आ जान आ अरे जानवर आ ब तगड़ा जानवर है भाई माशाल्लाह जान अरे भागो पकड़ लिया ये ये शोर कैसा है अरे ये तो हद भाई है अरे ये जानवर तो हद भाई के पीछे लगा हुआ है नहीं भाई जानवर उनके पीछे नहीं लगा है वो जानवर के आगे भाग रहे हैं अल्लाह ताला का बहुत शुकर है मैं बच गया उद भाई ये जानवर आपके पीछे क्यों लग गया था वो मैं तो जानवर को गाड़ी से उतरते हुए देख रहा था अचानक ये रस्सी छुड़ाकर मेरे पीछे लग गई जिस वक्त जानवर गाड़ी से उतर रहा
होता है वो लोगों का रश और शोर सुनकर बतक जाता है हमें उस वक्त रश नहीं लगाना चाहिए और ना शोर मचाना चाहिए टे शाबा फैदान भाई आज शाम 5 बजे ग्राउंड में ओके न बकरा शेर चलो इधर आओ इधर आओ ये देखो बकड़ की लड़ाई हो रही है [प्रशंसा] गया बलू का बकरा भाग [संगीत] [प्रशंसा] गया भाई बकड़ को पकड़े अरे ये बकरा का संग ना मार दे आखिर को पकड़े गए ना यह बकरा कैसे भागा व हम बकरों की ताकत का मुकाबला कर दे फैजान भाई जानवरों को आपस में लड़ाना बहुत बुरी बात
है मौलाना अमजद अली आजमी रहमतुल्लाह अल ने बहार शरीयत में लिखा है जानवरों को लड़ाना जैसे लोग मुर्ग बटेर तीतर मेंडो को लड़ाते हैं यह हराम है और उनका तमाशा देखना भी नाजायज है देखिए जानवर को आपस में लड़ाने की वजह से कोई ऐसा ऐ भी पैदा हो सकता है जिसकी वजह से कुर्बानी ही ना हो हम आइंदा किसी भी जानवर को नहीं नांगे प्यारे बच्चों आप भी अपने कुर्बानी के जानवरों का बहुत ख्याल रखिएगा क्या हुआ बाबू अंकल कभी भी भागते हुए जानवर की तुम नहीं [संगीत] पकड़ना ये जबरदस्त मजा आ रहा है ये
जद ये भागो भागो और तेज भागो और तेज और तेज जबरदस्त अरे भाई बस करें बस करें और कितना भगाए इसे अभी तो मजा आना शुरू हुआ है और क्या ये जबरदस्त भागो [प्रशंसा] गुलाम रसूल भाई आप जी मैं ये क्या कर रहे हैं आप लोग मैंने अपना दुंबा आपको घुमाने के लिए दिया था और आप लोग तो इस बेचारे बे जबान जानवर को बुरी तरह से भगा रहे हैं अस्तगफिरुल्लाह यह तो बहुत बुरी बात है बेजुबान जानवर को इस तरह से तकलीफ नहीं देनी चाहिए और उैद भाई आप भी नहीं नहीं मैं तो इन्हें
मना ही कर रहा था लेकिन ये लोग सुन ही नहीं रहे थे लाए इसे मुझे दें देखें बेचारा कितनी बुरी तरह से सांस ले रहा है ओहो इन लोगों की शरारतें पता नहीं कब खत्म होंगी आप अपने धुमे का ख्याल कैसे रखते हैं जी जी मैं तो इसका बहुत ख्याल रखता हूं टाइम पर इसके चारे का बंदोबस्त करता हूं इसको बिल्कुल भी परेशान नहीं करता और यह तो फिर कुर्बानी का जानवर है बरकतों वाला इसका ख्याल रखना तो बहुत जरूरी है माशाल्लाह माशा अल्लाह ये तो बहुत अच्छी बात है और दूसरे बच्चों को भी आपसे
सीखना चाहिए ओ ओहो दुंबा हाथ से निकल गया परेशान होने की बात नहीं है एक आईडिया है मेरे पास बबलू भाई जब तक मैं इससे प्यार कर रहा हूं आप चुपके से आकर रस्सी खोलले [संगीत] कितना मजा आ रहा है इसे तो बहुत गुस्सा आ रहा होगा मैं इसके ऊपर चढ़ के देखता हूं आई ई अरे भाई यह आप क्या कर रहे थे खेल रहे थे आपको जानवर के साथ इस तरह से नहीं खेलना चाहिए था जानवर खेलने के लिए थोड़ी होता है और यह तो फिर कुर्बानी का जानवर है मैंने एक किताब में पढ़ा
था कि जानवरों के साथ छेड़खानी करना इनको तकलीफ देना परेशान करना या बिला वजह मारपीट करना गुनाह है और आप दोनों को ऐसा नहीं करना चाहिए ठीक है बाबू अंकल आइंदा हम जरूर कुर्बानी के जानवरों का ख्याल करेंगे और हम तौबा भी करते हैं माशाल्लाह माशाल्लाह प्रदान भाई एक काम करें इस धुमे को वापस छोड़कर आ जाए मैं अकेला लेकर नहीं जा सकता आप साथ चलोगे तो ही जाऊंगा अरे े रुको फैजान भाई ये तो भाग रहा है पकड़ इसे जी कोशिश कर रहा हूं लेकिन ये तो बहुत तेज भाग रहा है भाई आप आप
लोग परेशान ना हो मैं इसे अभी पकड़ लेता हूं जजाकल्लाह अल्लाह आपको खुश रखे बस जल्दी जल्दी अरे हुसैन भाई इसकी बैटरी तो चार्ज कर देते अब बस जल्दी से हाथ में आ जाए [संगीत] हमें फौरी तौर पर गुलाम रसूल भाई को बताना पड़ेगा नहीं नहीं उन्हें कुछ नहीं बताना वरना उन्हें यह भी पता चल जाएगा कि हम उनसे पूछे बगैर ही उनके धुमे को लेकर गए थे क्या आप लोगों ने गुलाम रसूल भाई का धुंबा चोरी किया था अस्तगफिरुल्लाह चोरी का गुनाह तो बहुत बड़ा है इससे अल्लाह पाक बहुत नाराज होता है और जिससे
अल्लाह नाराज हो जाए उसकी बख्श नहीं होगी वो जहन्नम में जाएगा अरे अरे भाई मेरी भी तो सुन लो चोरी थोरी किया था हम तो बस थोड़ी देर के लिए उनके दंबे को घुमाने के लिए लेकर गए थे मैं तो बिल्कुल भी आपका साथ नहीं दूंगा अब अगर गुलाम रसूल भाई को पता चलेगा तो वो कितना नाराज होंगे और अगर उन्हें पता ही ना चले तो कैसे मेरे पास एक आईडिया है ओ हो एक बार फिर आईडिया अरे बबलू भाई कहां रह गए तुंबा बन करर आना था उनको तो अभी तक आए नहीं फेजन भाई
फेजन भाई अरे बबलू भाई की आवाज तो आ रही है लेकिन बबलू भाई दिख नहीं रहे अरे मैं हूं इधर इधर अरे कहां हो अरे ये रहा ये रहा मैं धुंबा धुंबा अरे ये आप हो ये तो पूरा धुंबा ही लग रहे हैं हां कैसा है बहुत अच्छा फैदान भाई अब ख्याल से संभाल लेना सब हर हाल में अपने दोस्त की मदद करनी चाहिए ऐसा ना हो कि इस बकरा हित पर मेरी ही कुर्बानी हो रही हो ऐसा कुछ भी नहीं होगा बबलू भाई बस याद रखिएगा जैसे ही मैं आपकी पीठ पर हाथ मारूं आप
भागना शुरू कर देना बस एक बार आप गुलाम रसूल भाई की नजरों से दूर चले गए तो समझे हमारा काम खत्म पक्का 100% चले अंदर चले जल्दी गुलाम रसूल भाई जोहर की नमाज के लिए निकलने ही वाले होंगे चलो भाई अब तुम्हारे खाने का वक्त हो गया है कहां फसा दिया है फेजन भाई ने मुझे यह जानवरों के खाने की चीज मैं कैसे खा सकता हूं क्या बात है तुम खाना क्यों नहीं खा रहे क्योंकि मैं तुंबा नहीं हूं गुलाम रसल भाई हो सकता है इसे अभी भूख ना लग रही हो फैजान भाई यह तो
बेजुबान जानवर है अगर इसे भूख भी लगे तो भी यह हमें नहीं बता सकता आला हजरत फरमाते हैं एक हदीस में हुकम है कि जो जानवर पालो दिन में 70 बार उसे दाना पानी दिखाओ प्यारे आका सल्लल्लाहु अलैहि वा आलि वसल्लम ने इशाद फरमाया हर जानदार के साथ भलाई करने में सवाब है एक काम करते हैं ना थोड़ा घुमा लेते हैं हो सकता है इसके बाद इसे भूख लग जाए हम ठीक है चले फिर इसे घुमाते हैं भागो अरे अरे भाग गया पकड़ो पकड़ो ओ भाग गया तुबा भाग गया बबलू भाग गया बबलू अरे बबलू
भाग गया इ पकड़ इसे अरे ये कहां फस गया पकड़ लिया भाई ये कहां से आ गए जजाकल्लाह खैरा आपने मेरी मदद की और मदद करने का सवाब तो बहुत ज्यादा है हमारे प्यारे और आखरी नबी सल्लल्लाहु अलैहि वा आलि वसल्लम ने इरशाद फरमाया अल्लाह बंदे की मदद करता रहता है जब तक वो अपने भाई की मदद करता है माशा अल्लाह आपने इतनी प्यारी हदीस पाक सुनाकर मेरा दिल खुश कर दिया अरे इसे क्या हुआ इसे हॉस्पिटल लेके चले को क्या [संगीत] हुआ [संगीत] हम इसका दिल तो इंसानों की तरह धड़क रहा है तो डॉक्टर
साहब कैसे इंजेक्शन लगेगा जी जी बिल्कुल लगेगा इंजेक्शन छोटा होगा या बड़ा जो जानवरों को लगता है वही लगेगा नहीं नहीं इंजेक्शन नहीं प्लीज डॉक्टर अंकल डॉक्टर अंकल लगा दे लगा दें बस इसे जल्दी से ठीक कर दे सही कह रहे हैं आप रुक जा रुक जा रुक जा नहीं नहीं मैं धुंबा नहीं हूं बबलू हूं बबलू बबलू ये तो बबलू भाई की आवाज लग रही है जी बबलू भाई आप जी जी मैं ही तो था इस झुमे के अंदर ये क्या ड्रामा किया आपने चले बाहर जाए आप लोग यहां से खवा मख मेरा वक्त
भी बर्बाद किया और अपना वक्त भी बर्बाद किया बड़े अफसोस की बात बात है बबलू भाई मुझे आप लोगों से यह उम्मीद नहीं थी आपने तो हमें धोखा दिया है जो कि बहुत बुरी बात है हमारे प्यारे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वा वसल्लम ने इरशाद फरमाया जो धोखा दे वो हम में से नहीं अब यह बताएं मेरा दुंबा कहां है दुंबा दुंबा तो आपका भाग गया क्या मतलब भाग गया आप दुंबा क्यों बने हुए थे फिर वो असल में यह आईडिया तो फैजान भाई का था कि दुबा बन जाओ अला आप लोग बुराई में एक दूसरे
की मदद कर रहे थे अल्लाह पाक कुराने मजीद में इरशाद फरमाता [संगीत] है गुना और ज्यादती पर एक दूसरे की मदद ना करो गुलाम रसूल भाई गलती हो गई मैंने इनका साथ दिया मुझे आपको बताना चाहिए था इला गुलाम रसूल भाई मेरा खल है अब हमें वक्त जाया किए बगर आपके दुम मेंे को ढूंढना चाहिए सही कह रहे हैं आप चले हम मिलकर ढूंढते हैं अच्छी अच्छी बातें बतलाता सुन्नते आदाब सिखला अच्छी अच्छी बात बतलाता सुनते आदाब सिखला गुलाम रसूल गुलाम रसूल गुलाम रसूल हम माफ कर द गुलाम रसूल भाई हमें ऐसा नहीं करना चाहिए
था अल्लाह पाक आपको अपने हबीब सला अ वसल्लम के सदके में माफ फरमाए गुलाम रसूल भाई आपका धुंबा जी ये तो वही दुं है शुक्र अल्हम्दुलिल्लाह बाबू अंकल य गुलाम रसूल भाई का दुंबा है ना अस्सलाम वालेकुम रहमतुल्ला व बरका वालेकुम अस्सलाम बेटा जी जी य का दुंबा है और मैं इन्हीं के पास लेकर आ रहा था जजाकल्लाह बाबू अंकल मैं इसके लिए बहुत परेशान हो रहा था अल्लाह पाक आपको इसकी जजा ए खैर अता फरमाए आमीन फैजान भाई और बबलू भाई हमें कुर्बानी के जानवरों को बहुत प्यार और मोहब्बत से रखना चाहिए हमें चाहिए
कि ज्यादा से ज्यादा इनकी खिदमत करें ना कि इन्हें गलियों में भगाकर परेशान करें और खेल बना लें हमें माफ कर दें गुलाम रसूल भाई हमें ऐसा नहीं करना चाहिए था इंशाल्लाह हम आइंदा ऐसा नहीं करेंगे जी गुलाम रसूल भाई आइंदा मैं भी यह गलती नहीं करूंगा जी जी हर बार कुछ अलग ही करते हैं आपला रला र ऐसे ऐसे आपने बबलू भाई को टक्कर मारनी है मैं थोड़ा आगे काम से जा रहा रहा हूं आप फैजान भाई के घर पहुंच जाइएगा ऐसे ऐसे आपने बबलू भाई को टक्कर मारनी है अस्सलाम वालेकुम रहमतुल्लाह वालेकुम अस्सलाम
लो भाई नाम लिया और आप आ भी गए यह मुझे टक्कर मारेगा यह सिखा रहे हैं आप इसे अस्सलाम वालेकुम रहमतुल्ला वालेकुम अलाम देखें ये दंबे को टक्कर मारना सिखा रहे हैं फैजान भाई टक्कर मारना ना सिखाएं बुरी बात है ये कुर्बानी के जानवर को उल्टी चीजें नहीं सिखानी चाहिए अल्लाह ना करे जानवर को कोई ऐसी चोट लग गई जिससे ऐसा ऐब पैदा हो जाए कि इस जानवर की कुर्बानी ना हो सॉरी अब नहीं करूंगा क्या यह लिया है आपने कुर्बानी के लिए इतना छोटा सा दुंबा छोटा सा क्या मतलब मेरा जानवर देखना ऊंट आएगा
ऊंट बबलू भाई कुर्बानी में हमारी नियत सिर्फ अल्लाह पाक को राजी करने की होनी चाहिए दिखावे के लिए कुर्बानी करने से सारे आमाल जाया हो जाते हैं और बकरा बड़ा हो या छोटा नियत खालिस होनी चाहिए माशा अल्लाह चल मेरी उठनी चल सो चल चल मेरी उठनी चल सो चल मैं कहता था ना एक दिन ऊंट ले लूंगा तो ले लिया मैंने ऊंट अरे रुके बबलू भाई [संगीत] आपको नहीं पता जिस जानवर पर कुर्बानी की नियत कर ली जाए तो उससे आप किसी भी किस्म का फायदा हासिल नहीं कर सकते क्योंकि वो जानवर नेकी के
लिए खास हो चुका है और यह नेकी उसी वक्त हासिल होगी जब अल्लाह पाक के नाम पर इस जानवर को जिबाह किया जाएगा हम कुर्बानी के जानवर पर सफर नहीं कर सकते गुलाम रसूल भाई ऊंट के बारे में कोई प्यारी सी बात बताएं प्यारे आका सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम भी ऊंटनी पर सवारी को पसंद फरमाया करते थे और प्यारे आका सल्लल्लाहु अल वसल्लम की ऊंटनी का नाम था कसवा माशा अल्लाह और मजे की बात ऊंट को रेत का जहाज भी कहा जाता है क्या रेत का जहाज जी बिल्कुल रेत का जहाज अल्लाह पाक ने कुरान पाक
में ऊंट का जिक्र करते हुए फरमाया तर्जुमा तो क्या वो ऊंट को नहीं देखते कि कैसा बनाया गया है रुको मेरे ऊंट बाबू मुझे मेरा ऊंट चाहिए यस मेरा ऊंट आ गया कहां है मेरा ऊंट यही है बबलू भाई का ऊंट क्या ये बुरी बात है ये आप किसी की दिल आजारी कर रहे हैं हमें किसी भी मुसलमान का दिल नहीं तोड़ना चाहिए आइए अंदर चलकर बात करते हैं बबलू भाई भाई इसमें मुंह छुपाने की क्या बात है मैं तो पहले ही आपको कह रहा था कि जिद ना करें अल्लाह पाक हमें सिर्फ कुर्बानी करने
का हुकम देता है अल्लाह पाक कुरान पाक में इरशाद फरमाता है तर्जुमा तो तुम अपने रब के लिए नमाज पढ़ो और कुर्बानी करो तो आप बिल्कुल भी परेशान ना हो कुर्बानी का बड़ा छोटा या तगड़ा होना कुछ मैटर नहीं करता लेकिन अल्लाह की रिजा के लिए हमें अपनी माली ताकत के हिसाब से अच्छा और खूबसूरत जानवर लेना चाहिए यही बात अल्लाह पाक ने कुरान मजीद में भी इरशाद फरमाई है अल्लाह के यहां हरगिज ना इनका गोश्त पहुंचता है और नाखून अलबत्ता तुम्हारी तरफ से परहेज गारी इसकी बारगाह तक पहुंचती है देखें फैजान भाई आपके लिए
गिफ्ट लेकर आए हैं चले थैंक यू ओहो ये मुझे क्यों तंग कर रहे हैं कैसे हो दोस्त कैसे रहते हो इनके साथ ऐसा भी क्या हो गया है बात तो करें भाई क्या हो गया क्या हो गया क्या हो गया क्या हो गया क्या बताऊ क्या हो गया मैं तो तंग आ गया हूं अपनी जिंदगी से रस्सी खींच कर इतना भगाते हुए लाए हैं गला पूरा गुट गया था क्यों इतना तंग करते हैं बस ना पानी पूछते हैं ना खाना बहुत मारते हैं मुझे मेरे तो ऊपर भी बैठ जाते हैं अल्लाह का शुक्र है गुलाम
रसूल तो मेरी बहुत देखभाल करते हैं इतनी दफा पानी मेरे आगे रखते हैं मेरा बहुत ख्याल रखते हैं लेकिन मेरा क्या कसूर है मेरे साथ ये क्यों हो रहा है आपके लिए एक आईडिया है मेरे पास खुद तो आप खूब खा रहे हैं बाहर बिचारा आपका जानवर भूखा बंधा हुआ है किसी को खाता देखकर टोकना नहीं चाहिए टोक तो आप ऐसे रहे हैं जैसे आप बहुत रहम करते हैं जानवरों पर अभी बता दूं क्या किया है क्या क्या किया है मैंने बबलू भाई के जानवर को हाथ मार कर किसने उठाया था क्या मेरे जानवर को
मारा आपकी इतनी हिम्मत तो क्या हो गया आपको तो नहीं मारा ना आपको इस तरह कुर्बानी के जानवर को नहीं मारना चाहिए कुर्बानी की फजीलत पता है ना आपको प्यारे आका सल्लल्लाहु अलैहि वालि वसल्लम ने इरशाद फरमाया कुर्बानी करने वाले को कुर्बानी के जानवर के हर बाल के बदले में एक नेकी मिलती है और आपको इस तरह गुस्सा भी नहीं करना चाहिए ठीक है बबलू भाई आपने हाथ धोए हैं ओ हाथ तो मैंने नहीं धोए तो जाएं पहले हाथ धो लें अच्छा गुलाम रसूल भाई ये बुकलेट किस बारे में है इसमें कुर्बानी के मसाइल लिखे
हैं अब हमने कुर्बानी करनी है तो उसके बारे में मालूमात का होना भी जरूरी है तो इसीलिए मैं यह पढ़ रहा था और इस रिसाले में वो वाकिया है है जिसकी वजह से हम कुर्बानी करते हैं मतलब हजरत इस्माइल अलैहि सलाम और हजरत इब्राहिम अलैहि सलाम का वाकया जिसमें हम जन्नती मेंढे के बारे में भी पढ़ सकते हैं [संगीत] माशाल्लाह रुको रुको रुको ओहो कहां गया बकरा मैं आ ही गया आपके पास लेकिन आप अकेले कैसे आ गए बस मैं भाग आया हूं बहुत बुरी बात है यह अरे वाह प्यार का एहसास कितना अच्छा होता
है ये फैजान भाई का बकरा यहां कैसे आ गया हम रस्सी तोड़कर आ गया होगा फैजान भाई का बकरा जी शायद रस्सी तोड़ कर आ गया हो वो मारते होंगे इसको इसीलिए भागा होगा ये पता नहीं है मेरे जानवर को भी मारा था अच्छा जी यह क्यों भागा था मुझे क्या पता क्यों भागा था आपने तंग किया होगा इसीलिए यह भाग गया होगा आपको लास्ट टाइम भी समझाया था कि जानवर को बिल्कुल भी तंग नहीं करना चाहिए घास चारा और पानी देना हमारा फर्ज है और इनकी ताकत से ज्यादा इनसे काम लेना या भूखा प्यासा
रखना बिल्कुल भी जायज नहीं है जी मैंने इतना ख्याल तो नहीं रखा इसीलिए तो ये भागा अच्छा अब आप इसे लेकर जाएं और इसकी खूब खिदमत करें आपका बकरा बहुत प्यारा है जजाकल्लाह आज बाबा घर आएंगे तो मैं बाबा से कहूंगा कि वह बकरा लेकर आ जाए इसे कहते हैं बकरा फरमान भाई कुर्बानी एक शन इबादत है लेकिन याद रखे कि अल्लाह पाक की बारगाह में तकवा यानी परहेज गारी की अहमियत है अल्लाह के यहां हरगिज ना इनके गोश्त पहुंचते हैं और ना इनका खून अलबत्ता तुम्हारी तरफ से परहेज गारी उसकी बारगाह तक पहुंचती है
जो नेक अमल अच्छी नियत और इखलास के बगैर किया जाए वह अल्लाह पाक की बारगाह में मकबूल नहीं हदीस पाक का महूम है ईदुल अज के दिन अल्लाह पाक के नजदीक सबसे अफजल और सबसे पसंदीदा अमल कुर्बानी का जानवर जिबाह करना है अब तो मैं अपने बाबा से कहूंगा कि आज य बकरा लाकर दे या भाग मेरे बकरे भाग औरते भाग एक मिनट एक मिनट यह क्या कर रहे हैं आप लोग कुर्बानी के जानवर को सताना नहीं चाहिए बल्कि इनके साथ शफकत और नरमी का सुलूक करना चाहिए जकला रालाम रस भाई बाबा जान सबके घरों
में बकरे और गाया नहीं है आप कब बकरा लेकर आएंगे बेटा हम कुर्बानी नेक्स्ट ईयर कर लेंगे नहीं नहीं नहीं बस इस साल करनी है तो करनी है बेटा इस साल कैसे करेंगे बकरा खरीदने के लिए पैसे भी तो चाहिए होंगे आप किसी से उधार ले ले बाद में दे दीजिएगा बाद में भी कैसे देंगे मुझे अपने भाई से उधार लेना चाहिए खैर चलते हैं हो सकता है कोई सस्ता बकरा मिल जाए भाई यह बकरा कितने का है 50 हज का है आइए बेटा घर चले बहुत महंगा जानवर है नहीं बाबा मुझे बकरा चाहिए तो
चाहिए बेटा जिद नहीं करते आपने साथ घर चलिए घर चलकर बात करते हैं ओ यह तो स्कूल के पन है कहीं मुझे देख के शर्मिंदा ना हो जाए फजन भाई आपके तमाम बकरे बहुत ूरत है अल्लाह की राह में अपनी पसंदीदा चीज ही कुर्बान करनी चाहिए आपके सब बकरे खूबसूरत हैं माशाल्लाह वैसे क्या ही अच्छा होता कि हर घर में कुर्बानी होती अगर अल्लाह ने वसत दी तो किसी गरीब को जानवर दे दीजिए ताकि वह भी अपने घर कुर्बानी कर ले भाई यह बकरा कितने का है 500 का है आइए बेटा घर चलिए बहुत महंगा
जानवर है नहीं बाबा मुझे बकरा चाहिए तो चाहिए बेटा नहीं करते घर चलकर बात करते हैं बाबा जान क्या हम अपने इन बकरों में से एक बकरा उस बच्चे को दे दें हां क्यों नहीं हमें तो हमारे बुजुर्गों ने यही तालीम दी है अस्सलाम वालेकुम रहमतुल्ला व बरकात वालेकुम अस्सलाम रहमतुल्लाह व बरकातहू अंकल यह बकरा आप रख लीजिए लेकिन हमारे पास इतने पैसे नहीं है कि यह बकरा खरीदें इसको इस बकरा ईद पर आप जिबाह कीजिएगा मैं आपसे यही तो कह रहा हूं कि हम इस बकरे की कीमत नहीं अदा कर सकते यह बकरा आपके
लिए तोहफा है आप इसको जिबा कीजिए और इसका गोश्त भी आप ही खाइए और हां यह पैसे भी रखिए बकरे के चारे के लिए और कसाई को भी तो देने होंगे नहीं नहीं इतने पैसे तो मैं अपने पास से भी खर्च कर लूंगा आपकी यही बहुत मेहरबानी है यह लीजिए यह आपका बकरा है बहुत शुक्रिया [प्रशंसा] जजाकल्लाह अंकल इस तर जानवर को नहीं करना चाहिए इसे प्यार से लेकर जाए यह कुर्बानी का जानवर है इसकी ताजमहल मत कीजिए बल्कि इस मकाम पर सोचिए कि हमें अल्लाह की रजा के लिए हर तरह की कुर्बानी के लिए
तैयार रहना चाहिए भाई जल्दी से रस्सी निकालो छुरी तेज करो शाबाश जल्दी करो दूसरा जानवर भी गिराना है अंकल जानवर को जिबाह करने से पहले चारा और पानी तो पिलाए और हां जानवर के सामने छुरी तेज करने से अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु ताला अलैहि वालि वसल्लम ने मना फरमाया है भाई ठीक है गुलाम रसूल हम ऐसा ही करेंगे जैसे हमारे नबी ने फरमाया है भाई दूसरे जानवर भी ले आओ सब एक साथ यहीं जिबाह करेंगे वक्त बहुत कम है अंकल एक और बात कहनी है कहिए गुलाम रसूल आप तो अच्छी-अच्छी बातें ही बताते हैं एक
जानवर के सामने दूसरे जानवर को जिबाह करने से भी अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु ताला अलैहि वा वसल्लम ने मना फरमाया गुलाम रसूल अल्लाह पाक आपको जजा खैर अता फरमाए आपने बहुत अच्छे तरीके से रहनुमाई फरमाई यह सब बुजुर्गा दिन की तरबियत का नतीजा है आ जाए नुमान भाई आ [संगीत] जाए कितने का लिया है एक लाख का है ठीक है बस कुछ छोटा लग रहा है मेरा ख्याल है कि गाय अच्छी होती है जी नहीं बकरा अच्छा होता है चले बबलू भाई बाबू अंकल से फैसला करा लेते हैं बाबू अंकल यह बताइए गाय अच्छी होती
है या बकरा बकरा बाबू अंकल क्या मैं वजह जान सकता हूं दरअसल न साल पहले गाय ने मुझे लात मारी थी जब से मैं गाय के बजाय बकरा ही लाता हूं हू बकरा इस पर कहक लगाकर नहीं हंसना चाहिए यह दिलों को मुर्दा कर देता है यह है बकरा जानदार बकरा ऐसा बकरा पूरी सोसाइटी में किसी के पास नहीं है बस बस बस क्या बस बस बस बस यह आज की बात है कल जब सुबह होगी तो सोसाइटी का हर बच्चा कहेगा बकरा तो बबलू भाई का है अभी तो नहीं है ना अभी मैं अपने
बाबा के साथ मंडी जा रहा रात तक बकरा लेकर आ जाऊंगा भाई य आप दोनों किस तरह की बात कर रहे हैं क्या आपने कुराने करीम की य आयात नहीं सुनी लाला इतरा नहीं बेशक अल्ला इतराने वालों को पसंद नहीं करता गुलाम रसूल भाई कुर्बानी की अहमियत के बारे में कुछ बताइए कुर्बानी की अहमियत का अंदाजा इस बात से लगा लीजिए कि अल्लाह के नबी सला अहि वा वसल्लम के फरमान का मफू है जो साहिबे हैसियत हो और कुर्बानी ना करे वो हमारी ईदगाह के करीब ना आए गुलाम रसूल भाई कुर्बानी के लिए ऊंट की
उम्र कितनी होनी चाहिए ऊंट की उम्र कम से कम 5 साल होनी चाहिए और गाय की उम्र कितनी होनी चाहिए गाय की उम्र कम से कम दो साल होनी चाहिए गुलाम रसूल मेरा भी एक सवाल है बहुत मुश्किल है भाई बहुत मुश्किल आप सवाल बताइए मुझे जवाब मालूम होगा तो जरूर बताऊंगा वरना किसी आलमी में दीन से मालूम कर लेंगे भाई इतने सारे जानवर हर साल बकरा ईद पर जिबाह होते हैं क्या ये जानवरों का जाया करना नहीं है इतने पैसे किसी फलाई काम में लगा दिए जाएं बाबू अंकल इस्लाम फला और बेबू के कामों
को पसंद भी करता है और तरकीब भी देता है और कुर्बानी के बहुत से फवाइव मैं आपको बताता हूं गरीबों को गोश में सर आता है जानवर पालने वालों को जानवर फरोग करने पर अच्छा मुनाफा मिलता है कइयों को रोजगार मिलता है खालों से इंडस्ट्री चलती है कुर्बानी की खाले गरीबों और मिस्कीन को मिल जाती है इस तरह हर साल करोड़ों खानदान को रोजगार मयस्सर आता है फलाही काम भी होते हैं भाई गुलाम रसूल बहुत खूब आजा मेरे बकरे अब सब बच्चों को पता चलेगा बबलू का बकरा कैसा है बाबा यह बबलू भाई ने अपने
बकरे को कपड़े क्यों पहना दिए हैं अब फैजान भाई ने पूछा तो क्या कहूंगा बबलू भाई बबलू भाई बाद में मिलेंगे बाद में कुछ तो गड़बड़ है बबलू भाई ये आपने इतनी गर्मी में अपने बकरे को कपड़े क्यों पहनाए हुए हैं बस वैसे ही वैसे ही पहनाए हुए हैं कुछ तो गड़बड़ है यह बात समझ नहीं आ रही कि आखिर इस शदीद गर्मी में बबलू भाई ने अपने बकरे को कपड़े क्यों पहनाए हुए हैं यही बात तो मुझे समझ नहीं आ रही मेरा ख्याल है कि बबलू भाई कोई ऐब वाला बकरा लाए हैं एक तरकीब
है मेरे पास आ जाए नुमान भाई आ जाए ये तो बकरी है ये आप चोरों की तरह बबलू भाई के घर से क्यों निकल रहे हैं हम देखने गए थे क्या देखने गए थे यही कि बबलू भाई ने अपने बकरे को कपड़े क्यों पहनाए हुए हैं लेकिन मालूम हो गया कि बबलू भाई बकरे की जगह बकरी खरीद कर लाए हैं यह तो बहुत बुरी बात है कि आप दूसरों के घर में उसकी इजाजत के बगैर दाखिल हो हम यह बात तो हम भूल गए थे आ रहे बबलू भाई आ रहे हैं बबलू भाई बकरी खरीदी
है आपने बहुत बुरी बात है फैजान भाई इस तरह किसी का मजाक नहीं उड़ाते क्या आपने कुराने करीम कीय आयत नहीं सुनी ईमान वालों मर्द दूसरे मर्दों पर ना हसे हो सकता है कि वह इन हसने वालों से बेहतर हो और ना औरतें दूसरी औरतों पर हंसे हो सकता है कि वो इन हंसने वालियों से बेहतर हो और आपको मालूम है बकरी की भी कुर्बानी होती है और नोमान भाई आप भी मैं तो कह रहा था बबलू भाई आप बिला वजह परेशान हो रहे थे आपको मालूम है अंबिया कराम ने भी बकरियां पाली थी बकरी
भी उन जानवरों में से है जिनकी कुर्बानी जायज है जैसे गाय और बैल दोनों की कुर्बानी की जाती है इसी तरह बकरे और बकरी दोनों की कुर्बानी की जा सकती है लिहाजा हमें बिला वजा इस पर नकीद नहीं करनी चाहिए बबलू भाई मुझे माफ कर दीजिए और मुझे भी इट्स ओके कोई बात नहीं