स्टडी आईक्यू आईएस अब तैयारी हुई अफोर्डेबल नमस्कार दोस्तों दोस्तों आप में से जो भी लोग स्टॉक मार्केट में थोड़ा भी इंटरेस्ट रखते हैं आई एम श्यर आप सबको पता होगा कि अक्टूबर का महीना स्टॉक मार्केट के लिए बहुत ही खराब गया है काफी लंबे समय बाद आपको देखने को मिलेगा कि भारत के स्टॉक मार्केट में ठीक-ठाक यहां पर गिरावट हुई है और इसके पीछे का कारण भी अगर आप देखिए तो बहुत से लोग शायद जानते भी होंगे यह है एफआईआई दैट इज फॉरेन इंस्टीट्यूट इन्वेस्टर्स बाहर के जो निवेशक हैं जब वो बहुत सारा पैसा भारत
के स्टॉक मार्केट में डालते हैं तो हमारा स्टॉक मार्केट ऊपर जाता है लेकिन अगर वो वही पैसा बाहर निकालते हैं तो उसमें आपको गिरावट भी देखने को मिलती है लेकिन क्वेश्चन यहां पर यह है कि आखिरकार यह जो पैसा निकाल रहे हैं भारत से वो कहां पर जा रहा है काफी लोगों को लग रहा है कि सिर्फ चाइना ही जा रहा है ऐसा नहीं है तो यहां पर सब कुछ ओवरऑल पर्सपेक्टिव से मैं आपको बताऊंगा और आपको काफी अच्छा जानने को मिलेगा पूरा सिनेरियो चल के आ रहा है स्टॉक मार्केट में काफी कुछ जानेंगे लेकिन
उससे पहले मैं आप सबको बता बता दूं कि आप में से जो भी लोग स्टॉक मार्केट इन्वेस्टिंग के बारे में सीखना चाहते हैं फ्रॉम बेसिक टू एडवांस लेवल मतलब कि एक ऐसा कोर्स चाहे वो बिगनर हो ऑलरेडी आप स्टॉक मार्केट में निवेश कर रहे हो आप सभी के लिए क्यूरेट किया गया और सेबी रजिस्टर्ड पर्सन के द्वारा यह पूरा कोर्स आपको पढ़ाया जाएगा तो जवाइन करने के लिए लिंक दिया हुआ है कमेंट सेक्शन में और आपको यूज करना है यह कोड अंकित लाइव ताकि आप मैक्सिमम डिस्काउंट ले सके और इसके अलावा अगर आप एमसीक्यू अटेंट
करना चाहते हैं तो मेरे टा पेज पर जाइए वहां पर स्टोरीज में जितने भी एमसीक्यू हैं उसको भी आप अटेंप्ट कर पाएंगे तो चलिए शुरुआत करते हैं और सबसे पहले यह देखते हैं कि एगजैक्टली अभी चल क्या रहा है जिसकी वजह से यह वीडियो में हम चर्चा कर रहे हैं देखो फॉरेन इन्वेस्टर्स उन्होंने बहुत सारा पैसा भारत के स्टॉक मार्केट से निकाला है तो जैसा कि मैं आपको पहले भी बोल रहा था यह कोई सरप्राइजिंग नहीं है लेकिन क्वेश्चन यहां पर यह खड़ा होता है कि आखिरकार जो फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स हैं वह अपना पैसा भारत
से बाहर निकालकर कहां ले जा रहे हैं तो यहां पर देखो चाइना तो एक एग्जांपल है ही है कि चाइना में बहुत सारा पैसा इस समय लगाया जा रहा है लेकिन इसके अलावा भी अगर आप देखोगे साउथ कोरिया जापान इंडोनेशिया वहां पर भी फॉरेन इन्वेस्टर्स के द्वारा पैसा लगाया जा रहा है तो मैं आपको बेसिकली यह बताना चाह रहा हूं कि ऐसा नहीं है कि सारा का सारा पैसा भारत से निकालकर चाइना में ही जा रहा है यहां पर जो इन्वेस्टर्स हैं वो और भी स्टॉक मार्केट में पैसा निवेश कर रहे हैं और ये तीनों
अगर आप देखिए साउथ कोरिया जापान इंडोनेशिया अक्टूबर के महीने में अगर आप देखोगे या फिर चलो 2024 में अगर आप देखिए मतलब 2024 में अभी तक इन तीनों मार्केट में दैट इज साउथ कोरिया जापान एंड इंडोनेशिया में 18 बिलियन डॉलर निवेश किया गया है और वहीं अगर आप भारत की बात करें तो सिर्फ अक्टूबर के महीने महीने में 8 बिलियन डॉलर पैसा निकाला गया है तो भारत से पैसा बाहर गया है फर्स्ट अक्टूबर से लेकर 177th अक्टूबर के बीच में और अक्टूबर के स्टार्टिंग में यहां पर काफी चर्चा भी हो रही थी हर कोई चाइना
के बारे में बात कर रहा था क्योंकि चाइना ने जिस तरह का पैकेज लेकर आए हैं जो स्टीमुलस पैकेज लेकर आए हैं इसकी वजह से वहां का स्टॉक मार्केट में बहुत तेजी से बढ़ोतरी हुई है और फॉरेन निवेशकों को वो मार्केट काफी अट्रैक्टिव लग रहा है मैं आपको कुछ चार्ट भी दिखाना चाहता हूं इसमें ध्यान से देखिएगा ये आपको कंट्री का नाम दिख रहा होगा ये ईयर टू डेट मतलब कि 2024 में अब तक कितना निवेश आया या फिर गया और एमटीडी का मतलब होता है मंथ टू डेट मतलब सिर्फ अक्टूबर के महीने में अभी
तक कितना पैसा आया या फिर गया तो भारत का अगर आप एग्जांपल लें तो अक्टूबर के महीने में $100 मिलियन डॉलर मतलब 9 बिलियन डॉलर करीब-करीब भारत से पैसा निकाला गया है और अगर हम पूरा ले ले 2024 का क्योंकि 2024 के स्टार्टिंग में अगर आप देखो तो भारत में खाली पैसा आ रहा था पैसा ये लोग डाल रहे थे लेकिन अचानक से अक्टूबर के महीने में पैसा इन्होंने निकाल लिया तो नेट अगर आप देखिए तो अभी भी हम पॉजिटिव में हैं मतलब $ बिलियन डॉलर अभी भी पॉजिटिव आपको देखने को मिलेगा $ 2 बिलियन
डॉलर वही साउथ कोरिया का आप एग्जांपल लीजिए यहां पर अक्टूबर में थोड़ा सा पैसा निकला है लेकिन ओवरऑल इस साल का अब अगर आप देखिए नेट तो $8 बिलियन डॉलर टोटल पॉजिटिव है मतलब इतना फॉरेन निवेशकों ने पैसा डाला है वही इंडोनेशिया में भी आप दे देख सकते हो और जापान का अगर आप एग्जांपल देखोगे तो जस्ट उल्टा हुआ है जापान में क्या हुआ था कि स्टार्टिंग में इस साल के स्टार्टिंग में बहुत सारा पैसा निकल रहा था निवेश नहीं कर रहे थे लेकिन रिसेंटली जापान के अंदर भर कर पैसा आया है 12 बिलियन डॉलर
अक्टूबर के महीने में सिर्फ यहां पर जापान में निवेश किया गया है तो क्वेश्चन अब यहां पर यह बनता है कि आखिरकार निवेशक इतना सारा पैसा भारत से क्यों ले जा रहे हैं क्यों शिफ्ट कर रहे हैं तो देखो जैसा कि मैं आपको बोल रहा था कि इंटरेस्टिंग बात यहां पर ये है कि चाइना के अलावा भी जैसे साउथ कोरिया या इंडोनेशिया वहां पर पैसा ये लोग निवेश कर रहे हैं तो यह ब्रॉडर शिफ्ट दिखाता है मतलब ऐसा नहीं है कि फॉरेन निवेशक सिर्फ एक ही जगह पैसा कंसंट्रेट कर रहे हैं वो इसको डिवाइड कर
रहे हैं अलग-अलग देशों में और देखिए कई सारे एक्सपर्ट्स का ये भी कहना है कि जो फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स हैं वो भारत से पैसा जो निकाल रहे हैं वो एक तरह से टेंपररी भी आप कह सकते हो क्योंकि ये टू फैक्टर्स पे ड्राइव करता है सबसे पहला फैक्टर है कि ऑलरेडी भारत में यहां पर इतना ज्यादा वैल्युएशन हो गया था स्टॉक के प्राइसेस ऑलरेडी इतने बढ़ गए थे कि प्रॉफिट टेकिंग हो रहा है तो ऑब्स सी बात है ना मान लो कोई भी निवेश कर रहा है पैसा भारत के बाजार में तो उसको लगेगा कि
उसका पैसा बढ़ गया तो वह प्रॉफिट भी तो लेगा ऐसा तो है नहीं कि बस डालता जाएगा पैसा कभी ना कभी तो निकालना था एक तो यह है फिर दूसरा यहां पर यह भी है कि फॉरेन निवेशकों को यह लग रहा है कि इस समय प्रेजेंट में भारत से ज्यादा अट्रैक्टिव मार्केट चाइना है साउथ कोरिया है जापान है इसलिए वह लोग पैसा वहां पर ले जा रहे हैं एंड इसी की वजह से कहीं ना कहीं बोला जा रहा है कि लॉन्ग टर्म ग्रोथ भारत की खराब नहीं है लॉन्ग टर्म अभी भी निवेशकों के लिए काफ
का अट्रैक्टिव आपको देखने को मिलेगा हां अभी प्रेजेंट में जो वैल्युएशंस और काफी सारी चीजें हैं वो दूसरी जगह शिफ्ट हो गई हैं और टाइमिंग भी देखो बहुत इंपॉर्टेंट रखता है मायने रखता है कि उस समय किस मार्केट में कितना वैल्युएशन है फॉर एग्जांपल मैं आपको बताऊं भारत में अगर आप देखोगे प्राइस टू अर्निंग रेशो पी रेशो जिसको कहा जाता है वो 24 टाइम्स है 24x वहीं अगर आप इंडोनेशिया देखो तो सिर्फ 18x है ताइवान 23 साउथ कोरिया सिर्फ 13 है तो ओबवियस सी बात है इंडोनेशिया और साउथ कोरिया जैसे देशों में ये लोग पैसा
लगाएंगे ना क्योंकि वहां पर चा चांसेस ज्यादा है पैसा बढ़ने के और इसके अलावा भी एक और चीजें कही जा रही है कि इंडोनेशिया और वियतनाम अगर आप देखोगे तो वहां पर जो इकोनॉमिक फंडामेंटल्स हैं वो भी काफी स्ट्रांग है ओवरऑल मैं आपको बता दूं भारत के इतिहास में अगर आप देखिए एब्सलूट टर्म्स के मामले में ये फोर्थ लार्जेस्ट सेल ऑफ अभी तक का आपको देखने को मिलेगा देखो एक तो हो गया यहां पर चाइना में पैसा जा रहा है बहुत सारे फैक्टर्स हैं लेकिन इसके अलावा भी कई फैक्टर्स हैं और वो फैक्टर्स क्या है
मैं आपको बताता हूं अगर आप भारत का फंडामेंटल्स देखो तो वो थोड़ा सा कमजोर हुआ है जैसे अभी सितंबर महीने में जो जीएसटी का कलेक्शन हुआ था वो फोर मंथ लो पर है ओबवियस सी बात है अगर जीएसटी कलेक्शन कम है इसका मतलब क्या हुआ कि कहीं ना कहीं गुड्स और सर्विसेस उतने बिक नहीं रहे हैं क्योंकि जब वो बिकेंगे तभी तो जीएसटी कलेक्शन अच्छा होगा तो ये कहीं ना कहीं बताया जा रहा है कि हो सकता है ये शायद थोड़ा सा इकोनॉमिक स्लोडाउन की तरफ इशारा करें मैं ये नहीं कह रहा हूं कि कोई
रिसेशन आ रहा है ऐसा कुछ है लेकिन हां थोड़ा बहुत आपको कंपैरेटिव कम देखने को मिलेगा फिर इसके अलावा सेंट्रल और स्टेट गवर्नमेंट ने पिछले हफ्ते आप देख सकते हो पिछले महीने का जो जीएसटी है वो 1 7 लाख करोड़ है फिर इसके अलावा भी यहां पर जो हम मैन्युफैक्चरिंग की बात करते हैं परचेसिंग मैनेजर्स इंडेक्स वो भी आपका 8 महीने के सबसे लोएस्ट में आया है तो ये सारी चीजें हैं और इसी की वजह से यहां पर ये बोला जा रहा है कि ग्लोबली जो मार्केट है वहां पर प्रोस्पेक्ट काफी बेटर दिख रहा है
और इसीलिए वो लोग अपना पैसा उधर ले जा रहे हैं फिर इसके अलावा अगेन आप देख सकते हो जो गोल्डमैन सस की रिपोर्ट आई है उसमें बताया गया कि जो 18 एमएससीआई इंडियन कंपनीज है मतलब जो मॉर्गन स्टैनले इंडेक्स वाला जो होता है ना उसमें 18 कंपनीज हैं उसमें से 11 का रिजल्ट आए हैं और 11 ने अपना जो एस्टिमेटर वो मिस किया है कि उन्होंने सोचा था कि इतना प्रॉफिट होगा उतना प्रॉफिट नहीं हुआ है तो कंपनीज का भी परफॉर्मेंस अभी कुछ खास नहीं है और इसके अलावा यहां पर जो फॉरेन इन्वेस्टर्स हैं वो
अपना पोर्टफोलियो रिबैलेंसिंग का मतलब होता है कि मान लो अगर फॉरेन निवेशकों ने अभी तक भारत में ही अपना सबसे ज्यादा पैसा लगा रखा था तो वो कहीं ना कहीं बैलेंस कर रहे हैं उसको कहीं और दूसरे देश भी ले जा रहे हैं ताकि पूरा रिस्क ना हो जाए ठीक है तो ये चीज है अब इसके अलावा आप क्या इंटरेस्टिंग चीज ये है कि देखो फॉरेन निवेशक तो अपना पैसा निकाल रहे हैं इस समय लेकिन बचाने कौन आ रहा है बचाने आ रहे हैं डोमेस्टिक इन्वेस्टर्स और इसका मैं आपको एग्जांपल देता हूं कि आज के
डेट में भारत के स्टॉक मार्केट में डोमेस्टिक इन्वेस्टर्स कितना स्ट्रांग हो गए हैं मान लीजिए अगर आप कुछ साल पहले देखो 1015 साल पहले अगर आप देखोगे सेम इतना ही 8 9 बिलियन डॉलर अगर फॉरेन निवेशकों ने पैसा निकाला होता भारत के स्टॉक मार्केट में कम से कम आप मान लीजिए कि 15 पर के आसपास क्रैश हुआ होता मार्केट लेकिन अभी क्या है निफ्टी जो क्रैश हुआ है वो सिर्फ 5 से 6 पर ही क्रैश हुआ है तो ये इसका कारण यह है कि जब फॉरेन निवेशक पैसा निकाल रहे हैं तो अभी भी डोमेस्टिक इन्वेस्टर्स
पैसा लगा रहे हैं जी हां और कितना लगा रहे हैं लगभग 8 बिलियन डॉलर उन्होंने अक्टूबर में अकेले लगाया है तो आप समझिए 9 बिलियन डॉलर फॉरेन निवेशकों ने निकाला है डोमेस्टिक इन्वेस्टर्स ने 8 बिलियन डॉलर पैसा डाला है तो लगभग लगभग ये सेम हो गया और इसी की वजह से बताया जा रहा है कि हमारा जो मार्केट इको सिस्टम है वो काफी मैच्योर हो गया है और यहां पर डोमेस्टिक पार्टिसिपेंट्स का वैल्यू काफी बढ़ गया है पहले जैसी बात नहीं रही है तो फाइनली यहां पर क्वेश्चन यह आता है कि क्या यह जो भी
कुछ हो रहा है यह क्या लॉन्ग टर्म के लिए कंसर्निंग है या फिर एक छोटा सा प्रॉब्लम है देखो लॉन्ग टर्म के लिए भारत अभी भी बहुत स्ट्रांग है मैं जस्ट आपको एग्जांपल बताता हूं चाइना चाइना में अभी-अभी भी काफी ज्यादा स्ट्रक्चरल इश्यूज हैं वहां का जो जीडीपी ग्रोथ का अनुमान है वो हार्डली 4 पर बताया जा रहा है वहीं भारत का जीडीपी ग्रोथ 6.5 7 पर के ऊपर ही बताया जा रहा है इसका एक और एग्जांपल मैं आपको बताता हूं जो मॉर्गन स्टैनले का इमर्जिंग मार्केट इंडेक्स होता है उसमें भारत की कंपनीज का वेटेज
ये 2021 में 9 पर था ये बढ़कर अब हो गया है 20 पर वहीं चाइना की कंपनीज का जो वेटेज है वो 40 पर से गिरकर 24 पर हो गया है तो इसका मतलब यह हुआ कि लॉन्ग टर्म हमें कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है लेकिन अभी क्या आगे क्या होने वाला है देखो आगे आने वाला जो महीना है नवंबर का मना वो काफी हद तक चीजें टेस्ट करेगा यहां पर ग्लोबल फैक्टर्स जैसे कि यूएस इलेक्शन है मिडिल ईस्ट डेवलपमेंट सेंट्रल बैंक की पॉलिसी वो काफी हद तक क्रुशल रोल प्ले करें कि स्टॉक मार्केट
किस दिशा में जाएगा लेकिन ओवरऑल जो हमारा फंडामेंटल ग्रोथ स्टोरी है वो अभी भी लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए काफी अट्रैक्टिव है तो आई होप दोस्तों यहां पर आपको अच्छे से समझ में आ गया होगा कि एगजैक्टली हो क्या रहा है और जाने से पहले एक इंटरेस्टिंग क्वेश्चन क्या बता सकते हो ये जो टर्म है यूरी बोर ये एगजैक्टली किस चीज से एसोसिएटेड है आपको बताना है इसका राइट आंसर आप सबको पता है मेरे instagram2 पर अगर आप नहीं हो कोई बात नहीं जहां पर बेसिक से लेकर एडवांस तक की पूरी पढ़ाई हमारे सभी रजिस्टर्ड
एक्सपर्ट के द्वारा कराई जाएगी ताकि सही तरीके से आप स्टॉक मार्केट में इन्वेस्ट कर सकें जवाइन करने के लिए इसका जो लिंक है वह कमेंट में दिया हुआ है वहां पर जाकर आपको यूज़ करना है यह कोड अंकित लाइव ताकि आप मैक्सिमम डिस्काउंट इस पूरे कोर्स पे ले सकें और जैसा मैंने आपको बताया स्टॉक मार्केट इन्वेस्टिंग का पूरा कोर्स लेना चाहते हो बहुत ही अ कम दाम पर इससे भी कम दाम पर प्रोबेबली आपको मिल जाएगा इस समय यू हैव टू जस्ट यूज़ दिस कोड अंकित लाइव टू गेट मैक्सिमम डिस्का आई होप कि वीडियो आपको
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