[संगीत] किसी को किसी चोले में किसी को किसी चोले में यात्रा करते करते देर सपेरु जोगी अपने आप से मिलना चाहता है यह उसका उद्देश्य है आप उसके उद्देश्य में हां भर दो ना प्रभु तेरी मर्जी पूर्ण हो एक बहुत बड़े संत जिनको हनुमान जी से बातचीत हुई मुलाकात हुई गायत्री मां का दर्शन किया जिनकी मां भी बड़ी ऊंची पहुंच की धनी थी जो युवावस्था में भैंस को चारा डालते समय घास में आलिंगन क्या राजक उठाया तू घास में कला सांप पड़ा था उन्होंने काटा और मर गए गांव के लोक रोते रोते आए एक भक्तानी
गायक लता बेटा मर गया हे रे लाल जी मर गया मां तुम्हारा खबरदार कोई रोता हुआ नहीं आना जिसके घर में कुल खानदान में कभी मृत्यु नहीं हुई हो वह रोज रोते हुए आओ हम सबके कुल खानदान में मृत्यु तो हुई वापस चले जाओ रोने की जरूरत नहीं मुझे सांत्वना देने की जरूरत नहीं मारे हुए बेटे को लेटा दिया भगवान के स्वभाव स्वभाव बोले उठ के खड़ा हुआ बाद में लालजी महाराज बन गया वो मेरा यार दोस्त है लेकिन सांप का कातिल जहर उनके जीवन में गर्मी की शिकायत बनी रहती थी नर्मदा किनारे चला गया
था मालसर की तरफ भुने हुए चने लेकर रखे द तो जब मुझे ईश्वर प्राप्ति गुरु की कृपा मिली तब मेरे से मेरी चमक और मेरे लिए कुछ देख कर उनको लगाकर असली संत की पहचान क्या मैं क्या असली शराबी की पहचान क्या बोले दारू पिता हूं मैं क्या नहीं असली जारी की पहचान क्या बोले युवा खेलता हूं मैं क्या नहीं असली भागेडी की पहचान क्या बोले भांग पिता और मैं कहना ही असली अफीम जी के पहचान गया नहीं असली अफीम जी की पहचाने के उसके संग में दूसरे लोग अफीम जी बन जाए असली शराबी की
पहचान है दूसरे लोग शराबी बन जाए असली संत की पहचाने के दूसरे लोग भी भगवान की भक्ति के रंग से रंग जाए वह इतने प्रसन्न हुए इतने गदगद हुए मेरे को देख कर चल मैं घर छोड़कर ईश्वर प्राप्ति के लिए इधर-उधर घूमता था एक-एक संत के पास जाऊं तो कितना समय लगेगा इतना इंतजार भी की ताकत नहीं थी जहां बहुत संत रहते हैं वहां बोले अयोध्या जी में 5000 साधु रहते द 5000 में चार साधु बड़े प्रसिद्ध कोई सत्तानवे साल का कोई नवा नव का कोई 108 साल का कोई दूध पर रहता है कोई झोपड़ी
में रहता है उन चारों में भी जो खास है उनके पास में चला गया मैं क्या ईश्वर प्राप्ति का रास्ता बताओ दूसरा मुझे कुछ नहीं चाहिए और जो करना पड़े मैं करने को तैयार हूं देरी और दूरी सही नहीं जाते तो उन्होंने अपना जिस रास्ते कर रहे द बताया नाभि से 12 साल जप करो ओम नमः शिवाय ओम नमः शिवाय फिर 12 साल यहां से स्वादिष्ठान केंद्र 12 साल हृदय से और 12 साल यहां उसके बाद भगवान मिलेंगे अच्छा महाराज मैं तो खिसका इतना लंबा कोर्स करने का मेरा इंतजार की ताकत नहीं थी जब आप
अर्चन डालते तो इतना अनुष्ठान करूंगा इतना जप करूंगा फिर भगवान मिलेंगे तो इतनी बेवकूफी क्यों रखते हैं क्या भगवान तुम्हारे जप की ताकत से तुलजा ने तुम्हारी तपस्या के बाल से खरीदे जाएंगे भगवान कहते हैं देवी है शाम गुंडे माया में टर्ंती द जो मुझे प्रपंच होते वो माया को उतर जाते तो मैंने वो रास्ता पकड़ा साई लीला पहुंचा और 40 दिन में अपना कम बन गया फिर कुछ दिनों के बाद हम वहां गए तो मेरे को देख के बड़े प्रभावित हो गए उनको पता ही नहीं था की यही कुर्ते और पजामे में लड़का आया
था अरे आसाराम जी तुम्हारा तो बड़ा नाम है आप मेरे को सहयोग कर सकते मदद कर सकते उनको पता ही नहीं की कुछ दिन महीने पहले मैं उनके आगे गिड़गिड़ाया था वो मेरे आगे गिर गया तो मुझे याद आता है की कोई विद्यार्थी स्कूल में पढ़ने तो जाता है लेकिन विद्यार्थी पढ़कर ऐसा दर्ज का लेटा है की इंस्पेक्शन लगता है ऐसा गुरु का साधन मिल गया की वो जिनसे मैं मांगने को गया वही मेरे आगे मेरे कुलगुरु ने मेरे को चिट्ठी लिखी क्या आपको तो मिल गया साइन जी की कृपा मेरा ख्याल रखना मेरे बाप
के गुरु द और मेरा भी कानपुर का था बचपन में फिर मेरे को चिट्ठी लिखी मैं आपकी शरण में क्या नहीं मैं हूं उधर उल्हासनगर ए रहा हूं वहां मैं आपके दर्शन करूंगा मैं क्यों कहूं की तुम आना दर्शन कर फिर वो फल फूल भी लाया दक्षिण भी लाया मेरे बाप का गुरु मेरे गुरु ने मेरे को ऐसा खजाना दे दिया इस दुनिया तो तरसती है मेरे बाप का गुरु भी तरसता है मेरी मां का गुरु मेरे मां बाप की शादी उन्होंने कराई जिद करके नहीं तो मां तो गरीब घर की थी और बाप अमीर
घर के लेकिन आमिर घर में झगड़ा ऐसे की मां वालों को बोलते लड़की को टुकड़े-टुकड़े करके डाली हमें डाल दो लेकिन वहां मत देना [प्रशंसा] जब से हमने तुमको देखा छूट गई मनमानी जबसे हमने तुमको देखा छूट गई मनमानी है क्या जादू है तेरे प्यार