14 यूनिट तो एटमॉस्फेयर ने क्या कर लिया एब्जॉर्ब कर लिया और सरफेस पे कितना पहुंचा 51 यूनिट अब मुझसे कोई पूछेगा सर ये एटमॉस्फेयर ने 414 यूनिट्स कैसे एब्जॉर्ब किया मैं कहता हूं स्ट्रेटोस्फीयर के अंदर हमारे सर ओजोन लेयर
है ओजोन लेयर क्या करती है अब्जॉर्प्शन कर लेती है तभी तो स्ट्रेटोस्फीयर में तापमान बढ़ता है तो वो कुछ वहां पे गैसेस ऐसी हैं जो कि डायरेक्ट सनलाइट को एब्जॉर्ब कर लेती हैं तो वो वहां पे उसने एब्जॉर्ब कर लिया सरफेस को कितना रिसीव हुआ सिर्फ 51 यूनिट रिसीव हुआ ठीक है सर 51 पहुंचा कहां तक सरफेस तक पहुंचा 35 वापस जा चुका अब जो ये 51 यूनिट पहुंचा इसमें से क्या जो रिफ्लेक्ट होगा जब आके सरफेस गर्म हुआ सरफेस गर्म होने के बाद वापस कहां आ गया रिफ्लेक्ट होगा रिफ्लेक्ट होने के बाद जब ये
वापस जा रही होंगी रेडिएशन कुछ रेडिएशंस तो कौन एब्जॉर्ब कर लेगा सर ग्रीन हाउस गैसेस और कुछ डायरेक्टली कहां चली जाएंगी स्पेस में 17 यूनिट स्पेस में कहां चली गई डायरेक्टली वापस चली गई 14 यूनिट पहले एब्जॉर्ब हो गया था और अब 51 में से 17 घटा दोगे तो रह कितना जाएगा 34 यूनिट 34 यूनिट किसने एब्जॉर्ब कर लिया ग्रीन हाउस गैसेस ने अब जो यह 34 यूनिट्स हैं और यह 14 यूनिट्स हैं ये एब्जॉर्ब हो गया है 34 48 48 और 17 65 65 और 35 100 और 100 ही हमें रिसीव हुआ था अब
इनमें से स्पेस में कौन जा चुका है सर 35 और 17 34 और 14 तो अभी अब्जॉर्ब्ड है जो एब्जॉर्ब किया हुआ है वो धीरे-धीरे धीरे धीरे धीरे धीरे क्या होता है कुछ समय के बाद कुछ लैक के बाद वो हमेशा थोड़ी एब्जॉर्ब हो जाएगा एब्जॉर्ब होने के बाद वापस क्या करने लगेगा रेडिएट करने लगेगा क्योंकि कोई भी चीज जब गर्म हो जाती है ना गर्म होने के बाद वो रेडिएशन करने लगती है मान लीजिए अगर आप कोई भी चीज देखें ये भले पेन भी है यह भी रेडिएशन दे रहा है बट यह महसूस नहीं
हो रहा क्यों क्योंकि अभी इसका तापमान ज्यादा नहीं है जब मैंने इसको गर्म कर दिया तो जब मैं इसके आसपास हाथ लगाऊंगा यहां पे तो मेरे हाथ पे गर्मी महसूस होगी जी हां सर होगी वो थोड़े-थोड़े समय के बाद धीरे-धीरे धीरे धीरे धीरे-धीरे क्या करेगा एटमॉस्फेयर से उसको वापस स्पेस में भेजने की कोशिश करेगा यहीं से एक सबसे महत्त्वपूर्ण सवाल का जवाब हमें मिलता है वो ये है कि जब हम ये सोचते हैं हैं कि अगर 100 यूनिट आया और 100 यूनिट चला गया तो इस धरती के ऊपर तापमान मेंटेन कैसे है वह तापमान मेंटेन
करने का काम कौन करते हैं वह यही काम कर रहे हैं उनके टाइम लैक की वजह से भले ही यह 100 यूनिट वापस चला जाएगा बट जब यह वापस जा रहा है तो क्या इसने कुछ समय के लिए उसे एब्जॉर्ब करके रखा बिल्कुल सही बात है कुछ समय के लिए एब्जॉर्ब करके रखा जिसकी वजह से जो टेंपरेचर है इस धरती के ऊपर वह क्या है मेंटेंड है टेंपरेचर इस धरती के ऊपर क्या है में ड है दिस इज़ समथिंग वी नीड टू अंडरस्टैंड एज फार एज हीट बजट इज कंसर्न्ड सो हीट बजट के बाद नाउ
वी आर मूविंग टुवर्ड्स द मोस्ट इंपॉर्टेंट सेगमेंट ऑफ दिस क्लाइमेटोलॉजी दैट इज दी प्रेशर बेल्ट्स ऑफ दी वर्ल्ड और प्रेशर बेल्ट्स ऑफ दी वर्ल्ड के साथ साथ हम यहां पे ट्राई सेल्यूलर मॉडल ऑफ एटमॉस्फेरिक सर्कुलेशन को समझने की कोशिश करते हैं ट्राई सेल्यूलर मॉडल का मतलब है तीन सेल का बनना कौन-कौन से तीन सेल हेडली सेल फेरल सेल और पोलर सेल और ये सेल क्यों बनते हैं उसको समझने की कोशिश करते हैं सबसे पहले एक चीज अपने दिमाग में रखेंगे वो ये कि अगर कोई भी सरफेस गर्म होगा तो सरफेस के गर्म होने के कारण
हवा यहां से राइज करेगी जब यहां से हवा राइज करेगी तो यहां पे कौन से प्रेशर का डेवलपमेंट होगा सर लो प्रेशर का डेवलपमेंट होगा ऑन दी अदर हैंड अगर मान लीजिए किसी भी सरफेस पे हवा का सब्सिडेंस है तो सब्सिडेंस के कारण कौन सा प्रेशर डेवलप होगा सर हाई प्रेशर का डेवलपमेंट होगा ये हमने पहले भी समझा था कि अगर मान लीजिए कोई एक सरफेस है इस सरफेस के ऊपर किसी हवा हवा ने दबाव बनाया हुआ है और अगर ये हवा किसी कारणवश ऊपर उठ जाती है तो क्या इस सरफेस पे प्रेशर कम हो
जाएगा बिल्कुल सही बात है प्रेशर कम हो जाएगा इसलिए उसे लो प्रेशर की संज्ञा देते हैं और अगर मान लीजिए सरफेस खाली था इसके ऊपर एक्स्ट्रा अमाउंट ऑफ एयर आके नीचे गिरने लगी तो क्या यहां पे हाई प्रेशर का डेवलपमेंट होगा बिल्कुल सही बात है हाई प्रेशर का डेवलपमेंट होगा और ये कैसे डेवलप हुआ सर लो प्रेशर का डेवलपमेंट इसीलिए हुआ क्योंकि यहां पे टेंपरेचर क्या हुआ था इंक्रीज हुआ था और कोई हवा नीचे क्यों गिरेगी हवा नीचे गिरने का कारण क्या है जब हवा क्या हो जाएगी ठंडी हो जाएगी जो कोल्ड एयर है वो
क्या होती है बच्चा लोग कोल्ड एयर हमेशा हैवी होती है अगर वो हैवी होती है तो उसकी डेंसिटी क्या है ज्यादा होती है अगर वो हैवी होगी तो वो नीचे गिरेगी या ऊपर जाएगी सर वो नीचे गिरेगी इसीलिए उसको हम किस नाम से जानते हैं सब्सिडेंस के नाम से जानते हैं यानी कि यहां पे जो टेंपरेचर है अगर किसी कारणवश टेंपरेचर बहुत ही कम हो गया किसी रीजन में तो वहां से हवा कहां आने लगेगी नीचे की ओर आने लगेगी इसी को समझते हुए मैं आपको एक कहानी समझाने की कोशिश कर रहा हूं जो आप
इस चित्र के माध्यम से समझेंगे मेरे साथ वो यह है कि पहली बात तो मैं किसी एक लटटू की बात नहीं कर रहा हूं मैं एक बेल्ट की बात कर रहा हूं क्योंकि एक लटटू से हमें कुछ ज्यादा फर्क नजर आ आएगा नहीं एक बेल्ट का मतलब ये है कि मैंने एक रीजन लिया जिसको मैं इक्वेटोरियल रीजन कहता हूं इक्वेटोरियल रीजन का मतलब है आप 0 डिग्र से 5° नॉर्थ 5° साउथ या 10° नॉर्थ 10° साउथ तक का एरिया कवर कर लें ठीक है वो एक रीजन हो गया एक लटटू नहीं है वो रीजन है
उस रीजन में इक्विनोक्स के समय पे सन इज ओवरहेड अगर सन ओवरहेड है तो यहां पे टेंपरेचर बहुत ज्यादा होगा क्योंकि इंसुलेशन बहुत ज्यादा है तो इंसुलेशन ज्यादा होने के कारण तापमान ज्यादा हुआ तापमान ज्यादा होने के कारण हवा क्या करेगी राइज करेगी जैसे ही इस एयर की राइजिंग हुई तो यहां पे कौन सा प्रेशर डेवलप होगा सर यहां पे लो प्रेशर का डेवलपमेंट होगा जब इस लो प्रेशर का डेवलपमेंट यहां पे देखा गया तो कौन से रीजन में देखा गया सर इक्वेटोरियल रीजन में देखा गया इसी कारण से सर इसे इक्वेटोरियल लो प्रेशर बेल्ट
का नाम हम देते हैं ये इक्वेटोरियल लो प्रेशर बेल्ट जो बनी वो किस वजह से बनी सर टेंपरेचर की वजह से बनी इसीलिए इस बेल्ट को किसने इंड्यूस किया सर टेंपरेचर ने इंड्यूस किया इस कारण से इसे थर्मली इंड्यूस्ड बेल्ट बोलते हैं तो यहां पे हमें पता लग गया कौन सा डेवलपमेंट हो गया सर लो प्रेशर का डेवलपमेंट दिखाई देता है यह तो कौन सा रीजन था सर इक्वेटोरियल रीजन था अब हम एक बार पोलर रीजन की ओर आके कोशिश करते हैं समझने की कि यहां की कहानी क्या है सर पोल के पास जो हवा
है वो बहुत ठंडी है वो टेंपरेचर क्या है बहुत ही कम है कोल्ड एयर है और कोल्ड एयर टेंपरेचर कम है कोल्ड एयर है टेंपरेचर कम है कोल्ड एयर है तो यह क्या हैवी होगी या लाइट होगी सर यह बहुत ही हैवी एयर होगी अगर यह बहुत हैवी होगी तो यहां से ये नीचे की ओर आने लगेगी क्योंकि हैवी एयर हमेशा ऊपर से नीचे की ओर सबसाइड करती है और एक ऐसा सरफेस जहां पे किसी प्रकार की कोई हवा का दबाव नहीं था ऊपर से कोई एयर आके नीचे इसको दबाने लगी तो यहां पे कौन
से प्रेशर का डेवलपमेंट देखा जाएगा सर यहां पे हाई प्रेशर का डेवलपमेंट देखा जाएगा नो डाउट अबाउट दैट सो यहां बन गया हाई प्रेशर और वहां इक्वेटोरियल रीजन में बना कौन सा प्रेशर लो प्रेशर तो पोलर रीजन के अंदर पोलर रीजन के अंदर कौन सा प्रेशर डेवलप होता है सर पोलर हाई प्रेशर डेवलप होता है और क्या इस प्रेशर का डेवलपमेंट होना टेंपरेचर पर निर्भर करता है बिल्कुल सही बात है सर टेंपरेचर पर निर्भर करता है क्योंकि यह इसका कारण क्या है टेंपरेचर का कम होना तो क्या मैं कह सकता हूं जो पोलर हाई प्रेशर
बेल्ट है और जो इक्वेटोरियल लो प्रेशर बेल्ट है ये दोनों बेल्ट्स थर्मली इंड्यूस्ड बेल्ट हैं बिल्कुल सत्य बात है सर यह दोनों बेल्ट्स थर्मली इंड्यूस्ड बेल्ट हैं इसमें कोई किसी प्रकार का शक नहीं है बोथ दी बेल्ट्स आर थर्मली इंड्यूस्ड बेल्ट नो डाउट अबाउट दैट लेट्स मूव ऑन फर्द अब एक बात समझो मान लीजिए ये सरफेस था इस सरफेस से हवा राइज की जब इस सरफेस से हवा राइज करेगी तो सरफेस पे प्रेशर लो अब ये जाके ऊपर एक प्रेशर कुकर का ढक्कन है जिसको हम ट्रोपोपॉज कहते हैं क्योंकि हमने जाना था सारे के सारे
वेदर फिनोमिना कहां होते हैं एयर की राइजिंग कहां होती है एयर का मूवमेंट कहां होता है सर जी ट्रोपो स्फेयर में ही होता है ट्रोपो स्फेयर के बाद स्ट्रेटोस्फीयर में ऐसा देखा नहीं जाता इसका मतलब यह है कि अगर यह प्रेशर कुकर का ढक्कन है नीचे लो प्रेशर था नीचे से हवा ऊपर उठी ऊपर आके क्या इस सरफेस पे दबाव बनाएगी जी हां इस पे दबाव बनाएगी तो यहां से जो हवा राइज हुई है उसका इस जोन में आके क्या इंपैक्ट देखा गया सर यहां पे इसका हाई प्रेशर का डेवलपमेंट देखा गया जब इसने हाई
प्रेशर का डेवलपमेंट ऊपर किया तो सर पोल पे क्या हुआ होगा सर पोल पे सरफेस पे तो हाई प्रेशर है बट अगर मैं सरफेस के इस अ अगर मैं पोल के ट्रोपो पोज पे देखूं तो वहां से हवा नीचे आ रही है वहां से हवा नीचे आ रही है तो ऊपर कौन सा प्रेशर बना होगा सर लो प्रेशर बना होगा अब समझते हैं कहानी क्या है देखो यहां से लो प्रेशर था ऊपर हाई प्रेशर है अब कोई व्यक्ति आके मुझे बोले कि सर कैसी बावली बात कर रहे हो कि लो प्रेशर से हाई प्रेशर हवा
कैसे जा रही है मैं कहता हूं ये एडवेक्शन नहीं है एडवेक्शन होता है हॉरिजॉन्टल हाई प्रेशर से लो प्रेशर का जो मूवमेंट है ये मूवमेंट हमेशा किस रूप में देखा जाता है मेरे दोस्तों यह हमेशा हॉरिजॉन्टल देखा जाता है वर्टिकल नहीं देखा जाता वर्टिकल में कौन काम कर रहा है सर तापमान काम कर रहा है ठीक है तो इस वजह से यहां पे ऊपर हाई प्रेशर हुआ जबकि हॉरिजॉन्टल लेवल पे हाई प्रेशर से लो प्रेशर में मूवमेंट होता है इसका मतलब ये है कि जो हवा ऊपर जाके यहां पे टकरा रही है तो इस हवा
को किस ओर आकर्षण मिलेगा सर इसको लो प्रेशर की ओर आकर्षण मिलेगा ये ट्रोपोपॉज से टकराने के बाद कहां जाने लगी लो प्रेशर की ओर जाने लगी बट जब ये लो प्रेशर की ओर जाने लगेगी ये हवा बहुत ही हैवी है हैवी क्यों है क्योंकि सर जैसे-जैसे इसका एल्टीट्यूड इंक्रीज होता रहा वैसे-वैसे इसका तापमान क्या होने लगा डिक्रीज होने लगा जब इसका तापमान डिक्रीज होने लगा तो ये हवा धीरे-धीरे ठंडी होती जा रही थी अब धरती रोटेट कर रही है रोटेशन है एक फोर्स और बताऊंगा अगली स्लाइड में दैट इज कोरिओलिस फोर्स रोटेशन है को
पुलिस फोर्स है तो क्या यह हवा पोल तक पहुंच पाएगी मैं कहता हूं सर यह हवा पोल तक नहीं पहुंच पाएगी रदर इस हवा का सब्सिडेंस 35 टू 30 डिग्री लटटू के ऊपर ही हो जाएगा 30 टू 35 डिग्री लटटू के ऊपर इसका क्या हो गया गिरना हो गया सब्सिडेंस हो गया दो कारण है इस सब्सिडेंस के पहला दो नहीं आप तीन भी बोल सकते हैं उसे पहला कारण तो यह है कि यह हवा बहुत ही भारी है भारी हवा का हमेशा प्रयास रहेगा कि मैं नीचे गिर जाऊं किसी भी तरीके से से गिर जाऊं
बट यह हवा पोल तक इसलिए नहीं पहुंच पा रही है क्योंकि इस धरती रोटेट करती है और उस रोटेशन के कारण एक फोर्स डेवलप होता है जिसे आप कोरिओलिस फोर्स के नाम से जानते हैं वो मैं अगली स्लाइड में आपको समझाऊ उस कोरिओलिस फोर्स के कारण यह पोल तक ना पहुंच के पहले ही गिर जाती है जब ये पहले ही इसका सब्सिडेंस हो गया तो वो कहां पे गिरती है सर 30° से 35° पे ये सवाल मैं क्लासेस में भी देखता हूं कि जनरली मुझसे पूछा जाता है कि सर आप एक बात बताओ ये 30
से 35 पे ही क्यों गिर रही है तो मैं उन्हें बोलता हूं बेटा हम ये नहीं समझते कि 30 35 पे क्यों गिर र है हम तो ये देखते जहां गिर रही है उन लटटू को देख लें तो हमने जब ऑब्जर्व किया तो पता लगा ये इन्हीं लटटू के आसपास इसका सब्सिडेंस होता है अगर ये 50 पे गिर रही होती ना तो मैं 30 35 नहीं 50 से पढ़ा रहा होता अगर ये 15 पे गिर रही होती तो मैं 15 से पढ़ा रहा होता तो ये बैकवर्ड इंटीग्रेशन है फर्स्ट वी ऑब्जर्व वयर दिस एयर इज
सबसाइट देन वी हैव गिवन दी आर्गुमेंट दैट यस इट इज सबसाइड एट 30 टू 35° बेल्ट अब एक बात का जवाब देना मुझे जहां से आपके सारे डाउट्स दूर हो जाएंगे जब इस हवा का सब्सिडेंस हुआ तो यहां पे कौन सा प्रेशर डेवलप हुआ सर हाई प्रेशर का डेवलपमेंट हुआ हाई प्रेशर के डेवलपमेंट के बाद यहां पे हाई प्रेशर यहां पे लो प्रेशर क्या ये हॉरिजॉन्टल है बिल्कुल सही बात है क्या हर हॉरिजॉन्टल लेवल पे हाई प्रेशर से लो प्रेशर कुछ हवाएं चलेंगी बिल्कुल सही बात है सर हवाएं चलेंगी और हमेशा याद रखें हॉरिजॉन्टल मूवमेंट
ऑफ एयर जो होता है उसे ही विंड कहा जाता है जनरली हम विंड और एयर को एक साथ यूज़ कर लेते हैं ऐसा नहीं है विंड हमेशा हॉरिजॉन्टल मूवमेंट है और वो किस वजह से डेवलप होता है प्रेशर डिफरेंस की वजह से हाई प्रेशर से लो प्रेशर किस मूवमेंट और किस प्रोसेस के थ्रू होता है सर एडवेक्शन प्रोसेस के थ्रू होता है अब सारे डॉट्स आपके कनेक्ट हो गए होंगे अब देखें यहां पे ये सेल कंप्लीट हो गया इस सेल को हमने किस नाम से जाना इस सेल को सबसे पहले जॉर्ज हेडले ने बताया तो
इसे हेडले सेल के नाम से जाना जाता है अब एक सवाल और भी आया कि सर आप बार-बार बोल रहे थे कि इंसुलेशन मैक्सिमम 30 35° पे होता है टेंपरेचर मैक्सिमम 30 35° पे होता है ऐसा क्यों है मैंने बोला था कि आप एक बार इस पूरे डायग्राम को देखें आपको अगर यहां से एक चीज क्लियर होती है इस चीज से यहां से एक चीज क्लियर होती है कि इंसुलेशन किस पे डिपेंड करता है सर ट्रांसपेरेंसी या यानी कि क्लाउड और डस्ट पे भी डिपेंड करता है बारिशें कब होती हैं सर बारिशें होती हैं जब
क्लाउड बने और क्लाउड कब बनते हैं जब हवा राइज करे या हवा सबसाइड करे सर इतनी बात तो हमने जानी है कि जब हवा राइज करती है तब धीरे-धीरे धीरे-धीरे उस हवा के अंदर का मॉइश्चर कंडेंस होने लगता है और यहां पे बादल बनने लगते हैं तो इक्वेटर पे इस वजह से बारिश हो जाती है बट जब हवा सबसाइड होगी जब हवा सबसाइड होगी तो क्या यहां पे किसी भी तरीके की बारिश होगी नहीं होगी क्लाउड्स होंगे नहीं होंगे यानी कि 30 35 डिग्री लटटू के ऊपर क्या हमें ट्रांसपेरेंसी सबसे ज्यादा दिखाई देगी जी हां
यहां पे सबसे ज्यादा ट्रांसपेरेंसी है इस कारण से इंसुलेशन मैक्सिमम यहां पे दिखाई हमें देता है अब एक बात तो समझ में आ गई कि इंसुलेशन मैक्सिमम यहां पे क्यों है उसका कारण मुझे पता लग गया कि सर यहां पे बादल नहीं है इसलिए बादल क्यों नहीं है क्योंकि सर हवा यहां पे सबसाइड करती है तो अब यह बात हमेशा ध्यान रखेंगे दूसरा डाउट बच्चों को यह आता है कि सर यहां पे टेंपरेचर ज्यादा था तो यहां पे हवा राइज कर गई यहां पे तो टेंपरेचर मैक्सिमम है फिर भी हवा राइज क्यों नहीं कर रही
तो समझो इस बात को वो क्या है ये जो बेल्ट बनी है दिस बेल्ट इज बिकॉज़ ऑफ दी डायनामिक रीजन ये टेंपरेचर की वजह से नहीं बनी है ये डायनामिक रीजन की वजह से बनी है डायनेमिक रीजन क्या है कि किसी तरीके से किसी फोर्स के कारण किसी फोर्स के कारण यहां पे हवा नीचे गिर गई अब मुझे बोला गया कि सर मान लो चलो आपकी यह बात भी मान ली कि यहां पे प्रेशर हाई हो गया बट जब धीरे-धीरे प्रेशर हाई हो गया बारिशें नहीं हुई इंसुलेशन ज्यादा हो गया टेंपरेचर मैक्सिमम हो गया फिर
तो हवा को ऊपर उठ जाना चाहिए मैंने बोला बिल्कुल सच्चाई है आपकी बात में बट प्रॉब्लम क्या होती है ये ये सरफेस गर्म हो गया मैक्सिमम टेंपरेचर है बट जैसे ही ये हवा ऊपर उठने लगेगी क्या ऊपर वाली हवा इसको जो नीचे आ रही है वो इसे उठने देगी सर कभी उठने नहीं देगी ये जो हवा नीचे आ रही है डिस्पाइना टेंपरेचर हेयर जैसे ही हवा ऊपर उठेगी ऊपर से हवाई से नीचे दबा देगी जैसे ही हवा ऊपर उठेगी ऊपर से हवाई से नीचे दबा देगी दिस इज द मेन रीजन अगर जिसको यह समझ में
आ गया जिंदगी में सारी चीजें समझ में आ गई होंगी इसी कारण से आप खुद समझो थोड़े समय में जब मैं जेटस्ट्रीम पढ़ाऊंगा तब ये बताऊंगा भारत में मार्च अप्रैल और मई के दरमियान बहुत सारी बहुत सारी हीटिंग होती है फिर भी भी हवा ऊपर उठ के बारिश नहीं देती क्योंकि ऊपर से चलने वाली जेट स्ट्रीम कुछ हवाएं नीचे की ओर भेजती है जिससे नीचे की हवा ऊपर उठ ही नहीं पाती ये क्लाइमेटोलॉजी है ये है कांसेप्चुअल बिल्डिंग जहां पे हमें आज तक ये समझ में नहीं आया होगा कि सर टेंपरेचर तो यहां पे मैक्सिमम
है यहां हाई प्रेशर बता रहे हो यहां टेंपरेचर फिर भी कम होता है फिर भी लो प्रेशर बता रहे हो यहां टेंपरेचर की वजह से हवा ऊपर उठ रही है बस अब यहां पे एक बार ध्यान से सुन लेना यहां टेंपरेचर की वजह से हवा ऊपर उ उठ रही है बट यहां पे हवा की वजह से हवा के नीचे गिरने की वजह से टेंपरेचर मैक्सिमम हो रहा है एक जगह कॉज एंड इफेक्ट है एक जगह इफेक्ट एंड कॉज है ये चीज आपको समझ में आनी चाहिए चलो अब हमने यह देख लिया कि चलो ठीक है
सर इस जगह पे हाई प्रेशर का डेवलपमेंट हो गया अगर आपको फिर भी यह बात समझ में नहीं आई है प्लीज पोज द वीडियो पीछ जाएं और वापस इसको ध्यान से सुने मैं क्या समझाने की कोशिश कर रहा हूं अगर ये लंबा वीडियो होता जिसमें स्पेसिफिकली मैं इन सेल्स की बात करता तो डेफिनेटली आई वुड हैव एक्सप्लेंड इट मोर इन मोर डिटेल चलो ये हो गया अब हाई प्रेशर से लो प्रेशर हवा यहां पे पहुंची तो ये कौन सी बेल्ट बनी सर ये डायनेमिक बेल्ट बनी कौन सा रीजन है सर 3035 रीजन को हम सबट्रॉपिकल
रीजन कहते हैं कौन सा प्रेशर है सर हाई प्रेशर है तो इसको क्या मैं सब ट्रॉपिकल हाई प्रेशर बेल्ट बोल सकता हूं जी हां यहां पे कौन सा सेल बन गया हेडली सेल बन गया नो डाउट अबाउट दैट नाउ लेट्स अंडरस्टैंड दिस पोजीशन यहां पे हाई प्रेशर है हाई प्रेशर का मतलब ये है कि ऊपर से हवा नीचे गिरी जब ऊपर से हवा नीचे गिरी तो क्या इस ओर जाएगी बिल्कुल सही बात है डायवर्ज होगी यहां से जब हवा नीचे की ओर गिरी है हवा जब नीचे की ओर गिरी है तो सरफेस से टकराने के
बाद हवा के दो भाग हुए ऐसे समझ लें कि हवा ऊपर से नीचे गिरी इस तरीके से चली गई ऊपर से नीचे गिरी और इस तरीके से चली गई ऊपर से नीचे गिरी और इस तरीके से चली गई एक तो चली गई पोल की तरफ और एक चली गई इक्वेटर की तरफ जो इक्वेटर की तरफ चली गई उसकी वजह से तो एक सेल बन गया हेडली सेल जो ऊपर से नीचे गिरी पोल की ओर जो जा रही है अब यह हवा कौन सी है गर्म हवा है बिल्कुल सही बात है पोल पे जो हवा नीचे
गिरी है वो कौन सी हवा है कोल्ड हवा है बिल्कुल ठीक है अब देखो हुआ ये एक साइड से गर्म ठंडी हवा आ रही है एक साइड से गर्म हवा आ रही है ठंडी हवा गर्म हवा ये ठंडी है ये गर्म है जो ठंडी हवा है वो ज्यादा भारी है इसलिए मैंने यहां पे पेन रखा है ठंडी हवा ज्यादा भारी है गर्म हवा कंपेरटिवली क्या है गर्म हवा कंपेरटिवली लाइट है तो क्या गर्म हवा ऊपर उठ जाएगी क्या ठंडी हवा अपने फोर्स के कारण अपने दबाव के कारण अपने अपने पोटेंशियल के कारण अपनी कैपेबिलिटी के
कारण अपनी क्षमता के कारण वर्म एयर को उठा देगा बिल्कुल सही बात है यहां से वर्म एयर क्या होने लगेगी राइज होने लगेगी तो क्या 6065 डिग्री के आसपास जो हवा का राइजिंग हुआ है वो किसी टेंपरेचर की वजह से हुआ है या किसी ठंडी हवा ने ने गर्म हवा को इतना इतना परेशान किया कि उसको बोला कि बेटा चलो ऊपर उठो ऊपर उठो चलो ऊपर उठके राइज हो जाओ ये हुआ है कोल्ड एयर की वजह से क्या वो थर्मली इंड्यूस्ड है या डायनेमिक इंड्यूस्ड है सर वो डायनेमिक इंड्यूस्ड है इस वजह से यहां से
हवा जब ऊपर की ओर उठी तो इस जगह पे प्रेशर कौन सा बन गया लो प्रेशर का डेवलपमेंट हो गया तो 6065 डिगी बेल्ट जिसको हम सब पोलर बेल्ट कहते हैं इसको हमने क्या बोला लो प्रेशर बेल्ट बोला और जब कोल्ड एयर और वार्म एयर आपस में टकराती हैं तो फ्रंट्स का डेवलपमेंट होता है जिसे हम थोड़े समय में समझेंगे तो इसे बोला गया बेल्ट ऑफ फ्रंट्स इसे क्या बोला जाता है बेल्ट ऑफ फ्रंट्स के नाम से जाना जाता है डन नाउ नेक्स्ट एस्पेक्ट जो मैं यहां पे बताना चाहता हूं उसको समझें जब ये हवा
राइज हुई राइज होने के बाद किससे टकराए गी ट्रोपोपॉज से यहां पे ट्रोपोपॉज पे कौन सा प्रेशर बना हाई प्रेशर हाई प्रेशर से कुछ हवा कहां जाने लगेगी लो प्रेशर की ओर और ये एक सेल कंप्लीट होगा इस सेल को हम किस नाम से जानते हैं पोलर सेल के नाम से जानते हैं ऑन दी अदर हैंड जब ये हवा इस डायरेक्शन में मूव करेगी टकराने के बाद तो दोनों साइड जाएगी टकराने के बाद अगर ये दोनों साइड जाएगी तो इस सेल को किस नाम से जाना जाएगा फेरल सेल के नाम से जाना जाएगा जिसे विलियम
एच फेरल ने सबसे पहले बताया इसीलिए इसे विल विलियम फेरल के नाम से फेरल सेल बोला जाता है यह पोलर एरिया में है इसीलिए पोलर सेल सेल यहां पे हेडले सेल फेरल सेल और पोलर सेल तीनों का निर्माण हमने देख लिया बट अब कुछ चीजें हैं जो मैं यहां पे बताना चाहता हूं देखिए होता क्या है जहां पे मैं खड़ा हूं मान लीजिए ये इक्वेटर है इस इक्वेटर के पास इस जगह से कुछ हवाएं आ रही हैं और इस जगह से भी कुछ हवाएं आ रही है 5 डिग्री साउथ से भी और 5 डिग्र नॉर्थ
से भी जो हवाएं आती हैं वो मेरे तक पहुंचने से पहले ही ऊपर उठ जाती हैं मेरे तक पहुंचने से पहले ही ऊपर उठ जाती है मैं खड़ा-खड़ा इंतजार करता रहा कि कोई भी हवा आएगी मेरे पास और फिर ऊपर उठेगी बट उससे पहले ही हवाएं क्या चली गई ऊपर उठ गई तो जहां पे मैं खड़ा हूं वहां पे क्या कोई हवा मुझे हॉरिजॉन्टल लेवल पे दिखाई देगी सर नहीं क्या वहां पे मुझे हवा के अंदर जो हमारा सतह होगा सतह के अंदर बिल्कुल कामने दिखाई देगी बिल्कुल सही बात है वो जो कामने स है
इस कारण से इस जोन को बोला जाता है बेल्ट ऑफ कामने या डोल ड्रम्स इसको हम बेल्ट ऑफ कामने बोलते हैं बेल्ट ऑफ कामने क्योंकि यहां पे हॉरिजॉन्टल विंड्स का एब्सेंट होता है हॉरिजॉन्टल विंड्स यहां पे नहीं होती हैं आपने कई बार महसूस भी किया होगा कि कभी-कभी बारिश हो रही है और कोई पेड़ का पत्ता भी नहीं हिल रहा पेड़ का पत्ता भी नहीं हिल रहा बारिशें हो रही हैं आपको लग रहा है भाई क्या चल रहा है ये कभी-कभी तो ऐसा होता है कि हवा चल रही है तो बादल उड़ा के ले जाएगी
और अगर वहां पर हवा नहीं चल रही तो क्या बारिशें लंबे समय तक होती हैं बिल्कुल सही बात बात है ऐसा ही यहां पे होता है यहां पे हॉरिजॉन्टल लेवल पे किसी प्रकार की कोई विंड का प्रेजेंस हमें दिखाई नहीं देता यहीं पे आप देखें मैं बोल रहा हूं ऊपर से हवा नीचे गिर रही है तो क्या सीधी गिरेगी या इस तरीके से गिरेगी बेटा वो सीधी नहीं गिरती है क्योंकि धरती गोल भी है और रोटेट भी कर रही है जिस वजह से ये हवाएं मैं सोच रहा था मैं 35° के बीच में खड़ा हूं
ऐसे आराम से कि मेरे पास कोई हवा आके नीचे गिरेगी बट जैसे ही हवा ऊपर से चली आके बेटा ये तो साइड होली मैं खड़ा रह गया तो यहां पे यह हवा इस तरीके से चली गई यह हवा इस तरीके से तो इस जगह पे कौन सा प्रेशर बेल्ट बना हाई प्रेशर तो बना बट क्या यहां पे हॉरिजॉन्टल लेवल पे कोई हवाएं ज्यादा दिखाई देंगी हॉरिजॉन्टल लेवल पे मुझे कोई ज्यादा यहां पे अ विंड का प्रेजेंस दिखाई नहीं देगा इसलिए क्या होता था पुराने जमाने में जब लोग सेल करने जाते थे मतलब बोट से सेलिंग
कर रहे हैं क्योंकि स्पेन से जब वो व्यापार करने जाते थे तो अपने साथ घोड़े लेक जाते थे बट जब वो समुद्र के अंदर इस एरिया में पहुंचते थे तब उन्हें लगता था कि उस बोट को आगे बढ़ाने वाली जो हवा है वो तो है ही नहीं तो उनको कुछ घोड़े अपने समुद्र के अंदर गिरा देने पड़ते थे इसीलिए इस बेल्ट को हॉर्स बेल्ट बोला जाता है हॉर्स लटटू के नाम से इसे जाना जाता है और जहां पे आपको फ्रंट का डेवलपमेंट होगा वहां पे बेल्ट ऑफ फ्रंट्स यानी कि बेल्ट ऑफ फ्रंट्स इज नथिंग बट
द सबपोलर लो प्रेशर बेल्ट तो हमने अब देखा तीन तरीके की बेल्ट का डेवलपमेंट हुआ वन इज इक्वेटोरियल लो प्रेशर बेल्ट जिसकी वजह से आ अ राइजिंग हुआ राइजिंग होने के बाद यह 35° लटटू पे गिरा जहां पे सबट्रॉपिकल हाई प्रेशर बेल्ट बनी और फिर हाई से लो कुछ हवाएं चली तो यह सेल कंप्लीट हुआ जिसको आपने हेडले सेल बोला फिर उसके बाद अगर आप देखें सब पोलर लो प्रेशर बेल्ट और पोलर हाई प्रेशर बेल्ट यहां की हाई प्रेशर से लो प्रेशर तक हवा जा रही थी जो कि राइज हो जाती है क्योंकि जो क्योंकि
गर्म है और गर्म हवा की राइजिंग के कारण यहां पे लो प्रेशर बेल्ट बनी और ऊपर जाके जब ये डाइवर्ट होती है तो ये दोनों साइडों में गिरेगी जहां पे पोलर रीजन पे पोलर हाई प्रेशर बेल्ट और पोलर सेल का फॉर्मेशन होता है ये लार्ज लैंडमासेस के ऊपर आप देखें अब इसका एप्लीकेशन देखें एप्लीकेशन यह है कि हमने एक बात जानी थी कि ये जो पूरी सिचुएशन आपको समझाई गई वो इक्विनोक्स की है जहां पे सन इज ओवरहेड एट इक्वेटर बट क्या सन हमेशा ओवरहेड रहता है इक्वेटर पे या सन का मूवमेंट भी होता है
सर सन का अपेरेंट मूवमेंट होता है अपेरेंट मूवमेंट सन का अगर नॉर्थ की साइड में होगा तो क्या मैं कहता हूं ये सारी बेल्ट्स नॉर्थ की ओर शिफ्ट होने लगेंगी जी हां ऐसा ही देखा जाता है इन बेल्ट्स का शिफ्टिंग होगा जब ये जब सन का अपेरेंट मूवमेंट टुवर्ड्स नॉर्थ देखा जाएगा और सन का अपेरेंट मूवमेंट अगर साउथ होगा तो आपको जो मूवमेंट है वो कहां दिखाई देगा साउथ में दिखाई देगा बट ज्यादा लैंड मास कहां पे है ज्यादा लैंड मास नॉर्थ में है इसीलिए जो बेल्ट्स का प्रॉमिनेंट मूवमेंट होता है प्रॉमिनेंट मूवमेंट जो बेल्ट
का होगा प्रॉमिनेंट मूवमेंट ये वर्ड याद रखना प्रॉमिनेंट जो बेल्ट का मूवमेंट है वो आपको कहां दिखाई देगा टुवर्ड्स नॉर्थ दिखाई देगा क्यों क्योंकि यहां पे लैंड मास ज्यादा है और आपको पता है लैंड ज्यादा होने के कारण उसमें वेरिएशन भी बहुत ज्यादा होते हैं पानी के कारण वेरिएशन कंपेरटिवली कम देखे जाते हैं सो ये हमने देख लिया कि डोलड्रम का जो जन है वो काम जन है होर्स लटटू का जन काम जोन है सब्सिडेंस है क्लाउड्स नहीं है रेनफॉल नहीं है टेंपरेचर मैक्सिमम है और यहां पे आप जो अ लो प्रेशर का एस्पेक्ट देख
रहे हैं जिसमें हवा ऊपर उठ रही है हॉरिजॉन्टल एयर नहीं है विंड नहीं है इक्वेटोरियल लो प्रेशर बेल्ट है जहां पे बारिशें नहीं है बादल नहीं है तो क्या हमें यहां पे डेजर्ट का फॉर्मेशन दिखाई देगा दुनिया के सारे डेजर्ट इसीलिए इी मार्जिन के अंदर आपको देखे देखने को मिलेंगे चलिए अब हमने इन बेल्ट्स को समझ लिया सबपोलर लो प्रेशर बेल्ट सबट्रॉपिकल हाई प्रेशर बेल्ट यह सब क्या होती हैं इनको समझने के बाद अब हमने यहां पे एक चीज देखी कि इक्ट रियल लो प्रेशर बेल्ट और पोलर हाई प्रेशर बेल्ट ये जो बेल्ट है ये
थर्मली इंड्यूस्ड हैं ऑन द अदर हैंड सबट्रॉपिकल हाई प्रेशर बेल्ट और पोलर हाई प्रेशर बेल्ट ये दोनों डायनामिक इंड्यूस्ड हैं यहां पे हेडली सेल पोलर सेल फेरल सेल इन तीनों सेल्स का फॉर्मेशन होता नाउ वी विल टॉक अबाउट विंड्स एज आई हैव मेंशन अबाउट प्रेशर बेल्ट्स तो आप ये समझें प्रेशर बेल्ट्स के कंसीक्वेंस के रूप में ही आपको विंड्स दिखाई देंगे क्यों ऐसा होता है क्योंकि हॉरिजॉन्टल मूवमेंट जो एयर का होता है उसे विंड बोला जाता है और यह जो हॉरिजॉन्टल मूवमेंट है इसको करने के लिए सबसे पहली आवश्यकता होती है प्रेशर का डिफरेंस और
वो प्रेशर का डिफरेंस यानी कि अगर एक जगह पे हाई प्रेशर हो और दूसरी जगह पे लो प्रेशर तो वहां पे हाई प्रेशर से लो प्रेशर कुछ हॉरिजॉन्टल मूवमेंट होने लगेगा एयर का उसे ही हमने विंड बोला और यही प्रोसेस जो है जिसके बारे में हमने पहले भी डिस्कस किया था जिसे हम किस नाम से जानते हैं एडवेक्शन प्रोसेस के नाम से जानते हैं तो पहली बात जो हमने समझी है वो यह है कि हॉरिजॉन्टल मूवमेंट ऑफ एयर इज समथिंग वी कॉल एज विंड सेकंड ये हॉरिजॉन्टल मूवमेंट होता क्यों है क्योंकि कहीं पे हाई प्रेशर
है और कहीं पे लो प्रेशर तो हाई प्रेशर से लो प्रेशर की ओर हवाएं चलने लगेंगी दूसरी बात जो हमें यहां जाननी है कि किसी भी विंड का नाम कैसे दिया जाता है उस विंड को नाम दिया जाता है उसके प्लेस ऑफ ओरिजिन के मुताबिक मान लीजिए कोई एक विंड अगर वेस्टर्न पार्ट से ओरिजनेट हो रही है तो उसे हम वेस्ट लीज कहेंगे अगर उस विंड का जो ओरिजिनेशन है वोह ईस्टर्न पार्ट से है तो उसे हम ईस्टर लीज कहेंगे नाउ व्हेन वी टॉक अबाउट विंड वी नीड टू अंडरस्टैंड वन थिंग दैट विंड के साथ
दो चीजें एसोसिएटेड है पहली चीज है कि उस विंड की स्पीड कितनी है दूसरा उस विंड की डायरेक्शन क्या है और उसकी स्पीड और डायरेक्शन को प्रभावित करने वाले फैक्टर्स कौन-कौन से होते हैं या फोर्सेस कौन से हैं सबसे पहली चीज जो विंड को प्रभावित करने वाला उसकी स्पीड को प्रभावित करने वाला फोर्स होता है उसे हम बोलते हैं प्रेशर ग्रेडिएंट फोर्स जी हां प्रेशर ग्रेडिएंट फोर्स का मतलब है कि कितना प्रेशर डिफरेंस है उस प्रेशर डिफरेंस के अकॉर्डिंग ही विंड की स्पीड डिसाइड होती है सेकंड वुड बी द फ्रिक्शनल फोर्स एंड उसकी डायरेक्शन को
प्रभावित करने वाला फर्स होता है कोरिओलिस फोर्स अब जब हम विंड की स्पीड की बात करते हैं और अगर हम बात कर रहे हैं प्रेशर ग्रेडिएंट फोर्स की तो हमें यहां पे एक वर्ड के बारे में जानना है दैट इज आइस बार एज आई हैव मेंशन अर्लिया समथिंग अबाउट आइसोथर्म्स आइसोथर्म्स आर द लाइन जॉइनिंग द इक्वल टेंपरेचर और सेम टेंपरेचर कंडीशंस है ना वैसे ही आइसो बार भी एक ऐसी लाइन है जहां पे इक्वल प्रेशर कंडीशंस देखी जाती हैं बिल्कुल सिंपल सीधी सी बात है अब मान लीजिए मैं आपको यहां पे दो सिनेरियो बता रहा
हूं फर्स्ट सिनेरियो के अंदर यहां पे आपके पास दो आइसोबर्स हैं पहला आइसो बार है 1008 मिली बार का 1008 एब का आइसो बार है दूसरा आइसो बार है 990 मिली बार का इन दोनों को देखते हुए मुझे एहसास हुआ वन इज एट हाई प्रेशर एंड सेकंड वन इज एट लो प्रेशर तो विंड की स्पीड क्या होगी विंड की स्पीड निर्भर करेगी इन दोनों के प्रेशर डिफरेंस पे प्रेशर डिफरेंस क्या आया 18 मिली बार तो यहां से एक हवा चलने लगी इस जगह से हाई प्रेशर से लो प्रेशर की ओर जो हमेशा चलती है हमारा
पहला मकसद तो हमें पता है विंड कहां से कहां चलेगी विंड्स विल ऑलवेज ट्रेवल फ्रॉम हाई प्रेशर टू लो प्रेशर यह तो तय है चलिए यहां पे प्रेशर डिफरेंस कितना आया 18 मिली बार का दूसरी सिचुएशन में मैंने बोला कि एक आइसो बार है 1000 एबी पे और दूसरा आइसो बार है 990 एब पे तो यहां पे ये हाई प्रेशर पे है ये लो प्रेशर पे तो विंड कहां से कहां चलनी चाहिए हाई प्रेशर से लो प्रेशर कोई शक नहीं है बट अगर मैं इन दोनों सिचुएशन को कंपेयर करूंगा तो मुझे पता लगेगा कि प्रेशर
डिफरेंस जो है वो पहली सिचुएशन में सिचुएशन नंबर ए में कंपैरेटिव सिचुएशन बी से ज्यादा है अगर ये आइसो बार अगर ये प्रेशर डिफरेंस ज्यादा है तो विंड की वेलोसिटी ज्यादा कहां पे होगी सिचुएशन ए में तो विंड की वेलोसिटी या विंड की अगर हम स्पीड की बात करें तो ये स्पीड जो है ये डायरेक्टली डिपेंड करती है कि प्रेशर डिफरेंस कितना है अगर प्रेशर डिफरेंस ज्यादा होगा तो विंड की स्पीड भी ज्यादा होगी चलिए एक बात दूसरा एक और सिचुएशन मैं आपको देता हूं देखें अब हमने a और b को कंपेयर किया था अब
मैं b और c को कंपेयर कर रहा हूं यह बड़ी इंटरेस्टिंग सी बात है B में आपने देखा पहला आइसो बार इज एट 1000 एब सेकंड आइसो बार इज एट 990 मिली बार पहला हाई प्रेशर दूसरा लो प्रेशर आपने प्रेशर ग्रेडिएंट निकाला 10 मिली बार का दूसरी सिचुएशन में भी क्या था जो एक आइसो बार है दैट इज एट 1000 मिली बार सेकंड आइसो बार इज एट 990 मिली बार प्रेशर डिफरेंस यहां पे भी 10 मिली बार का ही है बट दोनों सिचुएशन में डिफरेंस यह है मेरे दोस्तों कि इन दोनों में जो सिचुएशन नंबर
सी है वहां पे 10 मि बार का डिफरेंस कंपैरेटिव छोटे डिस्टेंस के अंदर आपको दिखाई दे रहा है इसका मतलब यह है कि यहां पे जो चेंजेज हो रहे होंगे 1000 मिली बार से 990 मिली बार तक बहुत जल्दी आप पहुंच गए बट यहां पे 1000 मिली बार से 990 मिली बार तक पहुंचने में थोड़ा वक्त लगेगा थोड़ा ज्यादा चलना पड़ेगा तो आप एक बात बताओ अगर दो दोनों सिचुएशंस आपके सामने हैं तो आपको कहां ज्यादा चेंज दिखाई देगा जल्दी चेंज दिखाई देगा सर चेंज तो सेम है बट जल्दी चेंज कहां हो रहा होगा सर
यहां हो रहा होगा क्यों क्योंकि यहां पे आइसोबर्स आर क्लोजल स्पेसड यहां पे आइसो बार के अंदर स्पेस के अंदर डिफरेंस है यहां पे आइसो बार के स्पेस के अंदर कंपैरेटिव डिफरेंस कम है तो इसका मतलब ये है कि जब दो आइसोबर्स क्लोजल स्पेसड होते हैं तो वो इंडिकेट करते हैं रैपिड चेंज इन प्रेशर रैपिड चेंज इन प्रेशर तो b और c में वेलोसिटी ज्यादा किसकी होगी भले ही प्रेशर डिफरेंस सेम है फिर भी सिचुएशन नंबर सी में विंड की जो स्पीड है वो कंपैरेटिव ज्यादा देखी जाएगी सो दिस इज अबाउट दी प्रेशर ग्रेडिएंट फोर्स
सेकंड फोर्स जो है दैट इज समथिंग वी कॉल एज फ्रिक्शनल फर्स फ्रिक्शनल फर्स का मतलब है जैसे-जैसे फ्रिक्शन ज्यादा महसूस होगा वैसे-वैसे स्पीड क्या हो जाती है कम हो जाती है जब भी आप देखें मान लीजिए कोई हवा च चल रही है जो कि सरफेस के बहुत ही पास चल रही है तो वो सरफेस के साथ फ्रिक्शन जनरेट करेगी उस फ्रिक्शन के कारण कंपैरेटिव उसकी स्पीड क्या हो जाएगी कम हो जाएगी और जैसे ही आप इससे थोड़ा सा ऊपर उठ जाएंगे तब आपको सरफेस से दूर जाने वाली जो दूर होगी जो हवा जो ऊपर हवा
होगी उसको किसी प्रकार का फ्रिक्शन नहीं मिल रहा तो ये कंपैरेटिव फास्ट होगी यहां पे तीन कंपेरिजन मैंने आपके सामने लिखे हैं लैंड के ऊपर फ्रिक्शन सबसे ज्यादा है इसलिए स्पीड सबसे कम होती है ओशियन के ऊपर फ्रिक्शन कंपैरेटिव कम होता है लैंड से तो स्पीड कंपैरेटिव ज्यादा होती है जबकि जब हम अपर ट्रोपो स्फेयर पे चले जाएंगे ट्रोपो स्फेयर के ऊपर चले जाएंगे तब हमें पता लगेगा कि भाई साहब वहां तो ना पानी का फ्रिक्शन है और ना ही सरफेस का फ्रिक्शन है वहां पे फ्रिक्शन सबसे कम होगा इस वजह से स्पीड सबसे ज्यादा
होगी इसी कारण से आप जानेंगे जो अप्पर ट्रोपो स्फेयर में चलने वाली विंड्स होती हैं इन विंड्स की जो जो स्पीड होती है वह सबसे ज्यादा होती है यह फास्टेस्ट विंड्स होती हैं और इन्हीं से हम आगे चलकर एक विंड के बारे में बात करेंगे जिसे हम जेट स्ट्रीम के नाम से जानते हैं अब इसका आता है डायरेक्शन का प्रोस्पेक्ट डायरेक्शन को प्रभावित करने के लिए सबसे इंपॉर्टेंट कांसेप्ट जो हमें अभी समझना है दैट इज कोरिओलिस फोर्स दो हम कोरिओलिस फोर्स को जब जानने की कोशिश करते हैं तब हमें ऐसा लगता है कि यह कोई
एक फिजिकल फोर्स होगा यह कोई फिजिकल फोर्स नहीं है फिजिकल फोर्स का मतलब यह है मान लो मान लो मैं इस दीवार को बहुत तेज मुक्का मारता हूं तो मैंने फोर्स लगाया तो क्या मुझे महसूस होगा हाथों पर फिजिकली हां जी बहुत तेज महसूस होगा है ना बट कोरिओलिस फोर्स ऐसा कोई फिजिकल फोर्स नहीं है यह सिर्फ एक इल्यूजन है यह सिर्फ एक अपेरेंट फोर्स है अपेरेंट फोर्स का मतलब यह सिर्फ हमें अपीयर होता है बट ऐसा फोर्स नहीं है क्यों ऐसा है उसको हम एक एग्जांपल की सहायता से समझते हैं जाइए कोरिओलिस फोर्स को
बट मैं आपको एक सिचुएशन दे रहा हूं वो समझते हैं मान लीजिए दो लोग हैं जो कि एक घूमने वाला झूला जिसे हम मेरीगो राउंड कहते हैं वहां पे खेल रहे हैं और वो क्या खेल रहे हैं बॉल को एक दूसरे को कैच कैच खिलवा रहे हैं हो ये रहा है कि नंबर पर्सन ए एंड एक है पर्सन बी ये जब पर्सन ए बी को बॉल फेंकता है तो बी कैच कर लेता है बी ए को बॉल फेंकता है तो ए कैच कर लेता है अभी तक ये झूला रुका हुआ था जब भी b a
के पास बॉल थ्रो करता है तो ए हमेशा उसे कैच कर लेता है क्योंकि बी ने ए की आंखों में आंखें डाली और बॉल फेंक दी ए ने बॉल कैच कर ली बट व्हाट हैपेंड इज मेरे जैसा कोई दुष्ट व्यक्ति आया उसने क्या किया इस झूले को घुमा दिया जब यह झूला घूमने लगा तो b तो a को देखते हुए बॉल फेंक रहा है बट वो बॉल a तक नहीं पहुंचेगी रदर वो क्या हो जाएगी डिफ्लेक्ड हो जाएगी अब ये डिफ्लेक्शन क्यों हुआ ये डिफ्लेक्शन इसलिए हुआ बेटा क्योंकि यह धरती जो क्योंकि यह झूला घूमने
लगा यानी कि बी ने तो अपने हिसाब से बॉल को सीधा ही फेंका था बट अगर आप झूले से नीचे उतर के देखेंगे तो आपको बॉल सीधी जाती हुई दिखाई नहीं देगी फेंकी तो सीधी गई थी बट आपको अपीयर कैसी हुई डिफ्लेक्ड अपीयर हुई ये क्यों डिफ्लेक्शन आया क्योंकि उस झूले के घूमने के कारण उस झूले के घूमने के कारण बी के बी ने जो बॉल फेंकी है उस बॉल को कुछ अलग वेलोसिटीज भी मिली उसको कुछ अलग डायरेक्शन भी मिली इसी कारण से डिफ्लेक्शन देखा गया तो पहला पॉइंट जो आपको याद रखना है वो
ये है कोरिओलिस फोर्स कोई फिजिकल फोर्स नहीं है दिस इज जस्ट एन अपेरेंट फोर्स जो कि हमें अपीयर होता है अपीयर क्यों होता है क्योंकि जैसे ये झूला घूम रहा है वैसे ही ये धरती भी घूम रही है और अगर धरती घूम रही है तो अगर आप समझे कि मैं हाई प्रेशर पे हूं और ये सामने स्क्रीन लो प्रेशर पे तो तो आपको लगे कि यहां से हवा सीधी जानी चाहिए बट वो हवा सीधी नहीं जाएगी क्योंकि हवा जब हाई प्रेशर से लो प्रेशर की ओर जाने लगेगी तो वो कुछ ना कुछ अमाउंट में डिफ्लेक्ड
हो जाएगी और वही डिफ्लेक्शन जो कि अर्थ के रोटेशन के कारण आया है उसे ही हम क्या कहते हैं कोरिओलिस फोर्स कहते हैं कोलिस फोर्स की जानकारी मैंने सारी यहां पे लिखी है इसको हम पॉइंट बाय पॉइंट समझने की कोशिश करते हैं कोलिस फोर्स क्या होता है दिस दि इज एन अपेरेंट फोर्स व्हिच इज जनरे बिकॉज ऑफ द रोटेशन ऑफ अर्थ रोटेशन ऑफ अर्थ के कारण यह जनरेट हुआ कोरिओलिस फोर्स का मतलब आज के बाद आपके लिए कुछ नहीं है अगर आप इस एग्जाम के लिए अभी इस समय पर तैयारी करनी शुरू किए तो मैं
बता देता हूं आपको कोरिओलिस फोर्स का मतलब सिर्फ एक ही समझना है दैट इज डिफ्लेक्शन सिंपल एज दैट अगर मैं बोलूं कोरिओलिस फोर्स ज्यादा तो आप बोलेंगे सर कुछ नहीं डिफ्लेक्शन भी क्या होगा ज्यादा होगा अगर आप बोलेंगे कोरिओलिस फोर्स कम तो डिफ्लेक्शन भी क्या है कंपैरेटिव कम कोलिस फोर्स का मतलब ही डिफ्लेक्शन है ठीक है मैं अदर वाइज प्रूफ भी कर देता कि ये डिफ्लेक्शन क्यों हुआ बट अभी के लिए हमें सिर्फ इसको याद रखना है सेकंड चीज इट कॉसेस डिफ्लेक्शन इन द विंड डायरेक्शन एज वेल एज वाटर मूवमेंट यानी कि कोरिओलिस फोर्स के
कारण विंड की डायरेक्शन में भी चेंज होता है डिफ्लेक्शन होता है और वाटर मूवमेंट में भी डिफ्लेक्शन देखा जाता है दो चीजें हमने जानी अब यह किस तरी से डिफलेक्ट करती है और कोरिओलिस फोर्स की वैल्यू क्या होती है वह आपको समझना है मैं आपको एक छोटा सा फार्मूला बता रहा हूं यहां पे उस फार्मूला को अगर आप याद रखेंगे क्योंकि जब इसके बारे में लोगों ने जाना तो उसको उस फार्मूला को ढूंढने की कोशिश की गई कि कोलिस फोर्स का मान कैसे निकाला जाए उसकी वैल्यू कैसे निकाली जाए तो एक रिजल्ट आया वो रिजल्ट
क्या था कोरिओलिस फोर्स जो है इट इज प्रोपोर्शनल टू वेलोसिटी इन साइ लडा अब जो साइन जो साइंस बैकग्राउंड के लोग हैं व समझ पाएंगे कि सा थीटा क थीटा आपने पढ़ा होगा लैडा यहां पे क्या है लडा यहां पे है लटटू का एंगल लडा यहां पे क्या है लटटू एंगल और v यहां पे क्या है वेलोसिटी यानी कि दो चीजें मुझे समझ में आई इस फार्मूला से कि कोलिस फोर्स इज प्रोपोर्शनल टू लेटी ट्यूड एंगल अगर मैं इक्वेटर की बात करता हूं तो इक्वेटर पे लैडा की वैल्यू है 0 डिग्री और पोल्स पे लडा
की वैल्यू है 90° तो सा 0 का मतलब क्या हुआ कोलिस फोर्स वुड बी ज़ीरो इसका तात्पर्य यह है कि कोलिस फोर्स जो है वो मिनिमम या जीरो होगा कहां पे इक्वेटर पे और कोलिस फर्स मैक्सिमम होगा कहां पे पोल्स पे क्योंकि सा लडा की मैक्सिमम वैल्यू कहां पे आती है sin90 पे इसका मतलब यह हुआ कि इक्वेटर पे कोलिस फर्स जीरो है और पोल्स पे कोलिस फोर्स मैक्सिमम देखा जाता है इसी कारण से क्या कभी भी इक्वेटर के पास आपको डिफ्लेक्शन ज्यादा दिखाई देंगे नहीं सर डिफ्लेक्शन दिखाई नहीं देंगे इसी कारण से कोरिओलिस फोर्स
इक्वेटर पे जीरो होने के कारण ही आपको यहां पे कभी भी इक्वेटोरियल रीजन में साइक्लोन जैसी घटनाएं घटित होता दिखाई नहीं देंगी साइक्लोन जैसी घटनाएं घटित होती हुई दिखाई नहीं देंगी अब एक चीज आपको और याद रखनी है यहां पे वो यह है कि कोरिओलिस फोर्स डिफ्लेक्ड कहां करता है कोरिओलिस फोर्स का जो डिफ्लेक्शन है द डिफ्लेक्शन ऑफ कोलिस फोर्स ऑफ टू द विंड इज राइट इन द नॉर्दर्न हेमिस्फीयर एंड टुवर्ड्स लेफ्ट इन द सदर्न हेमिस्फीयर सदर्न हेमिस्फीयर में यह डिफ्लेक्ड करता है विंड्स को लेफ्ट में और नॉर्दर्न हेमिस्फीयर में राइट में यहां से आपको
समझ में आया कुछ इंफॉर्मेशन वो क्या है सबसे पहली इंफॉर्मेशन यह कि जो कोरिओलिस फोर्स है दिस कोरिओलिस फोर्स इज डिफलेक्टिंग विंड्स टुवर्ड्स राइट राइट इन दी नॉर्दन हेमिस्फीयर राइट इन दी नॉर्दर्न हेमिस्फीयर एंड टुवर्ड्स लेफ्ट इन दी सदर्न हेमिस्फीयर टुवर्ड्स लेफ्ट इन दी सदर्न हेमिस्फीयर चले एक बात और दूसरा कोरिओलिस फोर्स की जो वैल्यू है वो मैक्सिमम होती है कहां पे मैक्सिमम होती है सर पोल्स पे और सर इक्वेटर पे उसकी वैल्यू क्या है इक्वेटर पे वैल्यू क्या है जीरो है इक्वेटर पे तो जीरो है बट एक बात बताओ मैं अगर आपको इक्वेटोरियल रीजन
बोलूं अगर मैं बोलूं इक्वेटोरियल रीजन रीजन का मतलब यह होता है 5 डिग्री 10 डिग्री नॉर्थ साउथ लटटू तो उस रीजन में इसकी वैल्यू क्या होगी मिनिमम होगी राइट इक्वेटोरियल रीजन में वैल्यू क्या है मिनिमम है जहां पे इक्वेटर आ जाएगा वहां पे आपको इसकी वैल्यू क्या दिखाई देगी जीरो दिखाई देगी फर्क है शब्दों में थोड़ा याद रखिएगा इसके साथ-साथ कोरिओलिस फोर्स जो है यह बात आपको याद रखनी है कोरिओलिस फोर्स जो है ये एक्ट करता है परपेंडिकुलर टू दी विंड परपेंडिकुलर टू दी विंड जैसे कि मान लीजिए मैं आपको एक सिचुएशन बताता हूं ये
दो आइसोबर्स हैं इन दो आइसोबर्स को देखते हुए क्या आपको एहसास हो रहा है कि इफ दिस इज एट हाई प्रेशर एंड दिस वन इज एट लो प्रेशर तो यहां पे इस डायरेक्शन में आपको क्या दिखाई देगा सर प्रेशर ग्रेडिएंट फोर्स दिखाई देगा हाई प्रेशर से लो प्रेशर के बीच में और जहां पे प्रेशर ग्रेडिएंट फोर्स होगा अगर ये धरती रुकी हुई होती अगर यह धरती रुकी हुई होती ध्यान से सुनना अगर यह धरती रुकी हुई होती तो विंड की डायरेक्शन क्या होनी थी सर विंड की डायरेक्शन यही होनी थी जिस डायरेक्शन में प्रेशर ग्रेडिएंट
फर्स है बट ये धरती रुकी हुई है नहीं सर चल रही है और कोरिओलिस फोर्स एक्ट करता है वो एक्ट करता है किसके परपेंडिकुलर सर विंड के परपेंडिकुलर तो क्या मैं कह सकता हूं अब ये कोलिस फोर्स इस विंड के परपेंडिकुलर एक्ट करेगा और जिस विंड ने सीधा जाना था अब वो विंड इस डायरेक्शन में डिफ्लेक्ड हो जाएगी अगर ये कौन सा हेमिस्फीयर है अगर ये हेमिस्फीयर है नॉर्दर्न हेमिस्फीयर अगर ये कौन सा हेमिस्फीयर है नॉर्दर्न हेमिस्फीयर है तो ये विंड अपनी डायरेक्शन से राइट में क्या हो गई डिफ्लेक्ड हो गई तो ये पूरी इंफॉर्मेशन
आपको याद रखनी है एक्ट्स परपेंडिकुलर टू द विंड डायरेक्शन इट विल कॉज द डिफ्लेक्शन इन दी वाटर मूवमेंट एज वेल एज टू द विंड्स इट इज एन अपेरेंट फोर्स इट इज इट इज जीरो एट इक्वेटर मैक्सिमम एट पोल्स एंड फ्रॉम इक्वेटर टिल पोल्स द वैल्यू इंक्रीजस इसका जो फार्मूला है दैट इज प्रोपोर्शनल टू दी साइन लडा अब एक बात इसमें रह गई दैट इज v वेलोसिटी अगर मान लीजिए कोरिओलिस फोर्स वेलोसिटी ऑफ विंड के प्रोपोर्शनल है तो इसका मतलब यह है कि जितनी ज्यादा स्पीड से हवाएं चल रही होंगी वह उतना ज्यादा डिफ्लेक्ड करेंगी अगर
कोई हवा थोड़ा ी में चल रही है तो उसको डिफ्लेक्शन कम है हवा अगर बहुत तेज चलेगी तो उस परे डिफ्लेक्शन और ज्यादा देखा जाएगा अब एक बात बताओ एक हवा चल रही है लैंड पे एक हवा चल रही है अपर ट्रोपो स्फेयर में ज्यादा डिफ्लेक्शन किस पे होगा कमेंट सेक्शन में बताइएगा चलिए नेक्स्ट अगर हम बात करते हैं तो अब हमने देखा था इक्वेटोरियल लो प्रेशर बेल्ट सबट्रॉपिकल हाई प्रेशर बेल्ट सबपोलर लो प्रेशर बेल्ट एंड पोलर हाई बेल्ट इन सब से हमें विंड सिस्टम को जनरेट करना है जब आप इन विंड सिस्टम को देखते
हैं तब आपको एक चीज का एहसास हो जाएगा कि पूरी धरती के ऊपर इन प्रेशर बेल्ट्स का फॉर्मेशन हुआ है और ये प्रेशर बेल्ट्स इस धरती के ऊपर परमानेंट हैं अगर ये परमानेंट प्रेशर बेल्ट्स हैं तो डेफिनेटली इन बेल्ट्स की वजह से हाई प्रेशर और लो प्रेशर जो जनरेट हो रहे हैं उनसे कुछ हवाओं का जनरेशन होगा वो जो हवाएं होंगी उन विंड्स को भी परमानेंट विंड्स कहा जाएगा उनको भी कौन सी विंड्स कहा जाएगा परमानेंट विंड्स कहा जाएगा दूसरा क्या यह पूरे प्लेनेट पर होंगी जी हां यह पूरे प्लेनेट पर आपको दिखाई दे रही
हैं इसीलिए उन विंड्स को प्लेनेटरी विंड्स भी कहा जाएगा परमानेंट विंड भी कहा जाएगा और प्लेनेटरी विंड भी कहा जाएगा तो आज हम अभी इस समय समझने वाले हैं विंड सिस्टम ऑफ दी वर्ल्ड को विंड सिस्टम ऑफ दी वर्ल्ड को समझने के लिए मैं आपको एक छोटा सा एक छोटा सा एग्जांपल देता हूं जिससे आपको क्लेरिटी ऑफ थॉट भी आ जाएगा मान लीजिए वी हैव हेयर इज वन बे जिसको आप इक्वेटोरियल लो प्रेशर बेल्ट के नाम से जानते हैं एंड सेकंड बेल्ट वी हैव इज जो सेकंड बेल्ट हमारे पास है वह है सबट्रॉपिकल हाई प्रेशर
बेल्ट तो विंड सिस्टम कैसे जनरेट होना है उसकी मैं जानकारी आपको दे रहा हूं थोड़ा ध्यान से समझने की कोशिश कीजिएगा यह जो पहली बेल्ट है दिस बेल्ट इज इक्वेटोरियल लो प्रेशर बेल्ट एंड दिस बेल्ट इज सबट्रॉपिकल हाई प्रेशर बेल्ट आपने कैसे इस विंड सिस्टम को बनाना है उसको समझिए पहला चीज दिमाग में आता है जो विंड्स हैं उसका बेसिक ये कहता है कि विंड्स हमेशा चलती हैं हाई प्रेशर से लो प्रेशर की ओर ठीक है सर विंड्स चलती हैं हाई प्रेशर से लो प्रेशर की ओर तो विंड को चलना चाहिए सर इस डायरेक्शन में
हाई प्रेशर से लो प्रेशर की ओर सर हम कौन से हेमिस्फीयर में हैं सर हम नॉर्दर्न हेमिस्फीयर में हैं हम कौन से हेमिस्फीयर में हैं नॉर्दर्न हेमिस्फीयर में है विंड्स को चलना चाहिए हाई प्रेशर से लो प्रेशर की ओर और अगर हम नॉर्दर्न हेमिस्फीयर में हैं तो कोरिओलिस फोर्स कैसे एक्ट करेगा सर कोरिओलिस फोर्स इस विंड को उसकी डायरेक्शन से कहां पे डिफ्लेक्ड करेगा डिफलेक्ट करेगा टुवर्ड्स राइट सर ये विंड चल रही है इस डायरेक्शन में तो आप इस विंड की डायरेक्शन में खड़े हो जाइए मैं इस विंड की डायरेक्शन में खड़ा हो गया विंड
इस तरीके से चल रही है अब इस तरीके से जो विंड चल रही है नॉर्दर्न हेमिस्फीयर में इसका डिफ्लेक्शन होगा टुवर्ड्स राइट जब इसका डिफ्लेक्शन टुवर्ड्स राइट होगा तो वो राइट टुवर्ड्स कौन सा है वो राइट है इस डायरेक्शन में इसका डिफ्लेक्शन हमें देखने को मिलेगा तो क्या यह हवाएं जो आप सोच रहे थे सीधी चलने वाली हैं यह हवाएं अब सीधी नहीं चल रही होंगी यह डिफ्लेक्ड होके चल रही होंगी और अगर इसका नाम मैं देना चाहूं तो क्या नाम होगा सर अगर यह नॉर्थ यह साउथ यह ईस्ट और यह वेस्ट है तो एक
बात बताओ अगर यह हवाएं इस डायरेक्शन से आ रही हैं तो यह कौन सी डायरेक्शन है ये कौन सा पॉइंट है सर यह है नॉर्थ ईस्ट तो इन हवाओं को बोला जाएगा नॉर्थ ईस्टर लीज इनको क्या बोल दिया सर इनको बोल दिया नॉर्थ ईस्टर्लीज ठीक है सर अब एक बात और बताओ सर यहां पे ये तो समझ में आ गया इसके साथ-साथ सदर्न हेमिस्फीयर में भी तो कुछ-कुछ है उससे भी समझ लेते हैं तो देखो सर सदर्न हेमिस्फीयर में भी आप देखें यहां पे सब ट्रॉपिकल हाई प्रेशर बेल्ट है जो सदर्न हेमिस्फीयर में सबट्रॉपिकल हाई
प्रेशर बेल्ट है वो इस तरीके से से है यहां से अगर आप देखेंगे तो सबट्रॉपिकल हाई प्रेशर से इक्वेटोरियल लो प्रेशर पर हवा इस तरीके से चलनी चाहिए बट वी आर इन सदर्न हेमिस्फीयर और सदर्न हेमिस्फीयर में हमें पता है डिफ्लेक्शन जो होता है दैट इज टुवर्ड्स डिफ्लेक्शन जो है दैट इज टुवर्ड्स लेफ्ट सो अब देखें मैं इसकी डायरेक्शन में खड़ा हो गया और डिफ्लेक्शन है टुवर्ड्स लेफ्ट तो इस तरीके से हवाएं आती हुई हमें दिखाई देंगी तो आप देखें ये किस डायरेक्शन से आ रही हैं सर ये डायरेक्शन है साउथ ईस्ट तो इसे बोला
जाएगा साउथ ईस्ट रिलीज तो इस तरीके से इन हवाओं को हम देखते हैं कि कैसे इनका डिफ्लेक्शन है और कैसे ये पूरे के पूरे प्लेनेट अर्थ पर डिस्ट्रीब्यूटर है तो यहां पे इस डायग्राम के थ्रू आप देख सकते हैं कि इक्वेटोरियल लो प्रेशर बेल्ट पर दो हवाएं आकर कन्वर्ज हो रही हैं जो दो हवाएं यहां पर आके कन्वर्ज होती हैं उनको बोला जाता है नॉर्थ ईस्टरली विंड्स और साउथ ईस्टरली विंड्स इसीलिए ये जो बेल्ट है इस बेल्ट के आसपास वो जोन जहां पे इनका कन्वर्जेंस होता है उसे आईटीसी जड कहा जाता है जिसे मैं थोड़ी
देर में बताता हूं बट लीव इट अाइड फॉर द टाइम बीइंग ये याद रखेंगे ये दोनों हवाएं पास्ट के अंदर बहुत ज्यादा ट्रेड के लिए रिस्पांसिबल हुआ करती थी इसीलिए इन्हें हम ट्रेड विंड्स कहते हैं ऑन दी अदर हैंड जब आप हाई प्रेशर से लो प्रेशर बेल्ट को देखते हैं इधर तो आपने देखा कि हाई प्रेशर से लो प्रेशर हवा इस डायरेक्शन में चलनी चाहिए बट वी आर इन द नॉर्दर्न हेमिस्फीयर इट विल डिफलेक्ट टुवर्ड्स राइट यह इस तरीके से ये राइट में डिफ्लेक्ड हो गई हैं तो यह कौन सी हवा है कौन सी डायरेक्शन
से आ रही है वेस्ट से तो इसे वेस्टली विंड्स के नाम से जाना जाता है सो नाउ वी हैव अंडरस्टूड दिस पार्ट कि वेस्टरली विंड्स क्या है और ईस्टरली विंड्स क्या होती हैं नाउ सी द डिफ नाउ वी विल अंडरस्टैंड दी विंड एंड विंड विंड के टाइप्स क्या होते हैं अगर हम विंड्स के टाइप की बात करें तो विंड्स जो हैं वो लार्जली तीन भागों में क्लास की जाती है सबसे पहली विंड जिन्हे हम प्राइमरी विंड्स कहते हैं देन वी हैव सेकेंडरी विंड्स एंड देन वी हैव टर्श विंड्स यह तीन विंड्स है अब इनको मैं
किस तरीके से देखना चाहता हूं वो देखें प्राइमरी विंड्स जो है सबसे पहले जिनकी हम बात कर रहे हैं प्राइमरी विंड्स इन प्राइमरी विंड्स को प्लेनेटरी विंड्स भी कहा जाता है इनको प्लेनेटरी विंड्स भी कहा जाता है इन्हें परमानेंट विंड्स भी कहा जाता है अब ये जो प्लेनेटरी विंड्स है और परमानेंट विंड्स हैं इनको हमने अभी देखा कि वो कौन सी विंड्स थी सर नॉर्थ ईस्टर लीज थी है ना और वेस्टर लीज थी राइट और यहां पे आप एक और चीज देख सकते हैं इसी डायरेक्शन इसी पूरे डायग्राम के अंदर यहां पे पोल से भी
कुछ हवाएं चल रही हैं जिन्हें हम पोलर ईस्टरली के नाम से जानते हैं और आई होप आप लोग इसको बहुत अच्छे से डायग्राम को समझ पा रहे होंगे क्यों क्योंकि मैंने पहले आपको एक पूरे एस्पेक्ट में में समझा दिया है कि हाई प्रेशर से लो प्रेशर कैसे हवाएं चल रही हैं तो यहां पे तीन तरीके की हवाएं हम देख सकते हैं सबसे पहला एक विंड जो कि इक्वेटोरियल रीजन के अंदर इक्वेटर से सब ट्रॉपिकल हाई प्रेशर बेल्ट के अंदर कन्फाइंड है इसे हमने एक नाम दिया ट्रेड विंड्स राइट देन वी हैव वेस्टरली विंड एंड देन
पोल से चलने वाली ईस्टर्लीज जिन्हें हम पोलर ईस्टरली के नाम से जानते हैं सो ईस्टर लीज या हम इन्हें बोलते हैं ट्रेड विंड्स वेस्टर लीज या हम इन्हें बोले पोलर ईस्टर लीज या हम इन्हें बोले या हम इन्हें कह सकते हैं पोलर ईस्टर लीज चलिए दीज आर दी विंड्स दैट वी हैव डिस्कस अब इनके बारे में कुछ इंफॉर्मेशन है जो मैं आपको यहां पे बताना चाहता हूं लेट्स ट्राई एंड अंडरस्टैंड बेल्ट्स को हमने अच्छे से समझ लिया है अब आते हैं प्रेशर सेल्स हो गया जेट स्ट्रीम पे मैं बाद में आऊंगा बट यहां पे हवाओं
के बारे में क्लासिफिकेशन ऑफ विंड्स क्लासिफिकेशन ऑफ विंड में सब सबसे पहले जो विंड आप यहां पर देख रहे हैं दैट इज प्लेनेटरी विंड प्लेनेटरी विंड के हिसाब से अगर हम देखें तो देयर आर थ्री मेजर टाइप्स ऑफ विंड्स वन वी कॉल एस ट्रेड विंड्स और ईस्टर लीज सेकंड वी कॉल एज वेस्टर्लीज एंड थर्ड वी से द पोलर ईस्ट लीज अब इन तीनों के बारे में समझने की कोशिश करें जब मैं ट्रेड विंड की बात करता हूं तो आप समझे मान लीजिए आप यहां पर एक अगर लेट्स सी दिस इज प्लेनेट अर्थ इस प्लेनेट अर्थ
पे हेयर वी हैव वन बेल्ट वी कॉल दिस बेल्ट एज इक्वेटोरियल लो प्रेशर बेल्ट एंड हेयर वी हैव इज द सबट्रॉपिकल हाई प्रेशर बेल्ट एंड हेयर आल्सो वी हैव द सबट्रॉपिकल हाई प्रेशर बेल्ट सबट्रॉपिकल हाई प्रेशर बेल्ट तो जो ईस्टर्लीज विंड्स हैं जिनको आप ट्रेड विंड्स कह रहे हैं यह ट्रेड विंड्स का ओरिजिनेशन कहां से होता है सर अब अगर मुझे डायग्राम समझ में आ गया तो आई कैन अंडरस्टैंड ईच एंड एवरीथिंग वेरी केयरफुली वह क्या है ट्रेड विंड्स जो होती हैं उन्हें हम ईस्टरली विंड्स कहते हैं सर कोई शक नहीं है ईस्टरली विंड्स जो
है ये ईस्ट से वेस्ट फ्लो करती हैं बिल्कुल सही बात है सर जो ईस्ट से स्टार्ट हुई है कहां की ओर चल रही है वेस्ट की ओर चल रही है सर इनका जनरेशन सबट्रॉपिकल हाई प्रेशर से होता है और इक्वेटोरियल लो प्रेशर की ओर ये आगे बढ़ती हैं इक्वेटोरियल लो प्रेशर की ओर ये आगे बढ़ती हैं अब यहां एक कांसेप्चुअल भाग है जो मैं आपको समझाना चाहता हूं वो देखें मान लीजिए यह कोई एक कॉन्टिनेंट है ईस्टरली विंड्स या ट्रेड विंड्स जो हैं आपने अभी जाना कि सर ये कहां से कहां ट्रैवल करती हैं सर
ये ईस्ट से वेस्ट की ओर ट्रेवल करती हैं इसमें कोई शक नहीं है जब ये हवा ईस्ट से वेस्ट की ओर चलने लगेगी देन यू विल सी जो ईस्टर्न पार्ट है अगर मान लो ये एक कॉन्टिनेंट है और इस कॉन्टिनेंट के दोनों साइड आपको ओशियस नजर आए दिस इज द कॉन्टिनेंट और इस कॉन्टिनेंट के दोनों साइड में आपको क्या नजर आया यहां पे भी ओशियन यहां पे भी ओसन और अगर यह हवा इस डायरेक्शन से आगे बढ़ने लगी इस डायरेक्शन से आगे बढ़ने लगी तो आप एक चीज जाने कि ये कहां से आ रही है
सर ईस्ट से आ रही है और वेस्ट की ओर अग्रसर है अगर मैं ईस्ट से आने वाली हवा को देखता हूं तो मुझे पता लगता है यह ओशियन के ऊपर से आ रही है यानी कि इस हवा के पास सबसे ज्यादा मॉइश्चर होगा इस समय पे ये मोइस्ट विंड होगी क्योंकि इसने ओशियन से लैंड के ओर आते-आते मॉइश्चर को पिक किया यानी कि वो इस कॉर्नर पे यानी कि जो ईस्टर्न मार्जिन है इस ईस्टर्न मार्जिन के ऊपर दिस विंड विल बी रिस्पांसिबल फॉर दी रेनफॉल बट एज सून एज दिस विंड विल प्रोसीड फर्द द मॉइश्चर
कंटेंट विल डिमिनिशिंग साइमल पेनियस जो हमारा रेनफॉल का कंटेंट है वो भी क्या होता रहेगा कम होता रहेगा यानी कि यह हुआ कि ईस्टर्न पार्ट से वेस्टर्न पार्ट तक जाते-जाते इस हवा के अंदर जो मॉइश्चर का अमाउंट है वो डिक्रीज होता रहेगा और जैसे मॉइश्चर का अमाउंट ज्यादा था रेनफॉल ज्यादा थी तो यहां पे आपको बड़े ट्रीज दिखाई देंगे बट जैसे ही थोड़ा सा आगे बढ़ेगी रेनफॉल का अमाउंट कम होगा तो ट्रीज नहीं हमें यहां पे ग्रास लैंड्स यानी कि ग्रासेस दिखाई देंगी और और आगे बढ़ेंगे यानी कि वेस्टर्न भाग में पहुंचेंगे तो वहां पे
बिल्कुल ही मॉइश्चर खत्म हो जाएगा और इस वजह से वेस्टर्न पार्ट में आपको किसका फॉर्मेशन होता हुआ दिखाई देगा डेजर्ट का फॉर्मेशन होता हुआ दिखाई देगा सो ट्रेड विंड के साथ एसोसिएटेड एक चीज हमने यह जानी कि ऑन शोर एंड ऑफशोर ये दो वर्ड यूज होते हैं ऑन शोर का मतलब होता है जब भी कोई हवा ओशियन से लैंड की ओर आती है तो उसे हम ऑन शोर कहते हैं और अगर कोई हवा लैंड से ओशियन की ओर जाती है तो उसे हम ऑफशोर विंड कहते हैं तो आप खुद समझें अगर हवा यहां से वेस्टर्न
पार्ट से वेस्टर्न मार्जिन से ओशियन की ओर जा रही है तो यहां यहां पे तो यह कौन सी है ऑफशोर है और यहां पे कौन सी है ऑन शोर है तो क्या ऑन शोर हवाएं बारिश करेंगी यस ऑफशोर हवाएं बारिश करेंगी नहीं सर वो तो लैंड से ओशियन जा रही हैं उसके पास तो मॉइश्चर है ही नहीं इसका मतलब ये है कि हमने जब देखा सबट्रॉपिकल हाई प्रेशर बेल्ट और उसके साथ-साथ हमने एक बात जानी थी कि 10 टू 30 35 डिग्री लटटू पे हमेशा हमें रेगिस्तान दिखाई देते हैं हॉट डेजर्ट का फॉर्मेशन दिखाई देता
है तो ये क्या है हॉट डेजर्ट का जो यह फॉर्मेशन है ये इंडिकेट करता है मेरे दोस्तों एक बात वो यह कि जो 10 टू 30 डिग्री मार्जिन है यहां पे सबट्रॉपिकल हाई प्रेशर बेल्ट है इस हाई प्रेशर बेल्ट के कारण यहां पे क्लाउड और रेनफॉल नहीं है दूसरा इस पूरी बेल्ट के पास जो विंड्स चल रही हैं वो ऑफशोर विंड्स हैं और इन ऑफशोर विंड के पास किसी प्रकार का कोई मॉइश्चर नहीं है तो यह भी बारिश नहीं कर सकती और थोड़े समय में मैं आपको बताऊंगा कि इसी रीजन में कोल्ड करंट का भी
प्रेजेंस है जिन तीन कारणों की वजह से आपको इस मार्जिन के ऊपर रेगिस्तान का फॉर्मेशन होता हुआ दिखाई देगा सो दिस इज अबाउट दी दिस इज अबाउट दी ट्रेड विंड्स सो ट्रेड विंड्स का एक और एप्लीकेशन है जो हम आईटीसी जड के रूप में देखते हैं आप खुद समझें इस वर्ड को अगर आप समझेंगे तो आपको एहसास होगा इंटर ट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जन ट्रॉपिक्स के ऊपर यानी कि अगर मैं बोलता हूं दिस इज द इक्वेटोरियल लो प्रेशर बेल्ट दिस दिस इज द इक्वेटोरियल लो प्रेशर बेल्ट एंड इस इक्वेटोरियल लो प्रेशर बेल्ट के ऊपर इक्वेटोरियल लो प्रेशर
बेल्ट के नीचे तो यह भी ट्रॉपिक्स है यह भी ट्रॉपिक्स हैं इंटर ट्रॉपिकल इंटरट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जन किस चीज का कन्वर्जेंस हो रहा है दोस्तों आईटीसी जड इज नथिंग अबाउट द कन्वर्जेंस ऑफ नॉर्थ ईस्टरली एंड साउथ ईस्टरली ट्रेड विंड्स जो नॉर्थ ईस्टरली ट्रेड विंड्स आ रही हैं और साउथ ईस्टरली ट्रेड विंड्स आ रही हैं उनका कन्वर्जेंस जहां पे होता है उसे हम आईटीसी जड के नाम से जानते हैं और आईटीसी जड आईटीसी जड जो कन्वर्जेंस जोन है आप यह मत समझिए कि यह हमेशा इक्वेटर पर ही होगा नो इट इज नॉट लाइक दैट क्यों क्योंकि इक्विनोक्स
की सिचुएशन में तो यह कन्वर्जेंस आपको कहां पे दिखाई देगा इक्वेटर पे बट अगर इक्विनोक्स नहीं है तो क्या यह बेल्ट्स की शिफ्टिंग होती है बिल्कुल सही बात है तो एक डाउट आप हमेशा अपने जहन से निकाल दीजिएगा कि इक्वि इक्वेटर ही आईटीसी जड है ना इक्वेटर आईटीसी जड नहीं है आईटीसी जड की डेफिनेशन है सिर्फ और सिर्फ कन्वर्जेंस ऑफ नॉर्थ ईस्टरली एंड साउथ ईस्टरली ट्रेड विंड्स और जहां पे कन्वर्जेंस हो रहा है वहां पे कौन सा प्रेशर बेल्ट बनता है लो प्रेशर बनता है इस वजह से ये एक लो प्रेशर एरिया भी होता है
और जहां पे लो प्रेशर एरिया होगा क्या वहां पे हवा की राइजिंग होगी बिल्कुल सही बात है और राइजिंग जब होगी तो एटमॉस्फेयर के अंदर इंस्टेबिलिटी यानी कि बारिशें और बारिशें आने लगेंगी और बादल बनने लगेंगे क्या इसका सीजनल शिफ्टिंग होता है जी हां सर जून में ये कहां जाएगी नॉर्थ की ओर दिसंबर में कहां आएगी साउथ की ओर जैसे प्रेशर बेल्ट्स का शिफ्टिंग था विद दी अपेरेंट मूवमेंट ऑफ सन वैसे ही आईटीसी जड का भी मूवमेंट होता है क्या आईटीसी जड हमेशा इक्वेटर पर होती है नो क्या ये अपेरेंट मूवमेंट ऑफ सन के साथ
शिफ्ट होती है यस क्या इसका रिलेशन हेडली सेल के साथ है बिल्कुल सही बात है और यह इंडियन मानसून के अंदर भी अपना बहुत बड़ा रोल प्ले करती है जो हम इंडियन जियोग्राफी के अंदर समझने की कोशिश करेंगे तो विंड्स के इस पार्ट में जब मैं क्लासिफाई कर रहा था तब मैंने आपको बताया कि सबसे पहली विंड्स जो होती हैं प्लेनेटरी विंड्स जो प्लेनेटरी विंड्स हैं इन प्लेनेटरी विंड्स के अंदर इन प्लेनेटरी विंड्स के अंदर हमने सबसे पहली विंड जो देखी दैट इज द ट्रेड विंड ये ट्रेड विंड्स के साथ हमने पता लगाया कि ये
ट्रेड विंड्स कुछ नहीं है बच्चा यह नॉर्थ ईस्टरली एंड साउथ ईस्टरली विंड्स हैं ये जो नॉर्थ ईस्टरली और साउथ ईस्टरली विंड्स हैं यह मूव करती हैं कहां से कहां सर ये ईस्ट टू वेस्ट ट्रेवल करती हैं ईस्ट से वेस्ट ट्रेवल करती हैं और जहां पे इनका कन्वर्जेंस होता है नॉर्थ ईस्टरली और साउथ ईस्टरली का उसे हम आईटीसी जड इंटर ट्रॉपिकल कन्वर्जेंस जोन कहते हैं और आज के बाद यह कभी भूलेंगे नहीं कि आईटीसी जड एक ऐसा जोन है एक ऐसा बैंड है एक ऐसा रीजन है जहां पे दो हवाएं आके कन्वर्ज कर रही हैं इसके
अलावा इसकी कोई डेफिनेशन नहीं है हां वो हवाएं हमेशा लो प्रेशर पर ही कन्वर्ज करती है क्योंकि दोनों हवाएं हाई प्रेशर से लो प्रेशर की ओर चल रही हैं ठीक है और दूसरी बात यह भी है कि क्या वो हमेशा इक्वेटर पर होगा नहीं क्या उसकी शिफ्टिंग होगी जी हां तो आईटीसी जड अब आपके दिमाग में क्लियर हो जाना चाहिए कि आईटीसी जड एक ऐसा लो प्रेशर एरिया है जो कि दो हवाओं के कन्वर्जेंस जोन के कारण डेवलप होता है चले ये हो गया ट्रेड विंड्स इसके बाद जो सेकंड विंड्स है जिसे हम किस नाम
से जानते हैं वी कॉल इट एज वेस्टरली विंड्स जैसा कि नाम से ही क्लियर है वेस्टरली विंड का ओरिजिन कहां से होगा वेस्ट से और ये ट्रेवल कहां से कहां करेंगी सर वेस्ट से ईस्ट में ट्रेवल करेंगी वेस्ट से ईस्ट में ट्रेवल करेंगी और अगर मान लो कोई हवा ईस्ट से वेस्ट में ट्रेवल कर रही थी तो मैंने आपको एक चीज बताई थी कि अगर ये कॉन्टिनेंट है अगर ये कॉन्टिनेंट है तो अगर कोई हवा ईस्ट से वेस्ट ट्रैवल कर रही है तो यह इस मार्जिन के लिए ईस्टर्न मार्जिन के लिए क्या होगी ऑन शोर
और वेस्टर्न मार्जिन के लिए क्या होगी ऑफशोर क्योंकि वेस्टर्न मार्जिन पे तो यह लैंड से ओशन की ओर जा रही है ईस्टर्न मार्जिन पे ये ओशियन से लैंड की ओर आ रही है ये कांसेप्चुअल क्लेरिटी होनी चाहिए वेस्टरली विंड्स जो हैं ये वेस्टर्न मार्जिन के लिए तो क्या होंगी ऑन शोर और ईस्टर्न मार्जिन के लिए क्या होंगी ऑफशोर ईस्टर्न मार्जिन के लिए क्या होंगी ऑफशोर बट यहां पे थोड़ा सा एक लिंच है वह हम थोड़े समय में जानने की कोशिश करेंगे एक चीज और मैं बताना चाहता हूं वेस्टरली विंड के बारे में वो ये कि
दीज आर नथिंग बट द पार्ट ऑफ फेरल सेल ये किसका पार्ट बनती है फेरल सेल का और अपेरेंट मूवमेंट ऑफ सन के होने के कारण क्या यह प्रेशर बेल्ट शिफ्ट होती है बिल्कुल सही बात है और इसी की वजह से वेरिएबल इंपैक्ट देखे जाते हैं वेस्टरली विंड्स के अभी इस समय पे यह बात जाननी आपको बहुत जरूर है और यह मैं आपको अभी ही बता रहा हूं क्यों क्योंकि इसको मैं एक्सप्लेन अभी नहीं करूंगा पोसिटी ऑफ टाइम है बट एक बात याद रखिएगा वेस्टरली विंड जो है यह जो वेस्टरली विंड्स है जब प्रेशर बेल्ट की
शिफ्टिंग होती है प्रेशर बेल्ट की शिफ्टिंग होती है अगर प्रेशर बेल्ट अगर शिफ्ट होती हैं तो उसकी वजह से ये वेस्टरली विंड्स जो हैं एक स्पेसिफिक टाइप ऑफ क्लाइमेट को जन्म देती हैं जिस सेे मेडिटरेनियन टाइप ऑफ क्लाइमेट बोला जाता है इस मेडिटरेनियन टाइप ऑफ क्लाइमेट में वेस्टरली विंड जो होती हैं वेस्टरली विंड जो है यह विंटर्स में विंटर्स में तो वेस्टर्न मार्जिन पर वेस्टर्न मार्जिन पर क्या होती है ऑन शोर बट समर्स में समर्स में होती है ऑफशोर बट समर्स में यही वेस्टर्न मार्जिन पर क्या हो जाती हैं ऑफशोर इस वजह से मेडिटरेनियन टाइप
ऑफ क्लाइमेट के अंदर मेडिटरेनियन टाइप ऑफ क्लाइमेट के अंदर बारिशें कब होंगी विंटर्स में क्योंकि विंटर्स में यह जो हवाएं हैं वह क्या है ऑन शोर हैं विंटर्स में यह हवाएं ऑन शोर हैं और एक बात आप जाने कि इनका जन्म होता है सबट्रॉपिकल हाई प्रेशर से और यह मूव करती हैं सबपोलर लो प्रेशर बेल्ट की ओर वेस्टर्लीज सदर्न हेमिस्फीयर के अंदर स्ट्रांग हो हैं 40° वेस्टली जो है 40 डिग्री यानी कि 40° सदर्न लटटू के ऊपर इसको रोरिग 40 बोला जाता है 50° लटटू पे फ्यूरियस 50 एंड 60° लटटू पे श्री किंग 60 का
नाम इसे दिया जाता है सो दिस इज अबाउट दी वेस्टली वेंट्स अब यह जो मैंने आपको बताया है यह पूरा इस पूरे डायग्राम के अंदर समझाया हुआ है अगर आप समझने की कोशिश करें तो यू विल बी गेटिंग बेटर आईडिया कि अगर 30 से 35° के यानी कि जो वेस्टर्लीज हैं उनका जन्म है 30 से 35 डिग्री से 60 टू 65 डिग्री और अगर अपेरेंट मूवमेंट होता है सन का तो क्या कुछ एरियाज ऐसे होंगे जो कभी वेस्टरली के संपर्क में होंगे कभी ईस्टरली के संपर्क में जी हां इसी वजह से यहां पे वेरिएशन आपको
दिखाई देगा ठीक है अब यहां पे मैं आगे बढ़ते हुए एक बात दिखाना चाहता हूं इस रीजन के अंदर जहां पे आपको मेडिटरेनियन सी का भाग दिखाई देता है और इसी मेडिटरेनियन सी के पास अगर आप मान लीजिए यहां पे हवाएं कौन सी चल रही हैं मेडिटरेनियन सी के अंदर मान लो हवाएं चल रही हैं वेस्टली विंड्स ठीक है कौन सा समय है सर्दियों का समय है बट अगर ये गर्मियां आ गई तो विंड ये पूरी प्रेशर बेल्ट ऊपर शिफ्ट हो जाएगी और यह किसके संपर्क में आ जाएगा ईस्टरली के संपर्क में आ जाएगा तो
इसका मतलब यह हुआ कि गर्मियों के समय में तो यह मेडिटरेनियन का रीजन किसके संपर्क में है ईस्टर लीज के और सर्दियों के अंदर किसके संपर्क में है वेस्टर्लीज के राइट तो यह बात आपको समझ में आनी चाहिए चले अब हमने आगे बढ़ते हैं और अब हम बढ़ने की कोशिश करते हैं अगले एस्पेक्ट के ऊपर जिसको हम जानते हैं पीरियोडिक विंड्स के रूप में ये बहुत ही आसान विंड्स हैं इन विंड को समझना भी बहुत आसान है क्यों क्योंकि ये हम पहले पढ़ चुके हैं पीरियोडिक विंड्स के अंदर सेकंड टाइप की जो विंड्स हैं जिसको
हम पीरियोडिक विंड्स कहते हैं इन पीरियोडिक विंड्स के अंदर अर पहली विंड आती है लैंड एंड सी ब्रीज पहली विंड है लैंड एंड सी ब्रीज और सेकंड है वैली एंड माउंटेन ब्रीज लैंड एंड सी ब्रीज देखो कैसे है अब हम समझने की कोशिश करते हैं मान लीजिए आप किसी एक कोस्टल एरियाज के अंदर हैं इस कोस्टल एरिया में होता यह है हमें पता है दिन के समय में जो तापमान है वह बहुत दिन के समय में सूरज चमक रहा है तापमान थोड़ा ज्यादा है जब तापमान ज्यादा है तो लैंड क्या हो जाएगी बहुत जल्दी हीट
अप हो जाएगी ड्यूरिंग दी डे टाइम लैंड बहुत जल्दी हीट अप हो गया और जब ज्यादा हीट अप हो गया तो यहां पे प्रेशर कौन सा डेवलप होगा बेटा लो प्रेशर ऑन दी अदर हैंड यहां पे कौन सा प्रेशर डेवलप होगा हाई प्रेशर तो इसका मतलब यह होगा कि जो पानी है वह ना जल्दी गर्म होता है ना जल्दी ठंडा इस कारण से यहां पे प्रेशर कंपैरेटिव हाई है तो हाई प्रेशर से लो प्रेशर हाई प्रेशर से लो प्रेशर कुछ हवाएं चलने लगेंगी ये ये जो हवाएं चलने लगी हैं यह कहां से कहां चल रही
है सी से लैंड की ओर तो इसे हम किस नाम से जानते हैं सी ब्रीज के नाम से जानते हैं ऑन द अदर हैंड अगर यही सिनेरियो आप रात के समय देखेंगे तो आपको समझ में आएगा जो लैंड है वो बहुत जल्दी ठंडा हो जाता है अगर लैंड बहुत जल्दी ठंडा हो जाता है तो वहां पे प्रेशर कौन सा होगा सर हाई प्रेशर क्या पानी उतना जल्दी ठंडा हो पाया नहीं हो पाया यहां पे प्रेशर क्या हो गया लो प्रेशर तो हवाएं हाई प्रेशर से लो प्रेशर चलने लगेंगी और यह कहां से चल रही हैं
लैंड से चल रही हैं तो इसे हम लैंड ब्रीज के नाम से जानेंगे तो दिस इज़ वन थिंग ऑन दी अदर हैंड अगर मैं आपको यहीं पे माउंटेन एंड वैली ब्रीज के बारे में बताऊं तो वह क्या है समझिए यह एक माउंटेनियर रीजन है इस माउंटेनियर रीजन में हम जानते हैं कि रात के समय में पीक्स जो है वह बहुत ही ठंडे हैं जब यह बहुत ठंडे हैं तो यहां पे प्रेशर कौन सा डेवलप हो गया हाई प्रेशर यह जो समय है यह रात का समय है नाइट का टाइम है बहुत ही ज्यादा बहुत ही
ज्यादा हाई प्रेशर हो जाएगा क्योंकि पीक्स बहुत ज्यादा ठंडे हैं ऑन द अदर हैंड वैली पे अभी कंपैरेटिव प्रेशर लो रहेगा क्योंकि वैली रात के समय में कंपैरेटिव गर्म रहती है एल्टीट्यूड भी कम है तो इस समय में कुछ हवाएं हाई प्रेशर से लो प्रेशर माउंटेन से वैली की ओर चलने लगेंगी इसे हम माउंटेन ब्रीज कहेंगे इसे हम क्या कहेंगे माउंटेन ब्रीज कहेंगे राइट बट अगर आप देखें डे के टाइम में तो आपको पता है डे के टाइम में क्या होगा जो माउंटेन का पीक होता है वहां पे बहुत सारा इंसुलेशन है ज्यादा इंसुलेशन होने
के कारण यहां पे डे टाइम के अंदर कंपैरेटिव कौन सा प्रेशर बन जाएगा हा लो प्रेशर का डेवलपमेंट होगा और न दी अदर हैंड जो वैली है वहां पे कंपैरेटिव धूप थोड़ा सा इंसुलेशन कम है इस वजह से ठंड होगी तो हाई प्रेशर देखा जाएगा तो हाई प्रेशर से लो प्रेशर सर कुछ हवाएं चलने लगेंगी इसे हम वैली ब्रीज के नाम से कहेंगे क्योंकि यह वैली से कहां की ओर चल रही हैं माउंटेन की ओर चल रही हैं तो ये आप देख सकते हैं यहां पे ड्यू टू डिफरेंशियल हीटिंग ऑफ माउंटेन एंड वैली वैली ब्रीज
चलती है ड्यूरिंग डे और माउंटेन ब्रीज चलती है ड्यूरिंग नाइट और ऐसे ही आपको डे टाइम के अंदर लैंड हीट अप हो जाएगा तो आपको सी ब्रीज दिखाई देंगी नाइट टाइम के अंदर लैंड बहुत ठंडा हो जाएगा तो आपको लैंड ब्रीज दिखाई देंगी सो दीज आर दी पीरियोडिक विंड्स अब आता है थर्ड पार्ट थर्ड टाइप ऑफ विंड्स जिसे हम लोकल विंड्स के नाम से जानते हैं यह जो लोकल विंड्स हैं इन्हें लोकल विंड्स इसलिए बोला जाता है बच्चा क्योंकि इन विंड्स के कारण यह जो लोकल विंड्स हैं इन विंड्स के कारण यह जो प्रभाव है
इनका वह किसी एक लोकल एरिया में देखा जाता है बहुत ही छोटे स्मॉल एरिया के अंदर इनका प्रभाव होता है कुछ समय के लिए ही होता है बड़े समय के लिए ये प्रभाव हमें देखने को नहीं मिलेगा है ना तो जैसे हम भारत के अंदर एक लोकल विंड की बात करते हैं जो है लू जो कि नॉर्दर्न पार्ट ऑफ इंडिया के कुछ स्पेसिफिक एरियाज में अपना प्रभाव डालती है और सिर्फ और सिर्फ साल के कुछ महीनों में ही दिखाई देती है ऐसी विंड्स दुनिया के बहुत सारे कोनों में दुनिया के बहुत सारे एरियाज में स्मॉलर
स्मॉलर रीजन में और स्मॉल टाइम ड्यूरेशन के लिए बहने वाली हवाएं जो होती हैं उन्हें हम लोकल विंड्स के नाम से जानते हैं हैं इन लोकल विंड्स के अंदर हमें दो चीजों के बारे में जानना है कि क्या वो विंड वार्म विंड है या कोल्ड विंड है उसका प्रभाव बेनिफिशियल है या हार्मफुल है उसको समझने के लिए आई हैव मेड अ वेरी गुड वेरी गुड डायग्राम डायग्रामेटिक रिप्रेजेंटेशन फॉर दिस एंटायस जब हम सबसे पहली लोकल विंड की बात करते हैं तो उसका नानाम है चिनूक आपको इसके नाम याद रखने पड़ेंगे और समझना पड़ेगा मेरे साथ
यह क्या है चिनूक की जब हम बात करते हैं तो यह है रॉकी माउंटेंस जो कि आप सब लोग जानते हैं कि नॉर्दर्न अमेरिका के वेस्टर्न पार्ट में हमें दिखाई देते हैं रॉकी माउंटेंस के अंदर होता यह है कि बहुत ही ड्राई एंड वार्म विंड देखो क्या हुआ मान लीजिए यहां पे इस तरीके से यह एक माउंटेन है ठीक है यहां पे ओशियन है इससे कुछ हवा निकली हवा निकलने के बाद ऊपर गई ऊपर जाने के बाद आपको पता है इस हवा के पास क्या था मॉइश्चर था जब इस हवा के पास मॉइश्चर था तो
उसने इस जगह पे कुछ रेनफॉल कर दी जिसे आप किस रेनफॉल के नाम से जानते हैं ओरोग्राफिक रेनफॉल के नाम से जानते हैं ये मैं आगे बताऊंगा अभी तो ह पहाड़ के एक साइड में तो क्या हो गई बारिश हो गई दूसरी साइड में हवा हो गई अब क्या बिल्कुल ड्राई बिल्कुल ड्राई हवा जो कि नीचे की ओर पहाड़ से नीचे की ओर गिरने लगेगी जो ये हवा पहाड़ों से नीचे की ओर ईस्टर्न साइड में गिरेगी क्या ये हवा नीचे आते गर्म होगी बिल्कुल सही बात है सर गर्म होगी जब वो हवा गर्म हो जाएगी
ईस्टर्न स्लोप्स पे तो वहां पे जो स्नो डेवलप हुआ होता है विंटर्स के समय में उसको क्या करेगी पिघला देगी जब वो उनको पिघला देगी तो क्या मैं कह सकता हूं वहां पे पानी आएगा तो ग्रास लैंड्स धीरे-धीरे डेवलप होने लगेंगे और फ्रॉस्ट बाइट नहीं हो पाएगा इसीलिए यह बहुत ही बेनिफिशियल होती है जो केटल इंडस्ट्री होती है उनके लिए ग्रेजिंग ग्राउंड को डेवलप करने के लिए सेकंड जो हवा है सिमिलर टाइप ऑफ इफेक्ट ये तो आपने रॉकीज के साथ देखा जो कि स्नो ईटर कहलाता है जिसमें चिनूक नाम दिया जाता है सेकंड इज फॉइन
फोइन भी सिमिलर विंड है जो कि आपको कहां दिखाई देगी आल्प्स माउंटेंस के ऊपर दिखाई देगी और ये वहां पे थोड़ा सा सूथिंग इफेक्ट लेके आती है इसीलिए इसको हम स्विटजरलैंड जो है वहां पे वहां पे क्लाइमेटिक ओएसिस के नाम से इसे जाना जाता है ऐसी ही हवा अगर साउथ अमेरिका के अंदर एंडीज माउंटेंस के कारण आ तो उसे जोंडा नाम दिया जाता है तो सिमिलर इंपैक्ट है एक साइड से पहाड़ के ऊपर से चढ़ रही हैं दूसरी साइड से उतर रही हैं जब उतर रही हैं तो क्या हो रही है गर्म हो रही हैं
और जब गर्म हो रही है तो सूथिंग इफेक्ट प्रोवाइड कर रही हैं सर्दियों के समय में वो इंपैक्ट आपको अगर एंडीज माउंटेन पे दिखाई देता है तो उसे जोंडा के नाम से जाना जाता है अब आता है हरमेन हरमेन को डॉक्टर विंड्स भी कहा जाता है डॉक्टर विंड्स इसलिए कहते हैं क्योंकि आप खुद समझे ये है गीनिया का कोश गिनिया गल्फ ऑफ गिनिया यहां पे है सहारा डेजर्ट सहारा से चलने वाली जो भी हवाएं होंगी वो इतनी ज्यादा इतनी ज्यादा इतनी ज्यादा गर्म होंगी कि वो यहां पे बहुत अच्छा इंपैक्ट डालेंगे क्यों देखें ये जो
गिनिया का कोस्ट है ये इक्वेटर के पास है इक्वेटर के पास होने के कारण यहां पे मॉइश्चर का कंटेंट बहुत ही ज्यादा है ज्यादा मॉइश्चर कंटेंट होने के कारण यहां पे ज्यादा मॉइश्चर कंटेंट होने के कारण लोगों को रहना बहुत मुश्किल हो जाता है बहुत हाई ह्यूमिडिटी होती है और हाई ह्यूमिडिटी आप खुद समझे ह्यूमिडिटी के अंदर ज्यादा देर आप रह नहीं सकते हैं सफोकेशन होने लगता है तो क्या होता है यह सहारा से कुछ ऐसी ड्राई विंड्स चलती है क्योंकि सहारा तो डेजर्ट है वहां से कुछ ड्राई विंड्स चलती हैं और यहां की ह्यूमिडिटी
को खत्म कर देती हैं और अपने साथ पानी को सोक के आगे ले जाती हैं तो हुआ ये कि वेट और ह्यूमिड कंडीशन जो कि कहां होती है इक्वेटोरियल रीजन के अराउंड उससे रिलीफ दिलवाने के लिए कौन सी विंड रिस्पांसिबल है हेर्मेटिसिजम आंधियां चलेंगी तो विजिबिलिटी कम होगी धूल भरी आंधियां चलेंगी जो रास्ते में ट्रीज आएंगे उनको भी उखाड़ हुए ये आगे चलती है ऐसी ही कुछ विंड्स ऑस्ट्रेलिया के अंदर हैं जिन्हें ब्रिक फील्डर के नाम से जाना जाता है पर्शियन गल्फ के अंदर एक लोकल विंड है जिसे शमेल बोलते हैं यूएसए के अंदर ब्लैक
रोलर एंड देन वी हैव मोर विंड हेयर जो कि बहुत इंपॉर्टेंट है हमारे लिए जानना जिसे सिरोको कहा जाता है सिरोको विंड जो है सिरोको विंड ऐसी विंड है जो कि ब्लड रेन के नाम से भी जानी जाती हैं कैसे मान लीजिए यह सहारा का डेजर्ट है इस सहारा के डेजर्ट से बहुत सारी हवाएं आगे की ओर चली और यह जो बहुत सारी सैंड को अपने साथ आगे बढ़ा के लेके जाती हैं अब हुआ यह जब यह मेडिटरेनियन सी को क्रॉस करेंगी तब इस मेडिटरेनियन सी से बहुत सारा मॉइश्चर पिक कर लेंगी और उन मॉइश्चर
को पिक करने के बाद आल्पस से जब टकराएंगे और ओरोग्राफिक बारिश होगी ओरोग्राफिक रेनफॉल होगी तो डेफिनेटली उस बारिश के अंदर लाल सैंड के बहुत सारे कण नीचे आएंगे इस कारण से इसे ब्लड रेन के नाम से भी जाना जाता है जो अल्प्स है उसके सदन साइड में यह बारिश करने के लिए रिस्पांसिबल होती हैं कुछ और विंड्स जिनके नाम मैं बता देता हूं वन इज द खमसिन इजिप्ट में सेंटा एना सेंटा एना विंट इस बार बहुत न्यूज़ में है बहुत ज्यादा न्यूज़ में है कैलिफोर्निया के अंदर जो अभी जो अभी हुआ है इतनी लार्ज
स्केल पे बहुत सारी फॉरेस्ट फायर्स लगी हैं उसके लिए जो रिस्पांसिबल विंड है वो सेंटा एना विंड ही है क्योंकि ये ड्राई विंड है महावी डेजर्ट जो है उस महावेद से कैलिफोर्निया की ओर आगे बढ़ती है और ड्राइनेस क्रिएट करती है और जब ज्यादा ड्राई हो जाती हैं तो जो फॉरेस्ट में जो लीव्स होती हैं वह आपस में रप करके क्या क्रिएट करती हैं फायर क्रिएट करती हैं और उस फायर को आगे ले लेके जाने का काम यह हवाएं कर देती हैं इस वजह से सेंटा एना विंड इज वेरी वेरी इंपॉर्टेंट दिस फॉर दिस ईयर्स
प्रिलिम्स राइट नेक्स्ट भाग हम देखते हैं कुछ कोल्ड विंड्स के बारे में ये तो सारी गर्म हवाएं थी कोल्ड विंड में सबसे पहली विंड जो कि फ्रांस की सबसे इंपॉर्टेंट विंड है जिसे हम मिस्टल के नाम से जानते हैं यह कोल्ड एंड ड्राई विंड होती है सेकंड इज इटली में बहने वाली एक हवा जिसे बोरा के नाम से जानते हैं यह ऐसी विंड है जो कि एड्रियाटिक सी से एड्रियाटिक सी से मॉइश्चर को पिक करती है और रेनफॉल करती है इसीलिए इसको कोल्ड वेट विंड्स के नाम से जाना जाता है ब्लिज जो है बहुत ही
ठंडी बहुत ही ड्राई हवाएं हैं जो कि कनाडा और यूएसए के अंदर बहती हुई हमें दिखाई देंगी और ऐसी ही हवाएं बहुत ठंडी हवाएं अगर साइबेरिया से चलती हैं तो उन्हें हम पुर्गा के नाम से जानते हैं राइट देन लेवेंट लेवेंट जो लेवांतो बहने वाली हवा है स्पेन में बहती है उसके साथ-साथ यहां से आप देखें वार्म ड्यूरिंग समर्स एंड कोल्ड ड्यूरिंग द विंटर्स राइट देन सिमिलरली वी हैव पपे कोल्ड विंड बुरान विंड्स जो कि रशिया की विंड है एंड नोटे विंड्स जो कि कोल्ड स्ट्रांग विंड है प्राइमर आपको मैक्सिको और सेंट्रल अमेरिका के अंदर
दिखाई देंगी सो दिस यू नीड टू रिमेंबर देयर इज नथिंग मच आई कैन हेल्प यू आउट बट स्टिल यू हैव टू अंडरस्टैंड एंड रिमेंबर द नेम्स ऑफ दी विंड्स स्पेसिफिकली सटाना यू आर नॉट अ सपोज टू फॉरगेट दैट विंड राइट नाउ लेट्स कम बैक एंड अंडरस्टैंड वी आर डन विद द प्राइमरी विंड्स अब हमें समझने की कोशिश करनी है यह तो सारी विंड्स थी कौन सी विंड्स जो कि सरफेस पे चलने वाली विंड्स थी नाउ द टाइम हैज कम टू अंडरस्टैंड द मोस्ट डिफिकल्ट पार्ट दैट इज एक हवा जो कि अपर ट्रोपो स्फेयर में चलती
है जिसे हम जेट स्ट्रीम के नाम से जानते हैं जेट स्ट्रीम्स जो होती हैं वोह अपर ट्रोपो स्फेरिक विंड्स होती हैं सबसे पहली बात हमें जाननी यह जरूरी है अपर ट्रोपो स्फेरिक विंड का मतलब यह है अभी तक जो हमने विंड्स देखी हैं वह सारी की सारी सरफेस पे चल रही थी अपर ट्रोपो स्फेरिक का मतलब ये विंड्स सरफेस से 6 से 8 किमी की ऊंचाई पर चलने वाली बहुत तेज बहने वाली हवाएं हैं अब जेट स्ट्रीम के बारे में जो मोस्ट इंपॉर्टेंट इंफॉर्मेशन है वो ये है कि ये थ्री डायमेंशन में बहने वाली विंड्स
हैं थ्री डायमेंशन का मतलब ये है कि जैसा अगर आप ये डायग्राम देखें उससे आपको क्लियर हो जाएगा कि ये ऐसी हवाएं हैं जहां पे इनकी विड्थ है 100 से 200 200 किमी तक और उसके साथ-साथ जो डेप्थ है दैट इज अराउंड 2 टू 3 किमी मतलब ये क्या है इस तरीके से भी बह रही हैं और इनकी डेप्थ भी है तो थ्री डायमेंशन विंड्स हैं एक बैंड लाइक मैनर में आप ऐसे समझे कि एक पाइप है उस पाइप के अंदर पानी का जैसे फ्लो होता है वैसे ही ये एक पाइप है जिसके अंदर फ्लो
हो रहा है किसका हवा का जिसकी जो लेंथ है दैट इज मोर दन 1000 ऑफ किलोमीटर अब ये बात तो हमें समझ में आ गई एक बात तो ये भी हमें मालूम है वो ये कि अगर अगर अपर ट्रोपो स्फीयर पे कोई विंड चलेगी तो उसको सबसे कम फ्रिक्शन महसूस होगा अगर फ्रिक्शन सबसे कम होगा तो इसका तात्पर्य यह है कि ये हवाओं की जो स्पीड है वो बहुत ज्यादा होगी इसका तात्पर्य यह है कि जो ये पूरी की पूरी विंड्स चल रही हैं इनकी स्पीड मोर देन 200 किमी पर आर से देखी जाती है
अब बात आती है कि ये जेट स्ट्रीम्स कहां ट्रेवल करती हैं ये जेट स्ट्रीम्स ट्रेवल करती हैं 30° नॉर्थ से 35° नॉर्थ जिसको हम बोलते हैं सबट्रॉपिकल वेस्टरली जेट्स और दूसरी हवाएं चलती हैं 60° नॉर्थ से 65 डिग्री नॉर्थ जिसे बोला जाता है पोलर फ्रंट जेट तो ये दो जो जेट स्ट्रीम्स मैंने आपके सामने बनाई है एक हेमिस्फीयर में ऐसा दूसरे हेमिस्फीयर में भी है बट हम नॉर्दर्न हेमिस्फीयर की बात करें तो ये जो हेमिस्फीयर में चलने वाली हवाएं हैं ये परमानेंट जेट स्ट्रीम्स कहलाती हैं अब यहां पे सवाल पैदा होता है कि जेट स्ट्रीम्स
आखिर है क्या जेट स्ट्रीम्स की जो इंफॉर्मेशन है वो ये है कि व्हाट आर दीज जेट स्ट्रीम्स जेट स्ट्रीम्स जो है वो अप्पर ट्रोपो स्फेरिक विंड्स हैं पहली बात दूसरी बात यह है कि जट स्ट्रीम्स थ्री डायमेंशन होती हैं अपने नेचर में इनकी वेलोसिटी बहुत ही ज्यादा है और ये हमेशा वेस्टरली विंड्स होती हैं दे आर ऑलवेज दी वेस्टरली विंड्स देन दे आर परमानेंट विंड्स और परमानेंट के अंदर परमानेंट जेट स्ट्रीम्स कुछ जेट स्ट्रीम्स ऐसी हैं जो टेंपरेरी जेट स्ट्रीम्स है जिनको हम इंडियन ज्योग्राफी में देखेंगे बट परमानेंट जेट स्ट्रीम्स की बात करें तो ये
30° नॉर्थ और 30° साउथ में और 60° नॉर्थ और 60° साउथ में चलने वाली हवाएं हैं यहां पे एक वर्ड लिखा हुआ है बाउंड बाय लो वेलोसिटी विंड्स बाउंड बाय लो वेलोसिटी विंड का मतलब ये है कि अगर आप इस पाइप को देखेंगे तो इस पाइप के ऊपर की जो हवा है उसको भी कुछ फ्रिक्शन मिल रहा होगा और इस पाइप के नीचे की हवा को भी कुछ फ्रिक्शन मिल रहा होगा इन दोनों फ्रिक्शन के अंदर की जो हवा है जिसको मैंने जेट करंट के नाम से लिखा है ये सबसे ज्यादा तेज होती है क्योंकि
इनको कोई फ्रिक्शन नहीं मिल रहा आप इसको इमेजिन ऐसे कर लें अगर कोई नदी बह रही है तो उस नदी के किनारों पे तो फ्रिक्शन है बट बीच के भाग में फ्रिक्शन नहीं होता तो क्या मैं कह सकता हूं कि नदी का पानी बाउंड है लो वेलोसिटी पानी से बिल्कुल सच्चाई है वैसा ही यहां पे दीज आर बाउंड बाय लो वेलोसिटी विंड्स सो व्हाट आर दी जेट स्ट्रीम्स वी हैव अंडरस्टूड वयर दे आर ब्लोइंग यस वी हैव अंडरस्टूड अब हमारे सामने सवाल आता है कि ये जेट स्ट्रीम्स क्यों बहती हैं जेट स्ट्रीम्स जो हैं ये
रिजल्टेंट है थर्मल ग्रेडिएंट विंड्स का अब ये थर्मल ग्रेडिएंट विंड्स क्या है ये मैं समझाने की कोशिश कर रहा हूं थोड़ा ध्यान से समझिए थर्मल ग्रेडिएंट विंड का मतलब यह है कि मैं एक ऐसा हाइपोथेटिकल सिनेरियो आपके सामने बता रहा हूं जिससे आपको जिससे आपको क्लेरिटी ऑफ थॉट हो जाएगा कि जब भी प्रेशर ग्रेडिएंट डेवलप होता है तभी हवाएं चलती हैं क्योंकि हमने हवाओं के बेसिक्स में देखा कि हवा चलती है हाई प्रेशर से लो प्रेशर की ओर और प्रेशर ग्रेडिएंट विंड होना बहुत जरूरी है प्रेशर ग्रेडिएंट फोर्स होना बहुत जरूरी है और ये प्रेशर
ग्रेडिएंट क्यों डेवलप होगा जब तक टेंपरेचर का डिफरेंस क्रिएट नहीं होता तब तक प्रेशर का डिफरेंस क्रिएट नहीं हो सकता अब यहां पे मैं एक सिनेरियो ले रहा हूं जिसमें इक्वेटर है इक्वेटर के साइड में 5° साउथ एंड ऑन अनदर साइड वी हैव 5° नॉर्थ मैंने इन दोनों जगहों पे एक कॉलम लिया एयर का इन दोनों कॉलम ऑफ एयर को अगर मैं देखता हूं तो मुझे यह बात महसूस होती है कि इक्वेटोरियल रीजन के अंदर हवाओं की राइजिंग है बिल्कुल सही बात है सर इक्वेटर पे लो प्रेशर होता है इसीलिए हवा राइज करती है अब
अगर मान लो मैं हाइपोथेटिकली आप को एक बात बोलूं तो आप मुझे एक बात का जवाब दीजिएगा 5° साउथ और 5° नॉर्थ क्या इन दोनों में टेंपरेचर का डिफरेंस होगा सर नहीं दोनों सेम लटटू है बस फर्क ये है कि एक नॉर्दर्न हेमिस्फीयर में एक सदर्न हेमिस्फीयर में तो इनके बीच में टेंपरेचर का डिफरेंस हमें देखने को नहीं मिलेगा तो दोनों जगहों पे सेम टेंपरेचर है इसका मतलब दोनों जगहों पे सेम रेट से हवा राइज कर रही है और अगर दोनों जगहों पे सेम रेट से हवा की राइजिंग है तो सेम रेट से राइज होने
का मतलब है यहां पे लोग प्रेशर और यहां पे लो प्रेशर सेम है और सबसीक्वेंटली जो इनके अप्पर ट्रोपो स्फीयर में प्रेशर होगा व भी क्या होगा सेम होगा और अगर अपर ट्रोपो स्फीयर में प्रेशर सेम है तो क्या किसी प्रकार का प्रेशर ग्रेडिएंट यहां पे दिखाई दिया नहीं इसका मतलब है इस जगह पे कोई भी हवा नहीं चलेगी ऑन दी अदर हैंड नाउ लेट्स कम टू दी 30 टू 35 डिग्री लटटू 30° लटटू और 35 डिग्री लटटू ऐसे हैं जहां पे हवा का सब्सिडेंस है और हवा के सब्सिडेंस से हाई प्रेशर सरफेस के ऊपर
डेवलप होता है कोई चक्कर नहीं है और जब सरफेस पे हाई प्रेशर है तो ऊपर क्या होगा सर लो प्रेशर होगा बट एक बात का जवाब देना 30° और 35° में टेंपरेचर ज्यादा किसका होगा सर उम्मीद तो यह है कि 30° लटटू इज क्लोज टू इक्वेटर सो यहां पे टेंपरेचर कंपैरेटिव ज्यादा होगा और 35° पे टेंपरेचर कंपैरेटिव कम होगा मैं इन दोनों को हाइपोथेटिकली बना के समझा रहा हूं अब एक बात बताओ जहां पे टेंपरेचर कम है वहां वहां पे हवाओं की सब्सिडेंस ज्यादा होगी या कम होगी सब बोलेंगे सर जहां टेंपरेचर कम होता है
ना वहां पे हवा जल्दी नीचे की ओर उतरती है तो इसका मतलब ये है कि इस कॉलम में हवा बहुत जल्दी नीचे की ओर आने लगेगी ऑन दी अदर हैंड 30 डिग्री लटटू पे टेंपरेचर कंपैरेटिव ज्यादा है इसका तात्पर्य ये है कि यहां पे जो हवा का सब्सिडेंस है वो कंपैरेटिव स्लो है यहां पे हवा का सब्सिडेंस लो है यहां पे हवा का सब्सिडेंस कंपैरेटिव फास्ट है तो यहां से ये मतलब निकलता है कि 30° लटटू पे हवा का एक्यूमेन कंपैरेटिव ऊपर ज्यादा रहेगा और यहां पे डेवलप हो जाएगा हाई प्रेशर और यहां पे हवा
अगर बहुत जल्दी नीचे की ओर उतर गई तो ऊपर प्रेशर क्या बन जाएगा सर लो प्रेशर तो यहां से मुझे समझ में आया कि क्या 30° और 35° के अंदर थर्मल ग्रेडिएंट है बिल्कुल सही बात है सर यहां पे थर्मल ग्रेडिएंट की अवेलेबिलिटी है और इसी थर्मल ग्रेडिएंट की वजह से क्या सर अपर ट्रोपो स्फेयर पे प्रेशर ग्रेडिएंट का डेवलपमेंट हुआ जी हां और अगर प्रेशर ग्रेडिएंट का डेवलपमेंट होगा तो क्या ऊपर अपर ट्रोपो स्फेयर में कुछ हवाएं चलेंगी बिल्कुल सही बात है सर हाई प्रेशर से लो प्रेशर कुछ हवाएं चलने लगेंगी इसीलिए मैंने बोला
जो जेट स्ट्रीम्स है वो कहां चलती हैं 30° नॉर्थ एंड 30° साउथ के अंदर बिल्कुल ठीक है इसके बाद अगर मैं बात बताऊं आपको 60° और 65° की आप खुद समझो 60° का मतलब है सबपोलर लो प्रेशर और लो प्रेशर के रीजन में हवाओं हवाएं क्या करती हैं ऊपर उठती हैं ठीक है सर 60° में भी राइज हो रहा है और 65° में भी राइज हो रहा है कोई दिक्कत नहीं है अब एक बात बताओ टेंपरेचर ज्यादा किसका सर 60° नॉर्थ का टेंपरेचर कंपैरेटिव 65° नॉर्थ से ज्यादा होगा अगर यहां का टेंपरेचर ज्यादा होगा तो
यहां पे हवाएं बहुत तेजी से ऊपर उठेंगी और जब यहां पे हवाएं बहुत तेजी से ऊपर उठेंगी तो इस जगह पे प्रेशर कौन सा बन जाएगा हाई प्रेशर और यहां पे कंपैरेटिव टेंपरेचर कम है तो प्रेशर भी यहां पे क्या क्या दिखाई देगा अपर ट्रोपो स्फेयर में प्रेशर कौन सा दिखाई देगा लो प्रेशर क्यों क्योंकि हवाएं बहुत आराम आराम से ऊपर चढ़ रही हैं राइट तो यहां से हमें समझ में आया कि ये जो थर्मल ग्रेडिएंट विंड्स हैं इनकी वजह से प्रेशर ग्रेडिएंट का डेवलपमेंट होता है और प्रेशर ग्रेडिएंट की वजह से कुछ हवाएं डेवलप
होती हैं जिन्हें हम 30° से 35° के बीच में और 60° से 65 डिग्र के बीच में चलते हुए देखते हैं तो दिस इज हाउ दी थिंग्स आर देयर तो आप इस डायग्राम से भी समझ सकते हैं कि 30° पे जो हवाएं नीचे गिर रही हैं और 35° पे जो हवाएं नीचे गिर रही हैं उसमें 35° पे बहुत जल्दी हवाएं नीचे गिरें इसलिए यहां पे लो प्रेशर है और 30° पे हवाएं थोड़ी कंपैरेटिव धीरे नीचे उतरेंगी क्यों क्योंकि यहां पे टेंपरेचर ज्यादा है इसलिए यहां पे प्रेशर हाई होगा और इनके बीच में एक हवा चलने
लगेगी जिसे आप किस नाम से जानते हैं जेट स्ट्रीम के नाम से जानते हैं तो क्या मैं कह सकता हूं जेट स्ट्रीम हेडली सेल और फेरल सेल के जंक्शन पे चलती हैं जी हां जेट स्ट्रीम्स क्या फेरल सेल और पोलर सेल के जंक्शन पे चलती हैं जी हां ये इन दोनों के जंक्शन पर चलने वाली बहुत तेज हवाएं हैं ये तो हमने जेट स्ट्रीम के बारे में जान लिया अब जेट स्ट्रीम्स जो होती हैं क्या ये थर्मल ग्रेडिएंट विंड्स हैं बिल्कुल सही बात है क्या ये डिफरेंशियल अब देखो जो पूरी धरती पे लैंड और सी
है क्या यूनिफॉर्म डिस्ट्रीब्यूटर है नहीं ये यूनिफॉर्म डिस्ट्रीब्यूटर नहीं है इसका मतलब यह है कि अगर ये डिफर ेंशियल लैंड एंड सी अरेंजमेंट होगा तो जेट स्ट्रीम्स कभी भी सीधी नहीं चलेंगी जेट स्ट्रीम्स के अंदर हमेशा मिएंडरिंग देखी जाती है और ये मिएंडरिंग होती है डिफरेंशियल लैंड एंड सी के कारण डिफरेंशियल लैंड एंड सी के कारण डिफरेंशियल अवेलेबिलिटी ऑफ लैंड एंड सी आई कैन अंडरस्टैंड वन थिंग कि ये इतना डिफिकल्ट टॉपिक है इसको समझना इतना जल्दी आसान नहीं है बट स्टिल मेरी भी आप कुछ भावनाओं को समझेंगे क्योंकि हम क्विकली रिवाइज करना चाहते हैं तो
मैं सिर्फ आपको पॉइंट्स रिवाइज करवाना चाहता हूं जेट स्ट्रीम्स थ्री डायमेंशन विंड्स होती हैं जेट स्ट्रीम्स बहुत तेज हवाएं हैं जेट स्ट्रीम्स हमेशा वेस्ट लीज है जेट स्ट्रीम्स परमानेंट और टेंपरेरी हैं परमानेंट के अंदर 30° और 60° लटटू के अंदर ये बहती हैं और 30° 60° फेरल सेल हेडली सेल का और फेरल सेल पोलर सेल का जंक्शन होता है ये थर्मल ग्रेडिएंट विंड्स हैं ये मंडर करती है क्योंकि धरती के ऊपर लैंड एंड सी डिफरेंशियल है अब इस लैंड एंड सी डिफरेंशियल के कारण क्या आएगा आप खुद समझो आपने बोला कि सर जट स्ट्रीम्स का
जो जट स्ट्रीम जो रिजल्टेंट है वो टेंपरेचर डिफरेंस का है और टेंपरेचर डिफरेंस क्या लैंड और सी के ऊपर अलग-अलग नहीं होगा बिल्कुल सही बात है सर अलग-अलग होगा उसके मुताबिक ही आपको यह इस तरीके से बहती हुई दिखाई देंगी तो इसकी मिएंडरिंग क्यों होती है यह भी पता लगा ये सबसे इंपॉर्टेंट डायग्राम है अगर आप जेट स्ट्रीम्स को समझे तो यह डायग्राम क्या कहता है पहली बात तो यह कि जब भी अपेरेंट मूवमेंट ऑ सन होगा टुवर्ड्स नॉर्थ तो क्या जेट स्ट्रीम्स नॉर्थ की ओर मूव करेंगी जी हां अपेरेंट मूवमेंट सन का होगा साउथ
तो जेट स्ट्रीम्स क्या साउथ में मूव करेंगी जी हां अब एक बात बताओ इनमें ज्यादा प्रोमिन मूवमेंट जेट स्ट्रीम्स का कहां देखा जाएगा नॉर्थ में या साउथ में सब सहमत होंगे सर नॉर्थ में देखा जाएगा क्योंकि नॉर्थ में लैंड मास की अवेलेबिलिटी कंपेरटिवली ज्यादा है ठीक है सर ये भी समझ में आ गया अब ये बात आपको ध्यान में रखनी है भले ही ये जेट स्ट्रीम्स अपर ट्रोपो स्फेयर में चल रही हो बट इनका जो इंपैक्ट है वह सरफेस पे भी होता है यह इंपैक्ट सरफेस पे क्यों है उसको समझें वो क्यों है क्योंकि अगर
आप इस डायग्राम को देख पा रहे हैं तो आपको समझ में आएगा कि जेट स्ट्रीम्स थ्री डायमेंशन विंड्स हैं ये थ्री डायमेंशन का मतलब यह है कि यहां पे ये इस तरीके से हॉरिजॉन्टल तो मिएंडर कर ही रही हैं बट उसके साथ-साथ इनके पास एक डेप्थ भी है तो ये वर्टिकली भी मिएंडर है यानी कि ये वर्टिकल भी मिएंडर है वर्टिकल मिएंडर का मतलब ये है कि जब जेट स्ट्रीम के अंदर इस तरीके से मिएंडरिंग होगी अगर मैं वर्टिकल लोकेशन देखूं तो मुझे समझ में आएगा जब जेट स्ट्रीम्स का रिज आ रहा है इसका मतलब
यहां पे हवाएं ऊपर की ओर उठ रही हैं जब हवाएं यहां पे ऊपर की ओर उठ रही हैं तो क्या मैं कह सकता हूं कि अब ये तो चलो ठीक है हवाएं ऊपर की ओर उठ रही हैं और यहां पे हवाएं कंपैरेटिव नीचे की ओर आ रही हैं जब यहां पे हवाएं नीचे की ओर आने की कोशिश करेंगी तो क्या इस जगह पे हवाओं का एक्यूमेन होगा बिल्कुल सही बात है सर जब यह हवा नीचे की ओर आएगी तो कुछ अमाउंट ऑफ एयर विल बी कमिंग डाउन ये नीचे की ओर आने की कोशिश करेगी जब
ये नीचे की ओर आने की कोशिश करेगी तो ये सरफेस पे कौन सा प्रेशर बनाएगी बेटा लोग ये सरफेस पे बनाएगी हाई प्रेशर ये सरफेस पे कौन सा प्रेशर बनाएगी हाई प्रेशर ऑन दी अदर हैंड जब ये ऊपर राइज कर रहा है तो क्या जब ये ऊपर की ओर जा रही है तो क्या यह हवाएं यहां से सरफेस से कुछ हवाओं को अपनी ओर खींचने की कोशिश करेंगी जी हां सर अगर ऊपर कोई हवा जा रही है उसका इतना ज्यादा इंपैक्ट है कि वो सरफेस से नीचे से हवा ऊपर की ओर खींचने लगे तो यहां
पे कौन सा प्रेशर बिल्ड अप हो जाएगा लो प्रेशर का बिल्ड अप हो जाएगा तो ये है मेजर कांसेप्ट कि आप अगर इस डायग्राम को याद रखेंगे कि हवा नीचे जब आ रही है तो उसका मतलब यह है कि सम अमाउंट ऑफ एयर विल बी कमिंग डाउन वर्ड तो इसकी वजह से ये यहां पे कौन सा प्रेशर बिल्ड अप करेगी हाई प्रेशर बिल्ड अप करेगी अब मान लीजिए मैं आपको एक सिनेरियो देता हूं इस सिनेरियो के अंदर आप थोड़ा समझ पाएंगे कि यहां पे अगर मैं देखूं तो इस जगह पे आप देख पा रहे हैं
जब हवा ऊपर की ओर उठ रही है तो यहां से कुछ हवा सरफेस से ऊपर की ओर जाएगी जिसे आप लो प्रेशर का नाम दे देंगे सरफेस पे और जब यह हवा नीचे की ओर आ रही है तो सम अमाउंट ऑफ एयर विल बी कमिंग डाउन वर्ड एंड विल क्रिएट हाई प्रेशर एट दी सरफेस ये चीज आपको समझ में आनी चाहिए तो हम ये भी पता लग गया अब जेट स्ट्रीम की सारी जानकारी यहां पे लिखी हुई है इसको एक-एक करके रिवाइज करते हैं देन वी विल बी डन विद दिस जेट स्ट्रीम्स क्या होती हैं
इनकी स्पीड होती है 300 किमी पर आर क्या जेट स्ट्रीम्स नॉर्दर्न हेमिस्फीयर और सदर्न हेमिस्फीयर दोनों हेमिस्फियर्स में दोनों हेमिस्फियर्स में बच्चा लोग अ वेस्टर्लीज हैं जी हां दोनों हेमिस्फीयर में ये वेस्टर्लीज हैं हम कौन सी जेट स्ट्रीम्स की बात कर रहे हैं सर परमानेंट जट स्ट्रीम्स की बात कर रहे हैं इनको क्या नाम देते हैं सर सर इनको नाम देते हैं सब ट्रॉपिकल जेट स्ट्रीम्स और पोलर जेट स्ट्रीम्स और पोलर फ्रंट जेट जिसको आपने बोला कि स्ट्रांग जेट होगी पोलर जेट स्ट्रीम्स क्यों क्योंकि सर जहां पे टेंपरेचर का डिफरेंस ज्यादा होगा वहां पे हवाओं
की स्पीड भी ज्यादा होगी और पोलर एरिया में जो टेंपरेचर ग्रेडिएंट है ठंडे प्रदेशों में विंटर्स में यह बात आप याद रखेंगे ठंडे प्रदेशों में और पोलर एरियाज में जो टेंपरेचर डिफरेंस होता है वो कंपैरेटिव ज्यादा होता है जिसकी वजह से हवाओं की स्पीड भी आपको ज्यादा दिखाई देगी क्या जट स्ट्रीम्स अपर ट्रोपो स्फेरिक हाई वेलोसिटी वेस्टरली विंड्स हैं बिल्कुल सही बात है क्या ये थ्री डायमेंशन है जी हां क्या ये थर्मल ग्रेडिएंट विंड्स है यस ये किसके जंक्शन पे चलती हैं हेडली सेल और फेरल सेल के जंक्शन पे चलती हैं और क्या यह हाई
प्रेशर एंड लो प्रेशर जैसी कंडीशंस को डेवलप करती है सरफेस पे जी हां और क्या इनकी शिफ्टिंग अपेरेंट मूवमेंट ऑफ सन सन के साथ होती है यस क्या नॉर्थ में शिफ्टिंग ज्यादा और साउथ में शिफ्टिंग कम है यस क्या यह भारत के अंदर ऑन सेट ऑफ मानसून के लिए रिस्पांसिबल है जी हां कैसे आप इसको समझने की कोशिश कीजिए यह एक बहुत ही खूबसूरत सा कांसेप्ट है जो कि जेटस्ट्रीम की एप्लीकेशन के रूप में देखा जाता है देखिए हम यह समझते हैं कि भारत के अंदर मानसून जो आता है दैट इज कमिंग फ्रॉम दी साउथ
वेस्टर्न विंड्स साउथ वेस्टरली जो विंड्स है उसकी वजह से आता है और अगर साउथ वेस्टरली विंड्स हैं तो इसका मतलब यह है कि इस जगह पे कौन सा प्रेशर होना चाहिए हाई प्रेशर और यहां पे किस प्रेशर की डेवलपमेंट होनी चाहिए लो प्रेशर की अब माने मार्च अप्रैल एंड म मार्च अप्रैल और म के अंदर बहुत ज्यादा गर्मी बढ़ने लगती है भारत के अंदर इन समय के अंदर अगर इतनी गर्मी है मार्च अप्रैल म में इतनी ज्यादा गर्मी है तो इस जगह पे लो प्रेशर का डेवलपमेंट हो जाना चाहिए बट सबसीक्वेंटली पानी इतना जल्दी गर्म
नहीं होता तो यहां पे हाई प्रेशर का डेवलपमेंट होगा बट फिर भी क्या भारत के अंदर मार्च अप्रैल म में मानसून आता है सर नहीं आता मानसून क्यों नहीं आता मानसून उसका कारण यह है कि यहां पे जेट स्ट्रीम का ये जो पार्ट है जो कि जेट स्ट्रीम भारत के अंदर हिमालया के साउथ में ट्रेवल करती हैं और अगर ये साउथ में ट्रेवल करती हैं तो आप खुद समझें अगर मान लीजिए जेट स्ट्रीम का नीचे गिरने वाला भाग भारत के हिमालया के नीचे है तो सरफेस से जो हवा ऊपर उठ रही होगी ऊपर से आने
वाली हवा उसको क्या कर देगी नीचे की ओर दबा देगी तो क्या ये लो प्रेशर कभी डेवलप हो पाएगा नहीं इसीलिए बोला जाता है है कि जेट स्ट्रीम जब ऊपर शिफ्ट होगी हिमालया से तभी भारत के अंदर साउथ वेस्टर्न मानसून का ऑनसेट देखा जाता है सो दिस इज दी एप्लीकेशन पार्ट ऑफ जट स्ट्रीम जो आपको मैंने यहां पे भी बताया कि जब ये ऊपर जाएगी अप एंड डाउन होगा जब जेट स्ट्रीम का तब उसकी वजह से एक्सट्रीमिटीज आपको दिखाई देंगी राइट क्या ये रिस्पांसिबल है ऑनसेट ऑफ इंडियन मॉनसून के लिए बिल्कुल सही बात है सर
ये इंडियन मानसून के लिए रिस्पांसिबल है तो हमने अब यहां पे सारी विंड्स देख ली ली है ट्रेड विंड्स वेस्ट लीज पोलर ईस्ट लीज माउंटेन वैली ब्रीज लैंड एंड सी ब्रीज अभी मैंने आपको मॉनसूनल विंड के बारे में बताया लू फॉइन नोक जंडा बोरा पंपे ग्रिगेन ट्रो मेंटेन एंड मिस्ट्रेल ये सारी क्लासिफिकेशन ऑफ विंड्स वी आर डन विद दिस पार्ट नाउ नाउ वी आर गोइंग टू अंडरस्टैंड समथिंग अबाउट दी ह्यूमिडिटी जो कि थर्ड मेजर सेगमेंट है जिसको देखकर हमें आगे समझना है कि कैसे क्लाउड्स बनेंगे एंड देन वी विल मूव ऑन एंड डिस्कस द एस्पेक्ट
ऑफ ट्रॉपिकल एंड टेंपरेट साइक्लोंस स व्हेन इट कम्स टू ह्यूमिडिटी ह्यूमिडिटी का मतलब होता है एटमॉस्फेयर के अंदर वटर वेपर का प्रेजेंस कितना है सो वटर वेपर प्रेजेंट्स इन दी एटमॉस्फेयर वाटर वेपर प्रेजेंट इन दी एटमॉस्फेयर वही बताएगा ह्यूमिडिटी के कांसेप्ट को जब हम ह्यूमिडिटी पढ़ते हैं तो यहां पे हमें दो मेजर चीजों के बारे में ध्यान में रखना होता है वो यह है वन इज एब्सलूट ह्यूमिडिटी एंड सेकंड वन इज दी रिलेटिव ह्यूमिडिटी एस ल्यूट ह्यूमिडिटी का मतलब होता है मान लीजिए अगर कोई यह एक एयर पार्सल है जिसके अंदर 10 ग्रा ऑफ वाटर
वेपर का प्रेजेंस है और इसका जो वॉल्यूम है दैट इज 1 मीटर क तो इसकी एब्सलूट ह्यूमिडिटी होगी 10 ग्रा पर मीटर क तो बेसिकली व्हाट इट टेल्स अस इट इज टेलिंग अस टोटल अमाउंट ऑफ वाटर वेपर दैट इज प्रेजेंट इन दी 1 मीटर कू ऑफ एयर पार्सल सो ये एक होलिस्टिक कांसेप्ट है जो कि एब्सलूट मैनर में हमें यह बताता है कि 1 मीटर क्यूब का अगर कोई एयर पार्सल है तो उस उसके अंदर कितने ग्राम वाटर वेपर का प्रेजेंस है सिंपल एज दैट तो ये हुआ एटमॉस्फेयर एब्सलूट ह्यूमिडिटी अब जब एब्सलूट ह्यूमिडिटी की
बात करते हैं तो जनरली इसका रिलेशन हम टेंपरेचर के साथ निकालने लगते हैं बट ऐसा नहीं होता जनरली अगर हम बात करें तो एब्सलूट ह्यूमिडिटी इज कांस्टेंट विद दी टेंपरेचर ऐसा क्यों है क्योंकि आप खुद समझे मुझे किसीसी ने बोला कि सर अगर आप इसकी एब्सलूट ह्यूमिडिटी इंक्रीज करना चाहते हैं तो आपको इसके अंदर ऐड करना पड़ेगा क्या कुछ अमाउंट ऑफ वाटर वेपर जब आप वाटर वेपर ऐड करने की कोशिश करेंगे तब वो कैसे ऐड होगा सर पानी के इवेपरेशन से जब पानी का इवेपरेशन होगा तो वाटर वेपर ऐड हो जाएगा है ना बट ऐसा
है कि इवेपरेशन किस पे निर्भर करता है सर टेंपरेचर पे तो आपने पानी का टेंपरेचर बढ़ाया इवेपरेशन हुआ वाटर वेपर ऐड हो गया बट क्या मैं ये कह सकता हूं अगर आप डेजर्ट रीजन में है अगर आप रेगिस्तान में है तो वहां पे आपको ऐसी चीजें ऐसी अवस्थाएं महसूस नहीं होंगी क्योंकि टेंपरेचर के इंक्रीज होने से वहां पे वाटर वेपर का एडिशन नहीं हो सकता इसीलिए यह बोला जाता है कि जो एब्सलूट ह्यूमिडिटी है दिस इज दिस इज एट अ कांस्टेंट टेंपरे दिस इज कांस्टेंट विद टेंपरेचर चेंजेज ये कांस्टेंट है टेंपरेचर चेंजेज के साथ हम
टेंपरेचर के साथ कोई एक पर्टिकुलर रिलेशन इसका नहीं निकाल सकते हैं बट अगर हम इसके अंदर किसी भी माध्यम से इवेपरेशन के माध्यम से या किसी भी तरीके से वाटर वेपर ऐड कर दें तो वो बात अलग है बट स्टिल हम ये वर्ड जरूर यूज़ करते हैं कि जनरली अगर हम देखें तो इट इज कांस्टेंट विद चेंज इन टेंपरेचर तो टेंपरेचर के साथ चेंज अगर हो रहा है तो वह क्या है उसको हमने समझना है दैट इज डिस्क्राइब्ड विद द हेल्प ऑफ अनदर फॉर्म ऑफ ह्यूमिडिटी जिसे हम रिलेटिव ह्यूमिडिटी के नाम से जानते हैं रिलेटिव
ह्यूमिडिटी का मतलब है कि अगर मान लीजिए आई हैव दिस वाटर वेप अ दिस एयर पार्सल इस एयर पार्सल के अंदर मैंने बोला किसी एक पर्टिकुलर टेंपरेचर के अंदर कुछ अमाउंट ऑफ वाटर वेपर का प्रेजेंस है बट रिलेटिव कांसेप्ट को समझने के लिए हमें यहां पे जानना जरूरी है कि एक कांसेप्ट है जिसे हम ह्यूमिडिटी ह्यूमिडिटी कैपेसिटी कहते हैं ह्यूमिडिटी कैपेसिटी का मतलब है उस एयर पार्सल की एबिलिटी कितनी है कि वो मैक्सिमम वाटर वेपर को होल्ड कर सके किसी एक पर्टिकुलर टेंपरेचर और वॉल्यूम पे मतलब यह है कि उस एयर पार्सल के अंदर मैक्सिमम
कितना वाटर वेपर आ सकता है दैट इज बीइंग शोन विद दी हेल्प ऑफ ह्यूमिडिटी कैपेसिटी कैपेसिटी की बात कर रहा है एबिलिटी की बात कर रहा है तो रिलेटिव ह्यूमिडिटी को उसके रिलेटिव ही देखा जाता है रिलेटिव ह्यूमिडिटी का फार्मूला होता है टोटल अमाउंट ऑफ वाटर वेपर प्रेजेंट अपॉन ह्यूमिडिटी कैपेसिटी * 100 मान लीजिए मेरे पास ये एयर पार्सल था इस एयर पार्सल के अंदर टेंपरेचर 20 डिग्री सेल्सियस पे अगर 10 ग्राम पर मीटर क्यूब वाटर वेपर का प्रेजेंस है और इसकी ह्यूमिडिटी कैपेसिटी है 20 ग्राम तो रिलेटिव ह्यूमिडिटी होगी 10/2 * 100 दैट इज
50 पर ये कितनी होगी 50 % होगी इसका मतलब यह है कि जितनी उसकी कैपेसिटी थी उसका हाफ पार्ट में यहां पे किसका प्रेजेंस है वटर वेपर का प्रेजेंस है किसी एक पर्टिकुलर टेंपरेचर और वॉल्यूम पे अब यहां पे हमें समझना है कि जब हम तापमान को इंक्रीज करते हैं तब आप समझेंगे कि उस पर्टिकुलर एयर पार्सल के अंदर जो मॉलिक्यूल होंगे उनकी काइनेटिक एनर्जी इंक्रीज हो जाती है जिसकी वजह से वो वाटर वेपर को वाटर वेपर की फॉर्म में ही रखना चाहते हैं उनको लिक्विड ड्रॉपलेट में नहीं कन्वर्ट होने देंगे इसका तात्पर्य यह हुआ
मेरे दोस्तों कि जब भी टेंपरेचर इंक्रीज होगा ह्यूमिडिटी कैपेसिटी क्या हो जाएगी इंक्रीज हो जाएगी जब ह्यूमिडिटी कैपेसिटी तापमान के इंक्रीज होने से इंक्रीज होगी तो आप देखें अगर ह्यूमिडिटी कैपेसिटी इंक्रीज होती है टेंपरेचर इंक्रीज होने थे तो रिलेटिव ह्यूमिडिटी क्या हो जाएगी डिक्रीज हो जाएगी इट मींस रिलेटिव ह्यूमिडिटी हैज एन इवर्स रिलेशनशिप विद दी टेंपरेचर इसको मैं एक बहुत अच्छे डायग्राम से आपको समझा सकता हूं जो आप यहां पे देख रहे हैं मान लीजिए मैंने कुछ सिनेरियो लिए इस सिनेरियो में टेंपरेचर था 20° सेल्सियस 1 मीटर क वॉल्यूम पर एब्सलूट ह्यूमिडिटी इज 5 ग्रा
पर मीटर क एंड ह्यूमिडिटी कैपेसिटी मैं लेता हूं लेट्स से 10 ग्रा पर मीटर क अगर मैं यहां पे रिलेटिव ह्यूमिडिटी निकालू तो वो होगा 5/10 * 100 दैट इज 50 पर फेयर इनफ अब मैंने टेंपरेचर को थोड़ा डिक्रीज किया टेंपरेचर जैसे ही डिक्रीज हुआ लेट्स से 20° से 10 डिग्री सेल्सियस अब जो एब्सलूट ह्यूमिडिटी है वो तो कांस्टेंट है विद टेंपरेचर तो वहां तो चेंज आया नहीं तो यह तो 5 ग्राम्स ही रहेगी बट ह्यूमिडिटी कैपेसिटी क्या कम होती जाएगी बिल्कुल सही बात है मैं कह रहा हूं पहले मैंने 10 लिया था अब मैं
कितना ले रहा हूं 7 ग्रा पर मीटर कब तो रिलेटिव ह्यूमिडिटी कितनी हो जाएगी 5/7 * 100 ये अराउंड 70 पर के आसपास आपको दिखाई दे गया ठीक है फिर आता है टेंपरेचर और कम हो गया टेंपरेचर मैंने 5° सेल्सियस कर दिया वॉल्यूम रिमेंस द सेम इसका मतलब ये है कि एब्सलूट ह्यूमिडिटी तो सेम है और यहां पे अगर ह्यूमिडिटी कैपेसिटी 5 ग्रा पर मीटर क्यूब हो गई तो इसका मतलब है रिलेटिव ह्यूमिडिटी इज नाउ 100% सो विद दिस व्हाट वी कैन रिलाइज हियर इज जैसे-जैसे टेंपरेचर कम होता जा रहा है वैसे-वैसे रिलेटिव ह्यूमिडिटी क्या
होती जा रही है इंक्रीज होती जा रही है और रिलेटिव ह्यूमिडिटी के 100% होने का मतलब ये है कि जितनी उसकी कैपेसिटी थी उतना ही वाटर वेपर उसके अंदर मौजूद है मतलब वो एयर पार्सल अब कंप्लीट क्या है सैचुरेटेड है वो एयर पार्सल कंप्लीट क्या है सैचुरेटेड है सो ऐसा टेंपरेचर जिस पे एयर पार्सल का सैचुरेशन हो जाएगा उस टेंपरेचर को हम क्या कहते हैं ड्यू पॉइंट कहते हैं अब एक बात बताओ अगर वो वटर वेपर से सैचुरेट हो गया तो मान लो मैंने थोड़ा सा टेंपरेचर कम किया तो क्या अब उसके अंदर जो मॉइश्चर
है जो वाटर वेपर है वो वेपर की फॉर्म में रहेगा या लिक्विड में कन्वर्ट होने लग जाएगा सर वो लिक्विड में कन्वर्ट होने लग जाएगा उसका कारण क्या है क्योंकि टेंपरेचर के कम होते ही जो वहां पे वेपर्स थी अब उनको होल्ड नहीं किया जा सकता क्योंकि ह्यूमिडिटी कैपेसिटी है ही नहीं कैपेसिटी का मतलब है कि वो एयर पार्सल वाटर को वेपर की फॉर्म में रखने की कितनी एबिलिटी रखता है अब अगर उसकी एबिलिटी 100% अचीव हो चुकी है तो जैसे ही टेंपरेचर और कम होगा तो क्या अब उसकी एबिलिटी के बियोंड हम जा रहे
हैं जी हां इसका मतलब क्या अब वहां पे कंडेंसेशन का प्रोसेस स्टार्ट हो जाएगा वेरी गुड तो यहां पे जो वाटर वेपर होगा दैट विल स्टार्ट गेटिंग कंडेंस्ड तो उनका क्या हो जाएगा कंडेंस सेशन स्टार्ट हो जाएगा जैसे ही उसका कंडेंसेशन हो जाएगा वैसे ही आप समझें जिस पॉइंट को जिस टेंपरेचर को आपने बोला था जहां पे रिलेटिव ह्यूमिडिटी 100% हो जाती है उस टेंपरेचर को हम किस नाम से जानते हैं ड्यू पॉइंट और ड्यू पॉइंट से जैसे ही थोड़ा सा सैचुरेटेड एयर से जैसे ही थोड़ा सा अपने सुपर सैचुरेशन की ओर बढ़ेंगे तो कंडेंसेशन
स्टार्ट हो जाएगा बट यहां पे एक चीज और ध्यान रखनी है कि कंडेंसेशन के लिए हमें एक सरफेस की आवश्यकता होती है और वह सरफेस कौन आता है हाइक्रोम कोपिक न्यूक्लिया आता है यहां पे इससे समझे कि टेंपरेचर और रिलेटिव ह्यूमिडिटी का क्या रिलेशन है इवर्स रिलेशनशिप है जी हां बिल्कुल सही बात है बिल्कुल इवर्स रिलेशनशिप है सैचुरेशन एंड ड्यू पॉइंट 100% रिलेटिव ह्यूमिडिटी होती है तो सैचुरेशन होता है और जिस टेंपरेचर पे होती है उसे हम ड्यू पॉइंट कहते हैं कूलिंग ए सैचुरेशन मेथड जब-जब टेंपरेचर कम हो रहा है तब तब हम सैचुरेशन की
ओर अचीव कर रहे हैं बिल्कुल सही बात है सर इस पिछले पूरे के पूरे प्रोसेस के अंदर हम हम क्या करते जा रहे हैं कूलिंग करते जा रहे हैं और सैचुरेशन अचीव होता जा रहा है डेली फ्लक्ट एश भी हम देखते हैं जब टेंपरेचर इंक्रीज होगा या डिक्रीज होगा उस हिसाब से रिलेटिव ह्यूमिडिटी देखी जाती है सो नाउ वी विल अंडरस्टैंड द प्रोसेस ऑफ कंडेंसेशन जब आपने कंडेंसेशन देखा तब आपको मैंने पहले भी बताया था वेपर से अगर आप लिक्विड फॉर्म में आ रहे हैं देन दिस प्रोसेस इज टर्म्ड एज कंडेंसेशन और इस कंडेंसेशन के
प्रोसेस के लिए आपको टेंपरेचर क्या करना पड़ेगा डिक्रीज और जब आप टेंपरेचर डिक्रीज करते जाएंगे तब रिलेटिव ह्यूमिडिटी क्या हो जाएगी 100% और जिस टेंपरेचर पे यह हो जाएगी उस टेंपरेचर को क्या बोला जाएगा ड्यू पॉइंट सो जैसे ही ड्यू पॉइंट से ऊपर आप जाएंगे क्या प्रोसेस ऑफ कंडेंसेशन विल बिगिन यस कंडेंसेशन होना स्टार्ट हो जाएगा और उस कंडेंसेशन के लिए आपको किसकी रिक्वायरमेंट होगी एक हाइक्रोम पिक न्यूक्लिया की रिक्वायरमेंट होगी अभी मैं आपको एक सबसे इंपॉर्टेंट फैक्टर और सबसे इंपॉर्टेंट फिनोमिना समझाने वाला हूं जिसे हम एडिया बेटिक और नॉन एडिया बेटिक के नाम से
जानते हैं आप देखें एडिया बेटिक प्रोसेस वो प्रोसेस होते हैं जिसमें आप सिस्टम के बाहर से हीट एक्सचेंज नहीं करते हैं मान लीजिए मेरे पास यहां पे एक ग्लास ऑफ वाटर है इस ग्लास ऑफ वाटर के साथ अगर मैंने इसको गर्म करने की कोशिश की और बाहर से बर्नर लगा दिया तो इसका पानी गर्म हो जाएगा सो ऑब् वियस अबाउट इट बट क्या यहां पे इस पूरे को मैं सिस्टम मानूं तो यहां से बाहर से कोई हीट का एक्सचेंज हुआ है बिल्कुल सही बात है सर हीट का एक्सचेंज हुआ है और जैसे ही ये हीट
का एक्सचेंज हुआ है इस प्रोसेस को मैंने क्या बोल दिया नॉन एडिया बेटिक बोल दिया अब आपके दिमाग में ये सवाल आएगा कि सर ऐसा कैसे हो सकता है कि बिना हीट एक्सचेंज किए आप तापमान को इंक्रीज कर दें विदाउट दी एक्सचेंज ऑफ हीट विद सराउंडिंग अगर तापमान में वेरिएशन आता है तो उसे हम क्या कहते हैं एडिया बेटिक प्रोसेसेस कहते हैं अब ये एडिया बेटिक प्रोसेस कैसे काम करेगा उसको समझने की कोशिश करते हैं देखिए मान लीजिए मेरे पास मेरे ये दोनों हाथ हैं मैंने इनको रब करना स्टार्ट किया थोड़े समय बाद ये दोनों
हाथ क्या हो जाएंगे गर्म हो जाएंगे जब ये दोनों गर्म हो जाएंगे तो क्या मैं कह सकता हूं 100% मैं ये कह सकता हूं कि इनके गर्म होने पे क्या एक्सचेंज हुआ बाहर से हीट का सर कोई एक्सचेंज नहीं हुआ है हीट का बट फिर भी तापमान इंक्रीज हो गया इसका मतलब ये था कि जब ये पार्टिकल्स आपस में कोलाइड करते हैं तो तापमान को बढ़ा देते हैं और अगर ये पार्टिकल्स एक दूसरे से दूर जाएंगे तो इनका कोलिजन होना बंद हो जाएगा इनके अंदर फ्रिक्शन होना बंद हो जाए और तापमान क्या हो जाएगा कम
हो जाएगा अब आप इसको एक पूरे प्रोसेस के रूप में समझे कि यह क्या हो रहा है हो यह रहा है मान लीजिए मेरे पास यहां पे कोई एक एयर पार्सल था इस एयर पार्सल को मैंने ऐसे सरफेस के ऊपर रखा जो कि बहुत ही गर्म था गर्म सरफेस के साथ आते ही जैसा कि हमने पहले भी डिस्कस किया है इसी वीडियो में कि जो पार्ट इसके संपर्क में है वो तो हीट एक्सचेंज कर लेगा नो डाउट अबाउट दैट वो हीट एक्सचेंज क्यों करेगा सर कंडक्शन का का प्रोसेस होगा जो सरफेस के साथ एयर पार्सल
का भाग रहेगा वह हवा गर्म हो जाएगी नो डाउट तो यहां पे जो इनिशियल बिगिनिंग है जो बिगिनिंग है वो कैसी बिगिनिंग है सर वहां पे हीट का एक्सचेंज हुआ है अगर वहां पे हीट का एक्सचेंज हुआ है तो जैसे ही यहां पे हीट का एक्सचेंज हुआ वैसे ही मैं बोल सकता हूं सर यह प्रोसेस तो नॉन एडिया बेटिक इन नेचर है बट जब इसने हीट का एक्सचेंज कर लिया यह एयर पार्सल गर्म हुआ जब ये एयर पार्सल गर्म होगा तो क्या ये एयर पार्सल राइज करेगा बिल्कुल सही बात है सर ये एयर पार्सल राइज
करेगा अब यहां पे एयर पार्सल जब राइज कर रहा है जब एयर पार्सल राइज कर रहा है तो आप यह जानते हैं कि सराउंडिंग जब एल्टीट्यूड इंक्रीज होता है तो सराउंडिंग में जो गैसेस हैं उनकी डेंसिटी क्या होने लगेगी बेटा कम होने लगेगी जब सराउंडिंग में गैसेस की डेंसिटी कम है तो क्या एयर पार्सल को फैलने का क्या एयर पार्सल को फैलने का मौका मिलेगा जी हां एयर पार्सल को फैलने का मौका मिलेगा एयर पार्सल एक्सपेंड होगा जब एयर पार्सल का एक्सपेंशन होगा तो क्या इनके मॉलिक्यूल एक दूसरे से दूर जाएंगे जी हां सर एक
दूसरे से दूर जाएंगे और जैसे ही ये दूर जाएंगे आपको देखने को मिलेगा जैसे ही ये थोड़ा सा ऊपर हुआ ये एयर पार्सल का एक्सपेंशन होने लगा और जैसे ही इसका एक्सपेंशन होने लगा इसका वॉल्यूम इंक्रीज हुआ और जैसे ही इसका वॉल्यूम इंक्रीज हुआ वैसे ही आप समझने लगेंगे कि टेंपरेचर क्या होने लगेगा डिक्रीज होने लगेगा टेंपरेचर क्या होने लगेगा डिक्रीज होने ने लगेगा इसी को हम किस नाम से जानते हैं एडिया बेटिक कूलिंग के नाम से जानते हैं और जब यह एयर पार्सल नीचे की ओर आएगा तब इसका जो तापमान है ये बढ़ने लगेगा
क्यों क्योंकि यह गैसेस की डेंसिटी के कारण कंप्रेस होने लगेगा जब इसकी एडिया बेटिक कंप्रेशन होगा उस कंप्रेशन के कारण हीटिंग होगी जिसे हम एडिया बेटिक हीटिंग के नाम से जानते हैं तो अब यहां पे एक बात समझो क्या सराउंडिंग के साथ कोई भी किसी भी तरीके का हीट एक्सचेंज हुआ सर नहीं हुआ फिर भी क्या तापमान में परिवर्तन देखा गया बिल्कुल सही बात है सर तापमान में फिर भी परिवर्तन देखा गया वो क्यों देखा गया क्योंकि सर कूलिंग जब हुई है तब एक्सपेंशन हुआ है और हीटिंग जब हुई है तब कंप्रेशन हुआ है कंप्रेशन
क्यों हुआ है सर जब एयर नीचे आ रही थी तो सराउंडिंग की गैसेस की डेंसिटी ज्यादा थी कंसंट्रेशन ज्यादा थी तो उन्होंने बाहर से उनको प्रेशर लगाया और जब ऊपर जा रही थी तब सराउंडिंग में जो गैसेस हैं वो बहुत ही रेयर थी और इन कारण से उसका क्या हुआ एक्सपेंशन हुआ ये बात आपको यहां पे समझ में आई इसका रोल कैसे है उसको समझने की कोशिश करते हैं और फिर हम क्लाउड्स तक पहुंचेंगे जब आप इस एयर पार्सल को देखते हैं मान लीजिए कोई एक एयर पार्सल है जो कि यहां पे इस सर्फेस के
साथ संपर्क में है जैसे ही ये गर्म हुआ पहले ये जो प्रोसेस था वो कौन सा प्रोसेस था सर्वो प्रोसेस नॉन एडिया बेटिक प्रोसेस था तो जो बिगिनिंग है जो बिगिनिंग होती है वो हमेशा क्या है नॉन एडिया बेटिक इन नेचर है अब जैसे ही ये ऊपर उठा सर इस एयर पार्सल का क्या हुआ टेंपरेचर डिक्रीज हुआ जब इसका टेंपरेचर एल्टीट्यूड इंक्रीज होने से इसका टेंपरेचर डिक्रीज हुआ है जो यह टेंपरेचर डिक्रीज हुआ है यह किस वजह से हुआ है सर यह एडिया बेटिक कूलिंग की वजह से हुआ है यह एडिया बेटिक कूलिंग की वजह
से हुआ जब एडिया बेटिक कूलिंग हुई तो क्या मैं कह सकता हूं जब टेंपरेचर डिक्रीज हुआ तो ह्यूमिडिटी कैपेसिटी क्या हुई होगी डिक्रीज हुई होगी और जब ह्यूमिडिटी कैपेसिटी डिक्रीज हुई होगी तो क्या रिलेटिव ह्यूमिडिटी इंक्रीज हुई होगी बिल्कुल सही बात है सर जैसे-जैसे ये ऊपर बढ़ता जा रहा है इसकी रिलेटिव ह्यूमिडिटी भी क्या होती जा रही है इंक्रीज होती जा रही है और जैसे-जैसे टेंपरेचर कम होता जाएगा इसके अंदर के जो वाटर वेपर कंटेंट है वो किसमें बदलने लगेंगे जो वाटर वेपर इसका होगा वो कंडेंस होने लगेगा और उसके कंडेंसेशन के कारण क्या बनने
लगेंगे बेटा उसके कंडेंसेशन के कारण बनने लगेंगे क्लाउड्स सो दिस इज द प्रोसेस एग्जैक्ट प्रोसेस जिसकी वजह से बादलों का बनना शुरू होता है सबसे पहले सरफेस गर्म है सरफेस के गर्म होने के कारण उसके संपर्क में जो हवा आई उसने हीट एक्सचेंज की वो गर्म हुई नॉन एडिया बेटिक प्रोसेस ऊपर उठी ऊपर उठने के बाद अब ये सराउंडिंग के साथ हीट एक्सचेंज नहीं करेगी अब ये एक्सपेंड होगी जब इसका एक्सपेंशन होगा तो तापमान कम होगा तापमान कम होने से हमें देखा रिलेटिव ह्यूमिडिटी इंक्रीज होगी जब रिलेटिव ह्यूमिडिटी सैचुरेशन पे पहुंच जाएगी तो क्या पहुंच
जाएगा कंडेंसेशन का प्रोसेस स्टार्ट होगा जैसे ही कंडेंसेशन का प्रोसेस स्टार्ट होगा वैसे ही क्या बनने स्टार्ट होंगे बादल बनने स्टार्ट होंगे और इन्हीं इन्हीं को हम क्लाउड्स के नाम से जानते हैं सो क्लाउड्स आर नथिंग बट द रिजल्टेंट ऑफ द कंडेंस सेशन प्रोसेस और कंडेंसेशन क्यों हो रहा है एडिया बेटिक एक्सपेंशन और एडिया बेटिक कूलिंग की वजह से नाउ अगर हम क्लाउड्स की बात करें तो क्लाउड्स को भी डिफरेंट डिफरेंट तरीके से देखा जाता है डिफरेंट डिफरेंट क्लाउड्स हैं उनको क्लासिफाई किया जाता है जब इनके क्लासिफिकेशन को हम देखते हैं तो हमें समझ में
आता है देयर आर सर्टेन क्लाउड्स व्हिच आर टर्म्ड एज हाई क्लाउड्स कुछ ऐसे क्लाउड्स हैं जो कि मीडियम क्लाउड्स हैं और कुछ ऐसे क्लाउड्स हैं जो कि लो क्लाउड्स हैं तो जो क्लाउड की फैमिली है उस फैमिली को उनकी हाइट के अकॉर्डिंग और उनकी शेप के अकॉर्डिंग डिवाइड किया जाता है हाइट के अकॉर्डिंग जो सबसे हाई क्लाउड्स होते हैं उनको सिरस नाम दिया जाता है और जो और जो मीडियम लेवल पे क्लाउड्स होते हैं उनके नाम के आगे यू विल सी वन वर्ड दैट इज व्हाट वी कॉल एज ऑल्टो एंड जो लो क्लाउड्स है उनके
नाम के आगे हम जनरली स्ट्रेटो वर्ड देखते हैं बट शेप के अकॉर्डिंग इनको हम क्यूमिस और उसके साथ-साथ क्यूमिस और उसके साथ-साथ स्ट्रैटस क्लाउड के नाम से जान मानते हैं यहां पे हमें एक चीज ध्यान में रखनी है वह यह कि जब हम इन क्लाउड्स को देखते हैं तो स्टेटस क्लाउड्स ऐसे हैं जो कि वर्ड आप देखेंगे स्ट्रेटा स्ट्रेटा स्ट्रेटा का मतलब लेयर्ड क्लाउड्स है फिर आता है क्यूल अस कमल अस का मतलब है कॉटन वूल लाइक क्लाउड्स जो स्टेटस क्लाउड्स होते हैं वो हमेशा हॉरिजॉन्टल होते हैं और क्यूमिस क्लाउड्स हमेशा वर्टिकल देखे जाते हैं
तो आप देखें सबसे पहला जो क्लाउड है सिरस क्लाउड्स जो कि सबसे हाई लेवल प मिलने वाला क्लाउड है जिसको आप फेदरी अपीयरेंस के साथ देख सकते हैं और जितने हाई क्लाउड्स होते हैं यह मैं पहले भी आपको बता चुका हूं हाई क्लाउड्स की पॉसिबिलिटी बहुत कम होती है कि वो रेनफॉल करें लो क्लाउड्स जो होते हैं वो बहुत ही थिक क्लाउड्स होते हैं और उनकी पॉसिबिलिटी रेनफॉल करने की कंपेरटिवली ज्यादा होती है इसीलिए आप देखें यहां पे जो लो क्लाउड्स हैं ये बहुत ही थिक क्लाउड्स के रूप में आपको सामने दिखाई दे रहे हैं
और जो हाई क्लाउड्स हैं वो बहुत ही थिन क्लाउड्स के रूप में दिखाई देते हैं सीरो सीरस क्लाउड के बाद वी हैव सिरोस्ट्रैटस क्लाउड सिरोस्ट्रैटस क्लाउड का मतलब ये है कि ये लेयर्ड बाय लेयर्ड मैनर में बनने वाले हाई एल्टीट्यूड पर क्लाउड्स हैं देन सीरो क्यूमिस सिरो क्यूमिस आपको ऐसा लग रहा है ना कि आसमान पे छोटे-छोटे छोटे-छोटे धब्बे हैं डॉटेड क्लाउड्स इनको कहा जाता है फिर आ जाए हम ऑल्टो लेवल पे एक चीज और मेंशन कर देता हूं यहां पे जो हाई क्लाउड्स होते हैं उन हाई क्लाउड्स का कलर क्या होता है वाइट और
जो मीडियम लेवल पे क्लाउड्स होते हैं वो ग्रेइश होते हैं एंड जो लोअर लेवल पे क्लाउड्स आते हैं कंपेरटिवली डार्क क्लाउड्स हो जाते हैं इसीलिए जब आप बारिशें होती हैं तो आपको घना का घना अंधेरा हो जाता है वहां पे विजिबिलिटी कंपेरटिवली कम हो जाती है क्यों ऐसा होता है क्योंकि जो लो क्लाउड्स हैं वो थिक क्लाउड्स हैं और थिक क्लाउड्स कभी भी सनलाइट को आने नहीं देंगे इस कारण से हमें घना अंधेरा नीचे दिखाई देता है अब आ जाएं ऑल्टो क्यूमिस और ऑल्टो स्टस मीडियम लेवल पे थिन लेवल पे मीडियम लेवल पे थिन शीट
लाइक क्लाउड्स जो होते हैं उन्हें हम ऑल्टो स्ट्रेटर कहते हैं और मीडियम लेवल पे ही अगर डॉटेड क्लाउड्स और यह थोड़े से कॉटन वूल लाइक क्लाउड्स हमें दिखाई दें तो इसे हम ऑल्टो क्यूमिस के नाम से जानते हैं देन वी हैव स्टेटस निंबो स्टेटस निंब अस वर्ड जब भी किसी भी क्लाउड के साथ आ जाएगा इसका मतलब यह होगा कि वो क्लाउड्स हमेशा रेन बेयरिंग क्लाउड्स होंगे यहां पे दो मेजर रेन बेयरिंग क्लाउड्स हैं जिसके बारे में आपको ध्यान में रखना है वन इज द निंबो स्टेटस क्लाउड एंड सेकंड वन इज द क्यूलो निमस क्लाउड
जो निंबो स्टस क्लाउड्स हैं यह जाने जाते हैं ऐसी रेनफॉल के लिए जो कि लॉन्ग ड्यूरेशन रेनफॉल होती है लॉन्ग ड्यूरेशन रेनफॉल और क्यूलो निंब क्लाउड का फॉर्मेशन तब होता है जब थंडर स्टॉर्म होते हैं सो निंबोस्ट्रैटस क्लाउड्स जो हैं वहां पे थंडर स्टॉर्म नहीं है लॉन्ग ड्यूरेशन जेंटल रेनफॉल देखी जाती है जबकि कमलो निमस क्लाउड के अंदर आपको रेनफॉल बहुत ही थंडर और लाइटनिंग के साथ दिखाई देगी सो नाउ वी हैव डिस्कस दी क्लाउड्स मूविंग ऑन टू दी रेनफॉल जब हम रेनफॉल देखते हैं तो रेनफॉल को हम दो-तीन भागों में क्लासिफाई करते हैं सबसे
पहले अगर मैं बोलूं रेनफॉल के टाइप्स के अंदर आप देखें तो आपको पहली जो रेनफॉल का टाइप दिखाई देगा दैट इज दी कन्वे रेनफॉल और कन्वेटिव रेनफॉल जो कन्वेटिव रेनफॉल की बात थी मैंने अभी जो आपको पूरा कंप्लीट प्रोसेस समझाया जहां पे ये सरफेस गर्म हुआ हवा गर्म हुई राइज हुई राइज होने के बाद एडिया एडिया बेटिक कूलिंग हुई एडिया बेटिक कूलिंग की वजह से क्या हुए बादल बने और इन बादलों से जो बारिश हो गई इसी प्रोसेस को हम कन्वेटिव प्रोसेस कहते हैं सेकंड इज द ओरोग्राफिक रेनफॉल ओरोग्राफिक रेनफॉल के अंदर हम एक चीज
जानते हैं कि मान लीजिए यह कोई एक ओरोग्राफिक बैरियर है ओरोग्राफिक ओरो मतलब माउंटेन और कोई ऐसी हवा जो कि मॉइश्चर लेडेन विंड है और वो आके इस पूरे के पूरे पहाड़ से टकराती है तो टकराने के बाद दिस विल राइज जब ये हवा राइज कर ी तो क्या इसका टेंपरेचर कम होगा बिल्कुल सही बात है जब टेंपरेचर कम होगा तो इसके अंदर की जो ह्यूमिडिटी कैपेसिटी है वह भी कम होगी बिल्कुल सही है तो जो यहां का रिलेटिव ह्यूमिडिटी है वो इंक्रीज करेगा जी हां जब रिलेटिव ह्यूमिडिटी इंक्रीज करेगा तो क्या सर क्लाउड्स बनेंगे
बिल्कुल सही बात है सर यहां पे क्लाउड्स बनेंगे और इस जगह पे रेनफॉल होने लगेगी जो ये रेनफॉल है ये रेनफॉल इंडिकेट करेगी विंड वर्ड साइड को रेनफॉल इंडिकेट करेगी विंड वर्ड साइड को और जो इसके इस माउंटेन के पीछे का रीजन होगा जो कि इसका बैक वाला रीजन होगा वहां पे ड्राई हवाएं नीचे की ओर उतरेंगी और इसकी वजह से कोई रेनफॉल नहीं आएगी इसीलिए इसे लीव साइड और रेन शैडो रीजन के नाम से जाना जाता है आई होप ये आप लोगों को पहले से पता है सो दिस वुड बी टर्म्ड एज एन ओरोग्राफिक
रेनफॉल थर्ड टाइप ऑफ रेनफॉल इज साइक्लोनिक रेनफॉल जो मैं अभी आपको ट्रॉपिकल साइक्लोन के रूप में समझाने की कोशिश करूंगा चले अब आता है पहला एस्पेक्ट रेनफॉल के साथ राइजिंग ऑफ एयर कन्वे क्शन ओरोग्राफिक साइक्लोनिक एंड फ्रंटल इन दोनों रेनफॉल को हम डिस्कस करने वाले हैं जब बात आती है साइक्लोनिक रेनफॉल की तब साइक्लोनिक रेनफॉल के अंदर सबसे पहली चीज हमें ये ध्यान में रखनी है ये दो तरीके से रेनफॉल करती है अगर ये रेनफॉल ट्रॉपिकल एरिया में है तो हम इन्हें ट्रॉपिकल साइक्लोन के नाम से जानते हैं और अगर ये एक्स्ट्रा ट्रॉपिकल रीजन यानी
कि टेंपरेट रीजन में है तो इसे टेंपरेट साइक्लोन के नाम से जाना जाता है ट्रॉपिक साइक्लोन जनरली 5° नॉर्थ से 30° नॉर्थ एंड 5° साउथ टू 30° साउथ आते हैं ऑन दी अदर हैंड ये ट्रॉपिकल साइक्लोंस हमेशा ओसियंस के ऊपर डेवलप होते हैं और इनका एनर्जी सोर्स जो होता है वो लेटेंट हीट होता है जो मैं अभी आपको एक्सप्लेन करूंगा ऑन द अदर हैंड व्हेन इट कम्स टू द टेंपरेट साइक्लोन ये लैंड और ओशियन दोनों पे आते हैं और फ्रंटल डेवलपमेंट के कारण इनका फॉर्मेशन होता है फ्रंट्स डेवलप होते हैं जिस कारण से इनका फॉर्मेशन
आपको दिखाई देगा जब मैं बात करता हूं ट्रॉपिकल साइक्लोंस की तोब आप देखें सबसे पहले क्या था मान लीजिए ये एक ओशियन है ओशियन के अंदर बहुत ज्यादा गर्मी हुई पहली बात तो हम यह जानते हैं कि ओसियंस जो है वो ना जल्दी गर्म होते हैं ना जल्दी ठंडे होते हैं वो बहुत सारी हीट अपने अंदर कंटेन करते रहते हैं करते रहते हैं करते रहते हैं फिर जाके उनका तापमान बढ़ता है बट जब एक बार टेंपरेचर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है तब डेफिनेटली वहां पे लो प्रेशर का डेवलपमेंट होता है अब मान लीजिए यहां पे
लो प्रेशर का डेवलपमेंट हो गया और इस ओशनिक सी सरफेस टेंपरेचर सी सरफेस टेंपरेचर अगर 25 से 27 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है तो यहां पे लो प्रेशर का डेवलपमेंट हुआ लो प्रेशर का डेवलपमेंट का मतलब है ये सराउंडिंग से हवाओं को अपनी ओर अट्रैक्ट करने लगेगा क्योंकि सारी हवाएं हाई प्रेशर से लो प्रेशर की ओर आने लगती हैं जब ये हवाएं इस लो प्रेशर की ओर पहुंचेंगी तब इन हवाओं की राइजिंग होना स्टार्ट होगा ये हवाएं क्या होंगी राइज होंगी जब ये हवाएं राइज होंगी तब क्या होगा उसको समझें राइजिंग के दौरान मैं एक
चीज आपको बता सकता हूं बड़ा ध्यान से समझने की कोशिश कीजिएगा बहुत ही अच्छा सा कांसेप्ट है बहुत ही अच्छा सा कांसेप्ट है राइजिंग के दौरान क्या होता है मान लीजिए ये कोई एक रीजन है जहां पे लो प्रेशर का डेवलपमेंट हुआ हवाएं यहां पे पहुंची पहुंचने के बाद ये राइज की अब जब राइजिंग हो रहा है तो ये जो राइजिंग है यह कौन सा प्रोसेस है सर ये एडिया बेटिक प्रोसेस है ये एडिया बेटिक प्रोसेस है अब इन हवाओं के पास क्या है मॉइश्चर है मॉइश्चर है ठीक है सर जैसे ही ये ऊपर उठेगी
तो क्या इनके अंदर एक्सपेंशन होगा कूलिंग होगा बिल्कुल सही बात है सर इनके अंदर एडिया बेटिक कूलिंग होगी एडिया बेटिक कूलिंग के दौरान क्या टेंपरेचर कम होगा बिल्कुल सही बात है सर टेंपरेचर कम होगा तो जो यहां का वाटर वेपर है क्या वो वाटर वेपर अब कंडेंस होने लगेगा बिल्कुल सही है सर वो वाटर वेपर कंडेंस होने लगेगा जब भी वेपर से आप लिक्विड में जाते हैं तब क्या आपको हीट ऐड करना पड़ता है या एक्सट्रैक्ट सर आप हीट को बाहर निकालते तभी तो वेपर से वो लिक्विड बनता है यानी कि जो इस एयर पार्सल
के अंदर वाटर वेपर थे जब वो कंडेंस होके लिक्विड में बदलेंगे तो वो क्या रिलीज करेंगे वो एक हीट रिलीज करेंगे वो हीट कौन सी होती है सर उस हीट को गुप्त ऊष्मा लेटेंट हीट के नाम से जाना जाता है बट आपने बोला सर यह प्रोसेस क्या है एडिया बेटिक प्रोसेस है अगर यह एडिया बेटिक प्रोसेस है तो क्या ये लेटेंट हीट बाहर आ सकेगी सर नहीं ये लेटेंट हीट बाहर नहीं आ सकेगी और अगर ये हीट इसी एयर पार्सल के अंदर ही रह गई इसका मतलब क्या होगा ये एयर पार्सल को और ऊपर उठाएगी
क्योंकि हीट की वजह से हल्का होगा और ऊपर उठेगा जब ये और ऊपर उठेगा तो इसके अंदर जो भी वाटर वेपर था वो वापस क्या होगा कंडेंस होगा जब ये वाटर वेपर कंडेंस होगा तो इसके अंदर का जो मॉइश्चर है वो किसमें जाने लगेगा लिक्विड में जाने लगेगा तो क्या रिलीज करेगा सर हीट रिलीज करेगा क्या बाहर जा पाएगी नहीं जा पाएगी क्यों नहीं जा पाएगी सर प्रोसेस इज एडिया बेटिक किसके अंदर रह गई एयर पार्सल के अंदर वो वापस कहां ले जाएगी इसको ऊपर की ओर ले जाएगी तो अब सवाल ये आता है कि
सर ये हीट जो है वो बाहर ना जाके कर क्या रही है जहां कहां रही है फिर तो इसका मतलब इसका कारण यह है कि व्हाट एवर हीट इज बीइंग लिबरे विद दी प्रोसेस ऑफ लेटेंट हीट दैट हीट इज यूटिलाइज्ड टू अपलिफ्ट द एयर पार्सल वो हीट का यूटिलाइजेशन कहां हो रहा है वो एनर्जी है वो वो क्या कर रही है उसको ऊपर की ओर लेके जा रही है ये इसको और ऊपर की ओर उठा देगी दिस इज समथिंग द आइडिया इज अब एक बात समझो जितनी ज्यादा हवाएं यहां पे आएंगी वो जितना ज्यादा मॉइश्चर
पिक करेंगी जितना ज्यादा मॉइश्चर होगा उतना ये राइज करेंगी और जैसे ही राइज करेंगी उतनी ज्यादा ये लेटेंट हीट रिलीज करेंगी जितनी ज्यादा लेटेंट हीट रिलीज करेंगी और ऊपर उठेंगी इसका मतलब ये हुआ कि जो हवाएं यहां पे आती रही इनको ऊपर एक बार तो उठा दिया गया उसके बाद का जो प्रोसेस है वह अपने आप चलता रहा क्यों क्योंकि इसका जो मेजर सोर्स बना वो कौन बना लेटेंट हीट बना और लेटेंट हीट ही लो प्रेशर को क्या करता रहेगा और ज्यादा और ज्यादा इंटेंसिफाई करता रहेगा और यहां पे बहुत तेज हवाएं चलने लगेंगी और
जो यह हवाएं तेज चलने लगेंगी ये जो ड्राइविंग फर्स लेटेंट हीट बनता है ये जो तेज हवाएं चल रही हैं इन तेज हवाओं के कारण यहां पे जब लो प्रेशर तक ये पहुंचती हैं तो क्या ये रोटेट करेंगी या सीधा पहुंचेंगी सर ये रोटेट करेंगी क्यों सर क्योंकि यहां पे कोरिओलिस फोर्स की भी अवेलेबिलिटी है और इस वजह से साइक्लोन का डेवलपमेंट होगा आपको जो ध्यान रखना है वो चीज ये है कि ये जो साइक्लोंस हैं इनके अंदर विंड स्पीड 300 किमी से भी ज्यादा बढ़ती है और क्या ये थंडर स्टॉर्म्स के साथ आएंगे बिल्कुल
सही बात है सर थंडर स्टॉर्म्स होंगे थंडर होगी लाइटनिंग होगी तो थंडर स्टॉर्म्स के साथ कौन से क्लाउड्स का फॉर्मेशन होता होता है सर कमलो निंब क्लाउड्स का फॉर्मेशन होगा क्या सर यह जब आगे बढ़ेंगे तो समुद्र के पानी को अपने साथ लेकर जाएंगे जी हां जब यह समुद्र के पानी को अपने साथ लेकर जाएंगे तो क्या इस लैंड के ऊपर बहुत सारा बहुत सारा स्टॉर्म सर्ज आ जाएगा मतलब जो समुद्र का पानी है वो इनंडेट कर जाएगा इस कोस्टल एरिया के अंदर जी हां सो दिस इज अबाउट द ट्रॉपिकल साइक्लोन बट ट्रॉपिकल साइक्लोन के
फॉर्म होने के लिए कुछ पर्टिकुलर कंडीशंस की आवश्यकता होती है उन कंडीशंस को हम समझ लें तो हमारे लिए बेहतर होगा वैसे इट इज अ आई जनरली टेक अराउंड 1 एंड 1/2 आ टू एक्सप्लेन ट्रॉपिकल साइक्लोन बट अब हमारे पास समय की कमी है इतना लंबा वीडियो ऑलरेडी हो चुका है तो इस कारण से इसको मैं बिल्कुल शॉर्ट में आपको पढ़ा रहा हूं प्रीलिम्स स्पेसिफिक अगर आप इसको जानना चाहते हैं तो आप इन पॉइंट्स को याद रखेंगे यू विल बी एबल टू स्कोर मार्क्स फेवरेबल कंडीशंस की बात यह है कि सबसे पहले तो समुद्र का
सरफेस होना चाहिए क्यों क्योंकि समुद्र के सरफेस पे मॉइश्चर है और उस मॉइश्चर के कारण क्या अवेलेबिलिटी है लेटेंट हीट की अवेलेबिलिटी है पहला सवाल ये है आपको ये हमेशा याद रहना चाहिए कि जो ट्रॉपिकल साइक्लोन है उसका जो फोर्स है जो उसका ड्राइविंग फर्स है वो क्या है ड्राइविंग फर्स उसका लेटेंट हीट है लेटेंट हीट इज दी ड्राइविंग फर्स देन सी सरफेस टेंपरेचर क्या हो जाएगा 25 से 27 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा होना चाहिए फिर प्री एसिस्टिंग डिस्टरबेंसस ऐसा नहीं है कि समुद्र के अंदर अचानक से एक दिन साइक्लोन का डे डेवलपमेंट हो गया
रदर ये डेवलप होने में थोड़ा समय लगता है उस समय के कारण क्या होगा पहले 24 डिग्री टेंपरेचर हुआ छोटे-छोटे छोटे-छोटे डिस्टरबेंसस वहां क्रिएट होते हैं फिर जाकर वो बड़ा एक डिस्टरबेंस बनता है एंड देन लो वर्टिकल विंड शेयर लो वर्टिकल विंड शियर का मतलब ये है कि मान लीजिए यहां पे जो सरफेस पे जो हवा चल रही है उसकी वेलोसिटी है 300 किमी और जो ऊपर अप्पर ट्रोपो स्फेयर में हवा चल रही है मान लीजिए उसकी वेलोसिटी है 320 किमी तो ये जो वर्टिकल विंड शियर है इसका मतलब ये है वर्टिकल लेवल पे जो
हवाएं चल रही हैं इन दोनों की वेलोसिटी का डिफरेंस कितना है यहां पे कितना है 20 है मान लो मैं कहता हूं ऊपर जो हवा चल रही है वो है 420 किमी प्रति घंटे पे और नीचे की जो हवा है वो है 300 किमी प्रति घंटे पे तो विंड शेयर कितना आ गया सर 120 अब अगर ये विंड शियर बहुत ज्यादा होगा तो क्या ऊपर की हवाएं जो इतनी तेज चल रही हैं यहां पे इस लेवल पे क्लाउड को बनने देंगी बादल बनने देंगी मैं कहता हूं कभी भी यह बादल बनने नहीं देंगी इसी वजह
से जो ऊपर की हवा और नीचे की हवा है इनके बीच का जो डिफरेंस है वो कंपैरेटिव क्या होना चाहिए कम होना चाहिए दिस इज समथिंग व्हिच वी नीड टू अंडरस्टैंड ये है फेवरेबल कंडीशंस ड्राइविंग फोर्स मैंने आपको बता दिया अब एक चीज और समझें जब भी कोई ट्रॉपिकल साइक्लोन बनता है तो उसके अंदर दो मेजर अ दो मेजर प्रॉस्पेक्टस हमें ध्यान में रखने होते हैं वन वी कॉल एज आई ऑफ दी साइक्लोन एंड सेकंड इज दी आई वॉल आई और आई वॉल का मतलब यह है कि जब यह हवाएं यहां तक पहुंची और पहुंचने
की कोशिश कर रही थी तो उससे पहले ही यह राइज कर गई और यह जब राइज करके डाइवर्जंस अमाउंट ऑफ एयर विल सबसाइड बैक इन टू दी लो प्रेशर रीजन ये जो बीच का रीजन है इस रीजन के अंदर ऊपर से हवाएं नीचे की ओर गिर रही हैं और इस कारण से भले ही यह लो प्रेशर न है आई एक ऐसा रीजन होता है जहां पे आई एक ऐसा रीजन होता है जहां पे सबसे काम कंडीशंस आपको दिखाई देती हैं राइट और आईवल ऐसा रीजन है जहां पे सबसे ज्यादा डिस्ट्रक्शन दिखाई देता है आई रीजन
के अंदर आय रीजन के अंदर हवाओं का सब्सिडेंस भी है और आय रीजन का तापमान कंपैरेटिव ज्यादा है सराउंडिंग से बट स्टिल वहां पे कामने स दिखाई हमें देती है उसके साथ-साथ ट्रॉपिकल साइक्लोन जो होते हैं वो हमेशा ईस्ट से वेस्ट की ओर ट्रेवल करते हैं क्योंकि ये ट्रॉपिकल साइक्लोन ट्रेड विंड्स के इन्फ्लुएंस में होते हैं और इनके डिफरेंट डिफरेंट जगहों पे डि डिफरेंट डिफरेंट नामों से ये जाने जाते हैं जैसे टाइफस इन्हें साउथ चाइना सी में कहा जाता है ऑस्ट्रेलिया के अंदर इन्हें विली विली के नाम से जाना जाता है और यहां पे हरिकस
के नाम से इन्हें जाना जाता है जो कि अटलांटिक ओशन गल्फ ऑफ मेक्सिको का रीजन है बट रिसेंटली ऐसा देखा जा रहा है कि अरेबियन सी के अंदर जो साइक्लोंस हैं उनकी फ्रीक्वेंसी बढ़ गई है क्योंकि क्लाइमेट चेंज होता जा रहा है अब बे ऑफ बंगाल में साइक्लोंस कंपैरेटिव पहले ज्यादा आते थे उसका कारण यही था कि बे ऑफ बंगाल जो सराउंडिंग से लैंड से ढका हुआ है उसके कारण वहां पे तापमान कंपैरेटिव ज्यादा रहता था बट अब अरेबियन सी में क्लाइमेट चेंज के कारण तापमान में जो वृद्धि देखी गई है उस कारण से वहां
पे ट्रॉपिकल साइक्लोंस की फ्रीक्वेंसी और इंटेंसिटी दोनों क्या हो गई हैं बढ़ गई है नाउ वी हैव अंडरस्टूड द ट्रॉपिकल साइक्लोन अब ट्रॉपिकल साइक्लोन के बाद हमें अगला कांसेप्ट जो समझना है जिसे हम बोलते हैं एयर मास एयर मास क्या होता है एक बहुत बड़ा एयर का पार्सल बहुत बड़ा एयर का पार्सल जो कि सरफेस से लेकर एकदम ऊपर अपर ट्रोपो स्फीयर तक एक्सटेंड करता है सरफेस से लेकर अपर ट्रोपो स्फीयर तक एक्सटेंड करता है थ्री डायमेंशन होता है बट इसकी खूबसूरती ये है कि हॉरिजॉन्टल लेवल पे इस एयर के एयर पार्सल के अंदर टेंपरेचर
और ह्यूमिडिटी का वेरिएशन नहीं देखा जाता मतलब हॉरिजॉन्टल लेवल पे यहां पे किसी भी तरीके का कोई वेरिएशन आपको देखने को नहीं मिलेगा उसे ही हम एयर पार्सल कहते हैं वेरी लार्ज पार्सल ऑफ एयर 8 से 10 किमी का ये होता है जिसमें लिटिल वेरिएशन इन प्रॉपर्टीज एट हॉरिजॉन्टल लेवल हॉरिजॉन्टल लेवल पे वेरिएशन आपको प्रॉपर्टीज में दिखाई नहीं देगा होता ये है कि मान लीजिए एक बहुत बड़ा एयर का बहुत बड़ा एयर का पार्सल आके यहां पे इस सरफेस पे रुका सरफेस पे रुकने के बाद यह एयर पार्सल इस सरफेस की कैरेक्टरिस्टिक को एक्वायर करेगा
एक्वायर करने के बाद ये यहां से मूव करेगा ठीक है जब इस पूरे एयर पार्सल ने इस सरफेस की कैरेक्टरिस्टिक को एक्वायर किया तो यह सरफेस होमोजीनस होना चाहिए ऐसा नहीं है इस सरफेस पे आधे भाग में ओशियन है आधे भाग में कॉन्टिनेंट है और अगर आधे भाग में ओशियन और आधे भाग में ओशन और आधे भाग में कॉन्टिनेंट होगा तो हॉरिजॉन्टल लेवल पे प्रॉपर्टीज सेम नहीं हो पाएंगी क्योंकि जो हिस्सा कॉन्टिनेंट के ऊपर है वहां मॉइश्चर कम होगा और जो हिस्सा ओशियन के ऊपर है वहां मॉइश्चर ज्यादा होगा तो ये एक मेजर प्रॉपर्टी है
जो एयर मास से रिलेटेड आपको समझ में आनी चाहिए सो एयर मास को डेवलप होने के लिए सबसे पहले तो आप ये जाने कि बहुत बड़ा होमोजीनस लैंड या ओशन होमोजीनस एरिया चाहिए दूसरा वो सरफेस बहुत ही ही बड़ा होना चाहिए थर्ड वो सरफेस आइसोट्रॉपिक हो मतलब वहां की टोपोग्राफी सेम हो ऐसा नहीं है कि इस सरफेस के बीच में कहीं पहाड़ है कहीं प्लेन है तो पहाड़ और प्लेन आने के कारण क्या हॉरिजॉन्टल लेवल पे प्रॉपर्टी सेम रह पाएंगी सर नहीं रह पाएंगी फिर यहां पे अगर मैं बोल रहा हूं कि वो एयर पार्सल
चार पाच सा दिन रुक रहा है और वहां की प्रॉपर्टीज को एक्वायर कर रहा है तो सात दिन आठ दिन रुकने के लिए वहां पे उस जगह पे क्या कंडीशन स्टेबल होनी चाहिए या अनस्टेबल सर कंडीशन होनी चाहिए एटमॉस्फेरिक स्टेबिलिटी की इसी वजह से जहां पे हाई प्रेशर कंडीशंस होती हैं जैसे कि सबट्रॉपिकल हाई प्रेशर बेल्ट पोलर हाई प्रेशर बेल्ट इन एरियाज में एयर मासेज का डेवलपमेंट हमें देखने को मिलता है अगर मैं ओवरऑल वर्ल्ड के अंदर एयर मासेज के डेवलपमेंट को देखूं तो कुछ ऐसे एरियाज हैं जहां पे एयर मासेज हमें दिखाई दे रहे
हैं ये वो एरियाज हैं जो कि वास्टिनल हाई प्रेशर का डेवलपमेंट है कंडीशन ऑफ एटमॉस्फेरिक स्टेबिलिटी है वास्टली अस सरफेस है आइसोट्रॉपिक सरफेस है प्लेन एरिया है कोई भी टोपोग्राफी की टेंशन नहीं है ब्लैंड ही लैंड मास है तो यहां पे ओ एक एयर मास का डेवलपमेंट हुआ और कुछ एयर मास आपको यहां पे ओशियन के अंदर डेवलप होते हुए भी दिखाई दे सकते हैं सो वास्टप एरिया ऑफ यूएसए कैनेडा एंड साइबेरिया यस वास्टिनल ओशियन बिल्कुल सही बात है और सहारा और अरेबिक डेजर्ट जो सहारा डेजर्ट का इतना बड़ा एरिया है अरेबियन डेजर्ट का इतना
बड़ा एरिया है इस एरिया के अंदर भी हाई प्रेशर का डेवलपमेंट है इसलिए वहां पे भी आपको एयर मासेज का डेवलपमेंट होता हुआ दिखाई देगा अब इन एयर मासेज का क्लासिफिकेशन किया जाता है वेदर दे आर वर्म एयर मास और कोल्ड एयर मास जब हम वर्म एयर मास की बात कहते हैं तो ये कहते हैं कि जो एयर मास अपने अंडर लाइंग सरफेस जिस सरफेस के ऊपर वो है उससे जिस सरफेस के ऊपर वो आके बैठा है उससे गर्म है तो उसे हम वॉर्म एयर मास कहेंगे और अगर कोई एयर मास अपने सरफेस से कंपैरेटिव
ठंडा है तो उसे हम कोल्ड एयर मास का नाम देंगे मान लीजिए ये एयर मास का टेंपरेचर 35° था बट इसके सरफेस का टेंपरेचर 30° है तो दिस एयर मास विल बी कंसीडर्ड एज एन वर्म एयर मास मान लीजिए ये एयर मास 5° सेल्सियस पे है और सरफेस 30° सेल्सियस पे तो दिस एयर मास वुड बी टर्म्ड एज अ कोल्ड एयर मास भले ही टेंपरेचर दोनों सर्फेसेज का क्या है सेम है बट डिपेंड करेगा कि कौन सा एयर मास वहां पे आ रहा है किस टेंपरेचर के कारण आ रहा है तो यहां से हमें यह
बात समझ में आ गई बट अब इनका कांसेप्ट क्या है ये किस काम आते हैं जब एयर मास का डेवलपमेंट हो जाता है तब यह हवाओं के प्रीवेलिंग विंड्स के संपर्क में आके चलने लगते हैं वेस्ट लीज और ईस्ट लीज के संपर्क में आके चलने लगते हैं अब एक वर्म एयर मास चल रहा है एक कोल्ड एयर मास चल रहा है और दोनों जब आपस में टकराते हैं तब जब दोनों का मिलन होता है तब उस बाउंड्री को उस सूडो बाउंड्री को उस इमेजिनरी बाउंड्री को हम फ्रंट के नाम से जानते हैं तो देखिए यहां
पे क्या है ये एक वार्म एयर मास है ये एक कोल्ड एयर मास है दोनों एक दूसरे को अप्रोच कर रहे हैं आप खुद समझें जो सबट्रॉपिकल हाई प्रेशर के पास का एयर मास होगा दैट वुड बी वर्म एयर मास और ये किस के इन्फ्लुएंस में है सर वेस्टर्लीज के इन्फ्लुएंस में पोलर रीजन के अंदर एयर मास कोल्ड है और ये किस रीजन किस हवाओं के इन्फ्लुएंस में है सर ईस्टरली विंड के इन्फ्लुएंस में है और जब यह दोनों आपस में दोनों आपस में मिलेंगे तब किसका डेवलपमेंट होगा फ्रंट्स का डेवलपमेंट होगा ऐसे टोटल चार
फ्रंट हमें देखने को मिलते हैं फर्स्ट इज अ स्टेशनरी फ्रंट सेकंड इज दी वार्म फ्रंट थर्ड इज दी कोल्ड फ्रंट एंड फाइनली वीी हैव इज दी ओक्लूट फ्रंट और इन्हीं फ्रंटल डेवलपमेंट के कारण जब बारिशें होती हैं तब उन बारिशों को साइक्लोनिक रेनफॉल के रूप में देखा जाता है जिसे हम टेंपरेट साइक्लोन के नाम से जानते हैं सो फ्रंट का ओरिजिन होना या फ्रंटोजेनेसिस होना साइक्लोजेनेसिस को जन्म देता है यानी कि फ्रंटोजेनेसिस यानी कि जन्म होना फ्रंट्स का साइक्लोजेनेसिस मींस जन्म होना साइक्लोन का और ये कहां पे है ट्रॉपिकल एरियाज में है या एक्स्ट्रा ट्रॉपिकल
एरियाज में है दीज आर फाउंड इन दी एक्स्ट्रा ट्रॉपिकल एरियाज इस वजह से आपको इन्हें इन्हें एक्स्ट्रा ट्रॉपिकल एरियाज में होने के कारण टेंपरेट साइक्लोन या एक्स्ट्रा ट्रॉपिकल साइक्लोन के नाम से जानेंगे सबसे पहला फ्रंट जो आप देख रहे हैं दैट इज स्टेशनरी फ्रंट स्टेशनरी फ्रंट का मतलब है वर्म एयर मास और कोल्ड एयर मास दोनों एक दूसरे को आंखों में आंखें डाल के देख रहे हैं बट दोनों में से कोई भी एयर मास किसी को भी पुश नहीं कर रहा दोनों एक दूसरे के सामने खड़े हैं और जब ये दोनों एक दूसरे के सामने
हैं तब इनके बीच में जो फ्रंट बना है दैट फ्रंट विल बी टर्म्ड एज अ स्टेशनरी फ्रंट जब ये स्टेशनरी फ्रंट बनेगा तो वर्म एयर मास के अंदर जो थोड़ा बहुत मॉइश्चर होगा वह क्या करेगा कंडेंस होने लगेगा और थोड़ी बहुत क्लाउड्स के साथ कुछ लाइट रेनफॉल और जेंटल रेनफॉल हमें प्रोवाइड करेगा ऑन दी अदर हैंड अब आप ऐसे समझे वर्म एयर मास जो है यह तो एक बायसाइकिल की तरह काम कर रहा है और कोल्ड एयर मास जो है यह एक ट्रक की तरह काम कर रहा है अब आप मुझे खुद जवाब दें साइकिल
ट्रक से टकराए या ट्रक साइकिल से उड़ना किसने है साइकिल ने ही उड़ना है जब वर्म एयर मास बहुत तेजी से कोल्ड एयर मास की ओर आ रहा है जब वर्म एयर मास बहुत तेजी से कोल्ड एयर मास की ओर आ रहा है तब कौन से फ्रंट का डेवलपमेंट होगा वर्म फ्रंट का जब कोल्ड एयर मास बहुत तेजी से वर्म एयर मास की ओर जा रहा है तब कौन से फ्रंट का डेवलपमेंट होगा कोल्ड फ्रंट का बट इन दोनों सिनेरियो में कौन सी हवा राइज करेगी सर हमेशा वर्म एयर मास ही राइज करेगा क्योंकि वर्म
एयर मास बाय वर्च्यू ऑफ लेस डेंसिटी बहुत ही हल्का है और हल्का होने के कारण इसकी राइजिंग बहुत ही आसान देखी जाती है तो सबसे पहला फ्रंट जो हम बात कर रहे हैं दैट इज वर्म फ्रंट वर्म फ्रंट के अंदर वी विल हैव वन वर्म एयर मास एंड सेकंड वी हैव दी कोल्ड एयर मास वर्म एयर मास इज अप्रोचिंग दी कोल्ड एयर मास जब वर्म एयर मास कोल्ड एयर मास को अप्रोच कर रहा है तब आप देख सकते हैं कि बहुत ही ग्रैजुअली अब देखो साइकिल ट्रक से टकरा रही है तो इतना बड़ा झटका नहीं
लगेगा जितना ट्रक साइकिल को आके टक्कर मारे तब जाके लगेगा तो साइकिल बहुत आराम आराम से कोल्ड एयर मास के ऊपर राइज करते हुए चल रही है और जब ये राइज कर रही है तो जो ये स्लोपिंग बाउंड्री बनी क्या इस स्लोपिंग बाउंड्री का वर्टिकल डेवलपमेंट ज्यादा होगा या हॉरिजॉन्टल लेवल पे डेवलपमेंट ज्यादा होगा सर हॉरिजॉन्टल लेवल पे इसका डेवलपमेंट हमें ज्यादा दिखाई देगा ऐसा क्यों है क्योंकि सर बहुत ग्रेजुएट लेवल पे डेवलपमेंट होगा तो जहां वार्म और कोल्ड एयर मास आपस में संपर्क में आएंगे क्या सर वहां क्लाउड्स बनेंगे बिल्कुल सही बात है सर
वहां पे क्लाउड्स बनेंगे बट वो क्लाउड्स क्या होंगे सर स्ट्रैटस क्लाउड्स होंगे मतलब जो हॉरिजॉन्टल लेवल पे डेवलप होने वाले क्लाउड्स हैं चाहे वो निंबोस्ट्रैटस है चाहे उसके बाद ऑल्टो स्ट्रेट देन वी हैव सिरोस्ट्रैटस सो इस तरीके से क्लाउड्स का डेवलपमेंट यहां पे देखा जाता है लोअर हाइट पे कौन से क्लाउड है सर निंबोस्ट्रैटस उससे ऊपर सर ऑल्टो वर्ड आता है ऑल्टो स्टेटस उससे ऊपर सर सीरो स्ट्रेट और फाइनली वीी हैव सीरस क्लाउड्स का फॉर्मेशन हमें देखने को मिलेगा तो क्या वर्म फ्रंट जब बनेगा तब लाइट जेंटल रेनफॉल होगी यस लॉन्ग ड्यूरेशन जेंटल रेनफॉल होगी
बट अब देखें जब कोल्ड एयर मास मूव कर रहा है टुवर्ड्स दी वार्म एयर मास कोल्ड एयर मास डेंस है कोल्ड एयर मास हैवी है व कभी राइज करना नहीं चाहता वह हमेशा नीचे से वार करना चाहता है क्योंकि उसका ता उसका जो मेजर मकसद है वह नीचे की ओर रहना है इसका मतलब यह है कि यह जो मेजर कोल्ड एयर मास अप्रोच कर रहा है यह थोड़ा सा इस तरीके से मूव करेगा कि वर्म एयर मास को आके वर्टिकली उठा के फेंक देगा जैसे एक ट्रक ने साइकिल को उठा के फेंका वैसे ही एक
कोल्ड एयर मास वर्म एयर मास को उठा के ऊपर की ओर फेंकता है इसकी मतलब यह हुआ कि यहां पे जिन क्लाउड्स का फॉर्मेशन होता है उन क्लाउड्स को आप किस नाम से जानते हैं कमलो निमस क्लाउड्स के नाम से जानते हैं सो दीज आर दी दीज आर दी कॉल्ड फ्रंट्स फाइनली जब पूरा का पूरा वर्म एयर मास और कोल्ड एयर मास जब दोनों टकरा रहे हैं तो एक वक्त ऐसा आएगा जब वर्म एयर मास कंप्लीट ओक्लूट कर दिया जाएगा कंप्लीट रिप्लेस कर दिया जाएगा सरफेस से कंप्लीट जब उसका सरफेस से रिप्लेसमेंट हो गया तब
उस जगह को उस प्रोसेस को हम क्या बोलते हैं ओक्लूट फ्रंट ओक्लूट फ्रंट का मतलब यह है कि अब फ्रंट की डेथ हो गई है अब फ्रंट्स एकदम खत्म हो चुके हैं और जिस तरीके से हमने वर्म फ्रंट की शुरुआत की या स्टेशनरी फ्रंट की शुरुआत की उस समय से कौन से साइक्लोन का डेवलपमेंट होना शुरू होता है टेंपरेट साइक्लोन का डेवलपमेंट होना शुरू होता है और जब ओक्लूट फ्रंट आता है तो ओक्लूट फ्रंट पे टेंपरेट साइक्लोन की डेथ हो जाती है अब आप देखें ये फ्रंट्स क्या हमेशा लैंड पे बनेंगे या हमेशा सी पे
बनेंगे या कहीं पे भी बन सकते हैं सर ये फ्रंट्स कहीं पे भी बन सकते हैं इसका मतलब ये हुआ कि टेंपरेट साइक्लोन का डेवलपमेंट कहीं कहीं पे भी हो सकता है लैंड पे या ओसन पे क्या इनका ड्राइविंग फर्स फ्रंट डेवलपमेंट है या लेटेंट हीट है सर इनका ड्राइविंग फर्स लेटेंट हीट है अब एक इनका ड्राइविंग फोर्स फ्रंटल डेवलपमेंट है अगर जब हम टेंपरेट साइक्लोन की बात करते हैं तो क्या टेंपरेट साइक्लोंस जितने भी टेंपरेट साइक्लोंस का डेवलपमेंट होता है वो हमेशा इन्हीं फ्रंटल प्रोसेसेस के थ्रू होता है जी हां सर इन्हीं फ्रंट प्रोसेसेस
के थ्रू होता है जहां पे आपको इस तरीके से डिफरेंट डिफरेंट तरीके के फ्रंट्स देखने को मिलेंगे और क्या यह एयर मासेज बहुत बड़े एरिया में प्रभावित करते हैं जी हां क्यों क्योंकि एयर मास का मतलब ही बहुत बड़ा एयर पार्सल है तो आप देखें यहां पे जो हमने फ्रंट्स देखे हैं जितने भी फ्रंट्स हमने देखे वो सारे सेपरेटली देखे बट वो सेपरेट तो नहीं होता है थ्री डायमेंशन मैनर में आप इनको एनालाइज करने की कोशिश करेंगे तो आपको एहसास होगा कि ये सब के सब एक साथ बन रहे हैं शुरुआत में जब मान लीजिए
यहां से पोलर ईस्ट लीज के साथ एक फ्रंट एक अ एयर मास आ रहा है दैट इज कोल्ड एयर मास और यहां से वर्म एयर मास आ रहा है जो कि कहां पे आ रहा है जो कि आ रहा है अ सबट्रॉपिकल हाई प्रेशर बेल्ट से ये वर्म एयर मास है ये कोल्ड एयर मास है जब तक इन दोनों ने एक दूसरे की टेरिटरी में एक दूसरे को इंट्रूड नहीं किया तब तक ये कौन सा फ्रंट बना रहे होंगे बेटा तब तक ये स्टेशनरी फ्रंट बना रहे होंगे बट नाउ व्हेन दिस ऑन वन साइड वर्म
एयर मास इज पुशिंग दी कोल्ड एयर मास ऑन दी अदर हैंड कोल्ड एयर मास इज पुशिंग दी वर्म एयर मास तो यहां पे कौन सा फ्रंट बनेगा जब वर्म एयर मास कोल्ड एयर मास को पुश कर रहा है तो वर्म फ्रंट बनेगा और यहां पे अगर हम इस साइड से देखेंगे तो कोल्ड एयर मास पुश कर रहा है किसको वर्म एयर मास को तो वहां पे कौन सा फ्रंट बनेगा कोल्ड फ्रंट बनेगा राइट यहां से हमें समझ में आया कि ये फ्रंट कहीं पे भी डेवलप हो सकते हैं लैंड या सी ये फ्रंट पूरे साल
भर कभी भी आ सकते हैं बट हमने आपको पहले भी भी बताया है कि विंटर्स और पोलर रीजन के अंदर टेंपरेचर कंट्रास्ट ज्यादा होता है इस वजह से विंटर्स के अंदर यह कंपेरटिवली स्ट्रांग और दिखाई देते हैं इनकी शेप अगर आप देखें तो आपको इनवर्टेड v की एक शेप दिखाई देगी जो कि टेंपरेट साइक्लोन की एक कैरेक्टरिस्टिक के रूप में देखा जाता है क्या टेंपरेट साइक्लोन को हम फ्रंटल साइक्लोन कह सकते हैं यस क्या फ्रंटल साइक्लोन को हम एक्स्ट्रा ट्रॉपिकल साइक्लोन कह सकते हैं यस और क्या यहां पे कुछ वेवी स्ट्रक्चर होता है बिल्कुल सही
बात है सर इसे वेव साइक्लोन के नानाम से भी जाना जाता है अगर ये 35° से 65° तक डेवलप हो रहे हैं तो क्या ये वेस्ट लीज के संपर्क में है जी हां क्या इस रीजन के अंदर जेट स्ट्रीम्स भी ट्रेवल करती हैं जी हां और ये दोनों कौन सी हवाएं हैं सर ये दोनों वेस्ट लीज विंड्स हैं इस वजह से ये जो साइक्लोंस हैं वो वेस्ट टू ईस्ट मूव करते हैं जबकि ट्रॉपिकल साइक्लोन कहां मूव करते हैं ईस्ट टू वेस्ट ट्रॉपिकल साइक्लोन मूव करते हैं ईस्ट टू वेस्ट और टेंपरेट साइक्लोन मूव करते हैं वेस्ट
टू ईस्ट सो दिस इज हाउ वी आर डन विद दी टेंपरेट साइक्लोन वीी आर डन विद दी टेंपरेट साइक्लोन जो कि टेंपरेट साइक्लोन की अगर हम बात करें सो इनका जन्म होता है फ्रंटोजेनेसिस से फ्रोटो जेनेसिस के बाद आता है साइक्लोजेनेसिस साइक्लोजेनेसिस फ्रंटोजेनेसिस का मतलब साइक्लोजेनेसिस साइक्लोजेनेसिस का मतलब है जन्म होना साइक्लोन का और जब ये इंपैक्ट देखेंगे तो बड़े एरिया में करेंगे और क्या इनके साथ एसोसिएटेड वेदर कंडीशन में कोल्ड कंडीशंस होंगी जी हां सर कोल्ड फ्रंट कोल्ड मास है क्या इनके साथ जेंटल लॉन्ग ड्यूरेशन प्रेसिपिटेशन होगी जी हां सर निंबो स्टेटस क्लाउड्स बनते
हैं वर्म फ्रंट पे टेंपरेचर इंक्रीज होगा जी हां वर्म एयर मास है थंडर स्टोम आएंगे जी हां सर उसमें कोल्ड फ्रंट का भी तो डेवलपमेंट हुआ है सो इस तरीके से आप देख सकते हैं मल्टीपल अ वेदर कंडीशंस आर एसोसिएटेड विद टेंपरेट साइक्लोन ये किसी भी सीजन में आ सकते हैं इनवर्टेड व होता है और जट स्ट्रीम के साथ इनका एक इन्हेरेंट रिलेशनशिप देखा जाता है सो दीज आर दी मेजर चंक ऑफ क्लाइमेटोलॉजी नाउ वी आर गोइंग टू अंडरस्टैंड द वर्ल्ड क्लाइमेट टाइप्स जिसको बायोम्स में हम बहुत डिटेल में पढ़ेंगे बट यहां पे बस मैं
एक ओवरव्यू देकर आगे बढ़ जाऊंगा एंड देन वी विल फिनिश इट ऑफ विद दी ओशिनो ग्राफी सो लेट्स बिगिन विद दी नेक्स्ट चैप्टर ऑफ नेक्स्ट चैप्टर ऑफ क्लाइमेटोलॉजी दैट इज वर्ल्ड क्लाइमेट क्लासिफिकेशन इन द वर्ल्ड क्लाइमेट क्लासिफिकेशन वी नीड टू अंडरस्टैंड 12 मेजर टाइप्स ऑफ 12 मेजर टाइप्स ऑफ क्लाइमेटिक डिस्ट्रीब्यूशन दैट वी डू सी अक्रॉस द ग्लोब जब हम बात करते हैं सबसे पहले भाग की जो इक्वेटोरियल जोन है वहां पे हमें हॉट वेट इक्वेटोरियल क्लाइमेट मिलता है देन बिटवीन 10 टू 30 डिग्री लटटू ईस्टर्न मार्जिन पे इंडिया है तो हमें यहां पे मॉनसूनल टाइप
और वेस्टर्न मार्जिन पे हमने अभी तक देखा डेजर्ट मिलते हैं तो डेजर्ट टाइप वेजिटेशन देन बीच में ग्रास लैंड्स मिलते हैं तो हमें यहां पे ट्रॉपिकल ग्रास लैंड्स दिखाई देंगे एंड 30 से 60 के जो जोन है उसको दो भागों में बांटा जाता है 30 टू 45 इज टर्म्ड एज टेंपरेट जन बट दैट इज़ वर्म टेंपरेट जन 45 टू 60 को टेंपरेट जन बट इट इज कोल्ड टेंपरेट जन और कूल टेंपरेट जन बोला जाता है सो वर्म टेंपरेट जन कूल टेंपरेट जन एंड फाइनली वीी हैव आर्कटिक और पोलर टाइप ऑफ क्लाइमेट अब जब हम वर्म
टेंपरेट जन की बात करते हैं तब हमें पता है 30 टू 45° एटीट्यूड के अंदर वेस्टर्न मार्जिन ये वेस्टर्न मार्जिन है और इस वेस्टर्न मार्जिन पे आपको मेडिटरेनियन टाइप ऑफ क्लाइमेट दिखाई देगा एंड ईस्टर्न मार्जिन पे इंडिया के ऊपर चाइना है तो ईस्टर्न मार्जिन पे चाइना टाइप ऑफ क्लाइमेट दिखाई देगा अगर सेंटर में ट्रॉपिकल रीजन में ट्रॉपिकल ग्रास लैंड थे तो वर्म टेंपरेट रीजन में हमें टेंपरेट ग्रास लैंड्स दिखाई देंगे एंड जब हम इन टेंपरेट ग्रास लैंड्स के ऊपर देखेंगे तो हमें बीच का एक साइबेरिया का रीजन दिखाई देगा जहां पे साइबेरियन टाइप ऑफ क्लाइमेट
बनता है और मेडिटरेनियन सी के अंदर फ्रांस के ऊपर अगर हम एरियाज देखेंगे जो कि ब्रिटिश टाइप ऑफ क्लाइमेट का भाग बनेगा एंड इन दी चाइना टाइप वी विल सी लॉरेंशियम टाइप ऑफ क्लाइमेट जो कि चाइना के जस्ट ऊपर कोल्ड टेंपरेट जन में डेवलप होता है हर हर जन की अपनी-अपनी कुछ कैरेक्टरिस्टिक हैं सबसे पहले हम इनकी लोकेशन देखेंगे इनके क्लाइमेट के बारे में इनके वेजिटेशन फ्लोरा एंड फोना के बारे में जानने की कोशिश करेंगे हॉट एंड वेट इक्वेटोरियल क्लाइमेट जैसा कि आपको पता है इक्वेटोरियल रीजन एक ऐसा रीजन है जहां पे बारिशें बहुत ज्यादा
होती हैं सनलाइट थ्रू आउट द ईयर एंडेंजर है जहां से इक्वेटर जनरली पास करती हैं अमेजन के फॉरेस्ट हो गए कांगो जायरे बेसिन हो गया इंडोनेशिया और मलेशिया का रीजन जो हो गया वहां पे आपको इनका डेवलपमेंट होता हुआ दिखाई देगा क्लाइमेट एज आई हैव मेंशन कि ये वो रीजन है जहां पे जहां पे थ्रू आउट द ईयर सनलाइट रहती है हर शाम को 4:00 बजे के बाद रेनफॉल रहती है और दिन और रात के तापमान के बीच में ज्यादा फर्क आपको दिखाई देगा नहीं पूरे साल भर बारिश होती है इसका मतलब यहां पे एक
ही सीजन होता है दैट इज रेनी सीजन ना समर ना विंटर सिर्फ रेनी सीजन दिखाई देगा और अगर इतनी ज्यादा बारिशें हैं इतनी ज्यादा बारिशें हैं तो यहां पे वेजिटेशन के रूप में एवरग्रीन फॉरेस्ट का डेवलपमेंट होता दिखाई देता है और ये एवरग्रीन फॉरेस्ट में आप याद रखेंगे जब भी हम जब भी हम इक्वेटोरियल रीजन से हम अगर पोलर रीजन की ओर ट्रेवल करते हैं हैं तब जो वुड है वो वुड हार्ड वुड से क्या हो जाती है सॉफ्ट होने लगती है इसका मैं आपको पूरा का पूरा एक्सप्लेनेशन एनवायरमेंट के अंदर दूंगा जहां पे आप
जाइलम के प्रोसेस को समझेंगे और वहां से आपको आईडिया लग जाएगा कि यह हार्डवुड और सॉफ्ट वुड क्या होती है और अगर मान लीजिए इक्वेटोरियल रीजन है और यहां पे बहुत बड़े-बड़े ट्रीज आपको दिखाई देते हैं और इनकी जो कैनोपी है वो बहुत ही थिक और डेंस कैनोपी होती है डेंस कैनोपी है इस वजह से सारे ट्रीज आपस में सनलाइट के लिए क्या करते हैं कंपीट करते हैं जिनको सनलाइट ज्यादा मिल जाती है उनकी हाइट बड़ी हो जाती है जिनको सनलाइट कम मिलती है उनकी हाइट कम होती रहती है इस वजह से यहां पे आपको
एक लेयर्ड अरेंजमेंट दिखाई देगा ये एक लेयर्ड अरेंजमेंट आपको दिखाई देता है चलिए लेयर्ड अरेंजमेंट हो गया एंड वन मोर थिंग क्या अंडर ग्रोथ हो पाएगी सर नहीं हो पाएगी क्योंकि नीचे तक तो सनलाइट पहुंच ही नहीं पा रही इसका मतलब यह है कि जो प्लांट्स अगर ग्रो करना चाहेंगे तो वो जो ऑलरेडी डेवलप्ड प्लांट है उसके ऊपर ग्रो करते हैं जिसे हम जैसे आपने अब एपिफाइट के बारे में सुना होगा जो कि एक बेल के रूप में एक प्लांट से दूसरे एक प्लांट के ऊपर ही ग्रो करने लगता है राइट वैसे पौधे यहां पे
हमें डेवलप होते हुए दिखाई देते हैं और अगर यहां पे मैं बात करता हूं डाइवर्सिटी की तो बहुत लार्ज स्केल पे डायवर्सिटी हमें यहां पे दिखाई देती है चाहे वो हार्डवुड के रूप में रोज वुड हो महोगनी हो ऐसे ट्रीज हमें यहां पे मिलेंगे इकोनॉमिक एक्टिविटी के रूप में लोग यहां पे हंटिंग और गैदरिंग का काम करते हैं लार्जली अगर यहां के फोना की बात करें तो यहां पे मगरमच्छ आर्बो यल लोग आर्बो एनिमल्स जो कि एक ट्री से दूसरे ट्री पे जा सकते हैं वो दिखाई देंगे क्योंकि जंगल इतना घना है कि यहां पे
आपको जो टाइगर्स हैं लायंस हैं इनका पाना बहुत मुश्किल है क्यों क्योंकि उनको घूमने के लिए बहुत जगह चाहिए अब अगली अगर हम बात करते हैं ट्रॉपिकल मानसून टाइप ऑफ क्लाइमेट की मानसून टाइप ऑफ क्लाइमेट भारत की एक बहुत ही बेहतरीन कैरेक्टरिस्टिक के रूप में देखा जाता है दो मानसून पूरी दुनिया के अंदर बहुत सारे विश्व के बहुत सारे देशों में डेवलप हुआ है बट बेस्ट डेवलपमेंट मॉनसून का भारत के अंदर देखा गया अगर कुछ और देशों की बात करें तो जिसमें आप बर्मा थाईलैंड लाओस कंबोडिया वियतनाम साउथ चाइना और नॉर्दर्न ऑस्ट्रेलिया को देखते हैं
अब मानसून टाइप के अंदर क्लाइमेट यह होता है कि आपको पता है अ जो सीजनल रिवर्सल है विंड्स का व देखा जाता है जो विंड्स है व अपना रिवर्सल करती हैं और यहां का जो मैक्सिमम टेंपरेचर है वो कभी-कभी 45 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है और जो कूल और ड्राई सीजन जो विंटर्स होती हैं यहां पे वो बहुत ही ठंडी होती हैं जहां पे बारिशें कंपैरेटिव कम इसलिए ड्राई सीजन के रूप में देखा जाता है ओवरऑल दिन रात के तापमान को छोड़ें अगर हम बट अगर हम एनुअल रेंज ऑफ टेंपरेचर देखें तो हमें काफी ज्यादा
यहां पर दिखाई देगी वेजिटेशन के रूप में आप जानते हैं अगर एक पर्टिकुलर सीजन में बारिश हो रही है और दूसरा सीजन ऐसा है जहां पर बिल्कुल पानी की अवेलेबिलिटी नहीं है तो पेड़ कुछ पर्टिकुलर सीजन कुछ पर्टिकुलर वक्त के अंदर अपने जो लीव्स हैं उनको शेड करेंगे इसलिए उन्हें डेसिडेंट की अगर हम बात करते हैं जैसे भारत जैसे देशों में फार्मिंग फार्मिंग एग्रीकल्चरल एक्टिविटीज बहुत ज्यादा बहुत ज्यादा फेमस है और अगर हम प्रिमिटिव एग्रीकल्चरल एक्टिविटीज को देखें तो शिफ कल्टीवेशन जैसी इकोनॉमिक एक्टिविटीज यहां पर परफॉर्म की जाती हैं अगर मैं अगले क्लाइमेट की ओर
आऊं जिसको हम अ सवाना टाइप और सूडान टाइप ऑफ क्लाइमेट के नाम से जानते हैं सवान सवाना टाइप और सूडान टाइप ऑफ क्लाइमेट एक ऐसा क्लाइमेट है जो कि ट्रांजीशन जोन के रूप में देखा जाता है ट्रांजीशन जोन का मतलब यह है कि अगर आप ईस्टर्न भाग में देखेंगे जब मैंने आपको ट्रेड विंड्स पढ़ाया था तब मैंने बोला था कि ऑन शोर विंड्स जो है वो ईस्टर्न मार्जिन के लिए ऑन शोर होती हैं जो ये विंड्स हैं ट्रेड विंड्स जो हैं वो शोर होती हैं ईस्टर्न मार्जिन के लिए इसलिए यहां पे तो रेनफॉल अच्छी है
बट जब ये मिड ऑफ दी कॉन्टिनेंट पहुंचेंगी तब यहां पे बारिशें कंपेरटिवली कम हो जाएंगी और ग्रास लैंड्स का डेवलपमेंट होगा और जब ये एंड में पहुंचेंगी तो इनके पास बिल्कुल मॉइश्चर नहीं है तो यहां पे डेजर्ट का डेवलपमेंट होता हुआ दिखाई देता है और डेजर्ट के लिए मैंने आपको दो कंडीशन पहले भी बता दी हैं पहली कंडीशन तो चलो आपने आपको मैंने बता दिया ऑफशोर ट्रेड विंड है दूसरी सब ट्रॉपिकल हाई प्रेशर बेल्ट पे सब्सिडेंस होने के कारण डेजर्ट का डेवलपमेंट होता है है जब हम सवाना टाइप ऑफ क्लाइमेट की बात करते हैं जो
कि ग्रास लैंड्स हैं यह दुनिया के ऐसे ग्रास लैंड्स हैं जहां पे ह्यूमैनिटीज जो हम अपनी बात करते हैं ह्यूमंस की बात करते हैं एवोल्यूशन की बात करते हैं उसे देखा गया जब हम क्वाड्रो पेड पे चार पैरों पर चल रहे थे तब हम इन्हीं रीजंस के अंदर इन्हीं रीजंस के अंदर घूम रहे थे बट इन रीजंस की जो ग्रासेस हैं वो बहुत ही लंबी है जिन्हें हम एलीफेंट ग्रासेस के नाम से जानते हैं छ से 8 फीट की इनकी क्या होती है लेंथ होती है हाइट होती है इस वजह से जब हम अगर सामने
वाले को ट्रेस करना चाहते हैं अगर हम हंट करना चाहते हैं तो हमें अपने पोस्चर को इरेक्ट करना पड़ेगा ताकि हम अपने विजन को लंबा विजन को बहुत दूर तक दूर तक डेवलप कर सकें इसी कारण से यहीं पे हमारा एवोल्यूशन भी देखा गया है अब इसके बाद यहां का जो क्लाइमेट है वो ऐसा है कि जो कि समर्स के अंदर रेनफॉल दिखाई देती है और विंटर्स के अंदर कंपैरेटिव ड्राई क्लाइमेट होता है सो ये डिस्टिंक्ट वेट एंड क्लाइमेट के नाम से जाना जाने वाला एक क्लाइमेटिक जोन है जहां पे ग्रास लैंड्स का डेवलपमेंट हुआ
बट जो ग्रासेस है वो बहुत ही कोर्स बहुत ही बहुत ही वायरी ग्रासेस हैं ये बहुत ही न्यूट्रिशिया ग्रासेस नहीं होती हैं जैसे आपको ग्रास का नाम लेते ग्रीनि ग्रासेस नजर आती है नहीं ये लोइश ग्रीनि ग्रासेस होती हैं बहुत ही बहुत ही कोर्स है वायरी ग्रासेस हैं लेस न्यूट्रिशिया हैं और इसीलिए कैटल्स इन ग्रासेस को डाइजेस्ट नहीं कर पाते हैं तो यहां की डेरी इंडस्ट्री भी क्या रहती है अंडर डेवलप रहती है देन अगर हम इनकी बात करें तो यहां पे बीच-बीच में से कुछ ट्रीज स्कैटर्ड अमाउंट ऑफ ट्रीज भी हमें दिखाई देते हैं
इसीलिए सवाना को ट्रू ग्रास लैंड की संज्ञा नहीं दी जाती है कुछ स्कैटर्ड अमाउंट में जो ट्रीज हैं उन ट्रीज को अंब्रेला ट्रीज की संज्ञा दी जाती है क्यों क्योंकि यह हवा को रेजिस्ट करने के लिए यहां पे जो हवाएं चलती हैं उनको रेजिस्ट करने के लिए एक बहुत ही बड़ी थिक कैनोपी को डेवलप नहीं करते हैं रदर ये इस तरीके से अंब्रेला शेप को डेवलप करते हैं अब यहां के वेजिटेशन को तो हमने देख लिया बट एक चीज और जानकारी हमें रखनी है यहां पे वो यह कि ट्रीज जो हैं उनका एक कंपटीशन होता
है किसके साथ सीड्स ग्रासेस के साथ अब ग्रास और ट्री दोनों कंपीट कर रहे हैं किसके लिए वाटर के लिए जब ये दोनों पानी के लिए कंपीट करते हैं तब ग्रासेस जो होती हैं वो आपस में एक दूसरे को रब करके क्या करती हैं बर्न हो जाती हैं जब वो फायर जनरेट करती हैं तो जो ट्रीज के सीड्स होते हैं वो भी बर्न हो जाते हैं वो बर्न हो जाते हैं बट ग्रासेस के सीड्स जो हैं वो फायर रेजिस्टेंट होते हैं तो ग्रासेस खुद को तो बचा लेती हैं और ट्रीज को फैलने से रोक देती
हैं और हमेशा जीवित रहती हैं और हमेशा जीत जाती हैं इसीलिए इन्हें ग्रास लैंड कहा जाता है यहां के अंदर फोना की बात करें अगर इतने बड़े ग्रास लैंड्स हैं तो आपको ज बहुत ही जानकारी हासिल होनी चाहिए कि ऐसे बिग जो अ प्रेडेटर्स हैं टॉप प्रेडेटर्स हैं उनकी यहां पे प्रेजेंस दिखाई देगी चाहे वो टाइगर्स हैं चाहे वो लायंस हैं है ना वो टाइगर्स तो चलो फिर भी हम नहीं कहे क्योंकि वह तो एशियाटिक स्पीशी में आ गया यहां पे लायंस भरपूर मात्रा में हमें दिखाई देंगे लेपर्ड दिखाई देंगे जगुआर उसके साथ-साथ हमें यहां
पे चीता दिखाई देगा बट इनको अगर खाना खाना है तो ये किस पे सरवाइव करेंगे यहां पे डियर का डेवलपमेंट होता हुआ दिखाई देगा और इनसे बचने के लिए ऐसे लोग होंगे जिनकी स्ट्रेंथ बहुत ज्यादा हो तो एलीफेंट उसके साथ-साथ राइनोसोर अस और इनसे छुपने के लिए कुछ कैमा फ लॉज करते हुए हमें यहां पे जेब्रा दिखाई देंगे और अगर यहां पे यह ऐसे ट्रीज हैं जो कि जो कि अंब्रेला शेप है तो ऐसे जानवर दिखाई देंगे जिनकी गर्दन लंबी होगी जिसको हम जिराफ के नाम से जानते हैं सो दिस इज सवाना टाइप ऑफ ग्रास
लैंड जो कि आपको कहां मिलेगा सवाना टाइप ऑफ ग्रास लैंड हमें साउथ अमेरिका में लानोस और कैंपोज के नाम से यहां पे अगर हम अफ्रीका के अंदर बात करते हैं तो सवाना इन्हें नाम दिया जाता है और कुछ भाग इनका हमें नॉर्दर्न पार्ट ऑफ ऑस्ट्रेलिया में दिखाई देता है डेजर्ट टाइप ऑफ क्लाइमेट के होने का जो मेजर कारण है वह मैं आपको बता चुका हूं बट यहां की जो क्लाइमेटिक कंडीशंस है वह आप सब लोग जानते हैं कि बहुत बहुत ही ज्यादा अ बहुत ही अ हाई टेंपरेचर रहता है दिन के समय में बट रातें
ठंडी होती हैं इसका मतलब दिन और रात के तापमान का जो अंतराल है वह बहुत ही बड़ा होता है डाई यूरिनल रेंज ऑफ टेंपरेचर बहुत ही ज्यादा दिखाई देती है एरिड यहां पे हाई है क्यों हाई है क्योंकि सबट्रॉपिकल हाई प्रेशर बेल्ट है ऑफशोर ट्रेड विंड है और एक कोल्ड करंट का कारण जो हमें ओशिनो ग्राफी में पता लगेगा देन यहां के वेजिटेशन की बात करें तो इन रीजंस का जो वेजिटेशन है उसे हम जेरो फाइट वेजिटेशन के नाम से जानते हैं जेरो फाइट वेजिटेशन का मतलब यह होता है ऐसा वेजिटेशन जो कि एरिड कंडीशन
के अंदर खुद को बचा सके एडेप्टेशन के माध्यम से इनके अंदर जो लीव्स हैं वो खुद को कन्वर्ट कर लेती हैं किसमें थॉन्स के अंदर क्यों कन्वर्ट कर लेती हैं क्योंकि लीव्स हमेशा कोशिश करेंगी कि वाटर के लॉस को रोका जा सके मिनिमाइज किया जा सके और वाटर के लॉस को मिनिमाइज करने के लिए व्हाट हैपेंस इज जो इवेप ट्रांस्पिरेशन का प्रोसेस है जो इवेप ट्रांस्पिरेशन है ये इवेप ट्रांस्पिरेशन क्या हो जाता है कम हो जाता है अगर इनका सरफेस एरिया कम हो जाएगा इन लीव्स के ऊपर वैक्स होता है ताकि ये पानी के लॉस
को रोक सके और यह बहुत ही बहुत ही लंबी रूट्स वाले लंबी रूट्स वाले यहां पे आपको वेजिटेशन दिखाई देंगे ताकि ये अंडरग्राउंड से पानी को फैच कर सकें श्रब दिखाई देंगी वैक्सी लेदरी हेरी नीडल शेप्ड लीव्स यहां पे दिखाई देती हैं इकॉनमी के रूप में जनरली यहां पे अगर आप डिफरेंट डिफरेंट डेजर्ट में बात करेंगे तो डिफरेंट डिफरेंट इकोनॉमिक एक्टिविटीज देखी जाती हैं जैसे कि ग्रेट ऑस्ट्रेलियन डेजर्ट के अंदर गोल्ड माइनिंग नॉर्थ अमेरिकन डेजर्ट के अंदर सिल्वर ऑयल एक्सप्लोरेशन सहारा में किया जाता है राजस्थान में भी है एंड ट्राइब्स के रूप में यहां पे
कालाहारी डेजर्ट के अंदर बुशमैन ट्राइब जो कि ओल्डेस्ट ट्राइब है और गोबी मंगोल्स जो कि गोभी डेजर्ट के अंदर हमें दिखाई देती है फिर आता है मेडिटरेनियन टाइप ऑफ क्लाइमेट मेडिटरेनियन टाइप ऑफ क्लाइमेट एक ऐसा क्लाइमेट है जहां पे आपको विंटर में रेनफॉल और समर्स ड्राई दिखाई देंगी दिस इज जस्ट बिकॉज़ ऑफ द शिफ्टिंग ऑफ प्रेशर बेल्ट जब प्रेशर बेल्ट शिफ्ट होती हैं तो मैंने आपको बोला था कि विंटर्स के समय में ये ऑन शोर विंड्स वेस्टर्लीज के संपर्क में आते हैं और वेस्टर्न मार्जिन होने के कारण इन्हें विंटर्स में बारिश प्राप्त होती है समर्स
यहां की कंपैरेटिव ड्राई देखी जाती हैं इसी कारण से आप यहां पे देखेंगे ये जो डेवलपमेंट होता है ये वेस्टर्न पार्ट में हमें मेडिटरेनियन सी के वेस्टर्न पार्ट में और कॉन्टिनेंट के वेस्टर्न पार्ट्स में दिखाई देता है चाहे वो कैलिफोर्निया का रीजन हो चाहे हम बात करें अ सेंट्रल चिले की चाहे हम बात करें मेडिटरेनियन सी के अराउंड रीजन की या हम बात करें कुछ ऐसे रीजंस जो कि अफ्रीका के टिप पर आते हैं उनकी या ऑस्ट्रेलिया की यहां का क्लाइमेट मैं आपको बता चुका हूं और इस क्लाइमेट के साथ-साथ यहां पर कुछ लोकल विंड्स
का भी बहुत बड़ा योगदान रहता है जिन्हें हम पहले भी डिस्क कर चुके हैं यहां के लोगों की जो इकोनॉमिक एक्टिविटी है उसमें सिट्रस फ्रूट्स सिट्रस फ्रूट्स का बहुत बड़ा योगदान है सिट्रस फ्रूट्स के कारण यहां के अंदर विटीकल्चर यानी कि वाइन मेकिंग इंडस्ट्री बहुत अच्छे से डेवलप होती है और इन रीजंस की जो वाइन है वो वर्ल्ड फेमस वाइन है चाहे वो पोर्ट वाइन हो चाहे वो शैंपेन हो राइट ऑरेंजेस एज वेल एज सिट्रस फ्रूट्स में सन किस जेफा ऑरेंजेस ग्रेप्स है ना ऑलिव यहां पे बहुत अच्छे से डेवलप होते हैं ठीक है अब
आता ता है स्टेपे टाइप ऑफ क्लाइमेट जैसे हमने ट्रॉपिकल ग्रास लैंड देखा वैसे ही ये टेंपरेट ग्रास लैंड्स हैं टेंपरेट ग्रास लैंड का मतलब ये ऐसे ग्रास लैंड्स हैं जिन्हें ट्रू ग्रास लैंड्स की संज्ञा दी जा सकती है ट्रू ग्रास लैंड का मतलब है यहां की जो ग्रासेस हैं बिल्कुल ग्रीनि बिल्कुल ग्रीनि लसी ग्रीन ग्रासेस हैं बहुत ही न्यूट्रिशिया ग्रासेस हैं इस कारण से इस रीजन के अंदर बहुत अच्छी कैटल इंडस्ट्री का डेवलपमेंट होता है अगर हम इनके डिफरेंट डिफरेंट लोकेशन में डिफरेंट डिफरेंट नाम देखें तो इन्हें यूरेशिया के अंदर पेपे के नाम से जाना
जाता है नॉर्थ अमेरिका में इन्हें प्रेज साउथ अमेरिका में इन्हें पंपास उसके साथ-साथ साउथ नॉर्थ साउथ अफ्रीका में बुशवेल्ड एंड ऑस्ट्रेलिया के अंदर इन्हें डाउंस और न्यूजीलैंड के इन्हें न्यूजीलैंड के अंदर इन्हें कैंटरबरी प्लेंस के नाम से जाना जाता है और अगर यहां पे ग्रासेस बहुत ही लसी ग्रीन ग्रासेस हैं तो डेफिनेटली आप समझेंगे कि एक्सट्रीम टेंपरेचर्स तो यहां पे नहीं दिखाई देंगे और टेंपरेचर के अंदर कुछ सीजनल वेरिएशन हमें दिखाई देता है राइट और ये जो एक्सट्रीम टेंपरेचर है वो सीवियर ज्यादा नहीं होता प्रेसिपिटेशन के अंदर हम बात करें कुछ पर्टिकुलर ऐसे मंथ्स हैं
जहां पे आपको बारिशें नहीं दिखाई देंगी क्योंकि ये मिड ऑफ दी कॉन्टिनेंट में है तो ठीक-ठाक अमाउंट ऑफ रेनफॉल एवरेज अमाउंट ऑफ रेनफॉल यहां पे 25 टू 75 सेमी के रूप में दिखाई देता है यहां के बाद अगर वेजिटेशन की बात करें तो बहुत ही छोटी ग्रासेस हैं वायरी नहीं है अ कुछ ग्रासेस वायरी हैं बट स्पर्स हैं और उसके साथ-साथ ये ग्रासेस क्या होती हैं बहुत ज्यादा न्यूट्रिशिया होती हैं राइट म अगर हम पोल वर्ड की ओर मूव करेंगे तो ज्यादा रेनफॉल होने के कारण वहां पे हमें वुडेड स्टेपीज भी देखने को मिल सकते
हैं राइट वीट कल्ट पेस्टोरल फार्मिंग यहां के लोगों की इकोनॉमिक एक्टिविटी के रूप में देखा जाता है चाइना टाइप का जो क्लाइमेट है इसे हम टेंपरेट मॉनसूनल टाइप ऑफ क्लाइमेट भी कहते हैं टेंपरेट मॉनसूनल क्यों क्योंकि ये टेंपरेट रीजन में है और यहां पे भी सीजनल रिवर्सल ऑफ विंड देखा जाता है और ये जो रीजन है ये ईस्टर्न मार्जिन के अंदर हमें दिखाई देगा जहां पे समर्स कंपैरेटिव वार्म है और विंटर्स कंपैरेटिव ड्रायर है और बहुत ही कोल्ड है स्ट्रांग मेरीटाइम इन्फ्लुएंस जो ईस्टर्न पार्ट है चाइना का वहां पे समुद्री इन्फ्लुएंस हमें ज्यादा दिखाई देता
है और यहां पे रेनफॉल थ्रू आउट दी ईयर रहती है थ्रू आउट दी ईयर का मतलब ये नहीं है कि हर रोज बारिश होती है मतलब ऑलमोस्ट हर सीजन में रेनफॉल इस रीजन में देखी जाएगी चाहे वो मार्च अप्रैल का महीना हो या लेट समर्स अक्टूबर का टाइम हो या हम बात करें अ जून का जून का महीना हो जहां पर यह रेनफॉल रिसीव करते हैं और अगर हम बात करें इनको डिफरेंट डिफरेंट लोकेशन पे डिफरेंट डिफरेंट नाम से जाना जाता है चाइना टाइप ऑफ क्लाइमेट को हम गल्फ टाइप ऑफ क्लाइमेट भी कहते हैं क्योंकि
यही सिमिलर चीज गल्फ ऑफ मेक्सिको में भी डेवलप होती है और उसके साथ-साथ यही टाइप ऑफ क्लाइमेट आपको सदर्न अफ्री अफ्रीका के अंदर साउथ अफ्रीका के सदन टिप पे भी दिखाई दे जाएगा जिसे नेटल टाइप ऑफ क्लाइमेट के नाम से भी जा जाना जाता है राइट और यहां पे कुछ जो एक्टिविटीज हैं उनके अंदर शुगर केन कॉटन कल्ट टोबैको मेज और डेरी प्रोडक्ट्स का डेवलपमेंट किया जाता है देन वी हैव इज द ब्रिटिश टाइप ऑफ क्लाइमेट ब्रिटिश टाइप ऑफ क्लाइमेट वर्ल्ड के अंदर मोस्ट हैबिटेबल मोस्ट परफेक्ट प्लेस है परफेक्ट टाइप ऑफ क्लाइमेट है फॉर दी
ह्यूमन हैबिटेशन ऐसा क्यों है क्योंकि यहां की समर्स बहुत माइल्ड है और विंटर्स बहुत स्ट्रांग नहीं है आप खुद समझे 45 2 60° के लटटू में पाया जाने वाला यह पूरा का पूरा क्लाइमेट है जहां पे ठंड बहुत ज्यादा होनी चाहिए बट अब अगर हम ओशियन करंट पढ़ेंगे तब मैं आपको वॉर्म ओशियन करंट की जानकारी दूंगा तो एक करंट है जिसको आप नॉर्थ अटलांटिक ड्रिफ्ट के नाम से जानते हैं उस करंट के कारण ब्रिटिश के ब्रिटेन के अंदर और ब्रिटिश आइल्स के ऊपर जो तापमान है सर्दियों के समय में वह इतना ज्यादा गिरावट उसमें नहीं
देखी जाती राद वह कंपैरेटिव हाई हो जाता है इसलिए माइल्ड कंडीशंस आप को वहां पे दिखाई देती हैं तो एक बात तो यह हुई दूसरा ब्रिटिश टाइप ऑफ क्लाइमेट जो है वह पूरे वर्ल्ड में अलग-अलग जगहों पे अगर हम देखें तो न्यूजीलैंड के अंदर नॉर्थ वेस्टर्न यूरोप के अंदर सदर्न पार्ट ऑफ चिले तस्मिया इन एरियाज के अंदर हमें डेवलप होता हुआ दिखाई देता है यहां का क्लाइमेट मैं आपको बता चुका हूं यहां पे माइल्ड रेनफॉल है और टेंपरेट साइक्लोंस जो हैं उनकी वजह से यहां पे रेनफॉल देखी जाती है यह एरिया थ्रू आउट द ईयर
वेस्टर्लीज के संपर्क में रह रहता है इस कारण से कभी भी किसी भी समय पर यहां पर रेनफॉल हो सकती है और इसी कारण से और आप जानते हैं कि वेस्टली विंड्स परमानेंट विंड्स हैं और इन परमानेंट विंड्स को प्रिडिक्ट करना आसान है इसी वजह से इसी वजह से जब भी आप क्रिकेट मैच देखेंगे तब आपको एहसास होगा कि इनमें बहुत अच्छे से बहुत अच्छे से प्रेडिक्शन यहां पे हमें देख देखने को मिलता है यहां पे जो ट्रीज हैं वो बहुत ही प्योर स्टैंड्स में मिलते हैं इसीलिए वुड कटिंग इंडस्ट्री ब्रिटिश टाइप ऑफ क्लाइमेट का
एक फॉर मोस्ट इकोनॉमिक एक्टिविटी है बट उसके साथ-साथ ब्रिटिश टाइप ऑफ क्लाइमेट इज फेमस फॉर ट्रक फार्मिंग यानी कि फ्रूट्स एंड वेजिटेबल्स को बहुत लार्ज स्केल पे ग्रो करके उन्हें ट्रांसपोर्ट किया जाता है इसे ही ट्रक फार्मिंग के नाम से जाना जाता है फिशिंग इज अनदर इंपॉर्टेंट इंपॉर्टेंट अ इकोनॉमिक एक्टिविटी देन वी हैव इज दी कूल टेंपरेट ईस्टर्न मार्जिन जिसे हम लॉरेंशियम टाइप ऑफ क्लाइमेट कहते हैं जो कि दो ही रीजंस में दिखाई देगा नॉर्थ ईस्टर्न अमेरिका और ईस्टर्न कोस्टल मैड ऑफ एशिया सदर्न हेमिस्फीयर में लैंड मास अवेलेबल नहीं है सो दिस टाइप ऑफ क्लाइमेट
इज नॉट अवेलेबल इन द सदर्न हेमिस्फीयर इस रीजन के अंदर अराउंड 75 टू 150 सें तक रेनफॉल हमें देखने को मिलती है कुछ लेक्स जैसे कि आप सुपीरियर लेक्स और इन लेक्स ग्रेट लेक्स की बात करते हैं उन रीजंस में अ उन रीजंस में लौरेंशियन टाइप ऑफ क्लाइमेट पाया जाता है और यहां पे कोनिफरस ट्रीज क्योंकि थोड़ा सा ट लटटू हाई है तो कोनिफरस ट्रीज के अंदर कोनिफरस ट्रीज जो कि क्रिसमस ट्रीज होते हैं ना उनका डेवलपमेंट यहां पे दिखाई देता है ताकि ये सर्दियों के समय में अगर फ्रॉस्ट बाइट हो तो उससे बच सके
राइट अब अगर हम बात करते हैं साइबेरियन टाइप ऑफ क्लाइमेट की जो कि आपको रशिया के अंदर साइबेरिया में और कनाडा के कुछ भागों में डेवलप होता हुआ दिखाई देगा जहां पे बहुत ही बहुत ही अ छोटी समर्स होती है 20 से 25 डिग्री समर के अंदर टेंपरेचर रहता है बट ठंड के समय में तो बहुत लाजवाब यहां पे ट पड़ती है -40 डिग्री सेल्सियस तक टेंपरेचर रिकॉर्ड किया जाता है वेजिटेशन अगर इतना हैवी इतना इतना इतना इतना लो टेंपरेचर होगा तो क्या वेजिटेशन का डेवलपमेंट होना यहां पे पॉसिबल है नहीं सर यहां पे बहुत
छोटी डवा फ विलोज हार्डी ग्रासेस मोसेस लाइकिंस इनका डेवलपमेंट होता है टुंड्रा टाइगा और ग्रास लैंड्स यहां पे दिखाई देंगे और लंबरिंग इंडस्ट्री पेपर एंड पल्प इंडस्ट्री इस एरिया का सबसे फोरमोस्ट प्रोफेशन के रूप में देखा जाता है लास्ट इज द पोलर टाइप ऑफ क्लाइमेट और टंडरा टाइप ऑफ क्लाइमेट यह आर्कटिक सर्कल के ऊपर का जो एरिया है वहां पे आपको दिखाई देगा बहुत ज्यादा हार्श विंटर्स टेंपरेचर -40 डिग्री सेल्सियस तक प्रेसिपिटेशन बहुत ही कम है मॉइश्चर बहुत ही एब्सेंट है अगर है तो स्नो की फॉर्म में है वेजिटेशन यहां पे डेवलप नहीं हो पाता
परमा फ्रॉस्ट रीजन है मोसेस लाइकिंस जैसे यहां पे बहुत छोटे-छोटे प्लांट्स आपको और श्रब्स दिखाई देंगे और उसके साथ-साथ ब्री डी समर्स होती हैं तब जब जब स्नो मेल्ट कर जाती है तब यहां पर कुछ छोटे ग्रास लैंड्स का डेवलपमेंट होता हुआ दिखाई देता है और यहां पे एस्किमोस समो इट्स लाइक ये जो लाइफ स्टाइल है रिजाइनिंग इन कंपैक्ट इगलूस ड्यूरिंग विंटर ये इगलूस बना के विंटर्स के समय वहां पे रिजाइंड करते हैं सो दीज आर दी वर्ल्ड क्लाइमेट टाइप्स अब हम स्टार्ट करने वाले हैं ओशिनो ग्राफी को दो वी विल डिस्कस दीज वर्ल्ड टाइप
ऑफ क्लाइमेट्स इन डिटेल इन दी बायोम्स इन एनवायरमेंट सेगमेंट राइट इन ओशिनो ग्राफी वी विल स्टार्ट आवर डिस्कशन विद ओशियन वाटर सर्कुलेशन व्हेन वी सी ओशियन वाटर सर्कुलेशन देयर आर मेजर्ली थ्री टाइप्स ऑफ़ थी थ्री टाइप्स ऑफ़ मूवमेंट्स वीी कैन ऑब्जर्व इन ओशनिक वाटर वन इज़ द ओशनिक करंट सेकंड वन इज़ द ओशनिक वेव्स एंड थर्ड इज़ दी ओशनिक टाइड्स सो लेट्स स्टार्ट फर्स्ट विद दी ओसन करेंट्स व्हाट एगजैक्टली दीज ओसन करेंट्स आथ जैसे हम लैंड के ऊपर नदियों को बहते हुए देखते हैं वैसे ही ओशियन का जो पानी है वो एक पर्टिकुलर रिवर लाइक
फ्लो के रूप में एक डायरेक्शन के अंदर बहता है वो बैंड के रूप में यानी कि ओशियन का पानी एक बैंड लाइक मैनर में एक पर्टिकुलर डेफिनेट पाथ की ओर जब बहता है तब उसे ओशन करेंट्स का नाम दिया जाता है अब इनका जन्म कैसे होता है उसे हम इस हाइपोथेटिकल सिनेरियो से समझने की कोशिश करते हैं बट उससे पहले ये जानना जरूरी है कि इस ओशनिक वाटर सर्कुलेशन से आखिर होता क्या है जब हम इक्वेटोरियल रीजंस को देखते हैं वी आर वेरी वेल अवेयर ऑफ द फैक्ट दैट जो इक्वेटोरियल रीजन है व काफी अमाउंट
में इंसुलेशन रिसीव करता है जब वहां पे इंसुलेशन ज्यादा है तो वहां पे टेंपरेचर भी कंपैरेटिव पोल्स के कंपैरेटिव ज्यादा दिखाई देगा और यहां की जो हीट है वह सरप्लस में है ऑन द अदर हैंड पोलर रीजन ऐसे हैं जहां पे हीट डेफिसिट देखा जाता है तो इस हीट सरप्लस से हीट डेफिसिट तक जो री डिस्ट्रीब्यूशन है हीट का वो ओशन करंट के माध्यम से किया जाता है जैसे हम यहां पे समझने की कोशिश करें इक्वेटोरियल रीजन एज आई हैव मेंशन रिसीव कंपैरेटिव मोर इंसुलेशन जहां पे ज्यादा इंसुलेशन होगा वहां पे पानी का तापमान कंपैरेटिव
ज्यादा होगा जब टेंपरेचर ज्यादा होगा तो वाटर विल कंपैरेटिव एक्सपेंड पानी के अंदर एक्सपेंशन देखा जाएगा जब यहां पे एक्सपेंशन होगा तो यहां पे पानी का लेवल कंपेरटिवली थोड़ा सा ज्यादा हो जाएगा ऑन द अदर हैंड जब र रीजन में हम देखते हैं तो कंट्रक्शन देखा जाएगा क्यों क्योंकि वहां पे पानी की डेंसिटी ज्यादा है वहां पे कंट्रक्शन ज्यादा इसलिए है क्योंकि पानी बहुत ठंडा है तो वहां पे जो लेवल है वो कंपैरेटिव हमें कम दिखाई देगा इसका मतलब यह है कि जब हम इक्वेटर को देखते हैं तो यहां पे पानी का लेवल ज्यादा है
और पोलर रीजन के अंदर पानी का लेवल कंपैरेटिव कम है तो ये एक नेचुरल ग्रेडिएंट प्रोवाइड करता है नेचुरल ग्रेडिएंट का मतलब ये है कि जहां पे हाइट ज्यादा है वहां से पानी वहां से पानी कम हाइट की एरिया की ओर आगे बढ़ने लगेगा यानी कि इक्वेटर से पोल की ओर यह पानी का मूवमेंट हमें देखने को मिलेगा अब ये जो इक्वेटर से पोल की ओर पानी गया है दैट इज इन अ डेफिनेट पाथ ये एक डेफिनेट पाथ के रूप में यहां से सरफेस के ऊपर चलने लगा इसे ही हम इसे ही हम ओश करंट
के नाम से जानेंगे ये है वर्म ओशियन करंट क्यों वर्म ओशियन करंट है क्योंकि ये इक्वेटर से कहां की ओर चल रहा है पोल की ओर और इक्वेटर पे पानी कंपैरेटिव क्या है गर्म है बट ऑन द अदर हैंड अगर आप देखें जो ओशनिक वाटर पोलर रीजन में है वो कंपैरेटिव ठंडा है ठंडा पानी हमेशा हैवी होता है और हैवी वाटर हमेशा क्या करेगा नीचे की ओर जाने की कोशिश करेगा जब ये नीचे की ओर जाने की कोशिश करेगा तो यहां पे जो जोन डेवलप होगा उसे हम डाउन वेलिंग जोन कहेंगे दिस विल बी टर्म्ड
एज डाउन वेलिंग जन अब यहां से आप अगर देखें इक्वेटर का पानी अगर रिमूव होके पोलर रीजन की ओर चला गया तो यहां पे जो वैक्यूम क्रिएट होगा उसको फिल करने के लिए पोलर वाटर आएंगे और पोलर वाटर सब सरफेस पे चलते हुए यहां से चलने लगा एंड देन ये ऊपर की ओर आएगा इस कोश से टकराने के बाद जिसे आप अपवेलिंग जोन के रूप में देखते हैं और यहां पे पोल का पानी आ गया तो आपने क्या देखा इक्वेटर का गर्म पानी पोल की ओर गया और पोल का ठंडा पानी कहां पे आया है
इक्वेटर की ओर आया है और जब यह इक्वेटर का पानी पोल की ओर गया है तो यह सरफेस के ऊपर गया है और पोल का पानी थोड़ा सा डेप्थ में आते हुए यहां तक पहुंचा मैं ये नहीं कह रहा हूं कि ये डीप करंट है थोड़ी सी डेप्थ में चलता हुआ कहां पे आया इक्वेटर की ओर आया और जब इक्वेटर के कोश से टकराया तो ये ऊपर की ओर उठेगा जिसे हम अपवेलिंग जोन के नाम से जानेंगे अगर आप इस पूरे ओश को देखें तो जो समुद्र का पानी है जो ठंडा पानी होता है उसमें
ओ उसमें जो ऑक्सीजन है उसकी सॉल्युबिलिटी ज्यादा होती है वह न्यूट्रिएंट रिच होता है इसी वजह से जहां पे भी अपवेलिंग जन आपको दिखाई देंगे वह दुनिया के बेस्ट फिशिंग ग्राउंड होंगे वहां पे फिशेज बहुत अच्छे से फिशेज बहुत अच्छे से आपको डेवलप होते हुए दिखाई देंगे नाउ अब यह कौन-कौन से फोर्सेस के थ्रू इन्फ्लुएंस होता है उन फोर्सेस को समझने की कोशिश करें पहली चीज़ तो आपने बहुत अच्छे से समझी सर इंसुलेशन इज़ प्लेइंग अ की रोल हियर क्यों क्योंकि सर इंसुलेशन के कारण ही तो जो यह ने नेचुरल ग्रेडिएंट है उसकी अवेलेबिलिटी डेवलप
हुई वन सेकंड हमने यह भी देखा कि सर यहां पे नीचे की ओर पानी का आना इज इन्फ्लुएंस बाय अनदर फोर्स वी कॉल इट एज ग्रेविटी चलिए ग्रेविटी तो हमेशा अपना रोल प्ले करेगी ही थर्ड जब ये पानी मूव करेगा क्या इनके ऊपर हवाओं का रोल होगा क्या इनके ऊपर विंड्स का प्रेजेंस होगा विंड्स इनको विंड्स इनको इंपैक्ट करेंगी हां बट उसके साथ-साथ हमने कोरिओलिस फोर्स में पढ़ा था कि कोरिओलिस फोर्स ओशनिक वाटर मूवमेंट और विंड्स दोनों को प्रभावित करता है तो ओशनिक वाटर मूवमेंट को क्या कोरिओलिस फोर्स प्रभावित करेगा जी हां कोरिओलिस फोर्स विल
आल्सो इन्फ्लुएंस दिस एंड फोर्थ रोटेशन ऑफ अर्थ क्योंकि कोरिओलिस फोर्स इज नथिंग बट द रिजल्टेंट ऑफ दी रोटेशन ऑफ अर्थ इसीलिए ये चार मेजर फोर्सेस ऐसे बनके सामने आते हैं जिनको हम प्राइमरी फोर्सेस के नाम से जानते हैं इनसोलेशन कोरिओलिस फोर्स विंड्स ग्रेविटी और रोटेशन ऑफ अर्थ इनकी वजह से मेजर इन पूरे के पूरे ओशियन करेंट्स का डेवलपमेंट होना स्टार्ट होता है बट यहां पे कुछ सेकेंडरी फोर्सेस भी हैं जो काम करते हैं दैट इज टेंपरेचर एंड सैलिनिटी एंड इन फैक्ट आई एम वेरी वेल अवेयर ऑफ अ फैक्ट दैट जहां पे सैलिनिटी ज्यादा होगी वहां
पे पानी की डेंसिटी क्या होगी ज्यादा होगी और डेंस वाटर क्या करेगा सिंक करेगा या राइज करेगा सर सिंक करेगा जहां पे टेंपरेचर ज्यादा होगा वहां पे हम यह कह सकते हैं कंपैरेटिव एक्सपेंशन देखने को मिलेगा डेंसिटी कंपैरेटिव कम होगी और उसके साथ-साथ पानी कंपैरेटिव ऊपर की ओर यानी कि एक अ ग्रेडिएंट प्रोवाइड करने की कोशिश करेगा सो विद दी इंसुलेशन वी कैन अंडरस्टैंड द फैक्ट दैट टेंपरेचर एज़ वेल एज सैलिनिटी विल आल्सो प्लेइंग अ की रोल बट दे आर कंसीडर्ड एज द सेकेंडरी फोर्स फॉर द डिटरमिनेशन र द डेवलपमेंट ऑफ ओसन करेंट्स इन दी
ओशनिक वटर सो नाउ वी हैव अंडरस्टूड व्हाट आर दी वेरियस फोर्सेस बिहाइंड इट बट नाउ वी विल ट्राई एंड अंडरस्टैंड हाउ दीज फोर्सेस आर इंपैक्टिंग द डेवलपमेंट ऑफ ओसन करेंट्स इनसाइड द ओसन वाटर लेट्स सी दिस विद द हेल्प ऑफ एन ऑफ अ डायग्राम देखें यहां पे मैंने बहुत सारे ओशन करेंट्स का डेवलपमेंट आपको दिखाया है मान लीजिए दिस इज अफ्रीका दिस इज यूरोप हेयर वी हैव साउथ अमेरिका एंड दिस इज नॉर्थ अमेरिका सबसे पहली शुरुआत जो होती है आपको यह याद रखना है इक्वेटर का पानी कहां की ओर जाएगा इक्वेटर का पानी पोल की
ओर चलेगा और पोल की ओर चलेगा और यह पानी हमेशा वार्म होगा और पोल का पानी इक्वेटर की ओर जब आएगा तो यह हमेशा कोल्ड होगा तो यह करंट जो है हमें सिर्फ इस तरीके से देखना है कि अगर इक्वेटोरियल वाटर पोलर रीजन में जा रहा है तो चाहे वो किसी भी लटटू में हो वो गर्म होगा और पोलर वाटर अगर इक्वेटोरियल रीजन में आ रहा है चाहे वो किसी भी लटटू में हो वो कंपेरटिवली ठंडा गिना जाएगा यहां से शुरुआत होती है आप सबसे पहले देखें यह है इक्वेटोरियल रीजन इक्वेटोरियल रीजन के अंदर ट्रेड
विंड्स का प्रेजेंस है और ट्रेड विंड्स हमेशा ईस्ट टू वेस्ट की ओर चलती हैं और दूसरी बात यह है कि ये वो रीजन है जहां पे अगर हम अर्थ को देखें तो अर्थ का जो रोटेशन है दैट इज फ्रॉम वेस्ट टू ईस्ट तो इसका मतलब है यहां का जो पानी है वो ईस्ट टू वेस्ट की ओर बहने लगेगा तो यहां से आप देखें नॉर्दर्न रीजन के अंदर नॉर्थ रीजन के अंदर एक करंट के रूप में एक करंट के रूप में यह पानी बहने लगा जो कि ईस्ट से वेस्ट की ओर बहता है इसे हम नॉर्थ
इक्वेटोरियल करंट का नाम देते हैं एंड साइमन साल्ट नियस अगर हम सदर्न हेमिस्फीयर में बात करें तो सिमिलर पानी हमें ईस्ट से वेस्ट की ओर जाता हुआ दिखाई देगा जिसे साउथ इक्वेटोरियल करंट कहेंगे अब ये नॉर्थ इक्वेटोरियल करंट और साउथ इक्वेटोरियल करंट बहुत सारा पानी लाके पाइल अप कर देते हैं इस कोस्ट के ऊपर आप एक एग्जांपल से समझे मान लीजिए मैंने आपको एक मग दिया दैट इज फुल ऑफ वाटर एंड आई आस्क यू टू थ्रो दैट वाटर ऑन द वॉल जैसे ही आपने पानी उस वॉल पे गिराया सम अमाउंट ऑफ वाटर विल रिसीव बैक
वो रिसीडी होगा वापस आपकी तरफ आएगा है ना ऐसा ही यहां पे होता है बहुत सारा पानी चला है कहां से ईस्टर्न साइड से और वेस्ट साइड पे जाके क्या हो गया पाइल अप हो गया जिनको हम नॉर्थ इक्वेटोरियल करंट और साउथ इक्वेटोरियल करंट के रूप में देखते हैं बट जब इतना सारा पानी यहां पे पाइल अप हो जाता है तो सम अमाउंट ऑफ वाटर विल कम बैक सो यहां पे आपको एक करंट वापस आता हुआ दिखाई देगा जिसे काउंटर इक्वेटोरियल करंट सीईसी के नाम से जानते हैं काउंटर इक्वेटोरियल करंट यूपीएससी ने इस पे सवाल
पहले भी पूछा है कि काउंटर इक्वेटोरियल करंट का रीजन क्या है इसका रीज़न यह स्पष्ट है कि जब बहुत सारा अमाउंट ऑफ वाटर जाके वेस्टर्न कोस्ट पे पाइल अप हो जाता है तो सम अमाउंट ऑफ वाटर कम बैक इन द फॉर्म ऑफ इन दी फॉर्म ऑफ़ काउंटर इक्वेटोरियल करंट दिस यू नीड टू रिमेंबर नाउ वी आर गोइंग टू कन्फाइनमेंट इक्वेटोरियल करंट अब फैक्टर भी देखते रहना है साथ-साथ कौन-कौन से इंपॉर्टेंट हैं रोटेशन ऑफ अर्थ जी हां सर रोटेशन ऑफ अर्थ ने रोल प्ले किया प्लेनेटरी विंड्स ने रोल प्ले किया हां सर ट्रेड विंट की वजह
से यह ईस्टर लीज के रूप में आगे बढ़ा बट अब जाके ये यहां पे गल्फ ऑफ मेक्सिको के अंदर एंटर करता है गल्फ ऑफ मेक्सिको के अंदर एंटर करता है और जब यह एग्जिट करेगा गल्फ ऑफ मेक्सिको से तो फ्लोरिडा के इस रीजन से निकलते ही इसे फ्लोरिडा करंट के नाम से जाना जाएगा फ्लोरिडा करंट अब यहां पे पानी घूमा क्यों सर जैसा जैसा कोस्ट होगा वैसा वैसा ही तो पानी का मूवमेंट होगा अगर मान लीजिए कोस्ट इस तरीके से है भारत का कोस्ट इस तरीके से है तो क्या सर पानी इस तरीके से घूमेगा
बिल्कुल सही बात है सर य ऐसे ही घूमेगा तो क्या कॉन्फिन ऑफ कोस्ट इज आल्सो इंपैक्टिंग दी डेवलपमेंट ऑफ ओशनिक वाटर यस ये ओशन करंट को एक बहुत बड़ा रोल प्ले कर रहे हैं देन जैसे ही ये बाहर निकला यहां से जो ये एंटिस यानी कि जो स्मल जो हमारे लेसर एंटिस और ग्रेटर एंटिस आइलैंड्स हैं वहां पे जो करंट होता है उसे एंटिस करंट कहा जाता है और ये एंटिस करंट जब फ्लोरिडा करंट के साथ मिलता है तो इसे हम बोलते हैं गल्फ स्ट्रीम ये गल्फ स्ट्रीम जब आगे की ओर बढ़ती है तो आप
देखें यहां पे इसके ऊपर सबसे बड़ा इंपैक्ट किसका है वेस्टरली विंड का और ये दूसरी बात ये है कि जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी इसका डिफ्लेक्शन होगा टुवर्ड्स राइट तो कोरिओलिस फोर्स ने बहुत बड़ा रोल प्ले किया और वेस्टरली विंड ने भी बहुत बड़ा रोल प्ले किया तो इनकी वजह से ये आगे की ओर बढ़ता है आगे बढ़ते बढ़ते ये पानी कहां से आ रहा है सर इक्वेटर की साइड से आ रहा है और इक्वेटर का पानी जब आगे बढ़ेगा तब यहां पे कोस्ट पर आके ब्रिटिश कोस्ट से पहले इसकी दो ब्रांचेस हो जाएंगी एक ब्रांच जो
जाती है नॉर्वे रीजन के अंदर इसे हम नॉर्वेजियन करंट के नाम से जानते हैं अब नॉर्वे इतना ऊपर है लटटू में बट वहां पे करंट कौन सा है सर वर्म ओशन करंट क्यों क्योंकि सर पानी इक्वेटर से आ रहा है और इसी वजह से नॉर्वे के इस कोस्ट पे जो पोर्ट्स होते हैं वो थ्रू आउट द ईयर ऑपरेबल रहते हैं और यहीं से एक और ब्रांच जो कि ब्रिटिश आइल्स के पास जाती है जिसे नॉर्थ अटलांटिक ड्रिफ्ट का नाम दिया जाता है ये नॉर्थ अटलांटिक ड्रिफ्ट भी एक वर्म ओशन करंट है जिसकी वजह से मैंने
थोड़ी देर पहले आपको बताया कि ब्रिटिश टाइप ऑफ क्लाइमेट इज बेस्ट क्लाइमेट फॉर द ह्यूमन हैबिटेशन क्योंकि जो यहां की ठंड है जो विंटर्स है वो बहुत ही माइल्ड हो जाती हैं ज बिकॉज़ ऑफ द इंपैक्ट ऑफ दिस वर्म ओशन करंट अब आगे बढ़ते हैं यहां से एक भाग एक भाग ऊपर की ओर मूव करता है जो कि ईस्ट ग्रीनलैंड यानी कि जो ग्रीनलैंड है उसके बाजू में घूमता हुआ आपको दिखाई देगा जिसे हम इरमिंगर करंट के नाम से जानते हैं दिस इज नोन एज दी इरमिंगर करंट अब ये तो हो गए सारे के सारे
वर्म करंट अब आप एक बात समझे यहां से लेब्राडोर के पेनिंस सुला के पास लेब्राडोर रीजन से एक लेब्राडोर करंट आता है जो कि कि कैसा करंट है बेटा दिस करंट इज कंपैरेटिव दिस करंट इज कंसीडर्ड एज दी कोल्ड करंट ये कौन सा करंट है ये एक कोल्ड करंट है ये कोल्ड करंट है और ये कोल्ड करंट क्यों है क्योंकि ये पोलर रीजन से आ रहा है इक्वेटर री इक्वेटोरियल रीजन की तरफ और जैसे ही ये वर्म करंट कोल्ड करंट वर्म करंट दोनों मिलेंगे तब यहां पे बेस्ट फिशिंग ग्राउंड डेवलप होगा एंड दिस रीजन इज
समथिंग वी कॉल एज द न्यू फाउंडलैंड आइलैंड दिस इज री दिस इज द रीजन जहां पे आपको बहुत सारी बहुत अच्छी फिशिंग जोन के रूप में डेवलपमेंट होता हुआ दिखाई देता है राइट ये चीज आगे बढ़ते हम देखते हैं यहां से जैसे ही ये पानी आगे की ओर बढ़ा यहां से आगे की ओर बढ़ा तो इस पानी को हम कोल्ड करंट के रूप में कोल्ड करंट के रूप में सहारा के कोस्ट पे जब देखते हैं तो इसे कैनरी करंट के नाम से जाना जाता है क्योंकि अगर आप देखें यहां से इस रीजन से जो यह
पानी गया जो ये नॉर्थ अटलांटिक ड्रिफ्ट गया यह जब घूमता है पहले तो यह क्या है गर्म पानी था बट जब यह ऊपर से नीचे आया जिसके अंदर लेब्राडोर करंट मिला हुआ है तो अब यह नीचे की ओर जब आएगा तो क्या यह पानी कंपैरेटिव अपने इस रीजन से ठंडा होगा बिल्कुल सही बात है सर यह कंपैरेटिव जो रीजन है सहारा का रीजन है उससे ठंडा होगा इसीलिए इसे कोल्ड करंट के नाम से जाना जाता है और यहां पे कौन से आइलैंड्स है कैनरी आइलैंड्स दैट इज व्हाई दिस करंट इज टर्म्ड एज कैनरी करंट नाउ
आई वांट टू शो यू वन थिंग वेरी क्लीयरली हियर अगर आप इनका मूवमेंट देखते हैं तो यह किस तरीके से दिखाई दे रहा है क्लॉक वाइज़ और एंटीक्लॉक वाइज़ सर यह जो मूवमेंट है दिस इज़ क्लॉक वाइज़ यह क्लॉक वाइज़ मूवमेंट है और इसे बोला जाता है गायर गायर का मतलब है एक क्लॉक वाइज़ सर्कुलेशन यानी कि सर्कुलेटिंग में मैनर में मूवमेंट होना और यह क्लॉक वाइज़ है और अगर हम यहीं पे देखेंगे सदर्न हेमिस्फीयर में तो ब्राजीलियन करंट के थ्रू आपको यह एंटीक्लॉक वाइज रूप में दिखाई देगा सो सबट्रॉपिकल गायर इन द नॉर्दर्न हेमिस्फीयर
इज़ क्लॉक वाइज एंड इन दी सदर्न हेमिस्फीयर इज दी एंटीक्लॉक वाइज सो दिस इज़ हाउ वी कैन सी दी एंटायस राइट यह जानने के बाद अब यह तो हमने कौन से करंट देखे हैं दीज आर दी करेंट्स ऑफ अटलांटिक ओशियन सिमिलरली आपको कुछ करंट याद रखने पड़ेंगे इन दी इन दी पैसिफिक ओशिन एज वेल एज इन दी इंडियन ओ ओन तो मैं आपको यहां पे दिखाता हूं टाइप्स ऑफ ओशियन करेंट्स में हमने यह देखें सबसे पहले नॉर्थ इक्वेटोरियल करंट देन वी हैव गल्फ स्ट्रीम देन वी हैव नॉर्थ अटलांटिक ड्रिफ्ट देन वी हैव कैनरी करंट ऑन
द अदर हैंड वी हैव हियर इज दी लेब्राडोर लेब्राडोर करंट सिमिलरली यर वी हैव हेयर वी हैव इज द साउथ इक्वेटोरियल करंट ब्राजीलियन करंट देन वेस्ट विंड ड्रिफ्ट व्हिच इज दी व्हिच इज कंसीडर्ड एज दी कोल्ड करंट एंड हेयर वी हैव द बैंगला करंट सो यू नीड टू रिमेंबर दीज नेम्स राइट अगर आप इनके नाम याद रखेंगे तभी आपको बहुत सारे करंट के बारे में आईडिया हो पाएगा सो पैसिफिक ओशन के अंदर जो कोल्ड करंट हैं दे आर मेजर्ली दी ओयो शियो करंट कैलिफोर्निया करंट देन पेरू करंट एंड ओ कॉट्स करंट एंड द वर्म करंट
हियर आर नॉर्थ एंड साउथ इक्वेटोरियल करंट तो होते ही हैं काउंटर इक्वेटोरियल करंट भी है कुरोशियो इज वार्म करंट ओयो शियो इज़ कोल्ड करंट देन नॉर्थ पैसिफिक करंट जैसे वहां पे नॉर्थ अटलांटिक ड्रिफ्ट था यहां पे नॉर्थ पैसिफिक ड्रिफ्ट है ईस्ट ऑस्ट्रेलियन करंट वहां पे ब्राजीलियन करंट है यहां पे ऑस्ट्रेलियन करंट है देन वी हैव अलास्का करंट देन वी हैव हियर इज़ दी अलास्का करंट दीज आर दी दीज आर दी ओशियन करंट इन दी पैसिफिक ओसन देन इफ वी टॉक अबाउट द इंडियन ओशियन करेंट्स हेयर यू कैन सी इंडियन ओसन करंट के अंदर आपको साउथ
इक्वेटोरियल एंड नॉर्थ इक्वेटोरियल करंट मिलेंगे यू विल सी दी अगुस करंट एंड मोजांबिक करंट एंड कोल्ड में आप देखेंगे तो सबसे इंपॉर्टेंट करंट हमें दिखाई देता है दैट इज दी वेस्ट ऑस्ट्रेलियन करंट अब जहां पे आप वेस्टर्न पार्ट पे जहां पे आप वेस्टर्न पार्ट पे कोल्ड करंट का प्रेजेंस देख रहे हैं इस रीजन में आपको हंबोल्ट करंट दिखाई देगा यहां पे यू हैव कैनरी करंट और अगर यह कैनरी इस रीजन में आपको बैंगला करंट दिखाई देगा यह जो कोल्ड करंट हैं इन करंट के माध्यम से आपको डेवलपमेंट होता हुआ दिखाई देगा डेजर्ट का इन रीजंस
के अंदर तो यहां पे आपको अटाकामा डेजर्ट हेयर यू हैव नामिब डेजर्ट एंड सहारा डेजर्ट सो दी कर्ल्ड करेंट्स आर रिस्पांसिबल फॉर दी डेवलपमेंट ऑफ डेजर्ट आल्सो नाउ लेट्स सी द सेकंड पार्ट हेयर दैट इज़ व्हाट वी कॉल एज ओशनिक वेव्स जब हम ओशनिक वेव्स की बात करते हैं वेव्स क्या है ओसन का मूवमेंट नहीं है वेव्स आर एक्चुअली द एनर्जी दे आर एक्चुअली द एनर्जी नॉट द मूवमेंट एज सच वाटर पार्टिकल्स जो है वो इसके अंदर बहुत छोटे-छोटे लेवल पे और छोटे-छोटे सर्कल के रूप में ट्रेवल करते हैं इसे ही हम वेव्स कहते हैं
वेव्स के डेवलप होने का रीजन है हवाओं का ओशियन के सतह पर क्रिएट किया गया फ्रिक्शन जब हवाएं ओशियन के सतह से चलती हैं तो वहां के पार्टिकल्स को मूव कराती हैं और आगे एक सर्कुलर मैनर में सर्कुलर पैटर्न में लेकर जाने की कोशिश करती हैं जिसमें लार्जली एनर्जी इंपार्ट की जाती है इसी कारण से अगर आप डीप ऑफ दी ओशियन देखेंगे तो आपको ओशनिक वेव्स का प्रभाव दिखाई नहीं देगा क्योंकि डीप ऑफ दी ओशन के अंदर जो हवाएं हैं उनका इंपैक्ट अवेलेबल नहीं है तो सरफेस के ऊपर ही ये ज्यादातर मूवमेंट आपको दिखाई देता
है जिसे आप ओशनिक वेव्स कहते हैं सो द मूवमेंट ऑफ ओशनिक वाटर विद दी इंपैक्ट ऑफ विद दी इंपैक्ट ऑफ विंड्स देन वी कैन कॉल इट एज दी ओशनिक वेव्स अब देखो यहां पे हुआ क्या इस जगह पे जहां पे विंड चल रही है विंड इस पर्टिकुलर पानी को ऊपर खींचने की कोशिश करेगी बट ग्रेविटेशन पुलिस को नीचे की ओर ड्रैग करेगा फिर यह वापस ऊपर खींचने की कोशिश करेगी यह इसको ड्रैग करेगा यह आगे हवाए इसको लेकर जाने की कोशिश करेगी ग्रेविटेशन इसको फिर नीचे की ओर ले आएगा तो इसको हम से देख सकते
हैं पहले ये इसको ऊपर लेके गया फिर ये नीचे आ गया फिर ये ऊपर लेके गया फिर ये नीचे आ गया फिर ये ऊपर लेके गया नीचे आ गया इस तरीके से ये सर्कुलर मैनर में डेवलपमेंट हमें होता हुआ दिखाई देता है अब देखें सोर्स ऑफ एनर्जी क्या है सोर्स ऑफ एनर्जी विंड है जो कि इनको आगे बढ़ा के लेके जाती है जिसकी वजह से आपको क्रेस्ट और ट्रेफ क्रेस्ट और ट्रेफ क्रेस्ट और ट्रेफ का डेवलपमेंट होता हुआ दिखाई देगा एंड विंड और ग्रेविटी के इंपैक्ट के कारण ऐसी वेव्स का डेवलपमेंट होता है जो यह
वेव्स आपको दिखाई दे रही हैं इसके अंदर कुछ इसकी टर्मिनोलॉजी है जो आपको समझ में आनी चाहिए वह यह है कि दो क्रस्ट के बीच का जो डिफरेंस होता है जिसे हम वेवलेंथ के नाम से जानते हैं एंड दिस इज टर्म्ड एज दी हाइट ऑफ वेव अब क्या है मोशन ऑफ सरफेस वॉटर सेल्डम अफेक्ट्स द स्टैग्नेंट डीप बॉटम वाटर ऑफ दी ओसन बिल्कुल सही बात है जो सरफेस का जो विंड है वो बहुत ही बहुत ही रेयर चांस है कि डीप वाटर को भी क्या करें प्रभावित करें और जैसे-जैसे ये वेव्स बीच की ओर अप्रोच
होती हैं वेव ब्रेक होने लगता है और सारी की सारी एनर्जी इंपार्ट हो जाती है और ऐसा क्यों है क्योंकि आप देखो जैसे-जैसे ये बीच के पास पहुंचने की कोशिश करेगी इस सरफेस का फ्रिक्शन इस सरफेस का फ्रिक्शन इस वेव को डेवलप होने देगा ही नहीं इसलिए बोला जाता है कि अगर डेप्थ जो है अगर जो डेप्थ है पानी की वो लेस देन लेस देन हाफ ऑफ दी वेवलेंथ हो जाए उसके बाद वेव ब्रेक होना स्टार्ट हो जाती हैं अगर पानी की डेप्थ डेप्थ ऑफ वाटर इज लेस देन द हाफ ऑफ वेवलेंथ मान लीजिए वेवलेंथ
थी 12 मीटर और यहां पे पानी का जो पानी जो है उसकी डेप्थ है 5 मीटर तो ये वेव ब्रेक हो जाएगी क्योंकि 12/2 इज 6 डेप्थ ऑफ वाटर है पांच जो कि कम है और ये वेव ब्रेक होने लगेगा और वेव का साइज और शेप रिवील करता है कि ये कहां से आई है इसका ओरिजिन क्या है अगर बहुत बड़ा साइज है बहुत बड़ा शेप है तो ये बताता है कि हवाएं उस रीजन में बहुत तेजी से चल रही होंगी स्लो एंड स्टेडी वेव्स ओरिजनेट फार फ्रॉम दी प्लेसेस राइट मैक्सिमम हाइट ऑफ वेव इज
डिटरमाइंड बाय दी स्ट्रेंथ ऑफ द विंड एंड एक्चुअल मोशन ऑफ़ दी वाटर बनीथारो मेंट के अंदर आगे की ओर बढ़ती हैं सो वेव स्पीड जो होती है वो मेजर की जाती है किसके अंदर नॉट्स के अंदर सो वेव आखिर क्या है वेव के अंदर क्रेस्ट एंड ट्रफ है इसकी जो वेवलेंथ है उसका हाफ कर दोगे तो वेव ब्रेक हो जाएगी वेव क्या है मूवमेंट ऑफ एनर्जी है अगर आप एक्चुअल मूवमेंट देखें तो कैसा है वेव के नीचे सर्कुलर है और ये साइनोस ल मैनर में आगे की ओर बढ़ती हैं ये पानी का मूवमेंट नहीं है
एज सच ये एनर्जी का मूवमेंट है जो छोटे-छोटे पार्टिकल्स को सर्कुलर मूवमेंट में आगे बढ़ाता हुआ लेकर जाता है नाउ द नेक्स्ट पार्ट हियर इज ओशियन वेव के बाद अगर आप देखेंगे यहां पे तो ओशनिक टाइड्स हैं जो थर्ड ओशियन मूवमेंट है ओशियन टाइड्स की अगर हम बात करते हैं तो टाइड का मतलब यह है कि जब भी आप जब भी आप देखेंगे ओशनिक वाटर का राइज एंड फॉल बिकॉज़ ऑफ द ग्रेविटेशनल इंपैक्ट ऑफ सन मून एंड अर्थ देन इट इज टर्म्ड एज अ टाइड अब देखें यहां पे यह कैसे आता है और इनमें स्प्रिंग
टाइड नीप टाइड क्या होते हैं उसको हम समझने की कोशिश करते हैं विद दिस डायग्राम देखें मान लीजिए यहां पे मैं आपको एक सिचुएशन देता हूं दिस इज दी यहां पर है मून ठीक है चलो यह है मून हेयर वी हैव अर्थ और मून का जो ग्रेविटेशनल इंपैक्ट है वह कंपेरटिवली सन के ग्रेविटेशनल इंपैक्ट से ज्यादा है क्योंकि मून इज क्लोजर टू दी अर्थ एस कंपेयर टू दी सन जिस डायरेक्शन में मून अर्थ के ऊपर ग्रेविटेशनल इंपैक्ट लगाएगा उस डायरेक्शन में ये पानी का राइज देखने को हमें मिलेगा पानी का राइज देखने को मिलेगा ऑन
द अदर हैंड अगर पानी एक तरफ से ऊपर उठ गया है तो क्या मैं कह सकता हूं इस ए पॉइंट पे हाई टाइड आ जाएंगी बिल्कुल सही बात है और अगर ये पानी एक तरफ से ऊपर उठा तो कहीं ना कहीं से तो पानी का लेवल नीचे गया ही होगा तो मैं कहता हूं इस रीजन के अंदर यहां पे आपको लो टाइड दिखाई देने लगी बट आपको ये मालूम होगा कि धरती घूम रही है अगर अर्थ का रोटेशन है तो उस रोटेशन की वजह से एक आउटवर्क्स लगता है जिसे हम सेंट्रीफ्यूगल फोर्स के नाम से
जानते हैं तो यहां पे बाहर की ओर एक सेंट्रीफ्यूगल फोर्स लगेगा जब बाहर की ओर आउटवर्क फ्यूल फोर्स लगेगा तो क्या मैं कह सकता हूं यहां से भी पानी का लेवल ऊपर उठ जाएगा बिल्कुल सही बात है सर तो पॉइंट बी पर लो टाइड है पॉइंट सी पर अगेन वी हैव दी हाई टाइड और अगर इस जगह पे हाई टाइड आई तो यहां पे कौन सी टाइड आएगी सर इस जगह पे लो टाइड हमें देखने को मिलेंगी तो अगर मून का ग्रेविटेशनल इंपैक्ट है जिसकी वजह से हाई टाइड और लो टाइड आ रही हैं अब
मान लीजिए मैं कहता हूं सन को हमने इग्नोर क्यों करना है सन को भी तो हम ले ही सकते हैं तो अगर मान लो यहां पे सन भी है भले ही मैं इसको छोटा बनाया है अर्थ से बट स्टिल यू कैन अ कंसीडर इट फॉर योर रेफरेंस अगर सन भी यहां पे है तो क्या सन का भी ग्रेविटेशन ल इंपैक्ट होगा जी हां तो यह सिचुएशन ऐसी है जब सन मून और अर्थ तीनों एक ही लाइन में है इस सिचुएशन के अंदर आप हाई टाइड को देखेंगे तो सन का भी ग्रेविटेशनल इंपैक्ट यहां ऐड हो
जाएगा और सन का ग्रेविटेशनल इंपैक्ट हो गया तो क्या हाई टाइड इंक्रीज हो गई बिल्कुल सही बात है और जितना ज्यादा फोर्स इधर लगा उतना ही बैलेंस आउट करने के लिए फोर्स इस साइड लगेगा तो क्या यहां पे भी हाई टाइड बहुत ज्यादा इंक्रीज हो गई बिल्कुल सही है इस सिचुएशन को बोला जाता है स्प्रिंग टाइड स्प्रिंग टाइड का मतलब है व्हेन सन मून एंड अर्थ आर इन सेम लाइन देन हाई टाइड जो होती हैं वह नॉर्मल टाइड से क्या होती हैं ज्यादा होती हैं और अगर यहां पर पानी ज्यादा आ गया तो डेफिनेटली लो
टाइड के रूप में पानी क्या हो जाएगा कम हो जाएगा ऑन द अदर हैंड अगर मान लो मैं सन की पोजीशन को अगर मैं सन की पोजीशन को इस डायरेक्शन में रख देता हूं यहां पे रख देता हूं सन को ठीक है ठीक है ये सिचुएशन है यहां पे नहीं है दिस इज नॉट हेयर राइट सन की पोजिशन ये है तो मून ने जो पानी खींचा यहां पे हाई टाइट डेवलप की तो क्या सन उसको काउंटर एक्ट कर देगा यस क्योंकि ये जो लो टाइड होगी इसको सन ने अपनी ओर खींचा तो यहां पे लो
टाइड का लेवल थोड़ा सा ऊपर हो गया बट हां लोग यह समझते हैं कि सर यह दोनों बराबर हो जाने चाहिए मैं कहता हूं नहीं होता क्यों क्योंकि मून का ग्रेविटेशनल इंपैक्ट ज्यादा है और सन का ग्रेविटेशनल इंपैक्ट क्या है कंपैरेटिव कम है और इसी वजह से यहां पे हाई टाइड जो आई ये जो हाई टाइड मून ने डेवलप की उसको थोड़ा सा कम कर देगा कौन ये सन इस सिचुएशन को किस नाम से जाना जाता है नीप टाइड के नाम से जाना जाता है जहां पे हाई टाइड नॉर्मल हाई टाइड से थोड़ी सी कम
है और लो टाइड नॉर्मल लो टाइड से थोड़ी सी ज्यादा दिखाई देती है सो दीज आर द स्प्रिंग टाइड एंड नीप टाइड अब अगर हम इनकी बात करते हैं तो हमें यह समझ में आता है कि जो टाइड्स हैं इनका जो क्लासिफिकेशन किया जाता है वो पहला तो है ऑन दी बेसिस ऑफ सन मून एंड अर्थ का पोजीशन स्प्रिंग टाइड एंड नीप टाइड उसके साथ-साथ इनका बेस इनका जो क्लासिफिकेशन है इनकी फ्रीक्वेंसी के अकॉर्डिंग भी किया जाता है अगर एक दिन में दो हाई टाइड और दो लो टाइड हैं तो उसे हम सेमी डाई यूरिनल
टाइड्स के नाम से जानते हैं और अगर एक दिन में एक हाई टाइड और एक ही लो टाइड आती है तब उसे हम डाई यूरिनल टाइड के नाम से जानते हैं और अगर इनकी हाइट में वेरिएशंस देखे जाते हैं और जनरली वेस्ट कोस्ट ऑफ नॉर्थ अमेरिका के अंदर आइलैंड्स जो हैं वहां पे एसी टाइट्स का प्रेजेंस देखे तो उन्हें हम मिक्स्ड टाइड्स के नाम से जानते हैं सो हमने स्प्रिंग टाइड नीप टाइड ये सब चीजें देख ली हैं राइट और हम उसके बाद ओशियन करंट को हम पहले ही बता चुके हैं कि कौन से एस्पेक्ट
हैं नाउ द लास्ट सेगमेंट ऑफ दिस इज दी ओशनिक बॉटम रिलीफ ओशियन बॉटम रिलीफ की अगर हम बात करते हैं तो वहां पे उससे पहले हम यहां पे हॉरिजॉन्टल टेंपरेचर वेरिएशन और ओशियन की सैलिनिटी के बारे में बात कर लेते हैं अगर मैं टेंपरेचर की बात करता हूं ओशनिक वाटर्स के तो हमें पता है सोर्स ऑफ अ जो सोर्स है मेजर सोर्स है ओशन के पानी को गर्म करने का दैट इज इंसुलेशन तो जहां पे इंसुलेशन ज्यादा होगी वहां पे ओशन का पानी कंपैरेटिव क्या होगा गर्म होगा सेकंड इज माइनर कंपोनेंट है इंटरनल अर्थ की
हीट इंटरनल अर्थ की हीट जो उसे प्रभावित करती है थर्ड आपने यह देखा था कि अगर मैं बात करता हूं हाइड्रोथर्मल वेंट्स की यानी कि ऐसे रीजन जहां पे वल्केन की एक्टिविटी है जो मिड ओशनिक रिस के पोर्शन है वहां पे हाइड्रोथर्मल वेंट के कारण भी ओशियन का पानी कंपैरेटिव वर्मर ता है अब मैं आगे बढ़कर आपको लेकर जाऊं कि कौन से ऐसे फैक्टर्स हैं जो टेंपरेचर को प्रभावित करते हैं तो सबसे पहले फैक्टर हम लटटू के रूप में देखें जब भी हम इक्वेटर से पोल की ओर जाएंगे तो हमें पता है तापमान में कमी
दर्ज की जाती है बट फिर भी मैक्सिमम टेंपरेचर कहां पे होता है सबट्रॉपिकल रीजन में इसीलिए सबट्रॉपिकल रीजन में आपको लेट उस रीजन के अंदर ओशनिक वाटर कंपेरटिवली ज्यादा गर्म दिखाई देगा और दूसरी बात है जहां पे लैंड का का डिस्ट्रीब्यूशन अगर हम देखते हैं कि नॉर्दर्न हेमिस्फीयर में लैंड इज कंपैरेटिव मोर दन द सदर्न हेमिस्फीयर इसीलिए वहां पे चेंजेज कंपैरेटिव फास्टर होंगे और ऐसा माना जाता है कि नॉर्दर्न हेमिस्फीयर का पानी इसीलिए कंपैरेटिव ज्यादा गर्म है देन दी सदर्न हेमिस्फीयर अब आता है थर्ड इंपैक्ट विंड्स यस विंड्स अपना बहुत बड़ा रोल प्ले करती हैं
और यहीं से आपको मैं एक कांसेप्ट समझाने की कोशिश कर रहा हूं जो थोड़ा ध्यान से समझिए वेरी इंपॉर्टेंट फॉर अस टू नो हेयर मान लीजिए दिस इज एन ओ ओ ये कॉन्टिनेंट है और अगर कॉन्टिनेंट के बाजू में वी हैव एन ओश हेयर अब एक सवाल आपसे यह है कि ओशियन का सरफेस का पानी गर्म होता है या डीप वाटर सब लोग जवाब देंगे कि सर ओसन के सरफेस का पानी गर्म होगा क्योंकि वो इंसुलेशन रिसीव करता है मैं कहता हूं ये ट्रॉपिकल रीजन है इस ट्रॉपिकल रीजन के अंदर कौन सी हवाएं चलती हैं
सर ट्रेड विंड्स चलती हैं और अगर यहां पे ट्रेड विंड्स चलती हैं तो सर ये ईस्टर लीज हैं और अगर ये ईस्टर लीज है तो यानी कि ये ईस्ट टू वेस्ट चलती है और यहां पे भी क्या है सर ओशियन है ईस्ट टू वेस्ट चलने का मतलब यह है कि सर यह लो ये ट्रेड विंड चली ये प्रीवेलिंग विंड चली जब ये ईस्ट टू वेस्ट हवाएं चलेंगी तो क्या यह अपने साथ सरफेस के पानी को यहां तक ले जाके इस एरिया के अंदर ईस्टर्न मार्जिन में पाइल अप कर देंगी जी हां सर ईस्टर्न मार्जिन में
पाइल अप कर देंगी और जबकि हम यहां से बात करते हैं इस रीजन में वेस्टर्न मार्जिन की बात करें वेस्टर्न मार्जिन की बात करें तब क्या ये हवाएं चलते चलते आगे बढ़ती हैं जब आगे बढ़ती हैं तो यहां से पानी को रिमूव कर देंगी बिल्कुल सही बात है जब यहां का पानी रिमूव हो जाएगा तो उसको फिल करने के लिए इस वॉइड को फिल करने के लिए नीचे से पानी ऊपर आएगा बिल्कुल सही बात है सर जो नीचे का पानी है वो कौन सा है कोल्ड है सर जो ऊपर सरफेस का पानी यहां पे इकट्ठा
हुआ यह क्या है वर्म है तो ईस्टर्न मार्जिन ऑफ कॉन्टिनेंट ध्यान से समझना मैं कॉन्टिनेंट बोल रहा हूं ईस्टर्न मार्जिन ऑफ कॉन्टिनेंट पे पानी क्या होता है वर्म और वेस्टर्न मार्जिन ऑफ कॉन्टिनेंट पे पानी क्या होता है कोल्ड पानी क्या है कोल्ड ये किसकी वजह से है आपको विंड की वजह से ही दिखाई देगा और एक बात और बता देता हूं कॉन्टिनेंट का जो ईस्टर्न मार्जिन है वो ओशियन का कौन सा मार्जिन है वेस्टर्न मार्जिन और अब आप यूपीएससी का एक प्रीवियस ईयर क्वेश्चन है वो सॉल्व करने की कोशिश कीजिएगा उससे आपको क्लेरिटी ऑफ थॉट
आ जाएगा कि हां कितना आसान ये सवाल था और इनफैक्ट मैं चाहता हूं कि आप कमेंट सेक्शन में मुझे यह भी बताएं कि अगर यह वेस्टरली के इंपैक्ट में होता तो क्या होता वेस्टरली के इंपैक्ट में यह वाला पानी वर्म होता और यह वाला पानी कोल्ड होता तो इस तरीके से आप इसको देख सकते हैं चले तो विंड्स हो गया और उसके साथ-साथ ओशियन करंट जहां पे वो ओशन करंट होंगे वहां पे टेंपरेचर कंपैरेटिव ज्यादा होगा जब हम वर्टिकल डिस्ट्रीब्यूशन की बात करते हैं तब आप एक चीज जाने ओशियन का जो सरफेस का पानी है
उसके अंदर टेंपरेचर इज ऑलमोस्ट 23 टू 24 डिग्री सेल्सियस या हम 20 से 22 डिग्री सेल्सियस की बात करें बट ओशन के अंदर 200 मीटर तक का ही वो जोन है जहां तक आपको सनलाइट का पेनिट्रेशन दिखाई देगा उसके बाद सनलाइट का पेनिट्रेशन बिल्कुल भी नहीं है यानी कि जो 200 मीटर की जो ये ओशन की जो लेयर है वहां तक तो टेंपरेचर हमें दिखाई देता है ओशनिक वाटर का बट उसके बाद सडन ड्रॉप होना शुरू हो जाएगा टेंपरेचर में क्यों ड्रॉप होना शुरू होगा क्योंकि ओशनिक वाटर के अंदर उस डेप्थ के बाद इंसुलेशन सनलाइट
बिल्कुल भी नहीं पेनिट्रेट कर पाती तो वही बात आप यहां पे देख रहे हैं कि 200 मीटर तक तो तापमान अराउंड आपको 2022 डिग्री सेल्सियस दिख रहा है बट 200 मीटर के बाद 1000 मीटर तक पहुंचते ही यह सडन ड्रॉप जो आया है यह जो सडन ड्रॉप है इस सडन ड्रॉप को हम बोलते हैं थर्मो क्लाइन इसको बोला जाता है इस लेयर को बोला जाता है थर्मो क्लाइन लेयर एंड देन इट बिकम दी कांस्टेंट यह फिर क्या हो जाता है स्टेंट हो जाता है और इसको हम थर्ड लेयर के रूप में देखते हैं सो थर्मो
क्लाइन लेयर वो लेयर है जहां पे सडन ड्रॉप इन दी ओशनिक टेंपरेचर ओशनिक टेंपरेचर अ इज ऑब्जर्व्ड राइट सो ये हो गया वर्टिकल डिस्ट्रीब्यूशन यहां पे आता है सेकंड पार्ट सैलिनिटी देखिए सैलिनिटी में अगर हम ओशनिक वाटर की कंपोजीशन देखें तो इसके अंदर अराउंड 78 पर जो सॉल्ट है वो है सोडियम क्लोराइड उसके अलावा यहां पे मैग्नीशियम क्लोराइड कैल्शियम सल्फेट सल्फेट मैग्नीशियम सल्फेट एंड पोटेशियम सल्फेट जैसे सॉल्ट पाए जाते हैं लास्टली कौन-कौन से फैक्टर्स हैं जो कि सैलिनिटी को प्रभावित करते हैं खुद समझिए जब इवेपरेशन बहुत ज्यादा होगा ज्यादा इवेपरेशन के कारण आप समझेंगे वहां
पे सैलिनिटी इंक्रीज हो जाएगी सेकंड अगर रेन वाटर ऐड हो जाता है तो सैलिनिटी कम हो जाती है अगर ग्लेशियर्स मेल्ट होंगे तो सैलिनिटी कम हो जाएगी तो हमें ऐसी चीजें समझनी है किन फैक्टर से सैलिनिटी बढ़ती है और किन फैक्टर से सैलिनिटी कम होती है इवेपरेशन से सैलिनिटी क्या होती है इंक्रीज उसके साथ-साथ रिवर वाटर के ऐड होने से डिक्रीज विंड क्या इन्फ्लुएंस करती है जी हां विंड के विंड का भी इन्फ्लुएंस वहां पे रहता है सम टाइम्स विंड इज रिस्पांसिबल फॉर द मोर इवेपरेशन राइट ओशियन करेंट्स बिल्कुल सही बात है वर्म करेंट्स जो
होते हैं वो सैलिनिटी को एलिवेटर देते हैं कोल्ड करेंट्स के कारण सैलिनिटी क्या हो जाती है कंपैरेटिव कम हो जाती है अगर वाटर मिक्स होता है तो क्या सैलिनिटी में प्रभाव देखा जाता है जी हां वाटर मिक्सिंग के कारण भी सैलिनिटी में प्रभाव देखा जाता है अगर फ्रेश वाटर की मिक्सिंग हो जाती है तो सैलिनिटी क्या हो जाती है कंपेरटिवली कंपैरेटिव कम अब हम लास्ट भाग को देखें जिसमें हम बहुत सारी चीजें पहले ही पढ़ चुके हैं जिसको आप ओशनिक बॉटम रिलीफ के रूप में जानते हैं ओसन बॉटम रिलीफ के रूप में अगर आपको मैं
बताऊं तो सबसे इंपॉर्टेंट जो मिड ओशनिक रिजे हैं यस वी हैव अंडरस्टूड दिस मिड ओशनिक रिजे मिड ओशनिक रिजे के बाद यहां पे आपको सबमरीन कै यंस दिखाई देते हैं मैं आपको एक भाग बता देता हूं जिससे थोड़ा सा क्लेरिटी ऑफ थॉट हो जाएगा वीी आर रनिंग वेरी शॉर्ट ऑन टाइम बिकॉज़ youtube2 है 12 घंटे का और मैं अ कोशिश कर रहा हूं कि इसे उसी समय में खत्म कर दिया जाए अदर वाइज अ आप यह ना सोचे कि यह फटाफट फटाफट क्यों चल रहा है बिकॉज़ दिस इज अ रिवीजन वीडियो एंड इन दिस रिवीजन
वीडियो वी वांट यू टू कवर एंटायस इन अ क्विक एंड कंप्रिहेंसिव मैनर सो व्हाट वी से इज मान लीजिए ये है ओशियन इस ओशियन का एक बॉटम रिलीफ फीचर अगर मैं आपको बताऊं तो वो कैसे देखा जाता है बॉटम रिलीफ फीचर में सबसे पहला ओश का जो भाग है उसे हम क्या कहते हैं कॉन्टिनेंटल शेल्फ इसे हम कॉन्टिनेंटल शेल्फ के नाम से जानते हैं या हम इसको ऐसे देख लें यह है लैंड यहां पे अगर आप देखें यह लैंड है तो यह वाला जो भाग है इसे हम कॉन्टिनेंटल मार्जिन के नाम से जानते हैं इस
कॉन्टिनेंटल मार्जिन के तीन भाग होते हैं इस मार्जिन में सबसे पहला भाग होता है कॉन्टिनेंटल शेल्फ कॉन्टिनेंटल शेल्फ का मतलब है ऐसा एरिया जहां पे स्लोप बहुत ही जेंटल है डेप्थ बहुत ही बहुत ही ग्रेजुएट उसके बाद आती है कॉन्टिनेंटल स्लोप कॉन्टिनेंटल स्लोप के अंदर अचानक से ओशियन की डेप्थ इंक्रीज होने लगती है एंड देन वी हैव दी ओशियन का बॉटम फिर आता है हमारे पास ओशियन का बॉटम जहां पे आपको मिड ओशनिक रिजे ट्रेंचेज एंड ऑल दिखाई देते हैं जो कॉन्टिनेंटल शेल्फ का रीजन है दिस इज द रीजन व्हिच इज मोस्ट इंपॉर्टेंट क्यों क्योंकि
इसी रीजन के अंदर आपको बहुत सारे बहुत सारे मिनरल्स का प्रेजेंस दिखाई देगा चाहे वह हम बात करें अ जो कोरल्स हैं चाहे हम बात करें पेट्रोलियम रिजर्व्स वो सारे के सारे हम ओशनिक कॉन्टिनेंटल शेल्फ पर देखते हैं राइट शेल्फ का फॉर्मेशन बहुत अ प्रोसेसेस से हो सकता है चाहे वो शेल्फ का फॉर्मेशन किसी भी लैंड का सब्सिडेंस हो तब हो जाए या शेल्फ का फॉर्मेशन मरीन वेव इरोजन की वजह से भी हो सकता है राइट अब ये जो शेल्फ है जनरली एब्सेंट होते हैं ऐसे एरियाज में जहां पे ट्रेंचेज किनारे पे कॉन्टिनेंट के दिखाई
देती हैं अगर मैं रॉकीज और एंडीज की बात करूं तो वहां पे कॉन्टिनेंट के किनारे पे ट्रेंचेज का फॉर्मेशन है क्योंकि कॉन्टिनेंट ओशिन कन्वर्जेंस है इस वजह से वहां पे कॉन्टिनेंटल शेल्फ जनरली एब्सेंट दिखाई देती है उसके बाद आता है कॉन्टिनेंटल स्लोप कॉन्टिनेंटल स्लोप के अंदर अचानक से फटाफट अगर आप देखेंगे तो अचानक से जो स्पीड है पानी की जो स्पीड है वह क्या हो जाती है इंक्रीज हो जाती है जिसके कारण जो फ्रिक्शन जनरेट होता है सरफेस के ऊपर और बहुत ज़्यादा गहरी खाया बनने लगती हैं जिसको आप कैनयन के नाम से जानते हैं
और अगर यह सबमरीन इसलिए बोला जाता है क्योंकि ओसन के अंदर है कॉन्टिनेंटल राइज़ जहां पे कॉन्टिनेंटल स्लोप और जो ओशन का बॉटम जिसे अबा इसल प्लेन बोला जाता है वह मीट करते हैं वहां पे छोटे से माउंड्स को हम कॉन्टिनेंटल राइज के नाम से जानते हैं और फाइनली वीी हैव इज दी अबा इसल प्लेन ये जो ओशियन बॉटम है इसी को अबा इसल प्लेन के नाम से जाना जाता है एंड दीज अबा इसल प्लेंस डू कंटेन द मिड ओशनिक रिजे एज वेल एज दी ट्रेंचेज सो हेयर वी आर डन विद दी प्रोस्पेक्ट्स रिलेटेड टू
दी ओशिनो ग्राफी एंड कंप्लीट मैंने कोशिश किया है जियोमर फोल के साथ-साथ ओशिनो ग्राफी और अ ओशनोग्राफी और क्लाइमेटोलॉजी को कंप्लीट करने का अब इससे पहले अ वी विल फिनिश दिस वीडियो इससे पहले मैंने आपको पहले भी बोला था कि जो बिग बैंग थेरी है वो पार्ट एंड में इंक्लूड किया जाएगा तो वो यहां पे जियोमर फोल जीी के एंड में या क्लाइमेटोलॉजी के एंड में वी विल ऐड दैट पार्ट राइट आई होप यू हैव लाइक्ड दिस एंटायस ऑफ फिजिकल जियोग्राफी वी विल सी यू सून विद मोर वीडियोस गुड बाय थैंक्स अ लॉट