एक बार सुलेमान अलैहि सलाम ने अपने दरबार में मंत्रियों और देश के सभी विद्वानों के साथ एक महत्त्वपूर्ण बैठक बुलाई उनके बगल में एक जिन्न था जो उनके सुरक्षा गार्ड के रूप में था और उनके साथ उनके मंत्री परिषद थे अचानक सुलेमान अलैहि सलाम ने घोषणा की कि वह विवाह करना चाहते हैं और उन्होंने कहा कि उनके लिए एक लड़की देखी जाए उस समय दरबार में मौजूद मंत्रियों और विद्वानों ने कहा हजूर आप पूरी दुनिया के राजा और पैगंबर हैं आप हमारे देश के राष्ट्राध्यक्ष हैं आप किसी साधारण लड़की से विवाह नहीं करेंगे अगर आप
हमें बता देते कि आपके लिए किस प्रकार की लड़की देखनी चाहिए तो हमें उसे ढूंढने में आसानी होती इसके बाद सुलेमान अलैहि सलाम ने कहा मैं जिस लड़की से विवाह करूंगा उसमें चार गुण होने चाहिए पहला लड़की पर्दानशीन और दीनदार होनी चाहिए दूसरा लड़की अमानतदीने चाहिए और चौथा वह सुंदर होनी चाहिए इसके बाद अगले दिन से सुलेमान अलैहि सलाम के राज्य कर्मचारी गांव-गांव से आगे शहर शहर और पूरी दुनिया में यह घोषणा करने लगे कि सुलेमान बादशाह विवाह करना चाहते हैं और वह उस लड़की से विवाह करेंगे जिसमें यह चार गुण होंगे अगले दिन एक
गरीब मछुआरा जो मछलियां बेचकर घर लौट रहा था देखता है कि सुलेमान बादशाह के सैनिक रास्ते से जा रहे हैं और वहां कुछ लोग भीड़ लगाकर खड़े हैं यह देखकर मछुआरा भी वहां रुक गया और पूछने लगा यह क्या मामला है अचानक सुलेमान बादशाह के सैनिक क्यों आ रहे हैं तब भीड़ में से एक व्यक्ति ने उसे बताया सुलेमान बादशाह विवाह करना चाहते हैं और जिस लड़की से विवाह करेंगे उसमें चार गुण होने चाहिए लड़की प्रदान शन और दीनदार होनी चाहिए लड़की अमानतदीने की होनी चाहिए और लड़की सुंदर होनी चाहिए यह सुनकर मछुआरा अपने घर
की ओर चल पड़ा कुछ दूरी पर जाकर मछुआरा मन ही मन दुआ करने लगा हे अल्लाह मेरे घर में मेरी एक बेटी है वह भी विवाह योग्य है वह अमानत दार दीनदार और सुंदर है उसने जीवन में कभी किसी पुरुष को नहीं देखा है पृथ्वी पर कोई भी पुरुष उसे देखना तो दूर उसकी परछाई तक नहीं देख पाया वह दिन भर रोजा रखती है और रात में अल्लाह की इबादत करती है काश मैं अपनी बेटी का निकाह सुलेमान बादशाह के साथ करवा पाता तो मेरा जीवन धन्य हो जाता मैं सुलेमान का ससुर बन जाता और
सुलेमान बादशाह मेरे दामाद होते कयामत के दिन मैं सुलेमान अलैहि सलाम का हाथ पकड़कर जन्नत में जा सकता था हे अल्लाह तू दयालु और रहम करने वाला है मेरी यह दुआ कबूल कर ले यह दुआ करने के बाद मछुआरा आंसुओं से भरी आंखों के साथ घर गया और अपनी पत्नी को बुला आ कर कहा पत्नी क्या तुमने कुछ सुना है तब पत्नी ने कहा क्या बात है मैंने तो कुछ नहीं सुना और आपकी आंखों में यह आंसू क्यों है क्या हुआ तब मछुआरे ने कहा हमारे देश के बादशाह और पैगंबर सुलेमान अलैहि सलाम शादी करना
चाहते हैं जिस लड़की से वह शादी करेंगे उसमें चार गुण होने चाहिए जो चार गुण उन्होंने बताए हैं उनमें से तीन गुण मेरी बेटी में है लड़की को पर्दानशीन और दीनदार होना चाहिए लड़की को अमानतदीने चाहिए और अच्छे खानदान की होनी चाहिए अगर मैं अपनी बेटी का निकाह पैगंबर से करवा पाता तो मेरा जीवन सफल हो जाता तब पत्नी ने कहा आप यह क्या कह रहे हैं ऐसा कभी मत कहिए हम मछुआरे हैं हमारे पास ना घर है ना खाने के लिए पर्याप्त भोजन पैगंबर सुलेमान अलैहि सलाम तो बादशाह है उनके महल में किसी चीज
की कमी नहीं है वह बहुत अमीर है और हम गरीब लोग हैं यह कैसे संभव हो सकता है ऐसी बातें मत कीजिए अगर सुलेमान बादशाह के सैनिकों को पता चला तो हमें मुसीबत में डाल देंगे हमारे लिए ऐसे सपने देखना अच्छा नहीं है अब मछुआरा अपने दिल की पीड़ा लेकर मछलियां पकड़ने के लिए निकल पड़ा इधर बेटी घर से बाहर आई और बोली अम्मा जान अब्बा जान कहां जा रहे हैं वह कभी ऐसे नहीं जाते पर मां ने कोई जवाब नहीं दिया थोड़ी देर बाद जब मां और बेटी साथ बैठी थी तो मां ने कहा
सुना है सुलेमान बादशाह शादी करेंगे जिस लड़की से वह शादी करेंगे उसमें चार गुण होने चाहिए सभी गुण तुम्हारे अंदर है लेकिन हम गरीब हैं मछुआरे हैं इसलिए तुम्हारा निकाह नहीं करवा पाए त बेटी ने कहा अम्मा जान अगर मेरा निकाह एक चरित्रवान अमानतदीने और अल्लाह के प्यारे पैगंबर सुलेमान अलैहि सलाम से हो जाता तो मेरा नारी जीवन सार्थक हो जाता इसके बाद मां ने उसे जोर से थप्पड़ मारा और कहा खबरदार ऐसी बात जुबान पर मत लाना अगर सुलेमान बादशाह को यह पता चल गया तो वह हमें जिंदा नहीं छोड़ेंगे ऐसा सपना हमारे लिए
कभी संभव नहीं है वह बादशाह हैं और हम मछुआरे बेटी रोते-रोते घर के अंदर गई और नमाज में बैठकर दुआ कर करने लगी हे अल्लाह तू दयालु है हे अल्लाह जिस सुलेमान को तूने बादशाह बनाया उसी ने मुझे मछुआरे के घर में जन्म दिया जिस सुलेमान बादशाह को तूने अमीर बनाया मुझे तूने गरीब बनाया लेकिन हे अल्लाह तू सब कुछ कर सकता है हे अल्लाह मुझे सुलेमान पैगंबर की पत्नी के रूप में स्वीकार कर ले जब तक मेरा सुलेमान पैगंबर के साथ निकाह ना हो जाए मुझे मौत ना देना हे अल्लाह बचपन से अब तक
मैंने सिर्फ तेरी इबादत की है और सिर्फ तुझसे ही मांगा है अगर मेरा निकाह सुलेमान बादशाह से हो जाए तो मेरा नारी जीवन सफल हो जाएगा कयामत के दिन मुझे सुलेमान पैगंबर की पत्नी के रूप में पहचाना जाएगा मेरी इस दुआ को तू अस्वीकार मत करना अल्लाह यह दुआ करने के बाद उसने एक चिट्ठी लिखकर निकाह का प्रस्ताव भेज दिया उधर एक शैतानी जिन्न बहुत समय से इंतजार कर रहा था कि कैसे वह सुलेमान अलैहि सलाम के हाथ की मोजेजा अंगूठी हासिल कर सके क्योंकि इस अंगूठी की वजह से इंसान जिन्न जानवर पक्षी यहां तक
कि हवा भी उनके अधीन थी अगर यह जिन्न उस मोजेजा अंगूठी को हासिल कर लेता तो पूरी दुनिया उसके अधीन हो जाती उसकी इच्छा थी कि वह सुलेमान अलैहि सलाम को हटाकर खुद सुलेमान के सिंहासन पर बैठे और दुनिया पर हुकूमत करें वह जिन्न उसी दिन का इंतजार कर रहा था जब वह राज्य का मुखिया बनेगा कुछ महीनों बाद सुलेमान अलैहि सलाम ने फिर से एक महत्त्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया सुलेमान अलैहि सलाम ने कहा मुझे सब इतने निराश क्यों दिखा दिखाई दे रहे हैं और क्या विवाह के लिए योग्य लड़की मिल गई है तब
एक मंत्री ने कहा हजूर आपकी शर्तों के अनुसार हमें कोई योग्य लड़की नहीं मिली लेकिन एक लड़की है जिसने आपको विवाह का प्रस्ताव भेजा है जिसे सुनकर आप क्रोधित हो सकते हैं सुलेमान अलैहि सलाम ने कहा ऐसा कौन सा पत्र है उसे पेश करो तब एक और मंत्री ने कहा हजूर एक मछुआरे की बेटी है जिसने आपको निकाह के लिए पत्र लिखा है उसने यह भी लिखा है कि उसे आपकी संपत्ति में कोई लालच नहीं है वह सिर्फ आपसे विवाह करना चाहती है मंत्रियों में से एक और ने कहा हजूर यह कभी संभव नहीं है
एक मछुआरे की बेटी होने के बावजूद वह सुलेमान बादशाह से निकाह करना चाहती है यह सुनकर सुलेमान अलैहि सलाम ने बिना सोचे समझे उस पत्र को फाड़ दिया फिर अल्लाह रब्बुल आलमीन के एक फरिश्ते ने कहा हे अल्लाह आपके पैगंबर सुलेमान ने उस मछुआरे की बेटी के पत्र को बिना सोचे समझे सिर्फ इसलिए फाड़ दिया क्योंकि वह गरीब थी तब अल्लाह रब्बुल आलमीन ने कहा सुलेमान अलैहि सलाम की परीक्षा शुरू होगी उधर जब मछुआरे की बेटी को यह खबर मिली कि सुलेमान बादशाह ने उसका पत्र फाड़ दिया है तो वह बहुत दुखी हो गई उसने
गहरे दुख के साथ नमाज पढ़ी और दुआ करने लगी हे अल्लाह तू महान है तू सब कुछ कर सकता है मैं एक मछुआरे की बेटी हूं और सिर्फ इस वजह से सुलेमान बादशाह ने मेरे प्रस्ताव को ठुकरा दिया है हे अल्लाह मैं सिर्फ तेरी ही इबादत करती हूं और तुझसे ही दुआ मांगती हूं हे अल्लाह मुझे अमीर बना और सुलेमान बादशाह के साथ निकाह करवा या फिर सुलेमान बादशा शह को मेरे जैसा गरीब बना और उनसे मेरा निकाह करवा इस बीच सुलेमान अलैहि सलाम और उनके मंत्री दरबार में बैठे हुए थे तभी सुलेमान अलैहि सलाम
ने अपने हाथ की मोजेजा अंगूठी उतार कर अपने अंगरक्षक को दी और कहा जब तक मैं वापस नहीं आता तुम कहीं नहीं जाओगे और इधर-उधर नहीं देखोगे यह कहकर सुलेमान अलैहि सलाम बाथरूम की तरफ चले गए इसी मौके का फायदा उठाकर वह शैतानी जिन्ने सुलेमान अलैहि सलाम का रूप धारण कर अंगरक्षक के पास आया और कहा जल्दी से मुझे अंगूठी दे दो चारों ओर यह अफवाह फैली है कि मेरी तरह दिखने वाला एक नकली सुलेमान देश में घूम रहा है वह राजा बनकर सिंहासन पर बैठना चाहता है अगर तुम उसे देखो तो उसे सजा दो
कुछ समय बाद जब सुलेमान अलैहि सलाम वजू करके लौटे और अंगरक्षक से अंगूठी मांगी तो अंगरक्षक ने कहा किसकी अंगूठी कौन सी अंगूठी और तुम कौन हो सुलेमान अलैहि सलाम ने कहा तुम क्या कह रहे हो मैं तुम्हारा सुलेमान बादशाह हूं इस पर अंगरक्षक ने कहा हो अब समझा तुम वही नकली सुलेमान हो जो बादशाह बनना चाहता है सुलेमान अलैहि सलाम ने कहा कौन नकली सुलेमान बनने की कोशिश कर रहा है अंगरक्षक ने जवाब दिया तुम खुद जाकर दरबार में देख लो जब सुलेमान अलैहि सलाम दरबार की ओर जा रहे थे शैतानी जिन्न ने यह
भांप लिया और दरबार के सारे कर्मचारियों को बुलाकर कहा सुनो मुझे पता चला है कि हमारे देश में एक व्यक्ति सुलेमान बादशाह का रूप धारण करके सिंहासन पर बैठने की कोशिश कर रहा है अगर तुम उसे देखो तो उसे सख्त सजा दो और देश से निकाल दो जैसे ही असली सु सुलेमान अलैहि सलाम दरबार में प्रवेश करते हैं दरबार के सभी कर्मचारियों ने उन्हें देखकर सोचा कि यही वह नकली सुलेमान है उन्होंने उन्हें बुरी तरह पीटा और खून से लथपथ हालत में नदी के किनारे छोड़ दिया वे यह नहीं जानते थे कि सिंहासन पर बैठा
शैतानी जिन्न था और जिनको उन्होंने मारा वह असली सुलेमान अलैहि सलाम थे उन्होंने इस सच्चाई को समझने की कोशिश भी नहीं की और फिर शाम के करीब का समय था जब जेले मछलियां पकड़कर घर लौट रहा था उसने देखा कि नदी के किनारे कुछ पड़ा हुआ है पास जाकर उसने देखा कि एक सुंदर चेहरा वाला व्यक्ति पड़ा है जिसकी ललाट से नूर की रोशनी फूट रही थी लेकिन उसे इतनी बेरहमी से पीटा गया था कि उसके पूरे शरीर से खून बह रहा था यह देखकर जेला ने नदी से थोड़ा पानी लाकर उसके सिर पर डाला
कुछ देर बाद सुलेमान अलैहि सलाम को होश आया जेलर ने पूछा बाबा तुम कौन हो मैं तुम्हें पहचान नहीं पा रहा हूं तुम्हारा घर कहां है किसने तुम्हें इस तरह मारा और यहां फेंक दिया सुलेमान अलैहि सलाम ने सोचा अगर मैं कह दूं कि मैं सुलेमान बादशाह हूं तो शायद यह यकीन नहीं करेगा वह भी कहेगा कि सुलेमान बादशाह तो राज दरबार में बैठे हैं वह मुझे झूठा समझेगा इसलिए उन्होंने कुछ नहीं कहा और बस इतना कहा मेरे सिर पर भारी चोट आई है मैं कुछ कह नहीं सकता फिर जेला ने सुलेमान अलैहि सलाम को
अपने घर ले गया अगले दिन सुबह सुलेमान अलैहि सलाम थोड़े बेहतर महसूस करने लगे उधर जेला ने सोचा कि मछलियां पकड़ने के लिए उसे एक मजदूर की जरूरत है वह सुलेमान अलैहि सलाम के पास आया और कहा बाबा अब आप कहां जाएंगे सुलेमान अलैहि सलाम कुछ नहीं बोले क्योंकि वह समझ नहीं पा रहे थे कि कहां जाएं इसलिए सुलेमान अलैहि सलाम चुप रहे जेला ने फिर कहा बाबा इन दिनों मेरे जाल में बहुत सारी मछलियां फंस रही हैं और मुझे एक मजदूर की जरूरत है अगर आपको कोई समस्या ना हो तो आप मेरे साथ मछली
पकड़ने के काम में मेरी मदद कर सकते हैं मैं आपको मजदूरी दूंगा हर महीने 200 दिरहम मिलेंगे या कहकर जेला चला गया तब सुलेमान अलैहि सलाम ने अल्लाह से दुआ की हे अल्लाह मुझे नहीं पता मैंने कौन सा पाप किया है मैं एक बादशाह था और अब मेरी यह हालत हो गई है अगर मुझसे कोई पाप हुआ है तो मुझे इस दुनिया में ही माफ कर दो कयामत के दिन मुझे पापी मत बनाना कुछ समय बाद सुलेमान बादशाह जेला के साथ नदी में मछली पकड़ने गए जब वे रास्ते से गुजर रहे थे तो देखा कि
कुछ लोग चिंतित और परेशान हालात में खड़े हैं यह देखकर जेला ने उनसे पूछा भाइयों आप लोग इतनी चिंता में क्यों खड़े हैं तब उन लोगों ने कहा हमारे देश की हालत बहुत खराब है जरूरी चीजों की कीमतें आसमान छू रही चारों तरफ अराजकता हिंसा और नफरत का माहौल है लेकिन हमारे बादशाह सुलेमान कोई कदम नहीं उठा रहे वास्तव में सुलेमान बादशाह बहुत अच्छे और नेक इंसान है लेकिन अचानक ऐसा क्या हुआ कि हालात उनके काबू से बाहर हो गए फिर भी वह चुपचाप राज दरबार में बैठे हैं और कुछ नहीं कर रहे देश की
जनता बहुत दुख में है यह सुनकर सुलेमान बादशाह कुछ समझ नहीं पा रहे थे कि असल में क्या हो रहा है वह सब कुछ भूल चुके थे कि जिस सिंहासन पर कोई बैठा है और जो देश चला रहा है वह वास्तव में एक शैतान जिन्न है लेकिन उनके पास उनकी चमत्कारी अंगूठी नहीं थी इसलिए वह कुछ नहीं कर पा रहे थे साथ ही वह यह भी नहीं कह सकते थे कि वह सुलेमान बादशाह हैं क्योंकि कोई उन पर यकीन नहीं करता यह बात सुनने के बाद वेह फिर से नदी में मछलियां पकड़ने चले गए जब
जेला मछली पकड़ रहा था तो उसने देखा कि इस बार बड़ी मात्रा में मछलियां जाल में फंस गई हैं जेला मन ही मन कहने लगा हे अल्लाह जिस दिन से यह नौजवान मेरे घर आया है उस दिन से मेरे घर में बरकत हो रही है मैं नहीं जानता कि यह नौजवान कौन है लेकिन उसके जरिए तूने मुझ पर रहमत नाजिल की है तमाम तारीफें तेरी ही हैं मछली पकड़ने का काम खत्म करके जेला और सुलेमान बादशाह घर लौट आए उसी रात जेला की बेटी ने नमाज पढ़ी और फिर से रोते हुए अश्रुपूरित आंखों से अल्लाह
से दुआ करने लगी हे अल्लाह तू पूरे ब्रह्मांड का पालनहार है तू सब कुछ जानता है मेरे इस नारी जीवन में मैंने कभी किसी मर्द को नहीं देखा और ना ही किसी मर्द ने मुझे देखा है मैंने सिर्फ सुलेमान बादशाह से प्यार किया है इसलिए जब तक मुझे सुलेमान बादशाह पति के रूप में ना मिल जाए तब तक मुझे मौत मत देना अगर मुझे सुलेमान बादशाह पति के रूप में मिल जाए तो मेरा नारी जीवन सफल हो जाएगा कयामत के दिन सुलेमान पैगंबर का हाथ पकड़कर मैं जन्नत में जा सकूंगी हे अल्लाह मेरी यह दुआ
कबूल कर अगले दिन जेला और सुलेमान अलैहि सलाम मछली पकड़ने के लिए निकल पड़े जब वे नदी में मछली पकड़ रहे थे तभी अचानक तेज आंधी तूफान और बिजली कड़कने लगी उसी समय एक एक जिन्न नदी के ऊपर से उड़ते हुए जा रहा था उसने सुलेमान बादशाह को देखा और अचानक रुक गया जिन्न ने सोचा यह सुलेमान बादशाह यहां क्यों है उन्हें तो राज दरबार में होना चाहिए फिर वहां कौन बैठा है यह सोचते हुए जिन्न बिना कुछ कहे सीधे राज दरबार की ओर चला गया ताकि स्थिति को समझ सके राज दरबार पहुंचते ही जिन्न
को सारा मामला समझ आ गया सिंहासन पर शैतान जिन्न बैठा था जिसने सुलेमान बादशाह का रूप धारण कर उनकी शक्ति छीन ली थी उसने सुलेमान शह की चमत्कारी अंगूठी पहन रखी थी जिसकी वजह से पूरी दुनिया उसकी गुलाम थी यह देखकर नेक जिन्न ने शैतान जिन्न का पीछा करना शुरू कर दिया उधर जब जेला और सुलेमान बादशाह मछली पकड़कर नदी के किनारे लौट रहे थे तभी नेक जिन्न शैतान जिन्न का पीछा करते हुए नदी के ऊपर से गुजरा उसी दौरान शैतान जिन्न के हाथ से चमत्कारी अंगूठी नदी में गिर गई उस समय नदी में एक
बड़ी मछली भोजन खोज रही थी अचानक अंगूठी उसके सामने आई जिसे उसने निगल लिया इसके बाद जेला और सुलेमान बादशाह मछली पकड़कर उसे बेचने के बाद घर लौट आए अगले दिन सुबह पूरे देश में यह खबर फैल गई कि सुलेमान पैगंबर अलैहि सलाम लापता हैं और कोई नहीं जानता कि वे कहां गए हैं जेला के घर में सुलेमान बादशाह को रहते हुए लगभग एक साल हो गया था उस दिन जेला ने छुट्टी लेने का सोचा क्योंकि सुलेमान बादशाह जाने की तैयारी कर रहे थे जेला ने अपनी पत्नी से कहा हमारे घर में यह नौजवान एक
साल से है तुम्हें उसके बारे में कैसा लगता है उसकी पत्नी ने जवाब दिया बहुत अच्छा मैंने उसके जैसा शरीफ ईमानदार और खूबसूरत युवक कभी नहीं देखा जेला ने कहा जिस दिन से यह नौजवान हमारे घर आया है अल्लाह की रहमत से हमारा घर भर गया है हमारी तंगी दूर हो गई है और हम तरक्की कर रहे हैं मैंने अपनी जिंदगी में इतना नेक इंसान कभी नहीं देखा हमारी एक सुंदर पर्दानशी ईमानदार और अमानतदीने तो कैसा रहेगा इस पर उसकी पत्नी ने कहा यह अच्छा रहेगा लेकिन क्या वह युवक मान जाएगा इसके बाद जेला सुलेमान
अल के पास गया और कहा बाबा क्या मैं आपसे कुछ बात कर सकता हूं क्या आप मेरी बात सुनेंगे सुलेमान अल सलाम ने कहा क्या बात है जेला ने कहा अच्छा बाबा बताइए हमारे घर में कितने लोग हैं सुलेमान अलैहि सलाम ने कहा तीन लोग हैं आप आपकी पत्नी और मैं जेला बोला नहीं हम कुल चार लोग हैं क्या आप कभी इस बात का ध्यान नहीं देते सुलेमान अलैहि सलाम ने पूछा आप क्या कह रहे हैं मैं तो जानता था कि हम तीन है लेकिन चौथा कौन है जेला बोला मेरी एक बेटी है क्या आपने
कभी उसे देखा है सुलेमान अलैहि सलाम ने कहा नहीं मैंने तो उसे देखना तो दूर उसकी छाया तक नहीं देखी फिर जेला बोला बाबा मेरी बेटी बहुत प्रदान शल ईमानदार और अमानतदीने ही किसी ने उसे देखा है वह पूरे दिन रोजा रखती है और रात को अल्लाह की इबादत करती है मैं चाहता हूं कि मैं आपको उसके साथ शादी करने के लिए कहूं क्या आप इसके लिए राजी हैं सुलेमान अलैहि सलाम ने मन ही मन सोचा हे अल्लाह आपने मुझे किस परीक्षा में डाल दिया है मैं एक बादशाह था और अब हमारी हालत क्या हो
गई है मैं नहीं जानता कि मैंने कौन सा अपराध किया है हे अल्लाह मुझे माफ कर दो आप मेरे उत्तम अभिभावक हैं फिर उन्होंने सोचा देश की जो हालत है उसमें मेरे लिए और कुछ करने का नहीं है शादी तो करनी पड़ेगी जिला ने बार-बार कहा कि उसकी बेटी प्रदान श अमानतदीने मान अलैहि सलाम शादी के लिए राजी हो गए इसके बाद जेला ने शादी के कपड़े खरीदने के लिए 100 दिरहम दिए और कहा बाबा जाइए बाजार से सभी सामान खरीद कर लीजिए बाजार से कपड़े खरीदने के बाद उसी दिन उनकी शादी पूरी हो गई
शादी के बाद सुलेमान अलैहि सलाम और जेला दोनों दामाद और ससुर अगले दिन फिर से नदी के रास्ते मछली पकड़ने चले गए फिर नदी में जो मछली सुलेमान अलैहि सलाम के मोजा अंगूठी को खा गई थी उसके कारण समुंदर की सारी मछलियां और जीव जंतु उसकी गुलामी में आ गए वह जिस दिशा में जाती सभी उसी दिशा में चल देते इस बड़ी मछली को समझ नहीं आ रहा था कि वास्तव में क्यों उसके पीछे सभी दौड़ रहे हैं जब सुलेमान अलैहि सलाम और जेला ने मछली पकड़ने के लिए जाल फेंका तभी उस अंगूठी को खा
चुकी मछली के साथ समुद्र की कई मछलियां जाल में आ गई यह देखकर जेला ने मन ही मन कहा हे अल्लाह जब से यह युवक मेरे घर आया है तब से मेरा घर रहमत से भर गया है और आज मेरे दामाद बनने के कारण आपने और भी रहमत दी है मैं नहीं जानता कि यह युवक कौन है मैंने अपनी जिंदगी में इतनी मछलियां कभी नहीं पकड़ी अल्लाह सभी प्रशंसा तुम्हारी भारी है फिर जेला ने सारी मछलियां बेच दी केवल उस मछली को घर ले आया जो अंगूठी खा चुकी थी क्योंकि वह अतिरिक्त बड़ी थी और
वह अपने दामाद को खिलाने के लिए उसे घर लाया लेकिन किसी को नहीं पता था कि वास्तव में उस मछली के पेट में सुलेमान अलैहि सलाम की मोजा अंगूठी है घर जाकर जेला ने अपनी बेटी को बुलाया और कहा बेटा इस मछली को अच्छे से पका दो क्योंकि आज तुम्हारी शादी संपन्न हुई है इसलिए तुम अपने हाथों से इसे पकाकर अपने पति को खिलाओ यह कहकर वह वहां से चला गया इसके बाद जेला की बेटी जब मछली काटने लगी तो उसने देखा कि मछली के पेट के अंदर एक अंगूठी है वह अंगूठी पूरी तरह से
अलग दिख रही थी जो सामान्य कोई अंगूठी नहीं थी यह देखकर जेला की बेटी ने सोचा मैं एक गरीब जाले की बेटी हूं आज हमारी शादी का पहला दिन है मेरे पास अपने पति को उपहार देने के लिए कुछ नहीं है क्योंकि मैंने यह अंगूठी पाई है इसलिए मैं इसे अपने पति को देने के लिए अपने पास रख लेती हूं इस बीच उस अच्छे जिन ने सुलेमान अलैहि सलाम की खोज करने के लिए चारों ओर ढूंढना शुरू कर दिया लेकिन कहीं भी सुलेमान को नहीं पाया जा रहा था वास्तव में उसे समझ में आ गया
था कि यह अंगूठी किसी और के पास होने के कारण सुलेमान अलैहि सलाम ने अपनी सारी मजज खो दी है और सब कुछ भूल गया है इसी बीच देश की सारी जनता और राज कर्मचारी इस खबर को जान चुके थे कि वास्तव में इतना समय तक जिस सिंहासन पर बादशाह के रूप में बैठा था वह एक शैतान जिन था फिर सुलेमान अलैहि सलाम को पाने के लिए सभी बेचैन हो गए फिर सुलेमान अलैहि सलाम घर में प्रवेश करते हैं सलाम करके अपनी पत्नी से कहते आज से हम दोनों पति पत्नी हैं हम कभी किसी को
नहीं जानते और ना ही देखा है अल्लाह की रहमत से हम दोनों शादी के बंधन में बंद चुके हैं लेकिन मेरे कुछ सवाल है क्या तुम सवालों का जवाब दोगी तब जेला की बेटी ने कहा आप मेरे पति है आपकी सेवा करना मेरा एकमात्र कर्तव्य है निश्चित रूप से मैं आपके सवालों का जवाब दूंगी फिर सुलेमान अल सलाम ने कहा बताओ क्या तुमने कभी किसी के साथ प्यार किया है उसने कहा नहीं मैंने कभी किसी के साथ प्यार नहीं किया लेकिन मेरी एक पुरानी याद है जिसे सोक मैं और दुख नहीं सहना चाहती तब सुलेमान
अलैहि सलाम ने कहा क्या वह याद है मुझे बताओ मैं सुनना चाहता हूं उसने कहा उस याद को सोचकर मैं और दुख नहीं सहना चाहती मेरे मां बाप ने आपको मेरे साथ शादी दिया है इसलिए आप मेरे पति हैं फिर सुलेमान अलैहि सलाम ने कहा तुम उस याद के बारे में बताओ मैं वादा करता हूं मैं तुम्हारी बात की कदर करूंगा मैं अमानत की खयानत नहीं करूंगा तब जेला की बेटी ने कहा तो सुनो यह बात बहुत दिनों पहले की है मैंने बिना देखे ही एक से प्यार कर लिया था मैंने उसे कभी नहीं देखा
मैं दिन भर रोजा रखती और रात में अल्लाह की इबादत करती नमाज पढ़कर अल्लाह से दुआ करती कि वह मुझे अपने पति के रूप में मिले मैंने अल्लाह से दुआ की थी हे अल्लाह या तो मुझे धनी बना दो और मुझे उसके साथ विवाह कराओ और नहीं तो उसे गरीब बना दो और उसे मेरे पास लाकर मुझसे शादी करवा दो फिर सुलेमान अलैहि सलाम ने पूछा वह युवक कौन है तब उसने कहा उसके पास धन संपत्ति की कोई कमी नहीं है राजमहल की भी कोई कमी नहीं है मैंने उसकी संपत्ति को देख प्यार नहीं किया
उसने चार शर्तें रखी थी जिनमें से तीन मेरी थी लेकिन केवल जेल की लड़की होने के कारण और गरीब होने के कारण मैंने अपना पत्र फाड़ दिया फिर सुलेमान अलैहि सलाम ने पूछा युवक कौन है उसने कहा वह संपूर्ण संसार का बादशाह दाऊद अलैहि सलाम का पुत्र सुलेमान अलैहि सलाम है फ उसकी बात सोचकर पुरानी यादों को याद करके मैंने और दुख नहीं सहना चाहा आज से आप मेरे सुलेमान हैं यह कहकर उसने सुलेमान अलैहि सलाम के हाथ में वह मोजेजा अंगूठी पहनी आई इसके बाद जैसे ही सुलेमान अलैहि सलाम ने अंगूठी पहनी वह अपनी
सारी मोजेजा वापस प्राप्त कर चुके थे उसी क्षण सभी घटनाएं उसकी आंखों के सामने आ गई वह समझने लगे कि बहुत समय पहले एक जेल की लड़की ने शादी के लिए उनके पास पत्र लिखा था वास्तव में यही वही लड़की है गलती से थोड़े घमंड के कारण उन्होंने वह पत्र छोड़ दिया था अब वह अपनी गलती को समझ चुके थे इस घटना को समझते हुए सुलेमान अलैहि सलाम ने नतमस्तक होकर सजदा किया और अल्लाह से दुआ करते हुए कहा हे अल्लाह तुम मेरी माफी कर दो मैंने गलती की है तुम महान हो तुम सब कुछ
कर सकते हो तुमने इस लड़की की दुआ को स्वीकार किया है मुझे बादशाह से फकीर बना दिया है और उसकी पत्नी के रूप में स्वीकार किया है हे अल्लाह मैंने अनजाने में गलती की है जिसके कारण मेरी यह स्थिति हुई है अल्लाह मुझे नहीं पता मैं और कितनी गलतियां कर चुका हूं कृपया मेहरबानी करके मुझे माफ कर दो