[संगीत] गुलशन चलो अब जल्दी से तैयार हो जाओ। हमने जाना है। यासिर को बता दिया है कि हम आज यहां से चले जाएंगे। ठीक है। अम्मी अ आबिद से बात हुई थी मेरी। हम वो कह रहे थे कि वो अस्सलाम वालेकुम। मैं साथ ही आ रहा है। अम्मी आपका इंतजार कर रही है। आप नीचे आ जाए। ठीक है बेटा हम आ रहे हैं। [संगीत] चलो आओ। [संगीत] यही हमारे लिए अच्छा है भाभी। उनके घर छोड़ने से भला क्या बेहतरी आएगी यहां? ये लोग भी ना। भाभी हम आप ठीक है ना? हां मैं ठीक हूं। तुम
कुछ कह रहे थे मैं सुन नहीं सकी। अब जाके मुझे कहीं सुकून मिला। वरना यशपा आंटी कभी भी इस घर में वापस नहीं आ सकती थी। फरहद वो तो कभी इस बात की इजाजत नहीं देता उन्हें। तुम मायूसी की बातें मत करो। ताल्लुक है भाभी। गहरा ताल्लुक है आपसे। मेरा कजन पहले से बहुत बदल चुका है। उसने आपकी बात मान ली है ना। इससे पहले तो वह कभी किसी की बात नहीं मानता था। उसका किसी की बात मानना एक मोजजे से कम नहीं है। घर में काफी लोग उनके खिलाफ हैं। और साहिर है जब वो
वापस जाएंगी तो बहुत सारी बातें होंगी। यह इतना आसान नहीं है आबेद। [संगीत] हम पहुंच गए। अल्लाह का शुक्र है कि आप यहां मैं आज यहां हूं। कल शायद ना हूं। आप ऐसा क्यों कह रही हैं भाभी? हो भी सकता है। काश फरहत भी यहां आ जाता। आंटी शायद उसके बगैर वापस ना जाना चाहे। अगर उनका बेटा आता तो वो फौरन मान जाती। फरहद नहीं आएगा। मैंने तो उसे बहुत समझाया है। जानता हूं। हां भाभी मैंने भी एक बात सोची थी मगर सॉरी मैं जरा कॉल सुन लूं। हेलो कौन सी मेडिसिन दी है? ठीक है
उसको ड्रिप भी लगा दो। बाकी मैं हॉस्पिटल आकर चेक कर लेती हूं। ओके। आओ चलते हैं। [संगीत] मैं तो जानती हूं तुम्हें किसी से प्यार नहीं है फरहद। मैं तो बस इतना जानता हूं कि मैं तुमसे मोहब्बत करता हूं। [संगीत] तुम खुद से भाग रहे हो। हकीकत का सामना करना सीखो। फरद कोई और वजह भी हो सकती है। क्या मतलब? तुम मेरी बात का जवाब दो। तुम्हारे हर सवाल का जवाब नहीं दे सकता डॉक्टर। एक ना एक दिन तो तुम्हें जवाब देना ही पड़ेगा। [संगीत] मैं देखती हूं। आसिफ बड़े अच्छे वक्त पर आई हो। आओ
मिलकर नाश्ता करते हैं। हम आओ बैठो। हम बैठेंगे नहीं। बस गुलशन और आंटी को लेने आए हैं। अ आंटी क्या आप हमारे साथ घर वापस जाएंगे? नहीं हम अपने गांव जाएंगे वापस। फरहत आने वाला था लेकिन एक काम पड़ गया इसलिए भाभी को भेजा। कहा था उसने। फिर क्यों नहीं आया? देखो वो नहीं आएगा। मगर तुम फिक्र मत करो वो झगड़ा नहीं करेगा। मेरा ख्याल ये ठीक रहेगा। इस तरह से आप इस्तंबोल में रहकर हम सबसे राब्ते में भी रहेंगे। तुम इस बारे में क्या कहते हो यासिर? ये बेहतर जानते हैं मैं क्या कहूं। देखो
आसिर मैं उस घर में वापस नहीं जाऊंगी। ऐसा मत कहें आंटी। मैं पहले ही बहुत बेसत हो चुकी हूं। गुलशन भी वहां नहीं जाएगी। कैसे निकाला गया हमें जानते हो तुम। अरे आंटी आप जरा ठंडे दिमाग से सोचे तो सही। आप कोई भी फैसला करने से पहले सोच लें। हम हरगिज़ नहीं चाहते कि आप यहां से अपने गांव वापस चली जाएं। और फिर वो घर आपका भी है। आप उसे छोड़कर क्यों जा रही हैं? आंटी मेरे ख्याल से आपको इनकी बात मानकर चले जाना चाहिए। यही सबसे बेहतर ऑप्शन है। मेरा तो दिल नहीं कर रहा
गांव जाने के लिए। अम्मी कह रही है हमने जरूर जाना है। चलो ऐसा करते हैं कि मेरे बाबा का घर खाली है। मैं गुलशन को अपने साथ वहां पर ले जाती हूं। और आंटी आप आबिद के साथ घर चली जाएं। इस तरह गुलशन भी हम सबके करीब रहेगी। इससे यह होगा कि आप जब चाहे गुलशन से आकर मिल भी सकती हैं। मेरा ख्याल है यह ठीक रहेगा। मैं तो तैयार हूं। [संगीत] चलो ठीक है। आओ चलें। गुड मॉर्निंग बाबा। गुड मॉर्निंग बेटा। मां के पास जा रही हो? जी जैसे कि मैं हमेशा जाती हूं। और
मैं फिर यासिर के पास केस के बारे में बात करने जाऊंगी। क्या रिजल्ट है उसका? मुझे उम्मीद है कि सब कुछ जल्द ठीक हो जाएगा। ठीक है। अपना ख्याल रखिएगा बाबा। तुम भी बेटा। वो लोग क्यों चले गए? वो दोबारा आ जाएंगे बेटा। आप नाश्ता कर लो। शाबाश। आंटी ने वापस जाने का फैसला ठीक किया ना? पता नहीं। वैसे तुमने अच्छा ही किया। जो मेरी बात मानकर उनके साथ घुलमिल गए। अच्छा लगा। सब तुमने मुझसे करवाया। [संगीत] वैसे तुम्हें भी ना ऐसे समझाना पड़ता है जैसे बच्चों को समझाते हैं। ये डायमंड क्या होता है? ये
हीरा क्या होता है? हां थोड़ा सा। हम चलो अब नाश्ता कर ले। जल्दी से खत्म कर लो। [संगीत] ओ खुदाया। अब जाके मुझे कहीं सुकून मिला आंटी। तुम मुझे बस स्टैंड पर छोड़ दो। क्या? लेकिन वो किस लिए आंटी? हम लोग तो घर जा रहे हैं। मैं उस घर में नहीं रह सकती। किस-किस का सामना करूंगी? अल्लाह अल्लाह। आप घर वालों की बातों का बुरा क्यों मानती है आंटी? वो कुछ दिन बोलेंगे फिर चुप कर जाएंगे। इतनी सी बात के लिए अब घर छोड़ेंगी भला। गुलशन का क्या होगा? गुलशन अपना ख्याल खुद रख लेगी। अरे
अल्लाह मियां। अगर तुम बस स्टैंड तक नहीं ले जा सकते तो उतार दो। मैं खुद चली जाऊंगी। अच्छा अच्छा ठीक है आंटी मैं समझ गया। [संगीत] हां बोलो। हां यशवा क्या कर रही हो? बात कर सकती हो? क्या चाहती हो तुम? बस यही चाहती हूं कि तुम दूर चली जाओ। तुम्हारे लिए अच्छा भला घर ढूंढा है। वहां क्यों नहीं चली जाती? अभी भी सोच लो। किसकी कॉल आई थी आंटी? आप इतना गुस्से में क्यों आ गई हैं? मैं बोलूं नहीं जा रही आबिद। अब मैं घर जाऊंगी। अरे ये हुई ना बात आंटी। [संगीत] तुम अंदर
चलो गुलशन। कितना प्यारा घर है आपका। हां, ये मेरे बाबा ने बनवाया था। हां, वाकई बहुत अच्छा घर बनाया उन्होंने। [संगीत] आसिन बोलो। हमारी वजह से आपको भी परेशानी हुई। बहुत गुस्से में थे भरत भाई। वो हमेशा ऐसा ही रहता है। तुम यहां सुकून से रहो। ठीक है। तुम्हारे बारे में पहले ही मैं फरहद से सारी बात डिस्कस कर चुकी हूं। वो ठीक हो जाएगा। क्या वो मान जाएंगे? मुझे उम्मीद है। आसिल आप बहुत अच्छी हैं। अल्लाह करे कि फरद भाई भी आपको कभी अच्छी तरह से समझ सके। आपका बहुत बड़ा दिल है। आप सबका
साथ देती हैं। तुम भी अच्छी हो। मेरी ये दुआ है कि तुम्हें हर खुशी मिले और वो प्यार मिले जो तुम चाहती हो। प्यार तो ऐसी चीज है जिसके लिए सब तरसते हैं। आप फरहद भाई से बहुत प्यार करती है ना। हां, करती हूं। मगर देखो सिर्फ प्यार के सहारे ही पूरी जिंदगी नहीं गुजर सकती। और भी बहुत सी जिम्मेदारियां हैं। ठीक है। अब तुम आराम करो। मुझे भी हॉस्पिटल जाना है। ठीक है। पर मुझे भी आपसे एक बात पूछनी है। गुलशन हॉस्पिटल से कॉल आई थी कि मुझे एक मरीज को देखना है। तो बाकी
बातें बाद में करते हैं। ठीक है। बस तुम अपना और कामिल का ख्याल रखना। ठीक है। ओके। आप जाए। हां मैं चलती हूं। बाय। [संगीत] खुशामदीद आइए। बहुत शुक्रिया। आराम से। ओह अल्लाह का लाख-लाख शुक्र है। मेरा भाई अपने पैरों पर चलकर आया है। खुशामदीद अंकल। जियो बेटी खुश रहो। आपको आराम की जरूरत है। चलें अंदर। यशवा कहां है? नेमत उस चुड़ैल का नाम लेने की जरूरत नहीं। बस तुम अपना ख्याल करो। हम सब मिलकर इस मसले का हल ढूंढेंगे। इस मौजू पे फिर बात करेंगे। ओह अंकल को गुलशन के बारे में पता चलेगा तो
क्या सोचेंगे? आ जाओ। और अब तुम आराम करना। आ जाओ मेरे भाई। जरा आराम से बैठो। अब आप फिक्र ना करें। अब मैं ठीक हूं। तकलीफ तो नहीं हो रही? हां, सब ठीक है। सब लोग बाहर जाओ। मुझे जरा यून से बात करनी है। ठीक है। [संगीत] हां आप बताओ उस आदमी का पता चला? नहीं। वहां से हमें कोई भी कैमरा रिकॉर्ड नहीं मिला अंकल। लेकिन यह बात सच है। वो आदमी उसी होटल में मौजूद था और मैंने खुद उसे देखा। आप मुझ पर भरोसा रखें अंकल। मैं उस आदमी को कहीं ना कहीं से ढूंढ
निकालूंगा। गेट लॉस्ट। देखें अंकल चले जाओ। तुम्हारे पास मेरा एतमाद जीतने का यह आखिरी मौका है। उस आदमी का पता चलाओ। वो कहां रहता है, क्या करता है और कौन है। उसकी हर खबर मुझे मिलनी चाहिए। अब गलती की कोई गुंजाइश नहीं है। जो आप चाहते हैं वही होगा। ठीक है। अब मुझे कुछ करके दिखाओ। [संगीत] [प्रशंसा] अच्छा क्या कि आपने जाने का इरादा तर्क कर दिया। आखिर आपका भी घर है वो। वापसी का कोई इरादा नहीं था मगर अब जाना जरूरी है। हां वही ना। आप मेरी अम्मी की इतनी फिक्र मत करें ना। उनकी
बातों को ज्यादा संजीदा मत लें। खौफजदा नहीं हूं मैं। बस मैं चाहती हूं कि किसी का सुकून बर्बाद ना हो। वो मेरा भी घर है और मुझे वहां से कोई भी नहीं निकाल सकता। और मैं भी वहीं हूं आंटी। इतनी आसानी से आपको कुछ भी नहीं कह सकते हैं वो लोग। मैंने एक और बात भी सोची थी आंटी। [संगीत] नहीं बेहतर होगा कि मैं पहले फरहद से बात करूं उस मामले पे। क्या बात करोगे तुम फरहद से? कुछ नहीं आंटी कुछ भी नहीं। [संगीत] आसिफ तुम सेमिनार में जा रही हो ना? मुझे नहीं लगता कि
मैं जा सकूंगी। अगर तुम हमारे साथ जाओगी तो यकीन करो बहुत मजा आएगा। तुम जानती हो ना? पिछले साल सेमिनार पे हमें कितना मजा आया था। हां, बहुत मजा आया था। कोशिश करूंगी जाने की। बता देना मैं तुम्हारा नाम लिखवा दूंगी। चलो ठीक है। अपना ख्याल रखना। कहां जाने की बात हो रही है डॉक्टर? सेमिनार की बात हो रही थी। हां, अच्छी बात है। वक्त मिला तो मैं भी चलूंगा। तुम्हें तो अपने कामों से फुर्सत नहीं मिलती। तुम किसी के बारे में क्या सोचोगे? मेरी बात सुनो डॉक्टर। अगर मैं सही तरीके से बात करता हूं
तो उसका जवाब सही तरीके से ही दिया करो। एक तो समझ नहीं आती तुम चाहते क्या हो। मैं तो बस यह चाहती हूं फरहद कि अगर तुम्हारे पास कोई अच्छी खबर है तो प्लीज वो मुझे सुना दो। यहां पर क्यों आए हो? गुलशेर ने मुझे बताया कि गुलशन घर पर मौजूद नहीं। मेरे घर पर है वो। कौन से वाले घर में? मेरे बाबा के घर। तुम्हें तुम्हें वहां पर लेकर गई थी ना। मेरे ख्याल से तुम्हें याद होना चाहिए। लेकिन तुम यह भी भूल गए हो। गुलशन से कहो घर वापस आए। अगर गुलशन वहां पर
है तो तुम्हें इससे क्या मसला है? तुम चाहो तो बिल्कुल वो अपने घर आ सकती है। तुमसे जितना कहा उतना करो। बहस मत किया करो। मैंने कुछ गलत बात नहीं की। चलती हूं मैं। [संगीत] पता नहीं इसके दिमाग में ये बातें आती कहां से हैं। मेरी बात सुनो डॉक्टर। [संगीत] यश आंटी आप ऐसा करें घर चलें। मुझे थोड़ा काम है। मैं बाद में आता हूं। [संगीत] आपकी बेटी कहां है? तुम्हें इससे क्या? अपने काम से काम रखो तुम। जब फरद को सारी बात का पता चला तो आप इस घर से भाग गई। कब तक भागेंगी
आप बताएं मुझे? अगर मैं तुम्हारा बता देती तो तो फिर तो फिर तुम इस वक्त मेरे सामने ना खड़े होते। ठीक है बता दें। लेकिन मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। और हां एक और बात परेशान मत हो। ये राज ही रहेगा। [संगीत] [प्रशंसा] तुम यहां फिर आ गई। तुम तो चली गई थी ना? अच्छा किया। तुमने फोन करके मेरा इरादा ही बदल दिया। तुम यहां पर अकेली महारानी बनकर राज करना चाहती हो। अदीला यह मैं नहीं होने दूंगी। कितनी बेशर्म औरत हो तुम। फिर बेइज्जत होने के लिए आ गई। मैं शर्म क्यों करूं? तुमसे
मुझे यही उम्मीद है। तुम्हें रहने नहीं दूंगी मैं। ऐसी बात मत करो जो तुम पूरी ना कर सको। तुम कहती हो नेमत पर मैंने गोली चलाई। जो गलत साबित हुआ। तुम तो चाहती थी मैं जेल में चली जाऊं और तुम इस घर में नेमत के साथ रहो। अफसोस जो तुमने सोचा वो नहीं हुआ। ऐसा ही है ना आदीला? और अब तो मैं इस घर में वापस आ गई हूं। अब तुम चाहे चीख-चीख कर सबसे कहो कि नेमत को गोली मैंने मारी तुम्हारी कोई नहीं सुनेगा। और यह भी याद रख लो तुम। जिस चिंगारी को हवा
दे रही हो वो आग बन जाएगी। और यकीनन तुम भी उसमें चलोगी। मैं तुम्हें यह साबित करके दिखाऊंगी। हम वक्त आया तो देख लेंगे। अब जाओ यहां से। घटिया औरत तुम्हारी हैसियत भी। मैं जानती हूं। एक तो तुम्हारी समझ नहीं आती। किसी ना किसी से हर वक्त झगड़ती रहती हूं। कभी तो सुकून कर लिया करो। आपसे फिर बात करूंगी मैं। [संगीत] क्या समझते हो कि एक बड़े भाई होने के नाते से तुम अपने सारे फराइज़ पूरे कर रहे हो? तुम्हें उसे इतनी हमदर्दी क्यों है? तुम नहीं समझोगे। मैं कम से कम गुलशन को समझ तो
गई हूं। यह मत भूलो कि तुमने भी मुझसे झूठ बोला है। उसकी हर बात छुपाई तुमने। बताओ कि इस हमदर्दी की कोई खास वजह है क्या? मैं तुम्हारी इस बात से इत्तेफाक करती हूं। hm तुम्हारे अंदर एक अच्छा इंसान है उसे बाहर निकालो। यहां किसी को भी मुझसे कोई मसला नहीं है। सारा मसला तुम्हारा ही है। आखिर तुम समझते क्यों नहीं? तुम सबके साथ जुड़े हुए हो। हां बोलो। तुम इस वक्त हो कहां? हां, ठीक है। इस बारे में हम बाद में बात करेंगे। हां ठीक है फिर बात होगी। [संगीत] तुम ऐसे क्या देख रहे
हो? [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] जब नेमत हॉस्पिटल में था तो उस वक्त यहां पर बहुत कुछ हो चुका है। अम्मी आप उनसे अच्छा सलूक नहीं कर रही। तुम्हें बड़ी हमदर्दी है उनसे? आप बताएं आपा। अदीला मैं तुम्हें आबिद और सफिया की बात बताना चाहती हूं। हां बोल। वो बच्चा उनका नहीं गुलशन का है। अच्छा बड़ी मासूम दिखाई देती थी। [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] ये लो गुलशन की मां भी आ गई। यह तो जाहिर हो गया कि वह गुलशन का ही बच्चा है और यही बता सकती है कि उस बच्चे का बाप कौन है? कौन है उस बच्चे
का बाप? बताओ यशफा। ये क्या बताएगी मुझसे पूछे क्योंकि मुझे फिक्र है नेमत की। तुम्हारा मसला नहीं है अदीला खामोश रहो। इसे ना तो इस घर की इज्जत की फिक्र है और ना यह फिक्र है कि नेमत बीमार है। नेमत तो अपने कमरे में बीमार पड़े हैं। और इसे देखो लड़ाई की पड़ी है। [संगीत] आपने आराम करना था। आप यहां पर क्यों आ गए? लेट-लेट के थक गया हूं मैं। अब तुम आ ही गए हो तो। यशवा के बारे में कुछ सुन ही लो। मैं कुछ समझा नहीं। यशपा तुम खुद ही अपने भाई को बताओ
क्या कहना चाहती हो? मुझे कुछ बताएंगे आप लोग। ये तो बताएगी नहीं। चलो मैं ही बता देती हूं। अगर तुम ज्यादा गुस्सा ना करो तो। बात कुछ ऐसी है। समझ नहीं आती बताऊं या ना बताऊं क्योंकि तुम बीमार हो। खुल के बात कीजिए आप। आबिद और सफिया का जो बेटा है जानते हो वो किसका है? यशवा की बेटी गुलशन का। क्या? [संगीत] हां गुलशन तुमने कुछ कहा नहीं। देखो अगर तुम नहीं चाहती तो ऐसा कुछ कैसे हो सकता है? मैं क्या कह सकती हूं। देख लें जो कुछ मैंने किया मैं सोचती हूं कि क्या मैं
आपके काबिल हूं। यानी तुम मुझ पर गुस्सा नहीं हो। है ना? ये तो आपकी मोहब्बत है। आप ना होते तो मेरा क्या बनता। आबिद। मगर क्या अपने भाई की वजह से परेशान होना? बोल मैं खुद बात करूंगा फरत से। ये कैसे हो सकता है? वो कभी भी नहीं मानेंगे। मुझे तो इस बात का डर है। फरद भाई आपको कोई नुकसान ना पहुंचाए। देखो गुलशन मैं तुम्हारा उससे भी ज्यादा ख्याल रखूंगा खुद से भी ज्यादा। इसमें कोई बुराई नहीं है। और इस पे किसी को ऐतराज नहीं होना चाहिए। फरहद को मारना ही होगा। नहीं मुझे नहीं
लगता। गुलशन। इन हालात में मैंने भी एक फैसला किया है हम सबके लिए। कि मैं कामिल और तुम्हें कभी नहीं छोडूंगा। बस तुम एक बार हां कह दो। मैं सारी दुनिया से लड़ सकता हूं। सबका सामना कर लूंगा मैं। जो भी होगा मैं उसके लिए तैयार हूं। आप ही मेरे बच्चे के लिए कर रहे हैं। हम ऐसा ही है ना? [प्रशंसा] सबकी बेहतरी इसी में है। तुम अपना आईडी कार्ड दो। हम खुफिया शादी कर लेते हैं। वक्त आने पे सबको बता देंगे। [संगीत] आबिद फरद भाई की कॉल है। अगर उन्हें पता चल गया तुम यहां
पे हो तो। अरे तुम थोड़ा रिलैक्स रहो गुलशन। कोई कुछ नहीं कर सकता। [संगीत] हां फरत क्या बात है? हां आबिद कहां हो तुम? मैं वो हूं। थोड़ी देर के लिए बाहर आया हूं। क्या कोई मसला है? कोई बात है तो बताओ मुझे। यूनिस कुछ ज्यादा ही परेशान कर रहा है। उसकी वजह से मीटिंग भी कैंसिल हो गई। तुम नजर रखो उस पर। उसने ये काम भी अधूरा ही छोड़ दिया है। ठीक है भरत। मैं सब कुछ संभालूंगा। [संगीत] तुम इस वक्त हो कहां पर? इस जगह पे थोड़ा रश है। मुझे भी तुमसे एक जरूरी
बात कहनी है। मैं तुम्हें बाद में कॉल करता हूं। इस यूनुस वाले मामले की टेंशन मत लेना। मैं सब कुछ संभाल लूंगा। चलो ठीक है। अब तो भाई हम दोनों को गोली मार देंगे। गुलशन गुलशन मैंने कहा ना पुरसकून रहो। किसी से कुछ नहीं कहूंगा मैं। मुझ पे यकीन नहीं तुम्हें। मुझे आप पे यकीन है। ठीक है। अपना आईडी कार्ड दो। मुझे डर लग रहा है। तुम हौसला करो गुलशन। जो भी हुआ देख लेंगे मिलके। [संगीत] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] [संगीत] यूनुस तुम यहां पे क्यों आए हो? मुझे देख के परेशान हो गई हो। मैं
आबिद का पीछा करते-करते आखिर यहां तक पहुंच ही गया हूं। कैसा ढूंढ लिया ना? ये घर किसका है? तुम्हें इससे क्या? गुस्सा तो मत करो। जाओ यहां से। गुलशन होश से काम लो। होश से। तुम तो मुझे बहुत करीब से जानती हो। हां। ये बच्चा मेरा है। और मेरे बेटे को आबिद अपना बेटा नहीं कह सकता। कहां है मेरा बेटा? मैं कहती हूं चले जाओ यहां से। [संगीत] कामिल [संगीत] बहुत याद किया मैंने तुम्हें। तुम ही अपनी मां को समझाओ बेटा। मुझसे क्यों नाराज है? आखिर मेरा कसूर क्या है? तुम्हारा ही कसूर है। तुमने मेरी
जिंदगी भी बर्बाद कर दी। मुझे तो हर वक्त तुम्हारी याद आती रहती है। बस याद रखना मेरे बेटे को कुछ ना हो। नफरत करती हूं मैं तुमसे। मेरी मजबूरी है मैं तुमसे ऐसे बात कर रहा हूं। दूर रहो मुझसे बेगैरत इंसान। क्यों डर रही हो मुझसे? [संगीत] अगर दुश्मनी करोगी तो मार डालूंगा मेरा बेटा। मेरे बेटे को हाथ मत लगाना। दफा हो जाओ यहां से। गुम करो इस बुरी शक्ल को। क्या मिला तुम्हें यह सब करके? तुम बहुत खुद इंसान हो। तुम इतने लालची हो कि तुम्हें जिंदगी में सिर्फ पैसा ही चाहिए। अब तुम्हारा और
मेरा कोई ताल्लुक नहीं। गुस्से में और भी अच्छी लगती हो तुम। इन हालात में भी देखो। मैं तुम्हारे पास आ गया हूं। ऐसा सलूक मत करो मेरे साथ। शराफत से चले जाओ। मुझे तुम मजबूर मत करोगे। तुम्हारा नाम ले लूं और फिर जानते हो कि तुम्हारा हश्र क्या होगा। ठीक है। चला जाता हूं। लेकिन यह बात याद रखना तुम्हारी जिंदगी में मेरे अलावा और कोई नहीं आएगा। कामिल का ख्याल रखना। [संगीत] [संगीत]