जय मसीह की बाइबल प्रedic्शन YouTube चैनल में आपका स्वागत है। बाइबल के वह तीन रहस्यमई लोग जो कभी मरे ही नहीं, वे लोग कौन हैं? क्या आप जानते हैं बाइबल में ऐसे तीन लोग हैं जिनकी मौत कभी नहीं हुई। हां, आपने सही सुना। ऐसे तीन रहस्यमई पात्र जिनकी मृत्यु का कोई प्रमाण नहीं है। ना उनकी कोई कब्र मिली, ना उनका कोई अंतिम संस्कार हुआ। यह तीन लोग ऐसे ही स्वर्ग चले गए। कौन है यह तीन रहस्यमई पात्र? क्या यह इंसान थे या कोई स्वर्गदूत? क्या आज भी यह जीवित हैं? और सबसे बड़ा सवाल आखिर क्यों
इनकी मौत नहीं हुई? क्या इनमें कोई ईश्वरीय रहस्य छुपा है? आज हम आपको बताएंगे बाइबल के उन तीन अद्भुत पात्रों की कहानी जिनकी मृत्यु का कोई जिक्र बाइबल में नहीं मिलता। तो अंत तक जुड़े रहिए क्योंकि आज आप बाइबल का वो रहस्य जानेंगे जो शायद ही किसी ने आपको बताया हो। चलिए शुरुआत करते हैं बाइबल के पहले ऐसे व्यक्ति से जिसे खुद परमेश्वर ने मृत्यु को देखे बिना अपने पास बुला लिया। उसका नाम है एनोक। एनोक कौन था? एनोक का जिक्र बाइबल में उत्पत्ति की किताब में आता है। एनोक आदम से सातवीं पीढ़ी का वंशज
था। एनोक के पिता का नाम मुनियारिद और बेटे का नाम मुठु शेलहान था। जो बाइबल में सबसे लंबी उम्र जीने वाला व्यक्ति माना जाता है। उत्पत्ति पांच का 21 से 24 में लिखा है। एनोक 65 वर्ष का था जब उसके मथुशलालह उत्पन्न हुआ और मथुशेल के उत्पन्न होने के बाद एनोक 300 वर्ष तक परमेश्वर के साथ चलता रहा और उसके और बेटे बेटियां उत्पन्न हुए और एनोक पूरे 365 वर्ष जीवित रहा और एनोक परमेश्वर के संग चलता रहा। फिर वह लोप हो गया क्योंकि परमेश्वर उसे उठा ले गया। जी हां, बाइबल साफ कहती है कि
एनोक लोप हो गया। क्यों? क्योंकि परमेश्वर उसे उठा ले गया। यहां लोप हो गया का अर्थ है एनोक अचानक गायब हो गया। वह स्वर्ग उठा लिया गया। अब सवाल उठता है आखिर एनोक में ऐसा क्या था जो उसे मृत्यु का सामना नहीं करना पड़ा? बाइबल में लिखा है एनोक ने परमेश्वर के साथ चला। इसका मतलब है उसकी जीवन शैली, उसका चाल चलन, उसकी आस्था सब कुछ परमेश्वर के अनुकूल था। वह परमेश्वर का इतना करीबी हो गया था कि परमेश्वर ने उसे पृथ्वी से उठा लिया। इब्रानियों 11 का पांच में लिखा है विश्वास ही से एनोक
उठा लिया गया कि मृत्यु का अनुभव ना करें और वह कहीं पाया ना गया क्योंकि परमेश्वर ने उसे उठा लिया था। ध्यान दीजिए। एनोक को इसलिए उठाया गया क्योंकि वह परमेश्वर को प्रसन्न करता था। आज के समय में जब हम अपने जीवन में भटक जाते हैं, पाप में फंस जाते हैं तो एनोक हमें एक मिसाल देता है। अगर हम भी परमेश्वर के साथ चले, उसका विश्वास रखें तो वह हमें भी ऊंचाइयों तक ले जाएगा। इनोक का जीवन हमें क्या सिखाता है? सबसे पहली सीख परमेश्वर के साथ चलो। दूसरी सीख परमेश्वर ऊ पर विश्वास करो। तीसरी
सीख मैं पवित्र जीवन जियो। इनोक का जीवन एक प्रेरणा है। एक ऐसा व्यक्ति जो इस पाप से भरी दुनिया में भी परमेश्वर के साथ चला और मृत्यु के बिना स्वर्ग चला गया। क्या आपने कभी सोचा है? अगर एनोक आज हमारे बीच होता तो कैसा होता? क्या वो हमें यही कहता अपने जीवन को पवित्र बनाओ। परमेश्वर में भरोसा रखो क्योंकि वही तुम्हें मृत्यु के भय से ऊपर उठा सकता है। दोस्तों एनोक का नाम आज भी इसलिए जीवित है क्योंकि उसने एक अद्भुत काम किया। उसने परमेश्वर के साथ अपनी चाल को, अपने विश्वास को, अपने जीवन को
एक कर दिया। और यही कारण है कि एनो आज भी दुनिया में एक मिसाल है। एक ऐसा नाम जिसने मृत्यु का अनुभव नहीं किया बल्कि सीधे परमेश्वर के पास उठा लिया गया। अब सोचिए अगर एनो का जीवन इतना अद्भुत था तो अगले पात्र की कहानी कितनी अद्भुत होगी जो आग के रथ में बैठकर सीधे स्वर्ग चला गया। जी हां अब हम बात करेंगे एलियाह के बारे में। पर यह जानने के लिए आपको हमारे साथ बने रहना होगा। तो दोस्तों, एनोक की अद्भुत कहानी सुनने के बाद अब बढ़ते हैं बाइबल के दूसरे महान पात्र की ओर।
एक ऐसा नबी जिसने अपने समय की सबसे ताकतवर रानी के खिलाफ खड़ा होकर परमेश्वर का नाम ऊंचा किया और फिर वो आग के रथ में बैठकर सीधे स्वर्ग उठा लिया गया। उसका नाम है एलिया। एलियाह कौन था? एलियाह बाइबल के पुराने नियम में एक महान भविष्यवक्ता था। उसका परिचय हमें पहला राजा 17वें अध्याय में मिलता है। एलियाह इजराइल के इतिहास के सबसे कठिन समय में आया। जब इसराइल पूरी तरह से मूर्ति पूजा में डूब चुका था। उस समय का राजा था आहाब और उसकी रानी ईजाबेल। ईजाबेल ने पूरे इजराइल में झूठे देवता बाल की पूजा
फैला दी थी। याजक भविष्य वक्ता सब बिक चुके थे। परमेश्वर का नाम मिटता जा रहा था। तभी परमेश्वर ने एलियाह को उठाया। एलियाह का नाम ही अपने आप में एक संदेश है। एलियाह का मतलब होता है यहोवा ही मेरा परमेश्वर है। आइए जानते हैं एलियाह के अद्भुत कार्य और चमत्कार सालों तक आकाश से एक बूंद पानी नहीं गिरा। एलियाह ने परमेश्वर के सामर्थ्य से कई अद्भुत काम किए। विधवा के घर अनाज और तेल कभी खत्म नहीं हुआ। मरे हुए लड़के को जिलाया। आकाश से आग गिराई। बाल के 450 याजकों को हराया। एलियाह ने बाल के
450 याजकों को चुनौती दी। अगर बाल सच है तो वह तुम्हारी बलि स्वीकार करेगा। वरना मेरा परमेश्वर आग बरसाएगा। बाल के याजक चिल्लाते रहे। खुद को काटते रहे लेकिन कुछ नहीं हुआ। फिर एलिया ने प्रार्थना की और तुरंत आकाश से आग गिरी और बलि भस्म हो गई। पूरा इसराइल चिल्लाया। यहोवा ही परमेश्वर है। इतना महान कार्य करने के बाद भी एलिया एक इंसान था। जब रानी इजाबेल ने धमकी दी मैं तुझे मार दूंगी तो एलियाह डर गया और जंगल में भाग गया। वो इतना टूट चुका था कि परमेश्वर से बोला हे परमेश्वर अब मेरी जान
ले ले। परमेश्वर ने उसे छूना स्वर्गदूत भेजा भोजन कराया और कहा तेरा कार्य अभी पूरा नहीं हुआ। एलियाह का स्वर्गारोहण। अब आते हैं सबसे रहस्यमई और अद्भुत घटना पर। एलियाह कभी मरा नहीं। दूसरा राजा दो का 11 में लिखा है जब वे चलते-चलते बातें कर रहे थे तब देखो एक अग्निमय रथ और अग्निमय घोड़े आए और उन्होंने उन दोनों को अलग कर दिया और एलियाह बवंडर में होकर स्वर्ग चला गया। क्या आप सोच सकते हैं आग का रथ आग के घोड़े और एलियाह उसी में बैठकर स्वर्ग चला गया। कोई बीमारी नहीं, कोई मृत्यु नहीं, कोई
कब्र नहीं। सीधा परमेश्वर के पास। एलियाह का जीवन हमें क्या सिखाता है? यही कि हमेशा परमेश्वर के लिए खड़े रहो। चाहे पूरी दुनिया तुम्हारे खिलाफ हो। हार मानना इंसानी फितरत है। लेकिन परमेश्वर कभी हारने नहीं देता। अगर जीवन में कठिनाई आए तो याद रखो परमेश्वर का दूत तुम्हारे लिए रास्ता तैयार कर रहा है। और सबसे बड़ी सीख अगर परमेश्वर चाहे तो वह तुम्हें मृत्यु से भी बचा सकता है। क्या आप जानते हैं? एलियाह का जिक्र सिर्फ पुराने नियम में ही नहीं बल्कि नए नियम में भी आता है। यहूदी मान्यता है कि मसीहा के आने से
पहले एलियाह फिर से आएगा। मती 17 में जब यीशु पर्वत पर रूपांतरित हुए तब मूसा और एलियाह उनसे मिलने आए। इससे पता चलता है कि एलियाह आज भी जीवित है। वह परमेश्वर के पास है। क्या एलियाह आज भी हमारे लिए संदेश है? दोस्तों, एलियाह की कहानी हमें एक बड़ी सीख देती है। कभी हार मत मानो। अगर दुनिया तुम्हारे खिलाफ हो जाए, तब भी परमेश्वर तुम्हारे साथ है। हो सकता है तुम्हारा जीवन मुश्किलों से भरा हो, लेकिन एक दिन परमेश्वर तुम्हें भी उठा लेगा। तुम्हें भी वह ऊंचाई देगा जहां मौत भी तुम्हें छू नहीं सकेगी। यह
थी एलियाह की वह अद्भुत कहानी जो हमें सिखाती है कि परमेश्वर अपने भक्तों को मौत से भी ऊपर उठा सकता है। पर रुको अभी एक और पात्र बाकी है। एक ऐसा रहस्यमई व्यक्ति जिसका कोई जन्म का विवरण नहीं। कोई मृत्यु का प्रमाण नहीं ना वह मरा ना उसका कोई अंत हुआ। कौन था वो? वो था मलकी से देख। वह परम प्रधान परमेश्वर का याजक कहलाता है। उसका नाम है मलकी से देख। कौन था यह रहस्यमई राजा? क्या वह सच में इंसान था या वह कोई दैवीय रूप था और क्यों इस व्यक्ति को भी मौत का
स्वाद नहीं छकना पड़ा? मलकी सिदक का पहला परिचय उत्पत्ति 14 का 18 से 20 तक मिलता है। दोस्तों मलकी सिदक का नाम बाइबल में पहली बार उत्पत्ति 14 का 18 में आता है। जहां वह सीधे अब्राहम के सामने प्रकट होता है। तब शालेम का राजा मलकी सिदक रोटी और दाग मधु ले आया। वह परम प्रधान परमेश्वर का याजक था। अब ध्यान दीजिए यह कोई सामान्य व्यक्ति नहीं था। वह राजा था शालेम का राजा। वह याजक था। परम प्रधान परमेश्वर का याजक। बाइबल में पहली बार कोई व्यक्ति परम प्रधान का याजक कहलाता है और वह है
मलकी से देख। शालेम का रहस्य क्या है? शालेम का अर्थ है शांति का स्थान। बाइबल विद्वान मानते हैं कि शालेम बाद में यरूशलेम बना। यानी मलकी से देख शांति का राजा था। और बाइबल में यीशु मसीह को भी कहा गया है शांति का राजा। तो क्या यह कोई संयोग है या मलकी से देख यीशु मसीह का ही एक रूप था? जब अब्राहम ने अपने दुश्मनों को हराया तब मलकी से देख उससे मिलने आया और उसे आशीर्वाद दिया। ध्यान दीजिए। मलकी सेक ने रोटी और दाख मधु लाया। यही रोटी और दाख मधु आगे चलकर यीशु मसीह
का प्रतीक बनी। अब्राहम इतना प्रभावित हुआ कि उसने मलकी सिदक को अपनी कमाई का दसवा हिस्सा यानी दशमाश या जिसको टाइट भी कहते हैं दे दिया। ध्यान रहे अब्राहम वह व्यक्ति है जिसे परमेश्वर ने आशीष का पिता कहा और वही अब्राहम मलकी से देख को टाइथ दे रहा है। इसका मतलब है मलखी से देख अब्राहम से भी बड़ा था। मलखी से देख की वंशावली का कोई प्रमाण नहीं। अब आते हैं बाइबल के सबसे रहस्यमई शब्दों पर जो इब्रानियों सात का तीन में लिखे हैं। वह बिना पिता, बिना माता, बिना वंशावली का है। ना उसका जीवन
का आरंभ है और ना मृत्यु का अंत। परंतु वह परमेश्वर का पुत्र सा बनाया गया है। क्या आपने सोचा है? कोई कैसे बिना जन्म के हो सकता है? कोई कैसे बिना मृत्यु के हो सकता है? यही कारण है कि कई विद्वान मानते हैं। मलकी से देख कोई साधारण मनुष्य नहीं था। बल्कि वह या तो स्वयं यीशु मसीह का पूर्व प्रकाश था प्री इनकानेट क्राइस्ट या फिर एक दैय स्वर्गदूत जिसे परमेश्वर ने खास मकसद से भेजा था। मलकी से देख मसीह का प्रतीक या मसीह स्वयं। दोस्तों मलकी से देख का नाम हब्रू में दो भागों से
बना है। मलकी यानी राजा से देख यानी धर्म यानी वह धर्म का राजा था। ठीक वैसे ही जैसे यीशु मसीह धर्म और शांति का राजा है। मलकी से देख राजा था। यीशु भी राजा है। मलकी से देख याजक था। यीशु भी महायाजक है। मलकी से देख का कोई आरंभ और अंत नहीं। यीशु भी अनंत है। मलकी से देख रोटी और दाग मधु लाया। यीशु ने अंतिम भोज में यही किया। तो क्या यह स्पष्ट नहीं कि मलकी से देख यीशु का ही प्रतिरूप था? क्या मलकी से देख मर गया? बाइबल में मलकी से देख की मृत्यु
का कोई वर्णन नहीं है। ना कहीं उसकी उम्र का जिक्र है। ना उसके किसी बच्चे का नाम आता है। वह अचानक आता है। आशीर्वाद देता है और फिर कहीं गुम हो जाता है। इब्रानियों में लिखा है वह सदा जीवित रहता है। तो क्या मलकी से देख आज भी जीवित है? क्या वह सच में कभी मरा नहीं? मलकी से देख हमें सिखाता है कि ना परमेश्वर के मार्ग बड़े रहस्यमय होते हैं। कभी-कभी वह खुद किसी रूप में हमारे बीच आता है और हमें पता भी नहीं चलता। मलकी से देख हमें यीशु मसीह की याद दिलाता है
जो अनंत है, जो धर्म का राजा है, जो शांति का राजा है। मलकी से देख और हमारा जीवन मलकी से देख की कहानी हमें यह सिखाती है कि परमेश्वर के राज्य में ना कोई बड़ा है, ना कोई छोटा। सच्चे राजा वही होते हैं जो धर्म और शांति लाएं। अगर आप अपने जीवन में धर्म और शांति के मार्ग पर चलेंगे तो एक दिन आप भी अनंत जीवन का भाग बनेंगे और सबसे बड़ी बात परमेश्वर के पास पहुंचने का रास्ता हमेशा खुला है। बस आपको विश्वास करना है क्या आप भी एनोक जैसे बनना चाहते हैं? क्या आप
भी परमेश्वर को अपने जीवन में उतना ही स्थान देना चाहते हैं? तो आज ही से शुरुआत कीजिए क्योंकि परमेश्वर वही है। कल भी वही था, आज भी वही है और आगे भी वही रहेगा। वो आज भी अपने भक्तों को ऊपर उठा सकता है। तो दोस्तों, यह थे बाइबल के वो तीन रहस्यमई पुरुष जिन्हें मौत छू भी नहीं पाई। एनोक जो परमेश्वर के साथ चलता गया और अंत में उठा लिया गया। एलिया जो आग के रथ में स्वर्ग चला गया। मलकी से देख जिसका ना कोई आरंभ था, ना कोई अंत, ना जन्म, ना मृत्यु। तीनों हमें
एक ही बात सिखाते हैं। अगर तुम परमेश्वर के साथ चलोगे तो मृत्यु भी तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ सकती। तो दोस्तों, अगर आपको यह वीडियो जानकारी पूर्ण, प्रेरणादायक और अद्भुत लगा हो, तो आपसे एक विनम्र निवेदन है, हमारे चैनल को अभी सब्सक्राइब कर लीजिए। वीडियो को लाइक करें। अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें क्योंकि ऐसी दुर्लभ और अनमोल जानकारी हर किसी तक पहुंचनी चाहिए और हां हमारे चैनल को सपोर्ट करें ताकि हम ऐसे ही अद्भुत सच्चे और प्रेरणादायक बाइबल आधारित वीडियो आपके लिए लाते रहें। धन्यवाद दोस्तों फिर मिलेंगे एक और रहस्यमई और प्रेरणादायक कहानी
के साथ। परमेश्वर आप सबको बहुत आशीष करें।