स्टडी आईक्यू आईएस अब तैयारी हुई अफोर्डेबल नमस्कार दोस्तों दोस्तों फाइनली यूनियन बजट फॉर 2025 26 यह रिलीज हो चुका है और आपने देखा होगा पिछले कुछ दिनों से लगातार चर्चा हो रही थी कि सरकार क्या मिडिल क्लास का ध्यान रखेगी कि नहीं क्योंकि यहां पर सब्सिडीज तो दे दी जाती हैं गरीब व्यक्तियों को यहां पर जो कॉरपोरेट्स हैं जो कंपनीज हैं उनको काफी सारे बेनिफिट्स दिए जाते हैं बट व्हाट अबाउट मिडिल क्लास और देखिए यहां पर जो इनकम टैक्स लैब है है आई एम श्योर आपने सुना होगा एक बहुत बड़ा बदलाव किया गया एक लंबे
समय के बाद आप कह सकते हैं कि इनकम टैक्स में जो एजेंशिया तो इसकी शुरुआत करते हैं लेकिन स्टार्टिंग में क्या होता है सुबह-सुबह सबसे पहले जो फाइनेंस मिनिस्टर हैं वो नॉर्थ ब्लॉक पहुंचती है जो फाइनेंस मिनिस्ट्री है वहां पर पहुंचती है जो ऑफिशियल हैं उनसे बातचीत करती हैं और आप देख सकते हो सुबह-सुबह की ये फोटो है निर्मला सीतारमन जी की फिर यहां से जो है वो जाती हैं राष्ट्रपति भवन लेकिन उसके पहले क्या होता है कि जो पूरा बजट डॉक्यूमेंट है वो पार्लियामेंट पहुंच जाता है और आप देख सकते हो यहां पर फाइनली
जो राष्ट्रपति भवन है पास में ही वहां पर निर्मला सीतारमन जी ऑफिशियल के साथ जाती हैं और क्योंकि देखिए मैंडेटरी भी हो जाता है कि यहां पर जो राष्ट्रपति है प्रेसिडेंट हैं उनसे आपको अप्रूवल लेना होता है और आजकल ट्रेडीशन भी हो गया आपने देखा होगा जब भी यहां पर मुरमू जी के पास जाती हैं निर्मला सीतारमन जी तो यहां पर दही चीनी एक प्रकार से शुभ माना जाता है तो वो खिलाया जाता है फिर वहां से पार्लियामेंट पहुंचती हैं करीब 10:00 बजे के आसपास निर्मला सीतर मन जी और आप देख सकते हो यहां पर
पूरा फोटो ऑप्स होता है और फाइनली पार्लिमेंट में उनके द्वारा बजट पेश किया जाता है देखिए इसकी शुरुआत करते हैं लेकिन उसके पहले मैं आप सबको बता दूं कि आप में से जो भी लोग यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं हमारा जो फाउंडेशन बैच है दोस्तों वो आप ले सकते हो और इसके अंदर सबसे खास बात ये होता है कि आपको एंड टू एंड प्रिपरेशन कराई जाती है मतलब प्रीलिम्स मेंस इंटरव्यू सब कुछ की तैयारी आपको मिल जाएगा चाहे मेंस रेसिडेंशियल प्रोग्राम हो इसके अंदर वन टू वन मेंटरशिप हो और सबसे खास बात यह है
कि अगर आप यह बैच लेते हो और सिर्फ प्रीलिम्स को भी क्रैक कर लेते हैं तो यहां पर पूरा का पूरा फीस भी आपको रिफंड कर दिया जाता है चाहे 2026 की तैयारी कर रहे हो 2027 की ये आप ले सकते हैं और इसमें हर महीने एक टेस्ट होता है जिसके अंदर कैश रिवॉर्ड भी आप जीत सकते हो बस आपको करना क्या है लिंक दिया है कमेंट सेक्शन में यूज़ करना है यह कोड अंकित लाइव ताकि आप मैक्सिमम डिस्काउंट के साथ इन बैच को ले सकें और इसके अलावा दोस्तों यहां पर मैं आपको बता दूं
कि अगर आप कोई भी एमसीक्यू अटेंप्ट करना चाहते हैं तो मेरे ा पेज पर जा सकते हैं वहां पर स्टोरीज में जितने भी एमसी क्यूज हैं उसको भी आप अटेंप्ट कर पाएंगे तो चलिए शुरुआत करते हैं देखिए स्टार्टिंग के पहले यहां पर मैं आपको कुछ कांस्टीट्यूशनल प्रोविजंस भी बताना चाहता हूं बजट से रिलेटेड हमारे संविधान के अंदर आर्टिकल 266 में लिखा हुआ है कि अगर कंसोलिडेटेड फंड ऑफ इंडिया में से कोई भी पैसा सरकार को निकालना है तो पार्लियामेंट की इजाजत लेनी पड़ती है जहां तक सवाल है कि बजट जो है क्या यह शब्द मेंशन
है हमारे संविधान में जी नहीं हमारे कांस्टिट्यूशन में एक्चुअली एनुअल फाइनेंशियल स्टेटमेंट ये लिखा हुआ है और कांस्टिट्यूशन के अंदर आर्टिकल 112 से लेकर 117 के बीच में ये सारी चीजें आपको देखने को मिलेंगी अच्छा यहां पर बजट इतना मायने क्यों रखता है देखिए बहुत इंपॉर्टेंट है क्योंकि अल्टीमेटली जब हम बात करते हैं ना बजट की तो आप आम भाषा में भी कहते होंगे ना तुम्हारा बजट क्या है अगर आप कहीं पर जा रहे हो तो तुम्हारा बजट क्या है हम कहते हैं ऐसा उसी प्रकार से सरकार इस वित्तीय वर्ष में ये जो आगे आने
वाला वित्तीय वर्ष है 1स्ट अप्रैल 2000 25 से लेकर 2026 तक 31 मार्च तक यहां पर सरकार का क्या बजट है सरकार कहां पर कितना खर्च करेगी इसी की वजह से ये मायने रखता है और क्योंकि डायरेक्टली लोगों के लाइफ पर इंपैक्ट करता है इसलिए सभी लोगों का ध्यान इसके ऊपर होता है साथ ही साथ मैं आपको यह भी बता दूं कि यहां पर कौन जिम्मेदार होता है बजट बनाने के लिए तो देखिए फाइनेंस मिनिस्ट्री के अंदर जो डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स है उसके अंदर आता है बजट डिवीजन जो इस पूरे बजट को तैयार करती
है यहां पर एक और इंटरेस्टिंग चीज है जानना चाहते होंगे लोग कि यहां पर सबसे ज्यादा जो बजट है वो किसके द्वारा अभी तक पेश किया गया देखिए मुरारजी देसाई ने अभी तक टोटल 10 बजट पेश किए हैं लेकिन ध्यान रखिएगा उन्होंने जो बजट पेश किए हैं वो टुकड़ों में किए हैं मतलब कि पांच बजट एक साथ कर दिया फिर दो बजट फिर एक बजट इस तरह से लगातार आठ बार बजट पेश करने वाली इकलौते जो पर्सन है महिला है निर्मला सीतारमन जी उन्होंने कंटीन्यूअसली लगातार आठ बार बजट पेश किया है अभी तक उनका रिकॉर्ड
सेवन का था अब वो थर्ड हाईएस्ट बन जाएंगी इस नंबर पे फिर पी चितम नम भी आते हैं है यहां पर नाइ नौ बार उन्होंने बजट पेश किया हुआ है और साथ ही साथ एक और इंटरेस्टिंग फैक्ट मैं आपको बता दूं सबसे लांगेस्ट बजट अभी तक का यह 991 वाला ही था जब एक बहुत ही इंपॉर्टेंट चेंज आया था एलपीजी रिफॉर्म्स आए थे इसमें अगर आप वर्ड्स देखोगे मनमोहन सिंह जी ने 18000 वर्ड से ज्यादा यूज़ किया था फिर इसके अलावा अगर हम टाइम के हिसाब से देखें सबसे लांगेस्ट बजट तो व निर्मला सीतारमन जी
का ही है वो 2020 का जो बजट था जब उन्होंने प्रेजेंट किया था ये सबसे लांगेस्ट था तो चलिए अब यहां पर देखते हैं कि फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमन जी ने इस बार के बजट में क्या किया है ध्यान रखिएगा जब मैं ये बजट की बात कर रहा हूं तो हम बात कर रहे हैं फाइनेंशियल ईयर 2025 26 की मतलब आगे आने वाला जो वित्तीय वर्ष है 1स्ट अप्रैल से लेकर 31 मार्च तक इसमें सरकार क्या करने वाली है तो देखिए यहां पर जब निर्मला सीतारमन जी ने अपना बजट का स्पीच स्टार्ट किया तो उन्होंने
एक्चुअली यहां पर यह कहा कि सरकार का अभी तक जो एफर्ट रहा है इन चीजों के अंदर उसको हम और बढ़ाएंगे और वो कौन-कौन सी चीजें हैं ग्रोथ के ऊपर फोकस करना इंक्लूसिव डेवलपमेंट लेकर आना प्राइवेट इन्वेस्टमेंट हो गया हाउसहोल्ड सेंटीमेंट को और ज्यादा अपलिफ्ट करना साथ ही साथ यहां पर जो स्पेंडिंग पावर है भारत के मिडिल क्लास की उसको और ज्यादा एनहांस करना तो इसी के ऊपर सरकार फोकस करने वाली है और देखिए यहां पर चार शब्दों का उन्होंने इस्तेमाल किया जो कि फाइनेंस मिनिस्टर के स्पीच में काफी इंपॉर्टेंट रही हैं और वो है
गरीब यूथ युवक साथ ही साथ अन्नदाता बेसिकली फार्मर्स और नारी महिलाएं तो ये चार लोगों के ऊपर काफी ज्यादा फोकस किया गया है इस पूरे बजट के अंदर साथ ही साथ उन्होंने उन्होंने एक और चीज बोला निमला सीतारमन जी ने कि देखिए ग्लोबली इस समय बहुत सारे इश्यूज चल रहे हैं उसके बावजूद भी यहां पर भारत बाकी डेवलपिंग कंट्रीज में सबसे ज्यादा हाईएस्ट ग्रोथ अचीव कर रहा है रिसेंटली आपने देखा होगा जीडीपी ग्रोथ में यहां पर गिरावट हुई है कल इकोनॉमिक सर्वे भी आया था उसमें रेंज दिया गया कि 6.3 से लेकर 6.7 पर के
बीच में ग्रोथ रह सकती है मतलब पहले के मुकाबले थोड़ा सा ग्रोथ गिरा है लेकिन निर्मला सीताराम जी का कहना है दैट इज बिकॉज़ ऑफ जियोपोलिटिकल टेंशंस जिसकी वजह से ये इंपैक्ट आया है लेकिन साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा है कि हमारा जो एस्पिरेशन है विकसित भारत का वो कहीं ना कहीं हमें इंस्पायर करता है कि हम और ज्यादा काम करें और पहले से और तेजी से बढ़कर अपने देश को डेवलप्ड कंट्री की तरफ ले जाएं और इसीलिए अगले 5 साल बहुत इंपॉर्टेंट होने वाले हैं सबका विकास के लिए अच्छा जब यहां पर
बार-बार वो विकसित भारत की बात कर रही थी तो उन्होंने इस चीज को एक्सप्लेन किया कि आखिरकार ये विकसित भारत के अंदर क्या-क्या चीजें आएंगी तो देखिए उन्होंने ये ये कुछ पांच चीजें बताई हैं पांच छह चीजें बताई हैं जो कि विकसित भारत के अंदर आने वाली हैं सबसे पहला है देश में कोई भी गरीबी ना रहे जीरो पॉवर्टी रहे उसको हम विकसित भारत कहेंगे यहां पर 100% क्वालिटी एजुकेशन मिले स्कूल्स में उसको हम विकसित भारत कहेंगे यहां पर जो स्किल लेबर है हमारे देश में वो 100% हो मतलब एंप्लॉयमेंट मीनिंगफुल हो उसको हम विकसित
भारत कहेंगे हाई क्वालिटी हेल्थ केयर बेसिकली मेडिसिंस ये सारी चीजें लोगों को मिले 70 पर महिलाएं भारत की अर्थव्यवस्था में कंट्रीब्यूट करें उसको विकसित भारत कहेंगे मतलब जो वमन लेबर फोर्स पार्टिस पि पेशन रेट है उसको बढ़ाया जाएगा साथ ही साथ जो फार्मर्स हैं वो हमारे देश को और तेजी से बढ़ा सकते हैं उनको एनहांस किया जाए उसको हम विकसित भारत कहेंगे तो ये छह चीजों को लेकर उन्होंने विकसित भारत कहा है और साथ ही साथ ये बताया है कि ये छह डोमेन ऐसे होंगे जहां पर बजट का फोकस होने वाला है एक है आपका
टैक्सेशन वो सब कुछ मैं आपको वीडियो में बताऊंगा पावर सेक्टर हो गया अर्बन डेवलपमेंट हो गया माइनिंग हो गया फाइनेंशियल सेक्टर रेगुलेटरी रिफॉर्म्स यहां यहां पर बजट का फोकस होने वाला है और इसको बेसिकली 10 ब्रॉड एरियाज में बांटा गया है जैसे कि एग्रीकल्चर ग्रोथ कैसे होगी यहां पर जो बिल्डिंग रूरल प्रोस्पेरिटी है वो कैसे बढ़ाया जाएगा साथ ही साथ इंक्लूसिव ग्रोथ का पाथ बजट में बोला गया है मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट किया जाएगा एमएसएमई को सपोर्ट किया जाएगा जो एंप्लॉयमेंट लेड डेवलपमेंट है वो सरकार फोकस करेगी साथ ही साथ जो लोग हैं इकोनॉमी है इनोवेशन
है उसपे सरकार इन्वेस्ट करेगी इसके अलावा एनर्जी सप्लाईज हो गया एक्सपोर्ट को प्रमोट करेगी और जो इनोवेशन है उसको ज्यादा बढ़ावा मिलेगा तो बेसिकली जो मैं अब आपको यहां से बताऊंगा उसमें ये सारी चीजें कवर होने वाली हैं कि सरकार इन इन एरियाज में क्या करेगी तो देखिए सबसे पहले यहां पर एग्रीकल्चर ग्रोथ में सरकार क्या करने वाली है रूरल प्रोस्पेरिटी के लिए क्या करने वाली है तो यहां पर उनके द्वारा कई सारे चीजों के बारे में बताया गया सबसे पहला यहां पर जो योजना स्टार्ट की जा रही है वो है प्रधान मंत्री प्राइम मिनिस्टर
धन धन्य कृषि योजना बेसिकली इसके अंदर क्या होगा कि जो एग्र एग्री डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम है वो डेवलप किए जाएंगे 100 डिस्ट्रिक्ट देश के अंदर लगभग 100 जो डिस्ट्रिक्ट्स हैं वहां हां पर 1.7 करोड़ फार्मर्स को हेल्प किया जाएगा तो 100 डिस्ट्रिक्ट को इसका फायदा मिलने वाला है साथ ही साथ यहां पर कॉटन प्रोडक्टिविटी के लिए सरकार पांच ईयर का जो मिशन है वो स्टार्ट कर रही है जिसमें प्रोडक्टिविटी बढ़ाई जाएगी कॉटन में एक तरह से बढ़ावा किया जाएगा इसके अलावा आपको पता होगा बिहार में मखाना मखाना आई एम श्योर आप सब में से कई लोगों
ने खाया होगा सफेद रंग का होता है काफी लाइट होता है काफी पोस्टिक भी होता है न्यूट्रिशस होता है तो यहां पर मखाना को बढ़ाने के लिए बिहार में और बिहार में काफी प्रोडक्शन होता है इसका तो इसके लिए प्रोडक्शन प्रोसेसिंग उसको फर्द इंप्रूव की जाएगी फिर इसके अलावा यहां पर किसान क्रेडिट कार्ड आपको पता होगा सरकार पिछले कई वर्षों से इसको चला रही है जिसमें जो किसान है वो शॉर्ट टर्म लोन ध्यान रखिएगा ये शॉर्ट टर्म लोन के लिए होता है वो अपने किसान क्रेडिट कार्ड से ले सकते हैं तो यहां पर इसको फर्द
बढ़ाकर 7.7 करोड़ फार्मर्स तक पहुंचाया जाएगा जिसमें फिशरमैन डेरी फार्मर्स ये सब आएंगे और जो लोन का अमाउंट है इसको बढ़ाकर ₹ लाख कर दिया जाएगा फिर इसके अलावा एग्रीकल्चर में एक और चीज बोला गया है कि जो हाई डिंग सीट्स होता है वो भी यहां पर फर्द फोकस किया जा रहा है हाई हील्ड हील्ड जो सीट्स हैं उसको ज्यादा प्रमोट करेगी सरकार ताकि किसानों का जो उत्पादन है वह ज्यादा से ज्यादा हो सके नेक्स्ट अब हम आते हैं पल्सेस के ऊपर कि सरकार यहां पर जो पल्सेस हैं अलग-अलग जैसे तूर हो गया उरद हो
गया मसूर हो गया इन सबके ऊपर सरकार का बहुत स्पेशल फोकस होने वाला है 6 साल का यह पूरा मिशन चलाया जाएगा ताकि हम आत्मनिर्भर बन सके हमें बाहर से पल्सेस मंगाना ना पड़े वैसे मैं आपको बता दूं दुनिया में में सबसे ज्यादा पल्सेस का प्रोडक्शन और कंजंक्शन इतना ज्यादा होता है जिसकी वजह से हमें इंपोर्ट कराना पड़ता है जिसकी वजह से हमारा डॉलर्स वगैरह जाता है तो इसको लेकर यहां पर सरकार का कहना है कि जो कमर्शियल अवेलेबिलिटी है रेजिल सीड्स का बेटर क्वालिटी की जो पल्सेस सीड्स होते हैं वो प्रोवाइड करेगी सरकार प्रोटीन
कंटेंट उसको एनहांस करेगी प्रोडक्टिविटी को बढ़ाएगी पोस्ट हार्वेस्ट जो स्टोरेज है पल्सेस का वो बढ़ाया जाएगा फिर इसके अलावा यहां पर एक और सरकार ने बोला निमला सीतारमन जी ने कि जो इंडिया पोस्ट है जो हमारा डाकखाने हैं व बहुत इंपॉर्टेंट रोल प्ले करेंगे रूरल इकोनॉमी के डेवलपमेंट के लिए जैसे कि यहां पर जो इंस्टीट्यूशनल अकाउंट सर्विसेस हैं डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर कैश आउट ये सारी चीजें और फर्द एनहांस की जाएगी जो क्रेडिट सर्विसेस होता है माइक्रो एंटरप्राइजेस के लिए छोटे-छोटे जो बिजनेसेस होते हैं वहां पर और कैसे उनको और क्रेडिट दिया जाए इसके अलावा इंश्योरेंस
असिस्टेंट डिजिटल सर्विसेस ये सब कुछ यहां पर इंडिया पोस्ट के माध्यम से और ज्यादा किया जाएगा तो ये हो गया एग्रीकल्चर का बात नेक्स्ट आते हैं हम एमएसएमई दैट इज माइक्रो स्मॉल मीडियम एंटरप्राइज और साथ ही साथ मेक इन इंडिया कैसे हो सकता है देखिए यहां पर एक बहुत बड़ा अनाउंसमेंट किया गया है जैसे कि आपने सुना होगा फार्मर्स के लिए किसान क्रेडिट कार्ड लाया गया उसी प्रकार से जो छोटे-छोटे बिजनेसेस हैं उनको भी क्रेडिट कार्ड दिए जाएंगे यहां पर मकसद यही है कि जो कस्टमाइज्ड क्रेडिट कार्ड है जिसकी लिमिट ₹5000000 लिमिट तक की क्रेडिट
कार्ड दी जाएगी और पहले साल में 10 लाख ऐसे क्रेडिट कार्ड इशू किए जाएंगे तो यह इसीलिए किया जा रहा है कि जो छोटे-छोटे बिजनेसेस होते हैं उनको कोई भी तुरंत क्रेडिट की आवश्यकता होती है तो वह हाई इंटरेस्ट पर कहीं और ना जाएं वो इसी क्रेडिट कार्ड के माध्यम से पैसे ले सकें और उसको रिटर्न कर सकें फिर नेक्स्ट यहां पर बोला गया है कि जो फर्स्ट टाइम एंटरप्रेन्योर स्केड्यूल ट्राइब्स हैं इन तीनों कैटेगरी के लिए जो 5 लाख फर्स्ट टाइम करोड़ तक का लोन देगी 2 करोड़ तक का लोन देगी अगले 5 साल
के लिए तो यह भी एक बहुत इंपॉर्टेंट स्टेप है ताकि और ज्यादा भागीदारी हो फिर इसके अलावा यहां पर जो मैन्युफैक्चरिंग मिशंस है ताकि जैसे मान लो अ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस हो गया इसके अलावा फ्यूचर रेडी वर्कफोर्स हो गया ताकि हमारे देश में मैन्युफैक्चरिंग जो है और ज्यादा बढ़े उसको लेकर सरकार फोकस करने वाली है इसके साथ-साथ जो लेबर इंटेंसिव सेक्टर्स होते हैं जैसे मान लो फुटवेयर इंडस्ट्री है लेदर इंडस्ट्री है तो वहां पर सरकार का कहना है कि एंप्लॉयमेंट और जनरेट किया जाएगा सरकार और फोकस करेगी 12 लाख लोगों को और एंप्लॉयमेंट मिलेगा
इसके अलावा हमारे देश में जो खिलौनों का वाला सेक्टर है टॉय सेक्टर जिसको कहते हैं जिसमें चाइना ने पूरी बाजी मार रखी है चाइना से सस्ते सस्ते खिलौने आते हैं और वही बाजार में बिकते हैं तो इसको मेड इन इंडिया और ज्यादा मतलब हमारा जो ब्रांड है उसके अंडर में लाने की कोशिश की जाएगी इसके अलावा फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के लिए भी बोला गया स्पेशली बिहार के अंदर जो नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी है उसको सेटअप किया जाएगा अब देखिए यहां पर एक और जो इंटरेस्टिंग चीज हुआ है एमएसएमई के अंदर वो है उसका डेफिनेशन
मतलब हम कौन से इंडस्ट्रीज को माइक्रो स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज कहेंगे कौन से को कहेंगे मतलब अगर मान लो किसी ने 50 करोड़ इन्वेस्ट कर रखे हैं क्या उसको भी मीडियम एंटरप्राइज कहेंगे नहीं यहां पर अगर आप देखोगे तो उसको डेफिनेशन दिया गया है जैसे कि मान लीजिए अगर हम इन्वेस्टमेंट के टर्म में देखें तो अभी तक क्या था कि अगर कोई ₹ करोड़ इन्वेस्ट करता था उसको माइक्रो एंटरप्राइज कहा जाता था अगर कोई 10 करोड़ तक इन्वेस्ट करता था तो उसको स्मॉल एंटरप्राइज कहा जाता था और 50 करोड़ तक करता था तो मीडियम एंटरप्राइज
अब इसकी जो वैल्यू है वो बढ़ा दी गई है अब यहां पर जो ढाई करोड़ तक इन्वेस्ट करता है किसी फैक्ट्री को सेटअप करने में तो उसको माइक्रो एंटरप्राइज कहेंगे कोई 25 करोड़ तक इन्वेस्ट करता है तो उसको स्मॉल एंटरप्राइज कहेंगे और जो 125 करोड़ तक इन्वेस्ट करता है तो उसको मीडियम एंटरप्राइज कहेंगे फिर इसके अलावा अगर हम टर्नओवर के बेसिस में देखें क्योंकि टर्नओवर तो बहुत ज्यादा हो सकता है ना राइट तो यहां पर अगर जो 10 करोड़ तक का टर्नओवर कर रहा है उसको भी माइक्रो बोला जाएगा जो 100 करोड़ तक का टर्नओवर
कर रहा है उसको स्मॉल और जो 500 करोड़ तक का टर्नओवर कर रहा है उसको मीडियम एंड एंटरप्राइज कहा जाएगा और उसके ऊपर जितने होंगे वो लार्ज एंटरप्राइज पाएंगे ये डेफिनेशन इसलिए इंपॉर्टेंट हो जाता है क्योंकि अक्सर सरकार एमएसएमई के लिए कई बेनिफिट्स लाती है तो वो बेनिफिट्स कौन से इंडस्ट्री को मिले तो अब ये एनहांस करने से क्या होगा बहुत सारे और इंडस्ट्रीज होंगे जो इस कैटेगरी में आ जाएंगे और उनको काफी सारा बेनिफिट्स होगा फिर नेक्स्ट अब हम आते हैं यहां पर कि सरकार यहां पर लोगों के ऊपर इकोनॉमी के ऊपर और इनोवेशन
इस पर किस प्रकार से इन्वेस्ट कर रही है जैसे कि फॉर एग्जांपल सरकार यहां पर आईआईटी जो हैं उसका फर्द एक्सपेंशन किया जाएगा देश में और ज्यादा आईआईटी खुले जाएंगे डे केयर कैंसर सेंटर हो गया सभी डिस्ट्रिक्ट ह हॉस्पिटल्स में वहां पर लाया जाएगा मतलब लोगों को कैसे मदद हो यह सरकार इसमें बता रही है फर्द आप देख सकते हो यहां पर भारतीय भाषा पुस्तक स्कीम इसके अंदर क्या है जो इंडियन लैंग्वेजेस वाले जो बुक्स हैं फॉर स्कूल्स एंड हायर एजुकेशन उसको डिजिटल फॉर्मेट में दिया जाएगा पांच नेशनल सेंटर फॉर एक्सीलेंस फॉर स्किलिंग यह सेटअप
किया जाएगा ग्लोबल एक्सपर्टाइज्ड सुना होगा राइट तो यहां पर 50000 जो लैब्स हैं वो और अगले 5 साल तक सेटअप किए जाएंगे गवर्नमेंट स्कूल्स में इसके अलावा यहां पर जो सेंटर ऑफ स्किल्स एक्सीलेंस है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्योंकि आपने देखा होगा कल मैंने इकोनॉमिक सर्वे का वीडियो बनाया था उसमें भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर काफी चीजें बोली गई हैं कि ये इससे बेनिफिट्स भी हो सकता है अगर हम इसके ऊपर फोकस करें और अगर हम फोकस नहीं करेंगे तो इससे बहुत बड़ा क्राइसिस आ सकता है देश के अंदर तो यहां पर सरकार 00 करोड़ एलोकेट की
है ताकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में जो एक सेंटर है वो आपका ओपन किया जाएगा फिर देखिए यहां पर ब्रॉडबैंड को लेकर एक इंपॉर्टेंट अनाउंसमेंट किया गया है कि रूरल एरियाज में जितने भी प्राइमरी हेल्थ सेंटर्स हैं और जितने भी गवर्नमेंट सेकेंडरी स्कूल्स हैं वहां पर ब्रॉडबैंड की कनेक्टिविटी दी जाएगी मैं आपको बता दूं हमारे देश में सिर्फ 50 पर ही ऐसे स्कूल्स हैं जहां पर इंटरनेट अभी भी कनेक्टेड है बहुत सारे स्कूल्स ऐसे हैं जो इंटरनेट कनेक्टेड नहीं है तो उनको इंटरनेट से कनेक्ट किया जा रहा है ब्रॉड बैंड की स्पीड दी जाएगी इसके अलावा मेडिकल
एजुकेशन के अंदर 10000 और सीट्स यहां पर लाए जाएंगे और साथ ही साथ 75000 सीट्स अगले 5 साल तक लाने की कोशिश की जाएगी नेक्स्ट अब हम आते हैं कि और क्या-क्या स्कीम्स और चीजें लाई गई हैं देखिए एक तो क्या है कि राज्यों के अंदर इंफ्रास्ट्रक्चर के सपोर्ट के लिए सरकार जितने भी राज्य हमारे देश में यूनियन टेरिटरीज और स्टेट्स हैं उनको 50 साल के लिए इंटरेस्ट फ्री लोन देगी लगभग ₹ लाख करोड़ का ठीक है तो ये राज्यों में और ज्यादा इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़े इसके लिए सरकार करेगी इसके अलावा जल जीवन मिशन में अगेन
इसको 100% कवरेज आए जल जीवन मिशन में ये ये पूरा स्कीम 2028 तक एक्सटेंड कर दिया गया है पावर सेक्टर रिफॉर्म्स में आप देखिए यहां पर एक और इंटरेस्टिंग चीज ये है कि हमारे देश में अभी भी कई ऐसे जगह हैं जहां पर बिजली अच्छे से नहीं आ पाती है तो पावर सेक्टर रिफॉर्म्स लाने की काफी जरूरत है जो डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म्स होता है जो बिजली का डिस्ट्रीब्यूशन होता है तो वो सही से हो सके इसके लिए पैसे की आवश्यकता है तो सरकार का यह कहना है कि आपके राज्य की जितनी जीडीपी है उस स्टेट की
जितनी जीडीपी है उसका 0.5 एडिशनल आप बोरोंग कर सकते हो ताकि पावर सेक्टर में रिफॉर्म्स लाया जा सके इसके साथ-साथ यहां पर एसेट मोनेटाइजेशन प्लान बेसिकली 2025 से लेकर 2030 के बीच में सरकार 10₹ लाख करोड़ रुपए और जुटाए गी एसेट मोनेटाइजेशन मतलब सरकार के पास पहले से जितने एसेट्स पड़े हैं उसको लीज पर देके अ उससे पैसा कलेक्ट करेगी और अल्टीमेटली व पैसा कैपिटल एक्सपेंडिचर पर लगाएगी और ज्यादा इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने पर लगाएगी इसके साथ-साथ अर्बन चैलेंज फंड लेकर सरकार आई है ₹ लाख करोड़ रपए जो है हमारे देश के शहरों के लिए खर्च किए
जाएंगे उसमें बहुत सारी चीजें आ सकती हैं वाटर के लिए सैनिटाइजेशन के लिए डेवलपमेंट ऑफ सिटीज के लिए ये सारी चीजों पर खर्चा होगा नेक्स्ट अगर हम मेरीटाइम डेवलपमेंट की बात करें तो 50 सॉरी 225000 करोड़ लॉन्ग टर्म सरकार फाइनेंसिंग करेगी जिसमें 49 पर कंट्रीब्यूशन सेंट्रल गवर्नमेंट की तरफ से होगा इसके अलावा हमारे देश में न्यूक्लियर एनर्जी को और बढ़ावा दिया जाएगा अगर आपने देखा हो आपको याद हो तो अमेरिका के साथ हमारा एक बड़ा कोलैबोरेशन होने जा रहा है क्योंकि हुआ क्या था कि अभी तक अमेरिका ने कुछ चीजों पर रिस्ट्रिक्शंस लगा रखा था
हमारे कई कंपनीज ने उसके ऊपर रिस्ट्रिक्शंस लगाया हुआ था जिसकी वजह से हमें जो लेटेस्ट टेक्नोलॉजीज है न्यूक्लियर एनर्जी से रिलेटेड वो नहीं मिल पा रही थी भले ही मनमोहन सिंह जी के समय यहां पर एक न्यूक्लियर डील साइन हुआ था अमेरिका के साथ लेकिन क्या है कि उसमें कुछ कंडीशंस थे जैसे भारत ने कंडीशन लगा दिया था कि अगर कोई भी हादसा होता है डिजास्टर होता है न्यूक्लियर से रिलेटेड तो उसकी जो जिम्मेदारी है जो कंपनी वो बनाकर दे रही है जैसे अमेरिका वो प्रोवाइड कर रहा है तो उनकी वो लायबिलिटी होगी लेकिन अमेरिका
कह रहा था कि नहीं हमारी लायबिलिटी नहीं होगी लेकिन ये कंडीशन अब अमेरिका ने हटा दिया है अमेरिका ने कहा है कि चलो ठीक है वो लायबिलिटी अगर हमारे ऊपर आनी है तो आएगी तो इसको लेकर अब बड़ा डेवलपमेंट होने वाला है इसके अलावा यहां पर उड़ान स्कीम आपने देखा होगा रीजनल कनेक्टिविटी छोटे-छोटे जो एयरपोर्ट्स हैं नए छोटे-छोटे शहरों में वो खोले जा रहे हैं तो अब देखिए एक बड़ा अनाउंसमेंट ये हुआ है कि 120 नए डेस्टिनेशंस को कनेक्ट किया जाएगा 4 करोड़ पैसेंजर्स को और फायदा मिलेगा अगले 10 सालों में तो उड़ान स्कीम को
लेकर एक बड़ा डेवलपमेंट हुआ है कि और नए एयरपोर्ट्स लाए जाएंगे और 120 नए डेस्टिनेशंस को कनेक्ट करेंगे तो एक इंपॉर्टेंट कदम है ये फिर इसके अलावा बिहार के लिए स्पेसिफिकली मेंशन किया गया था निर्मला सीतारमन जी के द्वारा जिसमें बोला गया कि बिहार में स्पेसिफिकली ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट हो गया फाइनेंशियल सपोर्ट हो गया वहां का जो वेस्टर्न कोशी कनाल है उसके प्रोजेक्ट के लिए ये स्पेसिफिक अनाउंसमेंट किया गया था इसके अलावा यहां पर और भी इसी तरह की चीजें हैं लेकिन एक और इंटरेस्टिंग जो चीज है जो आपको पता होना चाहिए वो है आपका
टूरिज्म को लेकर मतलब फाइनेंस मिनिस्टर ने ये कहा है कि टूरिज्म लेड ग्रोथ हमारे देश में हो मतलब मतलब उसमें एंप्लॉयमेंट भी जनरेट हो सके ऐसा हम टूरिज्म देश के अंदर लाना चाहते हैं और देखिए इसको लेकर जो सबसे पहला अनाउंसमेंट किया गया है वो ये है दैट टॉप 50 टूरिस्ट डेस्टिनेशन साइट्स ये डेवलप किया जाएगा इन पार्टनरशिप विद स्टेट्स मतलब अलग-अलग राज्यों में उनके साथ पार्टनरशिप के साथ मिलकर जो सेंट्रल गवर्नमेंट है वो 50 टूरिस्ट डेस्टिनेशन को और डेवलप करेगी फिर इसके अलावा यहां पर जो ईवीजा फैसिलिटी हैं वो स्ट्रीमलाइन किया जाएगा ताकि और
टूरिस्ट इन जगहों पर आ सके बाहर से भी आ सके इसके अलावा इंटेंसिव स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम चलाया जाएगा यूथ के लिए ताकि उन जगहों पर वो जो टूरिस्ट डेस्टिनेशन है वो यूथ को फायदा मिल सके उनको नौकरी मिल सके इसके साथ-साथ प्रोडक्शन लिंग इंसेंटिव्स जो है जैसे देखिए क्या है ना कि आपने देखा होगा प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम अ कंपनीज के लिए लाया गया था मोबाइल सेक्टर बनाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक सेक्टर में इस तरह वो राज्यों को भी इस तरह की चीजें प्रोवाइड की जाएंगी मुद्रा लोन दिया जाएगा होम स्टेज के लिए मतलब जहां-जहां पर
टूरिस्ट डेस्टिनेशन है आपने देखा होगा आजकल काफी चलन हो गया है होम स्टेज का मतलब लोग अपने घर में ही एक छोटा मतलब अपना एक सेपरेट कमरा जो है अ टू टूरिस्ट के लिए ओपन कर देते हैं ताकि उनको फायदा मिले घर का ही खाना मिले तो उसको डेवलप करने के लिए मुद्रा लोन उनको दिया जाएगा इसके अलावा ईज ऑफ ट्रैवल कनेक्टिविटी ये सब टूरिस्ट डेस्टिनेशन के साथ कनेक्ट की जाएगी नेक्स्ट यहां पर मैं आपको बता दूं पीएम रिसर्च फेलोशिप मतलब ये अभी भी हम उसी की बात कर रहे हैं जहां पर लोग हो गए
एंटरप्रेन्योर के तहत 10000 फेलोशिप फॉर टेक्नोलॉजी रिसर्च इन आईआईटी एंड आईआईसी ये आपका प्रोवाइड किया जाएगा इसके अलावा यहां पर जो जीन बैंक है सेकंड जीन बैंक ये आपका ओपन किया जाएगा अब इसमें होता क्या है कि अलग-अलग प्रकार के जो जो क्रॉप्स हैं उसको स्टोर किया जाता है 10 लाख जर्म प्लाज्म जो है वो आपका स्टोर किया जाएगा ताकि फ्यूचर में जो हमारी फूड की आवश्यकता है नेशनल फूड सिक्योरिटी है वो एनहांस हो सके इसके अलावा ज्ञान भारतम मिशन इसके तहत जो पहले के बहुत हजारों सालों पुराने मनुस्क्रिप्ट्स का जो ज वगैरह हो गया
वो आपका स्टोर करके रखा जाएगा डिजिटल डिजिटाइजेशन भी किया जाएगा उसका इसके अलावा यहां पर रिसर्च एंड डेवलपमेंट इनोवेशन पर सरकार फोकस करेगी 00 करोड़ रपए स्पेसिफिकली यहां पर लाया जाएगा सरकार की तरफ से इन्वेस्ट किया जाएगा ताकि प्राइवेट सेक्टर ड्रिवन जो रिसर्च एंड डेवलपमेंट है हमारे देश में जो कि देखो बहुत कमी है आर एनडी अभी भी हमारे देश में उतना नहीं हो पाता नेक्स्ट यहां पर जिओ स्पेशल मिशन कहने का मतलब यह है कि जैसे हमारे देश में जहां-जहां पर भी इंफ्रास्ट्रक्चर बन रहा है रेलवे लाइन हो गया सड़क हो गया फ्लाई ओवर्स
हो गया तो उसको यहां पर पर अ जो जिओ स्पेशल इंफ्रास्ट्रक्चर है डाटा है उससे कनेक्ट किया जाएगा मतलब कि उसका जो टैगिंग होता है ना कि यहां पर ये स्पेसिफिक जगह पर है लोकेशन पर है तो उससे कई सारे इससे फायदे हो सकते हैं तो यहां पर ये लाया जा रहा है नेक्स्ट अगर हम बात करें एक्सपोर्ट्स की तो सरकार एक्सपोर्ट्स को प्रमोट करने के लिए क्या-क्या कर रही है देखिए सबसे पहला तो यहां पर यह है कि इजी एक्सेस टू एक्सपोर्ट क्रेडिट मतलब कि जो भी कंपनी एक्सपोर्ट करना चाहती है उनको आसानी से
क्रेडिट मिल सके लोन मिल सके यह सरकार कर रही है क्रॉस बॉर्डर फैक्टरिंग सपोर्ट मिलेगा एमएसएमई को सपोर्ट किया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा वो एक्सपोर्ट कर सकें इसके अलावा यहां पर एक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जाएगा और इसका नाम क्या है ध्यान में रखिएगा भारत ट्रेड नेट अब इसमें क्या है कि अगर किसी को भी कोई भी अपना डॉक्यूमेंटेशन अप्रूव कराना है फाइनेंस से रिलेटेड कोई सलूशन चाहिए तो इस भारत ट्रेड नेट के माध्यम से कर सकते हैं इसके साथ-साथ यहां पर जो वेयर हाउसिंग की फैसिलिटी हैं एयर कार्गो के लिए मान लो कोई
भी सामान बाहर से आ रहा है या फिर जा रहा है अगर हमें भेजना है बाहर तो वो इंफ्रास्ट्रक्चर होना चाहिए वेयर हाउसिंग होना चाहिए तो वो यहां पर सरकार लाने वाली है नेक्स्ट अब हम आते हैं यहां पर फाइनेंशियल सेक्टर डेवलपमेंट में सरकार क्या कर रही है फाइनेंस के सेक्टर में क्या रिफॉर्म ला रहा है देखिए सबसे पहला यहां पर ग्रामीण क्रेडिट स्कोर बेसिकली एक फ्रेमवर्क लाया जा रहा है ताकि जो क्रेडिट नीड्स है सेल्फ हेल्प ग्रुप का हमारे गांव-गांव में जगह-जगह अगर आप देखोगे पूरे देश भर में सेल्फ हेल्प ग्रुप के जो मेंबर्स
हैं वो फैले हुए हैं अलग-अलग प्रकार के काम करते हैं रूरल एरियाज में काफी उनका योगदान होता है तो उनके लिए क्रेडिट स्को लाया जा रहा है ताकि जो फाइनेंसिंग वगैरह से रिलेटेड नीड्स हैं उनकी वो पूरी हो सके इसके अलावा यहां पर पार्शल क्रेडिट एनहैंसमेंट फैसिलिटी ये कॉर्पोरेट बॉन्ड्स फॉर इंफ्रास्ट्रक्चर लाया जाएगा बेसिकली आपने देखा होगा कोई भी जो कंपनी वगैरह होती है उनको बॉन्ड जारी करती है वो जैसे reliance1 सेंट्रल केवाईसी रजिस्ट्री है वो भी रोल आउट की जाएगी 2025 तक मतलब नो योर कस्टमर जो होता है ना वो वाली चीजें ला जाएंगी
इसके साथ-साथ रेशन आइजे लाया जाएगा आपका स्पीडी अप्रूवल में मतलब कंपनी का कोई मर्जर करना है इस तरह की जो चीजें हो गई तो उसमें जल्दी से जल्दी चीजें हो सके एक प्रकार से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस जैसी चीजें लाई जा रही हैं और एक और बहुत इंपॉर्टेंट कदम लिया गया है जिसका एक बड़ा इंपैक्ट होगा वो है इंश्योरेंस सेक्टर के अंदर फाइनली मैं आपको बता दूं एफडीआई लिमिट इंश्योरेंस सेक्टर में 75 पर से बढ़ाकर 100% कर दी गई है लंबे समय से इसकी मांग हो रही थी सरकार ने फाइनली इसको अप्रूव कर दिया तो
यह सब तो हमने रिफॉर्म्स की बात कर ली स्कीम्स की बात कर ली अब हम आते हैं टैक्स को लेकर देखिए यहां पर सरकार एक बड़ा कदम लेने वाली है और वो होगा आपका अगले हफ्ते निर्मला सीतारमन जी ने अनाउंस किया है कि अगले हफ्ते सरकार नया टैक्स बिल लेकर आएगी आपको पता होगा अभी जो इनकम टैक्स एक्ट है वो 1961 का चलते आ रहा है मतलब 6 दशक पुराना अभी भी हम उसको इस्तेमाल करते आ रहे हैं तो उसमें बदलाव करने की बहुत जरूरत है लेकिन देखिए वो अभी बजट में अनाउंस नहीं किया गया
है उसके लिए एक अलग कमेटी बनी थी और उन्होंने रिपोर्ट वगैरह सबमिट किया तो फाइनली सरकार बजट सेशन के दौरान बिल लेकर आएगी टैक्स रे रिफॉर्म से लेकर तो यहां पर कौन-कौन से इंपॉर्टेंट चेंजेज होंगे तो बेसिकली निर्मला सीतारमन जी का ये कहना था कि अभी भी अगर आप देखोगे हमारे देश में लोग जब खुद से टैक्स पे करते हैं तो उनको बहुत सारे इश्यूज आते हैं प्रॉब्लम आते हैं समझ नहीं आता कितना टैक्स हुआ क्या हुआ नहीं हुआ तो कहीं ना कहीं उसमें चेंजेज किए जा रहे हैं उसको आसान बनाया जा रहा है ताकि
आम नागरिक भी खुद से यहां पर अच्छे तरीके से से टैक्स अपना भर सके और इसके अलावा यहां पर एक और इंटरेस्टिंग चीज मैं आपको बताता हूं वो है आपका जन विश्वास बिल 2.0 आपने देखा होगा पिछले साल अमित शाह जी की जो मिनिस्ट्री है होम मिनिस्ट्री उन्होंने जो तीन क्रिमिनल कानून थे उसको बदल दिया था न्याय संहिता और ये सब जितने भी आए थे तीन क्रिमिनल जो कानून थे आई तो अब इसमें क्या है कि सेम टैक्स रिलेटेड जो कानून है जिसमें आपको जेल भेजा जाता है बहुत सारी चीजें होती हैं तो सरकार एक
जन विश्वास बिल 2.0 लेकर आ रही है जहां पर 100 जो प्रोविजंस हैं वेरियस लॉ से रिलेटेड उसको डी क्रिमिनलाइज किया जाएगा मतलब आपके ऊपर क्रिमिनल कंप्लेंट रजिस्टर नहीं होगा आप आसानी से यहां पर अगर कोई फाइन वगैरह लग रहा है तो वो कर सको मतलब आपको जेल भेजने के बजाय आप फाइन देकर अपने आप को छुटा सकें तो ये सब कुछ चेंजेज होर है देखिए यहां पर मैं टैक्स रिफॉर्म पर आता हूं सबसे पहले इनडायरेक्ट टैक्स प्रपोजल मतलब निर्मला सीतारमन जी ने क्या प्रपोजल रखा है इनडायरेक्ट टैक्स को लेकर जैसे जीएसटी वगैरह हो गया
राइट इसको हम इनडायरेक्ट टैक्स कहते हैं तो यहां पर क्या है कस्टम ड्यूटी जीएसटी अब देखो जीएसटी में तो कोई बदलाव नहीं कर सकते सरकार डायरेक्टली क्योंकि उसके लिए जीएसटी काउंसिल है जो मीटिंग होती है ना जीएसटी काउंसिल उसमें यहां पर होता है लेकिन इसके अलावा भी और भी इनडायरेक्ट टैक्सेस हैं जैसे कस्टम टैरिफ हो गया तो यहां पर सरकार ने कुछ रैशन आइजे किया है जैसे कि एक लगभग सेवन टैरिफ जो रेट्स हैं उसको रिमूव कर दिया अलग-अलग प्रकार के टैरिफ रेट्स होते थे उसको हटा दिया है इसके अलावा यहां पर बोला गया है
कि जो सरचार्ज होता है और जो सेस होता है वो एक से ज्यादा नहीं होगा कई बार आपने देखा होगा एजुकेशन सेस हेल्थ सेस इस तरह की चीजें सरकार लेकर आती है और उसका जो पूरा पैसा है ना वो सेंट्रल गवर्नमेंट के पास चला जाता है तो यहां पर सरकार सिर्फ एक सिंगल सेस ही रखेगी ऐसा निर्मला सीतारमन जी का कहना था इसके साथ-साथ अप्लाई इक्विवेलेंट सेस टू मेंटेन इफेक्टिव ड्यूटी मतलब ज्यादातर आइटम में जो है इक्विवेलेंट सेस जो है लगाया जाएगा ताकि उसमें भी आपको ज्यादा प्रॉब्लम ना आए अब देखिए कुछ स्पेसिफिक सेक्टर्स के
लिए प्रपोजल रखा गया है जैसे कि फॉर एग्जांपल यहां पर मेक इन इंडिया और बढ़ाने के लिए मान लो जैसे टीवी है टीवी अभी भी बहुत सारा इंपोर्ट हो रहा है अब टीवी में सबसे इंपोर्टेंट चीज क्या होता है वो होता है ओपन सेल जिससे आपका एलईडी हो गया एलसीडी टीवी हो गया तो उसमें सरकार एम्प्ट करने वाली है जो कस्टम ड्यूटी वगैरह होता है ताकि हमारे देश में ही ज्यादा से ज्यादा टीवी बने इसके अलावा जो टेक्सटाइल्स हैं उनके लिए जो लूम्स वगैरह है उसमें कस्टम ड्यूटी एक प्रकार से एम्प्ट होगा लिथियम आयन बैटरी
वगैरह हो गया मोबाइल फस वगैरह के लिए इसके अलावा एक्सपोर्ट प्रमोशन के लिए सरकार ड्यूटी फ्री इनपुट्स लाएगी फॉर हैंडीक्राफ्ट एंड लेदर सेक्टर मतलब जो लेदर सेक्टर और जो हैंडीक्राफ्ट हैं वो बिना किसी कस्टम ड्यूटी के भी एक्सपोर्ट कर पाएंगे मतलब इनका सामान सस्ता होगा और ज्यादा से ज्यादा दुनिया भर में बिकेगा और इससे हमारे देश को फायदा होगा तो ये कुछ इनडायरेक्ट टैक्सेस में चेंजेज किए गए इसके अलावा यहां पर देखिए जैसे मेडिसिंस वगैरह हो गया स्पेशली जो कैंसर से रिलेटेड मेडिसिंस होते हैं लाइफ सेविंग ड्रग्स होता है तो वो अभी भी महंगे हैं
तो उसपे जो सरकार टैक्स लगाती है उसको हटा रही है जैसे कि 36 लाइफ सेविंग जो ड्रग्स हैं उसको एम्प्ट किया गया वहां पर सरकार टैक्स नहीं लगाएगी छह मेडिसिन ऐसे हैं जिस पर सिर्फ 5 पर ड्यूटी ही लगाई जाएगी और 36 37 मेडिसिन और 13 न्यू अ पेशेंट असिस्टेंसिया गया है लिस्ट के अंदर और फाइनली दोस्तों अब हम आते हैं जिसका आप सभी को बहुत लंबे समय से इंतजार होगा वो है आपका पर्सनल इनकम टैक्स रिफॉर्म देखिए लेट मी टेल यू यहां पर सबसे पहले तो एक बहुत बड़ा सरकार बदलाव करने जा रही है
अभी अगर आप देखोगे ना जो इनकम टैक्स आप पे करते हो तो अभी तक क्या था कि 7 लाख तक अगर आपकी इनकम थी 7 लाख तक अगर आपकी इनकम थी तो यहां पर आपको कोई भी टैक्स पे नहीं करना होता था लेकिन हां मान लीजिए अगर आपकी इनकम 10 लाख तक है तो यहां पर आपका जो टैक्स लगता था ना वो 3 लाख से ही स्टार्ट हो जाता था कहने का मतलब यह है कि 0 टू 3 लाख वाले पर कोई पैसा नहीं लगेगा 3 से 6 लाख के बीच में 5 पर पै टैक्स
लगेगा 6 लाख से 9 लाख के बीच वाला 10 पर और जो आखिरी का 1 लाख बचा मतलब आपकी इनकम 10 लाख है तो जो आखिरी का 1 लाख है उसके ऊपर 15 पर टैक्स लगेगा मतलब ₹1500000 लाख और क्या होता है ₹ 5000 स्टैंडर्ड डिडक्शन होता है तो यहां पर 12 75000 अगर आपका इनकम है सालाना तो आपको कोई भी टैक्स पे नहीं करना है कोई भी टैक्स नहीं लगेगा लेकिन हां मान लीजिए अगर आपकी इनकम 15 लाख है अगर आपकी इनकम 20 लाख है तो उस केस में आपका जो टैक्स है ना वो
ऐसा नहीं है कि 12 लाख तक वाला कोई टैक्स नहीं उसके बाद ऐसा नहीं होता है क्या है कि अगर आपकी इनकम 15 लाख है तो मतलब आप टैक्स वाले स्ट्रक्चर में आ जाओगे तब आपके ऊपर टैक्स इस तरह से लगना स्टार्ट हो जाएगा जैसे जैसे कि फॉर एग्जांपल नीचे अगर आप देखो तो 4 लाख से 8 लाख के बीच में आपके ऊपर 5 पर का टैक्स लगाया जाएगा मतलब 4 से 8 लाख कितना हो गया ₹ लाख हो गए तो 4 लाख के ऊपर 5 पर मतलब कितना हो गया ₹2000000 तो इसके ऊपर 20000
का टैक्स आपको देना है फिर 8 लाख से 12 लाख तक के बीच वाला 10 पर मतलब 4 लाख का 10 पर तो इसका मतलब यहां पर आपको 0000 टैक्स बनेगा सेम उसी प्रकार से 12 लाख से 16 लाख तक का आपके ऊपर 15 पर टैक्स बनेगा इसका मतलब ये हुआ कि बाकी का जो आपका ₹ लाख है उसके ऊपर % मतलब 3 लाख का % कितना होता है ये आई थिंक आएगा ₹2500000 + 40000 प् 20000 लगभग ₹ 5000 हां इसमें भी कुछ स्टैंडर्ड डिडक्शंस वगैरह हैं चीजें हैं तो आपका टैक्स कम हो जाएगा
आप समझ रहे हो ये बहुत बड़ा चेंज किया गया और इसमें एक और इंटरेस्टिंग चीज अगर आप इसको कंपेयर करो यहां पर पहले वाले टैक्स वाले स्लैब से तो अगर आप पहले वाला टैक्स स्लैब देखोगे तो इसमें सबसे हाईएस्ट टैक्स लैब 30 का हुआ करता था वो तब लगता था जो जितनी इनकम आपकी 15 लाख से ऊपर वाली है ठीक है तो यहां पर मान लो किसी की इनकम ₹ लाख हुआ करती थी तो ये जो 15 लाख से 20 लाख वाला है ना ये ₹ लाख इसके ऊपर आपको 30 पर टैक्स देना होता था
लेकिन अब क्या है कि यहां पर सरकार ने ये लिमिट 24 लाख कर दी है 24 लाख मतलब जिनकी इनकम 24 लाख से ऊपर है उस पर्टिकुलर इनकम पर मतलब मान लो 30 लाख अगर आपकी इनकम है सालाना तो ये जो 6 लाख है ना आपका ये 6 लाख के ऊपर आपको 30 पर टैक्स देना है तो ये चेंजेज हुआ है फिर 16 से 20 लाख के बीच में 20 पर 20 लाख से 24 लाख के बीच में 25 पर तो ये एक बहुत बड़ा चेंज किया गया अब अल्टीमेटली देखो इससे है क्या कि यहां
पर लोगों के हाथ में ज्यादा डिस्पोजेबल इनकम आएगी ज्यादा पैसा बचेगा ऐसा कहना है और जाहिर सी बात है कि जब आपके पास ज्यादा पैसा आएगा तो आप खर्च करोगे आप कंज्यूम ज्यादा करोगे और ज्यादातर एक्सपर्ट्स का यही माना था इस समय जीडीपी को इस समय कंजमेट की जरूरत है मतलब जब हम जीडीपी की बात करते हैं ना दैट इज जीडीपी इक्वल्स टू क्या कहते हैं स + i + g + nx8 कंसंट होता है और इसका वेटेज है लगभग 60 पर हमारे जीडीपी के अंदर तो यहां पर हमारा प्राइवेट कंजमेट मेेली जीडीपी हमारी एक
बूस्ट मिल सकता है उसको अब देखना होगा वो बूस्ट कितना होता है कितना सक्सेसफुली ये हो पाता है लेकिन डेफिनेटली यहां पर जो मांग आ रही थी मिडिल क्लास को लेकर आपका बाकी क्या सोचना है क्या ये आपके लिए रिलीफ की बात है नहीं है आप मुझे कमेंट्स में जरूर बताइएगा मैंने भी दो-तीन वीडियो बनाए थे अभी जस्ट दो-तीन दिन पहले पहले इसको लेकर कि मिडिल क्लास के लिए क्या प्रॉब्लम आ रही है इस समय क्या चीजें हैं लेकिन फाइनली सरकार ने एक बड़ा जंप दिया है कई लोग सोच रहे थे कि ये जो एग्मन
लिमिट है वो 7 लाख से बढ़ाकर सरकार हो सकता है 9 लाख कर देगी मैक्सिमम 10 लाख कर देगी 12 लाख शायद किसी ने सोचा नहीं था लेकिन एक बड़ा जंप आया है फिर इसके अलावा यहां पर कुछ और चेंजेज हुए हैं जैसे कि सीनियर सिटीजंस को कुछ बेनिफिट दिया गया उनका जो टैक्स डिडक्शन लिमिट है उसको 50000 से बढ़ाकर डबल कर दिया गया है ₹1 लाख जो एनुअल लिमिट होता है 2.4 लाख का टीडीएस ऑन रेंट इसको भी बढ़ाकर 6 लाख कर दिया गया है यहां पर जो वॉलंटरी कंप्लायंस वगैरह है उसमें भी जो
टाइम लिमिट है वो बढ़ाई गई है कंप्लायंस बर्डन वगैरह थोड़ा सा कम किया गया जैसे कि मान लो कई स्मॉल चैरिटेबल ट्रस्ट होते हैं उनका जो रजिस्ट्रेशन पीरियड था वो 5 साल का था उसको बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया है अब हम आते हैं एक और इंटरेस्टिंग मुद्दे पर और वो है कि सरकार को कहां से कितना पैसा आता है कितना परसेंट और सरकार कहां पर क्या खर्च करती है अगर हम बात करें कि सरकार को पैसा कितना आता है सबसे ज्यादा तो देखिए सबसे ज्यादा तो सरकार बोरो करती है नो डाउट बोरोंग हो
गया और अदर जो लायबिलिटीज हो गई तो लगभग 24 मतलब 1/4 पैसा सरकार सिर्फ बोरोंग और अदर लायबिलिटीज के माध्यम से लेती है फिर नेक्स्ट अगर हम देखें सबसे ज्यादा पैसा सरकार को इनकम टैक्स के माध्यम से आता है 22 तो ये आपको ध्यान में रखना है फिर नेक्स्ट है आपका जीएसटी और अदर टैक्सेस तो 18 पर यहां से आता है और जो कॉर्पोरेट टैक्स है जो कंपनीज के ऊपर टैक्स लगता है वहां से 17 पर आता है फिर बाकी की चीजें जैसे नॉन टैक्स रिसीप्ट हो गया यूनियन एक्साइज ड्यूटीज हो गया देन इसके अलावा
कस्टम हो गया नॉन डेट कैपिटल रिसी ये सारी चीजें आपको देखने को मिलेगी लेकिन सरकार का अगर मान लो जितना पैसा आया उसमें से कितना परसेंट कहां खर्च होता है देखो इसमें जो एक इंपॉर्टेंट चेंज हुआ है ना मैं आपको बताता हूं कैसे अभी तक क्या होता था कि ज्यादातर पैसा सरकार का इंटरेस्ट पेमेंट में चला जाता था वो सबसे बड़ा हिस्सा होता था लेकिन इस बार सबसे बड़ा हिस्सा वो गया है स्टेट शेयर्स ऑफ टैक्सेस को मतलब जो सेंट्रल गवर्नमेंट के पास पैसा आता है उसमें से ज्यादा पैसा सरकार किसको देती है राज्यों को
देती है तो राज्य और यूनियन टेरिटरीज का जो हिस्सा है वो लगभग 22 पर है इन 100% में से तो इसके अलावा यहां पर सेकंड नंबर पर इंटरेस्ट पेमेंट है जाहिर सी बात है सरकार इतना ज्यादा बोरो करती रहती है करती रहती है तो उसका 20 पर हिस्सा जो है इंटरेस्ट पेमेंट में ही चला जाता है देन नेक्स्ट इसके बाद आता है आपका 16 पर पर सेंट्रल सेक्टर स्कीम देखो सेंट्रल सेक्टर स्कीम क्या है ना कि यहां पर 100% फंडिंग ये आपका सेंट्रल गवर्नमेंट करती है और इसका जो इंप्लीमेंटेशन है वो सेंट्रल गवर्नमेंट ही करती
है मतलब अल्टीमेटली सेंट्रल गवर्नमेंट के कई स्कीम्स होते हैं तो उधर तरफ पैसा चला जाता है नेक्स्ट अगर हम बात करें यहां पर अ डिफेंस के बजट की तो डिफेंस 8 पर हो गया फाइनेंस कमीशन जो अदर ट्रांसफर की बात करता है 8 पर सेंट्रली स्पों सर्ड स्कीम सेंट्रली स्पंस स्कीम में क्या है कि अ ज्यादातर केस में 60 पर पैसा जो है सेंट्रल गवर्नमेंट देती है और 40 पर राज्य देती है ठीक है तो ये आपका सेंट्रल स्कीम में सरकार का केंद्र सरकार का 8 पर पैसा जाता है और सब्सिडीज की अगर हम बात
करें तो 6 पर पैसा चला जाता है नेक्स्ट जो एक और इंपॉर्टेंट मुद्दा जो आपके लिए पता होना चाहिए वो ये है दैट इज रेवेन्यू रिसीप्ट कैपिटल रिसीप्ट इफेक्टिव कैपिटल एक्सपेंडिचर और रेवेन्यू एक्सपेंडिचर घबराइए मत नहीं पता कोई बात नहीं बेसिकली यहां पर हम यह डिस्कस कर रहे हैं कि आखिरकार जो सरकार को पैसा आता है वो रेवेन्यू रिसीप्ट के माध्यम से क्या आता है अब ये रेवेन्यू रिसीप्ट क्या होता है बेसिकली जैसे टैक्सेस हो गया इनकम टैक्स कॉर्पोरेट टैक्स अ जितनी भी टैक्सेस से रिलेटेड चीजें होती है ना आपका जीएसटी वगैरह उससे सरकार को
कितना पैसा आता है तो सरकार ने ये बोला है कि 2025 26 में यहां पर जो पैसा आएगा सरकार को वो होगा 34 लाख करोड़ रपए तो दैट इज रेवेन्यू रिसीप्ट ये जितने भी टैक्सेस के माध्यम से पैसा आता है कैपिटल रिसीप्ट का मतलब है कि सरकार कितना पैसा बोरो कर रही है फिर इसके अलावा सरकार ने मान लो कोई सरकारी कंपनी बेची तो जैसे डिस इन्वेस्टमेंट हम कहते हैं तो उससे कितना पैसा आया तो वो सारी चीजें हम कैपिटल रिसीप्ट में काउंट करते हैं तो 2025 26 में सरकार को लगभग 16.4 लाख करोड़ रए
यहां से आने वाले हैं मतलब लगभग 51 लाख करोड़ का कुछ बजट होने वाला है तो इस बार का जब हम कहते हैं ना बजट कितना है ये 51 लाख करोड़ फिर इसके अलावा यहां पर क्या होता है कैपिटल एक्सपेंडिचर होता है और रेवेन्यू एक्सपेंडिचर होता है यहां पर हम इफेक्टिव कैपिटल एक्सपेंडिचर की बात कर रहे हैं बेसिकली जैसे सरकार सड़कों पर सड़क बनाने में फ्लाई ओवर जितने भी इंफ्रास्ट्रक्चर से रिलेटेड और ये सबसे इंपॉर्टेंट होता है लेट मी टेल यू सरकार यहां पर जब ज्यादा खर्च करती है ना तो इसका इंपैक्ट ज्यादा होता है
नौकरियां ज्यादा लगती हैं लोगों को और इसके इसका इकोनॉमी के ऊपर जीडीपी के ऊपर अच्छा आपको असर देखने को मिलता है तो 2025 26 में जो इफेक्टिव कैपिटल एक्सपेंडिचर है वो 15.5 15.5 लाख करोड़ का होगा और जो रेवेन्यू एक्सपेंडिचर क्या होता है जैसे सरकार सैलरी दे रही है पेंशन दे रही है अ डिफेंस वालों को हमारे आर्मी पर्सनल को तो उसके ऊपर जितना खर्चा होता है ना ये सबसे बड़ा खर्चा है तो यहां पर कोशिश यही होती है इकोनॉमिस्ट की कि इस खर्चे को कैसे थोड़ा कम किया जाए तो 2025 26 में ये जो
खर्चा है ये लगभग 39.4 लाख करोड़ होने वाला है नेक्स्ट देखिए एक और जो इंपॉर्टेंट फिगर आपको पता होना चाहिए दैट इज फिस्कल डेफिसिट इसकी अक्सर चर्चा होती है क्योंकि जो बाहर के निवेशक हैं ना वो फिस्कल डेफिसिट हमारे देश का कितना है उसके ऊपर काफी फोकस करते हैं और देखिए इसमें कहीं ना कहीं एक बहुत ही अच्छी खुशखबरी है कि सरकार इसके ऊपर ध्यान दे रही है मतलब सरकार कहीं बहुत बत ज्यादा तो बोरो नहीं कर रही है क्योंकि देखो फिस्कल डेफिसिट का मतलब क्या सिंपली कि सरकार का जितना रेवेन्यू है और सरकार का
जितना खर्चा है आप उसको माइनस कर दो मतलब 1200 करोड़ 00 हमारा मान लो रेवेन्यू है सरकार का इसमें सरकार लेकिन खर्चा कर रही है ₹ तो मतलब 8800 कहां से आएंगे तो सरकार को इसमें से बहुत सारा बरो करना पड़ेगा मान लो ₹ 6600 बरो कर ली सरकार ₹2000000 की कंपनी बेच दी अपनी सरकारी कंपनी और इससे 800 करोड़ 800 जुड़ गए तो इसकी वजह से हमारा फिस्कल डेफिसिट बढ़ता है तो यहां पर क्या है ना हम इसको इन परसेंटेज ऑफ जीडीपी की बात करते हैं अब अभी जो करंट फाइनेंशियल ईयर है ना 2024
25 का जो अभी चल रहा है 31 मार्च को पूरा होगा इसमें सरकार ने यह कहा था कि यह 4.9 पर ऑफ जीडीपी हो सकता है लेकिन इसको फर्द अच्छा करके सरकार ने कर दिया है 4.8 ऑफ जीडीपी मतलब ये 4.8 पर लेकिन असली फिगर कौन सा असली फिगर है ये 2025 26 का ये जो आप देख रहे हो ना 2025 26 में हमारा फिस्कल डेफिसिट 4.4 ऑफ जीडीपी होगा ठीक है तो ये एक अच्छी चीज है क्योंकि मैं आपको आपको बता दूं एक्चुअली अ कोविड के पहले तो हमारा जो फिस्कल डेफिसिट है वो 3
की तरफ जा रहा था लेकिन कोविड आने की वजह से अचानक से फिस्कल डेफिसिट बढ़ गया सरकार को ज्यादा बोरो करना पड़ा 9 पर तक चला गया था ये लेकिन अब फाइनली इसको भी रिड्यूस करके 4.4 कर दिया गया है फिर इसके अलावा यहां पर एक और चीज बताता हूं आपको दैट इज रिलेटेड टू ट्रांसफर टू स्टेट्स एंड यूटी मतलब कि जो सेंट्रल गवर्नमेंट है जो राज्यों को पैसा दे रही है यूनियन टेरिटरीज को जो पैसा दे रही है उसका टोटल पैसा कितना जा रहा है राज्यों के पास तो देखिए इसमें लगातार इजाफा हुआ है
जैसे 2000 2122 में अगर आप देखोगे तो ₹ लाख करोड़ ही गए थे और ये धीरे-धीरे बढ़ के अभी जो अगला फाइनेंशियल ईयर होगा 2025 26 में इसमें टोटल 25.6 लाख करोड़ रए यहां पर राज्यों और यूनियन टेरिटरीज को जाएगा खैर इसके अलावा लास्ट में जाने से पहले अगेन जो मेजर एक्सपेंडिचर होता है ना अलग-अलग आइटम्स के ऊपर जैसे डिफेंस के ऊपर अक्सर लोगों का ध्यान होता है कि कितना खर्चा होगा ऑलमोस्ट 5 लाख करोड़ डिफेंस के ऊपर खर्चा होने वाला है और उसमें सब कुछ आ जाती हैं चीजें ठीक है स्पेसिफिक डिफेंस के ऊपर
लगभग 4.91 लाख करोड़ खर्चा होगा फिर रूरल डेवलपमेंट आप देख सकते हो 2.6 लाख करोड़ होम अफेयर्स पे 2.3 लाख करोड़ एग्रीकल्चर के ऊपर 1.7 लाख करोड़ एजुकेशन 1.28 लाख करोड़ हेल्थ के ऊपर 98000 कहीं ना कहीं इसमें अभी भी कमी है एजुकेशन और हेल्थ इसके ऊपर सरकार और फोकस कर सकती है इसके अलावा अर्बन डेवलपमेंट आईटी एनर्जी कॉमर्स इंडस्ट्री ये सारी चीजें अगर आप चाहो तो यहां पर देख सकते हैं तो ये पूरा ब्योरा था दोस्तों पूरे बजट का 2025 26 का आई होप कि अच्छे से चीजें आपको समझ में आ गई होंगी बाकी
आप मुझे कमेंट्स में बताइएगा कैसा लगा आपको जाने से पहले हमेशा की तरह आप सभी के लिए एक इंटरेस्टिंग क्वेश्चन क्या बता सकते हो फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व में इसमें से कौन-कौन से कंपोनेंट होते हैं और उसका जो राइट आंसर है दोस्तों मुझे कमेंट्स में तो बताएगा ही लेकिन साथ ही साथ इसका जो सही उत्तर है मेरे instagram's में अगर आप वहां पर नहीं हो कोई बात नहीं बता रहा था अगर आप यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं फाउंडेशन बैच लेना चाहते हैं पीटीआई फाउंडेशन जिसमें एंड टू एंड पूरी प्रिपरेशन होती है आपके घर पर बुक्स
भी भेजे जाते हैं और जैसा कि मैं आपको बता रहा था कि अगर आप सिर्फ प्रीलिम्स भी क्रैक कर लेते हैं तो पूरा का पूरा फीस भी आपको रिफंड कर दिया जाता है बस यूज करना है आपको यह कोड अंकित लाइव टू गेट मैक्सिमम डिस्काउंट एंड आई होप कि वीडियो आपको पसंद आया होगा मिलता हूं आपसे नेक्स्ट टाइम टिल देन थैंक य थैंक यू वेरी मच सी यू सून स्टडी आईक्यू आईएस अब तैयारी हुई अफोर्डेबल h