bismillahirrahmanirahim अस्सलाम वालेकुम उर्दू कहानी सेंटर में khushamdid आज के इस वीडियो में मैं आपको एक मासूम लड़की के ऊपर पीती दुख परे सच्ची कहानी सुनने जा रही हूं लेकिन कहानी सुनने से पहले नए आने वालों से गुजारिश है की उर्दू कहानी सेंटर को सब्सक्राइब कीजिए और हमारी वीडियो सबसे पहले देखने के लिए बेल आइकन को क्लिक कीजिए चलिए शुरू करते हैं कहानी यह मेरी मैन की दूसरी शादी थी मगर मेरे नए अब्बा की पहली शादी थी वो तो जैसे पटाखा जश्न मनाने ए रहा था हर तरफ shadiyane बज रहे द बाराती रंग पारंग libason में
मल बोस khushkhabariyon में मसरूफ द मैं एक तरफ तने तन्हा बैठे यह सोच रही थी की आखिर मेरा क्या करना बनता है मुझे इस शादी की खुशी माननी चाहिए या कम मेरी मैन बाकी wafaat पर उसे दिन ही रोई थी जिस दिन उसकी मैयत सहन में पड़ी थी फिर तुझे से हालत मामूल पर ए गए जो लगता रहा था जैसे कुछ हुआ ही ना हो मेरी मैन को बाकी wafaat का इतना गम था या नहीं जितना उसे घर के halatka था अभी एक साल मुश्किल से ही निकाला था की उसने शादी रचा ली शादी पर
नए नवेली dulhanon की तरह मेहंदी में शराब और वह मुझसे भी काफल हो गई थी अब तो मुझे लग रहा था उसे शादी से ज्यादा अब्बा से जान छूटने की खुशी thirurbat में मोहब्बत कम ही बनाती है मेरी मैन शुरू से ही अब्बा को पसंद नहीं करती थी आई रोज jhagade मामूल का कम था मुझे भी इस सबकी आदत हो गई थी अब बाकी गैर मौजूदगी में अमजद नाम का एक शख्स आया करता था जो अपने आप को मैन का रिश्तेदार बताता था मुझे भी आता मेरे लिए dheron खाने की chijen लता था मे उसकी
दिल ट्रस्ट भी थी मगर मैं शायद उसके लिए खिलौना थी मुझे मैन की गैर मौजूदगी में गोद में बिठाकर tofiyan खिलाता रहता था के मरने के बाद उसके आने-जाने की rukavaten खत्म हो गई मैन की जैसे दिल्ली ख्वाहिश पुरी हो गई मैन ने उसी शख्स से शादी रचा ले शादी के एक हफ्ते तक हम लोग इसी टूटे मकान में रहे जिससे अब आप ने जन्नत बताया करते द फिर अमजद ने किसी से बात करके मेरा अब्बा के जन्नत बेच दी और घर आकर बताया की हम लोग कराची जा रहे हैं पहले पहल तो मुझे लगता
था जैसे मैन ने दुरुस्त फैसला लिया है हर रोज ने इतने खाने मिलते जो मैंने आज तक नहीं देखे होंगे मुझे लगता मैं पुराने बोसिडा घर की जन्नत छोड़कर बड़े घर की जन्नत में ए गई हूं अब सोचती हूं इंसान कितना बेवकूफ है जन्नत को देखे बिना अपनी जन्नत बना लेने का दवा करता है यह जन्नत ज्यादा देर तक जन्नत नहीं रही थी हर रोज मैंने अमजद को आधी रात को नशे में धुत आते हुए देखा और फिर यह मामूल बन गया वह हर रोज नशा किया था मैन और मेरे सौतेले भाई के दरमियां लड़ाई
शुरू हो जाती मैं सहकार कमरे में जा chhupti आहिस्ता-आहिस्ता मैन के भी हवस खाता रहने लगे अम्मा के होंठ काले पड़ते जा रहे द आंखों में पीलापन माया हो रहा था यह हकीकत मुझमें पर बहुत बाद में खुली थी की उसने अम्मा को भी नशे पर लगा दिया था अम्मा कई बार नशे में इतना दुख होती की उसे पता भी ना चलता की इस घर में कोई बेटे भी रहती है और दोनों का मकसद सिर्फ नशा पूरा करना था आहिस्ता-आहिस्ता मेरे सौतेली बाप ने नशे को ही उड़ना bichhuna बना लिया उसने कम करना छोड़ दिया
बल्कि यह कहना दुरुस्त होगा की उसे नशाई से अब कम होता ही नहीं था अब मसाला उसका नशा पूरा करने का था इसलिए अब वह अक्सर कुछ एन कुछ चोरी करके लिया था मेरी मैन को भी etaraz नहीं था क्योंकि उसका भी नशा पूरा हो रहा था एक दिन मैंने अपने बाप को अपनी मैन से बात करते हुए सुना की रुखसाना को किसी घर कम पर रखवा देते हैं इस तरह से हमें हर महीने पैसे मिलते रहेंगे मुझे लगा मेरी मैन इनकार कर देगी क्योंकि मुझे लगा वह मुझे खुद से दूर नहीं bhejegi मगर ये
सब तो मेरी khamkhayali थी नशे में कौन सी बेटी और कौन सी मैन वो तो जैसे इसे इंतजार में थी झट से मैन गई मैंने मैन की मिन्नत की की मैं तुझसे दूर नहीं जाना चाहती मेरी मैन ने मुझे यह का कर समझाया की मैं महीने बाद तुझसे मिलने आती रहूंगी मेरी मैन ने मुझे ये भी लालच दिया की वहां तुझे नए कपड़े और खाने को बहुत कुछ मिलेगा जवानी मुझमें पर दस्तक दे चुकी थी मगर अभी मेरी उम्र कच्चे ही थी मैं मैन की बातों में ए गई खुशी खुशी द मैंने फिर से अब्बा
की हान में हान मिलती बस के आते ही हम दोनों बस में सवार हो गए अब्बा तो थोड़ी ही देर के बाद सो गया था मगर मैं सारा रास्ता यही सोचती रही की मुझे खाने को dheron जी से मिलेगी मतलब भूखा नहीं रहना होगा तो यही काफी होगा जैसे ही हम दूसरे शहर पहुंचे मुझे वहां एक बड़े घर में ले जया गया मेरी जिंदगी में पहली बार ऐसा घर देखा था वे हैरान होकर देखती रही सुरती रही की इतने बड़े घर में लोग भी इतने सारे रहते होंगे हिलाया और अंदर आने का कहा मैं अब्बा
के पीछे-पीछे चल पड़ी और अंदर दाखिल होते ही डांग रह गई एक तरफ पानी में रंग बिरंगी machhliyan टर रही थी मैं भाग कर machhliyon के पास चली गई रानी से inhen देखने लगी पीछे से किसी ने मुझे आवाज़ दी क्या तुम्हें यह पसंद है मैंने हमेशा हिला दिया वह मुझे बनाकर सोफे पर लेकर और कहा तुम यहां जो चीज पसंद है वह ले लेना मैं इतनी खुश हुई की मैन की जुदाई कभी ख्याल ना रहा थोड़ी देर के बाद अब बाय कमरे से निकलकर आया उसके हाथ में ढेर सारे पैसे द वह मेरे पास
आया और कहां तुम इनकी हर बात मैन और इनकार ना करना मैं और तुम्हारी मैन हर महीने बाद तुमसे मिलने आएंगे मैंने हमेशा हिलाया अब्बा वहां से चला गया मैं यहां आकर बहुत खुश थी अपनी मर्जी से खाती पीती और खेल थी अब तक मुझसे इन्होंने कोई कम नहीं करवाया था मुझे इतना प्यारा कमरा और खाने को छू cheesen मिलती की मैं अपने आप को बड़ा खुशकिस्मत समझने लगी दो माह तक मुझे अम्मा की याद नहीं आई फिर एक दिन मैं इस घर की मालकिन जिसे सब आंटी कहते द उसके पास गई और कहा मुझे
मैन के पास जाना है तब तो आंटी ने मुझे यह का कर भेज दिया की तेरी मैन से मिलवा देंगे एक लड़की ने मुझे चुपके से बताया की तुम्हारा अब्बा तुम्हें यहां बेच गया है मैं कोई समान हूं मुझे लगता को झूठ बोल रही है मैं फिर भी इसी आस पर रही के आंटी मुझे मेरी अम्मा से मिलवा देगी मस्जिद तो वहां कर सा गुजर क्या नहीं अम्मा मैं जब भी अम्मा से मिलने का का दे वो आंटी कोई ना कोई बहाना करके मुझे वापस भेज दे दी एक दिन में आंटी के पास बैठकर मुझे
आवाज़ में रोना शुरू हो गई तब तो जैसे उसे आंटी का असल रूप सामने आना शुरू हो गया उसने एक तो बार तो मुझे चुप करने का कहा जब मैंने मैन से मिलने की रात लगाई राखी तो उसने दो हट्टे-कट्टे मुलसी मु को awaazen और कहा इसे यहां से लेकर जाओ अगर चुप ना करें तो इसकी हड्डियां तोड़ देना मैं खौफ के मारे चुप कर गई वे कमरे में बैठकर सोचती रही क्या फिर मेरा क्या कसूर था मैंने तो कभी अम्मा को तंग नहीं किया था ना कभी उससे कोई चीज मांगी थी जो ने मुझे
यहां इनके पास भेज दिया आहिस्ता-आहिस्ता मुझे इस कमरे में ले जया जाने लगा जहां से अक्सर तबले की आवाज़ आती मुझे डांस सिखाया जा रहा था इस कम पर एक ख्वाजा सारा मोईन था इसने मेरी खूबसूरती देखकर आंटी को खबर देकर आपके हाथ तो नगीना लग गया है 13 साल तक मैं एक mukmmal डांसर बन गई थी हर रोज महफिले होते वे हर महफिल में परफॉर्म करती क्योंकि आंटी के ख्याल में मैं खूबसूरत भी थी मुझे डांस करना भी खूब आता था मेरे डांस के बदले आंटी हजारों रुपए कमेटी मेरे दिन और रात ऐसे ही
गुजरने लगे मैंने भी इसी पर समझौता कर लिया दोबारा कभी अम्मा से मिलने की ख्वाहिश नहीं की एक दिन आंटी मुझे डांस करवाने के लिए कहीं लेकर गए वहां के मेरा डांस देखकर आंटी को मोम की रकम देकर मुझे आंटी से खरीद लिया एक बार फिर मैं भेद बकरियों की तरह बिक गई जीवन ने मुझे अमीरों के तौर तरीके से खाना शुरू कर दिए कांता ऐसे पकड़ना है खाना खाकर टिशु ऐसे इस्तेमाल करना है परफ्यूम कैसे छिड़कना है गाड़ी में कैसे बैठना उतरना है जीवन का इरादा मुझे दुबई ले जाने का था उसे लगता था
की वो मुझे मॉडल बना कर सदा पैसा kamaega मॉडल की उसने मुझे इतनी तारीफें सुनाई की मुझे मॉडल लगना एक ख्वाब महसूस हुआ मैं टीवी पर आने के ख्वाब देखने लगी मेरा नाम रुखसाना से बदलकर राणा रख दिया इसी नाम का पासपोर्ट बना अब मेरा ना फैलाने लगी कभी-कभी तो जीवन मुझे आंटी की तरह ही लगता मुझे लगता है यह मेरे अच्छे दम लेकर मुझे कहीं और बेच देगा मगर ऐसा नहीं हुआ मैं जहाज में पहली बार दुबई जाने के लिए बैठी थी जहाज का सफर चावे ने कभी सोचा भी नहीं था दुबई pahunchkar अंदाजा
हुआ रखे और ऊंची बिल्डिंग्स फिर उसी दिन से जीवन ने मुझे modeling की दुनिया में एक अलग ही रेस में शामिल कर दिया था मुझे बड़े-बड़े raeeson से milvaya जाता वो कहता था की तुम अपने हुस्न को जितना क़यामत फेस बनाओ की उतने ही तुम ऐश करो की उन लोग तुम्हारे दीवाने होंगे फिर तुम्हें मामूली कम नहीं करना पड़ेंगे जीवन कहता था की पैसा मिलकर खाएंगे शरद और ताकत तुम रख लेना तभी शायद जीवन को मेरे हुस्न में कोई दिलचस्पी नहीं थी बल्कि मेरी कमाई में दिलचस्पी थी उसने अभी तक मेरे साथ किसी किस्म की
badtamiji नहीं की थी दुबई के मुख्तलिफ शोस में परफॉर्म करते-करते मेरा शुमार टॉप मॉडल में होने लगा मॉडल बनने के लिए मुझे क्या-क्या कुर्बानियां देना पड़ी यह तो एक लंबी कहानी है बहरहाल मुझमें पर पैसे की बरसात होने लगी जीवन ने मुझमें पर खूब मेहनत की थी मेरी जिंदगी में आने वाले मर्दों में जीवन वह पहला शख्स था जिस पर मैं भरोसा करती थी इस भरोसे को मोहब्बत का नाम दिया जा सकता था या नहीं यह एक सवाल या निशान था लेकिन कभी-कभी मुझे जीवन के ravagi और निगाहों से लगता जैसे वो मुझसे मोहब्बत करता
है मगर इस बात की तस्दीक करने की मुझमें में हिम्मत नहीं थी आखिर को मेथी ही कौन अब मुझे बहुत सारे इश्तिहार रात की एजेंसी ने एप्रोच करना शुरू कर दिया इन्हीं दिनों मेरा कैरियर पिक पर था की जीवन ने मुझसे अचानक ही शादी की ख्वाहिश का इजहार कर दिया मैं तो पहले ही रजामंद थी इसलिए सोचने समझने का सवाल ही नहीं था मैंने बिना नखरे दिखाए हान का दी मेरा और जीवन का निकाह हो गया मेरा कसा होते हुए भी इज्जत से उसके घर वाले बन गए मैं बेहद खुश थी जीवन एक अच्छा इंसान
होने के साथ साथ एक अच्छा शहर भी साबित हो रहा था हमारा जोड़ा फिल्मी जोड़ा था तन्हा फ्लैट में रहना रोज डिनर बहिर करना गाड़ी में घूमना फिरना शॉपिंग करना है और रोज नए-नए पैसा कामना जिंदगी यूं ही चल रही थी की एक दिन अचानक मेरे सौतेले से रोते हुए उसने मैन की बुरी हालत और खराब तबियत का जो नक्शा खींचा उसके बाद किसी कभी दिल नल पद सकता है मुझे तो फकत अपने सौतेले बाप से नफरत थी मैन ने मुझे बेचने की हामी नशे में भारी थी मुझे बहरहाल यही लगता था सारी बात सुनकर
मैं अजीब बेकरार हो गई मैंने जीवन से मशवरा किया उसने भी सारी बात मुझमें पर दल दी की अगर तुम अपनी मैन से मिलना चाहती हो तो चली जाओ मेरा फैसला तो साहिर है की हान मैं था मगर मसाला यह था की मेरे दो प्रोजेक्ट्स चल रहे द मैंने फैसला कर लिया की मैं जाऊं की तो जरूर मगर यह दो प्रोजेक्ट्स मुकम्मल करने के बाद अगले मर्द पर है आखिरी सांस से ले रही है वह तुमसे मिलना चाहती है और तुमसे माफी मांगना चाहती है जितनी जल्दी हो सके तुम यहां ए जाओ मुझे चारों nachaaar
अपना कम दरमियां में छोड़ना पड़ा जीवन मुझे एयरपोर्ट तक छोड़ने आया और मैं पाकिस्तान ए गई जैसे ही मैं पाकिस्तान पहुंचे मेरा सौतेला बाप मुझे एयरपोर्ट पर लेने आया हुआ था वहां से टैक्सी में बैठकर हम लोग घर पहुंचे सारा रास्ता में खामोश रही वो भी कुछ नहीं बोला मुझे लगा शर्मिंदगी की वजह से खामोश है अपने घर पहुंच नहीं बचपन निकल कर सामने ए गया मेरी सारी मजबूती और सख्ती हवा हो गई मेरा दिल मचलने लगा की दरवाजा खुले हुए अम्मा से लेकर जाऊं मगर घर में दाखिल होते ही घर में महसूस हुआ की
अजीब mukmmal सन्नाटा है मैंने पहली बार अब्बा से मुखातिब होकर कहा अम्मा कहां है मुझे अम्मा से milvao अब वह कहने लगा अभी थोड़ी देर सांस ले लो फिर मिल लेना तुम्हारे पीने को कुछ लता हूं थोड़ी देर के बाद वह जो उसका गिलास लेकर ए गया मैंने ना चाहते हुए भी वो क्लास पकड़ कर अम्मा से मिलने की जल्दी में हालत में उदा लिया मगर जैसे ही vajus अंदर क्या मेरा तो सर घूमने लगा जब मुझे होश आया मैंने खुद को एक छोटे से पुराने कमरे में बंधा हुआ पाया मुंह पर एक मोती सी
पट्टी बंधी थी ताकि मैं बोलना सकूं मैं थोड़ी देर तक यह सोचते रही की मैं आखिर कहां हूं मेरे साथ हुआ क्या है अभी मैं इस नतीजे पर पहुंची नहीं थी की मेरा बाप अंदर ए गया आते ही वह मेरे सामने धमाका नाम इनके शफ करते हुए बोला तेरी मैन तो कब की मच चुकी है मैंने तुझे टीवी पर देखा तू तो काफी अमीर है मैंने सोचा ना तो मुझे पैसे bhejegi ना मेरे बुलाने पर आएगी इसीलिए तेरी मैन की बीमारी का बहाना करके तुझे बुलाना पड़ा मैंने उसकी अगली बातें शायद सुनी ही नहीं थी
मेरी मैन मार गई थी मैं फूट-फूट कर लेकिन मेरे आंसू मुंह पर बंधी हुई पट्टी में जब होने लगे कुछ देर के बाद जब मैं सम्मी तो पहली सोच जो दिमाग में आई हुई थी की अब ये मेरे साथ क्या करेगा क्योंकि उसे घटिया और भेड़िया नुमा शक से किसी अच्छे रवैया की उम्मीद नहीं थी वो ये इनके शफ करके वहां से जा चुका था आधी रात को वो वापस आया और आते हुए दो थाली में खाना ले आया मेरी भूख तो मार चुकी थी इसलिए मैंने खाने को हाथ नहीं लगाया हान अल्पता मैंने पानी
के दो खून भर लिए द घुट भरने की देर थी की मैं फिर से chakrakar बेहोश हो गई उसने मेरा मोबाइल मुझसे ले लिया जब जब जीवन कॉल करता वह कोई ना कोई बहाना बना देता था अगली रोज भी मैंने खाना खाने से इनकार कर दिया पानी मैंने नहीं पिया वह मुझे बेहोश रखने के लिए जबरदस्ती नशे के इंजेक्शन लगाना शुरू हो गया मुझे यहां बुलाया मेरी तस्वीर जीवन को bhejkar मेरी बीमारी का बहाना करके उसे इलाज के खातिर पैसे mangvata रहा एक mahatvpurn यही खेल खेलता रहा जीवन को भी सारा शोभा नहीं हुआ इसे
लग रहा था की पानी की तब्दीली की वजह से मैं बीमार हो गई हूं मैंने अपने बाप की मिन्नत से मदद की की तुम मुझे छोड़ दो तुम जितने पैसे मांगोगे मैं तुम्हें दे दूंगी मगर उसने मेरी बात का एतबार नहीं किया और मेरा पासपोर्ट भी फाड़ दिया की कहीं मैं दोबारा भगाना फिर एक दिन अचानक खाना देने के लिए उसने मेरे हाथ खोले उसे वक्त शायद वो खुद नशे में था उसे मेरे हाथ बांधने का याद नहीं रहा कुछ ऐसे ही घर से बाहर गया मुझे और इंसान नज़र नहीं ए गए मुझे अंदाजा था
की वह जब होश में आएगा तो उसे याद ए जाएगा की उसने मेरे हाथ नहीं बंधे द फिर वो मुझे कमरे में ना पाकर पागलों की तरह dhundhega तभी मैं चलते-चलते बड़ी सड़क पर ए गई मेरे पास ना तो पैसे द ना जीवन का फोन नंबर फोन नंबर होता तो जीवन से रपटा करके उसे सारी सूरते हाल से आगाह कर देती मैंने इनविजि में जाने का सोचा की शायद इस तरह मेरी कुछ मदद हो जाए और मैं अपने शहर तक पहुंच जाऊं मैंने एक दो लोगों से मदद लेना चाहे मगर कोई भी मेरी मदद को
तैयार नहीं था फिर मैंने एक लम्हे को सोचा पुलिस स्टेशन चली जाती हूं अगर हमारी पुलिस जिस तरह की है मुझे लगा मैं ज्यादा फैंस जाऊंगी अगर मेरा बाप मुझे ढूंढता हुआ वापस ए रहा था तो पुलिस पैसा खा कर उसी की बात मानती और वह मुझे अपने साथ ले जाता मैं अपनी कोशिश तरफ नहीं कर रही थी एक टैक्सी वाले से मिलने किसी एन किसी तरह में एंबेसी पहुंच गई वहां जाकर मैंने जीवन का पता बता कर उसे राब्ता करवाने का कहा इन्होंने मेरा रब दा जीवन से करवा दिया मैंने अपने शहर को सारी
सूरते हाल से आगाह किया उसने सॉरी रकम bhejkar मेरी मदद की जब तक मेरा पासपोर्ट दोबारा नहीं बन गया उसे दिन तक मैं एक एंबेसी के ऑफिसर की पनाह में रही एक हफ्ते बाद में अपने शहर के पास दुबई में थी रिश्तों पर से रहस्य एतबार भी खत्म हो गया मैंने खुद को दोबारा से मशरूफ कर लिया मेरी और जीवन की जिंदगी मामूल पर ए गई 10 साल के बाद मुझे दोबारा पाकिस्तान से एक कॉल मसल हुई यह कल हॉस्पिटल वालों ने की थी इन्होंने बताया की एक बुरी तरह जख्मी मरीज यहां आया है उसका
ट्रक एक्सीडेंट हुआ है वह आखिरी सांसों पर है अपना नाम अमजद बताता है खुद को तुम्हारा बाप कहता है और तुमसे बात करना चाहता है क्योंकि वह तुमसे माफी मांगना चाहता है अगर आप लोगों को यह लगे की मुझे musabat सोच के तहत उससे बात कर लेनी चाहिए थी उसे भी माफ कर देना चाहिए था मगर उसने मेरे साथ जो उसे yadiyan की इसके अलावा मुझे यह भी हर ठीक है वो मेरी मैन का कातिल था मुझे एक लम्हा भी नहीं लगा फैसला लेने में मैंने फोन सुनते ही कहा की मैं अमजद को नहीं जानती
और जब मैं एक छोटी सी थी तब से मेरा बाप फाड़ हो गया था यह कोई पागल है आप इसकी असल औलाद को ढूंढे मेरा वक्त साया ना करें मेरे यह का कर फोन रख दिया फोन रखते ही मुझे लगा की अमजद आखिरकार अपने अंजाम को पहुंच गया मैन का बदला लेने का इससे बेहतरीन तरीका शायद मुझे कभी ना मिलता इस बारे में आप क्या कहते हैं क्या मुझे अपने बाप को माफ कर देना चाहिए था या फिर उसे भूल जाना चाहिए मुझे आपकी राय का इंतजार रहेगा अगर आपको हमारी कहानी अच्छी लगी है तो
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