एक पेट्रोल पंप पर काम करने वाले इंसान का सबसे बड़ा सपना क्या ऐश-ऐश एग्जाम एक अच्छी खासी बाइक खरीद लूंगा या फिर एक गाड़ी लेकिन एक इंसान था जिसका सपना और थोड़ा सा बड़ा भी लोगों की गाड़ियों में पेट्रोल भरते भरते उसने खुद से कहा कि एक दें फिर की गाड़ी ने इस गाड़ी में जाने वाला पेट्रोल यहां तक यह पेट्रोल पंप ही मेरा हो यह कहानी धीरूभाई अंबानी की जो अगर अपनी लाइफ में कि एक रिस्ट ना लेते तो आज मुकेश अंबानी भी शायद मुंबई इसी दुकान में मसाले बेच रहे हो आज वैट यह
दिसंबर धीरूभाई अंबानी का बर्थडे है कि आपको कोइंसिडेंस पता है आज 128 दिसंबर को भारत के और विजनरी कभी गुर्दे रतन टाइट जिनके बारे में हमने आलरेडी यह वीडियो बना है सो हाउ डिड यू गेट थ्रू रिच और उनकी कहानी से हमें क्या फर्क पड़ता चाहिए उनकी कहानी से चार इंपॉर्टेंट लेफ्ट है अगर आपको इस विडियो से वाली मिलती है तो उसे अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिए भारत के लिए इंपोर्टेंट टॉपिक कोई आसान भाषा में आपके सामने लाना हम इसमें हमें सपोर्ट करने के लिए हमारी YouTube चैनल को सब्सक्राइब कीजिए और इस बार कांग्रेस
की सरकार लहसुन व्हाट्सएप नहीं यह बड़े होने चाहिए धीरुभाई का जन्म एक साधारण से गांव एक साधारण से घर में वह उनके पिता एक टीचर फिर और माइक हाउसवाइफ घर में पैसों की प्रॉब्लम ही पैसों की जरूरत थी तो फिर वह पढ़ाई भी कंप्लीट नहीं कर पाए दिन के पांच रुपए कमाने के लिए वह फल बेचने लगे आज Reliance फॉर्चून टॉप 500 कंपनी में से एक पैन विश्व की सबसे बड़ी 500 कंपनीज में एक ऐसी भारतीय कंपनी का नाम शामिल है जो सिर्फ 70 साल पहले एक सपना था संबंधी रोगों की सीक्रेट समझने के लिए
ऑटोबॉयोग्राफी पड़ते हैं कॉर्ड सुनते हैं YouTube पर वीडियोस देखते हैं लेकिन धीरूभाई ने बिजनेस कैसे सीखा अपने शुरुआती दिनों में वह मन में एक पेट्रोल पंप में काम करते थे और पेट्रोल पंप पर नौकरी करते करते सस्ती टपोरी वाली पच्चीस पैसे की चाह नहीं होटल में जाकर ₹1 की चाय पीते थे क्यों फिजूल के खर्चे बढ़ाने के लिए या फिर शोऑफ करने के लिए नहीं लेकिन उनके आसपास होने वाले बिजनेस की बातें सुनने के लिए वह Bigg Boss मन खुद से पेट्रोल पंप के कर्मचारी से जाकर क्यों बात करेगा उसे अपने स्पीकर्स और बिजनेस करने
का तरीका क्यों बताएगा लेकिन धीरुभाई चाय पीते भी हैं इस बारे में लिखने को सुनते हुए और बिजनेस करने के तरीके सीख सकें अगर पक्ष में सलूशन होना है तो पैसे नहीं है कोई गाइड नहीं है यह सारे एक्सक्यूज़ मायने नहीं रखती जो भी रिसोर्सेस अवेलेबल है उनमें हम क्या डेवलप कर सकते हैं यह - सपने देखने ही है तो इतने बड़े सपने देखो कि अगर वह सच हो जाए तो आपकी लाइफ बदल लें इस नंबर टू रिस्क है तो इस है 1958 में लिए मैं पेट्रोल पंप के अपनी नौकरी छोड़कर भैरू भाई आ गए
सपनों के शहर मुंबई में उन्होंने डेढ़ लाख रुपए लगाकर एक छोटा ट्रेडिंग शुरू किया है वह मसाले चेंज करते थे उस जमाने में चंपकलाल जवानी उनके पार्टनर हुआ करते थे फिर एक अच्छे परिवार से बिलॉन्ग करते तो उन्होंने भी इस बिजनेस में पैसे लगाएं बिजनेस अच्छा चल रहा था लेकिन हीरो भाई के सपने उनकी 350 क्वांटिटी ऑफिस में कहां पर ढोने वाले थे उन्होंने बेसिक्स पार्ट करने की ठान ली दबाने इस बात से खुश नहीं थे उन्होंने सोचा कि सब कुछ अच्छा सा चोर है कुछ हजार रुपए का प्रॉपर्टी हो रहा है यह सब को
छोड़कर हे नया रेस्क्यू लेना भैरू भाई ने उन्हें छोड़कर 1968 में सारी रस खुद लेकर एक नया बिजनेस स्टार्ट कि योनि फिर से वीरों से शुरुआत इस बिजनेस का नाम शायद आपने सुना और रिलायंस कमर्शियल कॉरपोरेशन वहीं रिलायंस जो आज पेट्रोकेमिकल्स टेक्सटाइल्स एनर्जी टेलीस्कोप जिस बिजनेस का नाम लो उस बिजनेस में शामिल तो अगर दुबई मसाले के व्यवहार में सेटिस्फाइड हैं तो आज उनके बेटे मुकेश हम खाली पेट में होते लेकिन उन्होंने रिस्क लिए ट्रेन ड्रेस में कैलकुलेटेड बेस्ड बिजनेसमैन रिक्शा उठाने जैसी नहीं होनी चाहिए मार्केट को समझ कर हवा का रुख पहचान कर कुर्की
के फेवरेट इस पर नजर डालकर लिए हुए पावरफुल डिसीजंस को ही एक कैलकुलेटेड रिस्क कहते हैं लेकिन थ्री लेयर लीडर्स फिक्स एसिड एक सक्सेसफुल बिजनेसमैन की सबसे बड़ी सेट क्या होगी क्या होता है जो उसे सिर्फ इंसान नहीं एक आइकॉन एक प्रण बनाता लोगों का भरोसा आज मार्केट की हालत ऐसी है कि किसी भी कंपनी का आईपीओ को ओवर सब्सक्राइब हो जाता कि हनी लोगों को इस कंपनी के बारे में कुछ पता हो या ना हो लेकिन उन्हें इंडियन मार्केट चीज बताएं कि भारत जरूर शुरू होगा लेकिन IBN7 की बात अलग थी सिर्फ कुछ लोग
स्टॉक में निवेश करते थे और स्टॉक मार्केट सबसे व्हिस्की इनवेस्टमेंट माना जाता था उस ज़माने में जब Reliance तो निकला तब धीरूभाई अंबानी लिपस्टिक हाथ यूजर नेम व का विश्वास जीता कब उन्होंने भारत के आम आदमी को यह प्रॉमिस के टीजर की Reliance का आज एक शेयर होल्डर बनेगा रिलायंस के छोटे टुकड़े का मालिक बनेगा वह एक ना एक दिन करोड़पति होगा और यह सच है आप खुद ही देखिए छात्र Reliance का सफर में हम रिलायंस कंपनी का प्रमोशन नहीं कर रहे लेकिन एक सोच का प्रमोशन जरूर नवल रविकांत कहते हैं ग्रेट रिग्रेट एंड बाइक
कंपाउंडिंग रिलेशनशिप और इन्हीं कंपाउंडिंग रिलेशनशिप ने रिलायंस को Reliance बनाएं लहसुन को Reliance कितनी बड़ी-बड़ी कैसे आज Reliance सकते लाख करोड़ की कंपनी है लेकिन कैसे व्हाट मेड रिलायंस अनिल अंबानी सोरज Reliance नहीं काफी इंपोर्टेंट स्ट्रैटिजी अपने शुरुआती दिनों से ही अपनाएं और वही कि भारत के बड़े शहरों में ने छोटे नगरों और गांवों में अपने प्रोडक्ट्स पहुंचाने की स्ट्रैटेजिक धीरूभाई खुद एक गांव से गांव के लोग मन ही मन में कितने एंबिशियस हो सकते हैं यह जानते थे वह जानते थे कि भारत के असली पोटेंशियल गांवों में है गांव ऊपर डेवलप करने पर पूरे
देश के डेवलपमेंट हो सकते मार्केट से कम दाम में प्रोडक्ट बेचकर कस्टमर को जीता जा सकता है यह राज धीरूभाई अंबानी ने जाना था आज भी आपको रिलायंस की कई प्रोडक्ट में यह स्ट्रैट कि देखने में भी है लव और हिट तक बट यू कैन वे न केवल नहीं सूट को अफॉर्डेबल बनाया था और भाइयों ने इंटरनेट को घर-घर पहुंचा है अगर आप एक मैं भी रूम भाई अंबानी की कहानी हम सब के लिए इंपोर्टेंट इसलिए क्योंकि हममें से कई लोग सोचते रहते हैं हम तो साधारण आम बड़े सपने देखने की हमारी हैसियत कहां लेकिन
हीरोइन यह रूप गया है कि जब एक साधारण इंसान और साधारण सपने देखने का हौंसला दिखाता है तो दुनिया मुट्ठी में कर देता जब भारत में स्टॉप यह शब्द पाया भी नहीं था तब उन्होने इंपॉसिबल को पॉसिबल करके दिखाएं सपने सच करने के लिए हिम्मत लगती है और यह हिम्मत जिनके पास होती है वह दुनिया जीत सकते हैं और यही सिंपल सिर्फ आप तक पहुंचाने से मुझे फर्क पड़ता हैं अ