मैं आपको वो उस एक कहानी के बारे में पूछना चाहूंगा एक्चुअली डेथ के बारे में पूछना चाहूंगा देखिए आजकल के टेक्स्ट बुक में कुछ खास लिखा जाता नहीं है उसमें सिर्फ ये लिखा जाता है कि सरकारी तौर पे सुभाष कोस की डेथ एक प्लेन कैश में हो गई कभी वो ये मेंशन कर देते हैं कि साहब उनकी डेथ कंट्रोवर्शियल है तो ये बड़ा सिंपल कहानी है उसेंस में कि आप या तो प्लेन कैश में मर गए या फिर वो भारत की सबसे जो नोटोरियस कंस्पिरेशन थ्योरी कि नहीं नेताजी की कोई डेथ प्लेन कश में नहीं
हुई वो तो रूस में थे मरने के बाद और उनको वहां पे पंडित नेहरू के कहने पे स्टालिन ने मरवा दिया तीसरी थ्योरी जो मैं मेन स्ट्रीम मैंने कर दिया वो थी कि गुमनामी बाबा नाम का कोई व्यक्ति कहा जाता है जो अयोध्या में जिनकी डेथ हुई 85 में वो सुभाष पोस थे सिर्फ किस्मत की थी कि मेरा एक ऐसे आदमी से कांटेक्ट हो गया जिसका कांटेक्ट गवर्नमेंट में हाईएस्ट लेवल पे था जिन्होंने फाइलें देखी है तो वहां से मुझे बताया गया कि ये इंडिया का बेस्ट कैप सीक्रेट है हम सुभाष पो से 85 तक
उनके कनेक्शन में थे सरकार त और भी बातें हैं जो मैं अभी नहीं बोल सकता वो बोलने के बाद मेरे को झटका लगा मैंने कहा ये क्या बोल रहा है तब मुझे मालूम चला कि यह सुभाष ये गुमनामी बाबा वाली कहानी है