हेलो हेलो फ्रेंड्स आज की वीडियो में हम एंड डिस्टिक एक इंपोर्टेंट टॉपिक स्टोंस को डिटेल में कवर करेंगे इस वीडियो के सोर्सेस है आरएस शर्मा एनसीआरटी क्लास 11th और हिस्ट्री ऑव् एंशेंट एंड अर्ली मेडिवाल मानवेंद्रसिंह इस वीडियो में हम स्टोंस के क्लासिफिकेशन को कवर करेंगे और उसके बाद हम देखेंगे कि अली पहले रिलेटिड में क्लाइमेट कैसा था यू मस्से में कहां रहते थे क्या खाते थे और हंटिंग के लिए कौन-कौन से टूल्स का इस्तेमाल करते थे तो बेसिकली स्टोन है जो है वह रीड स्टोरी फ्लैट का पार्ट है और यह वह समय था जब इंसान
पत्थरों के बने हुए टूल्स का इस्तेमाल करते थे स्टोरेज को हम 3 पार्ट्स में डिवाइड करते हैं पहली थे न्यूली थे एक और यूनिटेक लिए का मतलब होता है स्टोन और पहलुओं का मतलब होता है वर्ल्ड इसीलिए हम पहली ट्रिक को ओल्ड स्टोंस भी कहते हैं इसी तरह मिली थी को कहा जाता है लेट स्टोर ने और यूलिप को कहा जाता है न्यूज़ टॉयज अब यह जो पहली ट्रिक पीरियड है यह बहुत ही लंबे समय तक रहा है इसीलिए इस लीड को हम डोनेट करते हैं लो पहले तक पहले थे और अफेयर्स क्विज में 35
लाख साल यानी 3.5 मिलीयन ईयर्स पुराने स्टोंस के अवशेष हमें इस तरीके से मिले हैं इसीलिए हम पहले थे इसकी शुरुआत 3.5 मिलीयन सब्स मानते हैं और यह जो पहली ट्रिक है यह से 10,000 साल पहले तक रही थी 80 तक अगर हम प्रेशर को तो जो है वह 3.5 मिलीयन ईयर्स से शुरू होकर एक साल पहले तक रही थी और पहले 400 से ज़्यादा 65 लाख तक मिले हैं पहले टाइम में रह रहे थे अब आप देख सकते हैं कि उससे पहले इंसान इंसान हों प्रजाति जो सीधा खड़ा हो नसीब गई थी उसे हम
होमो इरेक्टस कहते थे और होमो सैपियंस यानि जैसे हम आज दिखते हैं यानी मॉडर्न ह्यूमर बींस तो यह जो है इन्हें कहा जाता होमो सेपियंस है यह पहली बार अ पहले टेस्ट में पाए गए अब यहां पर एक बात और गौर करने वाली है कि पहले एक थर्ड प्लीज तो सीन पीरियड के साथ भी कॉल सेट कर दिया नहीं पहले तक टिकट व था जब आईसीसी भी चल रही थी उस समय अर्थ का ज्यादातर हिस्सा बर्फ की खबर था खास करके जो हेयर एटीट्यूड वाली जगह है तो सबसे पहले स्टार्ट करते हैं लोअर पहले थिक
से यानि वह समय जो 35 लाख साल पहले से शुरू होकर 1 लाख साल पहले तक खत्म हुआ और अगर बात करें क्लाइमेट की तो उस समय आई से चल रहा था वह जैसा कि बर्फीले रियाद में बेहतर होता है उस समय बेबी क्लाइमेट कोल्ड और ड्राई होता था बट रहने के लिए कुछ जगह चाहिए थी बट प्रॉब्लम यह थी कि उस समय इंसान को घर बनाने नहीं आते थे तो ऐसे में वह के इसमें तथा यही पहाड़ों के बीच में दो जगह होती है उसी में इंसानों ने रहना शुरू किया उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर
से एक नदी पास होती है बैलेंस रिवर रिवर वैली में कई सारी की ओर से कई बार यह रंग की तरह काम करते हैं अगर ज्यादा बढ़ जाती थी तो इंसान इन जगहों पर आकर रहने लगे थे और मौसम ठीक हो तो फिर जगहों पर चले जाते थे इसी तरह पाकिस्तान में भी काफी सारे लोग मिले तो ऐसी साइड में बहुत सारे हैं जैसे कि कश्मीर वैली गुजरात सेंट्रल इंडिया और 2009 में बहुत सारे स्टोरेज में इंसान को सब्सक्राइब कर लें यहां पर आसपास और कि इंसान ही नहीं बल्कि मिडिल और अपर टाइम में रहता
है एक्चुअली में इंसान को पहली स्टेज में यह बहुत ही ज्यादा सेट कर रही थी और उसका रिजल्ट यह था कि एक तो उनको रहने की जगह मिल जाती थी और इन के आसपास में बहुत सारे जंगल हैं और बहुत सारे पानी के स्रोत भी तो उनको खाने और पीने दोनों की व्यवस्था हो जाती थी यह विंटर गेम्स पिछली सैंड स्टोन ऑक्साइड की बनी है और उस समय इंसान जो है वह टूल्स बनाने के लिए उपवास साइड का इस्तेमाल करता था तो इनके उसमें रहने का एक फायदा यह भी था कि टूल्स के लिए रोमांटिक
ज्वेलरी लिए व्यवस्था तो सेटलमेंट हम लोगों ने देख लिया यानी हमने देखा कि इंसान कैसे रहता था अब देखते हैं कि इंसान खाने के लिए करता था तो लो पहले तक में इंसान को कल्टीवेशन यह फार्मिंग की कोई नॉलेज तो थी नहीं तो हंटिंग है उसके सामने एक मात्र विकल्प का बटन टेक करने के लिए उसको चाहिए थे टूल्स लोअर वैलिड में वह लेट्यूस स्टोंस बनाते थे और यह टूल्स एंड पॉलिटिक्स अनरेस्ट और रखा हुआ करते थे यह लोग क्या करते थे कि एक बड़े पत्थर को एक साइड से थो तोड़ देते थे ताकि पत्थर
में एक साइड से कुछ रोज बन जाए तो पत्थर को स्पीड करते थे तो उसका जो बड़ा पार्ट है उसको कहा जाता था और छोटे पार्ट को कहा जाता था क्लिक लोग पहले तक जिसे हम अर्ली पहले दिन भी कहते हैं उसमें स्टोन टूल्स बिजली कट से बनाए जाते थे यह देखिए उस समय जो टूल्स ट्यूमर चूज कर रहे थे वह मेहश लीव्स और प्रबल टूल्स और यह जो टू यहां पर इंडिया में यूज हो रहे थे बिल्कुल ऐसे ही टूल्स वेस्टर्न एशिया यूरोप और अफ्रीका में भी यूज हो रहे थे मतलब पूरी दुनिया में
इसी तरह से टूट मिल रहे थे और यह टू बने होते थे क्वाइट साइड और दूसरे मजबूत रॉकी से क्वाइट साइड बेसिकली हार्ड टो फॉर्म ए प्रोक्सी होती है अभी जो है next9news के बीच का डिफरेंस है इसको देख लेते हैं अब हम दोनों के दोनों भेज सकते हैं तो कोर्ट तुलसी बट थैंक्स इसको बेसिकली इस तरह से पिसा जाता था या तोड़ा जाता था कि उसकी शेप जो है वह ट्रायंगल और बन जाएं अब एक साइड से यह थोड़ा सा अपॉइंटेड दिख रहा है लेकिन यह बहुत पॉइंट नहीं है बट फिर भी उस टाइम
के लिए ठीक है इसको पैक मारो तो किसी ना किसी जानवर का असर तो यह थोड़ी देर थे अभी जो है न इससे थोड़ा गूगल टाइप का दिख रहा है लेकिन यह जो क्लियर है यह थोड़ी फ्लैट इशारा करते थे इनकी जो शेप है वह रेगुलर या फिर कभी कभी ट्रेंगल और दुआ करती थी अब इसमें खास बात यह है कि इसकी जो एक साइड है वह थोड़ी स्प्रेड दिख रही है आपको और वह नीची जाति थोड़ा घिस-घिसकर उसको पैना किया जाता था फिर से एक बात कहूंगा कि यह पहली की जाते थे लेकिन यह
बहुत ज्यादा शाप नहीं होते थे मतलब ऐसे नहीं है कि इससे किसी का गला काट दिया जाए बट फिर भी थोड़े शार्प थे तो इस तरह हमने लो प्लेटेड के सभी पॉइंट टॉपिक जो कवर कर लिया है इंडिया की हिस्ट्री आफ इंडियन कांस्टीट्यूशन को डिटेल में समझने के लिए लोकसभा की प्ले लिस्ट को आप फॉलो कीजिए लिंक आपको डिस्क्रिप्शन में मिल जाएगा थैंक यू फॉर वाचिंग लोकसभा में