एक भतीजा जिसने 28 साल तक अपने चाचा का कत्ल करने का सपना देखा एक भतीजा जिसने अपने चाचा को मारने के लिए पूरी प्लानिंग करी सालों तक एक-एक बात का ध्यान रखा कब वो आता है कैसे आता है कहां मारना है कत्ल कैसे करना है किस हथियार से कत्ल करना है यह सारी जानकारी सारी चीजें 28 साल तक वह बनाकर पूरी प्लानिंग तैयार करता रहा और मौका पाते ही उसने अपने चाचा को मौत की नींद सुला दिया ना सिर्फ चाचा का उसने कत्ल किया उसने अपनी चाची उनकी बच्चों को भी उसने नहीं बख्शा और कत्ल
के बाद महीनों तक वो छिपता रहा लेकिन आखिरकार अब वो कातिल भतीजा पुलिस की गिरफ्त में है आज मैं आपको बताऊंगा उस कातिल भतीजे की गिरफ्तारी की कहानी आज मैं आपको बताऊंगा किस तरीके से व पकड़ा गया और 28 साल पुराना वो ऐसा क्या केस था जिस वजह से वो अपने चाचा को मौत की नींद सुलाना चाहता था आज बात करेंगे उस कत्ल की कहानी के बारे में जिसने पूरे वाराणसी को दहला दिया था एक ऐसा कत्ल जिसमें भतीजे ने अपने चाचा को मारने की प्लानिंग के लिए एक एक एक बारीकी का ध्यान रखा फर्जी
आईडी कार्ड फर्जी सिम हथियार हर एक चीज का उसने ख्याल रखा और आखिरकार जब वो सारी चीजों में कामयाब हो गया उसने अपने चाचा को मौत की गहरी नींद सुला दिया आज इस केस की हर एक परत को आपके सामने खोल कर रखेंगे तो वीडियो को अंत तक जरूर देखिएगा क्योंकि इस केस के अंदर इतने टर्न है इतने ट्विस्ट हैं जिसे सुनने के बाद जानने के बाद आप भी हैरत में पड़ जाएंगे आज आपको एक कातिल भतीजे का कबूलनामा बताने जा रहे हैं नमस्कार मेरा नाम है मोहम्मद आसिम और आप आप देख रहे हैं क्राइम
तक वारसी में शराब कारोबारी के परिवार का दिल ला देने वाला हत्याकांड में पुलिस ने मास्टरमाइंड को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है तीन महीने से फरार चल रहा मुख्य आरोपी विशाल गुप्ता और विक्की बीएचयू के पास से पुलिस के हते चढ़ा विक्की पर वाराणसी पुलिस ने ₹1 लाख का इनाम घोषित किया था पुलिस पूछताछ में विक्की ने जो खुलासे किए उसने इस केस को और भी ज्यादा सनसनीखेज बना दिया विक्की के अनुसार यह खुन्नस वो 28 साल से अपने अंदर पाल रहा था जब वह छोटा था तब उसके चाचा राजेंद्र गुप्ता ने उसके माबाप की
हत्या कर दी थी बचपन से ही उसने बदला लेने का सपना देखा मगर तब वह बहुत कमजोर था 2022 में जब व वनसी आया तब प्रॉपर्टी विवाद के चलते चाचा ने उसे बेरहमी से पीटा और कई दिनों तक कमरे में बंद रखा तभी उसने ठान लिया था कि अब इंतजार नहीं करना चाचा को खत्म करना ही होगा और 5 नवंबर 2023 की दोपहर वारसी के भदौली इलाके में एक खौफनाक मंजर देखने को मिला शराब कारोबारी राजेंद्र गुप्ता का पूरा परिवार गोलियों से भून दिया गया 5 नवंबर 20224 की दुपहर वर्णसी के भदौली इलाके में खौफनाक
मंजर देखने को मिला शराब कारोबारी राजेंद्र गुप्ता का पूरा परिवार गोलियों से भू दिया गया मरने वालों में राजेंद्र की पत्नी नीतू गुप्ता दोनों बेटे नवेंद्र सुबद्र और बेटी गौरांग शामिल थे राजेंद्र खुद रोहनिया के मीरापुर रामपुर गांव में अपने नए मकान में सो रहा था जब विक्की ने उसे तीन गोलियां मारकर उसका भी कत्ल कर दिया पुलिस जांच में सामने आया है कि विक्की ने अपने इस खूनी प्लान को बड़े शाति दना तरीके से अंजाम दिया था इस शख्स के गिरफ्तार होने के बाद हमारे संवाददाता रोशन जैसवाल ने उससे बात करने की कोशिश करी
तो देखिए पुलिस की गिरफ्त में क्या कुछ हुआ के भदैनी इलाके में पांच हत्याओं को करने वाले मुख्य अभियुक्त विक्की और साथ ही साथ बताया जा रहा है उनके भाई जुगनू को गिरफ्तार कर लिया गया है इस समय विक्की हमारे साथ मौजूद है कोशिश करेंगे विक्की आप ही है क्या हुआ क्यों मारा आपने क्यों यह किया आप ही ने किया घटना किसने किया आप ही ने मारा ब जी उनके परिवार को क्या बताएंगे आप ही थे इसमें अकेले शामिल देख सकते हैं कि विक्की को पुलिस ले जा रही है अभी प्रेस कॉन्फ्रेंस में और फिलहाल
कुछ भी बोलने से वह मना कर रहे हैं और आखिर इस पीछ इसके पीछे क्या है पूरी घटना क्या है रहस्य विक्की सब कुछ जानते हैं लेकिन बक्की कुछ भी बताने को तैयार नहीं हो रहा है पुलिस जो अपनी थ्योरी होगी वो तो होगी ही लेकिन फिर से एक बार विक्की से जो पांच हत्याओं का मुख्य अभियुक्त है उससे पूछते हैं उससे जानने की कोशिश करते हैं कि आखिर हुआ क्या था विक्की तुम अकेले थे कि और भी कोई था क्यों चाचा ये अपने बड़े पिताजी का परिवार क्यों आपने मारा अब आपको बताऊं कि इसने
अपने चाचा को मारने के लिए किस तरीके से प्लानिंग करी तो इसने बिहार से पिस्टल खरीदी थी 2022 में ही इसने यानी कि विक्की ने अपने एक जानता के जरिए बिहार से दो देसी पिस्तौल को अंजाम देने का पूरा मन बना लिया तब वह दिल्ली जाया और फर्जी आईडी पर सिम कार्ड खरीद लिए ताकि पुलिस उसे ट्रेस ना कर सके फिर कत्ल के बाद भगोड़ा बनने की ट्रेनिंग मर्डर के बाद उसने अपने फोन को स्विच ऑफ कर दिया और भिकारी और साधु का भेस बदलकर अलग-अलग शहरों में घूमता रहा कभी कोलकाता कभी मुंबई तो कभी
झारखंड पुलिस शुरू से ही विक्की के पीछे लगी थी मगर वह हर बार किसी ना किसी तरीके से बच निकलता पुलिस से संपर्क नहीं करने के कारण पुलिस को लोकेशन ट्रेस करने में दिक्कत हो रही थी लेकिन पुलिस को शक उसके भाई प्रशांत पर था जो वाराणसी में ही था सर्विलांस टीम ने जब प्रशांत की गतिविधियों पर नजर रखा तो पता चला कि वो किसी ग फेक आईडी के जरिए विकी से संपर्क में था 6 फरवरी को आखिरकार विक्की वनसी लौटा और प्रशांत से मिलने बीएचयू के पास आया यहीं पर पुलिस ने दोनों भाइयों को
धर दबोचा पुलिस से पूछताछ में विकी ने कबूल किया है कि वह बचपन से ही इस पूरे हत्याकांड को अंजाम देना चाहता था बदले को अंजाम देने की वह सोच रहा था उसने कहा है कि मेरे मां-बाप को मारने वाले को मैं जिंदा नहीं छोड़ सकता था मुझे अफसोस नहीं है यह बदला था नय था हालांकि मोहित अग्रवाल है पुलिस कमिश्नर उन्होंने इस मामले पर क्या कहा है मोहित अग्रवाल ने एक बार आप सुनिए देखिए यह हत्याकांड जो पांच लोगों का हुआ था जिसमें पति-पत्नी उनके तीन बच्चे क्योंकि 4/5 की रात्रि नवंबर 20224 की रात्रि
में घटना का कांड हुआ था जो सीसीटीवी फुटेज उस समय मिली थी तो उससे यह स्थिति स्पष्ट हो गई थी कि इस घटना कांड को मृतक के भतीजे के द्वारा ही अंजाम दिया गया है लेकिन वह पिछले तीन महीने से पुलिस की कड़ी मेहनत के बाद भी गिरफ्तार नहीं हो पाया था कई राज्यों में हमारी टीमें लगी थी यहां पर एसओजी की टीम क्राइम ब्रांच की टीम यहां का जो काशी जोन है उनके डीसीपी के नेतृत्व में टीम लगातार उसको पकड़ने के लिए प्रयास कर रही थी आज कड़ी मेहनत के बाद यह अभियुक्त जो है
गिरफ्तार हुआ है गिरफ्तार गिरफ्तारी के बाद जो बातें सामने आई है इंट गन में जो बातें उसने बताई है उसमें यह निकल कर के आया है कि वर्ष 1997 में इसके माता-पिता अभियुक्त के माता-पिता और दादा की हत्या जो मृतक जो इनका चाचा था उसके द्वारा कर दी गई थी और सारी प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लिया गया था और बचपन से ही वह इन दोनों बच्चों को प्रताड़ित भी करता था इसी का बदला लेने के लिए उन्होंने लगभग दो वर्ष पूर्व इस हत्याकांड को अंजाम देने का प्लान बनाया था इसी के लिए 2 साल से
ये लोग तैयारी कर रहे थे तभी से इन्होंने फर्जी सिम फर्जी आईडी बनाना और हथियार खरीदना यह सब चालू कर दिए थे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद यह बनारस छोड़ कर के भिन्न-भिन्न शहरों में यह रहा मुंबई कलकाता पटना में रहता रहा और इसकी वित्तीय सहायता इसका भाई जो छोटा भाई है प्रशांत उर् जुगनू उसके द्वारा की जाती रही आज जब इसको गिरफ्तार किया गया है तो इस साथ में इसके भाई को भी जब उसकी भूमिका सामने आई है इसके भाई को भी गिरफ्तार किया गया है अभ दोनों जेल भेजे जा रहे हैं इनका
पुलिस कस्टडी लेकर के हम लोग जो वेपन यूज हुआ था उसकी बरामदगी का प्रयास करेंगे सर इतना बड़ा जगन्य अपराध हुआ हत्याकांड हुआ इन दोनों के अलावा किसी और का डायरेक्ट इनडायरेक्ट इवॉल्वमेंट क्या रहा क्योंकि इस एक परिवार अपने खुद के ब्लड रिलेशन वालों को मारना और बगैर किसी बाहरी मदद के कहा जा रहा था इसमें प्रोफेशनल शूटर्स की भी मदद ली गई थी क्या इस तरह का भी कोई बाहरी इवॉल्वमेंट था नहीं नहीं अभी तक ऐसी कोई बात पुलिस की जांच में नहीं आई है आज आज जो इंटेरोगेशन है उसमें भी किसी अन्य व्यक्ति
का नाम सामने नहीं आया है पूरी प्लानिंग इनकी दो वर्षों से थी इसमें जो बक्की पकड़ा गया है उसने यह सारे मर्डर पांचों मर्डर उसके द्वारा किए गए थे और इसका भाई पीछे से उसको सपोर्ट कर रहा था फाइनेंशियल सपोर्ट भी की उसने और टेक्निकल सपोर्ट भी उसके द्वारा प्रदान की गई रंजी तो एक मामला था ही लेकिन जिस तरह से इतिहास इनका रहा कि परिवार की हत्या करो और पूरे प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लो क्या यह भी एक मकसद रहा जिस तरह से इसका भाई आप लोग के बीच में जब इंट गन या पूछता
उससे हो रही थी जुगनू से वह छूट गया और उसके बाद आके वह परिवार में आम दिनों की तरह आम व्यक्ति की तरह रहने लगा तो यह मोटिव था इनका कि इस तरह से छूट जाएंगे पुलिस के हाथ में नहीं आएंगे और फिर इसी तरह से जिस तरह से इनके बड़े पिता पूरे प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लिए यह भी एक मोटिव का पार्ट रहा होगा हो सकता है यह इसके दिमाग में रहा हो क्योंकि वर्ष 19 97 में जब इसने इसके चाचा ने इसकी माता-पिता की और दादा की हत्या की थी उस समय मात्र सात
आठ महीने जेल रहकर के इसका चाचा जेल से छूट गया था उसके बाद उसने प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लिया था तो उसी प्रतिशोध में इनके द्वारा यह हत्याकांड को अंजाम दिया गया कितनी सजा हो सकती है इस केस में पुलिस कस्टडी डिमांड बनती है नहीं बनती यह सारी जानकारी ने तमाम लोगों से बातचीत करके एक्सपर्ट ओपिनियन प्राप्त किया था तो इसके दिमाग में हो सकता है यह बात कि पुलिस को मेरे खिलाफ कोई एविडेंस नहीं मिलेगी और मैं बच जाऊंगा लेकिन ऐसा नहीं है हमारे पास पर्याप्त एविडेंस है और इसको हम कड़ी से कड़ी सजा
दिलाएंगे सर बार-बार ये बात हो रही है तीन महीनों का वक्त लग गया पांच हत्याओं को करने वाला फरार रहा अी कह रहे हैं कि कई शहरों में ये घूमता रहा तो कहीं ना कहीं जो इसका एजुकेशनल बैकग्राउंड था वो इसको सपोर्ट कर रहा था क्योंकि दोनों भाई कहीं ना कहीं कंप्यूटर साइंस से पढ़े लिखे थे और बकायदा एक अच्छी खासी शिक्षा ले रखे थे तो क्या लग रहा है कि किन किन अपने शिक्षा का इसने किस तरह इस्तेमाल किया नहीं बिल्कुल यह दोनों बच्चे जिन्होंने अभियुक्त जिन्होंने हत्याकांड को अंजाम दिया यह एजुकेटेड है और
आईटी कंपनीज में काम कर रहे थे तो इनको जो इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी है इसकी पूरी सर्वेस वगैरह की पूरी जानकारी थी और इनको यह जानकारी थी पुलिस कि स्तन तक इन तक पहुंच सकती है तो इन्होंने उन माध्यमों का प्रयोग नहीं किया किसी भी मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं किया इसीलिए यह तीन महीने तक पुलिस की गिरफ्त से दूर है लेकिन अल्टीमेटली जैसा कहा जाता है कि कोई भी व्यक्ति कानून के शिकंजे से नहीं बच सकता आज इनको गिरफ्तार किया गया कन्वर्सेशन कैसे करते थे सर आप बता रहे थे कुछ ईमेल वगैरह के माध्यम से अपने
भाई के संपर्क में था हत्याकांड से पूर्व भी और हत्याकांड के बाद भी कोई मर्डर वेपन अभी तक मिला क्योंकि कन्विंसिबल कस्टडी रिमांड बना कर के हम लोग इसका जो हत्या में वपन यूज है उसको बरामदगी का प्रयास करेंगे अब आपको वह कबूलनामा बताता हूं जो इस कातिल भतीजे ने पुलिस को बताया पुलिस के सवाल और विशाल के जवाब जो जो है अब वो मैं आपको तफसील से बताता हूं पुलिस ने इससे पूछा कि चाचा से नफरत थी तो चाची और भाई बहन को क्यों मारा विशाल ने कहा कि आप पूछ रहे हैं कि चाची
और भाई बहन को क्यों मारा ये चाची नीतू और बहन गौरांग ही चाचा को और चचेरे भाई नवेंद्र को भड़का थी शुरू से ही ये लोग उससे उसके भाई प्रशांत और सगी बहन डॉली के साथ मारपीट कर रहे थे वो यह सोचकर चुप रह जाता था कि धीरे-धीरे यह सब ठीक हो जाएगा लेकिन अब वो लोग उनका अस्तित्व ही मिटाने पर आमादा थे पुलिस ने फिर पूछा कि चाची और बहन भड़का हैं भड़का रही और नवेंद्र मारता पीटता था तो यह तो समझ में आ रहा है लेकिन 16 साल के शुभेंद्र से क्यों नफरत थी
तो विशाल ने इस पर कहा कि वह कई बार मुझसे और प्रशांत से कह चुका था कि कुछ साल बाद मैं तुम दोनों को गोली मार दूंगा उसको मारना तो सबसे जरूरी था चाचा और नमने द्र से ज्यादा खतरनाक था 16 साल का शुभेंद्र पुलिस ने पूछा कि हथियार कहां से मिला तो विशाल ने बताया कि बिहार से 3 30 बोर के दो पिस्टल और दो मैगजीन खरीदी थे पांच सिम का जुगाड़ भी वहीं से किया था पुलिस ने पूछा कि हत्याकांड के बाद कहां और कैसे गए तो विशाल ने कहा कि हत्याकांड को अंजाम
देने के बाद मुगल सिराय पहुंचा और वहां से पटना रेलवे स्टेशन पर ही रुका था क्योंकि होटल में पकड़े जाने का डर था वहां से वो कोलकाता और फिर मुंबई समेत कई अलग-अलग शहरों में भी भागता था पुलिस ने पूछा कि खाने पीने के लिए पैसे कहां से मिलते थे तो विशाल ने बताया दो फर्जी आईडी बनाकर मैसेंजर के जरिए प्रशांत जो है या उसका भाई जुगनू वह उससे संपर्क में रहा वैशाली और विकास के नाम से दो फर्जी आईडी बनाई थी पैसे लेने के लिए दो बार मुगल सराय और बनारस पहले भी आया था
वैसे आपको बता दूं कि विक्की 3 महीने से फरार चल रहा था लगातार बाहर रहने के चलते उसके पास पैसे खत्म हो गए थे पुलिस की सर्विलांस टीम भी उसके पीछे लगी थी इसीलिए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन नहीं कर रहे थे विक्की और प्रशांत की फर्जी google3 प्रशांत ने विक्की से कहा था कि तुम एक बार काशी आ जा जाओ मैं तुम्हें पैसे दे दूंगा पुलिस की नजर प्रशांत पर भी बनी हुई थी इसीलिए वह काशी के बाहर नहीं जा सकता था 6 फरवरी को विक्की वारसी पहुंचा बीएचयू के पास में ही प्रशांत को मिलने बुलाया पुलिस
पहले से प्रशांत पर नजर बनाई हुई थी यहीं पर पुलिस ने दोनों भाइयों को एक साथ पकड़ लिया पूछताछ में सामने आया कि विक्की वारना स तक वाया दिल्ली होकर आया वह 20 दिन से वहां पर रह रहा था पुलिस को विक्की के पास से पांच मोबाइल फोन और सिम कार्ड मिले ₹2000000 एयरटेल पोर्टेबल वाईफाई डोंगल बरामद हुआ पुलिस कस्टडी में दोनों भाई विक्की और प्रशांत गुप्ता जो है वह बंद कमरे में जब उनसे पूछताछ हुई तो उन्होंने बताया कि राजेंद्र हम लोगों से नफरत करते थे छोटे-छोटे बातों पर मारते पीटते थे नौकरों जैसा व्यवहार
करते थे फिर बीटेक करने के लिए विक्की और विशाल बेंगलर चला गया पढ़ाई पूरी होने के बाद वहीं पर उसकी जॉब भी लग गई इस दौरान व बराबर प्रशांत से संपर्क में रहा एक एक वक्त ऐसा भी आया जब दोनों सामान्य जिंदगी जीने लगे मगर इस कहानी में यूटन 2022 में आया जब विक्की अपने घर आया था प्रॉपर्टी विवाद को लेकर राजेंद्र ने विशाल को बेरहमी से पीटा कई दिन घर में बंद रखा यही व वक्त था जब विशाल और प्रशांत ने मिलकर तय किया कि अब राजेंद्र को यानी कि चाचा को रास्ते से हटाना
ही होगा इसके बाद विक्की बेंगलुरू वापस चला गया मगर वह राजेंद्र के मर्डर की प्लानिंग करने लगा विक्की जहां जॉब करता था वहीं पर एक कैंटीन में खाना खाता था कैंटीन के कर्मचारी से एक दिन उसने पूछा कि असला कहां मिलेगा तब उसको बिहार के एक शख्स का मोबाइल नंबर मिला बात करने के बाद दिसंबर 2022 को विकी बिहार गया वहां से उसने दो प दो देसी पिस्टल खरीदी बिहार से वारसी आया यहां अपने कमरे में उसने दोनों पिस्टल छिपा दी इसके बारे में प्रशांत को बता दिया था फिर वह दिल्ली में अपनी बहन के
पास चला गया वहां कुछ दिन रहने के बाद वह बेंगलुरु में अपनी जॉब पर लौट गया इसके बाद मई 2024 को वह दोबारा दिल्ली गया बहन के घर पर ही ठहरा यहां मार्केट से फर्जी आई डी पर दो से तीन सिम उसने इशू करवा लिए है ताकि मर्डर के बाद पुलिस को पुलिस उसको पकड़ ना सके और वो इन सिम को यूज कर ले इसके बाद तय हुआ कि दिवाली पर सगे चाचा राजेंद्र गुप्ता को मार डालेंगे प्लानिंग के तहत 25 अक्टूबर को विक्की वारसी आ गया वो परिवार के लोगों से मिलने मिला मिला दादी
से मिला दादी से बातें ही बातों में कहा कि चाचा को मार डालेंगे यह यहां पर परिवार के लोगों की लोकेशन और सोने की जगह को भी देखता रहा वो उसी मकान में रहता था इसके बाद 4 नवंबर की रात को वह सबसे पहले रूहानियात अपना मकान बनवा रहे थे वहीं पर सोते भी थे यहां उसने राजेंद्र को दो गोली मारी एक सिर और दूसरी सीने पर लगी इसके बाद तो जैसे उसके सिर पर खून सवार हो गया वो भदैनी इलाके में अपनी पुश्तैनी मकान में पहुंचा यहां राजेंद्र गुप्ता की पत्नी नीत गुप्ता दोनों बेटे
नवेंद्र और सुबद्र और बेटी गौरंगी अपने कमरे में सो रहे थे उन्हें भी सोते हुए इसने गोली मार दी इसके बाद वह भाग निकला वारदात के बाद मोबाइल ऑफ कर लिया वारदात के बाद वह सबसे पहले पटना गया वहां से झारखंड होते हुए कोलकाता पहुंचा सोशल मीडिया और अखबारों के जरिए जब उसे पुलिस टीम के मूवमेंट की खबर पता चली तो व मुंबई रेलवे स्टेशन पर पहुंच गया स्टेशन के आसपास कई दिन घूम कर बिताए और रात में स्टेशन के फुटपाथ को ठिकाना बना लिया पुलिस को गुमराह करने के लिए मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करते
था भाई प्रशांत से विक्की थी जिस पर वीपी गुप्ता के नाम से instagram2 में उसका चेहरा ना आए ताकि पुलिस ट्रेसिंग से व बच सके पुलिस पूछताछ में राजेंद्र की 80 साल की मां ने खुलासा किया था कि राजेंद्र और विक्की के बीच रिश्ते ठीक नहीं थे दिवाली पर विक्की घर आया था और 31 अक्टूबर की रात वो हमारे बेटे को मार देना चाहता था मगर हमने हाथ जोड़े उसको रोक लिया वह अपने मां-बाप की हत्या का बदला लेना चाहता था राजेंद्र उससे नाराज रहता था यहां तक कह देते थे कि तुम्हारे मां-बाप को मार
दिया है तुमको भी मार देंगे यह हमको भी समझ नहीं आया फिर भाई दूज पर या मिठाई चना खाया घर घर के सब बच्चों को खिलाया उस वक्त कोई बात नहीं थी सब प्रेम से थे राजेंद्र ने ही विक्की और जुगनू को पढ़ाया लिखाया यही भगवानपुर में ही तो पढ़ता था विक्की बड़ा है जुगनू छोटा अब विक्की और प्रशांत पुलिस की हिरासत में है ये सारी बातें दादी ने बताई लेकिन अब इन दोनों की हिरासत में होने के बाद इस खौफनाक हत्याकांड की परत धीरे-धीरे खुल रही हैं पुलिस अब इस मामले से जुड़े बाकी सुरागोंडानकोप्पा
इस पूरी चीज के ऊपर इस पूरी स्टोरी के ऊपर इस पूरे कत्ल की कहानी के ऊपर आपकी जो भी राय है हमें कमेंट करके जरूर बताइएगा लेकिन देश और दुनिया की क्राइम की खबरों के लिए देखते रहिए क्राइम तक