जय हिंद एवरीवन। आई वेलकम यू ऑल टू द डेली क्लास YouTube चैनल। सो इन दिस वीडियो वी आर गोइंग टू टॉक अबाउट कोरिलेशन क्वेश्चंस जिनको आप कॉमन लैंग्वेज में S1 S2 बोलते हो। ये सेक्शन 2025 में ही ऐड किया गया है। और यहां पर अभी तक 10 + 10 क्वेश्चंस पूछे गए हैं। क्लियर? यहां पर यूपीएससी क्या टेस्ट करना चाह रहा है? ये मैंने देखा यहां पर एक्चुअली तीन चीजें हैं जो आपकी टेस्ट की जा रही हैं। पहली हो गई वोकैबलरी। राइट? कि यहां पर जो आपके जो ऑप्शंस हैं ना उनमें जो वर्ड्स डाले जा
रहे हैं उनकी मीनिंग काफी सल और काफी माइन्यूट डिफरेंसेस के साथ होती है। तो वो आपको पता होना चाहिए। दूसरा यह है दैट इज कॉम्प्रिहेंशन जो कि बहुत ही ज्यादा इंपॉर्टेंट हो चुका है। आपके आने वाले सीडीएस एनडीए के एग्जाम्स में आप देखते हो कि कॉम्प्रिहेंशन काफी इंपॉर्टेंट हो गया है। अगर आप यहां पर जो आपके सेंटेंसेस लिखे हैं अगर आप इनकी मीनिंग ही नहीं समझ पा रहे हो पढ़ के तो फिर आप कैसे ही यहां पर सॉल्व करोगे। और थर्ड चीज है दैट इज रीजनिंग। रीजनिंग भी चेक की जा रही है। है ना? तो
यह भी काफी इंपॉर्टेंट है। चलो इन सारी चीजों की बात करते हैं और इस वीडियो को एक्चुअली मैंने इस तरीके से डिजाइन किया है कि आपको इसके अलावा और कहीं जाने की जरूरत पड़ेगी नहीं। क्यों? उसके पीछे बेसिस है। यहां पर इस सेशन में एक्चुअली आप सीखने वाले हो कंप्लीट वोकैबरी जो कि रिक्वायर्ड है फॉर दिस सेक्शन। क्लियर? दूसरा यहां पर केवल हम वोकैबरी नहीं सीखेंगे। हम यहां पर सीखेंगे एग्जैक्ट मीनिंग। एग्जैक्ट मीनिंग यहां पर बहुत जरूरी हो गई है आजकल क्योंकि आपके ऑप्शन में एक ही ऑप्शन में कंट्राडिक्ट भी होता है, कंट्रास्ट भी होता
है, एक्सटेंड भी होता है और एक्सपेंड भी होता है। तो, इनके बीच में जो यहां पर सल और माइन्यूट डिफरेंसेस होते हैं, यह सीखना बहुत जरूरी है। रीइंफोर्स हो गया, कंफर्म हो गया। काफी यहां पर सल डिफरेंसेस हैं। छोटे-छोटे डिफरेंसेस हैं। क्लियर? फिर आपको यहां पर जितने भी पीवाईक्यूस अभी तक 20 पीवाईक्यूस एक्सिस्ट करते हैं। तो ये सारे हम सॉल्व करेंगे। यहां पर और आपको मिलेगा मोस्ट एक्यूरेट एंड डिटेल्ड एक्सप्लेनेशन। क्लियर? फिर हम यहां पर केवल इन सारी चीजों की बात नहीं करेंगे। कुछ यहां पर एलिमिनेशन टेक्निक्स हो गई और अदर मेथड्स हो गए सॉल्व
करने के लिए। ये भी सीखेंगे। और उसके बाद मुझे यार पता है कहीं ना कहीं क्योंकि आपने पीवाईक्यूस सॉल्व कर ही लिए होंगे। बहुत से लोगों ने खुद से सॉल्व किए होंगे। कुछ लोगों ने कुछ और वीडियोस देखे होंगे या कहीं से और सॉल्यूशन देखे होंगे। तो इसलिए मैंने सोचा कि यहां पर 15 प्रैक्टिस क्वेश्चंस भी इसी वीडियो में ऐड कर देते हैं। तो ये भी हम साथ में सॉल्व करेंगे। यहां पर आपका ये काम होगा कि आपको वीडियो पॉज करना होगा। क्वेश्चन को अटेम्प्ट करना होगा और फिर सॉल्यूशन तो मैं ऑब्वियसली बता ही दूंगा।
आपको अपना स्कोर जो है वह काउंट करना है। कमेंट सेक्शन में लिखना होगा। और शुरू करने से पहले यह है मेरा नंबर दैट इज़ 9264922851। अगर आपका कोई भी डाउट है या फिर कोई भी सजेशन है तो आप मुझे टेक्स्ट कर सकते हैं। पीडीएफ इस वीडियो की ना बहुत जरूरी होने वाली है। बहुत ही इंपॉर्टेंट इस वीडियो की पीडीएफ होने वाली है। क्योंकि आप देखो यहां पर जितनी सारी चीजें हैं ना सारे वर्ड्स की मीनिंग मैंने यहां पर डाल रखी हैं। मतलब बहुत सारे आपको वर्ड्स यहां पर मिलने वाले हैं। क्लियर? अभी तक जो चीजें
पूछी गई हैं, वो तो मिलेंगे ही। साथ में आपको फ्यूचर में जो भी पॉसिबल ऑप्शंस बन सकते हैं वो भी यहां पर डाल दिए हैं मैंने। तो आपने रिवाइज कर लेना है। तो इसलिए यह काफी इंपॉर्टेंट है। तो आप पीडीएफ डाउनलोड कर लेना जरूर। Telegram पर मिल जाएगी। डिस्क्रिप्शन में मैं लिंक दे दूंगा। तो वहां से आप डाउनलोड कर सकते हैं। क्लियर? चलो फिर शुरू करते हैं और देखते हैं कि इस टॉपिक को हम कैसे एक्चुअली बेसिक से स्टार्ट कर सकते हैं। सो बहुत ही बेसिक से स्टार्ट करें ना। तो आप ये देखोगे कि एक्चुअली
इस चैप्टर का नाम ही क्या है? इसका नाम है कि कोरिलेशन। है ना? एक्चुअली यहां पर हमें को-रिलेशन देखने को मिलता है। अब ये कोरिलेशन किसके बीच है? ये आपका है S1 और ये है S2। मान लिया यहां पर दो लोग हैं। ठीक है? अब इन दो लोगों के बीच में जो भी रिलेशन है जो भी रिलेशन है, फ्रेंडशिप है, सिचुएशन है, वी डोंट रियली नो। लेकिन इसको हमें पढ़ना है। इन दोनों का मूड हमें देख के राइट? और फिर हमें समझना है कि इनके बीच में क्या आखिर रिलेशन हो सकता है। और ये रिलेशन
जब हम समझने की कोशिश करें तो हमें मिलता है कि यार यहां पर रिलेशनशिप तो बहुत टाइप की हो सकती है ना? बहुत सारी चीजें हो सकती हैं। लेकिन हम ब्रॉडली कैटेगराइज कर सकते हैं इनको। कैसे? या तो ये दोनों एक दूसरे को क्या करेंगे? अपोज़ करेंगे। राइट? या तो ये अपोज़ करेंगे। या तो ये एक दूसरे को सपोर्ट करेंगे। या तो इसकी वजह से इसका डेवलपमेंट हो रहा होगा। राइट? या तो इन दोनों का साथ में कुछ डेवलपमेंट हो रहा होगा। तो कुछ ना कुछ ऐसा कुछ होगा सिनेरियो। और लास्ट में आपका क्या हो
सकता है कि कॉज इफेक्ट हो सकता है कि मतलब इस बंदे ने जिम जॉइ करी तो इसकी वजह से इसने जिम जॉइ करी। ऐसा नहीं है कि इसने बस नॉर्मली यहां पर जिम जॉइ कर ली। कुछ ना कुछ उसके पीछे रीज़न है और रीज़न यही वाला बंदा है जो S1 है वो है या फिर S2 हो सकता है। तो कुछ ना कुछ कॉज़ इफ़ेक्ट हो सकता है। यहां पर एक जो है दूसरे को मोटिवेट कर रहा है या फिर कुछ यहां पर फॉलो कर रहा है। कुछ भी हो सकता है। क्लियर? ये ब्रॉड चीजें हम
देखेंगे और लास्ट में यहां पर कुछ और एक्स्ट्रा चीजें मैं बताने वाला हूं। जैसे कुछ यहां पर न्यूट्रल थीम्स भी हो सकती हैं। ठीक? तो इस बेसिस पर मैंने यहां पर कैटेगराइज किया है। तो सबसे पहला वाला सेक्शन अगर हम देखें तो कुछ यहां पर स्ट्रांग अपोजिशन वर्ड्स होते हैं। इसके बाद हम माइल्ड अपोजिशन वाले वर्ड्स देखेंगे। ठीक है? इसकी वजह से आपको आप इस वीडियो के लास्ट तक जाते-जाते आप यहां पर देखोगे आपको कितनी ज्यादा क्लेरिटी इस चैप्टर में मिल जाती है। उसी तरह जैसे-जैसे हमने डिस्कोर्स मार्कर्स किया था उसी तरह आपको भी लगेगा
कि यार इस वीडियो को देखने के बाद भी लगेगा कि ये चैप्टर भी एक्चुअली उतना डिफिकल्ट है नहीं। है ना? जितना हम समझते हैं, जितना हमें लगता है। सो सबसे पहले समझो कि यहां पर स्ट्रांग अपोजिशन वर्ड्स को ये आपके डायरेक्ट लॉजिकल रिजेक्शन बताते हैं या फिर कैंसिलेशन देते हैं। मतलब ये क्या कहेंगे? ये यहां पर s1 होगा और s2 होगा। तो s1 को डायरेक्टली यहां पर अपोज़ करेंगे लॉजिकली। राइट? या फिर कैंसिल कर देंगे। कहेंगे इसका जो एग्ज़िस्टेंस है वो होना ही नहीं चाहिए। ये गलत है, ये खराब है, जो भी है, अपने-अपने तरीके
से ये बताएंगे। है ना? अब ये जो अपोज़ करने का भी तरीका होता है ना, जैसे के लिए पॉलिटिक्स में अलग तरीके से लोग अपोज़ करते हैं। वहीं पर अगर हम बात करें कि सोसाइटी में जो यहां पर रिलीजन होते हैं, वो एक दूसरे को अलग तरीके से अपोज़ करते हैं या सपोर्ट करते हैं। कास्ट में लोग अलग तरीके से सपोर्ट करते हैं। मान लिया यहां पर एक इंसान है। ठीक है? इसकी कुछ सर्टेन आइडेंटिटी है। अब यह इंसान दूसरे इंसान को अलग-अलग तरीके से अपोज़ करेगा। हो सकता है कि यह इंसान इजराइल का रहने
वाला है। तो यह मान लिया इसके साथ में कोई सऊदी अरेबिया का इंसान आए तो उसको अलग तरीके से अपोज करेगा। लेकिन दुबई का इंसान हो अलग तरीके से अपोज करेगा। पाकिस्तान कहो अलग तरीके से अपोज़ करेगा। ईरान कहो तो अलग ही तरीके से अपोज़ करेगा। है ना? बहुत ही स्ट्रांग तरीके से अपोज़ करेगा। तो यहां पर अपोज़ करने की ना इंटेंसिटी हो सकती है। वही चीज़ उसी के एक्चुअली बेसिस पर हमारे बहुत से अलग-अलग वर्ड्स निकल के आते हैं। कर वो भी अपोज ही रहे होंगे। लेकिन वो अलग तरीके से कर रहे होंगे। है
ना? तो इन सारे वर्ड्स की हम मीनिंग यहां पर देखने वाले हैं। सो दीज़ वर्ड्स एक्चुअली इंडिकेट कंप्लीट या फिर नियर कंप्लीट रिजेक्शन ऑफ द फर्स्ट स्टेटमेंट एंड दे आर हाई इंटेंसिटी वर्ड्स। अभी हम पहले हाई इंटेंसिटी वर्ड्स को देखेंगे। उसके बाद माइल्ड अपोजिशन वर्ड्स में हम थोड़ा सा लेस इंटेंसिटी वाले वर्ड्स को देखेंगे। तो पहला वर्ड क्या है? अब यहां से आपकी वीडियो जो है काम की स्टार्ट होती है। तो पहला यहां पर क्या है? पहला है कि आपका वर्ड आता है कंट्राडिक्ट करना। अब ये ना इसने बहुत ज्यादा परेशान कर रखा है। अभी
तो देखो मैं यहां पर कंट्राडिक्ट बताऊंगा, रिफ्यूट बताऊंगा। ठीक है? उसके बाद मैं आपको यहां पर जो यहां पर पॉसिबल कंफ्यूजन है ना जैसे एक्सटेंड हो गया, एक्सपेंड हो गया, कंट्राडिक्ट हो गया, कंट्रास्ट हो गया। इनके माइन्यूट डिफरेंसेस का अलग सेक्शन है। वहां पर मैं आपको डिफरेंसेस केवल डिस्कस करूंगा। राइट? तो इस वीडियो में आपको सारी क्लेरिटी मिलने वाली है। सो कंट्राडिक्ट क्या होता है? कंट्राडिक्ट एक्चुअली ये होता है कि यहां पर डायरेक्ट लॉजिकल ऑपोजिट सेंटेंस देखने को मिलता है। अगर यहां पर S1 सही है तो S2 जो है गलत होना ही पड़ेगा। जैसे के
लिए अगर हम देखें ये आपका S1 है और ये है S2। अगर S1 सही है तो S2 को गलत होना पड़ेगा। अगर S1 गलत है तो S2 को सही होना पड़ेगा। राइट? ये दोनों सिचुएशंस हो सकती हैं। क्या ये वाली सिचुएशन हो सकती है कंट्राडिक्ट करने में? नहीं। ये कभी भी नहीं हो सकती। अगर ऐसी सिचुएशन है तो ये कंट्राडिक्ट नहीं है। ठीक? ठीक है? वहीं पर और ये ये वाला एग्जांपल यहां पर याद रखना। इसी को मैं लेकर के समझाऊंगा आपको जब कंट्रास्ट में समझाऊंगा। कंट्रास्ट में क्या होता है कि ये वाली सिचुएशन हो
सकती है कि दोनों अपनी-अपनी जगह पर सही हो सकती हैं। राइट? ये होता है कंट्रास्ट। तो वो हम आगे डिस्कस करेंगे। तो अभी कंट्राडिक्ट की मीनिंग देखो। अगर S1 सही है तो S2 गलत होगा। अगर आपका S1 गलत है तो S2 सही होगा। एग्जांपल की मदद से समझो। ऑल बर्ड्स कैन फ्लाई। अब यहां पर S1 है। ठीक है? S1 मान लिया यहां पर मोहित है। ठीक है? मोहित कहता है कि ऑल बर्ड्स कैन फ्लाई। वहीं पर आपका S2 है रोहित। रोहित कहता है कि सम बर्ड्स कैन नॉट फ्लाई। राइट? सम बर्ड्स कैन नॉट फ्लाई। अब
ये कह रहा है कि ऑल बर्ड्स कैन फ्लाई। ये कहता है कि उसमें कुछ बर्ड्स होती हैं वो फ्लाई नहीं कर सकती। तो ये आपका कंट्राडिक्शन हो गया। राइट? क्योंकि वो भी तो बर्ड्स हैं। वो जब नहीं उड़ सकती तो आप ऑल बर्ड्स कैसे कह सकते हो? आपने यहां पर गलत रिलेशनशिप इस्टैब्लिश कर दी। तो ये जो एक्चुअली रिलेशनशिप जो बन के आएगी दैट वुड बी कंट्राडिक्शन। अब रोहित और मोहित के बीच में जो रिलेशनशिप बनेगी दैट इज ऑफ कंट्राडिक्शन। क्लियर? चलो नेक्स्ट वाले पे चलते हैं। नेक्स्ट आपका वर्ड है दैट इज रिफ्यूट। रिफ्यूट की
मीनिंग क्या होती है? रिफ्यूट का मतलब ये होता है कि एक्चुअली S2 प्रूव्स S1 रॉन्ग। ठीक है? S2 जो आएगा ना जो आपका रोहित आएगा रोहित कहेगा कि मोहित गलत है। ठीक है? लेकिन यहां पर ये केवल गलत नहीं बोलेगा। ये यहां पर कुछ ना कुछ रीज़न और एविडेंसेस भी देगा। तो ये आपका कंट्राडिक्ट से और आगे बढ़ के बात होती है। मतलब इसने जो भी बात बोली थी बर्ड्स वाली तो ये कहेगा प्रूफ दिखाओ। तो यहां पर ये प्रूफ दिखाएगा ये आपकी ये बात करेगा पेंग्विन की कहेगा देखो पेंग्विन जैसे उड़ नहीं सकता। इसीलिए
वो चल के गया बेचारा 75 कि.मी. तक है ना? अदरवाइज़ अगर उड़ सकता तो उड़ के चला जाता। है ना? तो यहां पर क्या किया? उसने एविडेंस दिखाया। वो वाला वीडियो दिखा दिया उसने। हम्। सो, हम यहां पर कह सकते हैं कि आपका यह एक्चुअली स्ट्रांगर होता है। रिफ़्यूट करना स्ट्रॉन्गर होता है क्योंकि यहां पर प्रूफ इनवॉल्व हो जाता है। कैसे? इसका एग्जांपल देखते हैं। अब अगेन मोहित कहता है कि अर्थ इज़ फ्लैट। ठीक है? वो कहता है द अर्थ इज़ फ्लैट। लेकिन रोहित कहता है कि ये सेटेलाइट इमेजज़ देखो। ये एक्चुअली शो करती हैं
कि अर्थ जो है स्फेरिकल है। तो इसने केवल कंट्राडिक्शन नहीं दिखाया है। इसने एक्चुअली रिफ्यूट कर दिया है उसकी स्टेटमेंट को क्योंकि इसने ना इसने यहां पर एविडेंसेस को बीच में ला दिया। प्रूफ ला दिया। है ना? मोहित बाद में बोल सकता है कि यार ये तो चीटिंग है। लेकिन कोई बात नहीं। यहां पर एविडेंसेस इनवॉल्व हो गए हैं। नेक्स्ट वर्ड पर चलते हैं। अब थोड़ा सा बात जो है और आगे बढ़ जाएगी। और आगे जब बढ़ेगी तो बात अब पहुंचाएगी डिस्रूव करने पर। डिस्रूव का मतलब क्या होता है? इसका मतलब ये होता है कि
साइंटिफिकली डेमोंस्ट्रेट करना S1 कि ये गलत है। अब कहेंगे मुझे ऐसा काम करो कि ऐसे तो बात बनेगी नहीं। एक काम करते हैं। अब यहां पर क्या होगा? एक रॉकेट में बैठेंगे ये लोग। ऊपर जाएंगे और ऊपर से जाके यहां पर बताएंगे। है ना? ऊपर से जाके रोहित दिखाएगा अब देख धरती कैसी दिख रही है? गोल है या फिर फ्लैट है। तब ये बोलेगा हां यार बात तो सही है। राइट? तो ये एक्चुअली डिस्प्रूव करना मतलब वेरी स्ट्रांग होता है। एंड ये आपका एविडेंस बेस्ड होता है। यहां पर कहीं ना कहीं साइंटिफिकली चीजें इनवॉल्व हो
जाती हैं। साइंटिफिक चीजें इन्वॉल्व हो जाती हैं। जैसे कि आपने देखा होगा कि अभी जब हुआ था पेंडेमिक। पेंडेमिक के टाइम पर कुछ लोग अफवाहें फैलाते थे। वो कहते थे वैक्सीनंस जो है ना वो आपकी डिजीज फैलाती हैं। है ना? वैक्सीनंस कॉज डिजीज। ये आपको खत्म कर देंगी, यह कर देंगी, वो कर देंगी। फिर कुछ साइंटिस्ट आते हैं वो कहते हैं अच्छा जी हम यहां दिन रात मेहनत कर रहे हैं। हम यहां पर क्लीनिकल ट्रायल्स कर रहे हैं और जो कि शो करते हैं कि वैक्सीनंस जो है वो प्रिवेंट करती हैं डिजीज को। तो उन्होंने
पहले वालों की बात जो अफवाहें फैला रहे थे उनको डिस्रूव कर दिया। S2 ने डिस्रूव कर दिया S1 को। सिंपल। फिर आपका नेक्स्ट वर्ड आता है दैट इज़ इनवैलिडेट करना। अब इनवैलिडेट का मतलब क्या होता है? यहां पर क्या होता है? एक्चुअली S1 को लॉजिकली अनसाउंड या फिर अनएक्सेप्टेबल बताया जाता है। हम अब यहां पर बात यह है कि जो आपका S1 जो क्लेम कर रहा है मान लिया ये जो मोहित जो भी क्लेम कर रहा है, है ना? इसके पीछे भी कुछ ना कुछ इसकी इसका रीजन होगा ना। इसने भी कुछ ना कुछ तो
दिमाग लगाया होगा। इतना भी नहीं कि मोहित एकदम ब्रेनलेस है। कुछ तो होगा इसके अंदर। लेकिन यहां पर एक्चुअली जो S2 आएगा। ठीक है? मान लिया ये जो रोहित आएगा ये केवल यहां पर S1 पर अटैक नहीं करेगा। ये यहां पर इसके पीछे जो इसका बैकिंग है ना इसका जो रीज़न है उस पर जाके अटैक करेगा। कैसे समझो यहां पर एक्चुअली पहले समझ लो कि ये डिस्ट्रॉय करता है रीजनिंग को बिहाइंड S1 एग्जांपल समझो। ये कहते हैं कि ही मस्ट बी ऑनेस्ट बिकॉज़ ही इज़ रिच। ठीक है? तो ये कह रहे हैं मोहित कहते हैं
कि ही मस्ट बी ऑनेस्ट। वो ऑनेस्ट होना चाहिए क्योंकि वो अमीर है। तो रोहित कहता है कि वेल्थ हैज़ नो कनेक्शन विद ऑनेस्टी। तो इसने एक्चुअली इस चीज की बात नहीं की कि ही मस्ट बी ऑनेस्ट। वो कहता है कि ठीक है ऑनेस्ट हो सकता है जो भी हो। वी डोंट नो अबाउट हिम। लेकिन मुझे इस बारे में जरूर पता है कि ही इज़ रिच। जो तुम यहां पर लॉजिक लॉजिक जो दे रहे हो ना लॉजिक तुम्हारा कंप्लीटली गलत है। है ना? तो ये क्या कर रहा है? ये यहां पर इनवैलिडेट करता है। यहां पर
ये इनवैलिडेट करेगा उसको क्योंकि ये इसके रीजनिंग को यहां पर क्वेश्चन करेगा। है ना? वेल्थ हैज़ नो कनेक्शन विद ऑनेस्टी। ऐसी बात यहां पर S2 में बोली जाएगी। क्लियर? चलो फिर और आगे बढ़ते हैं। अब हम आगे बढ़ते हैं। निगेट पर आ जाते हैं। निगेट क्या होता है भाई? निगेट में क्या होता है कि जो भी क्लेम किया गया है S1 में। S1 में एक क्लेम किया गया है। राइट? जो भी क्लेम किया गया है इस क्लेम को यहां पर कैंसिल कर दिया जाएगा। कैंसिल कर दिया जाएगा या फिर इसको न्यूट्रलाइज कर दिया जाएगा। हम
S1 के क्लेम को तो यहां पर जो भी सर्टेनिटी होती है या फिर को जो भी इफेक्ट होने वाला था किसका? S1 का उसको यहां पर रिमूव कर दिया जाएगा। एग्जांपल की मदद से समझो अगेन। कहते हैं कि हार्ड वर्क गारंटीज़ सक्सेस। ठीक है? हार्ड वर्क जो है वह गारंटी करता है सक्सेस को। ठीक। दूसरा इंसान आकर कहता है कि सक्सेस लार्जली डिपेंड्स ऑन लक। सक्सेस जो है वह लार्जली डिपेंड करता है लक पे। तो जो भी यहां पर रीजनिंग इसके पीछे दी जा रही थी, जो भी यहां पर सर्टेनिटी थी, इफेक्ट था कि मतलब
हार्ड वर्क की वजह से सक्सेस होती है। लेकिन दूसरे भाई साहब आ के कहते हैं वो कहते हैं कि सक्सेस तो लक पर डिपेंड करती है। तो इन्होंने एक्चुअली पहले वाली की जो सर्टेनिटी थी, जो इफ़ेक्ट था, उसको क्या कर दिया? निगेट कर दिया। है ना? तो S2 यहां पर निगेट कर दे रहा है सर्टेनिटी ऑफ़ S1। नेक्स्ट है आपका डिनाइस। डिनाइज़ क्या होता है? यहां पर एक्चुअली क्या होता है कि एक्सप्लसिटली रिफ्यूज किया जाता है टू एक्सेप्ट S1 एज़ टू। ये कहते हैं कि हम S1 को मान ही नहीं सकते कि ये सही बात
है। हम नहीं मानते। क्यों? यहां पर डायरेक्ट रिजेक्शन होता है विदाउट नेसेसरीली गिविंग प्रूफ। तो ये सिंपल सी बात वो हो गई कि जैसे यहां पर क्या है कि दो पॉलिटिकल पार्टीज हैं और दो यहां पर नेता लोग हैं। और ये एक्चुअली क्या करते हैं? ये लोग ऐसे ही बात करते हैं विदाउट गिविंग प्रूफ दे सिंपली रिजेक्ट। है ना? वो कहते हैं कि ये बात देखो ये लोग करप्ट हैं। वो कहते हैं नहीं नहीं ये झूठ बोल रहे हैं। हम करप्ट नहीं है। हम सो आप देखते हो कि द पॉलिसी रिड्यूस्ड अनइंप्लॉयमेंट। अब यहां पर
रूलिंग पार्टी कहती है पॉलिसी ने रिड्यूस कर दिया अनइंप्लॉयमेंट को। तो दूसरी जो अपोजिशन पार्टी होती है वो कहती है कि इस पॉलिसी ने एक्चुअली अनइंप्लॉयमेंट को रिड्यूस नहीं किया है। बस इतनी ही बात हुई तो इन्होंने क्या किया? डिनाई कर दिया। इन्होंने डिनाई कर दिया S1 को। क्लियर? चलो नेक्स्ट। नेक्स्ट है आपका रिजेक्ट। अब रिजेक्ट समझो क्या होता है? रिजेक्ट का मतलब है यहां पर जो वैलिडिटी है S1 की उसको एक्सेप्ट करने से रिफ्यूज कर दिया गया है। मतलब यहां पर आपका स्ट्रांग डिसए्रीमेंट दिखता है। बड़ा ही स्ट्रांग सा एग्रीमेंट डिसए्रीमेंट दिखता है। वो
होता है ना कि वोटिंग वगैरह में जैसे यूएएससी में वोटिंग होती है या फिर कई बार किसी पॉलिसी पर किसी पार्लियामेंट में या स्टेट असेंबली में वोटिंग हो रही हो तब वहां पर कुछ लोग रिजेक्ट कर देते हैं। हम और जैसे कि हम यहां पर s1 s2 की मदद से समझें। ये कहते हैं कि ट्रेडिशन मस्ट बी क्वेश्चंट। मस्ट नेवर बी क्वेश्चन है ना मस्ट नेवर बी क्वेश्चंट। तो दूसरे कहते हैं कि ब्लाइंड एक्सेप्टेंस ऑफ ट्रेडिशन इज हार्मफुल। इन्होंने रिजेक्ट कर दिया पहले वाले के क्लेम को। पहले वाले की वैलिडिटी को यह कुछ वैलिडेट करना
चाह रहे थे। वह कह रहे थे ट्रेडिशन को कभी भी क्वेश्चन नहीं करना चाहिए। कुछ वैलिडेट करना चाह रहे हैं। दूसरे ने उसको कतई खत्म कर दिया। रिजेक्ट कर दिया। ठीक है? नेक्स्ट है आपका रिपुडिएट करना। रिपुडिएट का मतलब क्या होता है? इसका मतलब यह है कि स्ट्रांगली रिजेक्ट करना S1 एज अनएक्सेप्टेबल एंड इनवैलिड। हम यहां पर बड़ी ही अजीब सी बात की जाती है। लोग यहां पर अक्सर आके जैसे के लिए अगेन कोई यहां पर पॉलिटिकल पार्टी का नेता आके कह सकता है कि यहां पर वुमेन को एक्चुअली स्कूल नहीं जाना चाहिए। ठीक है?
तालीबान में आके लोग कहते हैं। फिर बाद में यहां पर क्या होता है कि उस चीज को यहां पर रिपुडिएट किया जाए। राइट? यहां पर जो वेस्टर्न कंट्रीज हो, डेवलपिंग कंट्रीज हैं, इंडिया यहां पर रेपिडिएट कर सकती है। फॉर्मल और फोर्सफुल रिजेक्शन हमें देखने को मिलता है। क्लियर? S1 की बात करें तो करप्शन इज नेसेसरी फॉर इकोनमिक ग्रोथ। अब ऐसी भी बात कई लोग करते हुए दिखते हैं। या फिर कई बार देखो इंडिया में आपको देखने को मिलेगा। लोग कहेंगे कि डिक्टेटरशिप इंडिया में अगर होती तो बहुत बढ़िया रहता। है ना? तो बहुत बढ़िया रहता।
देखो चाइना से कंपेयर करते हैं। फिर यहां पर दूसरा इंसान आके कहता है कि एथिकल गवर्नेंस इज़ एसेंशियल फॉर ग्रोथ। है ना? उसने क्या किया? रिपुडिएट कर दिया और बड़े ही फॉर्मल तरीके से, फोर्सफुल तरीके से रिजेक्ट कर दिया उस चीज को। इसे कहते हैं रिपुडिएट करना। नेक्स्ट क्या है? ओवरटर्न्स। अब ओवरटर्न का मतलब क्या है? कि पहले एक S1 चीज बोली गई तो S1 को यहां पर पलट दिया गया। S1 का डिसीजन जो है वो पलट दिया गया। जैसे कि सुप्रीम कोर्ट करता है ना। सुप्रीम कोर्ट कई बार ओवरटर्न कर देता है। कोर्ट्स ओवरटर्न
कर देते हैं अपने ही डिसीजंस को या फिर जो लोअर कोर्ट्स होते हैं उनके डिसीजंस को। तो यहां पर हम कह सकते हैं कि रिवर्स द वैलिडिटी और डिसीजन स्टेटेड इन S1। सो यहां पर कंप्लीट रिवर्सल देखने को मिलता है हमें। S1 कहता है द कोर्ट डिक्लेयर्ड हिम गिल्टी। दूसरा कहता है द हायर कोर्ट एक्विटेड हिम। तो इस S2 जो है वो ओवरटर्न कर देता है S1 को। नेक्स्ट है आपका नलिफाई करना। नलिफाई का मतलब है S2 मेक्स S1 लीगली और लॉजिकली वाइट। यह नलिफाई करना होता है। मतलब यहां पर एब्सोल्यूट कैंसिलेशन होता है। एब्रोगेट
भी कह सकते हैं। राइट? या फिर नलिफाई कह सकते हैं। जैसे आर्टिकल 370 को एब्रोगेट कर दिया गया था। नलिफाई कर दिया। और या फिर या फिर अभी आपने सुना होगा कुछ टाइम पहले अह कुछ टाइम पहले आपने सुना होगा कि इंडस वाटर ट्रीटी जो थी, ठीक है? ऑपरेशन सिंदूर के बाद उसको नलिफाई कर दिया गया था। मतलब एग्रीमेंट वाज़ बाइंडिंग। राइट? दूसरे में कहते हैं कि द एग्रीमेंट वाज़ डिक्लेयर्ड अनकॉन्स्टिट्यूशनल। मतलब एग्रीमेंट को यहां पर क्या कर दिया? नलिफाई कर दिया। S2 ने S1 को एक्चुअली नलिफाई कर दिया। यहां पर हम एग्रीमेंट की नहीं
स्टेटमेंट की बात कर रहे हैं। तो आपका नलिफाई हो गया। इस तरीके से। आगे बढ़ते हैं। आगे है आपका एन्यू्यूल्स। एन्यूल का मतलब क्या होता है? इसका सिंपल मीनिंग ये होती है कि फॉर्मली कैंसिल कर देना S1 को। आपने S1 को फॉर्मली कैंसिल किया है। तो यहां पर फॉर्मल चीजें आ जाती हैं। तो नलिफाई में मैंने आप यहां पर जो एग्जांपल लिया है। ठीक है? तो ये एक्चुअली ज्यादा फिट नहीं बैठेगा आपका ऑफिशियल चीजों के लिए। लेकिन एन्यूल करना डेफिनेटली यहां पर फिट बैठेगा। कैसे? ये आपका लीगल और ऑफिशियल कॉन्टेक्स्ट में ही यूज़ किया जाता
है। आजकल आप देखते देख रहे हो ना कि यूपीएससी में मतलब सीडीएस में कॉन्टक्चुअल वोकैबलरी काफी ज्यादा पूछी जा रही है। है ना? आपको नलिफाई दे देंगे, एन्यूल दे दे देंगे, कंफ्यूज दे देंगे। सारे एक ही मतलब क्वेश्चन में ऑप्शन दे देंगे एक तरीके के। लेकिन आपको बताना होगा यहां पर बेस्ट सूटेड वर्ड कौन सा है। है ना? तो ये आपसे पूछा जा रहा है। तो उस पर भी एक सेशन मैं लाने वाला हूं बड़े ही जल्दी। ठीक है? तो वो भी हम देखेंगे सीखेंगे कि कैसे आप कर सकते हो। नेक्स्ट है आपका यहां पर
s1। S1 कहता है द मैरिज वाज़ वैलिड। दूसरा यहां पर द कोर्ट एन्यूल्ड द मैरिज। सो कोर्ट यहां पर एन्यूल कर सकता है मैरिज को। तो यहां पर इसी वर्ड को एक्चुअली यहां पर यूज़ कर लिया गया है। अदरवाइज़ आपको एक्चुअली मीनिंग समझनी है ना वर्ड की। तो S2 यहां पर एन्यूल करेगा S1 को इस तरीके से जब फॉर्मली किसी चीज को रिजेक्ट किया जाए। क्लियर? नेक्स्ट है आपका या कैंसिल किया जाए। नेक्स्ट है आपका कन्फ्यूट करना। अब कन्फ्यूट करना मतलब क्या होता है? यहां पर S1 को रॉन्ग बताया जाता है थ्रू आर्गुमेंट और रीजनिंग।
कुछ यहां पर रीज़ दिए जाते हैं या फिर कुछ आर्गुमेंट दिया जाता है। फॉर्मल एकेडमिक रिजेक्शन होता है। जैसे के लिए यहां पर डोनाल्ड ट्रंप आते हैं। ठीक है? डोनाल्ड ट्रंप आते हैं। वो कहते हैं कि क्लाइमेट चेंज इज अ मिथ। है ना? जैसे कि डोनाल्ड ट्रंप कहते भी हैं। हम क्लाइमेट चेंज इज अ मिथ। फिर यहां पर साइंटिफिक कम्युनिटी आती है। वो कहती है कि साइंटिफिक डाटा कंफर्म्स राइजिंग ग्लोबल टेंपरेचर। तो यहां पर रीजनिंग दी गई है और इनके थ्रू इनकी स्टेटमेंट को कन्फ्यूज किया गया है। ठीक है? एक फॉर्मल एकेडमिक रिजेक्शन है। तो,
यह था आपका स्ट्रांग अपोजिशन वाले वर्ड्स जहां पर स्ट्रांग तरीके से आपको अपोज करते हुए दिखाई देते हैं। राइट? अब आपका आएगा माइल्ड अपोजिशन। चलो भाई, माइल्ड अपोजिशन। यहां पर क्या होता है कि कुछ ना कुछ डिफरेंसेस होते हैं। थोड़े से डिफरेंसेस हैं। जैसे के लिए मान लो कि इंडिया का कल्चर थोड़े बहुत डिफरेंसेस हैं लेकिन सब साथ में रह रहे हैं। कोई किसी को एकदम गलत नहीं ठहरा रहा है। वो कह रहा है कि ठीक है तुम भी सही हो सकते हैं। मैं भी सही हो सकता हूं। राइट? सो पार्शियल डिसए्रीमेंट है। पार्शियल डिसए्रीमेंट
है। नॉट कंप्लीट रिजेक्शन। कंप्लीट रिजेक्शन नहीं है। सो दीज़ वर्ड्स इंडिकेट जैसे कि आपका कंट्रास्ट हो गया, टेंशन दिखाते हैं या फिर क्वेश्चनिंग दिखाते हैं। राइट? क्वेश्चनिंग दिखाते हैं। बट दे डू नॉट कंप्लीटली डिस्ट्रॉय द फर्स्ट स्टेटमेंट। वो यह नहीं कहते कि तुम बिल्कुल गलत हो। वो यहां पर क्वेश्चन करना चाह रहे हैं। वो कहते हैं कि लेकिन मेरी बात थोड़ी सी अलग है लेकिन मेरी बात भी सही है यार। सोचो जरा इसके बारे में भी। है ना? तो इस तरीके से आपको चीजें मिलेंगी। और यहां पर वर्ड आपको पहला मिलेगा काफी ज्यादा आप कंफ्यूज
रहते हो कंट्रास्ट को लेकर के। हम कंट्रास्ट। अब कंट्रास्ट क्या है? कंट्रास्ट ऐसा है कि आपका S1 है और आपका S2 हो गया। यह भी सही हो सकता है। यह भी सही हो सकता है। तो S2 के सही होने के लिए जरूरी नहीं कि S1 को गलत होना पड़े। लेकिन कंट्राडिक्ट में आपने देखा था कि गलत होना पड़ता है उसे। लेकिन यहां पर ऐसा नहीं होता। ये बड़ा ही टॉलरेंट से वर्ड्स हैं। हम एक्चुअली दे शो डिफरेंस बिटवीन s1 एंड s2 विदाउट डिनाइंग s1। जैसे के लिए यहां पर ये बात कहते हैं कि द सिटी
लाइफ इज़ फास्ट। सिटी में जो लाइफ है काफी फास्ट है। दूसरा कहता है कि विलेज लाइफ इज पीसफुल। डिफरेंसेस हैं दोनों में लेकिन क्या यहां पर S1 तुम्हारा गलत हो गया? नहीं भाई गलत तो नहीं है और S2 भी अपनी जगह पर सही है। लेकिन दोनों में काफी ज्यादा डिफरेंसेस हैं। जमीन आसमान का अंतर है। राइट? सो S2 यहां पर कंट्रास्ट कर रहा है S1 से। नेक्स्ट आपका आता है काउंटर। किसी को काउंटर करना। आपने देखा होगा ये तो हमारा कल्चर रहा है। हमेशा काउंटर करना एक दूसरे को। हम्। सो, रिस्पॉन्ड्स टू S1 विद एन
ऑपोज़िंग आईडिया। कुछ अपोज़ करते हुए। जैसे के लिए पहले शास्त्रार्थ होते थे, है ना? उस तरीके से जैनिज्म वाले अलग बैठे हैं। बुद्धिज्म वाले अलग बैठे हैं। वो सोल पे चर्चा कर रहे हैं। वो कह रहे हैं सोल होती है। वो कह रहे हैं सोल नहीं होती है। है ना? तो ऐसी बातें चल रही हैं। लेकिन यहां पर कंप्लीट रिजेक्शन नहीं है किसी का। ये कोई नहीं कह रहा है कि तुम गलत हो। राइट? तो S1 की मदद से अगर समझे यहां पर एग्जांपल की मदद से S1 कहता है कि टेक्नोलॉजी आइसोलेट्स पीपल। ठीक है?
सही बात है। फिर दूसरा कहता है कि टेक्नोलॉजी कनेक्ट्स फैमिलीज़ अक्रॉस कंट्रीज। अब क्या यहां पर दोनों यहां पर मतलब यहां पर गलत हो गए या फिर मतलब हम कह सकते हैं कि इन्होंने गलत कह दिया एक दूसरे को। गलत नहीं कहा है। ये कह रहे हैं कि ये आइसोलेट करता है पीपल को। लेकिन ये कह रहे हैं कि अक्रॉस कंट्रीज लोगों को कनेक्ट भी करता है एट द सेम टाइम। तो ये काउंटर कर रहे हैं। है ना? ये आपका काउंटर होता है। राइट? इसमें आपको उतनी ज्यादा इंटेंसिटी नहीं दिखेगी। नेक्स्ट आपका है चैलेंज करना।
अब चैलेंज करने का मतलब क्या होता है? चैलेंज करने का यही मतलब होता है कि आपके पीछे जो भी यहां पर रीजनिंग है, जो भी आपकी बैकिंग है, ठीक है? जो भी आपने यहां पर सपोर्ट ले रखा है, हमें बताओ आखिर ये किस बेसिस पर है। है ना? चैलेंज दे रहे हैं। चैलेंज यहां पर वैलिडिटी पर है या फिर स्ट्रेंथ पर है S1 की? और एग्जांपल की मदद से समझें तो S1 आपका कहता है कि एग्जाम्स मेजर इंटेलिजेंस एक्यूरेटली। सही बात है। एग्जाम्स जो हैं वो इंटेलिजेंस को एक्यूरेटली मेजर करते हैं। दूसरा कहता है कि
इंटेलिजेंस हैज़ मेनी डायमेंशंस बिय्ड एग्जाम एग्जाम्स। क्या उनके बारे में आपने सोचा? है ना? यहां पर तो बहुत सारी ऐसी चीजें होती हैं। ये कह रहे हैं कि एग्जाम जो है इंटेलिजेंस को मेजर करते हैं। तो ये कह रहे हैं कि इंटेलिजेंस तो के को मेजर करने के बहुत सारे डायमेंशंस हैं। तो यहां पर एग्जाम की जो वैलिडिटी है ना एग्जाम की जो स्ट्रेंथ है उसको चैलेंज कर दिया कहीं ना कहीं। समझ रहे हो? हम नेक्स्ट है आपका अंडरमाइन करना। अंडरमाइन करने का मतलब क्या होता है? ये थोड़ा सा नेगेटिव वर्ड हो जाता है। कैसे?
यह एक्चुअली यहां पर स्ट्रेंथ होती है। जो भी S1 की है, जो भी सर्टेनिटी है, उसको वीक कर रहा है। उसको वीक कर रहा है। पहला वाला बोलता है द प्लान इज़ फुल प्रूफ। हम नेक्स्ट कहता है द प्लान इग्नोरर्स फाइनेंशियल रिस्क। है ना? ये आपका फुल प्रूफ होना चाहिए था। फुल प्रूफ। ठीक है? फुल प्रूफ। राइट? तो ये कहते हैं कि द प्लान इग्नोरर्स फाइनेंसियल रिस्क। राइट? इन्होंने अंडरवाइन कर दिया प्लान। इन्होंने जो प्लान बना के लाया, ठीक है? मोहित यहां पर प्लान बना के लाया और बहुत ही खुश था। वो कहता है देखो
मेरा प्लान कैसा है और रोहित इसमें कुछ ना कुछ फौल्ट निकाल देता है तो यहां पर जो है प्रॉब्लम आ जाती है। है ना? तो इन्होंने क्या कर दिया? अंडरमाइन कर दिया S1 को। क्लियर? नेक्स्ट नेक्स्ट है आपका डिफर्स फ्रॉम। अब डिफ़र करना। डिफ़र करना आप सिंपल से ये जो है इनकी वैसे मीनिंग मैंने डाल दी है। वैसे इनमें कुछ ज्यादा समझने के लिए है नहीं। फिर भी समझ लो। यहां पर क्या होता है कि एक्चुअली S2 प्रेजेंट्स अ डिफरेंट व्यू पॉइंट विदाउट रिजेक्टिंग S1 डिफर कर रहे हैं। मतलब हम आपसे हमारे जो हैं वो
अलग हैं सोच है ना हमारे जो विचार हैं वो अलग हैं। तुम कह रहे हो कि कैट्स आर इंडिपेंडेंट एनिमल्स। हम कह रहे हैं कि डॉग्स आर हाईली सोशल एनिमल्स। हम अब इसमें कौन किसको गलत बोल रहा है? थोड़ा सा अलग है। इनका कैट्स के प्रति थोड़ा सा ज्यादा प्यार है इनको यहां पर। डॉग्स के प्रति है ना? सो s2 यहां पर डिफर करता है फ्रॉम s1। अब आप यहां पर मुझे यह बताओ कि यहां पर एक डॉग लवर के लिए और कैट लवर के लिए वर्ड्स होते हैं। यह मुझे बताओ कि क्या होते हैं।
राइट? फिल होता है लास्ट में ये मैं आपको बता दूं। और क्या होते हैं एग्जैक्टली? ये आप कमेंट सेक्शन में मुझे बताओ। ठीक है? नेक्स्ट है आपका डायवर्ज फ्रॉम। अब डायवर्ज करना। डायवर्ज करने का मतलब है यहां पर इस डायरेक्शन में जा रहे थे। अब ये डायवर्ज हो गए। है ना? इधर चले गए। सो मूव्स इन अ डिफरेंट डायरेक्शन ऑफ़ थॉट। अलग ही डायरेक्शन में चले गए। यह कह रहे हैं कि द पॉलिसी फोकसेस ऑन इकोनमिक ग्रोथ। सही बात है। अब यहां पर इकोनॉमिक्स की बात हो रही थी। यहां पर मोहित का एक ग्रुप बैठा
हुआ था। वो इकोनॉमिक्स की बात कर रहा था। तो यहां पर जो रोहित आता है वो कहता है कि क्रिटिक्स फोकस ऑन सोशल इक्वलिटी। अब यहां पर सोशल इक्वलिटी की बात होने लगी। तो ये ना इन्होंने डायवर्ज कर दिया। सिस्टम को यहां पर डायवर्ज कर दिया। थोड़ा सा इधर-उधर चले गए। क्लियर? चलो भाई। नेक्स्ट क्या है? नेक्स्ट है डिपार्ट्स फ्रॉम। डिपार्ट्स। अब डिपार्ट करने का मतलब क्या है? यह है एक्चुअली यहां पर जो S2 है मूव्स अवे फ्रॉम आइडिया एक्सप्रेस्ड इन S1। ये भी आपका कहीं ना कहीं आपका जो ऊपर आपने देखा डायवर्ज की तरह
है। लेकिन थोड़ा सा अलग है। कैसे? एग्जांपल की मदद से समझो। ट्रेडिशनल आर्ट फॉलोज़ स्ट्रिक्ट रूल्स। दूसरा है मॉडर्न आर्ट ब्रेक्स कन्वेंशनल नॉर्म्स। है ना? तो ट्रेडिशनल आर्ट जो है वो आपके स्ट्रिक्ट रूल्स को फॉलो करता है। दूसरा कह रहा है कि मॉडर्न आर्ट जो है वो कन्वेंशनल नॉर्म्स को ब्रेक कर रहा है। है ना? तो ये डिपार्ट कर रहे हैं। थोड़ा सा यहां पर दूर जाते हुए दिखाई देते हैं। जो भी यहां पर आईडिया एक्सप्रेस किया गया है उससे। है ना? इस आइडिया से थोड़ा सा दूर जा रहे हैं। नेक्स्ट है डिस्प्यूट करना। डिस्प्यूट।
अब ये वर्ड आपका आ भी चुका है अभी तक। तो यहां पर क्वेश्चन किया जाता है या डाउट क्रिएट किया जाता है करेक्टेडनेस पर। राइट? करेक्टनेस जो होती है S1 की कि S1 किस हद तक सही है? मुझे नहीं लगता यार ये इतना ज्यादा सही है। है ना? तो यहां पर S1 में बात कहते हैं कि ऑनलाइन एजुकेशन जो है वो इन इफेक्टिव है। पहली बात कोई बोलता है। तो दूसरे लोग कहते हैं कि मैनी स्टडीज शो इक्वल लर्निंग आउटकम्स ऑनलाइन। है ना? तो इन्होंने यहां पर डिस्प्यूट क्रिएट कर दिया। हम्। सो एस S2 जो
है डिस्प्यूट करता है S1 के साथ। मतलब क्वेश्चन करता है। डाउट अह क्रिएट करता है कि तुम्हारी स्टेटमेंट जो है वो सही भी है या नहीं। नेक्स्ट है आपका क्वेश्चंस। सो क्वेश्चंस का सिंपल मतलब होता है कि रेज़ आप कर रहे हो डाउट। राइट? अगेन अगेन विदाउट फुल्ली रिजेक्टिंग इट। हम S1 आपका कहता है द रिपोर्ट इज़ कंप्लीटली एक्यूरेट। और S2 कहता है सम डेटा सोर्सर्सेस इन द रिपोर्ट आर अनक्लियर। राइट? सम डेटा सोर्सर्सेस इन द रिपोर्ट आर अनक्कियर। सो रिलेशन आपका क्या निकल के आएगा कि S2 जो है वह क्वेश्चन कर रहा है S1
पर। तो ये एक्चुअली रिपोर्ट को यहां पर जो मोहित है रिपोर्ट अपनी लेके आता है। वो कहता है रिपोर्ट तो यार मेरी मैंने बहुत जबरदस्त बनाई है। पूरी तरह से सही है। फिर अगेन यहां पर जो रोहित है वो कहता है कि कुछ तो यहां पर गलत है। हम है ना? नेक्स्ट है आपका इज़ कंपैटिबल विद। इज़ कंपैटिबल विद का मतलब क्या है? कैन नॉट लॉजिकली कोएस्ट विद S1। तो ये कहते हैं कि S2 जो है वो कहता है कि भाई यहां पर साथ में रहना बड़ा दिक्कत हो रही है। बट डज़ नॉट डायरेक्टली नेगेट
इट। है ना? यहां पर वो वाली बात समझ लो कि दो कपल हैं जिनकी आपस में बन नहीं रही है। है ना? बन नहीं रही है। तो यहां पर आसपास के लोग कहते हैं इनके जो रिलेटिव्स हैं, इनके पेरेंट्स, इनके पेरेंट्स कहते हैं तो फिर डिवोर्स ले लो। तो कहते हैं नहीं डवोर्स भी नहीं ले सकते। है ना? तो ये वाली सिचुएशन है। इनकंपैटिबल है साथ में। है ना? कंपैटिबल नहीं है। इनकंपैटिबल है। लेकिन आपका इतना भी नहीं है कि आपका एकदम एक दूसरे की शक्ल नहीं देखना चाहते। S1 में बात होती है कि एब्सोल्यूट
फ्रीडम इज डिजायरेबल। ठीक है? दूसरा कहता है कि लॉज़ आर नेसेसरी टू मेंटेन ऑर्डर। हम तो पहला कहता है कि एब्सोल्यूट फ्रीडम जो है वो होनी चाहिए। दूसरा कहता है भाई लॉज़ भी होने चाहिए। ठीक है? क्योंकि लॉ एंड ऑर्डर भी जरूरी है। एब्सोल्यूट फ्रीडम अगर ला दिया तो कहीं ना कहीं तुम तो एनआरकी फैला दोगे। है ना? एनआरकी मतलब क्या होता है? जब कोई भी यहां पर अ फॉर्मल गवर्नमेंट ना रह जाए। है ना? एनार्की एब्सेंस ऑफ़ लॉ एंड ऑर्डर इस तरीके की सिचुएशन। तो इनका रिलेशन हो जाएगा कि S2 जो है वो इनकंपैटिबल
हैं विद S1। क्लियर बात है। चलो देखो आगे आप क्वेश्चंस भी करने वाले हो तो अभी बोर मत होना। हम है ना? नेक्स्ट है आपका इज़ एट वैरियंस विद। क्योंकि यहां पर बहुत सी चीजें आप यहां पर देख रहे हो जो कि पहले से पूछी जा चुकी हैं। और कुछ मैं एक्स्ट्रा चीजें इसलिए समझा रहा हूं क्योंकि यूपीएससी का कुछ भरोसा नहीं कि वो कौन से यहां पर वर्ड्स ला के डाल दे हम और ये कहीं ना कहीं उसी टाइप की चीजें हैं। तो इनको पढ़ना बहुत जरूरी है। इसके बाद आप क्वेश्चंस भी अभी करोगे
और उनको मैं बहुत अच्छे से समझाने वाला हूं। सो ये कहते हैं कि इज़ एट वैरियंस विद। इसकी मीनिंग क्या होती है? यहां पर ऐसा कहते हैं कि जो S2 है इज इन डिसए्रीमेंट और कॉन्फ्लिक्ट विद S1 यह वैरियंस पर है। वैरियंस मतलब वैरी करता है। थोड़ा अलग है। है ना? वैरी करता है। अलग जाता है। दूर जाता है। पहला s1 कहता है द कंपनी क्लेम्स हाई प्रॉफिट्स। ओके? S2 कहता है कि फाइनेंसियल रिपोर्ट्स शो डिक्लाइनिंग रेवेन्यू। अरे ये क्या बात हुई? ये यहां पर कह रहे हैं कि कंपनी यहां पर हाई प्रॉफिट दिखाती है।
तो यहां पर इनवेरियंस है। है ना? कहीं ना कहीं इनवरियंस है। तो हमें दिखता है मतलब वैरियंस है। है ना? सो S2 इज़ एट वैरियंस विद S1. नेक्स्ट है आपका इज़ इन टेंशन विद। अब टेंशन कब होती है? टेंशन होती है जब S2 क्या करेगा? S2 क्रिएट्स कॉनसेप्चुअल कॉन्फ्लिक्ट विदाउट फुल कंट्राडिक्शन। राइट? पूरी तरह से कंट्राडिक्शन नहीं है। लेकिन कहीं ना कहीं थोड़ा सा कॉनसेप्चुअल कॉन्फ्लिक्ट है। पहला वाला बात करता है कि इकोनॉमिक ग्रोथ इज़ द टॉप प्रायोरिटी। लेकिन दूसरा कहता है कि एनवायरमेंटल सस्टेनेबिलिटी मस्ट नॉट बी इग्नर्ड। है ना? इकोनॉमिक ग्रोथ तो है भैया
तुम्हारी जो है प्रायोरिटी तो है लेकिन एनवायरमेंटल सस्टेनेबिलिटी का क्या वो भी इग्नोर नहीं करना है आपने। तो ये कहीं ना कहीं टेंशन है। टेंशन है जो साइंस जो साइंट जो हमारे साइंटिस्ट्स हैं और जो गवर्नमेंट है उनके बीच में। हम है ना? आजकल एक रीसेंट कंट्रोवर्सी चल भी रही है। तो वही वाली आप समझ लो। तो अब हम बात करने वाले हैं सपोर्ट वर्ड्स की। अब यहां पर अच्छी-अच्छी बातें देखने को मिलने वाली हैं। ठीक है? अब यहां पर दो लोग हैं जिनके बीच में क्या है? अच्छी-अच्छी चीजें चल रही हैं। कोई दूसरे को
अपोज नहीं कर रहा है। यहां पर एग्रीमेंट है। स्ट्रेंथन कर रहे हैं, वैलिडेट कर रहे हैं। राइट? सपोर्ट करते हुए दिखाई देंगे। स्ट्रेंथन करते हुए दिखाई देंगे या फिर एलाइन करते हुए दिखाई देंगे S1 के साथ इन सम वे। अलग-अलग तरीके से दिखाई देंगे। कुछ होंगे, कुछ लोग ठीक है? वो साथ में खाना खाते हैं। कुछ लोग इस तरीके से खाना खाते हैं कि एक ही थाली में खाना खाते हैं। तो ये सारे अलग-अलग तरीके का सपोर्ट होता है। है ना? तो वो सारी चीजें हम देखते हैं आगे। तो क्या पहला वर्ड मिलेगा हमें? पहला
वर्ड हमें देखने को मिलता है कंफर्म करना। यहां पर कंफर्म कर देते हैं। हम सो डायरेक्टली एग्री कर देते हैं S1 के साथ विदाउट एडिंग स्ट्रांग न्यू एविडेंस। ये कहते हैं कि तुमने जो बात बोली बिल्कुल सही है। तुम बोलो तो दिन, तुम बोलो तो रात। हम ऐसी बात है यहां पर। तो S1 कहता है कि स्मोकिंग हार्म्स हेल्थ। तो यह कहता है डॉक्टर्स वॉन पीपल अगेंस्ट स्मोकिंग। कंफर्म कर दे रहा हूं उस बात को कि देखो डॉक्टर भी मना करते हैं। है ना? तो यहां पर क्या है? कंफर्म कर दिया गया। दूसरा है रीइंफोर्स
करना। रीइंफोर्स करने का मतलब यह है कि आप स्ट्रेंथन तो कर रहे हो S1 के इस S1 को लेकिन आप कुछ ना कुछ सपोर्टिंग एविडेंस या फिर रीजनिंग ऐड कर दे रहे हो ताकि लोग और ज्यादा उस पर यकीन कर लें। आपको लगता है कि आपके जो पार्टनर है या आपके साथ में जो भी इंसान है उसने अच्छी बात बोली है लेकिन कुछ और अच्छे तरीके से बोल सकता था हम तो आप क्या करोगे कुछ ना कुछ अपनी तरफ से ऐड कर दोगे है ना तो स्ट्रंगर होता है ये कंफर्म्स है स्ट्रंगर होता है रीइंफोर्स
करना जैसे के लिए s1 कहता है कि एक्सरसाइज इंप्रूव्स हार्ट हेल्थ सही बात है तो दूसरा वाला कहता है कि रिसर्च शोज़ रेगुलर एक्सरसाइज हैज़ रिड्यूसेस हार्ट, डिजीज, रिस्क। तो इसने थोड़ा सा और एक्स्ट्रा बातें बोल दी हैं। राइट? इसमें आप देख रहे होंगे इतनी एक्स्ट्रा बातें नहीं बोली गई हैं जितना यहां पर सपोर्ट करने के लिए बोला गया है। तो इसने रीइंफोर्स किया है एक्सरसाइज की जो यहां परेंस है उसको। नेक्स्ट है फुल्ली रीइंफोर्स करना और कुछ होता है रीइंफोर्सेज टू एन एक्सटेंट। ये बड़ी ही कमाल की चीज है। इस पर हमारा एक क्वेश्चन
भी बड़ा ही इंटरेस्टिंग सा फंसा था। है ना? वो भी मैं आपको बताऊंगा। बहुत ही ट्रिकी है। ठीक है? वहां पर मैंने कुछ लोगों को देखा। उन्होंने एक्चुअली गलती कर रखी है। एक वर्ड को समझ नहीं पाए ऑलवेज को। है ना? वो मैं आपको समझाऊंगा अभी आगे चलके। वो हमारा पीवाईक्यू है एक। ठीक है? तो वो तो जरूर देखना। ठीक है? और वहां पर मैं आपको समझाऊंगा कि किस लिए बहुत ही डिटेल्ड और माइन्यूट जो कॉम्प्रिहेंशन होता है वो इंपॉर्टेंट है। आपको समझना। कई बार क्या होता है कि ऊपर ऊपर से हम चीजों को पढ़ते
हैं और हम डिटेल में एक्चुअली बिटवीन द लाइंस हम पढ़ते नहीं है चीजों को और वहां पर हम चीजें मिस कर जाते हैं। है ना? इसी तरीके से क्वेश्चन जो है वो गलत हुआ है। बहुत लोगों का गलत गलत हुआ है। लोगों ने गलत एक्चुअली सॉल्यूशन भी प्रोवाइड कर रखा है। तो मैं आपको अभी दिखाऊंगा कौन सा क्वेश्चन है वो। सो यहां पर बात होती है कि फुल्ली रीइंफोर्स। ओके? मीनिंग है आपकी कि स्ट्रांगली एंड कंप्लीटली स्ट्रेंथन करना s1 को। राइट? स्टंगली और कंप्लीटली स्ट्रेंथन करना। S1 की बात करें तो क्लाइमेट चेंज इज रियल। ठीक
है? क्लाइमेट चेंज जो है वह रियल है। इस बार डोनाल्ड ट्रंप नहीं है। इस बार शायद वो बच्ची है कौन सी थी यार उसका? ग्रेटा थनबर्ग। ठीक है? वो कहती है कि क्लाइमेट चेंज इज़ रियल। तो उसकी ही कम्युनिटी के लोग आते हैं। वो कहते हैं कि ग्लोबल टेंपरेचर डेटा कंसिस्टेंटली शो राइजिंग ट्रेंड्स। है ना? तो उन्होंने फुल्ली रीइंफोर्स कर दिया S1 को। क्लियर? फिर यहां पर रीइंफोर्सेज टू एन एक्सटेंट यहां पर कंप्लीटली तो रीइंफोर्स नहीं कर रहे लेकिन कुछ हद तक तो कुछ हद तक अगर कर रहे हैं तो पार्शियली स्ट्रेंथन कर रहे हैं
S1 को बट नॉट कंप्लीटली हम एग्जांपल क्या है? एग्जांपल ये है कि इकोनॉमिक रिफॉर्म्स रिड्यूस पावर्टी। ठीक है? ये कह रहा है कि सम रीज़ंस शोड पावर्टी रिडक्शन आफ्टर रिफॉर्म्स। इन्होंने यहां पर देखो वर्ड आपका यूज कर लिया है सम हम कि सम रीज़ंस में इन्होंने ये नहीं बोला कि इन एव्री रीजन जहां-जहां हमने ये पॉलिसी यहां पर इंट्रोड्यूस करी है इकोनमिक रिफॉर्म्स किए हैं वहां पर हो गया। ये कह रहे हैं कि सम रिफॉर्म सम रीज़ंस। राइट? तो यहां पर रिलेशन ये है कि S2 को रीइंफोर्स किया जा रहा है बट टू एन एक्सटेंट।
क्लियर? नेक्स्ट है आपका कोरोबोरेट करना। अब यह भी वर्ड काफी इंटरेस्टिंग है। यह आपका पूछा भी जा चुका है। कोबोरेट करना। कोबोरेट की मीनिंग क्या होती है? कोबोरेट का मीनिंग यह होती है कि S2 सपोर्ट करता है S1 को विद इंडिपेंडेंट एविडेंस। कुछ ना कुछ ये एविडेंस लेके आता है। ये आपका फ़क्चुअल कॉन्टेक्स्ट में कई बार पूछा जाता है। देखते हैं कि क्या है। एग्जांपल की मदद से समझो। ये है क्राइम इंक्रीज्ड दिस ईयर। ठीक है? सही बात है। क्राइम जो है वो इंक्रीज हुआ है दिस ईयर। फिर यह कहते हैं कि पुलिस रिकॉर्ड्स शो
हायर रिपोर्टेड केसेस। तो इन्होंने क्या किया? इन्होंने एक्चुअली यहां पर इस चीज को कोबोरेट कर दिया। कुछ यहां पर इंडिपेंडेंट एविडेंसेस दिखाए हैं। एविडेंस क्या है? वो आपकी पुलिस रिपोर्ट रिकॉर्ड्स हैं। है ना? रिकॉर्ड्स हैं। तो यहां पर आप कह सकते हो कि S2 जो है वो कोरबोरेट करती है S1 को। अब यहां पर एक और चीज है। कई लोगों को लग रहा होगा यार बहुत सी जो डेफिनेशन है मतलब यहां पर वर्ड्स जो हैं वो तो अलग-अलग हैं। डेफिनेशन यहां पर कहीं ना कहीं सेम जैसी लग रही हैं। लेकिन देखो यूपीएससी आपको इतना नहीं
सताएगा। ठीक है? तो इतना मत सोचो। आपको यहां पर बस ध्यान देना है कि इन वर्ड्स की मीनिंग क्या है। इनको समझने की कोशिश करो। और जहां पर माइन्यूट और सल डिफरेंसेस है ना वो मैं आपको अभी बता दूंगा। वो मैं आपको अलग से बताऊंगा। ठीक है? तो कंट्राडिक्ट और कंट्रास्ट में डिफरेंस क्या होता है वो सारी चीजें मैं आपको बताऊंगा अभी। सो डोंट वरी। नेक्स्ट है आपका सब्सटैंशिएट करना। किसी चीज को सब्सटेंशिएट कैसे करते हैं? सो इसकी मीनिंग ये होती है कि S2 प्रोवाइड करता है सॉलिड प्रूफ और स्ट्रांग एविडेंस फॉर S1। हम जैसे
के लिए S1 है। कहेगा कि एयर पोल्यूशन अफेक्ट्स लंग फंक्शन। लंग फंक्शन को यहां पर क्या करता है? अफेक्ट करता है। तो दूसरा यहां पर आएगा S2 आएगा मेडिकल स्टडीज़ शो रेड्यूस्ड लंग कैपेसिटी इन पोल्यूटेड एरियाज़। तो इसने यहां पर स्ट्रांग एविडेंस दिखाया है। स्ट्रांग प्रूफ दिखाया है। इसने सब्सटेंशिएट किया है। राइट? S1 को। क्लियर? चलो। नेक्स्ट है आपका वैलिडेट्स। वैलिडेट कैसे करते हैं? तो यहां पर S2 जो है कंफर्म करती है दैट S1 इज करेक्ट या फिर जस्टिफाइड। जैसे के लिए S1 में कहते हैं कि मेडिटेशन जो है रिड्यूस करता है स्ट्रेस को। दूसरा
कहता है कि एक्सपेरिमेंट्स शो लोअर स्ट्रेस हॉर्मोन लेवल्स आफ्टर मेडिटेशन। ये क्या कर रहा है? ये आपका वैलिडेट कर रहा है। S2 यहां पर वैलिडेट करता है S1 को। अफर्म्स। अफर्म करने की मीनिंग क्या होती है? अर्म करने की मीनिंग यह होती है कि आपका पॉजिटिवली असर्ट करते हैं एग्रीमेंट को विद S1। S2 कहता है कि हां सही बात है। तुम जो भी बोल रहे हो मैं उससे बहुत ही अच्छे तरीके से पॉजिटिव तरीके से एग्री करता हूं। S1 में यहां पर जो है बात की जाएगी कि ऑनेस्टी इज़ एसेंशियल इन लीडरशिप। तो S2 कहेगा
कि सोसाइटी रेस्पेक्ट्स लीडर्स हु आर ट्रांसपेरेंट एंड ट्रुथफुल। राइट? उसने अर्म कर दिया। उसने ऑनेस्टी का वर्ड जो है यूज़ किए बिना उसने कुछ और यूज़ किया और बताया कि कैसे एक्चुअली सोसाइटी जो है रेस्पेक्ट करता है लीडर्स को। हम तो उसने अर्म किया है। उसने पॉजिटिवली एग्री किया कि हां यार बात तो सही है। ऑनेस्टी एसेंशियल तो है लीडरशिप में और मैंने भी देखा है कि जो सोसाइटी है वो रेस्पेक्ट भी करती है लीडर्स को ऐसे। हम है ना? तो इस तरीके की बात की जाएगी। नेक्स्ट है आपका इंडोर्सेस। इंडोर्स करना। अब कई बार
इंडोर्स करना भी हो सकता है। इसका मतलब यह होता है कि यहां पर अप्रूव किया जाता है या फिर सपोर्ट किया जाता है S1 को ऑफन फॉर्मली। फॉर्मल तरीके से यहां पर अप्रूव किया जाता है या सपोर्ट किया जाता है। हम अब यहां पर मान लिया मंत्री जी आगे कहते हैं कि द पॉलिसी इज़ बेनिफिशियल। राइट? तो यहां पर दूसरे मंत्री उन्हीं की पार्टी से आएंगे एक्सपर्ट्स पब्लिकली सपोर्ट द पॉलिसी। देखो एक्सपर्ट जो है वो भी सपोर्ट कर रहे हैं। तो उन्होंने इंडोर्स किया इसको अप्रूव किया, सपोर्ट किया फॉर्मल तरीके से। तो इसे कहते हैं
इंडोर्स करना। नेक्स्ट है आपका रेटिफाई करना। रेटिफाई। रेटिफाई का यहां पर मीनिंग ये होती है कि S2 जो है वो फॉर्मली अप्रूव कर रही है या फिर कंफर्म कर रही है S1 को। एग्जांपल की मदद से समझो। S1 है द ट्रीटी वाज़ प्रपोज्ड। नेक्स्ट कहते हैं पार्लियामेंट ऑफिशियली अप्रूव्ड द ट्रीटी। हम है ना? इसको फॉर्मली अप्रूव कर दिया या कंफर्म कर दिया। तो इसे हम कहते हैं रटिफाई करना। तो इस तरीके से चीजें जो है वो रेटिफाई की जाती हैं। आपको पता है ये पॉलिसीज को रेटिफाई करना पड़ता है। हम है ना? नेक्स्ट वर्ड है
आपका विंडिकेट करना। सो विंडिकेट का मतलब क्या होता है? विंडिकेट। है ना? अब ये विंडिकेट नहीं होता है। यह विंडिकेट होता है। क्लियर? सो एक्चुअली इट प्रूव्स S1 करेक्ट आफ्टर डाउट और क्रिटिसिज्म। है ना? कुछ यहां पर डाउट या फिर क्रिटिसिज्म होता है। लेकिन उसके बाद यहां पर S1 को करेक्ट प्रूव कर दिया जाता है। जैसे मान लिया एक थ्योरी आती है। लेकिन उस पर लोगों को डाउट है। है ना? अब ये जो पहले हाइपोथेसिस आती है उस पर कहीं ना कहीं उसके क्योंकि यहां पर प्रमाण होते नहीं है। कोई भी प्रूफ होते नहीं। एविडेंसेस
नहीं होते हैं। हाइपोथेसिस है। लेकिन उसके यहां पर कुछ ना कुछ प्रूफ दिए जाते हैं। विंडिकेट कर दिया गया। जैसे के लिए द साइंटिस्ट्स थ्योरी वाज़ डाउटेड। फिर क्या है? लेटर एक्सपेरिमेंट्स प्रूव्ड द थ्योरी करेक्ट। है ना? बाद में उनकी थ्योरी को करेक्ट साबित कर दिया गया। मतलब S2 ने विंडिकेट कर दिया S1 को। क्लियर? फिर है अपहोल्ड। अपहोल्ड का मतलब क्या होता है? मेंटेन करना या सपोर्ट करना वैलिडिटी ऑफ़ S1। ये भी आप यहां पर जुडिशरी में कई बार सुनते होगे। क्या होता है? कोर्ट अपहल्ड द डिसीजन। है ना? इसकी जो सेकंड फॉर्म होती
है दैट इज़ अपेल्ड। तो कहते हैं कि कोर्ट ने यहां पर जो हायर कोर्ट है उसने लोअर्ड कोर्ट के डिसीजन को अपहल्ड किया। हम और उसका एग्जांपल हम यहां अलग तरीके से देखते हैं कि द कॉन्स्टिट्यूशन प्रोटेक्ट्स फंडामेंटल राइट्स। ठीक है? S2 कहता है द सुप्रीम कोर्ट डिफेंडेड सिटीजंस राइट्स इन इट्स जजमेंट। तो इन्होंने अपहोल्ड किया है S1 में जो भी बात बोली गई थी उस चीज को। क्लियर? चलो आगे दो और हैं इस सेक्शन में। नेक्स्ट कहता है इज कंसिस्टेंट विद कुछ चीजें होती हैं वह कंसिस्टेंट होती हैं। हम यह भी तो सपोर्ट करने
का ही एक तरीका हुआ ना कंसिस्टेंट हो आप। तो आप यहां पर कंट्राडिक्ट नहीं कर रहे हो S1 को और आप लॉजिकली एलाइन कर रहे हो उस चीज़ के साथ। जैसे के लिए कहते हैं कि शी स्टडीज हार्ड शी इज़ हार्ड वर्किंग। है ना? शी इज़ हार्ड वर्किंग। तो उनकी मम्मी आती हैं। वो कहती हैं कि हां शी स्टडीज़ सिक्स आवर्स डेली। है ना? उस चीज़ को यहां पर कंसिस्टेंटली बात कर दी उन्होंने। है ना? यहां पर कुछ मेहमान आए थे तो सोचा कि चलो बच्ची के बारे में हम ज्यादा इसकी बुराई नहीं करते हैं।
अच्छी-अच्छी बातें बोलते हैं। तो उन्होंने बोल दिया कि हां ये 6 घंटे पढ़ती है। हम सो यहां पर s2 इज कंसिस्टेंट विद s1 नेक्स्ट आपका है फुल्ली कंसिस्टेंट विद फुल्ली कंसिस्टेंट कैसे होता है? ये आपका एक आया था ना वर्ड जैसे यहां पर मीनिंग समझो कि परफेक्ट लॉजिक लॉजिकल एलाइनमेंट होता है विद s1। अब यहां पर आपका क्वेश्चन आया थास्ट रिक्वायर्स इयर्स ऑफ डेडिकेशन। राइट? S2 आया था 10,000 आवर्स ऑफ़ प्रैक्टिस आर रिक्वायर्ड। हम तो बाद में रिलेशन आपका ये निकला कि S2 जो है वो फुल्ली कंसिस्टेंट है S1 के साथ। यहां पर इयर्स ऑफ़
डेडिकेशन कह रहे हैं यहां पर 10,000 आवर्स कह रहे हैं। तो 10,000 आवर्स ऑब्वियसली यार यहां पर सालों में आपके 10,000 आवर्स जो हैं कंप्लीट होंगे। हम क्लियर? तो भाई इतनी सारी बातें हमने कर ली हैं। हम अब हम नेक्स्ट सेक्शन की बात करेंगे। सो नेक्स्ट आपका है सेक्शन दैट इज ऑफ डेवलपमेंट और एक्सपेंशन वर्ड्स का। यहां पर आपको एडिशन हो गया, ब्रॉडनिंग हो गया, क्लेरिफिकेशन और लिमिटेशन देखने को मिलती है। और यहां पर ऐसा होता है कि S2 का जो आईडिया है वो डेवलप हो जाता है कहीं ना कहीं S1 में ही। हम और
उसके बाद चीजें फॉरवर्ड होती हैं। यहां पर अपोज़िशन डेफिनेटली नहीं होता S1 का। और यहां पर एक्चुअली आईडिया को या तो फॉरवर्ड ले जाया जाता है या फिर उसको ब्रॉडन किया जाता है या फिर उसी चीज में कुछ ना कुछ डिटेल्स ऐड कर दी जाती हैं या फिर उस चीज को रिफाइन कर दिया जाता है। क्लियर? चलो तो इनसे रिलेटेड जो भी वर्ड्स हैं इनको देखते हैं। क्या है? पहला आपका आता है एक्सटेंड्स एंड एक्सपेंड्स। हम सो एक्सटेंड्स क्या होता है? एक्सटेंड्स का मतलब यह होता है कि मूव्स द आईडिया इन S1 फॉरवर्ड टू द
नेक्स्ट स्टेज। तो स्टेज समझो। ये आपकी पहली स्टेज है। ये स्टेज टू है। ये स्टेज थ्री है। मान लिया S1 ने स्टेज टू तक काम कर दिया। तो S3 जो है ठीक है? ये मान लिया S1 का काम था। तो ये काम होगा S2 का कि आगे लेके जाना। राइट? तो यहां पर फॉरवर्ड प्रोग्रेशन देखने को मिलेगी। जैसे के लिए बात करते हैं कि एजुकेशन इंप्रूव्स एंप्लॉयमेंट प्रॉस्पेक्ट्स। ठीक है? तो दूसरा आगे कहता है कि हायर एजुकेशन फर्दर इंक्रीसेस अर्निंग पोटेंशियल। है ना? उसी चीज को फर्दर और एक्सटेंड कर दिया गया। तो S2 यहां पर
एक्सटेंड कर रहा है S1 को और एक्सपेंड की मीनिंग यहां पर समझ लो क्या होती है? ये एक्चुअली ब्रॉडन करता है स्कोप को ऑफ S1 टू इंक्लूड मोर एस्पेक्ट्स। यहां पर वाइडर कवरेज की बात होती है। पहले इन्होंने बोला द आर्टिकल डिस्कसेस पावर्टी। फिर यह कह रहे हैं कि इट आल्सो डिस्कसेस अनइंप्लॉयमेंट एंड इनकलिटी। तो इसने पहले तो पावर्टी की बात करी लेकिन यहां पर यह अनइंप्लॉयमेंट की भी बात कर रहा है और इनकलिटी की भी बात कर रहा है। मान लिया पावर्टी में ही और डीप में चला जाता तो हम कहते कि यह एक्सटेंड
कर रहा था। लेकिन इसने और अलग-अलग डायमेंशंस को इंक्लूड कर लिया है। इसका मतलब अनइंप्लॉयमेंट और यहां पर इनकलिटी की भी बात कर ली है। तो इसका मतलब एक्सपेंड किया है। क्लियर? चलो आगे बढ़ते हैं। नेक्स्ट है आपका इबोरेट करना। इबोरेट कैसे करते हैं? इबोरेट करने का मतलब है कि ऐड्स मोर डिटेल्स टू एक्सप्लेन S1। S1 को एक्सप्लेन करने के लिए हम थोड़ी सी और डिटेल्स यूज़ करते हैं। सिंपल सा कांसेप्ट ये होता है कि आपके सामने एक टीचर है जिससे आप एक कांसेप्ट पढ़ रहे हो। वो आपको समझ नहीं आया तो वो क्या करेगा?
टीचर और ज्यादा उसको इबोरेट करेगा। दूसरे एग्जांपल्स लेगा, कुछ और चीजें ऐड करेगा। राइट? सो डिटेल्स वहां पर ऐड की जाती हैं। जैसे के लिए पहले स्टेटमेंट में में बोला जाता है क्लाइमेट चेंज अफेक्ट्स वेदर पैटर्न्स। हम दूसरे में कहते हैं कि इट लीड्स टू फ्लड्स, ड्राउट्स एंड हीट वेव्स। सिंपल सी बात है। यहां पर इन्होंने वेदर पैटर्न की बात करी है। लेकिन वेदर पैटर्न कौन से हैं? आखिर है ना? इन चीजों को इैबोरेट करके बात की गई है। सो S2 यहां पर इबोरेट करता है S1 को। नेक्स्ट है आपका एक्सप्लिकेट और ये आपका एक्सप्लिकेट
क्या होता है? सो मीनिंग हम देखते हैं कि एक्सप्लेन द मीनिंग ऑफ S1 क्लियरली एंड डायरेक्टली। मतलब आपकी S1 मान लिया समझ में नहीं आया। अब उसको और ज्यादा यहां पर एक्सप्लेन किया जाएगा। है ना? क्लेरिफिकेशन है कांसेप्ट का। एक कांसेप्ट है उसका और ज्यादा क्लेरिफिकेशन देखने को मिलता है। S1 कहता है कि जस्टिस मस्ट बी इंपार्शियल। अब छोटा सा बच्चा है। मान लिया ये एनसीआरटी में लाइन लिखी हुई थी। सिक्स्थ क्लास का बच्चा है। पॉलिटी की बुक पढ़ रहा था। टीचर कहेगा टीचर ये लाइन बोलेगा जस्टिस मस्ट बी इंपार्शियल। तो बच्चा बोलेगा ये सब
क्या होता है? समझाओ जरा। तो यहां पर ये टीचर बोलेगा कि इंपार्शियलिटी मींस ट्रीटिंग ऑल इंडिविजुअल्स इक्वली अंडर लॉ। अब बच्चा समझ जाएगा। तो यहां पर हमने देखा कि S2 ने एक्सप्लिकेट कर दिया S1 को। नेक्स्ट नेक्स्ट है एंपलीफाई करना। एंपलीफाई का मतलब क्या होता है? एमंप्लीफाईफाई का मतलब होता है इंटेंसिफाई कर देना या फिर स्ट्रेंथन कर देना इंपैक्ट को ऑफ S1. S1 का जो भी इंपैक्ट है ना उसको आपने इंटेंसिफाई कर दिया या स्ट्रेंथन कर दिया। मतलब आपने कुछ ना कुछ फोर्स यहां पर ऐड कर दी या फिर एफेसिस जो है ऐड कर दी।
सो S1 कहता है कि मीडिया रिपोर्ट्स प्रोटेस्ट्स राइट? मीडिया रिपोर्ट जो है वो प्रोटेस्ट करती हैं। फिर S2 कहता है कंटीन्यूअस कवरेज इंक्रीसेस पब्लिक आउटरेज हम एंपलीफाई कर दिया गया। मतलब अगर ये सब होता ही रहता है तो फिर ये आपका पब्लिक आउटरेज निकल के आएगा। राइट? तो S2 जो है एंपलीफाई करता है S1 को। नेक्स्ट है आपका ऑर्गुमेंट करना। अब ये ऑर्गुमेंट नहीं है। ये आपका ऑर्गमेंट है। ऑर्गमेंट का मतलब क्या होता है? इसका मतलब होता है कि ऐड्स समथिंग एक्स्ट्रा टू स्ट्रेंथन और एनहांस। अब यहां पर भी कुछ ना कुछ मतलब कई बार
आप देखते हो कि स्ट्रेंथन किया जाता है। एनहांस किया जाता है। लेकिन एनहांस या फिर स्ट्रेंथन करने के लिए आपने कुछ एक्स्ट्रा ऐड कर दिया है। सो एडिशन बेस्ड डेवलपमेंट होता है। कैसा? एडिशन बेस्ड। एग्जांपल है हमारे सामने द कंपनी इंक्रीज्ड सैलरीज़। हम लेकिन S2 में बात करते हैं कि इट आल्सो इंट्रोड्यूस्ड परफॉर्मेंस बोनसेस हम सो पहले में कहते हैं द कंपनी इंक्रीज्ड सैलरीज़ लेकिन दूसरे में कहते हैं कि इट इन इंट्रोड्यूस्ड परफॉर्मेंस बोनसेस क्लियर। सो रिलेशन आपका निकल के आ जाएगा कि S2 यहां पर ऑर्गुममेंट करता है S1 को। राइट? स्ट्रेंथन कर रहा है।
किसी और चीज से ऐड किया गया है। नेक्स्ट है आपका बिल्ड्स अपॉन। बिल्ड्स अपॉन क्या होता है? ये आपका ये होता है कि S1 जो है S2 जो है आपका वो डेवलप करेगा S1 को फर्दर यूजिंग इट एज अ फाउंडेशन। मतलब ये कहेगा कि ठीक है मैं एक्चुअली आगे बढ़ना चाहता हूं। तो मेरे यहां पर तुम बेस बन जाओ। है ना? इसको बेस बनाएंगे। फिर ये आगे बढ़ेगा। क्लियर? इस तरीके से बात होगी। जैसे के लिए न्यूटन प्रपोज करते हैं लॉज़ ऑफ़ मोशन। फिर आइंस्टाइन जो हैं वो डेवलप करते हैं फर्दर थ्योरीज़ ऑफ़ रिलेटिविटी। और
कहीं ना कहीं वो यहां से क्या करते हैं? प्रोग्रेसिव डेवलपमेंट की यहां पर बात होती है। है ना? ये भी देखने को मिलता है। सो S2 जो है बिल्ड्स अपॉन S1. S2 एक्चुअली बना हुआ है। टिका हुआ है S1 पर। नेक्स्ट है एडवांसेस। एडवांसेस का मतलब क्या होता है? पुशेस द ऑगमेंट और आइडिया इन S1 फॉरवर्ड। कैसे? एग्जांपल समझो। द डिबेट फोकस्ड ऑन एजुकेशन रिफॉर्म। ठीक है? डिबेट जो है एजुकेशन रिफॉर्म पर फोकस कर रही है। और मिनिस्टर ने प्रपोज कर दिया एक न्यू पॉलिसी मेजर को। है ना? तो S2 जो है वो एडवांस कर
रही है S1 को। मतलब यहां पर डिबेट अगर नहीं होती तो मिनिस्टर जो है न्यू एजुकेशन पॉलिसी नहीं लेके आते लेकिन वो हुई और उसी की वजह से इन्होंने ऐसा काम किया। नेक्स्ट है आपका डेवलप्स। डेवलप का मतलब क्या होता है? डेवलप का मतलब है कि ग्रेजुअली एक्सपेंड करना और एक्सप्लेन करना S1 को इन मोर डेप्थ। ज्यादा डेप्थ में इस चीज को एक्सप्लेन करना या एक्सपेंड करना इसे कहते हैं डेवलप करना। राइट? S1 देखें। द एस्स इंट्रोड्यूसेस डेमोक्रेसी। सही बात है। ऐसे जो है वह डेमोक्रेसी को इंट्रोड्यूस करती है। दूसरा H2 कहता है इट एक्सप्लेंस
इट्स फीचर्स, चैलेंजेस और इवोल्यूशन। है ना? तो यहां पर हम देखते हैं कि डेवलप की जा रही चीजें मतलब ग्रेजुअली एक्सपेंड करी जा रही हैं या फिर एक्सप्लेन की जा रही हैं और ज्यादा डीप में। तो ये कह रहे हैं कि ऐसे जो है इंट्रोड डेमोक्रेसी को इंट्रोड्यूस करता है। तो कहते हैं कि कैसे इंट्रोड्यूस करता है? क्योंकि यह यहां पर फीचर्स बताता है, चैलेंजेस बताता है, इवोल्यूशन बताता है। तो इस तरीके से S2 डेवलप करता है S1 को। नेक्स्ट है क्लेरिफाई करना। क्लेरिफाई करना। आप समझते हो यहां पर एक यहां पर नेताजी हैं। उन्होंने
एक स्टेटमेंट दे दी। उल्टी सीधी थी। ठीक है? तो आके वहां पर वो क्लेरिफिकेशन दे रहे हैं। क्लेरिफाई कर रहे हैं। हम है ना? तो, यह भी चीज हो सकती है। सो, मेक्स द आईडिया इन S1 क्लियरर और ईज़ियर टू अंडरस्टैंड। हम्। कहते हैं कि मेरी बात को मिसअंडरस्टुड किया गया है। आई वुड लाइक टु मेक यू अंडरस्टैंड। हम् और क्लियर करना चाहूंगा। मैं अपनी बात को क्लियर कर दूं। हम् आपने देखा होगा गलगोटिया यूनिवर्सिटी। हम सो आपका एस एस वन आता है। द रूल इज़ कॉम्प्लेक्स। है ना? ये कहते हैं कि द रूल इज़
कॉम्प्लेक्स। तो टीचर यहां पर फिर होता है कि टीचर एक्सप्लेन इट बाय स्टेप बाय स्टेप। है ना? क्लेरिफाई कर रहा है। सो क्लेरिफाई कर रहा है। S2 है वो क्लेरिफाई कर रहा है S1 को। क्लियर? चलो। नेक्स्ट है आपका 11th क्वालीफाई क्वालीफाई करना। क्वालीफाई करने का मतलब है कि ऐड्स अ कंडीशन और लिमिटेशन टू s1। अब क्वालीफाई करना। मान लिया आपको बोला जाए कि आपने सीडीएस एग्जाम या एनडीए एग्जाम क्लेरिफाई क्वालीफाई करना है तो क्वालीफाई करने के लिए आपके ऊपर एक कंडीशन लगा दी जाएगी ना। कंडीशन वो है वो ये है कि आपको ये वाला
पर्टिकुलर एग्जाम है। इसको क्लियर करना है। ये आपके ऊपर लिमिटेशन या फिर कंडीशन है। है ना? और यहीं से आप क्वालीफाई कर जाओगे। सो यही है आपका सीडीएस में हम। सो S1 देखें हार्ड वर्क लीड्स टू सक्सेस। ठीक है? सही बात है। पर ये कह रहे हैं कि प्रोवाइडेड अपॉर्चुनिटीज़ आर अवेलेबल। अगर लेकिन देखो हार्ड वर्क जो है वो सक्सेस की तरफ लेके जाता है। लेकिन बशर्ते शर्त ये है कि अपॉर्चुनिटीज़ भी अवेलेबल हो। हम अब मान लिया एक इंसान है। ठीक है? सेम मतलब मेहनती इंसान है। यह मान लिया रवांडा में पैदा हो जाता
है। ठीक है? यह रवांडा में और दूसरा मान लिया यूएस में पैदा होता है। सेम एबिलिटीज़ हैं। सेम हार्ड वर्क करने की इनके अंदर जो है कैपेबिलिटीज़ हैं। लेकिन यहां पर अपॉर्चुनिटीज़ नहीं है। यहां पर ज्यादा हैं। है ना? तो यहां पर ये वाला सक्सेस पा जाएगा। सो यहां पर इस सेंटेंस की बात करें तो S2 जो है वो क्वालीफाई करेगा S1 को। नेक्स्ट है आपका मॉडिफाई करना। मॉडिफाई करने का मतलब क्या होता है? स्लाइटली चेंजेस। है ना? कुछ यहां पर क्या करता है? S2 यहां पर चेंज करता है। मॉडिफाई कर रहा है ना? आपने
यहां पर कोई बाइक खरीदी, बाइक्स आप देखते हो, कार्स होती हैं, उनको मॉडिफाई कराया जाता है। तो, यहां पर एडजस्ट करने का करने की कोशिश की जाती है। मीनिंग ऑफ़ S1 यहां पर कहते हैं कि ऑल स्टूडेंट्स मस्ट अटेंड द सेमिनार। कहते हैं। ठीक है? सही बात है। फिर ये कहते हैं कि एक्सेप्ट दोज़ विद मेडिकल एग्ेंपशनंस। हम तो यहां पर इस चीज को मॉडिफाई कर दिया उस स्टेटमेंट को। राइट? कुछ ना कुछ यहां पर लिमिट्स लगा दी। चलो नेक्स्ट दो और हैं इस पर्टिकुलर सेक्शन में दैट इज रिफाइन। रिफाइन का मतलब क्या होता है?
इसका मतलब यह है कि मेक्स s1 मोर प्रिसाइज और स्पेसिफिक काफी ज्यादा प्रिसाइज और स्पेसिफिक बना दिया गया है। S1 जो है यहां पर कहते हैं कि फ्रीडम इज़ एसेंशियल। हां, फ्रीडम जो है बहुत जरूरी है। फिर यह कहते हैं कि रिस्पांसिबल फ्रीडम इंश्योरर्स सोशल हार्मोनी। तो रिफाइन कर दिया अपनी ही स्टेटमेंट स्टेटमेंट को। यह कहते हैं कि फ्रीडम जो है एसेंशियल है। लेकिन यहां पर यह वाली बात जो है अप्लाई होनी चाहिए। तो इन्होंने रिफाइन कर दी अपनी ही स्टेटमेंट को। नेक्स्ट है सप्लीमेंट करना। सप्लीमेंट करने का मतलब क्या होता है? कि ऐड्स एक्स्ट्रा
इंफॉर्मेशन टू सपोर्ट S1। S1 को एक्स्ट्रा मतलब सपोर्ट करने के लिए एक्स्ट्रा इंफॉर्मेशन दी जाती है। सो यहां पर S1 में अगर हम कहते हैं कि एक्सरसाइज इंप्रूव्स फिटनेस सही बात है। फिर ये कहते हैं कि S2 में अ बैलेंस्ड डाइट आल्सो एनहांसेस रिजल्ट्स। क्लियर? तो एक एक्स्ट्रा इनेशन दी गई है कि एक्सरसाइज से रिलेटेड या फिटनेस से रिलेटेड। सो S2 यहां पर सप्लीमेंट करता है S1 को। अब हम नेक्स्ट सेक्शन की बात करेंगे। दैट इज़ रिलेटेड टू कॉज़ इफेक्ट वर्ड्स। ये आपके कॉज़ इफ़ेक्ट वर्ड्स हैं। यहां पर हमें रिजल्ट देखने को मिलेगा, रीज़ देखने
को मिलेगा और लॉजिकल फ्लो देखने को मिलेगा। क्लियर? सो दीज़ वर्ड्स इंडिकेट दैट S2 इज़ आइदर रिजल्ट्स फ्रॉम S1 या फिर कॉज़ कर रहा है S1 को। मतलब कि S1 इसकी वजह से आ रहा है। इसीलिए हमारा एक ऑप्शन में आया था प्रिक्सर। राइट? याद है? मैन हंट वाला एक क्वेश्चन आया था। वो भी अभी हम डिस्कस करेंगे। फिर यहां पर आता है एक्सप्लेन S1 S1 को एक्सप्लेन कर रहा है या फिर प्रोवाइड्स द बेसिस फॉर S1 या फिर कम्स बिफोर S1 एज़ अ कॉज़ हम इसे ही हम प्रिक्सर बोलते हैं। अभी हम डिटेल में
देखेंगे सारी चीजें। तो पहले हम यहां पर कुछ यहां पर ऑप्शंस जो आपके पॉसिबल ऑप्शंस हो सकते हैं उनकी बात कर लें। तो पहला आपका पॉसिबल ऑप्शन बन सकता है इज़ अ लॉजिकल कॉन्सिक्वेंस ऑफ़ ये क्या है? मतलब हम कह सकते हैं कि S2 इज अ क्लॉजिकल कॉन्सक्वेंस ऑफ S1 ऐसा बोल सकते हैं। यह कब होगा? जब यहां पर S2 नेचुरली फॉलो करे S1 को। कैसे कर सकता है? देखो जरा। ही स्टडीड सिंसियरली फॉर मंथ्स। ही क्लियर्ड द एग्जामिनेशन। ये आपका लॉजिकल कॉन्सक्वेंस है। अगर कोई सिंसियरली पढ़ेगा महीनों तक, तो ऑब्वियस सी बात है वो
एग्जाम को क्लियर कर लेगा। सो S2 इज अ लॉजिकल कॉन्सिक्वेंस ऑफ S1. नेक्स्ट है आपका फॉलोज़ फ्रॉम। फॉलोज़ फ्रॉम का मतलब क्या होता है? कि S2 लॉजिकली अराइज़ेज़ फ्रॉम S1। S1 यहां पर बैठा था और इसी से क्या होता है कि S2 का जन्म होता है। हम कैसे? S1 है आपका द कंपनी रिड्यूस्ड प्रोडक्शन। क्लियर बात है? तो यहां पर कहते हैं कि S2 जो है उसके प्रॉफिट जो है डिक्लाइन कर गए। तो यह फॉलो कर रहा है उस चीज को। S2 जो है फॉलो कर रहा है S1 को। हम सिंपल बात है। चलो आगे
बढ़ते हैं। नेक्स्ट है आपका रिजल्ट्स फ्रॉम रिजल्ट्स फ्रॉम। तो इसका मतलब क्या होता है? S2 इज़ द इफेक्ट ऑफ S1 अगर S1 ना हुआ होता तो S2 होता ही ना। हम S1 अगर है कहता है कि हैवी रेनफॉल अकर्ड एंड फ्लडिंग वाज़ रिपोर्टेड। तो S1 में अगर हमारे सामने हैवी रेनफॉल ना हुई होती तो क्या फ्लडिंग होती? नहीं होती। तो S2 रिजल्ट्स फ्रॉम S1। नेक्स्ट है लीड्स टू। सो इसकी मीनिंग ये होती है कि S1 कॉजज़ S2। S1 कहता है कि पॉल्यूशन लेवल्स इंक्रीज्ड। तो यहां पर कहते हैं कि रेस्पिरेटरी डिजीज जो है वो भी
बढ़ गई हैं। हम तो हम कहते हैं कि S1 लीड्स टू S1 S2 राइट? S1 जो है वो एक्चुअली लीड कर रहा है S2 की तरफ। रेस्पिरेटरी डिजीजसेस जो है वो बढ़ रही हैं बिकॉज़ ऑफ द पोल्यूशन लेवल। क्यों? अब देखो इस टाइप के मैं यहां पर अगर ये मीनिंग्स समझा रहा हूं तो इसका मतलब ये मत समझना कि इनके बीच में भी डिफरेंसेस समझने की बहुत जरूरत है। क्योंकि अगर रिजल्ट्स फ्रॉम दे सकता है तो हो सकता है लीड्स टू ना दे। ठीक है? तो इतना यूपीएससी मतलब मैं कहूंगा आपको कि बेवकूफ नहीं है
कि आपको इतने ज्यादा कंफ्यूजिंग ऑप्शंस दे दे क्योंकि इनकी मीनिंग कहीं ना कहीं सेम है। ये मैं समझा इसलिए रहा हूं क्योंकि ये कहीं ना कहीं इनकी मीनिंग आपको पता होनी जरूरी है। राइट? इस तरीके का कुछ आ गया तो। अदरवाइज यहां पर इनमें ज्यादा कंफ्यूज होने की जरूरत नहीं है। ठीक है? बस कॉमन तरीके से कॉमन सेंस के साथ में इन चीजों को समझना है। दैट्स इट। नेक्स्ट है स्टेम्स फ्रॉम। अब स्टेम्स फ्रॉम हो सकता है यहां पर लैंग्वेज बदल दें। रिजल्ट्स फ्रॉम की जगह पर स्टेम्स फ्रॉम बोल दें। तो S2 जो है वो
ओरिजनेट होता है S1 से। मतलब यहां पर सोशल अनरेस्ट जो है ग्रो कर रही है। इट स्टेम्ड फ्रॉम इकोनॉमिक इनकलिटी। तो हम कहते हैं इन इन ये जो इकोनॉमिक इनकलिटी है उसकी वजह से सोशल अनरेस्ट आ रहा है। सो रिलेशन आपका होगा कि S2 स्टेम्स फ्रॉम S1। नेक्स्ट है आपका अराइज़ फ्रॉम। अराइज़ेस फ्रॉम का मतलब यह होता है कि S2 डेवलप्स एज अ रिजल्ट ऑफ S1। S1 का जो रिजल्ट है उसी से एक्चुअली हमारा ये है S2 निकलता है। जैसे के लिए S1 है देयर वाज़ अ पैक ऑफ ट्रांसपेरेंसी। नेक्स्ट है पब्लिक डिस्ट्रस्ट अ रोज़।
तो एक लैक ऑफ था। राइट? यहां पर लैक था। यहां पर पैक नहीं है। आई एम सो सॉरी। शायद यहां पर मेरा कंसंट्रेशन थोड़ा सा लूज हो रहा है। मैं थोड़ी देर में ब्रेक लूंगा। ठीक है? उसके बाद कंटिन्यू करूंगा। फिलहाल इसे खत्म कर देते हैं इस वाले सेक्शन को। सो देयर वाज़ अ लैक ऑफ ट्रांसपेरेंसी और पब्लिक डिस्ट्रस्ट जो है वो बढ़ जाता है। सो s2 जो है अराइज़ेस फ्रॉम S1। लैक ऑफ ट्रांसपेरेंसी होती है। इसी की वजह से पब्लिक जो है उसके बीच में डिस्ट्रस्ट काफी ज्यादा बढ़ जाता है। सो नेक्स्ट बात करते
हैं इज कंटिंजेंट अपॉन की। इसमें क्या है? इसमें देखो S2 जो है वो डिपेंड करता है S1 पर। कैसे? S1 की बात करें तो ये कहता है कि सक्सेस रिक्वायर्स प्रिपरेशन। S2 कहता है कि अचीवमेंट इज़ कंटिंजेंट अपॉन एफर्ट। तो मतलब हम कहते हैं कि आपकी जो भी सक्सेस या फिर अचीवमेंट की आप बात कर रहे हो ना वो एक्चुअली डिपेंड करता है एफर्ट्स पर। तो आपने S2 को कंटिंजेंट अपॉन कर दिया S1 पर। क्लियर? नेक्स्ट है इज़ प्रेडिकेटेड अपॉन इज़ प्रेडिकेटेड अपॉन। अब इसका मतलब क्या होता है? इसका मतलब ये है कि S2 इज़
बेस्ड ऑन S1 एज इट्स फाउंडेशन। क्लियर? मतलब यहां पर S1 इस तरीके से है कि S1 ही फाउंडेशन है S2 का। ठीक है? एग्जांपल के लिए डेमोक्रेसी फंक्शनंस इफेक्टिवली। दूसरा कहता है कि इट इज़ प्रेडिकेटेड अपॉन रूल ऑफ लॉ। मतलब कि अगर डेमोक्रेसी को फंक्शन करवाना है इफेक्टिवली तो उसके लिए भी कुछ चीजों की जरूरत है। दैट इज़ रूल ऑफ लॉ। सो S2 इज प्रेडिकेटेड अपॉन S1। नेक्स्ट नेक्स्ट है आपका इज ग्राउंडेड इन। इसका मतलब क्या होता है? इसका मतलब यह है कि S1 हैज़ इट्स बेसिस इन S1। एग्जांपल की मदद से समझें। हिज़ आर्गुमेंट
इज़ स्ट्रांग। क्लियर बात है। S2 कहता है कि इट इज़ ग्राउंडेड इन रिलायबल डेटा। इट इज़ ग्राउंडेड इन रिलायबल डेटा। मतलब कि आपका जो आर्गुमेंट है जो स्ट्रांग है, लेकिन वो आपके रिलायबल डेटा से ही पता चलेगा। राइट? तो आपका ये ग्राउंडेड अपॉन होता है। ग्राउंडेड इन होता है। नेक्स्ट आपका गिव्स राइज़ टू। अब ये गिव्स राइज़ टू क्या होता है? यहां पर S1 प्रोड्यूस करता है S1 S2 को। इंडस्ट्रियलाइजेशन इंक्रीज़्ड। नेक्स्ट कहते हैं कि अर्बनाइजेशन फॉललोड। सो यहां पर राइज़ मिल रहा है S1 यहां पर गिव्स राइज़ टू S2। नेक्स्ट अब कुछ और हैं।
उनको देख लेते हैं जल्दी से। उसके बाद हम अपने क्वेश्चंस करते हैं। नेक्स्ट है आपका प्रेसिपिटेट। प्रेसिपिटेट का मतलब क्या होता है? S1 सडनली कॉज कर देता है S1 S2 को। मतलब यहां पर S1 आपका निकल के आता है गवर्नमेंट इंक्रीज्ड टैक्सेस शार्पली और उसके बाद अचानक से यहां पर प्रोटेस्ट जो है वो इरप्ट हो जाते हैं। निकल के आ जाते हैं प्रोटेस्ट्स। सो S1 प्रेसिपिटेट कर रहा है S2 को। नेक्स्ट है इज़ अ प्रिक्सर्स टू। ये आपका एग्जांपल आ भी चुका है। तो यहां पर हम देखते हैं कि S2 जो है हैपेंस बिफोर S1
एंड कॉजेज़ इट। मतलब कि नेशन वाइड प्रोटेस्ट अकरर्ड। लेकिन यह प्रोटेस्ट क्यों आया? पब्लिक एंगर हैड बीन राइजिंग फॉर वीक्स। सो पब्लिक एंगर पहले आएगा, प्रोटेस्ट बाद में आएगा। राइट? सो आपका S2 जो है वो प्रिक्सर है टू S1। चलो नेक्स्ट। नेक्स्ट है प्रोवाइड्स अ रीज़न फॉर इसका मतलब क्या हो गया? S2 एक्सप्लेन करता है व्हाई S1 इज़ ट्रू? S1 आखिर क्यों सही है? हम सो एग्जांपल हम देखते हैं। द कॉन्स्टिट्यूशन इज कंसीडर्ड ग्रेट। सही बात है। क्यों आखिर ग्रेट माना जाता है? तो इसके पीछे कुछ रीज़न होगा ना। रीज़न ये है एक्चुअली इट प्रोवाइड्स
अ रीज़ कि इट प्रोटेक्ट्स फंडामेंटल राइट्स। इसलिए रीज़ आपका जो है कॉन्स्टिट्यूशन ग्रेट है। राइट? तो आप कह सकते हो कि S2 प्रोवाइड्स अ रीज़ फॉर S1। फिर है प्रोवाइड्स द बेसिस फॉर। प्रोवाइड्स द बेसिस फॉर मतलब S2 फॉर्म कर रहा है फाउंडेशन को ऑफ S1। एग्जांपल की मदद से समझे। S1 कहता है जुडिशियल रिव्यू इज एसेंशियल। सही बात है। नेक्स्ट कहते हैं कि इट सेफगार्ड्स कॉन्स्टिट्यूशनल सुप्रीमसी। है ना? तो S2 जो है वो बेसिस प्रोवाइड करता है S1 के लिए। नेक्स्ट है आपका अकाउंट्स फॉर। अकाउंट्स फॉर का मतलब क्या हो गया? S2 एक्सप्लेन कर
रहा है द कॉज़ बिहाइंड S1. S1 के पीछे का रीज़न आखिर है क्या? क्यों ऐसी बात बोली गई है? कह रहे हैं कि इनफ्लेशन जो है इंक्रीस कर गई। तो कह रहे हैं इनफ्लेशन क्यों इंक्रीस करी है? राइजिंग फ्यूल प्राइसेस अकाउंट फॉर द इंक्रीस। सो राइजिंग फ्यूल प्राइस है जिनकी वजह से हमने देखा कि इनफ्लेशन इंक्रीस करी है। सो s2 अकाउंट्स फॉर s1। ये सारी चीजें हमने यहां तक सीखी। अब हम आगे देखते हैं। कहीं पर ना कुछ ऐसा होता है कि रेपीटीशन देखने को मिलती है। रिफ्रेज किया जाता है या फिर रीस्टेटमेंट होती है।
एक ही आईडिया को ना डिफरेंट वर्ड्स में एक्सप्रेस किया जाता है। पहले मैंने बोला कि मुझे दाल चावल बहुत पसंद है। फिर मैं कहता हूं कि दाल चावल मुझे इतना पसंद है कि मैंने कुछ और चीजें थी। उन्होंने मैंने छोड़ दिया था। तो ऐसा करके मैं उसी चीज को दूसरे वर्ड्स में बोलने की कोशिश कर रहा हूं। सो दीज़ वर्ड्स इंडिकेट दैट S2 एक्सप्रेससेस एसेंशियली द सेम आईडिया एज S1 पहली बात बट इन डिफरेंट फॉर्म दूसरी फॉर्म में है ना मतलब कि वही है मुकेश खन्ना ही है लेकिन यहां पर शक्तिमान बन के आए और
कहीं-कहीं पर ये गंगाधर बन के आते हैं। राइट? यहां पर कोई मेजर आर्गुमेंट ऐड नहीं किया जाता। कोई भी अपोजिशन हमें देखने को नहीं मिलता। चलो इनके जो वर्ड्स हैं वो देख लेते हैं। अब इसके बाद एक दो सेक्शन और आपके बचे हैं। उसके बाद हम शुरू करते हैं अपने क्वेश्चंस। हम तो यहां पर पहली बात है कि रीएटरेट्स। रीटरेट्स की मीनिंग क्या होती है? इसका मतलब ये होता है कि रिपीट करना सेम आईडिया को डिफरेंट वर्ड्स में। एग्जांपल है एजुकेशन एमावर्स इंडिविजुअल्स। ठीक है? S2 में कह रहे हैं कि लर्निंग गिव्स पीपल कंट्रोल ओवर
देयर लाइव्स। तो यह भी तो वही हुआ कि एमावर करना लेकिन उसको अलग तरीके से बोल दिया गया। तो यहां पर S2 जो है वो रिट्रेट करती है S1 को। नेक्स्ट है रिस्टेट करना। रीस्टेट करने का मतलब क्या होता है कि एक्सप्रेससेस द सेम थॉट मोर क्लियरली और डिफरेंटली। अगेन आपका सेम चीज है लगभग। S2 जो है S1 जो है वो कहता है कि टाइम इज़ वैल्यूुएबल। हां, आप सबको पता है कि टाइम इज़ डेफिनेटली वैल्यूुएबल। तो S2 में कहता है कि टाइम वंस लॉस्ट कैन नॉट बी रिगेंड। इसलिए काफी ज्यादा वैल्यूुएबल है। सो S2
जो है रिस्टेट करता है S1 को। फिर से वही बात बोलता है हम थोड़ा और क्लियर तरीके से। नेक्स्ट है री असर्ट करना। रिअसर्ट करने का मतलब क्या है? तो यहां पर जो आपका S2 है स्टेट्स द सेम आईडिया अगेन विद एम्फेसिस। थोड़ा सा एमफेसिस दिया जाता है और सेम आईडिया को फिर से प्रेजेंट किया जाता है। कैसे? पहले बोलते हैं कि डिसिप्लिन इज़ एसेंशियल फॉर सक्सेस। ठीक है? हम समझ गए कि डिसिप्लिन जो है बहुत जरूरी चीज है सक्सेस के लिए। फिर कहते हैं कि विदाउट डिसिप्लिन सक्सेस इज़ इंपॉसिबल। मतलब पहली वाली बात को
इन्होंने रिअसर्ट कर दिया है। नेक्स्ट है आपका इकोस। इको करना। अब इको आपने फिजिक्स में पढ़ा होगा साउंड वाले चैप्टर में। कोई चीज इको करती है। मतलब सेम चीज हमें फिर से सुनाई देती है। सो इट एक्चुअली रिफ्लेक्ट्स और रिपीट्स द सेंट्रल आइडिया इनडायरेक्टली। है ना? इनडायरेक्टली उसी आईडिया को फिर से रिफ्लेक्ट करते हैं या फिर रिपीट करते हैं। जैसे के लिए S1 में बोलते हैं यूनिटी इज़ स्ट्रेंथ। सही बात है। दूसरे कहते हैं कि टुगेदर पीपल आर मोर पावरफुल। मतलब कि उसी चीज की बात की गई है लेकिन थोड़ा सा इनडायरेक्टली बात की गई
है। तो S2 एक्चुअली इको करता है S1 को। उसी चीज को रिफ्लेक्ट करता है या रिपीट करता है। नेक्स्ट नेक्स्ट आपका हो सकता है पैरेलल्स। अब ये पैरेलल आपका केवल नाउन ही नहीं होता। मतलब एडजेक्टिव ही नहीं होता। आपका वर्ब भी हो सकता है। पैरेलल्स मतलब क्या है? रंस अलोंग द सेम लाइन ऑफ़ थॉट एज S1। राइट? ये जैसे आगे-आगे चल रहा है। ये भी साथ-साथ में चल रहा है। जैसे कि यहां पर हम बात करते हैं कि एंशिएंट एक्सपायर्स एक्सपेंडेड रैपिडली। सही बात है। दूसरे में कह रहे हैं कि मॉडर्न कॉरपोरेशंस ग्रो एग्रेसिवली अक्रॉस
मार्केट्स। तो सेम चीज़ लगभग यहां पर हमने एंशिएंट एंपायर्स की बात करी। यहां पर हमने मॉडर्न कॉरपोरेशंस की बात करी। राइट? इस तरीके से। सो S2 जो है वो पैरेलल चल रहा है S1 के। नेक्स्ट है आपका मिर्स। मिर्स का मतलब क्या होता है? इसका मतलब ये है कि S2 क्लोजली रिफ्लेक्ट्स द सेम स्ट्रक्चर और आइडिया। अगेन आपका मिर्स भी आपका एक वर्ड हो सकता है। आ सकता है ऐसा मिर्स नाम का। तो यहां पर क्या होता है कि S1 की बात करें तो ये कहता है कि लीडर्स मस्ट एक्ट रिस्पांसिबली। सही बात है। दूसरे
में कहते हैं कि रिस्पांसिबल एक्शन डिफाइन गुड लीडरशिप। यह आपका मिरर दिखा रहा है। यह उसी चीज को यहां पर मिरर कर रहा है। राइट? रिफ्लेक्ट कर रहा है सेम चीज़ को। तो, S2 मिर्ज़ S1 नेक्स्ट नेक्स्ट है आपका रिफ्रेजेसज़। रिफ्रेजेस का मतलब क्या है? मीनिंग है एक्चुअली S2 स्टेट्स द सेम आइडिया यूजिंग डिफरेंट वर्डिंग। ठीक है? S2 स्टेट्स द सेम आइडिया यूजिंग डिफरेंट वर्डिंग्स। हम जैसे के लिए एग्जांपल हम देखें। हेल्थ इज़ वेल्थ। दूसरे में कहते हैं कि गुड हेल्थ इज द ग्रेटेस्ट एसेट। है ना? हेल्थ इज़ वेल्थ। बट दूसरे में कह रहे हैं
उसी चीज को रिफ्रेज़ कर रहे हैं कि कैसे ये है कि गुड हेल्थ जो है वो ग्रेटेस्ट एसेट बन जाती है। सो S2 रिफ्रेज़ करता है S1 को। नेक्स्ट नेक्स्ट है आपका रिकैपचुलेट। रिकैपचुलेट का मतलब क्या होता है? S2 समराइजेज़ और रिपीट्स द की आइडिया ऑफ़ S1। उसी चीज को रिपीट कर रहा है या फिर उसी चीज को समराइज कर रहा है। S1 की बात करें आपका हो सकता है कि हार्ड वर्क डिसिप्लिन एंड फोकस लीड टू अचीवमेंट। ठीक है? S2 में कह रहे हैं कि सक्सेस रिक्वायर्स डेडिकेशन एंड कंसिस्टेंसी। तो उसी चीज को इन्होंने
थोड़ा सा समराइज करके बोल दिया है। तो इसका मतलब इन्होंने रिकैपचुलेट कर दिया है। नेक्स्ट है आपका इज़ कंसिस्टेंट विद। सो यहां पर इज़ कंसिस्टेंट विद का मतलब क्या है? कि S2 अलाइन लॉजिकली विद S1 विदाउट कंट्राडिक्शन। कोई भी कंट्राडिक्शन नहीं है। और जो S2 है वह एलाइन करता है विद S1। जैसे के लिए हमने बोला है कि शी इज़ हार्ड वर्किंग। और ये कहते हैं कि शी स्टडीज़ सिक्स आवर्स डेली। है ना? बिल्कुल कंसिस्टेंट है पूरी तरह से। फिर है आपका फुल्ली कंसिस्टेंट विद परफेक्ट लॉजिकल अलाइनमेंट देखने को मिलता है विद नो डिफरेंस इन
आईडिया। यह भी सही बात है। जैसे कि हमने देखा थास्ट रिक्वायर्स इयर इयर्स ऑफ़ प्रैक्टिस। एंड देन वी कैन से कि 10,000 आवर्स ऑफ प्रैक्टिस आर नेसेसरी। सो S2 जो है फुल्ली कंसिस्टेंट है S1 के साथ। ये हम देख चुके हैं ऊपर। राइट? ये हमारे रिपीट हो रहे हैं कुछ। अब हम लास्ट में देख लेते हैं कुछ न्यूट्रल या थीमैटिक रिलेशन वर्ड्स को। राइट? यहां पर हमें थीमैटिक लिंक या कॉनसेप्चुअल कनेक्शन देखने को मिलेगा। दीज़ वर्ड्स एक्चुअली इंडिकेट दैट S2 इज़ कनेक्टेड टू S1 थ्रू टॉपिक, थीम और कॉन्टेक्स्ट। बट डज नॉट स्ट्रांगली सपोर्ट, अपोज या
डायरेक्टली कॉज यह सब नहीं कर रहे हैं। फिर भी हमें कुछ ना कुछ इनके बीच में रिलेशन देखने को मिलती है। और कुछ आपके ऐसे वर्ड्स हो सकते हैं। चलो देखते हैं कौन-कौन से हो सकते हैं? तो पहला आपका है को-रिलेट्स विद। को-रिलेट्स विद। है ना? ये आपका कंप्लीट जो सेक्शन है वो डिपेंड ही इस चीज पे है को-रिलेशन पे। तो को-रिलेट्स विद क्या होता है? इट हैज़ एक्चुअली इसका मतलब यह होता है कि S2 हैज़ अ लॉजिकल और थीमैटिक कनेक्शन विद S1. S1 के साथ में कोई लॉजिकल या फिर थमेैटिक कनेक्शन है। सो इट
इज़ नॉट नेसेसरीली कॉज इफ़ेक्ट। कोई भी कॉज़ इफ़ेक्ट का नहीं भी हो सकता है। लेकिन हां को-रिलेट तो करता है। जैसे के लिए कहते हैं कि एजुकेशन लेवल्स हैव इंक्रीज़्ड। दूसरा कहते हैं कि इनकम लेवल्स हैव आल्सो रीज़न। तो आल्सो की बात हो गई है। मतलब हम कहीं ना कहीं दूसरे वाले से पिछले वाले से कनेक्ट कर रहे हैं। लेकिन कुछ वहां पर अच्छा कोई रिलेशन वैसा नहीं निकल के आ रहा कि अपोज कर रहा है या फिर सपोज़ कर रहा है। व्हाटएवर है ना सपोर्ट कर रहा है। ऐसा कुछ नहीं है। बस कोरिलेट कोरिलेट
कर रहा है। तो S2 कोरिलेट्स विद S1 ये न्यूट्रल है। नेक्स्ट है आपका रिलेट्स टू। इसका मतलब यह है कि इज़ कनेक्टेड टू मतलब आपका S2 इज़ कनेक्टेड टू द सब्जेक्ट ऑफ़ S1 सिंपल सी बात है। S1 अगर कहता है द आर्टिकल डिस्कसेस क्लाइमेट चेंज। दूसरा कहता है कि इट मेंशंस राइजिंग ग्लोबल टेंपरेचर। एक्सटेंड भी कह सकते हैं। अगर आगे आपका ऑप्शन में अगर रिलेट्स टू आया है तो आप रिलेट्स टू बोल दो। कोई दिक्कत नहीं है। हम नेक्स्ट है आपका एसोसिएट्स विद। एसोसिएट का मतलब क्या होता है? एक्चुअली इट इज़ लिंक्ड कॉनसेप्चुअली विद S1
है ना? S2 जो है वो कॉनसेप्चुअली लिंक किया गया है। जैसे कि स्मोकिंग इज़ हार्मफुल। दूसरा कहता है कि इट इज एसोसिएटेड विद लंग डिजीज। अब ये चीज मैंने आपने समझानी थी कि ये जो हम यहां पर डिस्कस कर रहे हैं ना मीनिंग्स ये मत समझना कि हर एक मीनिंग अलग-अलग है। यहां पर मैं आपको इन मीनिंग्स को समझाने की कोशिश कर रहा हूं। ये मत समझना कि हर एक वर्ड यहां पर अलग ही है। हो सकता है कुछ की यहां पर मीनिंग जो है सेम है। लेकिन मैं उन चीजों को समझाने की कोशिश कर
रहा हूं। काफी चीजें सिनोनिमस है एक दूसरे से। सो यहां पर S2 जो है एसोसिएटेड है विद S1. नेक्स्ट है कनेक्ट विद कनेक्ट करने का मतलब यह है कि हैज़ अ थेटिक लिंक विद S1 मतलब S1 अगर बोलेगा द एसे टॉक्स अबाउट डेमोक्रेसी तो दूसरा कहता है कि इट डिस्कसेस सिटीजन पार्टनर पार्टिसिपेशन। तो S2 जो है वो कनेक्ट कर रहा है S1 के साथ। इतने और अगेन मैं वहीं पर अपनी बात जो है रीटरेट करूंगा कि ऑप्शंस बहुत ज्यादा आपको डिफिकल्ट नहीं दिए जाएंगे। जिस हद तक यूपीएससी जा सकती है उस हद तक हम डिस्कस
भी कर लेंगे क्वेश्चंस को। सो डोंट वरी। अभी मीनिंग्स समझ लो। कोइंसाइड्स विद कोइंसाइड। अब इसी से आपका वर्ड बना है कोइंसिडेंस। क्या होता है? कोइंसिडेंस ये होता है कि आपका हैपेंस टू अकर और एग्री एट द सेम टाइम बट नॉट नेसेसरीली लॉजिकली डिपेंडेंट। कोई चीज एक दूसरे पर डिपेंडेंट नहीं है लेकिन हो गई। अचानक से हो गई। क्या करें? समझ ही नहीं पाए। है ना? S1 है आपका। कहता है कि रेनफॉल इंक्रीज्ड दिस ईयर। सही बात है। दूसरा कहता है कि एग्रीकल्चरल आउटपुट आल्सो इंप्रूव्ड। अब रेनफॉल इंक्रीज़ करी और एग्रीकल्चरल आउटपुट जो है वो
भी बढ़ गया। अब ये चीज़ कोइंसाइड कर रही हैं एक दूसरे के साथ। क्लियर राइट फिर है इज एनालोगस टू एनालोगस एनालोगस यहीं से आपका एनालॉजी बना है वर्ड सो यहां पर कंपेयरेबल होता है इन स्ट्रक्चर और कांसेप्ट मतलब आपका जो s2 है वो s1 के साथ में कहीं ना कहीं कंपेरेबल है हम कंपेयरेबल है अलग तरीके से कैसे यहां पर हम बात करते हैं द ब्रेन फंक्शनंस लाइक अ कंप्यूटर हम एंड बोथ प्रोसेस एंड स्टोर इनेशन ब्रेन और कंप्यूटर को दोनों को एनालॉजी ले गई ली गई है। हम सो रिलेशन यहां पर क्या है
कि s2 इज़ एनालोगस टू s1 क्लियर? चलो नेक्स्ट। नेक्स्ट है आपका इलस्ट्रेट्स। इलस्ट्रेट का मतलब क्या होता है? इसका मतलब ये है कि प्रोवाइड्स एन एग्जांपल ऑफ S1 हम प्रोवाइड्स एन एग्जांपल ऑफ S1। यहां पर इलस्ट्रेट करने की मीनिंग होती है। S1 में अगर हम कहें कि ऑनेस्टी इज वैल्यूड इन सोसाइटी। ऑनेस्टी को अगर वैल्यू किया जा रहा है सोसाइटी में तो S2 में कहेंगे कि लीडर्स एडमायर्ड फॉर इंटीग्रिटी गेन पब्लिक ट्रस्ट। तो कहीं ना कहीं हम यहां पर एग्जांपल लेने की कोशिश कर रहे हैं उन लीडर्स से जिन्हें इंटीग्रिटी के लिए एडमायर किया गया
है। तो रिलेशन आपका निकलेगा कि S2 इलस्ट्रेट करता है S1 को। नेक्स्ट है आपका एग्जांपलीफाई करना। एग्जिंपलीफाई का मतलब यह होता है कि सर्व्स एज अ स्ट्रांग एग्जांपल ऑफ S1 हम यह सर्व करता है एज अ स्ट्रांग एग्जांपल ऑफ़ S1 एग्जांपल है आपका करज इज़ एडमायरेबल सही बात है। S2 कहता है अ फायर फाइटर रेस्क्यूइंग विक्टिम्स फ्रॉम डेंजर शोज़ करेज हम एग्ेंंपलीफाई किया जा रहा है कि करज़ कैसे एडमायरेबल है इस तरीके से। सो S2 एग्ेंंपलीफाई करता है S1 को। नेक्स्ट टिपिफाइड। अब टिपिफाई क्या होता है? टिपिफाई का मतलब है प्रेजेंट्स अ टिपिकल केस ऑफ
S1। सो S2 जो है वो यहां पर एक टिपिकल केस प्रेजेंट करता है। जैसे के लिए कहते हैं कि ही इज़ अ डिसिप्लिन। नेक्स्ट कहते हैं ही वेक्स अप एट 44 am डेली। तो ये टिपिफाई करना होता है। इसका मतलब होता है टिपिफाई करना। नेक्स्ट है रिफ्लेक्ट करना। यहां पर S2 जो है इट एक्चुअली शोज़ और रिवील्स द आईडिया इन S1. S1 में कहते हैं कि यूथ प्रेफर डिजिटल मीडिया। नेक्स्ट कहते हैं न्यूज़पेपर सर्कुलेशन हैज़ डिक्लाइंड। हम इस वजह से तो ये रिफ्लेक्ट कर रहा है। S2 जो है वो रिफ्लेक्ट कर रहा है S1 को।
नेक्स्ट है आपका इंप्लाइस। इंप्लाइजज़ का मतलब ये होता है कि इनडायरेक्टली सजेस्ट द आइडिया इन S1। इनडायरेक्टली सजेस्ट करना आईडिया को S1 में है ना S2 ये कर रहा है S1 आपका हो गया कि ही अवॉयडेड द कांटेक्ट ठीक है फिर कह रहे हैं कि ही मे बी हाइडिंग समथिंग ये इंप्ल्लाई कर रहे हैं ये यहां पर कहीं ना कहीं एक इनडायरेक्टली एक सजेशन निकालने की कोशिश हो रही है कि वो क्यों कर रहा होगा ऐसा है ना तो S2 जो है वो इंप्ल्लाई कर रहा है S1 पर क्लियर नेक्स्ट है आपका सजेस्ट सजेस्ट करने
का मतलब ये है कि हिंट्स एट और इंडिकेट्स इनडायरेक्टली ली हम सजेस्ट करने का यही तो मतलब होता है। आप कहते हो कि यहां पर S1 में सेल्स डिक्लाइंड शार्पली। ठीक है? S2 में आप कहते हो कि मार्केट डिमांड मे बी वीकनिंग। है ना? मार्केट डिमांड मे बी वीकनिंग। रिलेशन आपका निकलता है कि S2 सजेस्ट करता है S1 को। क्लियर? चलो। नेक्स्ट। नेक्स्ट है इनफर करना। इनफर करना मतलब कि किसी मीनिंग को निकालना। किसी चीज़ से। डॉ अ कंक्लूजन फ्रॉम S1 इज़ सिंपल सा एग्जांपल ये हो गया कि रोड्स आर वेट हम रोड्स आर वेट
और S2 आपका निकलता है इट मस्ट हैव रेन। अब ये यहां पर हम इनफर करने की कोशिश कर रहे हैं। एक कंक्लूजन निकालने की कोशिश कर रहे हैं कि क्यों ऐसा हुआ होगा। सो S2 इनफर्स फ्रॉम S1। नेक्स्ट है आपका प्रीसपोजेस। प्रीसपोजेस का मतलब क्या होता है? इसका मतलब होता है कि एक्चुअली अस्यूम्स समथिंग एज ऑलरेडी एग्ज़िस्टिंग। क्लियर? सो प्रीस्यूज़ का मतलब ये है कि एक्चुअली इट अस्यूम्स समथिंग एज ऑलरेडी एकज़िस्टिंग। मतलब फ्रीडम ऑफ़ स्पीच इज़ेंट। ठीक? फिर कहते हैं कि इट प्रीसपोज़ अ डेमोक्रेटिक फ्रेमवर्क। मतलब यहां पर वैसे एग्जांपल आपका डायरेक्टली सूट नहीं करता
है। पर प्री सपोज का सिंपल सा मतलब यह समझ लो कि किसी चीज को हम मान के यह चलते हैं कि यह ऑलरेडी एग्जिस्ट करता ही होगा। है ना? तो s2 जो है वो प्रीसपोज कर रहा है s1 को। हम फिर आपका लास्ट में आता है दैट इज़ अस्यूम करना। अस्यूम करना मतलब क्या होता है? कि एक्चुअली यहां पर s2 जो है टेक्स समथिंग ऐज़ ग्रांटेड विदाउट प्रूफ। है ना? अज्यूम कर लिया कि हां ये तो होगा ही। हम यहां पर ये कहते हैं कि द थ्योरी अस्यूम्स रैशनल बिहेवियर। राइट? तो दूसरा कहता है कि
ह्यूमंस ऑलवेज एक्ट लॉजिकली। अब ये अज्यूम कर लिया गया हम। है ना? सो s2 यहां पर अस्यूम करता है s1 को। तो ये वर्ड्स काफी कुछ सिंपल हैं। तो ये भी आप समझ सकते हो ईजीली। है ना? अब हम दूसरे सेक्शन की ओर बढ़ते हैं। इस सेक्शन में हम क्या करेंगे? यहां पर आपके जो माइन्यूट और सल डिफरेंसेस होते हैं उनको डिस्कस करेंगे। राइट? ये मैंने आपसे प्रॉमिस किया था। तो ये करेंगे। उसके बाद हम क्वेश्चंस करेंगे। देन आई विल गिव यू प्रैक्टिस क्वेश्चंस। तो यहां पर हम देखते हैं कि डिफर जो है कंफ्यूजन सबसे
ज्यादा कहां पर होता है? सबसे ज्यादा कंफ्यूजन आपका होता है कंट्राडिक्ट और कंट्रास्ट में। भाई ये क्या वर्ड्स हैं? दोनों एक जैसे दिखते हैं। सी से स्टार्ट होते हैं। लेकिन बहुत अंतर है इनमें डिफरेंस है। और दोनों एक्चुअली ऑप्शन में आ भी जाते हैं। कई बार क्या है कि ऑप्शन में नहीं आते हैं कुछ वर्ड्स तो ठीक है। लेकिन आपको यहां पर ऑप्शन में देखने को भी मिल जाते हैं। यहां पर कंट्राडिक्ट है। यहां पर आपका कंट्रास्ट है। तो समझ लेते हैं। देखो कंट्राडिक्ट होता है। ये लॉजिकली अपोजिट होता है। कंट्रास्ट का मतलब होता है
एक्चुअली इट शोज़ डिफरेंस। मैंने आपको बताया था कंट्राडिक्ट क्या होता है? कंट्राडिक्ट में यह होता है कि यह आपका s1 है और यह आपका s2 है। यह सही है तो यह गलत है। अगर यह गलत है तो यह सही है। ये कंडीशन होनी बहुत जरूरी है। लेकिन कंट्रास्ट के लिए ऐसी कंडीशन जरूरी नहीं है। राइट? कंट्रास्ट में क्या होता है? ये सही, ये सही, तुम भी सही, हम भी सही। हां। तो एग्जांपल आप देखो कि ऑल बर्ड्स फ्लाई। दूसरा कहता है कि सम बर्ड्स कैन नॉट फ्लाई। ये होता है आपका कंट्राडिक्ट। दूसरा है कि सिटी
लाइफ इज फास्ट। और यहां पर कहते हैं कि विलेज लाइफ इज स्लो। यह है आपका कंट्रास्ट। सिंपल सी बात है। तुम भी सही, हम भी सही। यहां पर अगर आपने ऑल बर्ड्स फ्लाई बोला है तो आप सम बर्ड्स कैन नॉट फ्लाई बोल ही नहीं सकते। तो ये एक्चुअली यहां पर डिफरेंस था। नेक्स्ट आपका आता है रीइंफोर्स वर्सेस कंफर्म का। रीइंफोर्स वर्सेस कंफर्म। सो कंफर्म का मतलब यह होता है कि आपने एग्री कर लिया किसी चीज से। लेकिन रीइंफोर्स करने के लिए आपने स्ट्रेंथन किया उस चीज को विद एविडेंस। जैसे कि आपने बोला कि स्मोकिंग हार्म्स
हेल्थ और डॉक्टर्स वर्न करते हैं। आपने कंफर्म कर दिया इस चीज को। आपने बोला कि स्मोकिंग हार्म्स हेल्थ एंड रिसर्च प्रूव्स लंग डैमेज। आपने कुछ ना कुछ एविडेंस दिया। है ना? अब डॉक्टर्स वर्न करते हैं। ये कोई एविडेंस थोड़ी है। एविडेंस ये है कि रिसर्च प्रूव करती है लंग डैमेज। इसे कहते हैं रीइंफोर्स करना। क्लियर? चलो आगे बढ़ते हैं। अब यहां पर एक एग्जांपल आता है आपका एक्सटेंड वर्सेस एक्सपेंड का। ये भी डिफरेंसेस देख लो कैसे काम करते हैं। सो एक्सटेंड मतलब होता है आपका मूव फॉरवर्ड। एक्सपेंड आपका होता है ब्रॉडन स्कोप। ब्रॉडन स्कोप क्लियर
तो यह हो सकता है कैसे हमने देखा एजुकेशन में हमने बात करी कि ऐड हायर एजुकेशन आपने एक्सटेंड कर दिया मतलब ये बात यहां तक गई थी आपने यहां तक पहुंचा दी और एक्सपेंड में आपने क्या किया ये बात यहां तक गई थी आपने इधर भी पहुंचा दी राइट इधर भी पहुंचा दी इधर भी पहुंचा दी ये आपने एक्सपेंड कर दिया मतलब आपने यहां पर जो है एजुकेशन के बाद में यहां पर हेल्थ को भी ऐड कर दिया। इकोनमी को भी ऐड कर दिया। तो आपने एक्सपेंड कर दिया। राइट? तो एक्सटेंड को समझ लो। एक्सटेंड
क्या है? एक्सटेंड है ये। ऐसे गया था। आपने यहां पर थोड़ा और ऐड कर दिया। एक्सपेंड क्या है? ये गया था ऐसे। राइट? आपने इसको एक्सपेंड कर दिया। राइट? ये कर दिया। तो ये यहां पर डिफरेंस है इन दोनों के बीच में। आगे बढ़े। को-रिलेट और कोइंसाइड के बीच में डिफरेंस देख लेते हैं। कोरिलेट और कोइंसाइड क्या होता है? कोरिलेट होता है। यहां पर कोई ना कोई लॉजिकल लिंक होती है। कोइंसाइड का मतलब होता है यहां पर एक्सीडेंटल एग्रीमेंट होता है। यहां पर आपको पता नहीं होता कि ये चीज हो जाएगी। जैसे के लिए एजुकेशन
बढ़ेगी, इनकम बढ़ेगी। कोरिलेट कर रहे हैं। रेन यहां पर बढ़ती है और यहां पर सेल्स जो है वह बढ़ जाती हैं। यह आपका कोइंसिडेंस है। सिंपली यहां पर कोइंसिडेंस है। मे बी एक्सीडेंटल। यहां पर कोई भी ऐसा नहीं कि रेन की वजह से आपकी सेल्स बढ़ गई। हम फिर है आपका क्वालीफाई और कंट्राडिक्ट करना। क्वालीफाई और कंट्राडिक्ट करना। क्या होता है? क्वालीफाई आप देखो कि ऐड कंडीशन। राइट? क्वालीफाई का मतलब है कि ऐड कर देना किसी कंडीशन को। आपने बोला कि सीडीएस आप तभी क्लियर करोगे जब आप कर लोगे। मतलब यहां पर कोई भी एग्जाम
वगैरह है क्लियर कर लोगे। आपने कंडीशन लगा दी। कंट्राडिक्ट करने का मतलब ये होता है कि आप अपोज़ कर देते हो किसी चीज़ को कंप्लीटली। सो यहां पर हम कहते हैं कि हार्ड वर्क लीड्स टू सक्सेस। राइट? प्रोवाइडेड अपॉर्चुनिटी एक्सिस्ट। अगर यहां पर बशर से अपॉर्चुनिटीज एक्सिस्ट करें तो ये होता है क्वालीफाई करना। कंट्राडिक्ट करना आपने सीख लिया है ऑलरेडी बहुत अच्छे से। अब हम करेंगे अपने क्वेश्चंस। चलो यार। तो फिर हमारा पहला क्वेश्चन है। इसको पढ़ो, अटेम्प्ट करो और उसके बाद हम यहां पर स्यूशन देखेंगे। S1 कहता है फेलियर इज द स्टेपिंग स्टोन टू
सक्सेस। दूसरा कहता है सक्सेसिव फेलियर्स आर नॉट हाउ यूवर सक्सेसिव स्टेपिंग स्टोंस टू सक्सेस। अब ये वाली स्टेटमेंट ना मैं बताऊं मैं पढ़ के काफी हंसा भी था। मुझे लगा कई बार क्या होता है कि यूपीएससी के एग्जाम में जब हमारा तीनचार बार क्लियर नहीं होता तो हम कहते हैं कि ठीक है यार फेलियर इज़ द स्टपिंग स्टोन टू सक्सेस। मतलब फेलियर ही बहुत जरूरी है। फिर यूपीएससी कहता है ना सक्सेसिव फेलियर्स अगर हो रहे हैं ना तो ये आपकी सक्सेसिव स्टेपिंग स्टोन टू सक्सेस नहीं है। है ना? तो ये कहीं ना कहीं काफी ज्यादा
सारकास्टिक तरीका हो गया था यूपीएससी का। सो लीव इट। बाकी यहां पर देखो क्या कह रहा है ये? तो हम देखते हैं कि क्या ये कंट्राडिक्ट कर रहा है। कंट्राडिक्ट की मीनिंग क्या होती है? पूरी तरह उल्टा बोल देना। यहां पर अगर यह बोलता कि फेलियर इज द स्टेपिंग स्टोन टू सक्सेस। दूसरे में बोलता कि नहीं सक्सेस इज़ द स्टेपिंग स्टोन टू सक्सेस। ऐसा करके कुछ बोल देता कुछ उसका रिवर्स अपोजिट तो आपका कंट्राडिक्ट होता। तो ये तो नहीं है। अगर डिफरेंस दिखा रहा होता डिफरेंस यहां पर डिफरेंस भी नहीं दिखा रहा है। क्या डिफरेंस
दिखा रहा है? नहीं दिखा रहा है। है ना? तो इसको भी हटा दो। क्या इस चीज को कंफर्म कर दे रहा है पहली वाली चीज को? नहीं। पहली वाली चीज को कंफर्म नहीं कर रहा है। हम तो यहां पर हो क्या रहा है? एक्चुअली यहां पर एक कंडीशन लगा दे रहा है। यहां पर एक कंडीशन लगा दे रहा है कि बस ये सक्सेसिव फेलियर्स जो हैं ये एक्चुअली सक्सेसिव स्टपिंग स्टोन टू सक्सेस नहीं होते हैं। राइट? तो यहां पर एक सिंपल सी हमें देखने को मिल रही है एक कंडीशन है ना? क्लियर? तो इसलिए हम
बोलेंगे ये क्वालीफाई कर रहा है विज़डम को पहले वाली। पहले वाली की यहां पर चीज़ को क्वालीफाई कर रहा है। रिजेक्ट तो कर नहीं रहा। कंफर्म ही नहीं कर रहा है। चलो आगे बढ़ते हैं। नेक्स्ट है आपका ऑल ह्यूमन बीइंग्स आर क्रिएटेड इक्वल इन एव्री रिस्पेक्ट। नेक्स्ट है सम पीपल आर मोर इक्वल देन अदर्स। अब इतना कुछ अगर आपने सीख लिया है अभी तक तो आप इसको बहुत ईजीली कर सकते हो। कैसे करोगे आप? समझो जरा। तो यहां पर क्या यह कोरबोरेट कर रहा है? क्या यह यहां पर इस चीज को सपोर्ट कर रहा है
विद मोर एविडेंस? ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। छोड़ दो। कोरिलेट कर रहा है। कुछ रिलेशन न्यूट्रल सा है। न्यूट्रल सा तो नहीं है भाई। हम कोइंसाइड कर रहा है। कोइंसाइड भी नहीं कर रहा है। क्या कर रहा है? कंट्राडिक्ट कर रहा है। पहले में बोल रहा है कि ऑल ह्यूमन बीइंग्स। दूसरे में बोल रहा है कि सम पीपल आर मोर इक्वल। तो ये कौन सी बात हो गई? ये वही वाली बात हो गई। ऑल बर्ड्स कैन फ्लाई बट सम बर्ड्स कैन नॉट फ्लाई। हम तो ये भी यहां पर गलत हो जाएगा। चलो नेक्स्ट चलते हैं।
अब यहां पर 43 में कह रहा है, द ओरिजिन ऑफ़ द यूनिवर्स हैज़ बीन फ्रेज़्ड टू द बिग बैंग। ओके? फिर कह रहा है कि देयर कैन बी नो नॉलेज ऑफ व्हाट एक्सिस्टेड बिफोर द बिग बैंग। ओके। चलो। तो ये कह रहे हैं कि ओरिजिन जो है उसको हम ट्रेस कर सक कर कर सकते हैं बिग बैंग से। दूसरे में कह रहे हैं कि यहां पर उसके पहले का एक्चुअली हम कुछ नहीं जान सकते। ये आपका बिग बैंग हुआ। ये टाइनी पार्टिकल है। ठीक है? विद इनफाइनाइट मास एंड इनफाइनाइट डेंसिटी। ये आपका एक्सप्लड हो गया।
बिग बैंग हो गया। उसके पहले का हमें कुछ नहीं पता। हमें इधर की हिस्ट्री पता है। राइट? इधर का पता है। इधर का हमें कुछ नहीं पता। हम तो क्या यह कंट्राडिक्ट करता हुआ दिखाई दे रहा है भाई? कंट्राडिक्ट तो नहीं कर रहा है। एक्सप्लेन कर रहा है कि क्यों हम नहीं कर सकते? ऐसा भी नहीं है। तो क्या ये कंफर्म कर रहा है? कंफर्म भी नहीं कर रहा है। कंफर्म तो नहीं कर रहा है उस चीज को। ये एक्चुअली लिमिट लगा दे रहा है। ये यहां पर लिमिट लगा दे रहा है। इस्टैब्लिशर्स लिमिट ऑन
द असरशन मेड इन द फर्स्ट कि हां सही बात है। इसके पीछे एक्चुअली हम नहीं जा सकते। या ये जो पॉइंट है ना ये जो टाइम पीरियड है 14.3 बिलियन इयर्स एगो था जो भी था। राइट? 14.6 होगा। तो जो भी है राइट तो यहां पर लिमिट लगा दे रहा है कि इसके पहले हम नहीं जा सकते सच में नहीं जा सकते हम मजाक की बात नहीं है हम फिर 44 44 कहता है कि द हाईएस्ट क्लाउड्स इन द स्काई आर द मोस्ट फैसनेटिंग ठीक है नेक्स्ट कहता है कि वी आर मोस्ट अट्रैक्टेड टू दोज़
थिंग्स दैट आर मोस्ट आउट ऑफ आवर रीच क्या सही होगा सोचो जरा रीटरेट कर रहा है पहली वाली बात को एन्यूल कर रहा पहली वाली बात को या फिर कंट्राडिक्ट कर रहा है या फिर कंट्रास्ट कर रहा है। अब आप यहां पर एक और चीज देख सकते हो। थोड़ा सा लॉजिक लगाओ। कई बार क्या होता है कि कंट्राडिक्ट हो गया, कंट्रास्ट हो गया, एन्यूल हो गया। इन सबकी मीनिंग हमने देखा। आपने देखा यहां पर इसीलिए मैंने कैटेगराइज किया है इन सबको। आपने स्ट्रांग अपोजिशन वर्ड्स में देखा और एक माइल्ड अपोजिशन वर्ड्स की लिस्ट देखी। अब
कई बार क्या होता है कि स्ट्रांग ऑोजिशन जो वर्ड्स हैं ना वही आपके ऑप्शन में दो-तीन नहीं होंगे। हम अगर वो होंगे तो वो सारे एक साथ गलत होंगे। है ना? अनूल्य भी अगर गलत है तो कंट्राडिक्ट भी गलत है। अगर ये भी दिया है ये भी दिया है तो ये दोनों गलत होंगे। ठीक है? और कंट्रास्ट तो ये कर नहीं रहा है। ऐसा नहीं कि कोई डिफरेंट चीज बता रहा है। उसी आईडिया को थोड़ा सा अलग तरीके से बता रहा है। कह रहा है कि हाईएस्ट क्लाउड जो हैं वो काफी फैशनेटिंग लगते हैं। और
एक्चुअली हमारी ये टेंडेंसी भी है कि हमारी जो पहुंच से बाहर चीजें होती हैं उनकी तरफ हम औकात से ज्यादा हम सोचते भी हैं। है ना? हमारा ह्यूमंस का ये टेंडेंसी रहा है हमेशा का कि औकात से ज्यादा सोचना है। स्काई इज़ द लिमिट। फिर कहते हैं कि नहीं स्काई के भी पार बहुत सारी चीजें हैं। हम है ना? स्काई के बाहर भी बहुत सारी चीजें हैं। फिर यहां पर 45 करते हैं। 45 में S1 कहता है अ फोर स्ट्रोक इंजन इज़ मोर एफिशिएंट देन अ टू स्ट्रोक इंजन। ठीक है? फिर कहते हैं S2 कहता
है द टू स्ट्रोक इंजन हैज़ बीन फेस्ड आउट टू प्रोटेक्ट द एनवायरमेंट। ओके? तो क्या ये कोरिलेट करते हैं? क्या ये कंट्राडिक्ट कर रहे हैं? क्या यह कंट्रास्ट करता है या कंफर्म करता है? तो आपने फिर से देखा कि कंट्राडिक्ट और कंट्रास्ट दोनों एक साथ दिए हैं और दोनों ही ऑप्शन में हमारे सही नहीं होंगे। तो इन दोनों को हटाओ क्योंकि ना ही यह बिल्कुल ऑपोजिट चीज कह रहा है। ये ऐसा तो नहीं कह रहा है कि पहले में बोल रहा है कि फोर स्ट्रोक इंजन जो होता है वो ज्यादा एफिशिएंट होता है। दूसरे में
बोलता कि टू स्ट्रोक इंजन ज्यादा बेहतर है। तो कंट्राडिक्ट होता। कंट्रास्ट तब होता है जब यहां पर डिफरेंसेस दिखाता है थोड़ा सा कि फोर स्ट्रोक इंजन जो है वो देखो एफिशिएंट है लेकिन यहां पर जो है फोर स्ट्रोक इंजन थोड़ा सा खराब सा काम कर रहा है तो ऐसा भी नहीं है हम कंफर्म भी नहीं कर रहा है पहली चीज को कंफर्म तो नहीं कर रहा है कोरिलेट कर रहा है क्योंकि आप जब देखो जब आपको कोई भी रिलेशन ना दिखे दोनों के बीच में आपको कोई भी रिलेशन उस टाइप का ना दिखे यहां पर
या लड़ाई भी नहीं हो रही बहुत ज्यादा प्यार भी नहीं है कुछ भी नहीं है तो आप जाया करो न्यूट्रल वालों के साथ न्यूट्रल वाले होते हैं जैसे रिलेट करना कोरिलेट करना है ना ये सारे न्यूट्रल होते हैं। हम चलो नेक्स्ट वन नेक्स्ट है आपका 46 46 में S1 पढ़ेंगे बॉटल्ड वाटर इज़ सेफर देन टैप वाटर हम ठीक दूसरे में कहते हैं कि इन मैनी कंट्रीज टैप वाटर इज़ फेड टू बेबीज हम ठीक है। तो क्या ये असर्ट कर रहा है या कंफर्म कर रहा है या कंट्रास्ट कर रहा है या फिर एक्सटेंशन है पहले
वाले का। सो आप सिंपल सी बात समझो कि एक्सटेंशन कैसे हो सकता है? अगर एक्सटेंशन होता तो ये कुछ और बॉटल्ड वाटर की बात करते लेकिन बॉटल्ड वाटर को यहां पर खत्म कर दिया तो ऐसा तो कुछ है नहीं हम कंफर्म भी नहीं कर रहा है कंफर्म करता तो फिर ये बताता कि हां बॉटल्ड वाटर में देखो कितने सारे अच्छे-अच्छे न्यूट्रिएंट्स वगैरह मिलते हैं तो ये सारी बातें करते तो कंफर्म भी नहीं कर रहा हम राइट क्या ये असर्ट कर रहा है पहली वाली बात को कह रहा है कि हां वाटर बॉटल जो है बॉटल
वाटर है वो सच में यहां पर बहुत अच्छा है देखो मैं इसको प्रूफ करके दिखाता हूं ऐसी भी बात नहीं है ये आपका सिंपली कंट्रास्ट स्ट कर रहा है। कंट्रास्ट ऐसे कर रहा है कि देखो अब दोनों बातें सही है। यहां पर यह भी बात आप समझ सकते हो कि दोनों बातें सही है। बॉटल्ड वाटर जो है वो बढ़िया है। बिल्कुल बढ़िया है। है ना? लेकिन बहुत सी कंट्रीज में मान लिया यहां पर ये याद आती हैं बहुत सारी साउथ एशियन कंट्रीज हो सकती हैं या फिर आपकी अफ्रीकन कंट्रीज हो सकती हैं जहां पर टैप
वाटर पिलाया जा रहा है। तो ये भी बात सही है। है ना? लेकिन डिफरेंस है दोनों में। है ना? डिफरेंस है। फिर है आपका 47। 47 में आप देखते हो दो आपको सेंटेंसेस मिलते हैं। द पीकॉक। अब ये मैं कहूंगा कि सबसे इजी टाइप का था। ये एक्चुअली ईजीएस्ट इज़िएस्ट वन होगा आपका आउट ऑफ 20। कैसे? ये कहते हैं द पीकॉक इज़ इंडियास नेशनल बर्ड। सही बात है। फिर कहते हैं द ग्रेट इंडियन बस्टर्ड इज द स्टेट बर्ड ऑफ राजस्थान। दोनों आपस में इंडिपेंडेंट सी लग रही हैं। तो यहां पर पूछा है कि प्रोवाइड्स एडिशनल
इनेशन टू व्हाट इज कंटेंड इन द फर्स्ट। ठीक है? सोचेंगे इसके बारे में। ऑप्शंस हमेशा पढ़ना है। देखो, यूपीएससी का कोई भी एग्जाम आप देख रहे हो, हो सकता है आपको जो सही ऑप्शन है वह पहला लगे, ए लगे या फिर आपको बी लगे या फिर आपको सी लगे। राइट? डी तक पहुंचने का मौका ना मिले। ए मिलेगा तो फिर आपको बी और सी और डी पढ़ने का मन नहीं करेगा। लेकिन ऑप्शंस हमेशा सारे पढ़ने हैं। कभी भी किसी भी ऑप्शन को इग्नोर नहीं करना। राइट? क्योंकि लड़ाई हमारी करेक्ट वर्सेस इनकरेक्ट की नहीं है। करेक्ट
वर्सेस मोर करेक्ट की है। अब यूपीएससी का मूड ऐसा है। सो ये वाला हमने देख लिया। प्रोवाइड्स कंट्राडिक्टरी इनफेशन। अब कंट्राडिक्शन तो यार कुछ नहीं है इसमें। इसमें कुछ भी कंट्राडिक्शन नहीं है। लेस इंफॉर्मेशनेशन। अब कई बार लोग लोग यहां पर थोड़ा सा कंफ्यूज हुए थे। मैं बताऊंगा। एस्केलेटरी इनफेशन। अब एस्केलेटरी इनफेशन भी नहीं है। कुछ बढ़ा चढ़ा के बात की गई है ना। देखो बढ़ा चढ़ा के जब बात की जाती है तब बोलते हैं उसे एस्केलेटरी इनफेशन। अब कुछ लोगों ने बोला कि लेस इंफॉर्मेशन है यहां पर क्योंकि इंडिया के नेशनल बर्ड की बात
करी है। यहां पर ग्रेट इंडियन बस्टर्ड स्टेट बर्ड की बात की गई है। लेस इनफेशन हो गई भाई। लेस इनफेशन नहीं है। इंफॉर्मेशन तो इंफॉर्मेशनेशन होती है ना और वो तो बराबर है। हम तो आप देखोगे यहां पर एडिशनल इनेशन दी गई है। राइट यहां पर एडिशनल इनेशन है। चलो नेक्स्ट। नेक्स्ट है आपका 48। 48 कहता है फील्ड गेम्स आर जनरली मोर पॉपुलर देन इंडिविजुअल स्पोर्ट्स। ठीक? दूसरे में कहता है कि अक्रॉस द वर्ल्ड टेनिस इज मोर पॉपुलर देन हॉकी। अब यह क्वेश्चन भी आपका बहुत इजी वाला क्वेश्चन है। कैसे? क्या यह रीट्रेट कर रहा
है अपनी बात को? पहले तो आपको यहां पर इसीलिए मैंने बोला था ना रीजनिंग भी चेक हो रही है। क्या आपको यहां पर पता होना चाहिए कि टेनिस जो है वो आपका इंडिविजुअल स्पोर्ट होता है। ठीक है? आपका कहीं ना कहीं यह आपका इंडिविजुअल स्पोर्ट है। हां, यहां पर डबल टेनिस भी होता है। लेकिन इसको आप इंडिविजुअल स्पोर्ट बोल सकते हो। और हॉकी जो है वो आपका फील्ड गेम है। ठीक है? आपका फील्ड गेम है। एफ जी लिख देता हूं। ठीक है? तो पहले में बोल रहा है कि फील्ड गेम्स ज्यादा पॉपुलर है। दूसरे में
बोल रहा है कि आपका कहीं ना कहीं ये वाला ज्यादा पॉपुलर है। तो आपका क्या हो गया? रीट्रेट कर रहा है। नहीं कंट्रास्ट कर रहा है। कंट्रास्ट तो तब करेगा जब दोनों आपके सही हो सकते हैं। यहां पर सिचुएशन ये बन चुकी है। या तो ये सही या तो ये गलत। राइट? अगर ये गलत तो ये सही। तो दोनों बातें एक साथ सही हो नहीं सकती। इसलिए आप बोलोगे कंट्राडिक्शन है यहां पर। राइट? कंट्राडिक्शन है। नेक्स्ट वन 49 49 कहता है पहला s1 है फॉरेस्ट कवर इज कंड्यूसिव टू इकोलॉजिकल रिकवरी। ठीक है? फॉरेस्ट कवर जो
है वो कंड्यूसिव है। कंड्यूसिव का मतलब होता है जो चीज हेल्पफुल होती है ना हेल्पफुल। जैसे फॉरेस्ट कवर है वो हेल्पफुल है इन इकोलॉजिकल रिकवरी। फिर S2 कहता है अनचेक्ड अर्बनाइजेशन लीड्स टू एनवायरमेंटल डिग्रेडेशन। अब यहां पर सोचो क्या होगा? क्या यह डिस्प्यूट कर रहा है? डिस्प्यूट तो भाई नहीं कर रहा है। कंट्रास्ट कर रहा है। नहीं कंट्राडिक्ट भी नहीं कर रहा। कोरिलेट कर रहा है। है ना? अब दोनों कहीं ना कहीं न्यूट्रल टाइप की स्टेटमेंट्स हमें दिख रही हैं यहां पर। नेक्स्ट है 50। 50 में देखते हैं। S1 क्या है? इंडियंस हैव बीन इमीग्रेटिंग
टू कंट्रीज अक्रॉस द वर्ल्ड फॉर सेंचुरीज़। ठीक है? दूसरा कह रहा है द इंडियन डायस्परा इज अ मॉडल ऑफ सक्सेस अक्रॉस द वर्ल्ड। क्या यह कोरबोरेट कर रहा है? कोरबोरेट करने का मतलब क्या होता है? मैंने समझाया था जब कोई एक बात बोली जाए वहीं पर आपने एविडेंसेस रख दिए और आपने उस चीज को सपोर्ट कर दिया। ना इमिग्रेट करने का कोई आपने यहां पर कोई भी प्रूफ नहीं दिया है। डिस्प्यूट कर रहा है। डिस्प्यूट भी नहीं कर रहा है। है ना? कोई भी इकोलॉजिकल डिपेंडेंस नहीं है। देखो यार डिपेंडेंस तो कहीं ना कहीं है।
एक सेंटेंस के नाते एक थोड़ा सा रिलेशन तो है दोनों में। तो हम कह सकते हैं कि हां एक टाइप की लॉजिकल डिपेंडेंस हमें दिखती है। राइट? कि फॉर सेंचुरीज ये इमीग्रेट करते रहे और काफी ज्यादा एक मॉडल ऑफ सक्सेस बन गए हैं। हम राइट? तो ये थे हमारे 10 क्वेश्चंस जो हमने यहां पर सॉल्व किए। अब हम देखते हैं अगला सेट अपना। हम अगला सेट हमारा आता है 41। 41 में S1 कहता है द स्नोवी अल्बेट्रोज़ इज़ अमंग द लार्जेस्ट बर्ड्स दैट फ्लाई इन द वर्ल्ड। ओके? नेक्स्ट है आपका इट हैज़ द वाइडेस्ट विंग
स्पैन अमंग ऑल बर्ड्स विद लेंस रीचिंग अप टू 12 फीट। ठीक है? तो पहले में ना एक जनरल स्टेटमेंट बना दी गई है। ये कहते हैं कि ये दुनिया का सबसे बड़ा उड़ने वाला बर्ड्स में से एक है। राइट? उनमें से एक है। और फिर कहते हैं कि इसके पास देखो इसको मेजर भी कर लो। है ना? कहते हैं कि मेजर कर लो। अगर नहीं मानते तो मेजर कर लो ना। बात मान जाओगे तुम अभी। हम तो यहां पर क्या कंट्राडिक्ट की जा रही है बात? नहीं भाई। कंट्रास्ट भी नहीं की जा रही है। क्या
इसको कंफर्म कर दे रहा है? देखो कंफर्म नहीं कर रहा। ऐसा नहीं कि उस चीज को एकदम कंफर्म कर दे रहा है। बोल दे रहा है कि अब इसके बाद कुछ हो ही नहीं सकता। हां एक एक्स्ट्रा इंफॉर्मेशन जरूर दी जा रही है। एक एक्स्ट्रा प्रूफ जरूर तुम्हें दिया जा रहा है कि इस चीज को थोड़ा सा रीइंफोर्स किया जा सके। अपनी स्टेटमेंट को वो थोड़ा सा रीइंफोर्स जरूर कर रहा है। अब आप बोलोगे कि मतलब अह देखो मैं क्या हूं? मतलब आप बोलोगे कि मैं बहुत पढ़ने में तेज हूं। फिर आप बोलोगे देखो मेरे
मार्क्स कितने आए। ठीक है? तो आपने कहीं ना कहीं उस चीज को कंफर्म नहीं कर दिया है। क्या आपने कंफर्म कर दिया कि आप बहुत अच्छे हो, बहुत ज्यादा पढ़ने वाले हो। आपने बस उस चीज को थोड़ा सा और फोर्स दे दिया है। हम है ना? चलो नेक्स्ट वन। नेक्स्ट है 42। 42 में s1 देखो। अ साइंटिफिक थ्योरी इज़ फर्स्ट प्रपोज्ड एज अ हाइपोथेसिस। ओके? फिर S2 कहता है आफ्टर इट इज़ सब्जेक्टेड टू इंक्वायरी एंड इज़ प्रूव्हेन इट बिकम्स अ थीसिस। ओके? चलो ये भी चीजें हमने देख ली। तो समझो यहां पर क्या ये प्रूव
कर रहा है पहली वाली को? तो प्रूव कर रहा है। नेक्स्ट है आपका हाइपोथेसाइज कर रहा है। नेक्स्ट है चैलेंजेस द बर्न ऑफ़ प्रूफ या फिर एक्सटेंड कर रहा है पहले वाले को। तो आप एक सिंपल सा कांसेप्ट समझो यहां पर। क्या ये प्रूव कर रहा है। प्रूव नहीं कर रहा है। हाइपोथेसाइज़ नहीं कर रहा है। है ना? और क्या ये यहां पर चैलेंज कर रहा है? बर्डन ऑफ़ प्रूव। कह रहा है कि अगर आप तुम ऐसी बात बोल रहे हो तो प्रूफ ला के दो हमें। है ना? तभी हम मानेंगे कि साइंटिफिक थ्योरी पहले
ये हाइपोथेसिस की तरह प्रपोज की जाती है। तो ऐसा भी नहीं है। ये एक्चुअली एक्सटेंड कर रहा है। क्योंकि यहां पर क्या है? यहां पर स्टेप्स बताए जा रहे हैं। इसको थोड़ा सा समझो। ये आपकी हो गई हाइपोथेसिस। ठीक है? पहले यहां पर आई। फिर कहते हैं कि आफ्टर इट इज़ सब्जेक्टेड टू इंक्वायरी होती है। फिर इसको प्रूव कर देते हैं और फिर यही थीसिस बन जाती है। यहां पर आपकी इंक्वायरी हो गई। यहां पर आपकी प्रूफ कर दिया गया। और यहां पर ये आपकी थीसिस बन गई। तो आपका एक्सटेंड कर दिया गया ना उसी
लाइन में। यही तो मैंने आपको समझाया था। इस तरीके से एक्सपैंड क्या होता है? एक्सपैंड इस तरीके से जाता है। समझ गए? यहां पर एक्सटेंड किया गया है। नेक्स्ट नेक्स्ट है आपका 43। 43 देखो बड़ा ही इंटरेस्टिंग सा है। S1 कहता है द मैन हंट फॉर द परपिट्रेटर ऑफ द क्राइम स्प्रेड अक्रॉस द एंटायर स्टेट। अब ये परपिट्रेटर कौन होता है? ये एक्चुअली जो क्राइम करता है ना उसे हम बोलते हैं। ठीक है? फिर S2 कहता है, देयर वाज़ अ डीप पब्लिक एंगर ट्रिगरर्ड बाय द इनॉर्मिटी ऑफ़ द क्राइम। अब इनॉर्मिटी आपका वर्ड क्या होता
है? ये आपका मतलब ग्रेविटी होती है। एक एक टाइप का मतलब कितना ज्यादा बेकार क्राइम किया गया है। इनॉर्मिटी बड़ा ही एक नेगेटिव सा वर्ड होता है। ठीक है? कहते हैं कि मतलब कितना ज्यादा गंदा कितना ज्यादा हीनियस क्राइम किया गया है वो दिखाता है इनॉर्मिटी। राइट? तो क्या है? ये प्रिक्सर है टू द फर्स्ट। फॉलो करता है पहले वाले को। कंट्राडिक्ट करता है या फिर अल्टर करता है प्रमाइसेस को। अल्टर करना मतलब होता है चेंज करना। तो चेंज तो नहीं कर रहा है प्रमाइससेस को। कंट्राडिक्ट भी नहीं कर रहा है। ऐसा नहीं कि कुछ
यहां पर डिफरेंसेस हैं कि पहला गलत है तो दूसरा वाला सही होना पड़ेगा। दूसरा सही है तो पहले वाले को गलत। ऐसा भी नहीं है। क्या ये फॉलो कर रहा है पहले वाले को? तो फॉलो नहीं कर रहा भाई। फॉलो अगर करता तो ये आपका पहले होता। पहला पहला आपका s1 होता। फिर आपका s2 होता। लेकिन हम यहां पर देख पा रहे हैं कि पहले आपका s2 हुआ है। फिर आपका s1 हुआ है। क्यों? देखो पब्लिक एंगर पहले आता है। उसके बाद मैन हंट स्टार्ट होती है ना? तो आप देखोगे प्रकर्स है पहले वाले का।
ठीक है? नेक्स्ट है आपका 44। 44 में S1 कहता है कि अवेयरनेस अबाउट वंस ओन पर्सनालिटी टाइप इज वेरीेंट। ठीक बात है। अवेयरनेस जो है अपनी पर्सनालिटी के बारे में बहुत जरूरी है। होनी चाहिए। सबको होनी चाहिए। ठीक है? समझ गए? फिर कहते हैं कि सेल्फ अवेयरनेस इज़ अ डिफिकल्ट गोल फॉर मोस्ट पीपल। लेकिन सेल्फ अवेयरनेस जो है काफी ज्यादा यहां पर डिफिकल्ट गोल भी हो जाता है। है ना? तो हम देखते हैं यहां पर क्या यह कंट्राडिक्ट कर रहा है? कॉन्ट्रब्यूटल वीजा वी द फर्स्ट है या फिर कंफर्म्स द फर्स्ट है या फिर कंट्रास्ट
द फर्स्ट है? सोचो जरा। अब कुछ यहां पर वर्ड्स आपके डिस्कस नहीं हो पाए थे पीछे। तो हम यहां पर सीख लेंगे। जैसे कंट्राडिक्ट की मीनिंग आपको पता है। क्या यहां पर S1 की वजह से अगर S1 सही है तो S2 को गलत होना पड़ेगा। ऐसा कुछ आपको लग रहा है। ऐसा तो यार यहां पर नहीं लग रहा है। तो हम इसको तो हटा देते हैं। क्या दोनों को ये कंफर्म करता हुआ दिखाई दे रहा है कि मतलब कह रहा है कि किस लिए पर्सनालिटी टाइप बहुत इंपॉर्टेंट है? ऐसा भी नहीं है। ये भी नहीं
बता रहा है। क्या ये कंट्रास्ट कर रहा है? मतलब दोनों में डिफरेंसेस दिख रहे हैं। हम तो ऐसा भी नहीं है। दोनों देखो एक ही चीज के बारे में बात कर रहे हैं। ये भी नहीं है। तो आपका ऑप्शन जो है वो बी होगा। और ये कॉन्ट्रिब्यूटल एक्चुअली होता क्या है? कॉनब्यूटल वीजा वी द फर्स्ट का मतलब यह है कि यहां पर अपोज कर रहा है इस टोन को। ठीक है? अपोज कर रहा है लेकिन अपोज इन टोन। ठीक है? अपोज कर रहा है टोन में लेकिन यहां पर कंट्राडिक्ट नहीं कर रहा है। हम बट
नॉट कंट्राडिक्शन। कंट्राडिक्शन आपका यहां पर नहीं है। ठीक? चलो नेक्स्ट। नेक्स्ट है आपका लिबरलाइजेशन चेंज्ड द कॉन्टोर्स ऑफ द इंडियास इकॉनमी। ठीक है? फिर यह कहते हैं कि मतलब लिबरलाइजेशन ने इंडिया की इकॉनमी कंप्लीटली बदल के रख दी। फिर कहते हैं कि इंडिया इज़ टुडे पोइज्ड टू बिकम वन ऑफ़ द टॉप इकॉनमीज़ ऑफ़ द वर्ल्ड। ओके? तो ये इस चीज़ की बात की गई है। बताओ जरा क्या करेगा? क्या ये कंट्राडिक्ट कर रहा है? नहीं जी ऐसा नहीं है। क्या ये कंट्रास्ट कर रहा है? ऐसा भी नहीं है। कोइंसाइड कर रहा है। देखो कोइंसाइड और
को-रिलेट में है। मैंने आपको डिफरेंसेस बताए ना। कोइंसाइड होता है जब आपका कोई भी एक्सीडेंटल चीज होती है। तो एक्सीडेंटल तो नहीं है। ये कोरिलेशन है। क्योंकि लिबरलाइजेशन की वजह से ही ऐसा हुआ है कि इंडिया इज़ पोज़ टू बिकम वन ऑफ़ द टॉप इकॉनमीज़ ऑफ़ द वर्ल्ड। क्लियर? चलो। सो, नेक्स्ट है आपका 46। 46 पढ़ो जरा। ये कहते हैं कि S1 द फाइनल आउटकम कैन नेवर बी प्रेडिक्टेड इनकंट्रोवरर्टिबली। ठीक है? इनकंट्रोवरर्टबली का मतलब क्या होता है? इसका मतलब होता है कि समथिंग वि इज एब्सोल्यूटली सर्टेन। राइट? जो चीज बिल्कुल सही है, इसको आप चैलेंज
नहीं कर सकते। हम फिर कहते हैं तो पहले का मतलब समझ लो कि फाइनल आउटकम जो होता है किसी भी चीज का जो रिजल्ट होता है उसको हम कभी भी इस तरीके से प्रेडिक्ट नहीं कर सकते कि उसको वो चीज एब्सोलुटली सर्टेन है। हम फिर कहते हैं कि ऑल आउटकम्स आर बेस्ड ऑन वेरिएबल्स दैट कैन नॉट ऑलवेज बी फुल्ली अंडरस्टुड। मतलब कि जो भी आउटकम्स होते हैं ना वो कुछ वेरिएबल्स पर डिपेंड करते हैं जिनको हम हमेशा नहीं समझ सकते। हमेशा नहीं समझ सकते का मतलब है कि हम कभी-कभी समझ सकते हैं लेकिन हमेशा नहीं
समझ सकते। तो इसका मतलब क्या है? आप समझोगे कि यहां पर डेफिनेटली फॉलोस द फर्स्ट। तो फॉलो करने वाले तो ऑप्शन यहां से हटा दो। राइट? यहां पर कहीं ना कहीं पहली वाली बात को रीइंफोर्स किया जा रहा है। लेकिन रीइंफोर्स ये कुछ एक्सटेंट तक कर रहा है। क्योंकि यहां पर ऑलवेज लगा दिया ना। अगर यह होता कि दैट कैन नॉट बी फुल्ली अंडरस्टुड। तो हम कहते हां इसने कंप्लीटली इसको कर दिया। ऑलवेज लगा दिया है। इसका मतलब ये कह रहा है कि हमेशा नहीं कर सकते लेकिन कभी-कभी कर सकते हो। राइट? ठीक है? चलो
नेक्स्ट वन। नेक्स्ट है आपका 47। 47 कहता है S1स्ट्री ओवर एनी आर्ट फॉर्म रिक्वायर्स इयर्स ऑफ़ डेडिकेशन एंड प्रिज़वेंस। दूसरा कहता है कि इट टेक्स 100 थाउजेंड। राइट? यह कह रहा है कि 10,000 सॉरी 10,000 आवर्स ऑफ प्रैक्टिस टू बिकम एन एक्सपर्ट इन अ फील्ड। ओके? तो ऐसी बात यहां पर की गई है। सोचो जरा क्या होना चाहिए? तो आपने देखा कि इज नॉट कंसिस्टेंट विद द फर्स्ट। तो ऐसा तो कुछ नहीं है कि कंसिस्टेंट नहीं है। मार्जिनली कंसिस्टेंट है। ऐसा भी नहीं है। ओनली पॉसिबल एक्सप्लेनेशन ओनली पॉसिबल आपका कुछ होता ही नहीं है। भाई
हर चीज के एक्सप्लेनेशंस बहुत सारे होते हैं। हिस्ट्री का मेरा लेक्चर देखना जिसमें हम हमने जैनिज्म की बात करी थी। जैनिज्म में हमने नॉन एब्सोल्यूटिज्म की बात करी थी। राइट? ये मतलब कोई भी चीज हो उसके बहुत सारे मीनिंग निकल सकते हैं। राइट बहुत सारे हम अनेकांतवाद तो आपका फुल्ली कंसिस्टेंट है पहले के साथ क्योंकि यहां पर इयर्स ऑफ डेडिकेशन की बात की गई है। यहां पर भी 10,000 ईयर आवर्स की बात की गई है। ये भी आपके इयर्स में ही आएंगे। हम ऐसे तो नहीं आएंगे। नेक्स्ट है आपका 48 48 में एस वन कहता
है द ब्यूटी ऑफ़ इंडियास डेमोक्रेसी रेस्ट्स इन द ग्रेटनेस ऑफ इट्स कॉन्स्टिट्यूशन। ओके। नेक्स्ट कहता है आपका S2 द कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया अपहो द कलेक्टिव वैल्यूस ऑफ द कंट्रीज सिविलाइजेशनल इथोस। ओके। अब बताओ इसमें क्या होगा? कह रहे हैं कि इंडिया की जो डेमोक्रेसी है, ठीक है? कि ब्यूटी कॉन्स्टिट्यूशन में है। फिर कह रहे हैं कि कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ़ इंडिया एक्चुअली अपहोल्ड करता है इतनी सारी इथोस को। राइट? इसलिए ऐसा है। तो, कनेक्ट्स विद द मेंशन ऑफ़ द इंडियन डेमोक्रेसी इन द फर्स्ट। ये होगा या फिर प्रोवाइड्स अ रीज़न फॉर द असरशन रिगार्डिंग द कॉन्स्टिट्यूशन इन
द फर्स्ट कंट्राडिक्ट। अब भाई कंट्राडिक्ट तो नहीं कर रहा। ऐसा भी नहीं कि कोई कनेक्शन ही नहीं है। कनेक्शन तो है और कनेक्शन ऐसा है कि ये रीज़ प्रोवाइड कर रहा है। ये एक्चुअली कह रहे हैं कि इंडिया की जो डेमोक्रेसी है, उसकी जो ब्यूटी है, वो कॉन्स्टिट्यूशन में दिखती है। कॉन्स्टिट्यूशन में क्यों दिखती है? वो इसलिए राइट? उसका यहां पर रीज़न दिया गया है। तो, इसको भी यहां पर कैंसिल करो। नेक्स्ट 49. 49 देखो आपका क्या है? S1 कहता है कि रोज़ येट इज़ एन एडजेक्टिव फॉर द रोज़ फ्लावर। ओके? S2 कहता है द
रोज़ इज़ अ पावरफुल पोएटिक सिंबल इन अ इन मैनी लैंग्वेजज़। ओके? सो आप देखते हो एक्सपैंड कर रहा है, एक्सप्लिकेट कर रहा है या फिर कंट्रास्ट कर रहा है या फिर कोइंसाइड कर रहा है। तो कंट्रास्ट तो नहीं कर रहा है। हम कोइंसाइड भी नहीं कर रहा। एक्सप्लिकेट कर रहा है। क्या उसको यहां पर एक्सप्लेन कर रहा है कि किस तरह से एडजेक्टिव है। ये भी नहीं। एक्सपैंड कर रहा है। एक्सपैंड कैसे कर रहा है? देखो उसी लाइन में नहीं लिखे जा रहा है। यहां पर कहीं ना कहीं उसकी मीनिंग को ब्रॉडन कर दिया गया
है। पहले हम यहां पर ग्रामर तक सीमित थे। ठीक है? हम पहले ग्रामर की बात कर रहे थे। फिर हमने यहां पर क्या बात करी? हमने यहां पर पोएट्री की बात करी। है ना? यहां पर हम पोएट्री की बात करने लग गए। इस स्कोप को ना हमने वाइडन कर दिया। है ना? तो इसलिए आपका ए वुड बी द करेक्ट ऑप्शन। अब सो ये हमारा लास्ट क्वेश्चन है 50। इसकी बात करते हैं। S1 कहता है द अर्ली बर्ड गेट्स द वार्म। ठीक है? S2 कहता है टू गो अबाउट वंस टास्क एक्सपेडिशियसली इज़ टू अचीव वंस गोल्स।
क्या यहां पर होगा? मेक्स असरशंस अबाउट द फर्स्ट प्रोवाइड्स अ मेटा मेटाफोरिकल रिअसर्शन ऑफ द फर्स्ट रीइंफोर्सेस द एजमशन ऑफ द फर्स्ट और कंट्रास्ट विथ द फर्स्ट। अब यहां पर कई लोगों ने यहां पर गलती ये करी। उन्होंने मेटाफॉर्फ़ मेटाफ़ोरिकल रिअसर्शन बोल दिया। तो मेटाफ़ोरिकल रिअसर्शन आपका S2 नहीं है। मेटाफ़ोरिकल रिअसर्शन एक्चुअली है बिल्कुल S1 है। S1 ऑफ़ S2 है और लेकिन हमें S2 ऑफ़ S1 बताना है। इसलिए ये ऑप्शन आपका नहीं होगा। इसलिए नहीं होगा। ठीक है? तो इसको हटाओ। असर्शन देता है। नहीं ऐसा भी नहीं। कंट्रास्ट कर रहा है। नहीं रीइंफोर्स कर रहा
है। पहले में हमने कुछ अस्यूम किया। उसी चीज को रीइंफोर्स कर दिया गया। क्लियर? तो इस तरीके से हमने करे यहां पर 50 क्वेश्चंस। अब हमारे सामने है प्रैक्टिस सेट। सो प्रैक्टिस सेट अब हम करेंगे 15 क्वेश्चंस की प्रैक्टिस। और यह 15 क्वेश्चंस आपको इस तरीके से करना है। जैसे ही क्वेश्चन आपकी स्क्रीन पर आता है, आपको वीडियो को पॉज करना है और क्वेश्चन को अटेम्प्ट करना है। एंड देन लास्ट में आपका स्कोर जो भी आता है, उसको कमेंट सेक्शन में लिखना है। चलो शुरू करते हैं। क्वेश्चन वन। क्वेश्चन वन कहता है इसमें S1 है
रीडिंग इंप्रूव्स वोकैबरी एंड कॉम्प्रिहेंशन। सेकंड कहता है एक्सपेंसिव रीडिंग एक्सपोजेस लर्नर्स टू वैरीड सेंटेंस स्ट्रक्चर्स। राइट? तो यहां पर हम देखते हैं कि क्या ये कंट्राडिक्ट कर रहा है, रीइंफोर्स कर रहा है, क्वालीफाई कर रहा है या फिर यह अनरिलेटेड है पहले वाले से। तो ऐसा तो आप देखते हो कि अनरिलेटेड तो नहीं है। क्वालीफाई भी नहीं कर रहा है। अगर क्वालीफाई करता तो कहीं ना कहीं एक कंडीशन लगाता और कंडीशन भी नहीं लगाई जा रही है तो इसको भी छोड़ दो। कंट्राडिक्ट कर करता है कब? यह करता है जब आपका S1 अगर सही है
तो S2 आपका गलत होना चाहिए। अगर यह गलत है तो ये सही होना चाहिए। तो ऐसी सिचुएशन भी नहीं है। ये रीइंफोर्स कर रहा है। ये कह रहा है कि वोकैबरी और कॉम्प्रिहेंशन रीडिंग इंप्रूव करती है और किस तरीके से करता है? क्योंकि यहां पर वैरिड सेंटेंस स्ट्रक्चर से एक्सपोज कर देता है आपको। आप ज्यादा चीजें सीखते हो। चलो नेक्स्ट। पढ़ो और अटेमप्ट करो। क्वेश्चन टू S1 कहता है ऑल टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट्स बेनिफिट सोसाइटी। ठीक है? फिर कहता है कि सम टेक्नोलॉजिकल इनोवेशंस हैव कॉज्ड एनवायरमेंटल डैमेज। सोचो जरा क्या होगा आपका सही ऑप्शन? कह रहे हैं
यहां पर कंट्रास्ट होगा या कोरोबोरेट होगा या फिर रीटरेट होगा। कोरोबरेट आपका तब होता है जब आप किसी भी चीज का एविडेंस प्रोवाइड करो एडिशनल और उसकी वजह से क्या होता है कि कहीं ना कहीं हमें लगता है कि थोड़ा सा एक्सप्लेन किया जा रहा है तो ऐसा तो कुछ नहीं है। रीइटरेट करने का करने का मतलब है सेम बात को दोहराया जाए। ऐसा भी नहीं है। कंट्रास्ट करने का मतलब यह होता है कि आपकी S1 भी सही है, S2 भी सही हो सकती है। लेकिन यहां पर यह है कि यहां पर ऑल टेक्नोलॉजिकल एडवांसमेंट्स
की बात की गई जो कि बेनिफिट कर रहे हैं और यहां पर सम टेक्नोलॉजिकल इनोवेशंस की बात करी जो कि हार्म कर रहे हैं। तो ये दोनों बातें एक साथ तो नहीं हो सकती। इसलिए कंट्राडिक्ट होगा। नेक्स्ट क्वेश्चन नंबर थ्री। अटेमप्ट करो। इकोनमिक ग्रोथ इज एसेंशियल फॉर नेशनल डेवलपमेंट। ठीक? नेक्स्ट है आपका प्रोवाइडेड दैट ग्रोथ इज इंक्लूसिव एंड सस्टेनेबल। सोचो थोड़ा सा क्या होगा? क्या ये कंट्राडिक्ट कर रहा है? तो भाई कंट्राडिक्ट नहीं कर रहा है। एक्सपेंड कर रहा है। एक्सपेंड भी नहीं कर रहा है। एक्सप्लेन कर रहा है। एक्सप्लेन भी नहीं कर रहा। क्वालीफाई
कर रहा है। क्यों क्वालीफाई कर रहा है? क्योंकि ये कहीं ना कहीं कंडीशन पुट कर रहा है। ये कंडीशन पुट कर रहा है। ये कह रहा है कि बस बशर्ते ये होना चाहिए कि ग्रोथ जो है इंक्लूसिव और सस्टेनेबल हो। है ना? इस तरीके से नेशनल डेवलपमेंट हो सकता है। नेक्स्ट है आपका S1 कहता है द इन्वेंशन ऑफ द व्हील ट्रांसफॉर्म्ड ह्यूमन सिविलाइजेशन। S2 कहता है इट इनेबल्ड एफिशिएंट ट्रांसपोर्टेशन एंड ट्रेड। सोचो क्या होगा? तो ये कह रहे हैं इन्वेंशन ऑफ़ द व्हील जो है उसने ट्रांसफॉर्म कर दिया। फिर कह रहे हैं कि इट इनेबल्ड।
सो रीइटरेट किया है इसने। प्रोवाइड्स अ रीज़न फॉर द फर्स्ट या फिर कंट्राडिक्ट किया है पहले वाले से या कोइंसाइड किया है पहले वाले से। अब कोइंसाइड करेगा मतलब दोनों के बीच में कोई भी मेल था नहीं। बस एक्सीडेंटली दोनों मिल गए। ऐसा नहीं है। कंट्राडिक्ट करना मतलब यहां पर एक सही तो दूसरा गलत। नहीं ऐसा भी नहीं है। रीिट्रेट करना उसी बात को फिर से बोलना ऐसा भी नहीं है। एक्चुअली यहां पर तो आप समझ सकते हो इसको रीज़न दिया जा रहा है। किस तरीके से इसने ट्रांसफॉर्म किया है ह्यूमन सिविलाइजेशन को। इसने इस
तरीके से ट्रांसफॉर्म किया है कि ट्रांसपोर्टेशन और ट्रेड को इनेबल कर दिया। है ना? नेक्स्ट नेक्स्ट में हम देखते हैं आपका S1 कहता है डेमोक्रेसी थ्राइव्स ऑन इनफॉर्म्ड सिटीजन पार्टनरशिप। S2 कहता है वोटर अवेयरनेस कैंपेन इनवॉल्व इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन। हम सो S1 कहता है डेमोक्रेसी थ्राइव्स ऑन इनफॉर्म्ड से सिटीज़ पार्टनरशिप। दूसरा वोटर अवेयरनेस कैंपेन जो है इंप्रूव करता है इलेक्ट्रोल पार्टनरशिप पार्टिसिपेशन को। क्या सही होगा आपका? क्या ये लॉजिकल कॉन्सिक्वेंस है पहले वाले का? रीइंफोर्स कर रहा है पहले वाले को। कंट्रास्ट कर रहा है या फिर डिस्रूव कर रहा है। अब इन दोनों को पहले तो
हटा दो। डिस्प्रूव भी नहीं है, कंट्रास्ट भी नहीं है। हम लॉजिकल कॉन्सक्वेंस है। तो लॉजिकल कॉन्सिक्वेंस नहीं है। आप समझ सकते हो यह कहीं ना कहीं रीइंफोर्स किया जा रहा है। कैसे? क्योंकि ये कह रहे हैं कि डेमोक्रेसी थ्राइव करता है। इनफॉर्म्ड सिटीजन पार्टनरशिप होता है और वोटर अवेयरनेस कैंपेन जो होते हैं, है ना? वो इंप्रूव करते हैं इलेक्ट्रोरल पार्टिसिपेशन को और वही आप आपका बाद में डेमोक्रेसी को थ्राइव करते हैं। सिंपल सी बात है। नेक्स्ट क्वेश्चन नंबर सिक्स। सोचो और अटेमप्ट करो। पहला है सोशल मीडिया कनेक्ट्स पीपल अक्रॉस ज्योग्राफिकल बाउंड्रीज। ठीक? दूसरा है इट
ऑफेन रिड्यूसेस मीनिंगफुल फेस टू फेस इंटरेक्शन। ठीक? तो पहले कह रहे हैं कि सोशल मीडिया कनेक्ट करता है पीपल को अक्रॉस ज्योग्राफिकल बाउंड्रीज। ठीक है? फिर कह रहे हैं कि ये क्या करता है? कभी-कभी मीनिंगफुल फेस टू फेस इंट इंटरेक्शन भी लेके आता है। क्या होगा? कंट्राडिक्ट करेगा। सो कंट्राडिक्ट तो नहीं है। है ना? ऐसा तो नहीं है कंट्राडिक्ट कर रहा हो। हम फिर कह रहे हैं कि रीइंफोर्स करता है। तो यहां पर एक्चुअली आप सिंपल सा समझ सकते हो कि ऐसा नहीं कि S1 सही है तो S2 गलत है। तो वही वाला सिस्टम आप
फिर से लगा सकते हो। अगर ये दोनों ऑप्शन आपको मिले। रीइंफोर्स भी नहीं कर रहा। रीइट्रेट भी नहीं कर रहा। ये कने कंट्रास्ट कर रहा है। कॉन्ट्रास्ट ऐसे कर रहा है कि यहां पर ये कह रहे हैं कि कनेक्ट कर रहा है। ये कह रहे हैं कि आपका आपका कभी-कभी ये रिड्यूस भी कर रहा है। फेस टू फेस इंटरेक्शन को काफी रिड्यूस कर रहा है। है ना? कनेक्टिव तो कर रहा है लेकिन फेस टू फेस इंटरेक्शन को रिड्यूस करता है। हम कंट्रास्ट है। नेक्स्ट क्वेश्चन नंबर सेवन। सेवन का S1 कहता है क्लाइमेट चेंज पज़ेस अ
सीरियस थ्रेट टू कोस्टल रीज़ंस। ठीक? नेक्स्ट आपका कहता है कि राइजिंग सी लेवल्स इंक्रीस द रिस्क ऑफ फ्लडिंग इन कोस्टल सिटीज। है ना? तो पहले कहते हैं कि क्लाइमेट चेंज पज़ेस अ सीरियस थ्रेट टू कोस्टल रीज़ंस। दूसरा कहते हैं कि राइजिंग सी लेवल्स इनक्रीस द रिस्क ऑफ फ्लडिंग इन कॉस्ट सिटीज। तो क्या यह एक्सप्लिकेट कर रहा है या क्वालीफाई कर रहा है या कंट्राडिक्ट कर रहा है या फिर इंडिपेंडेंट है पहले वाले से। तो आप यहां पर सबसे पहले तो समझो इंडिपेंडेंट तो नहीं है। कहीं ना कहीं दोनों में एक ही चीज की बात की
गई है। कंट्राडिक्ट कर रहा है क्या? ऐसा लग रहा है कि मतलब पहला वाला सही है तो दूसरे वाले को गलत होना पड़ेगा। या फिर हमारा क्लाइमेट चेंज के लिए कुछ शर्त यहां पर लग रहा रख रहा है कि इस वजह से यहां पर सीरियस थ्रेट है। ऐसा भी नहीं है। एक्सप्लिकेट कर रहा है। है ना? एक्सप्लेन कर रहा है कि क्लाइमेट चेंज जो है सीरियस थ्रेट किस तरीके से बना है। इस तरीके से क्योंकि इसी के साथ एक सी लेवल होता है। वो भी राइज़ कर रहा है। हम मतलब एक नहीं मतलब एक चीज
होती है सी लेवल वो भी राइज़ कर रही है। हम फिर क्वेश्चन नंबर एट पढ़ो और अटेम्प्ट करो। मेरे पढ़ने से पहले ही आपने अटेम्प्ट करना है। ठीक है? सो s1 कहता है डिसिप्लिन इज क्रूशियल फॉर सक्सेस इन कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशंस। फिर S2 कहता है मेनी सक्सेसफुल कैंडिडेट्स फॉलो स्ट्रिक्ट डेली रूटीनंस। सो डिसिप्लिन इज़ क्रूशियल फॉर सक्सेस इन कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशंस। दूसरा कहता है मेनी सक्सेसफुल कैंडिडेट्स फॉलो स्ट्रिक्ट डेली रूटीनंस। क्या सही होगा? सोचो। कंफर्म कर रहा है क्या पहले वाले को? कंफर्म तो नहीं कर रहा। कोइंसाइड भी नहीं कर रहा, कंट्रास्ट नहीं कर रहा। यह कर
रहा है रीइंफोर्स। ठीक है? समझना थोड़ा अच्छे से और आपको पता चल जाएगा। यह एक्चुअली रीइंफोर्स करता है। क्वेश्चन नंबर नाइन। इसमें S1 कहता है फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन इज़ अ फंडामेंटल डेमोक्रेटिक वैल्यू। दूसरा कहता है कि रीज़नेबल रिस्ट्रिकशंस मे बी इंपोज्ड इन द इंटरेस्ट ऑफ़ पब्लिक ऑर्डर। हम क्या होगा? तो, यह कंट्राडिक्ट कर रहा है क्या? देखो कंट्राडिक्ट तभी करेगा जब हम कहेंगे कि कहीं ना कहीं पहला वाला गलत और दूसरे वाले को सही होना चाहिए। रीइट्रेट भी नहीं कर रहा। पहले वाली सेम बात नहीं बोला। निगेट भी नहीं कर रहा है। क्वालीफाई कर रहा
है। है ना? क्वालीफाई कर रहा है। ये मतलब यहां पर फंडामेंटल डेमोक्रेटिक वैल्यू तो है लेकिन रीज़नेबल रेस्ट्रिकशंस भी लगाई जा सकती हैं। है ना? नेक्स्ट है आपका। S1 कहता है रैपिड अर्बनाइजेशन लीड्स टू प्रेशर ऑन सिविक इंफ्रास्ट्रक्चर। हम यह हो गया। नेक्स्ट कहता है सिटीज विद बेटर प्लानिंग मैनेज पापुलेशन ग्रोथ इफेक्टिवली। हम सो रैपिड अर्बनाइजेशन जो है उसकी वजह से काफी ज्यादा प्रेशर हो रहा है। और सिटीज विद बेटर प्लानिंग मैनेज पापुलेशन ग्रोथ इफेक्टिवली। हम मैनेज करती हैं पापुलेशन ग्रोथ को इफेक्टिवली। तो यहां पर क्या है? क्या यह कंट्राडिक्ट कर रहा है? नहीं जी,
रीइंफोर्स कर रहा है। नहीं, रिट्रेट कर रहा है। नहीं। यहां पर एक आपका अल्टरनेटिव पर्सपेक्टिव बता रहा है। है ना? एक अल्टरनेटिव एक अलग सा पर्सिव बता रहा है जो कि आपका हटके है। तो ऐसे भी ऑप्शंस आपको दिख सकते हैं जो ऑलरेडी एग्ज़िस्ट नहीं करते। तो आपको समझना पड़ेगा थोड़ा पढ़ना पड़ेगा। फिर है क्वेश्चन नंबर 11। इसमें आपका s1 कहता है साइंटिफिक थ्योरीज़ आर सब्जेक्ट टू रिवीज़। ठीक है? दे आर सब्जेक्ट टू रिवीज़। मतलब उनको रिवीजन करना चाहिए। उसका उनको रिवाइज करना चाहिए। कई बार क्या होता है कि e = mc² को आपने ये
नहीं मान लेना कि एकदम सही है। हो सकता है ये गलत भी हो। हम रिवाइज करते रहो। न्यू एविडेंस कैन अल्टर एग्जिस्टिंग एक्सप्लेनेशंस। ये आपका S2 में बोला गया। है ना? तो क्या ये रिफ्यूट कर दे रही है पहले वाले को? नहीं। ऐसा नहीं है। अगर ये बोलता कि साइंटिफिक थ्योरीज़ बिल्कुल सही होती हैं। ये कभी गलत हो ही नहीं सकती। मतलब आपने रिफ्यूट कर दिया पहले वाले को। लेकिन ऐसा नहीं है। कंट्रास्ट भी नहीं किया, इनवैलिडेट भी नहीं किया। आपने यहां पर बेसिस दिया है पहले वाले का कि क्यों यहां पर करना चाहिए। है
ना? क्योंकि नए एविडेंसेस आ सकते हैं जो कि अल्टर कर देंगे एकिस्टिंग एक्सप्लेनेशंस को। क्लियर? नेक्स्ट आपका क्वेश्चन नंबर 12। इसमें S1 कहता है हार्ड वर्क अलोन डज़ नॉट डज़ नॉट गारंटी सक्सेस। हार्ड वर्क अपने आप में गारंटी नहीं करता है सक्सेस। फिर यह कहता है कि अपॉर्चुनिटीज एंड टाइमिंग आल्सो प्ले सिग्निफिकेंट रोल्स। तो यहां पर क्या होगा? सोचो जरा। हम कंट्राडिक्ट कर रहा है क्या? नहीं जी रिट्रेट कर रहा है। नहीं है ना? क्या ये क्वालीफाई कर रहा है। क्वालीफाई भी ये देखो रीइंफोर्स कर रहा है। रीइंफोर्स कर रहा है। ये कह रहा है
कि देखो हार्ड वर्क जो है अकेला पॉसिबल नहीं है। और क्यों नहीं पॉसिबल है? क्योंकि हमारे सामने अपॉर्चुनिटीज़ और टाइमिंग भी होनी चाहिए। सही होनी चाहिए। क्यों? उसके बाद क्वेश्चन नंबर 13 की बात करें। इसमें हमारा S1 और S2 आता है। S1 कहता है द प्रेस एक्ट्स एज अ वॉच डॉग फॉर डेमोक्रेसी। दूसरा कहता है इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म एक्सपोज मिसयूज़ ऑफ़ पावर। हम सो द प्रेस जो है वो एक्ट करती है एज अ वॉश डॉग फॉर डेमोक्रेसी। ठीक है? फिर इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म जो है वो एक्सपोज़ करता है मिसयूज़ ऑफ़ पावर। क्या यह एग्ेंंपलीफाई करता है, कंट्राडिक्ट
कर रहा है या फिर यह क्वालीफाई कर रहा है या कोइंसाइड कर रहा है? कोइंसाइड तो नहीं कर रहा, कंट्राडिक्ट भी नहीं कर रहा। क्वालीफाई भी नहीं कर रहा। ये एक्चुअली एग्लीफाई कर रहा है। यह बता रहा है कि ये जो आपका प्रेस होता है ना ये किस तरीके से वॉच डग बन जाता है। क्योंकि यहीं पर एक्चुअली इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म होता है जो कि मिसयूज़ कर देता है। यहां पर एक्चुअली एक्सपोज कर देता है। आई एम सो सॉरी। एक्सपोज कर देता है मिसयूज़ को पावर के। हम फिर यहां पर क्वेश्चन नंबर 14 इसको जरा पढ़ो
और अटेंड करो खुद से। सो S1 कहता है टेक्नोलॉजिकल प्रोग्रेस इंप्रूव्स एफिशिएंसी इन इंडस्ट्रीज। S2 कहता है ऑटोमेशन हैज़ रिड्यूस्ड द नीड फॉर मैनुअल लेबर इन मैनी सेक्टर्स। हम राइट? सो टेक्नोलॉजिकल प्रोग्रेस जो है इंप्रूव कर रही है एफिशिएंसी को इंडस्ट्रीज में। सही बात है। लेकिन यहां पर कह रहे हैं ऑटोमेशन जो है रिड्यूस कर रहा है नीड फॉर मैनुअल लेबर इन मेनी सेक्टर्स। तो क्या यह इलेबोरेट कर रहा है? क्या यह कंट्राडिक्ट कर रहा है? या फिर ये अंडरमाइन कर रहा है या फिर अनरिलेटेड है? अनरिलेटेड नहीं है। अंडरमाइन भी नहीं कर रहा है।
कंट्राडिक्ट भी नहीं कर रहा। ये इबोरेट कर रहा है। है ना? ये एक्चुअली इबोरेट कर रहा है। नेक्स्ट है आपका 15। 15 में आप देखते हो S1 है अ नेशंस कल्चर रिफ्लेक्ट्स इट्स हिस्टोरिकल एक्सपीरियंसेस H2 कहता है ट्रेडिशंस एंड कस्टम्स इवॉल्व ओवर टाइम क्या होगा आपका यहां पर सोचो कंट्राडिक्ट करेगा एक्सपैंड करेगा इंडिपेंडेंट है पहले वाले से रीटरेट करेगा इंडिपेंडेंट तो नहीं है कहीं ना कहीं सेम बातें हो रही हैं थोड़ा-थोड़ा रीटरेट भी नहीं किया जा रहा है छोड़ दो कंट्राडिक्ट भी नहीं है एक्सपेंड है ये नेशंस कल्चर रिफ्लेक्ट्स इट्स हिस्टोरिकल एक्सपीरियंसेस और जो ट्रेडिशंस
और कल्चरर्स हैं वो इवॉल्व होते हैं ओवरटाइ। इसी वजह से एक्चुअली नेचर का जो कल्चर है वो रिफ्लेक्ट होता है हिस्टोरिकल एक्सपीरियंसेस में। राइट? तो ये आपने देखो यहां पर हमने क्या-क्या चीजें सीखी? हमने बहुत सारी चीजें इस वीडियो में सीखी। अगर आपने पूरा वीडियो देखा है। अगर अगर आप यहां तक आए हो तो डेफिनेटली आपने यहां पर जो है मीनिंग्स सीखी होंगी। है ना? और वहां पर मैंने मीनिंग्स केवल नहीं बताई। आपको एग्जांपल्स के साथ बताया है। दूसरा हमने पीवाईक्यूस भी सॉल्व कर लिए। राइट? और साथ में हमने प्रैक्टिस क्वेश्चंस भी सॉल्व कर लिए।
तो हमारा सब कुछ यहां पर डन हो चुका है। इसके बाद यह वाली पीडीएफ आपको डाउनलोड कर लेनी है। रिवाइज करना और आपका जो है काम पूरा हो जाएगा। गोल्डन रूल की बात करें तो मैं आपको यह बताना चाहूंगा इस पर्टिकुलर सेक्शन में कि डू नॉट लुक एट ऑप्शंस फर्स्ट। कई बार क्या होता है कि आप ऑप्शंस की तरफ पहले भागते हो। बाद में आप अपने सेंटेंसेस को पढ़ते हो। पहले आपने S1 को समझना है। S2 को समझना है। टोन को समझना है कि यहां पर टोन क्या है? राइट? वहां पर जो मैंने चार पांच
जो आपको रिलेशंस टाइप समझाए ना वो आपको समझने हैं। देन आपको ऑप्शंस देखने हैं। तो ये यहां पर आपके लिए गोल्डन रूल रहेगा इस वीडियो से। राइट? और लास्ट में मैं अगेन अपनी ही बातें रीटरेट करूंगा। 9264922851 मेरा नंबर है। अगर आपका कोई भी डाउट है या फिर आपका कोई सजेशन है तो आप मुझे टेक्स्ट कर सकते हैं। डेली क्लास नाम से एक Telegram चैनल है तो वहां पर आपको मिल जाएगी पीडीएफ। अब आपने समझ लिया होगा इस वीडियो की पीडीएफ कितनी ज्यादा इंपॉर्टेंट है। तो आप डाउनलोड कर लेना। लिंक मैं दे दूंगा डिस्क्रिप्शन में।
और मिलते हैं हम अगली वीडियोस में। एंड टिल देन ब-ब टेक केयर एंड जय हिंद।