[संगीत] क्रिस्टियानो रोनाल्डो को कौन नहीं जानता फुटबॉल की दुनिया में उनका एक बड़ा नाम है उन्होंने अपनी एक स्पीच में नौजवान लड़कों और लड़कियों के लिए वह लोग जो अपनी जिंदगी में कामयाब होना चाहते हैं आगे बढ़ना चाहते हैं उन नौजवानों के लिए उन्होंने एक स्पीच की उनकी वह स्पीच जो कि इंग्लिश में थी उर्दू जुबान में मैं आपके लिए लेकर आया हूं ताकि उर्दू बोलने और समझने वाले ज्यादा से ज्यादा लोगों तक उनका पैगाम पहुंच सके इंटरव्यू लेने वाले ने रोनाल्डो से पूछा कि आप क्या समझते हैं आपके अंदर क्या ऐसी चीज है जो
आपको दूसरों से अलग करती है दूसरों से कामयाब बनाती है क्या ऐसी चीज है जो आप समझते हैं कि आपकी कामयाबी की बुनियाद है नौजवानों को नौजवान लड़कों को खिलाड़ियों को आप क्या एडवाइस देना चाहते हैं आप उनकी रहनुमाई के लिए क्या कहना चाहेंगे रोनाल्डो ने कहा कि कुर्बानी दिए बगैर आप कुछ नहीं कर सकते कुछ भी नहीं जीत सकते मैं एक अच्छा खिलाड़ी हूं लेकिन मेरे ख्याल में मेरी बुनियादी ताकत मेरी सबसे अहम ताकत मेरा दिमाग है मेरे ख्याल में मेरा सबसे स्ट्रांग पॉइंट मेरा माइंड है कामयाब होने के लिए आपको चाहिए होता है
एफर्ट डेडिकेशन और हार्ड वर्क कोशिश करना किसी काम में खुद को झोंक देना और सख्त मेहनत करना क्योंकि टैलेंटेड होना बा सलाहियत होना मुकम्मल तौर पर काफी नहीं होता अगर आप अपना 100 फीसद नहीं देते अपनी 100 फीसद सलाहियत इस्तेमाल नहीं करते तो आप वहां कभी नहीं पहुंच पाएंगे जहां आप पहुंचना चाहते हैं मिसाल के तौर पर आप घर पहुंचते हैं खाना खाते हैं जल्दी-जल्दी थोड़ा सा आराम करते हैं उठ जाते हैं अपने बच्चों के साथ खेलते हैं और मुझे जिम जाना होता है कम से कम 30 से 40 मिनट लेकिन आखिर पर यही चीज
फर्क पैदा करती है और अगर आप यह नहीं करते तो आपने एक दिन मिस कर दिया और अगर आप अगला दिन भी मिस कर देते हैं तो मतलब आपने दो सेशन मिस कर दिए और मैं जानता हूं कि आखिर पर यही चीज बहुत बड़ा फर्क पैदा करती है इसी वजह से मैं 34 का हूं लेकिन 28 का लगता हूं जब मैं 12 साल का था तो बहुत से लोग मुझे बताया करते थे कि क्रिस्टियानो तुम बड़े काबिल प्लेयर हो बड़ा टैलेंट है तुम्हारे पास लेकिन तुम बड़े दुबले पतले हो कमजोर हो और मैंने यह चीज
यह बात अपने जहन में बिठा ली कि जिस्म जो है ना इसको तो इंप्रूव किया जा सकता है जिम जाओ जान लगाओ मेहनत करो तो आपके जिस्म की शेप बेहतर हो जाएगी सो मैंने अपने आप को बेहतर किया अपने आप पर काम किया तो आपको काम करना ही पड़ेगा मेहनत करनी ही पड़ेगी और मैं यह हरर रोज करता हूं इसीलिए इतने सालों से मैं टॉप लेवल पर हूं यह कोई इत्तफाक या हाद साती तौर पर नहीं हुआ यह इसलिए है क्योंकि मैंने दूसरों से कुछ ज्यादा किया ज्यादा मेहनत की आज मैं जो भी हूं वह
अपने काम के उसूलों काम की खलाक यात की वजह से हूं आपके जहन में यह बात हमेशा होनी चाहिए कि हर काम के असूल होते हैं खलाक यात होती है वैल्यूज होती हैं जब आप एक प्रोफेशनल हो तो आपको यह करना पड़ता है इसलिए पहले दिन से ही जब मैंने फुटबॉल खेलना शुरू किया 15 16 या 17 साल की उम्र में तो मेरे जहन में यही एक असूल था कि मुझे सबसे बेहतर बनना है सख्त ट्रेनिंग करनी है तजुर्बा का सीनियर खिलाड़ियों से सीखना है और यह सही है कि मेरे ख्वाब सच होते रहे हैं
मैं एक प्रोफेशनल फुटबॉल प्लेयर बन गया हूं मैं दुनिया के बेहतरीन क्लब्स की तरफ से खेला हूं मैं सबसे अहम ट्रॉफी जीत चुका हूं और मैं इस मुकाम पर आकर खुश भी हूं लेकिन यह सारा कुछ यह सारी दौलत इज्जत शोहरत यह कोई आसमान से नहीं गिरी यह सब कुछ हासिल करने के लिए मैंने अपने आप को वक्फ कर दिया है अपनी पूरी सलाहियत से दिन रात मेहनत की है और अभी भी कर रहा हूं सिर्फ इसी वजह से ही मैं यह गोल्स अचीव कर सका और य सब कुछ हासिल कर सका यह सब कुछ
मुझे मेरी लगन और सख्त मेहनत की वजह से मिला है यह जो जनरेशन है आज की यह नौजवान नस्ल है यह इन सब चीजों के बारे में इतना नहीं जानती इनको अहमियत नहीं देती क्योंकि इनको तो सब कुछ आसानी से मिल गया है इनके पास कंप्यूटर्स हैं इनको अच्छा खाना उनके टेबल पर ही मिल जाता है इनको इस सब के लिए कोई कुर्बानी नहीं देनी पड़ी वह जो भी हासिल करना चाहते थे थे काफी कुछ उनको पहले ही मिल चुका है जीत के लिए कुर्बानी देना और जीत का जुनून रखना मेरे सफर का अहम हिस्सा
है जब मैं कामयाबी की अपनी कामयाबी की बात करता हूं तो मैंने इसके लिए मेहनत की है क्योंकि टैलेंट का होना ही काफी नहीं होता मैंने कामयाबी के लिए इतनी लगन और मेहनत से काम किया है कि वह अब मेरी जात का हिस्सा बन चुकी है और जिंदगी में हर रोज कुछ नया सीखो नया सोचो नया करो लर्न [संगीत] करो