[संगीत] सुमित भारद्वाज है कह रहे हैं आपके वीडियोस की शुरुआत में और कभी-कभी बीच में भी विज्ञापन एडवर्टाइजमेंट आते हैं तो क्या संस्था ने इन वीडियोस को पैसा कमाने का जरिया बना रखा है सुमित कुछ मूलभूत बातें संस्था पैसा कमा ही नहीं सकती तुमको शायद अभी तक एक लाभ रहित माने नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन और एक फॉर प्रॉफिट कंपनी का अंतर स्पष्ट नहीं है कोई बात नहीं मैं कि देता हूं एक कंपनी खड़ी ही इसलिए की जाती है उसका निर्माण ही इसलिए होता है बनाई ही जाती है मुनाफे के लिए तो वह कुछ काम करती है
जिसमें उसे कुछ आमदनी होती है कुछ खर्चे होते हैं और आमदनी और खर्चे का अंतर है वह क्या कहलाता है बेटा मुनाफा और उस मुनाफे पर वो जो कंपनी है सरकार को टैक्स देती है और टैक्स देने के बाद जितना मुनाफा बच गया वो उस कंपनी के ओनर्स माने शेयर होल्डर्स की जेब में जा सकता है वो चाहे तो निकाल सकते हैं ना चाहे तो पड़ा रहेगा जब आगे कभी निकालना चाहे आगे निकाल सकते हैं ये एक कंपनी होती है ठीक है तुम हमारी बात कर रहे हो संबंध तो हमसे वीडियोस तुमने देखे हैं तभी
ये सवाल उठा रहे हो इसीलिए प्यार से समझा रहा हूं कोई और होता तो अलग तरीके से बात करते एक नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन है हम उसका मतलब यह है कि हम सिर्फ एक तरह के निमित्त मात्र हैं हम माध्यम भर हैं हम अपने लिए कुछ कर ही नहीं सकते कानूनन हमारा क्या काम है काम है लोगों को बताना कि यह चीज इस वक्त समाज में होनी जरूरी है और जिन लोगों को बात समझ में आएगी कि हां यह काम होना जरूरी है उनमें अगर ईमानदारी है तो वह कई तरीकों से हमारी सहायता कर देते हैं
जिनमें आर्थिक सहायता भी शामिल है बात समझ में आ रही है हम कुछ कर रहे हैं और जिन लोगों को यह बात समझ में आती है कि हम जो कर रहे हैं वह समाज के लिए और पूरी दुनिया के लिए जरूरी है वह आर्थिक योगदान देते हैं ठीक है यह सेल्स नहीं हुई है यह आर्थिक योगदान है यह डोनेशन है यह सहायता है यह कंट्रीब्यूशन है तो लोगों ने वह दिया इसमें जो संस्था के लोग हैं उनका क्या काम है उनका काम है कि व पैसा आया है और जिस काम के लिए आया है उस
काम में उस को लगा दो और बचना कुछ नहीं चाहिए और अगर कुछ बच भी गया तो आप उसको निजी तौर पर इस्तेमाल कर ही नहीं सकते संस्था से एक पैसा भी संस्था किसी के निजी इस्तेमाल के लिए खर्च नहीं कर सकती क्योंकि वह जो पैसा आता है व एक ऊंचे उद्देश्य के लिए आता है उसी ऊंचे उद्देश्य में लगेगा और अगर संस्था ने एक पैसा भी किसी के निजी इस्तेमाल के लिए खर्च कर दिया तो यह बात गैर कानूनी हो जाती है बात समझ में आ रही है कंपनी में जब आपको मुनाफा होता है
तो बिल्कुल कानूनी बात है वैध बात है कि आप अगर कंपनी के शेयर होल्डर है तो आप वो मुनाफा अपनी जेब में डाल ले जहां तक संस्था की बात है संस्था में कोई ओनर होता नहीं है संस्था में कोई शेयर होल्डर होता ही नहीं है थोड़ा पढ़ो संस्था में ट्रस्टी होते हैं ट्रस्टी नाम ही कितना सुंदर है ना ट्रस्टी जिन पर यकीन करके लोग डोनेशन देते हैं ट्रस्ट करके डोनेशन दिए कि हमने जो पैसा दिया है वह उसी काम में खर्च होना है जिस काम में उसको खर्च होना चाहिए और ट्रस्टी को अनुमति नहीं है
उस पैसे में से एक पैसा भी अपने घर ले जाने की समझ में आ रही बात कुछ आपको तो यहां पर किसी को मुनाफा हो जाए ऐसी कोई संभावना है नहीं यह ऐसा खेल नहीं चल रहा है कि व पैसा आया और किसी की जेब में चला गया यहां तक कि संस्था में जो लोग काम कर रहे हैं सेवा देने के लिए आए हैं उनको भी जो तन खाहे जाती है वह बहुत न्यूनतम है मिनिमम है इतनी कम है कि तुम्हे अगर पता चलेगा सुमित तो हैरान रह जाओगे कम क्यों है कम इसलिए है ताकि
अधिक से अधिक पैसा सीधे उस काम में लग सके जिस काम के लिए आया है समझ में आ रही है बात तुमको अब विज्ञापन दिखाती है संस्था वीडियोस में इसमें तुमको कुछ आपत्ति हो रही है बेटा आपत्ति हो रही है तो य का कोई पैक वगैरह आता है 200 400 का प्रीमियम बोलते हैं ना उसको हा 0 का आता है वह तुम खरीद लो हमारे वीडियोस में क्या तुम्हें फिर किन्हीं भी वीडियोस में विज्ञापन देखने को नहीं मिलेंगे 0 का कुल पैक खरीदना है तुमको तुम्हारा कुल 0 जाएगा वो 0 बचाने के लिए तुम चाहते
हो कि संस्था विज्ञापन से जो आमदनी हो रही है व पूरी आमदनी छोड़ दे तुम गजब आदमी हो यार अपना तुम 0 नहीं खर्च करना चाहते कि प्रीमियम पैक ले लो और संस्था से कह रहे हो कि इन विज्ञापनों के माध्यम से जो राशि आ जाती है व पूरी राशि आप छोड़ दीजिए एक बात बताओ सुमित तुम समझते भी हो कि कितना बड़ा काम यहां पर चल रहा है तुमने ू वीडियोस की बात करी है मैं उन्हीं के कुछ आंकड़े तुमको बताए देता हूं और इधर उधर की बहुत बातें कर सकता हूं अगर आंकड़े लाना
ही चाहू तो इतनी की आधे घंटे पर य के ही तुम्हें कुछ आंकड़े खोल देता हूं हर दिन दो से 4 लाख लोग हमारे वीडियोस देखते हैं हर दिन अब तक लगभग 10 करोड़ लोग हमारे वीडियोस देख चुके हैं 10000 से ज्यादा वीडियो हैं और यह सब पूरे तरह से निशुल्क है लोग देखे ही जा रहे हैं इनको देखे ही जा रहे हैं देखे ही जा रहे हैं इतने ज्यादा वीडियोस हैं कि ज्यादातर वीडियोस के तो बहुत ज्यादा व्यूज नहीं है पर कुछ वीडियो ऐसे भी हैं जिनके लाखों में भी है व्यूज और मिलियंस में
भी व्यूज है तो खूब देखा है लोगों ने खूब फायदा लिया है और हमारा सौभाग्य है कि हम इस काबिल हो पाए कि हम आपको फायदा दे पाए और हम वरना इतनी मेहनत कर क्यों रहे हैं इसीलिए कर रहे हैं ना कि आपको फायदा मिले तो आप जब मिलियंस में और करोड़ों में कोई वीडियो देखते हो तो यकीन मानो सुमित बेइंतहा खुशी होती है क्योंकि तुम्हारे लिए ही तो यह वीडियो पब्लिश करा था ना भला करा तुमने देखा लेकिन तुमने पैसे की बात उठाई है तो एक आंकड़ा सुन लो और सीट बेल्ट बांध लेना नहीं
उछल पड़ोगे जानते हो देखने वालों में और संस्था को सहयोग देने वालों में अनुपात क्या है माने कितने लोग वीडियो देखते हैं और उन देखने वालों में से कितने लोग हैं जो किसी भी तरीके से हमारे काम को फिर समर्थन देते हैं क्या अनुपात क्या रेशियो होगा वो अनुपात है 5 हज और एक का 500 लोग वीडियो देख रहे हैं उसमें से एक निकल के आ रहा है जो जान रहा है कि ईमानदारी की बात यह है कि अगर मैं इतने वीडियोस देखता हूं तो मैं कुछ सहायता भी करूं तुम एक घटिया पिक्चर देखने जाते
हो और उसका तुम कभी 00 का कभी 0000 का टिकट ले लेते हो आने जाने का खर्चा और पॉपकॉर्न का खर्चा मिलाकर के और तुम्हारे साथ जो बगल में बैठा हुआ है पिक्चर देखने में व सब खर्चा मिलाकर हजार रुपए तुम खर्च कराते हो एक मूवी का और यहां तुमने 10000 वीडियो देख डाले और तुम्हारी अंतरात्मा ने तुम्हें कभी नहीं झकझोरा कि तुम्हें इस मिशन में थोड़ा योगदान देना चाहिए उसकी जगह तुम आक्षेप और लगा रहे हो कि क्या संस्था पैसा बनाना चाहती है विज्ञापन दिखा के संस्था को बहुत अच्छा लगेगा अगर हम विज्ञापन दिखाने
की मजबूरी में ना रहे संस्था के लिए मैं बहुत सम्माननीय हूं संस्था में जो लोग चैनल मैनेज करते हैं और दिल पर पत्थर रख कर के एडवरटाइजमेंट्स को एक्टिवेट करते हैं कौन चाहता है संस्था में कि उसके गुरु के शब्दों से पहले या शब्दों के बीच में कोई विज्ञापन आ जाए तुम्हें क्या लग रहा है हमें बहुत मजे आ रहे हैं विज्ञापन दिखा कर के कि वीडियो चल रहा है चल रहा है चल रहा है और बीच में अचानक किसी व्यर्थ चीज का विज्ञापन आ गया तुम व्यवस्था नहीं देख पा रहे हो और उस व्यवस्था
के पीछे तुम्हारी क्या जिम्मेदारी है उस व्यवस्था में तुम कितने बड़े अपराधी हो यह तुम नहीं देख पा रहे हो उल्टे तुम संस्था पर ताना कस रहे हो फिर से दोहरा रहा हूं ताकि यह बात तुम्हारे मन के भीतर घुस जाए बिल्कुल 500 लोग जब वीडियो देखते हैं तो किसी एक में इतनी ईमानदारी होती है कि वह योगदान दे देता है अभी मैं देख रहा था विकिपीडिया खोलो पिछले एक हफ्ते से तो वह लोग भी आर्थिक सहायता की मांग कर रहे हैं और आर्थिक सहायता की मांग विकिपीडिया को भी इसीलिए करनी पड़ती है क्योंकि उसका
इस्तेमाल तो हर कोई कर रहा है लेकिन मुफ्त आदत लगी हुई है एक रुपए का कोई उनको योगदान देना नहीं चाहता और उन्होंने साफ लिखा कि अरबों में लोग हैं जो हमारा जम करके उपभोग करते हैं लेकिन कोई आकर के सहायता नहीं दे रहा है इसीलिए फिर उन्हें कड़े शब्दों में बोलना पड़ा आपने इतनी बार हमारा देख लिया है और लगता है कि आप काफी हैवी यूजर हैं विकिपीडिया के दीजिए मैंने उनको एक राशि दी भी औरों को भी कहा कि भाई दो जरूरी है अच्छा काम कर रहे हैं लोग बात कुछ समझ में आ
रही है तुम पूछोगे कि संस्था को धनराशि चाहिए ही क्यों अब य की बात चली है तो जरा आगे तक जानी चाहिए एक दो ऐसे भी लोगों के सवाल आते हैं कि 10 जने बैठे हुए हैं और सब 10 की तो नहीं लेकिन कम से कम पांच सात लोगों की रोज जरूरत पड़ती है सिर्फ यह सत्र आयोजित करने के लिए ऐसे ही नहीं रिकॉर्डिंग हो जाती चाहे वीडियो हो चाहे ऑडियो हो और चाहे बाद में उसकी जो एडिटिंग होती है वह काम हो यह सब करने के लिए पेशेवर लोग चाहिए होते हैं प्रोफेशनल स्किल्ड लोग
तुमको क्या लग रहा है ऐसे ही हाथ में मोबाइल फोन लेकर के वीडियो बन जाएगा बन तो जाएगा और पहले मैंने बनाए भी है तुम जाओ 2011 12 13 के वीडियोस देखो कई ऐसे बने हुए हैं पर फिर तुम्हें उसमें दिखाई देंगे 56 व्यूज सा साल में 56 व्यूज मैं तो वीडियो बिल्कुल यह कर सकता हूं कि मोबाइल फोन ऐसे हाथ में लेकर के बनाना शुरू कर दूं पर सुमित तुम ऐसे वीडियोस देखोगे क्या तुम देखो वीडियो तुम्हारी आदतें इतनी खराब हो चुकी है कि तुम देखो वीडियो उसके लिए लाखों का सामान लाकर रखना पड़ता
है समझ में आ रही है बात और जब लाखों का सामान नहीं रखते थे तो उन दिनों में बोल तो रहा हूं ना जाकर पुराने वीडियोस देखना 56 व्यूज आते थे मेरा काम बोलना है या मेरा काम यह सुनिश्चित करना भी है कि मैं बोलूं और तुम देखो भी कहो मेरा मिशन क्या है सिर्फ बोलते रहना मैं दीवारों से बोलता रहूं और अगर मेरा मिशन यह है कि मैं बोलूं और तुम सुनो भी मेरी आवाज जनमानस तक दूर दूर तक पहुंचे तो कहो मुझे उसके लिए पैसा चाहिए कि नहीं चाहिए और जब मैं कह रहा
हूं मुझे तुम्हारे संस्था को अपनी जेब में नहीं डालूंगा अगर व्यक्तिगत मुझे लाभ ही करना होता पैसे का ही काम करना होता तो उसके लिए बहुत रास्ते थे आज से 15 साल पहले 152 साल पहले वोह रास्ते बहुत पीछे छोड़ दिए और बहुत खेद की बात है अशोभनीय बात है कि आज भी ऐसे सवाल आते हैं और मुझे स्पष्टीकरण देना पड़ता है समझ में आ रही बात तुम ऐसे हो क्या सुमित कि तुम खुद य पर सर्च करते अद्वैत वेदांत नहीं तुम अगर सब्सक्राइबर हो हमारे चैनल के तो ज्यादा संभावना यही है कि तुम हमारा
विज्ञापन देख कर के आए हो तुम कह सकते हो विज्ञापन देने की जरूरत क्या है विज्ञापन हम देते हैं और संस्था के आकार के अनुपात में विज्ञापनों पर भारी खर्चा होता है क्यों देते हैं विज्ञापन विज्ञापन देने पर भी बहुत लोग आक्षेप ही नहीं करते गालियां देते हैं विज्ञापन इसलिए देते हैं क्योंकि तुम ऐसे नहीं हो कि हम विज्ञापन ना दे तो तुम खुद हमें खोज लो तुम्हारी जिम्मेदारी है कि तुम हमें खोजो पर तुम अपनी जिम्मेदारी नहीं पूरी कर पाओगे क्योंकि तुम्हें यही नहीं पता कि तुम्हें हमारी जरूरत है तुम्हें यही नहीं पता कि
तुम कितने बीमार हो तुम्हें यही नहीं पता कि तुम को डॉक्टर को खोजना चाहिए तो तुम आओगे ही नहीं हमें खोजने तुम हमें नहीं खोज पाओगे इसलिए हम मेहनत करके तुम्हारे दरवाजे तक आते हैं और उसके लिए विज्ञापन चाहिए कोई घटिया चीज हम कर रहे होते तो वोह बहुत आगे बढ़ जाती अपने आप जितना घटिया काम हो उसके वायरल होने की भी संभावना बन जाती है ट्रेंडिंग करने लग जाता है आज विनोद ट्रेंड कर रहा है एक से एक मूर्खतापूर्ण चीजें ट्रेंड कर जाती हैं मैं जो बात कह रहा हूं वो क्या ट्रेंड कर जाएगी
अरे छोड़ो दूसरों को तुम बताओ ना मुझे सुमे तुमने कितनी बार मेरे वीडियोस शेयर करे हैं खुल्लम खुल्ला कैसे ट्रेंड कर जाएगा झूठी चीज व्यर्थ की चीज मक्कारी की चीज दो कौड़ी की चीज हर बंदा दूसरे से शेयर कर रहा होता है मैं जो बात कह रहा हूं तुम्हारी हिम्मत है दूसरों से शेयर करने में बोलो जब तुम मेरी बात खुद दूसरों तक पहुंचाओ ही नहीं तो फिर मेरी बात को संस्था को ही दूसरों तक पहुंचाना पड़ेगा ना और संस्था उस बात को दूसरों तक पहुंचाए इसके लिए विज्ञापनों में खर्च करना पड़ता है उसके लिए
राशि चाहिए बेटा समझ में आ रही है बात लेकिन यहां जो हो रहा है वह इतना अलग है इतना अजीब है कि तुम्हारी कल्पना से बाहर है तुम विज्ञापन देखते हो जूते का तुम विज्ञापन देखते हो लॉलीपॉप का तुम विज्ञापन देखते हो चिकन का तुम विज्ञापन देखते हो कार का तो तुम्हारी आदत यह हो गई है सोचने की कि विज्ञापन तो तुम्हें वही दिखाएगा जो तुमसे मुनाफा वसूलना चाहता है है ना तुमने विज्ञापन देखा नहीं कि तुरंत तुम्हारे मन में यह बात आ जाती है कि मुझे कोई चीज बेचने की कोशिश की जा रही है
कैसे बंद बुद्धि हो कि यह नहीं पूछते कि अगर मैं तुम्हें विज्ञापन दिखा रहा हूं पूरा एक वीडियो दिखा रहा हूं तो उसमें मैंने तुम्हें बेच क्या दिया बेच दिया या विज्ञापन के माध्यम से तुमको तोहफा दे दिया दूसरों के विज्ञापन तुमको ललचा के लिए एक जाल की तरह होते हैं एक ट्रेलर मात्र होते हैं और संस्था जो विज्ञापन देती है उसमें पूरे पूरे वीडियो होते हैं लो देख लो विज्ञापन यह विज्ञापन किसी के व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं है यह विज्ञापन भी जगत को हमारा तोहफा है और भूलना नहीं सुमित की तुम भी शायद
हमारे पास कोई विज्ञापन ही हमारा देख कर के आए हो अन्यथा आ नहीं पाते ना तो हम नग्नता अश्लीलता बेचते हैं ना हम धर्म के नाम पर अंधविश्वास और जादुई शक्तियां और काला जादू और टोना टोटका बेचते हैं ना हम कोई राजनैतिक उत्तेजना फैलाना चाहते हैं ना इधर उधर की कोई भी हम व्यर्थ बात करते हैं जब हम यह सब कुछ करते ही नहीं तो कोई हमारे पास स्वेच्छा से क्यों आएगा बोलो आएगा कोई नहीं आता स्वक्षा से लोगों तक हमें जबरदस्ती पहुंचना पड़ता है आग्रह कर कर के पहुंचना पड़ता है लोग हमें दुत काते
रहते हैं फिर भी बार-बार उन तक पहुंचना पड़ता है और लोगों तक पहुंचने के लिए संस्था पैसा खर्च करती है कमा नहीं रही है खर्च कर रही है दूसरे अगर विज्ञापन देते हैं तो उससे कमाते हैं हम विज्ञापन देते हैं तो हम उससे खर्च करते हैं भाई अंतर समझो हमारा विज्ञापन देना भी समाज सेवा है हमारा जो विज्ञापन है वह अपने आप में एक पूरा पैकेज है बस तुम विज्ञापन ही देख लो तुम्हारा काम हो जाएगा उस विज्ञापन के माध्यम से यह नहीं कहा जा रहा कि पिक्चर तो तीन घंटे की है पर ट्रेलर 3
मिनट का है न मिनट का ट्रेलर बफ देख लो पर पिक्चर देखनी है 00 खर्च करो हमारा विज्ञापन ऐसा नहीं है हमारा पूरा वीडियो ही विज्ञापन बन जाता है लो देखो और तुमसे कुछ मांगा नहीं जा रहा बस देख लो यह समाज सेवा है और तुम्हें बात समझ में नहीं आ रही क्योंकि तुम्हारा हमारे जैसे किसी से कभी पाला ही नहीं पड़ा तो तुमने मन में धारणा बैठा ली है कि जो भी व्यक्ति समाज में कुछ भी कर रहा है या ट्यूब पर कुछ कर रहा है वह जरूर अपने निजी मुनाफे के लिए ही कर
रहा होगा हमें भी देखते हो तुरंत तुम्हारे मन में ऐसी बात उठ जाती है मैं समझता हूं मैं तुम पर कोई नाराज वगैरह नहीं हूं दुनिया की जो हालत है उसको देखते हुए तुम्हारे मन में हमको लेकर के भी यह आशंका आती है संदेह आता है बात जायज है लोग हैं ही ऐसे दुनिया में पर काम और काम में सुमित अंतर करना सीखो हम तुम्हारी ओर आज तक जितने हाथ बड़े हो हो सकता है तुम्हें नोचने खसने और घायल करने के लिए बढ़े हो इसका मतलब यह नहीं है कि जब भी तुम्हारी ओर कोई हाथ
बढ़ेगा तुमको नुकसान पहुंचाने के लिए बढ़ेगा तुम्हारी ओर सहायता करने के लिए भी हाथ बढ़ सकता है तुम्हारी ओ दोस्ती में भी हाथ बढ़ सकता है इतना आश्वासन दे देता हूं कि हमारा हाथ तुम्हारी ओर इसलिए नहीं बढ़ रहा कि तुम्हारा कुछ नुकसान कर दे बाकी तुम्हारी समझदारी पर है कहने वाले तो रोज कहते हैं जबरदस्त तरीके के आक्षेप आते हैं इल्जाम आते हैं टनो गालियां आती है रोज वह सब आपको दिखाई नहीं पड़ती होंगी कमेंट सेक्शन में ना य में ना फसबुक में क्योंकि स्वयंसेवक बेचारे लगे ते रात में भी लगे रहते हैं कि
गालियां वगैरह आए तो उनको हटा दे मैं सोच रहा उनसे कह दूं कि हटाया मत करो ताकि दुनिया को पता तो चल जाए कि यह दुनिया चीज क्या है कि लोग कैसे हैं कि भगवत गीता पर भी अगर कोई सत्र होगा तो उसके नीचे वाहियात से वाहियात गालियां लिखेंगे लोग ऐसी है यह दुनिया और चूंकि य दुनिया ऐसी है इसीलिए और जरूरी हो जाता है कि हम वह काम और ज्यादा शिद्दत के साथ करें जो हम कर रहे हैं और हम करते रहेंगे हम करते रहेंगे तुम्हें बात समझ में आ जाए बहुत अच्छी बात है
तुम्हें बात नहीं भी समझ में आ रही है तो हम तो लगे ही रहेंगे [संगीत]