[संगीत] प्रणाम करते हुए कहा की भागवत कलयुग का आरंभ हो गया [हंसी] चारों तरफ अशांति रोग कष्ट आपदाएं अल्पायु अल्प विचार और अल्प कर्मों में ही मनुष्य की जिंदगी खत्म हो रही इन caljup के देशों से बचने का कोई उपाय बताई आप ज्ञान के paargami आप ज्ञात मनुष्य बेचारा शत हो रहा है लोगों की माटी मंद कर दी है माटी मंद हो गई तो चलो कोई बात नहीं भाग्य बढ़िया हो बोले भाग्य भी मंद हो गया मंद भाग्य हो गया मतिमंद हो गई तभी भी शांति से बैठे रहे बोले नहीं upadrata शांति से नहीं बैठ
पाते calhapriya [हंसी] मुसीबतें पाखंड एक दूसरे का शोषण इस प्रकार कलयुग के तमाम दोस्त मानवीय माटी को मानवीय जीवन को मानवीय तन को मानवीय मैन को घर रहे प्रभु आप ज्ञान के पार गामी है ऐसा कोई उपाय बताइए और अंत में परमात्मा के सुख को पाकर जीव बेचारा मुक्त हो जाए ऐसा कोई उपाय बताइए हम आपकी शरण है [संगीत] ऑन की सेवा से बढ़कर जगत में और कोई परोपकार उसकी बराबरी नहीं कर सकता है suvarnadan यह सब अपनी-अपने जगह पर ठीक है [संगीत] विद्याधन कर लिया विद्वान बन गया ऑफिसर बन गया पैसे कम लिया फिर
भी शराब पीकर आते गिरते रहते कन्यादान मिला जमाई राज शराबी हो सकता है जारी हो सकता है भूमि डैन मिला वस्त्र डैन मिला फिर पिक्चर में भटक सकता है लेकिन जिसके जीवन में सत्संग का डैन होता है शराबी का शराब छोड़ता है दुखी का दुख छुट्टा है चिंतित की चिंता छोटी है भयभीत के भाई छुट्टी हैं प्रभु ज्ञान से बढ़कर जगत में और कोई चीज नहीं हम आपसे वही मांगते [संगीत] इसको लो कॉलेज में gurukulon में मिल जाता है लेकिन है ज्ञान के bargami हम आत्मज्ञान मांगते भक्ति का ज्ञान उसे ज्ञान की आपसे हम याचना
करते ऐसा कौन सा उपाय देशों से बचे और कलयुग का पूरा फायदा उठाएं जिस युग में रहते हो उसे युग की निंदा करके उसे विरोध लेकर आप आगे क्या बढ़ोगे जिस युग में रहते हो उसका फायदा उठाकर उसको धन्यवाद देते हुए है उसे का सहयोग लेते हुए उसे पार हो सकते हो कुछ लोग निंदा करते रहते की कल जो की निंदा एन करो अभी तो caljup की जो योग्यता है उसका अवलोकन करो [संगीत] द्वापर में वही 12 साल देव उपासना विग्रह उपासना त्रेता में वही 12 साल यज्ञ या करने से जो फल होता है इस
युग के बराबरी कौन करेगा लेकिन गुंडी गजब के महाराज हम आपकी शरण है हमने हजार दिवसीय यज्ञ का आरंभ कर दिया पुण्य कर्म होगा भविष्य में स्वर्ग मिलेगा लेकिन अभी कल जो के देशों से बचने का कोई सुंदर हो पाए आप ज्ञान के पार जी महाराज से प्रार्थना की सुखदेव जी महाराज का मैं सुमिरन करके आपको कल जो के देशों से दूर होने प्राप्त करने की बात बता मुझमें पर कृपा करके जो मुझे अंत में उन्होंने बताया था नहीं मैं आपको गुरु कृपा से बताता हूं श्रीमद् भागवत की कथा बताई सुखदेव जी महाराज ने भागवत
कथा सुखदेव जी महाराज ने परीक्षा को सुनाई और सात दिन में कलयुग के देशों से पार होकर परीक्षित मुक्त हो गया [संगीत] जब 7 दिन में परीक्षित की मुक्ति हुई तो ब्राह्मण लोक में आश्चर्य हुआ ब्रह्मा जी को ब्रह्मा जी ने सोचा की इतने व्रत इतने तप इतने यज्ञ सब धरे रहकर सात दिन में अकाल जो कैसे टारगेट ब्रह्मा जी ने बदमाश बढ़ा जो उठाई सारे कर्मकांड का फल एक पाल में रखा और भागवत कथा का पुण्य एक पाल में रखा वो भारी साबित हुआ भागवत कथा विचारों को बदल देती भागवत कथा भागवत भाव पैदा
कर देती भागवत कथा राग और द्वेष को निगल जाती [संगीत] विचारों का बड़ा प्रभाव पड़ता है गाड़ियां खड़ी है दो अभी तो थोड़ा सही फैसला है एक दूसरे के अंदर एक गाड़ी चलते चलते दिल्ली पहुंचने और दूसरी मुंबई पहुंचती है जहां से खड़े हैं एयरपोर्ट पर एक दिल्ली के तरफ गया दूसरा मुंबई पहुंच गया अभी तो दोनों एक ही जगह द नजर बदली तो nizaare बदले किश्ती ने बदला रुख तो किनारे बदले ऐसे विचार अगर संसार में सुख लेने तो धीरे-धीरे वो आदमी दुखी अशांत किन्नर और प्रीत जैसा आचरण करके चला जाता है संसार में
रहते हुए वीर हृदय का सुख लेने की नजर बदलती तो धीरे-धीरे आदमी सज्जन सात्विक मानव महामानव देव और देवेश्वर के सुख पाकर एक लड़की हंसी मजाक विनोद लेती है लापरवाही से जिस किसी से मिल जाती है हाथ मिला ले लवर loveron के चक्कर में अशांत जीवन बना देती कुल मर्यादा को तोड़कर वैश्य जैसी उसका जीवन बर्बाद हो जाता है और दूसरी बहन है जो थोड़ा सा संयम सादगी कुल परंपरा का ध्यान रखकर आदर्श जीवन जीने पर थोड़ा सा ध्यान देती अपना जीवन भी चमक देती है तो दोनों बहाने एक की नजर बदली इतना जरा भोग
लिया तो क्या है इतना जरा सा डिस्को कर लिया तो क्या है इतना जरा इसके साथ पार्टी दे दी तो क्या है जरा जरा हमें पाटन होते होते गहरी खाई में jageerti और दूसरी जरा-जरा संयम करते करते ऊंचे शिखर को पहुंच जाती है दो भाई स्कूल में गए एक नवमी पड़ता है दूसरा साथ नहीं पड़ता है [संगीत] नवमी वाले ने जरा सा रूप है चुरा लिया अठन्नी कहीं चुरा ली वो छोटी सी चोरी जरा जरा की चोरी आगे चलकर उसको बड़ा चोर बनने का अवसर देती है और सर मिलते गए समाज की नजरों से गिरा
माता पिता की नजरों से गिरा अपने नजरों से गिरा और जेल में साद रहा है दूसरा भाई है थोड़ी सच्चाई की तरफ चला संसार में नेक इंसान होकर प्रशंसा का पत्र हुआ थोड़ी-थोड़ी असावधानी देर सपर महान गर्त में ले जाती और थोड़ी-थोड़ी सावधानी देर समीर महान में महान परमात्मा के परमात्मा ज्ञान के परमात्मा आनंद के परमात्मा माधुरी के द्वारा पहुंचा देती भागवत कथा सावधानी दे दी भागवत कथा भगवान का ज्ञान देती है भागवत कथा भगवान में प्रेम देती भागवत कथा भगवान में आनंद जगती भागवत आनंद जगती है भागवत कथा भगवान से मिलने का सामर्थ्य रखती
ध्यान से सुनो भागवत का पहला श्लोक है आप उच्चारण करना विश्व उत्पत्ति [संगीत] बिना शायद श्री कृष्ण [संगीत] [संगीत] कहते जो पहले था अभी है बाद में रहेगा असतो से कहते जो पहले नहीं था अभी नहीं है बाद में नहीं रहेगा मिथ्या उसे कहते जो पहले नहीं था बाद में नहीं रहेगा लेकिन अभी दिखता है यह 25 साल पहले नहीं था 25 साल के बाद नहीं रहेगा जय राम जी की अभी दिख रहा है की मेरे को पेट में दर्द है मिटाता नहीं सारे इलाज किए लेकिन उसे आदमी का वहां कैसे जाए तुम तो ऐसा
करो मनुष्य के सिंह ले आओ मनुष्य के सिंह वो दुकान पर गया पहले मनुष्य के सिंग तो अब दुकानदार क्या बोलेगा खलास हो गया मल आएगा पहले था नहीं पहले नहीं था अभी नहीं है बाद में नहीं है बोले अच्छा मनुष्य के सिंह भी पहले नहीं द अभी नहीं है बाद में नहीं कल में ना हो सत्तू से कहते जो तीनों कल में है यह तुम्हारी कथा चल रही है दुनिया की बातें तुमने सुनी आज तुम अपनी बात सन जय राम जी दुनिया का तुमने पढ़ा आज तुम अपनी किताब पढ़ो भागवत आपकी अपनी किताब है
सत्संग आपकी अपनी बात सच्चिदानंद स्वरूप आए जो सत्य है चित्त है और आनंद स्वरूप जगत की उत्पत्ति स्थिति और लेखा कारण है उसे परमात्मा को हम नमस्कार करते हैं क्यों नमस्कार करते तीनों टेपों से छूटने के लिए आदि देवी आदि भौतिक और आध्यात्मिक करने के लिए हम सच्चिदानंद भगवान को नमन करते हैं जो शरीर के पहले था शरीर है तब भी हमारे साथ है शरीर मरने के बाद भी जो हमारा साथ नहीं छोड़ता है उसे सच्चिदानंद को हम नमस्कार करते हैं मंदिर में तो मूर्ति की स्थापना हुई मुजाहिद तो किसी को गधा और बाद में
लोग भावना करते हैं लेकिन यहां तो आज सत्य है भी सत्य नानक हो से सत्य बाद में भी सत्य रहेगा ऐसे परमात्मा को हम प्रणाम करते हैं क्यों प्रणाम करते हैं तीनों टेपों को मिटाने के लिए तीन तप कौन से हैं आदि देवी आदि भौतिक और मानसिक इन दिनों टापू को मिटाने के लिए भगवान को हम प्रणाम करते हैं भगवान को प्रणाम करते और भागवत कथा सुनते संसार की बातें भी कम से ही अंदर जाती और राग देश पैदा करती है ऐसे भगवान की बातें भी कान से भीतर जाती और raagdosh को हटाकर भागवत भाव
जगती जैसे बी को धरती मिल जाए पानी मिल जाए थोड़ा खत मिल जाए बी वृक्ष बन जाता है ऐसे इस जीवात्मा को सत्संग मिल जाए थोड़ा साधन मिल जाए जीवात्मा परमात्मा के सुख में पूर्ण हो जाता है और तीनों तपो से पार हो जाता है कितना भी धन मिल जाए कितनी भी सत्ता मिल जाए कितना भी सौंदर्य मिल जाए कितने भी पुत्र और परिवार मिल जाए लेकिन भागवत कथा नहीं मिली अशांति नहीं जाएगी सारा कथा क्या हुआ यही पढ़ा रहेगा फिर मरेगा फिर जमीन लोग कहते हैं व्हाट्सएप इन्होंने मंत्र पर अध्ययन करते हुए आश्चर्य व्यक्त
किया हरि शब्द उच्चारण करने से गर्भाशय पर गजब का फायदा होता है हर शब्द उच्चारण करने से किडनी पर अच्छी फैक्ट बढ़ती ओम मिला दो तो 5 ज्ञानेंद्रिय पर उसकी बहुत भारी असर पड़ती ऐसे राम शब्द उच्चारण करने से आंतों का विश बाहर ए जाता है राम शब्द उच्चारण से हमारा सूक्ष्म शरीर पुष्ट होता है जैसे चंदा और सूरज हमारे अन्य औषध को पुष्ट करते हमारा फिजिकल शरीर पुष्ट होता है ऐसे ही राम शब्द उच्चारण से हमारा सूक्ष्म शरीर में सूर्य तत्व चंद्र तत्व विकसित होता जरा-जरा बात में जो डिप्रैस हो जाते हैं जरा जरा
बात में जो है बीपी लो बीपी हार्ट अटैक के शिकार हो जाते ऐसे लोगों के लिए भी राम नाम औषधि का कम करता है राम नाम की औषधि से खाएं अंग रोग व्यापी नहीं मा रोग मिट जाए वैज्ञानिक तो अभी कहते हैं की मंत्र जाप से इतने सारे रोग मिट सकते नानक जी ने सैकड़ो वर्ष पहले का नाम पहले के जमाने में इतनी सारी बीमारियां नहीं होती थी क्योंकि लोग जबकि विधि जानते द प्रेम से जप करते द जब करने के लिए जप करते द अभी अगर कोई करेगा तो अच्छा करके देखें फायदा होता है
की नहीं होता है की नहीं थोड़ा किया ना क्या हुआ की नहीं हुआ किसी आम के बगीचे में बंदर घुसे लगा खुश हुए माली भाग भाग है माली माली के बच्चों ने पत्थर मारे फिर भी बंदर तो बंदर ठेका मुंह में लेकर नदी के आंगन में बैठे आपस में विचार करने लगे बंदर कितने बढ़िया आम है वो खाने क्यों नहीं देता दूसरे ने कहा उसने वह तो हमको कैसे खाने देगा चौथा बोलता बिल्कुल अपन बोल देंगे [संगीत] भूमती से उन्होंने फैसला कर लिया खराब कर लिया जी खाली नगर पालिका में ठहरा होता है ऐसी बात
नहीं है डाला खत पानी अपनी अपनी कुंडली नहीं फिर थोड़ा मिट्टी डाला खा डाला पानी डाला नहीं भूमती से ठहरा हुआ था की भाई एक गुठली से आम होता है लेकिन हम सब ने प्रयोग करके देखा पानी भी दे कर देखा खाद भी दे कर देखा एक-एक बार नहीं चार-चार बार पानी दिया खाद दिया अभी तक आम नहीं हुआ हम कुछ नहीं होता है जय राम जी की अब आपको पता है की होता है की नहीं होता है होता है लेकिन उतना धैर्य चाहिए उतना थोड़ा इंतजार चाहिए ऐसे जीवात्मा में परमात्मा छुपाए इसे सरकार मरना
धर्म में अकाल धर्म परमात्मा बैठा है लेकिन जिन्होंने धैर्य धारा उन्होंने गुठली में से हम भी देखा और आम के फल भी पाए और कई आम के पौधे भी लगाने में वे सफल हो गए छोटी-छोटी चीजों के पीछे जीवन खत्म हो जाता है इससे थोड़ा बड़े कम के लिए जीवन लगाना चाहिए और बड़े में बड़ा कम है की तुम्हारे जीवन रूपी गुठली में से ईश्वर यह सत्संग से संभव है तुमने अपने जीवन में कभी एन कभी कोई एन कोई ऐसे कर्म किए होंगे जो सफल हुए होंगे जब तुम्हारा कर्म सफल होता है तो अंतरात्मा संतुष्ट
होता है तुम्हारे कोई बढ़िया कर्म परमात्मा को पसंद पढ़ते हैं तब अंतर आत्मा का संतोष मिलता है और अंतरात्मा संतुष्ट होता है तब तुम्हारे दिल को पसंद करता है की देर सदर में इसमें प्रकट होऊंगा पापी आदमी कथा में नहीं ए सकता बैठ नहीं सकता तुम्हारा कोई एन कोई शुभ कर्म फल्ला है और वह सत्कर्म चाहे फिर गरीब के आंसू पहुंचे हो माता पिता की सेवा कारी हो साधु संत का सत्संग सुना हो कोई एन कोई तुमने ऐसा कम किया है जो तुम्हारा कम bhalit हुआ है वो फलित कार्यालय तुम्हारे हृदय में सत्संग के लिए
बेस्ट पैदा की और आज तुम सत्संग की जगह पर बैठे हो देर से बेरो परमात्मा प्रकट होने वाला इस दिल में ईश्वर प्रकट होने वाला है इसीलिए यह दिल सत्संग में ए पाया घर पापी मनुष्य की पहचान की एक पार्क है की उसे ले जाओ ब्रह्मज्ञान के सत्संग तो फिर समझो की वह घर पापी नहीं रह सकता है उसका पाप ज्यादा दिन टिक नहीं सकता सत्संग में यज्ञ करने का फल होता है श्रद्धा भक्ति से बैठते भक्ति योग का फल होता है और सत्संग सुनते तो ज्ञान युक्त स्वाभाविक मिलता है कर्म योग भक्ति योग और
ज्ञान योग तीन तीन योग एक साथ होता है सत्संग से तुलसीदास ने कहा जिन हरि कथा सुनी नहीं गाना [संगीत] जी हंसो दादर दूर सामना जिनके जीवन में हरि कथा नहीं कथा नहीं पड़ी उनके कंधे सांप के बिल जैसे संसार का राग और द्वेष की भाषा सुनेंगे और उसी विचारों में अपनी जीवन शक्ति खत्म कर देंगे जिन्होंने अपनी jivbhav से भगवान नाम गुणगान नहीं किया उनकी जीव है मेंढक के जीव जैसी डॉक्टर इतने फायदा होता है लेकिन नानक जी ने 500 वर्ष पहले का दिया फिजिकल शरीर ऋषियों ने हजारों वर्ष पहले कहा tatkirtan नाथ शांडिल्य
भक्ति सूत्र भगवान कीर्तन से काली तुम्हारे स्थूल शरीर पर अच्छी असर पड़ती ऐसी बात नहीं तुम्हारे स्कूल शरीर के अंदर चार शरीर और प्राण में कोष के अंदर होता है मनोमय कोर्स मंदसौर गया प्राण चलते रहते तो पता भी नहीं चलता है शरीर उधर चलता है कभी-कभी तुम बहुत कोशिश करते हो फिर भी दुख नहीं मिटा और कभी कुछ नहीं करते और आनंद आता यह अनजाने में तुम्हारा चित्रा कर लेता है भगवान तुम्हारे आनंद प्रगति कर सकता है यह खोज हजार वर्ष पहले ऋषियों ने किया रात को सोते समय जप करते-करते सो जाओ नींद जिसको
ठीक से नहीं आती हो वह भी अगर 10 मिनट जप करने की विधि जानकर जप करें बढ़िया नींद आएगी सपने आते होंगे अथवा तो और कोई तकलीफ होगी पांचो ओशो को शुद्ध करके इस जीवात्मा को अपनी असली मंजिल तय करने में सहायक होता है यज्ञ अर्थ कर्म का मतलब है जिस अग्निस भोजन बनाते हो उसे अग्नि में भी थोड़ा स्वाहा कर दिया रोटी का टुकड़ा सब्जी भगवान को अर्पण कर दिया जिस सूर्यनारायण का तुम प्रकाश लेते हो उसे सूर्यनारायण को नमस्कार कर दिया जिस माता पिता ने तुम्हें balapurusha है उनको तुमने प्रणाम कर दिया नल
के पानी का तो बिल आता है और तुम्हारे बल्ब के लाइट का तो बिल आता है लेकिन सूरज रोशनी का बिल नहीं भेजता है बरसात बरसाती कोई बिल नहीं आता है तो जो भगवान दिन रात दे रहा है उसे भगवान के नाम का स्मरण करना यह भी भगवान नाम यज्ञ है अश्वमेध सहस्त्र हजार अश्वमेध यज्ञ कर लें भाजपा यज्ञ कर ले शुक्र शास्त्र कथा यज्ञ फिर भी भागवत कथा के आगे भगवान कहते में संत कबीर बैठे द अपने बरामदे में कुछ मजदूर लोग नहीं का समूह लेकर जा रहे द दयालु संत का हृदय लगा अरे
भाई उदास मजदूर कहां जा रहे हो बोले गए द कम धंधा खोजने को आधा दिन हो गया किसी ने बुलाया नहीं दाढ़ी पर किसी ठेकेदार ने अथवा किसी कटाई कम वाले ने बुलाया नहीं क्या खाएंगे चिंता में घर वापस जा रहे हैं अभी थोड़ा सा संध्या कर लेते भोजन बन्ना है भोजन खा लेना माला दूंगा थोड़ा जप कर लेना दिन भर के पैसे मिल जाएंगे मजदूर बड़े खुश हुए रोटी खाई माला पकड़ी एक दो माला फिर आई ना फिर आई तक नहीं डूबता फिर एक आदमी भले दोपहर को आओगे भोजन भी मिलेगा दिन भर के
पैसे भी मिलेंगे भजन करना जरा कठिन लगता है जिनको दाढ़ी मिलने पर भोजन मिलने पर भी नहीं कर रहे हैं जब और यहां ना दाढ़ी मिलेगी एन भोजन मिलेगा फिर भी हरि कथा में आने से जब स्वाभाविक होता है यह कथा का कितना महत्व है कलयुग केवल हरि गुण था कल जुम्मे भगवान गुणगान गाने का बड़ा महत्व है शास्त्र कहते हैं और दूसरों को स्मरण करने का प्रयत्न करते हनुमान प्रसाद पोद्दार गीता प्रेस गोरखपुर पर उन्होंने महात्मा गांधी को लंबा चौड़ा खत लिखा की महात्मा गांधी आपकी मृत्यु बहुत निकट है ऐसा मुझे सपना आया है
अतः मृत्यु निकट है आप भगवान भजन में भगवान राम नाम में अधिक से अधिक लग जाइए गांधी जी ने उत्तर दिया की भगवान नाम में अधिक से अधिक लग जाऊं यह बात आपकी मुझे बहुत अच्छी लगी लेकिन मौत निकट है उसे दर से क्यों लागू दर कर नहीं भगवान तो ऐसे बिना डरे भी भगवान का तो भजन करना ही चाहिए मौत आए इसलिए भजन करें ऐसा क्यों भगवान के भजन में अपना रस है और मनुष्य जन्म मिला है भगवान का भजन करने के लिए पेट भरने के लिए मनुष्य जन्म की अक्ल इतनी नहीं चाहिए राजा
भरने के लिए भगवान का भजन करना चाहिए और भगवान का जो जो भजन करता है क्यों रस बढ़ता है जो जो रस बढ़ता है द सत्संग कर रहे द संध्या का समय था बुद्ध ने कहा है भाई ना हुई फिर कथा चली इतने में आदमी नाक से मूल नाक से श्वास लेना मुंह से बाहर स्वस्थ आना समझो के बुढ़ापे की नोटिस ए गई जय राम जी की नाक से सांस ली मुंह से निकले समझो बुढ़ापे के लक्षण आए भाई उसको थोड़ी देर हुई एन हुई ओ भाई सो रहा है क्या इतने में जिसके जीवन में
सत्संग के लिए आदरणीय जिसके जीवन में सत्संग में प्रीति नहीं है और सत्संग सुनने के अवसर को भी गंवा रहा है तो वह जिंदा कैसे हो तो मारा हुआ है मारो मारो सबको कहे मरना एन जाने कोई एक बाहर ऐसा मारो की फिर मरना ना हो इसे अवर रामचंद्र की जय सत्संग तुम्हारे बापट को मिटा देता है सत्संग तुम्हारे kartapan के हम को मार देता है शास्त्रों में आता है दसमत नामणि कौन से हैं दृढ़ मानसा नाम युक्त प्रयोग करते हुए भोजन का आरंभ करो भगवान नाम जप करते हुए सैन का आरंभ करो जय राम
जी की ऐसे कोई भी कम करो तो भगवान का नाम कौन बोलेगा बुरा है राजा के सामने कौन बोलेगा की तुम्हारा राज बुरा है मेरे राज्य से तुम परेशान तो नहीं हो भले नहीं नहीं जहां पर ना हम परेशान कैसे होंगे आप आपको लंबी आयु सदैव भगवान आप दीर्घ जी भी रहे आपके राज्य में हम परेशान क्यों रहेंगे श्री राम आज से श्री राम लिखना बंद कर दीजिए जब भी लिखे तो श्री अकबर लिख दिया करिए अकबर करके मिलिए लेकिन करें तो क्या करें श्री राम की जगह पर अब श्री अकबर लिखे हिंदू बड़े परेशान
हुए की अब हम तो फस गए बीरबल के पास निर्बल ने काफी कार्ड करो मैं अभी ठीक कर देता हूं चलो मेरे साथ बीरबल ने कहा यह हिंदू सारे के सारे नाम लिखते आपने फरमान जारी किया है लेकिन एक शर्त है मैं बताऊं बोले श्री राम लिखकर पत्थर समुद्र में फेंकने से पत्थर तार गया था पुलिया बन गई थी ऐसे श्री अकबर likhvakar आप पत्थर fenkva दो और श्री अकबर के नाम से अगर पत्थर तार गए तो फिर अकबर लिखना चालू कर देंगे हम लोग देखें फिलहाल कानून बंद रखते ऐसे बीरबल ने एक बार अकबर
को कहा की जहांपना आपको कवच की शिकायत अकबर की हान मैं हान करने वाले वह योद्धा नहीं द उन्होंने खूब-खूब जब रत्न की और प्रलोभन भी दिए राणा प्रताप झुके नहीं राणा प्रताप ने नींद हरम कर दी थी अकबर की अकबर को नीचा दिखाना हो राणा प्रताप को नीचा दिखाने में अकबर जो भी षड्यंत्र करता सब में विफल होता है की महाराणा प्रताप का चित्रा अपने paekhane में रख दिया नीचे नहीं दिखा सके बाहर से तो कम से कम खाने में चित्रा रख दिया गया तो दूसरे मंत्रियों के द्वारा बीरबल को पता चला की महाराणा
प्रताप जैसे योद्धा का चित्रा pythane में पड़ा है बीरबल ने कहा ठीक है आइडिया लगाओ अकबर से पूछा की आपको कब्जियत की शिकायत तो नहीं हो गई बोले क्योंकि आप राणा प्रताप से डरते उसका आपने चित्रा रखा है तभी आप आता है आपने उनका चित्रा के प्रभाव से अकबर को असर हो जाती है ऐसी भगवान के नाम के प्रभाव से तुम्हारे मैन को असर हो जाए जो पाप में तप में ईर्ष्या में द्वेष में मेरे में तेरे में तुम्हारा मैन तुम्हें घसीट ले जा रहा है भगवान का नाम साथ में जोड़ दो तुम्हारे मैन में
दिव्या गुण आने लगेंगे और दिव्या गुण आने से तुम्हारे दिव्या कर्म होने लगी [संगीत]