हेलो फ्रेंड मेटा वर्स के कोर्स की प्लेलिस्ट में आज की वीडियो में हम डिस्कस करने वाले हैं हिस्ट्री ऑफ मेटा वर्स की मेटा वर्स का इवेलुएशन किस तरह से हुआ है और मेटा वर्स किन-किन भागों में आया है और इसकी शुरुआत सबसे पहले कहां पे हुई थी सो वीडियो को लास्ट तक जरूर देखिएगा और हां अगर अभी तक आपने इस चैनल को सब्सक्राइब नहीं किया तो जल्दी से सब्सक्राइब कर लीजिए अगर आप इस कोर्स की पीपीटी या फिर इस पीडीएफ नोट्स को डाउनलोड करना चाहते हैं तो डिस्क्रिप्शन में लिंक है आप वहां से जाकर डाउनलोड
कर सकते हैं तो अगर हम बात करें कि द हिस्ट्री ऑफ मेटा वर्स की मेटा वर्स का इवेलुएशन कैसे हुआ तो सबसे पहले हम ब्रीफ ओवरव्यू देख लेते हैं कि किस तरह से हुआ तो सबसे पहले अगर हम बात करें जो कि 1960 से 1980 तक जो कांसेप्ट था सबसे पहले अर्ली विजन का जो कांसेप्ट आया मतलब जहां से हमारा मेटा वर्स का स्टार्ट हुआ मतलब मेटा वर्स की स्टार्टिंग पॉइंट है अर्ली विजन के अंदर आती मतलब स्टार्ट जो हुआ था 1960 में हुआ था मेटा वर्स उसके बाद हम बात करें कि 1990 से लेकर
2000 की अगर हम बात करें तो वहां पे हमारा एक कांसेप्ट आया था वर्चुअल वर्ल्ड इमरजेंस के नाम से ठीक है इसके बारे में भी हम डिटेल देखेंगे क्या-क्या इसके अंतर्गत आया था उसके बाद अगर हम 2000 और 2000 से लेकर 2010 की बात कर ले तो उस समय वेब 2.0 एंड सोशल मीडिया का कांसेप्ट आया था अ इसके अंदर हमारा मेटा वर्ष के अंदर उसके बाद हमारा क्या आया था कि वर्चुअल रियलिटी रिसर्जेंस के कांसेप्ट आया था जो कि 2010 में आया था उसके बाद 2010 से लेके अब तक की अगर हम बात करें
तो ब्लॉकचेन एंड डिसेंट्रलाइजेशन का कांसेप्ट है जो कि अभी भी चल रहा है तो अब हम देख लेते हैं इसके डीप बारे में सबसे पहले अगर हम बात करें अर्ली विजंस कि सबसे पहले अगर हम बात करें कि मेटा वर्स स्टार्ट कैसे हुआ कहां से स्टार्ट हुआ तो मेटा वर्स का स्टार्ट दो पॉइंट से हुआ मतलब सबसे पहले अर्ली विजन के अंदर जो 1960 से लेके 1980 तक चला उसमें क्या हुआ दो चीजें हुई सबसे पहले स्टार्ट ऑफ ड्रीम्स स्टार्ट ऑफ ड्रीम्स के अंदर अगर हम बात करें जो आइडिया थे डिस्टल स्पेस वाली उसका स्टार्टिंग
हुआ मतलब पहले ये चीज स्टार्ट मतलब सपनों की दुनिया या बनाना बहुत बड़ा काम था ठीक है कैसे बना तो डिजिटल स्पेस वेयर पीपल कुड इंटरेक्ट ठीक है फिजिकल बाउंड्रीज होनी चाहिए बिगिन होने चाहिए तो जो भी अर्ली कंप्यूटर एंड इंटरनेट अ पायोनियर होंगे इन सारी चीजों से तो उसमें क्या हुआ एक कांसेप्ट उठा कहां से सबसे पहले अगर बात करें कि मेटा वर्स आया कहां से जो पहला कांसेप्ट आया मेटा वर्स पहले तो हो गया कि एक ड्रीम थी लोगों की कि एक ऐसा डिजिटल स्पेस बनाया जाए जहां पे लोग एक दूसरे के साथ
इंटरेक्ट कर पाए अब एक कांसेप्ट सपना तो आ गया लेकिन इस सपने के लिए कैसे वर्क करेगा ये कांसेप्ट कहां से आया तो वर्चुअल स्पे साइबर स्पेस कांसेप्ट की बात करें जो कि 1982 में आया था इसमें क्या है हुआ था कि जो भी साइंस फिक्शन था ठीक है एक राइटर थे विलियम गिब्सन ठीक है विलियम गिब्सन थे जिन्होंने इंट्रोड्यूस कराया हमें साइबर स्पेस उनका एक साइबर स्पेस के नाम से नोबल था नोबल्स का नाम उनका जो कि था न्यूरोमांसर ठीक है न्यूरोमांसर इनके नोबल का नाम था जो कि साइबर स्पेस से रिलेटेड था उन्होंने
इस नोबल में डिस्क्राइब किया था कि हम एक डिजिटल इवर्स बना सकते हैं और लोग एक दूसरे से कैसे इ इंटरेक्ट कर सकते हैं कनेक्टेड होंगे तो इनके इस नोबल से इंस्पायर होके जो कि नोबल लिखा किसके द्वारा गया था विलियम गिब्सन द्वारा तो उन्होंने क्या किया था अपने साइबर स्पेस के न्यूरोमांसर नोबल के अंदर बताया था कि किस तरह से हम क्या कर सकते हैं डिजिटल इवर्स होने वाला है डिजिटल इवर्स के अंदर कैसे चीजें होंगी क्या-क्या तो यहां से क्या होता है कि मीटा वर्स का स्टार्ट होता है अब बात करें वर्चुअल वर्ल्ड
इमरजेंस की तो वर्चुअल वर्ल्ड इमरजेंस में भी दो चीजें थी जो कि 1990 से लेकर 2000 तक चला था इसमें एम यूडी था और एम एम ओ आरपीजी था जिसको हम क्या कहते हैं मल्टी मल्टी यूजर ड डंग आन के नाम से जानते हैं और दूसरा हमारा था मैसू मल्टीप्लेयर ऑनलाइन रोल प्लेइंग गेम इसमें क्या करते थे कि लेट द ग्राउंड वर्क ठीक है फॉर वर्चुअल कम्युनिटीज एंड शेयर द डिजिटल स्पेस इसके अंदर मतलब कि जो भी लोग थे मल्टी प्लेयर्स थे और भी लोग थे एक क्या करते थे ग्राउंड वर्क को शेयर करते थे
जो भी ग्राउंड का काम है मतलब डिजिटल स्पेस को जो भी डिजिटल स्पेस का क्रिएशन है उसको क्या करते थे आपस में शेयर करते थे ठीक है जो भी कम्युनिटीज थे डिजिटल स्पेस को आपस में शेयर करते थे उसके बाद सेकंड लाइफ का कांसेप्ट आया जो कि 2003 के अंदर आया इसमें क्या था कि जो भी सेकंड लाइफ बिकम था ठीक है वो एक वर्चुअल वर्ल्ड से सेंसेशन था जहां पे हम क्या कर सकते हैं अलाउ कर सकता है यूजर क्रिएट इंटरेक्ट एंड इवन ट्रेड वर्चुअल प्रॉपर्टी मतलब जो भी वर्चुअल प्रॉपर्टी उसको क्रिएट कर सकता
है उसके साथ इंटरेक्ट कर सकता है और ट्रेड कर सकता है ये सारी चीजें कहां पे आई वर्चुअल वर्ल्ड इमरजेंस के अंतर्गत आई जो कि 2003 तक आई थी ठीक है अब बात आती है वेब 2.0 एंड हमारा आया था सोशल मीडिया का कांसेप्ट अब बात करें वेब इंटीग्रेशन वेब इंटीग्रेशन में बहुत ज्यादा अ चैलेंज आए जैसे कि वेब इंटीग्रेशन की अगर बात करें तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जस लाइक इंटरेक्ट करते एक दूसरे से तो वहां पे क्या हुआ कि लोगों ने क्या किया कि एक ब्लर लाइन खींचा बिटवीन द फिजिकल एंड डिजिटल वर्ल्ड ठीक
है कि एक तरफ फिजिकल वर्ल्ड होगा डिजिटल वर्ल्ड मतलब कि इस चीज से लोग डिबेट करने लगे तो जैसे सब इको वर्चुअल इकोनॉमिक मतलब वहां से वर्चुअल कि हम क्या कर सकते हैं वर्चुअल इकोनॉमिक्स मतलब करेंसीज लेके आ सकते हैं करेंसीज कैसे आ तो ये कांसेप्ट कहां से आया गेम से आया जैसे कि हम गेम को प्ले करते हैं तो गेम प्ले करने के बाद हम क्या करते हैं जब गेम जीतते हैं हारते हैं ठीक तो उसमें कुछ कॉइन अर्न करते हैं तो कॉइन अर्न करने का कांसेप्ट आया तो वहां से क्या कांसेप्ट जनरेट हुआ
कि हम वर्चुअल करेंसीज भी बना सकते हैं वर्चुअल करेंसी जैसे आज बिटकॉइन चल रहा है ठीक है क्रिप्टो करेंसी का कांसेप्ट आया तो वहां से हमने क्या किया कि करेंसीज वर्चुअल करेंसी का कांसेप्ट आया जो कि हम क्या कर सकते हैं डिजिटल इवर्स के अंदर गेमिंग के द्वारा जनरेट कर सकते हैं तो एक एक तरह का हिंटिंग हिंट था किसके लिए कि हम जब मेटा वर्स को डिजाइन करें तो उसके अंदर हम क्या कर सकते हैं पैसे बना सकते हैं वर्चुअल पैसे बना सकते हैं ठीक है ये कांसेप्ट आया उसके बाद आया वर्चुअल वर्चुअल रियलिटी
रिसर्जेंस के बारे में अगर हम बात कर ले उसके बाद तो सबसे पहली पॉइंट जो आई थी ऑक्लन अस रिफ्ट की तो इसमें क्या हुआ था कि जो कि मॉडर्न एरा था हमारा मेटा वर्स इस वास वा किक स्टार्टेड बाय द इंट्रोडक्शन ऑफ द ऑकल स्ट्रिप्ट इसके अंदर क्या हुआ कि जो भी वर्चुअल रियलिटी हेडसेट्स थे वो क्या लोगों की इमेजिनेशन जो पावर थी मतलब इमेज कि लोग जहां तक सोच पा रहे हैं उसको मिलाने का काम किया ठीक है ऑकल रिप्ड ने मतलब कि हम अगर कोई चीज सोच रहे हैं कि ऐसी-ऐसी दुनिया होनी
चाहिए तो जब वर्चुअल रियलिटी हेडसेट से हम पहनते तो जो भी ह्यूमन था उन सारी चीजों को फील कर पा रहा था जब फील कर पा रहा था तो एक तरह से हम कह सकते हैं पूरी चीजें इंप्लीमेंट हो गई थी ये हमारी चीजें 2010 के अंतर्गत आ गए थे अब उसी से हमारा हमारा सारा कांसेप्ट क्या आया वर्चुअल रियलिटी एंड ऑगमेंटेड रियलिटी का इंटीग्रेशंस आया जिसमें हम क्या कर सकते हैं कि वर्चुअल एंड ऑगमेंटेड रियलिटी के हेल्थ पे टेक्नोलॉजी क्या किया गे गेन किया मूवमेंट मोमेंटम किया जहां पे क्या कंपनीज एक्सप्लोर करने लगी उनके
बायोन गेमिंग मतलब तमाम कंपनियां आई जो कि एआर बीआर बेस्ड गेमिंग लेके आई ठीक है जैसे हम गेमिंग खेल के मतलब एक दूसरी दुनिया में चले जाते थे अभी पूरी तरह से मेटा वर्स स्टार्ट नहीं हुआ था एक तरह से कह सकते हैं अभी तक गेमिंग फील्ड तक ही आया था कि हम गेम खेल सकते हैं और उस गेम में जो भी अवतार होगा हम उस तरह का रोल प्ले कर सकते हैं ये फोर पॉइंट थी अब पांचवी पॉइंट आई जो ब्लॉकचेन एंड डिसेंट्रलाइजेशन का कांसेप्ट आया जो कि 2010 से लेके अभी तक चल रहा
है ठीक है ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी की अगर हम बात करें तो ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी क्या करता है कि गेन किया राइज किया क्रिप्टोकरेंसीज ठीक है क्रिप्टो करेंसी मतलब कि हमारे पास कॉइंस होंगे जो कि हमने गेम बेस पे उसको बनाना सिखा था कि डिजिटल दुनिया जो होगी उसके अंदर हमारी कुछ डिजिटल करेंसीज होंगी तो डिजिटल करेंसी में क्रिप्टोकरेंसीज आई वाज तो डिसेंट्रलाइज वर्चुअल वर्ल्ड अब वर्चुअल वर्ल्ड के लिए डिसेंट्रलाइज था मतलब कि अगर हम बात करें कि किसी भी डिजिटल एस्पेक्ट्स के लिए हमको ट्रू ओनरशिप मिल सके मतलब भाई कोई डिजिटल एस्पेक्ट्स है ठीक है मान लिया
डिजिटल लैंड है या फिर कोई भी जगह है वहां पे डिजिटल तो हम उसको क्या कर सकते हैं पे कर सकते हैं उसके लिए डिजिटल कॉइंस और उसकी ट्रू ओनरशिप हो सकते हैं मतलब ट्रू ओनर हो सकते हैं ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के अंतर्गत ये सारी चीजें है उसके बाद एनएफटी एंड द डिजिटल रियल स्टेट काया जिसको एनएफटी का फुल फॉर्म नॉन फंड फंज एबल टोकन होता है टोकन का मतलब क्या होता है कि सबसे पहले अगर हम समझे इस चीज को तो मतलब कि आप क्या करेंगे कि अगर आपको कोई चीज चाहिए ठीक है सपोज द
डिजिटल डिजिटल हमारी दुनिया डिजिटल वर्ल्ड की अंदर अब आपको अगर मान लिया हमें ये प्लेस चाहिए तो आप इसके बदले में क्या करेंगे हमें डिजिटल कॉइंस देंगे उसके बदले हम क्या करेंगे आपको एक प्लेस एलोकेट करेंगे और ओनरशिप आपको ट्रांसफर करेंगे तो वही चीज होता है मतलब टोकन का मतलब कि देना और लेना ठीक है इस तरह से चीजें हम समझ सकते हैं यूनिक डिजिटल ओनरशिप हुआ उसके बाद एंड द वर्चुअल रियल स्टेट गेन द वैल्यू ऑफ द ब्लॉकचेन बेस्ड एनवायरमेंट तो ये सारी चीजें किससे हुई ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के हेल्प से ये प पॉसिबल हुई
किसके अंदर मीटा वर्ष के अंदर अब बात आती है हिस्ट्री की लास्ट पॉइंट जिसमें हम समझते हैं कि करंट लैंडस्केप एंड फ्यूचर विजंस की क्या इसका फ्यूचर विजनस होने वाला जैसे बिग टेक कंपनी इन्वेस्टमेंट की अगर हम बात करें तो जैसे कंपनी लाइक इवर्स बनाने में लगी हैं मतलब जिसको हम वर्चुअली जी सकते हैं ठीक है कह सकते हैं तो बहुत बड़ी-बड़ी कंपनियां क्या कर रही इसके अंदर बहुत ज्यादा इन्वेस्टमेंट कर रही हैं ठीक है ताकि वो रिकॉग्नाइज कर पाए पोटेंशियल्स को बहुत सारी चीजें उसके बाद हम कर रहे हैं इंट अ इंटरकनेक्टेड एक्सपीरियंस तो
इंटरकनेक्टेड एक्सपीरियंस का मतलब कि ऐसी ही जैसे अगर हम मेटा वर्स को डिजाइन कर ले रहे हैं मेटा वर्स डिजाइन हो जाता है कि हमने एक वर्ल्ड बनाया अपने लिए हमने एक नवर्स बनाया ऐसा इवर्स जहां पे लोग क्या कर स डिजिटली एक दूसरे के साथ इंटरेक्ट कर पाए ठीक है इवर्स के अंदर वयर पीपल कैन लाइव ठीक है वर्क ठीक है सोसाइटीज और बहुत सारी चीजें उसके अंदर मिल सके मतलब जो कि आप रियल लाइफ में सारी चीजें करते हैं वो आप एक वर्चुअल लाइफ के अंदर कर पाए तो ये सारी चीजें क्या है
कि फ्यूचर स्कोप होने वाला है किसका मेटा वर्ष का तो आई होप कि आपको समझ में आया होगा कि हिस्ट्री ऑफ मेटा वर्ष मेटा वर्ष की शुरुआत कैसे हुई जो कि एक नोबल साइबर स्पेस नोबल से लिया गया था जो कि नोबल्स का नाम था न्यूरो मैनसर वहां से साइबर स्पेस जो कि हमारा मे साइबर स्पेस का नोबल था न्यूरो मेंसर वहां से मेटा वर्स का स्टार्ट हुआ और आज की डेट में मेटा वर्स बहुत बड़ी टेक्नोलॉजी बन चुकी है अपने आप में सो फ्रेंड आज की वीडियो में बस इतना ही अगर वीडियो पसंद आया
हो तो लाइक कमेंट और सब्सक्राइब जरूर कीजिएगा और हां अगर आप इस कोर्स की पीडीएफ या फिर नोट्स को डाउनलोड करना चाहते हैं तो डिस्क्रिप्शन में लिंक है आप वहां से जाके डाउनलोड कर सकते हैं थैंक्स फॉर वाचिंग द वीडियो थैंक यू बाय बाय गाइस