कौम ने यह कहा शब और शब पर ईमान लाने वालो तुम हमारे दीन में पलट आओ वरना हम तुमको अपने शहर से निकाल देंगे काल मलन मन कोमन मा मन करना लत दन फी मिलती ना हमारे दीन में हमारे मजहब में लौट आओ वरना हम तुमको अपने शहर से निकाल देंगे हजरत शब सलाम ने इरशाद फरमाया अलाही तव कलना तुम्हें अपनी ताकत पर भरोसा है और हम अपने रब पर भरोसा और इन लोगों ने अपने रब के ऊपर भरोसा किया था तो जिन लोगों ने अपनी ताकत पर भरोसा किया था उन्होंने कहा था हम तुमको
अपने शहर से निकाल देंगे अल्लाह तबारक ताला ने इनको दुनिया से निकाल दिया और इनके ऊपर अल्लाह ने अजाब भेजा फस फार स मीन अपने घरों में यह जसू की हालत में हो गए क्या मतलब जो खड़ा था खड़ा ही मर गया जो बैठा था बैठा ही मर गया जो लेटा था लेटा ही मर गया इसको जसम कहते हैंस जैसे कोई बचा नहीं लिहाज हर इंसान को अपनी ताकत पर नहीं बल्कि अल्लाह तबारक व ताला पर भरोसा करना चाहिए उसके बाद अल्लाह तबारक व ताला ने अपनी एक सुन्नते जारियागीदे जमीन और आसमान का फर्क होता
है मुसीबत कोरोना है एक मुसीबत थी सबके ऊपर आई मुसलमान भी मर रहे हैं और जो नॉन मुस्लिम है व भी मर रहे हैं तो मुसीबत जब आती है तो सबके ऊपर आती है मगर ऐसी सूरत में मोमिन और काफिर के रवैयां में बिहे फयर में जमीन और आसमान का फर्क होता है मोमिन रजा बिल कजा इख्तियार करता है कजा माने फैसला और रजा माने खुशी मेरे रब तेरा फैसला है तेरे फैसले पर राज रजा बिलक यह मोमिन का रवैया है काफिर का रवैया वो तराज करता है अरे हमारे ऊपर ये अजाब कैसे आ गया
तो मोमिन रजा और बिल कजा रजा बिल कजा इख्तियार करता है और काफिर तराज करता है अच्छा दूसरी चीज यह होती है कि मोमिन तज करता है जी और काफिर एराज करता है जी तो पहले एराज का मतलब समझने एराज मतलब होता है मैं आपके सामने खड़ा हुआ हूं और ऐसे मुंह फेर लो तो यह एराज है इसका मतलब यह जो मुसीबत आती है तो काफिर अल्लाह की तरफ अपना मुंह नहीं करता एराज करता है उससे मु फे और मोमिन यह तज करता है तज तज का मतलब समझले तज कहते किसको है एक है दुआ
और एक है तज हमारी अक्सर दुआओ में तज नहीं होता जी इसी वजह से दुआ कबूल नहीं होती दुआ क्या होती है अल्लाहु म फिरली यह दुआ है अल्लाहु अरहमनी मेरे रब मेरे ऊपर रहम फरमा मेरे रब मुझे माफ कर दे यह दुआ है अल्लाहु म फिरली यह दुआ है अल्लाहु मर हमनी यह दुआ है अब इस दुआ में तज होना चाहिए तज जी दुआ का मतलब समझ में आया कि दुआ किसको कहते हैं अब उसमें तज क्या है वो समझना है जी तज असल में जरा और जर से मुश्तक है जर उन जद रे
न उसे और जर कहते हैं जानवर के थन को जिसमें दूध रहता है दूध रहता है अब देखो बच्चा भूखा है पहले तो अपनी मां को नहीं देखता तो आवाज लगाता है जी जी भूखा होता है भूखा नहीं होता तो बैठा रहता कहीं पर छोटा बच्चा यानी सगीर खैरा छोटा बकरी का बच्चा भूखा नहीं रहता तो कहीं बैठा रहता है और जब भूखा होता है तो खड़ा हो जाता है उसके बाद चारों तरफ देखता है मेरी मां कहां है नहीं देखता तो आवाज लगाता है जी और जब बकरी उसका जवाब देती है तो उसी समत
में भागता है और बकरी के पास पहुंचते ही अपने मुंह को उसके थन में डाल देता है और उसके थन को अपने मुंह में ले लेता है जी यह है तज जर से लग गया जर यानी थन से थन से लग गया इशारा इस बात की तरफ है कि एक बकरी के बच्चे को मालूम कि मेरी जरूरत कहां पूरी होती है मेरी मां के पास जी इंसान कितना ना शुक रा है जब उसे हाजत होती है तो पता नहीं किन किन आस्तान के ऊपर जाता है एक बकरी के बच्चे से ब गया गुजरा उससे भी
ज्यादा ना समझ है इसी वजह से कहा गया कि मुशरिक जो होता है नाम य चौपाइयों की तरह होते हैं बल बल्कि इससे भी गए गुजरे होते हैं तो इससे भी गए गुजरे होते कैसे जानवर को जब हाजत होती है तो उसे मालूम कि मेरी हाजत कहां पूरी होगी मेरी मां के पास पूरी होगी व मां के पास भागता है किसी और के पास नहीं जाता वो लेकिन जब मजहब बेजार और अल्लाह का मुनकर किसी मुसीबत में मुब्तला होता है उसे कोई हाजत दरपेश होती है तो अल्लाह की तरफ नहीं भागता यह जानवर है बल्कि
जानवरों से भी गई गुजर कम से कम जानवर अपनी मां के पास तो जाता है कि मेरी हाजत यही पूरी होगी अच्छा तो आप देखो भूख लगती है तो थन की तरफ भागता है तो एक बेचैनी होती है उसको बेचैनी बेचैनी होती है उसको और उसके बाद जब वह थन को बकरी के अपने मुंह में लेता है तो कभी मुंह को ऊपर करता है और कभी मुंह को नीचे करता है देख रहे हैं आप व दूध पीते जी तो एक तड़प होती है दूध को खींचने के लिए कभी मुंह को ऊपर करता है कभी नीचे
करता है तो दूध को खींचने में जो यह बेकरारी उसकी है यह बेकरारी आपकी दुआ में होनी चाहिए जी जी बेकरार होना चाहिए आदमी को अपनी हाजत के लिए आप समझ नहीं पा रहे हैं शायद अब आप बकरी के उस बच्चे का तसव्वुर कीजिए कि किस तरीके से वह भाग करके अपनी मां के पास आता है और उसके थन को अपने मुंह में ले लेता है कभी सर को ऊपर करता है दूध खींचने के लिए और कभी अपने सर को नीचे करता है दूध को खींचने के लिए उस वक्त जो उसकी बेकरारी होती है ट
इ कॉल तज रब ताला के सामने आप दुआ करें तो आपकी यही कैफियत होनी चाहिए जो उस बच्चे की होती है बकरी की आप गिड़गिड़ा और बच्चा तो नीचे ही होता है इसका मतलब तज के अंदर तजल होता है इनत होती है रब के सामने आदमी झुक जाता जी उसका नाम तज और उसके अंदर भी शामिल है आदमी गिड़गिड़ा है तो द कबूल हो अल्लाह ने फरमाया ना [संगीत] करन अब जब परेशानी आती है और जब लोग नहीं सुधर तो अल्लाह खुशहाली नाजिल कर देता है खुशहाली नाजिल कर देता है लोग यह समझते हैं अरे
यह तो खुशहाली और परेशानी यह सब गर्दिश रोजगार है जमाना कभी खुशी लाता है कभी गम लाता है यह तो गर्दिश रोजगार है अल्लाह फरमाता है हम नेमतें नाजिल करने के बाद यह देखते हैं कि सुधरा कि नहीं सुधरा अगर सुधरता नहीं है तो फिर हम उसके ऊपर अजाब भेज देते हैं और पूरे कौम ब सफाया कर देते हैं खत्म हो जाता वही कहा गया अचानक हम उनको पकड़ लेतेर उन्ह शर नहीं होता जी उसके बाद यह कहा गया कि आदमी तकवा इख्तियार करे तो हम उसके ऊपर आसमान और जमीन से बरकत नाजिल करेंगे बक
इशारा इस बात की तरफ है कि पैस में पैसा यह असल नहीं है पैसों में बरकत असल है अल्लाह तबारक ताला ने यह नहीं कहा कि अगर तकवा इख्तियार कर लो तो हम तुम को बहुत ज्यादा पैसे देंगे दुकाने दे देंगे ऐसा नहीं है अल्ला त फरमा तवा इयार करो तो हम तुम्हें बरकत अता फरमाएंगे आसमान से और जमीन से वही फरमाए न अगर तकवा तियार करो तो हम आसमान से और जमीन से तुम्हारे लिए बरकत नाजिल करेंगे तकवा के दो आवाम होते हैं यह समझना जरूरी है खास तकवा कहते किसको तकवा के दो अवाम
है एक मुराककाबत का मतलब होता है निगरानी आप पैर रखते हैं कहीं तो यह देखें कि मेरा पैर कहीं ऐसी जगह पर नहीं तो पड़ रहा है कि अल्लाह तबारक ताला ने उस जगह पैर रखने से मना किया है हराम है पैर रखना वहां जी तो यह मुराककाबत जी इसको कहते मराकर आदमी का दिल जब अल्लाह के जिक्र से गाफिल होता है तो फौरन शैतान वहां आ जाता है जी शैतान आ जाता है वहां जैसे चोर जो होते हैं व किसी घर में जब चोरी करना चाहते हैं तो पहले उसके इर्दगिर्द घूमते हैं और इर्दगिर्द
घूमने के बाद देखते हैं कि किस तरफ से घर में घुसा जाए और उन्हें अगर पता चल जाए कि घर के लोग जाग रहे हैं तो फिर घर में नहीं घुसते जी घर में नहीं घुसते हैं तो जिक्र का मतलब यह कि दिल बेदार है अल्लाह तबारक ताला का जिक्र जब तक आदमी करता रहता है उसका यह मतलब है कि आदमी का दिल जाग रहा है जी और जिस घर के अंदर अफराद जाग रहे हो वहां चोर नहीं दाखिल होता ऐसे दिल अगर अल्लाह के जिक्र में मशगूल हो तो फिर उस दिल में शैतान नहीं
घुस सकता तो यह जिक्र यानी दोनों चीजें मिलकर के तकवा बनती है एक मुराककाबत चारपाई के ऊपर एक बूढ़ा सोया हुआ है और एक चारपाई के ऊपर बुढ़िया सोई हुई है घर में और कोई नहीं है उसने क्या किया कि जो चादर लाया था उसने चादर बुढ़िया की चारपाई के पास रख दिया कि चादर लेकर के मैं कहां-कहां घूमू देखूं घर में माल कहां-कहां है फिर वो माल को जमा करके इस चादर में बांध होंगा और निकल जाऊंगा घर में पूरा घूम चुका वो लेकिन कहीं कुछ नहीं मिला इतने गरीब लोग थे कहा कि कहां
आ गया मैं किस घर में यहां तो कुछ है ही नहीं चलो किसी दूसरे घर में जाते हैं जब वहां पहुंचा तो चादर नहीं थी परेशान हो ग वो चादर कहां गई देखा तो बुढ़िया ने वो चादर ओढ रखा था ये समझ गया कि घर वाले शायद जाग चुके हैं भागा वो पीछे से बुढ़िया की आवाज आई बेटा इस बारना बुढवा के लिए भी चादर लेते आना ऐसा होता तो कभी कभी ऐसा होता है कि लेने के देने पड़ जाते हैं लेने के देने पड़ जा लेने का देना पड़ना य यही से जी तो न
तो तकवा किसे कहते उसके दो आवाम होते हैं एक है मराकर हर कदम पर आदमी निगाह रखे कि मेरा कदम कहां पड़ रहा है और दूसरे अल्लाह के जिक्र से दिल बेदार होना चाहिए ताकि शैतान का कुछ बस ना चल सके उसके बाद मूसा अली सलाम और जादूगरों का वाकया बयान किया जा रहा है जी आपको मालूम है इसमें जैसे ही जादूगरों को मालूम हुआ इसलिए कि उन्हें मालूम था कि हम जो चीजें डाल रहे हैं यह फेक है मेसमेरिज्म है वो सिर्फ आंखों को दिख रहा है हकीकत में वो लाठियां और रस्सियां है और
लोगों को दिख रही है कि ये सांप है लेकिन हजरत मूसा अली सलाम ने जब अपना असा डाला तो सचमुच व अदा बन गया जादूगरों ने देखा कि हमने जो पेश किया है वो मिसम जम है वो आंखों का धोखा है लेकिन मूसा ने जो पेश किया है वो सचमुच ट्रांसफॉर्मेशन हो गया है यानी यह असा अजदा हकीकत में गया फौरन वो सजदे में गिर गए अल्लाह तबारक ताला ने सारे जादूगरों को ईमान की दौलत से नवाज दिया जी इसमें नुक्ता यह है के आदमी हक और बातिल के दरमियान फर्क करे और जब मालूम हो
जाए कि यह चीज हक है तो फिर हक को कबूल करने में देरी ना करे और पसो पेश ना करे जी और सलबी रवैया इख्तियार ना करे के चलो भाई इसकी तरफ भी नहीं है इसकी तरफ भी नहीं है नहीं या तो आप कुफ्र तियार करें कुफ्र पर रहे या फिर हक को कबूल करें अनाना हमारे लिए जरूरी है कि हम अपना मौक मुत करें कि आप हक के साथ है या बातिल के साथ है आप बीच में लटके नहीं रह सकते जी यहां देखो जादूगरों ने हक को देखा तो फौरन उन्होंने अपने मौक को
मुत कर लिया कि हमें हक के साथ रहना है और अजीब बात तो यह है इसके आगे एक वाकया बयान किया जा रहा है बहुत गौर से सुने वहां देखिए हक को जानने के बाद उन्होंने अपना मौक मुत नहीं किया लिहाज अल्लाह तबारक ताला ने उनका मौक मुत नहीं किया जी अल्लाह ने आगे फरमाया वस कात बहर मेरे हबीब आप उनसे पूछिए उनसे पूछिए कि एक बस्ती थी एक दरिया के किनारे दरिया के किनारे एक बस्ती थी और इस पूरी कौम की मशत का पूरा दारोमदार मछलियों के शिकार पर था यह मछलियों का शिकार करते
खाते बेचते पैसा बनाते और बड़े ऐशो आराम के साथ जिंदगी गुजार रहे थे अल्लाह तबारक ताला ने इनके ऊपर एक हुक्म नाजिल फरमाया के पूरे हफ्ते तुम शिकार करो मगर यम सप्त को सनिचर के दिन सैटरडे को तुम लोग कोई शिकार नहीं कर सकते पूरा दिन इबादत में गुजारो ये यह वाक बयान किया गया आगे अब अल्लाह तबारक ताला ने इनको आजमाया कैसा आजमाया कि छ दिन मछलियां गायब रहती और जिस दिन शिकार करना मना था सैटरडे के दिन सनीचर के दिन मछलियां साहिल के ऊपर लौटती रहती थी अब ये बिचारे छ दिन जब शिकार
करने के लिए जाते तो मछलियां दिखती ही नहीं थी और सनीचर कि देखते कि मछलियां जो सरे साहिल लौट रही हैं ईमान डगमगा गया इन्होंने दीन को छोड़ कर के दुनिया इख्तियार करने का इरादा कर लिया लेकिन इन्होंने एक हीला इख्तियार किया क्या डायरेक्ट य हराम में मुरत नहीं हुए बल्कि हराम चीज का इतका करने के लिए उन्होंने हीला इख्तियार किया जैसे रसूला स ने इशाद फरमाया अल्लाह यहूदियों पर लानत करे कि उनके ऊपर चर्बी हराम की गई थी अल्लाह अकबर देखो हमारे लिए चर्बी हलाल है जी उनके लिए हराम थी यानी जैसे हलाल जानवर
का गोश्त हमारे लिए हलाल है और चर्बी हलाल है उनके लिए सिर्फ गोश्त हलाल था चर्बी हलाल नहीं थी तो अल्लाह लानत करे यहूद पर कि उनके ऊपर चर्बी हराम की गई थी मगर उन्होंने चर्बी तो नहीं खाई मगर चर्बी बेचकर उसकी कीमत खा गए जी यही जी य हीला है तो इन्होंने डायरेक्ट हराम का इरत काब नहीं किया बल्कि क्या करते कि यह कुछ खाने की चीजें रास्ते में डाल देते और उन्होंने छोटे-छोटे गड्ढे बना दिए थे अब मछलियां जब सनीचर के दिन साहिल पर आती तो वह खाने की चीजें देखती तो खाती हुई
यह इनके गढ़ों में आ जाती और फिर यह उनके जाने का रास्ता बंद कर देते और फिर इतवार के दिन मछलियों को पकड़ते थे जी यह कौम है असत फिर कतन असत यह गरो है जिसने इंकार किया अल्लाह का इन्होंने अल्लाह की मासि अत की अब दो ग्रुप और थे एक ग्रुप मना करने लगा बोले ये क्या कर रहे हो तुम सनीचर के दिन शिकार करना मना है और तुम इस हराम का इतका क्यों कर रहे हो तो उन्होंने तावी की कि हम कहां सनीचर के दिन मछलियां पकड़ रहे हैं हम तो इतवार के दिन
मछलियां पकड़ रहे हैं इन लोगों ने कहा ये हीला इख्तियार कर रहे किसी हराम चीज को इख्तियार करने का अरे तुमने रास्ता जब बंद कर दिया अपने गढ़ों से दरिया में जाने के लिए मछलियों के लिए तो मछलिया जाएगी कैसे तो यह तो सनीचर के दिन शिकार करना हुआ हम यह देखते कि तुमने रास्ता बंद नहीं किया तो देखते क्या मछलियां तुम्हारे गढ़ों में मौजूद है या मौजूद नहीं है अब उसके बाद यह लोग माने नहीं तीसरा गर होता जो खामोश था सकत तो फिर अस फिरन अतात व फिरन सकत एक गरो था अल्लाह की
नाफरमानी करने वाला और एक गरो था उनको रोकने वाला ऐसा मत करो और तीसरा ग खामोश था यह तीन गरो हो गए जी अल्लाह तबारक ताला का अजाब आया तो अल्लाह ने क्या फरमाया जो इस बुराई से रोकते थे हमने उनको इस अजाब से बचा लिया और जिन लोगों ने अल्लाह की मासि अत की थी उनको बंदर बना दिया गया बंदर बना दिया गया तो जिन लोगों ने अल्लाह की मासि की थी उनको बंदर बना दिया गया और जिन लोगों ने उनको रोका था इस बुराई से अल्लाह तबारक व ताला ने उनको बचा लिया लेकिन
तीसरी कौम यह तीसरा जो फिरका था इसके बारे में आयते करीमा खामोश है कि इसके साथ क्या हुआ इशारा इस बात की तरफ है कि हक और बातिल हक और बातिल अगर आपके सामने आ जाए और आप जान ले कि हक क्या है और बातिल क्या है तो अपने मौक को मुत करें कि यह हक है हम हक का मौक इख्तियार कर रहे हैं हम हक को कबूल कर रहे हैं यह खामोशी इख्तियार नहीं करनी चाहिए इसलिए कि अगर आपने खामोशी इख्तियार की तो फिर अल्लाह भी तुम्हारे मौक के ताल्लुक से खामोश हो जाता है
आखिरत में तुम्हारे साथ क्या मामला होगा अल्लाह ही जानता है जी हक और बातिल के दरमियान कशमकश हुई जादूगरों ने हक को देखा फौरन अपना मौक मुत कर लिया लेकिन यहां इन्होंने यह तीसरे ग्रह ने अपना मौक मुत नहीं किया लिहाजा अल्लाह तबारक ताला ने इनका मौक मुत नहीं किया कि इनके साथ क्या हुआ जी मौक मुत किया जाए हीला इख्तियार किया जा सकता है कि नहीं किसी चीज में बोले हीले दो होते हैं एक हीला ऐसा जिससे हरा हराम हलाल कर लिया जाए यह हीला जायज नहीं लेकिन एक हीला होता है हीले शरी जिससे
हराम चीज हलाल नहीं होती या हलाल चीज हराम नहीं होती तो ऐसा हीला इख्तियार करना जायज है कैसे एक शख्स था उसकी बीवी ने अपने मुंह में लुकमा डाला शौहर गुस्से में था कहा कि अगर यह लुकमा तूने बाहर थूका तो तलाक और अगर निगल लिया तो तलाक और अगर मुंह में रखा त भी तलाक वो क्या करे वो क्या करें लुकमा डाल ली बिचारी गुस्से में था कहा कि अगर इस लुक मेंे को थूका बाहर निकाला तो तलाक निगल लिया तब भी तलाक और मुंह में रखा तब भी तलाक अब वो मुह बंद किए
हुए बिचारी परेशान है कि क्या करूं थोड़ी देर बाद इनको भी एहसास हो गया शौहर नामदार को बड़ा गलत हो गया फौरन भागे भागे इमाम मालिक रला के पास आए हजरत इमाम मालिक रला ने कहा कि ऐसी हरकत क्यों करते हो तुम कहा कि हजरत कुछ इसका हल बताइए मैं तो बहुत परेशान हूं बोल दिया तो कहा कि आसान है अपनी बीवी से कहो अखरे जीी बाजल लुकमा ब बाज उस लकम का थोड़ा सा बाह थूक दे तो थोड़ा निकल ले जी उस लकम का बा पूरा लुकमा है ना तो उसने कहा था लुकमा ये
जो तेरे मुंह में है अगर तू थूक है तो तेरे ऊपर तलाक और निकलती है तो तलाक तो उसका हल ये है कि थोड़ा सा लुकमएल क नहीं होगी इसलिए कि पूरा लुकमा थोड़ी वो निकल रही है और ना पूरा लुकमा वो मुंह में रख रही है तो थोड़ा सा लुकमा उसने बाहर निकाल दिया थोड़ा सा निगल लिया खलास तो हजरत इमाम मालिक रहमतुल्ला अल ने कहते हैं कि यह हीला बताया तो यह हीले शरिया है जिससे कोई हराम चीज हलाल नहीं होती और हलाल चीज हराम नहीं चलिए इसके ऊपर कल इंशाल्लाह बहस करेंगे इंशाल्लाह
नवा और दवा दोनों एक साथ ले लेते हैं वावाला इन्होने जो हीला इयार किया व हीले गैर शरीयत और फिर इनको बंदर बना दिया गया जी अच्छा जिन लोगों ने मना किया था रोक रहे थे जो उनको अल्लाह ने बचा लिया दोनों का अंजाम बता दिया गया कि इन्होंने नाफरमानी की इनको बंदर बना दिया गया अच्छा जिन्होंने रोका था फ हमने उन लोगों को बचा लिया जो बुराई से रोकते थे और तीसरा जो फिरका था जो चुपचाप था सकत अल्लाह ने उसका अंजाम नहीं बयान किया मालूम नहीं उनके साथ क्या हुआ या कयामत में उनके
साथ क्या होने वाला है उन्होंने हक और बातिल के दरमियान अपना मौक मुत नहीं किया कि आप हक के साथ है या बातिल के साथ है आप फरकत असद के साथ है फरक नद के साथ है मना करने वालों के साथ है या नाफरमानी करने वालो के साथ य खामोश रहे अल्लाह तबारक ताला ने इनका अंजाम नहीं बताया इनका अंजाम क्या हुआ जरूरी है कि हक और बातिल की कशमकश में आप अपना मौक मुत करें क्या आप हक के साथ है कि बातिल के साथ है खामोश मत रहे जी यह बात बताइए तो पूरी कौम
को बना दिया गया एक सवाल कर सकते हैं यहूदियों को कहा जा सकता है या अबना अलरा बंदरों के बेटों बोले नहीं बोल सकते इसलिए के किसी कौम की सूरत जब मस् की जाती है तो तीन दिन के बाद सबको मौत दे दी जाती है उसमें नस्ल नहीं चलती इसलिए कि अजाब है ये अजाब की नस्ल नहीं चलती जी तो जितने लोगों को बंदर बना दिया गया सब मर गए थे इनसे नस्ल नहीं चलती लि यहूदियों को नहीं क सकते बंदर की औलाद बंदर की औलाद जी उसके बाद हजरत मूसा अली सलाम का वाकया बयान
किया जरहा बहुत गौर से सुने हजरत मूसा सलाम को अल्लाह ताला ने कोहेतूर पर बुलाया तौरा देने के लिए गए अल्लाह से बात होने लगी बात हो रही थी बस एक मुतालबा कर बैठे क्या ल हजरत मसा के रब ने मूसा से कलाम किया डायरेक्ट बात हो रही है जी काला रनी अभी तो बात हो रही है इन्होंने चाहा कि यह जो बात कर रहा है मैं उसका दीदार कर लू कानी मेरे रब त अपना दीदार करा दे मैं तेरा दीदार करना चाहता हूं कतारा तु मुझे नहीं देख सकते हरगिज नहीं लन है नेवर नेवर
अब आप य कह सकते हैं क्या अला तबारक ताला का दीदार जन्नत में भी नहीं होगा जन्नत में होगा जी तो य लन का कभी नहीं देख सकते तुम कभी नहीं तो यह जो लन है लन नेवर यह किसके लिए मुफस्सिर ने एक इल्मी जवाब दिया है वो जवाब यह है कि लन जो आता है एक होता है नॉट एक होता है नेवर आई विल नॉट डू दिस मैं यह नहीं करूंगा आई विल नेवर डू दिस मैं इसको कभी नहीं करूंगा तो नेव जो आता है यह लन उसी के माने में होता है तुम कभी
नहीं देख सकते तो इससे यह पता चलता है के जन्नत में भी नहीं देख सकते उसका जवाब इल्मी मुफस्सिर ने यह दिया कि लन [संगीत] इलन तजी अला काम दुनिया यह दुनिया के अकाम के ऊपर चलता है लन यानी तुम दुनिया में मुझे हरगिज नहीं नहीं देख सकते इसमें आखिरत में देखने की नफी नहीं है इसलिए के दलील यह है कि अल्लाह ने कहा कि अगर तुम सच्चे हो यहूदियों से कहा गया फत अगर तुम सच्चे हो तो मौत की तमन्ना करो और आगे अल्ला फमा यह हरगिज तमन्ना नहीं करेंगे न है वहा पर यह
यहूदी हरगिज मौत की तमन्ना नहीं करेंगे और जब जहन्नम में दाखिल होंगे तो कहेंगे मा जहन्नम के दारोगा तू अल्लाह से कह हम मौत दे दे अब देखो मौत मांग रहे ना मौत की तमन्ना कर रहे ना इससे यह पता चला कि मौत की तमन्ना यह जहन्नम में कर रहे हैं दुनिया में कहा गया कि यह दुनिया में अपने मौत की तमन्ना नहीं कर सकते लिहाज लन जो है उसके अकाम यह दुनिया की जिंदगी पर दुनिया में जारी होते हैं लाजरी अखरा आखरत के अकाम पर जारी नहीं होते तो कयामत के दिन देखेंगे हम अच्छा
देखेंगे कैसे अल्लाह ने फरमाया ला तु इदराक कहते हैं किसी चीज को पूरा का पूरा देख लेना इदराक घेर लेना इसे घेर लेना जैसे इस गिलास को हम देख रहे हैं ना इधर उधर उ पूरा देख रहे हैं कयामत के दिन अल्लाह का दीदार होगा लेकिन वहां भी आप इदराक नहीं कर सकते पूरा नहीं देख सकते आप कैसे देखेंगे आप हदीस में बताया कि जैसे चांद को देखते हैं जी तो चांद दिखाई देता है ना पूरा ही दिखाई देता है लेकिन जितना देखते हैं आप वो थाली की तरह थाली के बराबर है वो अरे पूरा
पूरा कोरा है वो और नजर कितना आता है पूरा नजर आता है चांद पूरा नजर आ रहा है चमकता हुआ एक थाली की तरह क्या वो थाली के बराबर है ऐसे ही तुसर तुम देखोगे बगर एता नहीं कर सकते बिल्कुल अल्लाह अनलिमिटेड है उसका ता नहीं कर सकती आंख कयामत के दिन में ऐसे नजर आएगा अल्लाह जन्नत में जैसे चांद नजर आता है यह हदीस में है जैसा कि तुम चांद को देखते हो ऐसे अल्लाह को देखते हो तो चांद का इ नहीं होता चांद हमें थाली की तरह दिखाई देता है लेकिन थाली के बराबर
नहीं है वो बहुत बड़ा है पूरा कोरा है वो तो इस तरह तुम देखोगे तो तुम सेरना बगैर बगैर एते के देखोगे अच्छा और जन्नत की सबसे बड़ी नेमत है दीदार इलाही वो देखने के बाद जन्नत की सारी नेमत फीकी पड़ जाएंगे आ किसी खूबसूरत लड़की को देखो किसी खूबसूरत लड़के को देखो कोई ब्यूटीफुल सीन देखो कोई बेहतरीन बिल्डिंग देखो आदमी कहता वाओ आदमी की तमन्ना होती है कि इतनी हसीन चीजें बनाने वाला कितना जमील होगा अल्लाह क्या तमन्ना नहीं है व देखने के बाद अकले हैरान रह जाएंगी वो कैसा है बो अल्लाह हम सबको
अपना दीदार करा अल्लाह अकबर तमाम हसीन चीजों को बनाने वाला कैसा होगा अल्ला कमाल आदमी तसर भी नहीं कर सकता जी तो हजरत मूसा कहने लगे मेरे रब त मुझे दिखा मैं तेरा दीदार कर करत दुनिया में तो मुझे नहीं देख सकते अब जाहिर है कि नबी ने एक तमन्ना की थी अल्लाह ने कहा नहीं देख जाहिर है उनके दिल को तकलीफ पहुंची होगी कि एक आरजू थी वो आरजू पूरी नहीं हो रही है अल्लाह तबारक ताला ने तसल्ली के लिए फरमाया तेरी आंखें मुझे कैसे देख सकती हैं यह पहाड़ देख रहा है सामने पहाड़
तुझसे अलब है कि नहीं तुसे ज्यादा ताकतवर और मजबूत है कि नहीं हां है कहा कि मैं अपनी तजल्ली डाल रहा हूं पहाड़ के ऊपर फलमा कहा लनी ला जबल माउंटेन के ऊपर सामने जो नजर आ उस नि डाल अगर व अपनी जगह ठहर जाए तो मुझे देख लेगा फ तक अल्लाह ने अपनी तजल्ली जाहिर फरमाई और पहाड़ जमीन के बराबर हो गया या रेज रेजा हो देखो दो चीज तजल्ली किसको कहते हैं एक जहूर जहूर का मतलब होता पूरी शय न आना जैसे ग्लास है यह पूरा नजर आ रहा आपको य जहूर है जहर
यानी पूरा का पूरा दिखाई देना और तजल्ली कहते हैं जहूर मन किसी चीज का कोई हिस्सा यह दिखना इतना दिख जाए य इतना इतना आपको दिख जाए पूरी चीज ना दिखे चीज का एक हिस्सा दिख जाए एक जुज तो उसको कहते तजल्ली अल्लाह तबारक ताला अपनी पूरी तजल्ली डाल देता तो अला अ सवाल ही पैदा नहीं होता अच्छा ये तजल्ली कितनी डाली गई थी बहकी ने असमा और सिफात में जिक्र फरमाया मिस खिन सर खिन सर बिनसर उस्ता सबाबा इम यह उंगलियों के नाम है खिन सर य कनई उंगली खिस बिनसर उस्ता सबाबा इम तो
यह खिस के बराबर कनई उंगली के बराबर अल्लाह तबारक ताला ने अपनी तजल्ली इसलिए कि जुहूर बाज है बाज थोड़ी सी तजल्ली यह कन उंगली के बराबर यह खि सर के बराबर इतनी डाली पहाड़ कैसा हो गया रेजा रेजा हो गया दक्का का ल दक्का जानते किसको कहते कहते नाका दक्का टनी य टनी कैसी होती है मुस्त जी यह टनी हो टनी देखो टनी होती है तो यह जो कोहा होता उसका ऊपर ऐसे उभरा हुआ होता है पीठ के ऊपर ऐसे बिल्कुल पहाड़ की तरह पहाड़ एक तरफ और दूसरी तरफ ऊट खड़ा हुआ हो तो
ऐसा लगेगा दोनों दोनों एक जैसे हैं जी जी इसलिए कि वो भी जमीन सेसे उभरा हुआ होता है और य टनी की पीठ के ऊपर उभरा हु होता है तो पहाड़ में और ऊंट के सेनाम में उसके इस सेनाम के अंदर को हान के अंदर मु मासल होती है जी तो यह जो है पहाड़ जमीन से उभरा हुआ और यह को हान यह टनी के पीठ के ऊपर उभरा हुआ तो कान मुस्त सेना टनी का ये जोहान है अगर पीठ के बराबर हो जाए पीठ के बराबर तो कहते नाक दक्का अब को हान नहीं दिख
रही है ऐसे ही अल्लाह तबारक ताला ने जो अपनी तजल्ली पहाड़ के ऊपर डाली पहाड़ बैठ गयासे दब गया पूरा जमीन के बराबर हो गया ये पावर है एक मामूली तजल्ली का और ये बश होकर गिर पड़े ये कह रहे थे मैं तुझे देखूंगा आलम ये है कि तजल्ली वहां पड़ी बेहोश हो गए ये जब तजल्ली देखकर जब तजल्ली का जुहूर पहाड़ के ऊपर हुआ और पहाड़ जमीन के बराबर हो गया या रेजा रेजा हो गया अगर इनके ऊपर वो तज अगर इनके ऊपर जाहिर किया जाता उस तजल्ली को तो इनका क्या हाल होता ये
तो बेहोश हो गए खाली तजल्ली देख कर के मामूली तजल्ली देखकर जब बेहोश हुए फाका हुआ फलमा अका जब होश में आए काला सुभान सबसे पहले यही बात उन्होने क मेरे रब तू पाक है किस चीज से पाक है पाक इस बात से है कि दुनिया में तुझे कोई नहीं देख सकता इस बात से तू पाक है कोई नजर तुझे नहीं देख सकती पाक है तू तु तले मैं तौबा करता हूं मुतालबा गलत कर बैठा जिसे देखा नहीं जा सकता उसको देखने की तमन्ना कर बैठा मुतालबा कर बैठा तु मैं तौबा करता हूं गलती हो
गई मेरे रब अ मोमन मैं पहला ईमान लाने वाला हूं कैसा ईमान लाने वाला इस बात पर ईमान की दुनिया में मरने से पहले तेरा दीदार कोई नहीं कर सकता इस पर मेरा ईमान है और सबसे पहले ईमान लाने वाला हूं मैं यह है अकीदा उसके बाद अल्लाह तबारक ताला अलस का जिक्र फरमा रहा है बहुत गौर से र मन बनी आदम म जयतला अलर अल्लाह ताला ने आदम को पैदा किया और फिर उनकी पीठ के ऊपर हाथ फेरा हाथ फेरने के बाद कयामत तक उनकी जितनी औलाद थी सबको निकाल लिया जी और फिर जितनी
औलाद को निकाला जैसे एक को निकाला फिर इसके जितने बच्चे होंगे उन तमाम बच्चों को निकाला इसके इतने बच्चे होंगे इसके बच्चों को निकाला ऐसे कयामत तक आने वाले तमाम इंसानों को निकाल लिया अल्लाह तबारक ताला ने सामने रख दिया पहला सवाल आप ये कर सकते हैं इतनी ज्यादा तादाद और आदम अल सलाम से लेकर के कयामत तक आने वाले तमाम इंसानों को एक साथ निकाल कर के एक जगह पर डाल देना ऐसा मुमकिन है जी साइंटिफिकली प्रूव्ड है जी इसलिए कि आपको मालूम है जो डॉक्टरी पढ़ते हैं मेडिकल साइंस जो पढ़ते हैं मेडिकल में
है उनको मालूम है कि एक दफा मर्द अपनी बीवी से इज दिवाज ताल्लुक कायम करता है तो एक मर्तबा में जो सीमन मादे मनवी या खारिज होता है यह तकरीबन 2 एमएल से लेकर के 3 एमएल या लगभग 3 एमएल और बाज लोगों ने कहा बा डॉक्टरों ने कि दो से लेकर 5 एमएल तक खारिज होता है जी और 1 एमएल के अंदर 100 मिलियन जरासी होते हैं जो जिंदा होते हैं गोया एक मर्तबा में 30 करोड़ इसलिए कि 100 मिलियन 30 करोड़ हो गया ना इसलिए के 100 मिलियन का हो गया कितना 100 मिलियन
का 30 करोड़ हो गया 30 करोड़ तक 100 मिलियन 100 मिलियन बो अला 10 मिलियन के एक करोड़ हो गया 100 मिलियन का कितना हो गया 30 करोड़ तकरीबन हो गया तो 30 करोड़ अगर एक दफा में निकल सकता सब जिंदा है जी ये एक दफा के खराज की बात है तो अल्लाह तबारक व ताला जब एक एमएल के अंदर जी 100 मिलियन जानदार को जमा कर सकता है तो एक मैदान के अंदर हजरत आदम से लेकर कयामत तक पैदा होने वाले इंसानों को क्यों नहीं जमा कर सकता जी हम लोग भी वहां मौजूद थे
हमको भी अकल दी गई थी और अल्लाह ने पूछा था गवाह किया था हमको क्या अल रकम क्या मैं तुम्हारा रब नहीं हूं कालू बला हम तमाम लोगों ने कहा था क्यों नहीं इकरार किया था हमने इकरार किया था अब आप एक सवाल कर सकते हैं हमें याद नहीं है हमें याद नहीं है हमने क्या इकरार किया था हमें हमें याद नहीं है उसका जवाब यह है कि तौहीद उला मफर फनस अल्लाह तबारक ताला की तौहीद जिसका हमने इकरार किया था अहद अल में हमारी फितरत में है इसलिए कि जब मुसीबत आती है तो सबको
भूल जाते सिर्फ वही जात याद रहती है व बताया गया कुराने हकीम में जी और दूसरे अल्लाह ने फरमाया कि कहीं यह ना कहो कि हम गाफिल थे आगे हमें मालूम नहीं था इस वजह से हमने रसूलों को भेजा ताकि उस भूले हुए सबक को तुम्हें याद दिलाए हमने अपनी किताबें उतारी ताकि तुम अपने भूले हुए सबक को याद करो कोई चीज भूल जाती है तो याद दिलाने वाले आते हैं रसूल आए तुम्हें याद दिलाने के लिए और किताबें हमने उतारी उस सबक को याद दिलाने की जिस सबक को तुम भूल चुके हो ताकि कयामत
के दिन दो बातें ना कह सको क्या दो बातें आदमी बोलने की कोशिश करेगा क्या गवाही देते हो बो यस बला अच्छा तो हम इस गवाही पर गवा है कौन का मला मलाइका कहते हैं तुम गवाही दे चुके हो और हम इस बात पर गवा है हमारे सामने तुमने गवाही द शहीद ना हम गवा ताकि कयामत के दिन तुम य नहीं कह सको हम इस बात से गाफिल थे शहादत मलाइका की मौजूद है जी और अल्लाह ने फरमा उ रस मैं अपने रसूलो को भेजूंगा और मैं अपनी किताब भेजूंगा ताकि अगर तुम भूल जाओ हो
जाओ तो तुम्हारी गफलत से तुमको जगा दिया जाए यह किताब गफलत से जगाने के लिए आती रसूल तुम्हारा भूला हुआ सबक याद कराने के लिए आते हैं ताकि कयामत के दिन तुम य कह सको हम फिल थे हमको मालूम नहीं था जी या यह ना कह सको बाप दादा ने किया तो हम भी कर रहे हैं क या तुम कहो कि हमारे आबा ने शिर्क किया था तो हम तो ज उनकी औलाद थे बातिल परस्तों की वजह से उनकी वजह से हम गुमराह हुए ना तो हमारी क्या गलती है बिल्कुल नहीं बाप दादा का हवाला
देकर नहीं बच सकते गफलत का हवाला देकर नहीं बच सकते खबरदार वार्न कर दिया गया तुमको अल्लाह अकबर क्या बात है क्या बात आज देखो कहीं हक बात सुनाई जाती है तो आदमी सुनने के लिए तैयार नहीं होता है किसे सुनने के लिए तैयार रहता है जी मौलवी तकरीर कर रहा था सुना कब्र में एक आदमी पहुंचा और वह गौस आजम का मुरीद था कब्र में जैसे ही मुनकर नकीर आए पूछा मर रब बुक कहा कि मैं शेख अब्दुल कादिर जीलानी का मुरीद हूं कहा कि सवाल कुछ है जवाब कुछ है सवाल कुछ है जवाब
कुछ अब इस मौलवी से पूछो इस बदबख्त से तु किसने बताया वहां मुनकर नकीर सवाल कर रहे उस धोबी से कौन बताए इसलिए कि ईमान बिल गब है ना कुरान से हदीस साबित होना चाहिए ना बेवकूफ यह सुनने के लिए जाते यह सुनने के लिए जाते हैं अल्लाह अभ धो भी था बच गया तो कहा कि उनको पकड़ लिया था अब्दुल कादिर जीलानी ने किन फरिश्तो को बता अला य चुटकुले सब हकीकत उसको कैसे मालूम हो य तोई मान ब है ना और ईमान ब का पता कुरान से चलता है या हदीस से चलता है
इन दोनों से चलता है कैसे मालूम माकत जीना म बा मा गलती उन्होंने की थी उन्हीं के रास्ते पर हम चले बाप दादा के रास्ते पर तो गलती उनकी थी ना यह कहकर नहीं बच पाओगे गलती उनकी थी उसके बाद एक वाकया बयान किया जा रहा है त उस आदमी का वाकया बयान कर दीजिए जिसको हमने अपनी आयत दी थी अल्ला आयत दी थी यह आदमी या तो उम बने सल है नबी का जमाना पाया इसने और हमने उसको अपनी आयतें दी थी आयत दी थी क्या यह शिर्क से फिी तौर पर करात रखता था
शिर्क नहीं करता था ये जी तो करात शिर्क हमने शिर्क की कराह इसके दिल में रख दी थी शिर्क से नफरत करता था ये अच्छा और अल्लाह तबारक ताला ने अंबिया की किताबें पढ़ने के लिए रास्ते हमर कर दिए थे इसको अंबिया की किताबें मिलल गई थी तौरा पढ़ रहा था यह इंजील पढ़ रहा था यह और तौरा और इंजील के अंदर अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अ वसल्लम के औसाफ भी पढ़े थे इसने तो गोया अल्लाह ने निशानिया उसको दे दी थी लेकिन जब अल्लाह के रसूल के पास आया तो वह यह समझ रहा था
कि मैं रसूल बनाया जाने वाला हूं जो खबरें दी गई व मैं हूं लेकिन जब देखा कि यह तो दूसरे हैं म यह निकल गया आयतो से और कहा गया कि आयतों के निकलने के बाद ऐसा कैसे निकला कहते हैं फला मनहा इनला कहते हैं कमन ल द है जैसे सांप अपने कचली से निकल जाता है सांप को देखो उसका ऊपर एक लिबास होता है उसके बाद कुछ वक्त के बाद अपना ऊपर का जो लिबास होता है जिसको कचली कहते हैं कचली अपनी कचली निकाल देता है कहीं क से देखो पड़ा रहता है डर होता
अरे सांप तो नहीं है लेकिन व उसकी कचली होती है वो उतार करके आगे बढ़ जाता है आप यह कह सकते हैं यहां यह क्यों नहीं कहा गया जैसे आदमी लिबास उतार देता है ला इसलिए कि जो लिबास उतारता है दोबारा उसको पहनता है लेकिन सांप जब अपनी कचली उतार देता है तो दोबारा उस कचली को पहनता नहीं है जी तो इस तरीके से हमारी आयात से निकल जाना जैसे सांप अपनी कचली से निकल जाता है कि दोबारा उसम नहीं गया जी कपड़ा जब आदमी उतारता है तो दोबारा पहनता है मगर सांप अपनी कचली उतार
दे तो दोबारा अपनी कचली नहीं पहनता तो हमारी आयात से इस तरह निकल जाना जैसे सांप अपनी कचली से निकल जाता है क साप अपनी कचली से निकल जा दोबारा अपनी कचली नहीं पहनती अल्लाह क्या आया से इस तरह निकल गया फात बाहु शैतान तो शैतान उसके पीछे लग गया नुक्ता यह है आदमी जितना दीन से दूर होता है शैतान उसके उतना ही करीब होता है आदमी थोड़ा दूर है तो थोड़ा करीब होता है ज्यादा दूर होता है और करीब हो जाता है पूरा निकल जाता है अपने कब्जे में ले लेता है शैतान शैतान उसके
पीछे लग जाता है आदमी दन छोड़ता है दीन से निकलता है शैतान उसके पीछे लग जाता है और सबसे ज्यादा किसके पीछे लगता है जालो के नहीं उनको कुछ मालूम ही नहीं है अक्सर तो बैल होते हैं उनको मालूम नहीं होता य आलिम के पीछे लगता है जीको मालूम इसलिए एक आलिम खराब हो जाए तो पूरा आलम खराब हो जाता है जी हम लोग को जिम्मेदारी बड़ी खतरनाक है बत पैर कर रखना पड़ता है बहुत डर लगता है ना लर अगर हम चाहते तो जो नेमत हमने आयात की दी थी हम उसको बुलंद करते पता
यह चला कि दन आदमी जब पकड़ता है तो बुलंद होता है छोड़ देता है तो नीचे चला जाता है जी लावा और य आदमी दन को छोड़ता क्यों है बताया तबा हवा सिर्फ अपनी मनमानी करने के लिए अपने हवा की परस्तिश करता है हवा हवा मीस खवाहिश नफ्स अपनी खवाहिश नफ्स की त हवा यह बुनियाद है आदमी दीन को छोड़कर दुनिया को इख्तियार क्यों करता है बताया गया कि य बहुत बड़ा आलिम था कौन उम इने सल लेकिन इसने दीन को छोड़ कर के दुनिया को इख्तियार किया दुनिया को इख्तियार किया और आखिरत को फरामोश
कर दिया उस जी आखरत को फरामोश कर दिया कम कल इसकी मिसाल कुत्ते की मिसाल कुते की कुत्ते की खुसूसियत होती है आप जानते हैं के वह हमेशा अगर सोया ना रहे खड़ा रहेगा तो भूखा रहे तब भी वह लहस करेगा लहस लहस का मतलब होता है सुरात तन फुस माद लिसान जबान लंबी करके हाता रहेगा दो चीज जबान निकाले रहेगा मा इमदाद जमान जबान को निकाले रहेगा माले जबान को निकाले रहेगा और हा पेगा ऐसे हा पेगा व य हा पता क्यों है हाता क्यों है कुतबी ने कहा या इस तरीके से कोई मुफस्सिर
है वह कहते हैं कि कुवा मन क दुनिया का हर जानवर या तो थकन से हाता है थक जाए तो या फिर प्यास से हाता है माल कल कुत्ते के अलावा ये पिए रहे पानी तब भी हाता रहता है खाए रहे पेट भरा रहे तब भी हाता रहता है क्यों इसकी वजह क्या है ये जानवर की खुसूसियत ये है कि वो जो मजर मजर नफसिलिन हाने की वजह से उसको आराम मिलता है इसलिए कि उसका जो मजरत तस है व मजरत तस चौक होता है ज होता है तोरा तोय खड़ा रहे तब भी हाता रहता
है इसी तरीके से खाना खाए रहे पेट भरा रहे तब भी हाता रहता है पिए रहे तब भी हाता रहता है जी ऐसे ही दुनिया दार को देखो क्या जी कारोबार कैसा है क्या मौलाना साहब गुज साल कितना नफा हुआ था बोले एक करोड़ हुआ था साल कितना हुआ बोले डेढ़ ही करोड़ हुआ है रहा यक लर नफा हुआ तब भी शिकायत और नहीं नफा हुआ तब भी शिकायत बिला जज शादी किए बोले नहीं जी मिल ही नहीं रही है श मा बीवी मिल गई तब भी शिकायत कर रहा है वो दूसरी तरफ देखता रहता
है कोई और आ जाए जाता है एक एक बीवी ने एक दफा अपने शौहर से कहा या जीी सुनते हो हा सुन रहा हूं क्या खास बात बोले तुम्हारे कई दोस्त हैं उनमें एक दोस्त तुम्हारा वो कल मुझे बहुत घूर घूर कर देख रहा था सर से पैर तक देख रहा था मुझे जायजा ले रहा था पूरा मेरे सराफ का अरे बोले समझ में आ गया वो मेरा दोस्त जमील है बोले जमील है आपको कैसे पता चला वही था वो बोले वो कबाड़ी है वो जूनी पुरानी चीज देखता रता जी जी तो बिला ज जती
बीवी रहे तब भी शिकायत ना रहे त भी शिकायत कबाड़ी बोलते इस वजह से जाय ले कितनी पुरानी है कितनी ज है जी यह मामला है तो ला इन क अगर भूखा तब भीता है और अगर सराब रहे तब भी हाता रहता ऐसे ही दुनिया दार कभी पेट नहीं भरता जी और हाय हाय करता हुआ हाता हाता हाता कुत्ते की तरह मर जाता है जैसे कुत्ता मर जाता है य मर जाता है जी जिंदगी भर उसका य हाल जीय उन लोगों की मिसाल है जो हमारी आयात की तकब करते अल्लाह अकबर बड़ी खूबसूरत बात कही
अल्लाह से बेहतर खूबसूरत बात किसकी हो सकती है उसके बाद एक बहुत प्यारी तालीम दी जा रही है आयत करीमा देखें बहुत ही खूबसूरत है ल अफवा मुर बिल वा जाली पूरी अखलाक यात इस आयते करीमा में आ गई लवा बहुत सारे लोग आपको तकलीफ पहुंचाते हैं कहा गया लफ माफी को पकड़ो तर्जुमा क्या करते हैं लोग माफ कर दोला खुज कहते हैं अल अल लज वदम तरही जब कहा जाए कि शय को पकड़ो तो पकड़ने का मतलब यह होता है लाजिम पकड़ो उसको कभी छोड़ो नहीं लुजू का मतलब होता है जैसे चांद की चांदनी
चांदनी चांद को लाजिम है कभी अलग नहीं होती जी ऐसे ही उसको पकड़ो यानी लाजिम पकड़ो अदम तरकी कभी छोड़ो नहीं तो य कहा गया मा एक मर्तबा माफ मत करो माफ करते रहो माफी को लाजिम पकड़ो कितनी अच्छी ताली तमाम झगड़ों की बुनियाद यही है किसी से इंतकाम लेना और इंतकाम का अपोजिट माफ कर दो और माफ मत करो ददम तर किसी चीज को लाजिम पकड़ना मुलाजमत स मुलाजमत सी अला मन मन उस आदमी को जो आपके साथ बुरा करे उसकी बुराई को माफ कर देना जी और बराबर उसको माफ करते रहना मुलाजमत अला
आपके साथ जो बुराई करे बुराई करने वाली की बुराई को मुसलसल माफ करते रहना कितनी शानदार तालीम अल्ला कुर्बान जाइए कितनी शानदार तालीम है ददम तर अच्छा उसके बाद वामर बिल एक होता उ एक होता मारूफ इसका फर्क मैं देख रहा था मिल ही नहीं रहा था क तकरीबन दस तफसीर देख चुका परेशान था कि एक जगह कहा वामर बिल मारूफ य कहाया वामर बि ऐसा क्यों उर्फ किसे कहते मारूफ किसे कहते मारूफ कहते हैं मा उरी फसर शरीयत जिको अच्छा कहे जी शरीयत जिसको अच्छा कहे उसको कहते हैं मारूफ अच्छा उर्फ किसे कहते हैं
उर्फ कहते हैं कि मा र बनास लोग उसको अच्छा समझते हो व शरीयत उसको मुखालफत ना करती हो अला यह उर्फ है नहीं समझे मारूफ कहते हैं जिसको शरीयत अच्छा कह रही हो कि यह चीज अच्छी और उर्फ किसे कहते हैं जिसे कोई सोसाइटी अच्छा कह रही हो लेकिन शरीयत उसको बुरा ना कह रही हो जी शरीयत उसकी मुखालफत करट ॉ उ तो उर् और मारूफ के दरमिन फर्क समझ में आया लोग जिसको अच्छा समझते हो और यह इंसान की फितरत है कि कुनास ला मुनकर ऐसा नहीं होता सोसाइटी के तमाम लोग किसी मुनकर के
ऊपर मुत हो जाए य इंसान की फितरत के खिलाफ है पूरी सोसाइटी कोई सोसाइटी सारे नौजवान शराबी हो जाए लेकिन चंद नौजवान ऐसे रहेंगे जो शराब के करीब नहीं जाएंगे कहेंगे गलत है बूढ़े भी मना करेंगे गलत है यह कोई भी गुना ऐसा हो सारे लोग उस पर मुत नहीं होते अगर व मुनकर है तो य इंसान की फितरत हैकर किसी सोसाइटी में दुनिया के किसी मुनकर के ऊपर तमाम लोग मुत नहीं होते कोई ना कोई होता है जो कहता है गलत है जी तो मारूफ किसको कहते हैं मा शरीयत जिसको अच्छा कहती हो ट
इ कॉ मारूफ और उर्फ किसको कहते हैं सोसाइटी जिसको अच्छा कहती हो मगर व शरीयत उसको बुरा ना कहती होट ॉ उ अच्छा अच्छा इस उर्फ से जिसको सोसाइटी अच्छा कहती हो कौन कहता है कौन उसकी खिलाफ वर्जी करता है मुखालफत कौन करता है जाहिल ल जालीन जाहिल लोग अच्छी चीज को अच्छा नहीं समझते लिहाज इनके मुह लगो एराज का मतलब पीठ फेर लो इसलिए कि गंदगी को गंदगी से कभी साफ नहीं किया जा सकता गंदगी पड़ी हुई हो आप गंदगी लाकर और डाल दे तो गंदगी को साफ करने के लिए पानी की जरूरत है
गंदगी को साफ करने के लिए गंदगी वहां नहीं रख सकते आप गंदगी को गंदगी साफ नहीं लिहाज जाहिल की जहालत को जहालत से साफ नहीं किया जा सकता बिल्कुल जहालत का मुकाबला जहालत से नहीं होता कोई आपके साथ जहालत कर रहा हो तो आप भी जहालत करने लगे तो जहालत का जवाब जहालत नहीं है इसलिए कि गंदगी को गंदगी से से साफ नहीं किया जा सकता बल्कि गंदगी को पानी से साफ करें ऐसे ही अगर जाहिल का जवाब जहालत से देंगे तो ऐसे ही हुआ ना गंदगी गंदगी डाल दी गई तो गंदगी से गंदगी कहां
साफ होती है य फितरत के खिलाफ है नेचर के खिलाफ है और अगर जाहिल का जवाब देते फिरेंगे जहल का जवाब जहल से तो एक खराबी है क्या वो आदमी अपनी जहालत में और बढ़ जाएगा जी जैसे गंदगी पर गंदगी डाल दो तो गंदगी बढ़ जाती है ऐसे ही जहालत का जवाब जहालत से दोगे उसकी जहालत बढ़ जाएगी और डट जाएगा अपनी जहालत मेरी बात को गलत तो अपनी जहालत के ऊपर डट जाएगा लिहाज तकलील फसाद ही उसके फसाद को उसकी खराबी को कम करने के लिए जरूरी है कि उसे राज किया जाए ना कि
उस जाहिल की के जवाब में जहालत इख्तियार की जाए क्या फलसफा है सुभान अल्लाह क्या कलाम है यार क्या कलाम है अब र ताला बता रहे कि आदमी झगड़े से बाज कब होता झगड़ा कैसे होता है आदमी माफ करने लगता है कभी-कभी आस्तीन चढ़ के आ जाता मैं कैसे माफ करू बोता तो यह कहते आस्तीन कब चढ़ाता मालूम है ने न का मतलब समझते हैं न का मतलब होता है कि बमा उसको ऐसे समझे देखते रहते आप लोग कि नहीं कभी कभी कोई पोस्ट आता है तो कतार में कुछ लोग खड़े हुए हैं एक लड़की
आगे खड़ी हुई है उसके पीछे एक लड़का खड़ा हुआ है और उसके पीछे एक लड़की है अब ये जो लड़की है लड़के के पीछे खड़ी है आगे लड़की उसके पीछे लड़का उसके पीछे लड़की है अब यह जो शरारती लड़की य जो खड़ी है यहां वो आगे बढ़ कर के इसकी कमर के अंदर या कहीं गुदगुदी कर देती है यानी उसको छेड़ है व इरा जिसको बोलते छेड़ है अब वो पलट करके पीछे खड़े हुए नौजवान को एक झापड़ मारती है अब इन दोनों के दरमियान झगड़ा हो गया तो इन दोनों के दरमियान झगड़ा पैदा करने
का बाइस कौन हुआ यह पिछली लड़की यह नज है नज किसी को छेड़ देना कि दो आदमियों के दरमियान लड़ाई हो जाए छेड़ने वाला शैतान होता है जी इसको एक मिसाल से और समझो एक बोतल है पानी है पानी पानी के अंदर ऐसा करो एक मेंढक डाल दो छोटा सा वो भी पानी में रहता है अच्छा अब क्या करो उसके अंदर एक बिच्छू डाल दो अब दोनों है ठीक है वो तैर रहे हैं दोनों वो मेडक भी है और बिच्छू भी है अब उसको आप यूं करें ऐसे खामोश है दोनों मैं बाहर से हिला देता
हूं अब हिलते ही ये बिच्छू टकरा जाता है किससे मेडक से और मेडक चकरा जाता है बिच्छू से जी अब बि को डंक मारता है और मेढक उसको खाने की कोशिश करता है मेढक में और बिच्छू में लड़ाई हो जाती है यह न किसने किया बाहर से बाहर से यही हिलाता है कौन शैतान शैतान ला जब चौका मारे ऐसे अरे कैसे उसको माफ कर देगा पढ़ो यह शैतान आ गया बीच में कि माफ मत करो जी तो नज का मतलब समझ में आया जी दैट इज कॉल्ड नज जी