जो इरादे का पक्का हो और दिल का सच्चा हो जो सूरत से नहीं बल्कि दिल से अच्छा हो स्पष्ट बोलने वाला व्यक्ति एक अच्छे कांटे की भांति होता है इसमें थोड़ी देर के लिए दर्द जरूर होता है लेकिन फायदा जिंदगी भर रहता है अगर आप किसी को एक बार माफ करते हो तो आप समझदार हो अगर आप उस व्यक्ति को दूसरी बार भी माफ करते हो तो बहुत ही धर्म दिल हो लेकिन आप उस व्यक्ति को तीसरी बार माफ करते हो तो आप दुनिया के सबसे बड़े बेवक हो जीवन की सबसे महंगी चीज है आपका
वर्तमान जो एक बार चला जाए तो फिर पूरी दुनिया की संपत्ति देखकर भी उसे हम खरीद नहीं सकते हमें हमारे विचार ही उत्तम बनाते हैं इसलिए शब्दों पर नहीं अपनी सोच पर ध्यान दो विचार हमेशा जिंदा रहते हैं धरती पर जिस प्रकार मौसम में बदलाव आता है इस प्रकार जीवन में सुख दुख आता जाता रहता है बुराई तो तुम्हें हजारों की भीड़ में भी ढूंढ लेगी ठीक इस प्रकार जैसे गायों की झुंड में बछड़ा अपनी मां को ढूंढ लेता है नमस्कार दोस्तों, बोधी थिन्क्स्पाय यूट्यूब चैनल में आपका दिल से स्वागत है,दोस्तो, एक संत की संगत
के कारण कैसे एक चोर का जीवन बदल गया जो चोर दिन रात चोरी करता था उस संत को दिए एक वचन के कारण उस चोर ने चोरी करना छोड़ दिया उसकी यह बुरी आदत हमेशा हमेशा के लिए छूट गई वह कौन सा वचन था जो संत ने उस चोर से लिया था तो दोस्तों कहानी बड़ी ही शिक्षाप्रद और महत्त्वपूर्ण होने वाली है मेरा आपसे निवेदन है कि की इस कहानी को पूरा सुनना और वीडियो के अंत तक हमारे साथ में बने रहे दोस्तों एक बार की बात है कि किसी गांव में एक संत रहते थे
वह संत जी हमेशा लोगों को अच्छी बातें बताया करते थे एक बार की बात है कि रात के समय जंगल के रास्ते से वह संत कहीं जा रहे थे तो रास्ते में उन्हें एक व्यक्ति मिला वह व्यक्ति चोर था और चोरी करने की नियत से वह निकला था उस संत ने देखा तो जब चोर की नजर एक दूसरे पर पड़ तो चोर ने छिपने की कोशिश की वह संत कहने लगे कि भाई तुम कौन हो और मुझे देख कर के क्यों छिप रहे हो उस चोर ने संत से कहा कि मैं आपको जानता हूं प्रणाम
मुनिवर और कहने लगा कि महाराज मैं एक चोर हूं और चोरी करने के लिए जा रहा हूं आप इतने महान संत हैं मैं आपसे झूठ नहीं बोल सकता संत ने कहा कि भाई यह धंधा छोड़ दो और कोई ऐसा काम करो जिससे तुम्हें किसी को देख कर के किसी प्रकार का डर ना लगे और यदि ऐसा काम करते हो कि किसी को देखकर तुम्हें डरना पड़े और छिपना पड़े तो यह काम क्यों करना इसे छोड़ दो उस चोर ने कहा कि महाराज मेरे पिताजी भी यही काम करते थे और मैं भी केवल यही काम जानता
हूं और इसके सिवाय दूसरा कोई काम मुझे पता ही नहीं है क्योंकि मैंने कभी किया ही नहीं है और उसके बारे में मुझे जानकारी नहीं है फिर मैं पढ़ा लिखा भी व्यक्ति नहीं हूं और ना ही मेरे पास इतना धन है कि मैं कोई व्यापार कर सकूं यदि मैं यह काम छोड़ दूं तो फिर मेरे परिवार का क्या होगा उनका पालन पोषण कैसे होगा उसका उत्तर सुनकर के वह संत कहने लगे कुछ देर तक तो वह शांत खड़े रहे फिर बोले भाई अच्छा तो ठीक है तुम यह धंधा करो परंतु हमारी एक बात मान लो
उस चोर ने कहा कि आज्ञा कीजिए महाराज आपका आदेश मेरे लिए अमूल्य है संत ने कहा कि पहले वादा करो कि तुम मेरी बात को जरूर मानोगे चोर ने वादा किया और कहा कि आप जो भी कहेंगे मैं आज से वही करूंगा उस संत ने कहा कि आज से तुम किसी भी परिस्थिति में झूठ मत बोलना हमेशा सत्य बोलना तुम्हारा कल्याण होगा यह कह कर के संत अपने रास्ते को चल दिए इधर वह चोर सोचने लगा कि झूठ नहीं बोलूंगा तो काम कैसे चलेगा पर अब तो संत को मैंने वादा किया है कुछ भी हो
जाए अपना वादा नहीं तोड़ सकता यही सोच कर के वह चोर चोरी के इरादे से एक दिशा की ओर चल दिया जब वह कुछ दूर पर पहुंचा तो उसे एक और व्यक्ति मिल गया वह वास्तव में वहां का राजा था जो भेंस बदल कर के अपने नगर का भ्रमण करने के लिए निकला था उसने भी चोर को देख लिया राजा ने उस चोर से धीरे से पूछा कि तुम कौन हो और इस जंगल में अकेले क्या कर रहे हो और इस समय कहां जा रहे हो चोर मन ही मन विचार करने लगा कि मैंने झूठ
बोलना तो छोड़ दिया है अब तो मुझे झूठ बोलना नहीं है इसलिए सच-सच बता देता हूं जो होगा देखा जाएगा यही मन में सोच करके उसने राजा से कहा कि मैं एक चोर हूं और चोरी करने के उद्देश्य से मैं घर से निकला हूं इस तरह की बात को सुनकर के राजा आश्चर्य चकित हो गया कि अरे यह कैसा चोर है जो स्वयं ही बता रहा है कि मैं चोर हूं आश्चर्य प्रकट करते हुए उसने कहा कि अरे भाई क्यों हंसी मजाक करते हो तुम अवश्य ही कोई सैनिक अथवा गुप्तचर मालूम होते हो उस चोर
ने कहा नहीं नहीं मैं मजाक नहीं कर रहा हूं मैं तो बिल्कुल सत्य कह रहा हूं मैं चोर ही हूं और चोरी करना ही मेरा धंधा है राजा ने कहा भाई चोर तो मैं भी हूं परंतु अभी नया-नया ही यह धंधा शुरू किया है अच्छा हुआ तुम मिल गए आज दोनों मिलकर के चोरी करते हैं यदि तुम्हारा ख्याल हो तो राज महल में चोरी करें चोर बोला पागल हो गए हो राजमहल में कैसे अंदर जाएंगे उस राजा ने कहा कि घबराओ नहीं घबराने की कोई बात नहीं है मेरी बात ध्यान से सुनो मैं पहले राज
महल में नौकर था परंतु राजा ने किसी बात पर नाराज होकर के मुझे नौकरी से बाहर निकाल दिया था क्योंकि राजा ने मुझे निकाला था इसलिए दूसरा कोई मुझे नौकरी देने को तैयार नहीं हुआ इसलिए मैंने यह धंधा अपनाया है मुझे राजमहल के एक-एक गुप्त द्वार का पूरी तरह से पता है किधर से आना है और किधर से जाना है यह मुझे भली भांति पता है चलो आज राजमहल में अपना भाग्य आजमाते हैं इतना कह कर के राजा उस चोर को साथ लेकर के राज महल की ओर चल दिए तब उस चोर को बिल्कुल भी
अंदाजा नहीं था कि उसके साथ जो व्यक्ति है वह खुद एक राजा है कुछ समय बाद वह दोनों महल के पिछले द्वार पर जा पहुंचे और जो गुप्त मार्ग था उसका दरवाजा खोल कर के कहने लगा कि तुम पुराने चोर हो अंधेरे में देखने का तुम्हें अभ्यास है इसलिए तुम अंदर जाकर के सारा धन बटोर लाओ मैं यहीं पर तब तक पहरा दे रहा हूं चोर ने कहा कि इतने बड़े महल में मुझे कैसे मालूम होगा कि धन कहां रखा है राजा ने उसे खजाने का पूरा पता बता दिया और वहां तक जिस तरह से
पहुंचना था वह सारी युक्ति उस चोर को समझा दी चोर जब अंदर घुसा और खजाने के द्वार पर पहुंचा वहां दीवार पर एक चरखी लगी हुई थी उस चरखी को घुमाते ही वह द्वार खुल गया चोर ने देखा कि वहां तो अनेकों बड़े-बड़े मजबूत बक्से रखे हुए हैं जिनमें बड़े-बड़े ताले लगे हुए हैं उसने चाबियां का गुच्छा तथा कुछ दूसरे औजार निकाले और एक बक्से का ताला खोलने की कोशिश करने लगा परंतु उसकी सारी कोशिश बेकार हो गई उसने यह सोच कर के कमरे में चारों तरफ नजर दौड़ाई कि शायद कोई लोहे की सलाख वगैरह
मिल जाए तब भी उसकी निगाह एक बक्से पर पड़ गई जो कुछ छोटा था और एक बड़े बक्से के ऊपर रखा हुआ था उस चोर ने देखा उसने उसका ताला खोलने की कोशिश की थोड़ा सा ही प्रयास किया और उस बक्से का ताला खुल गया उसने ढक्कन हटा कर के देखा तो उसमें एक छोटा सा और बक्शा था और उस बक्से के अतिरिक्त कुछ नहीं था उसने जो उसके अंदर एक छोटा सा बक्शा था उसको बाहर निकाला जैसे ही उसका ढक्कन खोला उसकी आंखें चमक उठी उसमें तीन बहुमूल्य हीरे रखे हुए थे उसने व तीनों
हीरे उठा लिए और वहां से चलने लगा तभी उसके दिल में विचार आया कि हीरे तो तीन हैं और हम दोनों इसका आधा-आधा भाग कैसे करेंगे मैं झूठ बोल कर के एक हीरा अधिक अपने पास रख लूं यह मैं करूंगा नहीं क्योंकि मैंने झूठ ना बोलने का वादा किया है और इतने बड़े संत से किया है जो संत हमेशा दूसरों का भला करते हैं और सदैव सत्य बात बोलते हैं मैंने ऐसे संत से यह वादा किया है यही सोच कर के उस चोर ने एक हीरा उस बक्से में वापस रख दिया और वह महल से
बाहर निकल आया बाहर आकर के उसने राजा से कहा यह दो हीरे लाया हूं एक तुम्हारा है और एक मेरा है यह कह कर के उसने एक हीरा राजा को दे दिया और दूसरा हीरा अपने पास रख कर के चला गया उसके जाने के बाद राजा ने सोचा कि हीरे तो संदूक में तीन थे फिर उसने यह क्यों कहा कि मैं दो हीरे लाया हूं चल कर के देखना चाहिए यही विचार करके राजा जब वहां पहुंचा तो वह देखता है कि एक हीरा उसी छोटे से बक्से के अंदर रखा हुआ है यह देखकर के वह
राजा बड़ा हैरान हुआ कि यह कैसा चोर है जो चोरी भी करता है और सच भी बोलता है राजा ने उस खजाने का द्वार खुला छोड़ दिया और अपने सैन कक्ष में जाकर के वह राजा सो गया जब सुबह हुई और थोड़ी देर हुई तो हल्ला मच गया कि राज महल के खजाने में चोरी हो गई चारों तरफ यही चर्चा होने लगी राजा ने अपने मंत्री को बुलाया और चोर के बारे में पता लगाने के लिए कहा राजा के कहा कि खजाने का द्वार खुला हुआ मिला है अवश्य ही यह किसी चोर का काम है
और अति शीघ्र इसकी जांच करो और उस चोर का पता लगाओ कि वह कहां रहता है और उसने चोरी क्यों की मंत्री ने कहा कि जो आज्ञा महाराज यह कहकर मंत्री खजाने वाले कमरे में पहुंचा सब बक्से जैसे के तैसे रखे हुए थे केवल एक छोटे बक्से का एक ढक्कन खुला हुआ था उसने उसमें एक छोटा सा जो बक्सा रखा हुआ था उसको निकाल कर के देखा तो उसमें एक हीरा अभी भी रखा हुआ था मंत्री को पता था कि यह जो बक्सा है इसमें तीन बहुमूल्य हीरे थे वह सोचने लगा कि ऐसा मालूम पड़ता
है कि किसी चोर ने जल्दी में एक हीरा यहीं छोड़ दिया है अब क्यों ना यह हीरा में रखलू चोरी तो हुई ही है चोर जब पकड़ा जाएगा तो वह लाख कहता रहे कि मैंने हीरे नहीं चुराए हैं उसकी कौन मानेगा यही सोच कर के उस मंत्री ने वह हीरा अपने पास रख लिया और फिर राजा को आकर के सूचना दी कि सारे बक्से ठीक-ठाक रखे हैं केवल एक जो बक्सा था जो छोटा था वही खोला गया है और उसमें तीन हीरे रखे हुए थे वह तीनों हीरे चोर लेकर के चला गया मंत्री की बात
को सुनकर के राजा मन ही मन मुस्कुराने लगा उसने मंत्री को शीघ्र ही चोर की तलाश करने का आदेश दे दिया चारों तरफ उस चोर की तलाश शुरू हो गई और सिपाहियों ने जल्द ही चोर को पकड़ लिया गया और उस चोर को राज महल ले आए राजा के दरबार में जब उस चोर को पेश किया गया तो राजा ने चोर से कहा कि क्या तुमने रात में राज महल में घुस कर के हीरे की चोरी की है चोर ने हाथ जोड़ कर के कहा कि हां महाराज चोरी तो मैंने ही की है और मैं
इसका दंड भुगतने के लिए तैयार भी हूं परंतु मेरे साथ एक अन्य चोर भी इसमें शामिल था मंत्री ने पूछा वह कौन है उसका नाम बताओ चोर ने उत्तर दिया कि मैं उसका नाम नहीं जानता और ना ही यह जानता हूं कि वह कहां रहता है मैंने रात में पहली बार उसको देखा था और उसी समय पहली बार उससे मेरी मुलाकात हुई थी और उसी ने मुझे उस गुप्त द्वार के बारे में भी बताया था और खजाने तक जो रास्ता पहुंचता है वहां तक सारा रास्ता उसने मुझे बताया था चोर की बात को सुनक के
मंत्री कहने लगा कि वाह कैसी कहानी बनाई तुमने उसका नाम पता कुछ पत्ता नहीं तुम्हें जल्दी से बता दो वरना तुम्हारी खाल खींच दी जाएगी और तुम्हें सूली पर लटका दिया जाएगा चोर कहने लगा कि आप जो चाहे मेरे साथ करें परंतु मैं जो भी कहता हूं वह सच कहता हूं मुझे उस व्यक्ति का नाम तो नहीं पता है मैं रात की सारी घटना आप लोगों को कहता हूं यह कहकर उसने रात की जो भी घटना घटी थी जैसी भी घटी थी वह सारी घटना राजा को बता दी और वह हीरा जो उसके पास था
निकाल कर के राजा के सामने रख दिया यह देख कर के मंत्री क्रोध से भड़क उठा मंत्री ने कहा तुम चोर हो तुम्हारी बातों पर विश्वास नहीं किया जा सकता तुम कहते हो कि तुमने केवल दो हीरे चुराए हैं और उसमें एक हीरा तुमने अपने एक साथी को दिया है परंतु चोरी तो तीनों हीरे की चोरी हुई है फिर तीसरा हीरा कहां चला गया चोर के कुछ कहने से पहले ही राजा कहने लगा कि मंत्री जी यह चोर बिल्कुल सही कह रहा है वह दो हीरे चोरी हुए थे और इसमें उनमें से एक हीरा अपने
साथी को दिया था और एक स्वयं अपने पास रख लिया था इसका यह सबूत है कि रात को इसका साथी मैं ही था मैं रात में जब भेस बदल कर के अपने नगर में भ्रमण कर रहा था तभी मेरी इस चोर से मुलाकात हुई थी और जो हीरा इसने मुझे दिया था वह यह रहा इतना कहते ही राजा ने अपने हाथ में वह हीरा दिखाते हुए सबके सामने रख दिया इस तरह से उस दरबार में चारों तरफ सन्नाटा छा गया राजा बड़ी देर तक मौन बैठा रहा फिर कहने लगा कि जब यह मेरा हिस्सा मुझे
देकर के चला गया तो मैंने खजाने में आकर जब जांच की तो मुझे वहां पहुंच कर के यह देख कर के बड़ी हैरानी हुई कि तीसरा हीरा उसी छोटे से बक्से में रखा हुआ था मंत्री जी सुबह आपने मुझसे झूठ कहा गया कि चोरी तीन हिरे की हुई है जबकि चोरी सिर्फ दो हीरे की हुई थी तो इसका मतलब वह हीरा आपने चोरी किया है आप अपनी जेब में से वह हीरा निकालिए राजा के यह कहते ही सबकी नजर मंत्री की तरफ घूम गई जो भय के मारे वह कांप रहा था राजा के आदेश से
हीरा उसके पास से बरामद कर लिया गया और चोरी के अपराध में उस मंत्री को जेल में डाल दिया गया उसके बाद राजा ने चोर से कहा कि तुम चोरी भी करते हो और फिर सत्य भी बोलते हो मुझे इसका रहस्य बताओ तुम चोरी करने के बाद तो चोर हमेशा झूठ बोलते है तुम कैसे चोर हो जो चोरी करने के बाद अपना सारा गुनाह कबूल कर लेते हो इसका मैं रहस्य समझना चाहता हूं कौन सी बात है जिसके कारण तुम सदैव सत्य बोलते हो उस चोर ने कहना शुरू किया कि महाराज मैं उनसे मिलने गया
था वह संत ने मुझसे वचन लिया था कि तुम सदा ही सत्य बोलोगे और मैंने उस संत को वचन भी दिया था कि मैं आज के बाद हमेशा सत्य बोलूंगा यही कारण है कि मैं उस दिन चोरी करने जा रहा था और आप जब मुझे रास्ते में मिले तो मैंने सारी बातें आपको बिल्कुल सच बताई थी राजा ने कहा कि मैं तुमसे बहुत प्रसन्न हूं और मैं तुम्हें अपना मंत्री बनाना चाहता हूं उस चोर ने कहा कि महाराज यह आपकी बड़ी ही मेहरबानी है यह आपकी बड़ी ही कृपा है कि मुझ जैसे चोर को आपने
सजा ना देकर के मुझे मंत्री का पद भेंट किया है परंतु जिनका वचन मानने से ही आज मुझे आप मंत्री का पद देने के लिए तैयार हो गए हैं मैं तो अब उनकी ही शरण में रहूंगा और उनके कहने के अनुसार अपना सारा जीवन का कार्य करूंगा ऐसा मैंने निश्चय कर लिया है क्योंकि उनकी एक बात मानने से मेरा जीवन बदल गया है और मैं जो गली-गली चोरी करता था एक संत की बात मानने के कारण आज एक राजा मुझे मंत्री का पद दे रहा है क्यों ना मैं उनकी संगति करूं और उनके बताए हुए
सारे रास्ते पर चलूं जिससे मेरे जीवन का सुधार हो जाए उस चोर की बात को सुनकर के राजा बहुत प्रसन्न हो गया और राजा ने उस चोर से कहा कि जाइए आप उस संत की सेवा करो क्योंकि संत ने आपका जीवन सुधार दिया है दोस्तों एक संत की संगति के कारण उस चोर का पूरा जीवन बदल गया दोस्तों यह कहानी आपको कैसी लगी है एक प्यारा सा कमेंट करके जरूर बताएं और यह वीडियो आपको पसंद आया है तो वीडियो को एक लाइक करके चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें तो मिलते हैं अगले वीडियो में तब तक
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