इस युग में बहुत लोगों को धातु की दुर्बलता है सप्त प्रकार के धातु होते हैं उसमें वीर्य भी विशेष रूप जैसे तैसी फिल्में देखी जैसा तैसा खाना खाया जैसे तैसे फैशन वालियों को फैशन वालों को देखा धातु क्षय हुआ 20 साल के पहले धातु लिकेज चालू हो गया धातु दर्वल का रोग मुझे तो लगता है कि इस युग में सारे विश्व में व्याप्त है शायद इसीलिए भगवान ने वो शास्त्र में से रहस्य हमको जानने का अवसर दिया होगा धातु की दुर्बलता दम्मा की तकलीफ पुरानी हेड की पुराना बुखार जठराग्नि की मंदता खाना ना पचना भूख
ना लगना पेट की वायु गैस कबज जात की तकलीफ पेट से खून आना बवासीर की तकलीफ और भी पेट के छोटे मोटे बीमारियां और महिलाओं को देवियों को सफेद पानी पड़ने की तकलीफें होती है और उससे कमजोर संतान होगी और कमर की बीमारियां होगी पेट की पड़ों की बीमारियां हो उन देवियों की बीमारियां भाग जाए मासिक धर्म की गड़बड़ियां अधिक आना देर से आना बीच-बीच में आना जो देवया मासिक धर्म को रोकने के लिए लाने के लिए गलिया खाती अथवा पीड़ा को दबाने के लिए जो लोग पेन किलर खाते हैं वह बदमाशी का नाम है
पेन किलर से पेन तो नहीं मरता पेन की खबर देने वाले कई कोशिकाएं मर जाती और बलवान कोशिकाएं मूर्छित हो जाती और मूर्छित कोशिकाएं जब सजग होती तो पेन फिर से होने लगता है बिल्कुल पक्की बात है अगर मैं झूठ बोलूं तो तुम मरो बस पेन किलर खाने से पेन नहीं मरता पेन की खबर देने वाली कोशिकाएं कमजोर कोशिकाएं मरती हैं और बलवान कोशिकाएं जब सजा होती है तो पेन फिर से होता है बिल्कुल सच्ची बात है अगर मैं झूठ बोलूं इसमें तो तुम मरो ये कसम मैंने झूठी खाई है क्या कसम या तो अपने
प्यारे भगवान की खाई जाती है या तो अपने प्यारे स्नेहो की पुत्र पुत्रियों की खाई जाती तो बापू के तो तुम सब पुत्र पुत्रियों के बराबर हो अपने प्यारों की कसम में झूठी क्यों खाऊंगा मरे तो तुम्हारी बीमारियां मरे मरे तो तुम्हारा अज्ञान मरे मरे तो तुम्हारा अहंकार मरे मरे तो तुम्हारा जन्म मरण मरे तुम काहे मरो लाला लालिया तो बात में फिर वही ले आता हूं कि इस युग में धातु की दुर्बलता दम में की तकलीफ ज्यादा है जोड़ों का दर्द ज्यादा है तो आपको और मासिक धर्म की तकलीफें हो प्रदर रोग हो कबज
यात हो बवासीर हो मंदाग्नि हो हेड़की हो पेट की तकलीफ हो तो आप इस बात को लिख लो एक महीने में दम्मा का दम निकल जाएगा धातु की दुर्बलता ठीक हो जाएगी अगर मंदा आगनी है तो भी फायदा हो जाएगा मासिक धर्म की गड़बड़ियां तो भी फायदा हो जाएगा 300 ग्राम त्रिफला पसारी के दुकान से मिल जाता है हरड़ा बरड़ा आमला 300 ग्राम असली काले तिल का तेल और 300 ग्राम असली शहद बड़ी-बड़ी दुकानों पर फलाना छाप फलाना छाप मैंने सुना है कि टैंकर को चासनी के टैंकर को जमीन में गाड़ दो छ महीने के
बाद निकलते तो ओ हो लेबोरेटरी टेस्ट करा दो हनी का सर्टिफिकेट ले जाओ प्योर हनी ऐसी हनी नहीं शहद अपना शद मक्खियों ने जो चूसा है फों से वनस्पति 300 ग्राम शहद 300 ग्राम काले तिल का तेल 300 ग्राम त्रिफला मिश्रण कर लो 10 ग्राम सुबह 10 ग्राम शाम खाओ मजे से बैल किनाई नहीं लपा मारा थोड़ा थोड़ा चबा के खाना चाहिए फिर थोड़ा सा गुनगुना पानी पिलो ज्यादा गर्म नहीं आपके दम मेंे की तकलीफ ठीक हो जाएगी जोड़ों की बीमारी का लिखा नहीं है लेकिन जोड़ों में थोड़ा आराम तो होगा ऐसा मेरा अनुमान है
धातु की दुर्बलता ठीक हो जाएगी पेट की खराब ठीक हो जाएगी मासिक धर्म की गड़बड़ियां ठीक हो जाएगी जोड़ों के दर्द के लिए दूसरा एक उपाय है मेथी के दाने थोड़े पीस दो और भिगा दो रात को सुबह ले लो मेथ की सब्जी खाओ भोजन में लहसुन अदरक का उपयोग करो सूर्यनारायण के किरण सुबह वाले जोड़ों पर पड़ने दो और शवास रोक [संगीत] कर य मैं अपनी तरफ [संगीत] से उछलता हूं महात्मा उछाल दे कोई झेल ले तो झेल ले [संगीत] सांस ले दोनों जोड़ों में हो तो दोनों से ले नहीं तो जहां भी हो
उस नथु से स्वास ले और रोके हल्की सी तेल की हाथ घुमा के हल्की सी मालिश करें हथेली के भाग से रोग मिटाने के कण वहां से आए और स्वास रोक कर ना से रोग हरे सब पीरा जपत नि निरंतर हनुमंत वीरा एक से सवा मिनट अगर डेढ़ मिनट स्वास रोकता है तो मैं अपनी तरफ से कहता हूं मेरी अपनी कल्पना है मुझे लगता है कि सच्ची होनी चाहिए आप उपयोग करें घाटे की तो बात ही नहीं इसमें फायदा होना ही चाहिए वायु नाशक मंत्र हनुमान जी का पवन पुत्र है व एक को बताया था
मैं कल बताया था दिल्ली में भी बताया था और जगह भी बताया नए नए बंदे आते तो मैं फिर से बताता हूं अहमदाबाद में एक बुड्ढा आया जोड़ों का दर्द है इतना ये तकलीफ है घूम फिरने में तकलीफ हो रही है कोलेस्ट्रॉल 235 40 हो जाता है ऐसा है वैसा मैं क्या देखो तुम यह मंत्र करो और सूर्य के किरणों में जरा आठ मिनट पेट पर 10 मिनट पीठ पर और यह मंत्र बताया और प्राण रोकने का सवा मिनट मैं अजमेर गया 22 2 तारीख के दिनों में तो मैं मेरे पास आया बड़ा खुश था
खूब प्रसाद भी लाया मैंने बांटा वो प्रसाद मुझे पक्का याद है तो उसने कहा बापू मेरी एक दो मिनट बात सुनो मेरी कैसी तकलीफ थी आपने मंत्र दिया मेरे को फायदा हो गया अब मैं तो घूमने फिरने जाता हूं मैंने कहा ठीक है अच्छा है बैठो बैठो सत्संग बोले नहीं बापू जी एक बात आपको सुन के हंसी आएगी अच्छा जल्दी बोलो बोले मैं सुबह शहर करने गया मेरी पत्नी मैं जब शहर करके आया तो मेरी पत्नी मेरे को बोलती कि क्या आश्चर्य हुआ कि तुम्हारे कमरे में चार लाल मुंह वाले बंदर घुस गए जैसे सिपाही
छापा मारते और चीज खोज लेते हैं ऐसे एलोपैथी की जो इंजेक्शन है और दवाइयां और कैप्सूल थे वो सब कबाटरे और खिड़की के पास पड़ी थी वो सब उठा के जाने लगे तो मैंने ड़ होड़ करा तो मेरे को मुंह दिखा के रवाना हो गई ऐसा छापा मार चार बंदर है अब इसमें हनुमान जी के मंत्र की लीला कहो संयोग कहो प्रकृति के परमेश्वर के लीला को न मैं बड़ा खुश हूं बहुत अच्छा हु मैं कहा चलो साइड इफेक्ट करने वाली दवा भी हनुमान जी के प्यारे ले गए तो यह इन कारण से और दूसरों
को भी फायदे हुए तो आप मेथ का उपयोग करें ना से रोग हरे सब पीरा जपत निरंतर हनुमंत वीरा इसका जप करें शवास रोक कर सवा मिनट अंदर श्वास रोके और फिर धीरे-धीरे श्वास छोड़ दिया जब शवास छोड़े तो गया दर्द फिर शवास दो चार शवास स्वाभाविक लिया फिर शवास बाहर फेंको पेट को अंदर कर दिया सौ जाने की जगह को सकड़ लिया यह दर्द तो मिटे साथ साथ में वासना भी मिटे मूल बंद कर लिया और हाथ घुमाते गए मालिश वाला तेल वाला शवास रोक दिया हाथ की हथेली ना से रोग सब पीरा जपत
निरंतर हनुमंत वीरा मेरा हृदय साक्षी दे रहा है कि आज तक की दवाओं ने जो काम नहीं किया होगा वोह यह दुआ वाला मंत्र काम करेगा जोड़ों के दर्द में ये अी का मेरी प्रेरणा अंतरात्मा की आ रही आप करके देखो रुपए पैसे तो लेने नहीं लगने नहीं है आपको फायदा हो जाए हनुमान जी की प्रसन्नता भी मिल जाए तो क्या घाटा है मैं कई बार बता चुका लेकिन जो नए नए लोग आते मैं फिर से बोलता हूं इधर भी नए लोग आते हैं और चैनलों में जहां भी लाइव होता है वहां भी नए-नए लोग
वेबसाइट से और सुनते हैं इसलिए कई बातों को पुनरावृत्ति करने से भी समाज को फायदा होता है सूर्य खूब पुराना है लेकिन नित्य नवीन दिखता है चंदा नित्य नवीन आरा देता है ऐसे ही सत्संग में भले सुनी सुनाई बात हो फिर भी सुनते तो नित्य नया आनंद और पुण्याई और मधुरता होती है ओम नमो भगवते वासुदेवा [संगीत] ओम नमो भगवते वासुदेवा वासुदेवाय वासुदेवाय प्रीति देवाय प्रीति देवाय भक्ति देवाय भक्ति देवाय शक्ति देवाय शक्ति देवाय हाथ की हथेलिया य रगड़ रगड़ के ओम ओम आरोग्य शक्ति जाग रहे जाग रहे ओम ओम आरोग्य शक्ति जागर आंखों की
पीड़ा में फायदा होता है इसका तो मैंने अनुभव किया मेरे आश्रम में कोई भाई थे उनको आंख की तकलीफ थी संचालक मैंने कहा ऐसा करो और कई वर्षों से दवाइया करते आ यह करने से उनको आंख में आराम हो ऐसे मैं तो कईयों को बोलता हूं अगर हार्ट अटैक होने की नौबत आ गई किसी को पति को पत्नी को उसी समय हाथ रगड़ो और उसकी छाती पर रखो तुम्हारे तरंग काम करेंगे और 10 15 ग्राम गुड़ 10 15 ग्राम अदरक दोनों का कद्दूकस कर दो और उनको खिलाओ एक दो डकार आएगी वायु प्रकोप शांत होने
से हार्ट अटैक के खतरे से निकल जाएंगे बाहर बायपास सर्जरी नहीं कराना मेरे साधक लोग कभी भी डॉक्टर बोले बायपास सर्जरी बोलो नहीं बस ठीक है बो ये ब्लॉकेज है ये ब्लॉकेज है अहमदाबाद और दिल्ली के वैद्य से संपर्क करके फाकी मंगा लेना खुल जाएगा नहीं तो अपने पास में कहीं गाय मिल जाए तो गाय का झरण थोड़ा थोड़ा पीना ंट पानी मिलाकर भी पीना ज्यादा गर्म ना पड़े तो अथवा तो गो झरण अर्क आता है निवाई गौशाला का उसमें थोड़ा पानी डालकर पियो ब्लॉकेज खुल जाता है कैंसर जैसी बीमारी 10 12 मिली गोज हरण
अर्क और 10 12 मिली ग्राम पानी सुबह जू खा बासी मु ब्रश दतन किए बिना वो पीने से कैंसर में फायदा होता है दिने दिने नवम नवम नमामि नंद नंदनम जैसे श्री कृष्ण के दिन दिन दर्शन करते नया नया दिन दिन सुनते तो नई नई बात ऐसे सत्संग में दिन दिन नए नए उपचार उपकार आनंद मंगल तो सत्संग की बराबरी कोई नहीं कर सकता एगोलेस वरी लेस टेंशन लेस प्रॉब्लम लेस लेकिन एक सत्संग का फल नहीं है सत्संग है ये मुसीबतों से तोटे लेकिन भगवत प्रीति भगवत ज्ञान और भगवत माधुर्य बदले में और बढ़ता जाए
खाली दुखों से निवृत्ति यह सनातन धर्म का उद्देश्य नहीं है दुख से निवृत्ति हुई फिर सुखी होने के लिए भोगी बन जाएगा और दुख में गिरेगा दुखों की निवृत्ति और सुख की लालसा मिटे ऐसा परम सुख शुरू हो जाए यह सत्संग का उद्देश्य हरि ओम ओम ओम ओम ओम ओम प्रभु जी ओम ओम प्यारे जी ओम ओम मेरे जी ओम ओम उदय उदयपुर के राणा चतुर सिंह की बात तुमको मैंने पहले सुनाई थी व सत्संग में आते जिधर जगह मिलती बैठ जाते और फिर महाराज कोई एकदम सार बात कहते ना तो महाराज सार बात सत्संग
करते करते इधर उधर देखते फिर नजर घुमाते तो राणा उदयपुर का राणा छूमंतर एक दिन महाराज जी ने उदयपुर के राणा जब प्रणाम करने आए उदयपुर नाम सुना है तुमने उदयपुर वासी तो उदयपुर में रह रहे हो उदयपुर के राणा चतुर सि हो गए ये सुना है और चतुर स राणा ने भूरी बाई को ईश्वर प्राप्ति करा दी थी राज काज संभालते हुए भी साक्षात्कार किया और भूरी बाई को भी करा दिया ऐसे पक्के राणा थे उदयपुर के तो महाराज ने पूछा के राणा जी चतुर स आप कभी कभी सत्संग में छुपके से चले जाते
और तुम्हारे जीवन में सत्संग का आदर यह मैं जानता हूं फिर तुम चालू सत्संग में से कभी खिसक जाते हो क्यों बोले महाराज मैं तो आता हूं माल चुराने को अब ऐसी सार बात मिलती है ना तो मैं चुरा के ले जाता हूं एकांत में जाकर बीचा मारता हूं क्योंकि उसके बाद दूसरी बातें सुनू कहीं वो निकल ना जाए इसलिए जैसे चोर मल लेकर छू हो जाता है ऐसे कोई एकदम सिद्धांत की ऊंची तात्विक बात आती तो मैं चुरा के खिसक जाता हूं बुरा मत मानियो बोले नहीं नहीं हम राजी है य सत्संग के बात
को चुरा के ले जाना तो भी राजी क्योंकि सावकार के सावकार बना देगी और वो बन भी गए उदयपुर के राणा चतुर स आत्म रामी बने और भूरी बाई भगवान के लिए आंसू बहाती अंतरात्मा भगवान ने प्रेरणा की कि जाओ उदयपुर के राणा चतुर सिंह से तुम्हारा काम बनेगा और उदयपुर के राणा चतुर सिंह का सत्संग सुनते सुनते बूरी बाई को भगवत तत्व की प्राप्ति हुई नाथ द्वारे में जाती आती तो कई लोग उनको मिलने आते गीता प्रेस गोरखपुर के जय दयाल गोविंद का और भाई जी भी बूरी बाई के दर्शन करवाए ऐसी भूरी बाई
ऊंची थी और वो भूरी बाई उदयपुर राणा से सत्संग के द्वारा अपने आत्मा को को ब्रह्म रूप में जान लिया जैसे छत्रपति शिवाजी महाराज व्यवहार में डूबे हुए थे और दुश्मनों से घिरे हुए थे फिर भी समय निकालकर सत्संग सुनते और मनन करते तो उनको भी आत्म परमात्मा का साक्षात्कार हो गया आप ऐसा नहीं मानो कि गृहस्ती को नहीं हो सकता मरने के बाद कहीं भगवान आते नहीं नहीं आपकी समझ सही जग जाती है ना समझी मिट जाती तो आत्मा तो है उसको मैं के रूप में अनुभव कर लिया जैसे एक हिंदू एक ईसाई एक
पारसी और एक यहूदी चारों दोस्त हैं अब चारों चाहते हैं कि हम मनुष्य से मिले तो पहले वह मनुष्य है बाद में हिंदू है पहले वह मनुष्य है बाद में ईसाई पहले वह मनुष्य है बाद में पारसी और यहूदी है ऐसे पहले ही आप आत्मा चैतन्य परमात्मा के अमृत पुत्र हो सब मम प्रिय सब मोहे उपजा सब मेरे प्यारे और मेरे उपजा हुए तो आप कभी इसको कठिन ना समझो भगवान को पाना कठिन ना समझो भगवान को दूर ना समझो भगवान को दुर्लभ ना समझो भगवान को पराया ना समझो भगवान आपके जितने अपने हैं उतना
आपका बाप भी अपना नहीं मां भी अपनी नहीं पत्नी भी अपनी नहीं तुम्हारा शरीर भी उतना आपका अपना नहीं जितना आपके भगवान अपने शरीर भी छूट जाएगा लेकिन भगवान तुम्हारा साथ नहीं छोड़ते इतने प्यारे भगवान सत स्वरूप है ज्ञान स्वरूप है तो मरने के बाद नरक का ज्ञान भगवत सत्ता से होता है स्वर्ग का ज्ञान भी भगवत सत्ता से होता है दुख या सुख का ज्ञान भी तो भगवत सत्ता से होता है ऐसा भगवान है यह तो किससे कहानी और अलग-अलग साधना वालों ने ऐसा कुछ प्रयत्न किया पाने के लिए जैसे धागा उलझता और जल्दी
बाजी करे तो और उलझा दिया रास्ता भूल के और जल्दी बाजी की तो और दूर चले गए अब तुम बैठे हो तो मैं एक हसने की बात सुना देता हूं एक बेचार जुगा जी जुगा जी की शादी नहीं होती थी तो राम जी के मंदिर में जाए हनुमान जी के मंदिर में आखिर हट कर ली जुगा जी बैठ गया कि हनुमान जी में सात मंगल हो गया सात आठ शनिवार हो गया मैंने शादी रो आशीर्वाद नहीं दियो मैं उठू कोई नहीं आज मैं तो अटे बैठ अटे प्राण त्याग और आज मंगलवार रखो है पानी नहीं
पी दो अन जथ आव मने लुगाई आशीर्वाद तर में उठूंगा जुगा जीी बैठ गया बैठ गया तो बैठ गया बैठ गया जय जय हनुमान ज्ञान गोसाई कृपा करो गुरुदेव किनाई राम लक्ष्मण जान की जय बोलो हनुमान की हमारी शादी वे जा आए थे आओ दर्शन दियो मरा राम जी हनुमान जय हनुमान जय जय हनुमंता जय जय हनुमान फिर देख आया के नहीं फिर आंख बंद करें ऐसे करते करते थोड़े शांत हुए और भूख भी लगी प्राण ऊपर चढ़ गए शांत होने से संकल्प फलता है जो भी प्रार्थना करते उसको नौ बार दोहराने से दोराया फिर
शांत हुए दोराया फिर शांत हुए तो वह संकल्प हिल चाल पैदा कर देता तो हनुमान जी को हुआ कि कोई भगत बैठ गया है मेरे दर्शन के पहले उठेगा नहीं दृढ़ निश्चय हो गया तो हनुमान जी को प्रकट होना पड़ा न हनुमान जी तो हनुमान जी है ज्ञानियों में अग्रण देखा के बुद्धु मेरे से शादी शादी का आशीर्वाद मांग रहा है हनुमान जी आए धड़क से तमाचा भरा हवा में अदृश्य एक लानी द मारो पर मैं तो लुगाई रा आशीर्वाद लेन उठ प्रभु जी थे नाराज हो के राज मने लगाता हनुमान जी ने देखा कि
माना नहीं चलो प्रकट हो जाओ बोले बेवकूफ मैं आज जन्म ब्रह्मचारी लंगोटिया और बैरी का आशीर्वाद मेरे से लेता है अकल है तेरे को सीताराम सीताराम जप करो युगल सरकार आपको भी युगल बना देगी जाओ राम जी के मंदिर में जाओ भगवान सीताराम सीताराम की उपासना करो उनको दो रूप में देखो अपने भी दो रूप में हो जाने का और सीताराम सीताराम की उपासना किया और शादी हो गई शादी हो गई और कुंभ का मेला आया तो धर्मात्मा तो था चलो बहरी को ले गया कुंभ का मेला देखने के लिए लो तो हनीमन टेच करा
लाडी लाडा मु तो मारवाड़ रो बनियो कोडी कोडी भली की लाडी लायो लाडी लाडा के जाओ के जय गंगा मायरी जय बोलो जय बोलो सालिया सेठ हरी रामा पीर हरी साज पयो दिन आथ में देवी मगरे वासो ली दोहे रे मगर वासो ली दोहे मगरा माथे मंदिर है मंदर खरो लागे मंदिर अंबार जीरे रो ये होली के रंग में मत जाओ पूरा भी करना है ऐसा फक्कड़ था बिचारा तो गंगा जी के भीड़ भाड़ में कुंभ के मेले में मर्यादा वाले होते फैशन वाले तो थे नहीं कि एक दूसरे का हाथ पकड़ के चले लाडी
लाडा बेड़ा आते आते कोई मेले में कुछ देखा तो लाडी ने इधर देखा लाडे ने उधर देखा ऐसे करते लाडा उधर देखते थोड़ा आगे निकल गया लाडी इधर थोड़ा तरा से हो गए जैसे रेलवे स्टेशन पर थोड़ा सा पटा य होता है तो गाड़ी मुंबई पहुंच जाती है और दूसरी भुज पहुंच जाती है जय राम जी बोलना पड़ेगा अरे कटेगी अ गा जी छी कटेगी कगी क व इधर देखे उधर उधर उधर उधर उधर उधर दूर हो गए दूर हो ग तो देखा के बरी तो खो दिया अब क्या करें गए राम जी के मंदिर
में हे सीताराम सीताराम दया करो हमारी लुगाई बापड़ी अनपढ है भोली है दाता मिलाओ मैं छुट हो गया कग मु क जमानो खराब है खाया पिया नहीं हनुमान जी राम जी के मंदिर में हनुमान जी होते हनुमान जी आ पीछे से गोड्डा मार दिया हे मूर्ख जिसकी पत्नी खो गई वह खुद खोजे नहीं मैं खोज के लाया अब तू मेरे पास आा पत्नी दिलाने का काम उनका और खो गई है तो खोजने का काम मेरा विभाग है मेरा डिपार्टमेंट है सरकार को आराम करने दे दोपहर के समय सीताराम सीताराम मार बायर लाई मारी लुगाई लाई
लगा लाई दो थारी लुगाई का लाई दो थार बाप लुगाई ला तो मार है तो जिसका जो विभाग है उस विभाग के देवता की उपासना से वह काम जल्दी पूरा होता है जय राम जी की आपका जमीन जागीर का काम है तो रेवेन्यू मंत्री को राजी करो मुख्यमंत्री को रि जाओगे तो भी व रेवेन्यू वालों को ही बोलेगा आपका पुलिस का काम है तो कायदे मंत्री को रिझाओ ऐसे भगवान के अलग-अलग विभाग है नारायण हरि अगर बरकत नहीं पड़ती है तो दूसरा मंत्र है और आरोग्य पाना है तो दूसरा मंत्र है अगर भगवान पाना है
तो मंत्र जपने की रीत दूसरी है और संसार की चीजों में सफल होना है तो मंत्र दूसरे अथवा वही मंत्र दूसरी रीति से जपा जाता है जैसे हर्ष मंत्र जप करो भगवान का है लेकिन हरष जप करो तो पापनाशिनी ऊर्जा बनेगी राम राम राम राम राम हरि ओम हरि हरि ओम हरि ओम हरि ओम ये पापनाशिनी शक्ति बनेगी हरि ओम हरि ओम हरि ओम राम राम राम इससे कार्य [हंसी] साफल्यम् नाटक देखने आए हरि ओ बाबाजी बोले जरा है मारा गुरु जीी तो दूजा है थारा बाप जी तो बड़ा पावरफुल है मैं देखा टीवी में
आपरा गुरुजी तो बड़ा सासाराम बाबू बड़ा पावरफुल मराज रोक बात के चखी कर मैं तो मारा गुरुजी ने मान मार धर्म तो रा गुरुजी के जोरदार महाराज है क्या यार क्या बगा मज आवेगा तो लंब एक तो होता है हर्ष उच्चारण जल्दी जल्दी बोलना दूसरा होता है दीर्घ उच्चारण और तीसरा होता है प्लुत उच्चारण प्लुत उच्चारण करते एक टक देखें तो आप जैसे बोलो [हंसी] तो होठ बंद कर दिया [संगीत] हरि ओम ओम [संगीत] ओम हरे [संगीत] ओम इस प्रकार दीर्घ प्रणव का उच्चारण करें बुद्धु से बुद्धु बच्चों की भी बुद्धि में चमत्कारिक फायदे होंगे
चंचल से चंचल व्यक्ति भी शांत होने लगे अगर 10 मिनट रोज करें 40 दिन के अंदर परिवर्तन का प्रकाश देखने को मिलेगा ऐसे ढीले ढीले विद्यार्थी अभय तो मैंने प्लुत उच्चारण बताया लेकिन सारस्वती मंत्र के जपने की रीत बता देता हूं विद्यार्थियों को तो एक विद्यार्थी ढीला था पढ़ने में और स्कूल में से नाम निकालने की नौबत आई जनकपुरी दिल्ली में रहता था अजय मिश्रा उसका नाम सरस्वती मंत्र दिया पढ़ने में ऐसा तेजस्वी हुआ कि महाराज अच्छे परसेंटेज से पास हुआ और बुद्धि ऐसी विकसित हुई कि नकिया कंपनी में ग्लोबल प्रोडक्ट और मैनेजर है 30
लाख की सैलरी है उसकी आज अ भी फोन करके पूछ सकते हो व वही रुका नहीं फिर इसका जब किया और विकास हुआ नेटवर्क पर पुस्तक लिखी एक लाख 110 डलर में बिकने लगी मांग बड़ी पांच सात भाषाओं में अनुवाद हुआ उसको कई देशों में बुलाने उस विषय पर प्रवचन करने को बुलाने लगे और फीस भी देने लगे फिर दूसरी पुस्तक लिखी ़ स डॉलर में बिकती अभी छ आ महीने पहले मैंने उसकी शादी कराई साद की दूसरा एक था वीरेंद्र मेहता याद शक्ति नहीं वा मैं को चिंता ना करो थोड़ा प्राणायाम करो ऐसा ऐसा
करो ऐसे याद शक्ति चमत्कारिक जागृत हुई एक्सपर्ट एडवां लर्न्स डिक्शनरी के 8 हज शब्द कंठस्थ कौन से पने पर कौन सा शब्द है वो बता देता है लिम का बुक ऑफ वर्ल्ड में रिकॉर्ड में सर्वोत्तम याद शक्ति में उस मेरे शिष्य का नाम है ईशान शर्मा बल फेंकने के जगत में आपकी अंदर की ऊर्जा जा गई ईशान शर्मा के माबाप मेरे शिष्य और लड़का आते थे और चमका ऐसे एक नहीं कई दृष्टांत तो आपके अंदर ईश्वर की सुषुप्त शक्तियों के भंडार हैं आप अगर उद्योग में आगे बढ़ना चाहते हैं तभी भी संत समागम से पुण्याई
बढ़ेगी आप आगे बढ़ जाएंगे भास्कर के रमेश अग्रवाल जी इंदौर में आए अभी भोपाल में में जाता हूं तो कभी कबार पवन अहमदाबाद में दिव्य भास्कर शुरू हुआ मैं चमा चम चम को ऐसा नहीं कि आप संत बाबा के पास पास जाओ तो भगवान का ही डिपार्टमेंट है अरे सारी सृष्टि भगवान की और सारी सृष्टि के डिपार्टमेंट भगवान के तो भगवान के रास्ते सभी प्रकार की उन्नति हो सकती है बिल्कुल पक्की बात है महाराष्ट्र में धुलिया डिस्ट्रिक है अगर मैं झूठ बोलू तो तुम मरो बस ऐसी कसम खाने वाला कोई नेता हो तो पब्लिक पत्थर
मारे लेकिन मेरे को हंसते हुए सुन रहे हैं प्यार भी कर रहे हैं वह जानते हैं कि बापू जी झूठी बात नहीं कहते भगवान की कसम या प्यारे की कसम खाई जाती है बापू के हम प्यारे हैं हमारे हमारे पाप मरे हमारी चिंता मरे हमारा अज्ञान हम का को मरे बापू के बच्चे नहीं रहते कच्चे हरि ओम ओम ओ ओ ओ ओ प्रभु जी ओम ओम प्यारे जी ओम ओम मेरे जी ओम ओम ओ ओ ओ ओम ओम ओम ओ ओम ओम ओ ओ शोक विषाद और मुरझाया चेहरा खिलने लगेगा दिन में दो चार बार
बच्चों को कराओ निंदा ईर्षा से तो हमारे स्वास्थ्य को हानि करने वाले न्यूरो प्रोटाइन द्रव्य ज्यादा बढ़ता है एलडीएल बढ़ता है हमारे शास्त्रों में तो हजारों वर्ष पहले लिखा है परनिंदा सम अगन गरिष अभी विज्ञानी बोलते कि निंदा और द्वेश से न्यूरो प्रोटाइन बढ़ता है और हार्ट अटैक पी लो बपी फलानी फलानी बीमारियां होती तो मैं धुलिया डिस्ट्रिक्ट में सत्संग था धुलिया डिस्ट्रिक्ट का शाहजा नगर अध्यक्ष अच्छी सेवा किया नगरपालिका के तरफ से और अपने तरफ से भी समिति वालों को कुछ अच्छा खासा दिया डोनेशन मेरे पास ले आए तो मैंने देखा कि नेता का
हाथ तो दूसरे की जेब में होता है संपादक नेता का हाथ दूसरे की जेब में होता है पहला नेता है जो अपने जेब से इतना किया तो मैंने उसको बोला का पाए तो 72 साल का था पुरुषोत्तम पाटिल बोले संतान अब मैं ना कैसे बोलू मैं आ जाना सूरत के आश्रम में पौने 74 साल का था तो बालक लेकर आया अब डॉक्टर और विज्ञान ना बोलता लेकिन ईश्वर की सृष्टि में असंभव कुछ नहीं होता विवेकानंद कहते थे और हमारे ऋषियों ने वर्ष पहले कहा कि मनुष्य का बड़ा दुर्भाग्य है कि लाखों वर्ष से धरती पर
है लेकिन उसने अपनी योग्यताओं का लाख हिस्सा मुश्किल से विकसित किया और सत्संग के द्वारा साधन के द्वारा वे सुषुप्त शक्तियां जागृत होती है तो जो समाज को सत्संग देते हैं देना दिलाते हैं भास्कर दैनिक भास्कर या और भी जो अखबार वाले या ए टू जेड वाले या दूसरे मीडिया वाले जो लोगों तक सत्संग पहुंचाने के सेवा में भागीदार होते हैं वो तो अपनी सात सात पीढ़ियों का रिजर्वेशन करा लेते हैं उन्नत होने का बिल्कुल सच्ची बात है पक्की बात है एक घड़ी आधी घड़ी आधी में पुण्या आध तुलसी संगत साध की हरे कोटि अपराध
सुख देवे दुख को हरे करे पाप का अंत कह कबीर वे कब मिले परम स्नेही संत जिसका परम से स्नेह है संत मिले सब मिटे काल जाल जम चोट शीष न मावत डही पड़े सब पापन की फोट दिव्य भास्कर के मुख्य संपादक भी अभी आए थे अमदाबाद परिवार सहित मिलने को और यहां भी भास्कर के संपादक सत्संग में आ जाते तो ऐसे संपादकों के द्वारा जो अखबार पहुंचेगी उसमें तो न जाने समाज का कितनी कितनी जागृति और उन्नति होगी अच्छा काम करने से आदमी अच्छा नहीं हो जाता लेकिन अच्छे आदमी होते तो जो भी करेंगे
अच्छा हो जाएगा नारायण नारायण बुरे लोग भी अच्छे काम करके यश कमाने को लगते हैं लेकिन अच्छे लोग वो होते हैं जिनको अच्छे सत्संग में रुचि है तो उनके द्वारा जो भी काम होता है साधु दे होन कारज [संगीत] हानी