सर जैसा आप काम कर रहे हैं ना आज की डेट में गट हेल्थ को लेकर यह कैसा टॉपिक बन चुका है मैं जहां देख रहा हूं जहां सुन रहा हूं ग हेल्थ राम वर्मा जी बता रहे हैं लोगों को पता ही नहीं था क्या रोल है सबसे पहले आप हमें यह बताइए ग हेल्थ का हमारी लाइफ में आप ये समझिए कि जो भी आप हैं वो दो ही जगह से हैं। जी एक आपका माइंड है जिसको आप हेड ब्रेन कहते हैं। इसे हम सेंट्रल नर्वस सिस्टम भी कहते हैं या फर्स्ट ब्रेन कहते हैं। और दूसरा
है आपका सेकंड ब्रेन जिसको आप ब्रेन कहते हैं या जिसको आप आम आदमी पेट कहता है पर वो पेट नहीं है। जहां मैं गठ का जहां पर भी मैं गठ बोलूंगा वो आपके मुंह से शुरू होता है। जहां पर आपकी खाने की नली भी है। उसके बाद आपका पेट है जहां पर एसिड की बरसात होती है। उसके बाद छोटी आंत है। करीब 212 फीट की और उसके बाद 7 आठ फीट फीट की आपकी बड़ी आंत है। ये का पूरा का पूरा जो आप कह सकते हैं कि जो ट्रैक्ट है इसे हम गट कहते हैं। यह
अपने आप में एक ब्रेन है। यहां पर वही ब्रेन सेल्स हैं जो आपके माइंड में हैं। गट में आपके गट में वही ब्रेन सेल्स हैं जो आपके हेड ब्रेन में है। ये उसी तरह से सोचते हैं जिस तरह से आपका ब्रेन सोचता है। इवन आपके ब्रेन के अंदर इन ब्रेन सेल्स को चलाने के लिए जिन न्यूरो ट्रांसमीटर की जरूरत पड़ती है, जिन केमिकल्स की जरूरत पड़ती है, उनका जन्म आपके गट में होता है। अगर आपका गट खराब है तो वह न्यूरो ट्रांसमीटर आपके माइंड के लिए नहीं बनेंगे और आप बहुत सारी बीमारियों के शिकार हो
जाएंगे। लोग कहेंगे कि आपको ब्रेन की या माइंड की प्रॉब्लम है, मेंटल डिजीज है। पर ये आपके गट की और मैंने कहा यार हर फैमिली में जो आज प्रॉब्लम आ रही है यूथ को या फिर कपल्स को यंग कपल्स को प्रॉब्लम आ रही है। तो मैंने इसको आगे पढ़ने की कोशिश करी कि आखिर माइंड के साथ कहीं और कुछ तो गड़बड़ नहीं है। हम तो कई बार लोग कहते थे जी ये पास्ट लाइफ को कोई कनेक्शन हो सकता है। कार्मिक हो सकता है। फिर पता चला कि हमारा गट ही इसका रिस्पांसिबल है। यानी के जो
लक्षण हमारे यूथ में आ रहे हैं अगर हम उन्हें स्टडी करना शुरू करें मैं बताना शुरू करूं तो पाएंगे कि आपका जो गट है उसके अंदर अपने आप में एक पूरा ब्रेन है। वहां पर जो ब्रेन के अंदर आपकी ब्रेन सेल्स हैं और जैसे वो रिसीव करती हैं किसी इंफॉर्मेशन को बिल्कुल वही आपके गट के अंदर हैं। इसीलिए यहां इसको हम सेंट्रल नर्वस सिस्टम कहते हैं। और इसे हम एंटेरिक नर्वस सिस्टम कहते हैं। यानी कि यहां पर भी नर्व है और यहां पर भी न्यू न्यूरॉन है जो यहां पर हैं। और कमाल की बात यह
है कि आपके गठ के अंदर न्यूरॉन ही नहीं है बल्कि वहां पर 100 ट्रिलियन यानी कि आपकी बॉडी में जितनी सेल हैं उसका करीब-करीब दो गुना 100 ट्रिलियन बैक्टीरिया हैं और उन बैक्टीरियास की खास बात यह है कि वो डायरेक्टली आपके माइंड के साथ कनेक्टिविटी बनाए हुए हैं और वो कनेक्टिविटी वेगस नर्व के द्वारा बनाए गए बनाए हुए हैं और वेगस नर्व को हमारे लोग बहुत सारे जानने शुरू कर दिया हम यानी के अगर कोई चीज आप सोचते हैं तो वो वेगस नर्व के द्वारा आपके गट तक जाती है। हार्ट पर भी जाते हैं। किडनी
पर भी जाते हैं। वो भी बिजी हैं। और हम सिर्फ गट को ये मानते हैं जी कब्ज हो गया और दस्त लग रहे तो थोड़ा पेट खराब है और चूर्ण खा लेते हैं। ये लोग नहीं जानते कि कितनी बड़ी गलती कर रहे हैं आप। गठ के साथ कभी मत खेलिएगा। गठ के साथ अगर आप खेल रहे हैं। कभी कोई चूर्ण खा लिया, कभी कोई परगेटिव खा लिया, कभी कोई लग्जेटिव खा लिया, कभी आप कॉन्स्टिपेशन में बिना मतलब कुछ ऐसी दवाई खा ली कि कॉन्स्टिपेशन खत्म करो। आप अपने गट का सत्यानाश कर रहे हैं। याद रखिएगा।
नंबर दो जब भी आपको ऐसा लग रहा है कि आपको नींद रात को नहीं आ रही है या बीच में अगर रात को नींद टूट रही है और फिर दोबारा नींद नहीं आ रही समझ लीजिएगा कि आपके माइंड के जो केमिस्ट जो केमिकल्स हैं जिन्हें हम न्यूरोट ट्रांसमीटर कहते हैं ये खराब हो चुके हैं और इनको बनाने वाला सिर्फ और सिर्फ गट है। माइंड उन्हें यूज़ करता है। ओ जब आप ये कहते हैं कि मेरे अंदर खुशी के हॉर्मोन निकल रहे हैं हमें तो याद रखिएगा वो खुशी के हॉर्मोन कौन निकाल रहा है? आपका गट
बनाता है उसको और जैसा कि आप जानते हैं कि अगर हम अपनी बीमारियों से पीछा छुड़ाकर अपनी सेहत को बढ़िया करना चाहते हैं तो ये बिल्कुल जरूरी है आपके लिए कि आप अपने माइंड के साथ अपने गट को भी बेहतरीन बनाएं और अब तक बहुत सारे पडकास्ट या फिर आप मेरी वीडियो देखकर यह तो जान गए होंगे कि हमारे गट को खूबसूरत बनाने के लिए हमारे पास एक ऐसा ऑर्गन है जिसको हम गट बैक्टीरिया कहते हैं। शॉर्ट रीजन है इसकी आई मीन संख्या पपुलेशन कहते हैं कि 10,000 से अधिक स्पीशीज हैं इसके हमारे गट में।
लेकिन हमारी लाइफस्टाइल, हमारी स्ट्रेस और खाने के कारण यह गट बैक्टीरिया या तो अपनी स्पीशीज खो चुके हैं। अपनी जातियों को खो चुके हैं या फिर पपुलेशन को खो चुके हैं। और इन्हीं की कमी के कारण हमें वो सारी बीमारियां हो रही है जो आज आपकी लाइफ में आ गई है। चाहे वो मोटापा हो या हाई ब्लड प्रेशर या फिर आपकी इम्युनिटी से बेस्ड बीमारी। आपको विटामिनस की कमी है या फिर आपका मूड खराब रहता है या फिर आप कह सकते हैं कि आप बहुत सारी ऐसी बीमारियों के शिकार हो गए हैं जिनको आप ऑटोइ्यून
कहते हैं और जिसके लिए यह कहा जाता है कि यह कभी ठीक नहीं होंगी लेकिन सच बात तो यह है कि आप अपने गट से इनको ठीक कर सकते हैं। यह वीडियो उन मददर्स के लिए भी है जो यह कहते हैं कि उनके बच्चों को ऑटिज्म हो गया है और ऑटिज्म की कोई अब उनके पास कोई भी आप कह सकते हैं कि ऑप्शन नहीं बची है। तो मैं बहुत सारी किताबों में एक चीज पढ़ रहा हूं कि उन बच्चों को आप इमीडिएटली ग बैक्टीरिया बढ़ाने के प्रोडक्ट देने शुरू करें और ऐसी ही एक संजीवनी मैं
लेकर आया हूं। जी हां फ्रेंड्स आप अपने गट बैक्टीरिया की स्पीशीज को भी बढ़ा सकते हैं और गट बैक्टीरिया की पपुलेशन को भी बढ़ा सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो सबसे पहली बात तो यह है कि आपके फायदे क्या होंगे। नंबर एक आप अपने न्यूरो ट्रांसमीटर को बेहतर तरीके से बना रहे होंगे और अगर एक बार आपके न्यूरोट ट्रांसमीटर यानी कि जो आपके ब्रेन केमिकल है जिसको न्यूरोट ट्रांसमीटर्स कहते हैं अगर वह बेहतरीन तरीके से बन गए तो पहली बात तो यह है कि आपको नींद अच्छी आएगी। दूसरी बात है आपको कभी भी न्यूरो डीजनरेटिव
डिजीज नहीं होगी जिनका नाम है डिवमेंशिया अल्जाइमर और दूसरी बीमारियां। आपके डिसीजन बेहतर होंगे। आपको ऐसा लगेगा कि मानो खुशियां आपकी लाइफ में बरस रही हो क्योंकि यही वो बैक्टीरिया है जो खुशी के केमिकल्स बनाते हैं सिरोटोनिन। सही बात तो यह है कि आपके रिश्ते बेहतर हो जाएंगे। यह ऑलरेडी प्रूव हो चुका है कि यही वो बैक्टीरिया है जो हमारे मूड को स्विंग करते हैं और हमारे रिश्तों को बेहतर करने के लिए ऑक्सीटोसिन जैसे केमिकल्स को रिलीज करते हैं। अगर आप चाहते हैं कि ये हजारों बीमारियां आप एक चीज से ठीक कर लें तो वो
है आपका गट बैक्टीरिया और उनकी पपुलेशन कभी पढ़िएगा आपको मैं चार पांच किताबें दे रहा हूं अपने दर्शकों को भी। माइंड एंड गट कनेक्शन नाम की एक किताब है। दूसरा है गुड गट। तीसरा है द सुपर गट। चौथा है द गट। पांचवा है रिसेट फैक्टर छठा है 10% है 10% इन पांच छह किताबों को एक बार पढ़ेंगे तो आप चौंक जाएंगे कि आप बीमार हो और आप चाहते हैं कि आप अपने गट को अपने पेट को ठीक कर लें जहां पर आप कह रहे हैं कि आपको बहुत सारी एसिडिटी हो रही है। कॉन्स्टिपेशन हो रहा
है। कई बार आपका मूड स्विंग हो रहा है। नींद नहीं आ रही है। कई लोगों ने लिखा है कि उनकी एसिडिटी का इतना बुरा हाल है कि वह कुछ भी खा लें। एसिडिटी नहीं जाती। ठंडा दूध भी पी लिया और एंटासिड भी खा लिए। बहुत सारे लोगों ने लिखा है कि उनका पेट का फूलना नहीं जा रहा और गैस नहीं कम हो रही है और बहुत सारी बीमारी और पकड़ ली है। उन्हें लगता है कि बीमारी अलग है और यह गट अलग है। भाई साहब यह समझ लीजिएगा कि मैं डिफरेंट वीडियो में समझाने की कोशिश
कर रहा हूं। अगर आपका माइंड और गट खराब है तो समझ लीजिएगा कि आप हर एक बीमारी के शिकार हो सकते हैं। हर एक इसलिए जरूरी है कि अब मैं कुछ समाधान भी आपको देना शुरू करूं। अगर आपको कोई भी दवाई चल रही है तो आप अपने डॉक्टर के साथ जुड़े रहें। वो आपके लिए बिल्कुल सही गाइड होंगे। लेकिन मैं आपकी जानकारी दूंगा और मैं कोई दवाई नहीं बताऊंगा। हां, मैं कुछ एक फूड जरूर बताऊंगा और वो आप कितना भी कभी भी ले सकते हैं। कितने का भी मतलब यह नहीं है कि आप अपने वजन
से ज्यादा खाना शुरू कर दें कि रिजल्ट एक दिन में आएंगे। मैं वो भी बताता रहूंगा। आज जब आप बात करते हैं कि आप अपने आप को ठीक करना चाहते हैं तो आपको यह तो पता चल चुका है अब तक कई वीडियोस में कि आपके गट के अंदर जो मेन चीज है ठीक करने के लिए वो है आपके बैक्टीरियाज। ठीक है ना? और इन बैक्टीरियास की जब हम बात करते हैं तो इनकी पपुलेशन करीब-करीब 100 ट्रिलियन होनी चाहिए और यह पूरी तरह से डवर्सिफाइड होने चाहिए। ये नहीं कि एक ही तरह के बैक्टीरिया 100 ट्रिलियन
है। सभी तरह के होने चाहिए। वहां पर वायरस भी हैं, बैक्टीरियाज भी है, फंगाई भी हैं। ठीक है? और इनकी पपुलेशन प्रॉपर होनी चाहिए और उसके बाद कमाल की बात यह होनी चाहिए कि ऐसा भी होना चाहिए कि जो आपकी आंतों में बैड बैक्टीरिया पड़े हैं उनको भी आप कम कर कम करना शुरू करें। तो आपको कई चीज चाहिए कि आपको एक ऐसा प्रीबायोटिक चाहिए। इस बार प्रीबायोटिक का मतलब है कि ऐसा फूड जो आपके बैड बैक्टीरिया का दुश्मन हो यानी कि उन बैड बैक्टीरिया को तो वह खत्म करना शुरू कर दे और जो गुड
बैक्टीरिया है उनकी पपुलेशन को बढ़ाए। तो ऐसे ऐसे ऐसे एक खूबसूरत प्रीबयोटिक को मैं आपके साथ शेयर करना चाहूंगा। लेकिन समझ लीजिएगा कि आपको एक ऐसी चीज भी चाहिए कि आपकी जो लाइनिंग है उसकी आपकी गठ की जो लाइन है या आतों की लाइन है जहां से न्यूट्रिएंट अंदर जाते हैं जहां पर आपका ये फूड घूमता हुआ आगे की तरफ जाता है। यहां पर इस ग लाइनिंग को जो हम गट लाइनिंग की शॉर्ट फॉर्म लिख देते हैं। जीएल ग लाइनिंग को सूद करें। यानी कि इसको आराम पहुंचाए। इसको अगर यहां पर कोई इरिटेशन हो रही
है तो ये सबसे अच्छा प्रीबियोटिक माना जाएगा। क्योंकि हमने इन लक्षणों को ठीक करने की आदत को ही यह मान लिया कि यही ट्रीटमेंट है। यह ट्रीटमेंट नहीं है। यह इमरजेंसी को हैंडल करना है। लेकिन उसके बाद आपको जनरेट करना है लर्निंग कि ये हो क्यों रहा है और फिर पता चलेगा ये इसलिए हो रहा है कि मेरी गठ के अंदर छेद हो चुके हैं। मुझे उन छेदों को भरना है और हमारी आई मीन गट लाइनिंग ठीक होने के लिए तैयार बैठी है। मुझे उन पॉपुलेशन को यहां से हटाना है। और ये सारा का सारा
याद रखिएगा। इसके लिए बहुत दवाइयां ही चाहिए। हम सही बात तो यह है कि मैंने इतनी किताबें पढ़ ली है। मुझे आज तक यह नहीं पता चला कि दवाई क्या खाऊं इसमें गठ में। आप लोगों का भी यही सवाल होगा। तो उन्होंने कहा कि इस गठ की कोई दवाई ही नहीं होती। इसकी सिर्फ आपका डिसिप्लिन होता है। यानी कि आपका खाना ही आपकी मेडिसिन है। अगर आप अपने खाने में बदलाव करें और आप कुछ आदतों को छोड़ दें और उन मिथ को हम उन बेकार के बिलीफ को छोड़ दें जो तुम्हारे दिमाग के अंदर रखे
गए हैं। सही कह रहे हैं आप। आप उनके साथ आई मीन थोड़ा सा उनको आप एडजस्ट कर लें तो आप मेरे विचार से 45-50 दिन में आप एक नए शरीर को गेन कर सकते हैं। आपका बुढ़ापा रुक जाएगा। हम हम ठीक है ना? आपकी बीमारियां ठीक हो जाएगी। आपके सोचने की शक्ति बढ़ जाएगी। आप भूलना बंद कर देंगे। आपके बाल आपकी स्किन एक बार फिर तरोताज़ा लगेगी। उम्र के हिसाब से निश्चित रूप से वह इंपैक्ट आएगा आपकी बॉडी में। लेकिन वो ग्रेसफुल्ली आएगा। ये नहीं कि आप 32 साल की उम्र में बुढ़ापे की तरफ जा
रहे हो और 35 साल की उम्र में आपको हार्ट अटैक हो रहा है। 40 साल की उम्र से पहले पहले आपको पार्किसन हो रहा और सिजोफ्रेनिया हो रहा है। हमने लाइफ के स्पैन को बदल लिया। हमने लाइफ के स्पैन को बढ़ा लिया। लेकिन, हमने हेल्थ के स्पैन को छोटा कर