अस्सलाम वालेकुम वेलकम टू बैच नंबर 40 क्लास नंबर 20 बैच नंबर 40 अप और बैच नंबर 41 दोनों का वीएसए बराबर स्टार्ट हुआ है और वीएसए में अभी तक आपने पढ़ी है जी क्लाइमेटिक कैप्शन बार ठीक है और सेलिंग क्लाइमेक्स में पढ़ी है अभी हम बाइंग की तरफ नहीं गए कि किसी तरीके से अगर आपको प्राइसेस डाउनफॉल चल रहा है प्राइसेस में तो दो सूरतें होंगी एक ये होगी कि इसका ट्रेंड ही बरिश चल रहा है। ठीक है? ठीक है? प्राइसेस हैं ही डाउन ट्रेंड में। और दूसरा सिनेरियो ये होगा कि ओवरऑल तो प्राइसेस अप
ट्रेंड में हैं। यानी प्राइसेस की जो बड़ी जो वेव है वो तो ऊपर है। ठीक है? लेकिन दरमियान में इस जगह पे जो करेक्शन की वेव आती है या जो रिट्रेसमेंट की वेव आती है ये वाली इसमें इसको कहते हैं कि सेलिंग बैकग्राउंड है। ठीक है? अब इसमें ट्रेंड बुलिश है। ओवरऑल ट्रेंड आप देखेंगे तो बुलिश है। लेकिन जो दरमियान में छोटी-छोटी रिट्रेसमेंट्स आती हैं चार कैंडल्स की, पांच कैंडल की, 10 कैंडल की जितनी भी आए हैं, वो रिट्रेसमेंट्स होती हैं। लेकिन दूसरी सूरत क्या होगी कि प्राइस है ही डाउन ट्रेंड में। मुसलसल प्राइसेस नीचे
आ रही हैं। तो आपको सेलिंग क्लाइमेक्स दोनों में मिलेगा। ठीक है? पहली बात आपने याद रखनी है। सेलिंग क्लाइमक्स आपको दोनों सूरतों में मिलेगा। लेकिन आपके लिए वह आइडियली कब काम करेगा? आइडियल उसकी सिचुएशन यह होती है कि प्राइस ओवरऑल तो अप ट्रेंड में रहे इस तरीके से। ठीक है जी। तो यहां पे आपको सेलिंग बैकग्राउंड मिल जाए। यह हमारी पहली शर्त होती है क्लाइमेट रिएक्शन बार की कि ऊपर जाती मार्केट में ऊपर वाले ट्रेंड में गिरती हुई मार्केट में आपको कोई सेलिंग क्लाइमेक्स मिल जाए। अब यहां पे देखिए होता ये है कि अगर आपका
आपने देखा कि वन ऑवर आपका ये है। यह बात बहुत गौर से समझने वाली है कि अगर आपका वन ऑवर का ट्रेंड बुलिश है इस तरह। ठीक है? लेकिन इसमें 5 मिनट का जो ट्रेंड है या 15 मिनट का ट्रेंड है वो बयरिश चल रहा है। तो यह ट्रेड के लिए आइडियल टाइम नहीं होता। ठीक है? आपने इसमें वेट करना होता है कि आपको किसी स्ट्रक्चर लेवल पे मतलब इस जगह पे या इस जगह पे। अब बड़ा टाइम फ्रेम कौन सा बताया मैंने आपको? जो प्राइसेस ऊपर जा रही हैं इसको आप मार्क करेंगे H1 का
तो यह बुलिश है। ठीक है जी। लेकिन आप इसको M5 में M3 में देखेंगे इस जगह पे। चलिए हम M5 की एग्जांपल ले लेते हैं। तो आपको बरिश नज़र आ रहा है। तो इसमें लोग कंफ्यूज हो जाते हैं। वो यह कहते हैं कि अगर प्राइसेस नीचे गिर रही हैं तो अब डाउन तो यह तो डाउन ट्रेंड चल रहा है। तो इसमें हमें क्लाइमेटिक एक्शन बार को कैसे देखना चाहिए? अब नीचे गिरती हुई है मार्केट में। 5 मिनट में प्राइस नीचे आ रही है। लेकिन नीचे आपके पास H1 का स्ट्रांग लेवल आ गया है। ठीक है
जी। आपका कंफर्म एक हायर लो आ गया। कंफर्म हायर लो इस जगह पे आ गया। तो यहां पे आपको अगर 5 मिनट की क्लाइमेटिक एक्शन बार मिल जाती है तो उसकी शर्तें पूरी करें। क्या उसकी शरायत पूरी हो रही हैं? उसकी क्या शर्तें थी? पहली शर्त आपको पहली कंडीशन क्या बताई थी कि सेलिंग बैकग्राउंड होना चाहिए। अब ये एक चीज़ आपको बताने लगा हूं। यह बहुत ध्यान से समझने वाली है। जिसको यह बात समझ आ गई उसको सब कुछ समझ आ जाएगा। सेलिंग बैकग्राउंड का मतलब क्या है? कि जब प्राइसेस नीचे गिर रही है ना
तो M5 में तो यह सेल का ही ट्रेंड है। M5 में यह सेल का ट्रेंड है। लेकिन H1 में जो आपको पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट मिल रहा है या कोई ऑर्डर ब्लॉक है या कोई भी चीज है वो वो तो बड़े टाइम फ्रेम का है। तो यहां पे अगर 5 मिनट में क्लाइमेट एक्शन बार मिल जाए तो इस क्लाइमेट एक्शन बार को हम विद द ट्रेंड काउंट करेंगे H1 के हिसाब से। M5 में ये डाउन ट्रेंड में ही बनी है। ठीक है? ठीक है? ये बात समझने की कोशिश करें कि अगर पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट स्ट्रांग है
H1 का बड़े बड़ा आपका हायर लो है। बड़ा पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट है। अगर यहां पे कोई ऑर्डर ब्लॉक है, कोई एफईजी है और वो बड़े टाइम फ्रेम का है। लेकिन उस पे क्लाइमेक्टिवेशन बढ़ रही है 5 मिनट की। तो अब ये अगेंस्ट अ ट्रेंड ट्रेड मानी जाएगी या विद द ट्रेंड मानी जाएगी? तो H1 के हिसाब से यह विद द ट्रेंड ट्रेड है। बड़े टाइम फ्रेम के हिसाब से। हां, M5 में अभी ये गिरती हुई मार्केट में बनी है। अभी यह अगेंस्ट अ ट्रेंड है। लेकिन जैसे ही क्लाइमेटिगेशन बार ब्रेक हो जाएगी यहां पे चाहे
वो ये कैंडल हो या ऊपर वाली कैंडल हो, जब वह ब्रेक हो जाएगी, तो फिर यह भी विद द ट्रेंड हो जाएगी। ठीक है? यानी इसमें भी मोमेंटम शिफ्ट हो जाएगा, स्ट्रक्चर ब्रेक हो जाएगा 5 मिनट में भी। उसके बाद आप कह सकेंगे कि यह भी ट्रेड आपकी विद द ट्रेंड है। लेकिन इनिशली जब क्लाइमेटिक बार बनेगी तो 5 मिनट के हिसाब से वह अगेंस्ट द ट्रेंड ही होती है। लेकिन H1 के हिसाब से वो विद द ट्रेंड है। बड़े ट्रेंड आपको सपोर्ट कर रहा है। तो आप बड़े ट्रेंड पे ट्रस्ट करते हुए वहां से
ट्रेड करेंगे जरूर। समझ आ गई? इसी तरीके से आप एक और चीज़ देख लें। अगर आपके पास ट्रेंड ये जो ये जो बड़ा ट्रेंड चल रहा है ना ये वाला ये जो हमारे पास छोटा ट्रेंड है ये तो रिट्रेसमेंट की वेव है। ये तो ये वाली वेव दिखा रहा हूं आपको। ठीक है? अब बड़ा टाइम फ्रेम आपका चल रहा है 4 ऑवर का। ठीक है जी? 4 आवर का आपका बड़ा टाइम फ्रेम चल रहा है। और जो छोटा टाइम फ्रेम है 30 मिनट्स का या M15 कर लेते हैं हम। M15 इसमें बरिश है। ठीक हो
गया जी? M15 तो ब्रिश चल रहा है। नीचे आ रही है प्राइस। अब यहां पे कोई पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट है या यहां पे कोई पॉइंट ऑफ़ इंटरेस्ट है या मुमकिन है यहां पे मिल जाए आपको पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट। तो इस जगह पे कोई क्लाइमेटिक बार बन जाए या इस लो पे आके कोई क्लाइमेटिक एक्शन बार बन जाए। तो MH4 के हिसाब से स्ट्रक्चर आपका बड़ा स्ट्रक्चर आपका बुलिश है। लेकिन M15 के हिसाब से जो क्लाइमेटिकेशन बार बनी है इनिशियली अभी जो है वो आपके अगेंस्ट अटेंड है। लेकिन जब आपके पास सेटअप बन जाता है कंप्लीट
हो जाता है तो आपने उसको प्ले जरूर करना है। इस वजह से क्योंकि बड़ा टाइम फ्रेम आपका बुलिश है। उसका जो पुश होगा वो इस प्राइस को दोबारा उठा देगा ऊपर। ठीक है? तो इस बस इतनी सी बात आपने पहली समझ लेनी है। दूसरी बात यह है कि क्लाइमेटिक एक्शन बार जो है उसकी जो चार कंडीशंस आपको बताई थी कि आपके पास सेलिंग बैकग्राउंड होगा। पहली चीज़ यह बताई थी। दूसरा बताया था आपके पास के यह सेल की ही कैंडल होगी। इसमें बाय की कैंडल नहीं ढूंढनी आपने। अभी हम सेलिंग क्लाइमेक्स पढ़ रहे हैं। नंबर
थ्री आपको क्या बताया था कि बिग स्प्रेड होना चाहिए। बिग स्प्रेड यानी बड़े साइज की कैंडल होनी चाहिए। ठीक है जी? नंबर फोर आपको यह बताया था कि अल्ट्रा हाई वॉल्यूम होना चाहिए। इसका जो वॉल्यूम होगा सेल की कैंडल में इस वेव में सबसे बड़ा आपने वॉल्यूम मार्क करना है। उसमें ये जब तीनों चीजें पूरी हो जाए तो सबसे अच्छी बात है। आपने देखना है बेसिकली वॉल्यूम होता है अल्ट्रा हाई। उसमें अगर ये तीन चीजें ऐड हो रही हैं। पहली तो बहुत जरूरी है। सेलिंग बैकग्राउंड होना बहुत जरूरी है। सेल की कैंडल होना भी बहुत
जरूरी है। बाय में वॉल्यूम आएगा तो वो बनेगा ही नहीं। सेलिंग बैकग्राउंड तो सब शर्तें जरूरी हैं। लेकिन एंड पे अगर आपको ये सब चीजें एक कैंडल में मुख्तलिफ कैंडल से मिल सकती हैं। यानी प्राइसेस नीचे आ रही हैं। तो यह जो तीन शर्तें हैं ना ऊपर वाली, यह तो तकरीबन हर कैंडल पूरी कर देगी आपकी। यानी अभी तीन कैंडल्स बनी हैं। तो, सेल्लिंग बैकग्राउंड तो तीनों में बन गया। क्योंकि आखिरी जो बाय की कैंडल थी, उसका लो ब्रेक हुआ, ठीक है? यह भी सेल कैंडल है। यह भी सेल कैंडल है। ये भी सेल कैंडल
है। तो ये कंडीशन तो सब में पूरी हो रही है। सेलिंग बैकग्राउंड इन सब में है। वो भी सब में पूरी हो रही है। ठीक है? बिग स्प्रेड इसका भी स्प्रेड बड़ा है। इसका भी बड़ा है। इसका थोड़ा और अगर बड़ा हो जाता है तो ये भी दो कैंडल्स में पूरी हो रही है। तो ये तीन शर्तें मुख्तलिफ जो तीन शर्तें हैं। ये एक ये बहुत सारी कैंडल्स में पूरी हो सकती हैं। पहली कैंडल में भी, दूसरी में भी, तीसरी में भी। लेकिन ये सब में नहीं होगा एक जैसा। ये किसी एक का बहुत बड़ा
होगा। इसका भी बड़ा वॉल्यूम हो सकता है। इसका छोटा हो सकता है या इसका और भी बड़ा हो सकता है इस वाली कैंडल का। तो फिर जिसमें ये बड़ा होगा उसको आप क्लाइमेशन बार मान लेंगे। अभी तक आपको मैंने क्या बताया कि आपने कोई भी अल्ट्रा हाई वॉल्यूम अगर प्ले करना है यानी क्लाइमेटिक एक्शन बार का आपने कोई भी सेटअप प्ले करना है चाहे वो सिनेरियो वन हो टू हो थ्री हो या फोर हो वो सब शुरू कहां से होगा क्लाइमेटिक एक्शन बार से अगर आपको उसकी पहचान अच्छी है मैं दोबारा आपको पहचान रिपीट करवा
रहा हूं अगर पहचान अच्छी है आपको तो आप उसको ट्रेड कर सकते हैं। पहचान अच्छी नहीं है तो फिर आप उसको ट्रेड नहीं कर सकेंगे। ठीक हो गया? दूसरी बात क्या समझाई कि बड़े टाइम फ्रेम पे गौर रखना है आपने कि पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट अगर 4 आवर का मार्क किया है और 15 मिनट की कंफर्मेशन बन रही है तो बेस्ट है। बिल्कुल डरने की बात नहीं है कि M15 अगेंस्ट ट्रेंड बन रहा है। कोई बात नहीं है। बड़ा टाइम फ्रेम तो बुलिश है ना। अगर बड़ा टाइम फ्रेम बेरिश है। फोर आवर इस तरह बेरिश है।
वन सेकंड मुझे इसको भी चेंज कर लेता हूं। अच्छा जी। अगर आपका जो बड़ा टाइम फ्रेम है वो बेरिश है। ये देखें। मैं आपको यहां पे करके दिखाता हूं। बड़ा टाइम फ्रेम ये चल रहा है आपका। ये ठीक हो गया। अब इसमें आके क्लाइमेटिकेशन बार बन जाती है यहां पे 15 मिनट की। अब इसमें चक्कर यह है कि 15 मिनट भी आपका बेरिश है। प्राइस नीचे गिरती हुई आ रही है। ऊपर फोर ऑवर को आप देखते हैं वो भी आपका बेरिश चल रहा है। तो ये प्योरली अगेंस्ट ट्रेंड बनेगा। समझ आ गई? इसको आप कहेंगे
कि ये अगेंस्ट ट्रेंड सेटअप है। लेकिन अगर आपका बड़ा टाइम फ्रेम 4 ऑवर बुलिश है और 15 मिनट का सेटअप बन गया इस लो पे आके तो 15 मिनट आपको असल में तो नज़र यह आएगा। यह इस तरह नीचे आता है। अब आप समझेंगे 15 मिनट बियरिश है। बड़ा साफ़ किस्म का। तो आपकी बात ठीक है। 15 मिनट बियरिश है। लेकिन जो पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट है वो तो फोर आवर का है। तो इसको फिर हम अगेंस्ट द ट्रेंड कंसीडर नहीं करेंगे। यह विद द ट्रेंड सेटअप ही कहलाएगा। अब ये क्यों आपको बात बता रहा हूं?
जब हम लाइव में बैठते हैं ना तो वहां पे लोगों को एक कंफ्यूजन आती है। वह कहते हैं कि आप यहां से क्लाइमेटिगेशन बार पे ट्रेड कर रहे हैं। हालांकि यह तो अगेंस्ट द ट्रेंड है। उनकी बात भी ठीक है। 15 मिनट में अगर यह 5 मिनट में प्राइस नीचे गिर रही है तो इनिशियली वो हमें अगेंस्ट द ट्रेंड ही मिलता है। लेकिन हम पीछे भी देखते हैं कि पीछे जो ज़ोन बन रहा है वो किस टाइम फ्रेम का है। 1 ऑवर का है, 4 आवर का है, 30 मिनट का है। अगर वो बड़े टाइम
फ्रेम में बुलिश है और छोटे में साइन मिल गया है तो फिर उसको आप विद द ट्रेंड कंसीडर करके तभी उसपे आप चलेंगे। ये बात उम्मीद है कि आपको क्लियर हो गई होगी। नहीं भी हुई तो कोई मसला नहीं है। अभी हम बहुत कुछ पढेंगे। आपको साथ-साथ चीजें साथ-साथ रोज बताता रहूंगा इंशाल्लाह। अब हम आ जाते हैं कि जो आज हमने मेन चीज पढ़नी है वो है जी हमारी सबसे पहले तो हमें मिलेगी क्लाइमेट एक्शन बार। ठीक है? आपको पता है कि जब अभी हम सेलिंग क्लाइमेक्स की बात कर रहे हैं तो सेलिंग क्लाइमेक्स जब
भी देखा जाता है उसमें हम यही कहते हैं कि हमारे पास ट्रेंड बुलिश है। ठीक हो गया? बुलिश ट्रेंड के बाद यानी इंपल्स वेव लगी है। उसके बाद आ जाती है प्राइस नीचे। यहां पे आपको कोई अच्छा पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट मिला हुआ है कि जी यह हमारा अच्छा पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट है इस ज़ोन पे। यहां पर आके एक कोई कैंडल बन जाती है बड़े स्प्रेड की जो हमारी शरायत है वह पूरी हो जाती है। यह लें जी। ठीक हो गया। अब इसका फैसला कौन करेगा? क्लाइमेक्शन बार कौन सी है? वॉल्यूम करेगा। पहली कैंडल का वॉल्यूम
यह बना लेते हैं। दूसरी का यह बना लेते हैं। उसके बाद थर्ड कैंडल का वॉल्यूम यह आ गया। और यह फोर्थ कैंडल का वॉल्यूम आ गया। चलिए इसी को बड़ा कर लेते हैं। ठीक है जी? हमें पता चल गया कि अब तक हमारे पास क्लाइमेट एक्शन बार यही है। अब जब पहले ये क्लाइमेटिगेशन बार थी ना पिछली कैंडल तो आपने इसकी ट्रिगर लाइंस लगा ली थी यहां पे। जाहिर है जब वॉल्यूम बड़ा आता है सॉरी बड़ा वॉल्यूम आता है आप ट्रिगर लाइंस लगा लेते हैं ना इस तरह। अब लेकिन उससे कैंडल अगली कैंडल में बड़ा
वॉल्यूम आ गया तो आप ये ट्रिगर लाइंस कैंसिल कर देंगे। अब आप लगाएंगे नेक्स्ट ट्रिगर लाइंस जो कि इस तरीके से आखिरी कैंडल पे ही मार्क की जाएंगी। अच्छा अब सिनेरियो वन में क्या था? आपको बताया था कि लोअर ट्रिगर लाइन टच नहीं होती या टच होती है स्वीप नहीं होती। ठीक है? और प्राइस ऊपर निकल जाती है। पहले बार उसके ब्रेकआउट पर ट्रेड ना करें। बेहतर है। दूसरे पे ट्रेड कर लें। वह सेफ ट्रेड होती है। सिनेरियो टू में क्या बताया था कि प्राइस सिर्फ इसके नीचे एक विक लगाती है। इस तरह बस ब्रेक
नहीं करती। विक लगा के ऊपर निकल जाती है। फिर इसका हाई ब्रेक कर देती है। यहां पे जैसे ही हाई ब्रेक करती है आप इसको ट्रेड कर लेते हैं। ये दूसरा सिनेरियो बताया था। सिनेरियो थ्री बड़ा डिटेल से समझाया था। उसमें आपको बताया गया था कि प्राइस यहां पे लो ब्रेक कर देती है। ठीक है जी? लो ब्रेक कर देती है। अब ये लोग इसमें भी कंफ्यूज होते हैं कि कब लो ब्रेक करती है। मुमकिन है ये पहले ऊपर निकल जाए। यानी फौरन से लो ब्रेक ना करे। प्राइस यह चीज बना ले। यह भी तो
हो सकता है ना। यह चली जाए ऊपर। ठीक है? फिर एक और कैंडल हो गई। ऊपर से स्वीप कर आई। ऊपर हाई तो ब्रेक नहीं किया। फिर प्राइस नीचे आ जाती है। ये डिफरेंट सिनेरियोस होते हैं इसके। फिर प्राइस नीचे आती है। ठीक है जी। यह इसने लो ब्रेक कर दिया। लो ब्रेक करके फिर हाई ब्रेक कर जाती है। इस तरह आप में से मैसेज में बता सकते हैं कि यह कौन सा सिनेरियो बन रहा है। आप मैसेज में बता सकते हैं कि सिनेरियो वन है, टू है, थ्री है, कौन सा है? मुझे जरा आईडिया
हो जाएगा कि आप लोगों को कितनी समझ आई हुई है। बेहतरीन है, बेहतरीन है। बहुत जबरदस्त। बिल्कुल ठीक जवाब है। आप सबका सिनेरियो थ्री बन रहा है। ठीक है? सिनेरियो थ्री में अब क्या मतलब है इसका? इसका मतलब यह है कि हाई ब्रेक करने से पहले पहले देखिए यहां पे हाई ब्रेक नहीं हुआ। सिर्फ स्वीप हुआ है। हाई ब्रेक करने से पहले पहले अगर प्राइस लो ब्रेक कर दे और फिर हाई ब्रेक करे तो यह सिरियो थ्री कहलाएगा। किसी भी सूरत में जब भी आपने इस पे ट्रेड करनी है क्लाइमेटिकेशन बार पे तो अगर जो
शुरू में इसने हाई ब्रेक कर दिया ना तो वो तो सिनेरियो वन बन जाएगा। तो जरूरी है कि पहले स्वीप करे या पहले ब्रेक करे उसके बाद ऊपर ब्रेक करे। ठीक हो गया? अच्छा ये सिनेरियो थ्री भी आपको पहचान ठीक है इसकी। अब आ जाते हैं हम सिनेरियो फोर कह लें या क्लाइमेटिक एक्शन बार का वो कह लें इसको ऑटोमेटिक रैली। ठीक है जी। जी ऑटोमेटिक रैली कहें आप या सिनेरियो फोर भी कह सकते हैं आप इसको। मैं इसको ऑटोमेटिक रैली कहता हूं। ऑटोमेटिक रैली में क्या होता है? ऑटोमेटिक रैली है क्या? ऑटोमेटिक रैली ये
होती है कि जब क्लाइमेटिक रिएक्शन बार कोई बन जाती है ना आप देखते हैं सबसे बड़ा वॉल्यूम आ गया है। उसके फ़ौरन बाद से पहला रिएक्शन प्राइस का ये होता है कि प्राइस बाय की तरफ जाती है। ठीक है? इससे ऊपर की तरफ निकलती है प्राइस फ़ौरन से। अच्छा। अब क्या यह यहीं से निकल जाती है या नीचे आ सकती है? बिल्कुल नीचे आ सकती है। नीचे आके इसका लो भी स्वीप कर सकती है। ब्रेक नहीं करेगी। नीचे आ सकती है इस तरह। और एक बड़ी सी विक लगा के इसका लो स्वीप कर सकती है
बिल्कुल इस तरीके से ऐसे ठीक है जी लो स्वीप हो जाए बस ज्यादा अच्छी बात है अच्छा लो स्वीप हो गया उसके बाद क्या होगा प्राइस फौरन से ऊपर की तरफ निकलेगी ऐसे तो ये जो इंपैक्ट होता है ना इसका ये जो पहला रिएक्शन होता है फौरन से ऊपर जाने का इस तरह इसको हम कहते हैं कि यह ऑटोमेटिक रैली है यह अब इसमें आपको मैंने क्या चीज आपने नोट करनी है कि ना लोअर ट्रिगर लाइन ब्रेक हुई है और ना ही अप्पर ट्रिगर लाइन ब्रेक हुई है। कोई भी ट्रिगर लाइन ब्रेक नहीं हुई ना
नीचे वाली ना ऊपर वाली। स्वीप दोनों हो सकती हैं। पहले नीचे वाली फिर ऊपर वाली या पहले ऊपर वाली फिर नीचे वाली। स्वीप होने का कोई चक्कर नहीं है। हो सकता है ब्रेक नहीं होगी ना ऊपर ना नीचे। ठीक है? दूसरी चीज जो इंपॉर्टेंट है वो भी याद रखें कि जरूरी नहीं है प्राइस ऊपर तक जाए। कहां तक आना जरूरी है? जरूरी ये है कि प्राइस जब यहां पे इसका लो स्विप करे या लो टच करे या कोई भी रिएक्शन दे तो कम से कम प्राइस को इसके हाफ तक आना चाहिए। ऐसे फर्ज करते हैं
ये चीज़ बन गई। पॉसिबल है ना यह बनना भी इसमें अभी बाइंग तो हुई है। कहां हुई है बाइंग? यह सारी बाइंग है। यह देखिए प्राइस नीचे आई क्लाइमेट बार के फौरन बाद यह बाय का इंपैक्ट मिल रहा है आपको। ठीक है? यानी लो ब्रेक नहीं हुआ लेकिन प्राइस बाय तक आई है। कहां तक आई है? ये जो प्रीवियस कैंडल थी ना पूरी क्लाइमेटिक एक्शन बार इसके कम से कम आधे तक 50% तक। इतना तो जरूर होना चाहिए। अगर इतना भी नहीं हो रहा ना बाय, तो फिर ऑटोमेटिक रैली अच्छी नहीं है। ऑटोमेटिक रैली है
क्या? ऑटोमेटिक रैली यह है क्लाइमेटिक एक्शन बार के फ़ौरन बाद जो बाइंग होती है, इसको ऑटोमेटिक रैली कहते हैं। ठीक हो गया? अब यह बाइंग कहां तक होती है? ऊपर तक हो तो बहुत अच्छी बात है। अगर ऊपर तक नहीं हो रही है पर्टिकुलर लाइन तक तो कम से कम इसके 50% तक जरूर आनी चाहिए। अगर 50% तक भी नहीं हो रही फिर वह अगर सेटअप कंप्लीट हो भी जाता है बाद में तो अच्छा सेटअप नहीं होगा। समझ आ गई जी? अच्छा ये बाइंग हो गई। इसको आपने कह दिया ऑटोमेटिक रैली का सेटअप। अब इसको
आपने ट्रेड कैसे करना है? यानी हम इसी को कंसीडर करते हैं। बाइंग तो हो गई। बल्कि अच्छी अच्छी कौन सी है? आइडियल कंडीशन पहले आपको पढ़ाता हूं। अच्छी वही होगी बाइंग जिसमें कोई इस तरह का सिनेरियो बन जाता है के बाइंग होती है फौरन से और यह चीज बनती है ये स्वीप भी कर रहा है ठीक है जी और इसके आपको सेटअप भेजूंगा ना जब ग्रुप में आपको मैंने बताया था कि मैं ग्रुप में भेजूंगा आज नहीं मैं आपको दिखाऊंगा ग्रुप में भेजूंगा और फिर नेक्स्ट क्लास में इसको डिस्कस भी करेंगे कल की क्लास में
अच्छा उसके बाद फिर एक और बाय होती है अब देखें ये इसने इसको स्वीप कर लिया ऊपर तक ब्रेक नहीं किया ठीक है जी ब्रेक नहीं करना चाहिए अब आ जाती है प्राइस नीचे यहां से यह सारा काम दो चार कैंडल्स में भी हो सकता है। 10 12 कैंडल्स में भी हो सकता है। कैंडल्स की कोई वो नहीं है। यह ले जी। अब प्राइस नीचे आ जाती है। जिसने नीचे लो ब्रेक किया है। यह लो ब्रेक करना भी इसका दो चार कैंडल्स में भी हो सकता है। पांच सात में भी हो सकता है। 10 में
भी हो सकता है। 50 में भी हो सकता है। कैंडल्स की कोई कैद नहीं है। प्रोसेस यही है। यही प्रोसेस जितनी मर्जी कैंडल्स में कंप्लीट हो। अब यहां पे क्या होता है जी? अगर तो इससे बड़ा वॉल्यूम किसी और कैंडल में आ गया। अब किसी भी सेल की कैंडल में इससे बड़ा वॉल्यूम आ गया तो इस पूरे पे आप क्रॉस कर देंगे। यह सब कुछ खत्म हो गया क्योंकि नई क्लाइमेट एक्शन बार बन जाएगी। फिर हम उसको नए तरीके से देखेंगे। ठीक है जी? याद रखें इससे बड़ा वॉल्यूम अब नहीं आना चाहिए। अब जो काम
भी हो रहा है, लो ब्रेक हो रहा है, जो भी हो रहा है वो इससे छोटे वॉल्यूम से ही होगा। क्लाइमेटिक एक्शन बार की निस्बत छोटे वॉल्यूम से ही होगा। जैसे हम कहते हैं कि ये इस तरह इसने ब्रेक कर दिया। यह ब्रेक कर दिया और ऊपर वाली का ये बन गया। बीच में रेड के जो वॉल्यूम्स हैं कोई भी हो सकते हैं। ज्यादा बड़े नहीं होने चाहिए क्योंकि जाहिर है यहां पे बाइंग अभी नहीं है। इस तरह अगर बहुत बड़ा वॉल्यूम आ जाता है ना ये इस तरह फिर भी आप छोड़ दें इसको। ठीक
है? फिर अच्छा सेटअप नहीं रहेगा फिर ये तो इसके क्लाइमेटिक एक्शन बार का वॉल्यूम भी सबसे बड़ा वॉल्यूम रहना चाहिए। इससे बड़े वॉल्यूम अब नहीं आने चाहिए। अच्छा एक दफा इसने कर दिया जी लो ब्रेक। एक दफा इसने लो ब्रेक कर दिया। अब आप अगर गौर से देखेंगे तो एक दफा नहीं किया। एक दफा तो क्लाइमेटिक बार का लो स्वीप हुआ यहां पे। दूसरी बार लो ब्रेक हो गया। यहां पे तो कम से कम दो दफा होना चाहिए। पहली दफा यहां पे हो गया। दूसरी दफा यहां पे हो गया। अभी तक हमें नहीं पता ये
ऑटोमेटिक रैली का सेटअप बनेगा। क्यों नहीं पता? क्योंकि मुमकिन है सिनेरियो टू बन जाता। लेकिन पहले इसने स्वीप किया था। ऊपर ब्रेक करता सिनेरियो टू बन जाता। लेकिन फिर इसने नीचे ब्रेक कर दिया। अभी भी अगर ये ऊपर ब्रेक कर दे जाके तो सिनेरियो थ्री बन जाएगा। ठीक है? अभी अगर यहां से ये चीज़ बन जाती है। इस तरह ये ब्रेक कर दिया इसने ऊपर। दो कैंडल्स में करे चार में करे जितनी मर्जी में करे। तो ये क्या बन गया? सीधा-सीधा आपको सिनेरियो नंबर थ्री नजर आ रहा है। ये देखिए लो ब्रेक हुआ और हाई
ब्रेक हो गया। सिनेरियो थ्री मिल गया आपको। लेकिन इसमें क्या होता है? ऑटोमेटिक रैली। ये लंबा चलता है थोड़ा सा। ठीक है? अब इसमें क्या होगा? प्राइस फिर ऊपर निकलेगी थोड़ा सा। यहां से फिर ऊपर आने की कोशिश करेगी इस तरह। ठीक है जी? यहां तक आएगी कहीं तक। आमतौर पे यह जो इसकी बॉडी होती है ना यहां तक आती है। बस यह जो बॉडी होती है ना क्लाइमेटिक बार जो बनी है इसकी बॉडी तक आती है आम तौर पे और यहां से दोबारा ड्रॉप ले जाती है। इस तरह अभी क्या हो रहा है? यह
प्राइस आपको तंग कर रही है। वही क्लाइमेटिक बार सिनेरियो थ्री वाली बात है कि यह बहुत बड़ा ड्रॉप नहीं आएगा। फ्री फॉल नहीं होगा। लेकिन प्राइस अपना लो बार-बार तोड़ने की कोशिश करेगी। तोड़ भी देगी। स्वीप भी करेगी बार-बार। तो कम से कम दो दफा होना चाहिए। अगर यह तीन दफा हो जाता है तो यह बहुत अच्छा सेटअप है। कम से कम दो दफा होना चाहिए। वो आपको यहां पे मिल गया। दो दफा मैंने कैसे पूरा किया था कि क्लाइमेटिक एक्शन बार बनी साथ ही लो स्वीप हो गया। तो एक दफा तो यह काउंट हो
गया। एक दफा तो यहीं पे काउंट हो गया इस जगह पे यहां पे। ठीक है जी। दूसरी दफा कब हुआ? जब ये कैंडल नीचे बनी जब ये कैंडल नीचे आई थी तो इसने जाहिर है क्लाइमेटिकली एक्शन बार का दोबारा लो ब्रेक कर दिया। दूसरी दफा यहां पे हो गया। तो दो दफा तो लाजमी होना चाहिए। ये शर्त है इसकी। लेकिन तीन दफा हो जाए, चार दफा हो जाए, तो वो बहुत अच्छा सेटअप बनता है। अब जब यह मुसलसल प्राइस ने ऊपर जाने के बजाय नीचे लो स्वीप करना शुरू कर दिए हैं। फिर प्राइस अंदर आ
जाती है। तो, आपने क्या करना है? एक थर्ड लाइन ऐड करनी है ट्रिगर लाइन। ठीक है जी? वो मैंने यहां पे आपको लगा के दिखा दी है। ये वाली। ये कहां पे लगती है? ये लगती है जो क्लाइमेटिक एक्शन बार होती है ना उसकी बॉडी पे। लोअर बॉडी पे। अगर तो लोअर बॉडी है तो ठीक है आप लगा दें। अगर पूरी कैंडल भरी हुई है फिल्ड कैंडल है तो फिर ना लगाएं। फिर बस एक ऊपर एक नीचे। लेकिन अगर बड़ी विक वाली कैंडल बनी हुई है तो फिर एक थर्ड ट्रिगर लाइन आप यहां पे ऐड
कर लेंगे जो मैंने ग्रीन कलर से अलग रंग में लगा दी। पहले हम सिर्फ अब तक अप्पर ट्रिगर लाइन और लोअर ट्रिगर लाइन देखते रहें। एक ये जो ट्रिगर लाइन है ये क्लाइमेटिक एक्शन बार की लोअर बॉडी पे लगती है। ठीक हो गया? यहां तक बात क्लियर आ गई। अब इसके बाद क्या होगा? अब आपने एक चीज गौर करनी है कि आपके पास एक चैनल बन रहा है। एक ट्रेंड लाइन बन रही है जिस तरह आपको मैंने ट्रेंड लाइन पढ़ाई थी। एक ट्रेंड लाइन बन रही है। मैं आपको लगा के दिखाता हूं। यहां से स्टार्ट
होती है ये। बस एक काफी है। आप दो भी लगा सकते हैं। अगर आप एक लगाना चाहते हैं तो ये कहां से लगाई है मैंने? ये बात याद रखें। ये बात गौर से सुन लें। 10 बार आपको मैं रिपीट करूंगा ये बात। कि यह आपने ट्रेंड लाइन लगानी है हमेशा जो ऑटोमेटिक रैली लगी थी ना यह ऑटोमेटिक रैली थी। क्लाइमेटिकली एक्शन बार के फौरन बाद जो बाइंग आती है ना इसका जो टॉप होता है इसको ऑटोमेटिक रैली कहते हैं। इस ऑटोमेटिक रैली का मतलब है इसके टॉप से आपने एक ट्रेंड लाइन खींचनी है नीचे की
तरफ और जितने भी टच आ रहे हैं एक टच मिलता है दो मिल रहा है उन सबको आपने टॉप से मिला देना है बस। ठीक हो गया जी? तो ये होता है ऑटोमेटिक रैली का चैनल। चैनल आपने ड्रॉ कर लिया। नीचे वाली लाइन भी लगती है। लेकिन नीचे वाली लाइन आपने इसको नहीं यहां से नहीं लगानी। नीचे वाली लाइन आप लगाएंगे क्लाइमेटिक एक्शन बार के लो से। ठीक है? ठीक है? मैं भी आपको वो भी लगा के दिखा देता हूं। ये इतनी जरूरी नहीं होती। आप लगाना चाहें लगाएं, ना लगाना चाहें ना लगाएं। ये इस
तरह होती है। ठीक है? इसका फायदा ये होता है कि आपको पता चलता है कि चैनल फॉलो हो रहा है। तो क्लाइमेट एक्शन बार का सिनेरियो फोर यानी ऑटोमेटिकली का सेटअप बन सकता है। क्योंकि चैनल बड़े स्ट्रांगली फॉलो करती है। इसको यहां से उठती है। ऊपर से लग के नीचे आ जाती है। फिर लगती है। अब प्राइस यहां पे मुसलसल ये सिनेरियो बना सकती है। मैं इसका कलर डिफरेंट कर लेता हूं। यहां पे प्राइस मुसलसल ये सिनेरियो चला सकती है। ये ठीक है? ठीक है? यानी तीन दफा भी, चार दफा भी ये काम हो सकता
है लो स्वीप ब्रेक होने वाला। अब यहां तक इस नक्शे में आपके पास क्या चीजें मौजूद है? एक तो आपके पास क्लाइमेट एक्शन बार मौजूद है। पहली चीज इससे बड़ा वॉल्यूम किसी सेल की कैंडल में अब नहीं आना चाहिए। आएगा तो ये सबसेट अप कंप्लीट कैंसिल हो जाएगा और नई क्लाइमेट रिएक्शन बार को हम नए तरीके से दोबारा देखना शुरू कर देंगे कि उसमें क्या बनता है। 1 2 3 4 जो बनता है। पहली चीज़। दूसरी चीज़ यह है कि आपके पास ऑटोमेटिक रैली के बाद प्राइस नीचे ड्रॉप देती है। बहुत बड़ा फॉल नहीं कर
रही। लेकिन बार-बार लो स्वीप करती है। लो ब्रीच करती है बार-बार। एक बार दो बार तीन बार। दो बार जरूर होना चाहिए। तीन-चार बार हो जाए तो बहुत अच्छी बात है। दो चीज़ हो गई। तीसरी चीज़ एक चैनल बनता है इसका। लेकिन वह चैनल स्टार्ट होता है ऑटोमेटिक रैली के टॉप से। यहीं से पकड़ना है आपने इसको। यहां से नहीं पकड़ना इस जगह से। ठीक है? यानी क्लाइमेटिक एक्शन बार के टॉप से नहीं पकड़ना। ऑटोमेटिक रैली के टॉप से पकड़ना है। ये बात याद रखें। इस तरह। और दूसरी चीज़ अगर आपने लोअर चैनल पे भी
बनाना है, लोअर ट्रेंड लाइन भी लगानी है, तो फिर ऑटोमेटिक रैली के लो से नहीं लगानी, वो लगानी है क्लाइमेटिक एक्शन बार के लो से। इस तरह। यहां तक क्लियर है? अगर यहां तक की ये बातें जो आपको मैंने बताई हैं ये क्लियर हैं तो फिर मुझे मैसेज में जल्दी से बता दें। मैं मैक्सिमम लोगों के रिस्पांस ही देखता हूं कि अगर वह कहते हैं क्लियर है या ठीक है तो फिर मैं आगे चल पड़ता हूं। चले जी यहां तक क्लियर है तो ठीक है। आगे चलते हैं फिर। अच्छा जी। आगे क्या है? अब आपने
सिर्फ इंतज़ार करना है। यह बड़ा स्ट्रांग सेटअप बनेगा आपका। एक बात जो आपको मैं बार-बार समझाता हूं वह यही है कि अच्छा यानी हाई प्रोबेबिलिटी सेटअप वही कहलाता है जो अप ट्रेंड की रिट्रेसमेंट पर बनता है। इस जगह पर जो इस ड्रॉप पे आके बनेगा। ये सारा काम अगर इस ड्रॉप में हो रहा है। देखिए यहां भी मैंने ऐसे ही बनाया है ये अप ट्रेंड इसकी रिट्रेसमेंट पे ये चीजें बना रहा हूं। तो ये बहुत अच्छा काम करेगा। अगर यह डाउन ट्रेंड में आके यहां पे बन रहा है। इस जगह पे आके बन रहा है।
फिर भी चलेगा सही। लेकिन फिर ये थोड़ा चलेगा बस क्योंकि यहां से प्राइस ने इसको ड्रॉप दे देना इस बार। तो यह बात याद रखिएगा कि हाई प्रोबेबिलिटी तब कहलाएगा जब यह बड़े टाइम फ्रेम बुलिश है और बड़े टाइम फ्रेम की किसी अच्छी पॉइंट ऑफ इंटरेस्ट पे आके वहां पे चीजें बन रही है तो यह बहुत अच्छा काम करेंगे। अगर बड़े टाइम फ्रेम में ही आपकी बरिश है फोर आवर बयरिश है डेली का बरिश है तो फिर ये अच्छा काम नहीं करेंगे। अच्छा जी अब यहां पे आपने क्या करना है जी आपने इंतजार करना है
कि सेटअप कंप्लीट हो। सेटअप कम कब कंप्लीट होगा। अब आप इसमें बाय कब करेंगे। एक बात आपको मैंने बहुत दफा बताई है कि इस सारे सिनेरियो में हमें अभी तक नहीं पता कि यह बाय है कि नहीं। हमें सिर्फ आईडिया लगा रहे हैं कि बाय हो सकता है। हमें कंफर्म नहीं है। कंफर्म कब होता है? क्लाइमेटिक एक्शन बार की बाइंग कब कब कंफर्म होती है? यह बात भी बता सकते हैं आप चैट में। इतने थोड़ा और आईडिया हो जाएगा। क्लाइमेटिक एक्शन बार की बाइंग कब कंफर्म होती है? कि हां यह बाय का वॉल्यूम था। इसका
जरा जवाब दें मैसेज में। मैं अभी बताता हूं फिर आपको। ठीक है जी। अपर ट्रिगर लाइन ब्रेकआउट यह पूरा जवाब है। अपपर ट्रिगर लाइन का जब ब्रेकआउट हो जाता है ना जी। ठीक है? लो वॉल्यूम के साथ इस अपपर ट्रिगर लाइन का ब्रेकआउट हो जाता है। तब हमें पता चलता है कि हां यह बाय का ही वॉल्यूम था। तब कंफर्मेशन आती है। ठीक हो गया? तो अब हम इसका वेट करना है। अब लेकिन उससे पहले भी आप ट्रेड कर सकते हैं। कैसे ट्रेड कर सकते हैं? अभी एक तो आपने पढ़ना है नो सप्लाई का टेस्ट
पढ़ेंगे आगे चलके वो आपको बताऊंगा। लेकिन इस सेटअप में अभी तक आप इसको बाय कैसे कर सकते हैं? आपने वेट करना है कि अपर ट्रिगर लाइन ब्रेकआउट हो। ठीक है जी। चलें यहां से प्राइस उठना शुरू करती है दोबारा। इस जगह पे देखें। यह जो बाय की कैंडल बनती है ना। अच्छा यहां पे जब प्राइस बुलिश होती है ना फिर मौका नहीं देती और ये कब होती है कि ये सारा सेटअप सारी रेंज बन रही है शाम 5:00 बजे से लेके 9:00 10:00 बजे तक जब तक लोग बैठे होते हैं प्राइस रेंज करती रहती है
रेंज करती रहती है अक्सर आपने देखा होगा आजकल तो ये चीज बहुत हो रही है और रात को 11:30 अचानक प्राइस बुलिश हो जाती है या सुबह सुबह 6 56 बजे का जो टाइम होता है जब टोक्यो मार्केट ओपन होती है उस टाइम प्राइस तेजी से ऊपर निकल जाती है 4-400 3300 निकल जाती है तो इस बात का आपने ख्याल रखना है कि अलर्ट लगा लिया करें ताकि ट्रेड आपसे मिस ना हो | अब यहां पे अगर आप देखें तो यहां पे दो चीजों का ब्रेकआउट हुआ है वह दो चीजें कौन सी हैं मैं आपको
यहां पे दिखा देता हूं पहली चीज़ का ब्रेकआउट हुआ। आपका यह जो चैनल आपने लगाया था, अभी तक यह ब्रेक नहीं हुआ था। प्राइस इसको टच करके नीचे आ जाती है। टच करके नीचे आ जाती है। ठीक है? यहां पे प्राइस ने इस चैनल का ब्रेकआउट दे दिया। एक ब्रेकआउट हो गया। दूसरी चीज़ दूसरा ब्रेकआउट अगर आप देखें तो ये जो इसकी बॉडी की लाइन थी जो तीसरी लाइन हमने एक ऐड की थी, इसका भी ब्रेकआउट हो गया। और ब्रेकआउट रूल क्या होता है? कि सारा कुछ जो कुछ भी हो रहा है, यह लो वॉल्यूम
से ही होना चाहिए। प्राइस को लो वॉल्यूम से ऊपर जाना चाहिए। अब ये तो बड़ा वॉल्यूम है। लेकिन एज़ कंपेयर टू दिस वॉल्यूम, यह छोटा वॉल्यूम ही होगा। ठीक है? क्लाइमेटिक एक्शन बार से छोटे वॉल्यूम लेने चाहिए सब। तो, यहां पर ब्रेकउ हो गया। ब्रेकआउट के बाद आप यहां से ट्रेड ले सकते हैं। यह आपकी क्लाइमेटिक एक्शन बार के जो सेटअप है ऑटोमेटिक रैली का यह उसकी पहली बाइंग है। आपकी पहली ट्रेड यहां से एक्टिव हो जाएगी। फर्स्ट ट्रेड। यह आपकी अग्रेसिव ट्रेड है। आज हमने आप बैच 40 वाले जानते हैं बैच 40 वाले के
हमने 3 मिनट पे एक अग्रेसिव ट्रेड जब मैं आया था। 3 मिनट पे एक अग्रेसिव ट्रेड बताई थी कि यहां से आप बाय कर सकते हैं। उसके बाद वही ट्रेड कंफर्म भी हो गई थी बाद में 3 मिनट के हिसाब से। तो, इस तरीके से यह आपकी अग्रेसिव ट्रेड होगी। यहां से आप ट्रेड कर सकते हैं। क्या शरायत मैंने बताई है आपको? किन चीजों का ब्रेकआउट बताया। एक आपको ब्रेकआउट बताया इस चैनल का जो आपने ऑटोमेटिक रैली के टॉप से लगाया था। दूसरा ब्रेकआउट बताया जो तीसरी एक हमने रिसेंटली ऐड की है अपनी ट्रिगर लाइन
यह वाली जो कि बॉडी पे लगती है क्लाइमेटिगेशन बार के लोअर बॉडी पे। इसका भी ब्रेकआउट हो गया। ठीक है? यहां से आप ट्रेड कर सकते हैं। स्टॉप लॉस आपका आएगा नीचे। ठीक हो गया? यहां पे आपका एसएल आ जाएगा। इसके बाद अगर अब यहां पर प्राइस फिर रेंज शुरू कर देती है अक्सर अक्सर रेंज शुरू कर देती है। इस यह रेंज जोन होता है प्राइस टैप करती है अप्ट्रिकल लाइन को और जाहिर है परिक्रुल लाइन बड़ी स्टंग चीज होती है। यह प्राइस को फिर नीचे भेजती है। यह काम शुरू हो जाता है। रेंज शुरू
हो जाती है। लेकिन आपकी ट्रेड वैलिड है। आप ट्रेड क्योंकि आपने एक ऐसी ट्रेड ली थी। इस पे आपका रिस्क भी कम होगा। जाहिर है आप इसको होल्ड करके रखेंगे। लेकिन कुछ देर रेंज के बाद या कुछ दिन रेंज के बाद अगर बड़े टाइम फ्रेम पे बन रही है तो रेंज करने के बाद प्राइस आखिरकार इस अपर ट्रिगर लाइन को भी ब्रेक कर देती है। अब आपको पता चल गया कि आपकी बाइंग तब कंफर्म होती है जब आपकी अप्पर ट्रिगर लाइन ब्रेक हो जाती है। यहां पे आपका एक इंपॉर्टेंट रूल अप्लाई होता है अपर ट्रिगर
लाइन के ब्रेकआउट पे उसे आप कहते हैं ब्रेकआउट रूल। उसमें दो ही कंडीशंस आपको बताई हुई है। पहली कंडीशन यह थी कि मोमेंटम कैंडल होनी चाहिए। एमसी मोमेंटम कैंडल नंबर टू लो वॉल्यूम। ठीक है? लो वॉल्यूम होना चाहिए। किसकी निस्बत? क्लेम एक्टिवेशन बार की निस्बत इसकी निस्बत लो वॉल्यूम होना चाहिए। और मोमेंटम कैंडल यह है कि बहुत बड़ी विक ऊपर ना हो। नीचे हो सकती है। नीचे का मसला नहीं है। ऊपर जो डायरेक्शन है इसकी ऊपर की डायरेक्शन है तो ऊपर बहुत बड़ी विक नहीं होनी चाहिए। अगर यह चीज़ मिल जाती है तो आपकी ये
सेकंड एंट्री है। ठीक है जी। सेकंड एंट्री इसका स्टॉप लॉस भी नीचे ही आएगा यहां पे। क्यों आएगा? क्योंकि यह डेफिनेट लो बन गया। आपका क्लेमेटिगेशन बार का लो ब्रेक हुआ। फिर इसने चैनल बनाया। फिर चैनल का ब्रेकआउट हो गया। तो, यह आपका लोअर जो आपका लो है, यह डेफिनेट लो कहलाएगा। डेफिनेट लो पे ही आपके स्टॉप लॉस लगते हैं। अब आप इसको होल्ड करेंगे। अगर यह विद द ट्रेंड है यह सेटअप आपने पकड़ लिया है तो यह होल्ड करने वाला सेटअप है। 15 मिनट पे भी अगर है ना तो 4500 तक चलता है ईजी।
ठीक है? 1 मिनट का भी चलेगा। बहुत अच्छा। 50 60 पे भी दे जाएगा आराम से आपको। यह इतना स्ट्रांग सेटअप है। बहाल फिर भी अगर अगेंस्ट ट्रेंड भी है आप चल रहे हैं और आपकी इस तरह ब्रेकआउट हो गया तो जाहिर है जो प्रीवियस स्ट्रक्चर लेवल है वो यहां पे है। तो यहां तक तो आप इसका टारगेट ले सकते हैं। समझ आ गई जी आपको? दूसरा इसको ये ट्रेड बंद करने वाली नहीं होती। यह ऐसी ट्रेड है कि वह आपको जबरदस्ती निकाल दें। बंद करने से मुराद अब क्या है कि आप बिल्कुल बंद नहीं
करनी। इतनी बंद करनी है कि आपने 1 2 ले लिया तो आपने 80% क्लोजिंग कर दी। बाकी 20% ट्रेड को चलता रहने दिया क्योंकि यह आपको बहुत पैसे दे सकती है। यह तंग करता है सेटअप। यहां पे शायद यह अगर 1 घंटे का सेटअप बन रहा है। मुमकिन है यहां पे एक हफ्ता लगा दे। सात दिन प्राइस रेंज करती रही है। बहुत सारा सेटअप आपको मैं इसकी जब एग्जांपल भेजूंगा आप देखेंगे कितना ज्यादा प्राइस उसमें कंसोलिडेट करती रही है। एक्यूमुलेट करती रही है। ठीक है? यानी रेंज में रही है। लेकिन जब ये चलता है तो
फिर ये अगली पिछली कसर आपकी पूरी कर देगा। सेटअप कम बनता है। 15 मिनट में भी ये हफ्ते में एक दो बनेगा या 5 मिनट पे। 5 मिनट पर दो बन जाए शायद और डेली में सॉरी इसमें वन ऑवर में मुमकिन है यह आपका हफ्ते में एक बने या हफ्ते में भी ना बने इस पूरे महीने में दो या तीन बने लेकिन ये ऐसा सेटअप है जो मैं बता रहा हूं कि आपको सैकड़ों नहीं हजारों पे उसमें ले जा सकता है प्रॉफिट में ट्रेड आपकी अच्छा अब जो लोग यह पूछते हैं कि 95% एक्यूरेसी के
बारे में बात होती है तो ये सेटअप वही वाला सेटअप है 95% से भी अच्छी एक्यूरेसी आपको देगा दूसरी बात यह है कि जो लोग सिर्फ वेट करते हैं और ऐसे सेटअप्स पकड़ लेते हैं बहुत से स्टूडेंट्स ऐसे हैं आप लोग कम्युनिटी में आएंगे आहिस्ता-आहिस्ता आपकी जान पहचान सबसे हो जाएगी बहुत से स्टूडेंट्स ऐसे हैं जिनका मैसेज आता है बकायदा कि हमने ये ट्रेड नहीं ली क्योंकि रूल्स पूरे नहीं है। वो रहते ही इस रूल पे हैं। वो कहते हैं हमें हफ्ते में एक ट्रेड मिल जाए या महीने में चार पांच ट्रेड्स इस पे मिल
जाए क्योंकि करेंसी पे भी आप ढूंढ सकते हैं या आप गोल्ड पे ढूंढ सकते हैं या आप क्रिप्टो पे ढूंढ सकते हैं। सब पे काम करेगी। तो आपने इस सेटअप का अगर वेट किया दो तीन सेटअप आपने अपने चूज़ किए हुए हैं अपने पेयर्स। उन दो तीन में से किसी एक पे बन जाती है। हफ्ते में एक बार आप उसको ट्रेड कर लें। इसका 100% यानी गारंटी वाला रिजल्ट है। यह आपको कभी भी लॉस में नहीं लेके जाएगा सेटअप। ठीक है? यह नहीं मैं कहता मुमकिन है कोई एक सेटअप आप ले वो लॉस में चला
जाए। लेकिन जब आप रिस्क मैनेजमेंट पढ़ लेंगे तो वह भी लॉस में नहीं जाएगा। यह मेरी गारंटी है। रिस्क मैनेजमेंट पढ़ने का मतलब यह है कि आपका यह 15 मिनट का यह 5 मिनट का सेटअप है। सब कुछ आपने 5 मिनट पे देखा है। तो 5 मिनट का मतलब यह है कि जब ये ब्रेकआउट हो गया है या ये सेटअप कंप्लीट हो गया है तो 5 मिनट की रेंज है 35 पिप्स की। ये 35 पिप्स इसने यानी 30 से 35 पिप्स है ना जो आपको बढ़ाए हैं। 25 30 पिप करने हैं। यानी लोअर रेंज पे
आ जाए। 25 से 30 पिप्स। यह इसने हर सूरत आपको लिख के देने हैं। इस पे मैं लेता हूं बड़ा रिस्क। इन इतने पिप्स के लिए इतने पिप्स के लिए बड़ा रिस्क। जैसे यह वाला टारगेट मिल गया अपना रिस्क बहुत कम कर देना है। अब यहां पे लोग यह पूछते हैं कि अगर इसका स्टॉप लॉस हिट हो गया तो आप टारगेट कर रहे हैं सिर्फ 30 से 35 पिप्स। लेकिन स्टॉप लॉस इसका बनेगा 200 पिप का तो फिर रिस्क टू रिवार्ड रेशियो कहां जाएगी? तो फिर मैं आपको एक बात यह बता दूं कि इसका मैं
आपको यह बता रहा हूं कि 30 35 पिप्स 5 मिनट की रेंज। 30 35 पिप नहीं 5 मिनट की रेंज का टारगेट दिए बगैर यह फेल नहीं होगा। लिख लें यह रिकॉर्ड हो रही है ना क्लास। जब होगा तो आप मुझे दिखाएंगे। फिर आप इतना टारगेट दिए बगैर यह सेटअप फेल नहीं होगा। इस पे मैं लिखता हूं बड़ा रिस्क। फिर मैं रिस्क बहुत छोटा कर देता हूं। मैक्सिमम प्रॉफिट टेकिंग कर लेता हूं। यहां पे रिस्क बहुत छोटा कर लेता हूं। उसका अगर स्टॉप लॉस हिट हो गया कोई बात नहीं। एक और सेटअप देख लेंगे बाद
में। वो फिर आपको लॉस नहीं देगा ना। यानी मैंने रिस्क लेना होता है 1%। मैं ऐसे सेटअप पे रिस्क ले लेता हूं 5%। तो 30 पे जो मुझे आते हैं वो बहुत बड़ा प्रॉफिट देते हैं। जाहिर है मेरी लॉट भी थोड़ी बड़ी होती है। तो वो 30 पे बहुत अच्छा प्रॉफिट देते हैं। उसमें से मैंने 90% 95% मैं बुक कर लूंगा। ठीक है? बाकी 5% को चलता रहे। उसका स्टॉप लॉस हिट भी हो गया। मेरी ट्रेड फिर भी प्रॉफिट नहीं जाएगी। समझ आ गई? वह इस तरह मैं इसको कवर करता हूं। दूसरी बात यह है
कि अगर यह ट्रेंड के साथ है तो फिर यह 30 35 पिप वाले तो सिर्फ ये आपको मैं मिसाल दे रहा हूं। फिर यह चलती है कई 100 पिप्स के हिसाब से जब बनता है तो बस विद द ट्रेंड होना चाहिए। ये बात आपने याद रखनी है। ठीक हो गया? अच्छा इसको अब आपने चार्ट पे गंदा काफी हो गया है। इसको थोड़ा सा साफ करते हैं। और आप इसको डिटेल से एक दफा देखें। मुझे मैसेज बताएं कि आपको समझ आई है। अभी आपको मैंने इस पे चार्ट की एग्जांपल्स दिखानी है। पहले मैं ग्रुप में भेजूंगा।
फिर कल हम उनको डिस्कस भी करेंगे। ये सेटअप इस तरह छोड़ने वाला नहीं है। इसको हमने बड़ी डिटेल से पढ़ना है। कल भी मैं पढ़ाऊंगा आपको इंशाल्लाह। लेकिन कल एग्जांपल के साथ दिखाऊंगा। ठीक है? ताकि आपको क्वेश्चन भी आपके ज़हन में आएगा तो आप वो भी पूछे साथ मुझे। फिर यह लें। यह इसके सेटअप की कहानी है टोटल। यह हो गया। बस इसके बाद आपको ब्रेकआउट चाहिए। वो ब्रेकआउट आपको यहां पे ऐसे मिलता है। यह और यह पहला ब्रेकआउट यह है। पहली एंट्री यह है। यह क्या बताया था आपको? कौन सा ब्रेकआउट है? दो चीजों
का। एक इस चैनल का और दूसरा लोअर जो इसकी मिडिल की थी ट्रिगर लाइन इसका। और दूसरी ट्रेड कहां से होगी? जैसे ही आपको दूसरा ब्रेकउ मिलता है। दूसरा ब्रेकउ आपको मिलता है इस तरह यह ठीक है जी मुमकिन है कि यह दो चार कैंडल्स यहां पे अरेंज करती रेंज करने के बाद मिले लेकिन आपने बस आपने समझना है कांसेप्ट यह नहीं देखना आपने कि यहां पे बाय की तीन कैंडल्स में ब्रेक हुआ है या बाय की 30 कैंडल्स में ट्रेड हुआ है वो हमें नहीं मसला उससे जितनी मर्जी कैंडल में ब्रेक करे 1 घंटा
रेंज की यहां पे या 3 घंटे रेंज की या एक हफ्ता रेंज की वो भी हमारा ना वो मेरे हाथ में है ना वो उसका मैटर वो करता है हमें मैटर ये चीज़ करती है कि जो आपको कांसेप्ट बता रहा हूं वो कांसेप्ट क्लियर क्लियर है या नहीं और उस पे वो मुकम्मल हो गया कि नहीं मुकम्मल हो गया। दूसरी ट्रेड यहां से है। दो ट्रेड्स होगी। दोनों के स्टॉप लॉस लगेंगे यहां पे इन जगहों पे नीचे। ठीक हो गया? और दोनों का टारगेट लंबा होगा। यह बात बस आपने याद रखनी है। अगर वि द
ट्रेंड अगेन सा ट्रेंड है तो आप छोटे टारगेट लेके आउट होते जाए। अब मैं आपको एक पते की बात बता दूं कि अगर छोटे टारगेट भी लेने हैं आपने। यानी आप कहते हैं कि बस मुझे यहां तक टारगेट 40 15 मिनट का सेटअप बन रहा है। तो 15 मिनट का मतलब यह है कि 40 से 60 पे तो यह जरूर देगा। 40 से 60 पिप के दरमियान इसने ऊपर जाना ही जाना है। ठीक है? मैं यह लेके पूरी ट्रेड क्लोज। अब मुझे उससे क्या लगे कि नीचे कितना बड़ा स्टॉप लॉस है या नहीं है? जब
मुझे पता है कि यह कंफर्म पिप्स इसने देने ही देने होते हैं तो फिर मैं क्यों ना इनसे फायदा उठाऊं। आपको मैं अगर एक बात बताऊं सब लोगों को आप 400 लोग बैठे हुए हैं। मैं आपको कहता हूं जी के ये यहां से ट्रेड लगाएं। ठीक है? 3 मिनट का सेटअप है। यहां से बाय करें। 20 पिप कंफर्म है। 20 पिप्स कंफर्म आने हैं। तो आप ट्रेड लेंगे कि नहीं लेंगे? अब उसके नीचे स्टॉप लॉस कितना बन रहा है। यह इसलिए मैटर नहीं करता कि मैं कह रहा हूं यह 20 पिप कंफर्म है। यह तो
आने हैं। उसके बाद स्टॉप लॉस बेशक हो जाए। तो 20 पिप बड़ा जो प्रॉफिट आप ले सकते हैं वह तो लेना। वो लेके बाकी पेशें छोड़नी है छोड़ें नहीं छोड़नी सारी क्लोज कर दें दोबारा भरने एक दिन बाद फिर ले लेंगे 20 पिप आपको पिप्स लेने से कोई अवार्ड नहीं मिलेगा आपको ट्रेड 4 दिन या चार महीने होल्ड करने से कोई अवार्ड नहीं मिलेगा आपको अवार्ड तब मिलेगा जब आप पैसे कमा लेते हैं वही आपका रिवार्ड है वही आपका अवार्ड है तो अगर आपके नजर में पैसा कमाना इंपॉर्टेंट है तो फिर पिप्स को भी छोड़
दें फिर जो मैं समझा रहा हूं इस पे काम करें बस मैं इस पे कर रहा हूं तो मैंने प्रॉफिट है ना आप अकाउंट देख लीजिएगा नेक्स्ट वीडियो आपको बताया था कि फिर अपलोड हो जाएगी अकाउंट डबल हुआ पड़ा है इसी चीज पे होता है कि छोटे पिप्स लेके रिस्क अच्छा रखें स्ट्रांग सेटअप हो बस आपके पास वह ले अपने घर जाएं। छोड़ दें। फिर उसके बाद जो मर्ज़ी ना देखें आज। आज मैंने एक ट्रेड की है। पता है कौन सी? वही जो अभी आके लाइव बैठा हूं आपके साथ बैच 40 को पता है। मैंने
बताया था सबको बताया था कि मैं यहां से अग्रेसिव ट्रेड में हो गया हूं। बस वह ट्रेड ली है उसका रिजल्ट आया बंद करके मैं उठ गया वहां से। मैं आया सिर्फ सलाम करने के लिए था क्योंकि आज मैं पहुंचा हूं। तो कल से इंशाल्लाह जॉइन भी करूंगा रेगुलर रेगुलर वहां पे। अब इस सेटअप में आपको समझ आ गई। इसकी ये नहीं आई मुझे एक तो चैट पे पहले ये बता दें। इसकी एग्जांपल्स मैं आपको नहीं दिखा रहा। मैं भेजूंगा आज रात इंशा्लाह आपको बल्कि मैं चेक करता हूं अगर मेरे पास वो ओपन हो जाती
है यहां पे इस लैपटॉप पे तो वैसे आप इतनी देर में मुझे चैट पे बता सकते हैं। मेरे ख्याल है यहां पे शायद ओपन ना हो मेरे पास। हां नहीं यहां पे नहीं है। वेल कोई नहीं मैं ग्रुप में भेजूंगा आपको इंशा्लाह फॉरवर्ड करके। अच्छा जी मैसेज तो 100 प्लस हो गए इतनी जल्दी। चलिए रिकॉर्डिंग स्टॉप करते हैं। फिर अगली की कोई ऐड करनी हुई तो मैं रिकॉर्डिंग ऑन कर दूंगा। वैसे रिकॉर्डिंग यहां पे हम अच्छा जी क्वेश्चन जो अभी है जो हमें रिकॉर्डिंग में ऐड करना चाहिए वो ये है कि क्लाइमेटिक बार के सिनेरियो
नंबर थ्री में और ऑटोमेटिक रैली के जो सेटअप अभी आपने पढ़ा है वो कह रहे हैं कि ऑलमोस्ट सेम है। उसमें डिफरेंस क्या है? डिफरेंस हमें समझा दें। तो डिफरेंस इसका ये है देखें। यहां पे क्या बनता है? सेटअप किस तरीके से बन रहा है? प्राइसेस नीचे जब आ रही हैं। चल पहले हम पूरा सेटअप बनाते हैं। प्राइसेस ऊपर जाती हैं। यह तो इंपल्स वेव होती है। जिसने स्ट्रक्चर ब्रेक किया होता है। फिर प्राइस रिट्रेसमेंट पे आती है। अपने लो पे भी आ सकती है। कहीं पे भी जहां पे आपको क्लाइमेशन बार मिल गई। ठीक
है? हम कहते हैं जी क्लाइमेशन बार थी हमारी यह वाली। यह आपकी क्लाइमेशन बार थी। यह इसकी अपर ट्रिगर लाइन। यह इसकी लोअर ट्रिगर लाइन। फिर प्राइस ने पहले ऑटोमेटिक रैली का सेटअप बनाया। यानी पहले बाइंग हुई है दरमियान में। चलिए इसको और क्लियर कर लेते हैं। यह लें। जी। यही हमारी क्लाइमेटिक एक्शन बार है। यह इसका लो है। यह लें। यह हमने लगा ली ट्रिगर लाइंस। यह अपपर ट्रिगर लाइन लग गई। यह इसकी लोअर ट्रिगर लाइन लग गई। अच्छा पहले जाहिर है फौरन से बाइंग होती है। पहले यह इसकी बाइंग हो गई। ठीक हो
गया जी। ये लें। अच्छा अब इसमें होता यह है। उसके बाद प्राइस नीचे आती है और लो ब्रेक कर देती है। तो यहां पे इसने एक बार लो ब्रेक किया। पहली बार यहीं पे मान लेते हैं। ठीक है? फिर प्राइस अंदर जाती है। ये नहीं जी। प्राइस अंदर आ गई। उसके बाद दूसरी बार लो ब्रेक करना जरूरी है। दो बार तो जरूर ब्रेक होना चाहिए। इस तरह अब दो बार कैसे हो गया? एक बार यहां पे यह बात समझ लें। एक बार यहां पे लो ब्रेक हुआ। इस कैंडल ने किया इस कैंडल ने। दोबारा इसी
का लो एक और कैंडल ने ब्रेक कर दिया। यह देखें। दूसरी बार यह स्वीप हो गया। दो बार हो गया। एक बार इसका दूसरी बार जो लो नया लो लगा था वो भी स्वीप हो गया। यह ब्रेक हो गया। तो दो बार तो जरूरी है। यह क्लाइम एक्टिवेशन बार में से थ्री में जरूरी नहीं है। उसमें बस यह है कि लो ब्रेक हुआ। अब जैसे ही हाई ब्रेक होगा बाय कर लें। इसमें फ़ौरन से हाई ब्रेक नहीं होता। प्राइस फिर नीचे आती है। फिर प्राइस उठने की कोशिश करती है। ठीक है? फिर प्राइस उठने की
कोशिश करती है। कैसे उठती है? इस चैनल को फॉलो करते हुए उठती है। ऐसे इस चैनल के साथ-साथ ट्रेवल करती है। और यहां से दोबारा ड्रॉप आता है और तीसरी बार भी लो स्वीप कर देती है। यह थर्ड टाइम यहां पे हो गया इसका। तो ये स्टेप्स बनते जा रहे हैं। अब इसमें एक चीज़ देखें आप। प्राइस ने ऊपर जाना है। ठीक है? आपको पता है कि ऑटोमेटिक यानी का सेटअप बन रहा है। प्राइस को यहां से बहुत ऊपर जाना है। तो बहुत ऊपर जाने के लिए बहुत ज्यादा ताकत की जरूरत होती है। प्राइस को
पैसा चाहिए होता है। अब वो मतलूबा रकम यहां नहीं बन रही होती। यहां नहीं बनी। प्राइस नीचे आ गई। ठीक है? ठीक है? फिर ऊपर गई, नहीं बनी, फिर प्राइस नीचे आ गई। तो ये जितने लोगों के यहां पे स्टॉप लॉस बने होते हैं, ये ऑर्डर्स होते हैं बेसिकली। ठीक है? पेंडिंग ऑर्डर्स लगे होते हैं इन जगहों पे लिक्विडिटी सीप होती है, लिक्विडिटी इन्वॉल्व हो जाती है। तो, आपको उसकी एग्जांपल समझा देता हूं। आपके पास एक कस्टमर आता है। आप अक्सर देखते हैं ना के आप कोई सप्लायर हैं। मैं आपको आसान एग्जांपल से समझा देता
हूं। ठीक है जी? आप सप्लायर हैं। आप किस चीज़ की सप्लाई करते हैं? आप कंस्ट्रक्शन का मटेरियल है, उसकी सप्लाई करते हैं। अब आपके पास आपका यह कस्टमर है। बहुत बड़ा कस्टमर है। यह आपसे चीजें मांगता है। चीजें मांगता है। यह आपको कहता है कि मुझे इतनी ईंट चाहिए। अब बारिशों का मौसम है। ईंट नहीं बन रही। बट्टे बंद है। ठीक है? ईंट कम मिल रही है आपको। अब आप क्या करेंगे? यह उसने आपसे मांग ली है जी 1 लाख ईंटें। ठीक है? 1 लाख ईंट इसने आपसे मांग ली है। अब वो क्या करेंगे आप?
आपके आपके पास जो है वह तो आप देंगे। बड़ा आर्डर पूरा करना है ना? तो जो आपके पास है आपने दे दी। फॉर एग्जांपल आपके पास 20,000 थी। अब बाकी रह गई 20,000 तो उसके लिए आप क्या करेंगे? पीछे कहीं पता करेंगे। कहीं से आपको 10,000 मिल जाती है। अब आपकी डिमांड पूरी हो गई है। नहीं डिमांड पूरी हुई। किसी और जगह जाएंगे। वहां से कहीं 20,000 आपको वहां से मिल जाती है। अभी भी डिमांड अभी तो थोड़ी डिमांड पूरी हुई है। फिर आप कहीं और जाएंगे। आपको एक जगह से 400 मिल जाती है। ठीक
है? यह भी आपने यहां भेज दी। बिल्कुल इसी तरीके से इसको ऊपर जाना है। ये वाले हाई ब्रेक करने हैं। ये इस सप्लाई को तोड़ना है। इस सप्लाई को तोड़ने के लिए ज्यादा डिमांड चाहिए। ठीक है? यानी इस ये देखिए ना इस टारगेट को पूरा करने के लिए यह इसका टारगेट है। इसको तोड़ना। इसको तोड़ने के लिए इसको फिर जगह-जगह फिरना पड़ रहा है। तो सेम तरीके से प्राइस अपने लो स्वीप करती है। जगह-जगह फिरती है कि कहां से मुझे बड़े ऑर्डर्स मिलेंगे बाय के। यहां से इतने ऑर्डर नहीं मिले कि इसको ब्रेक करे। प्राइस
नीचे आ गई। यहां से ऑर्डर मिले हैं, अच्छे मिले हैं, लेकिन इतने नहीं मिले कि इसको ब्रेक कर पाती। प्राइस फिर नीचे आ गई। यहां से फिर अच्छे ऑर्डर मिलते हैं। इवेंचुअली प्राइस के ऑर्डर्स पूरे हो जाते हैं। इसकी ईंट पूरी हो जाती है। फिर यह क्या करते हैं? फिर यह इतनी तेजी से ऊपर निकलता है कि फिर यह आपके हाथ नहीं आता। यह बहुत तेज़ एक बुल रन चलता है इसमें। टाइम फ्रेम के हिसाब से 5 मिनट का सेटअप है तो 5 मिनट का बुल रन चलेगा। ठीक है? यानी बुलिश हो जाएगी प्राइस तेजी
से। 1 मिनट का है तो 1 मिनट में हो जाएगा। घंटे में है तो घंटे में बहुत लंबी वेव आपको मिल जाएगी। तो, इसके पीछे कांसेप्ट यह है। प्राइस क्यों बार-बार नीचे आती है? इन ऑर्डर्स को पूरा करने हैं। इस टारगेट को पूरा करना है कि ताकि इसको ब्रेक कर सके, ऊपर जा सके। जब तक वह उसको मतूबा अपनी पावर नहीं मिलेगी, वह बार-बार बार-बार नीचे आपको लॉस स्वीप करेगी ऑर्डर्स की तलाश में। ठीक है? तो इससे उम्मीद है कि आपको यह सवाल आपको इसका जवाब मिल गया होगा।