माय क्वेश्चन इज हम लोग लाइफ को लाइफ सिंपल होती है हम यह बोलते लाइफ सिंपल है फिर इतनी कॉम्प्लिकेटेड कैसे हो जाती है डू वी मेक इट कॉम्प्लिकेटेड और देर इज डिफरेंट परसेप्शन टू सी लाइफ एंड समटाइम लाइफ इ अप समटाइम लाइफ इज डाउन वी ऑल हैव आवर प्रॉब्लम्स चॉइस सो व्हाट डू यू थिंक सो र क्वेश्चन इ कि लाइफ जो कि इतनी सिंपल है वो कॉम्प्लिकेटेड कैसे हो जाती है तो यहां पर एक अजमन है व क्या है कि लाइफ बहुत सिंपल है दिस इ नॉट एस सिंपल एस इट साउंड्स मैंने बोला तो है
बट इफ यू लुक एट इट क्लोज तो आपको समझ आएगा कि जो जानवर है उनकी लाइफ सिंपल नहीं है 24 घंटे एक थ्रेट में जी रहे हैं फाइट फॉर सर्वाइवल तो व फाइट सिर्फ वहां थोड़ी है यहां भी है हर कोई अपने बारे में सोच रहा है किसी को किसी और की नहीं पड़ी है अगर किसी वजह से सम बडी स्टक फाइनेंशली जिसकी वजह सेट पर्सन ड द वर्ल्ड केयर किसी को फर्क पड़ता है तो लाइफ इ सिंपल फॉर दोज जो एनिमल किंगडम है जहां पर वह लोग जी रहे हैं उससे ऊपर उठ चुके हैं
दे आर लिविंग इन कांस्टेंट थ्रेट डेंजर फाइट फॉर सर्वाइवल यानी कि या तो किसी को शिकार करो या शिकार बन जाओ एक तरफ से बचना है एक तरफ से किसी को मारना है तो जिंदा रहने के लिए यह दो काम करने होंगे एक एक तरफ डर है एक तरफ क्रेविंग है ऐसे तो इंसान है अगर इंसान को डिफाइन किया जाए तो आर यू बियोंड योर क्रेविंग एंड एवज व्ट आर यू बियोंड योर क्रेविंग एंड एवज व्ट एवर यू कॉल एस मी वट इज द सेंटर पॉइंट ऑफ ट मी अब जो भी मैं बोल रहा हूं
उसके दो तरीके हैं उसको सुनने के एक है आप टिकली उसको देखो और सुनो उसका कोई फायदा नहीं देन इट बिकम मोर लाइक एन इंटेलेक्चुअल स्टिमुलेशन जिसमें अभी मजा आएगा लेकिन बाद में यहां से बाहर निकले तो सब वो का वही दूसरा है मेरे साथ साथ में देखो तो अगर देख पाए तो कुछ इंटरेस्टिंग डिस्कवर कर पाओगे मैंने क्या कहा बहुत बड़ी बात बोली यूर नथिंग बट यर क्रेविंग्स एंड एजस जानवर भी तो यही है डिजायर एंड फियर इसको अगर आपके अंदर से पूरी तरह से निकाल दिया जाए हर तरह का तो आप कहां हो
एक्शन कहां है रिएक्शन कहां है तो आपने पूछा कि लाइफ जो कि सिंपल है वो कॉम्प्लेक्शन कॉम्प्लिकेटेड क्योंकि सबसे पहली जो हमारी फाइट है उसमें और जानवरों की फाइट में कोई फर्क नहीं है दैट इज नीड और इस दुनिया की जो 90 पर पॉपुलेशन है उसकी तो वही फाइट है ना जिसको यह नहीं पता कि अपने घर में जो बच्चे हैं उनको अगले दिन का खाना कैसे वो इंसान खिलाएगा या खिलाएगी उसके लिए लाइफ सिंपल कैसे हो गई तो लाइफ इज वेरी कॉम्प्लिकेटेड कुछ गिनी चुनी सीट्स है उसके लिए लाखों बच्चे कंपीट कर रहे हैं
एक अटेंप्ट दो अटेंप्ट दो साल तीन साल च साल सा साल तक कोशिश कर रहे हैं उसके बाद भी कुछ नहीं हो रहा है उसके अलावा उनको और कुछ पता ही नहीं है कि हम क्या करें अपनी जो सारी सेविंग्स है वो वहां लगा दी टाइम वहां पर लगा दिया अपनी प्राइम एज वहां पर स्पेंड कर दी मां-बाप का सब कुछ वहां लगा दिया सारी एक्सपेक्टेशन सारा पैसा तो लाइफ सिंपल कहां है हो सकता है हमारे स्टैंड पॉइंट से लाइफ सिंपल हो यहां पर आप में से कुछ लोगों के स्टैंड पॉइंट से क्योंकि रहने की
टेंशन नहीं है घर मिला हुआ है पेरेंट्स का अगर सोचो पेरेंट्स का घर आज ना हो हमारे पास में तो लाइफ सिंपल है कॉम्प्लिकेटेड है एकदम से कॉम्प्लिकेटेड हो जाएगी तो रहने के लिए छत है पहनने के लिए कपड़े हैं खाने के लिए है प्लस कुछ बेसिक लेवल की एजुकेशन हमारे पास में है वो भी कहां से आई पेरेंट्स की वजह से आई उनके पास पैसा था इस वजह से आ गई उसकी वजह से आज हमारे पास में एक सिक्योरिटी है कि मैं कहीं भी जाऊंगा या जाऊंगी तो मुझे जॉब मिल जाएगी तो एक सेंस
ऑफ सिक्योरिटी है जिस वजह से हमें ये गलतफहमी हो रही है कि लाइफ इज सिंपल फॉर अस लाइफ इज नॉट सिंपल पहले तो इसको अच्छे से समझ लो लाइफ इज वेरी कॉम्प्लिकेटेड लाइफ की शुरुआत ही कॉम्प्लिकेशन से होती है अगर डाउट हो तो ये जो बहुत सारे चैनल्स है जहां पर जानवरों की लाइफ दिखाई जाती है उसको ध्यान से देखो पैदा होते ही वो फाइट शुरू हो जाती है पैदा होते ही या तो मारना है या मरना है कुछ ही सरवाइव कर पाते हैं तो पहली कॉम्प्लिकेशन क्या है हम सबकी लाइफ में नॉट सब की
बट मेजॉरिटी ऑफ पॉपुलेशन वो है दिस फाइट टू सरवाइव वो कहां से आएगा जानवरों के केस में तो यह फाइट नेवर एंडिंग है पैदा होने से लेकर के मरते दम तक चलती ही रहती है बट इंसानों के केस में यह प्रॉब्लम या यह फाइट खत्म हो सकती है अगर आप खुद को इतना कैपेबल बना लो कि आपके पास में इतना पैसा आ जाए या एक लेवल की फाइनेंशियल सिक्योरिटी आ जाए कि आपको अपनी जो बेसिक नेसेसिटीज है अपनी और अपने साथ में जो लोग हैं उसकी टेंशन ना हो या फिर पीछे से पैसा मिल गया
है तो उसकी टेंशन नहीं है तो लाइफ की एक कॉम्प्लेक्टेड कि वो लोग जो ऐसे फैमिली बैकग्राउंड से है जहां से पीछे उनको यह सब मिल गया है क्या उनकी लाइफ बहुत सिंपल है असली कॉम्प्लिकेशन तो वहां शुरू होती है ना क्योंकि जब तक ये फाइट फॉर सर्वाइवल है तब तक कोई दिक्कत नहीं है दिस वट वी आर प्रोग्राम फॉर हम सब इसी के लिए तो बने हैं यह सब नेचुरली होता है हम सब से इसमें कोई एफर्ट नहीं है बोलने को बोल सकते हो हार्डवर्क है यह है वो है अरे सब हार्डवर्क कर रहे
कौन नहीं कर रहा जानवर नहीं कर रहे क्या तो हार्डवर्क क्या होता है तो कंपनी में आपकी जॉब लग गई है और य आर एब्सलूट सिक्योर फाइनेंशली अपना खुद का घर आ गया है ईएमआई सारी खत्म हो चुकी है बैंक में कुछ सेविंग्स पड़ी है 10 20 करोड़ रुपए है बैंक अकाउंट में अब तो असली कंपलेक्सिटी शुरू होने वाली है या मान लो आपके पिताजी ऐसे हैं जहां पर पहले ही 20 3050 करोड़ रुप पड़ा हुआ है अब है असली कॉप्लेक्स इन अदर वर्ड्स अगर आपको जो भी चाहिए अपनी बेसिक नीड्स के लिए वो सब
दे दिया जाए और यहीं पर बिठा दिया जाए जिंदगी भर अब यहां पर आराम से बैठो तीनों टाइम खाने को मिलेगा बाकी टाइम क्या करना बैठे रहो सुनने में आपको लगेगा कि इसमें क्या है जब बैठोगे ना तब पता लगेगा जिंदगी भर छोड़ो दो दिन में पता लग जाएगा कि एक्चुअल में सिब यह करूं या यह करूं या यह करूं या यह करूं जब बेसिक नीड्स के लेवल से आप ऊपर उठते हो तब आप देखते हो वहां पर तो बहुत ज्यादा कॉम्प्लेक्शन है उसका कंट्रोल आपके हाथ में नहीं है तो सब कुछ ठीक है द
मोमेंट आई गिव कंट्रोल टू यू आपकी लाइफ सिंपल हो जाएगी कॉम्लेक्स हो जाएगी कॉम्लेक्स हो जाए बहुत कॉप्लेक्स हो जाएगी एकदम से ब्रेथ का ध्यान रखना है अगर भूल गई तो गई कितना मुश्किल हो जाएगा अब सोचो एक ऐसा इंसान जो पैसे से ऊपर उठ गया है यानी जो यह जानवरों का जो स्तर है वहां से एकदम से ऊपर उठ गया अब उसको काम करने की जरूरत नहीं है रोज पैसा कमाने के लिए और पेट भरने के लिए अब वो करेगा क्या वो कुछ भी कर सकता है और कुछ भी नहीं कर सकता है अब
ये सुनने में बहुत अच्छा लगेगा उन लोगों को जो अभी अपने बेसिक नीड्स के लेवल पर है कि वाह यार क्या लाइफ है इसको फ्रीडम कहते हैं दिस इज नॉट फ्रीडम अब यहां पर माइंड एक्टिवेट हो जाएगा 24 घंटे माइंड में थॉट्स घूमेंगे क्योंकि करने को कुछ है नहीं नहीं भी करे तो कोई फर्क नहीं पड़ता है या फिर करने के लिए वह कर दिया वहां से पैसा आ गया अब बाकी टाइम क्या करें तो अब इंसान उल्टे सीधे अपने माइंड में परपस क्रिएट करेगा लेट मी लिव अ पर्पस ड्रिवन लाइफ व्हाट एवर दैट मींस
लेट मी डू दिस फॉर देम कोई ना कोई वजह ढूंढ रहा है जीने की बेस्ड अपॉन दिस लिमिटेड थिंकिंग एंड डेटा एंड इंफॉर्मेशन व्हिच इज फीडेड इन हिज और हर ब्रेन कि हां यह करने से शायद वो हो जाएगा जैसे एक गलतफहमी है हम सबके दिमाग में कि अगर मैं कहीं जाता हूं या जाती हूं ऐसे किसी एरिया में मान लो कोई स्लम एरिया है और वहां पर जाकर के उनकी मदद करता या करती हूं तो कुछ बहुत अच्छा होगा कभी एक्चुअल में जा कर के देखो जाते ही सबसे पहले वो लोग आपसे पूछेंगे आप
बताओ आपका क्या फायदा है यह सब करने में क्यों आए हो आपके ऐसे बहुत आ चुके हैं कितने पैसे ले रहे हो उसमें से हमें कितने दे रहे हो यह तो बता दो प्लस व करने जाओगे कुछ अच्छा लेकिन अगर हल्का सा भी कुछ गलत हो गया और जब उसके नेगेटिव रिपर कुशन आएंगे तो आप कहोगे अरे यह क्या हो रहा है मैं तो कुछ भलाई कर रही हूं यह मेरी तो नियत साफ है य हो र मेरे साथ तो और बुरा लगेगा जैसे जॉब इ वेरी क्लीन ट्रांजेक्शन बिजनेस इ वेरी क्लीन ट्रांजेक्शन जॉब में
क्या होता है आपने अपना टाइम दिया बदले में पैसा मिला बदले में कंपनी कुछ एक्सपेक्ट कर रही है नहीं तो आप जॉब छोड़ सकते हो आपको लगे कम है तो और कंपनी को लगे काम कम है तो कंपनी आपको निकाल सकती है कितना क्लीन ट्रांजैक्शन है मतलब मूमेंट यू गेट इनटू दिस जोन जहां पर अब आप कुछ फिगर आउट कर रहे हो अपने लिए क्या मैं यह करूं कुछ तो करोगे तो वो जो करोगे वही कॉम्प्लेक्शन अस आपका सारा ध्यान काम की तरफ है आपका सारा ध्यान अपने भूख की तरफ है अपनी फैमिली की तरफ
है जब वहां से ध्यान हट गया तो ध्यान कहां आएगा अब आप थॉट के लेवल पर चले गए हो अब आप कहां जी रहे हो कि वो मेरे बारे में क्या सोच रहा है वो मेरे बारे में क्या सोच रहे है प्लस यू आर कांस्टेंटली थिंकिंग अबाउट योरसेल्फ एंड देयर आर सो मेनी कांट्रडिक्शन इन दैट जिसकी कोई हद ही नहीं है अब एक ऐसा इंसान जो अपनी बेसिक नीड से ऊपर उठ गया है वह कहां जिएगा माइंड में जिएगा ऐसा नहीं है व इंसान जो अपनी बेसिक नीड्स के लिए लड़ रहा है वो नहीं जी
रहा है व भी जी रहा है बट कंपेरटिवली ट् लाइक काइंड ऑफ बैलेंस या फिर काम की तरफ ज्यादा फोकस है काम पर ज्यादा ध्यान है उसका ध्यान पैसे पर है क्योंकि वह इंपॉर्टेंट है जैसे ही पैसा जितनी आपकी जरूरत है उससे ज्यादा पैसा आया अब क्या हुआ माइंड एक्टिवेट हो गया अय माइंड क्या करेगा एंड व्हाट इज माइंड व्ट इज थॉट क्या माइंड और थॉट दो अलग अलग चीज है एक एक्सपीरियंस जैसे एसी की हवा आ रही है हमें फील हो रहा है पता लग रहा है इसको क्या कहेंगे एक्सपीरियंस इसके बारे में जो
फीलिंग हो रही है यानी हवा ठंडी है प्लेजट है यह हो गई फीलिंग इसके बारे में जो भी कुछ हम बोल रहे हैं उसको बोलते हैं थॉट जब बोलना बंद तो देर इज नो थॉट एक्सपीरियंस तो है फीलिंग भी है फीलिंग कब तक होती है जब तक वो फीलिंग या तो प्लेजट होती है या अन पलेज होती है उसके लिए कोई क होती है वजन होता है तब तक वो फीलिंग की तरफ हमारा ध्यान होता है नहीं तो वहां से भी ध्यान हट जाता है य इतनी सारी साउंड्स है किसकी तरफ आपका ध्यान है आप
और वोह आपका है बाकियों का नहीं है मे मे नॉट बी ट्रू और सबके लिए अलग-अलग है किसी के लिए मेरी आवाज ऐसी है जैसे कोई जापनीज भाषा में बात कर रहा हो कि एक कान से सुनी दूसरे से निकाली समझ तो कुछ आ नहीं रहा दिमाग भी क्या लगाना है छोड़ो बेकार में हेडेक हो जाएगा बाहर जाके गोली खानी पड़ेगी तो उनके लिए मेरी आवाज तो है लेकिन आवाज का कोई मतलब नहीं है तो आवाज का होना ना होना बराबर उसकी वजह से ना नेगेटिव फीलिंग ना पॉजिटिव फीलिंग ना कोई इमोशन ना कोई थॉट
सबसे बढ़िया है ये लोग मेरे को सबसे ज्यादा प्यार है ऐसे लोगों से क्योंकि उन्हें पता है कि इसका कोई एंड है ही नहीं तो बिल्कुल ऐसे बैठे रहते हैं जैसे कोई फूक करके कुछ बैठा हुआ हो अपना आराम से बैठे हैं सर जो मर्जी बोलते रहो कुछ भी कर लो कुछ होना तो है नहीं अभी तक तो कुछ हुआ नहीं आगे भी कुछ होना तो है नहीं क्या करना है सर यह सब सुन कर के समझ करके सबसे बढ़िया है यह लोग दिन में भी सोते हैं रात में भी सोते हैं ऐसे सीरे हो
कर के मत देखो आप लोग की बात नहीं हो रही है आप तो बहुत अच्छे लोग हो पता नहीं कितनी दूर दूर से आए हो सुनने के लिए तो आपने कहा मेरी आवाज की तरफ ध्यान है ससी की आवाज की तरफ नहीं है क्यों क्योंकि उसके लिए कोई क्रेविंग एजन है ही नहीं बट कोई इंसान जो पहले कभी एसी में बैठा ही नहीं और किसी ऐसी जगह से आए जहां पर बहुत गर्मी होती है तो अगर वो यहां पर आएगा उसका ध्यान कहां पर होगा मेरी बातों की तरफ या एसी की आवाज की तरफ और
एसी की जो ठंडक है उसकी वजह से जो फीलिंग ट्रिगर हो रही है उसकी तरफ तो मैंने क्या कहा था थोड़ी देर पहले यू आर नथिंग बट योर क्रेविंग्स एंड एवर्जन दैट इज द एसेंस ऑफ योरसेल्फ इन रियलिटी बस ऑब्जेक्ट ऑफ क्रेविंग एंड ऑब्जेक्ट ऑफ एवज चेंज होते रहते हैं बहुत बेसिक लेवल पर देखा जाए तो वो पैसा होता है रोटी कपड़ा घर यह सब होता है थोड़ा और ऊपर जाते हैं तो तरह-तरह के कांसेप्ट पैदा होने लग जाते हैं कांसेप्ट ऑफ राइट एंड रंग क्रेविंग एंड एवर्जन कांसेप्ट ऑफ गुड एंड बैड कांसेप्ट ऑफ फेयर
एंड अनफेयर देन कम्स दिस कांसेप्ट ऑफ स्पिरिचुअल एंड नॉन स्पिरिचुअल मैं स्पिरिचुअल हूं ये नॉन स्पिरिचुअल है ये कोई लोग होते हैं ये तो मेडिटेशन ही नहीं करते हमें देखो देन कम्स द कांसेप्ट ऑफ दिस मटेरियल जम वर्सेस स्पिरिचुअलिज्म ऑफ हार्ट एंड माइंड एस इफ देर ज डिफरेंस बिटवीन द टू दोनों के बीच में कोई फर्क है एक्चुअल में कि मेरे दिल की आवाज है यह मेरे दिमाग की आवाज है दिल में से सिर्फ धड़कने की आवाज आती है और कोई आवाज नहीं आती है तो वह इंसान जिसका ध्यान अपनी बेसिक नीड से नेसेसिटी से
हट गया क्यों हट गया क्योंकि उससे रिलेटेड कोई एक्सट्रीम क्रेविंग या एजन नहीं है क्यों क्योंकि उतना है जितना की जरूरत है तो वन दैट पर्सन वुड इंडल ओवरइंडल्जेंस करें अपनी जो क्रेविंग्स और एवज है उसको कंट्रोल करने के लिए नहीं तो वो ओवरइंडल्जेंस प्लेजरस है उसमें खाने में पीने में और जितने भी है उस सब में तो उसकी लाइफ कैसी हो जाएगी बद से बदतर हो जाएगी तो लाइफ सिंपल कहां हो रही है लगता है बाद में पहना है तो जैसे ही यहां से हटते हैं तो एक तरफ से देर इज अ स्ट्रांग पॉसिबिलिटी
कि हम फिजिकली बीमार होने लग जाते हैं अनलेस एंड अटिल कि हमारे अंदर इतनी बेसिक लेवल की इंटेलिजेंस है कि हमको समझ आ जाए कि हेल्थ से इंपोर्टेंट और कुछ नहीं है कितना भी पैसा आ जाए किसी काम का नहीं है हम अपनी हेल्थ के ऊपर काम करने लग जाए बट उसके बावजूद भी आप कितना ही काम कर लो कितना ही योगा कर लो कितना ही कुछ भी कर लो जो ओल्ड एज है डिजीज है डेथ है आप की और आपके आसपास में जो लोग हैं उन सबकी वह तो मंडरा ही रही है ना सर
पर तो आर यू ओके विद दैट यू नी टू आस्क इट टू योरसेल्फ दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार किस इंसान को करते हो सबके लिए अलग अलग है उस इंसान की डेथ आर यू ओके विद ट अच्छा 20 साल बाद नहीं जैसा आपने सोचा हुआ है कल आर यू ओके विट तो लाइफ सिंपल कहां है इन सब चीजों के बारे में ख्याल कब आते हैं जब इंसान फ्री हो जाता है खाली दिमाग शैतान का घर ये सारे शैतानी थॉट चलने लग जाते हैं तो जब आपने इस दुनिया का सामना किया और अपने आप को इतना
कैपेबल बनाया कि आप इस दुनिया से लड़ करके जीत सको अपनी एक जगह बना सको अगर वो जगह ऑलरेडी आपके मां-बाप ने आपको नहीं दी है तो अगर दे दी है या फिर आपने बना ली है तो उसके बाद एक नई लड़ाई शुरू हो जाएगी और यह लड़ाई सबसे बड़ी है सबसे ज्यादा कॉम्प्लेक्शन वो क्या है आपकी लड़ाई आपके साथ अरे किसी और से लड़ो तो वहां तो फिर भी बहुत सारे ऑप्शंस है जिस इंसान से प्रॉब्लम है उस इंसान को छोड़ दो उससे दूर चले जाओ फिजिकल डिस्टेंस मेंटेन कर लो खुद से कहां जाओगे
खुद से कैसे बचोगे कौन सी ऐसी जगह है जहां पर जाकर के आप पीसफुल हो जाओगे नाउ यू आर कंपलीटली स्टक इसको रियल कॉम्प्लेक्शन बोलते हैं एनिमल्स की लाइफ सिंपल है ईट स्लीप प्रोक्रिएट बहुत सिंपल इंसान के माइंड में तो पता नहीं क्या क्या चलता रहता है आप किसी से बात भी करते हो तो आपके माइंड में थॉट आता है कि पता नहीं यह इंसान मेरे बारे में क्या सोच रहा है एस इफ यू कैन कंट्रोल इट कैन यू पास्ट घूमता है माइंड में हाउ टू बी फ्री फ्रॉम पास्ट इ इट नॉट अ कॉम्प्लिकेशन देर
इ नो पास्ट फॉर एनिमल्स एक् रूडी मेंटरी लेवल ऑफ एक्सपीरियंस बट ह्यूमन के पास में तो लैंग्वेज है जिसको थॉट बोलते हैं तो उस लैंग्वेज के थ्रू वो सारी इंफॉर्मेशन स्टोर्ड है क्या उसमें कॉम्प्लेक्टेड एस इफ देर इज नो प्रॉब्लम बट द प्रॉब्लम इज राइट देयर फॉर एग्जांपल इफ यू हैव प्रॉब्लम विद योर पेरेंट्स तो योर पेरेंट्स आर सिटिंग इन यू इन योर ब्रेन इफ यू प्रॉब्लम विद दिस वर्ल्ड और विद एनी वन और एनीथिंग तो दैट इज ऑल इन यू य प्रॉब्लम विद योरसेल्फ तो कांसेप्ट ऑफ पास्ट आ गया कांसेप्ट ऑफ फ्यूचर आ गया
जो मैं है वह और सॉलिडिफाईज हो गया और रिजडन फ्लूइड एनीमोर बच्चों के केस में देखो कितना फ्लूइड होता है कुछ भी बोला एक मिनट में हंस गए एक मिनट में रो गए कोई फर्क नहीं पड़ता है बट क्या आपको फर्क नहीं पड़ता है जब तक सब कुछ वैसा हो रहा है जैसा आप चाहते हो तो लाइफ बहुत अच्छी है जैसे उसका उल्टा होता है तो बहुत बुरी है तो यू कैन थिंक ट योर लाइफ इज इन योर कंट्रोल बट इन रियलिटी इट इज नॉट क्योंकि आपको फर्क पड़ता है दुनिया में लोग आपके बारे में
क्या सोचते हैं उससे आपको फर्क पड़ता है और कुछ भी कर लो लोग कभी भी वैसा आपके बारे में नहीं सोचने वाले जैसा आप चाहते वो सोचे क दे आर बिजी विद देर ओन लाइफ दे आर स्टक सो दिस इज अ वेरी वेरी डिफिकल्ट प्लेस टू बी इन अब यहां से निकलने का क्या तरीका है ऐसे लोगों के लिए स्पिरिचुअलिटी है बट रबड़ क्या हो रही है बेची जा रही है ऐसे लोगों को जो अपनी बेसिक नीड्स पर स्टक है क्यों क्योंकि ट इज द बॉटम ऑफ द पिरामिड और वहां पर बहुत ज्यादा जनता है
उनको बेचा जा रहा है उनके लिए नहीं है स्पिरिचुअलिटी एक ऐसा इंसान जो स्टक हो गया है प्लस वो इस सच को देख पा रहा है कि अगर अभी लाइफ ठीक भी है तो ठीक को खराब होने में इतनी सी देर है तो जो इंसान समझदार होगा वह उसका वेट नहीं करेगा जब लाइफ खराब हो जाए तब मैं समझूंगा यह बिल्कुल ऐसा है कि जब मैं बीमार हो जाऊंगा तब मैं जिम जाऊंगा या जब मैं बूढ़ा हो जाऊंगा तब मैं जिम जाऊंगा अभी क्या करना है अभी तो पूरी जिंदगी पड़ी है 80 साल की उम्र
में जाएंगे और टूट फूट करके बाहर आएंगे तो अगर अभी आपकी लाइफ अच्छी है यानी कि जो बेसिक नेसेसिटीज है वो पूरी हो गई है और कोई मेजर इशू नहीं है लाइफ में एस फार एज र हेल्थ इज कंसर्न वेल्थ इज कंसर्न रिलेशनशिप ज कंसर्न टाइम आ चुका है फॉर सेल्फ इंक्वायरी पूछो अपने आप से हु एम आई रिफ्लेक्ट करो देखो अपने अंदर झाक करके क्याक पढा हुआ है लुक एट योर एनटायर कंटेंट ऑफ कॉन्शसनेस और वहां पर आपको कुछ इतना इंटरेस्ट नजर आएगा अगर व आपने देख लिया और देखने का दम है तो आपको
सिर्फ यह नहीं समझ आएगा कि यह क्या है यानी कि आप क्या हो आपको यह भी समझ आ जाएगा यह क्या है यानी इंसान क्या है य यूनिवर्स क्या है भगवान क्या है लाइफ क्या है डेथ क्या है सारे आंसर यही छुपे तब आप कह सकते हो कि लाइफ सिंपल है इफ य फ्री फ्रॉम क्रेविंग एंड एवज नॉट रेले बट एब्सलूट जब आपके अंदर किसी तरह का कोई डर नहीं है किसी तरह का कोई डिजायर नहीं है हा सुपरफिशियल लेवल के है बट डीप विदन य फ्री फ्रॉम लट तब आप कह सकते हो कि लाइफ
सिंपल है क्योंकि फिर क्या होता है जो करने लायक होता है वह चलता रहता है जो करने लायक नहीं होता व सब छूट जाता है और जो करने लायक नहीं होता है वहां पर अगर रिजल्ट मिलता है या नहीं मिलता उससे कोई फर्क नहीं प बढ़ता है बट ये दुनिया कहां जी रही है जो करने लायक नहीं है बस वही करने में बिजी है ऐसा मत सोचना कि यह सिर्फ य सो कॉल्ड मटेरियल वर्ल्ड में होता है स्पिरिचुअल वर्ल्ड में भी होता है पीपल आर क्रेविंग फॉर एक्सपीरियंस कोई एक अंधेरे कमरे में बैठ रहा है
कुछ दिनों तक कोई लाइट देखने की कोशिश कर रहा है कोई कुछ कर रहा है कोई कुछ कर रहा है किसी को कोई एक्सपीरियंस चाहिए किसी को चाहिए कि अंदर से कोई एनर्जी उठे किसी को यह किसी को वो तो फ्री कहां है वो तो और ज्यादा फस गए समझो ना कि वो क्यों और ज्यादा फंस गए क्योंकि इस दुनिया में अगर आपको कुछ चाहिए तो यू नो हाउ टू गेट इट उसका एक पाथ है मान लो आपको साउथ इंडियन खाना अच्छा लगता है तो आपको पता है ये रेस्टोरेंट है जहां पर साउथ इंडियन खाना
मिलेगा आपकी जेब में बस पैसा होना चाहिए आप वहां गए एक घंटे के अंदर आपको एक्सपीरियंस मिल गया थोड़े से पैसे दे करके स्पिरिचुअली आपको कोई ऐसा एक्सपीरियंस चाहिए जो आपके गुरुजी कह रहे हैं कि उनको हुआ है च यू डोंट नो कि उनको हुआ है या नहीं हुआ है या अगर उनको हुआ भी है तो अगेन यू डोंट नो कि वो आपके अंदर उस एक्सपीरियंस को ट्रिगर कर भी सकते हैं नहीं कर सकते बट इसके आगे भी एक क्वेश्चन है जो हम कभी पूछते ही नहीं है कि अगर वो हो भी गया तो होने
वाला क्या है बचपन से आज तक कितने सारे अच्छे एक्सपीरियंस हो गए कुछ हुआ क्या अच्छे भी हो गए खराब भी हो गए कुछ हुआ क्या तो आगे भी कुछ नहीं होने वाला है तो स्पिरिचुअलिटी इज नॉट अबाउट एक्सपीरियंसिंग समथिंग और टू गेन मोर एंड मोर ऑफ एक्सपीरियंस एंड बिकम मोर एंड मोर एगोइस्ट और भारी होना नहीं द एसेंस ऑफ स्पिरिचुअलिटी इज टू क्वेश्चन दी एक्सपीरियंस कि सबके सेंटर में कौन बैठा है लेट मी क्वेश्चन दैट और अगर तो एक्सपीरियंस है तो एक्सपीरियंस की क्रेविंग और अवजन है बट इफ देयर इज नो एक्सपीरियंस तब उसको
इकट्ठा करके क्या करना है देन यू आर फ्री फ्रॉम दिस बैगेज ऑफ मेमरी जिसके ऊपर पास्ट टिका है और फ्यूचर टिका है यू आर फ्री फ्रॉम टाइम इसको सहज समाधि बोलते हैं देन यू कैन से लाइफ इज सिंपल क्योंकि आप सब कुछ रहे या मिटे कोई फर्क नहीं पड़ता है नॉट थियोरेटिकली एक्चुअली कुछ अच्छा हो जाए बुरा हो जाए कोई फर्क नहीं पड़ता है न यू कैन से दैट एंड यू कैन लिव लाइक दैट देन लाइफ इज सिंपल