अच्छा इसे जरा ध्यान से सुनो द मोस्ट डेंजरस पीप पीपल इन सोसाइटी आर लेजी एंबिशियस पीपल ओ माय गॉड देर डेंजरस तो अगर आप बहुत ज्यादा एंबिशियस हो पर साथ ही लेजी भी हो तो इस वीडियो को जरा ध्यान से देखना प्रॉब्लम ये है कि आपके सपने तो बड़े हैं पर ना आपके पास प्रैक्टिकल प्लांस है ना मोटिवेशन और ना ही एक्शंस क्या आप पृथ्वी शौ को जानते हो जिसे इंडियन क्रिकेट टीम का नेक्स्ट सुपरस्टार कहा जा रहा था जिसने सिर्फ 18 साल की उम्र में इंडिया को अंडर 19 वर्ल्ड कप जिताया और जिसको नेक्स्ट
सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली कहा जा रहा था लेकिन उसके एंबिशियस और लेजी बिहेवियर होने की वजह से आज उसकी हालत यह है इंजरी डिसिप्लिन की कमी और कंट्रोवर्सीज ने उनका करियर तबाह कर दिया फिटनेस और इनकंसिस्टेंट परफॉर्मेंसेस की वजह से उनका नाम सिलेक्टर्स की प्रायोरिटी लिस्ट से कंप्लीट बाहर हो गया एक वक्त पर जो प्लेयर टीम इंडिया का फ्यूचर माना जा रहा था आज उसको कामली 2.0 कहा जा रहा है क्योंकि 90स के एक और एंबिशियस पर्सन थे विनोद कामली क्योंकि कामली को तो सचिन से भी जदा ज्यादा अच्छा बैट्समैन माना जा रहा था
लेकिन डिसिप्लिन की कमी गलत डिसीजंस और पार्टीज में वक्त बर्बाद करने की वजह से उनका करियर जल्दी खत्म हो [संगीत] गया पृथ्वी शह और विनोद कामली के एग्जांपल से यही चीज सीखने को मिलती है कि सिर्फ टैलेंट और एंबिशन काफी नहीं होता अगर आप डिसिप्लिन और कंसिस्टेंट एक्शन नहीं लेते तो सक्सेस कितनी जल्दी हाथ से फिसल सकती है आपको पता भी नहीं चलेगा अच्छा आप कितने एंबिशियस हो और कितने लेजी चलो इसे अभी टेस्ट कर लेते हैं इन क्वेश्चंस के सिंपल हां और ना में जवाब दो क्या आप हफ्ते में पांच बार से कम एक्सरसाइज
करते हैं क्या आपके पास अभी कुछ काम है जो आपने अधूरे छोड़ दिए हैं क्या आप सुबह 9:00 बजे के बाद उठते हैं क्या आप हफ्ते में दो बार से ज्यादा बाहर खाना खाते हैं क्या आप प्लांस कैंसिल करने के लिए झूठ बोलते हैं अगर इन पांच क्वेश्चंस में से तीन का आंसर आपने हां में दिया है तो समझ जाना कि आप भी इस एंबिशियस बट लेजी वाली कैटेगरी में आते हो पर घबराओ मत इसमें आपकी कोई गलती नहीं है व्हाई इज लेजनेवा की कमी नहीं होती हार्वर्ड की एक स्टडी के मुताबिक जब भी इंसान
किसी चैलेंजिंग टास्क का सामना करता है तो उसका ब्रेन ऑटोमेटिक उसे अवॉइड करने के बहाने ढूंढने लगता है इस तरह का बिहेवियर इंसान के एवोल्यूशन सर्वाइवल मैकेनिज्म से आता है अपने इमोशंस पर काम करना रिस्की होता है पेनफुल होता है खून पसीना एक कर देने वाली हर किसी के बस की बात ही नहीं होती आपका ब्रेन सबसे पहले इसे अवॉइड ही करेगा ये एकदम नेचुरल है इसीलिए लेजी नेस को ब्लेम मत करो लेजी सब होते हैं आराम सबको पसंद है बस फर्क ये है कि कुछ लोग अपने मन की सुनते हैं और पड़े रहते हैं
वहीं दूसरे अपना मन मार के भी काम करते हैं अब ना ऐसे कुछ तरीके हैं जिनको प्रैक्टिस में लाके आप एंबिशियस प्लस लेजी वाली कैटेगरी से एंबिशियस प्लस एक्शन टेकर वाली कैटेगरी में आ जाओगे नंबर वन द पावर ऑफ टाइनी गेंस अच्छा इस सवाल का जरा जवाब दो क्या आप अभी एक बार में 100 पुशअप्स कर सकते हो शायद नहीं पर अगर आपको एक साल के अंदर 100 पुशअप्स करने ने का चैलेंज मिले तो चैलेंज को पूरा करने के लिए आपकी स्ट्रेटेजी क्या होगी वेल इसको पूरा करने के दो तरीके हैं पहला हर दिन 100
पुशअप्स करने की कोशिश करो चाहे फेल ही क्यों ना होते रहो और शुरुआत में शायद 10 पुशअप्स कर पाओ फिर हफ्ते भर में 20 और महीने भर बाद 30 पुशअप्स कर पाओगे लेकिन 100 पुशअप्स तक नहीं पहुंच पाओगे और थक्के छोड़ दोगे दूसरा तरीका है आप जितने पुशअप्स कर सकते हो उतने करो जैसे मान लो आप 10 पुशअप्स कर सकते हो अब हर हफ्ते दो पुशअप्स बढ़ाते जाओ पहले हफ्ते आपने 10 पुशअप्स करे नेक्स्ट वीक आप 12 करोगे उससे नेक्स्ट वीक 14 धीरे-धीरे दो महीने बाद आप 20 प्लस करने लग जाओगे 6 महीने बाद आप
एक बारी में 50 प्लस पुशअप्स करोगे और साल के एंड तक आप बिना किसी स्ट्रगल के 100 पुशअप्स कर पाओगे इसे कहते हैं द पावर ऑफ टाइनी गेंस जिसे जेम्स क्लियर ने अपनी बुक एटॉमिक हैबिट्स में भी समझाया है आप हर दिन सिर्फ % बेटर होने की कोशिश करो और साल के एंड तक आप 37 पर तक बेटर हो जाओगे सोचिए अगर अगले साल में आप 37 पर बेटर हो जाओ तो आपकी पर्सनालिटी और लाइफ स्टाइल कितनी बदल जाएगी समंदर का सपना देखना बहुत अच्छी बात है लेकिन इसके साथ-साथ एक बूंद की अहमियत समझना भी
बहुत जरूरी है छोटे कंसिस्टेंट एक्शन से बड़े से बड़े सपने सच होते हैं पर ये पता कैसे चलेगा कि कौन सा एक्शन आपके एमिशंस के लिए सही है और कौन सा नहीं ये जानने के लिए यूज करो नंबर टू द आइजन हार [संगीत] मैट्रिक्स आइन हार मैट्रिक्स आपके लिए एक बढ़िया टूल है ये मैट्रिक्स आपको डिस्ट्रक्शंस और इंपॉर्टेंट टास्क्स के बीच का फर्क समझने में मदद करता है आपको सबसे पहले अपने सभी कामों की एक लिस्ट बनानी है और उन कामों को चार कैटेगरी स में डिवाइड करना है नॉन अर्जेंट एंड नॉन इंपोर्टेंट टास्क्स जैसे
netflix's में इन्हें अवॉइड करो अर्जेंट बट अन इंपॉर्टेंट टास्क्स जैसे दोस्त ने बुलाया तो एकदम बाहर चले गए दो-तीन घंटा बस अभी घूम फिर के आ गए या कोई ऐसा काम कर रहे हो जिसे आप किसी और से भी करवा के अपना टाइम बचा सकते हो इंपॉर्टेंट बट नॉन अर्जेंट टास्क्स जैसे स्टडी करना या एक्सरसाइज करना ये सब इंपॉर्टेंट है बस अभी इस टाइम इतना अर्जेंट नहीं है आप कभी भी कर सकते हो पर करना बहुत जरूरी है अर्जेंट एंड इंपॉर्टेंट टास्क्स जैसे किसी भी डेडलाइन से पहले असाइनमेंट सबमिट करना यह काम सबसे पहले करो
यानी सबसे ज्यादा मोस्ट इंपॉर्टेंट काम यहां आएगा अपने दिन को इस तरीके से प्लान करो जिसमें सबसे पहले अर्जेंट और इंपॉर्टेंट टास्क्स पूरा करें उसके बाद इंपॉर्टेंट बट नॉन अर्जेंट काम को करें और इसके बाद नॉन अर्जेंट और अन इंपॉर्टेंट काम के लिए टाइम बचे तभी उन्हें करें ये मेथड मेक श्यर करता है कि आप सिर्फ इंपॉर्टेंट चीजों पर फोकस करें और लीज नेस को दूर रख पाएं लेकिन सिर्फ प्लान बनाना काफी नहीं है आपको एक्शन भी लेना होगा इसमें कंसिस्टेंट रहने के लिए आपको पेयर बॉन्डिंग का यूज करना है नंबर थ्री पेयर [संगीत] बॉन्डिंग
पेयर बॉन्डिंग एक ऐसा मेथड होता है जिसकी मदद से आपके ब्रेन को वो चीजें भी पसंद आने लगती हैं जो आपको पहले पसंद नहीं थी पेयर बॉन्डिंग में तीन चीजें होती हैं पहला काम को करते वक्त मजा आना दूसरा काम करते हुए टाइम का पता ही ना चलना यानी एफिशिएंट होना और तीसरा उस काम को करने की क्रेविंग डेवलप करना जैसे फॉर एग्जांपल आपको वेट लूज करना है और ट्रेडमिल पे 45 मिनट्स वॉक करनी है तो सबसे बेस्ट है जिम जाओ और अपनी फेवरेट सीरीज का एक एपिसोड लगा लो पेयर बॉन्डिंग आपके ब्रेन के रिवॉर्ड
सिस्टम को एक्टिवेट करता है और डोपामिन रिलीज करता है जिससे आपको प्लेजर और मोटिवेशन मिलता है जिसके बाद धीरे-धीरे एक बोरिंग काम भी ऐसा बन जाता है जिसको आप एंजॉय करने लगते हो अब इससे ना दो चीज होती है पहली है कॉग्निटिव डिस्ट्रक्शन पेयर बॉन्डिंग के दौरान आप ट्रेड मिल पे हो तो आपको सीरीज देखना या किसी इंगेजिंग एक्टिविटी पर इतना फोकस करना है कि आप एक्चुअली में दूसरे काम को लगभग भूल ही जाओ फिर आती है एसोसिएटिव लर्निंग जिसमें आपका ब्रेन उस रूटीन को क्रेव करने लगता है जो कभी उसको एक बोरिंग काम लगता
था इस तरह से यह काम भी एक रिवॉर्ड हैबिट बन जाती है यानी आपने नॉर्मली सीरीज देखना बंद कर दिया सिर्फ तभी देखते हो जब आप ट्रेड मिल पे होते हो ये मेथड सिर्फ एक्सरसाइज के लिए नहीं बल्कि स्टडिंग स्किल्स स्पोर्ट्स सबके लिए है नंबर फोर आउटवर्क एवरीवन यूजिंग कोऑपरेटिव रिवॉर्ड स्ट्रक्चर्स क्या आपने नोटिस किया है कि जब भी कोई अच्छी सी लड़की आपके पास आके बैठती है तो आपका बिहेवियर एकदम से स्विच हो जाता है आप अपने एक्शंस और वर्ड्स को कॉन्शियसली कं रोल और यूज करते हो क्योंकि आपको उस लड़की के सामने अपना
बेस्ट वर्जन दिखाना होता है यही बात मल्टीप्लेयर गेम्स जिम सेशंस और कंपटिंग एनवायरमेंट्स में भी होती है दूसरों के सामने होने से आप नेचुरली अपने आप को बेहतर परफॉर्म करने के लिए पुश करते हो एक रिसर्च के दौरान कुछ स्टूडेंट्स को तीन ग्रुप्स में डिवाइड किया गया था पहले ग्रुप के लोगों को अलग-अलग अकेले कमरे में रखा गया दूसरे ग्रुप को पेयर के साथ रूम में रखा गया और तीसरे ग्रुप के सभी लोगों को एक ही कमरे में सबके साथ अलग-अलग रखा गया था जिसके बाद पता चला कि तीसरे ग्रुप ने बाकी ग्रुप से ज्यादा
अच्छा परफॉर्म किया था था जिससे यह बात प्रूव हुई कि दूसरों की प्रेजेंस आपकी परफॉर्मेंस को बूस्ट करती है इस कोऑपरेटिव रिवॉर्ड स्ट्रक्चर से बेहतर परफॉर्म करने के लिए पांच लेवल्स होते हैं अकेले पढ़ाई करो और बैकग्राउंड में स्टडी विद मी जैसे म्यूजिक को प्ले कर लो जूम या डिस्कॉर्डेंस पढ़ाई करो स्टडी टुगेदर जैसे ऑनलाइन स्टडी ग्रुप्स जॉइन करो पब्लिक प्लेसेस जैसे लाइब्रेरी या कॉफी शॉप में बैठ के पढ़ाई करो एक दोस्त के साथ पब्लिक स्पेस में जाके पढ़ाई करो ये टेक्निक्स आपको मोटिवेट करेंगी फोकस करने में मदद और डिस्ट्रक्शंस को कम करेगी नंबर फाइव
वर्क बेस्ड ऑन योर अटेंशन [संगीत] स्पैन अगर आपको लगता है कि आपकी अटेंशन पावर खराब हो गई है तो ऐसा नहीं है आपकी अटेंशन बिल्कुल ठीक है बस आपको यह सीखना है कि आप अपनी अटेंशन को इफेक्टिवली कैसे यूज कर सकते हो काम करने का एक सिंपल और इफेक्टिव तरीका अपने नेचुरल अटेंशन स्पैन के हिसाब से काम करने का होता है मतलब जितने टाइम तक आप बिना डिस्ट्रक्शन के फोकस कर सकते हो उतना काम करो और फिर ब्रेक ले लो अब यह कैसे पता करें कि आपका नेचुरल अटेंशन स्पैन क्या है सबसे पहले फोन और
डिस्ट्रक्शंस को साइड रखो और पूरा फोकस करके काम शुरू करो जब लगने लगे कि आपका कंसंट्रेशन टूट रहा है तो रुक जाओ और लिख लो कि आप कितनी देर तक फोकस रहे थे फिर ब्रेक ले लो छोटी सी वॉक पर चले जाओ खाना या स्नैक खा लो या किसी से बात कर लो और फिर वापस काम पर लौटने में आपको कितना टाइम लगा यह भी नोट कर लो आपको दिन भर यह प्रोसेस रिपीट करना है और एंड में अपने फोकस और रिलैक्स करने वाले टाइम का एवरेज निकालना है जब आपको पता चल जाए कि आपका
अटेंशन स्पैन और रिकवरी टाइम टाइम कितना है फिर आपको अपने लिए फिक्स्ड कंसिस्टेंसी टाइम ब्लॉक सेट करने होंगे जैसे अगर आप 15 मिनट कंसिस्टेंटली काम कर सकते हो और आपको 5च मिनट रिलैक्स होने में लगते हैं तो अपना काम और ब्रेक्स उसी के हिसाब से प्लान करो ये सिस्टम आपको डिस्ट्रक्शंस को मिनिमाइज करने और मैक्सिमम प्रोडक्टिविटी निकालने में मदद करेगा नंबर सिक्स राइट डाउन द बिगेस्ट मोटिवेट एट लास्ट आपको ये सोचना है कि अगर आप ऐसे ही बिना एक्शन लिए लेजी रहे तो आजसे पाच या 10 साल बाद आपकी लाइफ कैसी होगी आप इस सिचुएशन
को अपनी कंडीशन के हिसाब से इमेजिन करो और इसको लिखो लिखना बहुत जरूरी है उस इमेजिनेशन को आप कहीं ऐसी जगह पर चिपका लो जहां पर आपकी नजर सबसे ज्यादा पड़ती है जिससे आपको उस इमेजिनेशन को देखकर मोटिवेशन मिलता रहे कि आपको लाइफ में फेल नहीं होना बाकी के 99 पर लोगों की तरह क्योंकि फियर इज द बिगेस्ट मोटिवेट और अगर आपको 99 पर लोगों की तरह नहीं रहना और टॉप 1 पर बनना है तो हमारा कोर्स सक्सेस सीक्रेट आज ही सही समय प जवाइन कर लेना नीचे लिंक दिया हुआ है और उस परे एक
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