हैं तो आज हम बात करेंगे कि ऐसी अजीबोगरीब और निर्देशन की जो असल में एकजुट करती भी है या नहीं यह आज तक किसी को नहीं पता कि हां दोस्तों आपने सही सुना आज हम एक ऐसे ही खुफिया एजेंसी की बात करने जा रहे हैं तो सलमान हुए देखिए है माना जाता है इसके क्वेश्चंस कोट लखपत था इस साल से भी ज्यादा हो चुके हैं मगर आज तक इसके इर्द-गिर्द सिर्फ कहानियां बुनी गई है किसी भी चीज का कोई पुख्ता सबूत किसी के पास नहीं है जो सूर्य खुफिया संस्था कि आज हम बात कर रहे
हैं उसका नाम है द ऑर्डर ऑफ़ इलुमिनाटी इसको आम तौर पर इलुमिनाटी की नाम से भी जाना जाता है हो सकता है कि आप में से कई लोगों ने यह नाम पहले कभी सुना भी न हो लेकिन जो लोग इसके बारे में थोड़ा बहुत ही जानते हैं उनके दिमाग में यह नाम सुनकर कांग्रेस हिस न्यू वर्ल्ड ऑर्डर सेटिंग वरशिप्ड बाय बिलियंस और एलियंस जैसे कीवर्ड्स स्ट्राइक करते हैं आज की वीडियो में हम आपके लिए दुनिया की सबसे पुरानी और सबसे खुफिया एजेंसी इलुमिनाटी से जुड़े कई रहस्यमई राज्यों की चर्चा करें है तो चलिए शुरू करते
हैं नमस्कार दोस्तों मेरा नाम है आदर्श और स्वागत है आपका स्टडी आइक्यू में है हैं तो आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया में एक ऐसी खुफिया एजेंसी रॉ मिक्स कर दी है जो किसी एक देश को नहीं बल्कि पूरे विश्व को कंट्रोल करती है यह कहा जाता है कि दुनिया के बड़े-बड़े ताकत पर और अमीर लोग और उनकी संस्थाएं इस एजेंसी के थ्रू पूरे विश्व को कंट्रोल करती हैं मर जाता है कि यह एनसी इतनी ताकत पर है कि पूरी दुनिया को अपने इशारों पर कठपुतली की तरह नचा आती है आप यकीन नहीं मानेंगे कि
नरेश अवैध आइजैक न्यूटन डेविड रॉकफेलर बिल गेट्स जॉर्ज डब्लू बुश हेनरी किसिंगर मार्क जकरबर्ग बयान से अपरा कैटी पैरी टेलर स्विफ्ट हरियाणा जैसे न जाने कितने पावरफुल बिजनेसमैन पॉलीटिशियंस और सेलेब्रिटीज का नाम इस संस्था से जोड़ा जाता है इतना ही नहीं आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक जैसे पावरफुल फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस का नाम भी इससे जोड़ा गया है ऐसा माना जाता है कि दुनिया की गवर्मेंट बांस न्यूज़ पॉलिटिक्स एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री और यहां तक कि हमारे टीवी पर आने वाले एडवर्टिसमेंट और कमर्शियल भी यही संगठन बेहद सीक्रेट ऐसे कंट्रोल करता है साथ ही यह भी कहा जाता है कि
जो भी संगठन से जुड़ा होता है वह गलती से भी यह बात बाहरी दुनिया को बता दे तो उसको अपनी जान से हाथ धोना पड़ता है इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात तो यह है इस दुनिया में जब भी कोई भी ऐसी अजीबोगरीब चीज होती है इसका कोई सबूत किसी को नहीं मिल पाता हर सुबह समय चीज को भी इसी संस्था के माथे मढ़ दिया जाता है उदाहरण के तौर पर कोंट्रा वाउचर को लेकर दुनियाभर में चारों को जिम्मेदार ठहराया गया उसका वजन को लेकर तरह तरह की थ्योरीज़ सामने आई कुछ का कहना था कि
वायरस बैग से शुगर में आया है जबकि दूसरे का कहना था कि उसको लाइफ में प्रीपेड किया गया है खैर कुंवर इसके और जिन पर कोई पुख्ता सबूत नहीं मिल पाया उस समय इसका इल्जाम भी इस खुफिया संगठन पर ही लगाया गया तो इसके पीछे भी एक इंट्रस्टिंग कारण है असल में लिपटा हुआ कि वह शहर में कूड़ा वायरस का पहला केस मिला उसके मात्र 45 दिन बाद टाइप की नाम की एक अमेरिकन सिंगर ने एक सॉन्ग रिलीज किया स्नान था डोंट गो आउटसाइड थिस क्विक लव साफ शब्दों में लोगों को घर पर रहने की
चेतावनी दे रहे थे सब पी के रही है कि सब गिर रहा है सब खत्म हो रहा है और यह समय घर के बाहर जाने का नहीं बल्कि घर के अंदर रहने का है अब ऐसे में कमजोरी अतिथि वरिष्ठ यह सवाल उठाते हैं कि कुणावर उसका पहला केस मिलने की कुल चार पांच दिनों में ही वह अपने हनुमान कैसे लगा लिया कि यह बीमारी इतना भयंकर रूप लेकर दुनिया के सामने आएगी वहीं ठीक तरीके से अपने इस गाने में कुणावर इस पॉइंट मिक्स होने वाली वर्ल्ड वाइड लोग धन का प्रिडिक्शन कैसे कर लिया इधर शक
के चलते इन थिस निफ्टी को इल्लुमिनिटी से लिंक कर दिया और तो और spider-man का इल्जाम भी लुटी के सिर पर मढ़ दिया इसके अलावा आप जानते हैं कि कैसे mid-november 1963 के दिन यूनाइटेड स्टेट के प्रेसिडेंट जॉन एफ कैनेडी को एडिट कर दिया गया यह सजेशन यूएसपी के सबसे बड़े अनसुलझे रहस्यों में से एक है इस निशान को लेकर समय-समय पर कई खुलासे हुए लेकिन कोई भी इसका असली से पता नहीं कर पाया असल में जो प्रेसिडेंट कैनेडी की हत्या हुई उस समय एक संस्थान लेडी सड़क के किनारे देखी गई थी उसके हाथों में
कैमरे की तरह दिखाई देने वाली एक अजीब सी चीज मौजूद थी और जैसे यह प्रेसिडेंट को गोली लगी तक यह लेडी अचानक वहां से गायब हो गई इनको दबाव उसका लेडी का नाम दिया गया उस लेडी कौन थी कहां से आई थी उनका क्या मकसद था या आज तक किसी को नहीं मालूम हो पाया है लेकिन बाद में कई इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट में सामने आया क्योंकि हाथ में कैमरा जैसे दिखाई देने वाला इंस्ट्रूमेंट असल में एक पिस्टल थी और उसी पिस्तौल से प्रेसिडेंट केनेडी की हत्या की गई थी उस लेडी पर्सनैलिटी में कुछ ऐसे सबूत पाए
गए जिससे कई लोग यह मानने लगी कि इस लीड का संबंध भी इलुमिनाटी से ही है इसी तरह दुनिया के मशहूर सिंगर और पॉप डांसर माइकल जैक्सन की मर्डर मिस्ट्री में भी इलुमिनाटी का ही हाथ बताया जाता है वेरीकोसिल तो माइकल जैकसन को भी इलुमिनाटी का सदस्य बताते हैं इतना ही नहीं 18वीं शताब्दी में फ्रेंच रिवॉल्यूशन बीसवीं शताब्दी में वर्ल्ड वन और वर्ल्ड ओवर 21वी शताब्दी के सबसे दर्दनाक हादसे 191 के टेरेरिस्ट अटैक के साथ-साथ दुनिया भर की न जाने कितनी बगावतों जंगों बड़े-बड़े लोगों के साथ अनशन के पीछे भी इसी संगठन का हाथ बताया
जाता है कि संगठन सचिव तरह समय है उतना ही बदनाम भी जी हां यह से खुफिया कारणों के चलते कई लोग तो इसको एलियंस है या फिर डे वर्कशॉप इन्फॉर्मेशन काफी किताबे चुके हैं कई लोग तो यह भी कहते हैं कि यह लोग अपने शैतानी मकसद से पूरी ह्यूमैनिटी पर कंट्रोल पाना चाहते हैं सीआईए के लिए सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी के आर्काइव्स में 1981 में अपडेट आपको एक बुक मिलेगी बुक का नाम था तब ब्लरड लाइंस ऑफ एलोवेरा टीम और उसके पहले ही कुछ फीचर्स पर यह साफ शब्दों में लिखा हुआ है कि जितने भी लोग
इल्यूमिनेटेड से जुड़े हुए हैं वह सब सेटिंग्स एलीट है तो दोस्तों इस संगठक इसी तरह के अटपटे जेलों में उबला हुआ है जहां एक तरफ कुछ लोग कहते हैं कि यह एकजुट नहीं करता वहीं दूसरी तरफ यूरोप के कई देशों का दावा है कि संगठन आज भी हमारे बीच मौत है तो दोस्तों अभी तक कि जब सुनकर आपके दिमाग में कई सवाल पूछ रहे होंगे जैसे कि आखिर क्या है इस लुक पार्टी का सच इसको कौन-कौन लोग चलाते हैं इसके जन्म के पीछे का मकसद क्या था और क्या यह सच में आज भी एक चूज
करता है और वे करता थी है तो क्या यह सच में हमारी दुनिया को काबू करना चाहता है इनका न्यू वर्ल्ड ऑर्डर का सपना क्या है आज हम उल्टे की हिस्ट्री से लेकर मिट्टी से जुड़े सभी चटपटे सवालों के जवाब पर से पर्दा उठाने की कोशिश करेंगे तो जरिए आगे बढ़ाते हैं इस फीलिंग डिस्कशन को तो आइए सबसे पहले शुरू करते हैं इस शब्द को समझने से दो इलायची बीटा वर्जन लैटिन शब्द इल्यूमिनेटर से हुआ है Tubelight इसका मतलब है इन लाइट एंड डेफिनेशन इन उठाएंगे इंस्पायर हुआ जिसका मकसद था खुद को नॉलेज से इन
राइटिंग करना एजुकेशन और रीजन के थ्रू खुद को इंश्योरेंस के चंगुल से निकालना इस नाम के पीछे का क्या मकसद था वह आगे जानेंगे कि अगर बात करें इसके सिंबल की तो उसकी भी अपनी कॉन्ट्रोवर्सी है वाइट पॉपुलर बिल्ली के मुताबिक जो मिट्टी का सिंबल है एक triangle के अंदर बनी हुई एक आंख इसको तो आफ प्रोविडेंस या फिर एंड ऑल नोइंग आएगी हम से ठीक बुलाया जाता है लेकिन असल में यह आई सिंबल फ्रीमैसोनरी दल के सिंबल से मिलता-जुलता था जिसका मकसद की दर्शाना था कि भगवान की आंखें हमेशा आपको देख रही है इसलिए
आपको इंसानियत को अपनाना चाहिए फ्रीमैसोनरी भी एक और ऐसा ही अटपटा और खुफिया संगठन था इसकी शुरुआत फिल्म राइट इसे भी पहले हुई हुआ था कि लोग रोटी के गठन की वजह है फ्रीमैसंस उस आईटी ही थी अगर आप पर सोसायटी के बारे में डिटेल में जानना चाहते हैं तो हमें कमेंट सेक्शन में कमेंट करके जरूर बता सकते हैं खैर वापस आते हैं अपनी वीडियो पर दोस्तों फ्री मैसेज का यह सिंबल लुमिनोजिटी की विचारधारा से थोड़ा अलग था और इसी लिए इल्यूमिनाटी ने एक अलग चैन अपनाया जिसका नाम था द - ऑयल या फिर द
गॉड ऑफ इतना इसका नाम एंड गोडेस आफ विजडम इतना के नाम पर पड़ा तो आप समझ गए होंगे कि भले ही आज भी ज्यादातर लोग ऑनलाइन आई के सिंबल से ही लुक्रेटिव एसोसिएट करते हैं और जगह-जगह उसके नजदीक कर तरह-तरह की रिवर्स फल आते हैं लेकिन असल में उस सिंबल ना तो इरॉटिका है और ना ही फ्री मैसेजेस सोसायटी का बल्कि सिंबल रेफ्रेंस पीरियड की कृष्ण आइकोनोग्राफी को बिलोंग करता है इसका अपना एक अलग इतिहास है लेकिन यह आपके लिए इतना जानना काफी होगा कि क्रिश्चियन बिलीफ में ट्रायंगल से घिरी या आंख उनके ईश्वर की
नजरों को शिमला करता है जबकि इस ट्रायंगल की एक टीम ने ईश्वर के तीन इटरनल कॉस्ट्यूम्स को दर्शाती हैं जो है पिता पुत्र और पवित्र आत्मा क्वेश्चन ड्यूटी का एक अहम हिस्सा है और इसी कारण डिसेंबल कई कृष्ण देशों की करेंसी पर भी देखने को मिलता है खैर अब चलते हैं इसके अर्जुन की हिस्ट्री पर हां बिल्कुल ठीक वॉल्यूम को समझने के लिए हमें आपको इतिहास में थोड़ा पीछे लेकर जाना होगा तो बात है जर्मनी के बवेरिया प्रांत की समय थामे 1776 का यहीं पर एक छोटा सा शहर हुआ करता था इन गोल्ड स्टार यहीं
पर एक प्रोफेसर रहा करते थे प्रोफेसर एडम विषाक्त आपको बता दें कि पूरी सनसनीखेज कहानी की जन्मदाता अनिल मराठी के मास्टरमाइंड प्रोफेसर एवं विशेष अतिथि थे इस खुफिया एजेंसी के पीछे की सोच और इसकी बुनियाद प्रोफेसर बिशोप के द्वारा केवल 38 साल की उम्र में रखी गई मैडम बिशोप का जन्म 1748 में हुआ 1773 में वर्णित यूनिवर्सिटी आफ इनोसेंट को चैनलों के प्रोफेसर के रूप में ज्वाइन किया कैन अनलॉक उन गाइडलाइंस और रेगुलेशंस का कंपाइलेशन था सचिन को रिलिजियस अथॉरिटी के द्वारा उस रिफॉर्मेशन की गवर्नमेंट को रन करने के लिए क्वालीफाई किया गया था आसान
भाषा में कुछ चर्च लॉस कहा जाता है यह मजेदार बात यह है कि बिशोप चर्च लाश की एक्सपर्ट तो थे है लेकिन वह खुद कोई क्लीयर कि नहीं थे लेकिन उस समय उनकी यूनिवर्सिटी और बाकी यूरोपियन देशों ने जिस स्वीट्स यानि हार्डकोर क्वेश्चंस और मिनरल्स का बोलबाला था चर्च की डॉमिनेंस हर जगह प्रेग्नेंट थी रुलर्स डिपॉजिट थे लोन रेंजर के खिलाफ नहीं बोल सकते थे रीजंस और साइंस का वहां कोई स्थान नहीं था लोगों को अपनी बात रखने का स्पीड कम नहीं था जिससे आम लोगों पर अपना कंट्रोल जमाना चाहते थे कि लोग अंधविश्वास को
बढ़ावा देकर क्रिटिकल थिंकिंग और साइंस फिक्शन इन को खत्म करना है चाहते थे विश्वास तो समय की धार्मिक विचारधारा से संतुष्ट नहीं थे वह इसको एक ऑर्गेनाइजेशन कहते थे ऑर्गेनाइजेशंस के लिए अपने मकसद को पूरा करने के लिए सोच समझ कर सींचा गया धर्म सूत्र बताते हैं कि विश्व आप लोगों को चर्च और रिलीजन कि इस एक सिम से निकालना चाहते थे विश्व का मानना था इस साइंस ओर रिलिजन एक दूसरे के कंप्यूटर नहीं बल्कि पार्टनर है और इन दोनों ही मास्टर्स में लोगों को फुल फ्रीडम मिलना चाहिए सृष्टि के बीच स्पेसिफिक न्यू वर्ल्ड ऑर्डर
का निर्माण करना चाहते थे इसी मकसद के चलते प्रोफेसर बिशोप ने अपनी व्यवस्था के चार स्वीट के साथ मिलकर बहुत ही गोपनीय तरीके से इलुमिनाटी का गठन किया है लोगों ने खुद को परफेक्टली ब्लिट्ज कहा कि टैबलेट यानी वह लोग जो समाज में ऐसा बदलाव करना चाहते हैं जो समाज में एक तरह का परफेक्शन ला सके इवेंट पहले सोसायटी का नाम डॉक्टर ऑफ परफेक्ट ब्लिस्स ही था लेकिन बाद में इसका नाम बदलकर द ऑर्डर ऑफ़ यूनिटी कर दिया गया दोस्तों इस तरह जन्म हुआ इलुमिनाटी का आ हेलो दोस्तों एक तरह से देखा जाए तो इलुमिनाटी
सेंचुरी की इनलाइटमेंट का बायप्रोडक्ट था इसलिए शायद प्रवेश का एक न्यू वर्ल्ड ऑर्डर का वजन भी कुछ हद तक इनवेस्टमेंट के प्रिंसिपल से मिलता-जुलता था कौन प्रसिद्ध हुई इसके अगेंस्ट बताते हैं कि विश्व कप का आयोजन काफी रोष था विशेष पूरी दुनिया में इक्वली चलाना चाहते थे एक ऐसा रिवॉल्यूशन इसके चलते एक रिवर्सल रिपब्लिक क्वेश्चन हो एक अभिशाप किस रिपब्लिक के जन्म के लिए क्रिश्चियनिटी और बाकी सभी तक रिलीजन का डिस्ट्रेक्शन होना जरूरी था और इस निशान को एग्जाम से और इकोनामिक मॉडल को कम म्यूट से रिप्लेस करना चाहते थे विश आफ यूनिटी को हर
तरह की मोरल सोशल और रिलिजियस कस्टम्स से मुक्त करके अपशिष्ट इक्वेलिटी और सोशल साइट एंड एंब्रेस करना चाहते थे बिशोप कहते थे कि है से आर्डर सी चकली पर डिस्क्रीट होगा उसको किसी सिविलयन गवर्नमेंट की नहीं बल्कि एक लाइटिंग एलीट सैनी की इलुमिनाटी के द्वारा रूल किया जाएगा यही और के न्यू वर्ल्ड ऑर्डर का ब्लूप्रिंट भेजें कि मैं ठीक है दोस्तों तो यह सब केवल पांच लोगों के दम पर तो नहीं कर सकते थे तो इसलिए उन्होंने दुनिया भर के पढ़े-लिखे हरिहर इन फैसलों को अपने साथ जोड़ना शुरू किया कुछ ही सालों में भरते भरते
इस संगठन में ढाई हजार से 3000 लोग तक जोड़ चुके थे जाहिर है कि जैसे-जैसे इनका नेटवर्क होना शुरू हुआ वैसे-वैसे उस समय की गवर्मेंट और चर्च अथॉरिटी इसको खतरा महसूस होने लगा उनको डर था कि अगर यह सक्सेसफुल हो गए तो उन्हें अपने पॉवर से हाथ धोना पड़ेगा इसी के चलते 1784 में डिलीवर को वेरिया 40 डोर ने इकलौता पास किया जिसके चलते हैं सभी सीक्रेट साइट्स को बैन कर दिया गया इसके चलते इलुमिनाटी के कई लोग पकड़े गए इसके बाद इसमें केवल 3050 पावरफुल लोग ही बच्चे शिरोमणि 18 साल के दशक में एक
बार फिर इस संगठन को पुनर्जीवित करने की ठानी लेकिन इस बार और भी ज्यादा सावधानी था और सीक्रेसी के साथ इस दौरान प्रवेश सर्विस आप की भी डेथ हो चुकी थी मीणा की कमांड अब कुछ चुनिंदा प्रॉब्लम और लालची लोगों के हाथ में थी SIM के राशि बिलकुल भी अच्छे नहीं थे कुछ थे वह बताती है कि डिफ्रेंस कम करने के लिए चर्च और लिए अथॉरिटी ने लोगों के खिलाफ एक शॉपिंग सेंटर शुरू किया जिसमें लोगों को सैटर्न और एलियन से कंपेयर किया जाने लगा कुछ लोगों का मानना यह भी है कि चर्च की नजरों
में जो भगवान को नहीं मानता है उसको शैतान का दर्जा दिया जाता है इसलिए लोगों को सेटेनिक वर्सेज पर भी कहा जाने लगा जैसे-जैसे समय बीतता गया इन रेफ्रेंस का यूज कई उस और मूड इसमें भी किया जाने लगा एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इस वजह से यह सब पॉपुलर कल्चर में घुल मिल गया फिल्म रोटी का इसके बाद क्या हुआ यह किसी को नहीं पता कई घटनाओं को देखकर तो आज भी लगता है कि मिलावटी अभी तक जीवित है पर आज भी हम लोगों की भीड़ खुफिया तरीके से ऑपरेट कर रहा है गिनता थ्योरी यह
भी बताती हैं कि आज ऐसा कुछ भी नहीं है और यह सब हरी मिर्च केवल हमारे लीडर्स और कुछ टिप्स की गलतियों का एक स्क्रिप्ट टूल बन चुका है अब यह सब चीजें कितनी सच है और पीठ इसका पुख्ता सबूत तो किसी के पास नहीं है लेकिन जो भी हो यह बात तो तय है कि लोग राखी के दिन एक नेक मकसद के साथ हुआ था लेकिन वो शायद कभी पूरा नहीं हो पाया है दोस्तों यह की कहानी किलोमीटर थी कि इस पूरी के स्टेच्यू पर आपत्तियां ओपीनियन है कमेंट सेक्शन में जरूर बताइएगा और क्या
आप लिमिट व्यवसाय करते हैं नहीं यह भी आप कमेंट सेक्शन में लिख सकते हैं आज की वीडियो में इतना ही आई हॉप आपको वीडियो पसंद आई होगी अगर पसंद आई है तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करना मत भूलिएगा मिलते हैं अगले वीडियो में तब तक के लिए जय हिंद जय भारत