अस्सलाम वालेकुम एंड वेलकम टू अनदर वीडियो। मैं हूं अहमद उमर अख्तर और आप देख रहे हैं द फॉरेक्स गाइड। वअर्स मेरे पास जो ज्यादा लोग जो मुझसे कांटेक्ट करते हैं उनकी अक्सरियत ऐसी है के जो लॉस में होती है। ठीक है? या वो स्ट्रगलिंग फज़ में होते हैं। कंसिस्टेंट प्रॉफिट में नहीं आ रहे होते। नए लोग तो मैं कम ही लेता हूं। अच्छा अब मैंने एक चीज नोट की है कि ऐसे तमाम लोग जो लॉस कर रहे होते हैं और मुझसे राब्ता करते हैं उनकी अक्सरियत रिस्क मैनेजमेंट ट्रेड मैनेजमेंट से नावाकिफ होती है। उनको पता ही नहीं है कि रिस्क मैनेजमेंट क्या होती है? आपने कितना रिस्क लेना है ट्रेड पे और अपने ट्रेड को कैसे मैनेज करना है। अब इस चीज पर जब वह ध्यान नहीं देते तो इवेंचुअली नतीजा यह निकलता है कि वो ओवरऑल लॉस में रहते हैं। देखिए रिस्क मैनेजमेंट एक ऐसा टॉपिक है, एक ऐसा सब्जेक्ट है या एक ऐसी चीज है कि अगर आप इस पे अमल नहीं कर रहे तो आप दुनिया की जितनी मर्जी कोई सक्सेसफुल स्ट्रेटजी लें, जितनी अच्छी मजबूत अपनी साइकोलॉजी बना लें। अगर आपकी मैनेजमेंट अच्छी नहीं है, रिस्क मैनेजमेंट अच्छी नहीं है, तो आपका मुस्तकिल प्रॉफिट में रहना बहुत मुश्किल है। ठीक है?
तो इस टॉपिक पे डिमांड भी थी और जरूरत भी थी। यानी बहुत से लोग WhatsApp पे और YouTube पे कहते हैं इस बारे में कि हमें रिस्क मैनेजमेंट पे क्लास दें। और मैंने खुद भी ये जरूरत महसूस की है इन सब लोगों को देखते हुए कि इस इस पे फोकस करना बहुत जरूरी है। अच्छा अब ये एक अलग से टॉपिक है। ठीक है? जैसे आप फॉरेक्स ट्रेडिंग करते हैं तो टेक्निकल्स फंडामेंटल्स वो एक अलग टॉपिक है कि आपने टेक्निकली मार्केट को कैसे रीड करना है, कैसे पढ़ना है, कैसे उसको चलाना है। उसी के पैरेलल रिस्क मैनेजमेंट, ट्रेड मैनेजमेंट और MT5 को स्मार्टली यूज़ करना। यह उसी के पैरेलल उसके साथ-साथ एक और अलग टॉपिक है जिस पे अबूर होना जरूरी है। ठीक है? आप जो लोग हमारे साथ डिस्कर्ड पे हैं, वो ये चीज़ जानते हैं कि मेरा अगर एक दफा ट्रेड प्रॉफ़िट में चली जाए। ठीक है?
मेरा सेटअप मैं हाई प्रोबेबिलिटी सेटअप्स पे ट्रेड करता हूं। अगर वो सेटअप मेरा चल गया है, और उसने बेशक वापस आके स्टॉप लॉस भी हिट कर दिया है। ठीक है? तो मुझे अच्छा खासा उसमें प्रॉफिट हुआ होता है। अगर मेरी ट्रेड ब्रेक इवन भी हो गई है तो ब्रेक इवन होते तक मैं उसको अच्छे प्रॉफिट में ले आता हूं। उसकी वजह क्या है कि रिस्क मैनेजमेंट और ट्रेड मैनेजमेंट मेरी अच्छी होती है। तो ये चीज आपने बहुत ध्यान से पढ़नी है। अब ये जो टॉपिक है यह काफी बड़ा है। तो इसको मैंने कोशिश करूंगा मैं कि इसको दो से तीन वीडियो में कवर करूं ताकि एक वीडियो में आप एक चीज समझें और वो आपको क्लियर हो तो फिर हम अगली वीडियो की तरफ चलेंगे। अच्छा अब इसको अच्छा यूज करने के लिए यानी अच्छे रिस्क मैनेजमेंट के लिए अच्छी ट्रेड मैनेजमेंट के लिए आपको MT5 के बारे में मुकम्मल इनफेशन होना जरूरी है कि MT5 क्या है और ये कैसे काम करता है। जो लोग बिल्कुल नए हैं उनको मैं बता दूं कि आपको मैंने एक एग्जांपल दी थी ट्रेडिंग व्यू के क्लास में जो हमारी पहली क्लास है ट्रेडिंग व्यू का इंट्रोडक्शन है। उसमें एक एग्जांपल दी थी कि एक शख्स ने एक प्लॉट खरीदा। अब उसको उस पर कंस्ट्रक्शन करनी है तो ऐसा नहीं होता कि वह पहले दिन बस उसने प्लॉट लिया और साथ ही वह सारा मटेरियल भी मंगवा ले और एक टीम भी मजदूर भी बुलवा ले मिस्ट्री भी बुलवा ले और उन्हें कहे जी कि फला जगह पे आप कमरा बना दें और इस जगह पे किचन बना दे यहां दो तीन वाशरूम बना दे यहां से छोड़ दें ऐसा नहीं होता ठीक है ऐसा अगर होगा भी तो वो चीज उसके लिए मुस्तकबिल में नुकसानदेह होगी क्योंकि उसने व खड़े-खड़े वो गलत फैसला कर लिया जहां दिल किया कोई चीज बनवा दी तरीका क्या होता है कि पहले उसी प्लॉट का मोहल्ले वकूद देखते हुए आप एक पेपर लेंगे। उस पेपर पे सारा डिजाइन बनेगा। ठीक है? कि आपका प्लॉट का साइज क्या है?
उसकी लोकेशन क्या है? उसी हवाले से आप अपने रूम्स, अपने वाशरूम्स, अपने किचन, अपना ड्राइंग रूम वगैरह सब चीजें आप उसी के हिसाब से सेट करेंगे। उसको रिव्यू करेंगे, बार-बार उसको देखेंगे कि यह चीज़ ठीक है, यह सेटअप ठीक है। उसके बाद आप उसको अपने प्लॉट पे जाके उसकी कंस्ट्रक्शन करेंगे। बिल्कुल इसी तरह जब आप यहां पर ट्रेड करते हैं तो ट्रेड लेने से पहले ट्रेड एग्जीक्यूट करने से पहले मुकम्मल ट्रेडिंग प्लान होना जरूरी है। आपका ट्रेड प्लान होना चाहिए कि आपने किस जगह से कितने रिस्क के साथ मार्केट में एंटर होना है। हमारे यहां जो थोड़ा सा एक रिवाज है ना कि दिन में 20 ट्रेड्स कर ली, दिन में 30 कर ली। बिल्कुल यानी जैसे रिस्क लगी हुई है एक दूसरे से आगे बढ़ने की कि तुमने 10 की किए हैं। अच्छा मैं 20 करता हूं। उसने 20 किए हैं। चलो मैं 50 करता हूं। तो ट्रेड्स की जो क्वांटिटी है ना वो कोई कमाल नहीं है। किसी बच्चे को बिठाएंगे वो भी सारा दिन बाय सेल बाय सेल करता रहेगा। ठीक है? और आखिरकार वो भी नुकसान में रहेगा। असल चीज जो है वह ट्रेड की क्वालिटी है। आप बेशक एक दिन में एक ट्रेड करें। आप बेशक दो दिन में एक ट्रेड करें। लेकिन वह ट्रेड ऐसी होनी चाहिए। हाई प्रोबेबिलिटी सेटअप होना चाहिए कि जो आपको यकीनन पैसे देगा इंशाल्लाह। ऐसी चीज होनी चाहिए। अच्छा अब इस टॉपिक को जैसा कि मैंने बताया कि हम इसको दो-तीन हिस्सों में कवर करेंगे। पहला जो हिस्सा जो पहला पार्ट है इस पे हम MT5 पे बात कर रहे हैं। जो लोग बिल्कुल नए हैं उनको मैंने प्लॉट की एग्जांपल दी। अब जब यहां पे आप ट्रेड लगाते हैं तो ट्रेड का प्लान आप करते हैं ट्रेडिंग व्यू पे। ठीक है?
ठीक है? ट्रेडिंग व्यू पे आप देखते हैं कि आपको किस ज़ोन से, किस जगह से मार्केट में एंटर होना है, कितना रिस्क लेना है। लेकिन उस ट्रेड की एग्जीक्यूशन कहां पे होगी? वो ट्रेड प्ले कहां पे होगी?
तो उसके लिए यह प्लेटफार्म है MT5 मेटा ट्रेडर 5 मेटा ट्रेडर का फोर भी है वर्जन फोर और फाइव दोनों हैं। लेकिन मैं फाइव का इंट्रोडक्शन दे रहा हूं। दोनों तकरीबन सेम ही है। तो मेटा ट्रेडर 5 पे इस जैसे और भी एप्लीकेशनेशंस हैं। जैसे कि एक सी ट्रेडर के नाम से शी सी ट्रेडर है या एक डीएक्स ट्रेड्स है। इस तरह के हैं कोई एक दो प्लेटफार्म और मैं ज्यादा डिटेल्स उनको नहीं जानता क्योंकि ज्यादा जो मेरी अपनी ट्रेडिंग है सारी वो MT5 पे होती है। ये ज्यादा फेमस है। ठीक है? ठीक है? ज्यादातर ब्रोकर्स इसी के साथ काम करते हैं। तो आपको इसके बारे में मुकम्मल इंफॉर्मेशनेशन होना जरूरी है। तो इसका जो पहले इसका अ इंटरफेस है उस पे बात कर लेते हैं कि यहां पे क्या-क्या चीज है। यहां पे अगर आप देखें असल चीज जो है ना इसमें वो ये है कि आपने ट्रेड को पार्शियली क्लोज कैसे करना है। आपने असल ट्रेड मैनेजमेंट ये होती है कि आपको ट्रेडिंग ये MT5 इस्तेमाल करना आता हो। आपको आपको फॉर एग्जांपल $100 का आपका प्रॉफिट चल रहा है। तो मैं आपको कहता हूं कि जी 80% अपनी ट्रेड कट कर दें। ठीक है?
80% अपना प्रॉफिट बुक कर लें तो आपको पता हो कि आपने पार्शियल क्लोजिंग कैसे करनी है। ठीक है? आपने ट्रेड को होल्ड कैसे करना है। मजीद ऊपर जाती है। आपको मजीद प्रॉफिट होता है। मैं कहता हूं इसमें से 10% और काट दे तो आप कैसे वो क्लोजिंग करेंगे? असल चीज़ सीखने वाली ये है। बाकी जो चीजें यहां पे आपको नजर आ रही है ना ये सब चीजें ट्रेडिंग व्यू में भी ऐसी ही हैं तकरीबन। जैसे ये टाइम फ्रेम्स आ गए सब। ठीक है?
ये सब टाइम फ्रेम्स हैं। उसके बाद आगे ये वही लाइंस हैं। ये देखिए ना ये वर्टिकल लाइन, हॉरिजॉन्टल लाइन, ये ट्रेंड लाइन, ये फिबोनाची। ये तकरीबन वही रूल्स हैं। ये टेक्स्ट है। तो ये वही वही टूल्स हैं जो आप ट्रेडिंग व्यू पे भी देखते हैं। ठीक है? मैं आपको हल्का सा एक दफा इनको यूज़ करके दिखा भी देता हूं ताकि आपको यहीं पे आईडिया हो जाए। अब ये देखें ये अब आपके पास एक ट्रेंड लाइन है। ठीक है? तो ये आप ट्रेंड लाइन पकड़े यहां से और ये ट्रेंड लाइन आपने इस जगह पे लगा दी। इस तरीके से वही टूल्स जो आप ट्रेडिंग व्यू पे यूज़ करते हैं वो यहां पे भी हैं। लेकिन इनसे हमारा लेना देना इसलिए नहीं है कि सारा एनालिसिस तो आपने करना है ट्रेडिंग व्यू पे। तो यहां पे आपने सिर्फ बाय सेल का बटन दबाने के लिए आना है या आप अपनी ट्रेड को मैनेज करने के लिए आना है। अच्छा टाइम फ्रेम्सेंट होते हैं। आपको कोई और टाइम फ्रेम चाहिए। 1 2 3 तो मैंने सेट किया हुआ है। आपको 4 मिनट चाहिए। आप राइट क्लिक करेंगे। कस्टमाइज में जाएंगे और यहां से 4 मिनट पे क्लिक किया। इसको इंसर्ट कर लें। काफी लोगों को नहीं पता होता। वो कहते हैं 3 मिनट टाइम फ्रेम कैसे आएगा?
क्योंकि मेरा ज्यादातर काम 3 मिनट पे भी होता है। तो वह पूछते हैं कि जी 3 मिनट कहां से ऐड करें? तो यहां से आप ऐड कर सकते हैं। इंसर्ट पर क्लिक करेंगे तो आपका 3 मिनट टाइम फ्रेम इस जगह पर शो होना शुरू हो जाएगा। अच्छा इसके अलावा अगर आप इन जगहों पर देखें टाइम फ्रेम और इन टूल्स के अलावा यहां पर देखें तो इन जगहों पे ये आपकी कैंडल पैटर्न्स जो है वो सॉरी कैंडल्स जो है उसकी डिफरेंट टाइप्स यहां पे आपको मिल जाती हैं। जैसे ये कैंडल्स हैं। आप ये लाइन चार्ट ओपन कर सकते हैं। ठीक है? ये बार्स ओपन हो गई। यहां पे लाइन चार्ट ओपन कर सकते हैं। तो ये डिफरेंट ऑप्शंस वही ट्रेडिंग व्यू वाली मिल रही हैं। ज़ूम इन ज़ूम आउट है। यहां से आप उसी तरीके से अपना स्क्रीनशॉट ले सकते हैं अपने ट्रेडिंग स्क्रीन का। अच्छा, अब ऊपर आ। यहां पर आपको कोई पेयर सेलेक्ट करना है तो आप व्यू में जाएं और यह है मार्केट वॉच। ठीक है?
यहां पर आप इस जगह पर यह एक यह विंडो एक ओपन हो गई है। इसमें आपको जो भी पेयर चाहिए आप वो पेयर यहां पे लिखेंगे। इस जगह पे सर्च करेंगे। उसको एंटर करेंगे तो वो पेयर आपको यहां पे शो होना शुरू हो जाएगा। जिस भी पेयर में आपने ट्रेड करनी है। इसके अलावा और यहां पे क्या है? नेविगेटर है। नेविगेटर को आप ऑन करेंगे। मार्केट वाच मैं बंद कर देता हूं। तो यह देखें इस इस जगह पे जो भी अकाउंट्स होंगे इस जगह पे शो होना शुरू हो जाएंगे आप। अब ये डेमो अकाउंट मैंने बनाया अभी-अभी। ठीक है? तो वो डेमो अकाउंट आपको सिखाने के लिए। तो वो डेमो अकाउंट यहां पे शो हो रहे हैं दोनों। ठीक हो गया?
अच्छा उसके अलावा यहां पे कोई ऐसी खास चीज इसमें नहीं है। ये होता है टूलबॉक्स। टूलबॉक्स इंपॉर्टेंट है। टूलबॉक्स को आप ऑन ऑफ करेंगे तो ये मैंने इस वक्त ऑन किया हुआ है टूलबॉक्स। तो ये नीचे आपको ट्रेड आपका बैलेंस शो हो रहा है इस जगह पे। ठीक है? उसके बाद हिस्ट्री में आप जाएंगे तो यहां पे आपको आपकी हिस्ट्री शो हो जाएगी। यहां पे फिलहाल हिस्ट्री में नहीं है। मैंने यह अकाउंट अभी बनाया है आपको सिखाने के लिए दिन में बनाया था। तो आप इस जगह पे आपकी जितनी भी ट्रेड हिस्ट्री है वो आपको यहां पे शो होगी। तो यही दो टैब्स जो है वह काम की हैं। एक आपकी ट्रेड वाली जो भी एक्टिव ट्रेड होगी यहां पे शो होगी। जब आप उसको बंद कर देंगे तो वह हिस्ट्री में चली जाएगी। आप उसको यहां पे देख सकते हैं। अच्छा इसके अलावा इसमें क्या है? जी अब आ जाते हैं मेन चीज की तरफ। आपने बाय सेल की कोई भी ट्रेड लेनी है। आपने एनालिसिस कर लिया। आपका एनालिसिस आपको कहता है कि जी इस जगह पे सेल हो रहा है प्राइस। ठीक है?
प्राइस सेल हो रही है। मार्केट नीचे आ रही है या इस जगह से बाइंग है। आपका एनालिसिस आपको बाइंग बता रहा है। तो आपने क्या करना है? इस जगह पे अपना लॉट साइज लिखना है। अब लॉट साइज क्या होता है? इसको कैसे कैलकुलेट करते हैं?
ये सब चीजें हम दूसरे पार्ट में पढ़ेंगे सेकंड पार्ट में। ठीक है? रिस्क मैनेजमेंट में। अभी हम सिर्फ ट्रेडिंग व्यू को इस्तेमाल करने का तरीका देख रहे हैं। यहां पे अपनी लॉट साइज लिखते हैं। फॉर एग्जांपल आप लिखते हैं जी 10। ठीक है जी? यह मैंने एक यहां पे मिनी लॉट लगा दी। इसको मैंने कर दिया बाय। यह फर्स्ट टाइम आएगा। यह अगले मैटर आता है। इसको आप एक्सेप्ट करेंगे और ओके कर देंगे। ठीक है जी। यहां से मैंने इसको कर दिया बाय। अब जब मैंने बाय किया देखिए आप देख रहे हैं ट्रेड लॉस से स्टार्ट होती है। तो इसकी वजह क्या है?
यह भी हम कभी डिस्कस करेंगे। यह स्प्रेड होता है ब्रोकर का। बहाल हमने इसको बाय कर लिया। अब इसका स्टॉप लॉस और टेक प्रॉफिट का लेवल लगाना है। देखिए इसका तरीकाकार क्या है। मैं इसको ड्रैग करूंगा। यह लाइन जो आपको नजर आ रही है ग्रीन वाली। इसका मतलब यह है कि हमारी ट्रेड यहां से एग्जीक्यूट हुई है। अब मैं स्टॉप लॉस रखता हूं इस लो के नीचे। फॉर एग्जांपल मेरा एनालिसिस यह कहता है कि हमारा स्टॉप लॉस यहां पे होना चाहिए। यहां मैंने स्टॉप लॉस लगा दिया। कैसे लगाया? इसी लाइन से पकड़ा। इसको होल्ड करके रखा। ड्रैग करना है और नीचे जहां पर आपको चाहिए वहां पे लाके छोड़ दिया। ठीक है जी। अब आप इसके ऊपर आके जरा कर्सर करें। तो यह बता रहा है कि आपका प्रॉफिट है -20। यानी प्राइस अगर यहां पे आती है तो आपको $20 लॉस होगा और आपकी ट्रेड बंद हो जाएगी। कट हो जाएगी। ठीक है जी। आप यहां से आउट हो जाएंगे। इसी तरीके से हमने टेक प्रॉफिट का लेवल लगाना है। वह मैं लगाता हूं इस जगह पे। यह मैंने टेक प्रॉफिट लगा दिया। यहां पर प्राइस आएगी तो मुझे प्रॉफिट आ रहा है $34. 80 का। ठीक है जी। यानी यहां पर अगर प्राइस पहुंचती है तो $34 मेरे अकाउंट में आ जाएंगे। $35 मेरे अकाउंट में आ जाएंगे और ऑटोमेटिकली ट्रेड क्लोज हो जाएगी। इसके ऊपर जितना भी जाए नीचे जितना भी जाए मुझे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इसी तरह जो मैं नीचे का बता चुका हूं। स्टॉप लॉस - $20 $20 आपके अकाउंट से कटेंगे और आपका बाकी अकाउंट सिक्योर रहेगा। स्टॉप लॉस बहुत जरूरी है। जो शख्स भी स्टॉप लॉस के बगैर ट्रेड करेगा वो गुनाह का काम कर रहा है। यह समझ लें। ठीक है?
वो अपना खुद दुश्मन है। अच्छा अब इसी तरीके से अब मैं सोचता हूं कि प्राइस यहां पे आए इस जगह पे। इस जगह पे प्राइस आए तो ऑटोमेटिकली मेरी एक बाय की ट्रेड लग जाए। यानी मैं सो रहा हूं, मैं जाग रहा हूं। मैं कहीं बाहर हूं, कहीं काम पे हूं। प्राइस अगर इस लेवल पे आती है, मेरा एनालिसिस कहता है यहां से बाय होगा। तो मेरी ऑटोमेटिकली ट्रेड एक्टिव हो जाए। उसके लिए मैं क्या करूंगा? राइट क्लिक करूंगा। ट्रेडिंग और न्यू ऑर्डर। ठीक है? अब इसमें दो तरीके हैं। आप लगा दें बाय लिमिट। ये जो भी डॉट साइज आपका यहां पे लिखा हुआ है 0.
1 यहां पे लिखा हुआ है। तो यहां पे भी वही शो होगा। अभी मैं यहां पे चेंज कर देता हूं। 0. 02 कर दिया मैंने। 0. 20 सॉरी। ठीक है जी। अब मैं अगर बाय लिमिट लगाता हूं तो यहां पे बाय लिमिट देखें 0.
02 की शो हो रही है। 0. 2 जो मैंने यहां पे लगाई है 0. 20 वही आपको यहां पे शो हो रही है। 0.
20 ये मैंने बाय लिमिट लगा दी। ये बाय लिमिट लग गई। जी। ठीक है? अब इसका मतलब क्या होगा? अब अगर आप यहां पे नीचे गौर करें तो यह मेरी एक्टिव ट्रेड है जिसमें मुझे इस वक्त 2 9 यह तकरीबन $3 का प्रॉफिट इस वक्त मुझे इसमें आ रहा है। लेकिन जो दूसरी ट्रेड है उसके नीचे साथ लिखा हुआ है प्लेस्ड यानी यहां पे यह मेरी एक लिमिट है। क्या लिखा हुआ है?
बाय लिमिट। बाय लिमिट हमेशा प्राइस जहां पे चल रही होती है ना उससे नीचे होती है कि प्राइस यहां पे आए तो यहां से बाय हो जाए। यहां से ऑटोमेटिकली बाय की ट्रेड लग जाए। अब आपने इसका स्टॉप लॉस लगाना है। ठीक है? स्टॉप लॉस आप यह स्टॉप लॉस वाले खाने पे क्लिक करेंगे तब भी आ जाएगा। यह विंडो एक ओपन हो जाएगी। आप इसके ऊपर इसी लाइन पर डबल क्लिक करेंगे तब भी यही विंडो आ जाएगी। ठीक है? अब आपने स्टॉप लॉस लगाना है इस जगह पे। आपकी यह प्राइस है 2318। यहां से आपका आर्डर लगेगा। आप स्टॉप लॉस लगाते हैं 2315 पे। ठीक है?
और टेक प्रॉफिट कितना लेते हैं? प्रॉफिट भी साथ लिख देते हैं। यहां से हमने बाय किया है। हमारा टारगेट है यहां तक 2322 तक। फॉर एग्जांपल तो हम 232 यहां पे लिख देते हैं। अब हमने टेक प्रॉफिट भी लिख दिया कि यहां पे जाके ट्रेड प्रॉफिट पे क्लोज हो जाए। और अगर हमारे अगेंस्ट चल पड़ती है तो ट्रेड हमारी 2315 पे आके बंद हो जाए। यह है जीटीसी एक्सपायरेशन यानी यह आपने जो चीज सेट कर रहे हैं कब एक्सपायर हो तो जीटीसी का मतलब होता है गुड टिल कैंसिल्ड यानी जब तक आप इसको कैंसिल नहीं करेंगे यह लिमिट लगी रहेगी और भी है कि आज रात आज लगी रहे स्पेसिफाइड डेट कोई डाल दें इस तरीके से लेकिन gtc ठीक है इसको आप मॉडिफाई पे क्लिक करेंगे यह देखिए जी ऑटोमेटिकली यह मेरा प्रॉफिट का टारगेट लग गया $78 आएंगे अगर लॉस में जाती है तो $61 जाएंगे यहां से मेरी ट्रेड बाय में ऑटोमेटिकली अगर यहां प्राइस अप आ गई तो ऑटोमेटिकली आपकी ट्रेड एक्टिव हो जाएगी। ठीक है? यह होती है बाय लिमिट। तीन तरह के ऑर्डर्स होते हैं। एक होती है मार्केट एग्जीक्यूशन, एक बाय लिमिट और सेल लिमिट। ठीक है?
इसके अलावा भी है। मैं आपको सब बताऊंगा अभी। अच्छा अब मैं कहता हूं कि नहीं इसको जो है ना मैं खत्म कर दूं। यानी मुझे ये लिमिट नहीं चाहिए। तो यहां से मेरी लिमिट खत्म हो गई दोबारा। अब आप आ जाए दोबारा इस शीट पे न्यू ऑर्डर पे। यहां से होता है न्यू ऑर्डर ना। इस पे आप क्लिक करेंगे फिर भी आ जाएगा। अगर आप राइट क्लिक करेंगे, ट्रेडिंग पे क्लिक करेंगे और क्लिक नहीं करना। करना है। बस सिर्फ कर्सर यहां पे लाएंगे और न्यू ऑर्डर इस पे क्लिक करेंगे फिर भी यही विंडो ओपन हो जाएगी। ठीक हो गया जी। यहां से अगर आप ऊपर से क्लिक करेंगे न्यू ऑर्डर पे फिर भी यही विंडो आएगी। असल में यही विंडो सारी काम की चीज है। अब आपने क्या करना है? ऑर्डर देखें कितनी किस्म के हैं। कितनी टाइप्स के ऑर्डर्स होते हैं। एक होता है इंस्टेंट एग्जीक्यूशन। यानी यहीं से बाय सेल करूं और आपका ऑर्डर लग जाए। ये भी बटन है बाय सेल के। यहां से आप करें ऑर्डर एक्टिव हो जाएगा उसी वक्त। और क्या टाइप्स हैं? एक है पेंडिंग ऑर्डर। यानी अभी नहीं। पेंडिंग ऑर्डर जैसे मैंने अभी आपको लिमिट लगा के दिखाई थी नीचे वह पेंडिंग ऑर्डर है कि प्राइस अगर वहां पर आए तो आर्डर लगे। आर्डर पेंडिंग में पड़ा हुआ है। अगर ना आए तो ना लगे। ठीक हो गया। हम चलते हैं पेंडिंग ऑर्डर पे। कितनी टाइप्स हैं इसकी?
मजीद बाय लिमिट। बाय लिमिट ये होता है कि प्राइस नीचे आए उस जगह पे। फॉर एग्जांपल आप कहते हैं कि जी मेरी जो है ना पेंडिंग ऑर्डर इस जगह पे लगा हो यहां पे। यह प्राइस यहां पहुंचे तो मेरा ऑर्डर ऑटोमेटिकली एक्टिव हो जाए। तो यह प्राइस आप यहां से देख लें। प्राइस कैसे देखेंगे आप यहां से? प्राइस देखने के लिए आप यह पकड़ें। यह क्रॉस शेयर। ठीक है? ठीक है?
इसको पकड़ें और यहां पे लाके देख लें प्राइस। प्राइस आ रही है जी 2317 आ रही है। ठीक है? 2317 सपोज आ रही है प्राइस। तो मैं क्या करूंगा? इसको ओपन करें। पेंडिंग ऑर्डर बाय लिमिट कहां पे?
यहां पे वॉल्यूम आएगा यानी लॉट साइज जो यहां पे आपने लिखा होता है ना वो लॉट साइज यहां पे आप सेट कर लें अपना 0. 20 प्राइस क्या है? 2317 स्टॉप लॉस कहां पे होना चाहिए?
अब मैं कहता हूं जी स्टॉप लॉस मेरा इससे होना चाहिए। 30 या फिर नीचे हो जाए। तो आप यहां पर करते हैं 2314 पिप्स के बारे में हम डिटेल से बात करेंगे। पिप्स कैसे काउंट करने हैं, रिस्क कैसे मैनेज करना है, रिस्क कैसे कैलकुलेट करना है, प्लॉट साइज कैसे चेंज करना है? यानी कैसे बदलना है अपने रिस्क के हिसाब से? ये सब चीजें हम आगे चल के पढ़ेंगे इंशाल्लाह। अच्छा जी। 2314 पे मैं स्टॉप लॉस लिमिट लगा देता हूं। टेक प्रॉफिट का लेवल मैं लगाता हूं। डायरेक्ट है टेक प्रॉफिट तब होगा। प्रॉफिट तब आएगा जब प्राइस यहां से बाय हो जाएगी। क्योंकि हम बाय लिमिट लगा रहे हैं। तो 2317 से आप कर लें इसको 2300 230 कर लें। सॉरी वो मेरा हाथ लगा तो कैंसिल हो गया। दोबारा कर लेते हैं। पेंडिंग ऑर्डर बाय लिमिट यहां पे अपना वॉल्यूम चेंज करें। प्राइस थी हमारी 2317। हमारा स्टॉप लॉस था 2314 और हमारा टेक प्रॉफिट है 2325 फॉर एग्जांपल। इसको मैं प्लेस कर दूंगा। का गुड टिल कैंसिल का मतलब है जब तक मैं कैंसिल ना करूं ऑर्डर लगा रहेगा। ठीक हो गया जी। यह प्लेस कर दिया। तो ये देखें इसी जगह पे मेरा ऑर्डर लग गया। पेंडिंग ऑर्डर ये जो उसका स्टॉप लॉस लग गया। यह उसका टेक प्रॉफिट का लेवल आ गया। ठीक हो गया?
अच्छा अब अगर प्राइस यहां पे आएगी तो आपका आर्डर एग्जीक्यूट होगा। नहीं आएगी तो नहीं एग्जीक्यूट होगा। अगर आप किसी भी वक्त चाहें तो आप इसको यहां से डिलीट भी कर सकते हैं। अब दोबारा हम चलते हैं न्यू ऑर्डर पे। दोबारा हम चलते हैं पेंडिंग ऑर्डर पर। दोबारा चलते हैं सेल लिमिट पे। सेल लिमिट यह होती है कि प्राइस अगर ऊपर आए इस जगह पर पहुंचती है। ठीक है? यहां पहुंचती है तो आपकी सेल की ट्रेड ऑटोमेटिकली एक्टिव हो जाए। फॉर एग्जांपल हम लगाते हैं जी हमें चाहिए सेल लिमिट किस जगह पे? 2330 पे चाहिए। ऊपर चाहिए काफी ऊपर। ठीक है?
स्टॉप लॉस क्या होगा? 2300 35 कर लें। टेक प्रॉफिट हमें चाहिए 2300 पूरा। अब क्या होगा? इसको हमने प्लेस कर दिया। यह आपके ऑर्डर्स लगे हैं। यह देखें जी। यहां से आपका ऑर्डर 2330 से ये जो ग्रीन लाइन है यहां से आप प्राइस यहां पहुंचती है तो ऑटोमेटिकली सेल हो जाएगी। ठीक है?
प्राइस आपके सेल का ऑर्डर लग जाएगा। ऊपर आपका स्टॉप लॉस लग गया। अगर प्राइस ऊपर चली गई तो -50 में आपकी - 100 में आपकी ट्रेड ऑटोमेटिकली क्लोज हो जाएगी। और अगर प्राइस यहां से ऑर्डर लेने के बाद नीचे आ गई तो यहां पे पहुंच के $600 में आपका ऑटोमेटिकली आपकी ट्रेड क्लोज हो जाएगी और यह $600 आपके अकाउंट में आ जाएंगे। ठीक है? तो यह सेल लिमिट और बाय लिमिट होती है। इसके अलावा भी ऑर्डर्स होते हैं। आप वो भी लगा सकते हैं पेंडिंग ऑर्डर्स में। हम दोबारा यहां पर चलते हैं पेंडिंग ऑर्डर और यह होता है जी सेल स्टॉप और बाय स्टॉप। ठीक है? यानी बाय स्टॉप और सेल स्टॉप। बाय स्टॉप ये होता है कि आप इसके ऊपर एक लिमिट लगा दें यहां पे कि अगर प्राइस इससे ऊपर निकलती है तो ऑटोमेटिकली आपका भी बाय हो जाए। इसे कहते हैं बाय स्टॉप। मैं आपको लगा के दिखा देता हूं। यह है जी बाय स्टॉप। अब प्राइस जो है 2330 है। यहां पे 2331 है। आप 2332 पे लगाते हैं। 2332 यानी रात को किसी वक्त अगर प्राइस 2300 ऊपर निकलती है तो वह आपका आर्डर साथ ले जाए। आपकी ट्रेड भी ऑटोमेटिकली बाय की लग जाए। यह देखें। यह अब आर्डर लग गया। ग्रीन लाइन पर 2331 पे। देखिए यहां पर डिटेल्स आ रही है। यह है 2332। यहां से आपका ऑर्डर एग्जीक्यूट होगा। अगर वापस आ जाता है तो 2330 पे आपकी ऑर्डर स्टॉप लॉस लग जाएगा। आपका ऑर्डर क्लोज हो जाएगा लॉस में। और अगर प्राइस ऊपर निकल गई रात को। ठीक है?
तो $232 से आपकी ट्रेड एक्टिव होगी और $2340 पे जाके ऑटोमेटिकली क्लोज हो जाएगी। कितना प्रॉफिट आएगा उससे? तकरीबन $160। ठीक है? तो ये आपके पेंडिंग ऑर्डर्स होते हैं। आप इसको किसी भी तरीके से एडजस्ट कर सकते हैं। इसी तरीके से जिस तरह मैंने बाय स्टॉप लगाया है, इसी तरीके से आप सेल स्टॉप भी लगा सकते हैं कि प्राइस अगर इसके नीचे आती है जो लाइन लगी हुई है ब्लैक वाली तो यहां से ऑटोमेटिकली आपकी सेल की ट्रेड लग जाए और यहां पे आप उसका टारगेट लगा लें किसी जगह पे। तो ये डिफरेंट टूल्स हैं, डिफरेंट चीजें हैं जो आप इस्तेमाल कर सकते हैं अपनी ट्रेड को मैनेज करने के लिए। अब आ जाते हैं असल चीज की तरफ। वो ये है कि आपको अपनी ट्रेड पार्शियली कैसे क्लोज करनी है। अब ये यहां पे ट्रेड चल रही है 0.
10 की। ठीक है? हमने जो यहां पहले लगाई थी 0. 10 की है। यानी यह आपकी 1 मिनी लॉट है। अब आपने इसमें से क्लोज करना है। ठीक है?
क्लोज कैसे पार्शली क्लोज करनी है। फुल क्लोज तो यहां से हो जाएगी। क्रॉस पे क्लिक करेंगे पूरी क्लोज हो जाएगी। अब आप चाहते हैं कि मैं कुछ क्लोज हिस्सा कुछ हिस्सा क्लोज़ कर दूं। तो आप वॉल्यूम पे डबल क्लिक करें। ठीक है जी? यहां पे आपको जितनी ट्रेड क्लोज़ करनी है, आपका वॉल्यूम है 10। फॉर एग्जांपल 10 आपका वॉल्यूम है। आप क्योंकि मैं इसलिए डिटेल से ज्यादा नहीं बता रहा क्योंकि अभी आपने ये चीजें पढ़नी है कि लॉट साइज क्या होता है? कैसे इसको आपने कैसे देखना होता है। मैं कहता हूं जिसमें से 10 है ना 10 तो5 की क्लोज हो जाए05 की तो कैसे क्लोज होगी?
जितना वॉल्यूम क्लोज करना है जितनी ट्रेड क्लोज करनी है मैं कहता हूं कि इसमें से मैं सिर्फ 20% क्लोज करूं तो मैं कैसे क्लोज करूंगा 0. 02 ठीक है जी। ये 10 का 20% होता है। इसको मैंने यहां पे वॉल्यूम चेंज कर दिया और मैंने कर दिया क्लोज। अब आप नीचे यहां पे देखेंगे इस जगह पे लॉट साइज फोर चेंज हो जाएगा। यह देखिए 0. 08 की रह गई है। 0.
02 मैंने बंद कर दी है। वह लॉस मेरा आ गया हिस्ट्री में। अच्छा प्रॉफिट में चल रही थी ट्रेड उस वक्त। हां, ट्रेड प्रॉफिट में है ना? अच्छा ट्रेड प्रॉफिट में है तो आप यहां पे देखें कि 66 सेंट्स जो है मेरे अकाउंट में आ गए हैं। क्योंकि मैंने 20% ट्रेड काट दी है। 80% चल रही है अभी भी। अब हम उसको मज़द काटते हैं। ट्रेड पे आ जाए। अच्छे प्रॉफिट में है। फर्ज करें हमें $4 तकरीबन मिल रहे हैं। $3 इस वक्त मिल रहे हैं। तो मैं कहता हूं इसको आधा और काट दें।08 का आधा क्या बनेगा? 0.
04 इसको हम यहां पर काट देते हैं। क्लोज करते हैं। जितनी काटनी है उतनी क्लोज कर दें। यह देखें 2 96 यानी $3 चल रहे थे। अब $1. 5 पे आ गए। तो $5 प्रॉफिट चल रहा है। बाकी $1. 5 जो है वो हिस्ट्री में यहां पे शो हो रहा है। टोटल मिला के मैं कितनी क्लोज कर चुका हूं?
0. 06 यानी 0. 10 में से मैं 66 काट चुका हूं। बाकी मेरी चल रही है। तो जो काट चुका हूं उसका प्रॉफिट आ चुका है। जी। अब वापस नहीं जाएगा। ठीक है?
यह मेरा हो गया। जो बाकी ट्रेड है वो चल रही है। इसको मैं चलता रहने दूंगा अपने टारगेट तक। ठीक है? इस तरीके से आप पार्शियल क्लोजिंग करते हैं। आपको पता होना चाहिए कि आपने ट्रेड कैसे काटनी है। आधी कैसे काटनी है। स्टॉप लॉस ऊपर नीचे करना है। अब एक चीज़ होती है ब्रेक इवन करना। ट्रेड को ब्रेक इवन करना। ब्रेक इवन ये होता है कि जो आपका एंट्री पॉइंट है जैसे ये ग्रीन लाइन आपका एंट्री पॉइंट है। तो आप इस पॉइंट पे आके अपनी ये जो आपका स्टॉप लॉस है इसको उठाएं और इस ग्रीन लाइन पे कर दें। ये ठीक है? अब देखें क्या प्रॉफिट आ रहा है। यानी यह लाइन पहले नीचे थी। अगर यहां प्राइस आती है तो कितना लॉस होता?
$76 का। लेकिन अब मैं इसको उठा के अब मुझे लॉस नहीं चाहिए। मैंने कुछ $3 यहां से ले लिए हैं। इसको मैं उठाके कर देता हूं इसी लाइन के ऊपर यहां पे। ठीक है जी। अब अगर प्राइस वापस आ गई तो मुझे 0. 04 यानी कुछ भी नहीं बचेगा। ना कुछ बचेगा और ना मुझे नुकसान होगा। नुकसान भी नहीं होगा अब। क्योंकि अब मैंने जो मेरा एंट्री पॉइंट था मैंने स्टॉप लॉस भी इसके ऊपर कर दिया। अब यह ट्रेड मेरी ब्रेक इवन होगी। अगर यह नीचे आके लगती है इस जगह पे प्राइस नीचे आती है तो नो प्रॉफिट नो लॉस में बाकी ट्रेड बंद हो जाएगी। लेकिन जो मैंने पहले बुक कर लिए हैं $2 यह कहीं नहीं जाएंगे। यह मेरे हैं। ठीक है? अगर प्राइस नीचे आती है तो जिस पॉइंट से मैं एंटर हुआ था, नो प्रॉफिट, नो लॉस पर ट्रेड कट जाएगी। यह $2 मुझे बच जाएंगे। अब मैं यह एक और काम भी कर सकता हूं कि मैं इसको थोड़ा सा और ऊपर कर देता हूं। अभी तो मैं नहीं हो सकेगा। प्राइस अगर और ऊपर जाती है यहां पे। यहां पहुंचती है इस जगह पे प्राइस आ जाती है मेरे टारगेट के करीब। यहां पे आ जाती है। तो मैं स्टॉप लॉस को उठा के यहां पे भी ला सकता हूं। उसमें क्या होगा कि मेरी ट्रेड जो है क्लज़ होगी -3 में। +3 में। अगर मेरा स्टॉप लॉस हिट हो गया तो मुझे $3 और बच जाएंगे। ठीक है?
ठीक है? इस तरीके से आप अपना स्टॉप लॉस ट्रेल कर सकते हैं। ऊपर नीचे कर सकते हैं। इसी तरीके से आप अपना टेक प्रॉफिट भी ऊपर नीचे कर सकते हैं। मैं कहता हूं कि यार ये लेवल ऊपर है। मुझे प्रॉफिट यहां तक मिल जाए बहुत है इस लेवल तक। तो मैंने स्टॉप लॉस नीचे कर दिया। पहले मुझे $7 बच रहे थे या जितने भी बच रहे थे मुझे अब याद नहीं है। अब यहां पे हमें कितने बच रहे हैं? $9 बच रहे हैं। ठीक है जी। यह देखिए पांच। अब इस वक्त $5.
5 बच रहे हैं। मैं कहता हूं और क्लोज करो इसमें से। आप इसमें से 0. 04 में से 0. 02 और क्लोज कर दें। ये ले जी। अब जो मेरा चल रहा है प्रॉफ़िट वह है $240 का यानी $2.
5 का और यहां पे जहां पे मुझे 2ाई बच रहे थे अब मुझे तकरीबन 5 बच रहे हैं। तो आहिस्ता-आहिस्ता मैं क्लज़ करता जा रहा हूं ट्रेड। जैसे-जैसे प्रॉफिट में जा रही है मैं अपना प्रॉफिट लेता जा रहा हूं और बाकी ट्रेड को चलने दे रहा हूं। अब मैं इसको नहीं छोडूंगा। ठीक है? अब यह ट्रेड वापस आती है तो आके अगर यहां पे हिट करती है तो कोई बात नहीं। बाकी हमें $5 बच गए हैं। बहुत है। बाकी बेशक प्राइस हमें ना दे और लेकिन अगर ऊपर चली गई यहां पे इसने हिट किया तो $4 और बच जाएंगे। ठीक है। अब इसको मैं ऊपर कर देता हूं वापस। चलिए जी यहां तक बस प्राइस अब आएगी। हमारा टारगेट हिट कर दे। इस तरीके से आप अपनी पार्शियल क्लोजिंग कर सकते हैं। अब मैं कहता हूं कि जी फुल क्लोज कर दो ट्रेड को। तो मैंने फुल क्लोज करनी है तो यहां पे क्लोज किया। पहले मुझे कितने बच रहे हैं पहले? 472 यानी तकरीबन $5 पहले आ रहे हैं। इसको क्लोज कर देते हैं फुल। ठीक है जी। आप इस स्ट्रीम में जाएं तो वो पांच जो थे वो 7 पे चले गए। इस तरीके से आप ट्रेड मैनेज करते हैं अपनी। इसको हम डिटेल से पढ़ेंगे। जब आप अभी तो सिर्फ तरीका बता रहा हूं ना। सिर्फ तरीका बता रहा हूं कि करना किस तरह है। कब करना है?
कितने रिस्क के साथ करना है? यह हम आगे चलके अगली क्लासेस में पढ़ेंगे इंशा्लाह। अच्छा जी। और इसमें क्या है MT5 में? और इसमें MT5 में क्या चीज है ऐसी कि जो मैं आपको बता सकूं। स्टॉप लॉस आप इस तरीके से भी ड्रैग भी कर सकते हैं। जैसे मैंने आपको करके दिखाया ड्रैग करके ऊपर नीचे कर लें। और आप मैनुअली भी इसको लिख सकते हैं। आप इसी जगह पे क्लिक करें डबल क्लिक। यहां पे अपना स्टॉप लॉस ऊपर नीचे कर लें। यहां पे आपको वैल्यू्यूज लिखनी पड़ेंगी। वैल्यूज़ आप ऐसे देखेंगे। यह क्रॉस हियर पकड़े। जहां पे आपने स्टॉप लॉस करना है। आप कहते हैं मैंने इसके नीचे करना है। तो यहां पे क्या वैल्यू आ रही है?
साइड पे देखें राइट पे 2314 आ रही है। ठीक है? तो आप अपना स्टॉप लॉस यहां से लिखेंगे और 2314 यहां पे लिखेंगे स्टॉप लॉस 2314 और उसको मॉडिफाई कर देंगे। यहां मॉडिफाई का ऑप्शन होता है। अभी तो ट्रेड क्लोज हो गई है ना मॉडिफाई का ऑप्शन आएगा मॉडिफाई कर दीजिएगा। ठीक है? इसी तरह आपने टेक प्रॉफिट ऊपर नीचे करना है तो मैं तो ड्रैग कर लेता हूं। यहां से पकड़ा ड्रैग किया जहां रखना है आसान है। लेकिन आप मैनुअली भी इस पे डबल क्लिक करके लिख के कर सकते हैं। और अब देखिए आपका बैलेंस अपडेट हो गया। पहले शुरू में $5000 था। अब यह $5738 आ रहा है। तो इस तरीके से जो भी आप ऐड होगा या आपसे कोई लॉस होता है तो वह यहीं पे जमा तफरीक साथ-साथ होता रहेगा। अभी के लिए MT5 का इतना इंट्रोडक्शन काफी है। आपको ट्रेड पार्शियल क्लोजिंग का पता चल गया कि कैसे होती है और अपना ट्रेड मैनेजमेंट होती क्या है?
बेसिकली वो चीज़ आपको थोड़ा सा आईडिया हो गया। आपको अपने स्टॉप लॉस एक प्रॉफिट ऊपर नीचे करने आ गए हैं। यह क्लास बिल्कुल बिगिनर्स के लिए है। तो अब अगली जो हमारा सेशन होगा, अगली जो क्लास होगी, उसमें इंशा्लाह मैं इस पर बात करूंगा कि आपने कैसे अपने अकाउंट के हिसाब से रिस्क मैनेज करना है। अब देखिए हर तरह के अकाउंट्स होते हैं। किसी शख्स का अकाउंट जो है वो $ का है। ठीक है? एक बंदे का अकाउंट है $ का। तो उसके लिए रिस्क मैनेजमेंट कुछ और है। एक का $1000 का है। एक का $1 लाख का है। ठीक है? कुछ लोग फंडेड पे काम करते हैं। उनके $6 लाख के अकाउंट होते हैं। तो हर किसी का रिस्क मैनेजमेंट अलग तरीके से होगी। तो वह मैं डिटेल से बात करूंगा और असल चीज यह होती है कि आपने यहां से ट्रेड में एंटर हुए आप इस जगह से यह नीचे आपका स्टॉप लॉस है। आप कहते हैं कि मेरा जो अकाउंट है उसका सिर्फ 1% जो है ना रिस्क पे लगे हर दफा। जब भी मैं ट्रेड करूं सिर्फ 1% रिस्क लूं। तो यहां से लेके यहां तक जितने पिप्स बन रहे हैं आपने उसके हिसाब से अपना लॉट साइज कैसे चेंज करना है। असल चीज ये होती है। चैलेंजिंग चीज होती है। लोगों को आम तौर पे नहीं आती। ठीक है?
कि यहां से हमारे पिप्स में कितने बनते हैं। मैं आपको अगली क्लास का इंट्रोडक्शन दे रहा हूं कि अगली क्लास में क्या पढ़ना है कि और कितने इंपॉर्टेंट है। आप ये देखें इस जगह से हमारे पिप्स बनते हैं। यहां से लेके यहां तक पिप्स अभी आपको जो नए लोग हैं उनको निकालने नहीं आएंगे। इस पे भी हम बात करेंगे उसी क्लास में नेक्स्ट क्लास में। 71 पिप्स हैं जिस जगह तक 71 पिप्स। तो आपने $1000 का अकाउंट 71 पिप्स के स्टॉप लॉस के साथ उसका लॉट साइज कैसे मैनेज करना है? छोटा बड़ा कैसे करना है, कैसे कैलकुलेट करना है?