एक शिकायत करता जो खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंस बताती है लोगों पर फर्जी रेप केस करती है एक के बाद एक आठ लोगों को अपना निशाना बना लेती है और फिर अंत में उसके चंगुल में आते हैं भारत के एक रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर मामला पहुंचता है ट्रायल कोर्ट हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट फिर सुप्रीम कोर्ट में जो होता है वो कुछ ऐसा है जो नजीर बनेगा सुप्रीम कोर्ट दिल्ली हाई कोर्ट पर नाराज हुआ उसने शिकायत करता को डांट लगाई और कोर्ट में उसके डराने धमकाने का सारा षड्यंत्र भी उजागर कर दिया पहले आपको कहानी
का कुछ बैकग्राउंड बताते हैं जिससे आपको पूरा मामला अच्छी तरह समझ आ केस में एक तरफ 39 साल की शिकायत करता महिला है और दूसरी तरफ 6364 साल के एक रिटायर्ड सेना अधिकारी हैं कैप्टन राकेश वालिया महिला ने पूर्व सेना अधिकारी पर रेप और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया यह पूरी घटना दिल्ली एनसीआर में हो रही थी पहले महिला ने दिल्ली के मेहरोली पुलिस स्टेशन में एफआईआर लिखाई तो मामला ट्रायल कोर्ट पहुंचा ट्रायल कोर्ट ने पूर्व आर्मी ऑफिसर के खिलाफ क्रिमिनल प्रोसीडिंग्स शुरू करने का आदेश दे दिया इस आदेश के खिलाफ रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर दिल्ली
हाई कोर्ट पहुंच गए मगर दिल्ली हाई कोर्ट ने उनकी मांग को नहीं सुना हाई कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट इस पर जांच कर रहा है जिसके आधार पर वह फैसला ले सकता है जाहिर है कि हाई कोर्ट के इस रुख से पूर्व सेना अधिकारी खुश नहीं थे सो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख अपना लिया सुप्रीम कोर्ट में रिटायर्ड ऑफिसर ने याचिका दायर कर मांग की कि उनके खिलाफ जारी आपराधिक कार्यवाही रद्द की जाए इसलिए इस वीडियो में आप कई बार रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर राकेश वालिया को याचिका करता या पिटिशन के नाम से भी सुनेंगे
द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक पिटिशन के वकील अश्विनी कुमार दुबे ने सुप्रीम कोर्ट में दावा किया था कि शिकायत करता महिला एक सेक्सटॉर्शन रैकेट चलाती है सेक्सुअल एक्सटॉर्शन का रैकेट पहले भी वह कई बार कई लोगों पर झूठे मामले दर्ज करवाकर प से ऐंठ चुकी है पिछले 8 सालों में महिला की शिकायत पर सात अलग-अलग पुलिस स्टेशंस में नौ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई जिनमें याचिकाकर्ता जो एक्स आर्मी ऑफिसर हैं वो भी शामिल हैं ये केस गलत और पूरी तरह दुर्भावना से भरा हुआ है जिसे उनके मुवक्किल यानी क्लाइंट को फंसाने के लिए
दायर किया गया था यहां एक शब्द आया सेक्सटॉर्शन या सेक्सुअल एक्सटॉर्शन इसका मतलब होता है सेक्स के नाम पर लोगों को धमका करर उनसे पैसे ठना यह बात त सुप्रीम कोर्ट में कुछ हफ्तों पहले हुई सुनवाई में कही गई थी उस सुनवाई पर हमने एक डिटेल वीडियो किया था जिसकी लिंक हम आपके लिए डिस्क्रिप्शन बॉक्स में रखवा देंगे तब सुप्रीम कोर्ट ने पिटीशन के वकील से कहा था कि आप अपने दावों को साबित करने के लिए कुछ डाटा पेश कीजिए यह किया गया अगली सुनवाई में द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक पिटीशन में कहा गया
कि 63 साल के रिटायर्ड ऑफिसर भारतीय सेना के एक सम्मानित अधिकारी रहे हैं इन दिनों वह गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं पूर्व अधिकारी को बेहद खत खतरनाक हार्ट अटैक भी आ चुका है जिसके चलते उन्हें दो स्टेंट लगाए गए वे कैंसर से पीड़ित हैं और क्लिनिकली एक बड़े इम्यूनो कॉम्प्रोमाइज्ड मरीज माने जाते हैं इम्यूनो कॉम्प्रोमाइज्ड यानी जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी घट चुकी हो पूर्व सेना अधिकारी ने याचिका में दावा किया कि वह एक बेईमान और कानून का दुरुपयोग करने वाली महिला के शिकार हो गए हैं जो रेप और यौन उत्पीड़न वाले कानूनों का
दुरुपयोग कर सम्मानित नागरिकों से उनकी मेहनत की कमाई ठगने का काम करती है सुप्रीम कोर्ट में इस केस की आखिरी सुनवाई जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस के विनोद चंदन की बेंच कर रही थी सुप्रीम कोर्ट ने इस बारे में दिल्ली हाई कोर्ट पर भी जमकर नाराजगी जताई क्या कहा था वोह आपको एक अन्य वीडियो में हमने बताया है उस वीडियो की लिंक हम आपके लिए डिस्क्रिप्शन बॉक्स में मुहैया करवा देंगे अभी आपको बताते हैं कि महिला ने आरोप क्या लगाए थे और पिटीशन का वर्जन इसमें क्या था महिला ने अपने आरोपों में कहानी बताई टाइम्स
ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक शिकायतकर्ता ने कहा कि पूर्व सेना अधिकारी से उसकी मुलाकात से एक सुनसान जगह ले जाया गया और उसके साथ यौन उत्पीड़न और रेप किया गया यह महज आरोप और दावे थे महिला ने यह भी कहा कि वो पहले एक फ्रीलांस मॉडल के रूप में काम कर चुकी है हालांकि वो पिछले 3 साल से अपने पति से अलग रह रही थी उसके दावे के मुताबिक वो इन दिनों नौकरी की तलाश में थी इन आरोपों के बदले पिटीशन यानी रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर ने क्या बताया वो भी आपको बताते हैं क्योंकि यही
वो वर्जन है जिसे सुप्रीम कोर्ट ने सही माना द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट रिकॉर्ड में आया है कि 2019 और 2020 के बीच कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान शिकायत करता महिला ने खुद को एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंस बताते हुए याचिकाकर्ता यानी पूर्व आर्मी ऑफिसर से संपर्क किया उसने याचिकाकर्ता से ब्रोकन क्रियोस कैन स्टिल कलर किताब की बात की यह किताब पिटिशन यानी पूर्व आर्मी ऑफिसर ने लिखी है कंप्लेनेंट ने उन्हें इस किताब को सोशल मीडिया पर प्रमोट करने का ऑफर दिया रिटायर्ड ऑफिसर ने इस प्रस्ताव में दिलचस्पी दिखाई और जून 2021 में लॉकडाउन खत्म
होने के बाद प्रमोशन का फैसला किया 29 दिसंबर 2021 को कैप्टन वालिया और महिला के बीच छतरपुर मेट्रो स्टेशन पर मुलाकात हुई जहां से वह नोएडा के लिए रवाना हो गए पिटीशन के मुताबिक नोएडा में महिला को छोड़ने के बाद शाम 6:00 बजे उनके पास लोकल पुलिस से फोन आता है कॉल पर उनसे कहा जाता है कि महिला ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है उसने आरोप लगाया है कि 4:1 के आसपास पूर्व आर्मी ऑफिसर ने उ से नशीला पदार्थ देकर उसके साथ यौन शोषण किया यह पूरा बैकग्राउंड याचिकाकर्ता ने कोर्ट के सामने रखा सुप्रीम
कोर्ट ने केस के सारे फैक्ट्स को ध्यान में रखते हुए इस रेप केस को बेबुनियाद माना और रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर के खिलाफ दर्ज चार्ज शीट खारिज कर दी सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग करार दिया टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने कहा कि अलग-अलग एफआईआर के जरिए कोर्ट में यह भी सामने आया है कि महिला शादीशुदा है उसके दो बच्चे बच्चे भी हैं इस महिला ने 2014 से लेकर अब तक अलग-अलग व्यक्तियों पर रेप यौन उत्पीड़न डराने धमकाने जैसे आरोप लगाए हैं लेकिन इन सभी मामलों में कई
असमानता एं पाई गई महिला के नाम की स्पेलिंग उसका सरनेम और पर्सनल डिटेल्स हर केस में अलग-अलग थी जिससे यह साबित होता है कि वह खुद को अलग-अलग व्यक्ति के रूप में पेश कर रही थी अंत में सुप्रीम कोर्ट ने पिटीशन के खिलाफ चल रही सारी क्रिमिनल प्रोसीडिंग्स को रद्द कर दिया और साथ में यह भी माना कि कैप्टन राकेश वालिया रिटायर्ड हो चुके हैं एक लेखक हैं जो पांच किताबें लिख चुके हैं इनमें से कुछ बेस्ट सेलर भी रही हैं यानी खूब बिकी हैं बालिया ने शिकायत करता महिला से सिर्फ अपनी किताबों के प्रमोशन
के लिए कांटेक्ट किया था बाकी आप इस पूरी खबर पर क्या सोचते हैं हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताइएगा मैं हूं नावेद देखते रहिए दिल अल टॉप शुक्रिया [संगीत]