साल 3150 बीसी इजिप्ट में एक बादशाह था जो लोगों पर जुल्म करता था और खुद को खुदा कलवा था यह गरूर के नशे में धुत था इस इंसान का नाम मुसाब बिन वलीद था जिसे आज हम फिरन के नाम से जानते हैं फिरन ने बनी इसराइल को अपना गुलाम बना रखा था और वह बनी इसराइल पर बहुत जुल्म करता था फिरौन की हुकूमत को कई साल गुजरते गए और इसका जुल्म भी बढ़ता गया लेकिन एक दिन इसने लोगों को बातें करते सुना कि इसराइल में एक बेटा पैदा होगा जो कि फिरौन की हुकूमत गिरा देगा
फिरौन को लगा कि लोगों ने कोई ख्वाब देख लिया है या फिर यह इनकी किताबों की कोई प्रेडिक्शन है लेकिन एक दिन फिरौन ने ख्वाब देखा कि यरूशलम से एक आग आती है और वह मिस्र के सारे घरों को जला देती है लेकिन बनी इसराइल के बच्चों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाती फिरौन डरा हुआ नींद से उठा और इसने अपने सारे जादूगर और प्रीस्ट्स को जमा किया और इन्हें इस ख्वाब के बारे में बताया उन्होंने कहा कि बनी इसराइल में एक लड़का पैदा होगा और इजिप्शियंस इसके हाथों मारे जाएंगे यह सुनकर फिरौन ने हुक्म दिया
कि बनी इसराइल में जो भी लड़का पैदा हो उसे मार दिया जाए फिरौन के इस हुक्म के बाद से बनी इसराइल में जो भी लड़का पैदा होता उसे मार दिया जाता था लेकिन एक दिन इकोनॉमिक्स एक्सपर्ट ने फिरौन को कहा कि बनी इसराइल के बूढ़े मरते जा रहे हैं और अगर कोई लड़का पैदा होता है तो उसे हम मार देते हैं इस तरह तो कोई मर्द भी बाकी नहीं बचेगा जिसे हम गुलाम बना सके और काम ले सके हमें कोई पॉलिसी बनानी होगी जिसमें एक साल अगर कोई लड़का पैदा हो तो उसे मार दिया जाए
और दूसरे साल अगर कोई लड़का पैदा हो तो उसे छोड़ दिया जाए फिरौन ने इस बात को समझा और इसके बाद इसी तरह होने लगा जिस साल बचों को जिंदा छोड़ा जाना था उसी साल हजरत मूसा अलैहि सलाम की मां हाम हुई और उन्होंने हजरत मूसा अलैहि सलाम के भाई हजरत हारून अलैहि सलाम को जन्म दिया लेकिन इसके अगले साल जब बच्चों को कत्ल किया जाना था उसी साल हजरत मूसा अलैहि सलाम पैदा हुए हजरत मूसा अलैहि सलाम की मां को डर था कि इनके बच्चे को कत्ल कर दिया जाएगा तभी अल्लाह ने हजरत मूसा
अलैहि सलाम की मां को इलहाम फरमाया इसे दूध पिला फिर जब तुझे इस पर खौफ हो तो उसे दरिया में डाल दे और खौफ ना कर और गम ना कर बेशक हम इसे तेरी तरफ फिर लाएंगे और इसे रसूलों में से बनाएंगे हजरत मूसा अलैहि सलाम की ने अल्लाह के हुक्म को माना और हजरत मूसा अलैहि सलाम को एक टोकरी में डालकर दरिया ए नील के किनारे जाकर पानी में छोड़ दिया जब हजरत मूसा अलैहि सलाम की मां ने इन्हें दरिया में छोड़ा तो अल्लाह ने टोकरी को हुक्म दिया और यह टेरती हुई फिरौन के
महल के किनारे दरिया पर आ गई वहां से महल के नौकरों ने इस टोकरी को उठाया और फिरौन की बीवी के पास ले गए फिरौन की बीवी एक नेक और अच्छे दिल की औरत थी जैसे ही उसने हजरत मूसा अलैहि सलाम को देखा तो अल्लाह ने इसके के दिल में हजरत मूसा अलैहि सलाम की मोहब्बत डाल दी फिरौन की बीवी की कोई औलाद नहीं थी वह चाहती थी कि उसे बेटा हो उसने फिरौन से इसे अपने पास रखने का कहा और फिरौन ने उसे इजाजत दे दी क्योंकि फिरौन अपनी बीवी को देखकर हैरान था जिस
तरह वह उस बच्चे को सीने से लगा रही थी प्यार कर रही थी इसी तरह यह सिलसिला चला और हजरत मूसा अलैहि सलाम बड़े होते गए अल्लाह ने हजरत मूसा अलैहि सलाम को फिरौन के घर में पाल कर दिखा दिया कि वह ही सच्चा रब है और यहां तक कि अल्लाह ने हजरत मूसा अलैहि सलाम को उसी साल पैदा किया जिस साल बच्चों को मार दिया जाता था यह सब उस रब की कुदरत है मूसा अलैहि सलाम को अल्लाह ने ताकत और दीन का इल्म अता किया था एक दिन मूसा अलैहि सलाम ने देखा कि
एक इसराइली को कुछ मिस्र के लोग पिट रहे थे उस इसराइली ने मूसा अलैहि सलाम से मदद मांगी मूसा अलैहि सलाम उसकी मदद करने के लिए आगे बढ़े और तब ही मूसा अलैहि सलाम ने उस आदमी को गलती से कत्ल कर दिया मूसा अलैहि सलाम को लगा कि उन्होंने बहुत बड़ी गलती कर दी वह बहुत ज्यादा दुखी हुए और उन्होंने फौरन अल्लाह से माफी मांगी और अल्लाह ने भी उन्हें माफ कर दिया क्योंकि मूसा अलैहि सलाम का उस इंसान को कत्ल करने का कोई इरादा नहीं था वह तो बस उस मजलूम की मदद करना चाहते
थे अगले ही दिन फिर मूसा अलैहि सलाम ने देखा कि वही इंसान जिसे कल लोग मार रहे थे आज फिर वह एक लड़ाई में पड़ा हुआ है मूसा अलैहि सलाम उसके पास गए और उसे कहा कि तुम मुझे झगड़ालू लगते हो तुम्हारा हर रोज किसी ना किसी से कोई झगड़ा रहता है उस इंसान को लगा कि मूसा अलैहि सलाम उसे भी मार देंगे जैसे कल उस मिसरी को मारा था तो उस इसराइली ने मूसा अलैहि सलाम से कहा कि क्या तुम मुझे भी मारोगे जैसे तुमने कल उस मिसरी को मारा था जैसे ही उसने यह
कहा उसके साथ जो मिस्र के लोग लड़ रहे थे उन्होंने यह सुन लिया और जाकर अथॉरिटीज को खबर दे दी कि मूसा ने एक मिस्री का कत्ल कर दिया है इसके फौरन बाद एक इंसान ने मूसा अलैहि सलाम को आकर बताया कि चीफ ने तुम्हारे खिलाफ मुकदमा चलाया है और तुम्हें कत्ल करने का मशवरा किया है मैं तुम्हें मशवरा दूंगा कि भाग जाओ मूसा अलैहि सलाम को जैसे ही यह पता चला वह बगैर किसी तैयारी के मिस्र से भाग गए उनके पास ना तो कपड़े थे ना कुछ खाने के लिए था वो गर्म रेत पर
नंगे पांव चल रहे थे उन्हें फिरौन के लोगों का खौफ था कि कहीं वह उन्हें कत्ल ना कर दे इसलिए वह चलते गए वह मध्यान की तरफ सफर कर रहे थे जो कि सीरिया और मिस्र के दरमियान एक इलाका था इस सफर में मूसा अलैहि सलाम के साथ कोई ना था सिवाय अल्लाह के मूसा अलैहि सलाम ने लगातार आठ रातों तक सफर किया जहां वह दिन के वक्त छुप जाया करते थे और रात को सफर करते थे रेगिस्तान पार करने के बाद मूसा अलैहि सलाम एक जगह पहुंचे जहां वह एक दरख्त के नीचे लेट गए
उन्हें बहुत ज्यादा भूख प्यास लगी थी और वह बहुत ज्यादा थक चुके थे वही मूसा अलैहि सलाम ने देखा कि दो औरतें बकरियों को पानी पिला रही हैं उन औरतों को मर्द की जरूरत थी क्योंकि जिस चश्मे से पानी निकलता था उसके मुंह पर एक बहुत बड़ा पत्थर रखा था जिसे 10 लोग मिलकर हटाते थे मूसा अलैहि सलाम ने अपनी प्यास को छोड़कर उन औरतों की मदद की और उस पत्थर को अकेले ही हटा दिया क्योंकि मूसा अलैहि सलाम को अल्लाह ने काफी ताकत बख्शी थी उन और ने उस चश्मे से अपने रीव को पानी
पिलाया और वापस घर चली गई घर जाकर उन औरतों ने अपने बूढ़े बाप को इस वाकए के बारे में बताया तो उनके बूढ़े बाप ने मूसा अलैहि अस्सलाम को अपने घर आने की दावत दी मूसा अलैहि सलाम ने इस दावत को कबूल किया वहां उन्होंने उन औरतों के बाप को सब सच बता दिया कि वह मिस्र से क्यों भाग कर आए हैं उस बूढ़े इंसान ने मूसा अलैहि सलाम को अपने घर में जगह दी वो बूढ़ा मूसा अलैहि सलाम की उन की बेटियों के लिए कि गई मदद से खुश हुआ और उसने मूसा अलैहि सलाम
को ऑफर दी कि वह उसकी बेटी के साथ शादी कर ले लेकिन बाद में उसे 8 साल काम करना होगा मूसा अलैहि सलाम को यह सही लगा क्योंकि उसे इस जगह कोई जानता नहीं था और ना ही उनके पास रहने के लिए कोई घर था मूसा अलैहि सलाम ने उसकी बेटी के साथ शादी कर ली इसके बाद मूसा अलैहि सलाम ने 10 साल काम किया यह 10 साल मूसा मसा अलैहि सलाम की जिंदगी के बहुत अहम थे इन 10 सालों में मूसा अलैहि सलाम अल्लाह की कुदरत पर गौर करते रहे कभी वह सूरज को तलू
और गुरूब होता देखते तो कहीं रात को सितारों पर गौर करते इसी तरह वो डिफरेंट चीजों को ऑब्जर्व करते रहे इन 10 सालों में अल्लाह मूसा अलैहि सलाम के माइंड को ट्रेन कर रहे थे फिर एक दिन मूसा अलैहि सलाम ने अपने घर मिस्र वापस जाने का फैसला किया मूसा अलैहि सलाम अपनी मां और भाई से मिलना चाहते थे और वैसे भी उन्हें उस मिस्री को मारे अब 10 साल हो चुके थे इसलिए उन्हें वापस जाने में कोई खतरा भी नजर नहीं आया मूसा अलैहि सलाम अपनी फैमिली को लेकर मिस्र निकल पड़े लेकिन उन्हें क्या
पता था कि यह सफर इनकी जिंदगी बदलने वाला है मूसा अलैहि सलाम सफर करते हुए एक पहाड़ पर पहुंचे जिसका नाम था कोहितूर वहां उन्हें दूर कहीं आग जलती हुई नजर आई मूसा अलैहि सलाम जिस्म को गर्म रखने के लिए आग लेने गए जैसे ही वह आग के पास पहुंचे तो उन्हें एक खूबसूरत आवाज सुनाई दी ऐ मूसा मैं अल्लाह हूं इस कायनात का रब मूसा अलैहि सलाम ने घबराकर इधर-उधर देखा उसे फिर से आवाज सुनाई दी ऐ मूसा तेरे दाएं हाथ में क्या है मूसा अलैहि सलाम ने कांपते हुए जवाब दिया यह मेरा असा
है जिस पर मैं टेक लगाता हूं और जिससे मैं अपनी भेड़ों के लिए शाखे मारता हूं और दूसरे काम करता हूं उसी आवाज ने उसे हुक्म दिया अपनी लाठी फेंक दो उन्होंने ऐसा ही किया और फौरन ही लाठी सांप बन गई मूसा अलैहि सलाम भागने के लिए मुड़े लेकिन आवाज ने दोबारा उसे कहा डरू नहीं और इसे पकड़ो हम इसे इसकी पहली हालत में लौटा देंगे सांप वापस अपनी लाठी में बदल गया मूसा अलैहि सलाम का डर खत्म हो गया क्योंकि उन्होंने महसूस किया कि वह हक की गवाही दे रहे हैं यहां गौर करने वाली
बात यह है कि पहले अल्लाह ने हजरत मूसा अलैहि सलाम को उस छड़ी के फायद याद दिलाए और फिर उसे कहा फेंक दो इसके बाद जब वह छड़ी सांप बन गई तो अल्लाह ने कहा कि उस छड़ी को उठाओ यहां बड़ा ही कमाल का सबक छुपा है जब तक तुम अपनी पसंदीदा चीजों को अल्लाह की राह में कुर्बान करोगे और उन चीजों को जो कि तुम्हें बुरी लगती हैं अल्लाह के लिए अपनाओ ग तब तक तुम कामयाब रहोगे इसी में पूरा का पूरा दीन छुपा है फिर अल्लाह ने मूसा अलैहि सलाम को हुक्म दिया कि
अपना हाथ अपनी चादर में डाल दो जब उन्होंने इसे बाहर निकाला तो हाथ में एक शानदार चमक थी फिर अल्लाह ने मूसा अलैहि सलाम को हुक्म दिया कि तुम्हारे रब की तरफ से यह दो निशानियां हैं फिरौन और इसके सरदारों के पास जाओ क्योंकि वह बदक गिरोह हैं और हद से गुजर चुके हैं अल्लाह ने मूसा अलैहि सलम को अपनी हिफाजत का यकीन दिलाया और इनके दिल को सुकून दिया मूसा और हारून अलैहि सलाम एक साथ फिरौन के पास गए और इसे अपना पैगाम पहुंचाया मूसा अलैहि सलाम ने इसे अल्लाह के दीन की दावत दी
फिरौन ने सोचा कि मूसा पागल है जो इसने मुझ जैसे इंसान के सामने बात करने की जुर्रत की फिरौन ने पूछा तुम क्या चाहते हो मूसा अलैहि सलाम ने जवाब दिया मैं चाहता हूं कि तुम बनी इसराइल को हमारे साथ भेज दो फिरौन ने पूछा कि मैं इनको क्यों भेजो यह मेरे गुलाम हैं मूसा अलैहि सलाम ने जवाब दिया यह अल्लाह के बंदे हैं फिरौन ने मूसा और हारून अलैहि सलाम को हिरासत में ले लिया और इसने दुनिया के बेहतरीन जादूगरों को अकट किया और मूसा अलैहि सलाम और जादूगरों के दरमियान एक मुकाबला करने की
तैयारियां शुरू कर दी हर कोई इस अजीम मुकाबले को देखने के लिए बेताब था इसके शुरू होने से पहले मूसा अलैहि सलाम उठे तो बड़े हजू में खामोशी छा गई मूसा अलैहि सलाम ने जादूगरों से कहा अफसोस है तुम पर अगर तुमने अल्लाह पर इसके मोजत को जादू कहकर और फिरौन के साथ दियानत दारी से झूठ बांधा क्योंकि जो अल्लाह पर झूठ बोलता है वह बुरी तरह नाकाम होता है मूसा अलैहि सलाम ने सच्चे दिल से बात की थी और जादूगरों को सोचने पर मजबूर कर दिया था लेकिन वह पैसे और जहां वो जलाल के
नशे में थे मूसा अलैहि सलाम ने जादूगरों से कहा कि वह पहले अपना जादू देख आएं उन्होंने अपनी जादुई चीजें जमीन पर फेंक दी इनकी लाठियों और रस्सियों ने सांपों की शक्ल इख्तियार कर ली लोग यह देखकर हैरान हो गए फिरौन और इसके साथियों ने जोर से तालियां बजाई फिर मूसा अलैहि सलाम ने अपना असा फेंका यह जोर जोर से लने लगा और एक बहुत बड़ा साप बन गया यह देखकर लोग खड़े हो गए फिरन और इसके आदमी खामोश बैठे थे एक-एक करके मूसा अलैहि सलाम के बड़े सांप ने तमाम सांपों को निगल लिया मूसा
अलैहि सलाम इसे उठाने के लिए झुके और वह इसके हाथ में लाठी बन गई हुजूम एक बड़ी लहर की तरह उठ खड़ा हुआ और जोशो खरोश से चीखता रहा ऐसा कुछ पहले कभी नहीं देखा था मूसा अलैहि सलाम की कुदरत को देखकर जादूगरों ने अल्लाह को सजदा करते हुए ऐलान किया हम मूसा और हारून के रब पर ईमान लाए फिरौन गुस्से में था और उसने इल्जाम लगाया कि मूसा और जादूगर आपस में मिले हुए हैं इसने मूसा और जादूगरों को धमकियां देना शुरू कर दी मूसा और हारून अलैहि सलाम चले गए और फिरौन अपने महल
में वापस चला गया फिरौन इन दोनों मोजों का सामना करते हुए हैरान रह गया और वह बहुत ज्यादा गुस्से में था फिर इस कहानी का क्लाइमैक्स आता है जब हजरत मूसा अलैहि सलाम बनी इसराइल को लेकर भाग रहे थे तो पीछे फिरौन अपनी पूरी फौज के साथ मूसा अलैहि सलाम का पीछा कर रहा था मूसा अलैहि सलाम भागते हुए समंदर के पास पहुंचे और आगे रास्ता खत्म हो चुका था अब भागने के लिए रास्ता नहीं था और पीछे से फिरौन अपनी पूरी फौज के साथ हमला करने आ रहा है बनी इसराइल जो मूसा अलैहि सलाम
के साथ थे वह कहने लगे ऐ मूसा तूने हमें कहां फंसा दिया अब हमारा क्या होगा लेकिन मूसा अलैहि सलाम ने कहा मेरा रब रिस्ता बनाएगा मूसा अलैहि सलाम को अल्लाह ने हुक्म दिया अपनी लाठी जमीन पर मारो मूसा अलैहि सलाम ने ऐसा ही किया इसके बाद एक कमाल का मजज जाहिर [संगीत] हुआ जब समंदर में रिस्ता बना तो मूसा अल सलाम बनी इसराइल के साथ समंदर पार कर गए लेकिन जैसे ही फिरन अपनी फौज के साथ गुजरने लगा तो अल्लाह ने समंदर को हुक्म दिया और इसने फिरौन और इसकी फौज को अपनी लपेट में
ले लिया लेकिन कहानी यहां खत्म नहीं होती अल्लाह ने कुरान में फरमाया है कि हम फिरौन की लाश को बाद आने वाले लोगों के लिए निशानी बना देंगे आज हम तेरी लाश को बचा लेंगे ताकि तू अपने बाद वालों के लिए निशानी बन जाए और बेशक लोग हमारी निशानियां से जरूर गाफिल हैं अल्लाह ने ऐसा ही किया [संगीत] [संगीत] [संगीत]