सलाम वालेकुम वेलकम टू क्लास नंबर 26 बैच नंबर 40 अच्छा जी वीएसए हमारा चल रहा है और वीएसए में आज हमारी जो क्लास है देखिए अब तक आपने वीएसए में जो चीजें पढ़ी है ना ज्यादा काम हमारा आप ये समझे कि 90% काम उसी पे होगा ठीक है जिसमें सबसे पहले आपने क्लाइमेटिक एक्शन बार पढ़ ली उसका सिनेरियो नंबर वन टू थ्री टू भी अच्छा स्ट्रांग सेटअप होता है थ्री हाई प्रोबेबिलिटी सेटअप होता है अगर वो ट्रेंड के साथ बन रहे हैं तो और उसके बाद ऑटोमेटिक रैली का सेटअप होता है वो बहुत हाई क्लास
और हाई एक्यूरेट सेटअप होता है। उसके बाद आपने पढ़ा टू बार रिवर्सल टू बार रिवर्सल और ये बाकी चीजें। अब ये अभी ये क्वेश्चन भी मैं चैट में देख रहा था। उन्होंने पूछा हुआ है कि इनको फिर हमने कहां पे देखना है? मसल आपके पास ये बुलिश ट्रेंड चल रहा है। ठीक है जी। तो अब टू बार रिवर्सल को या शेक आउट को अप थ्रस्ट को उसके बाद आपने पढ़ा एफर्ट रिजल्ट को इन चीजों को कहां पे देखना है? फिर क्लाइमेट बार का तो आपको चीजें क्लियर हो गई हैं। तो एक बात याद रखें ट्रेडिंग
में जिस तरह मैं आपको बार-बार तकरीबन हर क्लास में एग्जांपल देता हूं। कि पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट सबसेेंट चीज है। पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट क्या है? कोई भी अभी आपकी नेक्स्ट वीक में इंशा्लाह आपने लिक्विडिटी भी पढ़नी है। लिक्विडिटी से पहले ना हम रिस्क मैनेजमेंट पढ़ेंगे। ठीक है? रिस्क मैनेजमेंट ये होती है कि आपने ट्रेड कैसे लेनी है? पिप्स क्या होते हैं? क्या होने से मुराद ये है कि किस टाइम फ्रेम पे आपको कितने पिप्स लेने के बाद ट्रेड को सिक्योर करना चाहिए। तो इस लॉट साइज कैसे आपने शिफ्ट करना है? छोटा बड़ा कैसे करना है? और
क्या स्ट्रेटजीस हो सकती हैं इस हवाले से। तो रिस्क मैनेजमेंट, ट्रेड मैनेजमेंट ये चीजें इंशाल्लाह हम पढ़ लेंगे पहले। उसके बाद जो नेक्स्ट होगा आपका थर्सडे और फ्राइडे उसमें आपके दो या तीन सेशन जितने हमें जरूरत पड़ेंगे वो हम लिक्विडिटी के भी करेंगे। तो फिर आपको पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट मज़द क्लियर हो जाएगा। अब आपको पता है कि आपके पास जैसे ये सिनेरियो है लास्ट हमारे पास इसमें आपको ये चीज़ नजर आ रही है। इसमें आपके पास दो पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट स्ट्रांग होते हैं। पहला यहां पे होता है और दूसरा यहां पे होता है। क्यों होते
हैं यहां पे? यह इंपल्स वेव का ही है। ऊपर जिसने ये स्ट्रक्चर ब्रेक किया है सारा। ठीक है? तो इसे ये देखिए ना ऊपर स्ट्रक्चर ब्रेक हुआ है। तो इस इंपल्स वेव का जो लो है उसको मार्क कर लें बस। यह आपका पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट है सबसे स्ट्रांग। अब प्राइस यहां पर आती है। यहां पर अप्रोच करती है। इसको ब्रेक करने के बाद देख रहे हैं आप दो-ती दिन से यही काम हो रहा है। लिक्विडिटी स्वीप नहीं हो रही। लेकिन यहां पे कोई एफजी कोई ऑर्डर ब्लॉक होता है। वहीं पे प्राइस कोई बड़ा वॉल्यूम देती
है। लो ब्रेक करती है। हाई ब्रेक करती है और प्राइस बाय हो जाती है। ऐसे ही चल रहा है ना दो-ती दिन से आप एच1 में भी देखेंगे तो सेम चीजें बन रही हैं। तो ये पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट आपका अच्छा है। यह वाला पीओआई और यह वाला पीओआई भी अच्छा है। अब हर वक्त तो क्लाइमेटिक रिएक्शन बाहर नहीं आएगी। हर वक्त ऐसा नहीं होगा कि यहां पे आके सबसे बड़ा वॉल्यूम आए और यहीं पे आने के बाद उसका लो ब्रेक हो। हो फिर हाई ब्रेक हो आप बाय कर लें। सिनेरियोस बनते हैं इन्हीं जगहों पे
बनते हैं अमूमन लेकिन हर दफा नहीं बनते। फिर यह है कि अगर प्राइस ने यहीं से उठना है इस जगह से। पहले पॉइंट ऑफ़ इंटरेस्ट से ही उठना है इस जगह पे। तो यहां पे जरूरी नहीं है क्लाइमेटिक एक्शन बार आए। मुमकिन है यहां पे टू बारिसल बन जाए ऐसे। अब फिर एक और चीज़ है जब आपके पास क्लाइमेटिक एक्शन बार बनती है। फॉर एग्जांपल प्राइसेस यहां से नीचे आ रही हैं। यहां से प्राइस ने ड्रॉप देना शुरू किया अपने हाई से। अब ये पॉइंट ऑफ़ इंटरेस्ट आ गया। ठीक है? यहां पे आपके हिसाब से
क्लाइमेटिक रिएक्शन बार भी बन गई। कैसे बन गई? क्लाइमेट बार कि सबसे बड़ा वॉल्यूम इसी कैंडल में आ गया। कैंडल नंबर फोर में सबसे बड़ा वॉल्यूम आ गया। ठीक है जी? अब ये भी नहीं कि यह कोई बहुत बड़ा वॉल्यूम था। पिछले वॉल्यूम से थोड़ा ही बड़ा वॉल्यूम है। तो यहां पे अगर ये चीज बन जाती है। ये लें। ठीक है? तो अब ये क्या है? इसको आप सिनेरियो नंबर टू भी कह सकते हैं। क्लाइमेटिगेशन बार का लो स्वीप हुआ। हाई ब्रेक हो गया। सिनेरियो टू भी कह सकते हैं। ठीक है? और यह अगर एक
ही कैंडल में सारा काम हो जाए यानी पूरा सेटअप दो कैंडल्स में बन गया। एक सेल की कैंडल, एक बाय की कैंडल। तो, यह टू बार रिवर्सल भी तो बन गया ना? तो किन जगहों पर देखेंगे पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट पे ही हर चीज आपको पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट पे ही चाहिए होती है। अगर आगे पीछे बन रहे हैं आप ट्रेड कर सकते हैं। आज जो हमारी पहली ट्रेड थी जो 3 मिनट में बाय किया था वो भी अच्छी ट्रेड थी लेकिन क्योंकि वो किसी वैलिड पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट के बगैर बनी थी तो हमने लाइव पे ही
बताया था कि रिस्क कम रखें कम रिस्क पे बाय करें। उसकी वजह यह थी कि वो अच्छा पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट नहीं था। मैं आपको उसकी पहले बल्कि दिखा भी दूंगा आज ट्रेड वो। तो यह बात आपको समझ आ गई। उसके अलावा फिर आपने शेक आउट पढ़ा। शेक आउट भी जा रहा है। इसी जगह पे प्राइस आएगी। यहां पे शेक आउट बन सकता है। वह सेल की कैंडल में भी हो सकता है। वह बाय की कैंडल में भी हो सकता है। बहुत डिटेल से आपको मैंने पढ़ाया था यह चीज़ इस तरह। इसी पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट पे
आके इसी लो पे आके यहां पे शेक आउट बन सकते हैं। उनका वॉल्यूम थोड़ा सा बड़ा होता है। जो रेंज के वॉल्यूम चल रहे होते हैं जो वॉल्यूम्स अमूमन आ रहे होते हैं उनसे थोड़ा सा बड़ा वॉल्यूम होता है। जैसे इनका हाई ब्रेक करेगा। अगर सेल की कैंडल का बन गया है तो जैसे ही इसका हाई ब्रेक होगा आप यहां से बाय कर लेंगे। सिंपल चीज़ थी। बिल्कुल ये भी एफर्ट प्रोसेस रिजल्ट भी वो अगर नीचे से आप बाय कर रहे हैं तो ग्रीन बनेगा। टॉप पे जाके वो सेल का बनेगा। किसी को समझ आ
गई थी, तो अच्छी बात है, नहीं तो फिर आपको क्लासेस बार-बार देखनी पड़ेगी और लाइव में बैठेंगे, तो फिर रोज़ जब एक चीज़ डिस्कस होती है, तो बार-बार आपको समझ आ जाएगी। यहां तक कहानी ख़तम हो जाती है आपको असल बताऊं तो। ठीक है? अब अगली जो दो चीज़ है ना वह ऐसी हैं कि आपको पता है, तो आप उससे फायदा उठा सकते हैं। नहीं पता उसके बगैर भी काम करना चाहेंगे, तो आप कर सकते हैं। अच्छा, ये जो मैंने आपको अभी तक जो बताया है, उसको हम यहां पे नोट करते हैं। अभी तक आपको
जो चीज़ बताई है उसको हम यहां पे नोट करते हैं। क्लाइमेटिक एक्शन बार्च ऐसे लिख लेते हैं टाइम बचाने के लिए। ठीक है? सिनेरियो नंबर वन टू थ्री फोर ऑटोमेटिकली आपका मैक्सिमम काम इन सेटअप्स पे होना चाहिए। ठीक है जी? इन सेटअप्स पे आपका मैक्सिमम काम होना चाहिए। सबसे इंपॉर्टेंट चीज ये है ये जिसको आ गई और स्ट्रक्चर पता है उसको दुनिया की किसी और स्ट्रेटजी की जरूरत ही नहीं है। और दूसरी बात जो हम कहते हैं बार-बार अपनी क्लासेस में भी कि हाई प्रोबेबिलिटी सेटअप है और आपका 95% बैंड डेट है तो उसके लिए
दो शरायत हैं। हाई प्रोबेबिलिटी जो सेटअप्स होते हैं उनके लिए दो शरायत होती हैं। पहली शर्त तो होती है कि वो हमेशा विद द ट्रेंड बनेंगे। ट्रेंड का ख्याल रखना है। विद अगेंस्ट अ ट्रेंड हाई प्रोबेबिलिटी सेटअप होता ही नहीं है। वो विद द ट्रेंड होता है हमेशा। अगर आप बुलिश में देख रहे हैं तो फिर बुलिश के ट्रेंड होना चाहिए पहले। अगर सेल करना चाह रहे हैं तो सेल का ट्रेंड होना चाहिए। पहली चीज और दूसरी चीज क्या होती है? क्लाइमेटिक एक्शन बार का सेटअप। किस जगह पे? अच्छे पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट पे। ट्रेंड में
अच्छे पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट पे। ट्रेंड तो ये भी होता है। मैं आपको इसकी एग्जांपल देता हूं ना। ट्रेंड तो ये भी था कि पाकिस्तान में धड़ाधड़ सीएनजी स्टेशंस लग रहे थे। आप में से जो जरा ऐज के लोग हैं 30 साल से ऊपर के उनको याद होगा कि सीएनजी स्टेशंस पे कैसे लाइन लगती थी। 2008 9 10 11 6 इसके बाद उस टाइम भी बहुत अच्छी इन्वेस्टमेंट थी। लोगों ने बहुत अच्छे से पैसे भी बनाए। लेकिन एक टाइम वो आया कि कुछ लोग उस वक्त सीएनजी स्टेशन बनाना चाह रहे थे। गैस स्टेशन बनाना चाह रहे
थे कि जब बाकी लोग कमा के निकल चुके थे। ठीक है? उन्होंने तीन चार साल में अच्छा अपना वो बना लिए पैसे और वो वो खत्म कर रहे थे और नए लोग एंटर हो रहे थे। उसे कहते हैं भेड़चाल। के बस जिस तरह भेड़ें जाती है ना तो बाकी भेड़ भी चल पड़ती है। वो नहीं देखती क्या है आगे। तो इस तरीके से आपने ट्रेंड में भेड़चाल का शिकार नहीं होना। ट्रेंड में क्लाइमेट रिएक्शन बार तो चले ट्रेंड तो है ही। ही तो मैंने बात कर दी। लेकिन ट्रेंड में बैठना किस जगह से है उसके
लिए आपके पास पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट होना चाहिए। समझ आ गई? तो, यह चीजें चाहिए। ट्रेंड चाहिए, ट्रेंड का पता होना चाहिए। क्लाइमेटिगेशन बार सेटअप चाहिए। किस जगह पे? अच्छे पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट। पर बस। फिर वह हाई प्रोबेबिलिटी सेटअप कहलाएगा। इसकी एक्यूरेसी आपको मैं बताता हूं कि 95% है। आप टेस्ट करें बेशक। और सेटअप कौन सा होना चाहिए? क्लाइमेटिगेशन बार का वो आपको बताया हुआ है। टू पे काम कर लें, थ्री पे कर लें, ऑटोमेटिक रैली पे कर लें। थ्री और ऑटोमेटिक रैली पे। तो आपको कंफर्म सेटअप्स पे अच्छी बहुत हाई विंड रेट मिलेगा। यहां तक
हो गई पहली बात। अब आ जाते हैं इससे आगे। इसके बाद आपने क्या पढ़ा था? इसके बाद आपने पढ़ा था। ये मैं इसलिए बता रहा हूं सारी चीज़ें डिटेल से दोबारा कि हमारा वीएस समझे खत्म हो गया। ये जो दो चीजें हम पढ़ने लगे हैं ये नहीं भी आपको आती होंगी तो मसला कोई नहीं है। नंबर टू। नंबर टू आपने पढ़ा था टू बार रिवर्सल। अब टू बार रिवर्सल जो है इसकी अच्छी है। एक्यूरेसी है। बहुत अच्छा काम करता है। टू बार रिवर्सल। आपने इसकी आप इसकी रोजाना एग्जांपल्स भी देखते होंगे। लेकिन इसका एक्यूरेसी लेवल
उतना स्ट्रांग नहीं है, उतना अच्छा नहीं है जितना इन 1 2 3 या टू थ्री और ऑटोमेटिक रैली का है। लेकिन फिर भी 80% से ऊपर आपको इस पे रिजल्ट मिलेगा। अच्छे पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट पे अगर ट्रेंड के साथ देख रहे हैं टू बाय रिवर्सल तो बहुत अच्छा है। 80% से भी अबव आपको ये देगा। फिर उसके बाद जो चीज़ हमने पढ़ी थी शेक आउट अप थ्रस्ट या अह जो हमने पढ़ा था शेक आउट अप थ्रस्ट और एफर्ट वर्सेस Z। ठीक है? उसके बाद जो क्लासेस आपकी हुई हैं वो भी एक जैसी वो भी आपको
80% तक दिखें। अगर आप उनको जाहिर है अच्छे तरीके पे अच्छे पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट पे चला रहे हैं। यानी वो सब चीजें अलग हैं और ये ऊपर वाली अलग है। अब जो चीज़ हमने आज पढ़नी है ये अकेली काम नहीं करेगी। अब तक आपने जो जो चीजें पढ़ी हैं उन्होंने अकेले-अकेले काम किया। ठीक है? अब जो चीज़ हम पढ़ेंगे वो अकेले काम नहीं करेगी लेकिन कंफर्मेशन बहुत अच्छी है। तो आज का हमारा टॉपिक है नो सप्लाई कैंडल। नो सप्लाई कैंडल कह लें या नो सप्लाई टेस्ट कह लें। इसका बेहतर नाम टेस्ट है। ठीक है? और
नो डिमांड टेस्ट। चले एक कैंडल कह लें ताकि दोनों नाम लिख देता हूं आपको जो भी याद रह जाए। ठीक है? नो डिमांड नई डिमांड लिख दिया। चलिए यह भी वही है। नो सप्लाई टेस्ट और नो डिमांड टेस्ट। नो डिमांड कैंडल। नो डिमांड नो सप्लाई कैंडल भी कह सकते हैं। नो डिमांड कैंडल भी कह सकते हैं। अच्छा अब ये क्या होती है? पहले इसको समझ लें। फिर इसके एग्जांपल देख लेते हैं। होता है इस तरह जी कि जब आपके पास बुलिश ट्रेंड चल रहा है। पहले हम बात करेंगे बुलिश ट्रेंड की। ठीक हो गया जी।
अच्छा बुलिश ट्रेंड के रिट्रेसमेंट पे आपने देखने होते हैं साइन ऑफ स्ट्रेंथ। तो साइन ऑफ स्ट्रेंथ में सबसे स्ट्रांग चीज आपको क्या बताई है? मैं अभी इसी के ऊपर बनाऊंगा। आपके पास है जी बुलिश ट्रेंड। ये आपके पास लगी है एक इंपल्स वेव। ये ये इंपल्स वेव जा रही है। ठीक हो गया जी। इस इंपल्स वेव ने क्या किया था? ये वाला स्ट्रक्चर ब्रेक किया था। ऐसे ही है। इंपल्स वेव लग गई। इंपल्स वेव के बाद यहां पे आपकी रिट्रेसमेंट स्टार्ट होगी। जरूरी नहीं होता कि रिट्रेसमेंट में सब की सब ग्रीन या सब की सब
सॉरी रेड कैंडल्स ही बन रही हो। बीच में ग्रीन कैंडल्स भी आ सकती हैं। यह आपकी रिट्रेसमेंट आ गई। अब इस जगह पे या इस लो पे आके आपको क्या चीज चाहिए होती है? आपको चाहिए होती है सबसे अच्छा टेस्ट है क्लाइमेटिक एक्शन बार। आपको फॉर एग्जांपल यहां पे एक क्लाइमेटिक एक्शन बार भी मिल गई। ये लें जी। ठीक हो गया जी। यह लिक्विडिटी भी स्वीप हो गई। पिछला जो लो था उसके नीचे वीक भी लग गई। और क्लाइमेटिक एक्शन बार आपको मिल गई। आपने उसका हाई भी मार्क कर लिया। आपने उसका लो भी मार्क
कर लिया। जिस तरीके से आप काम करते हैं। सब चीजें वही चल रही हैं। अब होता यह है कि चलिए हम कहते हैं जी सिनेरियो नंबर टू बन जाता है। ठीक है? सिनेरियो नंबर टू क्या करता है? प्राइस या थ्री बन जाता है। जो भी बन जाए यह इसने लो स्वीप कर दिया। अब लो स्वीप करके सरियो टू के हम हम सोच रहे हैं सरियो टू बन जाएगा। सरियो टू बनने की बजाय प्राइस और नीचे आ जाती है। ये लें लो ब्रेक कर देती है। ठीक है जी? फिर अंदर आती है। वापस उठ जाती है
ना? लो ब्रेक करने के बाद इसने हाई ब्रेक अपर ट्रिगर लाइन जो अपर ट्रिगर लाइन है इसको ब्रेक करने आना होता है। ऊपर चली जाती है और यहीं पे कहीं पे जहां पे इसकी ट्रिगर लाइंस लगी हुई है। ये जो एक्स्ट्रा लाइन है इसको मैं डिलीट कर रहा हूं। एक्स्ट्रा लाइन को डिलीट कर रहा हूं। ये लिक्विडिटी की लाइन है। अच्छा जी। यह हमारे पास लोअर ट्रिगर लाइन और यह अपपर ट्रिगर लाइन आ गई। प्राइस अंदर आती है। अंदर आने के बाद यहां पर किसी जगह पर यानी इसी जोन के ऊपर नीचे यह जो आपके
पास सबसे बड़े वॉल्यूम वाली कैंडल थी ना इसको हम क्लाइमेटिक एक्शन बार कह रहे हैं। यह सबसे बड़े वॉल्यूम वाली जो कैंडल थी ये रहा। इसी के जो ट्रिकल लाइंस होती हैं इन्हीं के अंदर या इसके फ़ौरन नीचे या इसके फ़ौरन ऊपर आमतौर पे बिल्कुल नीचे या इसके अंदर बनती है ये कैंडल। अब इस कैंडल की शेप क्या होती है? पहले वो समझ ले जी। यह दो वॉल्यूम और आ गए। बाय का एक वॉल्यूम आ गया। यह बाय का दूसरा वॉल्यूम आ गया। चल जी यहां तक बात क्लियर हो गई। यहां पे सेल की एक
ऐसी कैंडल बनती है जिसका साइज भी काफी छोटा होता है। इस तरह ठीक है जी। छोटे साइज की कैंडल होती है। नीचे आप देखेंगे तो इसका वॉल्यूम बहुत छोटा सा होगा। समझ आ रही है बात की? बनती कहां पे है? देखिए पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट तो मैंने कहा कि हर काम के लिए जो हमारी हाई प्रोबेबिलिटी सेटअप है, उसके लिए भी आपके पास पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट अच्छा होना जरूरी है। अब पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट आ गया। अब पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट पे क्या चाहिए? वॉल्यूम कन्फर्मेशन चाहिए। उसमें पहली कन्फर्मेशन क्या हो सकती है? आपके पास यह क्लाइमेट रिएक्शन
बार आ गई। ये बड़े वॉल्यूम की बार आ गई। ठीक है जी। क्लाइमेट रिएक्शन बार का लो ब्रेक होता है या नहीं होता या स्लो स्वीप होता है या नहीं होता। बहाल इसी रेंज के अंदर-अंदर एक और सेल की कैंडल बनेगी जिसका साइज भी छोटा होगा। अच्छा साइज में ना कुछ लोग इसकी विक बताते हैं कि इसके ऊपर छोटी आ सकती है विक। इस तरह कुछ कहते हैं कि इसके नीचे थोड़ी सी विक आ सकती है। ऊपर विक नहीं होनी चाहिए। लेकिन जब आप एक्सपेरिमेंट करेंगे ना इसको आप इसको पढ़ के प्रैक्टिस करेंगे तो आपको
हर तरह की शेप नजर आएगी। ठीक है? तो शेप इतना ज्यादा मैटर नहीं करती। हां एक चीज है कैंडल का जो स्प्रेड है जिसका साइज है टॉप से लेके लो तक वो छोटा होना चाहिए। शकल चाहे ऐसी बन जाए। ये लें ऐसी बन जाए। शकल चाहे ऐसी बन जाए। शकल चाहे ऐसी बन जाए। ठीक है? डोजी बन जाए। इसका कोई इतना खास मसला नहीं है। किसी भी तरह की कैंडल बन सकती है। आपने ध्यान ये करना है कि उसका वॉल्यूम बिल्कुल छोटा हो। अब एक तो होता है बिल्कुल छोटा। जैसे यह मैंने आपको बना के
दिखा दिया। समटाइ्स वॉल्यूम ऐसे आ जाता है। अब इसको मैं कह रहा हूं बिल्कुल छोटा। ठीक है? तो यह क्या है? यह भी तो काफी छोटा ही है। तो इसकी टेक्निकल आपको एक मैं पहचान बता देता हूं। वो ये होती है कि इसका जो वॉल्यूम होता है वो पिछली दो कैंडल्स कम से कम पिछली ज्यादा कैंडल से छोटा है तो बहुत अच्छी बात है। जैसे यहां पे अगर आप इसको देखें तो 1 2 3 4 पांच कैंडल से छोटा वॉल्यूम है। लेकिन टेक्निकली जो प्रीवियस टू कैंडल्स होती हैं आखिरी दो कैंडल्स होती हैं। उनसे तो
हर सूरत छोटा होना चाहिए। अगर उनसे छोटा भी नहीं है फिर तो यह नो सप्लाई कैंडल बनेगी ही नहीं। ठीक है? फिर यह नो सप्लाई कैंडल नहीं बनेगी। तो क्या इसकी शर्त है कि एक तो वॉल्यूम काफी छोटा आपको नजर आ जाए। आप देखते हैं कि जी ये तो पिछली 10 कैंडल से छोटा है। बिल्कुल ठीक है। लेकिन अगर पिछली 10 कैंडल से छोटा नहीं है। मिसाल के तौर पे हम यहां पे एक कैंडल कोई और बना लेते हैं। इस जगह पे ये वॉल्यूम था। इस जगह पे ये वॉल्यूम था। अब यह पिछली 10 कैंडल
से छोटा तो नहीं है लेकिन प्रीवियस टू कैंडल्स से तो छोटा है तो इसको हम नो सप्लाई कह सकते हैं। समझ आ गया कि यह आपकी नो सप्लाई कैंडल है। अब इसको ट्रेड कैसे करना है और इसका फायदा क्या है? इसका ये सारा दिन बनेगी। ये हर जगह पे बन रही होगी। आपको समझ नहीं आएगी आप ट्रेड करें कि ना करें तो आसान तरीका बता दिया है। क्लाइमेटिक एक्शन बार पहले आ चुकी होगी। क्लाइमेटिक एक्शन बार चाहे वो सेल की है चाहे बाय की है। अगर बाय की है तो वो ऊपर जाके बनेगी। बाइंग क्लाइमेक्स।
यह सेल की है ये सेलिंग क्लाइमेक्स है तो यह नीचे आके बनेगा जाहिर है इस जगह पे आके। ठीक है जी? तो पहले आपका बड़ा वॉल्यूम आ चुका हो अल्ट्रा हाई वॉल्यूम या एक बिग वॉल्यूम आ चुका हो उसके बाद थोड़ी सी प्राइस रेंज करे या बेशक अगली कैंडल भी बन जाए कोई मसला नहीं है। ऐसी कैंडल बननी चाहिए जिसका स्प्रेड यानी साइज छोटा हो और उसका वॉल्यूम भी पिछली कम से कम दो कैंडल से छोटा हो। अब इसको ट्रेड कैसे करना है? इसको ट्रेड करना आपने ऐसे है कि जैसे ही प्राइस इसका लो स्वीप
करे और ऊपर क्लोजिंग कर दे। ऐसे ऊपर मोमेंटम से होनी चाहिए। नीचे से लो स्वीप कर ले। लो स्वीप करे तो बहुत अच्छी बात है। लो नहीं भी स्वीप किया फिर भी ठीक है। लेकिन अगर लो स्वीप कर लिया तो फिर यह कमाल है। ठीक है? अब आ जाता है वॉल्यूम। इसका वॉल्यूम कैसा होना चाहिए? तो जाहिर है ये कैंडल ऐसी बनेगी जिसका वॉल्यूम पिछली बहुत सारी कैंडल्स या पिछली कम से कम दो कैंडल से छोटा होगा। तो इसमें थोड़ा बड़ा वॉल्यूम भी आ गया अगर तो कोई मसला नहीं है। समझ आ गई? वैसे भी
मैंने आपको समझाया हुआ है कि जब लिक्विडिटी इन्वॉल्व हो जाती है ना, तो लिक्विडिटी इन्वॉल्व होने के बाद उस ज़ोन में अगर यह देखिए ना टू बार रिवर्सल बन गया ना ये। सेम कंडीशन है। टू बार रिवर्सल ऑर्डर ब्लॉक बन गया। तो उसमें अगर टू बार रिवर्सल का वॉल्यूम बड़ा भी हो जाए तो कोई मसला नहीं है इस ज़ोन में आने के बाद। तो बिल्कुल इसी तरीके से यहां पे जब नो सप्लाई कैंडल आ गई है तो नो सप्लाई कैंडल क्या होती है? देखें नो सप्लाई कैंडल का कांसेप्ट ये होता है कि यहां से प्राइस
ड्रॉप कर रही थी। जब कीमतें गिर रही होती हैं तो इसी चीज की कीमत गिर रही है। यह आप लोगों ने मैसेज में जवाब देना है। तो जो इन्वेस्टर है इन्वेस्टर इन्वेस्टर हम जिसे कहते हैं ना इन्वेस्टर जिसके पास ₹5 लाख हम कहते हैं इन्वेस्टर है। ठीक है? किसी प्रॉपर्टी में चले जाए जिसके तीन प्लॉट हैं वो कहते हैं जी मैं इन्वेस्टर हूं। इन्वेस्टर ये नहीं होता। इन्वेस्टर की जो टर्म्स हैं वो आप Google करेंगे तो आप हैरान रह जाएंगे कि इन्वेस्टर कहते किसे हैं। या नहीं हज़ारों लाखों में से कोई एक इन्वेस्टर होता है।
बहरहाल अभी हमारा टॉपिक ये है कि जब प्राइसेस गिर रही होती हैं तो जो अकलमंद जो सरमाएदार होगा वो अपना माल बेच देगा सारा या और खरीदना शुरू कर देगा। यह आपने चैट में बताना है कि वो खरीदेगा या बेचना शुरू कर देगा? जल्दी से बता दें। और आकिब जावेद यह क्या नाम है आपका? आप लाइंस ना लगाएं कम से कम चार्ट पर। मैं मिलकर इसको डिसेबल कर देता हूं। अच्छा जी। ओो मैसेज तो काफी ऊपर निकल गया। बाय करेगा। इन्वेस्टर विल बाय। इन्वेस्टर विल बाय। शायद कोई ऐसा इन्वेस्टर हमारे पास मौजूद हो जो कहे
जी मैं बेच दूंगा डर के एक बार चेक कर लेते हैं। खरीदेगा। खरीदेगा। चल जी। खरीदेगा जी। ठीक है। तो इन्वेस्टर जो है वो हमेशा खरीदेगा। गिरती हुई मार्केट में। तो यहां पे बाइंग चल रही होती है। जब प्राइसेस ड्रॉप दे रही होती है तो स्मार्ट मनी की बाइंग हमारी तरह नहीं होती कि हमने एक जगह से खरीद लिया नीचे स्टॉप लॉस लगा दिया। वो गिरती मार्केट में खरीदते रहते हैं। 1000 का भी खरीद लिया। 1000 से 800 पे आया और खरीद लिया। 800 से 600 पे गया और खरीद लिया। बल्क बाइंग कर ली। ठीक
है? 400 पे आया बहुत ज्यादा खरीद लिया। तो सेम चीज़ यहां पे हो रही थी। गिर खरीदते आ रहे होते हैं। यहां पे आके इसको कहते हैं कि क्लाइमेक्स आ गया। इसीलिए आप इसको सेलिंग क्लाइमेक्स कहते हैं। बस यहां पे जितना बस डेट गिरना था जितना उन्होंने खरीदना था वो खरीद चुके हैं। यहां से ऊपर का सफर है। अब उसके बाद फिर यह कैंडल का मतलब क्या होता है? वह चेक करते हैं कि क्या कोई सप्लायर है अभी और क्या मार्केट में कोई जान बाकी है? खुला छोड़ते हैं आप समझे एक दफा। तो यह कैंडल
छोटी सा साइज और छोटी कैंडल और छोटा सा वॉल्यूम यह बताते हैं कि सेलर खत्म हो गए हैं। ठीक है? यानी सप्लाई खत्म हो गई है। सप्लाई मार्केट से खत्म हो गई है। अब इस टाइम वो हैं जो बायरर्स हैं। वो वही लोग हैं। जाहिर है बायर कौन होता है? यहां से स्टॉप लॉस गिराते गिराते गिराते सबको जो सारी सप्लाई तो खत्म कर देते हैं। ठीक है? यहां टॉप सप्लाई होती है ना आते-आते सप्लाई खत्म हो जाती है। जब सप्लाई खत्म होती है तो नो सप्लाई कैंडल बनती है कि बस अब मज़द सप्लाई यहां पे
मौजूद नहीं है। सबको निकाल दिया गया है। उसके बाद जैसे ही नो सप्लाई कैंडल का वॉल्यूम ब्रेक होता है अपसाइड ये आपकी बाइंग यहां से स्टार्ट होती है। अब मैं आपको इसकी आज की लिस्ट से रीसेंट एग्जांपल भी दिखाऊंगा। इसका आपको फायदा क्या है? इस टेस्ट का आपको क्या फायदा हुआ है? दो टेस्ट के दो फायदे हुए हैं। एक फायदा तो यह हुआ है कि आप जिसको क्लाइमेट एक्शन बार समझ रहे थे कि यहां से बाइंग स्टार्ट होनी है। उस वह नीचे ही कंफर्म हो गई है। नहीं नीचे उसने कंफर्म कर दिया कि हां जी
बस यह बाइंग हो गई है। क्लाइमेट एक्शन बार की शक्ल बता रही है। लिक्विडिटी ज़ोन बता रहा है कि बाइंग हो गई है। और नो सप्लाई कैंडल यह बता रही है कि और अब यहां पे सप्लाई मौजूद नहीं है। ठीक है? सप्लाई खत्म हो गई है। तो जब सप्लाई खत्म हो गई है तो फिर डिमांड में इजाफा होगा। उसी चीज की सप्लाई है मार्केट में। जैसे ईद का दिन है, बड़ी ईद है या कोई ऐसा इवेंट है। टमाटर खत्म हो गया मार्केट से तो क्या होगा? रेट बढ़ेगा ना। अभी पिछले दिनों पाकिस्तान में आपने देखा
कि जिन इलाकों में सैलाब था, पानी था, वहां पर छोटी-छोटी चीजें धनिया भी महंगा हो गया। वजह क्या है कि सप्लाई खत्म है। नहीं आ रहा मार्केट में तो वो डिमांड बढ़ी है तो महंगा हो गया। तो अब यहां पे सप्लाई इस जगह पे खत्म। नो सप्लाई कैंडल यह बताती है कि अब मजीद सप्लाई यहां पे नहीं है। अब यहां से बाइंग स्टार्ट हो जाएगी। तो, जैसे ही इसका हाई ब्रेक होगा, आप यहां से बाय करेंगे। दो फायदे क्या बता रहा हूं। एक यह कि आपको इसकी कन्फर्मेशन आ गई कि मैं ठीक सोच रहा हूं।
क्लाइमेक्शन बार ही है यह। पहला फायदा यह हो गया। दूसरा फायदा क्या हो गया? दूसरा फायदा यह होगा कि स्टॉप लॉस बहुत छोटा बन जाता है। स्टॉप लॉस बहुत छोटा बन जाता है। स्टॉप लॉस आप इसके नीचे लगा सकते हैं। ठीक है? अब चक्कर क्या है? बाय तो यहां से आपकी चल पड़ेगी। बहुत अच्छा सेटअप है ये। लेकिन ये जो कैंडल होती है ना ये बनती है सारा दिन। लोग इसमें मैंने इसको पढ़ाना छोड़ दिया था दरमियान में। काफी सारे बैचेस में नहीं पढ़ाया। उसकी वजह ये है वो सारा दिन मुझे स्क्रीनशॉट आना शुरू हो
गया। सर ये नो सप्लाई फेल हो गई। नो डिमांड, नो सप्लाई फेल, नो डिमांड फेल, नो सप्लाई फेल। हालांकि अब जो मेन कांसेप्ट मैं बता रहा हूं, वो तो समझते नहीं है। पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट होना चाहिए। क्लाइमेटिक बाहर होनी चाहिए। कम से कम बड़ा वॉल्यूम होना चाहिए। उसी के ज़ोन में बननी चाहिए दरमियान में कहीं पे। ठीक है? मैं आपको वो भी दिखाऊंगा जो चलती हैं। दरमियान में बनती हैं वो भी चल जाती हैं। वो कंटिन्यूशन पैटर्न होता है वो भी आपको दिखाऊंगा अभी। तो यहां पे लेकिन उसकी एक्यूरेसी उस तरह नहीं है। फिर वहां
आप मार भी खा सकते हैं। तो ये बन गई। इसका हाई ब्रेक हुआ। यहां से आपका एंट्री पॉइंट है। ये आपकी ट्रेड है। ये आपका एंट्री पॉइंट है। नीचे आप एसएल कहां पे है? अब आप एसएल यहां पे लगा सकते हैं। लेकिन रिकमेंडेड एसएल क्या होता है? क्योंकि क्लाइमेटिगेशन बार का सेटअप बन रहा है। तो रेकमेंडेड इसका स्टॉप लॉस नीचे ही होता है। लेकिन वो कंप्लीट कब होगा? यहां जाके जब अपर ट्रिगर लाइन ब्रेक हो जाएगी। अब बाइंग कंफर्म हुई है। यह जो नो सप्लाई थी, यह बाय इसने कंफर्म नहीं की। बस हम जो सोच
रहे थे, उसको इसने तकरीबियत दी है मजीद। उसको मजीद थोड़ा सा पावरफुल कर दिया उस का्सप्ट को कि हां बाइंग स्टार्ट हो सकती है। लेकिन बाइंग कंफर्म कब होती है? जब अपपर ट्रिगर लाइन ब्रेक हो जाएगी। यह ब्रेक होगी तो आपकी असल एंट्री यहां पे है और स्टॉप लॉस उसका नीचे ही होता है। डेफिनेट लो पे। डेफिनेट लो से भी कोई 10 12 पे नीचे रखना होता है आपने। समझ आ गई? लेकिन आपकी पहली एंट्री यहां से बन सकती है। बिल्कुल इस जगह से जैसे ही नो सप्लाई का हाई ब्रेक हो। अगर लो स्वीप कर
ले तो बहुत अच्छी बात है। नहीं कर रहा तो फिर और थोड़ा सा आपको वेट कर लेना चाहिए क्योंकि थोड़ा सा रिस्की हो जाता है। अब मुझे यह बात बताएं अभी आपको इसकी एग्जांपल दिखाता हूं ना आज वाली। पहले तो मुझे यह बताएं कि इसमें कुछ समझ आई है जो कांसेप्ट अभी बताया नो सप्लाई का या नहीं समझ आया। इसमें कलर का पूछ रहे थे एक क्वेश्चन मैंने अभी देखा था कि कलर कौन सा होना चाहिए? तो कलर कोई इसमें नो सप्लाई का मतलब क्या है? यानी सप्लाई क्या होती है? सप्लाई की कैंडल्स रेड होती
हैं। ठीक है? मार्केट गिरती है ना जब तो हम कहते हैं कि ये सप्लाई है। यह सप्लाई ज़ोन है। तो नो सप्लाई हमेशा रेड कलर की होगी। नो सप्लाई हमेशा रेड कलर की होगी। लाल रंग की कैंडल होगी। यानी सेल की कैंडल होगी। कलर तो आप नीला करके मुझे कहेंगे हां तो नी नीले रंग की बन गई है। तो कलर पे नहीं जाते। ये बात याद रखें। नो सप्लाई हमेशा सेल की कैंडल होगी। ठीक है? चाहे वो रेड आपने की हुई है या ब्लैक की हुई है। अब मुझे बताएं समझ आई है या नहीं समझ
आई? ज्यादा लोग जो जाहिर है मुझे बताते हैं। मुझे उससे आईडिया हो जाता है। क्लियर है। ठीक है जी। मिनिस्टर चल ठीक हो गया। अच्छा आगे चलते हैं। जी अगर ब्रेकआउट कैंडल का वॉल्यूम वॉल्यूम छोटा हो। अगर ब्रेकआउ कैंडल का वॉल्यूम छोटा होगा तो भी ठीक है। कोई मसला नहीं है। लेकिन वो बढ़ जाता है। अमूमन बढ़ जाता है। उसकी वजह ये होती है कि इस जगह पे इसका वॉल्यूम काफी छोटा होता है ना। तो नेक्स्ट कैंडल का वॉल्यूम बढ़ जाता है। अगर ज्यादा छोटा है तो भी इतना अच्छा नहीं है। लेकिन वो टॉप पे
जाके आपने देखना है। लो पे अगर छोटे से उसने ब्रेकआउट कर दिया फिर भी ठीक है। वैसे होता नहीं है। ऐसा बहुत कम होता है। जहां पे आपको कंफ्यूजन आ रही होगी वहां पे आप हालात दूसरे चेक कर लें। बाकी कंफर्मेशंस क्या कह रही हैं। पहले आप इसकी वो देखें। एग्जांपल देखें। हम चलते हैं जी आज 5 मिनट पे। टाइम था जी मेरे ख्याल है 7:00 बजे के आसपास। 6 7:00 बजे के आसपास। वॉल्यूम को ऑन कर लेते हैं। अच्छा जी 5 मिनट पे यहां से कहीं से हमारी बाय थी। ठीक है जी। यह यह
देखें। यह है जी नो सप्लाई कैंडल। ठीक है? अब इससे पहले बड़ा वॉल्यूम कहां है? यह जरा तवज्जो से बैठना है आपने। क्योंकि मैंने आपको अभी एक और चीज भी दिखानी है जो हमसे मिस हो गई थी। ट्रेड तो हमारी सक्सेसफुल गई है फिर भी। लेकिन एक चीज़ हमसे मिस हो गई थी। वो आपको दिखानी है कि मिस किया हुआ था। यह देखिए बड़ा वॉल्यूम तो ये आ गया। ठीक है? अब ये आया कहां पे है? पहले इसको देखें। ये थी जी आपकी एक इंपल्स वेव 5 मिनट की। इस इंपल्स वेव ने क्या किया? स्ट्रक्चर
ब्रेक किया। उसके बाद आई आपकी रिट्रेसमेंट। यह देखिए तीन कैंडल्स की रिट्रेसमेंट आई है। 1 2 3 इसने आखिरी बाय की कैंडल का लो भी ब्रेक कर दिया। रिट्रेसमेंट आने के बाद यह एफवीजी भी है। ठीक है? अच्छा पॉइंट ऑफ़ इंटरेस्ट बन रहा है। तो पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट पे आपको बड़ा वॉल्यूम मिल रहा है। ये अच्छा साइन है ना? अच्छा साइन है बाय के लिए। अब इसके फ़ौरन बाद एक कैंडल के बाद एक और कैंडल बनी जिसका साइज़ छोटा है। स्प्रेड काफी छोटा है। और वॉल्यूम भी पिछली दो कैंडल से छोटा है। इससे भी छोटा
है। इससे भी छोटा है। यह कैंडल बन रही है। जी। वॉल्यूम भी छोटा है। अच्छा अब हुआ क्या? नेक्स्ट कैंडल ने यह देखें उसका हाई ब्रेक कर दिया। एक तो लो स्वीप नहीं किया यहां पे। इससे हम थोड़ा सा रुक गए कि लो स्वीप नहीं हुआ। दूसरी चीज यह थी के क्लाइमेटिक एक्शन बार जो है ना वो जब यहां बनती है ना लिक्विडिटी स्वीप करके इस जगह पे तो वो बहुत अच्छी काम करती है। अब ये बन रही है तकरीबन एक तरह की रेंज ही चल रही थी। ठीक है? ठीक है? स्ट्रक्चर ब्रेक हुआ है
लेकिन बिल्कुल ही छोटा सा स्ट्रक्चर और 5 मिनट का टाइम फ्रेम। तो हम रुक गए। रुक क्यों गए? हमने कहा के इसके बिल्कुल ऊपर मैं वैसे आम तौर पे ऐसी जगहों से कर लेता हूं बाय। बहाल टीम का फैसला हमारे का यह हुआ कि इसका जो है ना अपपर ट्रिगर लाइन वो यह है। यह ठीक है जी। तो यहां से इसने नो सप्लाई को तो ब्रेक कर दिया लेकिन ट्रिगर लाइन साथ ही है। तो ट्रिगर लाइन के ब्रेकआउट का वेट कर लेते हैं। तो ट्रिगर लाइन के ब्रेकआउट पे यहां से बाय किया और ये ट्रेड
ऊपर चली। ठीक हो गया? अच्छा अब इसको मैंने साथ ही जब चेक किया 3 मिनट पे ट्रेड हमने यहां से नहीं ली। ट्रेड 3 मिनट के ली थी। फिर वो भी आपको दिखाता हूं। यह बात समझ आ गई? यह नो सप्लाई है। इसका ब्रेकआउट हुआ, तो आप यहां से ट्रेड कर सकते हैं। इसका मैंने आपको क्या तरीका फ़ायदा बताया कि अब आपकी ट्रेड जो कि यहां से एक्टिवेट हो रही है। इस जगह से यहां से भी थोड़ी डेंजरस है 5 मिनट के हिसाब से। 5 मिनट में तो फिर यहां से बनती है। मोमेंटम कैंडल यही
क्लोज हुई है ऊपर। तो थोड़ी डेंजरस थी। ठीक है? तो, जो ट्रेड आपकी यहां से बन रही थी, वह ट्रेड आपको मिल रही है इस जगह से। यहां से आप बाय कर सकते हैं। तो, यह किस चीज़ का फायदा है? यह फायदा है नो सप्लाई का। यह बड़े वॉल्यूम के साथ नो सप्लाई आ गई। जैसे ही उसका हाई ब्रेक हुआ आप यहां से बाय कर सकते हैं। नीचे आपका स्टॉप लॉस आ सकता है। तो यह ट्रेड आपको बड़ी अच्छी 1:2 की ट्रेड मिल रही है। अब हमने क्योंकि हम इसको 5 मिनट में देख रहे थे
लेकिन थोड़ी देर बाद जैसे ही मेरी नजर पड़ी 3 मिनट पे तो 3 मिनट पे सिनेरियो इससे बहुत अच्छा था। ठीक है? अब वो समझ लें आप। इससे आपको फायदा यह होगा। एक तो ट्रेड की समझ आ रही है और दूसरा आपको यहां पे ये समझ आ जाएगी के नो सप्लाई क्या चीज है। नंबर थ्री पे आ जाए 3 मिनट्स पे। ये देखें जी। अगर हम 3 मिनट्स को देख रहे होते सब कुछ वही है। 3 मिनट पर सब चीजें सेम है। यह देखें। 3 मिनट पे ब्रेकअप स्ट्रक्चर इंपल्स वेव आ गई। रिट्रेसमेंट आखिरी बाय
की कैंडल का लो ब्रेक हो गया। रिट्रेसमेंट भी आ गई और बड़ा वॉल्यूम भी आ गया। ठीक है जी? रिट्रेसमेंट पे बड़ा वॉल्यूम भी आ गया। जहां पे बड़ा वॉल्यूम आ रहा है, वहां पे आपके पास एफवीजी भी है। यानी पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट भी बन गया। इसके बाद क्या हुआ कि आपको यह नो सप्लाई भी मिल गई। इसको कहते हैं नो सप्लाई कैंडल। ठीक है? साइज इसका छोटा है। पिछली कैंडल से नहीं है। छोटा तो इससे तो छोटा ही है ना जो बड़ी वाली कैंडल बनी है। अच्छा उसमें सबसे छोटा वॉल्यूम सबसे छोटे वॉल्यूम से
मुराद है कि कम से कम दो से छोटा होना चाहिए। इससे भी छोटा था। इससे भी छोटा था। ओवरऑल देखें तो 1 2 3 4 5 पांच सात कैंडल से छोटा है। ठीक है? वो भी ठीक हो गया। यानी नो सप्लाई आपकी बन रही है। तो नो सप्लाई का यह हाई बन रहा है आपका और यह लो बन रहा है। तो लो भी स्वीप हो गया। लो स्वीप जब हो जाता है ना क्लाइमेटिक एक्शन बार का या नो सप्लाई का दोनों का। जब लो स्वीप हो जाता है तो वह बहुत स्ट्रांग हो जाती है। लो
स्वीप हुआ और यहां पर हाई ब्रेक हो गया। जैसे ही हाई ब्रेक हुआ यह आपकी ट्रेड थी असल में। हमने थोड़ी सी ऊपर से ली थी ट्रेड हमने ली है 86 से तकरीबन तो हमें ट्रेड मिल जानी थी 84 से। 20 फिफ्थ तो यहीं बच रहे थे आपको। यह तो नीचे आपका स्टॉप लॉस आ गया। अब यहां स्टॉप लॉस का फायदा यह है कि नो सप्लाई के नीचे आ गया और क्लाइमेटिक बार के नीचे दोनों के नीचे आ गया। समझ आ गई? तो ये आपके एंट्री पॉइंट था और यह आपका पहला टीवी बन जाना था।
हमने वैसे यहां पे मना किया था कि 90 पे भी कोई क्लोज़ ना करे। चलता रहने दें क्योंकि इसका नेक्स्ट जो टारगेट है वह 95 96 तक भी प्राइस जा सकती है। तो बड़ी अच्छी ट्रेड बन जाती है। यह अब यहां से अगर आप इस मेथड पर ट्रेड करते हैं। ट्रेड हमने की है। मैं बार-बार बता रहा हूं कि ट्रेड छोड़ी नहीं है लेकिन लोअर इसके साथ की इसी तरह। तो ये है जी आपकी ट्रेड का एंट्री पॉइंट। नीचे आपका स्टॉप लॉस आ गया। 810 पे नीचे इसको आप रख सकते हैं। और पहला टीपी भी
आपका 1.5 का और दूसरा टीपी इसने तकरीबन 2.5% का दिया है। समझ आ गई? जी। टीपी आपने कैसे सेट करने हैं? आपको मैं बता देता हूं। पहला टीपी ये क्यों कह रहा हूं? क्योंकि इसके ऊपर लिक्विडिटी होती है। देखिए लिक्विडिटी स्वीप करके प्राइस ने फौरन से एक ड्रॉप लगाया। यह विक्स नजर आ रही होंगी आपको। दूसरा टीपी कहां पे होना चाहिए? देखिए यह ऊपर ऑर्डर ब्लॉक है और उसके नीचे एफजी है। तो ऑर्डर ब्लॉक एफजी पे आपका दूसरा टीपी होना चाहिए। अब ज़िद अगर लगा लेंगे वो भी खास तौर पे छोटे टाइम फ्रेम पे कि
नहीं हमने नहीं टीपी लेना। हमने लाजमी इसका पूरा यहां तक लेना है। तो फिर मसला हो जाएगा। देखिए कैसे उसने एफजी को टेस्ट किया इस जगह पे। यह देखें एफजी टेस्ट किया और टेस्ट देने के बाद पक्का एक बड़ी सी इसने एक वेव लगाई नीचे। तो टीपी भी बहुत ध्यान से बहुत तरीके से अपने लगाने होते हैं। अच्छा इस एग्जांपल की जो आज आपको दिखाई है 3 मिनट में भी और 5 मिनट में भी। इसकी उम्मीद आपको समझ आई होगी। अब इसको हम जरा देख लेते हैं। यहां पे एग्जांपल्स में भी देख लेते हैं। मैंने
एग्जांपल्स निकाली है। बुलिश ट्रेंड में बुलिश ही निकाली है। डाउन ट्रेंड में डाउन की निकाली है। कुछ ऐसी लगाई है जो दोनों जगह पे काम कर रही हैं। चल जी यहां पे आ जाए। हां जी। प्राइस क्या कर रही है? प्राइस कर रही है ड्रॉप। प्राइस ड्रॉप दे रही है। यह देखिए ऊपर से भी ड्रॉप होती आ रही है। ठीक है जी। यह ड्रॉप होती हुई आ रही है। यानी सेल का ट्रेंड चल रहा है। अब मैंने आपको बताया था दोनों ट्रेंड्स में इन दोनों तरह के साइन बनते रहते हैं। यहां पे देखें जी। हां
जी। प्राइस ड्रॉप दे रही है। नीचे गिरती हुई मार्केट में। यह आ गई आपकी क्लाइमेट रिएक्शन बार। ठीक हो गया जी। क्लाइमेट एक्शन बार आ गई। क्लाइमेटिक रिएक्शन बार की हम लगा लेते हैं ट्रिगर लाइंस। यह इसकी लोअर ट्रिगर लाइन आ गई। यह इसकी अपर ट्रिगर लाइन आ गई। अच्छा। उसी के बाद यहां पे आप देखें तो इस कैंडल में वॉल्यूम छोटा है लेकिन पिछली दो कैंडल से छोटा तो नहीं है। इसमें पिछली दो कैंडल से छोटा है। ठीक है? लेकिन इसका हाई तो ब्रेक ही नहीं हुआ। वरना तो हम इसी को मान लेते कि
ये हमारी नो सप्लाई आ गई है। जब ये बनी होगी अगर हम बैठे होंगे तो हम यही हमने यही कहा होगा कि ये लो जी ये नो सप्लाई आ गई है। क्योंकि इसका वॉल्यूम पिछली दो कैंडल से काफी छोटा है। ठीक हो गया? लेकिन इसका तो हाई ब्रेक ही नहीं हुआ। तो फिर अभी ये हमारी नो सप्लाई नहीं हुई। प्राइस वापस नीचे आ गई है। जब नीचे आई है तो यहां पे आप देखें इस कैंडल में और भी छोटा वॉल्यूम आ गया। इस कैंडल में सबसे छोटा वॉल्यूम आ गया है। यानी जो पिछला छोटा वॉल्यूम
था यह वाला इसको हम नो सप्लाई कह सकते हैं। लेकिन इसका भी तो हाई ब्रेक ही ना हुआ अभी। इसका हाई ब्रेक होने से पहले पहले एक और छोटा वॉल्यूम आ गया। जैसे क्लाइमेट रिएक्शन बार एक बनी। हमने सोचा होगा जी ये क्लाइमेटिक रिएक्शन बार है या ये क्लाइमेट रिएक्शन बार है। फॉर एग्जांपल तो उसके बाद तो और एक और बड़ा वॉल्यूम आ गया। तो पिछले सब चीजें कैंसिल हो गई और अगली वैलिड हो गई। तो यहां पे भी पिछले छोटे वॉल्यूम कैंसिल होते गए। यह आपकी नो सप्लाई कैंडल बन गई। यह वाली। जब नो
सलाई कैंडल आ गई, आपने इसका हाई मार्क किया, आपने इसका लो मार्क किया। ट्रिगर लाइंस लगाने की जरूरत नहीं है। बस देख लिया करें कि ये नो सप्लाई है। नो सप्लाई का लो स्वीप हुआ यहां पे। ये देखिए ये लो स्वीप हो रहा है। लो स्वीप होने के बाद इसका हाई ब्रेक हो गया। अब जिस कैंडल ने हाई ब्रेक किया है ये कैंडल है जी। ठीक है? मोमेंटम कैंडल स्ट्रॉन्ग। अब फिर वही बात कि ये तो बड़ा वॉल्यूम से ही ब्रेक हो रहा है। तो कोई मसला नहीं है क्योंकि नो सप्लाई का जो ब्रेकआउट होगा
वो बड़े वॉल्यूम से ही होगा क्योंकि नो सप्लाई का अपना वॉल्यूम बहुत छोटा हो जाता है। तो यहां से आपका एंट्री पॉइंट है ये। ठीक हो गया जी। कहां तक अब आप इसको टीपी लेंगे आपको मैंने एक बात बहुत दफा समझाई है और यह आपने याद रखनी है वरना लाइव ट्रेडिंग में मसला बनना शुरू हो जाएगा। वो बात आपको यह बताई हुई है कि जब ट्रेंड यह चल रहा होता है ना इस तरह और यहां से आपके पास साइन और स्ट्रेंथ बन गए हैं नीचे से। ठीक है? तो कहां तक टारगेट होगा? स्ट्रक्चर लेवल तक।
ये बस ये टारगेट है आपका क्योंकि यहां से प्राइस ने रिजेक्ट हो के फिर नीचे चले जाना है। इस ज़ोन से रिजेक्ट हो के फिर प्राइस नीचे आ जाएगी। बात समझ आ रही है ना आपको? तो यहां पे अगर आप देखें कि यहां से आपने ट्रेड तो ले ली इस जगह से। जब आपने ट्रेड ले ली तो अब आपका टारगेट क्या होना चाहिए? ये स्ट्रक्चर लेवल है ये। ठीक है जी। ये इसका यहां पे लगा लें। ये स्ट्रक्चर लेवल है। वैसे तो इस विक से होना चाहिए। लेकिन चलें ज्यादा जो विक्स हैं वो इस जगह
पे हैं। स्टंग जो इसकी सपोर्ट थी वो ये थी। तो ये क्या है? सपोर्ट बिकम्स रेजिस्टेंस। उसी जगह से प्राइस ने रिजेक्शन ली और ट्रेंड कंटिन्यू कर गई। तो आपके इस 3 मिनट के टू बार रिवर्सल की वजह से ट्रेंड तो शिफ्ट नहीं होगा। या 5 मिनट के टू बार उसकी क्लाइमेटिक बार की वजह से ट्रेंड तो शिफ्ट ही नहीं ना होगा। वो तो ट्रेंड तो कंटिन्यू करेगा। कभी कबार हो जाएगा लेकिन अक्सर नहीं होगा। तो आपने फिर क्या करना है? स्ट्रक्चर लेवल पे आके आउट हो जाना है। इसलिए मैं कहता हूं कि अगेंस्ट द
ट्रेंड ट्रेड से फ़ौरन आउट हो। अब अगर आप वेट करते रहते इसका ठीक है? कि इसके ब्रेकआउट पे लेंगे। फिर आपको कितने पिस मिलते? चेक करते हैं। अगर हम इसके ब्रेकआउट पर लेते हैं तो फिर हमें पिप्स मिलते हैं। जी यहां से लेकर यहां से लेकर और यहां तक 67 पिप्स। लेकिन जाहिर है हमने तो इन जगहों पे कहीं पे आउट होना था। तो 67 को भी आधा कर लें तो तकरीबन 30 हो गया। ठीक है? 35 हो गया। अगर आपको सतह लगाते हैं 35 पिप्स हो गए। तो 5 मिनट की रेंज क्या बताई हुई
है आपको? 5 मिनट की रेंज होती है जी 25 से 30 पिप्स। अगर कोई यहां से इसके ब्रेकआउट पे भी लेता है। इसको हाई प्रोबेबिलिटी सेटअप कंड करता करता है। अगेंस्ट द ट्रेंड हाई प्रोबेबिलिटी सेटअप है। सिनेरियो थ्री था ना ये? सिनेरियो थ्री बन गया था। तो फिर भी इसने अपने पिप्स के रेंज जरूर दिए हैं। जो रेंज के जो पिप्स थे वो तो फिर भी दिए हैं। यानी 30 35 पिप जो मैं कहता हूं कि ये तो हर सूरत आपको आएंगे 5 मिनट पे वो तो इसने दे दिए हैं फिर भी। अब यहां पे
मसला है कि स्टॉप लॉस बड़ा बनता है। इस पे लोग आके मसला करते हैं। वो वजह यह होती है कि YouTube पे जाहिर है हर चीज़ इतनी डिटेल से नहीं होती जितनी पेड क्लास में होती है। यहां पे आपकी जॉइंट्री होगी। अब अभी तक मैंने इसका जिक्र इसलिए नहीं किया था या लाइव में भी बैच 40 के साथ नो सप्लाई का जिक्र इसलिए कम करते हैं कि आप लोगों ने पढ़ा हुआ नहीं है। अब आपने पढ़ लिया आपको समझ आ गई। यह नो सप्लाई है। इसका हाई ब्रेक हुआ बड़े वॉल्यूम के बाद। तो आपका पहली
ट्रेड आपकी यह है। अब मसला क्या है कि मैं बार-बार बता रहा हूं। यह अकेला काम नहीं करेगा। नो सप्लाई कैंडल अकेली काम नहीं करती। इसके पीछे बड़ा वॉल्यूम चाहिए होता है। बस इस चीज को रूल को फॉलो करेंगे तो फिर इंशाल्लाह आप इस पे कामयाब हो जाएंगे। इसको फॉलो नहीं करेंगे तो फिर मसाइल आएंगे। दूसरी चीज़ क्या बताइए कि लो स्वीप हो जाए तो वो अच्छा बन जाता है सेटअप। हाई प्रोबेबिलिटी सेटअप में कन्वर्ट हो जाता है। यानी नो सप्लाई के हिसाब से। तो ये आपका एंट्री पॉइंट है। अब यहां से आपको कितने पॉइंट्स
मिल रहे हैं? ऊपर से आपको मिल रहे थे 67 थे। लेकिन मैंने याद कर दिया कि यहां पे स्ट्रक्चर लेवल पे आपको आउट होने का बताया मैंने। लेकिन यहां से अगर आप ट्रेड करते हैं और फिर भी इसी जगह पे आउट होते हैं जो मैंने बताई है कि यहां पे आपको आउट हो जाना चाहिए अगेंस्ट द ट्रेंड। तो इस पे कितने मिल रहे हैं? जी ये लें। यहां तक इस पे मिल रहे हैं 79। इतना फर्क पड़ जाता है। ठीक है? तो इतना जबरदस्त टेस्ट है। तो इस पे आप काम कर सकते हैं। इसको अब
आप प्रैक्टिस करेंगे तो चीजें आएंगी। प्रैक्टिस नहीं करेंगे। एक क्लास देखी और जाकर ट्रेड करना शुरू कर दी तो फिर डर लगना शुरू हो जाएगा। फिर चीजें काम नहीं करेंगी। दोबारा देखें। अब यह देखें। अब यहां पर क्या है जी। यह नीचे भी बनी है। हां। अब एक चीज यहां पर जो समझाने वाली चीज है वो यह है कि बड़ा वॉल्यूम तो यहां भी है। यह भी है। यह सब बड़े वॉल्यूम है। यहां से बड़े वॉल्यूम्स आना शुरू हुए हैं और बड़े-बड़े वॉल्यूम्स ही लग रहे हैं। ठीक है जी? इस जगह पे ये बन गई
नो सप्लाई। इसका वॉल्यूम देखिए बहुत छोटा है। ठीक है? यह जो अगली है, यह भी नो सप्लाई है। इसका वॉल्यूम भी उससे भी शायद छोटा ही हो। बहरहाल। अब इसका लो ब्रेक हो गया। तो लो ब्रेक हो जाए तो फिर आप इसको कैंसिल कर दें। इसको आप छोड़ दें। इसको आपने ट्रेड नहीं करना इस टेस्ट पे। अगर लो ब्रेक हो गया। लो ब्रेक नहीं होना चाहिए। ठीक है? काम कर जाती है लेकिन एक्यूरेसी ड्रॉ कर जाती है ना फिर कभी चलेगी कभी नहीं चलेगी। तो आपने क्या करना है कि लो ब्रेक वाली शर्त को छोड़
दें। लो स्वीप हो जाए। स्वीप हो के ऊपर ब्रेक कर दिया तो फिर वो बड़ा जबरदस्त है। समझ आ गई जी? अच्छा उसके बाद अब हम आ जाते हैं जी आगे। यहां पे भी हुआ है। देखिए ये नो सप्लाई बनी। नो सप्लाई का लो ब्रेक हुआ। हाई ब्रेक हुआ। अब इसमें जो एक और कांसेप्ट होता है ना वो ये होता है कि अगर इसने लो ब्रेक करके ज़ोन का ब्रेक कर दिया तो फेल हो गया। लो ब्रेक कर दिया और ज़ोन भी ब्रेक कर दिया नीचे। तब तो यह फेल हो गया। लेकिन अगर लो ब्रेक
करके इसी ज़ोन के अंदर दोबारा हाई ब्रेक कर दिया तो ठीक है। लेकिन मैं इस झंझट में पड़ता नहीं हूं। मैं कहता हूं कि आप वही सेटअप करें जो शीशे की तरह साफ क्लीन है। बिल्कुल। ठीक है? उस पे आपको डरने की जरूरत नहीं है। फिर उसका यानी लो स्वीप करता लो स्वीप करके हाई ब्रेक कर देता। तो बस आप फिर बाय करते। इस तरह को छोड़ दें। किसी और कॉन्फ्रेंसेस पे चले जाए। किसी और कंफर्मेशन पे चलेंगे। यह इस ज़ोन में सबसे बड़ा वॉल्यूम यह है ना यह। उसके ब्रेकआउट पे ले लें। बजाय इसके
कि आप यहां से ल तो आप यहां से ले लें। मिल तो जाएगी ट्रेड। फिर भी अगर ऊपर जाना है तो तो इस तरह इसको देखना चाहिए। अब यह क्या है? जी चल जी आप लोगों से क्वेश्चन है। यह एक नो सप्लाई कैंडल है। देखें कितना छोटा वॉल्यूम है। टाइम है जी सुबह 4:10 का। 4:00 बजे मार्केट ओपन होती है सॉरी 3:00 बजे। ठीक है? तो चार यानी अभी ओपनिंग का थोड़ा सा ही टाइम हुआ है। 4:10 पे एक नो सप्लाई बनी है। तो क्या यह नो सप्लाई जिस तरह मैं बता रहा हूं यह वैलिड
है या वैलिड नहीं है? रिट्रेसमेंट में बननी चाहिए। मैंने कहा था। तो यह वैलिड है कि नहीं है? यह आपका क्वेश्चन है। इसका जवाब आप लिखें। यस और नो कर दें। वैलिड है तो यस वैलिड नहीं है तो नो करते हैं। ज्यादा लोग कह रहे हैं जी नहीं ये वैलिड नहीं है। कुछ लोग कह रहे हैं कि वैलिड है। कम लोग कह रहे हैं वैलिड है। ज्यादा लोग कह रहे हैं कि वैलिड नहीं है। अच्छा अब इसमें एक चीज़ देखें जी। सुबह 4:00 बजे जो है ना अमूमन वॉल्यूम नहीं होता। ठीक है? अमूमन सुबह 4:00
बजे वॉल्यूम नहीं होता। वॉल्यूम आता है 5 6:00 बजे से 7:00 बजे तक। तो यहां पे अगर आप देखेंगे इस जगह पे तो यहां पे रिट्रेसमेंट तो आई है। ये इंपल्स वेव लगी। आखिरी बाय की कैंडल ये थी। उसका लो ब्रेक हो गया। जब लो ब्रेक होता है एक भी कैंडल का तो अब क्या कहते हैं? रिट्रेसमेंट स्टार्ट हो गई है। इसी रिट्रेसमेंट के अंदर इसी रेंज के अंदर सबसे छोटा वॉल्यूम ये है। ठीक है? ये भी है। पहले ये था। ये देखिए ना ये भी वॉल्यूम छोटे-छोटे आए हैं। लेकिन इनमें से हाई किसी का
ब्रेक नहीं हुआ। तो पहली कैंडल ये थी जिसका हाई भी ब्रेक हो गया साथ। बनने के बाद इसका हाई भी अब इसमें लो स्वीप नहीं है। बनने के बाद हाई ब्रेक हो गया। ठीक है जी? तो अब ये वैसे वैलिड है लेकिन आइडियल शेप नहीं है। अब इसलिए अब इसमें क्या करेंगे? मैं इस पर ट्रेड नहीं करूंगा क्योंकि मैंने जो चीजें रखी हुई हैं वो आपको मैंने सिखा दी हैं। ये मैं क्यों ऐसी एग्जांपल्स निकालता हूं बीच में ताकि आपको भी कंफ्यूजन आएंगी बीच में। वो अभी भी आएंगी। इसके बावजूद इस क्लास के बाद भी
आएंगी। लेकिन उसका हल फिर ये है कि हम लाइव में बैठ के उसको ट्रेड करेंगे। कभी हमसे भी गलती होगी। आपसे भी होगी तो सीखते रहेंगे मैं भी और आप भी। इसमें क्या तरीकाकार है? कि हमारा रूल बिल्कुल अब हमने उसको क्लियर कर लिया है। हमने हार्ड एंड फास्ट रूल समझने बना दिया है कि एक आपके पास बड़ा वॉल्यूम और बड़े वॉल्यूम के ट्रिगर लाइंस और उसके बिल्कुल नीचे इन जगहों पे या उसके अंदर आके इन जगहों पे यहां पे नो सप्लाई। छोटी सी कैंडल छोटा सा वॉल्यूम इसका हाई ब्रेक तो बस आप बाय करें।
यह वाली जो चीज़ है ना एक तो ये देखिए अनयूजुअल से एक्टिविटी है सुबह को। यह गैप अप के साथ मार्केट ओपन हुई है 3:00 बजे। ठीक है? उसके बाद प्राइस ने रेंज करना शुरू कर दिया। एक स्ट्रांग बुलिश कैंडल, फिर एक स्ट्रांग बियरिश कैंडल फिर रेंज शुरू हो गई। ये रेंज में एक छोटा सा वॉल्यूम आ गया। उसका हाई ब्रेक हो गया। अब करेंगे तो चल भी गई है। वैसे मैं नहीं करूंगा क्योंकि मुझे यहां पे बड़ा वॉल्यूम नजर नहीं आ रहा। ठीक है जी। तो ये नो सप्लाई ठीक है। उसी रेंज में रही
है। लेकिन चकि नो सप्लाई मैंने कहा सारा दिन बनती है। ऐसी आप यहां पे मैं आपको दिखा रहा हूं। चल पड़ी है। बेशुमार ऐसी होंगी जो नहीं भी चलती है। अब देखिए ये भी चल पड़ी है। ऊपर जाते हुए नो सप्लाई की जगह जो होती है ना वो बॉटम होता है। बॉटम पे आके चेक किया जाता है कि सप्लाई ओवर है कि नहीं। टॉप में इन जगहों पे नहीं चेक किया जाता। तो इसलिए ऐसी कोई चीज बने तो बेशक आप छोड़ें उसको। जितने सख्त रूल्स रखेंगे ट्रेड के उतनी कम ट्रेड्स मिलेंग लेकिन उतनी क्वालिटी बढ़
जाएगी ट्रेड्स की। यह देखें जी। अब तो बहुत सारी देखें। अब मैंने तो एग्जांपल्स कम मार्क करता हूं। फिर जब मैं यहां पे चार्ट देखता हूं आपके सामने तो फिर बहुत सारी एग्जांपल्स मिल जाती हैं। ये देखें इसमें क्या है? और ये क्यों इतनी अच्छी है? क्योंकि ये रिट्रेसमेंट स्टार्ट हो गई। आपके पास रिट्रेसमेंट तो वैसे यहां पे नहीं तो चल यहीं पे कर लेते हैं हम। रिट्रेसमेंट तो आपकी स्टार्ट हो गई है। यह भी है बाहर और यह भी। इसी पे कर लें चल। ठीक है? अच्छा अगर रिट्रेसमेंट है या रिट्रेसमेंट नहीं है। चलिए
हम कहते हैं कि रिट्रेसमेंट नहीं है। जी ये आखिरी हमारी वैसे तो ये ब्रेक कर दिया इसने लो। आखिरी हमारे बाय की कैंडल यही है स्ट्रांग। अगर यह है तो फिर भी और अगर यह है तो फिर भी फिर भी लो ब्रेक हो गया। जिसको भी आप मानते हैं। चल इसने हाई ऊपर लगाया हुआ है। ठीक है? इसको हम मानते हैं कि इसका लो ब्रेक कर दिया। तो रिट्रेसमेंट आ गई। अब रिट्रेसमेंट के बाद यह देखें ये बड़ा वॉल्यूम आ गया। इस कैंडल में बड़े वॉल्यूम की ट्रिगर लाइंस के अंदर ही यह छोटा वॉल्यूम आ
गया। फौरन ही उसके एक दो कैंडल्स के बाद आ जाती है नो सप्लाई। यानी बड़ा वॉल्यूम आया तो बड़े वॉल्यूम के एक दो कैंडल्स के बाद या चार पांच कैंडल्स के बाद नो सप्लाई कैंडल अमूमन आ जाती है। तो स्प्रेड छोटा ही है और वॉल्यूम काफी छोटा है। वॉल्यूम बल्कि इतना छोटा है कि मेरा ख्याल है जब से मार्केट ओपन हुई है इस दिन सबसे छोटा वॉल्यूम यह है। यह इस सुबह टाइम है जी कोई 4:30 का। तो 4:30 के बाद जब ये सेशंस ओपन हुए हैं 5:00 बजे 5:30 6 उसके बाद सबसे छोटा वॉल्यूम
यही है। यानी अच्छी स्ट्रांग नो सप्लाई है। अब आपने इसका हाई ब्रेक होने का वेट करना है। यहां पे हाई ब्रेक इसका नहीं हुआ। ऊपर ब्रेक आ गई है। यह भी अच्छा ब्रेकआउट नहीं था। तो यह पहला स्ट्रांग ब्रेकआउट था यह वाला। तो यहां से आपकी ट्रेड है। नीचे आपका स्टॉप लॉस है। और यह देखिए सारा दिन आपकी ट्रेड कितनी जबरदस्त चलती रही है। ठीक हो गया जी। तो ये टॉप पे जाके भी रिट्रेसमेंट पहुंच जाए तो बहुत अच्छी बात है। हर चीज़ जो है ना वो रिट्रेसमेंट पे अच्छा काम करती है। जैसा मैंने क्या
आपको बताया कि अगर आप यहां से खरीद रहे हैं ना बस खरीदो खरीदो। यहां से ये टॉप से खरीदते जा रहे हैं तो फिर वो बहुत रिस्की रिस्की चीज है। जैसे मैंने सीएनजी स्टेशन की एग्जांपल दी थी। जिन्होंने लेट होके बनाए जब फुल ये काम चल रहा था तब चलाया। उन्होंने भी कुछ तो कमाया होगा ना। ठीक है? लेकिन कुछ ऐसे थे जो बिल्कुल मारे गए। उन्होंने बनाया और काम खत्म हो गया। लोगों ने किट्स उतरवा दी। तो इसलिए आपको बस यह पता होना चाहिए कि रिट्रेसमेंट है ना गोल्ड हमेशा यहां पे सेफ है बाय
के लिए। यहां पे पहला इसका पॉइंट मैं आपको हमेशा कहता हूं कि पहला पॉइंट ऑफ़ इंटरेस्ट और यहां पे बहुत सेफ है। इस जगह पे यहां से खरीदें, लो से खरीदें, हाई पे बेचें। बस यह असूल अपना लें तो आपका काम सीधा हो जाएगा। तो रिट्रेसमेंट का वेट कर लिया करें। अगर रिट्रेसमेंट अच्छी आ रही है तो फिर आप का डर कम लगेगा। तो यह नो सप्लाई की एक और एग्जांपल आ गई। ठीक हो गया जी? अब हम देख लेते हैं नो डिमांड। अच्छा नो डिमांड के लिए सेम शरायत हैं। उसको बस हम उल्टा कर
देंगे। यानी पहले जो हमारी इंपल्स वेव थी वो कौन सी थी? बुलिश। रिट्रेसमेंट आई। हमने बाय किया। अब हमारी जो इंपल्स वेव है, वह हो गई बेरिश। ठीक है जी? अब हमारी इंपल्स वेव लगेगी बेरिश। ऐसे। यह हमारी इंपल्स वेव है। इसने कोई स्ट्रक्चर ब्रेक किया। यहां से हमारी स्टार्ट होती है रिट्रेसमेंट। ठीक है जी? यह हमारा यहां पे कोई पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट है। इस जगह पे ये पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट है। यहां पे आके लगती है एक बड़ी सी वीक। ठीक हो गया? इस कैंडल का नाम आपने बताना है कि ये क्या है? यह कौन
सी कैंडल बनी है? हमारे पास ये क्या चीज बन गई है? यह कौन सी कैंडल बनी है? चैट में जल्दी से बताएं जी देख के। अच्छा एक चीज और उस दिन एक साहब का मैसेज आया था। वो पूछ रहे थे कि अभी मैं टाइप कर रहा होता तो आप बंद कर देते हैं। तो वो आप ऐसे टाइप करके रख लिया करें। बेशक कॉपी पेस्ट करके रख लिया करें। जैसे ही मैं ओपन करूं पेस्ट किया और जाने दिया आगे क्वेश्चन। हां जी। ये क्या बना है? हैमर-शैमर से निकल जाए बाहर अब। ठीक है? कोई हैमर शशमर
नहीं है यहां पे हमारे पास। अब हमारे पास बाइंग क्लाइमेक्स है, सेलिंग क्लाइमेक्स है और जो आपने नाम बताए हैं वो हैं। अच्छा यह बन गई जी आपके पास बाइंग क्लाइमेक्स। ठीक है? एक साहब हैं जी संजय गोस्वामी साहब। आपने फरमाया कि सेलिंग क्लाइमेक्स बन गया। बल्कि क्लाइमेक्स भी नहीं आपने क्लाइमेक्स कर दिया। तो सेलिंग क्लाइमेक्स कैसे बन गया? मैं तो पीठ-पीट के साथ गया हूं। आपको क्यों नहीं समझ आ रही? सेलिंग क्लाइमेक्स क्या होता है? बाइंग क्लाइमेक्स क्या होता है? आपने अब ये करना है कि अलग से मुझे मैसेज करना है एक तो WhatsApp
पे। और दूसरा आपने सारी क्लासेस दोबारा से देखनी है। वीएसए की सब क्लासेस दोबारा देखनी है। असाइनमेंट्स दोबारा करनी है। ठीक है? ताकि आपको सेलिंग क्लाइमक्स और बाइंग क्लाइमेक्स का फर्क नजर आए। मुमकिम आपने भूल के लिख दिया हो। लेकिन अगर आप वाकई इसको सेलिंग क्लाइमेक्स समझ रहे हैं तो फिर बड़े खतरे की बात है। बाकी सब ने लिखा है जी बाइंग क्लाइमेक्स। एक भाई साहब ने लिखा है जी अप्रस्ट। अपथस्ट की आपको निशानी बताई थी राय इंतजार साहब कि अपथ्रस्ट जो है ना वो उसकी एक शर्त है। वो आपकी लिक्विडिटी रिसीव करेगा ऊपर से।
वो स्विंग की लिक्विडिटी लेगा। स्विंग की लिक्विडिटी। ठीक है? तो यहां पे तो कोई स्विंग मैंने नहीं बनाया। और वैसे भी अगर यहां पे कोई स्विंग नजर आ रहा है। आपके पास तो वो यह है या फिर ये है। तो इसने तो ना ऊपर की लिक्विडिटी ली जानी चाहिए कि जाहिर है अब ऊपर की लेगा। आगे सैयद अकील शाह साहब ने भी ऐसे ही लिख दिया। अब थ्रस्ट बाइंग क्लाइमेक्स जिन्होंने कहा है आप सबके जवाब ठीक है। ठीक है। अच्छा ये बन गई। आपने इसकी ट्रिगर लाइंस भी लगा ली। ट्रिगर लाइंस बातों बातों में छह
और लग गई हैं। चल जी। यहां पे इसकी लग गई बाइंग क्लाइमेक्स बन गया। बाइंग क्लाइमक्स के बाद आपने इसकी लगा दी ट्रिगर लाइंस। अब यहां पे क्या होना चाहिए? यहां पे आपको मिलनी चाहिए नो डिमांड कैंडल। ठीक है? सेल का ट्रेंड है। सेल के ट्रेंड के रिट्रेसमेंट पे आपको बड़ा वॉल्यूम मिल गया। अब यहां पे क्या हो सकता है? प्राइसेस इससे ऊपर भी निकल सकती हैं सिनेरियो थ्री बनाने के लिए। ठीक है? और यहां पे आपके पास दोबारा नीचे भी आ सकती हैं। इस तरह नहीं एक रेंज से शुरू हो जाती है ना। इस
जगह पे आके अंदर आके बन जाए तो बहुत अच्छी बात है। यानी एक ट्रिगर लाइन ब्रेक करके अंदर आके बन गया है। या अगर आप बाय में देख रहे हैं तो नीचे वाली ट्रिगर लाइन ब्रेक करके अंदर आके बन गया। वह और भी अच्छा है। लेकिन यहां इन जगहों पे बन जाए फिर भी ठीक है। अब यहां पे बाय की ये कैंडल बन जाती है जी ऐसी कैंडल। यह साइज छोटा और वॉल्यूम कम से कम पिछली दो कैंडल से छोटा। ठीक है जी? वॉल्यूम कितना छोटा होना चाहिए? कम से कम पिछली दो कैंडल से छोटा
वॉल्यूम। अब इसके पीछे बाय की कैंडल्स थी। तो बाय में ये भी वॉल्यूम आ गया। उससे पीछे बाय में हमारे पास क्लाइमेटिक रिएक्शन बार यानी बाइंग क्लाइमेक्स आ गया था। यह उसका वॉल्यूम आ गया और यह पिछले प्रीवियस कैंडल्स के वॉल्यूम आ गए। तो आप देख रहे हैं कि इसका वॉल्यूम सबसे छोटा है। अगर सबसे छोटा नहीं है तो कम से कम पिछली दो से तो छोटा है। तो ये हमारे पास बन गई नो डिमांड कैंडल। अब कैसे ट्रेड करना है? सिंपल सिंपल तरीका बिल्कुल कोई रोना-धोना नहीं है इसमें। इसमें सिर्फ इसका लो ब्रेक कर
दिया प्राइस। लो ब्रेक कर दिया। और अगर हाई स्वीप कर दिया तो यह और भी अच्छी बात है। यह हाई स्वीप हो गया और लो ब्रेक कर दिया। मैं वैसे नो डिमांड को तब ट्रेड करता हूं क्योंकि यहां से ट्रेड करना रिस्की है ना। रिस्की क्यों है? सेल कब कंफर्म होगी? सेल तो कंफर्म होती है जब आपका क्लाइमेटिक एक्शन बार का लो ब्रेक हो जाए। फिर सेल कंफर्म होती है। तो यह तो हम कंफर्मेशन से पहले ट्रेड कर रहे हैं। तो थोड़ी सी रिस्की है। तो इसको रिस्क खत्म करने के लिए या इसको मिनिमाइज करने
के लिए आपको यह करनी है ऐसे सेटअप पे काम करें जिसमें नो डिमांड कैंडल का हाई स्वीप हो जाए। हाई स्वीप हो के लो ब्रेक हुआ। वॉल्यूम इसका थोड़ा सा बड़ा भी आ गया तो कोई खतरे की बात नहीं होती। क्योंकि नो डिमांड का वैसे ही बहुत कम होता है। यह ब्रेकआउट हुआ। यह आपका एंट्री पॉइंट है। यहां से आप एंट्री लेंगे। स्टॉप लॉस आपका लगेगा जी इसी के ऊपर। क्योंकि अब आप नो डिमांड को ट्रेड कर रहे हैं ना। अब आप ट्रेड नो डिमांड को कर रहे हैं। आपकी ट्रेड जो है वह क्लाइमेटिशन बार
में पर तो अभी बनी नहीं है। तो यह आया जी आपका एंट्री पॉइंट स्टॉप लॉस आपका आएगा नो सप्लाई के ऊपर। नो डिमांड सॉरी नो डिमांड के ऊपर। जहां पे भी विक लगी है प्रीवियस कैंडल की इसके ऊपर आपका स्टॉप लॉस आ गया। ठीक हो गया? और कहां तक टारगेट करेंगे? स्ट्रक्चर लेवल तक। क्योंकि यह ट्रेंड के साथ है तो आप इसको लंबा भी चौड़ा कर सकते हैं क्योंकि ट्रेंड इसको नीचे ले जाएगा। तो अब वो ट्रेड जो आपकी असल में तो बननी थी इस जगह से कि यह लोअर ट्रिगर लाइन भी ब्रेक होती यह
वाली। बाइंग क्लाइमेक्स की लोअर ट्रिगर लाइन ब्रेक होती तो आप यहां से ट्रेड करते इस जगह से स्टॉप लॉस फिर आपका आता है इस जगह पर यहां से आपका एंट्री पॉइंट ऊपर आपका स्टॉप लॉस तो इससे फिर लोगों का थोड़ा सा डर बैठता है वो कहते हैं स्टॉप लॉस बड़ा है हालांकि करना आपने रिस्क मैनेजमेंट मंडे से स्टार्ट होगी करना आपने यह है कि यहां से भी वही रिस्क है और यहां से भी वही रिस्क है ठीक है रिस्क यह होता है कि आपका $000 का अकाउंट है मैं कहता हूं 1% रिस्क लें तो फिर
आपके यहां से भी $10 ही जाने चाहिए और यहां से भी 10 ही जाने चाहिए। यहां से लॉट साइज छोटा होगा। यहां से लॉट साइज थोड़ा बड़ा हो जाएगा। इस तरीके से मैनेज करना होता है। बहरहाल जो ट्रेड आपको यहां से मिलनी थी इस ब्रेकआउट पे वह ट्रेड अब आपको यहां से मिल गई। तो यह तो आपके शुरू में ही बच जाते हैं। 20 25 30 पे शुरू में ही बचत हो जाती है आपको। समझ आ गई? तो, यह इसका तरीकाकार है। अब इसकी हम एग्जांपल देखते हैं। एग्जांपल देखेंगे, तो और क्लियर तरीके से समझ
आएगी। 5 मिनट पे क्यों दिखा रहा हूं? क्योंकि पांच पे ही आपको ज़्यादा काम देखने को मिलेगा। पहले यह लेटेस्ट एग्ज़ांपल देखें इसकी। यह वाली एग्ज़ांपल देखें। यह ज़ोन कौन सा है? जी, प्राइस ने लिक्विडिटी स्वीप की थी, यह इस जगह की। दूसरा एक और चीज यहां पे एक ट्रेंड लाइन भी है। ये वाली ये ट्रेंड लाइन भी है। ठीक है जी। तो आपको क्या बताया था? चलिए उस तरफ अभी नहीं जाते क्योंकि अभी हमने इसमें आप कंफ्यूज हो जाएंगे। अच्छा जी। यहां पे अभी आप ये देखें। ये इसने लिक्विडिटी रिसीव की है। जी। इस
ज़ोन के ऊपर गई है प्राइस। यहां पे इसने कुछ थोड़ा टाइम गुजारा लिक्विडिटी रिसीव हुई है इस जगह पे। वैसे ना मैं आपको चलिए बता ही देता हूं। यह ऑर्डर ब्लॉक है। मैं जो बताने लगा था ना आपको ऑर्डर ब्लॉक के ऊपर विक लगी थी इस जगह पर इसी टाइम पर इसी जगह पर यहां पर ऑर्डर ब्लॉक के ऊपर विक लगी थी। तो ये हमने पहले भी बताया था कि ये 94 95 96 ये जगह इंपॉर्टेंट है। यहां से प्राइस रिजेक्शन ले सकती है। समझ आ गई? इसलिए अब इस ट्रेंड लाइन को भी हटा दें
और बाकी चीजें समझे 5 मिनट के हिसाब से। अच्छा जी। अब देखें। तो हमारे पास पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट मैंने इसलिए दिखा दिया ना आपको पता चले कि पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट है तो अगेंस्ट द ट्रेंड। अगेंस्ट द ट्रेंड है ये सेल। लेकिन क्या मैं आपको दिखा रहा हूं कि पीछे जो आपका पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट है जो लिक्विडिटी ज़ोन है वो 4 आवर का है। तो फोर आवर का लिक्विडिटी ज़ोन तो बड़ा स्ट्रांग होगा। तो उस ज़ोन में आने के बाद इसलिए मैं कहता हूं पॉइंट ऑफ इंटरेस्टेंट है। ये तो सारा दिन बनते हैं। नो सप्लाई नो
डिमांड। लेकिन पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट स्टंग होगा तो आपको ट्रेड अच्छी मिल जाएगी। अब इसका वॉल्यूम ऑन करते हैं। अब समझे जी अब आपको चीज़ समझ आएगी। हां जी। यह आए आपके बड़े वॉल्यूम। ऊपर जाती है मार्केट में। बड़े वॉल्यूम होते हैं बाइंग क्लाइमेक्स। यह देखें। पहले बड़ा वॉल्यूम तो यहीं पे आ गया। ठीक है? अब यह क्या थी? यह थी आपकी नो सप्लाई नो सप्लाई का हाई यहां पर नहीं तो यहां पर ब्रेक हो गया नेक्स्ट कैंडल में तो यहां से आपकी बाय थी पहले तो ठीक है उसके बाद ऊपर जाती है मार्केट में यह
बड़े वॉल्यूम आना शुरू हो गए हैं ये है जी हमारे पास सबसे बड़ा वॉल्यूम ऊपर जाती है मार्केट में ये वाला समझ आ गई यानी एक हमारे पास बाइंग क्लाइमेक्स टाइप की एक चीज़ आ गई अच्छा इसके आपने ट्रिगर लाइंस मार्क कर ली इसकी लोअर ट्रिगर लाइन ये इसकी अपपर ट्रिगर लाइन प्राइस ऊपर गई हाई वगैरह स्वीप किया अंदर आके ये बना दी नो डिमांड ऐसे भी बताया था कि नो डिमांड का वॉल्यूम बिल्कुल छोटा होता है देखें कितना छोटा वॉल्यूम अगर आप देखेंगे तो मेरा ख्याल है शायद यह आज का सबसे छोटा वॉल्यूम होगा।
नहीं सुबह के टाइम आया था कोई 9:00 बजे बजे यहां पे आया हुआ है। अच्छा तो यहां पे ये भी ट्रेड चली है। देखिए ना ये मैंने यहां पे साइंस बनाए हुए हैं। यहां पे ये भी ट्रेड इसने भी काम किया है इस ट्रेड ने। ने हालांकि अगेंस्ट ट्रेंड है। बहाल यहां पे छोटा वॉल्यूम आया। जैसे ही नेक्स्ट कैंडल ने उसका लो ब्रेक किया ये आपकी सेल है इस जगह से। यहां से आपकी सेल है। ऊपर आपका स्टॉप लॉस है। स्टॉप लॉस अगर अब यहां पे आपका स्टॉप लॉस नो डिमांड के ऊपर नहीं आएगा। अगर
पीछे उसका हाई स्वीप हुआ है तो जो विक लगी है इस वीक के ऊपर आपका स्टॉप लॉस होगा। अब यहां पे अगर आप देखें 5 मिनट की एक अगेंस्ट अटेंडेंट ट्रेड इसको आपने थोड़ी अकलमंदी से अगर प्ले किया तो इसमें आपको रिस्क टू रिवार्ड रेशियो कितनी अच्छी मिलती है। ठीक है जी। मैं यह नहीं कहता आप सारी पकड़े पूरी वेव पकड़े। 1 3.5 आ रही है। $1 का रिस्क लिया होता तो $.5 आते। आप अगर यहां तक भी रहते हैं फिर भी ठीक है। बस इसलिए 1:2 तो मैं कहता हूं कि दिन का टारगेट लें।
दिन का टारगेट लें आउट हो जाए। सारा दिन सून करें। इससे आप इजी हो जाएगी ट्रेडिंग आपकी। आपका टारगेट पूरा हो गया तो बाहर निकल जाए। नहीं टारगेट पूरा हुआ तो फिर एक ट्रेड को और वेट कर लें। ठीक हो गया? तो यह आपकी नो डिमांड की सबसे अच्छी एग्ज़ांपल है। पॉइंट ऑफ़ इंटरेस्ट स्ट्रांग था और ये आज की एग्जांपल है बिल्कुल रीसेंट। समझ आ गई इसकी? अच्छा जी। और पीछे आ जाए। सुबह की एग्जांपल्स देख लें। ये तो दिन की दिखाई है। सुबह की देख लें। ये फिर प्राइस ऊपर जा रही है। फिर बड़ा
वॉल्यूम आ गया। बड़ा वॉल्यूम किस कैंडल में है? जी इस कैंडल में। ये बड़ा वॉल्यूम आ गया। ये बड़ा वॉल्यूम आ गया। बड़े वॉल्यूम की अपपर ट्रिगर लाइन लगा लेते हैं और लोअर ट्रिगर लाइन लगा लेते हैं। हाई ब्रेक हुआ। हाई ब्रेक होने के बाद यह कौन सी कैंडल बनी है? जी आपके पास यह बन गई नो डिमांड कैंडल ये वाली। यह वाली कैंडल बन गई नो डिमांड। ठीक है जी। नो डिमांड कैंडल का जैसे ही लो ब्रेक हुआ। इसका हाई स्वीप हो चुका था। अब आपने लगा दी यहां से सेल की ट्रेड। इस जगह
से। ठीक है जी। यह आपकी सेल की ट्रेड लग गई। और इसका हो जाएगा आपका शॉर्ट पोजीशन। ये आपके सेल की ट्रेड लगी। ऊपर आ गया जी आपका स्टॉप लॉस। स्टॉप लॉस कहां पे बताया था कि जो आपका हाईएस्ट वीक है। नो डिमांड ये थी ना नो डिमांड का हाई स्वीप हुआ। तो इसी हाई के ऊपर आपकी ट्रेड का स्टॉप लॉस आएगा। इसको मैं यूं कर देता हूं। ये लें इसके ऊपर आपका स्टॉप लॉस है। अब हुआ क्या कि प्राइस ने दोबारा एक और विक लगाई और इसका दोबारा से वो स्टॉप लॉस आपका हिट कर
दिया। लेकिन इसमें खतरे वाली बात इसलिए नहीं है। स्टॉप लॉस बनता कितना है आपका? टोटल। टोटल स्टॉप लॉस ही 22 पेप का 20 22 पे का बन रहा है। स्टॉप लॉस इस इस मेथड से स्टॉप लॉस बहुत छोटे बनते हैं। छोटा सा स्टॉप लॉस आपका हिट हो गया। अब आपको मैंने क्या बताया था कि इसका जो नो डिमांड है ना इसका हाई ब्रेक नहीं होना चाहिए। तो अभी तक आप देख के बताएं क्या इसका हाई ब्रेक हुआ है। देखें अभी हाई तो ब्रेक नहीं हुआ। यहां पे भी स्वीप हुआ और यहां पे भी स्वीप हुआ।
प्राइस ने अंदर आके क्लोजिंग दे दी। यह बन गया आपका अपथरेस्ट जो हमने परसों पढ़ा था। परसों से पिछले दिन अप थ्रस्ट क्या होता है कि अपथ्रस्ट लिक्विडिटी स्वीप करता है। क्लोजिंग अंदर आके देता है। जैसे ही अपथस्ट का लो ब्रेक होगा आप दोबारा ट्रेड कर लेंगे। अगर आपका यहां से स्टॉप लॉस एक दफा 20 पे का हिट हो गया। परसों हमारे साथ ऐसा ही हुआ है ना कल या परसों। हम आए यहां आके हमने ट्रेड की है लाइव में 30 पिक का स्टॉप लॉस फौरन से उसी टाइम लेकिन साथ ही हमने दूसरी ट्रेड पकड़
ली वो 1:3 पे चली गई तो अगर आपका एक दफा स्टॉप लॉस हिट हो गया तो घबराना नहीं है अभी मेथड पूरा है हमारा वो हमारी हार्ड लक कि हमारा स्टॉप लॉस हिट हो गया तो प्राइस ने अभी तक इसका हाई तो स्वीप नहीं किया ब्रेक नहीं किया इस वाली नो डिमांड का हाई ब्रेक तो नहीं हुआ स्वीप करके प्राइस नीचे आ गई अब जब नीचे आई तो उसने इस नो डिमांड कैंडल का लो भी ब्रेक कर दिया यहां पे यह देखिए इस कैंडल ने लो भी ब्रेक कर दिया और जो आपका यह अप्रस लगा
था अप्रस्ट का लो भी ब्रेक हो गया तो यह आपका दोबारा से एंट्री है ऊपर आपका स्टॉप लॉस आ जाएगा अब यह देखें कितनी जबरदस्त चली है। तो एक दफा नहीं चली तो कोई मसला नहीं है। दूसरी दफा ट्राई मार लें। समझ आ गई? उसके बाद इसी कंटिन्यूएशन में फिर बन गई। ये देखें। ये देखें बिल्कुल लो वॉल्यूम और आया अभी रिट्रेसमेंट पे। ये आखिरी सेल की कैंडल है। सेल की कैंडल का ये आपका उसने हाई ब्रेक कर दिया और ये नो डिमांड आ गई। नो डिमांड का जैसे ही लो ब्रेक हुआ इस जगह पे।
देखिए इसका भी हाई स्वीप नहीं हुआ। इसका हाई बाद में आके स्वीप हुआ है। तो मैं इसलिए कहता हूं कि ट्रेड तब करें जब हाई स्वीप हो जाए। ये नो डिमांड है ना आपकी ये वाली। तो इसका हाई स्वीप नहीं हुआ था अभी तक। तो डेंजरस ट्रेड थी। जैसे ही हाई स्वीप हुआ अब इसका लो ब्रेक हुआ आप ट्रेड कर लें। ऊपर आपका स्टॉप लॉस आ जाएगा और यह ट्रेड भी आपकी पीछे चल गई। वन शूट हुई इसने भी दे दी आराम से। ठीक हो गया? तो ये इसकी एग्जांपल्स को इंशाल्लाह लाइव में ट्रेड किया
करेंगे। आप लोग कोशिश करें जो लोग डिस्कर्ड पे आ चुके हैं कि सेटअप शेयर किया करें। वहां पे आपको चैनल्स में ऐड किया हुआ है ना। गलत कर रहे हैं। ठीक कर रहे हैं। उसमें आपकी सलाई होगी। सेटअप शेयर करते रहा करें और अपने पास स्क्रीनशॉट्स बना के रखें कि ये चीज़ नो सप्लाई है। इस तरह काम करती है। अब ये देखिए नो सप्लाई बनी हुई है। मैं कितनी एग्जांपल्स मैं तो बेशुमार निकाल सकता हूं। फिर चक्कर ये है कि अब टाइम इतना ही होता है। ये देखिए ये नो सप्लाई बनी। अब यहां पे इसका
लो स्वीप हुआ है। हल्का सा लो स्वीप हुआ है। ये इसका हाई ब्रेक हुआ है। तो हाई ब्रेक हुआ तो बस यहां से आपकी बाय है। अब ये वो क्वेश्चन आ गया। जी। क्वेश्चन ये आ गया है। एक स्टूडेंट अभी जो मुझे नाम भूल गया उन्होंने क्वेश्चन किया कि अगर जिस कैंडल ने हाई ब्रेक किया है ये वाला। अगर उसका वॉल्यूम इससे भी छोटा हो गया तो फिर क्या करेंगे? अब यहां पर छोटा ही है। इसका बड़ा है। नो डिमांड का इसका नो सलाई का बड़ा है थोड़ा सा और जिस कैंडल ने हाई ब्रेक किया
इसका छोटा है। तो ऐसे में आपने देखना है कि क्या लिक्विडिटी इनवॉल्व है आपके इस सेटअप पे। अगर है तो ठीक है। नहीं है तो छोड़ दें। मैं इसको शायद छोड़ दूं फिर क्योंकि यहां पे इसने लिक्विडिटी ये स्वीप नहीं की मेरे हिसाब से। ठीक है? और वॉल्यूम भी सेल की कैंडल में कोई बहुत बड़ा नहीं आया। नॉर्मल सा ही वॉल्यूम है। तो मैं इस सेटअप को छोड़ दूंगा। बेशक चल जाए। ₹1000 पे चल जाए। मुझे उससे कोई टेंशन नहीं है। आपकी चीजें पूरी होंगी ना तो फिर आपको रिग्रेट नहीं होगा। अगर आप ट्रेड करते
हैं और आपका स्टॉप लॉस होता है और बाद में आप रिग्रेट करते हैं कि यार मैंने तो ये मुझे पता था कैसे होगा क्योंकि कॉन्फ्रेंसेस पूरे नहीं थे कंफर्मेशंस पूरी नहीं थी मैंने फिर भी ट्रेड करी देखो स्टॉप लॉस हो गया तो फिर आप होमो में चले जाएंगे ठीक है यानी डिप्रेस होंगे बहुत ज्यादा और अगर आपकी चीजें पूरी है ना आपके पास कंफर्मेशंस पूरी हैं आपने पूरे सेटअप पे ट्रेड की है 10 बार भी स्टॉप लॉस हिट हो गया आपको टेंशन नहीं होगी क्योंकि आपकी चीजें आपकी तरफ से गलती नहीं थी बस वो फिर
मार्केट में हजारों फैक्टर्स होते हैं जो मार्केट को चला रहे होते हैं तो किसी वजह से स्टॉप लॉस हो गया आपकी गलती नहीं थी तो अगर आपकी गलती नहीं होगी फिर आप मुताइमिन भी रहेंगे अब मुझे ये बता दें कि क्लास की समझ आई है क्योंकि ये इंपॉर्टेंट टॉपिक इसलिए है कि अकेला तो काम नहीं करता लेकिन कंफर्मेशन के बाद क्लाइमेटिक एक्शन बार के बाद बहुत अच्छा काम करता है। ठीक हो गया तो इसलिए पढ़ाना भी जरूरी है। इसी वजह से दोबारा शुरू किया कि चल अगदी इसे इस्तेमाल करेंगे तो इंशा्लाह फायदा होगा। चलिए जी
मैं एक दफा रिकॉर्डिंग को पॉज करता हूं। यहां पर स्टॉप करता हूं। फिर अगली बात करते हैं।