्र म म [संगीत] पृथ्वी पर मनुष आपको प्रसन्न करने के लिए यज्ञ कर रहे हैं देव राजेंद्र ये ऋणी लोग आपका आभार प्रकट करने के लिए सब तरफ एकत्रित हुए हैं होना भी चाहिए इनकी खुशहाली मेरे हाथों में है इन्हें ज्ञात होना चाहिए कि मैं बारिश का स्त्रोत हूं जो इनके खेतों और भंडारों को अन्न से भरती है सवर्त जो लोग मेरे लिए यज्ञ कर रहे हैं उन्हें वर्षा प्रदान करोध भरी ंद देव की [संगीत] इ प्रदेश की जय [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] पृथ्वी से आ रहे इस कुलाल को सुनिए देव राजेंद्र
आप सचमुच सबसे शक्तिशाली है स्वर्ग का देवता हूं इंद्र जो हूं इ तुम अपनी मर्यादा भूल रहे हो तुम केवल अपने कर्तव्य का पालन कर रहे हो भगवान विष्णु का आदेश पूरा कर रहे हो मैं जो चाहूं करूंगा मैं किसी का आदेश नहीं मानता इंद्र मैं तुम्हारा शिक्षक हूं तुम्ह अपने यश और कीर्ति का अभिमान हो गया है मैं तुम्हें सलाह देता हूं कि सुधर जाओ अन्यथा तुम्हारा यह घमंड तुम्ह नष्ट कर देगा [संगीत] संभाल के ले चलना बाबा आप इंद्र के लिए यज्ञ क्यों कर रहे हैं हमें इंद्र को प्रसन्न करने के लिए हर
साल यह यज्ञ करना ही पड़ता है ताकि वह हमें बारिश दे वैसे ही जैसे हर वर्ष हमें महाराज कंस को कर चुकाना पड़ता है अरे नहीं बच्चों इंद्र देव बुरे नहीं है वह तो बारिश के देवता हैं पानी जीवन के लिए अति आवश्यक होता है इसीलिए हम हर साल यज्ञ के द्वारा इंद्र देव की पूजा करते हैं परंतु बाबा वह तो उनका कर्तव्य है वह तो भगवान विष्णु के आदेश का पालन कर रहे हैं देखो कृष्णा यह बहुत पुरानी प्रथा है और हमें इसे तोड़ना नहीं चाहिए बाबा फिर हम धरती की पूजा क्यों नहीं करते
जो हमें सब कुछ देती है और सूर्य की जिसे जीवन म है और यमुना की क्यों नहीं कृष्णा तुम सही कहते हो लेकिन यह संभव नहीं है हम सदियों से चलती आ रही इस प्रथा को अकस्मात ही तोड़ नहीं सकते बेटा परंतु बाबा क्या हमें आंखें बंद कर के प्रथाओं को मान लेना चाहिए वो तो भगवान विष्णु है जो इंद्र और सभी देवताओं को शक्ति प्रदान करते हैं कृष्ण बिल्कुल सही कह रहा है सभी देवता भगवान विष्णु के आदेशानुसार काम करते हैं और वैसे भी वेदों में इंद्र के लिए अलग से यज्ञ का विधान नहीं
है हम ग्वाले हैं हमारी संपत्ति हमारी गाय हैं और वह भोजन के लिए निर्भर करती है इस गोवर्धन पर्वत पर हम भी सभी चीजों के लिए गोवर्धन पर निर्भर करते हैं इसलिए हमें गोवर्धन की पूजा करनी चाहिए ना कि इंद्र की मेरे वृंदावन के प्यारे मित्रों हम सबको गोवर्धन पर्वत का हृदय से आभारी होना चाहिए [संगीत] आप स्वयं ही देख लीजिए गोवर्धन पर्वत के इन चमत्कारों को जो वृंदावन का जीवन है हमारी गाए इसके जंगलों की घास चरती है और हमें मीठा मठा दूध देती है इसके झरने हमारी प्यास बुझाते हैं इसके मैदानों में हमारी
फसलें और फल उगते हैं इसकी लकड़ी से बने घर हमें सुरक्षा देते हैं मित्रों हमारा जीवन इंद्र पर निर्भर नहीं करता बल्कि गोवर्धन पर्वत पर निर्भर करता है कृष्ण ठीक कहता है आयुष्मान भवा यह सब इंद्र देव की नहीं गोवर्धन की कृपा है इसलिए मित्रों सब लोग अपना अपना चढ़ावा एकत्रित करें हम सब गोवर्धन की पूजा करेंगे जय गो जय [संगीत] गोवर्धन की जय गोवर्धन की जयन की जय गोधन की जय गोधन की जय मैं गोवर्धन हूं मैं तुम्हारी प्रार्थना से बहुत प्रसन्न हूं अगर तुम सभी अपने पशुओं के साथ मेरी परिक्रमा करोगे तो मैं
बहुत प्रसन्न होंगा जय गोधन गोवर्धन की जय की देखो कितनी बड़ी पूजा हो रही है गोवर्धन पर्वत तो बहुत प्रसन्न हो रहे होंगे मधु हां गोवर्धन की पूजा करना अच्छी बात है बलराम परंतु मैं इंद्रदेव को भी कुछ अर्पण अवश्य करूंगा कहीं बुरा ना मान जाए एक इंद्र के लिए और एक मेरे लिए दो इंद्र के लिए दो मेरे लिए देखिए तो वृंदावन वासी गोवर्धन पर्वत की पूजा कर रहे यह तो बड़े अचरज की बात है उनकी यह हिम्मत मुझे तुरंत इंद्र को सूचित करना होगा [संगीत] आओ आओ सवर्त मेरे साथ मेरे भक्तों द्वारा चढ़ाए
गए चढ़ावे का आनंद [हंसी] लो क्षमा चाहता हूं देव राजेंद्र परंतु यह समाचार आपको विचलित कर सकता है अब यह मत कहना कि तुमने गलती से एक और गांव को बाढ़ से भर दिया यह बात मन से निकाल दो मुझे डर है कि आप इस समाचार से बहुत क्रोधित हो जाएंगे देवराज वृंदावन गांव के वासियों ने आपकी बजाय गोवर्धन पर्वत की पूजा शुरू कर दी है क्या गोवर्धन पर्वत [संगीत] की उन्होने मेरी पूजा ना करके मिट्टी के ढेर की पूजा की वह ऐसा कैसे कर सकते हैं सवर्त वो भी मुझसे बारिश का उपहार पाने के
बाद ऐसा सुना है कि वो एक नादान के बहकावे में आ गए हैं उपहास मत करो सवर्त क्षमा चाहता हूं देवराज लेकिन यही सच है नंद के पुत्र कृष्ण ने अपनी चमत्कारी शक्तियों का प्रयोग करके वृंदावन के वासियों को बहका लिया है अच्छा उन्होंने मेरा आदेश मानने के बजाय एक नादान की बातों को माना इन लोगों का दिमाग खराब हो गया है देखना अब इन पर मेरा कहर बरसेगा सुनो संवर्थ जी देवराज जाओ और वृंदावन को डुबो दो गोवर्धन के त्यौहार को बर्बाद कर दो और वृंदावन के वासियों को इस दु साहस की सजा दो
[संगीत] [प्रशंसा] क्या जा कृष्णा हमसे बहुत बड़ा अपराध हुआ है [संगीत] कृष्णा तुमने इंद दे को क्रोधित कर दिया है देखो वो हमारे साथ क्या कर रहे [संगीत] हैं आ जाओ सब लोग यंद मराज इंद्र देवता हमसे क्रोधित है हम कुछ नहीं कर सकते [संगीत] हम नहीं ब पकड़े लेना वृंदावन के लोग अब जल्द ही उस लड़के की बात सुनने पर पछताएंगे इंद्रदेव हम सभी का विनाश करने पर तुले हैं कुछ करिए नंद महाराज मेरे प्यारे कृष्ण मैं जानता हूं तुम हमारा हित ही चाहते थे लेकिन तुमने इंद्रदेव को कुपित कर दिया हमें इसी समय
उनसे क्षमा मांगनी चाहिए परंतु बाबा इंद्र ो बलराम बाबा ठीक कहते हैं यह सब मेरी सलाह के कारण कष्ट भोग रहे हैं अभी भी देर नहीं हुई हम इंद्र से क्षमा याचना कर सकते हैं रुको कृष्ण कभी भी हम पर या हमारे वृंदावन पर आजच नहीं आने देगा कभी नहीं आपने सच कहा मां आप सबके लिए मेरा प्रेम इंद्र की इस दुष्टता से बहुत बड़ा है वृंदावन की रक्षा मैं अवश्य करूंगा कृष्णा मेरे [संगीत] बच्चे धरती ने उसे निकल लिया ई आओ जल्दी विष्ण की सहायता करो जाया जाए तो जाए तो जाए तो जाया जाए
तो जाए तो जाए तो जाया जाए तो क जय जय जय कृष्णम जय जय जय जयत कृष्णम जय जयत जय जय त कृष्ण जयत [संगीत] [संगीत] [संगीत] जल्दी आओ अपनी लाठियों से पर्वत को उठाने में कृष्ण की मदद करो हा व अकेली नहीं कर पाएगा बहुत अच्छे मधु इतने तूफान के बाद भी यह असंभव है यदि हम इंद्र के आदेश अनुसार इस छोटे से गांव को तबाह नहीं कर पाए तो वह हम पर कोई दया नहीं करेंगे आगे बढ़ो मेरे योद्धाओं यह तूफान तब तक ना नहीं चाहिए जब तक वृंदावन पूरी तरह पानी में डूब
ना जाए [संगीत] देवराज आ आओ संवर्थ बहुत थके हुए लग रहे हो बैठ जाओ बैठ जाओ और सब विस्तार पूर्वक सुनाओ बताओ क्या तुम्हारे तूफान के बाद भी वृंदावन का कोई चिन्ह बचा है देवराज आपके योद्ध ने पिछले छ दिन और छह रातों से तूफान मचा रखा है जिसमें आग की तरह बिजली कड़क रही है और घनघोर वर्षा हो रही है मनुष्य ने इससे पहले ऐसा दृश्य कभी नहीं देखा अच्छा है बहुत अच्छा है अब तक तो वृंदावन पूरी तरह डूब चुका होगा काश मैं ऐसा कह पाता देव राजेंद्र लेकिन सच यह है कि हमारे
तूफान भी कृष्ण के सामने नहीं टिक पाए मेरे तूफानी योद्धा एक बच्चे से परास्त हो गए उसने गोवर्धन पर्वत को अपने सिर पर उठा रखा है और वह वृंदावन वासियों और उनके पशुओं की रक्षा कर रहा है हम परास्त हो गए लगता है तुम्हारी आंखों को धोखा हुआ है सवर्त छ दिनों से कड़क रही बिजली ने तुम्हें अंधा कर दिया है मेरे वाहन ऐरावत को बुलाया जाए मैं स्वयं वृंदावन जाकर इस चमत्कार को देखना चाहूंगा [संगीत] [संगीत] आप स्वयं ही देख लीजिए देवराज यदि कृष्ण अपने आप को भगवान समझता है तो अब वह यह जान
जाएगा कि कौन शक्तिशाली है वो या फिर इंद्र [संगीत] [संगीत] तुम इंद्र के क्रोध से बच नहीं सकते कृष्ण की बात मानने का दंड भुगतना होगा [संगीत] कृष्णा कृष्णा हमारी रक्षा करो इंद्र गोवर्धन पर्वत को नष्ट कर रहे इंद्र कुछ नहीं बिगाड़ सकते भय मत करो [संगीत] [संगीत] [संगीत] [संगीत] कृष् न को रो दिया कृष्णा [संगीत] तूफान थम चुका है आप गांववासियों के साथ खुशी मनाने क्यों नहीं जाते पर कृष्ण क्या तुम अकेले इस पर्वत को उठाए रख सकते हो नादान मत बनो कृष्ण तुम एक छोटे बालक हो पहले तुम बाहर निकलो आप बहुत दयालु
है आप सचमुच चाहते हैं मैं पहले चला जाऊ नहीं रुको मुझे छोड़ कर मत [संगीत] [संगीत] जाओ हम तुम्हारे आभारी है तुमने हमें ब लिया कृष्ण हम सुरक्षित है आभार मेरा नहीं गोवर्धन पर्वत का मानिए [संगीत] [संगीत] [संगीत] देव राजेंद्र मैंने देखा आप मुझसे कितना स्नेह करते हैं अन्यथा मेरे प्रतिकार के बाद भी आप मुझसे मिलने यहां क्यों आते कृष्ण प्रतिकार तो मैंने किया है आपका मैंने बहुत बड़ी मूर्खता की भूल गया था कि मुझे शक्तियां आप ही से प्राप्त होती है मैं सदैव आपका सेवक रहूंगा मैं आपसे क्षमा मांगता हूं देवराज आपको अपनी शक्ति
का बहुत अभिमान हो गया था और ऐसा मैंने इसलिए किया ताकि आपका अभिमान तोड़ सकूं जाइए मैं आपको क्षमा करता [संगीत] हूं हां इतना असाधारण बालक हमारे साथ यहां वृंदावन में रहने आया है मैं तो बस इतना जानती हूं कि यह मेरा प्यारा बच्चा है मेरा दुलारा कृष्णा कृष्णा की जय हो ज [संगीत]