एज बढ़ती है एंड मेमोरी घटती है सोचो अगर हमारे पास ऐसी मेमोरी हो जिससे हम किसी भी चीज को सिर्फ एक बार देखकर ही हमेशा के लिए याद कर लें तो सब कुछ कितना आसान हो जाएगा सच बताऊं तो इतनी स्ट्रांग मेमोरी डेवलप करना बहुत ही अनरियलिस्टिक और इंपॉसिबल है लेकिन यह तब करना पॉसिबल था जब तुम सिर्फ तीन या 4 साल के थे वेल इस वीडियो के लास्ट में मैं तुम्हें एक ऐसी चीज बताऊंगा जिससे तुम अपनी मेमोरी को लाइफ टाइम के लिए इंप्रूव कर सकते हो आज के टाइम पर हर चीज तुम्हारा अटेंशन
ग्रैब करने के लिए बनी है सोशल मीडिया कि हर चीज देखकर तुम्हें उस पर क्लिक करने का मन करेगा क्योंकि उसमें कंप्लीमेंट्री कलर्स यूज़ किए गए हैं उसमें किसी ने इतना दिमाग लगाकर थंबनेल को बनाया है कि उसे देखकर तुम्हारे मन में एक स्टोरी डेवलप हो इवन यह वीडियो भी ऐसे ही बनी है लेकिन इससे तुम्हारा इतना नुकसान नहीं होगा क्योंकि यह एक लॉन्ग फॉर्म वीडियो है देखो ऐसा तो पॉसिबल नहीं है कि यह वीडियो देखने के बाद तुम जिंदगी में कभी दोबारा सोशल मीडिया यूज ना करो या वीडियोस ना देखो लेकिन तुम कम से
कम शॉर्ट्स की जगह लॉन्ग फॉर्म वीडियो देख सकते हो तुम्हें किसी भी टाइप के कंटेंट को इतना ज्यादा कंज्यूम नहीं करना है कि तुम्हारा ब्रेन ओवर ओ वेलम हो जाए क्या कभी तुमने इतना फोन यूज किया है कि तुम्हारा सर दर्द होना चालू हो जाए खास कर कि शॉर्ट्स में हर 20-30 सेकंड में तुम्हारे ब्रेन में नई मेमोरी स्टोर होती है मुझे पता है कि ब्रेन अराउंड 100 क् ट्रिलियन पेटाबाइट्स तक का डटा स्टोर कर सकता है एंड इतना डटा स्टोर करने के लिए तुम्हें 100 बिलियन लाइव्स लगेंगी ओवरऑल तुम्हारा ब्रेन इस टाइम पर लिमिटलेस
है लेकिन वो स्लो और कमजोर जरूर है क्योंकि तुम एक टाइम पर अगर इतनी ज्यादा मेमोरी स्टोर करोगे अलग-अलग टाइप की जिससे तुम्हारा ब्रेन ओवर वेलम हो जा रहा है तो ओबवियसली तुम्हारे ब्रेन पर बहुत हैवी इफेक्ट पड़ेगा इन शॉर्ट अगर मैं कहूं तो शॉर्ट्स देखना बंद करक सिर्फ लॉन्ग वीडियोस देखना चालू कर दो यह इस वीडियो का सबसे इंपॉर्टेंट पॉइंट था जो मैंने स्टार्टिंग में ही बता दिया देखो सबकॉन्शियस माइंड तुम्हारे ब्रेन का 95 पर हिस्सा कवर करता है एंड % तुम्हारा कॉन्शियस माइंड होता है तो एक्चुअल में तुम्हारा ब्रेन कॉन्शियस माइंड से चीजों
को देखता है और सबकॉन्शियस माइंड से उसे स्टोर करता है बेसिकली जब तुम्हारा सबकॉन्शियस माइंड वीक होता है तो तुम किसी भी चीज को जल्दी याद नहीं कर पाते आईक्यू इंप्रूव करने से तुम्हारी रीजनिंग एबिलिटी और किसी भी चीज को याद करने की पावर बढ़ जाती है वर्ल्ड वाइड 90 से 110 आईक्यू के बीच में कितना भी आईक्यू एवरेज में आता है तो अगर तुम्हारा आईक्यू 110 से ऊपर है तो इसे हाई कंसीडर किया जाता है वैसे तो यह काफी हद तक जेनेटिक्स पर डिपेंड करता है लेकिन हम एटलीस्ट 20 टू 30 आईक्यू खुद से
इंप्रूव कर सकते हैं मान लो अगर इस टाइम तुम्हारा आईक्यू 90 है यानी कि एवरेज तो तुम अपने ब्रेन को फोर्स कर करर अराउंड 110 टू 120 आईक्यू तक जा सकते हो जो कि हाई है लेकिन 18 साल के बाद इसे इंप्रूव करना थोड़ा ज्यादा मुश्किल है इसे इंक्रीज करना बहुत सिंपल है एक एवरेज इंसान किसी भी चीज को रट लेता है जिसके कारण उसकी रीजनिंग एबिलिटी यूज़ में ही नहीं आती और 10 बार रिवीजन करने के बाद भी ऐसे लोगों की याददाश्त कुछ खास अच्छी नहीं होती फॉर एग्जांपल अगर तुम्हारे बुक में कोई चीज
दी है जो तुम्हें याद करनी है तो क्या कभी तुमने उसके पीछे का लॉजिक समझने की कोशिश की है या फिर ऐसा क्यों होता है या फिर इसे बनाया क्यों गया ज्यादातर लोग क्वेश्चंस नहीं करते हैं जिसके कारण उनकी रीजनिंग एबिलिटी भी कुछ खास यूज नहीं होती है इसीलिए इस टाइम पर इंडिया का एवरेज आईक्यू 81 है जो कि बहुत ही कम है जब मैंने इस चैनल की स्टार्टिंग में आईक्यू टेस्ट दिया था तब मेरा आईक्यू 136 था एंड इस टाइम पर मेरा आक्यू 144 है बेसिकली अगर तुम चेस जैसी गेम्स खेलो वो भी हार्ड
अपोनेंट्स के साथ जिसमें तुम अपनी पूरी रीजनिंग एबिलिटी यूज कर पाओ तो बेसिकली तुम अपना आईक्यू बढ़ा सकते हो या तो तुम्हें किसी बहुत ही हार्ड और लंबे टॉपिक को याद करने या फिर समझने की कोशिश करनी है क्योंकि इस टाइम पर तुम्हारे ब्रेन के लिए जो हार्ड होगा तुम उसी में अपना 100% यूज कर पाओगे बेसिकली अगर तु तुम रोज जिम में 50 केजी के डेड लिफ्ट मार रहे हो और तुम्हारा पीआर 200 केजी है तो तुम कभी भी प्रोग्रेसिव ओवरलोड नहीं कर पाओगे क्योंकि वो 50 केजस उठाने में तुम एफर्ट लगा ही नहीं
रहे थे तो बेसिकली फिजिकल एक्टिविटी को फेलियर तक करने से भी तुम्हारे दिमाग पर जोर पड़ता है तुम्हारी मेंटल टफनेस बढ़ती है क्योंकि हर एक सेट के साथ पेन बढ़ता चला जाता है और तुम्हारे ब्रेन की टफनेस इंक्रीज होती जाती है तुम्हारा पेन टॉलरेंस बढ़ जाता है बेसिकली इससे तुम्हारा ब्रेन एक्टिव रहता है एंड तुम्हारा फोकस इंक्रीज हो जाता है मैं शर्त लगा सकता हूं कि यहां जितने भी फिजिकल एक्टिविटी करने वाले लोग होंगे उनका आईक्यू एवरेज लोगों से ज्यादा होगा तो बेसिकली तुम्हें हफ्ते में पांच से छ दिन कोई फिजिकल एक्टिविटी करनी है जैसे
कि रनिंग या फिर कोई वर्कआउट प्लान फॉलो कर सकते हो स्लीप से ज्यादा जरूरी कुछ नहीं है आइंस्टाइन रोज 10 ववर पढ़ने के बाद भी 9 आवर्स की स्लीप लेते थे ताकि उनका ब्रेन प्रॉपर फंक्शन कर सके क्योंकि रात के टाइम पर तुम्हारी बॉडी हो या तुम्हारा ब्रेन दोनों ही रिकवर करते हैं अगर तुम 9 घंटे घंटे नहीं भी सो सकते तो तुम्हें कम से कम रोज सेन आवर्स की स्लीप लेनी चाहिए क्योंकि जब भी तुम किसी हार्ड चीज को पढ़ते हो जिसमें तुम अपना 100% यूज करते हो तो उसके बाद तुम्हें रेस्ट की जरूरत
होती है क्योंकि उसके बाद तुम दोबारा अपने फुल पोटेंशियल पर आ जाते हो बस फर्क इतना होता है कि तुम्हारा ब्रेन अब पहले से ज्यादा शार्प हो चुका है रिवीजन बेसिकली तुम्हारा ब्रेन इस टाइम पर इतना स्ट्रांग नहीं है कि तुम किसी भी चीज को पहली बार में याद कर लो इसलिए ज्यादातर चीजों को रिपीट पर पढ़ने या देखने से व हमें आसानी से याद हो जाती हैं क्योंकि हम जब किसी चीज को बार-बार पढ़ते हैं तो हमारे ब्रेन को ये सिग्नल पहुंचता है कि ये कोई इंपॉर्टेंट चीज है और फिर वो अपने सबकॉन्शियस माइंड
का यूज करता है ताकि तुम वो मेमोरी परमानेंटली स्टोर कर सको मान लो तुम्हारे ब्रेन में मेमोरीज की लेयर है तो जब भी तुम कुछ नया पढ़ोगे एक नई लेयर ऐड हो जाएगी मान लो कि अभी तुमने दो घंटे पढ़ाई की है तो तुम्हारे ब्रेन के टॉप लेयर पर वो टॉपिक होगा जो तुमने अभी पढ़ा है एंड उसके बाद तुम दो घंटे youtube4 देखते हो एंड मान लो तुमने 200 शॉर्ट वीडियोस देख ली तो तुमने वो जो टॉपिक अभी पढ़ा था वो 200 लेयर्स नीचे चले जाएगा ब्रेन के जिसके कारण तुम कुछ चीजें भूल जाओगे
मैं एंड में बस इतना कहूंगा कि भले तुम इस वीडियो के सारे पॉइंट भूल जाओ बस तुम इस वीडियो के फर्स्ट पॉइंट को याद रखना यानी कि शॉर्ट्स की जगह लॉन्ग वीडियोस देखो क्योंकि तुम वीडियोस देखना तो बंद नहीं करने वाले क्योंकि अगर तुम बाकी चीजें ना भी करो तो तुम्हारी मेमोरी पर कोई इफेक्ट नहीं पड़ेगा तुम्हारी मेमोरी जैसी थी वो वैसी ही रहेगी लेकिन अगर फर्स्ट पॉइंट की बात करें तो तुम्हारी मेमोरी एक्चुअल में उससे डैमेज हो रही है यानी कि नेगेटिवली अफेक्ट हो रही बाकी आज की वीडियो के लिए इतना ही अगर तुमने
सब्सक्राइब कर दिया है तो हम दोबारा मिलेंगे नहीं तो शायद य हमारी आखरी मुलाकात थी बाय बाय [संगीत]