अस्सलाम वालेकुम। वेलकम बैक बैच नंबर 40। आपकी क्लास नंबर 17 है आज और उसी के साथ-साथ आज हमें बैच 41 ने भी ज्वाइन किया है। अच्छा हमने पेस इसी तरीके से रखी थी लास्ट टाइम जब बैच 30 चल रहा था उस वक्त भी और इस दफा भी के जब हमारा बैच जो हम पूरा रिकॉर्ड करते हैं ना पूरा लाइव बैच जैसे बैच 30 था बैच 40 पूरा लाइव रिकॉर्ड हो रहा है ना इसी जैसे तो उसमें जो बैच 41 है या बैच 31 था वो साथ मर्ज हो जाए वॉल्यूम के टाइम पे तो इसकी स्पेस
इसी तरीके से रखी गई थी लास्ट वीक अपनी क्लासेस मैंने बताया था कि उमरा की वजह से मैं नहीं ले सका तो आज हमें बैच 41 ने भी ज्वाइन किया आपको भी मैं वेलकम कहता हूं। अच्छा आप तरीकाकार क्या है? थोड़ा सा एक दफा वो समझ लें। अच्छा रिकॉर्डिंग आप सबको मिलेगी बिल्कुल बार-बार रिक्वेस्ट उसकी ना भेजें जी। रिकॉर्डिंग आप सबको मिलेगी। देखिए जी तरीकाकार क्या है अभी? अब हम आगे कैसे चलेंगे। हमने जो हमारे मोस्ट इंपॉर्टेंट जो मॉड्यूल्स हैं ये जो फेज है वो चार हैं। उसमें जो फर्स्ट क्लास थी उसमें शायद पांच ही
बताए गए थे। पांच कर लें, चार कर लें कंटेंट वही है। अच्छा वो किस तरीके से हमने चलना था कि फर्स्ट जो हमारा फेस था उसमें हमने प्राइस एक्शन पढ़ा है मुकम्मल तौर पे। प्राइस एक्शन आपने पढ़ लिया। प्राइस एक्शन आपको किस चीज की इंफॉर्मेशन देता है? प्राइस एक्शन में जो बेसिक चीज है ना वो स्ट्रक्चर है। मार्केट स्ट्रक्चर है। ठीक है? कि आपका लो कौन सा है, हाई कौन सा है और हायर लो कौन सा है, हायर हाई कौन सा है। कैसे आपने उनको मार्क करना है। कब वो कंफर्म होते हैं? कब ब्रेकअप स्ट्रक्चर
होता है? कब मोमेंटम शिफ्ट होता है? कब ट्रेंड शिफ्ट होता है? ये सब चीजें आपने उसमें सबसे इंपॉर्टेंट चीज़ वो है। बाकी आपने अगर उसमें कुछ भी नहीं पढ़ा। ये सब कुछ छोड़ दिया। तो ये तीन चार क्लासेस जो स्ट्रक्चर की थी वो बहुत जरूरी हैं। ठीक हो गया? उसके बाद एडिशनली हमने कुछ चीजें पढ़ी थी जिसमें फिबोनाची था जिसमें सपोर्ट रेजिस्टेंस भी थी। उसमें ट्रेंड लाइन का भी हमने पढ़ा। आरएसआई की भी आपको मैंने दो तीन स्ट्रेटजीज़ जो बताई हैं वो बहुत इंपॉर्टेंट है। हिडन डायवर्जेंस या रेगुलर डायवर्जेंस। आप उनको करना चाहते हैं उन
पे काम करें। नहीं करना चाहते तो उनको छोड़ दें बेशक वो जरूरी नहीं है। ठीक है जी। ये मैं बैच 41 से मुखातिब हूं। आप लोगों ने कैसे करना है? लेकिन अगर आप उनको कर लेंगे ना तो आपको एडिशनल कन्फर्मेशंस बहुत अच्छी मिलेगी। यानी पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट मार्क करने में आपको बहुत आसानी हो जाएगी। जो कि मेन की है। जो मेन चीज है इस कोर्स में वो ये है कि आपको ट्रेंड का पता हो। फिर आपको पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट का पता हो। अब पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट के लिए हम आ जाते हैं फेज टू पे। फेज
वन में आपने स्ट्रक्चर के बारे में पढ़ लिया। मेन आपको चीज वो पता होनी चाहिए। बाकी चीजें एडिशनल है सब। क्योंकि प्राइस सेक्शन हमने पूरा पढ़ना था। उसमें फिबोनाची शामिल है। बाकी चीजें भी शामिल है। नंबर टू। जब आपको स्ट्रक्चर का पता चल जाता है तो स्ट्रक्चर के बाद अब आपको पता है कि आपने यह बुलिश ट्रेंड है। आपने बाय की ट्रेड्स लेनी है। यह बेरिश ट्रेंड है। इसमें आपने सेल की ट्रेड्स लेनी है। अभी देखें कितना पिछले दिनों शोर पड़ा रहा है कि बरिश ट्रेंड हो गया है। प्राइस नीचे जाने वाली है। लोगों ने
यहां तक कहना शुरू कर दिया जी 2500 आ रहा है। 2400 आ रहा है। 2600 आ रहा है। तो जब तक आपको मैंने लाइव 41 ने तो अभी जॉइन किया है। इससे पहले जो बैचेस हैं वो भी बैच 40 को भी आपको मैंने कई दफा बताया कि यह पूरा एक प्रोसेस होता है। आपको फोर आवर का फिर उसके बाद डेली का फिर वेट करना पड़ता है। अब ब्रेक ऑफ स्ट्रक्चर होगा। प्राइसेस नीचे जाएंगी। तो कोई भी रिस्टेंट नहीं था। कुछ भी नहीं था। एक डीप रिट्रेसमेंट थी। वह आई है और ख़ हो गई है प्राइस
दोबारा बुलिश हो गई। देखिए अब 3400 पे पहुंच गया दोबारा से। तो इसलिए कभी भी आपने दो चार कैंडल्स बनने पे या डेली में कोई पांच सात दिन प्राइस नीचे आ गई है। तो आपने ये नहीं समझना ट्रेंड बरिश हो गया है। जो चीज़ आपने पढ़ी थी स्ट्रक्चर में बस उसको ही फॉलो करना है। बुलिश ट्रेंड है। मेन ट्रेंड डेली के वीकली के या फोर आवर का ट्रेंड बुलिश है। आपने बाय की ट्रेड्स लेनी है। अगर वो ट्रेंड बरिश चल रहा है। आपने सेल करना है। आपने फिर बाय नहीं करना। देखिए बाय गोल्ड में गोल्ड
का फायदा यह गोल्ड में बाय हर वक्त सेफ है। आप कभी भी किसी भी रेट पर किसी भी जमाने में सोना खरीद लें वो हमेशा एक सेफ इन्वेस्टमेंट है। तो यहां पर भी ऐसा ही है अगर आपका रिस्क मैनेजमेंट अच्छी है तो। अच्छा बहाल ये चीज़ हो गई फज़ वन में। फज़ टू में हमने पढ़ा था फिर कि पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट क्या होते हैं कि किस तरीके से आपको पता है कि यहां से प्राइस ऊपर गई है। अपना हाई ब्रेक करके प्राइस ऊपर गई है। तो, यह हमारा लो बन गया है। यह हमारा हाई बन
गया। इतनी बात आपने स्ट्रक्चर में पढ़ ली थी। अब आपने इस ट्रेंड में बैठना कैसे है? यह तो आपको पता है कि बुलिश है। प्राइस तो यहां से बुलिश आ रही है। आप कहां से बैठेंगे? किस जगह से आप बाय करेंगे? उसका तरीकाकार फिर यह है कि आप नीचे अपने फेयरली गैप्स मार्क कर लेते हैं। ऑर्डर ब्लॉक्स मार्क कर लेते हैं। ये आपके पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट होते हैं। अब इन्हीं जगहों पे आके अगर आपने अभी तक वॉल्यूम नहीं पढ़ा और आरएसआई की ट्रेड मिल रही है। हिडन डायवर्जेंस आप कर सकते हैं। आपको रेगुलर डायवर्जेंस मिल
रही है तब भी आप कर सकते हैं। फिबोनाची की ट्रेड भी आप कर सकते हैं। तो दूसरा जो फज़ हमने पढ़ा है वो था पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट कैसे मार्क करना है। उसमें मेन चीजें जो है वो ब्रेकर ब्लॉक यानी ऑर्डर ब्लॉक और एफजी और हमने पढ़ा था बीपीआर। ये तीन चीजें मैंने पढ़ाई हैं ज्यादा उसको हमने लंबा खींचा नहीं है। तो इस तरीके से आपको ये चीज पता चल जाएगी। अब जो बैच 41 है आपने यह फेज वन और फेज टू इनके रिकॉर्डिंग्स देखनी है। उसका तरीकाकार ये होगा देखनी है मैक्सिमम लोगों ने देख ली
है। कुछ लोगों ने आज ही ज्वाइन किया होगा। अब आपके लिए तरीकाकार क्या है? हम तो अब वीएसए पे चले गए ना आज हमसे आज से हम वीएसए स्टार्ट कर रहे हैं। उसका तरीकाकार यह होगा कि वीएसए एक डिफरेंट चीज है। बिल्कुल। जिसको कुछ नहीं आता उसको भी यह चीज समझ आएगी जो मैं बताने लगा हूं। अगर आपने फेज वन नहीं देखा फेज टू नहीं देखा तो आज मैं जो क्लास पढ़ाऊंगा वो आपको समझ आएगी। बिल्कुल उसी तरीके से जैसे बैच 40 वालों को आएगी। लेकिन जाहिर है पूरी मालूमात के लिए पूरा ट्रेडिंग सीखने के
लिए आपको स्किल सेंटर की वेबसाइट पर आना है। वहां पर आप साइन इन का ऑप्शन होगा। साइन इन करेंगे। साइन इन करने के बाद आपको सबको यह प्रोसीजर पता है। आपके सामने यह डैशबोर्ड ओपन हो जाएगा। ठीक है? तो यहां पे आप बैच 40 पे क्लिक कर देंगे। और उसके बाद आपके सामने यह क्लासेस आ जाएंगी नीचे। आपने सिर्फ लाइव क्लासेस देखनी है। इतना काफी रहेगा आपके लिए। जो लाइव क्लासेस का पोर्शन है। जो नीचे यह आ रहा है ना फ़ज़ वन, प्राइस सेक्शन, फेज टू, पार्ट टू और यह स्मार्ट मनी। ये बैच 30 के
हैं। ये आप देखना चाहें तो आपकी हिम्मत है, आपकी मर्जी है। ना देखना चाहें। तो ये पहली 15 क्लासे आप सब के लिए जितने भी लोग इस वक्त मुझे सुन रहे हैं आप सब के लिए पहली 15 क्लासेस जो हैं ये काफी हैं। जो 16 क्लास है वो भी अपलोड नहीं हुई। उसमें क्वेश्चन आंसर सेशन था। वो भी अपलोड हो जाएगा इंशाल्लाह। यहां तक आपने पढ़ लिया बहुत हो जाएगा आपके लिए। अब हम आगे चलते हैं। अब बैच 41 का मसला यह आएगा। कुछ लोग सोच रहे हैं कि हमने तो दो देखी है। तीन देखी
हैं, पांच देखी हैं। कोई मसला नहीं है। आप इनको साथ-साथ देखते रहें। अपने नंबर से जो जो क्लास आप एक दिन में एक देखना चाहते हैं, दिन में दो देखना चाहते हैं, आप अपनी पेज से अपनी तरतीब से आते रहें। और साथ-साथ जो मैं लाइव पढ़ा रहा हूं, वह भी पढ़ते रहें। उसके बाद दोबारा आप इसको रिपीट कर लीजिएगा। कोई मसला परेशानी नहीं होगी। इंशाल्लाह लाइव में जब आप आ जाएंगे तो मज़ीद असल लर्निंग आपकी लाइव पे ही होगी। यहां पे तो सिर्फ हम एग्जांपल्स देखते हैं। देखते हैं कि तरीक़कार क्या है? पहचान कर लेते
हैं। असल जो लर्निंग होगी असल आपकी जो स्टडी होगी समझ लें वो लाइव पे है। वहां पे आपको ट्रेड्स भी साथ मिलेंगे साथ आप सीखेंगे भी सिर्फ। अच्छा जी। अब आ जाते हैं जी हम वीएसए पे। तो मैंने आपको बताया कि आप आगे प्रोसीजर क्या है, किस तरीके से, खास तौर पे 41 ने कैसे आगे चलना है। एक चीज़ आपने सबने याद रखनी है बैच 40 और बैच 41। आपको एक चीज़ बस लिख लें बेशक अपने पास कि आपने तीन चीजें अपने ज़हन में रखनी है जो आपकी कामयाबी की कुंजी हैं। अगर मैं सक्सेसफुल हूं
वो जो हमने अकाउंट शुरू किया हुआ था लाइव वो अब 100% अल्हम्दुलिल्लाह कर चुका है। 98 97 पे है। मैं असल में ट्रेड नहीं कर रहा था इन दिनों में। तो कल परसों मैंने ट्रेड ली है। तो अब वो बिल्कुल करीब लग गया है। इंशाल्लाह 100% पे आ जाएगा एक-दो दिन में। उसकी उसकी आपको मैं जो होता है ना कामयाबी की कुंजी वह बता देता हूं और वो पहली चीज है ट्रस्ट ट्रस्ट किस चीज पर पड़ना है अब मैं जो आपको बताने लगा हूं इसके पीछे सालों की मेहनत है जो चीज हम आज से स्टार्ट
कर रहे हैं इसको मॉडिफाई किया हुआ है ये चीजें आपको ऐसे नहीं मिलेंगी ठीक है ना YouTube पे ना गूगल पे कहीं पे भी नहीं मिलेंगी क्योंकि इसको हमने मॉडिफाई कुछ चेंज की हुई है कुछ वीएसए का जो बेसिक थीम है उसको हमने थोड़ा सा चेंज किया हुआ है और अपने हिसाब से उसपे काम करते हैं तो आपने उसपे ट्रस्ट करना है अगर आपका कभी स्टॉप लॉस सेट हो रहा है मुसलसल दो स्टॉप लॉस सेट हो गए हैं दो-तीन हो गए हैं आपका एक हफ्ता अच्छा नहीं गया तो भी आपने इस प्रोसीजर को छोड़ना करना
नहीं है जो मैं आपको बताने लगा हूं। ऐसा कभी नहीं होगा कि आपका पूरा हफ्ता ही खराब जाए। इंशाल्लाह ऐसा नहीं होगा। लेकिन कभी होता है ना कि स्टॉप लॉस देख के नुकसान देख के बंदा डिसर्ट हो जाता है कि नहीं ये चीज़ काम नहीं कर रही। ऐसा नहीं है। ये चीज़ आप टेस्ट करें। ये 10 साल पहले भी काम कर रही थी। अब भी कर रही है और बाद में भी करती रहेगी। कोई इसमें चेंज नहीं आएगा। अच्छा उसके बाद ट्रस्ट अब आपको कैसे होगा? मैं आपको बताऊंगा। आप उसको प्रैक्टिस करेंगे। मैं आपको यहां
पे भी दिखाऊंगा। कुछ एग्जांपल दिखाऊंगा। कुछ चीजें बताऊंगा। उसको आपने ना मुझे गलत साबित करने की कोशिश करें। आप कोशिश करें कि ठीक है। हम इसको जाके टेस्ट करते हैं। और फिर ये दिखाते हैं। ये देखिए जी आपने इस तरह बताया था। यहां पे तो ऐसा नहीं हो रहा। यह नहीं कि एक दफा नहीं हुआ तो आप मुझे दिखाने लग जाएं। यानी आपने देखना है कि आपने 100 ट्रेड्स की है। 100 ट्रेड्स को आपने टेस्ट किया तो उसमें से क्या रिजल्ट आ रहा है। तो वो 80% 90% आपके हक में ही आएगा। ठीक हो गया?
अच्छा आपके हक में मुराद ये है कि आप जो चीज पढ़ेंगे उसके हक में आएगा। उसके अगेंस्ट नहीं जाएगा। तो आपने ट्रस्ट इससे ही बनेगा आपका कि मैं आपको बताऊंगा। आप उसको बैक टेस्ट करेंगे साथ-साथ। फिर हम लाइव पे आ जाएंगे। बैच 40 तो लाइव में आ चुके हैं। आज मेरा ख्याल है मुझे मैसेज आया था कि आज वो एक्सेस दे दी है बैच 40 को। और जो लोग रह गए हैं उनको भी जल्द मिल जाएगी। वो प्रोसीजर चल रहा है। बैच 41 भी इंशाल्लाह अगले 20-25 दिन में बैच 41 भी आ जाएगा। तो उसमें
फिर क्या होगा कि आप जो चीज पढ़ेंगे उसको लाइव पर प्रैक्टिस करेंगे हमारे साथ। उसको देखेंगे कि हम किस तरीके से प्ले कर रहे हैं। हमसे भी गलतियां होंगी, आपसे भी होंगी, ये प्रोसीजर चलता रहेगा। लेकिन ओवरऑल प्रॉफिट में रहेंगे बहुत अच्छे प्रॉफिट में। तो इस तरह आपका ट्रस्ट बनेगा। पहली चीज। दूसरी चीज होती है पेशेंस। आप ये देखें। ये तो एक बहुत बड़ी मार्केट है। मैं आपसे एग्जांपल देता हूं। कोई लड्डू बनाने वाला है, कोई पकोड़े बनाने वाला है, कोई दही भल्ले बनाने वाला है। मछली फिश की जो शॉप्स होती हैं, जिसका नाम बना
हुआ है ना कि जहां पे लाइन लगी होती है, जहां पे लोग स्पेशल जाते हैं दूर-दूर के इलाकों से वो ऐसा नहीं होता कि आज उसने शॉप खोली, कल उसके आगे लाइन लग गई। ऐसा अगर होता है तो किसी ब्रांड के साथ ही होता है। मतलब कोई ब्रांड है, उसने अपनी शॉप पे एक और जगह पे खोल ली तो उस पे चले लाइन लग जाएगी। लेकिन, ऐसा नहीं होगा कि एक नया बिज़नेस, नया बंदा मार्केट में आके बैठे, वो लगाए और अगले दिन उसके पास लाइनें लगी और दूर-दूर से लोग आ रहे हो। ऐसा नहीं
होता। उसके पीछे बहुत साल होते हैं उसके। तो आपने ये चीज ज़हन में रखनी है। आपको जो चीज मिलेगी बिल्कुल अभी रेडी मिलेगी। ठीक है? रेडी टू यूज़ है। रेडी टू ईट है समझ लें आप। तो आपने उस पे ही काम करना है। और इंशाल्लाह बहुत ज्यादा पेशेंस आपसे नहीं मैं कह रहा। चंद माह का कह रहा हूं। पांच छ माह जब तक आपकी अच्छी ग्रिप नहीं बन जाती। इसमें आपने इसमें होता ये है मसला कि आप दुनिया के जितने भी कारोबार देख लेना जो स्टार्टअप्स होते हैं। एक नया बिज़नेस स्टार्ट होता है। आप इसको
Google पे जाके सर्च करें। 90% 95% पहले छ माह में या मैक्सिमम 2 साल में। ठीक है? जो Google पे रिपोर्ट है उसके मुताबिक पहले 2 साल में वो बिज़नेस खत्म हो जाते हैं। उसकी वजह क्या होती है कि वही पहले दो साल मुश्किल होते हैं। जो उनमें भाग गया वो भाग गया जो उसमें सर्वाइव कर गया जिसने उसमें ट्रस्ट रखा पेशेंस रखा वो बच जाता है। और जब वो बचता है फिर उसकी ग्रोथ शुरू हो जाती है। तो ना मैं आपको 2 साल कह रहा हूं ना एक साल कह रहा हूं। मैं आपको कह
रहा हूं कम से कम छह माह। अभी पढ़ना शुरू करें। कुछ अरसा सेंट पे काम करेंगे। फिर आप लाइव में आ जाएंगे। आहिस्ता-आहिस्ता ग्रिप बनती जाएगी और आहिस्ता-आहिस्ता वो रूल्स आपको याद हो जाएंगे जिन पे हमने ट्रेड करनी है। शुरू में थोड़ी सी कंफ्यूजन होती है। चार्ट देख के चार्ट समझ नहीं आता। ट्रेड बन रही होती है, ट्रेड समझ नहीं आती है, डर लग रहा होता है। तो इन चीजों से निकलने में टाइम लगता है थोड़ा सा। तो दूसरी चीज आपने याद रखनी है। पहला है ट्रस्ट और दूसरी है पेशेंस। सब सबर होगा तो हर
काम चलेगा। सबर नहीं करेंगे तो फिर तो आप गाड़ी भी नहीं चला सकते। छोटा सा काम है वो। आप बाइक भी नहीं चला सकते। अगर सब्र नहीं है उसमें भी सब्र चाहिए। अच्छा उसके बाद जो तीसरी चीज है जी। तीसरी चीज़ होती है जी हमारे पास रिस्क मैनेजमेंट। रिस्क मैनेजमेंट भी वही चीज है कि अगर आप वो नहीं करेंगे तो आप बाइक से भी गिरेंगे। रिस्क मैनेजमेंट का ख्याल नहीं करेंगे। आपसे ड्राइविंग भी नहीं होगी। आपसे स्विमिंग नहीं होगी। आपसे कुकिंग नहीं होगी। आप कपड़े नहीं स्त्री कर सकते। अगर आपके रिस्क मैनेजमेंट नहीं है। उसमें
भी लोग देखते हैं कि यार बच्चा ना हाथ लगा दे। मेरा हाथ ना लग जाए। तार ठीक हो, स्त्री ठीक हो। ये सब चीजें देखते हैं ना। तो रिस्क मैनेजमेंट कहीं ना कहीं हम हर चीज में फॉलो कर रहे होते हैं। यहां पे रिस्क मैनेजमेंट की जरूरत सबसे ज्यादा है। क्योंकि यहां पे अगर आपने गलती की तो जो कुछ आपके अकाउंट में है सब उड़ सकता है। उसी दिन उसी वक्त। और अगर आपकी रिस्क मैनेजमेंट अच्छी है तो आप एक अकाउंट को सालों के हिसाब से भी चला सकते हैं। ठीक है? मैंने जो अकाउंट शुरू
किया था ना पब्लिक उसकी वजह ये थी। असल में मुझे जरूरत नहीं थी किसी को ये प्रूफ करने की। लेकिन होता ये है कि लोग फिर क्वेश्चन करते हैं ना सवाल आता है कि आप क्या कर रहे हैं खुद क्या कर रहे हैं? तो उसके लिए फिर मैंने स्टार्ट कर दिया अब उसका पांचवा महीना चल रहा है। अभी मैं उसको चलाता रहूंगा बेशक वो जितना मर्जी लंबा उसको चलाना पड़े। एक साल बाद भी दिखा दूंगा कभी कि ये देखिए वही अकाउंट चल रहा है। तो आपके साथ भी मेरा ये प्रॉमिस है कि अगर आपने ट्रस्ट
रखा स्ट्रेटेजी पे सबर से काम लिया और तीसरे नंबर पे रिस्क मैनेजमेंट रखी है। रिस्क मैनेजमेंट यह होता है कि सारा आपने एक ही दिन नहीं खाना। आपने रोज एक-एक गिलास पानी पीना है। अगर आप एक ही दिन कोशिश करेंगे ना कि मैं बस सारा आज ही इधर ट्यूबवेल खोल लूं तो वह फिर बहुत बड़ा रिस्क आपको लेना पड़ेगा और उसका नुकसान भी बहुत बड़ा होगा। थोड़ा-थोड़ा जितना आपको चाहिए उतना उतना लेते जाए। आहिस्ता-आहिस्ता बढ़ता जाएगा। पहले महीने में कम आएगा। उससे अगले महीने ज्यादा आएगा। फिर इसी तरह एक साल गुजर जाएगा। तो पिछले साल
से मैं जब प्रोग्रेस देखता हूं अपने कुछ साल पहले की और आपकी तो उसमें जमीन आसमान का फर्क है। और उसकी वजह सिर्फ यही है कि पेशेंस था और रिस्क मैनेजमेंट रखिए बस। तो रिस्क मैनेजमेंट बहुत इंपॉर्टेंट चीज है। उसमें से आपने ये नहीं कि आपको मैं सिलासिर बता रहा हूं। वो हम पढ़ेंगे भी आपको तरीकाकार भी बताऊंगा। और कुछ लोग पूछते हैं कि आपने स्ट्रेटजी का एक बार जिक्र किया था कि 9.9% वो चलेगी। वो बिल्कुल मैं आपको बताऊंगा। उसमें भी वो असल चीज वो रिस्क मैनेजमेंट है। वो जब हम वहां पहुंचेंगे इंशाल्लाह आप
सब लोग पढ़ेंगे बैच 40 वाले भी, बैच 41 वाले भी। वो चीज हम पढ़ेंगे। तो रिस्क मैनेजमेंट इंतहाई जरूरी है। ये तीन चीजें आप लिख लें बेशक अपने पास। एक ट्रस्ट, दूसरा पेशेंस और तीसरा रिस्क मैनेजमेंट। ट्रस्ट आपका कब बनेगा? अभी जब हम पढ़ना शुरू करेंगे। ठीक है? पेशेंस आपने खुद से रखना है और रिस्क मैनेजमेंट भी हम पढ़ेंगे। अभी उसको प्रैक्टिस भी करेंगे। अब आ जाते हैं जी आज के टॉपिक पे। पे आज हम स्टार्ट कर रहे हैं फेज थ्री। और फ थ्री में जो हमने सबसे जो हमारी जो मतलब जो फ थ्री का
नेम है पहले वह लिख लेते हैं। वह है जी हमारे पास वीएसए वीएसए ठीक है जी वीएसए की फुल फॉर्म में लिख देता हूं वॉल्यूम स्प्रेड एनालिसिस। अच्छा अब ये है क्या? वॉल्यूम स्प्रेड एनालिसिस क्या चीज होती है? देखिए एक होती है यह कैंडल्स जो आपको यहां चार्ट पे नजर आ रही हैं। यह आपको कुछ इनफार्मेशन दे रही हैं। ठीक है? कुछ बात बता रही हैं। मसन ये आपको मोमेंटम कैंडल्स नजर आ रही हैं। देखिए कितने मोमेंटम से प्राइस ऊपर जा रही है। स्ट्रांग कैंडल्स बन रही हैं एक बुलिश। ठीक हो गया? तो ये आपको
एक मोमेंटम बता रही है कि प्राइस में बुलिश मोमेंटम है। अब ये इनेशन अच्छी है। लेकिन ये पूरी इनफेशन नहीं है। पूरी डिटेल से नहीं है। अगर हम वॉल्यूम ऑन कर लेंगे यानी अगर हम साथ में वॉल्यूम ऐड कर लेंगे तो वॉल्यूम हमें बताएगा कि क्या यह जो यहां पे कैंडल बनी है क्या यह एक यह मुकम्मल तस्वीर है। क्या वाकई ऐसा है कि इस कैंडल में मोमेंटम था? क्या वाकई ऐसा था कि इस कैंडल में भी मोमेंटम था या नहीं था या इसमें रिजेक्शन थी या नहीं थी? ये सब चीजें आपको वॉल्यूम बताएगा। ठीक
है? यानी ये आपको एक तरफ की कहानी नजर आ रही है। दूसरी साइड आपको वॉल्यूम बताएगा। स्प्रेड क्या होता है? स्प्रेड इसी कैंडल का साइज होता है। यानी आप एक तो वॉल्यूम देखेंगे नीचे। उसके बाद स्प्रेड को देखेंगे। स्प्रेड क्या होता है? किसी भी कैंडल के साइज़ को हम स्प्रेड कहते हैं। अब इसका स्प्रेड कितना है? यह देखिए ना मैं आपको दिखाता हूं। यह जो कैंडल है ये वाली इसका स्प्रेड कहां से कहां तक है? इस वीक से लेके और इस वीक तक ये इसका स्प्रेड है। ये इसका स्प्रेड है। स्प्रेड को इस तरह नहीं
नापना आपने कि पिप्स में कितना है। पिप्स में भी नाप सकते हैं आगे चलके। लेकिन आपने ये देखना है कि कैंडल का टोटल साइज़ क्या बन रहा है। बस यहां से यहां तक ये है। ये ये इसका स्प्रेड है बस। कुछ कैंडल छोटे स्प्रेड की होती है। ये देखिए छोटे स्प्रेड की कैंडल है। कुछ बड़े स्प्रेड की होती हैं। कुछ नॉर्मल स्प्रेड की होती हैं। तो हम कैंडल का साइज़ देखते हैं। कैंडल की शेप देखते हैं। शेप बहुत इंपॉर्टेंट है कि क्लोजिंग कैसी हुई है? विक ऊपर आ रही है, विक नीचे आ रही है। कुछ
लोग पूछते हैं क्या हमें विक्स कोेंस देनी चाहिए या विक्स जरूरी नहीं होती? तो आपने याद रखना है कि जिस तरीके पे हम काम करते हैं, इसमें विक्स बहुत इंपॉर्टेंट है। हम किसी भी कैंडल को उसकी वीक के साथ ही देखेंगे। उसकी विक के साथ ही फैसला करेंगे कि उस पे बाइंग है, सेलिंग है या कुछ नहीं है। ठीक है? तो विक्स इंपॉर्टेंट होती हैं। तो आपने वॉल्यूम को देखना है, स्प्रेड को देखना है और इन दोनों का एनालिसिस हम करेंगे तो हमें पता चल जाएगा। अच्छा, एनालिसिस तज्जिए को कहते हैं। अच्छा, सबसे पहले मैं
आपको पहले बताता हूं कि इंडिकेटर ऑन कैसे करना है। आप यहां पे आए। ये इंडिकेटर्स के सेक्शन में। यहां पे आप लिखेंगे वॉल्यूम। यह वॉल्यूम लिखेंगे तो यह और भी बहुत सारे वॉल्यूम है। डेल्टा है, ऑसिलेटर है, नेट वॉल्यूम आपने सिर्फ यह लेना है वॉल्यूम वाला। यह आपको यहां पर शो हो रहा होगा। इसके साथ अगर आप स्टार पे क्लिक कर देंगे, तो ये आपके फेवरेट्स में आ जाएगा। ठीक है जी? यह मैंने इसको ऑन कर दिया। नीचे वॉल्यूम मेरे पास शो हो गया। अच्छा अब चलिए पहले इसकी भी सेटिंग कर लेते हैं। इस वॉल्यूम
पे आप डबल क्लिक करेंगे या राइट क्लिक करके सेटिंग में चले जाएं। फिर भी ठीक है। डबल क्लिक करेंगे इसके ऊपर। फिर भी सेटिंग्स ओपन हो जाती हैं। अब हम आ जाते हैं इनपुट्स में। इनपुट्स में कुछ नहीं छेड़ना। स्टाइल में आ जाए। स्टाइल में है जी वॉल्यूम। यह है ग्रोइंग। यानी जो वॉल्यूम ऊपर जा रहा है इसके कलर आप खुद सेक्ट कर सकते हैं। एक बात आपने याद रखनी है यह जो पहले इसी पे डिस्कस कर लेते हैं। जो वॉल्यूम के कलर्स होते हैं ना इस पे नहीं आपने जाना। मैं जब ट्रेडिंग स्टार्ट की
तो वॉल्यूम को जब देखना शुरू किया इस तरह प्रॉपर्ली नहीं पढ़ा नहीं था तब तक। बस वैसे ही वॉल्यूम ऑन कर लिया। किसी ने बताया था जी वॉल्यूम से ही पता चलता है। तो हमें यह लगता था कि जैसे ये बड़ा वॉल्यूम आ गया है। यह तो बस अब बाइंग स्टार्ट हो गई है। या वाकई हुई भी है। हुई है ना बाइंग स्टार्ट। लेकिन हमें लगता था कि यहां पे बायरर्स आ गए हैं। बहुत ज्यादा बायरर्स आ गए हैं। बहुत ज्यादा बाइंग होने वाली है। प्राइस उलट साइड पे चल पड़ती थी। मैं आपको इसकी एग्जांपल
दिखाता हूं। ये देखें ये जहां पे भी बड़े सेल के वॉल्यूम्स आते हैं। अभी देखें जैसे ये बड़ा सेल का वॉल्यूम है। ठीक है? प्राइस नीचे आने की बजाय ऊपर गई है। चल रेंज चल रही है और देख लेते हैं। और जगहों पे देखें। ये देखें। ये बड़ा सेल का वॉल्यूम आया। तो जो नया देखने वाला होता है ना वो समझता है कि ये रेड कलर की सेल की कैंडल है। सेल का बहुत बड़ा वॉल्यूम भी आ इसका मतलब है कि बहुत शदीद किस्म की कोई सेलिंग होने वाली है। मार्केट क्रैश करने वाली है। तो
मार्केट ने क्या किया? प्राइस उल्टा चलना शुरू। उसने तो बाय हो गई। ठीक हो गया? यहां पे फिर देखें। ये फिर सेल की बहुत बड़ी कैंडल बनी। यहां पे लगता ऐसे ही है कि यहां से बहुत ज्यादा क्रैश कोई सिचुएशन आने वाली है। इतना बड़ा वॉल्यूम सेल का आ गया। लेकिन आप देखें प्राइस ऑलरेडी चल पड़ी। बाय हो गई। तो ये चीजें और तरीके से काम करती हैं। इसलिए आपने कभी ये नहीं समझना कि सेल की बाय की कैंडल में बड़ा वॉल्यूम आ गया तो अब बाइंग है। सेल की कैंडल में बड़ा वॉल्यूम आ गया।
सेल है। हो सकता है सेल ही हो। लेकिन ज्यादातर ये ट्रैप्स होते हैं। तो इसलिए आपने कलर पे नहीं जाना। आप कलर खुद से भी चेंज कर सकते हैं। आप इस पे डबल क्लिक करें। ग्रोइंग वॉल्यूम पे जाएं। देखिए जो मर्जी कलर कर लें। ठीक हो गया? लेकिन हम इसको इसी तरह डिफ़ॉल्ट बाय डिफ़ॉल्ट इसी को इसी तरीके से रहने देंगे। बाय की कैंडल के साथ ग्रीन वॉल्यूम बनेगा। सेल की कैंडल के साथ रेड वॉल्यूम बनेगा। अच्छा अब हम क्या करते हैं? जी इसके ऊपर क्लिक करते हैं। यहां से ओपेसिटी बढ़ा लें इसकी। इसको 80%
पे ले जाएं। इस तरह। करना चाहें आप यह सेटिंग करें। ना करना चाहें आपको इतना वॉल्यूम ठीक लगता है। इतनी ओपेपसिटी इतना कलर ठीक लगता है फिर भी ठीक है। चलें तक़रीबन 80 80% पे कर लें। यह वॉल्यूम की जो लाइन है, मूविंग एवरेज वॉल्यूम के दरमियान चल रही है। इसको ऑफ कर लें। इसकी हमें जरूरत नहीं होती। उसको ओके कर दें। अभी देखिए जरा क्लियर नजर आ रहा है नीचे। ठीक है? डल नहीं है। एक चीज़ यहां पे सेटिंग बन गई। अच्छा जी। अब यहां पे अगर आप देखें ना वॉल्यूम यहां पे शो होगा।
ये जो आपने अभी यहां से इंडिकेटर ऑन किया था वॉल्यूम वाला ये। यह आपको यहां पे शो हो रहा है। इसके आगे लिखा हुआ है टिक्स। अब ये टिक्स क्या होते हैं? टिक का मतलब ये होता है कि जैसे हम ये बड़ी कैंडल जो है ग्रीन वाली इस पे जरा हम कर्सर लेके आते हैं यहां पे। अब यहां पे ऊपर आप वैल्यू देखें। आपने कहां पे नजर रखनी है? आपने अब ये देखना है इस जगह पे। यहां पे नजर रखनी है इधर। ठीक है जी? मैं यहां पे लेके आता हूं इसको। ये देखें। वैल्यू क्या
आ रही है? 8.8K। ठीक है जी? इससे आगे वाली पे क्या आ रही है? 5.82K। तो इसमें बहुत बड़ा वॉल्यूम था। अब ये टिक वॉल्यूम है। टिक वॉल्यूम ये होता है कि 8.8K, यानी 88,000 यहां पे ऑर्डर्स लगे हैं। ठीक हो गया? अब ये ऑर्डर्स बाय के थे कि सेल के थे इस बारे में हमें कोई इंफॉर्मेशन नहीं है। यह आपने नहीं समझना। मैंने आपको पहले ही बताया कि बाय की कैंडल में बड़ा वॉल्यूम आ गया। बाय होने लगा है। हालांकि बाय हुआ है और यह बाय का ही वॉल्यूम होगा क्योंकि जाहिर है इसके बाद
एक तो प्राइस ऊपर गई है। दूसरा कैंडल की क्लोजिंग बता रही है कि स्ट्रांग क्लोजिंग है। मोमेंटम कैंडल है तो मुमकिन है कि बाय का ही वॉल्यूम्स होंगे। ठीक है? तो इसमें ऐसी कोई परेशानी की बात नहीं है। आपने बस यह देखना है कि यह टिक वॉल्यूम्स हैं। टिक वॉल्यूम यह होता है कि टोटल इतनी ट्रांजैक्शंस हुई हैं। 88 के इतनी ट्रांजैक्शंस हुई हैं टोटल। इतने सौदे हुए हैं। इतने ऑर्डर्स लगे हैं। ठीक हो गया? वो बाय के थे या वो सेल के थे इस बारे में कोई इंफॉर्मेशन नहीं है। कुछ ऐसे इंडिकेटर्स होते हैं
जो पेड वर्जनंस में मिलते हैं। यह भी पेड वर्जन है। वॉल्यूम डेल्टा के नाम से भी है। बाकी भी एक दो इंडिकेटर्स हैं। वो आपको ये बताते हैं काफी हद तक डिफरेंशिएट करके बताते हैं कि ये इतने बाय के ऑर्डर्स हैं। इसमें इतने सेल के ऑर्डर्स हैं। उस पे हम काम नहीं करते ना वो हमारी स्ट्रेटजी का हिस्सा है। इसलिए उसपे हम डिस्कस नहीं करेंगे। और भी पेड वॉल्यूम्स भी मिल जाते हैं। इधर-उधर से वो बताते हैं कि इतने बाय के वॉल्यूम्स हैं। इसमें इतने सेल के वॉल्यूम्स हैं। उससे कुछ आईडिया हो जाता है। लेकिन
हमारी जो स्ट्रेटजी है हमें इसमें जरूरत नहीं पड़ती। हमें टेक वॉल्यूम काफी रहता है। ठीक हो गया? यानी इसको आप आसान अल्फाज में यह समझे कि आप एक शॉप पर जाते हैं। आप उसका रजिस्टर चेक करते हैं। वह कहता है जी 106 ट्रांजैक्शंस है। अब 106 ट्रांजैक्शन का क्या मतलब है? यानी गोल्ड की फिजिकल शॉप है। एक आदमी ने गोल्ड की दुकान बनाई हुई है। वो शाम को रजिस्टर में देख लिखता है कि आज 106 ट्रांजैक्शन हुई हैं। अब उसमें मुमकिन है कि 106 में से 50 लोग जो है वो गोल्ड बेचने आए हों। और
56 लोग गोल्ड बेचने खरीदने आए हो। ठीक है? ये भी पॉसिबिलिटी है। मुमकिन है एक भी ना हो बेचने वाला और 106 के 106 यानी सब के सब गोल्ड खरीदने वाले हों। तो यह टिक वॉल्यूम होता है जिसका हमें आईडिया नहीं होता कि इसमें बाय कितना है, सेल कितना है। तो, हम अपने तरीके से अपनी स्ट्रेटजी से उसको आईडिया करते हैं कि यह बाय की तरफ वॉल्यूम जाएगा या सेल की तरफ जाएगा या क्या होने वाला है। तो, यह टिक वॉल्यूम होता है। इसका आपको पता होना चाहिए। ये रियल वॉल्यूम नहीं है उस तरीके से।
अच्छा, अब वॉल्यूम पढ़ने का फायदा क्या है? जी, हम वॉल्यूम क्यों पढ़ते हैं? उसकी वजह यह होती है कि जो सिंपल जो आपको यह कैंडल्स नजर आ रही है ऊपर प्राइस एक्शन की जो कैंडल्स बन रही हैं यह वाली यह कैंडल्स मैंने आपको शुरू में बताया था कि यह आपको पूरी इंफॉर्मेशन नहीं देंगी। ठीक है? ये इनफार्मेशन आधी इनफार्मेशन होती है। अब वॉल्यूम को पढ़ने का फायदा यह होता है कि अगर आपको देखिए ट्रेड मिलना या ना मिलना और बात है। मुमकिन आपको सारा दिन ट्रेड ना मिले। लेकिन वॉल्यूम का आपको फायदा यह होगा कि
आप ट्रैप में नहीं आएंगे। ठीक है? यानी आप आपको धोखा नहीं दे सकेगी मार्केट। फिर भी हो जाता है। जाहिर है हमसे मिस ट्रेडिंग हो जाती है ना। हम सब इंसान हैं। हम पढ़ने में सिचुएशन को मिस कर जाते हैं। हम स्ट्रक्चर में मिस कर जाते हैं या हम जल्दबाजी का शिकार हो जाते हैं। ग्रीड में आ जाते हैं। कुछ ना कुछ हो जाता है। लेकिन अगर आप वीएसए को फॉलो कर रहे हैं तो बहुत दफा ऐसा होगा यानी 100 में से 90 दफा मुमकिन ऐसा हो कि आप ट्रैप होने से बच जाएं। आपको ट्रेड
मिलती है या नहीं मिलती ये अलग टॉपिक है। ट्रेड तो मिलेगी जाहिर है। लेकिन अगर ट्रेड नहीं मिल रही तो कम से कम यह होगा कि आपके पैसे महफूज रहेंगे। उसकी वजह यह है कि आप ट्रैप का शिकार नहीं होंगे। वो ट्रैप कैसे बनते हैं, कहां बनते हैं वो इंशाल्लाह हम डिटेल से आगे चल के पढ़ेंगे। अच्छा अब इसको करते हैं जी क्लियर यहां से यह मैं आपको सिर्फ इंट्रोडक्शन दे रहा हूं कि हमें वीएस क्यों पढ़ना है यह क्या होता है इसकी चीजें क्या है अब चलते हैं जी हम टाइप्स ऑफ वॉल्यूम पे कि
वॉल्यूम की कितनी टाइप्स होती है ये आपको पता होना चाहिए बड़ी डिटेल से यह देखिए जी अब इस जगह पे आप देख रहे हैं नए लोग भी हैं हमारे पास इस वक्त पुराने स्टूडेंट्स भी हैं कुछ जो पहले से वॉल्यूम जानते हैं या क्लासेस देख चुके हैं। अब यहां पे अगर आप देखें ना यहां पे मैं डिफरेंट टाइप्स के और डिफरेंट कलर्स के देखिए कलर पे तो आपने जाना ही नहीं। अगर मैं इन सबको ग्रे कलर कर दूं। मैं इनके सेटिंग में जाऊं। ग्रोइंग वॉल्यूम यानी जो बुलिश कैंडल्स के वॉल्यूम है उनको भी ग्रे कलर
कर दूं यहां से इस जगह से। और जो फॉलिंग वॉल्यूम्स हैं उनको भी ग्रे कर दूं। इन सबको ग्रे कर दूं। फिर भी कोई फर्क नहीं पड़ता। तो आपने कलर पे तो जाना नहीं है। टाइप्स ऑफ वॉल्यूम क्या होती हैं? टाइप्स ऑफ वॉल्यूम मैं यहां पे लिख देता हूं। नंबर वन सबसे पहला जो वॉल्यूम टाइप है वो है जी अल्ट्रा हाई वॉल्यूम। याद रखें असल में जो अल्ट्रा हाई वॉल्यूम होता है ना वह एक ही होता है। यानी पिछला जो चार्ट आप दो 250 कैंडल्स जो आप देख रहे हैं मिसाल के तौर पर मैं चार्ट
को इतना ज़ूम आउट कर लेता हूं जितना अभी इस वक्त है। बस इतना काफी होता है। बहुत ज्यादा पीछे नहीं जाना हमने कि 1950 में किया गया 1960। बस आपने देखना है कि यहां पे क्या चल रहा है? रीसेंट वेव्स क्या चल रही हैं? स्ट्रक्चर क्या चल रहा है रीसेंट? उसमें आपने इंतकाम करना होता है। अब ये कितनी कैंडल्स हैं? मेरे अंदाज़ के मुताबिक यह दो 250 कैंडल्स यानी 250 कैंडल्स तकरीबन होंगी 250 से 300 के दरमियान। यानी इसको हम चेक करते हैं कि कितनी कैंडल्स बन रही हैं। यह देखिए यह हमने मेजर लिया है।
यहां से ले यहां तक आए। ठीक है जी। यह 223 बार्स बन रही हैं। तकरीबन अगर हम पूरा नापें तो शायद 250 बार्स ही बन जाएंगे। इतनी बार्स काफी होती हैं। दो 250 बार्स अगर आपको मिल जाती हैं 235 बार्स आई हैं। ये ठीक है? 235 कैंडल्स इतना काफी होता है। इतना चार्ट पीछे आपने कर लिया। इतना काफी है आपको ट्रेड के लिए इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए। अब इसमें अगर हम यहां पे देखें, तो अल्ट्रा हाई वॉल्यूम मैंने कहा कि वो एक ही होता है। तो, वह कौन सा है? यह वाला। यह आपका अल्ट्रा हाई
वॉल्यूम है। 5 मिनट के टाइम फ्रेम की बात कर रहा हूं। 15 पे भी ऐसे ही है। 2 250 कैंडल्स में आपको पिछले 15 मिनट का अल्ट्रा वॉल्यूम मिल जाएगा। 30 मिनट में भी ऐसे ही है। ठीक है? लेकिन जब ये वॉल्यूम नहीं था। ये तो बाद में बना ना। फॉर एग्जांपल जब प्राइस यहां पे थी वन सेकंड। यानी जब प्राइस थी आपकी यहां पे ऐसे। अब तो आपके पास अल्ट्रा हाई वॉल्यूम आगे तो बना ही नहीं है। तो, इस वक़्त आपका अल्ट्रा वॉल्यूम यह है। ठीक है? आप इसको देख के ट्रेड करेंगे। इसके बाद
आगे चलते जाएं। जैसे ही बड़ा वॉल्यूम आएगा, आपके अल्ट्रा हाई वॉल्यूम चेंज होते जाएंगे। ठीक है? अभी देखें वॉल्यूम बड़े होते जा रहे हैं। इसको मैं क्लोज करता हूं। चल अब हमारे पास अल्ट्रा हाई वॉल्यूम यह वाला हो गया। यह वाला पहले यह था उस वक्त अब यह बन गया। उससे पहले एक दफा ये भी बना। फिर यह भी बना। तो हम देखेंगे कि जब हमारे पास अल्ट्रा हाई वॉल्यूम कोई आ जाता है तो उसके बाद मार्केट का बिहेवियर क्या होता है? तो जब तक आपको जो बड़ा वॉल्यूम मिल गया, इस पे कंडीशंस पूरी हो
गई, इस पे ट्रेड कर लें। इस पे कंडीशंस पूरी है, इस पे ट्रेड कर लें। इस पे कंडीशंस पूरी हैं, इस पे ट्रेड कर लें। अब हमारे पास फिलहाल ये है अगर इससे बड़ा वॉल्यूम आ गया उस पे कंडीशंस पूरी हो गई तो हम उस पे ट्रेड कर लेंगे। ठीक हो गया? तो इसमें आपने परेशान नहीं होना कि सबसे अब लोगों का मसला ये होता है। अब वो कह रहे हैं कि हमें क्या पता इससे बड़ा आएगा कि नहीं आएगा। कोई इससे परेशानी की बात नहीं है। ये आपके पास अल्ट्रा वॉल्यूम आ गया। इसप आपकी
ट्रेड बन गई तो आप ट्रेड कर लें। नहीं बनती तो छोड़ दें। ठीक है? आपको नहीं पता। मुझे भी नहीं पता कि कौन सा वॉल्यूम बड़ा आएगा। इससे बड़े हजारों वॉल्यूम आएंगे अभी। इससे छोटे वॉल्यूम भी आएंगे। आपको जो वॉल्यूम बड़ा मिल रहा है उस वक्त उस वक्त के हिसाब से पहले यह था। उसके बाद फिर यह भी हुआ। फिर यह भी हुआ। फिर यह भी हुआ। आपको जिस वॉल्यूम पे आपकी शरायत पूरी हो गई हैं, उस वॉल्यूम पे आपने ट्रेड कर देनी है। ठीक है? 5 मिनट पे करेंगे बहुत अच्छी बात है। 5:15 पे
रहे हैं। इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए 5:15 बहुत अच्छा टाइम है। लेकिन हम लाइव पे हम तीन पे भी जाते हैं, एक पे भी जाते हैं। आप भी हमारे साथ जाएंगे लेकिन अगर आप खुद से ट्रेड कर रहे हैं अभी तो 15 मिनट 5 मिनट आपके लिए अच्छा टाइम फ्रेम है। तो सबसे पहले आपने देखना है जी अल्ट्रा हाई वॉल्यूम। तो अल्ट्रा हाई वॉल्यूम इस वक्त हमारे पास यह है। ठीक है? उसके बाद हम आ जाते हैं वेरी हाई वॉल्यूम पे। नंबर टू वेरी हाई भी कह सकते हैं, हाई भी कह सकते हैं। इसमें कोई ऐसी
वह नहीं है। कोई हार्ड एंड फास्ट चीजें इस तरह की नहीं है। यह देखें ये वेरी हाई वॉल्यूम कौन सा है? यह भी वेरी हाई वॉल्यूम है। यह भी वेरी हाई वॉल्यूम है। अल्ट्रा हाई तो नहीं है ये। लेकिन वेरी हाई वॉल्यूम्स है। बाकी बहुत सारे वॉल्यूम से बड़े वॉल्यूम्स हैं ये दोनों। ये भी और ये भी। ठीक है? उसके बाद तीसरे नंबर पे कौन सी कैटेगरी आ जाएगी? तीसरे नंबर पे आ जाएगी हमारे पास हाई वॉल्यूम्स। नंबर थ्री हाई वॉल्यूम्स। हाई वॉल्यूम्स कौन से हैं? जी। उसके बाद तीसरे नंबर पर जो भी कैटेगरी बन
रही है आपके पास वो यह बन रही है। यह हाई वॉल्यूम्स हैं। यह अच्छे स्ट्रांग वॉल्यूम है। देखिए मैं यहां पर लाइंस लगा देता हूं। उससे आप इसको अच्छा कैटेगराइज कर लेंगे। ये सबसे अल्ट्रा हाई वॉल्यूम है। ये एक ही है। वेरी हाई वॉल्यूम ये दो हैं। ठीक है? इसको भी आप इंक्लूड करना चाहते हैं। चलिए यहां पे लाइन लगा लें। ये भी इंक्लूड हो जाएगा। उसके बाद आगे नंबर थ्री पे हाई वॉल्यूम। हाई वॉल्यूम्स ये वाले हैं। ये ठीक है? इसमें ये वाला टच आ रहा है। इसका टच आ रहा है। ये भी तीन-चार
ये वाली बन रहे हैं। ये भी बन रहा है। इससे ऊपर वाले भी इसी में आएंगे क्योंकि ऊपर वाली कैटेगरी को टच नहीं कर रहे तो इसको आप लोअर में ऐड कर लें। तो ये हाई वॉल्यूम्स हो गए। उसके बाद नॉर्मल वॉल्यूम्स होते हैं जिन्हें हम रेंज के वॉल्यूम्स के कहते हैं। ठीक है? रेंज का वॉल्यूम क्या होता है? जो एक जैसे वॉल्यूम्स चल रहे होते हैं। नंबर फोर पे आप रेंज वॉल्यूम कर लें। मजीद आसान करना चाहते हैं नॉर्मल वॉल्यूम कर लें। ठीक है? उसके बाद कौन सा आ जाएगा? पांचवे नंबर पे लो वॉल्यूम
आ जाएगा। उसके बाद वेरी लो वॉल्यूम आ जाएगा। बिल्कुल सिंपल है। बिल्कुल सिंपल है। इसमें कोई परेशानी वाली चीज नहीं है। वेरी लो वॉल्यूम। चल इतना काफी है। आप चाहे तो इसकी और दो कैटेगरीज बना लें। आठ कर लें। ठीक है? लेकिन मेरे ख्याल इससे ज्यादा बनेगी नहीं। अल्ट्रा हाई वॉल्यूम हो गया। वेरी हाई वॉल्यूम हो गया। आप चाहें तो इन दोनों को मर्ज कर लें। छह की जगह आप पांच लें। अल्ट्रा हाई वेरी हाई को आप इकट्ठा ले लें। लेकिन हमें अल्ट्रा हाई अलग से चाहिए होता है। उसके बाद हाई वॉल्यूम्स हैं। फिर रेंज
के वॉल्यूम्स हैं। रेंज के वॉल्यूम्स कौन से बता रहा हूं? जैसे ये सब के सब वॉल्यूम एक जैसे थे। ये देखें। ठीक है? लगभग एक जैसे वॉल्यूम्स हैं सब। एक रेंज चल रही है वॉल्यूम्स की। उसके बाद लो वॉल्यूम्स आ गए। यह लो वॉल्यूम है जो रेंज से छोटे हैं। उसके बाद आते हैं वेरी लो वॉल्यूम्स। देखें यह कितना छोटा वॉल्यूम है यह वाला। ये तीनों वॉल्यूम बहुत छोटे हैं। बिल्कुल डेड वॉल्यूम्स हैं। ये वाली कैंडल देखें। ये भी डेड वॉल्यूम है। ठीक हो गया? और डेड वॉल्यूम कौन सा है? इसके बाद नहीं बना अभी
तक। यह भी वेरी लो वॉल्यूम है ये वाला। ठीक है? तो वेरी लो भी कह सकते हैं। डेड वॉल्यूम भी कह सकते हैं। कुछ भी आप इसको नाम दे सकते हैं। तो इस तरीके से आप इसको कैटेगराइज़ करेंगे। इसमें आपको वैल्यूज़ देखने की जरूरत बिल्कुल नहीं है। आप यहां पे जाएं एक वॉल्यूम में इस जगह पे इसकी वैल्यूज़ चेक करें। कितनी आ रही है जी? की 8.8 की अगले की आ रही है 5.1 इस तरह देखने की जरूरत नहीं है। ये आपने इस तरह देखना है जिस तरह आप बिल्डिंग्स को देखते हैं। आपको एक शहर
से दूर खड़ा कर दिया जाए ऊंची जगह पे कि जी बिल्डिंग्स देख के बताएं कौन सी ऊंची है। तो आप फ़ौरन बता देंगे कि ये बिल्डिंग सबसे ऊंची है ये उससे छोटी है ये उससे छोटी। इस तरीके से इसको भी आप डिफरेंशिएट कर लेंगे। एक क्लास के बच्चे हैं। 50 बच्चे हैं उनको खड़ा कर दें। 50 बच्चों में जो सबसे लंबा बचा है वो अल्ट्रा वॉल्यूम है। जो सबसे छोटा है वह वेरी लो वॉल्यूम है। दरमियान के कुछ नॉर्मल है कुछ हाई हैं। ठीक है? इस तरीके से आप इसको आंखों से ही डिफरेंशिएट करेंगे। इसमें
कोई ऐसा रूल नहीं है कि आपको पता हो कि जी ये यहां से वैल्यू चेक करनी है। बिल्कुल आसान तरीका है। अच्छा उसके बाद जो इसमें एक इंपॉर्टेंट चीज है वो कैंडल की क्लोजिंग मैं पहले बता चुका हूं क्योंकि कैंडल की क्लोजिंग बड़ी इंपॉर्टेंट होती है। अब इसके नीचे विक है। इसके ऊपर विक है। तो वीएसए में विक वाली कैंडल बड़े वॉल्यूम के साथ बहुत इंपॉर्टेंट है। एक मोमेंटम कैंडल बड़े वॉल्यूम के साथ या छोटे वॉल्यूम के साथ बहुतेंट है। तो आपने कैंडल की क्लोजिंग पे भी ध्यान रखना है हमेशा। सिर्फ वॉल्यूम तो नहीं देखना
होता। हमें दोनों चीजें चाहिए। कैंडल भी चाहिए, वॉल्यूम भी चाहिए। ठीक है? और विक्स को हम इंक्लूड करेंगे। तो अब हम चलते हैं जी कि एसओएस क्या होता है और एसओडब्ल्यू क्या होता है? एसओएस क्या चीज होती है और एसओ डब्ल्यू क्या होता है? पहले हम लिखते हैं जी यहां पे एसओएस। एसओएस वैसे तो आपको पता होगा अक्सर लोगों को एसओएस इमरजेंसी का साइन होता है। एक अच्छा एसओएस हम कहते हैं जी वीएसएमएस साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ। और एस ओडब्ल्यू क्या होता है? साइन ऑफ वीकनेस। ठीक हो गया जी। अच्छा। अच्छा कुछ लोगों ने ना चार्ट
मुझे भेजे हुए थे। इस बैच की बात नहीं कर रहा। पहले भेजते हैं। वो एक छोटी सी गलती कर देते हैं। मैं ये चीजें हमारे रिलेटेड नहीं है। लेकिन मैं सिर्फ सोचता हूं कि जब आप एक अच्छी तरीके से काम कर रहे हैं। प्रोफेशनल लेवल पे जाएंगे तो छोटी-छोटी चीजों को भी आपको देखना चाहिए। यानी जिसे नफासत कहते हैं ना वो भी होनी चाहिए। अब कुछ लोग इस तरह लिखते हैं। वीकनेस। ये वीकनेस जो है ना ये और चीज़ है। ये वीकनेस है ही नहीं है। ये वीकनेस ये होती है। ये होता है वीक डब्ल्यूडब्ल्यूई
के डे इसकी हफ्ता होता है। ठीक है? और ये वीक ये ये वीक जो है ये कमजोर होता है डब्ल्यू ई ए के वीक। तो आपने ये वाला यूज़ करना है डब्ल्यू इ ए के एन ई डबल एस वीकनेस। साइन ऑफ़ वीकनेस यानी कमजोरी की अलामत। किस चीज़ की कमज़ोरी या किस चीज़ की स्ट्रेंथ? प्राइस की। ठीक हो गया। जहां पे भी हम अब बात करेंगे साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ। उसका मतलब यह है कि साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ का मतलब क्या होता है? कि ट्रेंड बुलिश है। प्राइसेस ऊपर जा रही हैं। और यहां पे ऐसे साइन बन
रहे हैं इन जगहों पे आके रिट्रेसमेंट पे आके ऐसे साइन बन रहे हैं जो हमें यह बताते हैं कि साइन ऑफ स्ट्रेंथ यानी कि स्ट्रेंथ आने वाली है। पायदारी आने वाली है या मजबूती आने वाली है। वो मजबूती से मुराद किस चीज की मजब मजबूती होगी? इस चीज़ की प्राइस की। साइड पे जो प्राइसेस आ रही है ये बढ़ेंगी। यानी बुलिश ट्रेंड में जब भी बुलिश ट्रेंड है, उसमें ऐसे पैटर्न्स बनेंगे जो अभी हम पढ़ेंगे आगे चलके। ऐसे साइंस बनेंगे वीएसए के जो ये बताएंगे कि प्राइसेस मज़द ऊपर जाने वाली हैं। उनको हम कहेंगे साइन
ऑफ स्ट्रेंथ। ठीक हो गया? इसी तरीके से गिरती हुई मार्केट में या किसी भी मार्केट में अगर प्राइस ऊपर भी जा रही है जाहिर है यहां से अगर रिट्रेस करनी है प्राइस ने इस जगह से रिट्रेसमेंट लेनी है तो यहां पे साइन ऑफ वीकनेस बनेगा ठीक है ना यहां पे भी साइन ऑफ वीकनेस तो बनेगा तो साइन ऑफ़ वीकनेस का मतलब क्या है कि प्राइस कमजोर होने वाली है प्राइस नीचे जाने वाली है डाउन होने वाली है तो उसको हम कहेंगे साइन ऑफ़ वीकनेस लेकिन साइन ऑफ़ वीकनेस अच्छा कब काम करेगा जब ऑलरेडी आपका ट्रेंड
डाउन होगा साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ कब अच्छा काम करेगा जब आपका ट्रेंड बुलिश होगा तो अब हम एक चीज यहां पर हमने एक हमने एक चीज कर ली है उसको यहां पर हम लिख लेते हैं वो चीज यह है कि आप साइन ऑफ स्ट्रेंथ कब देखेंगे? साइन ऑफ और स्ट्रेंथ आप कब देखेंगे? इन रिट्रेसमेंट। अगर आप साथ-साथ नहीं लिखना चाहते ना लिखें। बेशक तवज्जो से सिर्फ बात सुन लें। लिखना आपने तब है जब आप रिकॉर्डिंग देखेंगे तब आप लिख लीजिएगा बाद में। इन रिट्रेसमेंट ऑफ बुलिश ट्रेंड। यह बेस्ट रिजल्ट के लिए बता रहा हूं आपको। ठीक
है? चलिए, यह भी हम लिख देते हैं कि फॉर बेस्ट रिजल्ट्स। यहां पे लिख देते हैं और बेस्ट रिजल्ट्स। बेस्ट रिजल्ट्स के लिए आपको क्या करना होगा कि साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ को आपने हमेशा बुलिश ट्रेंड की रिट्रेसमेंट में देखना है। यानी कि बुलिश वेव लगी है। इंपल्स वेव उसकी रिट्रेसमेंट आई है। वहां पे साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ बन रहे हैं तो बहुत अच्छा काम करेंगे। इसी तरीके से साइन ऑफ वीकनेस आपने कहां पर देखने हैं? उसको भी हम यहां पे लिख लेते हैं। साइन ऑफ वीकनेस आपने कब देखने हैं? इन रिट्रेसमेंट ऑफ बेरिश ट्रेंड बस यह
बात आपने याद रख ली तो आपकी आधी कामयाबी यहीं से स्टार्ट हो गई है क्योंकि इसमें आपको फायदा क्या होगा कि आप हमेशा ट्रेंड को फॉलो करेंगे और इस मार्केट में रहने का एक ही कुलिया है वो है कि ट्रेंड को फॉलो करें बस जो भी आपके ट्रेड हो ट्रेंड के साथ हो। तो ये बात आपने स्क्रीनशॉट ले लें इसको याद रखें कि साइन ऑफ़ ये मैं हर क्लास में आपको याद करवाऊंगा कि साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ आपने कब देखने हैं कि जब भी आपका ट्रेंड बुलिश है फॉर एग्जांपल आपके पास आप देखते हैं कि आपकी
इंपल्स इस तरह लग रही है इस तरह। यह इंपल्स वेव है। ठीक है? यानी आपका ट्रेंड देखने में बुलिश आपको नजर आ रहा है स्ट्रांग। तो, जब भी उसकी रिट्रेसमेंट होगी, तो इन जगहों पर आप इन जगहों पर आप साइन ऑफ स्ट्रेंथ ढूंढेंगे। यह बनते दोनों तरफ हैं। बुलिश ट्रेंड में भी बनेंगे, बियरिश में भी बनेंगे। अभी आपको बताऊंगा चीज़। तो, यहां पे आपने साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ देखना है। जब भी आपका बुलिश ट्रेंड चल रहा है, बुलिश इंपल्स वेव लगी, इसकी रिट्रेसमेंट आई। यहां पे साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ बना। यह बहुत अच्छा रिजल्ट देगा। इसी तरीके
से अगर आपका ट्रेंड बियरिश है, मैं इसलिए कह रहा हूं कि यह बात जिसने याद कर ली, वह कामयाब हो जाएगा जल्दी। क्योंकि वह ट्रेंड को फॉलो कर रहा होगा ना अगेंस्ट ट्रेंड वह जाएगा ही नहीं। अब यह डाउन ट्रेंड है। यानी प्राइस जो है वह अपना लो लगाती है और इस लो को ब्रेक कर देती है। यानी इंपल्स वेव आपकी डाउन साइड है। आपका ट्रेंड बरिश चल रहा है इसमें। तो आपके पास जब भी बेयरिश ट्रेंड होगा तो उसकी जब भी रिट्रेसमेंट आएगी रिट्रेसमेंट पे आप साइन ऑफ़ वीकनेस देखेंगे। ठीक है? इसमें आपको फायदा
क्या होगा कि आप ट्रेंड को राइड करना सीख जाएंगे। ट्रेंड के साथ चलना शुरू हो जाएंगे। देखिए कितनी प्राइस गिर रही है। मैं शुरू में भी यह बात कह रहा था कि मैं तब भी सबको कह रहा था बाय कर लो। यह देखें ना इस जगह पे आप देखें अगर डेली आपको बाद में दिखाऊंगा। डेली में भी हमने बहुत अच्छी जगहों पे बाय बताई कि वहां पे फोर आवर के भी साइंस बने, वन ऑवर के भी बने और मुसलसल मैं ये बात कर रहा था कि ये बेरिश नहीं है। बेरिश तब होगा जब ये पूरा
प्रोसेस फॉलो कर लेगा। प्रोसेस फॉलो नहीं कर रहा इसका मतलब बेरिश नहीं हो रहा। तो आपने इसलिए फ़ौरन से पैनिकिक नहीं हो जाना कि प्राइस ने दो चार कैंडल्स बना दी हैं। चलो जी सेल करना शुरू कर दो। ऐसा नहीं होगा। आपने ट्रेंड का वेट करना है। अपनी रिट्रेसमेंट करेक्शन पूरी होने का वेट करना है। फिर साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ बनेंगे। बड़े स्ट्रांग बनेंगे और उसमें आपने बैठना है। फिर इस तरह आप जो है ना हमेशा ट्रेंड के साथ रहेंगे। अच्छी-लंबी ट्रेड्स आपको मिला करेंगी। अच्छा अब आ जाते हैं दूसरी साइड पे। यह जो ट्रेंड्स होते
हैं, यह जो साइन बनते हैं, यह बनते तो हर जगह पर हैं। ठीक है? इसमें तो मैं आपको कह रहा हूं ना कि आपने बुलिश ट्रेंड में साइन ऑफ स्ट्रेंथ देखने हैं। ब्रिलिय ट्रेंड में आपने साइन ऑफ वीकनेस देखने हैं। बनेंगे तो ये हर जगह पे। अब वो कैसे बनते हैं? मैं आपको बताता हूं। ये देखें। ये हमारे पास है जी एक बुलिश ट्रेंड। सिंपल करके बना लेते हैं। ये बुलिश ट्रेंड है और ये है हमारे पास एक बरिश ट्रेंड। ये चल जी। अब मैं आपको एक चीज़ दिखाता हूं। आप ये देखें कि जब प्राइसेस
बुलिश जा रही हैं तो मैंने आपको कहा कि जब भी इंपल्स वेव लगती है। चलिए यहां से देखते हैं। इंपल्स वेव लगी। प्राइस यहां से ऊपर गई। उसने प्रीवियस स्ट्रक्चर को ब्रेक किया। यह उसकी रिट्रेसमेंट आई। यहां पर आपको देखने थे साइन ऑफ स्ट्रेंथ। उसका फायदा क्या होगा कि आप ट्रेंड में बैठ गए। ट्रेंड काफी लंबा चलेगा। इसी जगह पे इसी ट्रेंड में इस जगह पे भी साइन ऑफ़ वीकनेस बना। साइन ऑफ़ वीकनेस बना तो प्राइस नीचे आई ना। फिर यहां पे साइन ऑफ़ वीकनेस बना। ठीक है? बनेगा तो प्राइस नीचे आएगी। साइन आएंगे। वीकनेस
के साइन आएंगे तो प्राइस नीचे गिरना शुरू हो जाएगी। फिर दोबारा साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ बनेगा। प्राइस फिर ऊपर चली जाएगी। तो बनते ये दोनों तरफ हैं। हर ट्रेंड में दोनों दोनों साइंस बनते हैं। इसी तरह प्राइस नीचे आ रही है जब ब्रिश ट्रेंड में तो यहां पे इसने ये रिट्रेसमेंट ली। रिट्रेसमेंट पे साइन ऑफ वीकनेस बना। यहां पे आके साइन ऑफ स्ट्रेंथ बन जाएगा नीचे से। साइन ऑफ स्ट्रेंथ। ठीक है जी? अब क्या होगा कि साइन ऑफ वीकनेस बहुत लंबे-लंबे चलेंगे क्योंकि उनके साथ ट्रेंड की पावर शामिल है। और साइन ऑफ स्ट्रेंथ थोड़े चलेंगे। बस
ये रिट्रेसमेंट तक आएंगे। यहां से ड्रॉप फिर आ जाएगा। ठीक है? यहां पे भी साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ बनेगा। साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ बनेगा तो प्राइस ऊपर जाएगी। ऊपर जाएगी लेकिन ज्यादा नहीं चल पाएगी। क्योंकि साइन ऑफ वीकनेस जो है उसके साथ ट्रेंड शामिल है। तो उसको प्राइस को फिर नीचे धकेल देगा। इस तरह तो दोनों साइन अब्स में देखें बुलिश ट्रेंड में साइन ऑफ वीकनेस साइन ऑफ स्ट्रेंथ दोनों बन रहे हैं। यहां पे साइन ऑफ़ वीकनेस बनेगा दोबारा लेकिन ज्यादा नहीं चलेगा। साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ बनेगा जैसे ही वो ज्यादा चलेगा। सॉरी यहां पे स्ट्रेंथ है। ठीक
है जी? तो अब आप इसको देखें बुलिश ट्रेंड को। अब आप देखें बियरिश ट्रेंड को। दोनों में साइन ऑफ़ वीकनेस भी बन रहे हैं। साइन ऑफ़ वीकनेस भी बन रहे हैं। साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ भी बन रहे हैं। यहां भी साइन ऑफ़ वीकनेस बन रहे हैं। साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ बन रहे हैं। दोनों बन रहे हैं। लेकिन जिस तरफ ट्रेंड होगा उस तरफ के साइन अच्छा काम करेंगे। जो ट्रेंड के अगेंस्ट आप जाना शुरू कर देंगे तो फिर वो चलेगा तो सही लेकिन उसकी कोई ज्यादा वैलिडिटी नहीं होगी। वो थोड़ा बहुत चल के साइन फेल हो जाएगा
क्योंकि ट्रेंड उसके अगेंस्ट है। तो ये बात आपको समझ आ गई कि साइन दोनों तरफ बनेंगे। आपने कौन से साइंस पिक कर रहे हैं जो मैंने आपको बता दिया। आपने ट्रेंड के साथ रहना है। तो इसको अगर आप इस चीज को आप याद रखते हैं तो फिर आपको कभी खराबी नहीं बनेगी। कि जब भी रिट्रेसमेंट है बुलिश ट्रेंड की साइन ऑफ स्ट्रेंथ देखें। जब भी रिट्रेसमेंट आ रही है बेरिश ट्रेंड की आप साइन ऑफ इग्नस देख लें। तो यह हो गए हमारे साइन ऑफ स्ट्रेंथ और साइन ऑफ इग्नेस के वो क्या चीजें होती हैं। अच्छा
अब हम स्टार्ट करते हैं। बिल्कुल आखरी चंद मिनट हैं सिर्फ। उसमें आपको मैं एक चीज दिखाना चाह रहा हूं। ज्यादा लंबा नहीं करूंगा क्लास को। हमने आज स्टार्ट करना है जी अपना साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ। यहां हम दोनों स्टार्ट कर रहे हैं। साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ साइन ऑफ़ वीकनेस दोनों देख रहे हैं। देखिए जी आपने चार चीजों का ख्याल रखना है। ठीक है? पहले हम साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ पे बात करेंगे। अभी हम बल्कि साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ पे ही रहेंगे। हम बात करते हैं जी साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ की। आपने पहला जो टेस्ट है हमारे पास हम देखें पांच
चीजें पढ़ेंगे तकरीबन इसकी पांच से छह चीजें पढ़ेंगे। साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ में और साइन ऑफ़ वीकनेस दोनों में मिला के। जो पहली चीज़ हमने पढ़नी है वीएसए ट्रेडिंग की पहली चीज़ वो है क्लाइमेटिक एक्शन बार। क्लाइमेटिक एक्शन बार। ठीक है? अभी कैसे होती है? इससे पहले एक बात याद रखें। क्लाइमेटिक एक्शन बार नीचे आती है मार्केट में भी बनेगी। गिरती है मार्केट में भी और ऊपर जाती है मार्केट में ही बनेगी। ठीक है? जब प्राइसेस नीचे आ रही हैं। यह देखें एक चीज़ समझें। जब प्राइसेस नीचे आ रही हैं, इस तरह प्राइस गिर रही हैं।
इसमें भी क्लाइमेटिक एक्शन बार बनती है और जब प्राइसेस ऊपर जा रही होती हैं, तो इसमें भी क्लाइमेटिक एक्शन बार बनती है। अगर नीचे आती हुई मार्केट में सेल की कैंडल में ठीक है? बरिश कैंडल में रेड कलर की कैंडल में अगर सबसे बड़ा वॉल्यूम आ जाता है तो उसको हम कहते हैं कि ये क्लाइमेटिक एक्शन बार है। लेकिन इसकी चार शरायत हैं। वो चार शरायत हम पूरी कर लेते हैं। यहां पे लिख लेते हैं। फिर आगे चलते हैं। उससे पहले जब गिरती हुई मार्केट में सेल की कैंडल में बड़ा वॉल्यूम आ जाएगा तो आप
इसको क्या कहेंगे? इसकी दो टाइप्स होती हैं। मैं इसके नीचे लिख देता हूं। नंबर वन। सेल की कैंडल में जब क्लाइमेट बार बनेगी आप उसे कहेंगे सेलिंग क्लाइमेक्स। ठीक है? इसी तरीके से ऊपर जाती हुई मार्केट में जब बाय की कैंडल में अल्ट्रा हाई वॉल्यूम आ जाएगा या क्लाइमेटिक एक्शन बार बनेगी उसे आप कहेंगे बाइंग क्लाइमेक्स। यानी क्लाइमेटिक एक्शन बार अगर आप मुझे बताते हैं मैं चार्ट नहीं देख रहा। आप चार्ट देख रहे हैं। आप मुझे बताते हैं जी क्लाइमेटिक एक्शन बार बन गई है। तो मुझे समझ नहीं आएगी कि वो गिरती हुई मार्केट में
बनी है कि बुलिश मार्केट में बनी है। क्योंकि दोनों को हम क्लाइमेटिक एक्शन बार ही कहते हैं। ठीक है? लेकिन अगर आप मुझे कहते हैं कि सेलिंग क्लाइमेक्स बना है तो इसका मतलब है मुझे फौरन समझ आ जाएगा कि प्राइसेस नीचे गिर रही थी तो गिरती हुई मार्केट का क्लाइमेक्स आ गया है। क्लाइमेक्स कहते हैं अरूज को जब किसी चीज की एक हद हो जाती है ना एंड हो जाता है बिल्कुल उसे आप कहते हैं कि ये क्लाइमक्स है। तो गिरती हुई मार्केट में जब भी क्लाइमेक्स आएगा आप कहेंगे कि ये सेलिंग क्लाइमक्स बना है।
ऊपर जाती मार्केट में जब भी क्लाइमक्स आएगा आप कहेंगे कि ये बाइंग क्लाइमक्स बना है। अब सेल्लिंग क्लाइमैक्स और बाइंग क्लाइमक्स में फर्क क्या होता है। उसको हम बाद में डिस्कस करेंगे। हम सिर्फ सेलिंग क्लाइमक्स को देखेंगे अभी कि सेलिंग क्लाइमक्स क्या चीज है। इसके लिए आपने चार शरायत याद रखनी है। बाइंग क्लाइमक्स के लिए भी यही चार शरायत हैं। लेकिन थोड़े से डिफरेंट हो जाएंगे उनकी चीजें। पहली चीज सेलिंग बैकग्राउंड ये देखें जी वो चीज़ है। पहली बात तो ये है कि ये वो चीज़ आपको पढ़ाने लगा हूं कि जिसकी हम एक्यूरेसी कहते हैं
कि 95% एक्यूरेसी है इसकी जो हमारा आप समझेंगे ट्रेड मार्क है। 95% एक्यूरेसी है। इस चीज़ में आपको मिलेगी। सेलिंग क्लाइमक्स और बाइंग क्लाइमैक्स में। इसके सिनेरियोस होते हैं 1 2 3 वो हम बाद में जाके पढ़ेंगे इंशाल्लाह। सेलिंग बैकग्राउंड होना चाहिए। नंबर टू, सेल्लिंग बैकग्राउंड क्या होता है? अभी हम डिटेल से बात करते हैं इस पे। यह देखिए जी, सेलिंग बैकग्राउंड यह होता है। यह प्राइस ऊपर जा रही है। यह देखें। आप में से कोई शख्स या जो भी बताना चाहे, आप में से मैसेज में बता सकते हैं कि ये कौन सा ट्रेंड है।
मैंने मैसेज ऑन कर दिए हैं। आप मैसेज में बता सकते हैं कि ये ट्रेंड कौन सा है जो मैंने ड्रॉ किया है अभी। बुलिश ट्रेंड है। ठीक है जी? चलिए इतना ही काफी था। अच्छा इसको रोक दो। यहां पे ये बुलिश ट्रेंड है। लेकिन इसमें भी सेल हुई थी। बार-बार प्राइस सेल हुई है। यहां पे भी सेलिंग आई थी। ठीक है? यहां पे भी सेलिंग आई थी। यहां पे भी सेलिंग आई थी। तीन जगह इस पूरे ट्रेंड में सेल हुई है प्राइस। बाकी जितनी भी जगह थी ये आपकी बुलिश इंपल्स वेव थी। लेकिन तीन बार
सेल का बैकग्राउंड बना है। यह भी बना है। यह भी बना है और यह भी बना। ठीक हो गया? तो सेलिंग बैकग्राउंड होना चाहिए। सेल का ट्रेंड नहीं होना चाहिए। यह बात इसमें लोग कंफ्यूज हो जाते हैं आगे चलके। वो मुझे दिखाते हैं कि यह देखिए आपने कहा था सेलिंग बैकग्राउंड। हालांकि वो सेल का ट्रेंड दिखा रहे होते हैं। सेलिंग बैकग्राउंड होना चाहिए। ट्रेंड आपका बुलिश होना चाहिए। अब इसमें एक छोटा सा नुक्ता है वो यह है कि देखिए जब भी आपकी इंपल्स वेव लगती है ना उसका जो लो बनता है जो आपका हायर लो
बनता है वो सेफ है। प्राइस उसको टच कर सकती है लेकिन उसको ब्रेक नहीं करती। ऊपर निकल जाती है। फिर आती है, टच कर सकती है, ऊपर निकल जाती है। ठीक है? यह बात आपने याद रखनी है। उसका यह लो सेफ है। यह लो सेफ है। लो सेफ है। ब्रेक क्या हो रहा है? हाई ब्रेक हो गया। फिर हाई ब्रेक हो गया। और फिर हाई ब्रेक हो गया। कैसे ब्रेक हुआ? यह देखिए, यहां पे यह ब्रेक, यहां पे यह ब्रेक। तो सिर्फ हाई ब्रेक हो रहा है। तो ऐसे में आप कहते हैं कि ये बुलिश
ट्रेंड है। सेल का बैकग्राउंड क्या है? जो ये रिट्रेसमेंट आती है। जो छोटी-मोटी करेक्शन आ जाती है। इसको आप कहते हैं कि ये सेलिंग बैकग्राउंड है। तो ये बात याद रखनी है कि सेलिंग क्लाइमेक्स की पहली शर्त क्या है? सेलिंग बैकग्राउंड होना चाहिए। समझ आ गई जी? अब चलते हैं दूसरी चीज पे। नंबर टू सेल कैंडल। ये क्या हुआ मतलब इसका? कि सेलिंग क्लाइमेक्स जो है वो हमेशा सेल की कैंडल में बनेगा। यानी प्राइस नीचे ड्रॉप दे रही हो इस तरह। बुलिश ट्रेंड में प्राइस नीचे आ रही हो और आ के सेल की कैंडल बने।
एक हमें सेल की कैंडल चाहिए। जाहिर है सेल हो रही होगी। सेल की कैंडल में बनेगा वो। नंबर थ्री बिग स्प्रेड कैंडल मैं भी आपको बना के दिखाऊंगा। नंबर फोर अल्ट्रा हाई वॉल्यूम। ये आपको चीजें जुबानी याद होनी चाहिए। ये चार चीजें हैं जी। ये चार रूल्स याद कर लें। आपको सेलिंग आपको बाइंग क्लाइमक्स भी आ जाएगा, सेलिंग क्लाइमक्स भी आ जाएगा। ये चार पॉइंट्स याद कर लें बस। अब मैं आपको बना के दिखाता हूं कैसे हैं। बिल्कुल सिंपल है। बिल्कुल। यह देखें। सबसे पहले आप यह देखें कि आपके पास यह बुलिश ट्रेंड है। इस
तरीके से। यह मैंने आपको बना के दिखाया। ऊपर ऐसे प्राइसेस ऊपर जा रही है। इंपल्स वेव लग रही है। इंपल्स वेव लग गई। चल और डिटेल से बनाते हैं। ये लें जी। मैं आपको पहले इंपल्स वेव भी बना के दिखाता हूं। अब आपको क्लियर हो जाएगा। आपका बुलिश ट्रेंड चल रहा है। ठीक है जी। चलिए यह बुलिश ट्रैंड हो गया। ऊपर वाले को डिलीट कर देते हैं अभी हम। अच्छा जी ये आपके पास एक बुलिश ट्रेंड चल रहा है। इस बुलिश ट्रेंड में अब यहां पे अगर आप देखें तो इस जगह पे आपको रिट्रेसमेंट मिलना
शुरू होती है। यानी सेलिंग बैकग्राउंड बनता है। सेलिंग बैकग्राउंड कैसे बनेगा? जो आपकी आखिरी बाय की कैंडल थी यह वाली, इसका लो ब्रेक हो गया। यह मैंने लो मार्क कर दिया। इसका लो ब्रेक हो गया। इसका मतलब है कि सेलिंग बैकग्राउंड बन गया। बस पहला पॉइंट तो यह क्लियर हो गया आपका। यहां पर भी सेलिंग बैकग्राउंड कैसे था? जैसे ही आपकी आखिरी जो स्ट्रांग बाय की कैंडल थी, यह मैंने स्ट्रक्चर क्लासेस में बड़ी डिटेल से बताया है। क्वेश्चन आंसर सेशन में भी डिटेल से बताया, वो भी अपलोड हो जाएगा। वहां से आपने रिकॉर्डिंग देख लेनी
है। यह देखिए। आखिरी बाय की कैंडल यह थी। इसका लो ब्रेक हो गया। प्राइस ने डाउन साइड कर दिया। इसका मतलब है कि आपके पास वैलिड सेलिंग बैकग्राउंड आ गया। यह सेलिंग बैकग्राउंड की निशानी है। सेलिंग बैकग्राउंड बन गया। पहली निशानी पूरी हो गई। दूसरी निशानी क्या है? कि सेल की कैंडल होनी चाहिए। क्योंकि दरमियान में जरूरी नहीं है कि सब की सब सेल की कैंडल्स बनेंगी। मुमकिन है यहां पे बाय की कैंडल बन जाए दोबारा कोई बात नहीं बन गई है ठीक है जाने दें इसके बाद फिर प्राइस नीचे आ जाती है यह लें
फिर नीचे आ गई इस तरह इसके बीच में परेशान नहीं होना कि बाय की कैंडल आ गई आती जाए कोई मसला नहीं है दूसरी निशानी है सेल की कैंडल अब जब सेलिंग बैकग्राउंड बन गया तो कोई भी सेल की कैंडल हो सकती है वो ठीक है कोई भी सेल की कैंडल हो सकती है आगे दो निशानी और पढ़ें बिग स्प्रेड कैंडल इसमें एक शर्त ये ऐड हो गई है जी कि इसका वॉल्यूम इसका साइज काफी बड़ा होता है इस कैंडल का ठीक है अब साइज तो बराबर हो रहे हैं दो तीन कैंडल्स के कौन-कौन सी
कैंडल्स के इसका भी साइज ऐसा ही है बड़ा है इसका भी बड़ा है दोनों का एक जैसा साइज़ है। तो अब हमें कैसे पता चलेगा कि सेलिंग क्लाइमेक्स कौन सा है? अगली निशानी पे आ जाए। वो है जी अल्ट्रा हाई वॉल्यूम। ठीक है? इनमें से जिस कैंडल का भी वॉल्यूम सबसे बड़ा है। अब मैं वॉल्यूम की बात बना देता हूं। ये देखिए ये सेल की एक दो तीन चार कैंडल्स हैं। पहले हम यहां पे वॉल्यूम ड्रॉ कर लेते हैं। यहां से 1 मिनट के लिए वॉल्यूम बंद करते हैं। ये वाला अपना वॉल्यूम बना लेते हैं।
वन टू फिर ग्रीन वॉल्यूम आ गया। उसकी जगह छोड़ देते हैं। फिर ये आ गया एक और रेड वॉल्यूम आ गया। और फिर चौथी कैंडल में यह रेड वॉल्यूम आ गया। चल जी अब चार शरायत पूरी करें दोबारा से। पहला नंबर क्या था? सेलिंग बैकग्राउंड हैं। वह तो बन गया। आखिरी बाय की कैंडल का लो ब्रेक हुआ। जैसे ही लो ब्रेक हो गया। छोटे वॉल्यूम से हुआ है, बड़े से हुआ है। आपने वो नहीं देखना। आपने देखना है आखिरी बाय की कैंडल का लो ब्रेक हो गया। सेलिंग बैकग्राउंड आ गया। पहली कहानी खत्म हो गई।
उसके बाद सेल कैंडल इनमें से कोई भी सेल कैंडल हो सकती है। लेकिन होनी सेल की चाहिए। बाय की कैंडल में बड़ा वॉल्यूम नहीं चाहिए अभी आपको। सेल की कैंडल में बड़ा वॉल्यूम होना चाहिए। ठीक है जी? सेल कैंडल हो गई। नंबर थ्री बिग स्प्रेड कैंडल। अब स्प्रेड का मतलब कि कैंडल का साइज़। कैंडल का साइज़ तो इन दोनों के जैसा लग रहा है। हां, यह हो सकता है कि एक कैंडल के नीचे इस तरह बड़ी सी विक आ जाए। यह ले। ठीक हो गया? तो, अब इसका साइज़ बड़ा हो गया। अब क्योंकि इसका स्प्रेड
यहां से लेकर और यहां तक बन चूका है। तो अब इसका स्प्रेड बढ़ा है। इसलिए अब यही क्लाइमेट रिएक्शन बार बन सकती है। अब आ गई आखिरी निशानी जो कि सबसे इंपॉर्टेंट है। ये वाला पॉइंट सबसे इम्पोर्टेन्ट है कि अल्ट्रा हाई वॉल्यूम किसमें है? तो इसी चौथी कैंडल में अल्ट्रा हाई वॉल्यूम आ रहा है तो यही क्लाइमेटिक रिएक्शन बार है। यही हमारा सेलिंग क्लाइमेक्स है। आप क्लाइमेट रिएक्शन बार ना कहां कहा करें बेशक। आप कहा करें सेल्लिंग क्लाइमेक्स पूरा बोला करें वर्ड। ठीक है? उसको ना हमारे लाइफ ए बाकी स्टूडेंट्स भी कैब कहते हैं सी
ए बी कैब। मैं नहीं बोलता ज्यादातर। मैं क्या बोलता हूं? मैं सेलिंग क्लाइमेक्स ही कहता हूं या क्लाइमेक्स रिएक्शन बारी कहता हूं सेल की। लेकिन सेलिंग क्लाइमेक्स यह सबसे बेहतर पार्ट है। अगर आप प्रोफेशनली काम कर रहे हैं तो आपके यहां सेलिंग क्लाइमेक्स है यह। तो यह सेलिंग क्लाइमेक्स है आपका। अब सेलिंग क्लाइमेक्स का मतलब क्या होता है? थोड़ी सी एक अंडरस्टैंडिंग के लिए सुन लें। लेकिन प्राइसेस आपकी यहां बुलिश ऊपर जा रही हैं। ठीक है? यहां से बुलिश उसके बाद रिट्रेसमेंट आती है। रिट्रेसमेंट कब आएगी? आखिरी बाय की कैंडल का जब लो ब्रेक हो
गया तो रिट्रेसमेंट आना शुरू हो गई। अब ये कब खत्म होगी रिट्रेसमेंट? तो उसकी निशानी होती है सेलिंग क्लाइमेक्स। जब ऐसी कैंडल बन जाए आपके पास ऊपर जाती हुई मार्केट में मैं आपको यहां पर डिटेल्स बना के दूंगा थोड़ा सा। यह लें। यह पैसे ऊपर जा रही हैं। कैंडल्स ऊपर जा रही हैं। चल जी। अब यहां पे सेल होना शुरू होती है प्राइस। एक कैंडल बन गई, दो बन गई, चार बन गई, 10 जितनी मर्जी बन जाए। आपने देखना है कि आखिरी जो बाय की स्ट्रांग कैंडल थी, इसका लो ब्रेक हो गया। तो, अब आपके
पास पहला पॉइंट पूरा हो गया। सेलिंग बैकग्राउंड वाला पॉइंट पूरा हो गया। ठीक हो गया जी? अब हमें कैसे पता चलेगा कि हमें कब एंटर होना है? हमें कब ट्रेड लेनी है? तो उसके लिए सबसे जो बेस्ट टेस्ट है, सबसे अहम चीज है वो हमारे पास सेलिंग क्लाइमेक्स होता है। सेलिंग क्लाइमेक्स हमें ये कहता है कि नीचे गिरने का प्राइस के सेल होने का क्लाइमेक्स यानी उसकी हद आ गई है। ठीक है? उसका रूज बस इससे ऊपर प्राइस नहीं गिरेगी। अब नीचे नहीं जाएगी। तो हमारे पास एक ऐसी कैंडल बन जाती है कि जो मैंने
जिसकी अभी आपको निशानियां बताई हैं वो यहां पे इस तरह से आपको अलग से नजर आ जाएगी। ऐसे यहां पे। ठीक है जी? इसमें ये चार शरायत पूरी होंगी। पहली शर्त सेलिंग बैकग्राउंड वो भी बन गया। नंबर टू सेल कैंडल यानी इटसेल्फ। ये सेल की ही कैंडल होनी चाहिए। ये तो सेल की कैंडल है। नंबर थ्री क्या था आपके पास? बिग स्प्रेड कैंडल तो इसका स्प्रेड भी काफी बड़ा है। पिछली सब कैंडल से बड़ी है। अगर नहीं भी बड़ी होगी तो कोई बात नहीं। क्योंकि चौथी चीज़ जो सबसे इंपॉर्टेंट है वो ये अल्ट्रा हाई वॉल्यूम
है। अब यहां पे अल्ट्रा हाई वॉल्यूम दूसरी कैंडल में आ जाता है इस तरह। इस तरह दूसरी कैंडल में अल्ट्रा हाई है। पहली में भी कम है। दूसरी में अल्ट्रा हाई है, तीसरी में भी कम है। चौथी में और भी कम आ गया। ठीक है? इस तरह भी तो हो सकता है। तो अब फैसला क्या चीज़ करेगी? वॉल्यूम फैसला करेगा। आखिरी जो हत्मी चीज है वो वॉल्यूम की है। लेकिन सेलिंग बैकग्राउंड होना भी जरूरी है। इसके बगैर सेलिंग बैकग्राउंड के बैग वो क्लाइमेटिक एक्शन बाहर या सेलिंग क्लाइमेक्स होगा ही नहीं। सेल की कैंडल भी होना
जरूरी है। क्योंकि अगर सेल की कैंडल में वॉल्यूम नहीं आ रहा है तो फिर सेलिंग क्लाइमेक्स कैसे बनेगा? सेल की ही कैंडल होनी चाहिए। दो चीज़ तो जरूरी होगी ना बहुत। तीसरी चीज़ बहुत ज्यादा जरूरी नहीं है। अगर आपके पास बिग स्प्रेड कैंडल में ही बड़ा वॉल्यूम आ रहा है तो वो एक बहुत अच्छी चीज है। लेकिन अगर बिग स्प्रेड कैंडल में नहीं आ रहा, छोटी कैंडल में भी आ रहा है फिर भी चलेगा। हमें जो गज़ है ना मेन गज़ वो अल्ट्रा हाई वॉल्यूम है कि अल्ट्रा हाई वॉल्यूम किस कैंडल में आ रहा है।
तो अगर वो इसी कैंडल में आ जाता जो चौथी कैंडल मैंने यहां पे बनाई है सबसे बड़ी इसमें सबसे बड़ा वॉल्यूम आ गया तो ये बेस्ट सिनेरियो बन गया है। अब हमारी ट्रेड बहुत अच्छी चल सकती है। ठीक हो गया? तो इस तरीके से आपने इसको पहचान लेना है। इसकी कुछ एग्जांपल्स मैं आपको दिखा देता हूं यहां पे। वो एग्जांपल्स देख के आपकी असाइनमेंट ये है। अपने लिए आपके अपने लिए आपकी असाइनमेंट ये है कि आपने कल या आज रात को या कल दिन में क्लाइमेटिक एक्शन बार्स ढूंढनी है। उनको मार्क कर लें अपने पास।
सेव कर लें अपने पास। फिर आगे चलकर क्वेश्चन आंसर सेशन में इस पर बात भी कर लेंगे हम। तो ये चार जब आपके पास पूरी हो गई निशानियां आपको पता चल गया कि सेलिंग क्लाइमेक्स आ गया है। यानी सेल की हद आ गई है। अब यहां से क्या होगा? जब सेल की हद आ गई है तो दूसरा ऑप्शन क्या है? दूसरा ऑप्शन फिर ऊपर जाना ही है। ठीक है? यहां पे भी जब सेल की हद आ जाएगी तो फिर प्राइस ऊपर जाना शुरू कर देगी। लेकिन इतना सिंपल नहीं है जाहिर है। थोड़ा सा मुश्किल है।
अगर इतना सिंपल हो तो सब कर लें। तो बाकी जो मुश्किल चीजें हैं वो इंशाल्लाह हम कल से स्टार्ट करेंगे। उसमें मैं आपको बताऊंगा कि आपने इसको ट्रेड कैसे करना है। कल हम पहले दो सिनेरियोस पढ़ लेंगे कि इसको हमने ट्रेड किस तरीके से करना है। ठीक हो गया? अभी हम चलते हैं जरा चार्ट साफ करते हैं। अब हम जाके क्लाइमेट एक्शन बार्स को ढूंढते हैं कि वो कैसी नजर आती हैं। चलो जी। वॉल्यूम ऑन करते हैं हम यहां से। 5 मिनट का टाइम फ्रेम ही रहने देते हैं। ठीक हो गया जी। अच्छा यह रहा
जी। अब हम देखते हैं कि पहले तो बुलिश ट्रेंड निकालें। ट्रेंड तो बुलिश है। यह नहीं जी बुलिश ट्रेंड है। 5 मिनट में इस वक्त जो रिसेंट हमारे पास ट्रेंड चल रहा है वह बुलिश चल रहा है। अब यह देखें यहां पे मैं बिल्कुल रिसेंट एग्जांपल आपको दिखा देता हूं आज की ताकि आपको आईडिया हो आपने कैसे निकालना है। यह देखिए ये इंपल्स वेव लग गई आपकी। यह इंपल्स वेव थी। ठीक है जी? इसने ये प्रीवियस स्ट्रक्चर को ब्रेक कर दिया हाई को। उसके बाद आपके पास रिट्रेसमेंट कब स्टार्ट हुई? आपके पास रिट्रेसमेंट स्टार्ट हुई
यहां पे। यह आखिरी बाय की स्टंग कैंडल यह थी। यह चीज मैं आपको थोड़ा सा ज़ूम इन करके दिखाता हूं। टेंट यह आप देखें ताकि आपको मजीद आसानी से नजर आए चीजें। यह देखें आप। आपकी इंपल्स स्टार्ट हुई। यहां से यहां तक इसने यहां पर प्रीवियस स्ट्रक्चर ब्रेक किया है। ठीक हो गया? अच्छा यह आपका आखिरी बाय की कैंडल थी। इसको आपने मार्क कर लिया कि ये आपका लो है। यह ब्रेक होना चाहिए। यह ब्रेक हो गया। यहां पे आके ब्रेक हुआ है। देखिए इसका मतलब क्या था कि वैलिड रिट्रेसमेंट आ गई है। ठीक है?
वैलिड रिट्रेसमेंट कब आएगी? जब आखिरी बाय की कैंडल का लो ब्रेक होगा। अब यहां पे चक्कर एक और है कि इस बाय की कैंडल के बाद इसी वेव ने एक और हाई लगा दिया यह वाला। ठीक है? ठीक है? तो यहां पे आखिरी बाय की कैंडल कौन सी थी? इससे ऊपर कोई क्लोज हुई है आखिरी बाय की कैंडल? इससे ऊपर ये क्लोज हुई है। ये भी क्लोज हुई है या ये इसको कर लें। आप किसी को भी कर लें तो हम इसको कर लेते हैं। ये वाली थी यानी आखिरी बाय की कैंडल। अब हम इसको
डिस्कवर इसको हम कंसीडर कर रहे हैं क्योंकि ये इसके ऊपर है। ठीक है? अगर हम पूरी वेव को लेते तो हमें इसका लो ब्रेक होना जरूरी था। इसका लो ब्रेक हो रहा है यहां पे। लेकिन उससे पहले प्राइस तो एक और हाई लगा चुकी है। इसके अंदर रेंज करने के बाद एक और हाई लगा चुकी है। तो आखिरी बाय की कैंडल में हम इसी को कंसीडर कर लेते हैं। यह वाली कैंडल। अच्छा इसका आप लो मार्क कर लें। जब इसका लो मार्क कर लिया इसका मतलब है कि लो ब्रेक हो गया। अब रिट्रेसमेंट आ गई
है। यह रिट्रेसमेंट आ रही है। इस रिट्रेसमेंट में अब वो चार निशानियां पूरी कर लें जो आपको सिखाई हैं। पहली क्या थी? सेलिंग बैकग्राउंड। सेलिंग बैकग्राउंड। ठीक है जी? सेलिंग बैकग्राउंड बन रहा है। आखिरी बाय की कैंडल का लो ब्रेक हो गया। सेलिंग बैकग्राउंड आ गया। ये आपकी कंप्लीट हो गई पहली चीज। नंबर टू क्या बताया था? सेल कैंडल। सेल कैंडल होनी चाहिए। तो सेल कैंडल्स कहां पे हैं? ये सब की सब सेल कैंडल्स हैं। आगे भी सेल की कैंडल चल रही हैं। तो बस हमें सेल की कैंडल चाहिए थी। हम इनमें से ही किसी
कैंडल को देखेंगे जो सेलिंग क्लाइमक्स होगा। नंबर थ्री, अभी हमें नहीं पता। नंबर थ्री, बिग स्प्रेड। बिग स्प्रेड। चलें जी, बड़े साइज वाली जो कैंडल्स हैं वो निकालें कौन सी हैं? बड़े साइज वाली कैंडल ये भी है। बड़े साइज वाली कैंडल आगे सबसे बड़े साइज़ की तो यही है। ये पीछे वाली पीछे साइज़ की है। ठीक है? यह हो गया। उसके बाद इससे इससे बड़े साइज़ की तो इसमें है ही नहीं। नंबर फोर। अल्ट्रा हाई वॉल्यूम। अल्ट्रा हाई वॉल्यूम किसमें आ रहा है इन सब में। इन सबका वॉल्यूम अल्ट्रा हाई तो इनमें से आ रहा
है। जी यह वाली कैंडल में आ रहा है। सबसे बड़ा वॉल्यूम इसका है। इस कैंडल को मार्क करें कौन सी कैंडल बन रही है? यह कैंडल कौन सी बन रही है? जी ये कैंडल बन रही है ये वाली एक्सेक्ट ये वाली। ठीक हो गया जी? यह आ गया हमारे पास सेलिंग क्लाइमेक्स। आपको जो चार निशानियां पढ़ाई हैं, वह आपको इस कैंडल में मिल रही हैं। इसमें एक चीज़ याद रखनी है आपने। यह ज़हन में रखनी है वह यह कि सबसे आइडियल शेप यह होती है सेलिंग क्लाइमेक्स की। कि सेल की कैंडल के नीचे बड़ी विक
आ जाए। इसके नीचे बड़ी विक नहीं है। ठीक है? आ जाती तो बहुत अच्छी बात थी। ऐसे नहीं आई तो भी कोई बात नहीं। मैं ये नहीं कह रहा कि लेकिन ये आइडियल शेप है। चलिए आइडियल शेप का आपको कलर भी आइडियल कर देता हूं। यानी सेल की कैंडल होगी इस तरह। ठीक है? और उसके नीचे बड़ा वॉल्यूम होगा। बड़े साइज की कैंडल होगी बड़े वॉल्यूम के साथ। ठीक है? और उसकी बड़ी सी विक भी होगी एक नीचे। ये आइडियल साइज आइडियल कंडीशन है। अगर बड़ी विक नहीं आती तो भी कोई मसला नहीं है। ट्रेड
हम उसको उसी तरीके से करेंगे। अच्छा जी। जी यहां पे अगर आप देखें तो ये चीजें पूरी हो गई है। अब आप ये देखें कि ये इंपल्स वेव उसके बाद रिट्रेसमेंट। इंपल्स वेव की रिट्रेसमेंट पे आ गया साइन ऑफ़ स्ट्रेंथ। और उसके बाद देखें प्राइस कितना ऊपर गई है। सॉरी। उसके बाद आप देखें कि प्राइस कितना ऊपर निकल गई है देखिए। ये छोटा सा भी तो साइन है 5 मिनट का। दिन में बना होगा किसी टाइम। मंडे किस जुलाई आज ही बना है 12:15 बजे। ठीक है जी। लंदन सेशन के ओपन पे। तो देखिए कितना
अच्छा चला है यह साइन। अब इसका मतलब यह नहीं होता कि यह आ जाए तो आप बाय कर लें। कभी कोई भी यह गलती ना करे। इसके पूरे सिनेरियोस होते हैं। यहां पे सिनेरियो नंबर थ्री कंप्लीट हुआ है। सिनेरियो थ्री कंप्लीट होने के बाद प्राइस ने अपनी मूवमेंट अच्छी दी है। तो ये बात आपने याद रखनी है। इसको हम पढ़ेंगे डिटेल्स से इंशाल्लाह। तो ये क्लाइमेटिकेशन बार थी। अब यहां पे एक और मसला क्या बन सकता है? वो ये है कि आपको कंफ्यूजन हो सकती है कि ये इतना बड़ा वॉल्यूम तो नहीं है। लेकिन आपको
मैंने कहा था कि आपने रीसेंट बस वेव को देखना है। इस वेव में सबसे बड़ा वॉल्यूम देखना है। आपने ज़्यादा पीछे नहीं जाना। आपने यह देख लिया कि यह इंपल्स वेव लगी। इंपल्स वेव के बाद यह रिट्रेसमेंट आ गई। और यह आप ट्रेड कर ली यहां से। आपको क्या लगे पीछे 10 साल पहले यहां पे क्या हुआ था। 5 साल पहले क्या हुआ था। और लोगों ने बहुत पहले मार्क की होती है ना? उसकी आपको जरूरत नहीं है। बस आपने रीसेंट चीज़ देखनी है। आपने इंट्राडे ट्रेडिंग करनी है। 10050 पे प्लेने आउट हो जाना है।
अब यह भी एक बड़ा वॉल्यूम था। लेकिन यह बाइंग क्लाइमेक्स है। ठीक है? सेम चीज़ हैं। इसमें भी देखें। बुलिश बै अब इसमें मसला क्या है? ये अगेंस्ट ट्रेंड है। इसको हम डिस्कस नहीं करते। अभी आप इससे कंफ्यूज ना हो जाए। आपने अभी देखना है कि बुलिश ट्रेंड हो। बुलिश ट्रेंड के रिट्रेसमेंट में बड़ा वॉल्यूम हो। ये देखें। ये देखिए। फिर ये बुलिश ट्रेंड उसके रिट्रेसमेंट पे ये बड़ा वॉल्यूम। अब यहां पे बड़े वॉल्यूम का मसला क्या है? ये हमें सूट क्यों नहीं कर रहा? क्योंकि रिट्रेसमेंट स्टार्ट ही नहीं हुई। पहले रिट्रेसमेंट तब होगी जब
इसका लो ब्रेक होगा। यह वाला जब लो ब्रेक होगा अब हमें सबसे बड़ा वॉल्यूम चाहिए। तो अगर यह लो ब्रेक हो भी जाए और बड़ा वॉल्यूम ऊपर आ रहा है तो फिर हमें इस पे ही कंसीड ट्रेड करना पड़ेगा। इसी के मुताबिक हम ट्रेड करेंगे। ये सिनेरियोस जब पढ़ेंगे तब देखेंगे इंशाल्लाह। यहां पे दोबारा देखें इंपल्स वेव लगी। ठीक है ना? ये देखें प्राइस यहां से तो नीचे आ रही थी। यहां पे प्राइस ने अपना प्रीवियस स्ट्रक्चर ब्रेक कर दिया। इस जगह पे गौर से देखें अगर आप ये देखिए ये स्ट्रक्चर ब्रेक हुआ एक। ठीक
है? प्राइस ने इंपल्स वेव लगाई। इंपल्स वेव की रिट्रेसमेंट देखें। अब इस रिट्रेसमेंट में बड़े वॉल्यूम कौन से हैं? ये वाला। यह कैंडल मार्क कर लेते हैं कि कौन सी कैंडल बन रही है। हां जी। यह बड़ा वॉल्यूम किस कैंडल में आ रहा है? इस कैंडल में आ रहा है। ये लें। ठीक है? ये आपका था सेलिंग क्लाइमेक्स। ठीक हो गया। सेलिंग क्लाइमेक्स बन गया। अभी यहां पे सबसे बड़ी कैंडल कौन सी है? सबसे आखरी आखरी टॉप की कैंडल तो यही है। एक ही कैंडल ने लो ब्रेक कर दिया। टॉप पे जाके बनी है। अच्छा
अब इसका लो यह बन गया सेलिंग क्लाइमेक्स। सेलिंग क्लाइमेक्स के फ़ौरन बाद से बाइंग स्टार्ट नहीं हुई। लेकिन हुई बाइंग की है। देखिए डायरेक्शन बाय की है। तो इसको कैसे ट्रेड करना है? इसमें आपने किन चीजों का ख्याल रखना है? कब आपने ट्रेड में होना है? इसमें आपकी ट्रेड कहां से बनती थी? आपको वैसे अभी हम ट्रेड नहीं पढ़ रहे। पहचान पढ़ रहे हैं। आपको बता देता हूं। इसकी आपको ट्रेड बनती थी। जी इस जगह से। इस कैंडल पे ट्रेड थी आपकी। नीचे आपका स्टॉप लॉस था। यहां से आपकी ट्रेड थी। यहां पे आपका स्टॉप
लॉस था और यह सिनेरियो नंबर थ्री था और बड़ा स्ट्रांग सिनेरियो था। यह देखिए इतनी ऊपर गई है प्राइस। तो बस आपने सिर्फ वेव बाय वेव इसको देखना है। और देख लेते हैं। और देखिए यहां पे बुलिश ट्रेंड है। बुलिश ट्रेंड कहां पे है? जी और पीछे चलते हैं। मैं काफी दिन से चार्ट पे बैठा भी नहीं हूं वैसे लेकिन आपको एग्जांपल्स यहां पे बड़ी अच्छी मिल जाएंगी। 15 मिनट में चले जाएं, पांच पे चले जाएं, 1 घंटे पे चले जाएं। जिस पे मर्जी जाएं आप काम करें। अब यहां पे क्या मसला है? यहां पे
भी बन रहे हैं बड़े वॉल्यूम्स। लेकिन प्राइस बाय नहीं हो रही। वजह क्या है? ये ट्रेंड बेरीश है ना? डाउन साइड आ रही है प्राइस। ट्रेंड का आपने बहुत ज्यादा ख्याल रखना होता है। चलिए आगे देखते हैं। अभी 15 मिनट में देखते हैं। हां जी। 15 मिनट में देखते हैं। तो यहां पे हमें क्या मिल रहा है? अब देखें ये ये वॉल्यूम हमारे काम का भी नहीं है। अभी हमने इसको पढ़ा भी नहीं है। ठीक है? ये बाइंग क्लाइमेक्स बन रहा है। एक हमें चाहिए ऊपर जाती है मार्केट की रिट्रेसमेंट पे बड़े वॉल्यूम। जैसा कि
ये सामने मिल गया। हर जगह पे बड़ा वॉल्यूम क्लाइमेटिगेशन बार नहीं होता। पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट बहुत मैटर करते हैं कि आपकी रिट्रेसमेंट आ रही है। पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट अच्छा है। जितने अच्छे पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट पे आके जितनी अच्छी शेप वाली कैंडल बनेगी उतना आपको फायदा होगा। यानी शेप आपको मैंने बताई है ना कि आइडियल शेप ये होती है। ये आपने बात याद रखनी है। ये आइडियल शेप है। क्लाइमेट रिएक्शन बार। इसके नीचे जितनी बड़ी विक होगी डाउन साइड वो उतनी अच्छी आपकी सेलिंग क्लाइमेक्स बनेगा। अब यहां पे देखें इसके नीचे विक तो नहीं है लेकिन
ये भी क्लाइमेटिक बार तो है। विक बेशक हो या ना हो विक होगी तो आइडियल बनेगी। विक नहीं है तो फिर हमें उसको अच्छे तरीके से देख के कंफर्मेशन के बाद ट्रेड करना होगा। अब यह देखिए यह बुलिश ट्रेंड था आपका 15 मिनट में। ठीक है? ठीक है? ये आपका बुलिश ट्रेंड चलता हुआ आ रहा है 15 मिनट में जो इसकी रिट्रेसमेंट आई है। अब यहां पे रिट्रेसमेंट ढूंढना थोड़ा सा मुश्किल हो जाता है। आप ये देखा करें कि सबसे स्ट्रांग कैंडल बाय साइड पे कौन सी बन रही है। जिसने सबसे बड़ा हाई सबसे ऊंचा
हाई लगाया है वो ये बन रहा है तकरीबन। यहां पे रेंज के बाद मैं इसका कलर चेंज कर लूं। देखिए रेंज के बाद यहां पे आप देखें तो ये स्ट्रांग कैंडल बन रही है बाय की। बाकी सब कैंडल जो है वो नीचे रह गई हैं। तो इसका जब लो ब्रेक हुआ तो रिट्रेसमेंट आ गई। रिट्रेसमेंट आ गई तो यह सबसे बड़ा वॉल्यूम भी आ गया। यह देखिए। ठीक हो गया? अब इसमें और चीजें इन्वॉल्व होंगी जो मैं आपको बता नहीं रहा। जैसे इस पूरे सपोर्ट की लिक्विडिटी इन्वॉल्व हो गई है इसमें। ठीक है? मैंने भी
नीचे कोई लाइन लगाई हुई है। पता नहीं किस चीज की लाइन होगी मुझे अब याद नहीं है। ये भी इसमें इन्वॉल्व हो गई है। तो किसी जगह पे आके किसी अच्छे पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट पे एक बड़ा वॉल्यूम आया है। अब चार शर्तें पूरी करें आखिरी चीजें बंद कर रहा हूं। नंबर वन सेलिंग बैकग्राउंड। तो सेल्लिंग बैकग्राउंड बन गया। कैसे बना? ये बना सेलिंग बैकग्राउंड। आपका आखिरी जो हाई था वो प्राइस ने ब्रेक किया। सेलिंग बैकग्राउंड आना शुरू हो गया। पहली चीज कंप्लीट हो गई। नंबर टू सेल कैंडल। ठीक है? सेल कैंडल तो यह सेल की
ही कैंडल है। नंबर थ्री बिग स्प्रेड कैंडल यह बिग स्प्रेड। तो बिग स्प्रेड कैसे था? सबसे बड़ा साइज इसी कैंडल का है। बड़ी जबरदस्त चीज़ बन रही है। देखिए बैकग्राउंड भी आ गया। सेलिंग बैकग्राउंड सेल की कैंडल भी आ गई। बिग स्प्रेड कैंडल भी आ गई। सबसे बड़े साइज वाली कैंडल भी आ गई। नंबर फोर अल्ट्रा हाई वॉल्यूम वो भी आ गया। तो जब चार चीजें पूरी हो गई हैं तो आपके मजे हो सकते हैं। ठीक है? मजे तब हो सकते हैं जब आपको पता हो उसको ट्रेड कैसे करना है। तो यहां पे आपकी ट्रेड
बनती थी इस जगह पे। ट्रेड मैं नहीं बता रहा। वैसे जिन लोगों ने असाइनमेंट्स कर लिए पढ़ लिया उनको बता रहा हूं बैच 40 खास तौर पे आपकी ट्रेड बनती है तकरीबन इस कैंडल पे यहां पे आपकी ट्रेड है 15 मिनट के हिसाब से नीचे आपका स्टॉप लॉस है और अब इसका रिजल्ट भी आपके सामने है अगर आपने विद द ट्रेंड ट्रेड किया तो यह देखिएगा प्राइस कहां तक गई है अभी तक इसके ऊपर यह है मेरा ख्याल है तो यह इतना अच्छा काम करता है अगर आपने इसको अच्छी जगह पे पकड़ लिया और पेशेंस
पेशेंस यहां पे भी काम करेगा अब यह अल्ट्रा हाई वॉल्यूम कब आया आपका अल्ट्रा हाई वॉल्यूम आपका आया है जी नीचे टाइम देखें 6:45 है 10 जुलाई को और यह ब्रेकअप हुआ है ब्रेक हुआ जी 12 am 10 जुलाई आया कब है सॉरी आया जी 10 जुलाई को 6:45 पे और रात को 5 6 घंटे बाद ये ट्रेड बनी है तो 6 घंटे आपने वेट करना है इसके ब्रेकआउट का मैं कैसे ब्रेकआउट करना है ये सब चीजें 41 वाले परेशान ना हो आपको समझ नहीं आएगी अगर आपने नहीं देखी रिकॉर्डिंग्स तो बाकी वैसे हमने पढ़ना
है सिनेरियो नंबर टू बन रहा है ये सर नंबर टू के मुताबिक ये ट्रेड थी यहां से आपकी ट्रेड थी नीचे आपका स्टॉप लॉस था और आप इसको जितना होल्ड करना चाहे कर सकते ट्रेड मैनेजमेंट में आपको बताऊंगा कि आपने आउट कहां पे होना होता है वैसे या कहां पे आपने प्रॉफिट टेकिंग करनी है। क्योंकि हमें इतना गज़ नहीं है इससे कि हम यहां से ट्रेड लें और यह फिर हजारों पिप्स ऊपर जाए। इससे हमें गज़ नहीं है। हमें गज़ होती है रोज़ कि हमने ट्रेड ली है। हमें अपने अकाउंट के हिसाब से 1% आ
रहा है। बस आउट हो जाए वहां से। तो, हम उतना लेके आउट भी हो सकते हैं। उसको ब्रेक इवन करके छोड़ भी सकते हैं। वो आपकी मर्ज़ी पे है बात। वो हम इंशाल्लाह आगे चलके पढ़ेंगे। बहरहाल अभी आपको सिर्फ इसकी पहचान होनी चाहिए। पहचान होगी। यह देखिए कितनी जबरदस्त क्लाइमेट बार बनी है। ये देखिए ना। ये देखिए कितनी सबसे आइडियल शेप ये है जी। यह सबसे आइडियल शेप यह है। जो नीचे आपको लाइन नजर आ रही है ना, यह मैंने एक डेली का चैनल जो मैंने शुरू में कहा था बताऊंगा। यह डेली की लाइन है।
यह डेली की ट्रेंड लाइन है। यहीं से मैंने सबको बाय बताया हुआ था। एक दफा ड्रा भी करके दिया था कुछ कोई दो माह पहले कि आप इस का वेट करें इस इसके टच का। यहां से आपको बहुत अच्छी ट्रेड्स मिल रही हैं। और यहां पे आके देखें कितने बड़े-बड़े वॉल्यूम्स आए हैं। एक लाइन एक्टिवेशन बार के बाद अगर एक और कैंडल बन जाती है, यह हम बाद में पढ़ेंगे। इंशाल्लाह कल पढ़ेंगे। यानी प्राइस नीचे आ रही है, तो यह बड़ा वॉल्यूम आ गया। ठीक है जी? अब प्राइस और नीचे आ जाती है। एक और
कैंडल बनती है। इससे भी बड़ा वॉल्यूम आ जाता है। तो ऊपर वाली कैंसिल हो गई है। नीचे वाली अब आपका काम करेगी। अगर ऊपर वाली पे ही ट्रेड बन जाती तो हम यहां से ट्रेड कर लेते। नहीं बनी प्राइस और नीचे आ गई है। एक और कैंडल में बड़ा वॉल्यूम आ गया तो फिर अब ये क्लाइमेटिएशन बार बन गई है। ये चीज़ हम कल से इंशाल्लाह पढ़ना शुरू करेंगे। बहाल आप यह देखें क्लाइमेटिएशन बार बनी। अल्ट्रा हाई वॉल्यूम आया। उस पे ट्रेड बनी। अब इसमें टाइम कितना लगा ट्रेड बनने में? मेरा ख्याल है शायद 2
दिन लग गए होंगे या एक दिन तो कम से कम 24 घंटे तो आराम से लगे होंगे। यह क्लाइमेटिगेशन बार बनी है और इसका यहां पे जाके ट्रेड बनी है इस पे। तो इसने जी 88 बार्स और 23 आवर्स लिए हैं। 23 घंटे बाद 23 घंटे आपने सबर किया कि यह ट्रेड कंप्लीट हो। ठीक है? और कंप्लीट हुई है तो उसके बाद फिर यह इसका रिजल्ट है। अभी तक प्राइस उसके ऊपर ही चल रही है। ये देखिए कहां पहुंच गई। अब आइए डेली पे जिसकी मैं बात कर रहा हूं। यह चैनल डॉ किया हुआ है।
यह देखिए कैसे उसके साथ-साथ साथ-साथ चल रही है। यह देखें। यह आप अगर पता नहीं वो लाइव में था कि किसी क्लास में था। मुझे अब याद नहीं है। वो मैंने इनको इस तरह ड्रा करके दिया था कि यह प्राइस एक बार नीचे आके इसको जब टच करेगी फिर इसके साथ-साथ मूव करेगी। इसके साथ ट्रेवल करेगी। इसके टारगेट्स अभी ये वाले लिक्विडिटी लेवल्स के इसके टारगेट हैं। टारगेट ऊपर है। बैच 41 को वैसे बता देता हूं कि जो हमने टारगेट्स लगाए थे वो हमने पहला टारगेट इसका लगाया हुआ है 34 19 तो इनिशियल टारगेट है
इसका। उसके बाद 3450 और फिर 3550 इस हिसाब से हमने इसके टारगेट लगाए थे। यह क्या हुआ है? बहाल अभी आपने ट्रेड नहीं करनी जब तक आप इसको सीख ना जाए मुकम्मल तौर पे। सीखते आएंगे तो इंशाल्लाह बहुत अच्छी ट्रेडिंग आपको फिर मिलती रहेगी साथ-साथ। चल जी इसको यहां पे स्टॉप करते हैं। टाइम लंबा हो गया क्लास का और