या अल्लाह कि या अल्लाह मुझे हौसला दे। मेरा हौसला खत्म होता जा रहा है। मैं कैसे अकेले हालात का सामना करूं। मुझे हिम्मत दे। मेरी तुम दादी को हमसे दूर मत करना। अरे क्या हुआ? अरे रो क्यों रही हो? क्या हो गया है? क्या हुआ है? बताओ क्या हुआ है? अरे आंसुओं से रो रही हो। क्या बात है बेटे? दिल घबरा रहा है। अरे कुछ कहोगी? परी हुआ क्या बेटा? परी परी क्या हुआ? बेटा क्यों दिल दहला रही हो? मां का हुआ क्या? बोलो। अम्मी आप प्लीज अब उसे कह कि वो कल हॉस्पिटल आ जाए।
पानी के कुछ टेस्ट करवाने हैं। भूखा होना बहुत जरूरी है। ये तुम कह रही हो क्यों? ऐसा क्या हुआ है? बोलो परी ऐसा क्या हुआ है? डॉक्टर ने बोला है कि 80% चांसेस है कि दादी को थैंक यू। नहीं इंसान ऐसा नहीं हो सकता। मेरा दिल नहीं मानता हमने हमने अपनी जिंदगी में परे किसी के साथ कुछ बुरा किया ही नहीं है तो हमारे साथ ऐसा क्यों होगा ना परी ना आप अपनी आप प्लीज हिम्मत रखें मैंने आपको इसलिए बताया है क्योंकि आपको बताना जरूरी था ना प्लीज अब्बू को कॉल करें अब उनसे कह के
वो हो जाएगा। मैं नहीं मानती पर मैं मैं बात कर लेती हूं। मैं मैं कह देती हूं मगर ऐसा कुछ नहीं होगा बेटा गलतफहमी होगी। कुछ नहीं होगा। हम हम हैं ना कुछ नहीं होगा। मैं आपको नंबर मिला कर दूंगा। बात करें। या हेलो हेलो वो आलम से बात करनी थी वो तो सो गए हैं जगा दो जरूरी बात है मुझे मुझे बता दे मैं बता दूंगी उन्हें। रोमेसा वो अम्मा जान की ना तबीयत बिल्कुल ठीक नहीं है और कल सुबह उन्हें अस्पताल लेकर जाना है। आलम का वहां होना बहुत जरूरी है। उनसे कह देना।
अच्छा ठीक है। वो उठेंगे तो मैं बता दूंगी। अल्लाह हाफिज। ना तो सो कैरो ऐसा कह रही है वो वो बता देगी बेटा आ जाएंगे अब वो अब भी सीरियस नहीं होंगी तो कब होंगी यही रोना चलता रहता है आज ये बीमार कल वो बीमार जिंदगी अज़ाब बना के रख दी है इन लोगों ने कुछ नहीं होगा बेटा कुछ नहीं होगा हम है ना हम कर लेंगे मैं सबसे अच्छे डॉक्टर से बात करूंगी काफी को कुछ नहीं होगा अम्मी लाएगी जेवर अपना। अब इतना मजबूर तो कर दिया उसको। अम्मी ये लें। ये रहा सारा जेवर।
वैसे तो मैंने संभाल के रखी थी लेकिन आपके पास ज्यादा महफूज़ रहेगी। अब अगर तुमने संभाल के रखी हुई थी तो फिर अपने पास ही रखो। नहीं अम्मी जेवर घर के बड़ों के पास ही होने चाहिए। ज्यादा बेहतर है। अम्मी रख लेना। वो ले आई है तो। कहां ले के जाएगी और दोबारा रखेगी? अपने पास रखें आप बस। चलो तुम लोग इतना कह रहे हो तो ठीक है रख लेती हूं। ठीक है अम्मी। मैं जरा ज़हेब को कॉल करके आती हूं। अभी तक घर नहीं आए। चली गई। ये है हमारी पहली कामयाबी। गलती मेरी है।
मैं भूल गया था कि डैड एक हमेशा से एक रूथलेस इंसान है। उन्हें मेरी खुशी की क्या परवाह हो सकती है? अगर उन्हें परवाह है तो सिर्फ अपने नाम की, स्टेटस की। क्या फायदा इस नाम का स्टेटस का जिसके बाद इंसान खुश नहीं रह सकता। मुझे अपनी लाइफ में पहली दफा डैड बहुत गलत लगी। मैंने उनसे एक्सपेक्ट नहीं किया था दैट ही विल चूज़ मनी ओवर रिलेशनशिप्स। मॉम की बहुत याद आ गई आज। वो इस वक्त होती तो इस फैसले में मेरा साथ देती। कितना डिफरेंस है मॉम और डैड की नेचर में। मॉम वाज़ सो
काइंड, सो केयरिंग। इतना ख्याल था उन्हें सबका। इवन हाउस हेल्प उनसे बहुत खुश थे। लेकिन डैड उन्हें सिर्फ अपने रुतबे की स्टेटस की परवाह है। फिर डैड को यह भी तो डर है ना कि अनाया कोई हंगामा ना कर दे। एक्चुअली डैड हमेशा से स्टेटस कॉन्शियस थे। यह मैं ही समझ रहा था शायद वो बदल गए हैं। पहले जैसे ही हैं वो। पर तुम फिक्र नहीं करो। अगर डैड नहीं चले तो मैं तुम्हारा रिश्ता उसके घर पे लेके जाऊंगी। नहीं मैं हर हाल में डैड को कन्वेंस करने की कोशिश करूंगा। मैं चाहता हूं इस नए
रिश्ते की शुरुआत हर बंदे की रजामंदी से हो। कभी भी राइड ना माने ओनली देन वी थिंक समथिंग एल्स। पर डैड तो परीशे के सारे एहसान ही भूल गए। अगर परीशे डैड को वक्त पे हॉस्पिटल नहीं लेके जाती तो पता नहीं क्या हो जाता। डैड उसके इस एहसान का ही भरम रख लेते। यही तो प्रॉब्लम है। उन्हें कुछ याद नहीं है। सब भूल गए वो। मुझे अपनी लाइफ में पहली दफा डैड बहुत गलत लगे। मैंने उनसे एक्सपेक्ट नहीं किया था दैट ही विल चोज़ मनी ओवर रिलेशनशिप्स। मॉम की बहुत याद आ रही है आज। वो
इस वक्त होती तो इस फैसले में मेरा साथ देती। हम्म आ गई। क्या हुआ? सब टेस्ट हो गए। ऐसा दुआ करें के रिपोर्ट्स क्लियर आ जाऊं। इंशाल्लाह तुम देखना। अम्मा को कुछ भी नहीं होगा। ठीक हो जाएंगे। अब वो आज भी नहीं आए। तोसा ने बताया नहीं होगा बेटा। मम्मी दादी को अल्लाह ने नई जिंदगी दी है। अबू को चाहिए ना कि वो रोज दादी की खैरियत पूछने आए। जानती हो परी अम्मा जान के मामले में वो लापरवाह बिल्कुल नहीं है। वाकई उमेसा ने नहीं बताया होगा। किसी से क्या ही गिरा गिराएंगे। हमारा अपना सिक्का
एक होता है। अच्छा आप परेशान ना हो। मैं आपको परेशान करने के लिए ये बातें नहीं कर रही थी। आप बैठे मैं कैब बुक करवाती हूं। इस उम्र की बच्चियां तो खुश रहती है और एक मेरी बेटी है। अपने बाप की बेहसी की वजह से दुनिया जहां में मारेमारे कर रही है। सुने हम आपकी बेगम साहिबा का फोन आया था रात को। खैरियत क्या कह रही थी? कुछ नहीं आपसे बात करना चाह रही थी। आप सो रहे थे तो मैंने आपको जगाना मुनासिब नहीं समझा। पूछ लेती हूं क्या काम था? बहुत पूछा मगर उसने आप
ही से बात करनी थी और फ़ोन कर लीजिएगा वरना सारी बुराई मुझ पे आ जाएगी। हां कर लूंगा। सुनो अम्मा के बारे में तो कुछ नहीं कह रही थी। तबीयत तो ठीक है अम्मा की। हां वो ठीक है बिल्कुल काफी कमजोर हो गई है अम्मा अरे इस उम्र में इतना बड़ा झटका बर्दाश्त कर लिया बहुत बड़ी बात है आपको याद है वो मेरा कजन कितना जवान था पहले ही झटके में अल्लाह को प्यारा हो गया हां दुआएं बहुत हैं अम्मा के साथ वैसे माशाल्लाह वो भी होंगी मगर खुराक भी बहुत अच्छी है उनकी अपनी उम्र
से कम देखती हैं। तुम्हें चलना हो देखने के लिए तो तैयार रहना मैं तुम्हें ले लूंगा साथ वो आएंगे। मिलाएंगे अम्मा से भी। अरे ना बाबा मैं जरूर चलती। मगर वो जो आपकी बेटियां है ना मुझे खूनखार नजरों से देखती हैं। चलो मुझे शॉप पे जाना है। तुम जल्दी से जाओ पहले मेरी मोबाइल ला के दो। अच्छा लाती हूं। अम्मी मुझे यह बताएं कि अब आपकी टांग कैसी है? दर्द तो नहीं है अब? नहीं पहले से बहुत बेहतर है। अल्लाह का शुक्र है। अच्छा अपना सदका भी दें। ये बल्कि आप आप ही ये मासी को
या जिसको भी देते हैं वो। हां ठीक है। मैं दे दूंगी। अच्छा मेरे बच्चों की छुट्टियां भी खत्म हो गई है तो मैं घर वापस चली जाऊंगी अब। अभी आप घर में होती हैं तो रौनक लगी रहती है। वरना मैं और अम्मी तो अकेले होते हैं। फिकर मत करो। मैं आती जाती रहूंगी। इतनी आसानी से पीछा नहीं छोडूंगी तुम्हारा। वैसे बेटियां बेटियां ही होती हैं। बहुत खिदमत की है मेरी बच्ची ने मेरी। अम्मी अलीजा भी आपकी बेटियों की तरह है और ख्याल रखेगी आपका। हां हां बिल्कुल बेटियों की तरह ही है। अच्छा अम्मी के ठीक
होने की खुशी में ना आज हम सब डिनर बाहर करेंगे और डिनर मेरी तरफ से। अरे नहीं नहीं मैं कराऊंगा डिनर। नहीं नहीं मैं कराऊंगी। अली से पूछते हैं। अलीजा बताएगी। बताओ भाई। क्यों? अली क्यों बताएगी? तुम्हें तो अलीजा के अलावा कोई और नजर ही नहीं आता। अम्मी आप बताएं। भाई मेरा खैर है कि मेरा बेटा ही अगर करवा दे डिनर तो बहुत अच्छी बात हो जाएगी। देखा मां मां ही होती है। बेटे का साथ दिया ना आपने? अच्छा बताओ कि कहां डिनर कराओगे हम सबको? जहां आप लोग बोले बल्कि जहां अलीजे बताएं। मैं क्या
बोलूं अब? इतना सब कुछ हो गया और तुम्हें तौफीक तक ना हुई मुझे बताने की। एक फोन नहीं कर सकती थी। आप हमारा फोन उठाते ही कहां है? और मैंने रुमेसा को सब कुछ बताया था कि अम्मा जान की तबीयत कितनी खराब है। उसने आपको बताया नहीं। अच्छा तो तुम यह कहना चाह रही हो कि तुमने रोमासा को बताया लेकिन उसने मुझे नहीं बताया। जी। पता था मुझे। पता था मुझे अपनी गलतियों का इल्जाम किसी ना किसी पे तो तुम जरूर डालोगी। एक बात याद रखना मेरी मां है वो। अगर उनको कुछ हुआ ना मैं
छोडूंगा नहीं तुम्हें। मौका महल देखकर तो बात किया कीजिए। अम्मा जान की तबीयत पहले ही खराब है। अगर आपके चिल्लाने की आवाज वहां तक जाएगी तो उनकी तबीयत और खराब हो जाएगी। ज्यादा पढ़ाने की जरूरत नहीं है मुझे। तुम्हें मैं बर्दाश्त कर रहा हूं अगर तो वो सिर्फ अपनी मां के लिए कर रहा हूं। वरना तीन लफ्ज कह के कब का फारग कर देता तुम्हें। आप ही मत कहें कुछ भी। दादी तक आवाज चली जाएगी। मुझे पता है। बहुत फिक्र है ना आपको दादी की। तो ये देखें मेरे हाथ जुड़े हैं आपके आगे। बस करते
अम्मी के बाद दादी ही हमारा आखिरी सहारा है। उनसे बर्दाश्त नहीं होगा अगर उनको कुछ हो गया। आपको जितने भी गिले शिकवे करने हैं, जितनी भी शिकायतें करनी है ना दादी के ठीक होने के बाद आके कर लीजिएगा। लेकिन अब बस बहुत अच्छी तरबियत की है तुमने औलाद की। अरे भाई शगुप्ता मैं इनाया की तरफ से बहुत फिकरमंद था। क्यों भाई उसने तो कमाल कर दिया। क्या आला जर्फी का मुजायरा किया है। मैं अब तक हैरान हूं। मैं हैरान से ज्यादा परेशान हूं। अरे तुम्हें तो खुश होना चाहिए कि हमारी बेटी ने सब कुछ खुद
संभाल लिया। ये तो वक्त बताएगा। क्या मतलब है? अभी बारी ने कहीं शादी नहीं की है। जिस दिन बारी की शादी हो गई ना फिर पता चलेगा कि इनाया ने खुद को कितना संभाला है। लेकिन इनाया के दिल में अगर ऐसी कोई बात होती तो वो यह रिश्ता क्यों करवाती? कहने और सहने में बहुत फर्क होता है। आप एक काम क्यों नहीं करते? भाई साहब से बात छेड़िए। इनाय के रिश्ते की बारी के लिए। जब मिनाल और राहिल का रिश्ता हो सकता है। तो इनाया और बारी का क्यों नहीं? काश ऐसा होता। कि नहीं शकता
बारी इनाया के लिए मुझे आज भी उतना ही पसंद है जितना पहले था कि मेरा एक ही भाई है। मैं यह कहानी दोबारा नहीं दोहराना चाहता। लेकिन अकॉर्डिंग टू यू हमारी नायाब समझदार हो गई। मैं आपसे कौन सा कह रही हूं कि कल ही जाके बात करें। मौका महल देख के यह बात छेड़े तो सही। अब जैसे आप कह रहे हैं कि हमारी नाया वो नादान नहीं रही। समझदार हो गई है। क्या पता भाई साहब ने भी नोट किया हो। कह तो तुम ठीक रही हो। कॉफी ठंडी हो रही है। कॉफी जी दादी आओ बेटा
दादी आप उठ क्यों रही हैं? अरे मैं बिल्कुल ठीक हूं। बहुत तंग कर दिया ना तुम्हें। दादी कैसी बातें कर रही हैं आप? मैं चाहती हूं कि आप जल्दी से ठीक हो जाएं। बस बेटा। उम्र के जिस हिस्से में अब हैं कुछ पता नहीं कब जल्दी। दादी, बस आगे कुछ नहीं करना आपने। अच्छा यह बताएं आपने मुझे क्यों बुलाया था? क्या बात करनी थी? मैं यह कहना चाह रही थी कि अलीजे की तो शादी हो गई। उसकी तरफ से तो मैं मुतमई हूं। जुबी अभी छोटी है। अभी वक्त है। लेकिन बेटा तुम अब शादी के
लिए हां कर दो। लेकिन दादी बस बेटा लेकिन वेकन का वक्त गुजर गया। हर चीज का एक वक्त होता है। इस उम्र में लड़कियों की शादियां हो जाती हैं। अपने घरों की हो जाती हैं। बेटा जुबैदा और मैं तुम्हारी शादी की वजह से परेशान है। अब तुम शादी के लिए राजी हो जाओ। बेटा मेरी जिंदगी का तो अब कोई भरोसा नहीं। मैं अपनी आंखों के सामने तुम्हें दुल्हन बने देखना चाहती हूं। दादी आपको कुछ नहीं होगा दादी। क्या तुम अपनी दादी की ये ख्वाहिश पूरी नहीं करोगी? सर खाना लगा दूं आपका। हां सबको बुलाओ। कहां
है? बाकी वो बाहर बैठे हुए हैं। अच्छा बुला के लाओ साथ खाते हैं फिर। ठीक है। हां बेटा चलो खाना खाते हैं। भूख नहीं है मुझे। तुम तो आ जाओ मेरे साथ खाना के लिए। हम मुझे भी भूख नहीं है। गलती मेरी है। मैं भूल गया था कि डैड दुक हमेशा से एक रूथलेस इंसान है। उन्हें मेरी खुशी की क्या परवाह हो सकती है? अगर उन्हें परवाह है तो सिर्फ अपने नाम की स्टेटस की। क्या फायदा ऐसे नाम का स्टेटस का जिसके बाद इंसान खुश नहीं रह सकता। मॉम ये देखें मैंने रायू के इवेंट के
लिए ये वाला आउटफिट चूज़ किया है। व्हाट डू यू थिंक वै नाइस। बहुत अच्छा लग रहा है। है ना? आई लव इट। पता है मॉम? मैं चाहती हूं कि उसके इवेंट्स पे मैं इतनी इतनी परफेक्ट लगूं कि बाजी की नजरें आकर जाए ना। इनाय मैंने बात की है तुम्हारे डैड से तुम्हारे और बारी के बारे में एंड क्या कहा उन्होंने अभी इतना जल्दी तो कुछ नहीं हो सकता वक्त लगेगा मम डस दिस मीन आप मुझे सपोर्ट कर रही हैं जाहिर है मां हो तुम्हारी तुम्हारा सपोर्ट सिस्टम हो तुम्हारे हर फैसले में साथ देना जरूरी है।
आई लव इट। अब पता है मॉम बहुत जल्द आप देखेंगे कि मैं जो भी कर रही हूं मैं कुछ गलत नहीं कर रही। अच्छा छोड़ें मैं आपको ड्रेसेस दिखाऊं। ये देखें। लुक एट दिस। ये देखिए। पिछला वाला दिखाऊं? बैक करूं? ये ये ज्यादा अच्छा है। यह बहुत एलगेंट लगेगा। मॉम दिस इज बियों अच्छा भाई ठीक है तुम्हारी जो पसंद वैसे भी मेरी बेटी जो पहन ले अच्छी लगती है सर प्लीज आप थोड़ा तेज चला लेंगे परीक्षा मैंने इससे ज्यादा तेज गाड़ी ड्राइव की तो मुझे गाड़ी उड़ानी पड़ जाएगी मेरी जान मिस हो जाएगी। आई नो
मीटिंग कितनी लंबी हो जाएगी मुझे इस बात का अंदाजा नहीं था। बट इट्स ओके एनीवेज तुम्हारे पास छूट भी जाती है तो कोई फिक्र की बात नहीं है। मैं तुम्हें ड्रॉप कर लूंगा। तभी इन्हें कैसे समझाऊं? बार-बार पिक एंड ड्रॉप लेना मेरे लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। हेलो क्या? अच्छा ठीक है। क्या हुआ? बहन मिस हो गई। परेश फिक डाउन। मैं तुम्हें घर ड्रॉप कर दूंगा। हम जिस रोड पे हैं, यहां से तुम्हारे घर का रास्ता काफी शॉर्ट है। अब प्लीज आप यहां रुक देते हैं मेडिकल स्टोर पे। आप बस 10 मिनट वेट करें।
मैं लेकर आती हूं मेडिसिन। यहां से मेडिसिन लूंगी। जी। यहां जाना तुम्हारा मुनासिब नहीं होगा। मैं हमेशा ही जाती हूं। एटलीस्ट मेरे होते हुए मैंने तुम्हें यहां जाने नहीं दिया। बताओ क्या लेके आ? मैं लेके आता हूं। क्या सोच रहे हो? कुछ नहीं। ये ले। मैं जानता हूं परीश पैसे तुम पहले लोगी। खुद हो। 10 मिनट्स आज पहली बार किसी ने मेरी परवाह की है। मेरे एहसास को समझा है। ये तुम हमेशा यहीं से मेडिसिनस लेती हो। जी ड्राइवर को रोक लेती हूं। वो रुक जाता है तो ले लेती हूं। कितना रश होता है यहां
पे? यहां मेडिकल स्टोर्स पे ऐसे ही रश होता है। थैंक यू बस बहुत हो गया। अब मैं तुम्हें मसीह रिश्ता नहीं देख सकता। मैं बेशक राजी हो या नहीं। मैंने अब फैसला कर लिया है। अस्सलाम वालेकुम दादी। वालेकुम अस्सलाम। कैसी तबीयत है आपकी? अल्लाह का शुक्र है। बहुत बेहतर है तबीयत। चल तो बहुत अच्छा हुआ। ये मैं आपके लिए दवा लाई थी। रख लीजिएगा। बेटा हर वक्त तुम्हें हम लोगों की फिक्र रहती है। अपनी फिक्र कब करोगी? अपना ख्याल। तुम्हारी शादी की बात कर रही हूं। जब देखो हम लोगों में ही लगी रहती हो। हमारा
ही ख्याल रहता है। अब्बा तुम्हारे हैं तो मगर ना होने के बराबर। भाई है नहीं अलीजे की शादी हो गई जुबी की भी इंशााल्लाह हो जाएगी अब अल्लाह जाने मैं कब तक जिंदा रहूं मैं चाहती हूं अपने सामने तुम्हें रुखसत करूं दादी मत क्या करना ऐसी बातें तो बेटा शादी कर लो ना आप पहले ठीक हो जाओ फिर जैसे आप कहेंगे वैसा होगा। चलो अच्छी बात है। मैं चेंज करके आती हूं। चल बेटा। माशा्लाह तबीयत आज बेहतर लग रही है आपकी। भाई अब तो मेरी तबीयत बेहतरी की तरफ जाएगी। सुबैदा आज पहली दफा परी ने
शादी के जिक्र पे खुशी का इज़हार किया। सच अम्मा बस अब मेरी बच्ची के लिए कोई अच्छा सा रिश्ता देखो। और रुसाना ने तो दो-तीन अच्छे-अच्छे रिश्ते दिखाए थे लेकिन मैंने पहले नहीं किए क्योंकि परी साफ-साफ इंकार कर रही थी मैं अब बात करती हूं। इंशा्लाह परी अपने घर की हो जाए तो मैं सुकून से मर तो सकूं। ऐसी बातें ना किया करें। आप कहीं नहीं जा रहे। आप तो अपने परनवासों के भी बच्चे देख कर जाएंगी। अरे भाई इतना कौन जीता है? अरे क्यों उतार रही हो? ऐसे ही बस ट्राई कर रही थी। तो
पहनो इसको अच्छा तो है ये। क्या सोच रहे हो? कुछ नहीं ऐसे ही बस। ये ब्रेसलेट देख रहे हैं आप जो इससे मेरी बहुत सारी मेमोरीज जुड़ी हुई है। आपको पता है मुझे बचपन से ज्वेलरी बनाने का बहुत शौक था और सबसे पहले मैंने ये ब्रेसलेट बनाया था। इतने के लिए नहीं बनाया था। मुझे तो पता भी नहीं था कि मेरा अपना पेज होगा या मैं ज्वेलरी सेल कर रही होंगी। बहुत दिल के करीब है यह ब्रेसलेट मेरे। हमेशा मुझे याद दिलाता है कि यही मेरी जिंदगी का मकसद था। और हम मतलब मेरा मतलब ये
था कि कभी शादी के बारे में नहीं सोचा तुमने। शादी शादी के बारे में कभी सोचा ही नहीं। मुझे ऐसा लगता था कि मुझसे कौन ही शादी करेगा। आई मीन आप जानते हैं कि हमारी सोसाइटी में मुझ जैसे लोगों की एक्सेप्टेंस ही इतनी मुश्किल है। शादी तो दूर की बात है। सोचना चाहिए था भाई तुम्हें। मतलब तो क्यों नहीं सोचा भाई? मैं आऊंगा और तुम्हें उड़ा के ले जाऊंगा। और दूसरी बात जब तुम्हें इतना शौक था इस काम का तू रोक क्यों दिया? मेरी अम्मी ने कहा था। शादी से पहले उन्होंने मुझे समझाया था कि
शादी हो रही है। अब कुछ वक्त के लिए मैं काम रोक दूं। घर को प्रायोरिटी देनी है। बस इसलिए मेरी बात सुनो। शादी की है ना? कैद तो नहीं किया मैंने तुम्हें? अपने सारे शौक पूरे करो। अपना काम करो। आप ठीक कह रहे हो? लेकिन घर को भी देखना है। घर की जिम्मेदारियां है। मेरी बात सुना लीजिए। अपना पेज रन करो और काम स्टार्ट करो। और जहां तक मेरी जरूरत पड़ेगी मैं मैं हाजिर हूं। हो जो करने के थे उसके काम के अब देखेगा खून वो मामले चुभती है ये किरणें चेहरों पे हाय कैसे बचाए
लहरों से दरिया में फंसी जो ना