आपका जो आंख है ना वो बड़ा टोपी बाज है आपका आंख डिफेक्टिव माल है बताऊंगा कैसे आप सबका आंख डिफेक्टिव है अजीब बात है ना अभी पता चलेगा आपको और मेरे एक वीडियो में 11 घंटे में 111 के व्यूज थे 11 के लाइक्स थे और 1. 1 के कमेंट्स थे यानी 11 1 1 जब भी ब्रह्मांड वनव नंबर या ऐसे ही पैटर्स दिखाता है तो ये एक संकेत होता है इट्स अ सिग्नल फ्रॉम द यूनिवर्स इसके थ्योरी आपको जरूर पता होना चाहिए और मेरे एक दोस्त के दादाजी हॉस्पिटल के बेड में लेटे हुए थे नर्स एक फॉर्म लेके आई और कही कि अगर आप कंफर्टेबल हो तो इस पेज पे साइन कर दो उस पेज प क्या लिखा हुआ था पता है कि आप हमें अपना बॉडी डोनेट कर दो इसीलिए डोनेट कर दो क्योंकि आपके बॉडी के एक पार्ट को पेन ड्राइव और हार्ड डिस्क में लगाना है वो कौन सा इंसानी पार्ट है जो पेन ड्राइव और हार्ड डिस्क में लग रहे हैं ये जान के आप चौक जाओगे और नॉर्थ यानी उत्तर के तरफ सर करके सोना आखिर खतरनाक क्यों माना जाता है आखिर ऐसा क्यों माना जाता है कि उत्तर की तरफ सर करके सोने से मृत्यु को निमंत्रण मिलता है या यह शैतान की दिशा है आखिर ऐसा क्यों कहा जाता है कि नॉर्थ की तरफ सोने से इंसान मृत्यु की तरफ आगे बढ़ता है इस वीडियो में आप ऐसे ही बहुत सारे रैंडम अमेजिंग फैक्ट्स को जानोगे ऐसे फैक्ट जिनको सुनकर आप कहोगे वीडियो नहीं कोक है कोक अगर आपने अभी तक नहीं किया है तो सब्सक्राइब करके बेल आइकन जरूर ऑन कर लेना ताकि अगली वीडियो रिलीज होते ही सबसे पहले आपको मिल जाए फैक्ट नंबर 177 आप उन मूवी सींस को याद करो जिसमें होलोग्राफिक इमेजेस को दिखाया जाता है होलोग्राफिक टेक्नोलॉजी यानी ऐसी टेक्नोलॉजी ऐसे सींस मूवी में देख के बड़ा मजा आता है कि हवा में हाथ फेर के आप डिजिटल एलिमेंट्स को कंट्रोल कर पा रहे हो पर ये कितनी नेगेटिव गजब बात है कि मूवीज में ऐसी टेक्नोलॉजी नॉर्मल होने के बावजूद भी दुनिया की कोई भी कंपनी आज तक एक्चुअल में होलोग्राफिक टेक्नोलॉजी को बनाने में कामयाब रही ही नहीं है जी हां आज तक त होलोग्राफिक टेक्नोलॉजी नहीं बनी है देखो आपने कोई वीआर हेडसेट पहन लिया तब आपको वैसा दिख रहा है वो तो ठीक है तब तो दिख ही सकता है क्योंकि वो सारे इमेजेस आपके वीआर हेडसेट के अंदर फॉर्म हो रहे हैं लेकिन एक्चुअल होलोग्राफिक टेक्नोलॉजी जिसको आप हवा में कंट्रोल कर सको वैसा नहीं हो पाया है ऐसा 3d इमेज प्लेन स्पेस में लाना और फिंगर के इशारे पे मूव करना यह मूवी में बड़ा आसान लगता है हर दूसरा सुपरहीरो ऐसी टेक्नोलॉजी को यूज करते हुए दिखता है लेकिन रियल लाइफ में ऐसी टेक्नोलॉजी जी के बारे में सोचना भी दूर की बात है इट्स 21 सेंचुरी फिर भी फैक्ट नंबर 16 मेरे साथ एक गजब का कोइंसिडेंस हुआ था और इसके बारे में मैंने instagram2 और वो वीडियो 11 घंटे पहले अपलोड हुआ था और उस वीडियो पे 11k लाइक्स थे और सबसे अमेजिंग बात उस वीडियो पे 1. 1k कमेंट्स थे अब यह बड़ा गजब है 11 11111 ऐसा इसलिए क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि ऐसे पैटर्स दिखना जैसे कि 1111 या 2222 एक मैसेज होता है यूनिवर्स के तरफ से जैसे ये स्टोरी डालने के बाद मेरे को ऐसे डीएम आने लगे जैसे ये एंजल्स की ब्लेसिंग है यानी परियों की ब्लेसिंग है और कई लोग ये कह रहे थे कि ये पॉजिटिव सिग्नल है यूनिवर्स के तरफ से और सबसे अमेजिंग बात कई लोगों ने ये स्टोरी तब देखा था instagram's के अनुसार जब 11 नंबर हर जगह दिखे तो आप समझ जाओ कि आप सही राह पे हो यानी सही रास्ते पे हो स्पिरिचुअल गुरुस यह भी कहते हैं कि इस ब्रह्मांड में हर किसी के लाइफ में एक इंटरडायमेंशनल एंजल होता है जो कि इनविजिबल तरीके से उस इंसान का हेल्प करते रहता है और हिंदू धर्म में देवता होते हैं जो कि हेल्प करते हैं ऐसे ही हर धर्म में सिमिलर मान्यताएं हैं जो कि ये कहती है कि हर इंसान के लाइफ के बैकग्राउंड में एक डिवाइन पावर होती है अब मुझे पता है कि ये बातें थोड़ी नॉन साइंटिफिक है पर यह मत भूलना कि हम एक ऐसे ब्रह्मांड में रहते हैं जो कि अनंत है जिसका कोई एंड नहीं है जिसकी शुरुआत कैसे हुई और अंत कैसे होगा यह कोई भी नहीं जानता इसीलिए किसी भी पॉसिबिलिटी को नो कहना एक कुएं की मेढक की तरह होगा जिसको समुंद्र की अथ साइज की अवेयरनेस ही नहीं है तो कंक्लूजन ये है कि इत्तफाक से आपको अगर ऐसा नंबर या पैटर्न हर जगह दिखे जैसे 1111 2 222 3333 तो ये एक बड़ी ही मिरेकल अस बात होती है जैसे फॉर एग्जांपल आप सुबह उठे तो देखें टाइम हो रहा है 111 आप किसी वीडियो में व्यूज देखें तो 111 के हो रहा है वैसे मेरे साथ भी ऐसा हुआ है मैं सुबह टाइम देखा तो हो रहा था 1111 बिजनेस में किसी क्लाइंट से बात कर रहा हूं तो 11 तारीख को डील फाइनल होने की बात हो रही है और फॉर एग्जांपल डील भी 11 लाख की कुछ नहीं घर में मंथली सामान वगैरह का शॉपिंग किया तो एक 11000 का बिल बना मोबाइल में किसी चीज का ओटीपी भी आया तो उसमें भी 11 आया ऐसा होता है बहुत लोगों के साथ और एक पॉइंट के बाद जाके लगता है कि ये तो ज्यादा हो रहा है ये सिर्फ कोइंसिडेंस नहीं हो सकता और तभी समझ जाना कि यह रहस्यमय ब्रह्मांड इज गिविंग यू अ सिग्नल ऐसा सबसे बड़े स्पिरिचुअल मास्टर्स कहते हैं फैक्ट नंबर 15 आपको ये तो पता ही होगा कि इस दुनिया में हर एक लिविंग बीइंग के अंदर डीएनए होता है जैसे पेड़ों के अंदर डीएनए होता है केला के अंदर भी डीएनए होता है और ये पूछो कि किस लिविंग बीइंग के अंदर डीएनए नहीं होता है सबके अंदर होता है अब बात यह है कि डीएनए एक एक्चुअल फिजिकल चीज है यानी अगर मैं आपको डोरेमोन के स्मॉल लाइट से छोटा कर दूं तो आप डीएनए को एक बड़े बिल्डिंग के रूप में देखोगे सामने यानी डीएनए फिजिकली एजिस्ट करता है और ये बनता है बहुत सारे केमिकल से मिलके अब सुनो डीएनए पे नजर है पेन ड्राइव और हार्ड डिस्क कंपनीज की यानी स्टोरेज कंपनीज की अब आप ये सोच रहे होंगे कि जो कंपनीज स्टोरेज डिवाइसेस्पेसिफिकेशन क्या है कि डीएनए एक ऐसा मटेरियल है जिसके अंदर बहुत सारा डाटा स्टोर हो सकता है और पहले तो आप ये आर्टिकल देखो जिसमें डीएनए को द अल्टीमेट स्टोरेज सॉल्यूशन बताया जा रहा है और ये भी पता लगाया गया है कि एक डीएनए 215 मिलियन जीबी स्टोर कर सकता है डीएनए को फिजिकली डेड बॉडी से निकालकर उसको स्टोरेज डिवाइसेसपोर्ट स्टोरेज के कंपैरिजन में डीएनए अरबों गुना ज्यादा डेंस होता है घनत्व और यही कारण है कि डेड पीपल का फिजिकल डीएनए एज अनबिलीवर्स इज गोइंग टू बी द स्टोरेज ऑफ द फ्यूचर वैसे फ्यूचर यचट तो ठीक है आप जरूर इस बात को जानने में इंटरेस्टेड होंगे कि अभी इससे रिलेटेड क्या हासिल किया है वैज्ञानिकों ने तो यह भी जान लो 2019 की एक रिसर्च की स्टडी का रेफरेंस आप स्क्रीन पे देख सकते हो जिसमें यह बताया गया है कि साल 2019 में 16gb टेक्स्ट डाटा को लिटरली डीएनए में राइट कर दिया गया और सीडी डीवीडी राइटर्स की तरह डीएनए राइटर भी बन चुका है जो कि 1 एबीपीएस की स्पीड में डीएनए के अंदर डाटा को राइट कर सकता है यानी अब वो दिन दूर नहीं जब हॉस्पिटल में मरते हुए पेशेंट्स को फॉर्म दिया जाएगा और कहा जाएगा कि क्या आप मरने के बाद डीएनए को डोनेट करना चाहोगे ताकि इस दुनिया का भला हो सके और स्टोरेज डिवाइसेज साइन कर दो यहां यहां यहां फैक्ट नंबर 14 आपने नॉर्मल टैटूज को देखा ही होगा पर क्या आपने कभी बायोमैकेनिकल टैटूज को देखा है ये ये ऐसे टैटूज होते हैं जो कि टैटूज का लुक देने वाला काम तो करते हैं लेकिन साथ ही साथ ये और एक बड़े पर्पस के लिए है ये ऐसे टैटूज होते हैं जिसके अंदर सर्किट्स होते हैं और वो बॉडी का डाटा रीड कर सकते हैं और ये बॉडी के टेंपरेचर और हेल्थ के बारे में वायरलेस मोबाइल एप्लीकेशन में बताते हैं भाई दुनिया कितनी बदल गई है टैटूज में सर्किट्स लगने लगे हैं फैक्ट नंबर 13 ये इस पूरे ब्रह्मांड के सबसे अमेजिंग फैक्ट्स में से एक है आपका आंख जो है ना वो ठीक नहीं है और आपका दिमाग काफी समझदार है ऐसा इसलिए क्योंकि जो भी आप आंखों से देख रहे हो अभी आपको लगता है कि सब नॉर्मल है है ना बट असल में कुछ नॉर्मल नहीं है इस दुनिया में हर एक इंसान का आंख डिफेक्टिव है डिफेक्टिव इन दी सेंस समझाता हूं आप जब किसी भी चीज को अपने आंखों से देखते हो तो असल में सब उल्टा फॉर्म होता है आपके आंखों के पर्दों में आपका आंख का लेंस ही कुछ ऐसा प्लेस्ट है आंख में उल्टा बना लेकिन जो समझदार दिमाग है वो इसको करेक्ट कर देता है वापस और आप अपने दिमाग के चलते किसी भी चीज को नॉर्मली देख पाते हो क्योंकि आपका दिमाग इमेज को करेक्ट कर देता है नहीं यकीन हो रहा है आपको इसका प्रूफ चाहिए आपको वांट सम गरम-गरम प्रूफ हालांकि मैं ये रिकमेंड नहीं करूंगा आपको कभी करने के लिए लेकिन ऐसा ही होगा आप एक ऐसा चश्मा पहनो जिससे सब कुछ इनवर्टेड दिखे यानी उल्टा दिखे वो मेले में नहीं कूल फंकी चश्मे मिलते हैं जिन्हें पहनने के बाद सब उल्टा दिखता है वो वाला चश्मा उसे पहन लो और अगले 10 दिन तक खोलना मत अब क्या है कि आप चश्मा पहन पहनो ग तो आपको सब कुछ उल्टा दिखेगा ऑब् वियस लेकिन मान लो आपने आज पहना सब कुछ उल्टा दिखने लगा कल भी आपको उल्टा दिखेगा परसों भी आपको उल्टा ही दिखेगा लेकिन चार पाच दिन बाद आपको उसी चश्मे से सीधा दिखने लगेगा ऑटोमेटिक आप एक सुबह उठोगे धीरे-धीरे विजन करेक्ट हो जाएगा जी हां जिस चश्मे से दो दिन पहले तक आपको उल्टा दिख रहा था बिना कुछ किए ही दो-तीन चार पाच दिन में दिमाग उसको करेक्ट कर देगा लेकिन जैसा कि आपने गेस किया होगा अब तो विजन करेक्ट हो गया अब आप उस चश्मे को जब उतारो ग तो आपके नेचुरल आंख से सब कुछ उल्टा दिखने लगेगा जी हां नेचुरल विजन इनवर्ट हो जाएगा क्योंकि चश्मे के हिसाब से आपका ब्रेन आपके विजन को एडजस्ट कर लिया है अब इसीलिए अब खोलने के बाद नेचुरल विजन इनवर्ट हो जाएगा पर फिर कुछ दिनों में वापस फिर ब्रेन नॉर्मल कर देगा आंख को तीन-चार दिनों में क्योंकि ब्रेन हमेशा यही चाहता है कि आप सीधा देखो यानी 2400 घंटे आपका दिमाग विजन को करेक्ट करने का काम कर रहा है ब्रेन को ऑफ कर दूं अगर सिर्फ आंखों से देखोगे तो सब कुछ उल्टा दिखेगा फैक्ट नंबर 12 अभी आप अपने स्क्रीन पे कुछ देख रहे होंगे जरा बताओ यह क्या है ये है डस्ट यानी धूल राइट पर असल में ये सिर्फ नॉर्मल डस्ट नहीं है ये है स्मार्ट डस्ट जिस तरह एक बकलोल फोन होता है और उसका उल्टा होता है स्मार्टफोन जिस तरह बकलोल वॉच होता है और उसका उल्टा होता है स्मार्ट वॉच वैसे ही नॉर्मल डस्ट के साथ साथ एक स्मार्ट डस्ट भी होता है स्मार्ट डस्ट दिखता तो है नॉर्मल डस्ट की तरह लेकिन वो कलेक्शन ऑफ माइक्रोस्कोपिक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सेंसर्स होते हैं जिन्हें जंगलों में फैलाया जाता है बहुत सारे डेवलप्ड कंट्रीज में इससे जंगलों का टेंपरेचर का डाटा मिलता है ताकि फॉरेस्ट फायर्स को रोका जा सके आप गेस कर पा ही रहे होंगे कि यह टेक्नोलॉजी कितनी इनविजिबल है और इसका कितना रॉन्ग यूज भी किया जा सकता है अब जब धूल इलेक्ट्रॉनिक हो जाए तो कैसे सिक्योरिटी मिलेगी आसानी से किसी देश का डेटा कोई और देश ले लेगा और पता भी नहीं चलेगा इसलिए किसी भी देश को टेक्नोलॉजी में आगे होने की मिस कर लेनी चाहिए नहीं तो अमेरिका ही सब देशों का दादा बनता फिरता रहेगा फैक्ट नंबर 11 आपका दांत आपका हड्डी से मजबूत है बहुत ज्यादा मजबूत ये तो सबको पता है पर कितना इसका आंसर है 400 पर अगर आपके बोन यानी हड्डी को एक पॉइंट मिलेगा तो आपके दांत को मिलेगा चार पॉइंट यानी 4x स्ट्रांग पर और सबसे अमेजिंग बात कंक्रीट यानी जिसे कि इतनी बड़ी-बड़ी बिल्डिंग्स बनती है उसको मिलेगा सिर्फ डेढ़ पॉइंट यानी दांत सबका बाप है नेवर अंडरस्टिमेटिंग पावर ऑफ योर गर्लफ्रेंड यानी इसका मतलब अगर हम दांत से बिल्डिंग बना पाए तो व कंक्रीट के मुकाबले डबल से भी ज्यादा स्ट्रांग रहेगा एक काम करता हूं आप सभी सब्सक्राइबर अपना-अपना दांत मेरे को दे दो 1 लाख दांत भी आ जाएंगे तो मैं ऐसा रूम बना लूंगा भूकंप आएगा तब भी नहीं टूटेगा फैक्ट नंबर 10 लीवर आपके शरीर के राइट साइड में मौजूद है लीवर के बारे में लोग सुनके कहते हैं कि हां लीवर से बाइल जूस निकलता है यानी खाना पचाने में हेल्प करता है लेकिन अगर आप अपने बॉडी को पूरी तरह से स्कैन करोगे तो आपको यह पता चलेगा कि लिवर एक्चुअली में आपके बॉडी में 500 से भी ज्यादा चीजों को लीड करता है आपका लिवर आपके ब्लड के अंदर मौजूद केमिकल्स को रेगुलेट करता है यानी आपके खून को साफ रखता है लिवर आपके बॉडी का हार्ड डिस्क है जैसे कि आप हार्ड डिस्क पेन ड्राइव में डाटा स्टोर करके रखते हो वैसे ही लिवर एक स्टोरेज एरिया है जहां पर विटामिन और मिनरल्स स्टोर्ड रहता है लिवर बॉडी का ब्लड क्लॉटिंग का हेड क्वार्टर है यानी जब भी कहीं कट जाए और शरीर से खून निकलने लगे तो लिवर ही वो हेड क्वार्टर है जहां से सारी जानकारी जाती है कि ब्लड को कैसे रोकना है क्योंकि विटामिन तो वही है ना लिवर ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को भी रेगुलेट करता है लिवर आपके हार्मोंस को भी रेगुलेट करता है लीवर बॉडी के हीट को भी कंट्रोल करता है यानी बॉडी के थर्मल मामलों में भी बहुत हद तक लीवर इंचार्ज होता है और भी बहुत कुछ यानी टोटल 500 फंक्शंस को लिवर कंट्रोल करता है लीवर 500 चीजों को बॉडी में तो देखता है लेकिन वो बॉडी पार्ट जो सबसे ज्यादा फंक्शंस को कंट्रोल करता है वो है ब्रेन ब्रेन बॉडी में 1 मिलियन से भी ज्यादा फंक्शंस को कंट्रोल करता है 10 लाख से भी ज्यादा यानी लीवर आप नामक कंपनी का एक शहर का हेडक्वार्टर है लेकिन यह पूरे कंट्री लेवल का हेड क्वार्टर्स है यानी ब्रेन ही वो दद्दा है जो कि हर चीज को कंट्रोल करता है फैक्ट नंबर नाइन सुनो हंसना मत ठीक है धरती पे गैस छोड़ना कोई बड़ी बात नहीं होती है कितने लीटर टर्स ऑफ गैस लोग डेली छोड़ते हैं कोई दिक्कत नहीं होता पर स्पेस में एस्ट्रोनॉट्स के लिए ऐसा नहीं है उनका हर एक पाद मतलब हर एक फार्ट काउंट होता है क्योंकि फाट में मीथेन होता है और मिथेन फ्लेमेबल होता है यानी ज्यादा मात्रा में आग को फैला सकता है और पूरा स्पेस क्राफ्ट ब्लास्ट कर सकता है यानी स्पेस में गैस छोड़ना बड़ा डेंजरस है एवरी पाथ काउंट्स इन स्पेस जब ग्रुप ऑफ एस्ट्रोनॉट्स स्पेसक्राफ्ट के अंदर होते हैं तो जितना भी गैस है जो ले रहा है छोड़ रहा है वहां से भी वो स्पेसक्राफ्ट के अंदर ही होते हैं वो बाहर नहीं जाता है वो गैस सब बाहर नहीं जाता है स्पेस में बिकॉज वो स्पेस है धरती थोड़ी है अंदर ही अंदर फिल्टरेशन सिस्टम होता है और पूरा एक इकोसिस्टम होता है और एक क्लोज्ड एनवायरनमेंट होता है स्पेसशिप के अंदर यानी एस्ट्रोनॉट्स को ओवर खाना अलाउड नहीं होता है धरती पे तो ऐसा है कि मूड हुआ तो आज पूरा खा लो पूरा जितना मन चाहे उतना खा लो और उसके बाद जितना मन चाहे उतना छोड़ो लेकिन स्पेस में संभल के छोड़ना होता है आपको पता है ये फैक्ट जैसे कि आप इस आर्टिकल में देख सकते हो बींस और ऐसे कई खाने जिससे कि ज्यादा गैस की संभावना होती है वो नासा ने कई सालों तक रिस्ट्रिक्टर के रखा था पर धीरे-धीरे स्पेसक्राफ्ट्स और आधुनिक होते गए हैं और अभी ऐसा हो गया है कि फूड आइटम में तो रिस्ट्रिक्शन नहीं है पर फिर भी उनको सतर्क रहना पड़ता है धरती की तरह आजादी तो नहीं मिलती है आप कितने लकी हो जो धरती पे पेड़ पौधों के बीच में रहते हो फैक्ट नंबर एट ओलंपिक मेडल्स के बारे में ये एक बड़ी ही अजीब बात है है समय आगे बढ़ा लेकिन मेडल्स की वैल्यू कम हो गई मॉडर्न ओलंपिक गेम्स 18964 पर के आसपास ही गोल्ड होता है मेरे को लगता है ओलंपिक जिस लेवल पे होता है इतने ह्यूज लेवल पे रियल गोल्ड देना चाहिए भाई इतने से गोल्ड का ठीक है कीमत होगा लेकिन इतना वर्ल्ड लेवल का शो भी तो होता है पर जब भी किसी ट्रॉफी की बात आती है चाहे वो क्रिकेट की ट्रॉफी हो या कोई भी और गेम की अभी के टाइम में किसी में भी फुल गोल्ड नहीं होता है मेडल और ट्रॉफी में वैल्यू आती है प्लेयर्स के चलते उनके हार्ड वर्क और पैशन के चलते पूरे वर्ल्ड में एक ऐसा ट्रॉफी जिसमें सबसे ज्यादा गोल्ड यूज होता है हाईएस्ट वो है फिफा जो कि 18 कैरेट गोल्ड से बना होता है और पूरे ट्रॉफी के वजन का 70 5 पर गोल्ड होता है 75 पर वो हाईएस्ट नंबर है जो धरती के किसी ट्रॉफी में आता है बाकी ओलंपिक मेडल का इंट्रिसिक वैल्यू जो होता है सिल्वर विद गोल्ड पॉलिशिंग एक ढ़ लाख में आप चाहे तो खरीद सकते हो उसका डुप्लीकेट बट हां ये अपने आप में गलत है बहुत सारे मार्केट में मिलते हैं पर हां एक्चुअल ट्रॉफी में कोई इंट्रिसिक वैल्यू नहीं होती है लेकिन जो साइकोलॉजिकल वैल्यू होती है वो आती है प्लेयर्स के इनसेन मेहनत के चलते इसलिए गोल्ड मेडल की वैल्यू जीतने के बाद मिलियंस ऑफ डॉलर्स में चल जाती है यानी आठ करोड़ के ऊपर भले वो बना सिल्वर का होता है मात्र फैक्ट नंबर सेवन इस दुनिया में हर इंसान का फिंगरप्रिंट यूनिक होता है भले दो जुड़वा आसपास हो लेकिन उनका यह अलग-अलग होगा या फिर दुनिया में वो सात लोग जो आपके तरह ही दिखते हैं वो भी अगर सातों को ला दो सबका फिंगर प्रिंट अलग-अलग होगा सबका टंग प्रिंट भी अलग-अलग होता है ये दोनों फैक्ट तो आप जानते ही होंगे पर मेन फैक्ट यह है कि सबका वॉइस प्रिंट भी यूनिक होता है वॉइस प्रिंट ई का है भाई वॉइस प्रिंट यूनिक होता है इसका मतलब क्या क्या क्या है कि इस दुनिया में हर किसी का आवाज अलग-अलग होता है दो इंसान का आवाज सिमिलर हो सकता है बट एट अ टेक्निकल लेवल उनका पिच हमेशा एक दूसरे से अलग होता है बट एट अ टेक्निकल लेवल उनका पिच और बहुत सारी टेक्निकल चीजें अलग-अलग होती है इस दुनिया में किसी भी दो इंसान का आवाज सेम नहीं हो सकता है इट्स इंपॉसिबल दो इंसान की आवाज 99 पर सेम हो सकती है पर 100% सेम नहीं हो सकती है ऐसा इसलिए क्योंकि सबका वोकल कॉर्ड का साइज अलग-अलग होता है सबका थ्रो का साइज अलग-अलग होता है सबका जो नाक से गले तक जो पाइप गया है कनेक्शन उसका साइज अलग-अलग होता है और इन तीनों के कॉमिनेशन से आवाज निकलता है और यह कॉमिनेशन सभी 800 करोड़ इंडिविजुअल लोगों में अलग-अलग होता है और यही कारण है कि सबका वॉइस प्रिंट अलग-अलग होता है यानी आपका जो आवाज है अपने आप को बोलो हेलो हेलो हेलो वैसा आवाज दुनिया में किसी का नहीं है या फिर मेरा जो आवाज है ऐसा आवाज दुनिया में किसी का नहीं है फैक्ट नंबर सिक्स विल विट शिया मिरेबल इस पेड़ का फोटो देखो एक बार इस सड़े हुए नाम वाले पेड़ को देख के अंडर एस्टीमेट कभी भी मत करना रेगिस्तान में ये पेड़ होता है और देखने में ये गरीब पड़ की तरह दिखता है सिर्फ चार-पांच ही पत्ते निकलते हैं और वो भी बड़े-बड़े पर ये पेड़ जो आप अपनी स्क्रीन पे देख रहे हो ये तब तक जिएगा जब आपका बेटा का बेटा का बेटे का बेटे का बेटे का बेटा का बेटा आ जाएगा क्योंकि ये पेड़ का जो उम्र है वो हज साल होता है ये इतने कम पानी वाले जगह प रहता है रेगिस्तान में लेकिन लाइफ देखो हजार साल मतलब इतना गरीब होते हुए भी इतना साल जीता है यह पेड़ गरीब इसलिए कहा क्योंकि पेड़ों का पैसा तो पानी ही है ना फैक्ट नंबर फाइव मान लो कोई अनफॉर्चूनेटली आंख नहीं है ऐसे लोगों को रियल लाइफ में ऑब्जर्व करने का आपको शायद ही मौका मिला होगा पर अगर आप ऐसे लोगों को ऑब्जर्व करोगे तो आप यह देखोगे कि ये ऐसे ऐसे करते हैं ऐसे आवाज निकालते हैं पर जिन का आंख नहीं होता है वो ऐसा क्यों करते हैं इसे कहते हैं इको लोकेशन वो ऐसे करके यह अंदाजा लगाते हैं कि नियरेस्ट चीज कितनी दूर है अब आप अगर आंखों को बंद करके ऐसे करोगे तो आप अंदाजा नहीं लगा पाओगे साउंड के रिफ्लेक्शन से कि नियरेस्ट ऑब्जेक्ट कितनी दूर है नॉर्मल इंसान नहीं लगा पाता पर जिनका विजन नहीं होता है वोह इसमें एक्सपर्ट होते हैं और आवाज से ही पता लगा लेते हैं कि नियरेस्ट चीज कितनी दूर है बिल्कुल एक बैट यानी चमगादड़ की तरह फैक्ट नंबर फोर एरोप्लेन के केसेस में आपने यह तो सुना ही होगा कि अगर अच्छी खासी एल्टीट्यूड में कोई चिड़िया का झुंड एरोप्लेन के इंजन के अंदर घुस गया तो इंजन में आग लग जाती है बर्ड्स एक्चुअली में बहुत बड़ा रिस्क माना जाता है एविएशन इंडस्ट्री में कई केसेस तो ऐसे हो चुके हैं कि एक चिड़िया के चलते इंजन में आग लग गई है इंजन में फुल फ्लशड फायर लग गया है तो बहुत लोगों के मन में यह आता है कि उसी इंजन के आगे जाली क्यों नहीं लगा देते ताकि बर्ड्स इंजन के अंदर जाए ही ना तो इसका कारण एक्चुअली में कूलिंग है देखो जाली या किसी भी तरह का प्रोटेक्शन लगाने से जो हवा जेट इंजन के अंदर जाती है उसकी क्वांटिटी में ऑलमोस्ट हाफ का रिडक्शन हो जाता है और हवा का जरा सा भी कम होना इंजन को पसंद नहीं क्योंकि इंजन तुरंत ही ओवरहीट हो जाता है ये दानव प्लेन जो कि हर सेकंड 4 लीटर डीजल सुखा देते हैं इनके इंजन का फैन 10000 राउंड्स पर मिनट की स्पीड से रोटेट करता है इसमें जरा भी हवा कम गई और कूलिंग कम हुई तो इंजन में आग लग सकती है इसलिए एक सिंपल सा जाली वाला कांसेप्ट आज तक एयरप्लेंस में नहीं लगाया गया और नो मैटर कितने भी बर्ड एक्सीडेंट्स हुए हो आज के समय में भी आपने यही देखा होगा कि एरोप्लेन के इंजंस नंगे ही होते हैं फैक्ट नंबर थ्री आपको तो पता ही होगा कि एरोप्लेंस को आसमान में उड़ने के लिए और आसमान से नीचे जमीन पे आने के लिए एक बड़ा सा जगह चाहिए होता है जिसे कि रनवे कहते हैं और हेलीकॉप्टर तो पद्दू सा होता है वो तो कहीं भी उतर जाएगा कहीं से भी टेक ऑफ कर लेगा पर इसी वर्ल्ड में एक तीसरा कैटेगरी भी होता है और उसे कहते हैं वीटीओ एल एयरक्राफ्ट यानी वर्टिकल लैंडिंग एंड टेक ऑफ एयरक्राफ्ट और ये ऐसे लंबे एयरप्लेंस होते हैं जो कि लिटरली वर्टिकली टेक ऑफ कर सकते हैं बिना किसी ब्लेड के यानी प्लेंस दैट कैन टेक ऑफ लाइक हेलीकॉप्टर्स वीटीओ एल वर्टिकल लैंडिंग एंड टेक ऑफ एयरक्राफ्ट फैक्ट नंबर टू हमारी धरती जो कि सोलर सिस्टम में सूरज का चक्कर लगा रही है इसके आसपास हजारों एस्टेरॉइड्स और कोमेट्स हैं पर धरती में गॉड ने सिक्योरिटी सिस्टम बिल्ड इन बना कर दिया है पहले से ही जैसे ओजोन लेयर है मैग्नेटिक लेयर है प्लाज्मा लेयर है और भी कई तरह के लेयर्स हैं इससे तो धरती प्रोटेक्ट हो गई ठीक है पर पूरे सोलर सिस्टम का क्या इस पूरे यूनिवर्स के साइज के कंपैरिजन में सोलर सिस्टम एक चींटी के बराबर भी नहीं है ये जो पूरा एरिया है जहां पे सूरज है धरती है और बाकी ग्रह मौजूद है इस एरिया में बाहर से कोई फॉरेन ऑब्जेक्ट आ जाए इसका भी रिस्क होता है तो देखो हम जैसे धरती को जूम आउट करते हैं जूम आउट किए धरती से निकले तो सोलर सिस्टम दिखता है और इसको और जूम आउट करते हैं तो यहीं पे बस यहीं पे यहां पे एक लेयर होता है और ये लेयर मानो एक असली सुपर हीरो है ये एक बबल की तरह है जो कि सोलर सिस्टम को यानी हमारे पूरे सौरमंडल को प्रोटेक्टेड रखता है सोलर सिस्टम के बाहर से जो कॉस्मिक रेडिएशन आता है गामा रेडिएशन आता है या कोई भी ऐसी चीज जो कि सोलर सिस्टम को बीच से चीर सकती है उससे हमें ये लेयर ये बबल बचाता है ये लिटरली एक बबल के शेप में एजिस्ट करता है और 90 पर लोग इस बबल प्रोटेक्टर के बारे में अवेयर नहीं है इसे हीलियो स्फेयर कहते हैं जनी ये है फाइनल बॉस जो हम सबको बचाता है अनंत स्पेस के डेंजर्स से नहीं तो अभी रियल टाइम में कितने सुपरनोवास एक्चुअली में हो रहे हैं तारे फट रहे हैं गामा रेडिएशन आ रहा है लेकिन फिर भी हम शांत है कुछ भी नहीं हो रहा है ये इसी बबल का कमाल है स्पेस के बारे में ऐसे और भी होश उड़ा देने वाली बातें हैं सोलर सिस्टम के लास्ट दो प्लेनेट नेप्चून और यूरेनस में डायमंड रेन होता है यानी वहां ऐसी सिचुएशन है कि वहां पर डायमंड्स 2400 घंटे बरसते रहते हैं यानी अगर किसी ने ऐसी टेक्नोलॉजी निकाल ली जिससे वो नेप्चून और यूरेनस के डायमंड को वापस धरती पे ला पाया तो ऑफकोर्स वो धरती का सबसे बड़ा डायमंड व्यापारी बन जाएगा विथ नेट वर्थ ऑफ ट्रिलियंस ऑफ डॉलर्स अब सोलर सिस्टम और साइंस की डीप बातें हो रही है तो यहां पर मैं आपको और एक सुपर अमेजिंग साइंटिफिक फैक्ट बताना चाहता हूं जो कि है डिज्नी के बारे में एम्यूजमेंट पार्क्स और 4 साल के छोटे बच्चों के मसीहा डिजनी के बारे में जो ये मिकी माउस वाला डिजनी कंपनी है ना यह सिर्फ एनिमेटेड फिल्म्स ही नहीं बनाता बल्कि इसका एक ह्यूज लैब रिसर्च नेटवर्क भी है जिसमें कि हिडन साइंटिफिक रिसर्चेबल पब्लिक को नहीं पता होती है और इनके रिसर्च लैब चेन का नाम है डिज्नी रिसर्च नेटवर्क अब आप पूछोगे कि सबसे अमेजिंग काम जो कि इस नेटवर्क ने किया है वो क्या है बताओ तो आप यकीन नहीं करोगे ये एक्चुअली में एक ऐसा लैब बनाने में कामयाब रहे हैं जिसके अंदर मात्र जाने से ही आपके हाथ का फोन चार्ज होने लगेगा ये ग्रेट इन्वेंशन है जो कि डिजनी ने अचीव किया है इमेजिन करो आप एक रूम में वॉक इन किए और आपका फोन जस्ट चार्ज होने लगा एक ऐसा रूम जिसमें लिटरली एंड आई रियली मीन लिटरली इलेक्ट्रिसिटी हवा में ट्रेवल करती हो यूनिवर्सिटी ऑफ टोक्यो में यह 100 स्क्वायर फीट का रूम है इस रूम के बीच में एक कॉपर पोल मौजूद है और उसके अंदर बहुत सारे कैपेसिटर्स लगे हुए हैं और वही कॉपर पूरे रूम को इलेक्ट्रिफाई कर देता है ये एक ऐसा रूम है जिसमें 300 अलग-अलग स्मार्टफोंस साइमल पेनियस चार्ज हो सकते हैं जो लोग थोड़ा डीप जाते हैं वो इस टेक्नोलॉजी का नाम भी जानना चाहते होंगे इसका नाम है क्यू एससीआर यानी क्वाजी स्टैटिक कैविटी रेजोनेंस अब ये सुनके बहुत सारे व्यूवर्स डाउट में होंगे कि इतनी अमेजिंग टेक्नोलॉजी होने के बावजूद भी ऐसा कांसेप्ट पूरे दुनिया में फैल क्यों नहीं पाया ये ट्रूली वायरलेस चार्जिंग वाला टेक्नोलॉजी मतलब इस टेक्नोलॉजी को तो पूरे विश्व में वायरस की तरफ फैल जाना चाहिए था अब तक लेकिन हुआ नहीं क्योंकि यहां बात आती है सेफ्टी की आपकी बात आती है यहां पे ऐसे स्ट्रांग मैग्नेटिक फील्ड्स में इंसानी शरीर पे लॉन्ग टर्म में क्या इफेक्ट होगा इसको कोई भी नहीं जानता इसलिए अभी लॉन्ग टर्म इफेक्ट्स की स्टडी की जा रही है कि ऐसे रूम्स में जाने से और अगर लोगों की आदत हो गई ऐसे रूम्स में रहने की जिसमें वोह 2400 घंटे फोन चला सकते हैं बिना हिले तो ऐसे टेक्नोलॉजी से ब्रेन और हार्ट में क्या इफेक्ट होगा देखो किसी भी टेक्न नोलॉजी को हम ऐसे ही यूज नहीं कर सकते जब तक उसके ऊपर मेजर रिसर्चेद तरीके से अपना वर्क करती है और यह कंपनी इतनी ह्यूज है कि इसके बारे में आप सोच भी नहीं सकते हो पिक्सर एनिमेशन स्टूडियोज को डिजनी ऑन करता है मार्वल एंटरटेनमेंट को डिजनी ओऑन करता है 20th सेंचुरी स्टूडियोज जो कि आपने कितने मूवीज के इंट्रो में देखा होगा ये भी डिजनी का स्पोर्ट्स ब्रांड ईपीए भी डिजनी का है स्ट्रीमिंग सर्विस लू डिजनी का है नेशनल जियोग्राफिक चैनल जो कि अपने हाई क्वालिटी डॉक्यूमेंट्री के लिए जाना जाता है उसे भी डिजनी ही ओन करता है यानी बिल्कुल ब्लैक रॉक की ही तरह डिजनी एक गैलेक्टिक कंपनी है गैलेक्टिक यानी यह थोड़ा एक गैलेक्सी के साइज को फील कराने के लिए इस वर्ड का यूज किया जाता है गैलेक्टिक फैक्ट नंबर वन ऐसा आखिर क्यों कहा जाता है कि नॉर्थ की तरफ सर करके सोने से इंसान मृत्यु की तरफ आगे बढ़ता है इसे शैतान का दिशा भी क्यों कहा जाता है ऐसा क्यों कहा जाता है कि नेगेटिव एनर्जीजर्स की तरफ सर करके सोने से और ऐसा मत मानना कि ये सिर्फ इंडिया में ही माना जाता है ना ना ना सिर्फ इंडिया में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में ये नॉर्थ का कांसेप्ट फेमस है देखो इसका उत्तर ये है कि हम सबके पूर्वजों को इस बात का अंदाजा था कि धरती के आसपास अपना एक मैग्नेटिक फील्ड है और पूरी धरती एक मैग्नेट की तरह है यानी मैग्नेट की तरह धरती का भी नॉर्थ और साउथ साइड है ये सब तो ठीक है लेकिन नॉर्थ की तरफ सोने से क्या प्रॉब्लम है तो अकॉर्डिंग टू थ्योरी क्योंकि आपके शरीर में भी एक मैग्नेटिक फील्ड है और क्योंकि आपका शरीर भी एक मैग्नेट की तरह है मैं बैठा हूं यहां पे मेरे शरीर का भी नॉर्थ और साउथ है क्योंकि शरीर के आसपास भी मैग्नेटिक फील्ड होता है इसलिए अगर मैं खुद एक मैग्नेट हूं एट अ बेसिक लेवल और मैं इस पे सो रहा हूं यानी धरती पे जो कि खुद एक मैग्नेट है तो मेरा सर भी नॉर्थ साइड तो मेरा सर भी नॉर्थ साइड और धरती का भी नॉर्थ साइड तो जब दो नॉर्थ को पासपास लाते हैं तो क्या होता है रिपल्शन यानी वो दूर जाने लगते हैं तो इस रिपल्शन से आपके शरीर के अंदर का जो खून है वो सर के एरिया से हट के पैर के एरिया पे आने लगता है और यही चीज बॉडी के लिए अच्छी नहीं होती और यही बात पुरानी सभ्यताओं में हजारों साल से चर्चित है पर सवाल यह है कि क्या ये सच है रियली में क्या सही में दिमाग से खून हटकर पैर की तरफ जाने ने लगता है देखो विज्ञान यानी साइंस तो यह कहता है कि अभी तक कोई भी रिसर्च में यह साबित नहीं हुआ है प्रूव नहीं हुआ है कि किसी भी तरफ सोने से एक्चुअल में कोई नकारात्मक प्रभाव है यानी यह सिर्फ एक अंधविश्वास है यानी ये लॉजिक तो बड़ा सही है पर इसमें कोई सच्चाई नहीं है और सच्चाई कैसे नहीं है साइंस क्यों ऐसा बोल रहा है ये भी समझ लो क्या है कि मैग्नेटिक स्ट्रेंथ यानी किसी भी मैग्नेट का पावर कितना है ये माइक्रोटेस्ला में मापा जाता है अब सुनो धरती का जो मैग मैगनेटिक स्ट्रेंथ है वो है 65 माइक्रोटेस्ला जो कि बहुत कम है यानी धरती का मैग्नेटिक फील्ड है लेकिन वो बहुत छोटे लेवल पे एजिस्ट करता है कंपैरिजन के लिए आपको बता दूं अगर आप मार्केट से कोई चुंबक खरीद के लाओगे तो वही 1000 माइक्रोटेस्ला का आपको मिल जाएगा और आपके फ्रिज के पीछे जो चुंबक लगा हुआ है वही 5000 माइक्रो टेस्ला का होता है इतना बड़ा और आपका शरीर का जो मैग्नेटिक पावर है वो 0.
1 माइक्रोटेस्ला है अब समझो आपके शरीर का नेटिक स्ट्रेंथ 0. 1 माइक्रोटेस्ला एक माइक्रोटेस्ला का 10 हिस्सा कर दो उसमें एक इस पूरे धरती का 65 माइक्रोटेस्ला और मार्केट वाले छोटे से चुंबक का हजार माइक्रोटेस्ला यानी आपके शरीर का और धरती का जो मैग्नेटिक स्ट्रेंथ है वो ना के बराबर है और इतना है ही नहीं कि आपका शरीर और धरती इंटरेक्ट करें 0.